Sunday, April 6, 2025
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एक बार फिर सुर्खियों में परमहंस दास, ताजमहल नहीं कोर्ट जाएंगे जगतगुरु दास

अयोध्या  : ताजमहल को तेजोमहल बताकर पूजा करने की बात पर लगातार चल रहे विवादों के बाद जगतगुरु परमहंसाचार्य ने 5 मई को ताजमहल में धर्मसंसद के आह्वाहन से अब हाथ पीछे कर लिए हैं। जगतगुरु के शिष्य वृन्दावन परमहंस ने वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए भगवा के सम्मान की लड़ाई अब कोर्ट के माध्यम से किये जाने की बात कही है। उनका कहना है की पुरातत्व अधीक्षक द्वारा निमंत्रण देकर बुलाने के बाद नजरबंद किया जाना भगवा का अपमान है और अब इसकी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जाएगी।

बता दें कि अयोध्या के छावनी तपस्वी अखाड़े के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंसाचार्य बीते दिनों एक भक्त के यहां आए थे और उन्होंने ताजमहल देखने की इच्छा जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था की ताजमहल में प्रवेश के दौरान उन्हें भगवा और ब्रह्मदण्ड के साथ प्रवेश नहीं करने दिया गया था। मामला सुर्खियों में आने के बाद अगले दिन आगरा के हिंदूवादी नेता गोविंद पाराशर को भगवा और धर्मदंड के साथ प्रवेश दिया गया था।

ताजमहल में जाकर पूजन का ऐलान करते हुए वीडियो वायरल

पुरातत्व अधीक्षक ने आपसी तालमेल न बैठने के कारण त्रुटि होने की बात कहकर जगतगुरु को आगरा आकर ताजमहल देखने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद जगतगुरु परमहंसाचार्य ने 5 मई को ताजमहल में आकर शिव का अभिषेक और भूमि पूजन व धर्मसंसद करने का ऐलान किया था। जगतगुरु 5 की जगह 3 मई को ही आगरा आ गए थे और ईद और अक्षयतृतीया के अवसर पर ताजमहल में जाकर पूजन का ऐलान करते हुए वीडियो वायरल किया था। होटल से ताजमहल जाते समय रास्ते मे ही प्रशासन ने उन्हें रोक लिया था और काफी हंगामे के बाद सिकंदरा क्षेत्र में कीठम गेस्ट हाउस में हाउस अरेस्ट कर लिया था। बुधवार को सुबह साढ़े दस के लगभग उन्हें पुलिस अभिरक्षा में अयोध्या ले जाकर छोड़ दिया गया था।

जगत गुरु परमहँसचार्य के शिष्य वृन्दावन परमहंस ने वीडियो बयान जारी कर आरोप लगाए हैं की जब उन्हें रोका गया था तब जगतगुरु द्वारा कोई बयान नहीं दिय्या गया था। जिस ब्रह्मदण्ड और भगवा के लिए उन्हें रोका गया था अगले दिन दूसरे को उन्हीं चीजों के साथ प्रवेश क्यों दिया गया। जगतगुरु को पुरातत्व अधीक्षक आर के पटेल ने आमंत्रित किया था। हम पढ़े लिखे लोग हैं, अगर हमें बताया जाता कि नियम अनुसार हम पूजन नहीं कर सकते हैं तो हम नियम का पालन करते पर पुलिस ने हमें ले जाकर नजरबंद कर दिया। यह भगवा का अपमान है और अब इसकी लड़ाई हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी जाएगी।

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