ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा पर किया वार , कहा- भाजपा कानून का उल्लंघन कर रही है

वाराणसी

डिजिटल डेस्क : उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य शनिवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक बार फिर शुरू हुआ. यह रविवार को भी जारी रहेगा. इस बीच मामले को लेकर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि भाजपा कानून का उल्लंघन कर रही है. बाबरी को हमसे छीना गया लेकिन ज्ञानवापी मस्जिद को हम नहीं छीनने देंगे.पत्रकारों से बात करते हुए एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बाबरी मस्‍जिद के लिए कई हथकंडे लगाये गये. इस वजह से हमने बाबरी मस्‍जिद को खो दिया. ऐसी ही प्रक्रिया वाराणसी जिले में ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर चल रही है. ज्ञानवापी मस्जिद को छीनने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन वे इसमें कामयाब नहीं हो पाएंगे. हम इन्हें ज्ञानवापी मस्जिद छीनने नहीं देंगे. भाजपा पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा कि 1991 के कानून का सम्‍मान करना चाहिए. बीजेपी कानून का पालन नहीं कर रही है. पीएम मोदी को अपनी चुप्‍पी तोड़नी चाहिए. कांग्रेस के ऊपर किये गये सवाल पर उन्होंने कहा कि वह पार्टी खत्‍म हो चुकी है.

ज्ञानवापी मस्जिद: परिसर का सर्वे कार्य रविवार को भी जारी रहेगा
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य रविवार को भी जारी रहेगा. मामले को लेकर वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि सर्वे कार्य शांतिपूर्ण तरीके से चला. किसी भी पक्ष ने कोई अवरोध उत्पन्न नहीं किया. सब कुछ सामान्य है. हम (पुलिस आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट) सर्वे कार्य की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं.

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क्या है मामला
यहां चर्चा कर दें कि वाराणसी की अदालत ने ज्ञानवापी-शृंगार गौरी परिसर का सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य कराने के लिए नियुक्त अधिवक्ता अयुक्त अजय मिश्रा को पक्षपात के आरोप में हटाने की मांग संबंधी याचिका गुरुवार को खारिज कर दी थी. अदालत ने स्पष्ट किया था कि ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर भी वीडियोग्राफी कराई जाएगी। दीवानी अदालत के न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) दिवाकर ने अधिवक्ता आयुक्त मिश्रा को हटाने संबंधी याचिका को नामंजूर करते हुए विशाल सिंह को विशेष अधिवक्ता आयुक्त और अजय प्रताप सिंह को सहायक अधिवक्ता आयुक्त के तौर पर नियुक्त किया था. उन्होंने संपूर्ण परिसर की वीडियोग्राफी करके 17 मई तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए थे.

 

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