Thursday, July 18, 2024
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मणिपुर में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.0 रही तीव्रता

मणिपुर में आज 06:14 मिनट पर 4.0 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद ने इसकी जानकारी दी। भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप का केंद्र मणिपुर के उखरुल में था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, आज आए भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। इससे फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली है। इससे पहले यूपी के शामली में शुकवार की देर रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 रही।

पहले भी मणिपुर में आया था भूकंप

31 जनवरी को भी पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई। भूकंप की जानकारी देने वाले नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने बताया कि मणिपुर का कामजोंग इस भूकंप का केंद्र रहा था। भूकंप के ये झटके सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 रही और इसकी गहराई 67 किलोमीटर रही थी।

क्यों आता है भूकंप ?

आपको बता दें कि धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट. क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहा जाता है। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। यानी धरती की ऊपरी सतह 7 टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी है। ये प्लेटें कभी भी स्थिर नहीं होती, ये लगातार हिलती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक दूसरे की तरफ बढ़ती है तो इनमें आपस में टकराव होता है।

तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं और इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते है। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं।

इन्हें महसूस तो किया जाता है, लेकिन कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।

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