Thursday, July 18, 2024
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जिस मामले में गई थी विधायकी, अब उसी में बरी हुए आजम खान

सपा नेजा आजम खान को एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनको नफरती भाषण देने के आरोप से बरी कर दिया है। इस मामले में एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) की कोर्ट ने 27 अक्तूबर 2022 को आजम खान को तीन साल सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधायकी चली गई थी।

इस सजा के खिलाफ आजम खान ने सेशन कोर्ट में अपील की थी। बुधवार को मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आजम खान को नफरती भाषण देने के आरोप से मुक्त कर दिया है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने मजिस्ट्रेट ट्रायल की कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया। एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में 70 पेज में अपना फैसला सुनाया है।

जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले का उल्लेख किया गया है। सेशन कोर्ट के फैसले से आजम खान को बड़ी राहत मिली है, लेकिन उनकी विधायकी बहाल होने पर अभी संदेह है। क्योंकि छजलैट प्रकरण के मुकदमे में भी मुरादाबाद की कोर्ट ने आजम खान और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम को दो-दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद अब्दुल्ला आजम खान की विधायकी चली गई थी।

एमपी-एमएलए कोर्ट के इस फैसले के बाद आजम खान के वकील विनोद शर्मा ने कहा, “हमें न्यायालय द्वारा दोष मुक्त कर दिया गया है। वो हेट स्पीच वाले मामले जिसमें सजा सुनाई गई थी, अब कोर्ट ने हमें निर्दोष बता दिया है। जो 185 से संबंधित मुकदमें थे, कोर्ट का उसमें फैसला आया है।” हालांकि बीते साल इस केस में तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद सपा नेता की विधायक की सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इसके बाद रामपुर में उपचुनाव हुआ था।

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