Sunday, April 6, 2025
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सियासी गुरु कहे जाने वाले अन्ना हजारे का अरविंद केजरीवाल को पत्र

अरविंद केजरीवाल के सियासी गुरु कहे जाने वाले अन्ना हजारे ने उन्हें पत्र लिखा है। इस पत्र में अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल से कहा है कि वह दिल्ली में शराब की दुकानों को बंद कर दें। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने स्वराज पुस्तक में बड़ी-बड़ी बातें की थीं, लेकिन उनके आचरण पर उसका असर नहीं दिख रहा है। अन्ना हजारे ने अपनी चिट्ठी में अरविंद केजरीवाल को संबोधित करते हुए लिखा, ‘आपके मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार मैं आपको खत लिख रहा हूं। पिछले कई दिनों से दिल्ली सरकार की शराब नीति को लेकर जो खबरें आ रही हैं, उन्हें पढ़कर दुख होता है।’ अन्ना हजारे ने अपने पत्र में अरविंद केजरीवाल द्वारा लिखित किताब ‘स्वराज’ के उस अंश को भी शामिल किया है |

जिसमें अरविन्द केजरीवाल ने शराब की दुकानों के आवंटन और शराब नीति को लेकर सख्त टिप्पणी की है | अन्ना हज़ारे लिखा है कि ‘आपने स्वराज नाम की पुस्तक में कितनी आदर्श बातें लिखी थी, तब से आपसे बड़ी उम्मीद थी | ऐसा लगता है राजनीति में जाकर और मुख्यमंत्री बनने के बाद आप आदर्श विचारधारा भूल गए है | अन्ना हज़ारे ने अपने पत्र में कहा है कि इससे शराब की बिक्री और पीने को बढ़ावा मिल सकता है |

मिलेगा भ्रष्टाचार को बढ़ावा

गली गली में शराब की दुकाने खुलवाई जा सकती है | इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा | अन्ना हजारे ने कहा कि महात्मा गांधी के ‘गांव की ओर चलो’ के विचार से प्रेरित होकर मैंने अपनी जिंदगी गांव, समाज और देश के लिए समर्पित की है।पिछले 47 सालों से ग्राम विकास के लिए काम कर रहा हूं और भ्रष्टाचार के विरोध में आंदोलन कर रहा हूं। अरविंद केजरीवाल को पुराने दिन याद दिलाते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि आप हमारे गांव रालेगण सिद्धि आ चुके हैं। यहां आपने शराब, बीड़ी, सिगरेट आदि पर रोक की प्रशंसा की थी।

शराब जैसा ही होता है सत्ता का भी नशा-अन्ना हजारे 

आपकी सरकार ने दिल्ली में नई शराब नीति बनाई, जिसे देखकर ऐसा लगता है कि इससे शराब की बिक्री और उसे पीने को बढ़ावा मिल सकता है। गली-गली में शराब की दुकानें खुलवाई जा सकती हैं। इससे भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलेगा और यह जनता के हित में नहीं है। इसके बाद भी आप ऐसी शराब की नीति लाए हैं। इससे ऐसा लगता है कि जैसे शराब का नशा होता है, उसी तरह सत्ता का भी नशा होता है। आप भी ऐसी सत्ता के नशे में डूब गए हो,

10 साल पहले की मीटिंग और उद्देश्य दिलाए याद

अन्ना हजारे ने लिखा, ’10 साल पहले 18 सितंबर 2012 को दिल्ली में टीम अन्ना के सदस्यों की मीटिंग हुई थी। उस वक्त आपने राजनीतिक रास्ता अपनाने की बात कही थी। लेकिन आप भूल गए कि राजनीतिक दल बनाना हमारे आंदोलन का उद्देश्य नहीं था। उस वक्त जनता में टीम अन्ना के प्रति भरोसा था और मुझे लगता था कि हमें लोकशिक्षण और लोकजागृति का काम करना चाहिए। यदि लोकशिक्षण का काम होता तो देश में कहीं भी इस तरह की शराब नीति नहीं बनती।

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