कोटा : जयपुर एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी की टीम ने कोटा टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वीसी प्रोफेसर रामवतार गुप्ता को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. रामवतार गुप्ता एक निजी कॉलेज में इंजीनियरिंग की सीटें बढ़ाने के एवज में 10 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे। आज जयपुर एसीबी ने रामवतार को जयपुर के एक सरकारी गेस्ट हाउस में घुसते पकड़ा।
सरकारी गेस्ट हाउस में तलाशी के दौरान 21 लाख रुपये नकद मिले। एसीबी ने वीसी के जयपुर आवास, कोटा में सरकारी आवास पर भी तलाशी शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने कार्रवाई के लिए राजस्थान एसीबी के व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर शिकायत दी थी। डीजी एसीबी बीएल सोनी, एडीजी दिनेश एमएन कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं। आपको बता दें कि इस यूनिवर्सिटी के अंतर्गत राजस्थान के 300 कॉलेज आते हैं।
गुप्ता ने जयपुर में की सौदेबाजी
डीजी एसीबी बीएल सोनी ने बताया कि एसीबी को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई थी कि मेरे निजी विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की सीटें बढ़ाने, सुविधाएं उपलब्ध कराने व सतत परेशान नहीं करने की एवज में 10 लाख रुपये की रिश्वत मांग कर परेशान किया जा रहा था। शिकायत के बाद एसीबी ने मामले का पूरा सत्यापन किया। जांच में मामला सही पाया गया। एसीबी ने कुलपति रामवतार गुप्ता को 5 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार वीसी रामवतार गुप्ता पिछले 4 दिनों से जयपुर के सरकारी गेस्ट हाउस में रह रहे थे। एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन के निर्देश के बाद गुप्ता के निवास और अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है। एसीबी ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। एसीबी फिलहाल मामले की जांच कर रही है। एसीबी अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच में नए खुलासे हो सकते हैं। एसीबी डीजी बीएल सोनी ने लोगों से आह्वान किया कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए लोगों को खुलकर एसीबी का सहयोग करना चाहिए। एसीबी तुरंत कार्यवाही करेगी। कोई रिश्वत मांगता है तो बिना संकोच एसीबी में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
Read More : एक बार फिर सुर्खियों में परमहंस दास, ताजमहल नहीं अब कोर्ट जाएंगे जगतगुरु परमहंसाचार्य