Wednesday, July 17, 2024
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कैसे मारे गए माफिया ब्रदर्स, कॉल्विन अस्‍पताल के सामने हुआ सीन रिक्रिएशन

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए माफिया ब्रदर्स अतीक-अशरफ हत्याकांड की न्यायिक आयोग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। अतीक अहमद हत्याकांड की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग की टीम घटनास्थल पर पहुंची है। कॉल्विन अस्पताल में पहुंचकर घटना की जांच की जा रही है। मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय काल्विन के गेट पर माफिया ब्रदर्स अतीक अहमद व उसके भाई अशरफ की हत्या का सीन दोहराया गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पूरे सीन को फिर से तैयार किया, अतीक और हमलावरों के बीच की दूरी को फीते से नापा। इसके बाद यह भी देखा कि पुलिस की प्रतिक्रिया में कितना समय लगा।

प्रयागराज से कॉल्विन अस्पताल में हत्यारे कैसे पहुंचे ? किन रूट का इस्तेमाल किया ? माफिया ब्रदर्स अतीक अहमद और अशरफ को कॉल्विन हॉस्पिटल लाने की जानकारी उन तक कैसे पहुंची ? इन तमाम सवालों के जवाब ढूंढ़े जा रहे हैं। इसके अलावा हॉस्पिटल में किस प्रकार घटना को अंजाम दिया गया, इस बारे में जानकारी ली जा रही है।

रिटायर्ड जज अरविंद कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में योगी सरकार की ओर से घटना की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है। इसके अलावा डीजीपी और प्रयागराज कमिश्नर की ओर से दो एसआईटी का गठन किया गया है। इस दौरान लखनऊ से गई फॉरेंसिक विभाग की टीम भी मौजूद रही। तमाम घटनाओं को क्रिएट कर स्थिति को समझने का प्रयास किया गया।

माफिया ब्रदर्स को लेकर अस्पताल पहुंचने वाले एसएचओ और सिपाही मौके पर

माफिया ब्रदर्स अतीक अहमद और अशरफ को लेकर कॉल्विन अस्पताल लाने वाले धूमनगंज एसएचओ राजेश मौर्य को मौके पर बुलाया गया। वहीं, अतीक अहमद पर फायरिंग के दौरान घायल सिपाही भी मौके पर पहुंचे। न्यायिक आयोग और एसआईटी ने दोनों से उस रात की घटना के बारे में दोनों से पूछताछ की। किस प्रकार से पूरी वारदात को अंजाम दिया गया, इसकी जानकारी ली गई। एसआईटी की ओर से सीन को रीक्रिएट कर उस दिन की घटना के विभिन्न पहलुओं को समझने की कोशिश की गई है।

15 अप्रैल को हुई थी माफिया ब्रदर्स अतीक और अशरफ की हत्या

अतीक-अशरफ को उमेश पाल हत्याकांड मामले में पुलिस ने रिमांड पर लिया गया। हत्या वाले दिन दोनों पुलिस के साथ निशानदेही के लिए गए थे। वापसी में उनका मेडिकल काल्विन अस्पताल में हुआ था। वहां से निकलने के बाद मीडिया कर्मियों के वेश में आए अरुण मौर्य, लवलेश तिवारी और सनी ने मौका पाते ही माफिया ब्रदर्स अतीक-अशरफ को गोलियों से भून दिया था।

दो महीने में पूरी करनी है माफिया ब्रदर्स हत्याकांड की जांच

इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में गठित आयोग पूर्व डीजीपी सुबेश कुमार सिंह व पूर्व जज बृजेश कुमार सोनी जांच के सिलसिले में गुरुवार को प्रयागराज पहुंचे। जांच के दौरान आयोग पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ करेगा। दो महीने में इस केस की जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। काल्विन अस्पताल में बिना आईडी कार्ड के मीडियाकर्मियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

हुई थी उमेश पाल की हत्या

24 फरवरी को प्रयागराज में विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह रहे उमेश पाल और उसके दो सरकारी गनर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से इस हत्याकांड की जांच शुरू की तो उसमें माफिया अतीक अहमद का बेटा उमेश पाल पर गोलियां बरसाते हुए नजर आ रहा आया। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल 4 आरोपितों को मुठभेड़ में मार गिराया, बाकी अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।

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