Thursday, April 9, 2026
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डिंपल के अच्छे प्रदर्शन के बाद एक हुए चाचा और भतीजा, प्रसपा का सपा में हुआ विलय

उत्तर प्रदेश उपचुनाव में सपा और उसके गठबंधन के अच्छे प्रदर्शन के बाद अखिलेश यादव के चाचा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने एक बड़ा कदम उठाया है। डिंपल यादव ने मैनपुरी से सारे रिकार्ड तोड़ने जा रही है। जैसी बढ़त मैनपुरी से सपा ने बनाई है वैसी पहले कभी नही देखी गई। ऐसे में शिवपाल यादव ने एक बड़ा ऐलान किया है। शिवपाल यादव ने सपा का झंडा स्वीकार किया, शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पार्टी प्रासपा का समाजवादी में विलय कर दिया। इसके बाद माना जा रहा है कि यादव परिवार में अब सब कुछ ठीक हो गया है।

बता दें, विधानसभा चुनाव 2017 से पहले यादव परिवार में अलगाव की खबरें आईं थी। उस दौरान शिवपाल यादव ने सपा से अलग होकर अपना अलग दल बनाया था। उन्होंने 17 का विधानसभा चुनाव और 2019 का लोकसभा चुनाव अपने दम पर लड़ा था। लेकिन परिणाम मन मुताबिक नहीं आए थे। 2022 में हुआ चुनाव अखिलेश और शिवपाल साथ लड़े थे लेकिन परिणाम वही रहे थे। चुनावों के बाद चाचा-भतीजे के बीच बनी दीवार और भी मजबूत होती हुई दिख रही थी, लेकिन सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद दोनों के बीच दूरियां कम हो गईं।

जब डिंपल बनी उमीदवार , उपचुनाव के बाद घटी दूरियां

मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने यहां से डिंपल यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था। डिंपल का समर्थन चाचा शिवपाल ने भी किया था और उनके पक्ष में कई रैलियां और सभाएं की थीं। जिसके बाद अब परिणाम मन मुताबिक आते हुए दिखाई दे रहे हैं तो चाचा ने फिर से भतीजे के साथ आने का मन बना लिया है। वहीं सपा के अच्छे प्रदर्शन के बाद शिवपाल यादव सपा संरक्षक की समाधि स्थल पर गए और वहां उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ट्वीट किया कि यह जीत नेताजी के आशीर्वाद और आदर्श की है।

शिवपाल ने की अखिलेश के साथ अपनी तस्वीर शेयर

समाजवादी पार्टी में अपनी पार्टी के विलय के बाद शिवपाल यादव ने एक तस्वीर को पोस्ट किया है। हालांकि उन्होंने इस पर कोई संदेश नहीं लिखा लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञ इसे एक बड़ा कदम बता रहे हैं। वही प्रसपा के सपा में विलय होने के बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। लखनऊ में कार्यालय के बाहर कुछ कार्यकर्ता नाचते हुए नजर आए।

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बाबरी विध्वंस की बरसी पर मथुरा में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, कई लोग नजरबंद

बाबरी विध्वंस की बरसी पर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर स्थित शाही ईदगाह मस्जिद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। इसके अलावा हिंदूवादी संगठनों के सात-आठ अन्य नेताओं को भी अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्थित उनके आवासों पर नजरबंद किया गया है। जबकि इससे पहले अखिल भारतीय हिन्दू महासभा ने शाही ईदगाह मस्जिद में लड्डू गोपाल का जलाभिषेक और हनुमान चालीसा पाठ करने का ऐलान किया था। मथुरा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसपी शैलेश कुमार पांडे ने जानकारी दी है। एसएसपी ने बताया मथुरा में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। पूरे क्षेत्र को सुपर जोन और सेक्टर में बांटकर सिविल पुलिस, PSC, ट्रेफिक अधिकारी लगातार इसमें काम कर रहे हैं। धारा 144 लगी हुई है। मामले में कई लोगों को हमने नजरबंद किया है।

हिन्दू महासभा का एक कार्यकर्ता गिरफ्तार

वहीं मथुरा के अपर पुलिस अधीक्षक नगर मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया, “शाही ईदगाह में लड्डू गोपाल का जलाभिषेक और हनुमान चालीसा का पाठ करने की हिंदू महासभा की घोषणा के मद्देनजर मस्जिद सख्त सुरक्षा व्यवस्था है। मस्जिद की तरफ जाने का प्रयास कर रहे महासभा की आगरा इकाई के प्रभारी सौरभ शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “अखिल भारत हिन्दू महासभा ने अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस दिवस पर छह दिसंबर को शाही ईदगाह मस्जिद में लड्डू गोपाल का जलाभिषेक और हनुमान चालीसा पाठ करने का ऐलान किया था।

हिंदू महासभा की घोषणा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर चौकसी बढ़ा दी गई है और खुफिया तंत्र भी मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सक्रिय है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह की तरफ जाने वाले वाहनों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है और जगह-जगह अवरोधक लगाए गए हैं।

ईदगाह की तरफ वाहनों का आवागमन बंद

खुफिया तंत्र भी मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सक्रिय है। सिंह ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान और ईदगाह की तरफ वाहनों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस सार्वजनिक स्थलों पर गश्त कर रही है। गौरतलब है कि पुलिस ने सोमवार से ही श्रीकृष्ण-जन्मभूमि और ईदगाह की तरफ जाने वाले वाहनों को रोकना शुरू कर दिया था। मसानी, मिलन तिराहा, भूतेश्वर तिराहा और भरतपुरगेट की तरफ से निजी वाहनों को मंगलवार को श्रीकृष्ण-जन्मभूमि और ईदगाह की ओर नहीं दिया जा रहा है।

शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई : पुलिस

केवल एंबुलेंस, स्कूली बसें, मीडिया के वाहन और जरुरतमंदों के वाहन ही गुजरने दिए जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि जिले की कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी और यदि कोई भी शांति व्यवस्था को बिगाड़ता पाया गया तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वाले कई लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर की कार्रवाई की जा रही है।

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एटीएम से निकल रहे सोने के सिक्के, लगा दुनिया का पहला रियल टाइम गोल्ड एटीएम

हैदराबाद के एक एटीएम से सोना निकल रहा है। यह बात बिल्कुल सही है। देश में पहली बार एक ऐसा एटीएम लगा है, जिससे लोग सोना निकाल सकते हैं। सोना खरीदने और बेचने का कारोबार करने वाली गोल्डसिक्का कंपनी द्वारा लगाया गया। लेकिन पहली बार देश में एक ऐसा एटीएम लगा है जिससे आप सोने का सिक्का निकाल सकते हैं। पैसे निकालने वाले सामान्य एटीएम की तरह दिखने वाला यह एटीएम तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में लगाया गया है। सोना खरीदने और बेचने का कारोबार करने वाली गोल्डसिक्का कंपनी द्वारा लगाया गया यह एटीएम सोने के सिक्के देता है। गोल्ड एटीएम के जरिए लोग अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से सोने के सिक्के खरीद सकते हैं।

एटीएम मशीन में पांच किलो सोना रखने की है क्षमता

गोल्ड्सिका के उपाध्यक्ष प्रताप ने कहा, ‘गोल्ड्सिका लिमिटेड 4 साल पहले स्थापित एक कंपनी है। हम बुलियन ट्रेडिंग में हैं। हमारे सीईओ को एटीएम मशीन के माध्यम से सोने के सिक्के निकालने की एक नई अवधारणा मिली। थोड़ा शोध करने के बाद, हमें पता चला कि यह संभव है। हमने एक स्टार्ट-अप कंपनी, OpenCube Technologies के साथ समझौता किया है।

वे और हमारे इन-हाउस विभाग ने प्रौद्योगिकी के संबंध में डिजाइन और विकास सहायता प्रदान की है।’ एटीएम गोल्डसिक्का के हेड ऑफिस अशोक रघुपति चेम्बर्स, प्रकाश नगर मेट्रो स्टेशन बेगमपेट में यह एटीएम मशीन लगाया गया है। गोल्ड एटीएम की क्षमता पांच किलो सोना रखने की है।

लाइव अपडेट होती रहेगी सोने की कीमत

गोल्डसिक्का कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट प्रताप ने कहा कि गोल्डसिक्का लिमिटेड चार साल पुरानी कंपनी है। हम बुलियन ट्रेडिंग में शामिल हैं। हमारे सीईओ को एटीएम मशीन के माध्यम से सोने के सिक्के निकालने की एक नई अवधारणा मिली। थोड़ी खोजबीन करने के बाद हमें पता चला कि ऐसा संभव हो सकता है।

हमने एक स्टार्ट-अप कंपनी ओपनक्यूब टेक्नोलॉजीज के साथ करार किया है। उन्होंने और हमारे इन-हाउस विभाग ने तकनीकी समर्थन के साथ इसे डिजाइन और विकसित किया है। प्रताप ने कहा कि इस एटीएम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे सोने के सिक्के निकलने के साथ-साथ सोने की कीमत लाइव अपडेट होती रहेगी।

ग्राहकों को 24 घंटे मिलेगी सोना खरीदने की सुविधा

कंपनी का कहना है कि लोग सोने में निवेश कर रहे हैं और सोने की मांग बढ़ रही है। इसे देखते हुए यह गोल्ड एटीएम लगाया गया है। इसके जरिए लोगों को अब शुद्ध सोना आसानी से उपलब्ध हो रहा है। गोल्डसिक्का से सोना खरीदना आसान हो गया है। गोल्ड एटीएम का उद्देश्य 24 घंटे ग्राहकों को सोना खरीदने की सुविधा देना है। गोल्ड एटीएम से निकलने वाले सिक्के 24 कैरेट सोने और 999 प्रमाणित हैं।

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राहुल गांधी का भाजपा कार्यकर्ताओं को फ्लाइंग किस, छत से देख रहे थे यात्रा

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में प्रवेश कर चुकी है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी एक अलग ही रुप में दिखाई दे रहे हैं। यहां वे लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आ रहे हैं तो कभी डांस या फिर ढोल बजाते हुए दिखाई दे रहे हैं। राहुल गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह भाजपा कार्यालय की छत पर जमा लोगों को फ्लाइंग किस देते हुए दिख रहे हैं। झालावाड़ के खेल संकुल से सुबह करीब 6 बजे यात्रा शुरू हुई।

आज झालावाड़ में यात्रा का आखिरी दिन है। इसके बाद भारत जोड़ो यात्रा कोटा जिले में प्रवेश कर जाएगी। दरअसल, सुबह छह बजे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा झालावाड़ के खेल संकुल से शुरू हुई। यात्रा के रूट पर आगे भाजपा कार्यालय भी था, जिसकी छत पर राहुल गांधी और यात्रा को देखने के लिए लोग सुबह से ही जमा थे। यात्रा के साथ पैदल चल रहे राहुल गांधी भाजपा कार्यालय के सामने से गुजरे तो उन्होंने फ्लाइंग किस देकर भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

राहुल गांधी ने RSS व भाजपा पर साधा निशाना

एक दिन पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए पूछा था कि वे ‘जय सियाराम’ और ‘हे राम’ का नारा क्यों नहीं लगा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, कई मंत्री और विधायक भी मौजूद हैं।

कल ये रहेगा यात्रा का रूट

सात दिसंबर को यात्रा कोटा के दर्रा स्टेशन गणेश मंदिर से शुरू होगी। अकलंग स्कूल मंडाना में लंच होगा जिसके बाद मांदल्या रोड मंडाना होते हुए लाडपुरा के रास्ते जगपुरा कोटा के मदनमोहन मालवीय फार्म हाउस पहुंचेगी। इसी फार्म हाउस में यात्रा का रात्रि विश्राम होगा।

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पाबंदी के चंद घंटे बाद बदला फैसला, अब जामा मस्जिद में लड़कियों की एंट्री पर कोई रोक नहीं

दिल्ली के जामा मस्जिद में लड़कियों के प्रवेश पर लगाई गई पाबंदी को चंद घंटे बाद ही हटा लिया गया है। राजनिवास के सूत्रों के मुताबिक दिल्ली एलजी वीके सक्सेना ने जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी से बात की और जामा मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने वाले आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया। इमाम बुखारी ने आदेश को रद्द करने पर सहमति जताई है। इस अनुरोध के साथ ही कहा कि आगंतुक मस्जिद की पवित्रता का सम्मान करें।

वहीं इससे पहले दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस फैसले पर विरोध जताया था। मालीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि जितना हक एक पुरुष को इबादत का है उतना ही एक महिला को भी। मैं जामा मस्जिद के इमाम को नोटिस जारी कर रही हूं। इस तरह महिलाओं की एंट्री बैन करने का अधिकार किसी को नहीं है।

मस्जिद में लड़कियों के आने पर रोक

बता दें, देश की राजधानी दिल्ली में जामा मस्जिद को लेकर जैसे ही नया फरमान आया, देशभर में इसकी निंदा होने लगी। यह फरमान मस्जिद के चारों तरफ दिवारों पर चस्पा किए गए हैं। यह फरमान मस्जिद प्रशासन के तरफ से जारी किया गया है। देश की सबसे बड़ी मस्जिद में लड़कियों के आने पर रोक लगा दी गई है। इस आदेश की एक प्लेट बाकायदा मस्जिद की दिवार पर चस्पा कर दी गई है। जिसमें लिखा हुआ है कि जामा मस्जिद में लड़की या लड़कियों का अकेले दाखिल होना मना है। उसके नीचे ‘projmd2000@gmail.com’ नाम से एक ई मेल ID भी लिखी हुई है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने जारी किया था नोटिस

इससे पहले इस मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले को लेकर जामा मस्जिद प्रबंधन को नोटिस जारी किया था। साथ ही इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगने के साथ उनसे महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने को लेकर आगाह किया था। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा था कि हम इस मामले को स्वत: संज्ञान ले रहे हैं, यह गंभीर मामला है। जल्द ही इस पर आगे की कार्यवाई की जाएगी।

मस्जिद प्रबंधन ने दी थी बेतुकी दलील

वहीं, लड़कियों के मस्जिद में प्रवेश पर प्रतिबंध के फैसले को लेकर मस्जिद प्रबंधन की तरफ से अजीबोगरीब दलील दी गई थी। जामा मस्जिद प्रबंधन का कहना था कि महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित नहीं है। केवल अकेली महिलाएं की एंट्री पर बैन है। क्योंकि इस धार्मिक स्थल पर लड़िकयां अनुचित हरकतें करती हैं, वीडियो शूट करती हैं। इन सब को रोकने के लिए प्रतिबंध ने ये कदम उठाया है। मस्जिद प्रबंधन का कहना है कि परिवार या विवाहित जोड़ों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

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पार्षद को उसके ही दोस्तों ने मार डाला, परिजनों की मांग आरोपितों के घर चले बुलडोजर

मध्यप्रदेश से एक खौफनाक घटना सामने आयी है। जहा मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक पार्षद को उसके ही दोस्तों ने पीट-पीटकर मार डाला। पार्षद एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में भाग लेने गया था। वहीं पर उनके बीच विवाद हो गया। ग्वालियर के मुरार इलाके में कैंटोनमेंट एरिया के पार्षद की उसके ही साथियों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। जिसके बाद घटना से गुस्साए लोगों ने मुरार थाने पहुंचकर हंगामा और चक्काजाम किया। पुलिस का दावा है कि एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। अन्य की तलाश जारी है।

दोस्तों पर हत्या का आरोप

मृतक के परिजनों ने पांच दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया है। इसमें से एक आरोपित को पुलिस ने हिरासत में ले पूछताछ कर रही है। मृतक के परिजनों ने चक्का जाम कर दिया। उनकी मांग है कि आरोपितों के घर बुलडोजर चलाया जाए। पुलिस के मुताबिक मुरार कैंटोनमेंट एरिया के वार्ड से पार्षद शैलेंद्र उर्फ शैलू कुशवाह बीती रात जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गए थे। इस पार्टी में शामिल भूरा तोमर, धर्मेंद्र पाल, विक्की कौशल, विनीत राजावत सहित पांच लोगों के साथ शराब पी थी । इसके बाद आपस में विवाद हो गया तो पार्षद शैलेंद्र उर्फ शैलू को पीटना शुरू कर दिया। उस पर लाठी और डंडों से वार किया।

पीटा तब तक वो लहूलुहान होकर गिरा नहीं

उसे तब तक पीटते रहे जब तक वह लहूलुहान होकर जमीन पर नहीं गिर पड़ा। इसी दौरान पार्षद शैलेंद्र कुशवाहा की मौत हो गई। जब उसे अस्पताल ले जाया गया तब वहा डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने मुरार इलाके में चक्काजाम कर दिया। परिजनों का कहना है कि तत्काल आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके मकानों पर बुलडोजर चलाया जाए। पुलिस ने आरोपी विक्की कौशल को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।

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केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर के भतीजे नंद किशोर ने की आत्महत्या

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद मोहनलालगंज कौशल किशोर के भतीजे 45 वर्षीय नंद किशोर ने फांसी लगा ली। वह दुबग्गा के बेगरिया स्थित घर में रहते थे। उनका शव कमरे में पंखे के सहारे लटकता हुआ मिला। नंद किशोर को कमरे में फंदे पर लटका देख उनके भाई की चीख निकल पड़ी।

आनन-फानन में भाई ने फांसी के फंदे से नंद किशोर को उतारा और उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्तपाल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक सुखवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि नंद किशोर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लेकिन पुलिस घटना की जांच-पड़ताल में जुटी है।

नंद किशोर ने की थी दो शादियां

बेटे विशाल के मुताबिक, पिता कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। प्रभारी निरीक्षक सुखवीर सिंह भदौरिया के मुताबिक, 47 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी नंद किशोर और उनके भाई कारोबार में हाथ बंटाते थे। दुबग्गा थाना प्रभारी निरीक्षक सुखवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि मृतक नंद किशोर ने दो शादियां की थीं। एक पत्नी मुस्लिम और दूसरी हिंदू हैं। दोनों पत्नियों से बच्चे हैं। पहली पत्नी शकीला से दो बच्चे अफजल और साहिल हैं।

जबकि दूसरी पत्नी से बेटा विशाल और आदर्श, बेटी अंशिका और शिखा हैं। वहीं मृतक नंद किशोर के बेटे विशाल ने बताया कि पापा का रियल एस्टेट का कारोबार था। वह कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे। जब हम लोग उनसे परेशानी पूछते थे तो वह कुछ बताते नहीं थे। बेटे ने कहा कि विश्वास नहीं हो रहा है कि पापा ऐसा कोई कदम उठा सकते हैं।

बहू ने काट ली थी हाथ की नस

बता दें कि इसके पहले मार्च 2021 में केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर की बहू अंकिता ने भी आत्महत्या करने का प्रयास किया था। अंकिता ने केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के सामने अपने हाथ की नस काट ली थी। तब यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। यही नहीं केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के बेटे की भी अधिक नशा करने के चलते मौत हो गई थी।

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जैन समाज के सम्मान से खिलवाड़ करने वालो को नही बख्शेंगे – गौरव जैन

गौरतलब है कि जैन एकता मंच ने जैन समाज के मुद्दों को विधानसभाओं व लोकसभा में उठाने हेतु व जैन समाज को उनका राजनैतिक हक़ प्रदान किये जाने हेतु सपा, भाजपा, कॉंग्रेस, लोकदल,बसपा,राष्ट्रीय जनता दल,जनता दल यू आदि राजनैतिक दलों को पत्र लिखा था व रजिस्ट्री,इ-मेल व ट्विटर के माध्यम से इन पत्रों को संबधित नेतागण को प्रेक्षित किया गया था। परंतु आज संज्ञान में आया । किसी असामाजिक तत्व ने समाज व संगठन की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ करते हुए जैन एकता मंच का एक फर्जी लेटर बना कर असद्दुदीन ओवैसी को संबोधित करते हुए वायरल करने का काम कर दिया । जो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।

जैन एकता मंच ने संज्ञान में आते ही इस पत्र का खंडन किया व क्षेत्राधिकारी नगर व कोतवाल नगर कोतवाली को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की मांग की है। जैन एकता मंच युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन ने कहा कि यह फर्जी पत्र जैन एकता मंच की सक्रियता व बढ़ते वजूद से बोखलाहट का परिणाम है।

जैन समाज प्रतिष्ठा से खिलवाड़ करने वाले को बिल्कुल नही बख्शेंगे

हम समाज व संगठन की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ करने वाले को बिल्कुल नही बख्शेंगे व उन्होंने यह भी कहा कि अगर समाज हित के लिये असदुद्दीन ओवैसी को पत्र लिखने की आवश्यकता होगी। तो जैन एकता मंच स्वयं लिखने में सक्षम है। किसी अन्य को लिखने की जरुरत नहीं है। ओवैसी भी एक दल का नेतृत्व करते हैं। चुने हुए सांसद है ।

हमारा किसी से कोई बैर नही समाज के मुद्दों की लड़ाई में किसी के भी सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी। तो हम संकोच नही करेंगे परंतु हमने ऐसा कोई पत्र उन्हें अभी तक नही लिखा है व इस तरह का फर्जीवाड़ा किसी कीमत पर स्वीकार नही होगा ।

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पुलिस और बदमाशों के बीच एनकाउंटर, दोनों बदमाश हुए ढेर एक फरार

पिछले काफी लंबे वक्त से शांत पड़े वाराणसी जिले में सोमवार सुबह फिर गोलियां तड़तड़ाईं। पुलिसिया इकबाल को चुनौती देने वाले दो बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ में मार गिराया। हालांकि उनका तीसरा साथी भागने में कामयाब रहा। मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच का एक सिपाही भी घायल हुआ। बड़ागांव थाना क्षेत्र के भेलखा गांव में रिंग रोड के समीप मुठभेड़ हुई। इस दौरान आमने-सामने की कई राउंड फायरिंग हुई। गोलियों की तडतड़ाहट से पूरा इलाका थर्रा उठा। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि गोली लगने से घायल बदमाशों को अस्पताल में मृत घोषित किया गया।

उनकी शिनाख्त रजनीश उर्फ बऊआ सिंह निवासी गोलवा जिला समस्तीपुर (बिहार) और उसके सगे भाई मनीष के तौर पर हुई है। तीसरा फरार आरोपी इनका भाई लल्लन है। यह तीनों अत्यंत शातिर हत्यारे एवं लुटेरे हैं। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने मारे गए बदमाशों की डिटेल्ड क्रिमिनल हिस्ट्री बिहार पुलिस से मांगी है। जानकारी के अनुसार तीनों हाल ही में पटना जेल से भागे थे और बिहार पुलिस को इनकी सरगर्मी से तलाश थी।

क्राइम ब्रांच कॉस्टेबल को लगी गोली

पुलिस और बदमाशों के बीच आज तड़के मुठभेड़ हो गई। वारणसी के रिंग रोड पर ये एनकाउंटर हुआ है। बताया गया है कि वाराणसी कमिश्नरेट के थाना बड़ागांव क्षेत्र में ये मुठभेड़ हुई। शातिर बदमाशों के मूवमेंट को इंटरसेप्ट करने के लिए वाराणसी कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच और बड़ागांव पुलिस की टीम ने ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत घेराबंदी की। अपने को घिरता देख क्राइम ब्रांच और बड़ागांव पुलिस टीम पर बदमाशों ने कई राउंड फायर किए। इस फायरिंग में क्राइम ब्रांच के कॉस्टेबल शिव बाबू को गोली लग गई।

बदमाशों ने किया कई राउंड फायर

वाराणसी कमिश्नरेट के थाना बड़ागांव क्षेत्र में मुठभेड़ हुई तो पूरा इलाका गोलियां चलने से थर्रा उठा। पुलिस के अनुसार शातिर बदमाशों के मूवमेंट को इंटरसेप्ट होने पर वाराणसी कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच और बड़ागांव पुलिस की टीम ने तड़के बदमाशों की घेराबंदी की थी। इस दौरान अपने को घिरता देख क्राइम ब्रांच और बड़ागांव पुलिस टीम पर बदमाशों ने कई राउंड फायर किया।

बिहार पुलिस को इनकी सरगर्मी से तलाश

उनकी शिनाख्त रजनीश उर्फ बऊआ सिंह निवासी गोलवा जिला समस्तीपुर (बिहार) और उसके सगे भाई मनीष के तौर पर हुई है। तीसरा फरार आरोपी इनका भाई लल्लन है। यह तीनों अत्यंत शातिर हत्यारे एवं लुटेरे हैं। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने मारे गए बदमाशों की डिटेल्ड क्रिमिनल हिस्ट्री बिहार पुलिस से मांगी है। जानकारी के अनुसार तीनों हाल ही में पटना जेल से भागे थे और बिहार पुलिस को इनकी सरगर्मी से तलाश थी।

पुलिस ने बदमाशों के पास से एक 9 एमएम पिस्टल और एक 32 बोर का पिस्टल, बाइक, मोबाइल फोन और जरूरी कागजात बरामद किए हैं। यह पिस्टल वही है जिसे लक्सा थाने में तैनात दरोगा अजय कुमार पर कुछ दिन पहले ही जानलेवा हमला कर लूटा था। इसके बाद से ही पुलिस को बदमाशों की तलाश थी।

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बारिश की वजह से भारत-न्यूजीलैंड पहला टी20 इंटरनेशनल मैच रद

भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज से ही शुरू हुई सीरीज का पहला ही मैच बारिश के कारण धुल गया। वेलिंग्टन में पहले ही लगातार बारिश हो रही थी। मैच के दिन भी बारिश की आशंका जताई जा रही थी। पहले टॉस में देरी हुई, कुछ देर के लिए टॉस को टाला गया, उसके बाद हल्की बारिश रुकी तो लगा कि मैच कुछ देर ही से ही सही, लेकिन हो जाएगा। लेकिन बारिश ने फिर से शुरू होकर क्रिकेट फैंस के अरमानों पर पानी फेर दिया। हालांकि अभी भी सीरीज के दो मैच बाकी हैं।

इस बीच टीम इंडिया के कप्तान हार्दिक पांड्या और न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन मैच न होने से काफी निराश भी दिखे। अब भारत और न्यूजीलैंड की टीम 20 नवंबर को सीरीज के दूसरे टी20 में आमने-सामने आएंगी। यह मैच माउंट माउंगानूई में खेला जाएगा। वहीं, तीसरा टी20 नेपियर में 22 नवंबर को खेला जाएगा। इसके बाद 25 नवंबर से वनडे सीरीज की शुरुआत होगी। पहला वनडे 25 को ऑकलैंड, दूसरा वनडे 27 नवंबर को हैमिल्टन और तीसरा वनडे 30 नवंबर को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा।

क्रिकेट खेलने के लिए उत्साहित थे

हार्दिक ने कहा लड़के न्यूजीलैंड में क्रिकेट खेलने के लिए उत्साहित थे, लेकिन बारिश के बारे में हम कुछ नहीं कर सकते हैं। कई लड़के हमसे पहले आ गए थे, लेकिन पेशेवर खिलाड़ियों के तौर पर हम इस स्थिति के बारे में जानते हैं। मैं छह सालों से खेल रहा हूं और अब लड़के मेरी बात सुनते हैं। खिलाड़ी उम्र से युवा, लेकिन अनुभव से भरपूर है। उनके पास आईपीएल जैसी लीग में खेलने का अनुभव है। वह ख़ुद पर विश्वास रखते हैं और बड़े मंच से डरते नहीं हैं। हम चाहते हैं कि यहां मौजूद खिलाड़ियों को अपनी भूमिका पता हो।

भारत के युवा भविष्य में बन सकते हैं स्टार- विलियमसन

वहीं केन विलियमसन ने कहा बड़े टूर्नामेंट के बाद जल्द ही यह सीरीज आ गई। आप हमेशा भारतीय टीम के विरुद्ध खेलना चाहते हैं, लेकिन आज ऐसा हो न सका। सभी टीमें आने वाले विश्व कप के बारे में देखती हैं। अगले वर्ष में आप वनडे विश्व कप को ध्यान में रखकर खेलने की कोशिश करते हैं। हम परिस्थितियों को देखकर अपनी टीम में बदलाव करेंगे। एक टीम के तौर पर हम बेहतर होना चाहते हैं।

टी20 मैचों में क्या है रिकॉर्ड ?

भारत ने न्यूजीलैंड में अब तक 10 टी20 मैच खेले हैं। इस दौरान टीम इंडिया छह मैचों जीती है। उसे चार मुकाबलों में हार मिली थी। भारत बनाम न्यूजीलैंड की बात करे तो दोनों ही टीमें टी20 इंटरनेशनल में 20 बार आमने-सामने आयी हैं। भारत 11 और न्यूजीलैंड नौ मैचों में जीता है। न्यूजीलैंड में 10, भारत में आठ और न्यूट्रल वेन्यू पर दो मैच खेले गए हैं। भारत में हुए आठ मैचों में टीम पांच जीती और तीन हारी है। वहीं, न्यूट्रल वेन्यू पर न्यूजीलैंड दोनों मैचों में जीता है।

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निधि गुप्ता हत्याकांड का आरोपी सूफियान पुलिस एनकाउंटर में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

राजधानी लखनऊ के दुबग्गा इलाके में शादी और धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर चौथी मंजिल से धक्का देकर निधि गुप्ता की हत्या करने वाला लव जिहाद का आरोपी सूफियान को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सूफियान पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। शुक्रवार को मुखबिर से मिली सूचना के बाद जब पुलिस ने घेराबंदी की तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में सूफियान के पैर में गोली लगी है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया है।

मिल रही जानकारी के मुताबिक एनकाउंटर दुबग्गा इलाके के बरी जंगल में हुआ है। 16 नवंबर को हुई वारदात के बाद से ही पुलिस और क्राइम ब्रांच उसकी तलाश में जुटी थी। इतना ही नहीं गुरुवार को डीसीपी पश्चिम एस चिनप्पा ने उसके ऊपर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। उसके बाद आज मिले इनपुट के बाद जब बरी जंगल में उसकी घेराबंदी हुई तो उसने तमंचे फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में सूफियान के पैर में गोली लगी है। फिलहाल उसे अस्पताल ले जाया गया है। अब पुलिस उससे पूछताछ करेगी।

धर्म परिवर्तन कर शादी करने का बना रहा था दबाव

सुफियान निधि पर धर्म बदलकर शादी करने का दबाव बना रहा था। जिसमें उसका पूरा परिवार सहयोग कर रहा था ।धर्म बदलने से इनकार करने पर सुफियान ने निधि को कॉलोनी की चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया। वारदात मंगलवार देर शाम की है। गंभीर हालत में निधि गुप्ता को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। देर रात उसकी मौत हो गई।

पुलिस क्या कह रही है ?

डीसीपी पश्चिम एस चिनप्पा ने बताया कि थाना दुबग्गा क्षेत्र में 15 नवंबर से एक मर्डर केस का आरोपी लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। आज मुखबिर और सर्विलांस के जरिए पता चला कि वह दुबग्गा इलाके के बरी जंगल में छिपा है और अपनी जानकारों से पैसे की डिमांड कर रहा था। ताकि वह प्रदेश छोड़कर भाग सके। जब पुलिस ने उसकी घेराबंदी की तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की तरफ से जवाबी कार्रवाई में सूफियान के पैर में गोली लगी है। उसे उपचार के लिए ट्रामा सेंटर में एडमिट कराया गया है।

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न्यूजीलैंड से दो-दो हाथ करने उतरेगी युवा टीम इंडिया, कप्तान हार्दिक पंड्या की होगी परीक्षा

ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई थी। टूर्नामेंट में टीम की कई खामियां भी सामने आईं। अब भारतीय टीम के सामने है न्यूजीलैंड की चुनौती। खासतौर से कीवी टीम को उनके घर में हराना कभी भी आसान नहीं रहा है। वहीं हार्दिक पंड्या की अगुआई में यहां पहुंची युवा भारतीय टीम के हौसले बुलंद हैं। यह टीम पुरानी गलतियों को सुधारकर वर्ल्ड कप के जख्मों पर मरहम लगाना चाहेगी।

इस सीरीज में टीम की कप्तानी हार्दिक पंड्या को सौंपी गई है। जिनके लिए यहां असली परीक्षा होगी। इससे पहले हार्दिक ने आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में टीम की कप्तानी की थी।पिछले साल यूएई में विश्व कप में लचर प्रदर्शन के बाद भारत ने बल्लेबाजी में आक्रामक शैली अपनाई थी लेकिन अगले विश्व कप के आने तक शीर्ष क्रम के बल्लेबाज खराब फॉर्म से जूझने लगे और विरोधी गेंदबाजों के खिलाफ खुलकर नहीं खेल पाए। भारत का इस तरह आईसीसी ट्रॉफी जीतने का नौ साल का इंतजार जारी है।

टीम इंडिया एक लग रणनीति के साथ उतरेगी

हार्दिक पंड्या को अब टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में रोहित शर्मा के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। 2024 में वर्ल्ड कप खेला जाना है और अगले टी20 विश्व कप में टीम के संभावित कप्तान हार्दिक पंड्या नजर आ सकते हैं। वहीं हेड कोच राहुल द्रविड़ की गैरमौजूदगी में टीम के कार्यवाहक कोच वीवीएस लक्ष्मण ने संकेत दिया है कि आधुनिक खेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रबंधन सिर्फ टी20 विशेषज्ञों को शामिल करने का इच्छुक है।

गेंदबाजी की समस्या से भी निपटना होगा

टी20 में भारत की समस्याओं का एक बड़ा कारण फिंगर स्पिनरों का बीचे के ओवरों में विकेट ना लेना रही है। इस सीरीज में कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल यानी ‘कुलचा’ को एक बार फिर एक साथ गेंदबाजी करने का मौका मिल सकता है। भारत को जसप्रीत बुमराह के साथ एक ऐसे गेंदबाज की तलाश है जो तूफानी गति से गेंदबाजी कर सके और ऐसे में टीम के पास दांव खेलने के लिए उमरान मलिक मौजूद हैं।

न्यूजीलैंड भी चाहेगा वापसी करना

दूसरी तरफ न्यूजीलैंड केन विलियमसन की अगुआई में अपननी मजबूत टीम उतारेगा। भारत की तरह न्यूजीलैंड की टीम भी विश्व कप के नॉकआउट मैच में एक और हार से उबर रही है और मजबूत वापसी करने के इरादे से उतरेगी। न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट की गैरमौजूदगी में अन्य तेज गेंदबाजों को आजमाने की उम्मीद है। सलामी बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल भी सीरीज में नहीं खेलेंगे और ऐसे में पारी का आगाज करने की जिम्मेदारी डेवोन कॉनवे और फिन एलेन के कंधों पर होगी।

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श्रद्धा हत्याकांड : आफताब की पुलिस रिमांड 5 दिन बढ़ी , नार्को टेस्ट की भी मंजूरी

दिल्ली के महरौली इलाके में श्रद्धा वॉकर हत्याकांड ने पूरे देश में सनसनी फैल गई है। श्रद्धा के लिव इन पार्टनर आफताब पूनावाला ने बहुत ही बेरहमी से अपनी गर्लफ्रेंड का मर्डर कर दिया। पुलिस के सामने खुद कबूल किया है कि उसने श्रद्धा के 35 टुकड़े किए। उन सभी टुकड़ों को दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में फेक दिया। पुलिस अब तक शव के करीब 13 टुकड़े बरामद कर चुकी है। अब इन टुकडों की डी एन ए जांच के लिए भेजा जायेगा।

श्रद्धा हत्याकांड का आरोपी आफताब अमीन पूनावाला पुलिस पूछताछ में रोजाना नए खुलासे कर रहा है। गर्लफ्रेंड को मारने के बाद उसने बहुत ही चिल अंदाज में घर से बाहर जाकर न सिर्फ बीयर खरीदी बल्कि काफी देर तक वह सिगरेट भी पीता रहा। उसने जोमैटो से खाना मंगवाकर भी खाया। अब पूरे देश में आफताब के लिए फांसी की मांग उठ रही है।

हिंदू संगठनों के साथ ही राजनेता भी आफताब से लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं। आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को दिल्ली पुलिस ने आज साकेत कोर्ट में वीसी माध्यम से पेश किया। कोर्ट ने पुलिस को आरोपी की पांच दिन की रिमांड सौंप दी है।

कोर्टरूम में वकीलों ने किया प्रदर्शन, आफताब के खिलाफ नारेबाजी

गुरुवार को साकेत कोर्ट में सुनवाई के दौरान लगभग सौ वकीलों ने श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ नारेबाजी की। वकील आरोपी आफताब को फांसी देने की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे।

बाहरी व्यक्ति के संपर्क में न आने के लिए ये करता था आफताब

आफताब पिछले कई महीनों तक हमेशा ऑनलाइन ऑर्डर करके ही 2 लोगों के लिए खाना मंगाता था। यही नहीं, चाय पीना हो तो वह हमेशा चाय पॉइंट से ही रेडीमेड चाय मंगवाता था। ताकि चाय के लिए उसे बाहर से दूध, चाय पत्ती और चीनी खरीदने के लिए बाहर ना जाना पड़े। आफताब ऑनलाइन आर्डर इसलिए करता था। ताकि उसे ज़्यादा बाहर ना जाना पड़े और वो किसी बाहर के व्यक्ति के संपर्क में नहीं आए और शातिर तरीके से छुपा रहे।

उत्तराखंड और हिमाचल ले जाया जाएगा आफताब

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपी आफताब को जांच के लिए उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ले जाया जाएगा। कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी। कोर्ट ने आफताब के नार्को टेस्ट की इजाजत भी दे दी है। श्रद्धा हत्याकांड मामले में साकेत कोर्ट ने आरोपी आफताब से उसके नार्को टेस्ट के लिए पूछा, उसने नार्को टेस्ट के लिए हामी भर दी। कोर्ट ने आरोपी से पूछा गया कि क्या आपको नार्को के बारे में पता है। उसके प्रभाव के बारे में पता है। जिसके बाद आरोपी ने अपनी रजामंदी दी।

आफताब को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

पुलिस ने साकेत कोर्ट में आफताब को ​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करके 10 दिन की रिमांड मांगी। हालांकि कोर्ट ने आफताब पूनावाला की 5 दिन की पुलिस रिमांड की इजाजत दी हैै। इस तरह पांच दिन आफताब पुलिस कस्टडी में रहेगा। केस से जुड़ी कुछ बुनियादी चीज़ें हैं जो आरोपी को फांसी के तख्ते तक ले जाने के लिए बेहद ज़रूरी हैं।

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उत्तर प्रदेश का मैनपुरी उपचुनाव खूब राजनीतिक सुर्खियां बटोर रहा है। नेताजी मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई मैनपुरी पर यादव परिवार का दांव लगा है। बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी कह चुके हैं । विपक्ष के पास अब कोई ऐसी सीट नही है जो सेफ हो। बीजेपी हर जगह सेंध मारी कर चुकी है। इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और मैनपुरी उपचुनाव के लिए पार्टी की उम्मीदवार डिंपल यादव प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का मनुहार करने उनके आवास पहुंचे।

ऐसा माना जा रहा है कि मुलाकात के दौरान मैनपुरी उपचुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। यह मुलाकात उपचुनाव से पहले अहम मानी जा रही है। जो एक घंटे से भी ज्यादा चली। इसके बाद अखिलेश और डिंपल मैनपुरी के लिए रवाना हो गए। वहीं, शिवपाल की ताखा ब्लॉक क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ चर्चा हुई।

मुलाकात की एक फोटो ट्वीटर पर शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा की नेता जी और घर के बड़ों के साथ-साथ मैनपुरी की जनता का भी आशीर्वाद साथ है। आपको बता दे कि 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच दूरियां बढ़ गई थीं। जिसके बाद शिवपाल यादव सपा से अलग हो गए और अपनी नई पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया बना ली।

डिंपल के सामने हैं रघुराज

मैनपुरी संसदीय सीट पर होने वाले उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पत्नी डिंपल यादव को उम्मीदवार बनाया है। वहीं बीजेपी ने पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य को मैदान में उतारा है। नेताजी की विरासत को बचाने और डिंपल यादव को जिताने के लिए पूरा परिवार एक है। यही नहीं, अखिलेश यादव को पता है कि शिवपाल यादव की भूमिका इस उपचुनाव में कितनी अहम है। क्योंकि शिवपाल यादव खुद जसवंतनगर से विधायक हैं और जिले में उनकी पकड़ काफी मजबूत है।

शिवपाल के करीबी हैं रघुराज शाक्य

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट खाली हुई है। जिस पर 5 दिसंबर को चुनाव होंगे। यहां बीजेपी ने सपा कैंडिडेट डिंपल यादव को टक्कर देने के लिए रघुराज शाक्य को मैदान में उतारा है, हालांकि रघुराज शाक्य को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव का करीबी माना जाता है।

अखिलेश ने ट्वीट कर साझा की तस्वीर

अखिलेश यादव ने मुलाकात की एक तस्वीर अपने सोशल मीडिया पर शेयर की है। उन्होंने अपने ट्विटर पर एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि नेता जी और घर के बड़ों के साथ-साथ मैनपुरी की जनता का भी आशीर्वाद साथ है।

चंद लाइन से दिया बड़ा संदेश

अखिलेश यादव के निकलने के बाद उनके चाचा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव अपने आवास से निकले और ठीक सामने स्थित एस एस मेमोरियल स्कूल कैंपस में जा पहुंचे। ऐसा बताया गया है कि शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं को मैनपुरी संसदीय सीट के उपचुनाव के मद्देनजर संदेश देने के लिए बुलाया हुआ है। शिवपाल सिंह यादव के बाद उनके बेटे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य यादव भी निकल कर के बाहर आए। आदित्य यादव भी इस बैठक में शामिल थे।

तो मिल गया शिवपाल को सम्मान ?

बेशक इस आशीर्वाद बैठक के बाद शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश यादव की ओर से मीडिया को कोई जानकारी साझा नहीं की गई हो। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि यह मुलाकात पूरी तरह से मैनपुरी संसदीय सीट के उपचुनाव के मद्देनजर बहू डिंपल यादव को जिताने के लिए हुई है। चाचा शिवपाल सिंह यादव लगातार सम्मान की बात करते रहे हैं और ऐसा ही उनके तमाम समर्थकों की ओर से भी कहा गया है और जाहिर है कि आज अखिलेश यादव का उनके घर पर पहुंचकर उनसे मिलकर आशीर्वाद लेना निश्चित तौर पर सम्मान की श्रृंखला का एक बड़ा हिस्सा माना जाएगा।

शिवपाल की भूमिका काफी अहम

नेता जी मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी संसदीय सीट के उपचुनाव के लिए शिवपाल सिंह यादव की भूमिका अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण है। असल में शिवपाल सिंह यादव जिस जसवंतनगर विधानसभा से 1996 से लगातार निर्वाचित होते हुए चले जा रहे हैं। यह विधानसभा सीट मैनपुरी संसदीय सीट के लिए कहीं ना कहीं संकटमोचक या फिर जीवन रक्षक की भूमिका में नजर आ रही है। इस विधानसभा सीट पर शिवपाल सिंह यादव ऐसे ही काबिज नहीं है। शिवपाल सिंह यादव ने अपने ऐसे कार्यकर्ता बनाए हुए हैं जो लगातार आंख बंद कर उनके लिए वोट डालने के लिए तैयार और तत्पर रहते हैं।

पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया निर्देश

इससे पहले शिवपाल सिंह यादव अपने कार्यकर्ताओं के बीच एस एस मेमोरियल स्कूल में बैठक करके कार्यकर्ताओं से साफ-साफ बोल चुके हैं कि बहू डिंपल यादव को चुनाव मैदान में हर हाल में जिताना है। इस बात को बैठक में शामिल होकर के बाहर निकले कार्यकर्ताओं की ओर से प्रभावी ढंग से बताया गया है। शिवपाल सिंह यादव को समाजवादी पार्टी की ओर से स्टार प्रचारक बनाया जा चुका है।

डिंपल को जिताने के लिए तय जिम्मेदारी

समाजवादी पार्टी में डिंपल यादव को जिताने के लिए अपने कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां भी तय कर दी है। हर विधानसभा के लिए जहां प्रभावी ने नेताओं को प्रभारी बनाया गया। वहीं दूसरी ओर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके साथ में कमेटी के रूप में कनेक्ट कर दिया गया है। समाजवादी पार्टी ऐसा चाहती है कि उनकी उम्मीदवार डिंपल यादव हर हाल में नेताजी मुलायम सिंह यादव की तरह जीतकर संसद की दहलीज तक पहुंचे।

यादव वोटरों की संख्या सबसे ज्यादा

मैनपुरी में करीब 18 लाख वोटर हैं। जिसमें सबसे ज्यादा 4 लाख 30 हज़ार के करीब यादव मतदाता हैं। शाक्य वोटरों की संख्या 3 लाख के करीब है। 2 लाख के करीब क्षत्रिय वोटर हैं। दलित वोट करीब डेढ़ लाख है। तो वहीं करीब 1 लाख 10 हज़ार ब्राह्मण मतदाता हैं। वहीं लोध वोटर भी करीब 1 लाख के करीब हैं। मुस्लिम मतदाता भी करीब 50 हजार के आस पास हैं। जबकि 20 हज़ार के करीब वैश्य वोटर हैं।

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आफताब ने श्रद्धा के सर को जलाया, नहीं जला तो मिट्टी में रगड़कर फेंका

श्रद्धा मर्डर केस में जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस के सामने आफताब ने कबूल किया है कि उसने श्रद्धा के कटे हुए सर को तीन दिनों तक फ्रिज के अंदर रखा और फिर उस कटे सर को जलाने की कोशिश की। लेकिन जमने की वजह से सर सही से जल नहीं पाया। इसके बाद आफताब ने श्रद्धा के कटे सर को मिट्टी में रगड़कर फेंक दिया ताकि उसे जानवर खा जाए। पूछताछ में आफताब ने ये भी बताया है कि उसे ये सब जानकारी इंटरनेट के जरिए मिली। हत्या के बाद लाश को कैसे ठिकाने लगाना चाहिए, ये सब उसने इंटरनेट पर सर्च करके पता लगाया। आफताब के महरौली फ्लैट का वाटर बिल 300 रुपए आया है। जबकि पड़ोसियों का बिल जीरो है। वजह यह कि दिल्ली में 20000 लीटर पानी मुफ्त है।

बिस्तर पर ही हुआ था कत्ल

पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच के दौरान इतना तो साफ हो गया है कि श्रद्धा की हत्या बिस्तर पर ही हुई थी। आरोपी आफताब ने बिस्तर पर ही श्रद्धा का गला घोंटा और मरने के बाद शव को घसीट कर फर्स पर डाल दिया। वह पूरी रात शव के साथ उसी घर में रहा और अगले दिन बाजार से चाकू और फ्रीज खरीद कर लाया।

इसके बाद उसने अगले दो दिनों तक बाथरूम में शव के टुकड़े किए और फिर अगले दो महीने तक एक एक कर इन टुकड़ों को ठिकाने लगाते रहा। इस दौरान शव के टुकड़े उसने विधिवत धो पोंछ कर फ्रीज में रख दिए थे।

केमिकल ने धो दिए सारे निशान

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने श्रद्धा की हत्या के बाद पूरे घर को केमिकल से कई बार धो दिया था। यहां तक कि बाथरूम और किचन की भी उसने केमिकल से धुलाई की थी। बताया जा रहा है कि धोया तो सिलेंडर के पास वाले स्थान को भी था। लेकिन यहां ठीक से केमिकल का छिड़काव नहीं होने की वजह से कुछ धब्बे रह गए थे।

ऑन लाइन मंगाए थे परफ्यूम और पॉलिथीन

मामले की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने ठिकाने लगाए जाने तक शव की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। बावजूद इसके एक सप्ताह के अंदर बदबू उठने लगी। ऐसे में उसने पालिथीन और परफ्यूम के लिए ऑनलाइन बुकिंग की। इसके बाद उसने अठारह पॉलिथीन में शव के पैंतीस टुकड़ों को लपेट कर रखा और फिर धीरे धीरे पालिथीन में से निकालकर वह इन टुकड़ों को ठिकाने लगाता रहा था।

जानकारी के मुताबिक आरोपी आफताब ने एक वैक्यूम क्लीनर भी ऑनलाइन मंगाया था। इसकी मदद से आरोपी ने घर में लगे खून के धब्बे मिटाने का प्रयास किया था। पुलिस के मुताबिक वैक्यूम क्लीनर से सफाई की वजह से ही बेंजीन टेस्ट के दौरान पुलिस को कहीं दाग धब्बे नहीं मिले।

सिवाय अंगूठे के सभी टुकड़े जंगल में फेंके

पुलिस ने जब आफताब से पूछा कि उसने ख़ून कैसे साफ किया तो उसने बताया कि लाश के टुकड़ो और खून को साफ करने के लिए उसने ब्लीच पाउडर का इस्तेमाल किया था। आफताब ने पुलिस को बताया कि उसने पहले उन टुकड़ों को फेंका जो जल्दी खराब हो सकते थे। जिसमें बदबू आ सकती थी। आफताब ने ये भी बताया कि उसने फर्श पर लगे ख़ून के धब्बों को साफ करने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया। आफताब ने श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े किए थे। उसने सभी टुकड़े जंगल में फेंके, लेकिन अंगूठा कहीं और फेंका।

घर आए दोस्तों को भी नहीं होने दिया शक

हत्या के बाद आफताब के दोस्त भी घर आए थे। लेकिन उस दौरान उसने श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स को कहीं और छुपा दिया था। आफताब ने पुलिस से कहा कि वो वो रात भर श्रद्धा के शव के साथ था। ना तो उसे कोई डर था और ना ही पछतावा। वो बॉडी के साथ ही फ्लैट में सोया था। रात में उसने किचन में खाना गर्म करके भी खाया था।

त्रिलोकपुरी में मिले कटे सर से हो सकता है कनेक्शन

गौरतलब है कि जून के महीने में दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में पुलिस को एक कटा हुआ सर और कटे हुए हाथ मिले थे। ये श्रद्धा की मौत की तारीख के बाद पुलिस को मिले थे। अभी तक त्रिलोकपुरी में मिले बॉडी पार्ट्स को आइडेंटिफाई नहीं किया गया है। जो सर और हाथ मिले थे उनकी कंडीशन बहुत खराब थी। अब इनको डीएनए जांच के लिए भेजा गया है और फॉरेंसिक रिपोर्ट भी जल्द आने वाली है।

इस मामले में दोनों जिलों की पुलिस टीम लगातार संपर्क में है और त्रिलोकपुरी में मिले बॉडी पार्ट्स की जानकारी श्रद्धा मर्डर केस की जांच कर रही पुलिस टीम को सौंप दी गई है। पुलिस श्रद्धा के परिवार के डीएनए से मैच कराकर जांच करेगी कहीं ये शव श्रद्धा का तो नहीं था।

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दिल्ली टू लखनऊ.. ख़ूनी लव जिहाद का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी लखनऊ के दुबग्गा स्थित डूडा कॉलोनी से लव जिहाद का ‘मर्डर मॉड्यूल’ सामने आया है। यहां धर्म परिवर्तन कर शादी से मना करने पर एक हिंदू लड़की को चौथी मंजिल से धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया गया। आरोप है कि सुफियान ने चौथी मंजिल से 19 साल की युवती को धक्का दे दिया। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से परिजन युवती को ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर सुफियान और उसके परिजनों के खिलाफ हत्या और धर्म परिवर्तन समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। फिलहाल पुलिस ने सुफियान के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछतछ में जुटी है। युवती की मां का आरोप है कि सुफियान काफी दिनों से मृतका को परेशान कर रहा था।

जबरन धर्म परिवर्तन का बना रहा था दबाव

दिल्ली में प्यार के 35 टुकड़े हुए तो लखनऊ में भी ख़ूनी लव जिहाद की सनसनीखेज़ वारदात सामने आई है। मामला लखनऊ के दुबग्गा इलाके का है। सूफियान पर 19 साल की निधि गुप्ता की हत्या का आरोप है। सूफियान ने निधि नाम की लड़की को चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया। लड़की के परिवार ने सूफियान पर हत्या और जबरन धर्म परिवर्तन का केस दर्ज करवाया है। निधि के परिवार का आरोप है कि सूफियान उनकी बेटी का धर्म बदलना चाहता था। वो कई दिनों से उसे परेशान कर रहा था और साथ ही शादी के लिए दबाव बना रहा था।

वारदात के बाद से सूफियान फरार

लखनऊ में लव जिहाद में मर्डर के आरोपी सूफियान की तलाश तेज हो गई है। सूफियान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने टीमें गठित की है। उसके खिलाफ हत्या और जबरन धर्मांतरण की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वारदात के बाद से सूफियान फरार है। उसके फ्लैट में ताला लटका है। लखनऊ पुलिस की टीम सूफियान के घर पहुंची। पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी थी जिसने घटनास्थल का मुआयना किया साथ ही जहां से निधि नीचे फेंका गया था उसकी भी जांच की।

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दिल्ली में नगर निगम के चुनाव होने जा रहे है। जिसमे महापौर के साथ ही नगर निगम के पार्षद पद हेतु भी चुनाव होंगे। पार्षद के चुनाव भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। दिल्ली जैसे निगम का पार्षद होना स्वयं में सम्मान की बात है। ऐसे में आम आदमी पार्टी के द्वारा जैन समाज के पांच प्रत्याशी पार्षद पद के लिये चुनाव में उतारे गए हैं। जो कि वार्ड 25 बुध विहार से अमृत लाल जैन, 57 पीतम पूरा से संजू जैन, 153 वसंत विहार से हिमानी जैन, 206 आनंद विहार से राहुल जैन, 226 गौतम पूरी से अनिल जैन है साथ ही कॉंग्रेस पार्टी ने भी चार ही जैन समाज के लोगो को पार्षद लड़ाने की घोषणा की है।

जिनमे 221 अशोक नगर से नीति गर्ग जैन, 99 हरी नगर से दिनेश जैन, 63 त्रिनगर से जूही गर्ग जैन, 21रोहिणी से जगदीश जैन हैं वही भाजपा ने जैन समाज के साथ अन्याय करते हुए सिर्फ एक जैन भाई को चुनाव लड़ाने की घोषणा की ही जो कि जैन समाज के साथ धोखे जैसा है। जैन एकता मंच इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता है। इस अवसर पर जैन एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश जैन ने मंच की ओर से कहा कि जैन एकता मंच आप व कॉंग्रेस पार्टी के इस कदम की सराहना करता है व बहुत धन्यवाद भी देता है साथ ही विश्वास दिलाता है

समस्त जैन समाज अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए समर्पण भाव से काम करेगा व अन्य सीटो पर भी दोनों दलों को इसका लाभ होगा व भाजपा ने जैन समाज के साथ धोखा किया है। जो जैन समाज धन बल व वोट के साथ भाजपा का सहयोग करता रहा है। वह आज भाजपा की और से स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहा है व चुनाव में इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा।

अधिकारों के प्रति जागरूक व एकजुट है जैन समाज

युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन ने कहा कि जैन समाज अब सिर्फ मंच,माला या माइक की वस्तु नही है। समाज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक व एकजुट है जो दल जैन समाज को राजनैतिक अधिकार देगा। समाज अब उसी की बात करेगा। हम किसी के बंधक नही है। जो दल जैनो को चुनाव का अवसर देंगे। उन्ही का जैनो के वोट पर अधिकार भी है। अन्यथा जैनो की उपेक्षा अगर की जाएगी तो उस दल को निश्चित तौर पर चुनाव में भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

जैन एकता मंच,दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद जैन ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी गण एकजुट होकर अपने प्रत्याशियों को भारी बहुमत से जिताने के लिये काम करेंगे। आज समाज को यह शपथ लेनी चाहिए कि जिन दलों ने जैन समाज के प्रत्याशी उतारे हैं। उनका हृदय से सहयोग करें और जिताने का कार्य करें ताकि यह अन्य दलों के लिये भी यह एक मिसाल बन सके।

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कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने पर क्यों नहीं जारी हुआ टेंडर , हाई कोर्ट ने लगायी फटकार

गुजरात के मोरबी से एक दर्दनाक घटना सामने आयी थी। आपको बता दे की मोरबी में ब्रिटिशकाल में मच्चु नदी पर बना झूलता पुल्ल गिर गया। जिसके हादसे तहत महिलाओं और बच्चे समेत 135 लोगो की मौत हो गयी थी । गुजरात हाई कोर्ट ने मोरबी पुल हादसे पर स्वत: संज्ञान ली गई जनहित याचिका पर सुनवाई की। इस ही दौरान अदालत ने टेंडर जारी करने में पाई गईं खामियों को लेकर राज्य सरकार और मोरबी नगर निगम को कड़ी फटकार भी लगाई। कोर्ट ने कहा कि मोरबी नगर पालिका को होशियारी दिखाने की जरूरत नहीं है।

चीफ जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने सवाल किया,15 जून 2016 को कॉन्ट्रैक्टर का टर्म समाप्त हो जाने के बाद भी नया टेंडर क्यों नहीं जारी किया गया ? बिना टेंडर के एक व्यक्ति के प्रति राज्य की ओर से कितनी उदारता दिखाई गई। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार को उन कारणों को बताना चाहिए कि आखिर क्यों नगर निकाय के मुख्य अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू नहीं की गई।

हाई कोर्ट में अब इस मामले पर अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी। साथ ही साथ बेंच ने पूछा कि पहला एग्रीमेंट समाप्त हो जाने के बाद किस आधार पर ठेकेदार को पुल को तीन सालों तक ऑपरेट करने की इजाजत दी गयी है।

सवालों का जवाब हलफनामे में दे राज्य सरकार 

अदालत ने कहा कि इन सवालों का जवाब हलफनामे में अगली सुनवाई के दौरान देना चाहिए जो कि दो हफ्तों के बाद होगी। चीफ जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ की अनुपलब्धता के कारण सोमवार को इस मामले पर सुनवाई नहीं हो सकी। जस्टिस कुमार और जस्टिस आशुतोष शास्त्री की पीठ ने 30 अक्टूबर को हुए। हादसे पर 7 नवंबर को राज्य सरकार और राज्य मानवाधिकार आयोग को नोटिस जारी किया। जिसमें सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी।

मृतकों के परिवार वालों को नौकरी को लेकर सवाल

बेंच ने राज्य सरकार से यह भी जानना चाहा कि क्या उन लोगों के परिवार के सदस्य को सहायता के तौर पर नौकरी दी जा सकती है। जो अपनी फैमिली में अकेले कमाने वाले थे लेकिन इस दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। वहीं, राज्य मानवाधिकार आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया कि इसकी पुष्टि की जा रही है कि संबंधित परिवारों को मुआवजा दिया गया है या नहीं।

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अजवाइन का काढ़ा है बेहद असरदार , इम्युनिटी भी होगी स्ट्रांग

कोरोना संक्रमितों की संख्या एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गई है। इस बीमारी का मुख्य लक्षण सर्दी-जुकाम है। हलाकि सर्दी-जुकाम किसी भी महीने में होने वाली बीमारियों में शुमार हैं। बारिश के मौसम में ये तेजी से फैलता है। ये कई तरह के संक्रमणों से जुड़ा होता है। जब इम्यूनिटी कमजोर होती है तब सर्दी, खांसी और फ्लू होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे छुटकारा पाने के लिए आप घरेलू उपचारों की मदद ले सकते हैं।

इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होने पर सर्दी, खांसी और फ्लू का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सर्दी खांसी से छुटकारा पाने के लिए किचन में पाया जाने वाला अजवाइन का कोई मुकाबला नहीं है। अजवाइन का स्वाद हल्का कसैला और तीखा होता है। इसका इस्तेमाल हम अचार, पूरी और पराठे का स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं। लेकिन ये सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता बल्कि से इससे बना काढ़ा सर्दी खांसी जैसे परेशानियों को चुटकियों में दूर कर सकता है। तो चलिए आपको बताते हैं अजवाइन का काढ़ा कैसे बनाएं।

इम्यूनिटी को बनाए स्ट्रांग

अजवाइन एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर है। ये फ्री रेडियल एक्टिविटी को रोकता है, जो व्यक्ति को मौसमी संक्रमण से बचाने में मदद करती हैं। साथ ही इसके ज्यादातर औषधीय गुण एक्टिव यौगिक थाइमोल से मिलते हैं जो इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाने में मदद करते हैं।

कैसे बनाएं काढ़ा ?

काढ़ा बनाने के लिए एक पैन में अजवाइन, तुलसी के पत्ते, काली मिर्च, एक कप पानी डालें और इसे 5 मिनट तक पकाएं। इसे छानें और इसमें शहद डाल कर पीएं। इस बात का ध्यान रखें कि कढ़ा बनाते समय उसमें शहद न डालें। अधिक गर्मी शहद के औषधीय गुणों को खत्म कर देती है। जल्दी राहत पाने के लिए इस कड़ा को दिन में दो बार पियें।

काढ़ा बनाने के लिए सामग्री

2  चम्मच अजवाइन

1  छोटा चम्मच काली मिर्च
1 चम्मच शहद
2  लहसुन की कलियाँ और कुछ तुलसी के पत्ते

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महेश बाबू के पिता घट्टामनेनी कृष्णा का हुआ निधन , मुख्यमंत्री चंद्रशेखर ने दी श्रद्धांजलि

महेश बाबू साउथ सिनेमा के सुपरस्टार हैं। उन्होंने साउथ में कई हिट फिल्में दी हैं। फैंस भी उनकी हर फिल्म का बेसब्री से इंतजार करते रहते हैं। बीते दिनों वह हिंदी और साउथ को लेकर चल रही बहस में भी शामिल हुए थे। लेकिन साल 2022 महेश बाबू के लिए अच्छा नहीं रहा है। इस साल की शुरुआत से ही वह कई झटके झेल रहे हैं। पहले भाई का निधन हुआ फिर मां चल बसीं और अब पिता का साया सिर से उठ गया है। महेश बाबू के लिए ये काफी बड़ा झटका है। सुपरस्टार एक्टर महेश बाबू के पिता कृष्णा घट्टामनेनी का 79 साल की उम्र में निधन हो गया है।

महेश बाबू के पिता साउथ के एक जाने-माने सुपरस्टार थे। उन्हें इंडस्ट्री में सुपरस्टार कृष्णा नाम से जाना जाता है। हैदराबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में कृष्णा ने अंतिम सांस ली। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कृष्णा घट्टामनेनी के निधन पर शोक प्रकट किया है। कृष्णा घट्टामनेनी अभिनेता के साथ-साथ एक सफल निर्देशक और निर्माता भी थे।

कृष्णा घट्टामनेनी को 2009 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। जानकारी के मुताबिक कृष्णा घट्टामनेनी कांग्रेस में शामिल हुए थे लेकिन राजीव गांधी की मृत्यु के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी।

हर्ट अटैक के बाद थे हॉस्पिटल में भर्ती

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी दिग्गज एक्टर कृष्णा के निधन पर शोक प्रकट किया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है। बता दें कि सोमवार को महेश बाबू के पिता कृष्णा को दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी, और फिर वो खबर आई जिसने सभी का दिल तोड़ दिया।

मां के बाद अब उठ गया पिता का साया

महेश बाबू और उनके फैंस में शोक की लहर है। महेश बाबू ने 2 महीने पहले ही अपनी मां को खो दिया था और अब उनके सिर से बाप का साया उठ गया है। महेश बाबू का परिवार एक दिक्कत से उबर भी नहीं सका था कि अब ये दूसरी दुखद खबर आ गई है। महेश बाबू अपने माता-पिता के काफी करीब थे और कई बार उनके साथ तस्वीरें शेयर करते रहते थे।

5 दशक में 350 से ज्यादा फिल्में

कृष्णा घट्टामनेनी ने सिनेमा जगत को नए पायदान पर पहुंचाने में काफी मदद की। अपने कुल 5 दशक के करियर में वह 350 से ज्यादा फिल्मों में नजर आए और 1961 में डेब्यू करने वाले कृष्णा को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। कृष्णा एक एक्टर, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और राजनेता भी थे। कृष्णा की पहली शादी इंदिरा से हुई थी और दूसरी विजय निर्मला से। उनके कुल 5 बच्चे हैं जिनमें से 2 बेटे और 3 बेटिया हैं।

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मैनपुरी में डिंपल यादव के खिलाफ ताल ठोंकेंगे भाजपा के रघुराज सिंह शाक्य

उत्तर प्रदेश में हो रहे उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मैनपुरी, खतौली और रामपुर से प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी। भारतीय जनता पार्टी ने मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी डिंपल यादव के सामने सपा से सांसद रह चुके और शिवपाल सिंह यादव के करीबी माने जाने वाले रघुराज शाक्य को प्रत्याशी बनाया है। दो बार सांसद और एक बार विधायक रघुराज शाक्य पिछड़ा वर्ग में अच्छी पैठ रखते हैं।

अब देखना दिलचस्प होगा कि मुलायम सिंह की विरासत डिंपल के नाम होगी या भाजपा मैनपुरी में सेंध लगा पाएगी। मुलायम सिंह के निधन के बाद खाली होने वाली मैनपुरी सीट पर समाजवादी पार्टी ने डिंपल यादव को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में रघुराज सिंह शाक्य का मैनपुरी में सीधा मुकाबला डिंपल यादव से है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भाजपा ने मैनपुरी लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।

इटावा निवासी पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य को प्रत्याशी बनाया गया है। कभी सपा में रहे रघुराज सिंह शाक्य और शिवपाल के करीबी सपा की डिंपल के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। 1 दिन पूर्व ही सपा की डिंपल ने मैनपुरी कलेक्ट्रेट पर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है अब भाजपा प्रत्याशी भी अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

कौन हैं भाजपा उम्मीदवार रघुराज शाक्य

रघुराज शाक्य इटावा जिले के रहने वाले हैं। शाक्य को शिवपाल सिंह यादव का बेहद करीबी माने जाते हैं। वे प्रसपा के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं। शाक्य 1999 और 2004 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद चुने गए थे। उन्होंने 2012 में सपा के टिकट पर इटावा सदर सीट से विधानसभा का चुनाव भी जीता था। मैनपुरी में रघुराज सिंह शाक्य को प्रत्याशी बनाए जाने के पहले से ही बड़े कयास लगाए जा रहे थे। हुआ भी यही, भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने रघुराज सिंह शाक्य को प्रत्याशी बनाया बना दिया। मैनपुरी में डिंपल के सामने रघुराज सिंह शाक्य को प्रत्याशी बनाए जाने पर राजनैतिक समीकरण लगाए जाने शुरू हो गए हैं।

रोचक होगा चुनाव

रघुराज सिंह शाक्य भी राजनीति के मजे हुए खिलाड़ी हैं। क्योंकि शिवपाल की सपा से पारिवारिक तल्खी और शिवपाल से रघुराज की नजदीकियां चुनाव में फायदा पहुंचा सकती हैं। माना जा रहा है कि अब चुनाव रोचक होगा। भाजपा हर हाल में सपा का मिथक तोड़ने के लिए मैनपुरी लोकसभा सीट जीतने पर पूरा जोर लगाएगी।

आठ दिसंबर को आएंगे परिणाम

चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार इन सभी सीटों पर पांच दिसंबर को मतदान होंगे जबके परिणाम आठ दिसंबर को आएंगे।

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श्रद्धा हत्याकांड ने उड़ाई पूरे देश की नींद, हत्यारे को मौत की सजा की रखी मांग

दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उसके परिवार, रिश्तेदार इस वक्त ना चैन से खा पा रहे हैं, ना चैन से सो पा रहे हैं। इस बीच उसका हत्यारा जेल में चैन की नींद सोते नजर आया है। श्रद्धा वालकर के पिता ने अपनी बेटी के हत्यारे आफताब अमीन पूनावाला को मौत की सजा देने की मांग की है। उन्होंने इस मामले को लेकर ‘लव जिहाद’ का संदेह भी जताया है।

मालूम हो कि आफताब ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा को बेरहमी से 35 टुकड़ों में काटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद इन टुकड़ों को जंगल में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया था। पिता विकास वालकर ने कहा मुझे इस केस में लव जिहाद का संदेह है। हम आफताब के लिए मौत की सजा की मांग कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस पर मेरा विश्वास है और जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। श्रद्धा अपने अंकल के बहुत करीब थी और मुझसे ज्यादा बातें नहीं करती थी। मैं आफताब के संपर्क में कभी नहीं रहा। मैंने मुंबई के वसाई में मामले को लेकर पहली शिकायत दर्ज कराई थी।

लापता होने की दर्ज कराई थी शिकायत

महाराष्ट्र में पालघर के रहने वाले विकास ने अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत मुंबई पुलिस में नवंबर में दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में श्रद्धा की आखिरी लोकेशन की जानकारी दिल्ली में मिली। इसे देखते हुए यह केस दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया। पिता विकास ने पुलिस को अपनी बेटी के आफताब से रिलेशनशिप के बारे में बताया था। उन्होंने आशंका जताई थी कि उसके के लापता होने में आफताब का हाथ हो सकता है।

श्रद्धा को समझाया लेकिन नहीं मानी – पिता विकास 

श्रद्धा के पिता ने दोनों के रिश्तों को लेकर कई बातों का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि किस तरह आफताब उन्हें पसंद नहीं था और उन्होंने इस रिश्ते का विरोध किया था। उन्होंने बेटी को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी। विकास ने यह भी कहा कि जब तक बरामद अंगों डीएनए जांच नहीं हो जाती, उन्हें बेटी के मर्डर और आफताब के दावों पर यकीन नहीं है।

मिनी आरी से शरीर के अंगों को काटा

पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा के शरीर के अंगों को काटने के लिए सिर्फ एक हथियार का इस्तेमाल किया गया था। आफताब ने शरीर के अंगों को काटने के लिए मिनी आरी का इस्तेमाल किया था। मिनी आरी अभी तक बरामद नहीं हुई है। वहीं, अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपी आफ़ताब महरौली के मकान में पहले 15 मई को खुद शिफ्ट हुआ, फिर अगले दिन श्रद्धा को मकान पर लाया और 18 मई को उसकी हत्या कर दी।

बनाई दूसरी गर्लफ्रेंड

बता दें, आफताब डेटिंग ऐप बंबल के जरिए श्रद्धा से मिला था। श्रद्धा के मर्डर के बाद इसी ऐप के जरिए 15-20 दिन के अंदर आफताब ने दूसरी गर्लफ्रेंड बनाई थी, जिसे लेकर फ्लैट पर आता था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि आफताब पूनावाला और श्रद्धा वॉकर के एक कॉमन फ्रेंड को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने बताया कि यह वह दोस्त है जिसने श्रद्धा के पिता को उससे बातचीत के बारे में बताया था।

श्रद्धा भी इंस्टाग्राम पर थी सक्रिय

आफताब पूनावाला की गर्ल फ्रेंड श्रद्धा वॉकर भी इंस्टाग्राम पर काफी सक्रिय थी। वह लगातार घूमने फिरने की तस्वीरें डालती थी। अपनी मौत से एक सप्ताह पहले ही उसने हिमाचल से और दस दिन पहले उत्तराखंड के फोटो डाले थे। वहीं इसी साल फरवरी में उसने आरोपी आफताब के साथ इकलौती फोटो डाली और इसका कैप्शन दिया था कि ‘हैप्पी डे।

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