पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ खुद अपनी दलील देने सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं और कोर्ट में अपनी बात रखी। एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देते हुए भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका के मामले में आज सुनवाई हुई। इस याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है और कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई अब सोमवार को होगी।
सिब्बल जैसे काबिल वकील हैं, उन्हें पक्ष रखने दें – सुप्रीम कोर्ट
ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया था कि उन्हें दलीलें पेश करने दी जाएं। जिस पर सीजेआई सूर्यकांत ने उनसे कहा, ‘कोर्ट में कई काबिल वकील हैं। मिस्टर कपिल सिब्बल भी हैं, आप उन्हें पक्ष रखने दीजिए। 19 जनवरी को कपिल सिब्बल ने विस्तार से बताया कि बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर क्या दिक्कतें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बंगाल सरकार को आशंका है कि राज्य के वास्तविक निवासियों को लिस्ट से बाहर किया जा सकता है। हालांकि ममता बनर्जी ने खुद ही दलीलें पेश कीं।
ममता बनर्जी ने की एसआईआर पर ज़ोरदार बहस
वही ममता बनर्जी ने कहा मैं बंगाल से हूं और मैं राज्य का पक्ष रखती हूं। मैं आपकी कृपा की वजह से यहां हूं… बेंच को मेरा प्रणाम, वकीलों को भी मेरा विनम्न प्रणाम… दिक्कत ये है कि सब खत्म हो गया है। हमें न्याय नहीं मिल रहा, न्याय दरवाजे के पीछे रो रहा है। तब लगता है कि हमें कहीं न्याय नहीं मिलेगा। मैंने चुनाव आयोग को पत्र लिखे। मैं बहुत ही कम महत्वपूर्ण इंसान हूं। मैं अपनी पार्टी के लिए यहां नहीं लड़ रही हूं।
आपको बता दे ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि एसआईआर सिर्फ नाम मिटाने के लिए है। अगर किसी बेटी ने शादी के बाद पति का सरनेम लगा लिया तो उसको भी नेम मिसमैच में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि कई बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की जान गई है। कुछ ने आत्महत्या की है। ममता बनर्जी ने एसआईआर पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोर्ट ने आधार के लिए कहा था। बंगाल में उसका पालन नहीं हो रहा और असम में एसआईआर क्यों नहीं हो रहा है। माइक्रो ऑब्जर्वर को शक्ति दी गई है और बीएलओ कुछ नहीं कर सकते है।
चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के आरोपों पर कहा कि …..
ममता बनर्जी के आरोपों पर चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति नियम के मुताबिक है। जिस पर ममता बनर्जी ने आपत्ति जताई और कहा कि ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। इस पर राकेश द्विवेदी ने कहा कि बिल्कुल प्रावधान है। जब राज्य सहयोग न कर रहा हो, तो कुछ कदम उठाने पड़ते हैं। इस दौरान ममता बनर्जी ने फिर से बोलने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘मीलॉर्ड क्या मैं आपको बता सकती हूं। जो मेरे काबिल वकील (राकेश द्विवेदी) ने कहा है। वह सही नहीं है।
एसआईआर पर अगली सुनवाई सोमवार को……
सीजेआई सूर्यकांत ने उन्हें टोका और कहा, ‘मैडम ममता, हमें एडवोकेट श्याम दीवान की काबिलियत पूरा भरोसा है। वह अच्छी तरह से पक्ष रख सकते हैं। फिर भी ममता बनर्जी ने माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ती वाली बात पर कहा कि एडवोकेट राकेश द्विवेदी जो कह रहे हैं। मुझे उस पर भरोसा नहीं है। हमारे पास जितनी क्षमता थी, हमने उपलब्ध करवाई है। ये जिला प्रशासन पर निर्भर करता है और एसडीएम जिला प्रशासन पर। वही एडवोकेट श्याम दीवान भी कोर्ट में पेश हुए थे, वह एसआईआर को लेकर याचिका दाखिल करने वाला दूसरे याचिकाकर्ता जॉय गोस्वामी का पक्ष रख रहे थे।
सीजेआई सूर्यकांत ने ममता बनर्जी से कहा कि हम समाधान निकाल सकते हैं। सोमवार को हमें ग्रुप बी के उन अधिकारियों की लिस्ट दें। जिन्हें एसआईआर में लगाया जा सकता है और उन्हें उपलब्ध कराएं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी।
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