डूंगरपुर : सादिक़ अली : देश में आये दिन धोखाधड़ी का मामला सामने आते हैं । जिससे आम लोगों के साथ बड़े पैमाने पर इसका शिकार होते हैं। खास तौर पर बात करे शिक्षा क्षेत्र में इस तरह की घटना देखने को मिलता है । शिक्षा के नाम पर निजी क्षेत्र की शिक्षा संस्था उन अभ्यार्थियों के जीवन के साथ खिलवाड़ करता दिखाई दे रहा है। ऐसे ही एक मामला राजस्थान के डुंगरपुर की है । जहां एक निजी एडुकेशन से धोखा खाए शिक्षक अभ्यर्थियों ने कलक्टर को ज्ञापन देकर धोखाधड़ी करने वाले इंस्टीट्यूट के खिलाफ कार्यवाही करने की माँग की है।
आपको बता दे कि जनजाति बाहुल जिला धोखाधड़ी का केंद बनते हुए नज़र आ रहा है । सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले धोखाधड़ी का शिकार हो रहे है। रीट परीक्षा 2021 के कुछ दिन पहले नकल करवाने वाली बड़ी गैंग का खुलासा होने के बाद जिले में फर्जीवाड़े के मामले सामने आए और गुरुवार को जिले के सीमलवाड़ा उपखंड के कुछ शिक्षक अभ्यर्थीयो ने जिले के एक निजी शिक्षण इंस्टीट्यूट द्वारा उनके साथ की गई धोखाधड़ी की पोल ज्ञापन के माध्यम से जिला कलक्टर को देकर खोली।
पीड़ित शिक्षक अभ्यर्थियों ने ज्ञापन में किस तरह से डूंगरपुर शहर और सीमलवाड़ा कस्बे में चल रहे बहिष्कार इंस्टीट्यूट द्वारा कई अभ्यर्थियों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया।पीड़ित और आक्रोशित शिक्षक अभ्यर्थियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर कथित इंस्टीट्यूट के खिलाफ जल्द से जल्द कानूनी कार्यवाही करने की माँग कर राहत देने की गुहार लगाई।
552 पदों के लिए 2007 में आया था विज्ञापन
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 41 में विज्ञापित 552 पदों के लिए 207 अभ्यर्थियों के चयन के बाद उन्हें नियुक्ति मिल चुकी है जबकि 279 पदों पर चयन के बाद भी नियुक्ति नहीं मिल सकी है। इस प्रकार 552 में से कुल 486 पदों के लिए चयन हो चुका है। इनमें से 66 पदों के लिए अभी साक्षात्कार नहीं पूरा हो सका है।
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