वाराणसी : कुछ असामाजिक तत्व लगातार बीएचयू का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में बीएचयू परिसर में विभिन्न स्थानों पर भड़काऊ नारेबाजी की गई। ये नारे बुधवार रात लिखे गए थे। इन नारों को लेकर सुबह कैंपस में जोरदार चर्चा हुई। इन नारों के तहत भगत सिंह छात्र मोर्चा का नाम लिखा गया है।
परिसर में दीवारों पर लिखे नारों की चर्चा पूरे परिसर में जंगल की आग की तरह फैल गई, इस मामले में जैसे ही भगत सिंह छात्र मोर्चा के सभी अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई, उन्होंने पहले मौके पर जाकर तस्वीर ली. नारे लगाए और उसके बाद लंका पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में मोर्चा सदस्यों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत भी की है. भगत सिंह छात्र मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके नाम पर इस तरह के भड़काऊ नारे लिखकर संगठन को बदनाम करने की साजिश रची गई है. भगत सिंह छात्र मोर्चा के पदाधिकारियों की शिकायत मिलने पर पुलिस फौरन सक्रिय हो गई और कैंपस पहुंचकर नारेबाजी को मिटाने का काम शुरू कर दिया.
जिसे मोर्चे का नाम है, उस पर कार्रवाई
दीवारों पर लिख स्लोगन का मामले ने कैंपस में देखते ही देखते इतना तूल पकड़ लिया कि अन्य छात्रों ने इस मामले कार्रवाई करने की चेतावनी तक दे डाली है। बीएचयू के कुछ शोध छात्रों ने बताया कि सबसे पहले कल एक इफ्तार पार्टी का आयोजन पहली बार विश्वविद्यालय कैम्पस में हुआ। इसके बाद रात में कैम्पस की दीवारों पर कश्मीर बनाने की चेतावनी दी गयी है। हमारी शासन से मांग है कि जिस मोर्चे का नाम है। उसे यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित किया जाए। साथ ही जिला प्रशासन से अनुरोध है कि इन सभी लोगों पर एनएसए के तहत कार्रवाई की जाए.
भगत सिंह छात्र मोर्चा ने दी सफाई
भगत सिंह छात्र मोर्चा ने इस संबंध में एक पत्र जारी करते हुए कहा है कि हम बीएचयू के छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों व शिक्षकों से यह कहना चाहते हैं कि इस तरह के नारों से बीसीएम का कोई लेना देना नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन से हम यह मांग करते हैं कि इस मामले की जांच कर ऐसे लोगों व समाज विरोधी तत्वों पर जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई की जाए।
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