सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
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उमेश पाल अपहरण केस में अतीक समेत 3 को आजीवन कारावास, 1-1 लाख का जुर्माना

उमेश पाल अपहरण मामले में प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मामले में अतीक अहमद समेत तीन दोषियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जी हां उत्तर प्रदेश में आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। योगी राज में वह हुआ जो पिछले 4 दशकों में नहीं हो पाया था। खुद को जरायम की दुनिया का बेताज बादशाह समझने वाले अतीक अहमद को अदालत ने उमेश पाल किडनैपिंग केस में उम्रकैद की सजा सुना दी है।

इस मामले में उसका भाई अशरफ भी आरोपी था, लेकिन अदालत ने उसे दोषमुक्त करार दे दिया। बता दें कि इस केस में कुल 3 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, और सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वही उमेश पाल के परिवार ने कोर्ट से माफिया अतीक के खिलाफ मृत्युदंड की मांग की है।

फैसला सुनते ही अतीक अहमद ने रखा अपने सिर पर हाथ

उमेश पाल किडनैपिंग केस में कोर्ट ने माफिया अतीक अहमद, दिनेश पासी और खान शौकत हनीफ को दोषी करार दिया है। बाकी 7 अभियुक्तों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। कोर्ट का फैसला सुनते ही अतीक ने अपने सिर पर हाथ रख लिया।

अतीक अहमद का भाई अशरफ दोषमुक्त करार

उमेश पाल अपहरण मामले में माफिया अतीक अहमद, उसके करीबी शौकत हनीफ और दिनेश पासी को जिला न्यायालय की एमपी एमएलए विशेष न्यायाधीश डॉक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने दोषी करार दिया है। विशेष अदालत ने आईपीसी की धारा 364 ए के तहत दोषी पाया और अब वह तीनों दोषियों को सजा सुनाया। विशेष अदालत ने बाकी सभी आरोपियों को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया है। जबकि अतिक का भाई अशरफ भी दोषी नहीं पाया गया।

जूतों की माला लेकर कोर्ट के बाहर पहुंचा अधिवक्ता

वरुण नाम का शख्स प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट के बाहर जूतों की माला लेकर खड़ा है। मीडिया से बात करते हुए उसने कहा, “अगर मैं अतीक अहमद को जूतों की माला पहनाऊंगा तो पाल समुदाय और पूरा वकील समुदाय खुश होगा। उसने वकील समुदाय के एक सदस्य को मार डाला, वे खुश होंगे कि वह जूते की माला पहनकर सजा सुनने आया है। ये उमेश पाल और राजू पाल के परिवार के सदस्यों के जूते हैं।

अतीक अहमद को खत्म किया जाए - जया देवी

उमेश पाल की पत्नी जया देवी ने कहा कि जब तक अतीक, उसके भाई, बेटे को खत्म नहीं किया जाएगा तब तक यह आतंक चलता रहेगा। मैं न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करती हूं। मैं मुख्यमंत्री जी से चाहूंगी की अतीक अहमद को खत्म किया जाए जिससे उसके आतंक पर भी अंकुश लगे।

मेरा बेटा शेर की तरह लड़ाई लड़ता चला आया - मां शांति देवी

उमेश पाल की मां शांति देवी ने कहा कि मेरा बेटा शेर की तरह लड़ाई लड़ता चला आया। जब उसे (अतीक अहमद) लगा कि वह नहीं बच पाएगा तब उसने 17-18 साल बाद मेरे बेटे की हत्या कराई। कोर्ट मेरे बेटे की हत्या पर उसे (अतीक अहमद) फांसी की सज़ा सुनाए। वह नोट के बल पर आगे कुछ भी कर सकता है।

अभियान चलाकर हो रहा अपराधियों का सफाया - डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

अतीक अहमद को सजा मिलने पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि हमारी सरकार अभियान चलाकर अपराधियों का सफाया कर रही है और कोर्ट से गुहार लगाई जा रही है कि हर अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा मिले। लोगों का मानना ​​है कि राज्य में भयमुक्त माहौल बनेगा।

कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे - अतीक के वकील

उमेश पाल की पत्नी ने कहा कि वो न्यायालय के फैसले को आगे चुनौती देंगी। क्योंकि वो चाहती हैं कि अतीक को फांसी की सजा हो। वहीं अतीक के वकील ने कहा कि एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

क्या था मामला

आरोप है कि साल 2006 में 28 फरवरी को बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में गवाह उमेश पाल को पूर्व सांसद अतीक अहमद, उसका भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ अपने साथियों के साथ अपहरण कर अपने कार्यालय में ले गए थे। उमेश पाल ने अतीक अहमद सहित पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया था।

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