Wednesday, July 17, 2024
Homeउत्तर प्रदेशअतीक अशरफ हत्याकांड में बड़ा खुलासा, तीन शूटर्स नहीं बल्कि इतनों ने...

अतीक अशरफ हत्याकांड में बड़ा खुलासा, तीन शूटर्स नहीं बल्कि इतनों ने की …..

अतीक अहमद अशरफ हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में यह जानकारी सामने आई है कि हत्याकांड में तीन शूटरों के अलावा दो अन्य लोग भी शामिल थे। यह वह थे जो मौके पर मौजूद रहकर शूटरों को कमांड दे रहे थे। इनमें से एक स्थानीय था और उसने ही शूटरों के रहने, खाने से लेकर उन्हें अतीक अशरफ की लोकेशन देने तक का काम किया था।

दरअसल, वारदात के बाद कुछ ऐसी बातें सामने आईं थीं, जिससे शुरू से ही अंदेशा जताया जा रहा था कि हत्याकांड में तीन से ज्यादा लोग शामिल थे। दरअसल शूटरों का सटीक टाइमिंग से मौके पर पहुंचना, उनसे मोबाइल या रुपये बरामद न होना, तीनों का अलग-अलग जनपदों का होना, प्रयागराज से कोई पुराना कनेक्शन न होना, जैसी तमाम बातें थीं जो कुछ और ही इशारा कर रही थीं।

सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीनों शूटरों से इन्हीं के बाबत सवाल पूछे गए कि जब उनके पास मोबाइल नहीं था तो आखिर कैसे पता चला कि माफिया भाई कितने बजे अस्पताल पहुंचेंगे।

इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढ़ने के दौरान यह बात सामने आई कि घटनास्थल पर शूटरों के दो मददगार भी मौजूद थे। हालांकि, यह लोग कॉल्विन अस्पताल के भीतर नहीं गए थे बल्कि, बाहर ही रहकर शूटरों को लोकेशन दे रहे थे। यह बात भी सामने आई कि इन दोनों में से एक स्थानीय था जिसे शहर के चप्पे-चप्पे की जानकारी थी। उसने ही शूटरों के ठहरने, खाने से लेकर अन्य इंतजाम किया था। फिलहाल इन दाेनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

दो हैंडलरों के संपर्क में थे शूटर

शूटरों से पड़ताल में यह पता चला है कि उन्हें इन दोनों हैंडलरों के ही संपर्क में रखा गया था। लेकिन यह नहीं बताया गया कि दोनों हैंडलर किसके कहने पर उनकी मदद कर रहे हैं। वह किसी से फोन पर बातें करते थे और फिर उसके अनुसार ही उन्हें कमांड देते थे। कहा जा रहा है कि हैंडलरों के पकड़े जाने के बाद ही पता चल सकेगा कि उनका आका कौन है, जिसके कहने पर वह शूटरों की मदद कर रहे थे।

अतीक अशरफ की हत्या का प्लान बदलना पड़ा

दोनों हैंडलर एक दिन पहले भी शूटरों के साथ ही थे। वह उस दिन भी कॉल्विन अस्पताल के पास मौजूद थे जब अतीक व अशरफ को मेडिकल के लिए लाया गया था। हालांकि तब मीडियाकर्मियों की भीड़ ज्यादा होने के कारण उन्हें अपना प्लान बदलना पड़ा था। इसके बाद वह बिना वारदात अंजाम दिए ही वापस चले आए थे।

अतीक-अशरफ की कस्टडी रिमांड के बाद आए थे शहर

शूटरों के बारे में यह भी पता चला है कि वह अतीक-अशरफ की कस्टडी रिमांड मंजूर होने के बाद प्रयागराज पहुंचे थे। इसके बाद उन्हाेंने धूमनगंज थाने के आसपास भी रेकी की थी। अगले दिन यानी 14 अप्रैल को भी वह धूमनगंज क्षेत्र में ही घूमते रहे। रात में जब अतीक-अशरफ को लेकर धूमनगंज पुलिस कौशाम्बी के महगांव की ओर गई थी तो उन्होंने भी वहां जाने की कोशिश की थी। लेकिन पुलिस के अचानक लौटने से उनकी प्लानिंग फेल हो गई थी। इसके बाद जब दोनों को लेकर पुलिस मेडिकल के लिए कॉल्विन पहुंची तो भी वह नाकाम रह गए। इसके बाद फिर वह मौके की तलाश में लग गए।

पुलिस लाइन में ही शूटरों मेडिकल

सूत्रों का कहना है कि कस्टडी रिमांड में अतीक-अशरफ की हत्या के बाद पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है। इसी क्रम में शूटरों की सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां तक कि उन्हें मेडिकल के लिए भी बाहर नहीं ले जाया जा रहा है। मेडिकल के लिए डॉक्टरों की टीम पुलिस लाइन में ही बुलाकर जांच कराई जा रही है।

raed more : आर के पुरम थाने पहुंचे पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक, आखिर क्या है मामला

RELATED ARTICLES

1 COMMENT

Comments are closed.

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments