Thursday, April 9, 2026
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दिल्ली के कई इलाकों में बारिश के बाद बढ़ी ठंड, फिर लौटेगी शीतलहर

दिल्ली-NCR में घने कोहरे और कड़ाके की सर्दी के दौर के बीच गुरुवार शाम दिल्ली के कुछ इलाकों में बारिश की खबर है। इससे पहले भी बुधवार देर रात कई इलाकों में बारिश हुई। इससे ठंड और बढ़ गई है। मौसम विभाग ने गुरुवार को बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली के कुछ इलाकों में गुरुवार शाम बारिश के समाचार हैं। पुरानी दिल्ली, चांदनी चौक, जनपथ, जनकपुरी, आईटीओ में बारिश की खबर है।

मौसम विभाग की मानें तो आज राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया तो वहीं अधिकतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया। दिल्ली में बारिश के चलते आज शीतलहर से तो राहत है लेकिन मौसम विभाग की मानें तो 15 जनवरी से दिल्ली के कई इलाकों में शीतलहर की वापसी होगी।

घना कोहरा और शीतलहर का दौर रहेगा जारी

अगर कल यानी 13 जनवरी की बात करें तो दिल्ली में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। साथ ही, दिल्ली में घना कोहरा भी देखने को मिलेगा। वहीं, 14 जनवरी को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री और अधिकतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। वहीं, 14 जनवरी को मध्यम कोहरा पड़ने की संभावना है। मौस्म विभाग के अनुसार दिल्ली सहित उत्तर भारत के मैदानी भागों में अगले दो दिनों के दौरान शीतलहर से राहत रहेगी।हालांकि बारिश के बाद फिर कोहरे के साथ कोल्डवेव की स्थिति बन सकती है।

बढ़ा तापमान , ठंड से राहत नहीं

पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से बुधवार रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पहाड़ों की तरफ से आ रही ठंडी हवाओं के कारण ठंड से राहत नहीं मिल रही है। 13 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ और ज्यादा कमजोर हो जाएगा, जिसके बाद कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर शुरू हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के इसी प्रभाव से हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के तापमान में बढ़त देखी गई।

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हुबली में रोड शो के दौरान पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक, मचा हड़कंप

कर्नाटक के हुबली में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक का बड़ा मामला सामने आया है। यहां रोड शो के दौरान एक युवक पीएम मोदी की गाड़ी के करीब पहुंच गया। इस दौरान उसके हाथ में एक माला थी। जिस वक्त ये वाकया हुआ, उस दौरान पीएम मोदी की कार का दरवाजा खुला हुआ था और वह जनता का अभिवादन कर रहे थे।

हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने इस युवक को पीएम के पास पहुंचते ही पकड़ लिया और पीछे की ओर धकेल दिया। दरअसल युवक प्रधानमंत्री तक फूलों की माला पहुंचाना चाहता था, इसके लिए उसने बिना सोचे समझे एसपीजी का घेरा तक तोड़ दिया और पीएम मोदी तक पहुंच गया।

सूत्रों के हवाले से पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि जहां से युवक प्रधानमंत्री मोदी के करीब आया वहां सभी लोग सुरक्षा घेरे के बाहर खड़े थे। पूरे इलाके को सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से सैनिटाइज किया गया था। ये कोई गंभीर चूक का मामला नहीं है।

मिशन कर्नाटक में जुटे है पीएम मोदी

कर्नाटक में इस साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। जिसे देखते हुए बीजेपी समेत तमाम राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बीजेपी पिछले काफी समय से मिशन कर्नाटक में जुटी है। पार्टी की कोशिश है कि सत्ता परिवर्तन न हो और एक बार फिर बीजेपी की ही सरकार राज्य में बने।

हुबली में हो रहा था पीएम मोदी का रोड शो

इसी को देखते हुए खुद प्रधानमंत्री मिशन कर्नाटक में जुटे हैं। जिसके तहत हुबली में ये रोड शो किया जा रहा है। रोड शो के दौरान प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए सड़क किनारे सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे थे। लोग पीएम मोदी का स्वागत फूलों से कर रहे थे, साथ ही पीएम मोदी भी इस दौरान कार से बाहर निकलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते दिखे।

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जिस कार से हुआ कंझावला कांड, फोरेंसिक टीम क्रेन से उस कार को टांग के कर रही जांच

दिल्ली के कंझावला में हुए एक्सीडेंट कांड में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU), गांधीनगर की फोरेंसिक टीम मृतका अंजलि को घसीटने वाली कार की जांच कर रही है। इसके अलावा पांच फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम ने मृतका अंजलि की मौत के मामले की जांच के लिए सुल्तानपुरी का भी दौरा किया। फोरेंसिक टीम को इस बलेनो कार की जांच के लिए उसके निचले हिस्से तक पहुंचना जरूरी है। लिहाजा एक क्रेन मंगवाकर कार को हवा में टांगा गया। इसके बाद फोरेंसिक टीम ने कार के नीचे से सबूत जुटाने शुरू किए।

राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय से आई जांच टीम

आपको बताते चले कि दिल्ली के कंझावला में 31 दिसंबर को हुई कार दुर्घटना में साक्ष्य और नमूने एकत्र करने के लिए गुजरात से आई फोरेंसिक टीम ने सुल्तानपुरी का दौरा किया। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता सुमन नलवा ने बताया कि मामले की जांच कर रहे डीसीपी (बाहरी) हरेंद्र के. सिंह के अनुरोध पर राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के पांच फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम दौरा कर रही है। अंजलि सिंह (20) की स्कूटी को एक कार ने 31 दिसंबर और एक जनवरी की दरमियानी रात को टक्कर मार दी थी। जिसमें वह कार के नीचे फंस गईं और वाहन के साथ सड़क पर करीब 12 किलोमीटर तक घसीटे जाने के कारण उसकी मौत हो गई।

कंझावला कांड में अब तक 7 लोग गिरफ्तार

बता दे कि पुलिस ने कंझावला कांड में अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में दीपक खन्ना (26), अमित खन्ना (25), कृष्ण (27), मिथुन (26) और मनोज मित्तल को पहले गिरफ्तार किया था। बाद में दो और लोगों- आशुतोष और अंकुश खन्ना – को कथित तौर पर साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। हालांकि कंझावला कांड में आरोपी आशुतोष भारद्वाज की जमानत अर्जी पर दिल्ली की एक अदालत ने आज अपना फैसला सुना दिया है।

आरोपी आशुतोष भारद्वाज की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि आशुतोष के खिलाफ जांच शुरुआती दौर में है। आरोपी आशुतोष भारद्वाज के वकील ने सोमवार को यह कहते हुए याचिका दायर की थी कि अपराध की प्रकृति जमानती हैं और आरोपी ने घटना के बाद पुलिस से सहयोग किया। इस पर अतिरिक्त सरकारी वकील अतुल श्रीवास्तव ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि आरोपी आशुतोष भारद्वाज ने दुर्घटना में शामिल कार, एक अन्य सह-आरोपी को सौंप दी थी। जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं था।

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लखनऊ में 10 फरवरी तक लागू रहेगी धारा 144, जानिए किन चीजों का होगा प्रतिबंध

राजधानी लखनऊ में 10 फरवरी तक धारा 144 बढ़ा दी गई है। जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर पीयूष मोर्डिया ने बुधवार को यह आदेश जारी किया। जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर के मुताबिक कोविड, मकर संक्रांति, 26 जनवरी समेत आगामी त्यौहारो के चलते धारा 144 बढ़ाई गई है। इसके अलावा राजनैतिक दलों, किसान संगठनों, विभिन्न संगठनों के धरना और प्रदर्शन से शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका के चलते भी धारा 144 को बढ़ाया गया है।

गौरतलब है कि पिछले महीने सरकार की तरफ से जारी आदेश में धारा 144 को 10 जनवरी 2023 तक बढ़ा दिया गया था। आदेश में कहा गया था कि चीन समेत अन्य देशों में कोविड-19 के बढ़ते मामले को देखते हुए राजधानी लखनऊ में भी विशेष सतर्कता जरूरी है।

किन चीजों की होगी मनाही

जेसीपी पीयूष मोर्डिया के मुताबिक विधानसभा के आसपास किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन पर रोक रहेगी।

किसी भी तरह के ज्वलनशील प्रदार्थ लाने पर रोक।

घोड़ागाड़ी, बैलगाड़ी समेत प्रदर्शन में शामिल संभावित वाहनों पर रोक।

हाईकोर्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक ही लाउडस्पीकर इस्तेमाल हो सकते हैं।

सड़क पर पूजा, नमाज़,धार्मिक आयोजनों पर रोक।

सोशल मीडिया पर अफवाह या भड़काऊ पोस्ट पर होगी कार्यवाही।

सावधानी बरतनी जरूरी, नोएडा में भी लगी है धारा 144

इससे पहले नोएडा पुलिस ने आगामी राष्ट्रीय कार्यक्रमों और त्योहारों के मद्देनजर गौतम बौद्ध नगर में 31 जनवरी तक सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी थी। आदेश में कहा गया था कि कोविड-19 के मद्देनजर जारी दिशा-निर्देशों पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

आदेश में कहा गया है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए और सभी समारोहों के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि उस समय, पार्टी के विभिन्न नेताओं, किसान संघों और लखनऊ में अन्य विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर धारा 144 लागू की गई थी। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।

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जानकारी नहीं, शिक्षा मंत्री के विवादित बयान पर बोले नीतीश कुमार

धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस को लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर द्वारा दिए विवादित बयान पर बवाल मचा है। एक तरफ जहां बीजेपी ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। तो वहीं संत समाज में भी भारी आक्रोश है। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके बयान से किनारा कर लिया है। उन्होंने कहा कि मुझे इसके बारे में जानकारी नहीं है। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर से पूछकर बताएंगे।

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर रामचरितमानस पर दिए अपने बयान पर कायम है। उन्होंने अपने बयान पर अडिग रहते हुए कहा कि रामचरितमानस में कई अच्छी बातें भी हैं। लेकिन जो गलत है उस पर आवाज उठाता रहूंगा। उन्होंने कहा कि अपमानित करने वाले दोहे हटाए जाएं।

वहीं बीजेपी का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को तुरंत बर्खास्त करें। इसके अलावा जब उनसे बक्सर विवाद पर सवाल किया गया था। तो उन्होंने कहा कि वहां के जिलाधिकारी को कार्रवाई का निर्देश दे दिया गया है।

क्या है बक्सर मामला

बिहार के बक्सर जिले में किसान चौसा के पास बन रहे थर्मल पावर प्लांट से जुड़ी जलापूर्ति पाइप लाइन और रेलवे लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के मसले पर प्रदर्शन कर रहे थे। विरोध में किसानों ने निर्माणाधीन बिजलीघर के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया था। इसका तब तो प्रशासन ने कोई विरोध नहीं किया, लेकिन रात होते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल प्रभावित गांवों में पहुंच गया। इस दौरान कई किसानों के घर में घुसकर पुलिस ने बेरहमी से मारपीट की। इस मामले को लेकर अगले दिन किसान सड़कों पर उतर आए।

क्या कहा था बिहार के शिक्षा मंत्री ने….

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने बुधवार को कहा कि रामायण पर आधारित एक महाकाव्य हिंदू धर्म पुस्तक रामचरितमानस समाज में नफरत फैलाती है। उनके इस दावे के बाद विवाद खड़ा हो गया। नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के 15वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने रामचरितमानस और मनुस्मृति को समाज को विभाजित करने वाली पुस्तकें बताया।

उन्होंने कहा, “मनुस्मृति को क्यों जलाया गया, क्योंकि इसमें एक बड़े तबके के खिलाफ कई गालियां दी गई थीं। रामचरितमानस का विरोध क्यों किया गया और किस भाग का विरोध किया गया? निचली जाति के लोगों को शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी और रामचरितमानस में कहा गया है कि निम्न जाति के लोग शिक्षा प्राप्त करने से वैसे ही जहरीले हो जाते हैं जैसे दूध पीने के बाद सांप हो जाते हैं।”

सभी सनातनियों का अपमान है – संत जगद्गुरु परमहंस

इससे पहले बिहार के शिक्षा मंत्री के विवादित बयान पर आपत्ति दर्ज करते हुए अयोध्या के संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने मंत्री को पद से बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री ने जिस तरह से रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया है, उससे पूरा देश आहत है, यह सभी सनातनियों का अपमान है और मैं इस बयान पर कानूनी कार्रवाई की मांग करता हूं कि उन्हें एक सप्ताह के भीतर मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया जाए।

जगद्गुरु परमहंस ने कहा कि उन्हें माफी मांगनी चाहिए, अगर ऐसा नहीं होता है, तो मैं बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की जीभ काटने वाले को 10 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा करता हूं। उन्होंने कहा, “इस तरह की टिप्पणी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रामचरितमानस जोड़ने वाला ग्रंथ है, तोड़ने वाला नहीं।

रामचरितमानस मानवता को बढ़ावा देने वाला ग्रंथ है। यह भारतीय संस्कृति का स्वरूप है, यह हमारे देश का गौरव है। रामचरितमानस पर इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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16 फरवरी से होंगी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं, सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) ने साल 2023 की परीक्षाओ के लिए तारीखों का एलान कर दिया है। बोर्ड परीक्षाएं 16 फरवरी, 2023 से शुरू होंगी। देर रात उच्च शिक्षा मंत्री गुलाबी देवी तारीखों का ऐलान किया। तारीखों की घोषणा करते हुए, उच्च शिक्षा मंत्री ने छात्रों को शुभकामनाएं दीं।

बता दें कि हाईस्कूल की परीक्षाएं 3 मार्च और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 4 मार्च तक चलेंगी। जारी किए गए नोटिस के मुताबिक परीक्षाएं दो पालियों में रोजाना सुबह 8 से 11.15 बजे और दोपहर 2 से शाम 5.15 बजे के बीच होंगी। कंप्लीट यूपी बोर्ड डेट शीट 2023 आज आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जारी की जाएगी।

उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यूपी बोर्ड परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षाएं दो पालियों में होगी। सुबह 8 बजे से सुबह 11:15 बजे तक और दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होंगी।

परीक्षा में लगभग 55 लाख से ज्यादा छात्र, छात्राये होंगे शाम‍िल

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में लगभग 55 लाख से ज्यादा छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। हाईस्कूल में 31,16,487 विद्यार्थी और इंटरमीडिएट में 27,50,913 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। 16 फरवरी को पहले दिन हाईस्कूल के विद्यार्थियों की सुबह की पाली में हिंदी व प्रारंभिक हिंदी की परीक्षा होगी। वहीं इंटरमीडिएट के छात्रों की पहली पाली में सैन्य विज्ञान व दूसरी पाली में हिंदी व सामान्य हिंदी की परीक्षा होगी।

8,752 केंद्रों पर होगी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं

परीक्षा के लिए 8,752 केंद्र बनाए गए हैं। पिछली बार की तुलना में इस बार 379 केंद्र अधिक बनाए गए हैं। इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा कुल 14 कार्य दिवसों में पूरी की जाएगी। होली से पहले परीक्षाएं खत्म होने से यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। उधर माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को यूपी बोर्ड परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी मन लगाकर परीक्षा की तैयारी करें और अच्छे अंक प्राप्त करने की पूरी कोशिश करें।

यूपी बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम और तारीखों के लिए यहाँ से डाउनलोड करे

नकलविहीन बनाने के लिए पुख्ता बंदोबस्त

उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने छात्र व छात्राओं को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी हैं। माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 की बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। परीक्षाओं के समय नियमित रूप से निगरानी की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की यूपी बोर्ड 2023 के लिए परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी गई है।

निकाय चुनाव की वजह से हो रही थी देरी

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव कराने के लिए तीन माह की छूट मिलने के बाद अब यूपी बोर्ड परीक्षा चुनाव से पहले करवाने का रास्ता साफ हो चुका है। इस साल बोर्ड परीक्षाओं में लगभग 55 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षाओं के लिए 8752 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आधिकारिक बोर्ड परीक्षा 2023 कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है।

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शिखरजी में आदिवासी व जैनो का आपसी सामंजस्य लाखो साल से – गौरव जैन

जैन एकता मंच की बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें चर्चा के दैरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी नोटिफिकेशन रद्द नही किया है। सिर्फ रोक लगाई गयी है। साजिश कर क्षेत्र के आदिवासियों को जैन समाज के सामने खड़ा करने का प्रयास बहुत शर्मनाक है। बैठक में पूरे देश के जैन एकता मंच के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों की भूमिका को भी सराहा गया। गौरतलब है कि जैन धर्मावलंबियों के आस्था के गढ़ सम्मेदशिखरजी, गिरनार तीर्थ, पालीताना आदि तीर्थ क्षेत्रो पर लगातार संकट गहराया हुआ है।

सम्मेद शिखरजी को जब से वन्य अभयारण क्षेत्र”पर्यटक क्षेत्र” केंद्र व झारखण्ड सरकार द्वारा घोषित किया गया है। तब से जैन समाज इस तानाशाही निर्णय के विरुद्ध लामबंद होकर आंदोलनरत है। जैन समाज लगातार प्रयास कर रहा है कि यह निर्णय वापस लिया जाए ताकि जैन समाज की पवित्र आस्था का केंद्र शिखरजी की पवित्रता यथावत बनी रहे।

जैन समाज स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा – सतीश जैन

जैन एकता मंच द्वारा पूरे देश में लगातार केंद्र सरकार के निर्णय के विरुद्ध सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया गया जा रहा है। जिसके तहत सभी की यह मांग रही है कि शिखरजी तीर्थ क्षेत्र को शुद्ध शाकाहारी यानी पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाए और केंद्र की सरकार द्वारा जो गजट शिखरजी के संबंध में जारी किया गया है। वह निरस्त हो। इसी संबंध में केंद्र सरकार के कार्यालय ज्ञापन के द्वारा जानकारी हुई थी। जिसमे केंद्र सरकार ने शिखरजी पर्वतराज पर मांस मदिरा व अन्य सामान जो जैन मान्यताओं के विरुद्ध है। उस पर रोक लगा दी है।

उस विवादित नोटिफिकेशन पर भी रोक लगा दी है। जिस पर जैन समाज बहुत उत्साहित हुआ है व आंदोलन को भी स्थगित करने का कार्य किया। परंतु जैन समाज के हाथ उस समय निराशा लगी जब यह जानकारी हुई कि उक्त ज्ञापन में शिखरजी को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित नहीं किया गया है। विवादित नोटिफिकेशन पर भी अभी सिर्फ रोक लगाई गई है , नाकि उसे रद्द किया गया। जिस कारण आक्रोशित जैन समाज स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे है।

शिखरजी यात्रा के दौरान सदैव आदिवासी समाज ने सेवा की – गौरव जैन

जैन एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश जैन के कहा की यदि केंद्र सरकार ने उनके साथ धोखा किया तो भाजपा सरकार को पूरे देश के जैन समाज के गुस्से व बहिष्कार का सामना करना पड़ेगा। जैन एकता मंच इससे भी बड़ा आंदोलन कर सरकार को घेरने का काम करेगा, साथ ही सतीश जैन ने आंदोलन के तहत संघर्ष कर रहे समस्त जैन एकता मंच परिवार को साधुवाद देते हुए कहा कि अग्रिम रणनीति के लिये सभी तैयार रहें।

जैन एकता मंच”युवा शाखा” के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन ने कहा कि गिरिडीह के सम्मेद शिखरजी यात्रा के दौरान सदैव आदिवासी समाज ने तीर्थ यात्रियों की सेवा की है साथ ही जैन समाज भी आदिवासियों की आस्था का सम्मान करता रहा है। साजिशन आदिवासियों को जैनो के सामने खड़ा करने का षड्यंत्र बहुत निंदनीय है। गिरिडीह में लाखों सालों से आदिवासियों व जैनो का आपसी सामंजस्य चला आ रहा है। यह किसी भी षड्यंत्र से नही बिगड़ेगा और षड्यंत्रकारियो को मुँह की खानी पड़ेगी।

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छह दिन पहले स्क्वॉड में स्पेशल एंट्री पाने वाले बुमराह, अब अचानक हो गए आउट

भारतीय क्रिकेट टीम में असमंजस की स्थिति बरकरार है। छह दिन पहले श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया में ‘स्पेशल’ एंट्री पाने वाले जसप्रीत बुमराह अब इस सीरीज से भी बाहर हो गए हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बीसीसीआई ने बुमराह को अभी उन्हें इतनी जल्दी एक्शन में वापस नहीं लाने का और फिटनेस के आधार पर उन्हें सीरीज से आराम देने का फैसला लिया है। वहीं, छह दिन पहले यानी तीन जनवरी को बीसीसीआई ने बुमराह को स्क्वॉड में शामिल करने की जानकारी दी थी। हालांकि, बीसीसीआई ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सितंबर 2022 से ही टीम इंडिया से बाहर हैं बुमराह

बुमराह को लेकर जारी बयान में बीसीसीआई ने यह जानकारी दी थी कि बुमराह सितंबर 2022 से ही टीम इंडिया से बाहर हैं। वो बैक इंजरी के कारण ऑस्ट्रेलिया में पिछले साल हुए टी20 विश्व कप में भी नहीं उतरे थे। इसके बाद उन्होंने नेशनल क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) में अपना रिहैबिलिटेशन पूरा किया था और उन्हें फिट घोषित किया गया था। इसके बाद उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया के स्क्वॉड से जोड़ने का फैसला लिया गया।

आखिर बुमराह को लेकर ऐसा फैसला क्यों

समझ से परे है कि जब बुमराह पूरी तरह फिट थे, तो फिर क्यों उन्हें श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया या वो फिट थे ही नहीं और बीसीसीआई ने जल्दबाजी में उन्हें मैदान पर उतारने का फैसला लिया। हालांकि, हकीकत क्या है, यह किसी को पता नहीं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम टेस्ट सीरीज से पहले बुमराह का भारतीय टीम में शामिल होने फैंस काफी खुश थे। हालांकि, अब फिर से फैंस को झटका लगा है। बुमराह गुवाहाटी भी नहीं पहुंचे हैं। गुवाहाटी में ही भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ पहला वनडे मैच खेलना है।

बीसीसीआई ने मानी एनसीए के स्टाफ की सिफारिश

जानकारी के मुताबिक, बीसीसीआई ने एनसीए के स्टाफ की सिफारिश के बाद बुमराह को वनडे सीरीज में नहीं उतारने का फैसला लिया है। भारत को फरवरी-मार्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 टेस्ट की सीरीज खेलनी है। यह सीरीज भारत के लिहाज से अहम है। क्योंकि इस सीरीज में भारत की जीत-हार से उसके विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने का रास्ता खुलेगा या बंद होगा। वहीं, अक्टूबर-नवंबर में भारत में ही वनडे वर्ल्ड कप भी होना है। जिसको लेकर टीम मैनेजमेंट कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है। हालांकि, इस पर बीसीसीआई की तरफ से अभी तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।

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जोशीमठ भू धंसाव : 600 घर चिन्हित, खतरे में जोशीमठ का 25 फीसदी हिस्सा

जोशीमठ को बचाने के लिए उत्तराखंड सरकार से लेकर केंद्र सरकार इस समय फुल एक्शन में हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जोशीमठ को लेकर अभी-अभी बड़ा बयान आया है। धामी ने कहा सबको एक टीम की तरह काम करके जोशीमठ को बचाना है। डेंजर जोन के 68 घरों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। 600 घरों का एक जोन बनाया गया है। अधिकारियों के द्वारा जोशीमठ में जर्जर हो चुके घरों में रहने वाले लगभग 600 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए कम और लंबे समय की योजनाओं पर भी काम चल रहा है।

तीन चरण का एक्शन प्लान

जोशीमठ संकट पर केंद्र सरकार भी एक्शन है। कल पीएमओ ने हाईलेवल मीटिंग की है। इस मीटिंग में संकट को लेकर एक्शन प्लान बनाने की बात हुई। इस प्लान के तहत पहला कदम लोगों को डेंजर जोन से निकालना होगा। दूसरा कदम लैंडस्लाइड की वजह का पता लगाना होगा और तीसरा कदम लैंडस्लाइड को रोकने का समाधान निकालना होगा।

खतरे में जोशीमठ का 25 फीसदी हिस्सा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे हालात पर नजर बनाए हुए हैं और हर संभव मदद का भरोसा भी दिया है। बता दें कि जोशीमठ पर जो रिपोर्ट आई है उसपर देहरादून से लेकर दिल्ली तक मंथन हो रहा है। सर्वे रिपोर्ट तो 2 दिन की ही है लेकिन इसमें जोशीमठ की वजह से देवभूमि के लिए दूरगामी परिणाम छिपे हैं। रिपोर्ट में जोशीमठ का 25 फीसदी हिस्सा खतरे में बताया गया है। कई सेंसटिव इलाके ऐसे हैं जहां मकानों को ध्वस्त करना पड़ सकता है।

अगले 72 घंटे बेहद अहम

घरों और ज़मीन पर पड़ी दरारें हर घंटे चौड़ी होती जा रही हैं। प्रशासन ने डेंज़र ज़ोन के घरों पर लाल निशान लगा दिए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। होटलों पर भी रेड मार्किंग की गई हैं। अगले 72 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। वहीं, डिज़ास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट ने जोशीमठ नगर पालिका क्षेत्र को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की हाई लेवल टीम पहुंचने वाली है। जोशीमठ नगर पालिका और आसपास के इलाक़े में सभी कंस्ट्रक्शन पर रोक लगा दी गई है। जो लोग अस्थाई रूप से विस्थापित हुए हैं उनको राहत सामग्री दी जा रही है।

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…..अब इंडिगो फ्लाइट में बवाल, नशे में धुत यात्रियों ने एयर होस्टेस से की बदसलूकी

फ्लाइट में यात्रियों के तांडव की कड़ी में इस बार नई खबर बिहार की राजधानी पटना से है। जहा इंडिगो की फ्लाइट में दिल्ली से पटना आ रहे तीन युवकों ने नशे की हालत में जमकर बवाल किया। पहले वह तीनो युवक फ्लाइट में यात्रा कर रहे यात्रियों से उलझे गए। उनके बीच बचाव के लिए एयरहोस्टेस गईं। तो उन यूवको ने एयरहोस्टेस बदसलूकी की । मामला बिगड़ता देख कैप्टन ने दखल दी तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

इंडिगो की फ्लाइट 6E-6383 में यह घटना हुई। रोहित कुमार, नीतीश कुमार और पिंटू कुमार ने यह गुंडई करते समय खुद को एक राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष का खास आदमी बताया। मामले में एयरपोर्ट पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी शराब पीकर इंडिगो की फ्लाइट 6E-6383 में चढ़े थे। रात 10:00 बजे दिल्ली से पटना पहुंचने के बाद दो आरोपियों को एयरपोर्ट के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया। सीआईएसएफ ने दो को पकड़कर एयरपोर्ट थाने के हवाले कर दिया है, जबकि एक युवक फरार हो गया है। पकड़े गए आरोपियों की ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराई गई है, जिसमें उनके शराब पीने की पुष्टि हुई है। तीनों बिहार के वैशाली के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

दिल्ली से बिहार के लिए उड़ान भरी थी फ्लाइट

घटना को लेकर इंडिगो के अधिकारियों ने पुलिस से शिकायत की है। आरोपियों से एयरपोर्ट थाने की पुलिस पूछताछ कर रही है। एयरपोर्ट थाना के प्रभारी ने कहा कि मारपीट या छेड़खानी की घटना जैसी कोई जानकारी इंडिगो के मैनेजर की तरफ से लिखित शिकायत में नहीं की गई है, सिर्फ शराब के नशे में होने की लिखित शिकायत दी गई है, इसलिए एक्साइज एक्ट के तहत ही पकड़े गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि फ्लाइट दिल्ली से बिहार के लिए उड़ान भरी, तो आरोपियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामे को देखते एयर होस्टेस उन्हें समझाने पहुंची, लेकिन वे उनके साथ भी बसलूकी करने लगे। वहीं, विमान के पायलट से भी मारपीट की। विमान के पायलट ने फोन कर संबंधित अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी दी।

गो फर्स्ट की फ्लाइट में एयर होस्टेस से बदसलूकी

गौरतलब है कि बीते दिनों 6 जनवरी को दिल्ली से गोवा आ रही गो फर्स्ट की फ्लाइट में एयर होस्टेस से बदसलूकी का मामला सामने आया था। एक विदेशी टूरिस्ट ने एयर होस्टेस को अपने पास बैठने को कहा और फ्लाइट अटेंडेंट से अश्लील बातें भी की। एयरलाइंस ने विदेशी यात्री को गोवा के नए एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ के हवाले कर दिया है।

एयर इंडिया की फ्लाइट में दुर्व्यवहार

इससे पहले बीते साल 26 नवंबर 2022 को फ्लाइट में दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था। न्यूयॉर्क से आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 102 में महिला बिजनेस क्लास में सफर कर रही थीं। आरोप है कि लंच के बाद लाइट्स बंद थी, तभी आरोपी शंकर मिश्रा ने बुजुर्ग महिला की सीट के पास आकर उनके ऊपर पेशाब कर दी थी। महिला पर पेशाब करने वाले आरोपी को 42 दिन बाद गिरफ्तार किया गया।

पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में पीकर आना भी अपराध

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से दूसरे राज्यों के एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर बिहार जा रहे यात्रियों को इस बात के लिए सावधान किया जाता है कि नशे में बिहार जाने पर जेल हो सकती है। विमान में यात्रा कर रहे तीनों यात्री वैशाली के बताए गए।

जबकि खुद को राजनेता का करीबी बताने का मतलब यह है कि वह बिहार के नियमों से पूरी तरह वाकिफ होंगे। इसके बावजूद तीनों शराब पीकर न केवल पटना की फ्लाइट पर आए। बल्कि खुद को राजनेता का करीबी बताते हुए नशे में बदसलूकी और मारपीट भी की ।

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उत्तर से दक्षिण तक ठंड ने बरपाया कहर, कोहरे के कारण दृश्यता हुई शून्य

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में भीषण ठंड का सामना कर रहे लोगों को राहत नहीं मिलती दिख रही है। आज के दिन की शुरुआत घने कोहरे से हुई। इसके साथ ही शीतलहर ने भी लोगों पर जमकर कहर बरपाया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले दो दिनों तक शीतलहर से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी राजस्थान, दक्षिणी हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना के कुछ हिस्सों में दो दिनों तक गंभीर शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों के बाद मौसम में कुछ बदलाव के आसार दिखाई दे रहे हैं। लोगों को शीतलहर से तो राहत मिल सकती है। हालांकि, पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश की भी संभावना बनी हुई है। जिसका असर मैदानी इलाकों में दिखाई पड़ सकता है।

दिल्ली-यूपी में कोहरे के कारण दृश्यता न के बराबर

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के इलाकों में कोहरे की चादर छाए रहने के कारण दृश्यता न के बराबर रही। बठिंडा में शून्य दृश्यता रही तो अमृतसर में 25 मीटर, अंबाला में 25 मीटर, हिसार में 50 मीटर, दिल्ली (सफदरगंज) में 25 मीटर, पालम में 50 मीटर, आगरा में शून्य, लखनऊ में शून्य, वाराणसी में 25 मीटर, बहराइच में 50 मीटर, प्रयागराज में 50 मीटर, बिहार के पुर्णिया, पटना व गया में 50 मीटर, गंगानगर में 25 मीटर रही।

अभी और गिरेगा पारा, छाया रहेगा घना कोहरा

मौसम विभाग ने कहा है कि अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में खास बदलाव के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। मध्य भारत में अगले एक दो दिनों में पारा दो से तीन डिग्री तक गिर सकता है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा में कोहरा और बढ़ने की संभावना जताई गई है। यही हाल हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल में रहने वाला है।

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वीडियोकॉन लोन धोखाधड़ी केस में कोर्ट ने चंदा कोचर और दीपक कोचर को मिली जमानत

बॉम्बे हाई कोर्ट ने आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन ऋण धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की गिरफ़्तारी के बाद आईसीआईसीआई की पूर्व सीईओ चंदा कोचर और दीपक कोचर को न्यायिक हिरासत से रिहा करने की अनुमति दे दी है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा, “गिरफ्तारी कानून के मुताबिक नहीं है।” इसलिए चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को एक-एक लाख के निजी मुचलके पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दी है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर और दीपक कोचर को एक-एक लाख रुपये की नकद जमानत पर रिहा करने की अनुमति दी। सीबीआई ने उनकी रिहाई का विरोध किया है। बता दें, आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन लोन फ्रॉड केस में सीबीआई ने कोचर दंपती को गिरफ्तार किया था। उसके बाद इसी मामले में वीडियोकॉन के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत को भी गिरफ्तार किया था।

आइये जाने क्या है पूरा मामला और कोर्ट ने क्या कहा

आरोपों के मुताबिक आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर ने बैंक के नियमों का उल्लंघन करते हुए वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपये ऋण दिया था। धूत ने 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन समूह को ऋण मिलने के बाद कथित तौर पर न्यूपॉवर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (NRPL) में करोड़ों रुपये का निवेश किया।

इस फर्म को धूत ने आईसीआईसीआई से ऋण मिलने के छह माह बाद चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर शुरू किया था। एक गुमनाम मुखबिर की एक शिकायत के बाद मामले का खुलासा हुआ। जनवरी 2019 को केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने वेणुगोपाल धूत, चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर पर आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। फरवरी 2019 में ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा, “गिरफ्तारी कानून के मुताबिक नहीं है। इसलिए चंदा कोचर और दीपक कोचर को एक-एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत दी।

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एयर इंडिया की फ्लाइट में महिला पर ‘पेशाब’ करने वाला बेंगलुरू से गिरफ्तार

एयर इंडिया की फ्लाइट में महिला से बदसलूकी करने करने वाले शख्स आरोपी शंकर मिश्रा को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी शंकर मिश्रा को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी को बेंगलुरु से दिल्ली लाया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।

इससे पहले एयर इंडिया की न्यूयॉर्क-दिल्ली की फ्लाइट में महिला पर पेशाब करने वाले आरोपी शंकर मिश्रा पर उसकी कंपनी ने बड़ी कार्रवाई की थी। आरोपी बहुराष्ट्रीय कंपनी में वेल्स फारगो में काम करता था। जिसके बाद अब उसकी कंपनी ने उसे काम से निकाल दिया। कंपनी ने एक बयान जारी करते हुए बताया था कि इस घटना का उन्हें खेद है।

आरोपी शंकर मिश्रा के पिता ने आरोपों नाकारा

बता दें कि आरोपी शंकर मिश्रा ने शुक्रवार को महिला के कुछ संदेशों को साझा करते हुए यह दावा किया कि उन्होंने यह कथित हरकत माफ कर दी थी और शिकायत दर्ज कराने की उनकी कोई मंशा नहीं थी। वहीं, आरोपी शंकर मिश्रा के पिता ने शुक्रवार को दावा किया कि उनके बेटे पर लगे आरोप ‘पूरी तरह झूठे’ हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे बेटे ने खाना खाया और उड़ान के दौरान सो गया। वह 34 साल का है और मुझे नहीं लगता कि वह ऐसा कुछ कर सकता है। उसकी पत्नी और एक बेटी है।

एयर इंडिया की फ्लाइट में उस दिन क्या हुआ था ?

चौंकाने वाली एक घटना के तहत पिछले साल 26 नवंबर को एयर इंडिया की न्यूयार्क-दिल्ली उड़ान के बिजनेस क्लास में आरोपी शंकर मिश्रा ने नशे की स्थिति में कथित रूप से एक बुजुर्ग महिला यात्री के ऊपर कथित रूप से पेशाब कर दिया था। आरोपी शंकर मिश्रा ने अपने वकीलों, इशानी शर्मा और अक्षत वाजपेयी के जरिए जारी बयान में कहा कि उन्होंने 28 नवंबर को ही महिला के कपड़े एवं बैग धुलवा दिये थे और 30 नवंबर को उनके पास भेज दिये थे। बयान में कहा गया है, ‘व्हाट्सअप पर आरोपी और महिला द्वारा एक दूसरे को भेजे गये संदेश स्पष्ट दर्शाते हैं कि आरोपी ने 28 नवंबर को ही कपड़े एवं बैग साफ करवा दिये थे और 30 नवंबर को उनके पास भेज दिये थे।

हमने पेटीएम से महिला को भेज दिए थे पैसे

आरोपी शंकर मिश्रा ने अपने बयान में कहा था, ‘महिला ने अपने संदेश में साफ तौर पर इस कथित हरकत को माफ किया है और शिकायत दर्ज नहीं कराने की मंशा प्रदर्शित की है। महिला की शिकायत एयरलाइन द्वारा पर्याप्त मुआवजा के भुगतान के सिलसिले में है। जिसे उन्होंने 20 दिसंबर, 2022 को आगे की शिकायत में उठाया। बयान में कहा गया है कि आरोपी ने दोनों पक्षों के बीच जितने मुआवजे पर सहमति बनी। उसका 28 नवंबर को ही पेटीएम के माध्यम से भुगतान कर दिया। लेकिन करीब एक महीने बाद 19 दिसंबर को उनकी बेटी ने ये पैसे लौटा दिए।

घटना का कोई भी चश्मदीद नहीं

आरोपी शंकर मिश्रा ने अपने बयान में कहा है,‘केबिन क्रू की जांच समिति के सामने दर्ज बयान बताते हैं कि इस घटना का कोई चश्मदीद नहीं है और सारी कहानी बस सुनी सुनायी बातों पर आधारित हैं । दोनों पक्षों के बीच विवाद निपटान की केबिन क्रू द्वारा सौंपे गये बयान में पुष्टि हुई है। आरोपी शंकर मिश्रा को देश की न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और वह जांच प्रक्रिया में सहयोग करेगा। बुधवार को दर्ज की गयी FIR के मुताबिक, महिला ने क्रू को बताया था। वह पेशाब करने वाले का चेहरा नहीं देखना चाहती थी। जब उसे उसके सामने लाया गया और वह रो रहा था और माफी मांग रहा था।

आरोपी के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज

दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बुधवार को बताया कि उसने एयर इंडिया द्वारा की गई शिकायत के आधार पर इस हैरान करने वाले मामले में एफआईआर दायर कर ली है। मामले में आरोपी शंकर मिश्रा के खिलाफ भादंवि की धारा 354, 509 और भारतीय विमानन कानून की धारा 23 के तहत केस दायर किया गया है। उन्होंने बताया कि पीड़ित महिला व आरोपी दोनों दिल्ली में नहीं रहते हैं। पुलिस सूत्रों ने कहा कि महिला के आसपास बैठने वाले यात्रियों से भी पूछताछ की जाएगी।

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गांजा की सप्लाई करती थी अंजलि की दोस्त निधि, हो चुकी है गिरफ्तार

दिल्ली के कंझावला मामले में एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। इस पूरे केस में एक मात्र चश्मदीद बताई जा रही और मृतक अंजलि की दोस्त निधि ड्रग्स केस में करीब दो साल पहले गिरफ्तार हुई थी। जानकारी सामने आई है कि साल 2020 में निधि ड्रग के केस (NDPS एक्ट) में आगरा में गिरफ्तार हुई थी। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने कल कंझावला में कार से घसीटे जाने की घटना में जान गंवाने वाली अंजलि के साथ स्कूटी पर सवार उसकी सहेली निधि को मामले की जांच में शामिल होने के लिए बुलाया था।

क्या है मामला

चौंकाने वाले खुलासे में सामने आया है कि साल 2020 में निधि तेलंगाना से ट्रेन से गांजा लेकर आगरा रेलवे स्टेशन पर पहुंची थी, जहां 6 दिसंबर 2020 को उसे गिरफ्तार किया गया था। साल 2020 में निधि के साथ समीर और रवि नाम के लड़के भी गिरफ्तार हुए थे। पुलिस ने उस वक्त निधि के पास से गांजा बरामद किया था उसका वजन 10 किलो था। फिलहाल खुद को अंजलि की दोस्त बताने वाली निधि जमानत पर बाहर है।

आइये जानते है क्या हुआ था अंजलि के साथ

आपको बता दें कि 31 दिसंबर की दरमियानी रात उस स्कूटी पर अंजलि और उसकी दोस्त निधि सवार थीं। जिसे बलेनो कार ने टक्कर मारी थी और फिर अंजलि गाड़ी के नीचे फंस गई थी। कार उसे घसीटते हुए 12 किलोमीटर तक ले गई थी। उसका शव कंझावला सड़क पर ​पड़ा मिला था। शरीर पर कपड़े नहीं थे और पूरे शरीर में गंभीर चोटों के निशान थे। हादसे में निधि को मामूली चोटें आई थीं। वह देर रात अपने घर पहुंची थी और अपनी मां को हादसे के बारे में बताया था। लेकिन निधि और उसके परिजनों ने पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं दी।

सीसीटीवी फुटेज से निधि का पता चला

गौरतलब है कि कंझावला मामले में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद निधि का पता चला था। उसने मंगलवार को पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज करावाया था। हालांकि दिल्ली पुलिस आयुक्त (बाहरी) हरेन्द्र कुमार सिंह ने निधि को कंझावला मामले में गिरफ्तार किए जाने की बात का खंडन करते हुए कहा था कि उसे केवल जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।

निधि पर अंजलि के परिजनों ने लगाए बड़े आरोप

वहीं कंझावला मामले की मृतक अंजलि के परिवार ने बुधवार को कहा था कि निधि झूठ बोल रही है और उस पर हत्या का आरोप लगाया जाना चाहिए। अंजलि के परिवार ने साथ ही यह भी दावा किया कि उन्होंने उस ‘सहेली’ को ना तो पहले कभी देखा था और ना ही उसके बारे में पहले कभी सुना ही था। जो अंजलि के साथ उस समय थी जब वह एक कार के नीचे घसीटी गई थी।

अंजलि की माँ ने साथ ही ये भी बताया कि उनकी बेटी ने अपने जीवन में कभी शराब नहीं पी है। अंजलि की माँ ने कहा “मैंने निधि को कभी देखा या सुना नहीं है। अंजलि कभी शराब पीकर घर नहीं आई। निधि झूठ बोल रही है।

वही सातवें आरोपी अंकुश खन्ना ने किया सरेंडर

दिल्ली पुलिस ने इस केस में 7वें आरोपी अंकुश खन्ना को गिरफ्तार किया है। अंकुश ने शुक्रवार शाम सुल्तानपुरी थाने में खुद आकर सरेंडर कर दिया था। दिल्ली सरकार ने पीड़िता के परिवार की मदद के लिए 10 लाख रुपए की स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 3 जनवरी को पीड़िता अंजलि के परिजनों को आर्थिक सहायता की घोषणा की थी।

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आस्था के गढ़ सम्मेदशिखरजी को दूसरा गिरनार नही बनने देंगे – गौरव जैन

गौरतलब है कि जैन धर्मावलंबियों के आस्था के गढ़ सम्मेदशिखरजी, गिरनार तीर्थ, पालीताना आदि तीर्थ क्षेत्रो पर लगातार संकट गहराया हुआ है। सम्मेदशिखरजी को जब से वन्य अभयारण क्षेत्र”पर्यटक क्षेत्र” केंद्र व झारखण्ड सरकार द्वारा घोषित किया गया है। तब से जैन समाज इस तानाशाही निर्णय के विरुद्ध लामबंद होकर आंदोलनरत है व लगातार प्रयास कर रहें है कि यह निर्णय वापस लिया जाए। ताकि जैन समाज का पवित्र आस्था केंद्र सम्मेदशिखरजी की पवित्रता यथावत बनी रहे व सकल जैन द्वारा पूरे देश में लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ लाखों जैन समाज के लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे थे।

केंद्र सरकार सम्मेदशिखरजी को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित – जैन समाज

जैन समाज कि यही मांग रही है कि सम्मेदशिखरजी के तीर्थ क्षेत्र को शुद्ध शाकाहारी यानी पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाए और केंद्र की सरकार द्वारा जो गजट सम्मेदशिखरजी के संबंध में जारी किया गया है ,वह निरस्त हो। इसी संबंध में कल शाम केंद्र सरकार के कार्यालय से ज्ञापन के द्वारा जानकारी हुई थी। सरकार ने सम्मेदशिखरजी पर्वतराज पर मांस मदिरा व अन्य सामान जो जैन मान्यताओं के विरुद्ध है। उसपे केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन पर भी रोक लगा दी है। जिस पर जैन समाज बहुत उत्साहित हुआ है। साथ ही चले आंदोलन को भी स्थगित करने का कार्य किया। परंतु जैन समाज के हाथ उस समय निराशा लगी जब यह जानकारी हुई कि उक्त कार्यलय ने ज्ञापन में तो सम्मेदशिखरजी को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित नहीं किया गया है। विवादित नोटिफिकेशन पर भी सिर्फ रोक लगाई गई है नाकि उसे रद्द किया गया।

सम्मेदशिखरजी को लेकर जैन समाज ठगा हुआ कर रहे महसूस

जिससे जैन समाज आक्रोशित और ठगा हुआ महसूस कर रहे है। जैन समाज ने भी परिस्थितियों में अनुसार अपने आंदोलन को स्थगित किया है न कि समाप्त किया। समस्त समाज ने एकजुट आवाज में कहा कि अगर सरकार ने उनके साथ धोखा किया। तो भाजपा को पूरे देश जैन समाज के गुस्से व बहिष्कार का सामना करना पड़ेगा। सकल जैन समाज इससे भी बड़ा व उग्र आंदोलन कर सरकार को घेरने का काम करेगा।

पालीताना पर असामाजिक तत्व नजरे गड़ाए बैठे – गौरव जैन

जैन एकता मंच युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन ने कहा कि आज जो सरकार केंद्र में बैठी है। उसी के कार्यकाल में संथारे पर कानून आया था। गिरनार पर आश्वास उसी दल की सरकार ने गुजरात में दिया था। जैन समाज के साथ धोखा करते हुए गुजरात के जूनागढ़ में आज गिरनार तीर्थ सत्ता संरक्षित लोगो द्वारा लगभग कब्जा कर लिया गया है। पालीताना पर भी असामाजिक तत्व नजरे गड़ाए बैठे हैं। अतः इस सरकार की मानसिकता जैन समाज के विरुद्ध प्रत्यक्ष होती रही है।

जैन धर्मावलंबी इन पर आंख बंद कर भरोसा नही करेंगे। सम्मेदशिखर जी को दूसरा गिरनार नही बनने देंगे। जब तक विवादित नोटिफिकेशन रद्द नही हो जाता तब तक सम्मेदशिखर जी प्रकरण पर हमारी नजर बनी रहेगी। अगर सरकार ने हमारे साथ किसी भी प्रकार का धोखा किया। तब यह आन्दोलन और विशाल स्वरूप में होगा।

अभी ये बधाई अधूरी – पंकज जैन

भारतीय सकल जैन समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जैन ने कहा कि आज की यह आंशिक जीत जैन समाज की एकजुटता की जीत है। जैनो ने अपने अधिकार के लिये लड़ना सीख लिया है। आगे भी इसी प्रकार समाज अपनी आवाज को बुलन्द करता रहेगा। पंकज जैन ने जैन समाज को बधाई देते हुए कहा कि आज की यह बधाई अधूरी है। यह तभी सम्पूर्ण बधाई होगी। जब सरकार विवादित नोटिफिकेशन को पूर्ण रद्द कर जैन समाज की मांगों के अनुसार संशोधित नोटिफिकेशन जारी करेगी।

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सम्मेद शिखर जी मामले में चार दिन में दो जैन मुनियों ने दिया बलिदान, थे उपवास पर

झारखंड में स्थित जैन तीर्थस्थल सम्मेद शिखर जी के लिए एक और जैन मुनि ने अपने प्राण त्याग दिए। गुरुवार देर रात एक बजे मुनि समर्थ सागर का निधन हो गया। चार दिन में ये दूसरे संत हैं,जिन्होंने अपनी देह त्याग दिया है। वे मुनि सुज्ञेय सागर महाराज के निधन के बाद अन्न-जल का त्याग कर आमरण अनशन पर बैठ गए थे। शुक्रवार को सुबह 8.30 बजे संघी जी जैन मंदिर से मुनिश्री की डोल यात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालुगण शामिल हुए और आचार्य सुनील सागर महाराज ससंघ सानिध्य में जैन परंपराओं के अनुसार उनके देह को पंचतत्व में विलीन किया गया।

बता दें कि सांगानेर स्थित जैन समाज के मंदिर में सम्मेद शिखर को बचाने के लिए मुनि सुज्ञयसागर अनशन पर बैठ गए थे। नौ दिनों बाद मुनि सुज्ञय सागर का निधन भी हो गया था। झारखंड सरकार ने सम्मेद शिखर को पर्यटक स्थल घोषित कर दिया है। उसके इस कदम का देशभर में जैन समाज विरोध कर रहा है। जैन समाज का कहना है कि झारखंड समाज के इस कदम से सम्मेद शिखरजी की पवित्रता को खतरा है।

मांगें नहीं मानी तो जैन समाज देह त्यागने से पीछे नहीं हटेगा

अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि मुनि सुज्ञेय सागर महाराज और मुनि समर्थ सागर महाराज के बलिदान को भुलाया नहीं जाएगा। सम्मेद शिखर जैन तीर्थ था, है और रहेगा। केंद्र और झारखंड सरकार को ‘तीर्थ स्थल’ हर हाल में घोषित करना ही होगा। अगर सरकार ने समाज की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो जैन समाज मुनिराजों के मार्गों पर चलकर अपने देह त्यागने से पीछे बिल्कुल भी नहीं हटेगा।

मुनि समर्थ सागर ने कहां त्यागे प्राण

मुनि समर्थ सागर जयपुर के सांगानेर स्थित संघीजी दिगम्बर जैन मंदिर में आमरण अनशन कर रहे थे। उन्होंने तीन दिन से अन्न का त्याग कर रखा था.सुज्ञेयसागर महाराज ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। तब समर्थ सागर जी ने धर्मसभा के दौरान अनशन का संकल्प लिया था। उसी समय से वह उपवास पर चल रहे थे।

केंद्र सरकार का ऑर्डर गुमराह करने वाला

अखिल भारतीय दिगम्बर जैन युवा एकता संघ अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि सम्मेद शिखर जैन तीर्थ जैन समाज और साधु समाज में कितना महत्व रखता है। इसका अंदाजा ना केंद्र सरकार लगा रही है और ना ही झारखंड सरकार लगा रही है। पिछले 4 दिनों में मुनि समर्थ सागर महाराज दूसरे मुनिराज हैं। जिन्होंने सम्मेद शिखर जी को लेकर अपना देह त्यागा है। गुरुवार को केंद्र सरकार ने जो ऑर्डर जारी किया है। वह केवल जैन समाज को गुमराह करने के लिए जारी किया है। जिसका फायदा सत्ता के बल पर उठाया जा रहा है।

अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि जो ऑर्डर जारी किया है, उससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है। क्योंकि केंद्र सरकार ने ना 2 अगस्त 2019 का गजट नोटिफिकेश रद्द किया और ना ही ‘पर्यटक’ शब्द हटाया। ना ही तीर्थ स्थल की घोषणा की। इसके अलावा जो इको सेंसिटिव जोन घोषित किया था, केवल उस पर रोक लगाई है।

जबकि उसे रद्द करना था। झारखंड और केंद्र सरकार पत्रबाजी कर केवल फुटबाल मैच खेल रही है। किंतु जैन समाज इनके षड्यंत्रों से गुमराह नहीं होगा और आंदोलन यथावत जारी रहेगा।

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दिल्ली मेयर चुनाव से पहले हंगामा, भाजपा और आप के पार्षद आपस में भिड़े

दिल्‍ली का अगला मेयर कौन होगा ? इस सवाल का जवाब जल्द ही मिल जाएगा। सदन के भीतर मेयर, डिप्‍टी मेयर और स्‍थायी समितियों के सदस्‍यों का चुनाव होगा। इससे पहले, मनोनीत पार्षदों को पहले शपथ दिलाने पर आम आदमी पार्टी के सदस्‍यों ने खूब हंगामा किया। बीजेपी और आप पार्षदों के बीच धक्‍का मुक्‍की हुई। नारेबाजी के बीच पर्चे फेंके गए।

एमसीडी के मुख्यालय सिविक सेंटर में मेयर चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है। एमसीडी सिविक सेंटर में वोटिंग चल रही है। आम आदमी पार्टी ने ईस्ट पटेल नगर की पार्षद डॉ. शैली ओबेरॉय को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है। वहीं, बीजेपी से शालीमार बाग-बी वॉर्ड की पार्षद रेखा गुप्ता मैदान में हैं। हालांकि मेयर के चुनाव के पहले ही हंगामा शुरू हो गया और भाजपा एवं आप के सदस्यों में धक्कामुक्की होने लगी।

मेयर चुनाव पर तकरार, जानें क्या है पूरा विवाद

दरअसल, एलजी विनय कुमार सक्सेना ने बीजेपी पार्षद सत्या शर्मा को एमसीडी की पहली बैठक के लिए पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है। वे ही बाकी पार्षदों को शपथ दिलाएंगी और वही मेयर चुने जाने की प्रक्रिया के दौरान पीठासीन अधिकारी भी रहेंगी। इस फैसले पर केजरीवाल सरकार को ऐतराज है। केजरीवाल सरकार चाहती थी कि ये जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी के किसी पार्षद मिले। इसके लिए आप के पार्षद मुकेश गोयल का प्रस्ताव भी एलजी को भेजा था।

भाजपा और आप पार्षद आपस में भिड़े

नोमिनेट सदस्य मनोज कुमार को सबसे पहले शपथ दिलाए जाने से नाराज आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने हंगामा किया है। आम आदमी पार्टी द्वारा निगम के सदन में भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल रहा है। भाजपा के पार्षद भी आप पार्टी और केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी कर रह रहे हैं। शपथ ग्रहण की कार्यवाही स्थगित है।

दिल्ली एमसीडी में आप की ऐतिहासिक जीत

दिसंबर में हुए एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी के 15 साल की सत्ता को खत्म करते हुए जीत दर्ज की थी। 250 सदस्यों वाली एमसीडी में आप पार्टी की जहां 134 सीटों पर जीत हुई थी। वहीं बीजेपी को 104 सीट ही मिली थी। जबकि कांग्रेस को 9 और अन्य को 3 सीट मिली थी। कांग्रेस ने मेयर चुनाव से दूरी बनाने का ऐलान किया है यानी आज के मेयर पद के चुनाव में 274 निर्वाचक मंडल के मेंबर्स में आप पार्टी के कुल 150 मेंबर्स होंगे।

भाजपा के जीत के दावे से आप की चिंता बढ़ी

आम आदमी पार्टी के पास बहुमत से 12 निर्वाचक सदस्य ज्यादा हैं बावजूद इसके बीजेपी जीत का दावा कर रही है जिससे आम आदमी पार्टी की चिंता बढ़ गई है। ये चिंता इसलिए है क्योंकि इस नगर निगम के मेयर के चुनाव में दल-बदल कानून लागू नहीं होता है और आम आदमी पार्टी को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है। वहीं, आपको बता दें कि चुनाव को लेकर केजरीवाल सरकार का उपराज्यपाल के साथ विवाद भी हो गया है। सीएम केजरीवाल ने एलजी के फैसले के खिलाफ उन्हें चिट्ठी भी लिखी है।

मेयर चुनाव में कौन-कौन करेगा वोट ?

>> मेयर के चुनाव में 250 पार्षदों के अलावा दिल्ली विधानसभा के 14 विधायक भी वोट डालने के लिए मनोनीत किए जाते हैं।

>> इसके लिए विधानसभा स्पीकर ने आम आदमी पार्टी से 13 और बीजेपी के एक विधायक को मनोनीत किया है।

>> दिल्ली से बीजेपी के सभी 7 लोकसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के सभी 3 राज्य सभा सांसद भी वोट डालेंगे।

>> यानी मेयर के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में कुल 274 मेंबर होंगे।

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MCD के मेयर की जंग

>> कुल निर्वाचक – 274

>> बहुमत – 138

आप की ताकत

>> पार्षद- 134

>> विधायक- 13

>> राज्यसभा सांसद 3

>> कुल- 150 सदस्य

मां ने दबाया बच्ची का मुंह, पिता ने किया अपनी 8 साल की सगी बेटी से रेप

उत्तर प्रदेश के बरेली में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जेल से छूटकर आए एक हैवान पिता ने अपनी सगी मासूम बेटी के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया। दरिंदगी की सारी हदें पार करने वाले हैवान पति का उसकी पत्नी ने भी साथ दिया। बेटी की आवाज कोई सुन न ले इसलिए सौतेली मां ने बच्ची का मुंह दबाए रखा। सनसनीखेज वारदात का खुलासा होने पर इलाके के लोग दंग रह गए।बरेली के बहेड़ी क्षेत्र में एक पिता ने अपनी आठ साल की बेटी के साथ से दुष्कर्म किया।

आरोप है कि इस हैवानियत में सौतेली मां ने आरोपी पिता का साथ दिया। बहेड़ी ​​​​पुलिस ने चाचा की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी पिता और सौतेली मां दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।बताया जाता है कि आरोपी रेलवे फाटक के पास जूते की मरम्मत का काम करता है। आरोपी ने पहली पत्नी के देहांत के बाद दूसरी शादी कर ली थी। रात दूसरी पत्नी की मदद से नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। बेसुध बेटी ने अपने चाचा को पूरी घटना की जानकारी दी।

पहले भी कर चुका है हैवानियत

आरोपी रेलवे फाटक के पास जूते की मरम्मत का काम करता है। इससे पहले भी उसके खिलाफ प्रेमनगर व हल्द्वानी में पॉक्सो का मुकदमा दर्ज हो चुका है। कुछ समय पहले ही वह इस मामले में जेल से छूटकर बाहर आया था। अब उसने अपनी सगी बेटी के साथ हैवानियत की है।

ऐसे दरिंदे पिता को हो फांसी की सजा

कस्बे के लोगों का कहना है कि आरोपी पिता पर पुलिस सख्त कार्रवाई करे। कस्बे के रहने वाले लोगों ने कहा कि इस तरीके की घटना मन को झकझोर देती है। उन्होंने कहा कि आरोपी को कड़ी सजा मिले। बहेड़ी चेयरमैन पति नसीम अहमद ने आरोपी पिता को फांसी की सजा देने की मांग की है।

बच्ची को मेडिकल के लिये भेजा

एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल का कहना है कि बेटी के चाचा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पिता और सौतेली मां को गिरफ्तार कर लिया गया है। नाबालिग बेटी को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। पूरे में मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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भारत में ओमिक्रॉन के 11 सब वेरिएंट्स मिले, विदेशी यात्रियों की टेस्टिंग में चला पता

दुनिया भर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच भारत में अब तक एयरपोर्ट और बंदरगाह से आए अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच में ओमिक्रॉन के 11 सब-वेरिएंट्स के मिलने की पुष्टि हुई है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक 24 दिसम्बर से 4 जनवरी के बीच में कुल 19,227 अंतरराष्ट्रीय मुसाफिरों की स्क्रीनिंग की गई है।

इस बीच विदेश से आने वाले 124 लोग अब तक पॉजिटिव पाए गए हैं। जिन्हें आइसोलेट किया गया है। वहीं इन संक्रमित मरीजों में 11 सब वेरिएंट्स के मिलने की पुष्टि हुई है। जिसमें तेजी से दुनिया भर में पैर पसार रहा XBB वेरिएंट्स भी शामिल है।

11 सब-वेरिएंट्स की बात की जाये तो XBB 1, 2, 3, 4,5 की संख्या सबसे अधिक पाई गई। वहीं BA.5, BQ 1.1 और BQ1.122, BQ 1. 1.5, CH1.1, CH.1.1.1, BF.7.4.1, BB3 भी संक्रमितों में देखने को मिला है। भारत में अब तक किसी वेरिएंट्स का खास असर देखने को नहीं मिला है।

मगर एक्सपर्ट्स के अनुसार इन सभी वेरिएंट पर भारतीय टीकों ने संतोषजनक असर दिखाया है। इसलिए फिलहाल अब तक नई वैक्सीन की जरूरत नहीं महसूस हुई है। चीन समेत लैटिन अमेरिकी देशों में कोरोना ने हाहाकार मचा दिया है। भारत में भले ही अभी कोरोना का भयावह रूप नहीं दिख रहा है।

लेकिन, ताजा XBB वेरिएंट्स के मामलों में 65 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। अब समझने की बात है कि नवंबर तक तीन चौथाई मामलों में इसके मामले थे। मगर अब यह बढ़कर 65 फीसदी हो गया है। वक्त-वक्त पर एक वेरिएंट या तो डोमिनेंट होता है और या वह ज्यादा स्प्रेड होता है। इस वक्त XBB 11 सब वेरिएंट्स बहुत ज्यादा तेजी से फैल रहा है।

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दिल्ली में एक युवती के साथ खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। दिल्ली के आदर्श नगर में दोस्ती तोड़ने पर युवक ने युवती को चाकू से गोद डाला। सनसनीखेज वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। पीड़िता के गले, पेट और हाथ पर जख्म हो गए हैं। पीड़िता को बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पीड़िता का वरिष्ठ डॉक्टरों के नेतृत्व में इलाज चल रहा है। दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में दोस्ती तोड़ने पर युवती को ताबड़तोड़ चाकू घोंपने वाला युवक हरियाणा के अंबाला से गिरफ्तार किया गया है। आदर्श नगर के मजलिस पार्क में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे आरोपी सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा ने 21 वर्षीय युवती पर चाकू से हमला किया था। युवती को चाकू मारने के बाद सुखविंदर मौके से फरार हो गया।

युवती ने बताया चाकू जैसी कोई चीज किया हमला

घटना की एफआईआर के मुताबिक, युवती ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि आरोपी उसे जबरन एक सुनसान गली में ले गया और उससे दोस्ती तोड़ने का कारण पूछता रहा। एफआईआर में युवती ने बताया, “वह मेरा दोस्त था, लेकिन हाल ही में मैंने उससे दोस्ती तोड़ दी थी। अचानक उसने चाकू जैसी कोई चीज निकाली और मुझ पर वार करना शुरू कर दिया। मैं चीखने लगी और गिर पड़ी, लेकिन कोई बचाने नहीं आया। मेरे गले और माथे से खून निकलने लगा। जिसके बाद सुखविंदर मौके से फरार हो गया

अस्पतला में भर्ती है युवती

हालांकि, युवती के चिल्लाने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग वहां पहुंच गए और उसे पास के एक निजी क्लिनिक में ले गए। बाद में उसे आगे के इलाज के लिए बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने घटना की जांच शुरू की

पुलिस उपायुक्त (उत्तर पश्चिम) उषा रंगनानी ने कहा, भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान अपराध स्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। फुटेज में आरोपी लड़की को चाकू मारता हुआ नजर आ रहा है।

टेक्निकल सर्विलांस से पता चला कि आरोपी दिल्ली से अंबाला भाग गया। डीसीपी ने कहा, पुलिस की एक टीम अंबाला पहुंची और उसे पकड़ लिया। वहीं, पीड़िता की हालत स्थिर है और आगे की जांच की जा रही है।

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अंजलि की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, जानें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की बड़ी बातें

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दिल दहला देने वाले कंझावला केस में अंजलि की डिटेल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। जिसमें शराब का जिक्र नहीं है। तीन डॉक्टरों के पैनल ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में अंजलि का पोस्टमार्टम किया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि अंजलि के शरीर पर जगह-जगह 40 चोट के निशान है।

अंजलि के दोनों घुटने छिले हुए थे। उसकी आंखों, माथे और नाक पर भी चोट के निशान है लेकिन प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान नहीं है। अंजलि के लंग्‍स शरीर से बाहर आ चुके थे। इसके अलावा उसकी बॉडी में ब्रेन नहीं मिला है। हालांकि, अंजलि के यौन उत्पीड़न के संकेत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नहीं मिले हैं। उसे दिल्ली की सड़कों पर 12 किलोमीटर तक घसीटा गया था।

अंजलि की मौत घसीटने से हुई – पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट

रिपोर्ट में बताया गया है कि अंजलि की मौत सिर, रीढ़ की हड्डी और निचले अंगों में चोट लगने के परिणामस्वरूप रक्तस्राव होने के चलते हुई है। इससे पहले मंगलवार को सामने आई आरंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि अंजलि की मौत घसीटने की वजह से हुई थी।

उसके सिर, रीढ़ और शरीर के निचले हिस्से में गंभीर चोट लगी थी। कार से घसीटने की वजह से दोनों घुटने भी डैमेज हो गए थे। अंजलि की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं की गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस फोर्स की मौजूदगी में अंजलि का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

झूठ बोल रही है निधि, अंजलि के परिवार का आरोप

वहीं, आपको बता दें कि दिल्ली के कंझावला केस की मिस्ट्री उलझती जा रही है। 2 दिन बात सामने आई घटना की सबसे अहम चश्मदीद निधि ने दावा किया था कि स्कूटी चलाते वक़्त उसकी दोस्त अंजलि ने शराब पी रखी थी। लेकिन आज आई अंजलि की डिटेल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शराब का कहीं भी जिक्र नहीं मिला है। अंजलि के परिवार का दावा अगर वो ड्रिंक की होती तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसका जिक्र जरूर होता।

परिवार का कहना है कि अंजलि की दोस्त निधि झूठ बोल रही है। उनका कहना है कि अंजलि को 13 किलोमीटर तक बेरहमी से घसीटा गया, ये हादसा नहीं बल्कि हत्या है। इस मामले पर अंजलि की नानी, जिनका नाम कांता है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं उसकी दोस्त निधि की बातों पर विश्वास नहीं करती हूं।

मीडिया ने जब पूछा कि वो (निधि) अंजलि के साथ में गई थी। इस पर नानी ने कहा कि हमारे घर से सिर्फ लड़की अकेली गई है। उन्होंने कहा कि मैं किसी निधि को नहीं जानती हूं। वह सरासर झूठ बोल रही है।

आरोपियों को पता था कि अंजलि कार के नीचे है

निधि ने बताया कि उस रात कार सवार आरोपियों ने जानबूझकर अंजलि को 12 किलोमीटर गाड़ी से घसीटा था। एक्सीडेंट के बाद उन्हें पता चल गया था कि अंजलि कार के नीचे है। वो बचाओ-बचाओ चिल्लाती भी रही लेकिन कार नहीं रूकी। 12 किलोमीटर तक अंजलि घसीटती रही और आख़िर में उसकी मौत हो गई। निधि ने ये भी खुलासा किया है कि उस रात उन्होंने उसके ऊपर भी कार चढ़ाने की कोशिश की थी।

ये दरिंदगी के सिवा कुछ नहीं है – सिसोदिया

मृतका के परिवार से मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि ये दरिंदगी के सिवा कुछ नहीं है। बेटी अकेली कमाने वाली थी। मां बीमार हैं। कल सीएम ने भी बात की थी। सरकार पूरा इलाज करवाएगी। सरकार की ओर से 10 लाख रुपये देंगे। परिवार की मांग थी कि किसी व्यक्ति को नौकरी पर रखा जाए। परिवार के लोगों से कागज मांगे हैं। परिवार गरीब है, तो पार्षद, विधायक और सामाजिक लोगों से गुहार लगाई है कि सभी मदद करें।

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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की बड़ी बातें –

>> शरीर पर 40 चोट के निशान

>> दोनों घुटने छिले हुए थे

>> आंखों, माथे और नाक पर चोट

>> प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान नहीं

>> फेफड़े शरीर से बाहर आ चुके थे

>> बॉडी में ब्रेन नहीं मिला

>> रिपोर्ट में शराब की बात नहीं

नाखूनों से नोंचा फिर पैर पर मारे डंडे, मासूम बच्ची ने रो-रोकर बताई सौतेली मां की करतूत

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में 5 साल की मासूम बच्ची को उसकी सौतेली मां द्वारा टॉर्चर करने का मामला सामने आया है। बच्ची के अनुसार, सौतेली मां हर रोज उसे मारती-पीटती थी। लेकिन वह डर के काऱण किसी से कुछ भी नहीं कहती थी। लेकिन बीते मंगलवार को सौतेली मां ने उसके पूरे शरीर को नाखूनों से नोंच डाला। इसके बाद भी जब उसका मन नहीं भरा तो उसने मासूम के पैरों पर डंडे से मारा।

जिसके बाद मासूम बच्ची ने काम से लौटे पिता को मां के जुल्मों के बारे में बताया। मासूम बच्ची के गले, चेहरे औऱ पूरे शरीर में चोट के निशान हैं। जिसके बाद मासूम बच्ची के पिता ने उसका इलाज कराया। बता दें कि यह मामला सहारनपुर के विकासखंड मुजफ्फराबाद के गांव कुरडीखेड़ा का है।

मां का प्यार मिल सके इसलिए की दूसरी शादी

पीड़ित बच्ची के पिता इसरार ने बताया कि पहली पत्नी की 3 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। बच्ची को मां का प्यार मिल सके इसलिए उन्होंने 2 साल पहले दूसरी शादी कर ली। बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी दूसरी पत्नी उनके सामने मासूम से खूब प्यार करती थी। लेकिन 4 महीने पहले उसने बेटे को जन्म दिया। जिसके बाद दूसरी पत्नी बच्ची को मानसिक और शारीरिक यातनाएं देने लगी। तब से वह बच्ची के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

मेरी पत्नी सौतलेपन की पूरी हद पार कर चुकी है – इसरार

इसरार ने बताया कि मैं जब भी काम से लौटता हूं तो बेटी के चेहरे पर मुस्कान नहीं मायूसी या फिर चोट के निशान देखता हूं। उन्होंने बताया कि जब वह काम पर चले जाते थे तो वह उनकी बेटी को खूब मारती थी। जब वह पत्नी का विरोध करते हैं। तो उनकी दूसरी पत्नी बेटी को कहीं औऱ छोड़ने के लिए कहती है। उसका कहना है कि वह मासूम को मार देगी और बेचने के लिए कहती है।

बदनामी के डर से नहीं उठाया कोई कदम

इसरार ने बताया कि बीते 3 दिसंबर की शाम को जब वह वापस घर लौटे तो देखा कि उनकी बेटी घर के बाहर बैठी हुई थी। जब वह उसके पास गए तो बच्ची के चेहरे और गले पर नाखून से नोंचने के निशान देखे। साथ ही मासूम के पैरों पर भी चोट के निशान थे। इसरार ने बताया कि अभी तक वह बदनामी के डर से पत्नी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा रहे थे।

लेकिन अब वह इस मामले की पुलिस से शिकायत करेंगे। वहीं बिहारीगढ़ इंस्पेक्टर बीनू सिंह ने बताया कि अभी तक मामले पर तहरीर दर्ज नहीं कराई गई है। मामले पर तहरीर मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी और साथ ही उन्होंने आगे कहा कि बच्ची के पिता को आगे आकर इस मामले की शिकायत करनी चाहिए।

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