लखनऊ : निखिल श्रीवास्तव :लखनऊ नगर निगम, पुलिस और परिवहन विभाग की काली कमाई पर शासन ने बड़ी चोट की है। शहर भर में चल रहे अवैध बस, टेंपो, ऑटो स्टैंडों को हटाने का आदेश गृह विभाग ने जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि 30 अप्रैल तक शहर में कोई भी स्टैंड दिखा तो इन संबंधित विभागों के जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
शहर भर में संचालित अवैध स्टैंड पुलिस और नगर निगम के कमाई का मोटा जरिया है। परिवहन विभाग भी अपनी हिस्सेदारी तय करके इनके खिलाफ कार्रवाई नही करता है। लेकिन इन स्टैंडों की वजह से आम जनता हर रोज जाम में पसीने बहाती है। 2017 में पहले इन्वेस्टर समिट के दौरान तीन दिन के लिए सभी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी। उस दौरान हुए आंकलन के मुताबिक लखनऊ में करीब 2 हजार से ज्यादा डग्गामार टेंपो और ऑटो चल रहे। एक हजार से ज्यादा बसें भी संचालित हो रही। आकलन के मुताबिक इन अवैध वाहनों से हर महीने करीब एक करोड़ रुपए कमाई होती है। इस भारी भरकम रकम में पुलिस अधिकारियों से लेकर सिपाही तक और नगर निगम के बाबुओं से लेकर उच्चाधिकारियों तक हिस्सा तय है।
Read More : कमिश्नरेट पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, दो बदमाश घायल
JCP के अभियान में सामने आया खेल
जॉइंट पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था पीयूष मोर्डिया ने पखवाड़े भर पहले अवैध स्टैंडों और डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान शुरू किया। उनके निरीक्षण में काली कमाई का खेल उजागर हुआ। इन स्टैंडों को संरक्षण देने वाले कई पुलिसकर्मी पकड़े गए जिनके खिलाफ कार्रवाई हुई। उनकी रिपोर्ट पर अपर मुख्य सचिव गृह, अवनीश अवस्थी ने इसे जड़ से खत्म करने का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि पुलिस, नगर निगम और परिवहन विभाग की सयुक्त टीम बनाकर स्टैंड हटाये जाएं। इसके लिए 30 अप्रैल आखिरी तारीख भी तय कर दी गयी है।ल

