Thursday, April 9, 2026
Home Blog Page 60

रिकॉर्ड कीमतों के साथ आईपीएल की छोटी नीलामी में चमकी खिलाड़ियों की किस्मत

कोच्चि में रिकॉर्ड कीमतों के साथ ही आईपीएल 2023 सीजन के लिए छोटी नीलामी पूरी हो गई। एक बार फिर सभी 10 टीमों ने जमकर खरीदारी की और नए रिकॉर्ड बना डाले। इस बार नीलामी में करीब 400 खिलाड़ियों की किस्मत का फैसला हुआ। जिसमें 80 खिलाड़ियों को खरीदने में 1.67 अरब खर्च हुए।

पंजाब किंग्स ने दो साल बाद इंग्लैंड के सैम करन को वापस अपने साथ मिला लिया और इसके लिए उसने IPL नीलामी के इतिहास में 18.50 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। सैम करन के अलावा इंग्लैंड के बेन स्टोक्स और हैरी ब्रूक जैसे धुरंधरों पर भी जमकर रकम खर्च हुई।

कुल मिलाकर इस बार नीलामी में 80 खिलाड़ियों को खरीदा गया। जिसके लिए 1.67 अरब रुपये खर्च किए गए। सबसे ज्यादा 13 खिलाड़ी सनराइजर्स हैदराबाद ने खरीदे। जबकि कुल 5 खिलाड़ियों पर 10 करोड़ से ज्यादा की बोली लगी। आइये जानते है किन-किन खिलाड़ियों की किस्मत खुली और किस टीम ने उन्हें कितने में खरीदा।

लखनऊ सुपरजाएंट्स

आईपीएल 2023 से पहले मिनी ऑक्शन में लखनऊ सुपरजाएंट्स ने 10 और खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ा है। हालांकि, निकोलस पूरन के अलावा इस टीम के साथ कोई बड़ा नाम नहीं जुड़ा है। नीलामी में लखनऊ की टीम कुल 23.35 करोड़ रुपये लेकर उतरी थी और इनमें से 16 करोड़ पूरन पर खर्च कर दिए। नीलामी में लखनऊ ने कुल 19.8 करोड़ रुपये खर्च कर 10 खिलाड़ी खरीदे।

रिटेन किए गए खिलाड़ी: केएल राहुल (कप्तान), क्विंटन डिकॉक, मार्कस स्टोइनिस, आयुष बदोनी, करण शर्मा, मनन वोहरा, कृष्णप्पा गौतम, दीपक हुड्डा, काइल मेयर्स, कुणाल पांड्या, आवेश खान, मोहसिन खान, मार्क वुड, मयंक यादव, रवि बिश्नोई।

लखनऊ सुपरजाएंट्स के नए खिलाड़ी: जयदेव उनादकट , यश ठाकुर, रोमारियो शेफर्ड, डैनियल सैम्स , अमित मिश्रा, प्रेरक मांकड़, स्वप्निल सिंह, नवीन उल हक और युद्धवीर सिंह चरक ।

सनराइजर्स हैदराबाद

कोच्चि में आयोजित आईपीएल की छोटी नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने 13 खिलाड़ी खरीदे। हैदराबाद ने इंग्लैंड के हैरी ब्रुक के लिए सबसे ज्यादा पैसे खर्च किए। उसने ब्रुक को 13.25 करोड़ रुपये में खरीदा। वहीं, पंजाब किंग्स के पूर्व कप्तान मयंक अग्रवाल के लिए हैदराबाद ने 8.25 करोड़ रुपये खर्च किए। सनराइजर्स ने नीलामी से पहले अपने कप्तान केन विलियम्सन को भी बाहर कर दिया था। ऐसे में मयंक टीम के नए कप्तान हो सकते हैं।

सनराइजर्स हैदराबाद के रिटेन किए गए खिलाड़ी : राहुल त्रिपाठी, ग्लेन फिलिप्स, अभिषेक शर्मा, अब्दुल समद, एडेन मार्करम, मार्को यानसेन, वाशिंगटन सुंदर, फजल हक फारूकी, कार्तिक त्यागी, भुवनेश्वर कुमार, टी नटराजन, उमरान मलिक।

सनराइजर्स हैदराबाद के नए खिलाड़ी: हैरी ब्रूक, हेनरिक क्लासेन, आदिल राशिद, मयंक मार्कंडेय , मयंक अग्रवाल, विवरांत शर्मा, समर्थ व्यास, सनवीर सिंह, उपेंद्र यादव, मयंक डागर, नीतीश रेड्डी, अनमोलप्रीत सिंह, अकील हुसैन।

मुंबई इंडियंस

इस मिनी ऑक्शन में मुंबई की टीम 20.55 करोड़ की राशि के साथ उतरी थी। इस टीम के पास पहले से 16 खिलाड़ी थे। ऑस्ट्रेलियाई विस्फोटक ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन को खरीदकर मुंबई ने पोलार्ड के रिप्लेसमेंट को ढूंढ लिया। वहीं, पीयूष चावला और शम्स मुलानी को खरीदकर मुंबई ने स्पिनर्स की जरूरतों को भी पूरा कर लिया। आईपीएल 2023 के लिए मुंबई की टीम बेहद मजबूत नजर आ रही है।

रिटेन किए गए खिलाड़ी: रोहित शर्मा (कप्तान), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, टिम डेविड, रमनदीप सिंह, ट्रिस्टन स्टब्स, डेवाल्ड ब्रेविस, जोफ्रा आर्चर, जसप्रीत बुमराह, अर्जुन तेंदुलकर, अरशद खान, कुमार कार्तिकेय, ऋतिक शौकीन, जेसन बेहरेनडोर्फ, आकाश माधवली.

मुंबई इंडियंस के नए खिलाड़ी : कैमरन ग्रीन, जाय रिचर्ड्सन, पीयूष चावला, डुआन यानसेन, विष्णु विनोद, शम्स मुलानी, नेहल वढेरा, राघव गोयल।

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने इस ऑक्शन में अपने 25 खिलाड़ियों के कोटे को पूरा कर लिया है। टीम ने इस ऑक्शन में सात खिलाड़ियों को खरीदा। इनमें विल जैक्स और रीस टॉपली के रूप में दो विदेशी खिलाड़ी हैं। बाकी पांच भारतीय खिलाड़ी हैं। इस ऑक्शन में आरसीबी ने ज्यादा दिलचस्पी भी नहीं दिखाई और कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों पर बोली लगाई। आरसीबी की टीम अब भी कागज पर बेहद संतुलित नजर आ रही है।

आरसीबी के रिटेन किए गए खिलाड़ी : फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), विराट कोहली, सुयश प्रभुदेसाई, रजत पाटीदार, दिनेश कार्तिक, अनुज रावत, फिन एलेन, ग्लेन मैक्सवेल, वानिंदु हसरंगा, शाहबाज अहमद, हर्षल पटेल, डेविड विली, कर्ण शर्मा, महिपाल लोमरोर, मोहम्मद सिराज, जोश हेजलवुड, सिद्धार्थ कौल, आकाश दीप

आरसीबी के नए खिलाड़ी : जेसन बेहरेनडॉर्फ, अनीश्वर गौतम, चामा मिलिंद, लवनिथ सिसोदिया, शेरफेन रदरफोर्ड ।

राजस्थान रॉयल्स

राजस्थान रॉयल्स ने इस साल ऑक्शन में कुछ खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। उनके पास कुल नौ स्लॉट खाली थे और फ्रेंचाइजी ने नौ खिलाड़ियों को खरीदा। इनमें से छह खिलाड़ी राजस्थान ने आखिरी राउंड में खरीदे। खरीदे गए नौ में से तीन विदेशी खिलाड़ी हैं। जेसन होल्डर के रूप में राजस्थान ने एक ऑलराउंडर को खरीदा।

टीम ने दो विकेटकीपर बल्लेबाजों को खरीदा। इसमें दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज डोनोवन फरेरा और भारत के कुणाल सिंह राठौड़ शामिल हैं। जो रूट जैसे अनुभव को शामिल कर राजस्थान ने अपनी टीम को और मजबूत कर लिया है।

रिटेन किए गए खिलाड़ी : संजू सैमसन (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, शिमरोन हेटमायर, देवदत्त पडीक्कल, जोस बटलर, ध्रुव जुरेल, रियान पराग, प्रसिद्ध कृष्णा, ट्रेंट बोल्ट, ओबेद मैक्कॉय, नवदीप सैनी, कुलदीप सेन, कुलदीप यादव, आर अश्विन, युजवेंद्र चहल , केसी करियप्पा।

राजस्थान रॉयल्स के नए खिलाड़ी : जेसन होल्डर, डी फरेरा, कुणाल सिंह राठौर, एडम जम्पा, केएम आसिफ, मुरुगन अश्विन, आकाश वशिष्ठ, अब्दुल बासित, जो रूट।

कोलकाता नाइट राइडर्स

नीलामी के दौरान शुरू में शांत रहने वाली कोलकाता नाइटराइडर्स ने अंत में कई खिलाड़ियों को खरीदा। उसने आठ खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया। कोलकाता की टीम में चार जगह खाली ही रह गए। उसने 1.65 करोड़ रुपये भी बचाए। कोलकाता ने ट्रेड विंडो के जरिए अनुभवी तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर, लॉकी फर्ग्यूसन और अफगानिस्तान के ओपनर बल्लेबाज रहमनुल्लाह गुरबाज को टीम में शामिल किया था।

रिटेन किए गए कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाड़ी : श्रेयस अय्यर (कप्तान), नीतीश राणा, रहमनुल्लाह गुरबाज, वेंकटेश अय्यर, आंद्रे रसेल, सुनील नरेन, शार्दुल ठाकुर, लॉकी फर्ग्यूसन, उमेश यादव, टिम साउदी, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, अनुकुल रॉय, रिंकू सिंह.

कोलकाता नाइट राइडर्स के नए खिलाड़ी : वैभव अरोड़ा, एन जगदीशन, सुयश शर्मा, डेविड वीस, कुलवंत खेजरोलिया, लिटन दास, मनदीप सिंह, शाकिब अल हसन।

चेन्नई सुपरकिंग्स

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम ने कोच्चि में आईपीएल की छोटी नीलामी में सात खिलाड़ियों को खरीदा। उसने इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स के साथ-साथ भारत के दिग्गज बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे और न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज काइल जेमीसन को अपने साथ जोड़ा। चेन्नई की टीम के पास नीलामी से पहले 18 खिलाड़ी थे। उसके पर्स में 20.45 करोड़ रुपये बचे हुए थे।

चेन्नई सुपरकिंग्स के रिटेन किए गए खिलाड़ी : एमएस धोनी (कप्तान), डेवोन कॉनवे, रुतुराज गायकवाड़, अंबाती रायडू, सुभ्रांशु सेनापति, मोइन अली, शिवम दुबे, राजवर्धन हंगरगेकर, ड्वेन प्रिटोरियस, मिशेल सेंटनर, रवींद्र जडेजा, तुषार देशपांडे, मुकेश चौधरी, मथीशा पथिराना, सिमरजीत सिंह, दीपक चाहर, प्रशांत सोलंकी, महेश थीक्षणा।

चेन्नई सुपरकिंग्स के नए खिलाड़ी : अजिंक्य रहाणे, बेन स्टोक्स, शेख रशीद, निशांत सिंधु, काइल जैमीसन, अजय मंडल, भगत वर्मा।

दिल्ली कैपिटल्स

आईपीएल की इस छोटी नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने पांच खिलाड़ियों को खरीदा। पिछले आईपीएल में पांचवें स्थान पर रहने वाली इस टीम ने बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले बिहार के मुकेश कुमार को सबसे ज्यादा कीमत में खरीदा। उसने तेज गेंदबाज मुकेश को 5.50 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। वह दक्षिण अफ्रीका के एनरिच नोर्त्जे के साथ मिलकर कहर बरपा सकते हैं।

दिल्ली कैपिटल्स के रिटेन किए गए खिलाड़ी: ऋषभ पंत (कप्तान), डेविड वार्नर, पृथ्वी शॉ, रिपल पटेल, रोवमैन पॉवेल, सरफराज खान, यश ढुल, मिचेल मार्श, ललित यादव, अक्षर पटेल, एनरिक नार्जे, चेतन सकारिया, कमलेश नागरकोटी, खलील अहमद, लुंगी एनगिडी , मुस्तफिजुर रहमान, अमन खान, कुलदीप यादव, प्रवीण दुबे, विक्की ओस्तवाल।

दिल्ली कैपिटल्स के नए खिलाड़ी: इशांत शर्मा, फिल सॉल्ट, मुकेश कुमार, मनीष पांडे, रिले रोसौव।

गुजरात टाइटंस की टीम

पिछली बार की चैंपियन गुजरात टाइटंस ने इस बार भी मजबूत टीम तैयार की है। इस नीलामी में गुजरात टाइटंस ने 14.8 करोड़ रुपये खर्च कर सात खिलाड़ियों को खरीदा है। गुजरात के पर्स में 4.45 करोड़ रुपये बचे रह गए। नीलामी में गुजरात टाइटंस की टीम को एक सलामी बल्लेबाज और एक तेज गेंदबाज की तलाश थी।

गुजरात टाइटंस ने शिवम मावी और केन विलियम्सन को खरीदकर यह तलाश पूरी की। गुजरात ने नीलामी शुरू होते ही न्यूजीलैंड के दिग्गज केन विलियम्सन को खरीद लिया।

गुजरात के रिटेन किए गए खिलाड़ी: हार्दिक पांड्या (कप्तान), शुभमन गिल, डेविड मिलर, अभिनव मनोहर, साईं सुदर्शन, रिद्धिमान साहा, मैथ्यू वेड, राशिद खान, राहुल तेवतिया, विजय शंकर, मोहम्मद शमी, अल्जारी जोसेफ, यश दयाल, प्रदीप सांगवान, दर्शन नालकंडे, जयंत यादव, आर साई किशोर, नूर अहमद।

नए खिलाड़ी गुजरात के लिए : केन विलियमसन, ओडियन स्मिथ, केएस भारत, शिवम मावी, उर्विल पटेल, जोशुआ लिटिल, मोहित शर्मा ।

पंजाब किंग्स

पंजाब की टीम ने इस मेगा ऑक्शन में कुल छह खिलाड़ियों को खरीदा। पंजाब ने सबसे ज्यादा 18.50 करोड़ सैम करन पर खर्च किए। इसी के साथ सैम करन आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा इस टीम ने सिकंदर रजा, हरप्रीत सिंह भाटिया, विध्वत कवेरप्पा, मोहित राठी और शिवम सिंह को भी अपनी टीम में शामिल किया। अब पंजाब के पास कुल 22 खिलाड़ी हैं।

रिटेन किए गए खिलाड़ी : शिखर धवन (कप्तान), शाहरुख खान, जॉनी बेयरस्टो, प्रभसिमरन सिंह, भानुका राजपक्षे, जितेश शर्मा, राज बावा, ऋषि धवन, लियाम लिविंगस्टोन, अथर्व तायदे, अर्शदीप सिंह, बलतेज सिंह, नाथन एलिस, कागिसो रबाडा, राहुल चाहर , हरप्रीत बराड़।

पंजाब किंग्स के लिए नए खिलाड़ी : सैम करन, सिकंदर रजा, हरप्रीत भाटिया, विद्वत कावेरप्पा, मोहित राठी, शिवम सिंह ।

read more : जैनो के आस्था के गढ़ सम्मेदशिखर पर संकट गहराया , जैन समाज करेगा आंदोलन

जैनो के आस्था के गढ़ सम्मेदशिखर पर संकट गहराया , जैन समाज करेगा आंदोलन

जैन धर्मावलंबियों के आस्था के गढ़ सम्मेदशिखर पर आज संकट गहरा गया है। सम्मेदशिखर को जब से वन्य अभयारण क्षेत्र पर्यटक क्षेत्र केंद्र व झारखण्ड सरकार द्वारा घोषित किया गया है। तब से जैन समाज इस तानाशाही निर्णय के विरुद्ध लामबंद होकर आंदोलनरत है। लगातार प्रयास कर रहा है कि यह निर्णय वापस लिया जाए। ताकि जैन समाज का पवित्र आस्था केंद्र शिखरजी की पवित्रता बनी रहे।

इसी सम्बन्ध में जनपद मुज़फ्फरनगर में एक आंदोलनात्मक कार्यक्रम 25 दिसंबर को समस्त जैन समाज की ओर से प्रस्तावित है। जिसके तहत नगर क्षेत्र के सभी साथी व परिवार जैन औषधालय प्रेमपुरी , परिवार चौड़ी गली जैन मंदिर नई मंडी से एकत्रित होकर नगर के मुख्य बाजारों से होते हुए प्रकाश चौक पर मिलेंगे। फिर वहां से पूरा जत्था कचहरी की ओर प्रस्थान करेगा। जहां महामहिम राष्ट्रपति महोदया, माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री वन एवं अभ्यारण्य, मुख्यमंत्री झारखण्ड के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी मुज़फ्फरनगर को सौपा जायेगा।

इसी सम्बन्ध तैयारीयो की समीक्षा हेतु एक बैठक जैन अतिथि भवन , भारत माता चौक प्रेमपुरी में सम्पन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता पंकज जैन व संचालन रविन्द्र जैन ने किया। बैठक में सैकड़ो की संख्या में जैन समाज के लोग इक्कठा हुए व अपने अपने विचार रखे। 25 दिसंबर पैदल मार्च व ज्ञापन कार्यक्रम हेतु एक सशक्त रणनीति तैयार की गयी।

लड़ाई में हर कुर्बानी देने को तैयार है जैन समाज

वक्ताओं ने बताया कि जैन समाज आज एकजुट है व सम्मेद शिखरजी को बचाने की लड़ाई में हर कुर्बानी देने को तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार शीघ्र इस निर्णय को वापस ले। एक लंबे आंदोलन व बहिष्कार के लिए तैयार रहे। बैठक में यह प्रस्ताव भी पास हुआ कि अगर सरकार जल्द इसमे कोई निर्णय नही लेती है। तो इस ज्ञापन कार्यक्रम के पश्चात एक बड़ी पंचायत कर आगामी रणनीतिक तैयार की जाएगी। जैन समाज नोटिफिकेशन वापसी व शिखर को पूर्ण शाकाहारी क्षेत्र घोषित किये जाने से कम किसी बात पर तैयार नही है। जो लोग झूठी खबर फैला कर आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रच रहे है वो कानूनी कार्यवाही के लिये भी तैयार रहें।

जैन समाज की अस्मिता से सरकार कर रही खिलवाड़ – गौरव जैन

बैठक को संबोधित करते हुए गौरव जैन ने सबसे पहले तो प्रस्तावित ज्ञापन में लिखी गयी मांगो को पढ़ कर सुनाया व मौके पर मौजूद सभी लोगो की सहमति ली। त्तपश्चात गौरव जैन ने कहा कि आज जैन समाज की अस्मिता से सरकार खिलवाड़ करने का प्रयास कर रही है। सरकार आंदोलन को कमजोर करना चाहती है। लेकिन जैन समाज “न मारेगा-न मानेगा की तर्ज पर काम करते हुए गांधीवादी तरीके से अपना आन्दोलन सकारात्मक निर्णय आने तक चलायेगा। उन्होंने 25 दिसम्बर के कार्यक्रम में सभी से बड़ी संख्या में जुटने आह्वाहन भी किया। गौरव जैन ने आश्वासन दिया अगर सरकार यही नही मानी तो एक बड़े व लम्बे आंदोलन की रणनीति तैयार है।

हम जैन आखिरी दम तक लड़ेगें – प्रदीप जैन

प्रदीप जैन ने कहा कि जैन समाज का इतिहास लाखो साल पुराना है व आज भी देश के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका जैन समाज की है ऐसे में सरकारों को अल्पसंखयक समाज के मामलों में निर्णय लेते समय विचार करना चाहिये सम्मेद शिखरजी के मामले में सरकार ने जैन समाज के साथ अन्याय किया है व हम जैन आखिरी दम तक लड़ेगें। सरकार को निश्चित ही यह निर्णय वापस लेना पड़ेगा।

rerad more : उमेश-अश्विन के आगे बांग्लादेश हुई नतमस्तक , भारतीय टीम की हुई सधी शुरुआत

उमेश-अश्विन के आगे बांग्लादेश हुई नतमस्तक , भारतीय टीम की हुई सधी शुरुआत

भारत और बांग्लादेश के बीच आई सी सी की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला ढाका में खेला जा रहा है। इस सीरीज का पहला मुकाबला भारतीय टीम ने 188 रनों से जीता था। आज दूसरे टेस्ट का पहला दिन था और टॉस जीतकर पहले खेलने उतरी बांग्लादेश की टीम 227 रनों पर सिमट गई। पहले दिन का खेल खत्म हो चुका है। इसके जवाब में भारतीय टीम ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक बिना कोई विकेट खोए 19 रन बना लिए हैं। भारतीय टीम अभी बांग्लादेश के स्कोर से 208 रन पीछे है। भारतीय टीम मैच के दूसरे और तीसरे दिन बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर बनाना चाहेगी।

अच्छी शुरुआत के बाद लड़खड़ाई बांग्लादेश

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिए नजमुल हसन और जाकिर की जोड़ी ने 39 रन जोड़े। टेस्ट में वापसी करने वाले जयदेव उनादकट ने भारत को पहली सफलता दिलाई। उन्होंने जाकिर हसन को लोकेश राहुल के हाथों कैच कराया। इसके तीन गेंद बाद ही अश्विन ने शान्तो के पवेलियन भेज दिया। मोमिनुल और कप्तान शाकिब ने तीसरे विकेट के लिए 43 रन की साझेदारी की। उमेश ने शाकिब को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद बांग्लादेश की टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही।

भारतीय टीम ने कुलदीप को किया ड्रॉप

पिछले मैच में जीत के स्टार रहे स्पिनर कुलदीप यादव के बिना उतरी भारतीय टीम ने बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट को शामिल किया। 12 साल पहले टेस्ट डेब्यू करने वाले जयदेव ने इस टेस्ट में भारत के लिए न सिर्फ अपना खाता खोला, बल्कि टीम को भी सबसे पहली सफलता दिलाई। बाएं हाथ के सौराष्ट्र के अनुभवी पेसर ने साझेदारी तोड़ने और बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाई।

अश्विन ने दिलाई भारतीय टीम को अच्छी सफलताएं

भारतीय टीम की ओर से अश्विन को इस पारी में अच्छी सफलताएं मिली। पिछले टेस्ट में विकेटों के मामले में ज्यादा सफल नहीं रहने वाले अश्विन ने इस बार बड़े विकेट लेकर बांग्लादेश की पारी को झकझोर दिया। उन्होंने ही मॉमिनुल हक को उनके शतक से रोका और भारत को अहम सफलता दिलाई । जिसने टेल एंडर्स को जल्दी समेटने में अपनी भूमिका निभाई। उनके अलावा उमेश यादव ने कसी हुई गेंदबाजी से शुरुआत की और धीरे-धीरे उन्हें इसका अच्छा फल भी मिला। उमेश ने रिवर्स स्विंग का भी बखूबी इस्तेमाल किया। इसका सबसे अच्छा उदाहरण नूरुल हसन के खिलाफ दिखा । जब ऑफ स्टंप की लाइन में खेलने की कोशिश में वह पूरी तरह चूके और एल बी डब्लू आउट हो गए।

गिल और राहुल की अच्छी शुरुआत

शुभमन गिल और केएल राहुल की सधी हुई शुरुआत देखने को मिली है। स्टंप्स तक भारत ने 8 ओवर में बिना किसी विकेट के 19 रन बना लिए हैं। टीम इंडिया मैच के दूसरे और तीसरे दिन बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर बनाना चाहेगी। भारतीय टीम पहली पारी में बढ़त लेने की कोशिश करेगी।भारत के सभी विकेट बचे हुए है। कप्तान केएल राहुल 3 और शुभमन गिल 14 रन बनाकर नाबाद हैं।

read more : कोविड के नए ​वैरिएंट पर सीएम योगी एक्शन में, हर पॉजिटिव केस की जीनोम सिक्वेंसिंग

कोविड के नए ​वैरिएंट पर सीएम योगी एक्शन में, हर पॉजिटिव केस की जीनोम सिक्वेंसिंग

चीन समेत विभिन्न देशों में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कोविड प्रबंधन के लिए गठित उच्चस्तरीय टीम के साथ प्रदेश की स्थिति की समीक्षा की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कोरोना केसेस में बढ़ोत्तरी की संभावनाओं को देखते हुए जरुरी दिशा निर्देश दिए । साथ ही कहा कि समय घबराने का नहीं बल्कि सतर्क और सावधान रहने का है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर पॉजिटिव केस की जीनोम सीक्वेंसिंग करवाई जाए । ताकि वैरिएंट्स का पता चल सके। सीएम योगी ने कहा कि विभिन्न देशों में विगत एक सप्ताह से कोविड के नए केस में बढ़ोतरी देखी जा रही है । लेकिन उत्तर प्रदेश में स्थिति सामान्य है। दिसम्बर माह में प्रदेश की कोविड पॉजिटिविटी दर 0.01% रही है। वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 62 है। विगत 24 घंटों में 27,208 हजार टेस्ट किए गए और एक भी नए मरीज की पुष्टि नहीं हुई।

इसी अवधि में 33 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कोविड से बचाव के लिए ट्रेस, टेस्ट, ट्रीटमेंट और टीका की रणनीति सफल सिद्ध हुई है।

आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं कोरोना केस: सीएम योगी

उन्होंने कहा कि संभव है कि आने वाले कुछ दिनों में नए केस में बढ़ोतरी हो । ऐसे में हमें अलर्ट रहना होगा। यह समय घबराने का नहीं बल्कि सतर्क और सावधान रहने का है। कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना होगा। भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाए जाने के लिए लोगों को जागरूक करें।

पब्लिक एड्रेस सिस्टम को एक्टिव करें। सीएम योगी ने कहा कि कोविड की बदलती परिस्थितियों पर सूक्ष्मता से नजर रखी जाए।स्वास्थ्य विभाग बेहतर समन्वय के साथ तैयारी करें। राज्य स्तरीय स्वास्थ्य सलाहकार समिति के परामर्श के अनुसार आगे की नीति तय की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार से सतत संपर्क-संवाद बनाए रखें। उन्होंने कहा कि कोविड प्रबंधन में इंटेग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की उपयोगिता का हम सभी ने अनुभव किया है।

हर पॉजिटिव केस की हो जीनोम सीक्वेंसिंग – सीएम योगी

कोविड के नए वैरिएंट पर सतत नजर रखी जाए। जो भी नए केस मिले । उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाए। दैनिक टेस्टिंग को बढ़ाया जाए और साथ ही गंभीर, असाध्य रोग से ग्रस्त लोगों, बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने कहा कि कोविड प्रबंधन में इंटेग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की उपयोगिता का हम सभी ने अनुभव किया है।

आशा बहनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को एक्टिव करें

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मंत्र “जहां बीमार-वहीं उपचार” की भावना के अनुरूप आशा बहनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का सहयोग लिया जाए। कोविड के खिलाफ अब तक की लड़ाई में इन लोगों ने बड़ी भूमिका निभाई है। इस वर्ग को पुनः एक्टिव करें । ताकि यह अपने क्षेत्रों में कोविड लक्षण युक्त लोगों पर नजर रखें । जरूरत के अनुसार तत्काल अस्पताल/डॉक्टर की सेवाएं उपलब्ध कराएं।

कोविड के बीच अस्पतालों के इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया गया था। हर जिले में आईसीयू, वेंटिलेटर, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की गई थी। सभी अस्पतालों में चिकित्सकीय उपकरणों की क्रियाशीलता, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। ग्रामीण हो या शहरी क्षेत्र, हर अस्पताल में पर्याप्त संसाधन होने चाहिए।

कोविड प्रोटोकॉल के साथ संचालित होंगे रैन बसेरे

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक आदेश जारी कर सभी रैन बसेरों का संचालन कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार करने को कहा था। उन्होंने बताया कि बेसहारा, निराश्रित और कमजोर वर्ग के लोगों को ठंड और शीतलहर के प्रकोप से बचाने के लिए ये रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन इन रैन बसेरों में संक्रमण रोकने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। इसके लिए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय कर दी गयी है।

प्रीकॉशन डोज लगाने में लाएं तेजी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण से बचाव में टीके की उपयोगिता स्वयंसिद्ध है। 39.06 करोड़ वैक्सीनेशन डोज के साथ उत्तर प्रदेश सर्वाधिक टीका लगाने वाला राज्य है। उत्तर प्रदेश में 4.48 करोड़ प्रीकॉशन डोज भी लगाए जा चुके हैं। कोविड के नए वैरिएंट के दृष्टिगत प्रीकॉशन डोज लगाए जाने में तेजी की अपेक्षा है। लोगों को प्रीकॉशन डोज की जरूरत और उपयोगिता के बारे में जागरूक किया जाए।

read more : कोरोना के बारे में सोशल मीडिया पर चल रहीं ‘फेक न्यूज़’ , रहे सावधान

कोरोना के बारे में सोशल मीडिया पर चल रहीं ‘फेक न्यूज़’ , रहे सावधान

चीन समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। भारत में भी सरकार अलर्ट मोड पर है। इस बीच कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म हो रहा और कई ऐसे फर्जी मैसेज चल रहे हैं। जिनमें ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट के बारे में गलत जानकारी दी जा रही है। नए वेरिएंट को जानलेवा और अधिक संक्रामक बताया जा रहा है। जिसमे इलाज के तरीकों और बचाव के बारे में गलत सूचनाएं दी जा रही है।

इन फर्जी मैसेज में कहा गया है कि कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट काफी खतरनाक है और इसका सही तरीके से पता लगाना आसान नहीं है। सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट और फर्जी न्यूज़ डालकर आम जनमानस में डर का माहौल बनाया जा रहा है। हाल ही में देखने में आया है कि कुछ यूज़र सोशल मीडिया पर ऐसा कंटेंट कॉपी-पेस्ट कर रहे हैं। जिससे ना सिर्फ फर्जी खबरें फैल रही हैं। बल्कि आम व्यक्ति में डर का माहौल बन रहा है।

दी जा रही गलत सूचना

नए वेरिएंट के लक्षण को लेकर भी गलत सूचना दी जा रही है। जिसमें कहा गया है कि इस वेरिएंट में खांसी नहीं होती है और बुखार नहीं आता है। इसके अलावा जोड़ों का दर्द, सिरदर्द, गर्दन में दर्द, ऊपरी कमर दर्द, निमोनिया और भूख न लगना इसके हल्के लक्षण है। सोशल मीडिया पर ये गलत जानकारी दी जा रही है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट की तुलना में 5 गुना अधिक खतरनाक है और इसकी तुलना में मृत्यु दर अधिक है। इसके लक्षण भी नजर नहीं आते हैं। संक्रमित होने के बाद मरीज की हालत बिगड़ रही है।

अफवाह पर ध्यान न दें

कुछ विशेषज्ञो का कहना है कि ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट bf.7 का गंभीर मामला भारत में नहीं आया है। सोशल मीडिया पर ये जो मैसेज चल रहे हैं बिलकुल गलत हैं। भारत में ये वेरिएंट कई महीनों से मौजूद है, लेकिन लोगों मे फ्लू जैसे लक्षण ही मिल रहे हैं। ऐसे में अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। बस लोगों को सलाह है कि कोविड से बचाव के नियमों का पालन करते रहें और सावधानी बरतें।

कोरोना को लेकर भारत सरकार भी एलर्ट मोड पर

चीन में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर भारत भी अलर्ट मोड पर है। सरकार ने लोगों को कोविड से बचाव के नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। देश भर में 3.5 लाख से अधिक चिकित्सकों के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन इस खतरनाक बीमारी से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। आईएमए सरकार को उसके पूर्ण सहयोग का आश्वासन देता है। आईएमए कोविड से बचाव और इलाज में सहयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

कोविड पर काबू पाने के लिए कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करें। इसके लिए ये इन आठ जरूरी बातों का ध्यान रखनो को कहा गया है।

1. सभी सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क का प्रयोग करना है।

2. सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखनी है।

3. साबुन और पानी या सैनिटाइज़र से नियमित रूप से हाथ धोना।

4. सार्वजनिक समारोहों जैसे विवाह, राजनीतिक या सामाजिक बैठकों आदि से बचना चाहिए।

5. अंतर्राष्ट्रीय यात्रा से बचें।

6. बुखार, गले में खराश, खांसी, लूज मोशन आदि जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

7. बूस्टर खुराक सहित अपना कोविड टीकाकरण जल्द से जल्द करवाएं।

8. समय-समय पर जारी सरकारी एडवाइजरी का पालन करें।

read more : रेलवे में नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, ट्रेनिंग का झांसा देकर स्टेशन पर गिनवाते रहे ट्रेन

रेलवे में नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, ट्रेनिंग का झांसा देकर स्टेशन पर गिनवाते रहे ट्रेन

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अलग-अलग प्लेटफार्मों पर तमिलनाडु के कम से कम 28 लोग करीब एक महीने तक रोजाना आठ घंटे आने-जाने वाली ट्रेनों और उनके डिब्बों की गिनती कर रहे थे। उन्हें बताया गया था कि यही उनका काम है। वे इस बात से बेखबर थे कि वे नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दायर एक शिकायत के अनुसार, उन्हें बताया गया था कि यह यात्रा टिकट परीक्षक (TTE), यातायात सहायकों और क्लर्कों के पदों के लिए उनकी ट्रेनिंग का हिस्सा था। रेलवे में नौकरी पाने के लिए उनमें से हर एक शख्स ने दो लाख से 24 लाख रुपए के बीच की राशि का भुगतान किया था।

आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज मुकदमे के बाद मामले का खुलासा

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दायर एक शिकायत के बाद इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। दरअसल इन युवकों को बताया गया था कि ट्रेनों की गिनती का काम यात्रा टिकट परीक्षक (टीटीई), यातायात सहायकों और क्लर्कों के पदों के लिए उनकी ट्रेनिंग का हिस्सा था। रेलवे में नौकरी पाने के लिए उनमें से हर युवक ने दो लाख से 24 लाख रुपये के बीच की रकम दी थी। बाद में उन्हें पता चला कि वे लोग एक बड़ी ठगी का शिकार हो चुके हैं।

2. 67 करोड़ रुपये की ठगी

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में 78 वर्षीय एम सुब्बुसामी द्वारा दर्ज कराई गई।शिकायत के अनुसार, जून और जुलाई के बीच हुए एक महीने के प्रशिक्षण के लिए, धोखेबाजों के एक ग्रुप द्वारा पीड़ितों से 2. 67 करोड़ रुपये ठग लिए गए। पूर्व सैनिक सुब्बुसामी पीड़ितों को कथित धोखेबाजों के संपर्क में लाए थे, लेकिन उन्होंने दावा किया कि वह इस बात से अनजान थे कि यह सब एक घोटाला था और वह भी उनके जाल में फंस गए।

हर उम्मीदवार से 2 से 24 लाख रुपये लिए गए

मदुरै के एक पीड़ित 25 वर्षीय स्नेहिल कुमार ने कहा, ‘हर कैंडिडेट ने सुब्बुसामी को दो लाख रुपये से लेकर 24 लाख रुपये तक की रकम का भुगतान किया, जिसने विकास राणा नाम के एक व्यक्ति यह रकम दी। राणा ने दिल्ली में उत्तर रेलवे कार्यालय में खुद को एक डिप्टी डायरेक्टर बताया था।’ ज्यादातर पीड़ित इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा की पृष्ठभूमि वाले ग्रैजुएट हैं।

एमपी क्वार्टर में हुई थी डील

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में अपने गृहनगर से फोन पर एक न्यूज एजेंसी से सुब्बुसामी ने कहा, ‘रिटायरमेंट के बाद से मैं अपने इलाके के बेरोजगार युवाओं को बिना किसी आर्थिक फायदे के उपयुक्त नौकरी खोजने में मदद कर रहा हूं।’ एफआईआर में उसने आरोप लगाया है कि वह दिल्ली के एक एमपी क्वार्टर में कोयम्बटूर निवासी शिवरमन नामक व्यक्ति से मिला था।

शिवरमन ने सांसदों और मंत्रियों के साथ अपनी जान-पहचान का दावा किया और कुछ पैसे लेकर बेरोजगारों के लिए रेलवे में रोजगार दिलाने का प्रस्ताव रखा। जिसके बाद सुब्बसामी नौकरी की तलाश कर रहे तीन लोगों के साथ दिल्ली आया और बाद में नौकरी पाने के लिए 25 लोग और उनके साथ आए।

रेलवे ने लोगों को अलर्ट किया

ईओडब्ल्यू ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया कि यह एक नौकरी घोटाला था और आगे की जांच चल रही है। रेल मंत्रालय में मीडिया और संचार के अतिरिक्त महानिदेशक योगेश बवेजा ने इस तरह के नौकरी घोटालों के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि रेलवे बोर्ड नियमित रूप से सलाह जारी कर रहा है और आम लोगों को इस तरह की धोखाधड़ी के खिलाफ सतर्क कर रहा है।

read more : दूसरे टेस्ट से भी बाहर हुए रोहित, बिना खेले चोटिल हुए नवदीप सैनी

दूसरे टेस्ट से भी बाहर हुए रोहित, बिना खेले चोटिल हुए नवदीप सैनी

भारत और बांग्लादेश के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला 22 दिसंबर से ढाका में खेला जाएगा। इस टेस्ट के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपडेटेड स्क्वॉड जारी किया है। नियमित कप्तान रोहित शर्मा दूसरे टेस्ट से भी बाहर हो गए हैं। वहीं, तेज गेंदबाज नवदीप सैनी बिना कोई मैच खेले ही दूसरे मुकाबले से बाहर हो गए। केएल राहुल ही दूसरे टेस्ट में भी कप्तानी करते दिखेंगे। जिसमे भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ पहला टेस्ट 188 रन से जीता था।

चटगांव में खेले गए पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने पहली पारी में 404 रन बनाए थे। जवाब में बांग्लादेश की पहली पारी 150 रन पर सिमट गई थी। दूसरी पारी में भारत ने दो विकेट पर 258 रन बनाए थे। 513 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की टीम 324 रन पर सिमट गई थी।

रोहित शर्मा अपना रिहैबिलिटेशन जारी रखेंगे

बीसीसीआई सचिव जय शाह ने एक बयान जारी कर कहा रोहित शर्मा वनडे सीरीज के दौरान अपने बाएं अंगूठे में चोट लगा बैठे थे। इसके बाद से वह बीसीसीआई की मेडिकल टीम की देखरेख में हैं। रोहित को चोट ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे वनडे के दौरान लगी थी। मेडिकल टीम का मानना है कि चोट को पूरी तरह से ठीक होने में थोड़ा और वक्त लगेगा, ताकी वह पूरे जोरशोर से बल्लेबाजी और फील्डिंग कर सकें। वह अपना रिहैबिलिटेशन जारी रखेंगे और बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे और अंतिम टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे।

सपेशियों में खिंचाव के चलते बाहर हुए नवदीप सैनी

नवदीप सैनी को लेकर बीसीसीआई ने कहा- नवदीप भी पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण दूसरे टेस्ट से बाहर हो गए हैं। तेज गेंदबाज अब अपनी चोट के आगे के इलाज के लिए एनसीए को रिपोर्ट करेंगे। नवदीप को मोहम्मद शमी के रिप्लेसमेंट के तौर पर बांग्लादेश दौरे के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया था।

बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए भारत की अपडेटेड टीम

केएल राहुल (कप्तान), शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा (उपकप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), केएस भरत (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव शार्दुल ठाकुर, मो. सिराज, उमेश यादव, अभिमन्यु ईश्वरन, सौरभ कुमार, जयदेव उनादकट।

read more : एलजी ने केजरीवाल सरकार से ब्याज सहित 97 करोड़ रुपये वसूलने का दिया निर्देश

पिकनिक स्थल नही बनने देंगे , अंतिम सांस तक करेंगे शिखरजी के लिये आन्दोलन – गौरव जैन

जनपद मुज़फ्फरनगर के समस्त जैन समाज की अतिआवश्यक बैठक जैन अतिथि भवन,भारत माता चौक प्रेमपुरी में सम्पन्न हुई। जिसमें सभी जैन संस्थाओं व संगठनों से सैकड़ो लोगो ने भागीदारी की व एक मत होकर तय किया कि 25 दिसम्बर 2022 को जैन समाज मुज़फ्फरनगर जैन औषधालय पर एकत्रित हो शहर के मुख्य मार्गो से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेगा। गौरव जैन ने कहा की महामहिम राष्ट्रपति मुर्मू महोदया को संबोधित एक मांग पत्र जिलाधिकारी महोदय को सौपा जायेगा। इस अपेक्षा के साथ कि सम्मेद शिखरजी के सम्बंध में सरकार तानाशाही निर्णय वापस ले।

पिकनिक स्थल किसी कीमत पर नहीं बनने देंगे

गौरतलब है कि सम्मेद शिखरजी को भाजपा सरकार द्वारा “वन्य अभयारण्य क्षेत्र” घोषित किये जाने के बाद से ही पूरे देश के जैन समाज में आक्रोश व्याप्त है। अधिकतर प्रदेशो व जनपदों में जैन समाज आंदोलनरत है। सड़क पर प्रदर्शन कर अथवा मांग पत्रों द्वारा या रैली निकाल कर अपने अपने तरीके से सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर कर रहा है। एक ही आवाज हर ओर सुनाई दे रही है कि जैन तीर्थो को पिकनिक स्थल किसी कीमत भी बनने नही दिया जायेगा। इसके लिए कोई भी कुर्बानी देनी पड़ी तो जैन समाज पीछे नही हटेगा। बैठक को संबोधित करते हुए अनेको लोगो ने अपने विचार रखे।

शिखरजी को लेकर लिया गया निर्णय तानाशाही – गौरव जैन

जिसमे प्रमुख रूप से बोलते हुए गौरव जैन ने कहा की शिखरजी को लेकर तत्कालीन झारखण्ड सरकार व आज की केंद्र द्वारा लिया गया निर्णय तानाशाही है। इसे सरकार वापस ले अन्यथा शिखरजी तीर्थ के लिए हम अपनी अंतिम श्वास तक संघर्ष करेंगे। प्रदीप जैन ने कहा कि आज समय है कि जब जैन समाज को अपनी एकजुटता दिखानी ही पड़ेगी। लोकतंत्र में सरकार की तानाशाही कार्यवाही के विरुद्ध आपकी गिनती ही आपके लिये न्याय का रास्ता बनाती है।

read more : कोरोना रुला रहा खून के आंसू, जीरो कोविड पॉलिसी के बीच तेजी से बढ़ रहा मौत का आंकड़ा

एलजी ने केजरीवाल सरकार से ब्याज सहित 97 करोड़ रुपये वसूलने का दिया निर्देश

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को एक बार फिर से झटका लगने वाला है। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मुख्य सचिव को सरकारी विज्ञापन के रूप में प्रकाशित राजनीतिक विज्ञापनों के लिए आम आदमी पार्टी से 97 करोड़ रुपये वसूलने के आदेश दिए हैं। एलजी ने आदेश दिया है कि आम आदमी पार्टी से 97 करोड़ रुपए ब्याज समेत वसूले जाएं। एलजी कार्यालय की ओर से जारी आदेश में मुख्य सचिव को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को लागू करने को कहा गया है।

दिल्ली एलजी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि विज्ञापन जारी करने वाली शब्दार्थ को निजी व्यक्तियों के बजाय सरकारी अधिकारियों द्वारा संचालित किया जाए। दरअसल, उपराज्यपाल का यह निर्देश, 2015 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश, 2016 के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश और 2016 के CCRGA के आदेश के मद्देनजर आया है। उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि आम आदमी पार्टी लगातार इस आदेश का उल्लंघन कर रही है।

आप ने किया जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल- भाजपा

भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी पर हमला बोला है। भाजपा ने कहा कि आप ने जनता के पैसे राजनीतिक विज्ञापनों पर खर्च कर दिए। जबकि ये पैसे राजधानी के विकास में खर्च होने चाहिए थे। बता दें कि वर्ष 2015 में अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने अपनी सरकार के कामों का प्रचार करना शुरू किया। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मई 2015 में केंद्र और राज्य सरकारों की तरफ से दिए जाने वाले विज्ञापन के संबंध में एक आदेश जारी किया था। इसके आधार पर वर्ष 2016 में 3 सदस्यीय कंटेंट रेगुलेशन कमेटी बनाई गई।

केजरीवाल सरकार हाई कोर्ट में केस हार गई

अगस्त 2016 में दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल के अधिकार मामले को लेकर दिल्ली की केजरीवाल सरकार हाई कोर्ट में केस हार गई। इसके बाद दिल्ली सरकार के सभी फैसलों की जांच शुरू हो गई। साथ ही आम आदमी पार्टी सरकार में जो विज्ञापन दिए गए उनकी जांच कमेटी से करने के लिए कहा गया। इस कमेटी ने ही दिल्ली सरकार पर 97 करोड़ रुपये के विज्ञापन नियमों के अनुरूप न होने का आरोप लगाया था। उस दौरान नजीब जंग दिल्ली के उपराज्यपाल थे।

एलजी ने दिल्ली सरकार को दिए कई झटके

इससे पहले भी दिल्ली एलजी विनय कुमार सक्सेना ने आम आदमी पार्टी और सरकार को कई झटके दिए हैं। केजरीवाल सरकार की एक्साइज पॉलिसी की न केवल CBI जांच, बल्कि एलजी ने बिजली सब्सिडी की भी जांच की सिफारिश की थी। वहीं, सिंगापुर सरकार ने अरविंद केजरीवाल को अगस्त के पहले सप्ताह में होने वाले ‘वर्ल्ड सिटीज’ शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया था। मगर उस दौरे के लिए भी एलजी ने मंजूरी नहीं दी थी।

read more : कोरोना रुला रहा खून के आंसू, जीरो कोविड पॉलिसी के बीच तेजी से बढ़ रहा मौत का आंकड़ा

कोरोना रुला रहा खून के आंसू, जीरो कोविड पॉलिसी के बीच तेजी से बढ़ रहा मौत का आंकड़ा

चीन में कोरोना वायरस ने बीते कुछ समय से काफी उथल पुथल मचाई हुई है। यहां संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इस बीच चीन के स्वास्थ्य प्राधिकारियों ने कोरोना से दो और मरीजों की मौत होने की जानकारी दी है। दोनों मरीजों की मौत राजधानी बीजिंग में हुई। चीन ने अपनी सख्त ‘‘जीरो कोविड’’ नीति में कुछ छूट दी है। जिसके बाद देशभर में संक्रमण और मौत के मामले बढ़े हैं। चीन ने चार दिसंबर के बाद से कोरोना से किसी की मौत न होने का दावा किया था। जबकि अनौपचारिक खबरों में संक्रमण के मामले बढ़ने की बात कही गई थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने और अंत्येष्टि के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। क्योंकि मरीजों व मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अगले तीन माह में चीन में तीन कोरोना लहरों का खतरा है। 10 लाख से ज्यादा मौतों की आशंका जताई गई है। इससे दुनिया भर में चिंता जताई जाने लगी है।

महामारी विशेषज्ञ एरिक फेगल-डिंग ने वीडियो साझा कर चेताया है कि चीन में कोरोना की स्थिति बिगड़ रही है। देश भर में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। डिंग अमेरिकी सार्वजनिक स्वास्थ्य वैज्ञानिक हैं। वे वर्तमान में न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स सिस्टम्स इंस्टीट्यूट में कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख हैं।

तेजी से फैल रहा है वायरस

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, श्मशान में आने वाले कोविड संक्रमित शवों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। क्योंकि चीन की राजधानी में वायरस तेजी से फैल रहा है। महामारी प्रतिबंधों में अचानक ढील देने के बाद इस तरह के हालात बने हैं। फीगल-डिंग ने तो यहां तक कहा कि, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने बढ़ते मरीजों की वजह से यहां तक कह दिया है कि, “जिसे भी संक्रमित होना है, संक्रमित होने दें, जिसे मरने की जरूरत है, उसे मरने दें।” स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने ये भी दावा किया है कि अब चीन में संक्रमितों की संख्या एक दिन से भी कम समय में दोगुनी हो सकती है। जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने 19 और 23 नवंबर के बीच चार मौतों की घोषणा के बाद से चीन ने बीजिंग में कोई कोविड-19 मौत की सूचना नहीं दी है।

मौतों के आंकड़े छिपाए जा रहे ?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन कोरोना के आंकड़ों को लगातार छिपा रहा है। नवंबर मध्य तक 11 मौतों की आधिकारिक सूचना दी गई है, जबकि रोज 10,000 से ज्यादा संक्रमित मिल रहे थे। उधर, अंत्येष्टि स्थलों व अस्पतालों के वीडियो कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि चीन के अस्पताल कोरोना मरीजों से भरे पड़े हैं और अंत्येष्टि के लिए कतारें लग रही हैं। अस्पतालों के शव गृहो के कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती कराना पड़ी है। क्योंकि कोरोना से मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

मार्च तक आ सकती हैं तीन लहरें : डॉ. वू जुन्यो

चीन के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वू जुन्यो ने कहा है कि कोरोना संक्रमण अगले साल मार्च के मध्य तक तेजी से बढ़ेगा और इन तीन माह में तीन लहरों से पूरा देश प्रभावित होगा। चीन के महामारी विशेषज्ञ डॉ. जुन्यो ने बताया कि फिलहाल देश कोरोना की पहली लहर से पीड़ित है। दूसरी लहर जनवरी के अंत में आने की आशंका है। इस वक्त 21 जनवरी से चीन में सप्ताह भर का चीनी नव वर्ष समारोह चलेगा। लोग छुट्टियां बिताने परिवार के साथ यात्रा करेंगे। तीसरी लहर फरवरी अंत से मार्च के मध्य तक आ सकती है क्योंकि छुट्टी बिताने के बाद लोग काम पर लौटेंगे।

90 फीसदी लोगों को टीके लगे, लेकिन ये कारगर नहीं

चीन ने बताया है कि उसकी 90 फीसदी से अधिक आबादी का पूर्ण टीकाकरण हो गया है। हालांकि, 80 साल और उससे अधिक उम्र के आधे से कम ही लोगों को वैक्सीन की तीनों खुराक मिली है। जबकि बुजुर्गों को कोरोना के गंभीर लक्षणों से पीड़ित होने की आशंकाएं अधिक होती हैं। चीन ने कोविड के अपने टीके विकसित किए हैं। दावा है कि ये टीके दुनिया के बाकी देशों में उपयोग किए जाने वाले एमआरएनए टीकों की तुलना में कम प्रभावी हैं।

बुजुर्गों में संक्रमण बढ़ने का डर

शून्य-कोविड नीति छोड़ने के बाद से चीन में नए मामलों का विस्फोट हुआ है। कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में अलग-थलग रह रहे हैं। चिंता जताई जा रही है कि चीन के स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि का सामना करने के लिए तैयार नहीं है। खासकर बुजुर्गों के मामले में, जिनमें से कई लोगों का अभी तक पूर्ण टीकाकरण तक नहीं किया गया है।

शंघाई के स्कूलों को ऑनलाइन करने के निर्देश

चीन के व्यावसायिक शहर शंघाई में वहां के प्रशासन ने कोविड के बढ़ते मामलों के बीच अपने अधिकांश स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं लेने का आदेश दिया है। शंघाई के शिक्षा ब्यूरो के अनुसार, नर्सरी और चाइल्डकेयर सेंटर भी सोमवार से बंद कर दिए गए हैं। ब्यूरो ने चीनी सोशल मीडिया वीचैट पर पोस्ट एक बयान में सोमवार से ऑनलाइन कक्षाएं दोबारा शुरू करने की पुष्टि की। ऐसे में फिलहाल बीजिंग और देश के अन्य शहरों के अस्पताल ताजा लहर से मुकाबला कर रहे हैं।

read more : 2 साल के बच्चे को पहली मंजिल से फेंका, फिर खुद ने तीसरी मंजिल से लगाई छलांग

2 साल के बच्चे को पहली मंजिल से फेंका, फिर खुद ने तीसरी मंजिल से लगाई छलांग

दक्षिण पूर्व जिले के कालकाजी थाना इलाके में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। दिल्ली में एक शख्स के द्वारा अपने बच्चे को फेंकने के बाद खुद भी बिल्डिंग से छलांग लगाने का मामला सामने आया है। कालकाजी के इलाके में रहने वाले 30 वर्षीय मान सिंह ने पहले अपने दो वर्षीय बच्चे को बिल्डिंग की पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया और उसके बाद वह भी खुद ने भी तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर खुद की जान लेने की कोशिश की है। दोनों को होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें एम्स ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। आरोपी की पत्नी उसके साथ ससुराल नहीं जा रही थी। इस बात से आरोपी गुस्से में था। कालकाजी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आरोपी पति शराब पीने का आदी

बताया जा रहा है कि आरोपी मान सिंह की पत्नी उसके साथ ससुराल नहीं जा रही थी। इस बात से नाराज शख्स गुस्से में था। आरोपी की पत्नी पूजा ने दावा है कि उसके साथ उसके संबंध खत्म हो गए थे। शख्स शराब पीने का आदी है और कोई जॉब नहीं करता है। इसी वजह से पूजा अपने मायके में ज्यादातर रहती थी। घटना के दिन बच्चों के साथ नानी के घर थी। आरोपी उसके घर आया। आरोपी मानसिंह नशे में था और उसके साथ मारपीट की।

पहली मंजिल से बेटे को फेंकने के बाद खुद भी कूदा

आपसी विवाद के बाद आरोपी अपने बेटे आदित्य को पहली मंजिल से फेंक दिया और खुद भी तीसरी मंजिल से नीचे कूद गया। बेटे आदित्य व मान सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों एम्स के ट्रामा सेंटर में आईसीयू में भर्ती हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मानसिंह को काफी चोटें लगी हैं और बेटे की हालत बहुत ज्यादा गंभीर बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूजा पहले अवैध शराब बेचने का काम करती थी। कालकाजी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

read more : उदयपुर में बिक रही बीफ वाली ‘मेड इन पाकिस्तान’ टॉफी , जांच के बाद मचा बवाल

उदयपुर में बिक रही बीफ वाली ‘मेड इन पाकिस्तान’ टॉफी , जांच के बाद मचा बवाल

उदयपुर के बाजार में ‘मेड इन पाकिस्तान’ टॉफी बिक रही है। पैकेट पर बीफ जिलेटिन भी लिखा हुआ है। लोगों की शिकायत के बाद फूड इंस्पेक्टर की टीम ने टॉफी के पैकेट जब्त किए। साथ ही, जांच के लिए सैंपल लैब में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद चॉकलेट की गुणवत्ता के बारे में विस्तृत जानकारी मिल पाएगी। फूड इंस्पेक्टर ने उदयपुर के देहली गेट चौराहा स्थित चॉकलेट एंड बर्थडे डेकोरेशन आइटम्स नाम की दुकान की जांच की।

दुकान पर तीन बड़े पैकेट मिले हैं। इसमें दो बंद पैकेट में 24-24 टॉफी और एक खुले पैकेट में 23 टॉफी मिली। जानकारी में आया है कि इसी दुकान से शहर में अन्य दुकानों पर भी माल सप्लाई किया जाता है। पाकिस्तान मेड टॉफी आने और उसमें बीफ जिलेटिन होने पर लोगों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इस मामले में सवाल खड़े करते हुए प्रशासन से इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। दुकानदार ने बताया कि मुंबई से ये टॉफी मंगाई जाती है।

शिकायत पर टॉफी जब्त कर ली गई है

बताया जा रहा है कि टॉफी की इंग्रिडेंट्स में बीफ जिलेटिन लिखा है। इसकी जानकारी जब लोगो को मिली तो इस पर विवाद शुरू हो गया। इस पर फूड इंस्पेक्टर ने शहर के देहली गेट चौराहा स्थित चॉकलेट एंड बर्थडे डेकोरेशन आइटम्स नाम की दुकान पर छापा मारा। जहा तीन बड़े पैकेट टीम को मिले। जिसे टीम ने जब्त कर लिया। दो बंद पैकेट में 24-24 टॉफियां थी। वही एक खुले पैकेट में 23 टॉफी रखी हुई थी। पाकिस्तान मेड सामान उदयपुर आने के सवाल पर फूड इंस्पेक्टर अशोक गुप्ता बोले- इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। कोई भी इम्पोर्ट चीज इंडिया में आ सकती है। इनके यहां आने पर कई एजेंसी पहले जांच करती हैं। मामले में जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। वह की जाएगी।

पूरे शहर में सप्लाई हुई टॉफी

टीम की पूछताछ में सामने आया कि इसी दुकान से शहर में अन्य दुकानों पर भी टॉफी की सप्लाई किया जा रही है। जहा भी विभाग की टीम जांच कर रही है। दुकानदार ने बताया कि वह टॉफी मुम्बई से लाया लेकिन उसके पास इसका बिल नही मिला। शहर के बाजार में पाकिस्तान में बनी टॉफी बिकने और उस पर ​बीफ जिलेटिन होने पर लोगों ने आपत्ति जताई है। लोगो ने प्रशासन से इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

टॉफी पर लाल निशान

यह टॉफी खासकर बच्चों के लिए बनाई गई है। इसका नाम ‘चिली-मिली’ है। जब्त किए गए पैकेट पर बलूचिस्तान का एड्रेस लिखा हुआ है। एक पाउच में 24 टॉफी है जिसकी कीमत 20 रुपए का है। रंगीन थैली में पैकिंग वाली इस टॉफी पर साफ शब्दों में ‘मे​ड इन पाकिस्तान’ लिखा है। इसके साथ ही एड्रेस के रूप में मैन्युफैक्चर्ड बाईई इस्माइल इंडस्ट्री लिमिटेड C-230, एचआईटीई हब, बलूचिस्तान, पाकिस्तान लिखा है। साथ ही टॉफी के ऊपर लाल निशान भी लगा है। जो नॉनवेज आइटम के लिए लगाया जाता है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

इस पुरे मामले में सीएमएचओ डॉ. आर.एल बामनिया ने बताया कि एक दिन पहले मुझे एक व्यक्ति ने दफ्तर आकर इसकी शिकायत की थी। उसने मुझे सैम्पल दिखाया था। इस पर मैंने तुरंत फूड इंस्पेक्टर को जांच के लिए रवाना किया। मौके से टॉफी जब्त की और उसका सैम्पल लिया। टॉफी पर मेड इन पाकिस्तान और उसके कंटेट पर बीफ जिलेटिन लिखा था। इसका मतलब है गाय की चर्बी या मांस से है। बच्चों के लिए बनाई इस टॉफी को हम गंभीरता से ले रहे हैं।

पूरे शहर में अन्य दुकानों पर भी जांच की जाएगी। वही फूड इंस्पेक्टर अशोक गुप्ता ने बताया कि जब्त की गई टॉफी को जांच के लिए लैब में भिजवा दिया है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही टॉफी के सही कंटेंट के बारे में जानकारी मिल पाएगी। इसी के आधार पर कार्यवाही होगी।

read more : दुष्कर्म के आरोपी जिस युवक को पुलिस पकड़कर ले गई थाने, वो निकली महिला

दुष्कर्म के आरोपी जिस युवक को पुलिस पकड़कर ले गई थाने, वो निकली महिला

कई बार कुछ मामले पुलिस को भी हैरान कर जाते हैं। इस बार जो मामला सामने आया है, उसे जानकार हर कोई दंग है। राजस्थान के सिरोही से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस पकड़कर थाने लाई। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लड़का नहीं, असल में लड़की है। इसलिए वह दुष्कर्म कर ही नहीं सकती। पुलिस ने आरोपी की बातों पर यकीन नहीं किया लेकिन बार-बार आरोपी के कहने पर मेडिकल करवाया गया। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस का भी दिमाग चकरा गया।

क्या है पूरा मामला

राजस्थान के सिरोही जिले में रेप का आरोप जिस पुरुष पर लगा था । वह तो पुरुष के भेष में एक महिला निकली। इस बात का खुलासा तब हुआ । जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जांच की। महिला थाना की प्रभारी माया पंडित ने बताया कि 28 नवंबर को मामला दर्ज किया गया था कि शंकर नामक आरोपी ने एक नाबालिग लड़की को अगवा कर उससे रेप किया। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पांच दिसंबर को थाने ले आई।

आरोपी ने पुलिस से कहा कि वह पुरुष नहीं बल्कि पुरुष के भेष में रहने वाली महिला है। मेडिकल जांच की गई, जिसमें आरोपी के महिला होने की पुष्टि हुई। थाना प्रभारी ने कहा कि आरोपी पर बलात्कार का आरोप झूठा पाया गया लेकिन उस पर अपहरण का भी आरोप लगाया गया था। इसलिए उसे संबंधित धारा के तहत गिरफ्तार किया गया।

नाबालिग लड़की का आरोप-दो दिन तक किया दुष्कर्म

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार महिला पुलिस थाने में 28 नवंबर को एक नाबालिग लड़की ने अपहरण कर दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया था। उसने बताया कि मेड़ा निवासी शंकर (25 साल) ने उसका अपहरण कर लिया और दो दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की लेकिन मेड़ा गांव में शंकर नाम का कोई युवक नहीं मिला। इस पर पुलिस ने फिर पीड़िता से आरोपी का हुलिया पूछा। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी युवक को 5 दिसंबर को पकड़ लिया और थाने लेकर आई।

महिला की एक तीन साल की बेटी भी

पुलिस पूछताछ में आरोपी शंकर ने कहा कि वह लड़की को लेकर जरूर गया था लेकिन उसने दुष्कर्म नहीं किया। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। जिसपर आरोपी ने कहा कि वह दुष्कर्म नहीं कर सकता है क्योंकि वह लड़की है। पुलिस को आरोपी पर विश्वास नहीं हुआ लेकिन लड़का बार-बार इस बात पर अड़ा रहा। उसके बाद पुलिस अधिकारियों ने आरोपी का मेडिकल करवाया। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद सबके होश उड़ गए। जांच में सामने आया कि आरोपी लड़का नहीं औरत है। यहां तक की ये महिला करीब 3 साल पहले एक बच्चे को जन्म दे चुकी है। अब उसकी बेटी तीन साल की हो चुकी है।

आरोपी महिला को कोर्ट ने भेजा जेल

वहीं मेडिकल में आरोपी का औरत होने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने दुष्कर्म का मामला झूठा पाया। हालांकि, पुलिस ने महिला को नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का दोषी पाया। जिसके बाद पुलिस ने महिला को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

क्यों रहती थी पुरुष के भेष में ?

पुरुष बनकर रह रही महिला ने बताया कि उसके माता-पिता की काफी समय पहले ही मौत हो चुकी थी। भाई ने उसे कहीं बेच दिया था। खरीदने वाले ने उससे शादी कर ली। उसकी तीन साल की एक बेटी भी है। पति के छोड़ने पर वह घऱ चलाने के लिए लड़का बनकर रहती थी।

read more : शराब पीकर लोग मर जाएंगे और हम मुआवजा देंगे ? सवाल ही पैदा नहीं होता- सीएम नीतीश

दुनिया में हो रही प्लास्टिक रेन ! कुछ देशों में छतों पर लग रहा अंबार

प्लास्टिक रेन, कोई कोरी कल्पना नहीं है, बल्कि यह हकीकत बन चुकी है। हम इसे देख नहीं सकते, इसकी गंध नहीं सूंघ सकते लेकिन, इसे नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता है। भारत समेत पूरी दुनिया में प्लास्टिक रेन हो रही है। एनवायरमेंटल साइंस एंड टेक्वोलॉजी की इस हफ्ते छपी स्टडी के अनुसार, ये माइक्रोप्लास्टिक हैं, जिन्हें अगर एक जगह इक्ट्ठा किया जाए। तो पूरा प्लास्टिक का पहाड़ खड़ा हो जाएगा लेकिन यह नंगी आंखों से नहीं दिखेगा। अब ये समझना जरूरी है कि आखिर ये प्लास्टिक कहां से आ रहा है। क्या यह कभी पूरी तरह से बारिश का भी रूप ले सकता है ?

बता दें कि माइक्रोप्लास्टिक का साइज 5 मिलीमीटर होता है। ये गाड़ियों, कपड़ों और पुराने टायरों समेत कई चीजों में होते हैं। हमारे पास से ये वेस्टवॉटर में और वहां से कई माध्यमों से होते हुए समुद्र में पहुंच रहे हैं। समुद्र में पहुंचकर ये उसके इकोसिस्टम का हिस्सा बन रहे हैं। फिर बारिश के माध्यम से वापस धरती पर आ रहे हैं। इन्हें हम खुली आंखों से नहीं देख सकते हैं। लेकिन यूवी लाइट में आपको हवा में छोटे छोटे प्लास्टिक के कण दिखाई देंगे। हमारे घरों के अंदर ऐसे माइक्रोप्लास्टिक कहीं ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं।

छतों पर भी मिल रहे है माइक्रोप्लास्टिक

नई रिसर्च के अनुसार, ऑकलैंड के शहरी इलाकों की छतों के प्रत्येक वर्ग मीटर में हर दिन औसतन 5 हजार माइक्रोप्लास्टिक के कण गिरते हैं। अगर साल का आंकड़ा देखें तो सालभर में 74 मेट्रिक टन प्लास्टिक इक्ट्ठा हो रहा है। जो 30 लाख पानी की बॉटल्स जीतना है। ब्रिटेन में भी कुछ इसी तरह की रिसर्च की गई थी। जिसमें यह सामने आया था कि लंदन में एक दिन में औसतन 771 माइक्रोप्लास्टिक के कण गिरते हैं। ऑकलैंड की तुलना में यह 6 गुना कम है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वहां प्रदूषण ऑकलैंड की तुलना में बहुत कम है। बल्कि उस रिसर्च में प्लास्टिक के बहुत छोटे कणों में नहीं गिना गया था।

बारिश के पानी और खाने में भी मिल रहा माइक्रोप्लास्टिक

वैज्ञानिकों के अनुसार, अब बारिश के पानी, खाना, फूड चेन और समुद्र में भी प्लास्टिक के ऐसे कण शामिल हो चुके हैं। हालांकि अभी तक ये क्लियर नहीं हो पाया है कि इन माइक्रोप्लास्टिक के कणों का हमारी सेहत पर क्या असर पड़ रहा है। ये माइक्रोप्लास्टिक इतने छोटे होते हैं कि सांस लेने पर ये हमारे शरीर के अंदर चले जाते हैं।

एक रिसर्च में यह भी दावा किया गया है कि सांस के माध्यम से हर व्यक्ति के शरीर में औसतन 74 हजार प्लास्टिक के कण, एक साल में जाते हैं। इस साल की शुरुआत में हुए एक रिसर्च में इंसानी खून में भी माइक्रोप्लास्टिक के कण मिले थे।

read more : शराब पीकर लोग मर जाएंगे और हम मुआवजा देंगे ? सवाल ही पैदा नहीं होता- सीएम नीतीश

शराब पीकर लोग मर जाएंगे और हम मुआवजा देंगे ? सवाल ही पैदा नहीं होता- सीएम नीतीश

बिहार में जहरीली शराब से मौत का सिलसिला जारी है। मामले को लेकर विपक्ष नीतीश सरकार को घेरने में जुटा है। जब शुक्रवार को विधानसभा में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जैसे ही बोलना शुरू किया, विपक्षी विधायकों ने कुर्सियां उठा ली और सदन में हंगामा शुरू कर दिया। बिहार विधानसभा में तीसरे दिन भी मामले को लेकर हंगामा हुआ। मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर सदन में जमकर नारेबाजी की। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में आज फिर कहा कि जो शराब पीएगा वो मरेगा और उन्हें मुआवजा देने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता है।

उन्होंने कहा कि शराब पीनेवालों से किसी को कोई सहानुभूति नहीं होनी चाहिए। वहीं, विधानसभा में आज भी विपक्षी दल ने जमकर हंगामा किया जिसके चलते सदन की कार्यवाही स्थगति करनी पड़ी। बीजेपी के विधायकों ने राजभवन तक मार्च किया। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर सदन में जमकर नारेबाजी की। वहीं नीतीश कुमार के ‘जो पियेगा, वो मरेगा’ वाले बयान पर विपक्ष उनसे माफी की मांग कर रहा है।

जहरीली शराब से मरनेवालों की संख्या 50 हुई

वहीं, जहरीली शराब मामले की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया गया है। मरनेवालों का आंकड़ा 50 पहुंच गया है। छपरा में बृहस्पतिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दौरान सारण के जिलाधिकारी राजेश मीणा ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले 48 घंटे में जिले भर में सघन छापेमारी की है और 126 व्यक्तियों को पकड़ा है। चार हजार लीटर से अधिक अवैध शराब जब्त भी की गई है।

शराब पीकर मृत्यु पर सहायता राशि देने का सवाल ही नहीं – सीएम नीतीश

दूसरी ओर नीतीश कुमार ने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि शराब से मौत पर कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। शराब पीकर मृत्यु पर हम उसे सहायता राशि देंगे? ये सवाल ही नहीं पैदा होता…इसलिए यह बातें सही नहीं है। जब हम संसद का चुनाव लड़ते थे तब पार्टियां हमारे साथ नहीं थी फिर भी CPI-CPM के लोग हमारा साथ देते थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जहरीली शराब से मौतों पर कहा कि “जो पीएगा वो मरेगा। बिहार में शराब के सेवन पर रोक है। लोगों को समझाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जो गड़बड़ कर रहा, उसे पकड़िए। उसे अच्छा काम करने के लिए प्रेरित करिए।

हम तो बापू और बिहार की महिलाओं की इच्छा से शराबबंदी लागू किए हैं। नीतीश कुमार ने विपक्ष को ही घेरते हुए कहा कि विपक्ष में बैठे जो लोग बिहार में इन मौतों पर पूछ रहे, उनसे पूछिए कि जहां-जहां आपका शासन है, वहां कितने लोग जहरीली शराब से मर रहे हैं। बिहार में सबकी सहमति से शराबबंदी लागू हुआ है। आप भी शराब के खिलाफ अभियान चलाइए।

बिहार की ये घटना मौत नहीं नरसंहार-विजय सिन्हा

नेता विरोधी दल बिहार विधानसभा विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि छपरा में मृतकों का जो आंकड़ा है, वो सही नहीं है। हमने कल जाकर मृतकों के परिवार से मुलाकात की है। विजय कुमार सिन्हा ने आरोप लगाया कि बिना पोस्टमार्टम कराए मृतकों के शरीर जलाए गए हैं। पुलिस की मिलीभगत से बिहार में शराब का धंधा चल रहा है।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी प्रसाद यादव और नीतीश कुमार अपने अपने फायदे के कारण सत्ता में एक साथ है। शराब से मरने वाले परिवार को सरकार 10 लाख का मुआवजा दे। यह जो घटना हुई है, वो मौत नहीं नरसंहार है।

एसपी संतोष कुमार ने बताने से किया इंकार

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद एसपी संतोष कुमार ने यह बताने से इनकार कर दिया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में क्या वे लोग शामिल हैं। जो ताजा जहरीली शराब के मामले में सीधे तौर पर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ‘मामले की जांच अभी भी चल रही है और इस स्तर पर ज्यादा खुलासा करने से मामले की जांच में बाधा आ सकती है।
उन्होंने कहा, ‘कुछ दोष संबंधित अधिकारियों पर भी है और इसलिए मशरक पुलिस थाने के प्रभारी और स्थानीय चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मढ़ौरा के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी के स्थानांतरण की सिफारिश प्राधिकारियों से की गई है। उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा, ‘त्वरित जांच के लिए, एक अतिरिक्त एसपी की अध्यक्षता में 31 पुलिस अधिकारियों और तीन डिप्टी एसपी वाली एक एसआईटी भी गठित की गई है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने लोगों से अपील की कि वे बिना किसी डर के जानकारी के साथ आगे आएं।

read more : सिलेंडर ब्लास्ट के पांच और घायल मरे, दुआ-बस यहीं थम जाए मौत का सिलसिला

सिलेंडर ब्लास्ट के पांच और घायल मरे, दुआ-बस यहीं थम जाए मौत का सिलसिला

जोधपुर सिलेंडर ब्लास्ट में मरने वालों का आंकड़ा दिन बा दिन बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार को चार और मरीजों ने दम तोड़ दिया। वहीं आज सुबह एक मरीज की मौत हो गई। जिसके बाद इस भयावह ब्लास्ट में कुल 32 लोगों की जान चली गई। अब भूंगरा गांव के ग्रामीणों की एक ही प्रार्थना है कि मौत का तांडव यहीं पर थम जाए।

बता दें कि आठ दिसंबर की रात को भूंगरा गांव में शादी थी। बरात निकलने ही वाली थी कि सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। इस सिलेंडर विस्फोट में 60 से अधिक लोग झुलस गए थे। उसके बाद मौत का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। दूल्हे के पिता, मां और भतीजे सहित कई लोगों को जान चली गई। इस हादसे में सबसे अधिक बच्चों और महिलाओं की जान गई हैं। वहीं गुरुवार को 40 साल की अनंची कंवर, 57 साल की सुगन कंवर, 29 साल की रसाल कंवर, धांपू और सुगन की मौत हो गई।

भूंगरा गांव में मातम पसर गया है। हर कोई यही कह रहा है कि उन्होंने आज तक ऐसा भयानक हादसा नहीं देखा। पिछले पांच दिनों से गांव में रोज लाशें आ रही हैं। दूल्हे के परिवार पर तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दूल्हा सुरेंद्र भी हादसे में घायल है। वहीं उसका एक भाई अंत्येष्टि करने के लिए गांव में ही रुका हुआ है। वह घायलों को देखने अस्पताल तक नहीं जा पा रहा।

अस्पताल के बाहर परिजनों का प्रदर्शन

मिली जानकारी के अनुसार जोधपुर ब्लास्ट में गुरुवार को चार मौतें हुईं। जिसके बाद मृतकों के परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। वे अधिक मुआवजा राशि और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर एमजी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करने लगे। परिजनों के साथ शेरगढ़ से कांग्रेस विधायक मीना कंवर और भोपालगढ़ से आरएलपी विधायक पुखराज गर्ग भी इस दौरान मौजूद रहे। इसके बाद नेता उप प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ भी धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार के मुआवजे को नाकाफी बताया और 20 करोड़ राशि देने की मांग की।

परिजनों ने की 50 लाख रुपये की मुआवजे की मांग

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे में मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये, घायलों को एक-एक लाख रुपये और चिरंजीवी योजना के तहत पांच लाख रुपये की घोषणा की है। अब प्रदर्शनकारी घायलों के लिए 25 लाख रुपये और मृतकों के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं।

read more : तवांग की घटना पर सेना का पहला रिएक्शन , जाने कि पूर्वी कमान के प्रमुख ने क्या कहा

तवांग की घटना पर सेना का पहला रिएक्शन , जाने कि पूर्वी कमान के प्रमुख ने क्या कहा

तवांग में चीनी सेना (पीएलए) के साथ हुई झड़प पर पहली बार सेना की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आई है। सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता ने कहा कि तवांग में हालात नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि चीनी सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार किया। भारतीय सेना ने चीनी सेना की इस हरकत का विरोध किया। इस विरोध के दौरान झड़प हुई और दोनों तरफ के सैनिकों को चोटें आईं है।

बता दें कि 9 दिसंबर को तवांग के यांग्त्से क्षेत्र में चीनी सैनिकों की ओर से एलएसी पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा बदलने की कोशिश की गई। इस बीच भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला किया और उन्हें अपनी पोस्ट पर जाने के लिए मजबूर कर दिया। दोनों सेनाओं के बीच हुई झड़प में दोनों देशों के सैनिक घायल हुए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को यह बताया था कि झड़प में किसी सैनिक को गंभीर चोट नहीं आई है। कुछ सैनिक मामूली रूप से घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है।

सेना हर हालात से निपटने के लिए तैयार- ले. जन. कलिता

लेफ्टिनेंट जनरल कलिता ने कहा कि स्थानीय स्तर पर बुमला में दोनों सेनाओं की फ्लैग मीटिंग हुई और हालात को कंट्रोल में किया गया। फिलहाल तवांग में हालात नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हमेशा अपने देश की रक्षा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि शांति हो या संघर्ष, प्राथमिक कार्य बाहरी या आंतरिक खतरे के खिलाफ देश की क्षेत्रीय अखंडता को सुनिश्चित करना है।उन्होंने कहा कि सेना हर हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

read more : डिंपल के अच्छे प्रदर्शन के बाद एक हुए चाचा और भतीजा, प्रसपा का सपा में हुआ विलय

जैन समाज को एकजुट होकर करना होगा गांधीवादी आंदोलन – गौरव जैन

मेरठ में जैन एकता मंच की एक अतिआवश्यक बैठक प्रदेश महामंत्री राकेश कुमार जैन के आवास पर बुलाई गई । बैठक का मुख्य मुद्दा संगठन के विस्तार व जैन धर्म के हितों की उपेक्षा के विरुद्ध रहा। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश अध्यक्ष जनेश्वर जैन व संचालन राकेश जैन ने किया। मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश जैन, राष्ट्रीय महामंत्री प्रमोद जैन, गौरव जैन भी मौजूद रहे। बैठक मे मौजूद पदाधिकारीगण ने अनेको मुद्दों पर विचार रखे व मंथन किया गया।

जिसमें मुख्य रूप से संगठन विस्तार व सरकार द्वारा जैन तीर्थो को लेकर लिये गये अनाप-शनाप निर्णयों के विरुद्ध व तीर्थो की सुरक्षा को लेकर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने अपनी अपनी बात रखते हुए संगठन में नौजवानो की भूमिका,राजनीति में जैन समाज की भूमिका,जनगणना के प्रति सजग रहने व शीघ्र ही प्रांतीय व राष्ट्रीय सम्मेलन को लेकर भी विचार रखे गए।

बैठक में एक मत से निर्णय लिया गया कि लोकतंत्र में संख्या बल से ही ताक़त है व अनुमानित तौर से देश में जैन समाज चार करोड़ से अधिक है व आने वाले समय में होने वाली जनगणना में हमे यह बात साबित करनी होगी। तत्कालीन झारखंड की व केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा जैन तीर्थ शिखरजी को पर्यटक क्षेत्र घोषित किये जाने लेकर भी वक्ताओं ने अपने विरोध के स्वर बुलन्द किये। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि जैन समाज के समक्ष आज तीर्थो को बचाना एक बड़ा मुद्दा है। हमारे सामने गुजरात में जूनागढ़ के जैन तीर्थ गिरनार का मामला भी एक बड़ा उदाहरण है।

गांधीवादी आंदोलन के तरीको से आगे बढ़ेगा – जैन समाज

जैन समाज अगर यहीं नही जागा तो वो दिन दूर नही जब हमारे आस्था क्षेत्रो को असामाजिक तत्व कब्जा कर लेंगें। सरकारे अपने व्यापारी मित्रो को लाभ पहुचाने के लिये। उन्हें सैर सपाटे का केंद्र बना देंगी। जैन एकता मंच इसके विरुद्ध आज से ही आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए। इस आंदोलन को गांधीवादी आंदोलन तथा लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने का कार्य करेगा। जैन तीर्थो , सन्तो व धर्म की रक्षा सुनिश्चित हो जाने तक चैन से नही बैठेगा। बैठक में पिछले दिनों विदेश से लायी गयी 133 मूर्तियों में से 33 जैन मूर्तियां जो जैन धर्म से सम्बंध रखती हैं। उन्हें जैनो को सौंपे जाने की मांग भी उठायी गयी।

जैन समाज अपने हितों को लेकर हो रहा जागरूक – सतीश जैन

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश जैन ने कहा कि सभी के विचार सुन कर विश्वास हो गया है कि अब जैन समाज अपने हितों को लेकर जागरूक हो रहा है व समस्त मुद्दों पर मंथन करते हुए आगे निर्णय लिये जायेगा । राष्ट्रीय महामंत्री प्रमोद जैन व राष्ट्रीय चेयरमैन संगठन नरेंद्र जैन “राजकमल” ने संयुक्त रूप से कहा कि अब जैन धर्म को जागरूक व संगठित होने की आवश्यकता है। सम्पर्क व संवाद के मंत्र को अपनाते हुए हम आगे बढ़ेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष”युवा शाखा”गौरव जैन ने कहा कि संगठन में युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है व अधिकतर प्रदेशों में युवा शाखा का संगठन तेजी से आगे बढ़ रहा गौरव जैन ने यह भी कहा कि हम सभी एकजुट हो गांधीवादी आंदोलन के रास्तो को अपनाते हुए। इस के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे।

read more : भाजपा विधायक दल की बैठक में भूपेंद्र पटेल को विधायक दल नेता चुना गया

भाजपा विधायक दल की बैठक में भूपेंद्र पटेल को विधायक दल नेता चुना गया

गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद अब भाजपा के अंदर नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है। गुजरात में बंपर जीत हासिल करने के बाद भाजपा के विधायक आज दल के नेता को चुनने के लिए बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ-साथ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा चुनाव समिति के नेता बीएस येदियुरप्पा और गुजरात इकाई के प्रमुख सीआर पटेल मौजूद रहे। विधायकों ने भूपेंद्र पटेल को अपना नेता चुना। माना जा रहा है कि आज ही भूपेंद्र पटेल राज्यपाल से मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

भूपेंद्र पटेल का विधायक दल का नेता चुना जाना महज औपचारिकता है ।क्योंकि पार्टी चुनाव से पहले ही पटेल के राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा कर चुकी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पाटिल ने एलान किया था कि 12 दिसंबर को सीएम पद के लिए पटेल का शपथ ग्रहण होगा। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।

भूपेंद्र पटेल चुने गए विधायक दल के नेता

पटेल ही गुजरात के अगले मुख्यमंत्री होंगे। भाजपा विधायक दल ने बैठक के बाद औपचारिक तौर पर पटेल के नाम पर मुहर लगा दी। इसी के साथ पटेल लगातार दूसरी बार सीएम पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। बताया गया है कि उनके नाम का प्रस्ताव विधायक कनु देसाई ने रखा था । जिसका सभी विधायकों ने जोर-शोर से समर्थन किया।

12 दिसंबर को दूसरी बार सीएम की शपथ लेंगे भूपेंद्र पटेल

इससे पहले कल भूपेंद्र पटेल ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मिलकर अपनी पूरी कैबिनेट के साथ इस्तीफा सौंप दिया था ।अब भूपेंद्र पटेल 12 दिसंबर को दूसरी बार सीएम पद की शपथ लेंगे । उनके साथ ही कैबिनेट के 20 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। भूपेंद्र पटेल की नई टीम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल वाले प्लान का भी असर दिखेगा। क्योंकि प्रधानमंत्री ने बोटाद की रैली में कहा था । इस चुनाव से गुजरात के अगले 25 साल का भविष्य तय होगा।

पीएम मोदी, अमित शाह को देंगे शपथ ग्रहण का निमंत्रण

सूत्रों के मुताबिक भूपेन्द्र पटेल बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद आज ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी आर पाटिल के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। वे पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा और बीएल संतोष से मुलाक़ात कर शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण देंगे। साथ ही गुजरात मंत्रिमंडल में किन-किन चेहरों को शामिल किया जाए इस पर केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे।

read more : सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया के घर कुर्की का नोटिस किया चस्पा

सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया के घर कुर्की का नोटिस किया चस्पा

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया की मुश्किलें बढ़ने वाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही अनुराग भदौरिया फरार चल रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है । लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका है। जिसके बाद पुलिस ने उनके इंदिरानगर आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया है।

नोटिस में कहा गया है कि पुलिस के सामने हाजिर नहीं होने पर कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मामले में पूर्व सांसद व अनुराग की सास सुशीला सरोज का कहना है कि हमें परेशान किया जा रहा है। ये घर अनुराग का नहीं है। मेरा है। अनुराग को न्याय मिलेगा। पुलिस ने नोटिस चिपकाने से पहले पूछा तक नहीं कि ये किसका घर है।

वही उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके गुरु के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के मामले में हजरतगंज कोतवाली में अनुराग भदौरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अनुराग भदौरिया ने गिरफ़्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी । लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका ख़ारिज करते हुए कहा कि याची के पास अग्रिम जमानत लेने का विकल्प खुला है। लिहाजा गिरफ्तारी पर रोक का आदेश नहीं दे सकते।

जानें क्या है पूरा मामला

दरअसल, सपा नेता अनुराग भदौरिया ने एक टीवी डिबेट के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगा है। जिसके पाद बीजेपी की तरफ से उनके खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एक एफआईआर दर्ज करवाई गई है। अनुराग भदौरिया के खिलाफ पुलिस ने IPC की धारा 153ए,295ए, 298, 504 और 505(2) के तहत रिपोर्ट लिखी है।

डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने कहा

डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि अनुराग भदौरिया के खिलाफ भाजपा नेता हीरो बाजपेई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से अनुराग फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए इंदिरानगर, माल एवेन्यू और गोमतीनगर स्थित ठिकानों पर कई बार दबिश दी जा चुकी है। इसके बावजूद वे हाजिर नहीं हुए हैं। डीसीपी ने बताया कि अनुराग के इंदिरानगर ए-ब्लॉक स्थित घर पर कुर्की की नोटिस चस्पा कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

read more : न्यायिक हिरासत में आफ़ताब अमीन पूनावाला , वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई थी कोर्ट में पेशी

न्यायिक हिरासत में आफ़ताब अमीन पूनावाला , वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई थी कोर्ट में पेशी

श्रद्धा आफताब मामले को सामने आए करीब महीना हो गया है और इस मामले में लगातार हो रहे नए खुलासों पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई है। इस मामले में शुक्रवार को आरोपित आफताब अमीन पूनावाला की साकेत कोर्ट में पेशी हुई है। अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वाकर की हत्या का आरोपी आफ़ताब अमीन पूनावाला इस समय तिहाड़ जेल में बंद है। साकेत कोर्ट ने आफताब की न्यायिक हिरासत को बढ़ाने का फैसला किया है।

इस नए आदेश के मुताबिक आफताब अब आने वाले 14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहेगा। यह पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम हुई। श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला (28) ने महरौली पुलिस को खुली चुनौती दे रखी है कि श्रद्धा को मैंने मारा है। दम है तो शरीर के टुकड़े व औजार बरामद करके दिखाओ। वह इस चुनौती को बार-बार दोहरा रहा है। आरोपी की इस चुनौती को लेकर दक्षिण जिला पुलिस अधिकारी भी सकते में हैं।

पुलिस को उसके आत्मविश्वास को देखकर ताज्जुब हो रहा है।दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त बताया कि जब महरौली पुलिस ने आरोपी को पकड़ा था तो आफताब ने कहा था कि मैंने श्रद्धा की हत्या की है। दम है तो शरीर के टुकड़े बरामद करके दिखाओ। वह इस चुनौती को अब लगातार दोहरा रहा है। पुलिस श्रद्धा के सिर व धड़ को अभी तक बरामद नहीं कर पाई है।

केस में जल्द आ सकता है नया मोड़

केस के जांचकर्ता के अनुसार श्रद्धा मर्डर केस में नया मोड़ आ सकता है। जांचकर्ता ने बताया कि आफताब काफी चालाक है, वह केस को लेकर आने वाले समय में नया खुलासा कर सकता है। बता दें कि आफताब का नार्को टेस्ट और पालीग्राफ टेस्ट हो चुका है।

श्रद्धा बनकर दोस्त से करता रहा चैटिंग

आफताब श्रद्धा के मोबाइल को करीब एक महीने तक इस्तेमाल करता रहा। हालांकि, उसने कॉल नहीं की, बल्कि व्हाट्सएप चैटिंग की थी। एक बार श्रद्धा के दोस्त लक्ष्मण ने मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज डाला था, तब आरोपी ने श्रद्धा बनकर लक्ष्मण को कहा था कि वह अभी बिजी है, बात में बात करेगी। बाद में उसने लक्ष्मण को मैसेज किया कि श्रद्धा उसे छोड़कर चली गई।

छतरपुर के जंगल से मिले शव के टुकड़े, मोबाइल व सिम नहीं मिला

छतरपुर के जंगल से बरामद जबड़ा व 100 फुटा रोड से बरामद शरीर के टुकड़े से पता लग है कि वह किसी महिला के टुकड़े हैं। पुलिस शरीर के टुकड़े बरामद करने के लिए इस्तेमाल किए गए औजार अभी तक बरामद नहीं कर पाई है। हालांकि, पुलिस ने रसोई से पांच चाकू बरामद किए हैं। इनसे आरोपी ने श्रद्धा के शरीर के टुकड़े करने में इस्तेमाल किया था।उसने मुंबई लेकर जाकर श्रद्धा के मोबाइल व सिम को समुद्र में फेंक दिया था। उस समय वह मुंबई के किराए के घर से सामान को शिफ्ट करने गया था। पुलिस को अभी श्रद्धा का मोबाइल व सिम नहीं मिला है।

मामला सुलझाने में वक्त लग रहा वक़्त

आफताब अमीन पूनावाला ही इस केस का मुख्य आरोपित है। इस केस को लेकर पुलिस के हाथों कोई ठोस सबूत नहीं लगे हैं। इस कारण पुलिस की सारी कार्रवाई आफताब द्वारा दिए गए बयानों के ईर्द गिर्द ही घूम रही हैं। पुलिस ने आफताब के फ्लैट के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की भी कोशिश की है, लेकिन 6 महीने पहले अंजाम दी गई। इस वारदात को लेकर पुराने फुटेज किसी के पास सहेज कर नहीं रखे गए है। यही वजह है कि पुलिस को यह मामला सुलझाने में वक्त लग रहा है।

आफताब की सुरक्षा का रखा जा रहा ख्याल

10 दिनों पहले ही आरोपित आफताब को ले जा रही वैन पर हमला हो गया था। इस हमले के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस केस की गुत्थी सुलझाने के लिए आरोपित आफताब की सुरक्षा का ख्याल रखना जरूरी है। बीते दिनों वैन पर हुए हमले के बाद पुलिस आफताब को सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है।

read more : डिंपल के अच्छे प्रदर्शन के बाद एक हुए चाचा और भतीजा, प्रसपा का सपा में हुआ विलय

रुझानों में कांग्रेस को बहुमत, सीएम जयराम ठाकुर सौंपेंगे राज्यपाल को इस्तीफा

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना जारी है। अभी तक सभी 68 सीटों पर रुझान आ चुके हैं। इसमें बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। पूरे राज्य में 59 स्थानों पर बने 68 केंद्रों में मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। राज्य में 12 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में करीब 76.44 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। हिमाचल प्रदेस में परंपरागत रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला है।

चुनाव आयोग ने कई सीटों पर नतीजों की घोषणा कर दी है। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने 22 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है, जबकि 17 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, बीजेपी ने 14 सीटों पर जीत दर्ज की है और 12 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर ने विधानसभा चुनाव में मिली हार को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि मैं अब से थोड़ी देर में राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दूंगा।

हम हिमाचल प्रदेश का चुनाव जीत चुके हैं – मल्लिकार्जुन खड़गे

हिमाचल में कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “हम हिमाचल प्रदेश का चुनाव जीत चुके हैं। मैं जनता को, हमारे कार्यकर्ताओं को, नेताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्हीं के प्रयासों से यह परिणाम आया है। मैं प्रियंका गांधी को धन्यवाद देना चाहता हूं। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने भी इसमें हमारी मदद की। सोनिया गांधी का आशीर्वाद भी हमारे साथ है।

हिमाचल की जीत मतदाताओं और कार्यकर्ताओं की जीत है – बघेल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हिमाचल में कांग्रेस की जीत पर मीडिया से बात करते हुए कहा, ये जीत हिमाचल प्रदेश में जीत है। वहां की जनता ने कांग्रेस पर भरोसा किया है। मल्लिकार्जुन खरगे के अध्यक्ष बनने की बाद यह पार्टी की पहली जीत है। प्रियंका गांधी ने हिमाचल में पार्टी को मजबूत बनाने के लिए खूब प्रचार किया है। यह जीत वहां के मतदाताओं और कार्यकर्ताओं की जीत है।

आलाकमान तय करेगा सीएम का नाम – प्रतिभा

कांग्रेस की जीत के बाद प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा वीरभद्र सिंह ने खास बातचीत में कहा है कि विधायक क्या चाहते हैं। ये मिलकर तय होगा और उसके बाद पार्टी आलाकमान ही मुख्यमंत्री के चेहरे का नाम तय करेगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़, जयपुर या रायपुर जाने की बात कौन कर रहा है। इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है और पहले हम किसी एक जगह पर इकट्ठा होंगे। फिर विधायकों की राय ली जाएगी और उसके बाद ही आगे की रणनीति तय होगी।

read more : डिंपल के अच्छे प्रदर्शन के बाद एक हुए चाचा और भतीजा, प्रसपा का सपा में हुआ विलय