Thursday, April 9, 2026
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दो शातिर लूटेरो को गिरफ्तार कर भेजा जेल, लूट के 12 मोबाइल बरामद

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीते कई महीनों से लगातार मोबाइल लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले 2 शातिरों लुटेरों को वज़ीरगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन शातिरों लूटेरो के पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूरा मामला राजधानी के वज़ीरगंज थाना क्षेत्र का है। जहां राहगीरों से मोबाइल फोन लूटने वाले 2 शातिर लुटेरों को वज़ीरगंज थाने की पुलिस ने बड़ी ही संक्रियता दिखाते हुए गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद शातिरों से हुई पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे अलग अलग स्थानों पर जाकर रास्ते से गुजरने वाले लोगों से फोन छीन लेते थे।

पुलिस ने बरामद किए चोरी के 12 मोबाइल

वज़ीरगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार मिश्रा व क्रिस्चन कॉलेज चौकी प्रभारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस की गिरफ्त में आये शातिर लूटेरे फैज़ान अली और मोहम्मद अनस जोकी बाईसी मस्जिद मॉडल हाउस के रहने वाले है। इन आरोपियों के पास से राहगीरों से लूटे हुए हजारों की कीमत वाले 12 मोबाइल फोन बरामद किए गए है। साथ ही प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार मिश्रा ने ये भी बताया की शातिर लूटेरे शाम को 6 बजे के बाद से रात में 2 बजे तक लूट को अंजाम देते थे वो भी उस जगह से जहा पर कैमरा नहीं होता था।

फिर उन मोबाइल के लॉक खुलवा कर रविवार को लगने वाली नक्खास बाजार में अच्छी कीमतों में बेचा करते थे। इन शातिर लूटेरो के पास से 12 मोबाइल, एक नकली पिस्टल,750 रुपए नगद ,एक एक्टिवा स्कूटी और एक अपाचे बाइक बरामद हुई है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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करिश्मा मेरी है… बारात मत लाना वरना श्मशान बना दूंगा, सिरफिरे आशिक ने चिपकाया पोस्टर

‘कान खोलकर सुन दूल्हे राजा… करिश्मा (बदला हुआ नाम) मेरी है, बारात लेकर मत आना ‘ ये किसी फिल्म का डायलॉग नहीं हैं। बल्कि एक सिरफिरे आशिक का कारनामा हैं जिसने दूल्हे के घर के सामने इस तरह के धमकी भरे पोस्टर चस्पा कर दिए हैं और कहा कि अगर वो बारात लेकर आया तो जिंदा नहीं बचेगा और वो पूरी बारात को श्मशान बना देगा। युवक ने पोस्टर चिपकाने के बाद उसने घर के पास एक पेट्रोल बम फोड़कर दो-तीन राउंड फायर भी किए जिसके बाद वो वहां से फरार हो गया। दूल्हे के परिवार ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, यह पूरा मामला हापुड़ के सिंभावली थाना क्षेत्र के फरीदपुर गांव का है। जहां से 18 फरवरी को दूल्हे मोंटी सिंह की बारात जानी है। लेकिन बारात जाने से पहले ही उसके घर के आगे दुल्हन के सिरफिरे आशिक ने धमकी भरे पोस्टर लगा दिए हैं। इन पोस्टर पर लिखा है कि कान खोलकर सुन मोंटू सिंह दूल्हे राजा, करिश्मा (बदला हुआ नाम) मेरी है…बारात लेकर मत आना… नहीं तो तू जिंदा नहीं बचेगा…बारात को शमशान बना दूंगा.. जिस भाई को दावत के साथ गोली भी खानी हो, वही बारात में आये। अभी केवल हल्का सा ट्रेलर देकर जा रहा हूं, बाकी फिल्म बारात में चलेगी। यार डिफॉल्टर..

सिरफिरे आशिक ने चिपकाए पोस्टर

मोंटू सिंह की होने वाली दुल्हन के कथित सिरफिरे आशिक ने इस तरह के डायलॉग लिखकर इसका दूल्हे घर के बाहर चिपका दिया यही नहीं जाते-जाते उसने घर के बाहर पेट्रोल बम फोड़ा और तमंचे से तीन राउंड फायर करते हुए मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद दूल्हे के परिवार वाले और आसपास के ग्रामीण बेहद परेशान है।

दूल्हे के परिवार ने अब इस मामले में सिंभावली थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने उनकी तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीओ स्तुति सिंह का कहना है कि मामला काफी गंभीर है। सिंभावली पुलिस को मामले की गहन जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

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धार्मिक नाम वाले दलों के चुनाव लड़ने पर लगे रोक – जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिज़वी

देश में धार्मिक चिह्नों और धार्मिक नाम का इस्तेमाल करने वाली राजनीतिक पार्टियों को चुनाव लड़ने से रोकने और उनकी मान्यता रद्द करने की याचिका पर असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाबी हलफनामा दायर किया है।

इस हलफनामे में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी (IUML) ने याचिकाकर्ता जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस याचिका का मकसद सिर्फ मुस्लिम पार्टियों को निशाना बनाना है।

दरअसल जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिज़वी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर ऐसे राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करने की मांग की है। जो पार्टी के नाम में धार्मिक नाम या धार्मिक चिह्नों का इस्तेमाल करते हैं। इस पर जवाबी हलफनामे में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने कहा है कि पार्टी के नाम में केवल ‘मुस्लिमीन’ शब्द का उल्लेख धर्म के आधार पर मतदाताओं से कोई विशेष अपील नहीं करता और इसे धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता है।

धर्म के नाम पर नहीं मांगते वोट

इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के ओर दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के संविधान में इसके सदस्यों को धर्म के नाम पर वोट मांगने का जिक्र या निर्देश नहीं करती है। बल्कि इसकी सदस्यता सभी व्यक्तियों के लिए उनकी जाति,धर्म के बावजूद खुली है। इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी ने कहा है कि 60 साल पुरानी इस पार्टी का मुख्य उद्देश्य भारत में अल्पसंख्यकों और अन्य वंचित वर्गों के सामाजिक-सांस्कृतिक तथा धार्मिक लोकाचार की रक्षा करना है।

उसने जनप्रतिधित्व कानून के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है। इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी ने कहा कि याचिकाकर्ता किसी भी विशिष्ट उदाहरण का उल्लेख करने में विफल रहा है। यह जनहित याचिका राजनीति से प्रेरित है और याचिकाकर्ता जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिज़वी राजनीतिक दलों के साथ अपने जुड़ाव का खुलासा करने में विफल रहे है।

जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिज़वी पर उठाए सवाल

जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिज़वी पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता समाजवादी पार्टी का पूर्व सदस्य हैं और उन्होंने लखनऊ में कश्मीरी मोहल्ला वार्ड से वर्ष 2008 में निगम चुनाव लड़ा और जीता था। वहीं वर्तमान में ऑनलाइन उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ता को उत्तर प्रदेश राज्य में एक अन्य राजनीतिक दल के करीबी के रूप में जाना जाता है।

इसमें में यह भी कहा गया है कि याचिकाकर्ता कई विवादों में फंसा हुआ है और हाल ही में हुई कई एफआईआर के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में था। इसमें जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि यह पूरी याचिका हेट स्पीच है और किसी पार्टी के घोषणापत्र से ज्यादा कुछ नहीं है।

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आखिरकार पापों से भरा घड़ा फूटा, शिष्या से रेप मामले में आसाराम बापू को उम्रकैद

संत का चोला ओढने वाले आसाराम बापू के पाप का घड़ा फूट चुका है और उन्हें रेप मामले में सजा का ऐलान हो गया है। दुष्कर्म मामले में गांधीनगर की सेशन कोर्ट ने आसाराम बापू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इससे पहले कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलों में आरोपी आसाराम बापू को उम्रकैद देने की मांग की थी। साथ ही कहा कि आरोपी आदतन अपराधी है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जाए। बता दें कि आसाराम बापू फिलहाल जोधपुर जेल में बंद है, जहां वह एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।

क्या है पूरा मामला

ये साल 2013 का मामला है, जिसमें आसाराम पर सूरत की लड़की ने रेप का आरोप लगाया था, जबकि उसकी छोटी बहन ने नारायण साईं पर रेप का आरोप लगाया था। इस मामले में आसाराम के अलावा उसकी पत्नी लक्ष्मी, बेटी भारती और चार महिला अनुयायी ध्रुवबेन, निर्मला, जस्सी और मीरा आरोपी हैं।

जोधपुर जेल में बंद हैं आसाराम बापू

81 साल के आसाराम इस समय जोधपुर जेल में बंद हैं। जहां वह 2013 में राजस्थान में अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के एक अन्य मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। सत्र अदालत के न्यायाधीश डीके सोनी ने सजा कितनी दी जाए। इस पर दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया है। अदालत ने आसाराम बापू को सूरत की रहने वाली एक महिला शिष्या से 2001 से 2006 तक कई बार बलात्कार करने के मामले में दोषी ठहराया था। ये तब हुआ जब शिष्या अहमदाबाद के पास मोटेरा में अपने आश्रम में रह रही थी।

सूरत की रहने वाली महिला ने लगाए थे रेप के आरोप

सूरत की रहने वाली एक महिला ने अक्टूबर 2013 में आसाराम और सात अन्य के खिलाफ बलात्कार और अवैध तरीके से कैद रखने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। एक आरोपी की मुकदमा लंबित रहने के दौरान मौत हो गई। जुलाई 2014 में मामले में आरोप पत्र दायर किया गया था। आसाराम फिलहाल बलात्कार के अन्य मामले में राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद है।

अभियोजक ने ‘आदतन अपराधी’ है आसाराम बापू

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि आसाराम बापू ‘आदतन अपराधी’ है और उसे आजीवन कारावास की सजा की मांग की है। अभियोजक ने कोर्ट में जोर देकर कहा कि आसाराम ने जो अपराध किया है। उसमें उम्रकैद या फिर 10 साल की सजा का प्रावधान है। लेकिन हमने मांग की थी कि आसाराम ऐसे ही एक अन्य मामले में जेल में सजा काट रहा है और आदतन अपराधी है। ऐसे में अभियोजक ने आसाराम को सख्त सजा देने और भारी जुर्माना भी लगाने की मांग की थी।

इन धाराओं के तहत मिली सजा

अदालत ने 2013 में महिला शिष्या द्वारा दर्ज मामले में आसाराम को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 2 (C) (बलात्कार), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 342 (गलत तरीके से हिरासत में रखना), 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 357 (हमला) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराया।

आसाराम के बेटे को भी हुई थी सजा

पीड़िता की छोटी बहन के साथ आसाराम के बेटे नारायण साईं ने बलात्कार किया था और उसे अवैध रूप से कैद कर रखा था। साईं को अप्रैल 2019 में सूरत की एक सत्र अदालत ने 2013 में उसके खिलाफ दर्ज बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

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गोरखनाथ मंदिर पर हमले के दोषी अहमद मुर्तजा अब्बासी को फांसी की सजा का ऐलान

गोरखनाथ मंदिर पर हमले के दोषी अहमद मुर्तजा अब्बासी को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। रिकॉर्ड 60 दिनों की लगातार सुनवाई के बाद गोरखनाथ मंदिर कांड में अहमद मुर्तजा अब्बासी को आईपीसी की धारा 121 में मौत की सजा और 307 में आजीवन कारावास की सजा का ऐलान किया गया है। बता दें कि मुर्तजा ने मंदिर में तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया था।

गौरतलब है कि चार अप्रैल को गोरखनाथ चौकी के मुख्य आरक्षी विनय कुमार मिश्र ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि वह मंदिर के गेट नंबर एक का सुरक्षा प्रभारी था। तभी अचानक आरोपी ने बांके से पीएसी के सिपाही अनिल कुमार पासवान पर हमला कर हथियार छीनने की कोशिश की।

बचाव में अन्य सुरक्षाकर्मी आ गए तो आरोपी ने सिपाही गोपाल गौड़ को भी घायल कर दिया और बांका लहराते हुए धार्मिक नारे लगाने लगा। तभी आनन फानन उसे उसे पकड़ लिया गया। उसके पास से बांका, लैपटॉप और उर्दू में लिखी सामग्री बरामद की गई। मामले की विवेचना एटीएस को दी गई थी। विवेचक और डिप्टी एसपी संजय वर्मा ने चार्जशीट दायर की।

कोर्ट में सरकार के खर्च पर मुर्तजा को वकील दिया गया, जबकि अभियोजन की ओर से वादी विनय कुमार मिश्रा, घायल पीएसी जवान अनिल कुमार पासवान, गोपाल गौड़ के अलावा डाक्टर और अन्य गवाह पेश किए गए। उधर, आरोपी खुद को मानसिक बीमार बताता रहा, लेकिन इस संबंध में कोई सबूत न होने के कारण कोर्ट ने उसे दोषी ठहराया है।

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पूर्व ओपनर मुरली विजय ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से किया संन्यास का ऐलान

भारतीय क्रिकेट टीम इस वक्त न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में खेल रही है। टीम से बाहर चल रहे पूर्व ओपनर मुरली विजय ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने की घोषणा कर चौंकाया दिया। टीम इंडिया के नियमित ओपनर की भूमिका निभाने वाले मुरली विजय को चयनकर्ताओं ने 2018 के बाद से टीम में मौका नहीं दिया है। पिछले दिनों उन्होंने इस मामले में अपनी बात भी रखी थी लेकिन अब संन्यास लेकर सारी बातें पर विराम लगा दिया।

भारतीय टेस्ट टीम की जान रह चुके भारतीय पूर्व ओपनर मुरली विजय ने क्रिकेट के सभी प्रारूप से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बातें सबके सामने रखते हुए इस बात की जानकारी साझा की। इंडियन प्रीमियर लीग में और इंटरनेशनल क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेल चुके इस खिलाड़ी को घरेलू क्रिकेट में भी अब खेलते नही देखा जा सकेगा।

टीम इंडिया के लिए मुरली विजय के ऐसे हैं आंकड़े

मुरली विजय के क्रिकेट आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने 61 टेस्ट मैच भारत के लिए खेले, इसमें 3982 रन बनाने का काम किया है। उनके नाम 12 शतक और 15 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका औसत 38.28 का रहा और स्ट्राइक रेट 46.29 का था, ये टेस्ट क्रिकेट के आंकड़े हैं। वहीं अगर वनडे इंटरनेशनेशनल मैचों की बात की जाए तो उन्होंने टीम इंडिया के लिए 17 मैच खेले और 339 इस दौरान अपने नाम किए।

यहां उनका औसत 21.18 का रहा और स्ट्राइक रेट 66.99 का रहा। यहां उनके नाम केवल एक ही अर्धशतक था। टी20 इंटरनेशनल में टीम इंडिया के लिए उन्होंने नौ मैच खेले और 169 रन बनाए। यहां उनका औसत 18 से कुछ ज्यादा का था और स्ट्राइक रेट 109 से ज्यादा का। यहां उनके नाम न तो कोई शतक है और न ही अर्धशतक।

नए रास्ते तलाश सकते हैं मुरली विजय

इस बीच मुरली विजय ने हाल ही में कहा था कि वह विदेश में अवसरों की तलाश कर रहे हैं। उनका कहना था कि वह नए अवसरों की तलाश करेंगे और खेल का हिस्सा बने रहेंगे। मुरली विजय ने कहा कि मैं यह घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं कि मैं क्रिकेट की दुनिया और इसके व्यापारिक पक्ष में नए अवसरों की खोज करूंगा।

जहां मैं उस खेल में भी भाग लेना जारी रखूंगा जिसे मैं प्यार करता हूं और नए और अलग वातावरण में खुद को चुनौती देता हूं। मुझे विश्वास है कि एक क्रिकेटर के रूप में यह मेरी यात्रा का अगला कदम है और मैं अपने जीवन के इस नए अध्याय की प्रतीक्षा कर रहा हूं। माना जा रहा है कि अब मुरली विजय विदेशी लीग का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें बीसीसीआई से एनओसी चाहिए होगी।

टीमों, कोचों और प्रशंसकों का शुक्रिया – मुरली विजय

इस बीच मुरली विजय ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड, तमिलनाडु क्रिकेट संघ, कोचों और प्रशंसकों का भी शुक्रिया अदा किया। सोशल मी​डिया पर लिखा कि मैं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन, चेन्नई सुपर किंग्स और केमप्लास्ट सनमार द्वारा मुझे दिए गए अवसरों के लिए आभारी हूं।

मेरे सभी साथियों, कोचों, मेंटर्स और सपोर्ट स्टाफ को, आप सभी के साथ खेलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है, और मेरे सपने को हकीकत में बदलने में मदद करने के लिए मैं आप सभी का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट प्रशंसकों के लिए जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल के उतार-चढ़ाव के दौरान मेरा समर्थन किया है, मैं हमेशा उन पलों को संजो कर रखूंगा जो मैंने आप सभी के साथ बिताए हैं और आपका समर्थन हमेशा मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।

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पाकिस्तान के पेशावर में मस्जिद में धमाका, 28 की मौत और 150 घायल

पाकिस्तान के पेशावर के पुलिस लाइंस इलाके में धमाके की खबर है। ये विस्फोट एक मस्जिद में बताया जा रहा है। दोपहर मस्जिद में नमाज के दौरान ब्लास्ट हुआ। इस धमाके में 28 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही इस धमाके में 150 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिन्हें पेशावर के लेडी रीडिंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य अधिकारियों ने जियो न्यूज को बताया कि पेशावर के पुलिस लाइंस इलाके में एक मस्जिद के भीतर हुए एक शक्तिशाली आत्मघाती विस्फोट में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि 90 से अधिक घायल हो गए। बम धमाके में मस्जिद की छत गिर गई है।

दो पुलिसकर्मियों की गई जान

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि आत्मघाती हमलावर नमाज़ के दौरान सबसे आगे की लाइन में मौजूद था, इसी दौरान उसने खुद को उड़ा लिया। जिससे ज़ोहर की नमाज़ अदा करने वाले दर्जनों लोग घायल हो गए। जियो न्यूज ने अस्पताल के सूत्रों के हवाले से बताया कि घायलों में से 13 की हालत बेहद गंभीर है। वहीं अस्पताल के एक प्रवक्ता ने कहा कि विस्फोट में दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं और 90 घायलों को अस्पताल लाया गया है। डॉक्टरों ने कहा कि 10 से अधिक घायलों की हालत गंभीर है।

पेशावर की एक मस्जिद में बम धमाका

जियो न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक इस विस्फोट में 28 लोगों की जान चली गई है। घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अभी कई और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। धमाके के बाद इलाके में आपात स्थिति लागू कर दी गई है। फिलहाल पाकिस्तान आर्मी ने इलाके की घेराबंदी की है।

पेशावर में आत्मघाती हमलावर ने किया धमाका

इलाके की पूरी तरह से घेराबंदी के बाद सिर्फ एंबुलेंस को ही आने दिया जा रहा है। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक आत्मघाती हमलावर मस्जिद में नमाज़ के दौरान सबसे आगे की लाइन में मौजूद था और फिर खुद को उड़ा लिया। बताया जा रहा है कि जहां पर धमाका हुआ है। उसके करीब ही आर्मी यूनिट का एक दफ्तर भी है।

इमरान खान ने हमले पर जताया दुख

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने मस्जिद में हुअ सुसाइड अटैक पर ट्वीट करके कहा, “पेशावर की पुलिस लाइन मस्जिद में नमाज के दौरान हुए आतंकी आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मेरी प्रार्थना और संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। यह जरूरी है कि हम अपनी खुफिया जानकारी जुटाने में सुधार करें और आतंकवाद के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए अपने पुलिस बलों को उचित रूप से तैयार करें।

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भारत जोड़ो यात्रा से मैंने बहुत कुछ सीखा, लोगों का मिला अपार समर्थन – राहुल गाँधी

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा आज जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में समाप्त होने जा रही है। यात्रा के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि मैंने इस यात्रा से बहुत कुछ सीखा है और लोगों ने अपार समर्थन दिया है। राहुल के नेतृत्व में की जा रही इस यात्रा में आज कई विपक्षी पार्टियों को बुलाया गया था, जिसमें से कई दलों ने यात्रा से दूरी बनाने का फैसला किया।

वही इस मौके पर शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि मेरे दिल में था कि रास्ता आसान होगा। मैंने सोचा था कि चलना मुश्किल काम नहीं होगा पर थोड़ा सा अहंकार आ गया। उन्होंने आगे कहा कि फिर बात बदल गई।

छोटे बच्चों से मिली प्रेरणा – राहुल गाँधी

इस दौरान राहुल गांधी ने संबोधित करते हुए कहा कि मैंने बहुत कुछ सीखा। एक दिन मुझे बहुत दर्द हो रहा था। मैंने सोचा कि मुझे 6-7 घंटे और चलना होगा और यह मुश्किल होगा। लेकिन एक लड़की दौड़ती हुई मेरे पास आई और बोली कि उसने मेरे लिए कुछ लिखा है। उसने मुझे गले लगाया और भाग गई। मैंने इसे पढ़ना शुरू किया। उसने लिखा, “मैं देख सकती हूं कि आपके घुटने में दर्द हो रहा है क्योंकि जब आप उस पैर पर दबाव डालते हैं, तो यह आपके चेहरे पर दिखता है।

मैं आपके साथ नहीं चल सकती लेकिन मैं दिल से आपके साथ चल रही हूं क्योंकि मुझे पता है कि आप चल रहे हैं। मेरे और मेरे भविष्य के लिए। ठीक उसी क्षण, मेरा दर्द गायब हो गया।

अहंकार पर आक्रमण करना भगवान शिव की सोच – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि मेरा अपना घर नहीं है, मैं सरकारी घरों में रहा हूं। घर मेरे लिए एक जीने का और सोचने का तरीका है। उन्होंने कहा कि जिस चीज को लोग कश्मीरियत कहते हैं, उसको मैं अपना घर मानता हूं। शिव जी की सोच है अपने आप पर, अपने अहंकार पर आक्रमण करना। उन्होंने कहा कि इस्लाम में फना का मतलब है कि अपनी सोच पर आक्रमण करना।

पीएम मोदी और अमित शाह ने हिंसा नहीं देखी

इस दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह ने हिंसा नहीं देखी। बीजेपी और आरएसएस वाले डरते हैं। राहुल ने कहा कि बीजेपी का नेता मेरी तरह कश्मीर में नहीं चल सकता। मैं हिंसा को समझता हूं, मैं हिंसा देखी है। राहुल गांधी ने कहा है कि उन्होंने हिंसा देखी है, उन्होंने हिंसा सही है।

भाई ने लोगों का दर्द जाना- प्रियंका

प्रियंका गांधी ने कहा कि मेरा भाई कन्याकुमारी से 4-5 महीने पैदल चला और वे जहां भी जाते, लोगों से उन्हें काफी प्यार मिलता। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस देश में अभी भी देश के लिए, इसकी विविधता के लिए एक जुनून है जो सभी भारतीयों के दिलों में बसता है।

मां और बहन को राहुल गाँधी ने लिखा संदेश

प्रियंका ने कहा कि जब मेरा भाई कश्मीर आ रहा था, तो उसने मेरी मां और मुझे एक संदेश भेजा। कांग्रेस नेता ने बताया कि राहुल कश्मीर को अपने घर की तरह मानते हैं और इसलिए ही राहुल ने कहा था कि मेरे परिवार के लोग मेरा इंतजार कर रहे हैं।

गोडसे की विचारधारा ने कश्मीर से सब छीना – महबूबा मुफ्ती

पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती राहुल की इस यात्रा के समापन कार्यक्रम में आज भी शामिल हुईं। उन्होंने बर्फबारी के बीच लोगों को संबोधित किया और राहुल गांधी की खूब प्रशंसा की। मुफ्ती ने कहा कि राहुल ने यात्रा में कहा था कि वे कश्मीर में अपने घर आ गए हो ऐसा लगता है, लेकिन यह उनका घर ही है। पीडीपी नेता ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि गोडसे की विचारधारा ने जम्मू-कश्मीर से जो छीन लिया, वह इस देश से वापस मिल जाएगा और राहुल गांधी में देश आशा की किरण देख रही है।

भारत जोड़ो यात्रा श्रीनगर में खत्म

बता दें कि भारी बर्फबारी के बीच राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा सोमवार को श्रीनगर में खत्म हो गई। ये 145 दिन पहले 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी। क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में रैली रखी गई। इसमें प्रियंका गांधी, महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पीच दी।

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मुरैना के पास सुखोई-30 और मिराज-2000 क्रैश, पीएमओ से लेकर रक्षा मंत्री तक एक्टिव

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में वायुसेना के सुखोई-30 और मिराज 2000 विमान क्रैश हो गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। दोनों विमानों ने ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी और दोनों विमान अभ्यास उड़ान पर थे। अभी हादसे की वजह पता नहीं चल सकी है, जो जांच के बाद ही पता चल सकेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे के वक्त सुखोई 30 में दो पायलट और मिराज 2000 में एक पायलट सवार था। रिपोर्ट्स के अनुसार सुखोई-30 में 2 पायलट सवार थे।

जिन्होंने समय रहते पैराशूट की इस्तेमाल कर जेट से छलांग लगा दी, और उनकी जान बच गई। हालांकि मिराज 2000 में सवार पायलट को काफी गंभीर चोटें आई थीं। इससे पहले ही डॉक्टर उनका इलाज कर पाते वे शहीद हो गए। हादसे की खबर जैसी ही पुलिस-प्रशासन तक पहुंची तो आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। सीएम शिवराज ने भी ट्वीट कर हर संभव मदद करने की बात कही थी।

लोगों ने सुनी तेज धमाके की आवाज

जानकारी के मुताबिक, विमान हादसा पहाड़गढ़ से करीब पांच किमी दूरी निरार रोड पर मड़वाली माता के पास हुआ है। पहाड़गढ़ क्षेत्र के लोगों को जंगल में तेज आवाज सुनाई दी। जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां पर विमान का मलबा पड़ा हुआ था और उसमें आग लगी हुई थी। हादसे की खबर पाते ही प्रशासन घटनास्थल पर रवाना हो गया।

सुखोई-30 और मिराज 2000 विमान हादसे का शिकार

बताया जा रहा है कि दोनों फाइटर जेट ने ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी जो सुरक्षा अभ्यास में शामिल थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयरफोर्स चीफ से हादसे की जानकारी ली है। रक्षा मंत्री CDS के भी संपर्क में हैं। मुरैना में सुखोई 30 और मिराज 2000 विमान क्रैश हो गए हैं। सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। पूरे इलाके को घेर लिया गया है। वहीं मुरैना के डीएम ने बताया कि वह एसपी के साथ हादसे की जगह जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन मौके पर मौजूद हैं। फायर ब्रिग्रेड की गाड़िया मौके पर रवाना कर दी गई हैं।

टीएसीडीई का हिस्सा था सुखोई-30 और मिराज 2000 विमान

आपको बता दें कि ग्वालियर एयरबेस पर मिराज फाइटर जेट का बड़ा बेस तो है ही, साथ ही वायुसेना का कॉम्बैट ट्रेनिंग सेंटर भी है। टीएसीडीई यानी टेक्टिक्स एंड एयर कॉम्ब डेवलपमेंट एस्टेबिलिशमेंट है। इस टीएसीडीई में फाइटर पायलट एडवांस कॉम्बैट ट्रेनिंग के लिए आते हैं। जो सुखोई और मिराज लड़ाकू विमान क्रैश हुआ है वो इसी टीएसीडीई का हिस्सा थे।

विमान हादसे पर सीएम शिवराज ने जताया दुख

राज्य के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्लेन हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि मुरैना के कोलारस के पास वायुसेना के सुखोई-30 और मिराज-2000 विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर अत्यंत दुखद है। मैंने स्थानीय प्रशासन को त्वरित बचाव एवं राहत कार्य में वायुसेना के सहयोग के निर्देश दिए हैं। विमानों के पायलट के सुरक्षित होने की ईश्वर से कामना करता हूं।

कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश

ग्वालियर एयर बेस पर सेंट्रल एयर कमान अभ्यास चल रहा था। ये अभ्यास सुखोई-30 और मिराज 2000 की क्षमता और स्थिति जांचने के लिए किया जा रहा था। ग्वालियर बेस मिराज का बेस है और हादसे से पहले रडार और एटीसी सक्रिय थे। इस घटना को लेकर कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं। एयर मार्शल एपी सिंह इस इन्क्वायरी की अध्यक्षता कर रहे हैं। एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंच चुके हैं।

विमान हादसे पर पीएमओ और रक्षा मंत्री एक्टिव

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भारतीय वायु सेना के दो विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर वायु सेना प्रमुख द्वारा जानकारी दी गई है। रक्षा मंत्री ने भारतीय वायुसेना के पायलटों की हालत के बारे में जानकारी ली और घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक़ इन दोनों लड़ाकू विमानों के क्रैश की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइज़र को भी दी गई है।

मिराज 2000 विमान की खासियत

फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट द्वारा निर्मित मिराज 2000 फाइटर जेट भारतीय वायुसेना के टॉप फाइटर जेट में से एक है। यह विमान पहली बार साल 1985 में भारतीय वायुसेना का हिस्सा बना था। भारतीय वायुसेना के पास 50 मिराज 2000 फाइटर जेट हैं। सिंगल शाफ्ट इंजन SNECMA M53 से लैस यह विमान सिंगल सीटर है। मिराज 2000 की लंबाई 14.36 मीटर, पंखों समेत चौड़ाई 91.3 मीटर है। इस प्लेन का कुल वजन 7500 किलोग्राम है, जो कुल 17 हजार किलोग्राम वजन को लेकर उड़ान भर सकता है।

मिराज 2000 फाइटर जेट की टॉप स्पीड 2336 किलोमीटर प्रतिघंटा है और यह एक बार में अधिकतम 1550 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। बता दें कि मिराज 2000, रूस में बने सुखोई 30 से भी तेजी से उड़ान भर सकता है। मिराज अधिकतर 59 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है।

सुखोई-30 विमान की खासियत

सुखोई-30 चौथी पीढ़ी का फाइटर जेट है, जिसके आधुनिक वर्जन सुखोई 30 एमकेआई को रूस की कंपनी सुखोई और भारतीय कंपनी एचएएल ने मिलकर विकसित किया है। दो सीटों वाला यह मल्टी रोल फाइटर जेट दुनिया के सक्षम लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। इस विमान में दो टर्बोजेट इंजन लगे हैं, जो अधिकतम 2120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। 21.9 मीटर लंबा और 6.4 मीटर ऊंचे इस विमान की कुल चौड़ाई 14.7 मीटर है।

यह विमान कुल 38,800 किलोग्राम वजन लेकर उड़ान भर सकता है। सुखोई 30 300 मीटर प्रतिसेंकेंड की रफ्तार से ऊंचाई की तरफ उड़ान भर सकता है। सुखोई एक बार में अधिकतम 3000 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। सुखोई 30 दुनिया के सबसे ज्यादा हथियारों से लैस फाइटर प्लेन में शुमार होता है और भारत में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल समेत कई घातक मिसाइलों को लेकर उड़ान भर सकता है। यह विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ की हड्डी माना जाता है।

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सीएम योगी के सामने ‘कुर्सी’ के लिए भिड़ गए मंत्री और पूर्व मंत्री, वीडियो हुआ वायरल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया था। गणतंत्र दिवस समारोह में यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ समेत सभी बड़े नेता पहुंचे थे। इसके बाद कई जगहों पर गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम हुआ। लखनऊ में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान पूर्व मंत्री मोहसिन रजा ने ऐसी हरकत की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

इस वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पूर्व मंत्री मोहसिन रजा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी को कुर्सी से हटाते नजर आए। हालांकि, मौजूदा मंत्री ने समझदारी दिखाई और पीछे हट गए। अब पूर्व मंत्री की आलोचना हो रही है कि उन्‍हें सबके सामने ऐसा नहीं करना चाहिए था। बता दें कि पूर्व मंत्री मोहसीन रजा मंत्री को हटाकर दानिश आजाद अंसारी को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री का पद दिया गया है।

कैसे एक पूर्व मंत्री कुर्सी को लेकर मौजूदा मंत्री से भिड़ गए ?

लखनऊ में गणतंत्र दिवस समारोह में यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश अंसारी और यूपी के पूर्व मंत्री मोहसीन रजा भी थे। कार्यक्रम के दौरान दानिश अंसारी सीएम योगी के साथ मंच पर बैठने पहुंचे ही थे। तभी दूसरी तरफ से  मोहसिन रजा भी ठीक उसी जगह आ गए जहां दानिश लगभग बैठ गए थे। मोहसिन रजा ने उन्‍हें बीच में ही रोक दिया और धकेलते हुए अगली सीट पर बैठने को कहने लगे। ये घटना मंच पर उस दौरान हुई जब यहां योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत बीजेपी के कई बड़े नेता मौजूद थे। इसी कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मोहसिन रजा ने किया ट्वीट

मोहसिन रजा ने इस कार्यक्रम को लेकर ट्वीट भी किया। इसमें उन्होंने कहा कि लखनऊ विधानसभा मार्ग पर महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ 74वें गणतंत्र_दिवस पर आयोजित सैन्य शक्ति प्रदर्शन और परेड़ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

पिछली सरकार में अल्पसंख्यक मंत्री थे मोहसिन रजा

बता दें मोहसिन रजा पिछली सरकार में अल्पसंख्यक मंत्री थे। इस बार इस विभाग की कमान दानिश आजाद अंसारी को सौंपी गई है। दानिश आजाद अंसारी पसमांदा समाज से आते हैं। पसमांदा समाज को बीजेपी इन दिनों साधने में लगी हई है। यही कारण है कि सरकार में दानिश आजाद अंसारी का कद बढ़ गया है।

डिप्टी सीएम के साथ बात कर रहा था, इसलिए बगल में बैठा’

वीडियो वायरल होने के बाद मोहसिन रजा ने सफाई दी। उन्होंने कहा, “कोई विशेष बात नहीं है। डिप्टी सीएम से बात कर रहा था, इसलिए वहीं बैठ गया। इसके अलावा वहां पर कोई ऐसा प्रोटोकॉल नहीं था, जो भी हुआ जल्दबाजी में यह हुआ। दानिश आजाद भी इस बात से सहमत थे, तो वह बगल वाली सीट पर बैठ गए।

इस पर क्या बोला जाए – मंत्री दानिश आजाद

इस मसले पर मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, “कुछ कहने जैसी बात ही नही हैं। अब इस पर क्या बोला जाए ? यह ऐसी कौन-सी बड़ी बात हैं, जिस पर चर्चा हो। इससे दानिश अंसारी पल भर को असहज हुए लेकिन तुरंत उन्‍होंने मामला संभाल लिया और बगल के सोफे पर बैठ गए। लेकिन इस घटना के दौरान दानिश अंसारी के चेहरे पर अजीब सा भाव साफ देखा जा सकता है।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद चर्चा है कि एक सीनियर मेंबर होने के नाते मोहसिन रजा को बडप्‍पन दिखाना चाहिए था और दानिश जहां बैठ रहे थे वहां बैठने देते।

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टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को रौंद फाइनल में की एंट्री, वर्ल्ड चैम्पियन बनने से महज एक कदम दूर

शेफाली वर्मा की अगुआई में टीम इंडिया की युवा महिला टीम ने अंडर 19 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में अब एंट्री कर ली है। भारतीय महिला अंडर-19 टीम अब विश्व चैंपियन बनने से महज एक कदम दूर है। टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइल मुकाबले में आसान जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। टीम इंडिया का मुकाबला अब फाइनल में आज शाम होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा। दूसरा सेमीफाइनल मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच होगा। इस मैच में जो भी जीतेगा। उसका सामना 29 जनवरी को खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया से होगा।

टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को धोया

भारत ने न्यूजीलैंड को आठ विकेट से हराकर अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में जगह बना ली है। यहां भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 108 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत के लिए सबसे ज्यादा तीन विकेट परशवी चोपड़ा ने लिए। वहीं, उपकप्तान श्वेता सेहरावत ने नाबाद 61 रन बनाए।

टीम इंडिया की जीत में स्टार खिलाड़ी रहीं पार्श्वी चोपड़ा और श्वेता शेहरावत

इस मैच की बात करें तो भारत की जीत की दो स्टार खिलाड़ी रहीं पार्श्वी चोपड़ा और श्वेता शेहरावत। गेंदबाजी में कमाल करते हुए पार्श्वी ने जलवा दिखाया और 4 ओवर में महज 20 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं बल्लेबाजी में ओपनर श्वेता शेहरावत ने 45 गेंदों पर 61 रनों की नाबाद पारी खेली और टीम को आसान जीत तक पहुंचाया। इसके अलावा भारतीय कप्तान शेफाली वर्मा के प्रदर्शन की बात करें तो गेंदबाजी ने उन्होंने बेहद किफायती योगदान दिया। शेफाली ने 4 ओवर गेंदबाजी की और 1 विकेट लेते हुए महज 7 रन दिए। इसके बाद बल्लेबाजी में उन्होंने 9 गेंदों पर सिर्फ 10 रन बनाए और यहां खास योगदान नहीं दे सकीं।

पहली पारी में क्या हुआ ?

तीन रन के स्कोर पर टीम का पहला विकेट गिरा और पांच रन के स्कोर पर दोनों सलामी बल्लेबाज पवेलियन लौट गईं। एना ब्राउनिंग ने एक और एमा मैक्लॉयड ने दो रन बनाए। इसके बाद जॉर्जिया प्लिमर ने एक छोर संभाला और इसाबेल ने 22 गेंद में 26 रन बनाकर कीवी टीम की मैच में वापसी कराई। कप्तान शार्प भी 13 रन बनाकर आउट हो गईं और 74 रन पर न्यूजीलैंड की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। इसके बाद एमा इरविन तीन, केट इरविन दो, लॉगनेबर्ग चार और नताशा तीन रन बनाकर आउट हुईं। इस बीच प्लिमर भी तेजी से रन बनाने के चक्कर में 32 गेंद में 35 रन बनाकर आउट हो गईं।

टूर्नामेंट में कैसा रहा टीम इंडिया का प्रदर्शन ?

अगर पूरे टूर्नामेंट में टीम इंडिया के परफॉर्मेंस पर नजर डालें तो भारतीय टीम ने सिर्फ एक मैच गंवाया है। पहले मैच में भारत ने साउथ अफ्रीका को 7 विकेट से हराकर विजयी आगाज किया था। उसके बाद यूएई को 122 रनों से हराकर टीम ने विशाल जीत दर्ज की। फिर स्कॉटलैंड को भी टीम इंडिया ने हराया।

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम को एकमात्र झटका लगा जहां वह महज 87 रनों पर सिमट गई और मुकाबला 7 विकेट से गंवाया। उस हार के बाद शेफाली की टीम ने वापसी करते हुए श्रीलंका को 7 विकेट से पीटा और अब न्यूजीलैंड को 8 विकेट से हराकर फाइनल में एंट्री मार ली है। भारतीय टीम ग्रुप डी में और उसके बाद सुपर सिक्स में पॉइंट्स टेबल की टॉपर रही थी।

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विवाद बढ़ा , बीबीसी डॉक्यूमेंट्री में पीएम मोदी की भूमिका पर सवाल ?

गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। कोलकाता में वाम दलों के छात्र संगठन एसएफआई ने प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय में इसकी स्क्रीनिंग का ऐलान किया है। गुजरात दंगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाती बीबीसी डॉक्यूमेंट्री शुरू से ही विवादों में रही है।

डीयू यूनिवर्सिटी में भी कुछ छात्र संगठन ने स्क्रीनिंग का ऐलान किया है। इसे लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रॉक्टर रजनी अब्बी ने पहले ही दिल्ली पुलिस को खत लिखकर उचित कार्रवाई की बात कही है। बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के रिलीज होने के बाद केंद्र सरकार और बीजेपी ने इसे पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रोपेगेंडा करार दिया था।

विपक्षी दल इस डॉक्यूमेंट्री के जरिये बीजेपी और पीएम मोदी पर हमलावर हो गए थे। आइए जानते हैं कि बीबीसी डॉक्यूमेंट्री मामले में अब तक क्या हुआ है ?

कब सामने आई बीबीसी डॉक्यूमेंट्री ?

गुजरात दंगों में पीएम नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल खड़े करने वाली बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ दो एपिसोड में सबके सामने आई। इसका पहला एपिसोड 17 जनवरी को और दूसरा एपिसोड 24 जनवरी को यूट्यूब पर रिलीज किया गया। पहला एपिसोड आने के साथ ही भारत में विपक्ष के नेताओं और कुछ संगठनों ने इसे हाथोंहाथ लिया। बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के जरिये पीएम मोदी और बीजेपी पर निशाना साधना शुरू कर दिया गया।

केंद्र सरकार ने इस डॉक्यूमेंट्री पर लगाया बैन

बीबीसी डॉक्यूमेंट्री का दूसरा एपिसोड रिलीज होने से पहले ही केंद्र की मोदी सरकार ने 21 जनवरी को इस पर प्रतिबंध लगा दिया। केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद यूट्यूब और ट्विटर से बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के लिंक हटा दिए गए थे। हालांकि, भारत से बाहर यूट्यूब और ट्विटर पर ये डॉक्यूमेंट्री अभी भी मौजूद है। इसका दूसरा एपिसोड भी रिलीज किया जा चुका है। केंद्र सरकार ने इसे दुष्प्रचार का हिस्सा बताया था।

शुरू हुआ डॉक्यूमेंट्री पर बवाल

बीबीसी डॉक्यूमेंट्री रिलीज होने के बाद से ही सुर्खियों में बनी हुई थी। हालांकि, इस पर बवाल की शुरुआत केंद्र सरकार की ओर से यूट्यूब और ट्विटर पर डॉक्यूमेंट्री को बैन करने के बाद शुरू हुआ। केंद्र सरकार के बैन लगाने के बाद जेएनयू में इसकी स्क्रीनिंग रखी गई। आरोप लगाया गया कि स्क्रीनिंग रोकने के लिए एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी और मारपीट की।

ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने कर दी बोलती बंद

भारत के खिलाफ जगर उगलने के लिए मशहूर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री पर भारत सरकार के विरोध जताने से पहले ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने ब्रिटिश संसद में सबकी बोलती बंद कर दी। ऋषि सुनक ने ब्रिटेन की संसद में बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री पर बोलते हुए कहा कि ‘बेशक, हम कहीं भी उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करते हैं। लेकिन माननीय सज्जन को जिस तरह से दिखाया गया है। मैं उससे बिल्कुल सहमत नहीं हूं।

विपक्षी नेताओं ने बैन पर जताया गुस्सा

कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों के नेताओं ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर बैन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सच कभी नहीं छिपता है। सत्य सत्य होता है , ये बाहर आ ही जाता है। वहीं, टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने ट्विटर पर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री का लिंक शेयर करते हुए लिखा कि हमें क्या देखना है, यह हम तय करेंगे। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर ट्वीट को ट्विटर ने डिलीट कर दिया है।

पंजाब यूनिवर्सिटी में स्क्रीनिंग पर बवाल

पंजाब यूनिवर्सिटी में भी एनएसयूआई ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की थी। जिसे लेकर काफी बवाल हुआ , अलग-अलग वामपंथी संगठनों के सदस्यों ने एबीवीपी के खिलाफ 26 जनवरी को जेएनयू परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। वामपंथी छात्रों ने दावा किया कि विवादित डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन के दौरान उन पर पत्थर फेंके गए। मार्च निकाल कर एबीवीपी के खिलाफ नारे लगाए गए।

स्क्रीनिंग को लेकर जामिया में बवाल

जेएनयू के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में 25 जनवरी की शाम को एनएसयूआई और एसएफआई ने बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेंटी को दिखाने की तैयारियां चल रही थीं। इससे पहले ही वहां पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया था। कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया गया। जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कहा गया कि डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की इजाजत नहीं ली गई है। निहित स्वार्थ वाले लोगों और संगठनों को माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिन्हें रोकने के लिए उपाय किए जा रहे हैं।

डीयू की आर्ट फैकल्टी में स्क्रीनिंग पर विवाद

बीबीसी डॉक्यूमेंट्री का विवाद जेएनयू व जामिया से चलकर दिल्ली यूनिवर्सिटी पहुंच गया है। एनएसयूआई केरला द्वारा आर्ट फैकल्टी में स्क्रीनिंग के लिए 4:00 बजे का समय दिया था। लेकिन इसका आयोजन नहीं हो सका। कोई विवाद ना हो इसलिए गेट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने धारा 144 भी लगा दी है। वहीं प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

कांग्रेस ने कई राज्यों में की डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग

कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के साथ ही पार्टी ने भी देश के कई राज्यों में बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 26 जनवरी को अपने कार्यालय में बीबीसी डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया। केरल इकाई के महासचिव जीएस बाबू ने कहा कि हमें आम जनता से डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इसके अलावा अन्य प्रदेशों में भी कांग्रेस पदाधिकारियों ने इसकी स्क्रीनिंग रखी।

गोवा के राज्यपाल ने बताया दुर्भावनापूर्ण

बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लै ने कहा कि ये भारत के खिलाफ ‘षड्यंत्र’ है। उन्होंने कहा कि ये डॉक्यूमेंट्री ‘प्रधानमंत्री का चरित्र हनन’, देश के खिलाफ हमले, उनके अपमान और दुर्भावनापूर्ण कृत्य के समान है। उन्होंने कहा, ‘इस मामले में प्रधानमंत्री पर हमला भारतीय न्यायपालिका के लिए भी चुनौती है। उसने इस मामले (गुजरात दंगों) पर नजर रखी है और इससे प्रधानमंत्री को जोड़ने का सवाल ही नहीं है।

केरल के राज्यपाल जताई हैरानी

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेंट्री पर कहा कि वह इस बात पर हैरान है कि लोग एक विदेशी डॉक्यूमेंट्री निर्माता, ‘वह भी हमारे औपनिवेशिक शासक’, की राय को देश की शीर्ष अदालत के फैसले से अधिक महत्व दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘इतने सारे न्यायिक फैसले, जिनमें इस जमीन की शीर्ष अदालत का फैसला भी शामिल है। इन सभी चीजों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। यह एक ऐसा समय है जब भारत ने जी20 की अध्यक्षता ग्रहण की है। इस झूठी सामग्री को सामने लाने के लिए यह विशेष समय क्यों चुना गया ?

डॉक्यूमेंट्री विवाद पर अनिल एंटनी ने छोड़ी कांग्रेस

कांग्रेस नेता एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने 25 जनवरी को कांग्रेस से इस्तीफा देने का एलान किया। अनिल एंटनी ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर कांग्रेस की पार्टीलाइन से अलग हटकर उसका विरोध किया था। अनिल एंटनी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘मैंने कांग्रेस से अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। मुझ पर एक ट्वीट को वापस लेने के असहिष्णुता से दबाव बनाया जा रहा था। वह भी उनकी तरफ से जो अभिव्यक्ति की आजादी के लिए खड़े होने की बात करते हैं। मैंने मना कर दिया।

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‘सिंधु जल संधि’ में संशोधन के लिए भारत का पाकिस्तान को नोटिस

सितंबर 1960 की सिंधु जल संधि में संशोधन को लेकर भारत ने पाकिस्तान को नोटिस जारी किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को अक्षरश: लागू करने में भारत दृढ़ समर्थक जिम्मेदार भागीदार रहा है। सूत्रों ने बताया कि सिंधु जल के लिए संबंधित आयुक्तों के माध्यम से 25 जनवरी को सिंधु जल संधि के अनुच्छेद XII (3) के अनुसार नोटिस दिया गया था।

सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान की कार्रवाइयों ने सिंधु जल संधि के प्रावधानों और उनके कार्यान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है और भारत को सिंधु जल संधि के संशोधन के लिए एक उचित नोटिस जारी करने के लिए मजबूर किया है।

सूत्रों के मुताबिक, 2015 में पाकिस्तान ने भारत की किशनगंगा और रातले हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर अपनी तकनीकी आपत्तियों की जांच के लिए एक तटस्थ विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए अनुरोध किया था। 2016 में पाकिस्तान ने एकतरफा रूप से इस अनुरोध को वापस ले लिया और प्रस्तावित किया कि एक मध्यस्थता अदालत उसकी आपत्तियों पर फैसला सुनाए।

पाकिस्तान ने किया सिंधु जल संधि का उल्लंघन

सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान की यह एकतरफा कार्रवाई आईडब्ल्यूटी के अनुच्छेद IX का उल्लंघन है। इसी के अनुसार, भारत ने इस मामले को एक तटस्थ विशेषज्ञ के पास भेजने के लिए एक अलग अनुरोध किया। सूत्रों ने कहा कि एक ही प्रश्न पर एक साथ दो प्रक्रियाओं की शुरुआत और उनके असंगत या विरोधाभासी परिणामों की संभावना एक अभूतपूर्व और कानूनी रूप से अस्थिर स्थिति पैदा करती है। जो स्वयं सिंधु जल संधि को खतरे में डालती है। यही कारण है कि विश्व बैंक ने 2016 में इसे स्वीकार किया और दो समानांतर प्रक्रियाओं की शुरुआत को रोकने का निर्णय लिया और साथ ही भारत और पाकिस्तान से सौहार्दपूर्ण तरीके से इस स्थिति से बाहर निकलने का अनुरोध किया।

सिंधु जल संधि पर चर्चा करने से करता रहा है इनकार

पारस्परिक रूप से सहमत तरीके से आगे बढ़ने के लिए भारत द्वारा बार-बार प्रयास करने के बावजूद, पाकिस्तान ने 2017 से 2022 तक स्थायी सिंधु आयोग की पांच बैठकों के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा करने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान के निरंतर आग्रह पर, विश्व बैंक ने हाल ही में तटस्थ विशेषज्ञ और कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन प्रक्रियाओं दोनों पर कार्रवाई शुरू की है। समान मुद्दों पर इस तरह के समानांतर विचार सिंधु जल समझौते के किसी भी प्रावधान के अंतर्गत नहीं आते हैं।

सिंधु जल संधि क्या है ?

दरअसल, सिंधु जल संधि के प्रावधानों के तहत सतलज, व्यास और रावी का पानी भारत को और सिंधु, झेलम और चिनाब का पानी पाकिस्तान को दिया गया है। भारत और पाकिस्तान ने नौ सालों की बातचीत के बाद 19 सितंबर 1960 में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें विश्व बैंक भी एक हस्ताक्षरकर्ता (सिग्नेटरी) है। दोनों देशों के जल आयुक्तों को साल में दो बार मुलाकात करनी होती है और परियोजना स्थलों एवं महत्त्वपूर्ण नदी हेडवर्क के तकनीकी दौरे का प्रबंध करना होता है।

read more : छात्रों से पीएम मोदी ने कहा,” परीक्षा पे चर्चा मेरी भी सबसे बड़ी परीक्षा”

छात्रों से पीएम मोदी ने कहा,” परीक्षा पे चर्चा मेरी भी सबसे बड़ी परीक्षा”

बोर्ड की परीक्षाएं शुरु होने वाली हैं और इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी देश भर के छात्रों के साथ परीक्षा पर चर्चा कर रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मुझे ये परीक्षा देने में खुशी होती है। पीएम मोदी ने कहा कि ‘परीक्षा पर चर्चा’ मेरी भी परीक्षा है। इस दौरान एक छात्र के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि परिवार की अपेक्षाएं स्वभाविक हैं।सोशल स्टेटस को देखकर अपेक्षा करना गलत है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष परीक्षा पे चर्चा में हिस्सा लेने के लिए रिकॉर्ड 38.80 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक है। इसमें से 16 लाख छात्र राज्य बोर्डों से हैं।

‘परीक्षा पे चर्चा’ एक सालाना कार्यक्रम है, जहां पीएम मोदी आगामी बोर्ड परीक्षाओं में हिस्सा लेने वाले छात्रों के साथ बातचीत करते हैं।इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी परीक्षा के तनाव और अन्य मुद्दों से जुड़े छात्रों के सवालों का जवाब भी देते हैं।

‘परीक्षा पे चर्चा मेरी भी परीक्षा है’- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोटि-कोटि विद्यार्थी मेरी परीक्षा लेते हैं और इससे मुझे खुशी मिलती है। ये देखना मेरा सौभाग्य है कि मेरे देश का युवा मन क्या सोचता है। परिवारों में उम्मीदें होना स्वाभाविक है। लेकिन अगर परिवार के सदस्य सिर्फ अपनी सामाजिक स्थिति के लिए उम्मीदें लगाए हुए हैं, तो यह चिंता का विषय है। अगर आप अच्छा कर रहे हैं तो सभी को आपसे काफी उम्मीदें होंगी। मैं राजनीति में हूं और मेरे साथ भी ऐसा ही होता है।

स्मार्टली करें हार्डवर्क – पीएम मोदी

पहले काम को समझिए। हमें भी जिस चीज की जरूरत है उसी पर फोकस करना चाहिए। अगर मुझे कुछ अचीव करना है तो मुझे स्पेसिफिक एरिया पर फोकस करना होगा, तभी परिणाम मिलेगा। हमें ‘स्मार्टली हार्डवर्क’ करना चाहिए, तभी अच्छे परिणाम मिलेंगे। जब एक बार आप इस सत्य को स्वीकार कर लेते हैं कि मेरी एक क्षमता है और मुझे अब इसके अनुकूल चीजों को करना है। आप जिस दिन अपने सामर्थ्य को जान जाते हैं, उस दिन बहुत बड़े सामर्थ्यवान बन जाते हैं।

बच्चों पर दवाब ना बनाएं

इस दौरान छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने पेरेंट्स को संदेश दिया और कहा कि सोशल स्टेटस को देख बच्चों पर दबाव ना बनाएं। आप अच्छा करेंगे तो भी अपेक्षाएं रहेंगी। इस दौरान पीएम मोदी ने खेल का उदाहरण देते हुए छात्रों को समझाया कि क्रिकेटर दर्शकों के दबाव में चौके-छक्के नहीं लगाता। खिलाडी फोकस्ड रहता है और गेंद के हिसाब से शॉट लगाता है। पीएम ने कहा कि हमें दबाव से दबना नहीं चाहिए। हम पर भी कोई चुनाव ना हारने का दबाव बनाया जाता है।

तनाव मुक्त और खुश रहें – पीएम मोदी

परीक्षा पे चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने तनाव मुक्त रहने की सीख देते हुए कहा, आपकी तरह हमें भी अपने राजनीतिक जीवन में इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। चुनावों के उत्कृष्ट परिणाम हमेशा ‘और अधिक उत्कृष्ट’ होने की अपेक्षा की जाती है। तो चिंता मत करो, बस तनाव मुक्त और खुश रहने के साथ-साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करें।

टाइम मैनेजमेंट पर बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इस दौरान समय के मैनेजमेंट पर भी छात्रों को जागरुक किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि अगर आपक टाइम मैनेजमेंट सीखना है तो अपनी मां से सीखें। मां बच्चे के स्कूल टाइम के हिसाब से सारे काम मैनेज कर लेती हैं। मां के पास घर में सबसे ज्यादा काम होता है, फिर भी टाइम मैनेज कर लेती हैं। समस्या का आराम से सॉल्यूशन निकालें। इतना ही नहीं पीएम ने बच्चों से कहा कि काम ना करने से थकान होती है। काम करने से सिर्फ संतोष होता है।

पीएम मोदी ने परीक्षा में नकल पर कहा

परीक्षा पर चर्चा में छात्रों से संवाद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा में गलत प्रैक्टिस से महनती बच्चे डरते हैं। नकल से महनती बच्चों का मन दुखी होता है। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ छात्र नकल करने के तरीके ढूंढने में तेज होते हैं। ऐसे छात्र छोटे-छोटे अक्षरों की पर्चा बनाते हैं। इसके बजाय ऐसे छात्रों को इस टैलेंट का इस्तेमाल सीखने में लगाना चाहिए।

छात्र ये बात समझ कर चलें कि अब जिंदगी और जगत बहुत बदल चुका है। आज आपको डगर-डगर पर परीक्षा देनी है। इसलिए जो नकल करने वाला है वो एक-दो एग्जाम तो पार कर जाएगा, लेकिन जिंदगी कभी पार नहीं कर पाएगा।

परीक्षा में चीटिंग से कैसे बचें ?

पीएम मोदी ने इसका जवाब देते हुए कहा कि मेहनती छात्रों को इसकी बहुत चिंता जरूर होती है कि दूसरे छात्र नकल करके पास हो जाते हैं। कई छात्र गर्व से कहते होंगे कि मैंने टीचर को बेवकूफ बना दिया। मूल्यों में खतरनाक बदलाव आया है। कूछ स्कूल या टीचर, जो ट्यूशन देते हैं। उनको लगता है कि मेरा छात्र अच्छे नंबर से पास हो जाए, तो वे उनको मदद करते हैं।

परीक्षा पे चर्चा एक जन आंदोलन- धर्मेंद्र प्रधान

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, परीक्षा पर चर्चा एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। बच्चों पर जो अभिभावक, शिक्षक और समाज का दवाब रहता है। उसको समझते हुए पीएम नरेंद्र मोदी उस दुविधा को स्वयं हमारे बीच समाधान देने के लिए उपस्थित हुए हैं।

read more : अलाया अपार्टमेंट हादसे में बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने नवाजिश शाहिद को लिया हिरासत में

अलाया अपार्टमेंट हादसे में बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने नवाजिश शाहिद को लिया हिरासत में

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में वज़ीर हसन रोड पर स्थित 5 मंजिला ईमारत (अलाया अपार्टमेंट) गिरने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री और सपा विधायक शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश शाहिद को हिरासत में लिया है। इस अपार्टमेंट को शाहिद मंजूर के भतीजे मोहम्मद तारिक और बेटे नवाजिश शाहिद ने खरीदा था।

पुलिस ने शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश को हिरासत में लेकर एक घंटा पूछताछ की और रात करीब डेढ़ बजे अपने साथ लखनऊ ले आई। अलाया अपार्टमेंट को यजदान बिल्डर्स ने बनवाया था। वहीं, नवाजिश के चचेरे भाई मोहम्मद तारिक की मेरठ पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है। उसे भी हिरासत में लेने के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं।

शाम करीब 6 बजकर 45 मिनट पर हुआ था हादसा

दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मंगलवार की दोपहर को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.8 मापी गई थी और इसका केंद्र नेपाल में था। इस 5 मंजिला इमारत में करीब 16 फ्लैट थे और सबसे ऊपर पेंट हाउस था। आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह हादसा शाम करीब 6 बजकर 45 मिनट पर हुआ। इमारत ढहने की जगह तैनात पुलिसकर्मियों को शोकाकुल परिजनों को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

नवाजिश शाहिद की बेटी के नाम अलाया अपार्टमेंट

बता दें कि इस अपार्टमेंट का नाम विधायक शाहिद मंजूर की पोती यानि बेटे नवाजिश शाहिद की बेटी अलाया के नाम पर ही है। शाहिद मंजूर मेरठ के किठौर से विधायक हैं। इस हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 लोगों को मलबे से निकाल लिया गया है। 2 लोगों के अब भी जमींदोज हो चुकी इमारत के मलबे में फंसे होने की आशंका है। 5 मंजिला इस बिल्डिंग के गिरने की वजह का तो अभी पता नहीं लगा है, लेकिन इसे कल दोपहर में आए भूकंप से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

यजदान बिल्डर्स द्वारा बनाई बिल्डिंग्स की होगी जांच

इस बीच लखनऊ की मंडलायुक्त डॉक्टर रोशन जैकब ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि हजरतगंज के वजीरगंज हसन रोड पर बने अलाया अपार्टमेंट के गिरने पर बिल्डिंग के मालिकों मोहम्मद तारीफ और नवाजिश शाहिद के साथ-साथ इस अपार्टमेंट को बनाने वाले यजदान बिल्डर्स पर तत्काल केस दर्ज किया गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लखनऊ में यजदान बिल्डर्स के द्वारा बनाई गई अन्य बिल्डिंगों को चिन्हित कर जांच कराई जाए और अगर कोई इमारत अवैध रूप से बनाई गई है तो उसके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए।

दोषी पाए जाने पर होगी जेल

आपको बता दें कि लखनऊ के अलाया अपार्टमेंट बिल्डिंग करने से हड़कंप मचा हुआ है। देर रात से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें अब तक 15 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू करके अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। सूत्रों की मानें तो बिल्डिंग का चौथा फ्लोर अवैध रूप से बनाया गया था। इसके अलावा बेसमेंट में पाइप लाइन डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान बिल्डिंग गिर गई। फिलहाल पुलिस के पास कई ऐसे सवाल हैं जिसका जवाब नवाजिश को देना होगा। अगर नवाजिश दोषी पाए गए तो गिरफ्तारी के बाद जेल भी जाना पड़ सकता है।

उधर, पूर्व सपा नेता जीशान हैदर की मां बेगम हैदर और उनकी पत्नी उज़्मा हैदर की इस हादसे में मौत हो गई। लखनऊ में सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उनकी मौत की पुष्टि की है। एक ही परिवार में दो लोगो की हुई मौत से कोहराम मच गया है।

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रिटायर प्रोफेसर और लेखक केएस भगवान ने भगवान राम को लेकर दिया विवादित बयान

रामचरितमानस विवाद के बाद अब कर्नाटक के प्रोफेसर और लेखक केएस भगवान ने भगवान राम को लेकर एक और विवाद को हवा देने का काम किया है। उन्होंने भगवान राम और सीता को लेकर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। प्रोफेसर केएस भगवान ने दावा किया कि ‘वाल्मीकि रामायण’ में कहा गया है कि भगवान राम हर दोपहर अपनी पत्नी सीता के साथ बैठकर शराब पीते थे।

उन्होंने बिना परवाह किए अपनी पत्नी सीता को जंगल में भेज दिया। प्रोफेसर केएस भगवान ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आखिर राम कैसे आदर्श हो सकते हैं। राम राज्य बनाने की बात चल रही है लेकिन वाल्मीकि रामायण के उत्तर कांड को पढ़ने से पता चलता है कि भगवान राम आदर्श नहीं थे। उन्होंने 11,000 वर्षों तक शासन नहीं किया बल्कि केवल 11 वर्षों तक शासन किया था।

प्रोफेसर केएस भगवान के दावे से भड़क सकता है विवाद

प्रोफेसर केएस भगवान के इस तरह के दावे से एक और विवाद भड़क सकता है। धार्मिक और साहित्यिक जानकार ये पहले से ही कहते रहे हैं कि उत्तर कांड मूल रामायण का हिस्सा नहीं था और वाल्मीकि ने इसे कभी नहीं लिखा था। यह सब बाद में रामायण में जोड़ा गया था।

क्या कहा प्रोफेसर केएस भगवान ने….

लेखक और रिटायर्ड प्रोफेसर केएस भगवान ने कर्नाटक के मांड्या जिले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दोपहर में राम की मुख्य गतिविधि सीता के साथ बैठकर शराब पीना था। मैं यह नहीं कह रहा हूं। दस्तावेज और वाल्मीकि रामायण ये कहते हैं। केएस भगवान ने दावा किया कि ‘वाल्मीकि रामायण’ में ऐसा कहा गया है।

प्रोफेसर के एस भगवान केवल इतने पर ही नहीं रूके। उन्होंने दावा किया कि बिना परवाह किए अपनी पत्नी सीता को जंगल में भेज दिया। एक पेड़ के नीचे तपस्या कर रहे शूद्र शंबूक का सिर काट दिया। वे कैसे आदर्श हो सकते हैं। केएस भगवान ने कहा कि वाल्मीकि रामायण के उत्तर कांड को पढ़ने से पता चलता है कि भगवान राम आदर्श नहीं थे। उन्होंने 11,000 सालों तक शासन नहीं किया, बल्कि केवल 11 सालों तक शासन किया था।

प्रोफेसर केएस भगवान पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

बता दें कि इससे पहले भी कन्नड़ लेखक केएस भगवान भगवान राम पर विवादित बयान दे चुके हैं। साल 2018 में कन्नड़ लेखक ने राम मंदिर पर पुस्तक “राम मंदिर येके बेड़ा” जारी की थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि भगवान राम ‘नशीला पदार्थ’ लेते थे और सीता को भी उसाका सेवन कराते थे।

कन्नड़ लेखक ने कहा था कि उन्होंने अपना बयान ‘वाल्मीकि रामायण’ के आधार पर दिया। अपने विवादास्पद बयानों के कारण वे लगातार दक्षिणपंथी समूहों के निशाने पर रहे हैं। प्रोफेसर केएस भगवान को कथित रूप से हत्या की धमकी भी मिल चुकी है। बहरहाल प्रोफेसर केएस भगवान पहले भी साफ कह चुके हैं कि भले ही मुझे मारने की धमकी मिल रही है लेकिन इससे मेरा रुख नहीं बदलेगा।

read more : जयंत चौधरी ने सीएम योगी की लिखा पत्र, किसानों के लिए की ये बड़ी मांग…

जयंत चौधरी ने सीएम योगी की लिखा पत्र, किसानों के लिए की ये बड़ी मांग…

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पत्र लिखा है। आरएलडी प्रमुख ने अपने पत्र में सीएम योगी से गन्ना किसानों के भूगतान को लेकर मांग की है। पत्र में उन्होंने सीएम से बजट सत्र के दौरान गन्ने का लाभकारी मूल्य अतिशीघ्र घोषित करने की मांग रखी है। जयंत चौधरी ने अपने पत्र में लिखा, “गन्ने का वर्तमान पेराई सत्र आधे से ज्यादा बीत चुका है। किन्तु सरकार ने अभी तक गन्ना मूल्य की घोषणा नहीं की है। गन्ना किसान बिना यहा जाने कि उसके उत्पाद की क्या कीमत मिलेगी, मिलों को लगातार गन्ना की आपूर्ति करने को विवश हैं। कोई भी उत्पाद ऐसा नहीं होगा, जिसका मुल्य जाने बिना उत्पादक निरंतर उसकी आपूर्ति करता रहे।

तीन महीने गन्ना पेराई सत्र के बीते

गन्ना पेराई सत्र उत्तर प्रदेश में तीन महीने से चल रहा है, लेकिन अभी तक 2022-2023 का गन्ना मूल्य घोषित नहीं हुआ है। किसान गन्ना उत्पादन की लागत बढ़ने की वजह बताते हुए मूल्य वृद्धि की आवाज उठा रहे हैं। किसानों की ओर से 450 से 500 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य तय करने की मांग की है। गन्ना मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पिछले हफ्ते मुलाकात की थी। चौधरी ने जल्द ही गन्ना मूल्य वृद्धि घोषित करने का संकेत दिया।

गन्ना किसानों की आजीविका से जुड़ा है मामला

उत्तर प्रदेश में 120 सरकारी औऱ निजी चीनी मिल हैं। इन मिलों से 60 लाख से अधिक गन्ना किसानों की आजीविका जुड़ी है। नया गन्ना मूल्य घोषित नहीं होने से मिलें पिछले वर्ष घोषित 340-350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को भुगतान कर रही हैं। अगले साल लोकसभा चुनाव को देखते हुए सपा, रालोद जैसे राजनीतिक दल भी गन्ना मूल्य के मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटे हैं। भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत और नरेश टिकैत समेत कई अन्य किसान संगठन भी मोर्चेबंदी में जुट गए हैं।

एफआरपी पर बोनस की मांग

पीएम मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने कैबिनेट बैठक में पिछले साल 2021-22 के विपणन वर्ष में गन्ने के मूल्य (FRP) में बढ़ोतरी प्रति क्विंटल 15 रुपये की रखी थी। मूल्य वृद्धि के बाद गन्ने का मूल्य 315 रुपये प्रति कुंतल हो गया था। इससे पांच करोड़ से ज्यादा किसानों को फायदा मिला था। करीब पांच लाख चीनी मिल मजदूर भी इससे लाभान्वित हुए थे।

read more : टॉस के दौरान अपना फैसला भूल गए कप्तान रोहित, मैच रेफरी तक भी हुए हैरान

टॉस के दौरान अपना फैसला भूल गए कप्तान रोहित, मैच रेफरी तक भी हुए हैरान

रोहित शर्मा की नजर न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज जीतने पर है। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं किया है। लेकिन टॉस जीतने के बाद कप्तान रोहित ये भूल गए है कि उन्हें गेंदबाजी लेनी है या बल्लेबाजी। रोहित थोड़ी देर तक सोचते रहे। ऐसे में न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लाथम और मैच रेफरी रोहित के बोलने का इंतजार कर रहे थे। कुछ सेकंड तक सिर पकड़ने के बाद उन्होंने कहा कि हम गेंदबाजी करेंगे। मालूम हो कि टीम इंडिया ने हैदराबाद में खेले गए पहले वनडे मैच में 12 रन से जीत दर्ज की थी।

क्या है पूरा मामला

दरअसल भारत और न्यूजीलैंड के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर उतरे। मैच रेफरी की मौजूदगी में रोहित ने सिक्का उछाला। मेहमान टीम के कप्तान ने हेड का कॉल दिया। मैच रैफरी ने इशारा किया कि रोहित ने टॉस जीत लिया है। लेकिन टॉस के बाद रोहित पूरी तरह से कंफ्यूज नजर आएं। वह भूल गए कि उन्हें टॉस जीतने पर क्या फैसला लेना है। वह सिर पकड़कर सोचने लगे। इसके बाद उन्हें अचानक से याद आया कि वह गेंदबाजी करना चाहते हैं।

रोहित के रिएक्शन को देख वहां खड़े सभी लोग हंसने लगे। रवि शास्त्री ने रोहित से पूछा कि उन्हें क्या हो गया था। इसके जवाब में रोहित ने बताया कि वह सोच रहे थे कि उन्हें गेंदबाजी करनी है या बल्लेबाजी। उन्होंने इसके पीछे की वजह के बारे में भी बताया कि टीम मीटिंग के दौरान इसे लेकर इतनी बातें हुई कि वह कंफ्यूज हो गए और यहां पर सोचने लगे।

टॉस के बाद क्या बोले रोहित ?

टॉस के बाद रोहित शर्मा ने कहा “मैं भूल गया कि हम क्या करना चाहते थे, टॉस के फैसले के बारे में टीम के साथ काफी चर्चा की, हम मुश्किल परिस्थितियों में खुद को चुनौती देना चाहते थे, लेकिन हम पहले गेंदबाजी करेंगे। यह हमारे लिए अच्छी परीक्षा थी, यह जानते हुए कि विकेट बल्लेबाजी के लिए बेहतर होगी और यही हमारे सामने चुनौती थी।

ब्रेसवेल ने अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन हमने अंत में अच्छी गेंदबाजी की और मैच जीत लिया। अभ्यास सत्र के दौरान थोड़ी ओस थी, लेकिन हमने क्यूरेटर से सुना है कि यह खेल में कोई भूमिका नहीं निभाएगी। हमने हैदराबाद में पहले बल्लेबाजी की, हम यहां पहले गेंदबाजी करना चाहते थे।

न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लाथम ने टॉस के बाद कहा

हम यहां पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में भी पहले गेंदबाजी कर सकते थे, इसलिए यह सुनिश्चित नहीं है कि यह विकेट कैसा खेलेगा। आखिरी मैच शानदार रहा। हमनें बल्ले के साथ अच्छा प्रदर्शन किया और यहां भी ऐसा ही करने की उम्मीद है। यहां से अनुभव हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। मैच जीतना महत्वपूर्ण है, लेकिन इन परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी काम आएगा। ईश सोढ़ी अभी भी पूरी तरह से ठीक नहीं हुए हैं।

read more : मॉस्को से गोवा आ रही फ्लाइट में बम की सूचना, फ्लाइट को किया गया उज्बेकिस्तान डायवर्ट

मॉस्को से गोवा आ रही फ्लाइट में बम की सूचना, फ्लाइट को किया गया उज्बेकिस्तान डायवर्ट

रूस से गोवा आ रही फ्लाइट में सुरक्षा अलर्ट मिला है, जिसके बाद अजूर एयरलाइंस को उज्बेकिस्तान के लिए डायवर्ट किया गया है। डाबोलिम हवाई अड्डे के निदेशक के मुताबिक फ्लाइट में सुरक्षा अलर्ट का एक ई-मेल प्राप्त हुआ था। जिसके बाद विमान को डायवर्ट किया गया है। रूस की राजधानी मॉस्को से 240 यात्रियों को लेकर गोवा आ रहे एक विमान को बम की धमकी के बाद शनिवार तड़के उज्बेकिस्तान की ओर मोड़ दिया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लाइट AZV2463 जिसका संचालन अजुर एयर की तरफ से किया जाता है। उसे भारतीय हवाई क्षेत्र में पहुंचने से पहले ही डायवर्ट कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, दबोलिम एयरपोर्ट निदेशक को रात करीब 12.30 बजे एक ईमेल के जरिए इस फ्लाइट में बम रखे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद ही इसे डायवर्ट कराया गया।

बम की धमकी का ईमेल

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अजुर एयर द्वारा संचालित फ्लाइट संख्या AZV2463 को तड़के सवा 4 बजे दक्षिण गोवा के डाबोलिम हवाईअड्डे पर उतरना था। लेकिन इसके भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही इसे उज्बेकिस्तान की तरफ मोड़ दिया गया। अधिकारी के मुताबिक, “डाबोलिम हवाई अड्डे के निदेशक को देर रात 12.30 बजे एक ईमेल प्राप्त हुआ था। जिसमें विमान में बम होने का जिक्र किया गया है। इसके बाद फ्लाइट को उज्बेकिस्तान की तरफ मोड़ दिया गया।

फ्लाइट को डाबोलिम हवाईअड्डे पर उतरना था

उन्होंने बताया कि अजुर एयर द्वारा संचालित उड़ान संख्या एजेडवी2463 को तड़के सवा चार बजे दक्षिण गोवा के डाबोलिम हवाईअड्डे पर उतरना था। लेकिन इसके भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही इसे उज्बेकिस्तान की तरफ मोड़ दिया गया।

उज्बेकिस्तान में हुई फ्लाइट की लैंडिंग

उज्बेकिस्तान में फ्लाइट की लैंडिंग के बाद उसकी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अजुर एयर (Azur Air) के विमान में 247 यात्री सवार थे। जिन्हें उज्बेकिस्तान के एक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया है। यह दूसरा मामला है जब गोवा आने वाली किसी फ्लाइट को इस तरह के बम से उड़ाने के धमकी के बाद डर से डायवर्ट किया गया है। जनवरी की शुरुआत में ही अजुर एयर के एक चार्टर प्लेन को बम से उड़ाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद विमान को गुजरात के जामनगर की और डायवर्ट कर दिया गया था।

दो हफ्ते पहले भी हुई थी ऐसी ही घटना

गौरतलब है कि दो हफ्ते पहले ही अजूर एयरलाइंस की ही मॉस्को से गोवा आ रही एक फ्लाइट में भी बम रखे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद फ्लाइट की गुजरात के जामनगर में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। हालांकि, तब भी बम की सूचना फर्जी निकली थी। पुलिस और बम निरोधक दस्ते के साथ स्थानीय अधिकारियों द्वारा विमान की जांच की जा रही है, बाद में जांच में पता चला कि विमान को कोई खतरा नहीं है तो इसे उड़ान भरने के लिए हरी झंडी दे दी गई।

गोवा एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई सुरक्षा

वास्को के डिप्टी एसपी सलीम शेख के मुताबिक, बम की सूचना वाला ईमेल मिलने के बाद दबोलिम एयरपोर्ट पर अलर्ट जारी कर दिया गया और गोवा पुलिस, क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) और आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) के साथ डॉग स्क्वॉड को एहतियात के तौर पर तैनात कर दिया गया।

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जम्मू के नरवाल में हुए दो धमाके, पांच से अधिक लोगों के घायल होने की खबर

जम्मू के नरवाल इलाके में लगातार सीरियल धमाके हुए हैं। इसकी चपेट में आने से पांच से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। धमाके की सूचना के बाद मौके पर एसएसपी समेत अन्य एजेंसियों के अधिकारी पहुंच गए हैं। गणतंत्र दिवस और राहुल गांधी की यात्रा के चलते जम्मू संभाग में सुरक्षा कड़ी है।

पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है। डीआईजी शक्ति पाठक ने भी पूरे इलाके का दौरा किया। एडीजी पुलिस मुकेश सिंह ने स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। स्थानीय लोगों के मुताबिक नरवाल इलाके के ट्रांसपोर्ट नगर के यार्ड नंबर सात और नौ पर धमाके हुए। पुलिस मौके पर खड़े सभी वाहनों को वहां से हटवा रही है। बताया जा रहा है इलाके में कई जगहों पर बड़ी मात्रा में कबाड़ एकत्र किया गया है।

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा, “पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अन्य पुलिस कर्मियों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर हैं और आगे की जांच चल रही है।” इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में एक पूर्व विधायक के घर पर भी विस्फोट हुआ है। जहां धमाके हुए हैं वहां जमीन में कई फुट गहरा गड्ढा हो गया था।”

read more : पहलवानों का धरना हुआ खत्म, जांच पूरी होने तक पद पर नहीं रहेंगे बृजभूषण

पहलवानों का धरना हुआ खत्म, जांच पूरी होने तक पद पर नहीं रहेंगे बृजभूषण

भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरने पर बैठे पहलवानों ने केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से बातचीत के बाद अपना विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया। सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एक निरीक्षण समिति बनाने का एलान किया है। इस समिति को चार हफ्ते में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी होगी।

इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार अंतिम फैसला लेगी। कुश्ती महासंघ और पहलवानों में जारी गतिरोध के बीच में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने बड़ा फैसला लिया है। भारतीय ओलंपिक संघ ने कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी गठित की है।

इस कमेटी के सदस्यों में मैरी कॉम, डोला बनर्जी, अलकनंदा अशोक, योगेश्वर दत्त, सहदेव यादव और 2 अधिवक्ताओं के नाम शामिल हैं। यह भी फैसला किया गया है कि जांच होने तक बृजभूषण फेडरेशन के कामों से अलग रहेंगे और सारे काम कमेटी देखेगी।

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर हुई पहलवानो की बैठक

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के साथ बैठक की। बैठक के बाद केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि बैठक के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी मांगें रखीं और हमने इस पर चर्चा की। हमने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यू एफ आई) को नोटिस जारी किया था। जब आरोप लगाए गए थे और उन्हें 72 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए कहा था।

जांच पूरी होने तक पद से हटेंगे बृजभूषण

केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि एक निरीक्षण समिति का गठन किया जाएगा और उसके लिए नामों की घोषणा शनिवार को की जाएगी। समिति चार सप्ताह में अपनी जांच पूरी करेगी और डब्ल्यूएफआई और उसके प्रमुख के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों की गहन जांच करेगी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण सिंह निरीक्षण समिति द्वारा जांच पूरी होने तक चार सप्ताह के लिए भारतीय कुश्ती संघ से अलग हो जाएंगे और वह जांच में शामिल होंगे। जांच पूरी होने तक डब्ल्यूएफआई की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों पर एक समिति नजर रखेगी। निगरानी समिति उनके खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करेगी।

आम बैठक में बोलेंगे बृजभूषण – प्रतीक भूषण सिंह

उधर, शुक्रवार को बृजभूषण के बेटे प्रतीक भूषण सिंह का बयान आया है। प्रतीक ने कहा कि हम औपचारिक रूप से इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने के लिए अधिकृत नहीं हैं। वे (बृज भूषण शरण सिंह) ​भारतीय कुश्ती महासंघ की वार्षिक आम बैठक में 22 जनवरी को मीडिया को संबोधित करेंगे। ये बैठक अयोध्या में आयोजित होने जा रही है। हमने खेल मंत्रालय को अपना आधिकारिक बयान दे दिया है।

किसी की दया पर नहीं, चुना हुआ अध्यक्ष हूं – बृजभूषण

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और कैसरगंज से सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया। यौन शोषण के आरोपों पर कहा, सब झूठ बोल रहे हैं और लोग जान भी रहे हैं। मैंने मुंह खोला तो सुनामी आ जाएगी। इस्तीफे पर कहा कि मुझे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया है। 24 घंटे में जवाब देने को कहा गया है। जवाब भेज दूंगा। उन्होंने कहा कि मैं किसी की दया पर यहां नहीं बैठा हूं। मैं चुना हुआ अध्यक्ष हूं।

पूनिया ने विरोध वापस लेने का किया एलान

पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री ने हमारी मांगों को सुना और उचित जांच का आश्वासन दिया। मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं और हमें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच होगी और सच सामने आएगा, इसलिए हम विरोध वापस ले रहे हैं।

ये हमारे आत्म सम्मान की लड़ाई है – विनेश फोगाट

इससे पहले शुक्रवार शाम को मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों ने अपनी बात एक बार फिर मीडिया के समक्ष रखी। जंतर मंतर पर धरना दे रही विनेश फोगाट ने कहा कि अपनी मांगों पर अड़े हैं। पहलवान विनेश फोगट ने कहा है कि ये आत्म सम्मान की लड़ाई है। विनेश ने कहा कि सभी पहलवान हमारे साथ हैं। हमारे पास बृजभूषण के खिलाफ सबूत हैं। हिंदुस्तान के पहलवान डरेंगे नहीं। हमारी लगातार मांग हैं कि बृजभूषण को सामने बिठाओ, आमने सामने की बैठक में वे अपनी बात रखें।

तीन दिन से जंतर मंतर पर बैठे थे पहलवान

कुश्ती महासंघ की अनियमितताओं के खिलाफ पहलवान तीन दिन से जंतर मंतर पर बैठे थे। इसी बीच देर रात खेलमंत्री अनुराग ठाकुर ने पहलवानों को चर्चा के लिए डिनर पर आमंत्रित किया था। देर रात तक चर्चा हुई जिसके बाद तय हुआ कि जांच होने तक बृजभूषण शरण सिंह फेडरेशन के काम से अलग रहेंगे। इसके साथ ही पहलवानों ने अपना धरना खत्म कर दिया।

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महिला ने कार से युवक को मारी टक्कर, कार के बोनट पर 1 किमी. तक घसीटा

बेंगलुरु में मामूली सी कहासुनी के बाद महिला ने एक शख्स को अपनी कार से टक्कर मार दी। फिर बोनट पर करीब 1 किलोमीटर तक घसीटा। बताया जा रहा है कि दोनों की कारें आपस में टकरा गई थी। इसके बाद दोनों में बहस हो गई थी। अब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक कार के बोनट में लटक रहा है और महिला कार चलाए जा रही है। एक दूसरी गाड़ी के ड्राइवर ने प्रियंका की कार का पीछा कर उसे किसी तरह रुकवाया।

पुलिस ने महिला और युवक दोनों को किया अरेस्ट

पुलिस ने दर्शन की जिंदगी को खतरे में डालने के आरोप में करने महिला को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, प्रियंका के साथ बदसुलूकी करने के आरोप में दर्शन और उसके 3 दोस्तों को भी अरेस्ट कर लिया है। दरअसल, एक टाटा नेक्सन और मारुति स्विफ्ट कार की आपस में टक्कर हो गई। जिसके बाद दोनों कार चालकों के बीच कहा सुनी हो गई और बात गाली गलौच तक पहुंच गई।

इसके बाद स्विफ्ट को चला रहे दर्शन ने प्रियंका को गाड़ी से बाहर आने की कहा, प्रियंका ने ऐसा नहीं किया तो दर्शन कार के सामने आकर खड़ा हो गया। प्रियंका ने अचानक गाड़ी स्टार्ट कर दी और गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और दर्शन कार के बोनट से लटका गया। प्रियंका की कार के बोनट से दर्शन तकरीबन 1 किलोमीटर तक लटका रहा।

कार का पीछा कर, किसी तरह रोका

इसके बाद वहां मौजूद बाकी वाहन चालक इस महिला को गाड़ी रोकने को कहते रहे लेकिन प्रियंका ने किसी की भी नहीं सुनी, कुछ देर तक पीछा करने के बाद एक बाइक को प्रियंका की गाड़ी के आड़े लाकर कार को किसी तरह रुकवाया। दर्शन के साथ उसकी कार में 3 और लोग सवार थे, इन सब ने मिलकर प्रियंका की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले के जांच के बाद दर्शन की शिकायत पर प्रियंका के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि प्रियंका की शिकायत पर दर्शन और उसके 3 साथियों के खिलाफ महिला के साथ बदसुलूकी सहित अन्य कुछ धाराओं में एफआईआर दर्ज कर इन चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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