डूंगरपुर -सादिक़ अली : दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास और 60 हज़ार के जुर्माने से पॉक्सो कोर्ट डूंगरपुर ने दंडित किया ! पॉक्सो कोर्ट डूंगरपुर के विशिष्ट लोक अभियोजक योगेश जोशी ने बताया की पॉक्सो कोर्ट डूंगरपुर ने बताया कि 2020 में पहले कोतवाली थाने में रिश्तेदारों की मिली भगत से एक पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था।
करीब 2 साल बाद उक्त मामले पर सुनवाई करते हुए पॉक्सो कोर्ट डूंगरपुर ने दोवड़ा निवासी आरोपी राहुल पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाए जाने पर 10 साल का कठोर कारावास और 60 हज़ार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया।विशिष्ट लोक अभियोजक जोशी ने यह भी बताया कि उक्त मामले में पीड़िता पक्षध्रोहि होते हुए अपने बयान से मुकर गई,पीड़िता के माता पिता जे बयान जाँच रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर पॉक्सो कोर्ट ने राहुल को दोषी करार देते हुए सज़ा सुनाई !
9 महीने में दुष्कर्म के 6 मामलों में पीड़ित पक्ष बयानों से मुकरा
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत पोक्सो काेर्ट काफी गंभीर नजर आ रहा है। अगस्त-सितंबर 2021 में काेर्ट की तरफ से की गई सुनवाई में तीन मामलों में पीड़िता व गवाह अपने बयान से मुकर गए। इस पर काेर्ट ने साक्ष्य के आधार पर सजा सुनाई थी। वहीं एक मामले में झूठे मुकदमे कर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने पर परिवादी के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धारा 22 एवं दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 344 के तहत कार्रवाई करने के आदेश दे दिए हैं।
8 सितंबर 2021 के मामले में पोक्सो काेर्ट ने कहा कि विधि के तहत 14 वर्ष की लड़की द्वारा यौन संसर्ग के लिए सहमति देना कानूनन अनुमत नहीं है। भले ही पीड़ित पक्षद्रोह घोषित हो गई हो। क्योंकि यह अपराध न केवल एक बालक के खिलाफ नहीं बल्कि समाज के खिलाफ है। जनजाति क्षेत्र में लोग निर्धन है और लोगों के बहकावे में आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में पीड़िता के पक्षद्रोह होने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है।
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