इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान आपत्ति जनक बयान मामले में बड़ी राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह आदेश जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस वीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अब्बास अंसारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अब अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।
याची ने हाईकोर्ट को बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 4 मार्च को कोतवाली मऊ में आपत्तिजनक बयान देने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इन आरोपों पर 7 साल से ज्यादा की सजा नहीं दी जा सकती है और साथ ही मामले में 153-ए संज्ञेय अपराध की धारा जान-बूझकर जोड़ी गई हैं। इससे ये पता चलता है कि पुलिस याची को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। याची मऊ से विधायक है, उसे सपथ लेने नहीं दिया जा रहा है।
क्या कहा था अब्बास अंसारी ने ?
हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 3 सप्ताह में मामले के संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और साथ ही हाई कोर्ट ने कहा कि यदि याची जांच में सहयोग नहीं करता तो सरकार अंतरिम आदेश विखंडित करने के लिए कोर्ट में अर्जी दे सकती हैं। गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी की बेटे अब्बास अंसारी ने 3 मार्च को मऊ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि ” समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भईया से कह के आया हूं कि छह महीने अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं होगा। जो यहां है यही रहेगा पहले हिसाब बराबर होगा” अब्बास का यह बयान बड़ी तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसके बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर अब्बास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
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