Thursday, April 9, 2026
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बिहार सरकार को राहत, सुप्रीम कोर्ट में जातीय जनगणना के खिलाफ सभी यचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में जाति आधारित जनगणना कराने के बिहार सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने और कानून के अनुसार उचित कदम उठाने की अनुमति दी है। बता दें कि बिहार निवासी अखिलेश कुमार ने बिहार सरकार के जातीय जनगणना कराने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

याचिका में कहा गया था कि जातीय जनगणना का नोटिफिकेशन मूल भावना के खिलाफ है और यह संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है। याचिका में जातीय जनगणना की अधिसूचना को खारिज करने की मांग की गई थी। अखिलेश कुमार के अलावा हिंदू सेना नामक संगठन ने भी जातीय जनगणना की अधिसूचना पर रोक की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि जातिगत जनगणना कराकर बिहार सरकार देश की एकता और अखंडता को तोड़ना चाहती है। उल्लेखनीय है कि बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने बीती 6 जून को जातीय जनगणना की अधिसूचना जारी कर दी थी।

जातिगत सर्वेक्षण बिहार में शुरू हो चुका है

बिहार में 7 जनवरी से जाति आधारित सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। राज्य में यह सर्वे करवाने की जिम्मेदारी सरकार के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट को सौंपी गई है। मोबाइल फोन ऐप के जरिए हर परिवार का डेटा डिजिटली इकट्ठा किया जा रहा है। सर्वे करने वालों को आवश्यक ट्रेनिंग दी गई है। सर्वे में परिवार के लोगों के नाम, उनकी जाति, जन्मस्थान और परिवार के सदस्यों की संख्या, आर्थिक स्थिति और सालाना आय से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं।

कोई भी कागज दिखाने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया था कि सर्वे में केवल जातियों का डेटा लिया जाएगा, उपजातियों का उल्लेख नहीं होगा। राज्य सरकार ने मई 2023 तक जातीय सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। जिला स्तर पर सर्वे की जिम्मेदारी संबंधित जिला अधिकारियों को दी गई है, जिन्हें इस काम के लिए जिलों में नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया है।

अखिलेश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी याचिका

याचिकाकर्ता अखिलेश कुमार ने तर्क दिया था कि जनगणना अधिनियम केवल केंद्र सरकार को जनगणना करने का अधिकार देता है, और राज्य सरकार के पास इसे स्वयं करने का कोई अधिकार नहीं है। अखिलेश कुमार ने अपनी याचिका में उन्होंने सवाल किया था। क्या किसी समुचित या विशिष्ट कानून के अभाव में जाति आधारित सर्वेक्षण के लिए अधिसूचना जारी करने की अनुमति हमारा संविधान राज्य को देता है ? क्या राज्य सरकार का जातिगत सर्वेक्षण कराने का फैसला सभी राजनीतिक दलों की सहमति से लिया गया एकसमान निर्णय है ? क्या बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण के लिए राजनीतिक दलों का कोई निर्णय सरकार पर बाध्यकारी है ? बिहार सरकार का 6 जून, 2022 का नोटिफिकेशन सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का अभिराम सिंह बनाम सीडी कॉमचेन मामले में दिए गए फैसले के खिलाफ है ?

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राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अपने आखिरी पड़ाव जम्मू कश्मीर पहुंच गई है। कल शाम यात्रा मशाल जुलूस के साथ जम्मू कश्मीर के लखनपुर में दाखिल हो गई। पंजाब-जम्मू कश्मीर बॉर्डर पर फ्लैग एक्सचेंज सेरेमनी हुई। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उनके पूर्वज इसी धरती से थे। उन्हें लग रहा है कि वो घर लौट रहे हैं। वहीं इस बीच आज शुक्रवार को जब भारत जोड़ो यात्रा जम्मू कश्मीर के कठुआ पहंची तो राहुल गांधी केवल टी-शर्ट में नजर नहीं आए, बल्कि जैकेट पहने हुए दिखे। अपनी पूरी यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने कड़ाके की ठंड में भी केवल टी-शर्ट पहनने को लेकर खासी सुर्खियां बटोरी हैं। लेकिन कठुआ आते ही राहुल ने अपने इस लुक को त्याग दिया।

लखनपुर पहुचने तक टी-शर्ट में ही थे राहुल गांधी

जम्मू-कश्मीर में एंटर करने पर राहुल गांधी की यात्रा का जोरदार स्वागत हुआ। बड़ी संख्या में समर्थक मशाल लेकर राहुल की यात्रा में शामिल हुए। राहुल की यात्रा पठानकोट के रास्ते लखनपुर पहुंची तो पारा करीब आठ डिग्री के आसपास था। लेकिन इस कड़ाके की ठंड में भी राहुल अपने वही ट्रेडमार्क टीशर्ट और ट्राउजर में दिखे थे। जम्मू-कश्मीर में यात्रा पहुंचते ही राहुल के मंच पर फारुक अब्दुल्ला पहुंचे और राहुल का स्वागत किया।

जम्मू-कश्मीर में माइक थामते ही राहुल ने कहा कि वो अपने पूर्वजों की धरती पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे उनकी घर वापसी हुई है। बता दें कि आज राहुल की भारत जोड़ो यात्रा का 125वां दिन है और 30 जनवरी को श्रीनगर के लाल चौक पर ये खत्म होगी।

कश्मीर में राहुल गाँधी को मिला विपक्षीय पार्टियों का समर्थन

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से शुरू हुई भारत जोड़ो यात्रा कल शाम जम्मू कश्मीर पहुंची थी। पंजाब को जम्मू कश्मीर से जोड़ने वाले रावि पुल को पार कर यात्रा प्रदेश की धरती पर पहुंची। नेकां नेता फारुक अब्दुल्ला, शिवसेना नेता संजय राउत, जम्मू कश्मीर कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विकार रसूल वानी ने यात्रा का अभिनंदन किया। वहीं पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने भी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को अपना समर्थन दे दिया है।

आपके दिल का दर्द जो दुख है, उसे बांटने आया हूं – राहुल गाँधी

इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि वह कहना चाहते हैं कि आप किसी भी धर्म जात के हो, बच्चे या बुजुर्ग हो आप इस देश के हैं। उन्होंने कहा, मैं नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने आया हूं। मेरे दिल में आपके लिए मोहब्बत है। अगले नौ दस दिन आपके दिल का दर्द जो दुख है, उसे बांटने आया हूं।

भारत जोड़ो यात्रा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हिंदोस्तान के सामने नफरत, हिंसा, बेरोजगारी और महंगाई सबसे बड़े मुद्दे हैं। सरकार ने इस देश को रोजगार देने वाले छोटे मध्यम व्यवसायियों को खत्म कर दिया। नतीजा यह हुआ है कन्याकुमारी से कश्मीर तक युवाओं के मुंह में एक शब्द है बेरोजगारी, बेरोजगार, बरोजगारी।

राहुल गांधी का आरोप अधिकारों पर हो रहा हमला

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह भाजपा और आरएसएस की पॉलिसी का नतीजा है। भारत के गरीब लोगों और युवाओं के अधिकारों पर हमला हो रहा है। किसानों पर आक्रमण हो रहा है। पूरा फायदा, दो तीन अरबपतियों को दिया जा रहा है। कहा कि दो हिंदोस्तान बनाए जा रहे हैं। एक अरबपतियों और दूसरा छोटे व्यापारियों, किसानों, मजदूरों का हिंदोस्तान बनाया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव लड़ेगी शिवसेना – संजय राउत

संजय राउत ने यात्रा में शामिल होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए यह साफ किया कि देश में कांग्रेस के बिना बीजेपी को फाइट देने की केजरीवाल, अखिलेश और केसीआर जैसे नेताओं की सोच गलत है। कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है जिसकी देश भर में व्यापक पहुंच है। देश भर में राहुल गांधी के नेतृत्व के लिए लोगों में एक स्वीकार का भाव है। राहुल को मै आवाज उठाने वाले नेता के तौर पर देखता हूं। संजय राउत ने यह भी साफ किया कि शिवसेना आने वाले वक्त में जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

पाकिस्तान जाने की सलाह पर संजर राउत ने दिया जवाब

शिंदे गुट के नेताओं ने संजय राउत को पाकिस्तान जाने की सलाह दी है। इस पर संजय राउत ने कहा कि जम्मू पर भी पाकिस्तान के तोप-गोले बरसते रहते हैं। आतंकियों के हमले होते रहते हैं। उन्हें कहिए यहां वे आएं, तब उन्हें पता चलेगा। वहां बैठ कर कुछ भी बोलना आसान है। पीएम मोदी ने तो कहा था कि पाक व्याप्त कश्मीर हिंदुस्तान में लेकर आएंगे। उनसे तो नहीं हो सका, हमारे हाथ में सत्ता आई तो हम जरूर पाकिस्तान ला सकते हैं। अखंड भारत का सपना पूरा कर सकते हैं।

देश जगाने के लिए सबके हाथों में हो मशाल

संजय राउत ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा से देश भर में एक अच्छा माहौल तैयार हुआ है। पठानकोट में हजारों युवा हाथों में मशाल लिए शामिल हुए। मशाल कांग्रेस का चिन्ह नहीं है। यह शिवसेना (ठाकरे गुट) का चिन्ह है। देश जगाने के लिए सबके हाथों में मशाल जरूरी है।

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विमान में पेशाब कांड के आरोपी शंकर मिश्रा पर बड़ा एक्शन, लगाया 4 महीने के लिए प्रतिबंध

एयर इंडिया ने एक बुजुर्ग महिला सह-यात्री पर पेशाब करने के आरोपी शंकर मिश्रा पर चार महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एयरलाइन ने इस मामले पर एक आंतरिक रिपोर्ट भी दायर की है। आरोपी शंकर मिश्रा पर आरोप है कि उसने नशे की हालत में पिछले साल 26 नवंबर को एयर इंडिया की न्यूयॉर्क-नई दिल्ली उड़ान में महिला सहयात्री पर पेशाब किया। एयर इंडिया ने शुरुआत में आरोपी यात्री पर विमान में यात्रा करने पर 30 दिन का प्रतिबंध लगाया गया था और स्थिति से निपटने में चालक दल के सदस्यों से हुई चूक की जांच के लिए एक आंतरिक समिति का गठन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट अब आई है।

आरोपी शंकर मिश्रा न्यायिक हिरासत में

आरोपी शंकर मिश्रा को 7 जनवरी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पीड़ित महिला की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने चार जनवरी को आरोपी शंकर मिश्रा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 354, 509, 510 और विमान कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। बीते 7 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने शंकर मिश्रा को बेंगलुरु शहर के संजय नगर इलाके से गिरफ्तार किया था, जहां स्थानीय पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद की थी।

महिला ने खुद ही अपने ऊपर पेशाब किया – आरोपी शंकर मिश्रा

पिछले हफ्ते 13 जनवरी को आरोपी शंकर मिश्रा ने दिल्ली की एक अदालत से कहा था कि उसने आपत्तिजनक कृत्य नहीं किया। इसके साथ ही उसने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि महिला ने खुद ही अपने ऊपर पेशाब किया था। कथित घटना को लेकर कुछ सहयात्रियों द्वारा आरोपी की निंदा किए जाने और घटना होने के संबंध में पीड़ित महिला के साथ आरोपी के व्हाट्सऐप संदेशों के बावजूद पहली बार उसके वकील ने दावा किया कि घटना हुई ही नहीं थी।

न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट में हुआ था यह मामला

चार जनवरी को दर्ज एफआईआर के मुताबिक, महिला सहयात्री पर कथित तौर पर पेशाब करने वाले शंकर मिश्रा ने पीड़िता से माफी मांगी थी। शिकायत नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा था कि वह नहीं चाहता कि उसकी हरकत की वजह से उसकी पत्नी और बच्चे परेशान हों। प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता ने कहा कि उनके न चाहते हुए भी उन्हें आरोपी से बात करके मामला सुलझाने को कहा गया।

प्राथमिकी के अनुसार, 26 नवंबर को एआई-102 विमान में भोजन दिए जाने के बाद जब बत्तियां बंद की गईं। तो ‘बिजनेस क्लास’ में 8ए सीट पर बैठा नशे में धुत्त एक पुरुष यात्री एक बुजुर्ग महिला की सीट के पास गया और उन पर पेशाब कर दिया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने पीड़ित महिला का 164 का बयान मजिस्ट्रेट के सामने रिकॉर्ड करा दिया। पिछले दिनों पुलिस ने कहा था कि महिला जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं।

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मुंबई पुलिस की हिरासत में राखी सावंत, शर्लिन चोपड़ा से जुड़ा है मामला

बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। शर्लिन चोपड़ा मामले में अब राखी को एक और झटका लगा है। हाल ही में आदिल खान दुर्रानी से शादी रचाने वालीं बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत एक बार फिर से मुसीबत में फंस गई हैं। मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड की ‘ड्रामा क्वीन’ अभिनेत्री राखी सावंत को हिरासत में ले लिया है और थाने में उनसे पूछताछ जारी है।

राखी सावंत पर आरोप है कि उन्होंने कुछ समय पहले मॉडल शर्लिन चोपड़ा की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो को सर्कुलेट किया था। पुलिस के मुताबिक, अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा की शिकायत के बाद राखी सावंत को लगातार पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा था, लेकिन वो नहीं आ रहीं थीं।

इसके बाद आज पुलिस की एक टीम उनके घर गई और उन्हें डिटेन करके अंबोली पुलिस स्टेशन ले आई। फिलहाल, पुलिस स्टेशन में राखी सावंत से पूछताछ की जा रही है। अभी कुछ समय बाद पुलिस राखी सावंत को अंधेरी कोर्ट में पेश करेगी।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, कुछ समय पहले शर्लिन चोपड़ा ने आरोप लगाया था कि राखी और वकील फाल्गुनी ने मीडिया के सामने गलत भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनका अश्लील वीडियो दिखाया था। मुंबई पुलिस ने छेड़छाड़ और आईटी एक्ट के अंतर्गत दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

जब शर्लिन ने बिग बॉस 16 के कंटेस्टेंट साजिद खान की शो में एंट्री को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि मीटू के आरोपी की ‘बिग बॉस’ में एंट्री नहीं होनी चाहिए। इसके बाद, राखी सावंत ने साजिद खान का सपोर्ट किया और शर्लिन पर घिनौने आरोप लगाए थे। दोनों तब से एक-दूसरे को भला-बुरा कहते नजर आते रहे हैं।

शर्लिन ने दी राखी की गिरफ्तारी की जानकारी

राखी सावंत की गिरफ्तारी की खबर की पुष्टि खुद शर्लिन चोपड़ा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर की है। राखी की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए शर्लिन ने ट्वीट किया, ‘ब्रेकिंग न्यूज… अंबोली पुलिस ने प्राथमिकी 883/2022 के संबंध में राखी सावंत को गिरफ्तार किया है। कल राखी सावंत के एबीए 1870/2022 को मुंबई सत्र अदालत ने खारिज कर दिया था।

बहुत पुरानी है राखी और शर्लिन में तकरार

राखी सावंत और शर्लिन चोपड़ा के बीच काफी समय से तकरार चलती आ रही है। अक्सर दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाते दिखती रही हैं। एक बार तो राखी सावंत ने शर्लिन चोपड़ा को पोर्न स्टार तक कह दिया था। जिसके बाद शर्लिन ने भी पलटवार किया था और राखी सावंत पर पति और ब्वॉयफ्रेंड बदलने का आरोप मढ़ा था। शर्लिन ने कहा था कि राखी भाड़े के पति और ब्वॉयफ्रेंड रखती हैं और उन्हें कंगाल करने के बाद छोड़ देती हैं।

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यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आशीष मिश्रा की जमानत का किया विरोध, फैसला सुरक्षित

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट बताया कि उसने आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत याचिका का विरोध किया था। साथ ही कोर्ट को अवगत कराया कि घटना के चश्मदीद गवाह ने आरोपी मिश्रा को मौके से भागते देखा था और यह बात चार्जशीट में भी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट में कहा कि अपराध गंभीर श्रेणी का है और ऐसे में आरोपी को जमानत देना समाज पर बुरा असर डाल सकता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा गंभीर और जघन्य अपराध के दो संस्करण

इस मामले की सुनवाई कर रही बेंच ने कहा कि गंभीर और जघन्य अपराध के दो संस्करण होते हैं और वह किसी भी संस्करण पर टिप्पणी नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा प्रथम दृष्टया में हम यह मान रहे हैं कि वह घटना में शामिल थे और एक आरोपी है, वह निर्दोष नहीं है। बेंच ने पूछा कि क्या यह राज्य का मामला है कि उसने सबूत नष्ट करने का प्रयास किया? इस पर अतिरिक्त महाधिवक्ता ने जवाब दिया, अब तक तो ऐसा नहीं हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट ने विरोध करने की पूछी वजह

जब सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका का विरोध करने की वजह पूछी तो उत्तर प्रदेश सरकार की एडिशनल एडवोकेट जनरल गरिमा प्रसाद ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ को बताया कि अपराध गंभीर श्रेणी का है और आरोपी को जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा। आशीष मिश्रा की जमानत याचिका का विरोध करने वाले लोगों की तरफ से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे कोर्ट में पेश हुए।

दुष्यंत दवे ने भी कहा कि आरोपी को जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक साजिश और सुनियोजित तरीके से की गई हत्या थी। दवे ने कहा कि आरोपी एक प्रभावशाली व्यक्ति का बेटा है और इसका केस भी मजबूत वकीलों द्वारा लड़ा जा रहा है।

वरिष्ठ वकील मुकुल ने ने किया दलील का विरोध

वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी आरोपी आशीष मिश्रा की तरफ से कोर्ट में पेश हुए और दुष्यंत दवे की दलील का विरोध किया और कहा कि वह कौन है? कितना ताकतवर है? क्या यह जमानत ना देने की वजह है! मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि उनका मुवक्किल बीते एक साल से ज्यादा समय से जेल में बंद है और जिस तरह से ट्रायल चल रहा है, वह पूरा होने में 7-8 साल लेगा।

उन्होंने कहा कि जिस जगजीत सिंह ने मामले में शिकायत की है, वह चश्मदीद गवाह नहीं है और उसकी शिकायत सिर्फ अफवाह पर आधारित है। मुकुल रोहतगी ने ये भी कहा कि उनका मुवक्किल अपराधी नहीं है और उसका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा

यूपी सरकार ने इस दौरान अदालत को चार्जशीट के बारे में भी अवगत कराया जिसमें गवाहों ने कहा है कि घटना के दौरान मिश्रा मौके से भाग रहा था। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कथित अपराध गंभीर प्रकृति के थे और ऐसे मामलों में जमानत देने से समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाले आरोपी आशीष मिश्रा की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली आशीष मिश्रा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

एसयूवी से चार किसानों को कुचला

आपको बता दे कि तीन अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में उस समय हुई हिंसा में आठ लोग मारे गए थे, जब किसान क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का विरोध कर रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार, एक एसयूवी ने चार किसानों को कुचल दिया था, जिसमें आशीष मिश्रा भी सवार था।

घटना से आक्रोशित किसानों ने एसयूवी के चालक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर पीट पीटकर जान ले ली थी। हिंसा में एक पत्रकार भी मारा गया था।

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जंतर-मंतर बना कुश्ती का ‘अखाड़ा’, समाधान होने तक नहीं खेलेंगें पहलवान

भारतीय कुश्ती में अचानक एक बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। देश के लिए मेडल जीतने वाले पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ यानी रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के चीफ पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। जिसको लेकर रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के चीफ बृजभूषण सिंह पहलवानों पर कई इल्जाम लगाए।

बृजभूषण शरण सिंह पर कार्रवाई को लेकर रेसलर दिल्ली के जंतर मंतर पर आज दूसरे दिन भी धरना दे रहे हैं। धरने के दूसरे दिन पहलवानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और जवाब दिया। इस दौरान रेसलर बजरंग पूनिया ने कहा कि ये हमारे सम्मान की लड़ाई है। पहलवानों के धरने पर राजनीति ना हो। विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया समेत करीब 30 पहलवान भारतीय कुश्ती संघ के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए है।

संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कई कोच के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगे। इसके बाद दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ। अब खेल मंत्रालय ने इस मामले में भारतीय कुश्ती संघ से जवाब मांग लिया है।

विदेश भागने की फिराक में बृजभूषण

रेसलर बजरंग पूनिया ने कहा कि हम अपने लिए खुद लड़ सकते हैं। अगर हम अपने देश के लिए लड़ सकते हैं तो हम अपने अधिकारों के लिए भी लड़ सकते हैं। बजरंग पूनिया ने कहा कि खिलाड़ियों को दवाब महसूस करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन के अध्यक्ष विदेश भागने की फिराक में हैं।

इस दौरान पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि किसी से डरने की जरूरत नहीं है। हमारी लड़ाई रेसलिंग की भलाई के लिए है। विनेश फोगाट ने कहा कि आपका समर्थन ही हमारी ताकत है। हम अपनी मेहनत से यहां तक आए हैं और किसी को डरने की जरूरत नहीं है।

कुश्ती संघ को देना होगा जवाब

केंद्रीय खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। कुश्ती संघ को पहलवानों के आरोपों पर अगले 72 घंटों के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। सरकार की ओर से पहलवान और बीजेपी नेता बबीता फोगाट बातचीत के लिए आई हैं। धरनास्थल पर पहंचकर बबीता ने कहा कि सरकार ने कुश्ती संघ से जवाब मांगा है।

उन्होंने कहा कि कुश्ती संघ को 72 घंटों में जवाब देना है। बबीता ने कहा कि सभी परिवार मेरे लिए परिवार के समान हैं। सरकार पहलवानों के साथ है। इतने संगीन आरोप ऐसे नहीं लगाए जाते। बबीता ने कहा कि मेरी कोशिश है कि सरकार आज ही हल निकले।

महिला कुश्ती खिलाड़ियों का कैंप रद्द

महिला राष्ट्रीय कुश्ती प्रशिक्षण शिविर रद्द कर दिया गया है। यह शिविर लखनऊ के भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में 18 जनवरी से शुरू होना था और इसमें 41 पहलवानों और 13 प्रशिक्षकों सहित कई सहायक कर्मचारी शामिल होने वाले थे।

खिलाड़ियों के होटल में रुकते थे बृजभूषण सिंह – अंशु मलिक

विनेश फोगाट के बाद पहलवान अंशु मलिका ने भी बृजभूषण सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बृजभूषण खिलाड़ियों के होटल में रुकते थे और अपना कमरा खुला रखते थे।

कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने की खेल मंत्री से बात

आरोपों से घिरे कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से बात की है। उन्होंने अपने आरोपों पर खेल मंत्री को सफाई दी है। इससे पहले खेल मंत्रालय ने कुश्ती संघ से 72 घंटे के अंदर पहलवानों के आरोपों पर जवाब मांगा था।

आरोपों की जांच हो – प्रियंका गांधी

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इस मामले को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा “हमारे खिलाड़ी देश की शान हैं। विश्व स्तर पर अपने प्रदर्शन से वे देश का मान बढ़ाते हैं। कुश्ती फेडरेशन व उसके अध्यक्ष पर खिलाड़ियों ने शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन खिलाड़ियों की आवाज सुनी जानी चाहिए। आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रदर्शन में पहुंचीं वृंदा किरात

सीपीएम नेता वृंदा करात भी पहलवानों के प्रदर्शन में पहुंची हैं। हालांकि, उन्हें मंच पर नहीं चढ़ने दिया गया और उन्होंने पहलवानों से बातचीत की। बजरंग पूनिया पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनका प्रदर्शन किसी राजनीतिक दबाव में नहीं हो रहा है। वह कुश्ती की भलाई के लिए विरोध कर रहे हैं। उन्हें किसी राजनेता के समर्थन की जरूरत नहीं है।

गीता और बबीता ने भी किए कुश्ती पहलवानों के समर्थन में ट्वीट

पहलवान गीता फोगाट और बबीता फोगाट ने भी ट्वीट कर पहलवानों का समर्थन किया है। गीता ने लिखा “आज बहुत दुख: हुआ यह तस्वीर देखकर की हमारे देश के गौरव ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी दिल्ली मे जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे है। ये तानाशाही बंद होनी चाहिये आज हम पूर्ण रूप से अपने खिलाड़ी साथियो की मांगों का समर्थन करते है।

जब तक समाधान नहीं होगा तबतक कोई रेसलर नहीं खेलेगा

वहीं बबीता फोगाट के बाद बजरंग पुनिया ने कहा कि इस धरने को राजनीति का अखाड़ा ना बनाएं। उन्होंने कहा कि बृजभूषण सिंह पहलवानों की आवाज दबाते हैं। कुश्ती फेडरेशन बंद होनी चाहिए। पूनिया ने कहा कि मांगे पूरी होने तक हम यहीं रुकेंगे। वहीं इस दौरान विनेश फोगाट ने ऐलान किया कि जबतक हमारा समाधान नहीं होगा तब तक कोई रेसलर नहीं खेलेगा।

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लखनऊ में अश्लीलता की हदें पार, बीच सड़क स्कूटी पर रोमांस करते दिखे युवक-युवती

राजधानी लखनऊ के हजरतगंज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक वीडियो में देखा जा रहा है कि युवक-युवती चलती स्कूटी पर एक दूसरे को किस कर रहा है। युवती युवक की गोद में पीछे की तरफ मुंह करके बैठी है। मामले में युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। वैसे तो यूपी में इस वक्त सड़क सुरक्षा अभियान चल रहा है।

लेकिन उसके बाद भी राजधानी लखनऊ से ऐसा वीडियो सामने आया जो ट्रैफिक पुलिस का मखौल उड़ा रहा है। लखनऊ के पॉश मार्केट हजरतगंज में एक युवक और युवती बीच सड़क पर अश्लीलता की हदें पार करते दिखे।

यातायात माह में युवक-युवती ने उड़ाई न‍ियमों की धज्‍ज‍ियां

सरे शाम युवक-युवती यातायात माह में वाहन चलाते हुए यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए हजरतगंज में गाड़ी चलाते रहें पर पुलिस कर्मी उन्हें रोककर चालान नहीं कर सका। जब यह वीडियो ट्विटर पर प्रसारित हुए तो यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडल से ट्रैफिक पुलिस और पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

युवक-युवती पर हुई कार्यवाही

युवक पर मोटर व्हीकल एक्ट और अश्लीलता फैलाने के आरोप में कार्यवाही हुई । युवक-युवती का वीडियो इनके पीछे चल रहे लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था। वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस सीसीटीवी कैमरे की मदद से युवक को ढूढ़ने में कामयाब रही। इंस्पेक्टर हजरतगंज ने बताया कि दोनों की गाड़ी का नंबर वीडियो में स्पष्ट नहीं दिख रहा है। हाईटेक कैमरों और मार्ग पर लगे सीसी कैमरों की पड़ताल कर गाड़ी नंबर की जानकारी की गई।

इसेक साथ ही स्कूटी सवार युवक-युवती का भी पुल‍िस ने पता लगाया। इसके बाद युवक की स्‍कूटी का चालान क‍िया। आरोपी की पहचान विक्की शर्मा के रूप में हुई है, साथ ही यह भी पता चला है कि स्कूटी पर जो लड़की थी वह नाबालिग है। विक्की शर्मा के खिलाफ अश्लीलता फ़ैलाने और शांति भंग करने की कोशिश में गिरफ्तारी हुई।

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जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ाया गया, जून 2024 तक बने रहेंगे भाजपा अध्यक्ष

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यकाल को बढ़ा दिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया है कि नड्डा के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाया गया है। नड्डा की अध्यक्षता में ही लोकसभा का चुनाव लड़ा जाएगा और जून 2024 तक जेपी नड्डा बीजेपी के अध्यक्ष रहेंगे। शाह ने ये भी कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। मोदी की लोकप्रियता को वोट में बदलने में नड्डा कामयाब रहे हैं। मन की बात को जन कार्यक्रम बनाने में बीजेपी कामयाब रही है। 2024 में 2019 से भी ज्यादा सीटें जीतेंगे।

भाजपा कार्यकारिणी में हुआ प्रस्ताव पास

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकारिणी में ये प्रस्ताव पास हुआ। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह प्रस्ताव रखा और सभी ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी।

अगले एक साल में भाजपा के सामने कई अहम चुनौती

अगले साल 2024 में प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार देश की जनता से जनमत मांगेगे। उसके पहले 2023 में 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और यह चुनाव आम चुनाव को लेकर राजनीतिक धारणा बनाने में भूमिका निभाते हैं। इनमें खासतौर पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक में पार्टी का प्रदर्शन लोकसभा की दृष्टि से बेहद अहम होगा। गौरतलब है कि इन राज्यों की 93 में से 87 सीटें इस समय पार्टी के पास है।

विधानसभा-लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति बना रही भाजपा

सूत्रों की मानें तो भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में विधानसभा और लोकसभा चुनाव की पर अलग-अलग चर्चा हुई। इस साल त्रिपुरा, नागालैंड, मेघालय, कर्नाटक, मिजोरम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें से ज्यादातर राज्यों में भाजपा या फिर उसके सहयोगी दलों की सरकार है।

बैठक में इन राज्यों में सत्ता बचाने और राजस्थान, छत्तीसगढ़ में सत्ता में वापसी पर गंभीर विमर्श हुआ। खासतौर से छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव को केंद्र की सत्ता के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है।

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रोहित की पुण्यतिथि को लेकर लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन आमने-सामने, हुई मारपीट

लखनऊ विश्वविद्यालय में रोहित वेमुला की पुण्यतिथि मनाने को लेकर वामपंथी छात्र संगठन और एबीवीपी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। इस दौरान दोनों संगठनों के छात्रों के बीच धक्कामुक्की हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों गुटों के बीच रोहित वेमुला की पुण्यतिथि को लेकर जमकर बवाल हुआ है। कैंपस रोहित वेमुला अमर रहे और जय श्री राम के नारों से गूंज उठा।

वहीं मामले की जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में पुलिस कैंपस में पहुंची, लेकिन दोनों गुट एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान पुलिस ने दोनों गुटों में समझौता कराने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस और प्रॉक्टर राकेश द्विवेदी के बीचबचाव करने के बाद मामला शांत हुआ।

लखनऊ यूनिवर्सिटी को जेएनयू नहीं बनने देंगे

आइसा नेताओं का कहना है कि उनकी ओर से किसी भी प्रकार से उकसावे वाली कोई कार्रवाई नहीं की गई। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यक्रम में खलल डालने की कोशिश की, जिससे विवाद पैदा हुआ। उधर एबीवीपी के नेता और कार्यकर्ता भी सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।

एबीवीपी समर्थक छात्रों का कहना है कि हम लखनऊ विश्वविद्यालय को जेएनयू नहीं बनने देंगे और जय श्रीराम के नारे लगाए। पुलिस को उन्हें वहां से हटाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने लाठीचार्ज से इंकार कर दिया है।

लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर ने नहीं दी पुण्यतिथि मनाने की अनुमति

प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रॉक्टर राकेश द्विवेदी ने एलयू परिसर में पुण्यतिथि मनाने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद भी आइसा के छात्रों ने गेट नंबर-5 से मार्च निकाला, साथ ही बिना अनुमति परिसर के अंदर जबरदस्ती पुण्यतिथि मनाने की कोशिश की, जिसके बाद हंगामा हुआ। एबीवीपी के छात्रों ने इसका विरोध किया। जिसके बाद एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू हो गई।

यूनिवर्सिटी हॉस्टल में दी थी रोहित ने जान

बता दें कि रोहित वेमुला हैदराबाद सेंट्रल विश्वविद्यालय में पीएचडी का छात्र था। 26 वर्षीय रोहित वेमुला ने कथित तौर पर 17 जनवरी 2016 को यूनिवर्सिटी के हॉस्टल के एक कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। वे यूनिवर्सिटी में अंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन का सदस्य था। छात्रों का एक बड़ा हिस्सा उसकी आत्महत्या को संस्थागत हत्या मानता है। उसकी आत्महत्या का मामला लंबे वक़्त तक सुर्खियों में छाया रहा था और आज भी इस बारे में चर्चा होती है।

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चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में आप की करारी हार, 1 वोट से नगर निगम पर बीजेपी का कब्जा

चंडीगढ़ का नया मेयर कौन होगा, यह आज साफ हो गया। बीजेपी ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में परचम लहराया है। बीजेपी को 15 वोट हासिल हुए हैं, जबकि आम आदमी पार्टी को 14 वोट मिले हैं। दिल्ली नगर निगम की तरह ही चंडीगढ़ नगर निगम में भी बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला था। चंडीगढ़ के नए मेयर बीजेपी के अनूप गुप्ता होंगे।

बीजेपी के अनूप गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के जसबीर सिंह लाड्डी को शकस्त दी है। जसबीर सिंह को 14 वोट मिले थे, जबकि अनूप गुप्ता को 15 वोट मिले। कुल 29 वोट पड़े थे। कोई क्रॉस वोटिंग नहीं हुई। यानी 1 वोट के अंतर से बीजेपी ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में जीत हासिल की है। भाजपा के ही कंवरजीत सिंह सीनियर डिप्टी मेयर चुने गए हैं। कंवरजीत सिंह ने आप की तरुणा मेहता को हराया। इस चुनाव का कांग्रेस और अकाली दल पहले ही बहिष्कार कर चुके थे।

बता दें कि इस चुनाव में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल की ओर से कोई प्रत्याशी नहीं उतारा गया था। कांग्रेस के पास 6 काउंसलर हैं, जबकि एक काउंसलर शिरोमणि अकाली दल का है।

सांसद भी वोट डालते हैं

दिसंबर 2021 में नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसके 14 काउंसलर जीते थे। बीजेपी के 12 काउंसलर जीते थे, जबकि कांग्रेस के 8 और शिरोमणि अकाली का 1 काउंसलर जीता था। चुनाव के बाद में कांग्रेस काउंसलर हरप्रीत कौर बबला बीजेपी में शामिल हो गई थी। जून 2021 में कांग्रेस काउंसलर गुरचरनजीत सिंह काला भी बीजेपी में शामिल हो गए थे। अब आप और बीजेपी दोनों के 14 काउंसलर हैं, जबकि चंडीगढ़ की सांसद किरन खेर भी नगर निगम की मेंबर हैं और वोट डालती हैं।

गुरबख्श रावत के आप में शामिल होने की अफवाह

चुनाव से पहले ही कांग्रेस की स्टार पार्षद गुरबख्श रावत के आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने की चर्चा तेज हो गई। इससे संबंधित एक फोटो भी तेजी से वायरल हो गई। वहीं कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे घटिया राजनीति बताया। वहीं गुरबख्श रावत कांग्रेस पार्षदों के साथ मीडिया के सामने भी आईं।

सांसद ने लगाया जय श्री राम का नारा

सांसद किरण खेर ने अपना वोट दिया और फिर जय श्री राम का नारा लगाया। इसके जवाब में आप पार्षदों ने जो बोले सो निहाल का नारा लगाया। इस दौरान वोटिंग पेपर में प्रिंट में स्याही के निशान पर बवाल हो गया हालांकि पीठासीन अधिकारी ने कहा कि इससे कोई समस्या नहीं होगी। अभी तक 10 वार्ड के पार्षद वोट दे चुके हैं।

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भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी की सुरक्षा में फिर हुई चूक ,गले लगा युवक

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी की सुरक्षा में फिर सेंध का मामला सामने आया है। इस बार एक बार नहीं बल्कि दो-दो बार उनकी सुरक्षा में सेंध लगी है। राहुल गांधी आज पंजाब के होशियारपुर जिले में अपनी यात्रा निकाल रहे हैं। इसी दौरान टांडा में एक युवक अचानक उनके करीब आ गया और उनके गले लगने की कोशिश की। ये सबकुछ अचानक इतनी तेजी से हुआ कि कोई कुछ समझ ही नहीं पाया।

हालांकि राहुल के आसपास मौजूद लोगों ने उसे तुरंत वहां से हटाया। बाद में पंजाब प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंंग और सुरक्षा कर्मियों ने उसे पीछे हटाया। पुलिस के अनुसार, युवक राहुल गांधी को देखकर क्रेजी हो गया और भागकर उनसे लिपट गया। उसे हिरासत में ले लिया गया है और पूछताछ की जा रही है।

थ्री लेयर सुरक्षा में हैं राहुल

राहुल गांधी को पंजाब में थ्री लेयर सिक्योरिटी के बीच रखा गया है। सिक्योरिटी एजेंसी की येलो बुक के मुताबिक राहुल गांधी को जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। उनकी सुरक्षा में 58 कमांडो, 10 आर्म्ड स्टैटिक गॉर्ड, 6 पी एस ओ एक समय में राउंड द क्लॉक, 24 जवान 2 एस्कॉर्ट में राउंड द क्लॉक, 5 वाचर्स दो शिफ्ट में रहते हैं। इसके अलावा एक इंस्पेक्टर या सब इंस्पेक्टर इंचार्ज के तौर पर तैनात रहता है। राहुल गांधी को जेड प्लस सुरक्षा में घेरे में रखने के बाद उनके लिए आगे आला पुलिस अधिकारियों का घेरा है। जिसके बाद एक घेरा सादी वर्दी में पुलिस है और उसके बाद पंजाब पुलिस के जवान तैनात हैं।

दूसरा युवक भी पहुंचा राहुल के करीब

इसके अलावा होशियारपुर में ही एक और संदिग्ध युवक भी राहुल के करीब पहुंच गया था। दरअसल, राहुल गांधी की यात्रा टी ब्रेक का लिए रूकी थी कि वहां एक युवक राहुल गांधी के काफी करीब पहुंच गया। जिसके बाद वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे हटाया। दोनों घटनाएं 35 मिनट के अंदर हुई है। इस घटना के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहा हैं कि कैसे कोई इतनी कड़ी सुरक्षा को तोड़कर राहुल गांधी के करीब पहुंच गया।

राहुल की सुरक्षा में नहीं हुई चूक – अमरिंदर सिंह

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा कि राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि राहुल के कहने पर युवक अंदर आया था और उसकी कोई गलत मंशा नहीं थी। बता दें राहुल गांधी की सिक्योरिटी में चूक हुई है। तस्वीरें कैमरे पर कैद हुई है। लेकिन दिल्ली में सुरक्षा चूक पर शोर मचाने वाली कांग्रेस इस बार खामोश है।

पंजाब दौरे पर है भारत जोड़ो यात्रा

बता दें कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा इन दिनों पंजाब दौरे पर है। कड़ाके की ठंड में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में मंगलवार सुबह पंजाब के टांडा से फिर शुरू हुई। कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, हरीश चौधरी और राजकुमार चब्बेवाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को गांधी के साथ देखा गया। इससे पहले भारत जोड़ो यात्रा पंजाब के जालंधर में थी। इस दौरान सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने भारत जोड़ो यात्रा में हिस्सा लिया था।

पंजाब को पंजाबी कल्चर से चलाना होगा – राहुल गाँधी

होशियारपुर में पत्रकारवार्ता में राहुल गांधी ने एक बार फिर भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब को पंजाबी कल्चर के अनुसार ही चलाना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी यात्रा नफरत, हिंसा और बेरोजगारी के खिलाफ हे। 2024 में राम मंदिर खोलने और चुनाव के सवाल पर राहुल ने कहा कि हम नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलते जाएंगे। राहुल ने कहा कि देश के संस्थानों पर भाजपा और आरएसएस का कब्जा हो गया है। वहीं एक व्यक्ति के सुरक्षा घेरा तोड़कर उन्हें गले लगाने पर सुरक्षा चूक के सवाल पर राहुल ने कहा कि ये सुरक्षा चूक नहीं थी। ऐसा होता रहता है। वो व्यक्ति उत्साह में आ गया था।

राहुल ने सीएम भगवंत मान पर साधा था निशाना

भारत जोड़ो यात्रा के पंजाब में पांच दिन बीतने के बाद राहुल गांधी ने सोमवार को मुख्यमंत्री मान को निशाने पर लिया था। राहुल ने कहा कि सीएम मान को दिल्ली में बैठे अरविंद केजरीवाल का रिमोट कंट्रोल नहीं बनना चाहिए। उन्हें स्वतंत्र रूप से राज्य को चलाना चाहिए। उन्होंने कहा, हमने पंजाब में जितनी बार कांग्रेस की सरकार बनाई, वह पंजाब से ही चली।

हिंदुस्तान के हर प्रदेश का अपना इतिहास, भाषा और जीने का तरीका होता है। मैं पंजाब के सीएम भगवंत मान से कहना चाहता हूं कि आप पंजाब के मुख्यमंत्री हैं, पंजाब को पंजाब से ही चलाना चाहिए। मुख्यमंत्री मान को अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के दबाव में नहीं आना चाहिए। यह पंजाब के सम्मान की बात है। किसानों-मजदूरों की बात सुनकर खुद फैसले लेने चाहिए।

read more : दाऊद के भांजे आलीशाह ने एनआईए की पूछताछ में उगले राज, डॉन ने की दूसरी शादी

दाऊद के भांजे आलीशाह ने एनआईए की पूछताछ में उगले राज, डॉन ने की दूसरी शादी

एनआईए की पूछताछ में दाऊद इब्राहिम के भांजे अलीशाह इब्राहिम पारकर ने डॉन को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। दाऊद की बहन हसीना पारकर के बेटे अलीशाह ने एनआईए की पूछताछ में बताया है कि डॉन ने एक पाकिस्तानी महिला से दूसरी शादी की है। उसने कहा कि दाऊद यह बात फैला रहा है कि दूसरी शादी करने के लिए उसने अपनी पहली पत्नी महजबीन को तलाक दे दिया है, लेकिन ऐसा नहीं है। सूत्रों के मुताबिक महजबीन अभी भी दाऊद इब्राहिम के साथ ही रहती है। बताया जा रहा है कि दाऊद इब्राहिम की दूसरी बीवी पाकिस्तानी है और पठान है।

ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि दाऊद इब्राहिम ने पाकिस्तान में अपना ठिकाना भी बदल लिया है। पाकिस्तानी आर्मी और खुफिया एजेंसी आईएसआई ने दाऊद का ठिकाना बदला है। सुरक्षा के लिहाज से कराची शहर में ही दाऊद इब्राहिम को किसी दूसरी जगह पर शिफ्ट किया गया है। उसने साथ ही कहा कि ‘डी कंपनी’ का कारोबार चलाने के लिए इन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन का सिस्टम डिवेलप किया गया है।

दाऊद इन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन के जरिये पहुँचता है सन्देश

एनआईए की जांच में पता चला कि गिरफ्तार किए गए आरिफ अबुबकर शेख उर्फ आरिफ भाईजान और उसके भाई शब्बीर शेख ने छोटा शकील के साथ कम्यूनिकेशन के लिए एक ऐसा स्ट्रॉन्ग नेटवर्क बुन रखा था जिसकी भनक जांच एजेंसियों तक को नहीं थी। छोटा शकील का बहनोई आरिफ ‘डी कंपनी’ से सम्पर्क साधने के लिए एक इन्क्रिप्टेड मैसेज रिकॉर्ड करता और फिर उसे शब्बीर शेख को भेजता था। शब्बीर यह मैसेज दुबई में बैठे मिडलमैन और डी कंपनी के हैंडलर जैद को भेजता और फिर जैद से मैसेज कराची में बैठे छोटा शकील और फिर दाउद तक पहुंचता।

परिवार के संपर्क में रहती है दाऊद की पत्नी

अलीशाह ने बताया कि दाऊद किसी से संपर्क में नहीं रहता लेकिन उसकी पत्नी महजबीन हर त्योहार और हर मौके पर वॉट्सऐप कॉल के जरिए भारत में मौजूद परिवार के हर सदस्य से संपर्क जरूर करती है। उसने बताया कि दाऊद इब्राहिम ने ‘डी कंपनी’ को चलाने के लिए एक ऐसा सिस्टम विकसित किया है जिसके जरिए उसका आदेश सीधे उसके लोगों तक पहुंच सके। एनआईए को ‘डी कंपनी’ के उस नेटवर्किंग सिस्टम की जानकारी मिली है जिसके जरिए उसके आदेश कई फिल्टर्स के बाद छोटा शकील के जरिए उसके गुर्गों तक पहुंचते थे।

दाऊद इब्राहिम ने बदल लिया है ठिकाना

अलीशाह ने बताया कि दाऊद की दूसरी पत्नी एक पाकिस्तानी पठान है। उसने एनआईए की पूछताछ में बताया कि दाऊद इब्राहिम सबको यही बता रहा है कि उसने दूसरी शादी करने के लिए अपनी पहली पत्नी महजबीन को तलाक तक दे दिया है लेकिन ऐसा नहीं है। अलीशाह ने बताया कि दाऊद ने अपना पता बदल दिया है और अब वह कराची के अब्दुल्ला गाजी बाबा दरगाह के पीछे स्थित रहीम फाकी के पास डिफेंस एरिया में रहता है। अलीशाह इब्राहिम पारकर ने एनआईए को बताया कि दाऊद और महजबीन कुछ महीने पहले जुलाई 2022 में दुबई में मिले थे।

दूसरी शादी जांच एजेंसियों का फोकस हटाने की हो सकती कोशिश

दाऊद की बहन हसीना पारकर के बेटे अली शाह ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी-एनआईए को दिए एक बयान में ये खुलासा किया। दाऊद की बहन हसीना पारकर के बेटे अली शाह ने सितंबर 2022 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सामने ये बयान दिया था। दाऊद की बहन हसीना पारकर के बेटे शाह के मुताबिक दाऊद की दूसरी शादी महजबीन से जांच एजेंसियों का फोकस हटाने की कोशिश भी हो सकती है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कई जगहों पर छापेमारी की थी और दाऊद इब्राहिम के आतंकी नेटवर्क के सिलसिले में सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की थी।

बड़ी टीम बना रहा दाऊद

एनआईए को ये भी जानकारी मिली है कि दाऊद इब्राहिम देश के बड़े नेताओं और कारोबारियों पर हमला करने की फिराक में है। इसके लिए वो स्पेशल टीम बना रहा है। यह टीम कई शहरों में हिंसा भी फैला सकती है। एनआईए इस मामले की जांच के दौरान दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर के बेटे अलीशाह पारकर का बयान दर्ज किया।

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बडगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, दो आतंकी ढेर

आतंकियों द्वारा घाटी में लगातार टारगेट किलिंग के बाद सेना ने मोर्चा संभाल रखा है। बढ़ते टारगेट किलिंग को देखते हुए सेना ने जम्मू-कश्मीर में ‘सफाई अभियान’ चला रखा है। खबर है कि कश्मीर के बड़गाम में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए हैं। ये मुठभेड़ मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के जिला अदालत परिसर के पास हुई। सुरक्षाबलों को उनके पास से हथियार और गोला बारूद भी बरामद हुआ है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बडगाम जिला अदालत परिसर के पास एक विशेष इनपुट पर सेना और पुलिस की संयुक्त टीम की तरफ से नाका लगाया गया था। इस दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की गई। आतंकवादियों ने इसकी भनक लगते ही गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में दो आतंकवादी ढेर हो गए हैं।

टैक्सी में सवार थे आतंकी

मिली जानकारी के अनुसार, आतंकी एक टाटा सूमो टैक्सी में सवार थे। नाके पर मुस्तैद जवान वाहनों की तलाशी ले रहे थे। इस दौरान टैक्सी चालक को रुकने का इशारा किया गया। तभी वाहन के अंदर बैठे आतंकियों ने फायरिंग कर दी। वहीं, जवानों ने खुद का बचाव किया और फायरिंग में दो आतंकियों को ढेर कर दिया।

पुलवामा के थे दोनों आतंकी

कश्मीर के एडीजीपी ने आतंकियों के बारे में अधिक जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकियों की पहचान पुलवामा के अरबाज मीर और शाहिद शेख के रूप में हुई है। दोनों आतंकी प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे। हाल ही में हुई एक मुठभेड़ के दौरान दोनों आतंकी फरार हो गए थे।

दो दिन पहले भी हुई थी मुठभेड़

इससे पहले, रविवार को भी सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीन आतंकियों को सुरक्षा बलों ने घेर लिया था। बडगाम जिले के रेडबुग मागाम इलाके में इस वर्ष की पहली मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में आतंकी चकमा देकर भाग निकलने में सफल हुए थे।

भाग निकले थे आतंकी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बडगाम जिले के रेडबुग मागाम इलाके में आतंकियों की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। यहां सुरक्षाबलों ने कई बार आतंकियों को सरेंडर करने का मौका दिया, लेकिन वे नहीं माने और लगातार फायरिंग कर रहे।

इसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हुई है और कुछ देर बात आतंकियों ने फायरिंग रोक दी। हालांकि सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाले रखा ताकि आतंकियों को भागने का मौका न मिल सके। इस दौरान पता चला कि आतंकी भाग निकले हैं।

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आदिल ने कबूल की राखी संग अपनी शादी, ख़त्म हुआ राखी की शादी का तमाशा

बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन राखी सावंत के जिंदगी में बहुत ड्रामा हो रहा है। ये ड्रामा उनकी शादी को लेकर हो रहा है और इस रिश्ते को आदिल ने मनाने से इनकार कर दिया है। इस बात से राखी सावंत टूट सी गई हैं। एक्ट्रेस ने पैपराजी के सामने भी कभी रोना-धोना किया है। अब ड्रामा क्वीन एक्ट्रेस राखी सावंत पैपराजी के सामने फैंस पर भी गुस्सा करते नजर आई।

राखी सावंत ने हाल ही में अपने बॉयफ्रेंड आदिल के साथ निकाह किया है, लेकिन उसके बाद राखी मीडिया के सामने कई बार रोते हुए दिखाई दीं। अब राखी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें राखी का एक फैन उनके साथ सेल्फी लेने लगा तो राखी ने उसे बोला कि वो शादी शुदा है पहले की बात अलग थी। वही उधर राखी सावंत की शादी पर मचे बवाल और तमाशे पर फुल स्टॉप लगाते हुए आदिल खान दुर्रानी ने एक पोस्ट शेयर किया है।

आदिल ने फाइनली अपने इस निकाह को कुबूल कर लिया है और साथ ही अपनी पाप्पुड़ी यानी राखी के लिए एक मैसेज भी लिखा है। आदिल ने शादी पर हो रहे बवाल को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। आखिरकार इस ड्रामे पर फुल स्टॉप लग गया है।

सोशल मीडिया पर राखी रोती बिलखती दिखाई दी

पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर राखी सावंत के कई वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं, जहां वो रोती बिलखती दिखाई दे रही थी। जब से राखी और आदिल के निकाह की तस्वीरें मीडिया में आई थीं। तभी से इस बात पर सस्पेंस बना हुआ था कि आखिर राखी और आदिल की शादी हुई है या नहीं। क्योंकि राखी ने तो अपने इंस्टाग्राम पर ऑफऑफिशियल अनाउंसमेंट कर दिया था, लेकिन आदिल अब भी कुछ कहने से बच रहे थे। अब वो सस्पेंस भी खत्म हो गया है। आदिल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट शेयर कर ऑफिशियल अनाउंसमेंट कर निकाह को कुबूल कर लिकर लिया है।

शादी की फोटो के साथ आदिल ने लिखा लेटर

आदिल ने इस पोस्ट में शादी की फोटो के साथ राखी के नाम लेटर लिखा है। जिसमें आदिल ने लिखा, ‘अब आखिरी में सभी के लिए एक अनाउंसमेंट है। मैंने कभी नहीं कहा राखी कि मैंने आपसे शादी नहीं की है। बस कुछ चीजों को संभालना था, इसलिए मुझे चुप रहना पड़ा। हम दोनों को हैप्पी मैरिड लाइफ। राखी सावंत ने इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा, ‘थैंक्स जान, बहुत सारा प्यार’।

राखी ने शेयर किया रोमांटिक वीडियो

राखी सावंत ने रविवार को अपने इंस्टा अकाउंट से एक रोमांटिक वीडियो भी शेयर किया था। जिसमें वो वाइट कुर्ता पहने नजर आ रही थीं। इस वीडियो में राखी आदिल के साथ थी और इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘माय हसबैंड, माय लव आदिल’।

पिछले साल मई की थी शादी

राखी ने पिछले हफ्ते ही शादी की अनाउंसमेंट की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शादी की तस्वीरों और मैरिज सर्टिफिकेट के साथ अपने फैंस के साथ शादी की जानकारी दी। इस सर्टिफिकेट में शादी की डेट 29 मई 2022 नजर आ रही है। इसके साथ ही उन्होंने इस पोस्ट में लिखा, ‘मैंने अपनी शादी को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं। मैं आदिल को बेइंतहा चाहती हूं।’ राखी ने इसके साथ एक रील भी शेयर की थी जिसमें आदिल के गले में राखी वरमाला डालते हुए दिख रही हैं।

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कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत, बेटी की शादी के लिए मिली जमानत

रेप केस में सजा काट रहे भाजपा से निष्कासित कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। आपको बताते चले कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 2017 में उन्नाव में एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को अंतरिम जमानत दी है।

कोर्ट ने यह राहत सेंगर की बेटी की शादी के मद्देनजर दी है। बताते चलें कि सेंगर ने अपनी बेटी की शादी के आधार पर अंतरिम जमानत व सजा के निलंबन के लिए अर्जी दायर की थी। इससे पहले पिछली सुनवाई में सेंगर की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता कन्हैया सिंघल ने बताया था कि पूर्व बीजेपी विधायक की बेटी की शादी कार्यक्रम 18 जनवरी को शूरू हो रहा है और आठ फरवरी को शादी होगी।

कुलदीप सेंगर के तथ्यों को वेरिफाई करें सीबीआई

सुनवाई के दौरान जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने शादी के लंबे कार्यक्रम पर चिंता जताते हुए कहा था कि शादी को कम समय में भी निपटाया जा सकता है। इस पर सेंगर पक्ष के वकील ने कहा कि यह तारीख पुजारी द्वारा तय की गई है और बतौर पिता सेंगर के ऊपर कई जिम्मेदारियां हैं। इस पर कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह सेंगर के तथ्यों को वेरिफाई करें और कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें।

कुलदीप सेंगर की अपील पहले से ही उच्च न्यायालय में लंबित

उन्नाव दुष्कर्म मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली सेंगर की अपील पहले से ही उच्च न्यायालय में लंबित है। सेंगर ने ट्रायल कोर्ट के 16 दिसंबर, 2019 के उस फैसले को रद्द करने की मांग की है, जिसमें उन्हें दोषी ठहराया गया था। सेंगर ने 20 दिसंबर, 2019 के उस आदेश को रद्द करने की भी मांग की है, जिसमें उन्हें शेष जीवन के लिए कारावास की सजा सुनाई गई थी।

पांच मामले लखनऊ अदालत से दिल्ली की अदालत में हुए स्थानांतरित

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उन्नाव से मामले को दिल्ली स्थानांतरित किए जाने के बाद 5 अगस्त, 2019 को शुरू हुई सुनवाई को दिन-प्रतिदिन के आधार पर चलाया गया। शीर्ष अदालत ने दुष्कर्म पीड़िता की ओर से तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र पर संज्ञान लेते हुए 1 अगस्त, 2019 को हुए उन्नाव मामले से संबंधित दर्ज पांच मामलों को लखनऊ अदालत से दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित करते हुए दैनिक आधार पर सुनवाई तय की थी।

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पीएम मोदी ने दिल्ली में किया मेगा रोड-शो, भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में हुए शामिल

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद मार्ग स्थित पटेल चौक से लेकर नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद् (एनडीएमसी) के कन्वेंशन सेंटर तक रोड शो किया। बाद में भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में हुई।

करीब एक किलोमीटर तक के इस रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता सड़क के दोनों ओर मौजूद थे। सड़क पर जगह-जगह भाजपा के झंडे, पोस्टर और बैनर लगाए गए थे। कई स्थानों पर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष नड्डा के कटआउट भी लगे थे। रोड शो से लेकर बैठक स्थल तक पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया पीएम मोदी का स्वागत

पटेल चौक से लेकर भाजपा कार्यकारिणी कार्यालय तक जश्न का माहौल था। सड़क के दोनों ओर अलग-अलग मंच बने हुए थे। जिन पर कलाकार भारतीय संस्कृति की झलक दिखाते हुए नृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे थे। कुछ स्थानों पर ढोल और नगाड़ों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया। लोगों ने फूल भी बरसाए, पीएम मोदी ने भी लोगों का हाथ हिलाकर स्वागत किया।

इससे पहले उत्तराखंड से आए बीजेपी के कार्यकर्ता और कलाकारों ने पीएम मोदी के रोड शो से पहले प्रदेश की सांस्कृतिक झलक पेश की। रोड-शो के बाद कार्यकारिणी स्थल पहुंचने पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

दिल्ली में शुरू हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक दिल्ली में शुरू हुई। इस साल 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले ये अहम बैठक हो रही है। भाजपा का फोकस उन मुद्दों पर होगा, जो जनता की जरूरतों को भी पूरा करे और भावनात्मक रूप से भी जोड़े। मुस्लिम महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा पर अलग से चर्चा होगी।

भाजपा की बैठक इन मुद्दों पर होगी चर्चा

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने बताया कि सेवा, संगठन और समर्पण, विश्व गुरु भारत, सुशासन सर्वप्रथम, मुस्लिम महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा, वंचितों का सशक्तीकरण, समावेशी और सशक्त भारत एवं संस्कृति के वाहक जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

कुछ रास्तो को बंद किया तो कुछ को डायवर्ट

भाजपा के रोड शो के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर पहुंचे हुए थे। वहीं, रोड शो में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने के मद्देनजर नई दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने संसद मार्ग के आसपास कुछ रास्तों को यातायात के लिए बंद किया है।

कुछ रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। लोगों से इस दौरान नई दिल्ली के आसपास आने से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।

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चुनाव आयोग देगा रिमोट वोटिंग मशीन का डेमो, इसके विरोध में 16 विपक्षीय पार्टियां

देश के करोड़ों प्रवासी वोटरों को चुनाव आयोग जल्द ही बड़ी सौगात दे सकता है। ये भविष्य में वोटिंग के सिस्टम को और आसान बना देगा। आज दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में चुनाव आयोग नई वोटिंग मशीन का डेमो देने जा रही है। इसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को चुनाव आयोग ने बुलाया है। नई ईवीएम की सबसे खास बात ये है कि ये प्रवासियों को मतदान केंद्र पर पहुंचे बिना वोट डाने में सक्षम बनाएगी। प्रवासी मजदूरों के भी वोटिंग राइट यूज़ करें, इसके लिए चुनाव आयोग ने रिमोट वोटिंग मशीन का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है।

मतदान प्रतिशत को बढ़ाना है मकसद

चुनाव आयोग के अनुसार, प्रोटोटाइप मल्टी-कंस्टीट्यूएंसी रिमोट वोटिंग मशीन (RVM) प्रवासी मतदाताओं को दूरस्थ मतदान केंद्रों से मतदान करने में सक्षम बनाएगी। चुनाव आयोग ने बताया कि घरेलू प्रवासियों के मतदान करने में असमर्थता की कमी मतदान प्रतिशत के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने कहा कि प्रवासी मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अपने गृह जिले की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

रिमोट वोटिंग मशीन लेकर बैठक में सभी राजनीतिक दलों को निमंत्रण

बता दें कि चुनाव आयोग ने बैठक मे शामिल होने के लिए सभी मान्यता प्राप्त आठ राष्ट्रीय और 57 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया है। इस बैठक में बहु-निर्वाचन प्रोटोटाइप रिमोट ईवीएम के कामकाज का प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग की तकनीकी विशेषज्ञ समिति के सदस्य भी मौजूद रहेंगे।

रिमोट वोटिंग प्रणाली के विरोध में विपक्षी दल

चुनाव आयोग की इस कोशिश को जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन चुनाव आयोग की मीटिंग से पहले 16 विपक्षी पार्टियों ने रिमोट वोटिंग मशीन को खारिज कर दिया है। हालांकि कांग्रेस समेत ये सभी 16 पार्टियां चुनाव की मीटिंग में जा जरूर रही हैं। लेकिन उनके कई सवाल हैं, जिनको लेकर रिमोट वोटिंग मशीन के मुद्दे पर विवाद गरमा सकता है।

देश की 16 विपक्षी पार्टियों ने रिमोट वोटिंग मशीन पर चुनाव आयोग के प्रस्ताव का विरोध करने का निर्णय लिया है। विपक्षी पार्टियों को इसकी परिकल्पना, परिभाषा और संचालन सभी पर संदेह है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इन विपक्षी दलों ने सर्वसम्मति से यह माना कि रिमोट वोटिंग मशीन का प्रस्ताव विसंगतियों से भरा है और फिलहाल तो चुनाव आयोग यह ही तय नहीं कर पाया है कि प्रवासी मजदूरों की परिभाषा में किसे शामिल किया जाएगा और किसे नहीं।

राजनीतिक दलों से रिमोट वोटिंग मशीन पर मांगे विचार

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने 31 जनवरी 2023 तक घरेलू प्रवासियों के लिए कानून में आवश्यक बदलाव, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बदलाव और मतदान पद्धति/आरवीएम/प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न संबंधित मुद्दों पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के लिखित विचार भी मांगे हैं।

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सीबीआई मेरे दफ्तर पहुंची है, उनका स्वागत है – डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर सीबीआई का शिकंजा कस गया है। उनके दफ्तर पर सीबीआई छापे की कार्रवाई चल रही है। इसकी जानकारी उन्होंने खुद ट्वीट करके दी है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने अपने ट्वीट में लिखा-आज फिर सीबीआई मेरे दफ़्तर पहुंची है। उनका स्वागत है।

इन्होंने मेरे घर पर रेड कराई, दफ़्तर में छापा मारा, लॉकर तलशे, मेरे गांव तक में छानबीन करा ली।मेरे ख़िलाफ़ न कुछ मिला है न मिलेगा क्योंकि मैंने कुछ ग़लत किया ही नहीं है। ईमानदारी से दिल्ली के बच्चों की शिक्षा के लिए काम किया है।

पहले भी हो चुकी है छापेमारी

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के ऑफिस और आवास पर पहले भी सीबीआई शराब घोटाले को लेकर छापेमारी कर चुकी है। इस दौरान उनके लॉकर भी तलाशे गए थे। सीबीआई ने आबकारी नीति घोटाले को लेकर हाल ही में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इस दौरान सीबीआई ने अदालत में बताया था कि मामले में 7 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, इनमें 3 पब्लिक सर्वेंट है। इसमें आगे कहा गया था कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ जांच जारी है।

क्या कहना सीबीआई का डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर

सीबीआई का कहना है कि 91 CRPC के नोटिस के तहत आबकारी केस से जुड़े कुछ दस्तावेज लेने के लिए सीबीआई की टीम दिल्ली सचिवालय गई थी। दस्तावेज लेकर टीम काफी देर पहले वापस लौट आई है। दरअसल शराब नीति के मामले की सीबीाई जांच चल रही है। इस मामले में सीबीआई ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत कई लोगों पर केस दर्ज किया था। इस मामले को लेकर पिछले साल अगस्त में भी सीबीआई ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के ठिकानों पर छापेमारी की थी।

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राजद दफ्तर में लगा पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित पोस्टर, मचा बवाल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जल्द से जल्द दिल्ली के लिए कूच कराने का इरादा राजद में गजब तरीके से झलक रहा है। दूसरी बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजद के साथ बिहार में महागठबंधन सरकार के मुखिया हैं, लेकिन पहली बार उनका पोस्टर राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश कार्यालय में लगा है।

इस पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तुलना भगवान राम और कृष्ण से की गई है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना राक्षसराज रावण और कंस से की गई है। पोस्टर में सीएम नीतीश कुमार को हाथ में तीर धनुष के साथ दिखाया गया है और साथ में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, शरद पवार, केसीआर की तस्वीर भी लगी है, सामने नरेंद्र मोदी हैं।

पोस्टर में पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश के नाम में राशि का तर्क

ये विवादित पोस्टर छपरा के अमनौर विधानसभा की महिला राजद महासचिव पूनम राय ने लगाया है। उन्होंने पोस्टर में ये भी लिखा है कि ‘संदेश और आग्रह है कि जब किसी खास अक्षर या राशि से शुरू होने वाले नाम वाला व्यक्ति ज़्यादा शक्तिशाली हो जाता है और दम्भी, अहंकारी, तानाशाह होकर अपने शक्तियों का दुरूपयोग करने लगता है।

जिससे जन मानस में हाहाकार और त्राहिमाम मच जाता है। तब उसको उसी अक्षर या राशि से शुरू होने वाले नाम वाले व्यक्ति से हराया या पराजित किया जा सकता है। इसलिए 2024 में नरेंद्र मोदी के मुकाबले नीतीश कुमार ‘न’ अक्षर विजयी भवः। इसे पटना में एक पोस्टर में दिखाया गया है।

सीएम नीतीश द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी को तीर मारते हुए दिखाया

पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजद नेता राबड़ी देवी के आवास के बाहर लगाए गए इस पोस्टर में रामायण और महाभारत के दो प्रसंगों को दिखाते हुए साल 2024 के लोकसभा चुनाव से तुलना की गई है। इसमें 2024 में नीतीश कुमार को नरेंद्र मोदी को तीर मारते हुए दिखाया गया है।

मुख्यमंत्री की कुर्सी पर तभी बैठ सकेंगे तेजस्वी

राजद दफ्तर में नीतीश कुमार का पोस्टर लगाए जाने से ज्यादा चर्चा इस बात की है कि इसमें वह बिहार नहीं, बल्कि देश का नेतृत्व करने के लिए निकले हुए दिख रहे हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विनाश के लिए निकले हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इस अति प्रेम के जरिए राजद दिखाना चाह रहा है कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जल्द से जल्द प्रधानमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहता है।

ताकि बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव को मिल जाए। तेजस्वी यादव को इस बार की सरकार में डिप्टी सीएम बनाए जाने के बाद से ही लगातार उन्हें भावी मुख्यमंत्री के रूप में राजद के नेता पेश कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्री का पुतला फूंके जाने से ज्याद इसकी चर्चा

रामचरितमानस पर विवादित बयान देने वाले राजद कोटे से शिक्षा मंत्री बने प्रो. चंद्रशेखर के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा ने राजद दफ्तर से करीब 500 मीटर दूर शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। प्रो. चंद्रेशखर के बयान का समर्थन करने वाले राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के खिलाफ भी इस दौरान नारेबाजी हुई। लेकिन, इससे ज्यादा चर्चा राजद कार्यालय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहली दफा लगा तस्वीर और उसमें उनके देश प्रतिनिधित्व के रूप की हो रही है।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जान से मारने की धमकी, 67 मिनट के अंदर आए तीन कॉल

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जान से मारने की धमकी मिली है। गडकरी के नागपुर स्थित कार्यालय में दो धमकी भरे फोन आए, जिसमें उनको जान से मारने की धमकी दी गई। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात शख्स द्वारा उन्हें यह धमकी दी गई है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री के नागपुर कार्यालय की ओर से इसकी शिकायत नागपुर पुलिस को की गई है।

मामले जांच नागपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपी कॉलर को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। अज्ञात कॉलर ने पहले सात मिनट के अंदर दो बार कॉल किया फिर एक घंटे बाद एक और कॉल करके धमकी दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तीनों धमकी भरे कॉल गडकरी के नागपुर स्थित कार्यालय में सुबह 11.25 बजे और 11.32 बजे और 12.32 बजे आए थे।

नितिन गडकरी की सुरक्षा बढ़ाई गई – नागपुर डीसीपी

नागपुर के डीसीपी राहुल मदाने ने बताया कि नितिन गडकरी को तीन धमकी भरे फोन कॉल आए थे। डिटेल मिल रहे हैं और हमारी क्राइम ब्रांच सीडीआर पर काम करेगी। एक विश्लेषण चल रहा है। मौजूदा सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मंत्री गडकरी के कार्यक्रम स्थल पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

एक्टिव रहने वाले मंत्रियों में नितिन गडकरी की गिनती

नितिन गडकरी की गिनती मोदी सरकार के उन मंत्रियों में होती है जो बढ़िया काम करते हैं और रिजल्ट भी देते हैं। साथ ही नितिन गडकरी सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव रहते हैं। ट्विटर और फेसबुक के साथ उनका अपना यूट्यूब चैनल भी है। उनके 12 मिलियन से ज्यादा ट्विटर फॉलोअर्स हैं। बात उनके मंत्रालय की जाये तो नितिन गडकरी और उनका मंत्रालय देश के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में गत 8 वर्षों में बेहतरीन काम कर रहा है।

आने वाले दिनों में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, दिल्ली अमृसर एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे, द्वारका एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे के रूप में वह देश को बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात देने वाले हैं। उनका मंत्रालय देश के लगभग हर राज्य में बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है।

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जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का निधन, 75 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव नहीं रहे। गुरुवार रात गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उनका निधन हो गया। वह 75 साल के थे। सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी बेटी ने निधन की जानकारी दी। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के छतरपुर स्थित उनके निवास स्थान पर रखा गया, जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे।

शरद यादव की बेटी शुभाषिनी यादव ने ट्वीट करके पिता के निधन की जानकारी दी। शुभाषिनी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘पापा नहीं रहे। सूत्रों के मुताबिक, अपने अंतिम समय में वे बीमार चल रहे थे और उनका इलाज गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा था। शरद यादव के निधन से पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

फोर्टिस अस्पताल ने जारी किया बयान

गुड़गांव के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने बयान जारी करते हुए कहा, शरद यादव को बेहोशी की हालत में गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में इमरजेंसी में लाया गया था। जांच करने पर उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी और रक्तचाप भी मापने योग्य नहीं था। एसीएलएस प्रोटोकॉल के तहत उनका सीपीआर किया गया। तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें सामान्य नहीं किया जा सका और रात 10 बजकर 19 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हम उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहते हैं।

मध्य प्रदेश में पैतृक गांव में होगा शरद यादव का अंतिम संस्कार

शरद यादव के दामाद राज कमल राव ने कहा, उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था। हम उन्हें अस्पताल लेकर गए। वहां पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्हें किडनी की समस्या थी और डायलिसिस पर थे। उनके पार्थिव शरीर को मध्य प्रदेश में उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा। जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।

राहुल गाँधी पहुंचे शरद यादव के घर

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज सुबह उनके घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। राहुल गांधी शरद यादव के परिजनों से भी मिले। शरद यादव की बेटी और कांग्रेस नेता सुभाषिनी राज राव राहुल गांधी से गले मिलकर फूट-फूटकर रो रही थी। राहुल गांधी उन्हें संभालते हुए दिखे।

शरद यादव ने राहुल को राजनीति में बहुत कुछ सिखाया

राहुल गांधी ने कहा, “मैंने शरद यादव जी से राजनीति के बारे में बहुत कुछ सीखा है। आज उनके निधन ने मुझे दुखी कर दिया है। मेरी दादी के साथ उनकी काफी राजनीतिक लड़ाई हुई थी। मगर उनके बीच सम्मान का रिश्ता था। उन्होंने मुझे जो बताया, वो रिश्ते की शुरुआत थी। राजनीति के बारे में मैंने उनसे बहुत सीखा है। शरद यादव जी नहीं रहें। उन्होंने राजनीति में अपनी इज्जत बनाएं रखी क्योंकि राजनीति में सम्मान खोना बहुत आसान होता है।

पीएम मोदी ने जताया दुःख

उनके देहांत पर पीएम मोदी ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि शरद यादव के निधन से बहुत दुख हुआ। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने खुद को सांसद और मंत्री के रूप में प्रतिष्ठित किया। वे डॉ. लोहिया के आदर्शों से काफी प्रभावित थे। मैं हमेशा हमारी बातचीत को संजो कर रखूंगा। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं।

लालू यादव हुए भावुक

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने सिंगापुर से एक वीडियो संदेश में शरद यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया। दिवंगत नेता के लिए ट्विटर पर एक वीडियो संदेश पोस्ट करते हुए लालू यादव भावुक हो गए। लालू यादव इस समय सिंगापुर में अपनी किडनी का इलाज़ करा रहे है।

एक प्रभावी आवाज खामोश हो गई – राजनाथ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दिग्गज राजनेता के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं देश के बड़े वरिष्ठ नेता शरद यादव के निधन से मुझे गहरी वेदना की अनुभूति हुई है। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए भी उन्होंने काफी संघर्ष किया। उनके निधन से भारतीय राजनीति की एक प्रभावी आवाज खामोश हो गई है।

समानता की राजनीति को मजबूत किया – खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश की समाजवादी धारा के वरिष्ठ नेता, जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के निधन से दुःखी हूं। एक पूर्व केंद्रीय मंत्री व दशकों तक एक उत्कृष्ट सांसद के तौर पर देश सेवा का कार्य कर उन्होंने समानता की राजनीति को मजबूत किया। उनके परिवार एवं समर्थकों को मेरी गहरी संवेदनाएं।

नितिन गडकरी ने दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी ट्वीट कर शरद यादव को याद किया। उन्होंने लिखा- वरिष्ठ नेता शरद यादव जी को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। शरद जी मेरे अच्छे मित्र थे। वे संघर्षशील और गरीबों के हितों के लिए राजनीति करने वाले नेता थे, जयप्रकाश जी के नेतृत्व में इमरजेंसी के खिलाफ और उसके बाद जनता पार्टी में उनकी अहम भूमिका रही है।

ममता बनर्जी ने जताया शोक

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शरद यादव के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी विरासत चलती रहेगी। यादव को एक कद्दावर राजनेता बताते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह एक बेहद सम्मानित सहयोगी थे। टीएमसी प्रमुख ने ट्वीट किया कि श्री शरद यादव के निधन के बारे में सुनकर मुझे दुख हुआ है। एक दिग्गज राजनेता और बेहद सम्मानित सहयोगी, उनकी विरासत जीवित रहेगी। मैं प्रार्थना करती हूं कि उनके परिवार और अनुयायियों को दुख की इस घड़ी में धैर्य और शक्ति मिले।

परिवार में कितने हैं सदस्य

शरद यादव का जन्म साल 1947 में मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में हुआ था। उन्होंने 15 फरवरी 1989 को शादी की थी। शरद यादव की पत्नी का नाम सुभाषिनी राज राव हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है। उनके बेटे का नाम शांतनु बुंदेला और बेटी का नाम शुभाषिनी राजा राव हैं। उनके बेटे शांतनु ने अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से की है।

शरद यादव की बेटी राजनीति का भी हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने साल 2020 में बिहार के विधानसभा के चुनाव होने से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जुड़ी थीं। सुभाषिनी ने आरजेडी के टिकट पर बिहारीगंज विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। लेकिन वोट न मिल पाने की वजह से वह इस सीट से चुनाव हार गई थीं।

तीन राज्यों में सांसद रह चुके थे शरद यादव

बिहार की राजनीति में शरद यादव ने अपनी एक अलग पहचान बनाई हुई थी। उनकी समाजवाद वाली राजनीति ने लोगों को उनकी ओर बांधे रखा था। समाजवाद की राजनीति के आधार पर ही शरद यादव बिहार में लोकप्रिय नेता बने थे। शरद यादव सुलझे और ईमानदार छवि के नेता थे । वे देश में पहले ऐसे सांसद थे जिन्होंने तीन राज्यों में सांसद पद संभाला था। शरद यादव अपने गृह क्षेत्र जबलपुर लोकसभा से 1974 और 1977 में दो बार जीत दर्ज कर सांसद बने थे।

तीसरी बार शरद यादव ने 1989 में उत्तर प्रदेश की बदायूं लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी। वह बीपी सिंह की सरकार में भी मंत्री भी बने थे। हालांकि बंदायू से जीत के बाद शरद यादव का संसदीय क्षेत्र बिहार का मधेपुरा रहा जहां से वे चार बार सांसद रहे। वैसे तो वह मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। लेकिन शरद यादव ने बिहार में एक अलग पहचान बनाई थी।

साल 1974 में रखा सक्रिय राजनीति में कदम

शरद यादव अपनी पढ़ाई के दौरान से ही राजनीति में दिलचस्पी रखते थे और उन्होंने तभी राजनीति में आने का मन बना लिया था। उन्होंने 1971 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। वह डॉ राम मनोहर लोहिया के विचारों से काफी प्रेरित थे। यही वजह है कि शरद यादव सक्रिय युवा नेता के तौर पर कई आंदोलनों से जुड़े थे। बता दें कि शरद यादव को MISA के तहत 1969-70, 1972 और 1975 में हिरासत में लिया गया था। शरद यादव ने सक्रिय राजनीति में 1974 में कदम रखा था।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके थे

शरद यादव जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके थे। उनका नाम देश के बड़े समाजवादी नेताओं में शुमार किया जाता था। उनके करीबियों के मुताबिक, शरद यादव का राजनीतिक कद इतना ऊंचा था कि जब वे बोलते थे तो पूरा देश सुनता था। मंत्री रहे हों या विपक्ष के सांसद, उनके सामने कभी कोई ऐसा सवाल नहीं आया जिसका जवाब उन्हें नहीं सूझा हो। उनका जवाब सुनकर प्रश्न पूछने वाले चुप रह जाया करते थे।

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गंगा विलास क्रूज की शुरुआत, विदेशों जैसा अनुभव अब भारत में – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने वाराणसी में टेंट सिटी का वर्चुअली उद्घाटन कर दिया है। इसी के साथ पीएम ने वाराणसी-डिब्रूगढ़ के बीच यात्रा करने वाले रिवर क्रूज एमवी गंगा विलास को भी हरी झंडी दिखा दी है। केंद्रीय मंत्री एस सोनोवाल, यूपी के सीएम आदित्यनाथ लॉन्च इवेंट में मौजूद हैं। बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और असम के सीएम हिमन्त बिश्व शर्मा वर्चुअली इवेंट में शामिल हुए हैं।

पीएम मोदी ने लॉन्च के बाद कहा, “रिवर क्रूज गंगा विलास का शुभारंभ हो गया है। गंगा नदी हमारे लिए सिर्फ जलधारा नहीं है। बल्कि प्राचीन काल से तप-तपस्वियों की साक्षी है। मां गंगा ने भारतीयों को हमेशा पोषित किया है, प्रेरित किया है। गंगा पट्टी आजादी के बाद पिछड़ती चली गई। लाखों लोगों का पलायन हुआ। इस स्थिति को बदलना जरूरी था और हमने नई सोच के साथ काम करना शुरू किया।

व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों का विस्तार

आज काशी से डिब्रूगढ़ के बीच दुनिया की सबसे लंबी नदी जल यात्रा गंगा विलास क्रूज का शुभारंभ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की अंतर्देशीय जलमार्ग की अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। इससे पूर्वी भारत में व्यापार और पर्यटन और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा। काशी में गंगा पार बनी अद्भूत टेंट सिटी से वहां आने वाले और रहने का एक और बड़ा कारण देश-दुनिया के पर्यटकों-श्रद्धालुओं को मिला है।

पर्यटक ऐसे अनुभवों के लिए विदेश जाते थे – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि ये गंगा विलास क्रूज उत्तर प्रदेश, बिहार, प.बंगाल, बांग्लादेश और असम की यात्रा के दौरान हर तरह की सुविधा मुहैया कराएगा। ये क्रूज यात्रा एक साथ अनेक नए अनुभव लेकर आने वाली है। क्रूज़ टूरिज्म का ये नया दौर इस क्षेत्र में हमारे युवा साथियों को रोजगार-स्वरोजगार के नए अवसर देगा। विदेशी पर्यटकों के लिए तो ये आकर्षण होगा ही साथ देश के भी जो पर्यटक पहले ऐसे अनुभवों के लिए विदेश जाते थे। वो भी अब पूर्वी-उत्तर पूर्वी भारत का रुख कर पाएंगे।

क्रूज टूरिज्म का नया दौर – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “क्रूज टूरिज्म का नया दौर इस क्षेत्र में रोजगार, स्वरोजगार के नए अवसर देगा। विदेशी पर्यटकों के साथ देश के पर्यटकों के लिए भी ये खास अनुभव होगा। ये क्रूज जहां से भी गुजरेगा वहां विकास की नई रोशनी लाएगा। हम शहरों के बीच लंबे रिवर क्रूज के अलावा, अलग-अलग शहरों में छोटे क्रूज को भी बढ़ावा दे रहे हैं। काशी में भी ऐसी व्यवस्था चल रही है। बजट से लेकर लग्जरी क्रूज तक, हर प्रकार की सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

24 राज्यों में 111 राष्ट्रीय जलमार्ग हो रहे विकसित

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये गंगा विलास क्रूज 25 अलग-अलग नदियों से होकर गुजरेगा और जो लोग भारत के समृद्ध खान-पान का अनुभव लेना चाहते हैं। उनके लिए भी ये बेहतरीन अवसर है। यानी भारत की विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम हमें इस यात्रा में देखने को मिलेगा। इस दौरान पीएम ने कहा कि 2014 में सिर्फ 5 राष्ट्रीय जलमार्ग भारत में थे। आज 24 राज्यों में 111 राष्ट्रीय जलमार्गों को विकसित करने का काम हो रहा है। इनमें से लगभग दो दर्जन जलमार्गों पर सेवाएं चल रही हैं।

5 प्रदेश और 2 देशों से होकर जाएगा डिब्रूगढ़

बता दें कि पीएम मोदी ने जिस गंगा विलास क्रूज को हरी झंडी दिखाई है वह दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज है। गंगा विलास क्रूज को अंतरा लग्जरी रिवर क्रूज ऑपरेट कर रही है। 5 प्रदेश और 2 देशों को पार करते हुए ये क्रूज डिब्रूगढ़ पहुंचेगा। 27 छोटी बड़ी नदियां क्रूज के रास्ते में आएंगी। करीब 40 क्रू मेंबर वाला ये क्रूज अंदर से काफी खूबसूरत है।

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गंगा विलास क्रूज में क्या है खास –

>>  सभी सुइट्स में मॉडर्न फैसिलिटी

>>  सुइट से गंगा का भव्य नजारा दिखेगा

>>  हाईटेक स्पा, सैलून और जिम

>>  स्टीम बाथ, आयुर्वेदिक मसाज की सुविधा

>>  मेन डेक पर 40 सीटों वाला रेस्तरां

>>  आधुनिक सुविधाओं से लैस जिम

>>  रूफ टॉप पर सन बाथ का इंतजाम

>>   क्रूज पर स्विमिंग पूल की सुविधा

>>   एक दिन का खर्च करीब 25 हजार