नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ भड़के हिंसक प्रदर्शनों ने देश को हिला दिया है। जेन जी के प्रदर्शनों के चलते प्रधानमंत्री के.पी. ओली को इस्तीफा देना पड़ा, जबकि संसद और सरकारी इमारतों में आग लगा दी गई। इसी फसाद की आड़ में देशभर की जेलों से 13 हजार से ज्यादा कैदी भी फरार हो गए। इनमें से कई अब भारत-नेपाल सीमा पर पकड़े जा रहे हैं। सशस्त्र सीमा बल यानी कि एसएसबी ने अब तक 35 फरार कैदियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 22 उत्तर प्रदेश की सीमा पर, 10 बिहार में और 3 पश्चिम बंगाल में पकड़े गए हैं।
ओली के इस्तीफा देने बाद भी नहीं थमा था गुस्सा
एसएसबी के एक अधिकारी ने पकड़े जा रहे कैदियों पर जानकारी देते हुए बताया, ‘यह संख्या अभी भी बढ़ रही है, हम सतर्कता बरत रहे हैं। बता दें कि सोमवार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर और सरकार के सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई और अन्य घटनाओं में 31 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिसिया कार्रवाई से गुस्साए सैकड़ों प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री ओली के दफ्तर में घुस गए और उनका इस्तीफा मांगने लगे। मंगलवार को ओली ने पद से इस्तीफा दे दिया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक कैदी गिरफ्तार
एसएसबी ने उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में भारत-नेपाल सीमा पर 22 कैदियों को पकड़ा। इनमें से पांच कैदियों को 10 सितंबर को एक त्वरित कार्रवाई में हिरासत में लिया गया था, जब वे अवैध रूप से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, ये कैदी नेपाल की काठमांडू स्थित डिल्लीबाजार जेल से फरार हुए थे। इनके पास कोई वैध पहचान पत्र नहीं था, जिसके आधार पर एसएसबी ने इन्हें हिरासत में लिया और स्थानीय पुलिस को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये कैदी नेपाल में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान जेल में उत्पन्न अराजकता का फायदा उठाकर भागे थे।
जेल तोड़कर भागे कैदी, 5 नाबालिग कैदियों की मौत
प्रदर्शनों की अफरा-तफरी का फायदा उठाकर कैदियों ने जेलों पर हमला बोल दिया। कई जेलों में सुरक्षाकर्मियों और कैदियों के बीच झड़पें हुईं। नेपाल के बांके जिले के बैजनाथ ग्रामीण नगरपालिका के नौबस्ता क्षेत्र में स्थित नौबस्ता बाल सुधार गृह में कैदियों ने सुरक्षाकर्मियों के हथियार छीनने की कोशिश की। इससे झड़प हो गई, जिसमें 5 किशोर कैदी मारे गए। बताया जा रहा है कि देशभर की जेलों से 13 हजार से ज्यादा कैदी फरार हो गए हैं। फरार कैदियों में से कई भारत की ओर भागे हैं जिसके बाद एसएसबी ने सीमा पर निगरानी तेज कर दी है।
कई सरकारी इमारतों को प्रदर्शनकारियों ने लगाई आग
प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास, सरकारी दफ्तरों, राजनीतिक दलों के मुख्यालयों और वरिष्ठ नेताओं के घरों में आग लगा दी। ओली का निजी आवास भी जलाया गया। सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध को भी सोमवार रात ही हटा लिया गया था, लेकिन गुस्सा शांत न हुआ। नेपाल की सेना ने बुधवार को संभावित हिंसा रोकने के लिए देशव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए और कर्फ्यू लगा दिया। ओली के इस्तीफे के बाद अब देश में अंतरिम सरकार के गठन की तैयारी चल रही है और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को इसका प्रमुख बनाने की बात कही है।
एसएसबी की सतर्कता और बढ़ी हुई सुरक्षा
भारत-नेपाल के बीच 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है। इसकी निगरानी करने वाली सशस्त्र सीमा बल ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। सभी 26 पारस्परिक व्यापार मार्ग, 15 यातायात मार्ग, छह एकीकृत जांच चौकियां, और 11 सीमा जांच चौकियां हाई अलर्ट पर हैं। एसएसबी की खुफिया इकाई सीमावर्ती गांवों में निगरानी कर रही है ताकि घुसपैठ और गलत सूचनाओं को रोका जा सके। इसके अलावा, एसएसबी की महिला कर्मियों को भी कई जांच चौकियों पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति, जैसे नेपाल से अचानक प्रवेश की स्थिति, को संभाला जा सके।
एसएसबी ने महाराजगंज, सीतामढ़ी, रक्सौल, और सुपौल जैसे जिलों में फ्लैग मार्च भी आयोजित किए हैं। ताकि सीमा पर अपनी मौजूदगी को और मजबूत किया जा सके। एसएसबी की साइबर विंग सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
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