बता दें नागपुर हिंसा मामले के मास्टरमाइंड फहीम खान पर पुलिस कार्रवाई के बाद प्रशासन की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। फहीम खान माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी का नागपुर जिला अध्यक्ष हैं। फहीम खान के घर पर बुलडोजर चलाया गया। फहीम द्वारा यशोधारा नगर संजय बाग कॉलोनी में प्लॉट क्रमांक 61 पब्लिक स्थित उसके घर का अवैध तरीके से निर्माण कार्य किया गया था। ऐसे में महानगरपालिका प्रशासन उसे नोटिस जारी किया था। सुबह उसके घर के अवैध निर्माण को बुलडोजर से ढहाने की शुरुआत। तीन जेसीबी से पूरे घर को ध्वस्त कर दिया गया।
मोहम्मद युसूफ शेख के घर पर भी चला हथौड़ा
वहीं, आपको बता दें कि नागपुर महानगरपालिका ने दूसरी कार्रवाई को भी अंजाम दिया। जहां पर यह घटना सबसे पहले घटी थी। शिवाजी प्रतिमा चौक पर जहां से हिंसा की शुरुआत हुई। वहां पर दूसरे आरोपी मोहम्मद युसूफ शेख के घर पर हथौड़े से कार्रवाई की गई। नगर निगम के अधिकारी और अतिक्रमण विभाग के कर्मचारी यसूफ शेख के घर पहुंचे। उसके बाद उन्होंने वहां नक्शे से अतिरिक्त बनाई हुई बाउंड्री वॉल, गैलरी, बालकनी के साथ अन्य अतिरिक्त निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
फहीम खान ने किया था भीड़ का नेतृत्व
बता दें कि नागपुर में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अपराधियों के घर पर बुलडोजर चलाई जाने की चर्चा शनिवार से हो रही थी। 17 मार्च के पथराव और आगजनी की घटना के बाद फहीम खान को गिरफ्तार किया गया। फहीम पर 500 से ज्यादा दंगाइयों को इकट्ठा करने और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप है। फहीम खान को दंगा और आगजनी की घटनाओं के दो दिन बाद 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। वह अभी पुलिस हिरासत में हैं।
फहीम खान के मकान का करीब 800/900 वर्ग फुट निर्माण अवैध होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद नागपुर महानगरपालिका की ओर से महिरुनिशा शमीम खान के नाम से नोटिस जारी करके एक प्रति फहीम के घर में दी गई थी।
आखिर क्यों भड़की थी दंगे की आग ?
मध्य नागपुर के महल इलाके में 17 मार्च की शाम करीब 07:30 बजे हिंसा भड़क उठी थी। जिसमें पुलिस पर पथराव किया गया। हिंसा के दौरान डीसीपी (DCP) स्तर के 3 अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इनमें से 38 साल के इरफान अंसारी की शनिवार को मौत हो गई थी। हिंसा के दिन उन्हें गंभीर अवस्था में रेलवे स्टेशन के पास घायल पाया गया था।
बता दें कि इलाके में यह अफवाह फैली कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर दक्षिणपंथी संगठनों के आंदोलन के दौरान पवित्र आयत लिखी चादर जलाई गई थी। हिंसा के इस मामले में अब तक कुल 105 लोग पकड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक नागपुर हिंसा के सिलसिले में 10 किशोर भी हिरासत में लिए गए हैं।
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