अमेठी : राजेश सोनी : अमेठी के मोहनगंज में तैनात महिला दरोगा रश्मि यादव आत्महत्या हत्या कांड को कुछ लोगों द्वारा विभागीय स्तर पर जातिगत उत्पीड़न बताकर घटना को तूल देने का प्रयास किया जा रहा है जिसका संज्ञान लेते हुए एसपी अमेठी दिनेश सिंह ने सिरे से खारिज करते हुए मीडिया से कहा कि इस घटना कांड का जातिगत आधार से कोई मतलब नहीं है।
मामले में अलीगढ़ निवासी और बहराइच जिले में कार्यरत अध्यापक द्वारा बेहद ही अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था जिससे क्षुब्ध होकर महिला दरोगा ने इस तरह की घटना की अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि दरोगा के पिता की तहरीर पर आत्महत्या के प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रारंभिक छानबीन और मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पाया गया कि उक्त अध्यापक द्वारा ही उसे मानसिक रूप से प्रताणित कर अपशब्दों का प्रयोग किया जाता रहा है। इस मामले में उक्त अध्यापक सुरेंद्र सिंह जाटव जो अनुसूचित जाति के हैं, को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। एसपी ने जातिगत आधार पर विभागीय उत्पीड़न की बात को सिरे से खारिज कर दिया।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच में जुटी पुलिस
रश्मि यादव की मौत की पुष्टि के बाद प्रभारी निरीक्षक ने मामले की जानकारी परिजनों के साथ एसपी व एएसपी को दी. इसके बाद आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए. वहीं, दरोगा बेटी की मौत की सूचना पर पहुंचे पिता और भाई का अस्पताल में रो-रोकर बुरा हाल है. फिलहाल पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ आगे की जांच शुरू कर दी है.
हत्या या आत्महत्या की गुत्थी में उलझे परिजन
उपनिरीक्षक रश्मि यादव के मौत की सूचना पर किसी को भरोसा नहीं हो रहा है. जानकारी के मुताबिक मिलनसार रश्मि यादव अपनी तेजतरार्र कार्यशैली के लिए भी मशहूर थी. वहीं, परिवार के अलावा स्टाफ को रश्मि यादव की आत्महत्या करने की बात समझ में नहीं आ रही है. हालांकि फिलहाल पूरे मामले सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगी. वहीं परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती बल्कि उसकी हत्या की गई है.
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