Saturday, April 5, 2025
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स्थानीय बोलियां संस्कृतियों को जिंदा रखती हैं – शिक्षा मंत्री मदन दिलावर

स्टेट हेड – सादिक़ अली, डूंगरपुर :  राजस्थान राज्य शैक्षिक एवं प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर के तत्वावधान में रूम टू रीड संस्था के संयोजन में नई शिक्षा नीति में मातृभाषा एवं बाल साहित्य सृजन करने वाले साहित्यकार, चित्रकार और बहुभाषी शिक्षण सामग्री निर्माण करने वाले शिक्षकों का प्रशस्ति पत्र से सम्मान किया गया। स्थानीय भाषा आधारित बाल साहित्य प्रदर्शनी तथा बुनियादी साक्षरता के नवाचारों पर सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री राजस्थान सरकार मदन दिलावर, अध्यक्ष RSCERT की निदेशक श्वेता फगेडिया विशिष्ट अतिथि राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त समग्र शिक्षा अविचल चतुर्वेदी, राष्ट्रीय निदेशक रूम टू रीड शक्तिव्रत सेन द्वारा की गई।

जैंडर पर संवेदनशील नहीं – दिनेश प्रजापति

राष्ट्रीय निदेशक रूम टू रीड शक्तिव्रत सेन ने कहां कि शिक्षण में मातृभाषा का प्रयोग शिक्षार्थी और शिक्षक में भयमुक्त संवाद के आदान-प्रदान को उच्च समझ की ओर ले जाता है। हमारा प्रयास ये रहे कि बालक अपनी स्थानीय बोली से स्कूली भाषा को समझ सके। डूंगरपुर से दिनेश प्रजापति ने बताया कि हम शिक्षित होते हुए भी जाने अंजाने में जैंडर पर संवेदनशील नहीं है। इसका कारण हम पंरपरागत सामाजिक ढांचे में ढले हुए हैं। जिसको तोड़ते हुए लडका लडकी को बचपन से ही समान कार्य समान अवसर है। समान स्वतंत्रता देकर आने वाले समय में हम एक समान स्वस्थ और समतामूलक समाज का निर्माण कर सकें। ताकि लिंग और जैंडर आधारित भेदभाव ना हो।

भाषा और बोलियां संवाद का माध्यम – मंत्री मदन दिलावर

इस आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहां कि भाषा और बोलियां संवाद का माध्यम है। लेकिन जो हमारी संस्कृति है उसको जिंदा रखने का काम स्थानीय बोलियां करती है। जब शिक्षा में स्थानीय बोलियां का प्रयोग किया जाएगा। जिससे बालक स्कूली भाषा सीखने का भय नहीं होगा और वह पठन-पाठन में अपनी सक्रिय सहभागिता करेगा। जिससे बालक समझ के साथ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करेगा साथ ही वह अपनी संस्कृति को बढ़ावा देगा। यही बात हमारी शिक्षा नीति के उद्देश्य है।

कार्यक्रम में डूंगरपुर जिले के अध्यापक व साहित्यकार दिनेश पंचाल दिनेश प्रजापति, कमलेश जोशी, दीपक पंड्या कांतिलाल यादव को बाल साहित्य लेखन और बहुभाषी शिक्षण सामग्री निर्माण के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। एनसीईआरटी उदयपुर के निदेशक कैलाश तेली के नेतृत्व में प्रभागाध्यक्ष पियुष जैन एमएलई प्रभारी प्रो. नरेश पंवार के दिशा-निर्देशन निर्मित स्थानीय भाषा आधारित सेमिनार में बहुभाषी शिक्षण सामग्री का शिक्षा मंत्री के द्वारा विमोचन कर प्रदर्शनी लगाई गई।

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