Monday, April 6, 2026
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मतदाता सूची में अभी जिंदा हैं पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की बहन-बहनोई

नगर निकाय चुनाव से 15 दिन पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण हुआ। बहुत से नाम घटे और बहुत से बढ़े भी। यह प्रक्रिया किस कदर कागजी रही कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जिन रिश्तेदारों की आठ वर्ष पहले मृत्यु हो गई। निकाय की मतदाता सूची में वह अभी तक जिंदा हैं। इनके परिवार के तीन और मृत लोगों का नाम भी मतदाता सूची में शामिल है। मतदान करने के लिए बाकायदा पर्चियां भी घर पर उपलब्ध करा दी गईं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बहन कमला दीक्षित व बहनोई नंद गोपाल की मृत्यु वर्ष 2015 में हो चुकी है। जबकि उनके भांजे अजय दीक्षित की मृत्यु वर्ष 2005 में हुई थी, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी शामिल भी हुए थे।

वहीं दूसरे भांजे अनिल दीक्षित की मृत्यु जनवरी 2021 में और उनकी पत्नी लक्ष्मी दीक्षित की मृत्यु वर्ष 2008 में हो गई थी। इन सभी के नाम नगर निकाय चुनाव की मतदाता सूची में आज भी हैं। इनके पते वार्ड-54 जयपुर हाउस के प्रताप नगर स्थित अलकापुरी (मकान नंबर-42-ए) पर मतदान पर्ची भी बीएलओ की ओर से उपलब्ध कराई गई।

बिक्री कर कार्यालय से मतदान कर निकलीं पूर्व प्रधानमंत्री की भांजा बहू (अजय दीक्षित की पत्नी) व राज्य महिला आयोग की निवर्तमान सदस्य निर्मला दीक्षित ने बताया कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव के दौरान नाम मतदाता सूची से नाम कटवा दिया गया था। इसके बाद भी नगर निकाय की सूची में नाम आ गया है। मतदान पर्ची भी घर पहुंची। ये तो प्रशासन की ओर से घोर लापरवाही हुई है।

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यूपी एसटीएफ ने कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना को एनकाउंटर में किया ढेर

यूपी पुलिस की एसटीएफ ने कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। एसटीएफ ने अनिल दुजाना को मेरठ में एक एनकाउंटर में मार गिराया। अनिल दुजाना ग्रेटर नोएडा का रहने वाला था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनिल दुजाना का काफी खौफ था। दुजाना पर 60 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। उत्तर प्रदेश की पुलिस लंबे अर्से से अनिल दुजाना को तलाश रही थी। दिल्ली-एनसीआर के इलाके में भी उसने अपने खौफ साम्राज्य बना रखा था। कुख्यात बदमाश अनिल दुजाना पिछले काफी समय से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था, लेकिन कुछ समय पहले वह जमानत पर बाहर आ गया।

जेल से बाहर आकर दी थी धमकी

जेल से बाहर आते ही अनिल दुजाना ने जयचंद प्रधान मर्डर केस में उसकी पत्नी और गवाह संगीता को धमकी दी। इसके बाद उच्च अधिकारियों ने एक्शन लेते हुए अनिल दुजाना के खिलाफ पिछले सप्ताह में 2 मुकदमे दर्ज किए। अनिल दुजाना की गिरफ्तारी के लिए नोएडा पुलिस की स्पेशल सेल टीम और एसटीएफ टीम लगी हुई थी। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों के दौरान 7 टीमों ने 20 से भी ज्यादा स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी।

बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था अनिल दुजाना

यूपी एसटीएफ को ऐसी खुफिया सूचना मिली थी कि अनिल दुजाना मेरठ के एक गांव में आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए आने वाला है। इसी खबर पर एसटीएफ ने घेराबंदी की। एसटीएफ की टीम से खुद घिरा देख अनिल दुजाना ने गोलीबारी शुरू कर दी। जानकारी के मुताबिक अनिल दुजाना अकेले स्कार्पियो गाड़ी में सवार था और वह मेरठ अपने गुर्गों से मिलने जा रहा था। एसटीएफ पर दुजाना की तरफ से कुल 15 राउंड फायरिंग की गई जबकि एसटीएफ की तरफ से 6 राउंड फायरिंग की गई। एनकाउंटर में दोनों तरफ से कुल मिलाकर 21 राउंड फायरिंग हुई।

सुंदर भाटी से थी अनिल दुजाना की दुश्मनी

अनिल दुजाना हत्या, फिरौती, डकैती, जमीन कब्जा और सुपारी लेकर हत्या का गैंग चलाता था। गैंगस्टर सुंदर भाटी अनिल दुजाना का कट्टर दुश्मान था। अनिल दुजाना ने अपने साथियों के साथ मिलकर गाज़ियाबाद के भोपुरा इलाके में एक फार्महाउस में सुंदर भाटी पर उसके साले की शादी में अटैक किया था। इसमें उसका साथ गैंगस्टर रणदीप ने भी दिया था, हालांकि उस हमले में सुंदर भाटी बच निकला था। इस हमले में एके47 का इस्तेमाल हुआ था, इसमे तीन लोग मारे गए थे। उसके बाद साल 2014 में सुंदर भाटी गैंग ने बदला लेने के लिए अनिल दुजाना के घर पर हमला किया था, जिसमें अनिल दुजाना का भाई जय भगवान की मौत हो गयी थी।

यूपी समेत कई राज्यों केस दर्ज थे

अनिल दुजाना पर यूपी समेत अन्य राज्यों में लगभग 50 हत्या, रंगदारी, फिरौती आदि के केस दर्ज हैं। ​​​​​​​बादलपुर का अनिल दुजाना गांव कभी कुख्यात सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू के नाम से जाना जाता था। सत्तर और अस्सी के दशक में सुंदर का दिल्ली-एनसीआर में खौफ था। उसने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तक को जान से मारने की धमकी दे दी थी। इसी दुजाना गांव का है अनिल नागर उर्फ अनिल दुजाना, पुलिस रिकॉर्ड में 2002 में गाजियाबाद के कवि नगर थाने में इसके खिलाफ हरबीर पहलवान की हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ।

यूपी में बदमाशों का एनकाउंटर जारी

यूपी में अपराधियों की शामत आई हुई है। योगी सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधियों की कमर तोड़ने में लगी हुई है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद माफियाओं को मिट्टी में मिलाने की हुंकार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सच कर दिया है। माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे असद और शूटर गुलाम का झांसी में एनकाउंटर के बाद अब कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना भी मारा गया है। इसके साथ ही यूपी में एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात अपराधियों का आंकड़ा 184 हो गया है। यूपी में हुए एनकाउंटर में अब गैंगस्टर अनिल दुजाना का नाम भी जुड़ गया। अप्रैल में उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी असद और उसके सहयोगी गुलाम दोनों एनकाउंटर में मारे गए। इस एनकाउंटर के बाद यूपी में सियासी बयानबाजी देखने को मिली थी।

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पहलवानों ने दी मेडल वापस करने की धमकी, बॉर्डर इलाकों में पुलिस अलर्ट पर

यौन उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर यहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों और कुछ पुलिसकर्मियों के बीच कथित तौर पर ‘हाथापाई’ हुई, जिसके कारण कुछ प्रदर्शनकारियों के सिर पर चोटें आई हैं। पुलिस ने बताया कि इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सोमनाथ भारती समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।

सोशल मीडिया मंचों पर उपलब्ध एक वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारियों को एक पुलिस कर्मी पर आरोप लगाते सुना जा सकता है कि उसने शराब के नशे में दो पहलवानों पर हमला किया। वीडियो में आरोपी पुलिसकर्मी बैठा नजर आ रहा है, जबकि प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि अन्य पुलिसकर्मी इस दौरान मूकदर्शक बने रहे।

पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) प्रणव तायल ने कहा कि भारती बिना अनुमति के ‘फोल्डिंग’ (मुड़ सकने वाली) चारपाई लेकर प्रदर्शन स्थल पर आए। पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने कहा कि इस बारे में सवाल किए जाने पर भारती के समर्थक आक्रामक हो गए और ट्रक से चारपाइयां उतारने की कोशिश करने लगे। पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि इसके बाद मामूली कहासुनी हुई तथा भारती और दो अन्य को हिरासत में ले लिया गया।

दिल्ली को चारों तरफ से घेरना पड़ेगा – अभय सिंह चौटाला

इनेलो नेता व ऐलनाबाद से विधायक अभय सिंह चौटाला जंतर-मंतर पर बैठे खिलाड़ियों को लेकर कुछ बड़ा करने की मंशा रख रहे हैं। उन्होंने तो रोहतक में यहां तक ऐलान कर दिया कि केंद्र सरकार की अक्ल ठिकाने लगाने के लिए दिल्ली को चारों तरफ से घेरना पड़ेगा। यही नहीं उन्होंने खाप पंचायतों व राजनीतिक दलों से आह्वान किया है कि इस मामले में एक बैठक बुला करके कोई बड़ा फैसला लिया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश की बेटियों को न्याय मिल सके।

मेडल भारत सरकार को वापस करेंगे – पहलवान बजरंग पुनिया

दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा, ‘अगर मेडल का सम्मान ऐसा ही है तो हम इस मेडल का क्या करेंगे। इससे अच्छा तो हम मामूली जिंदगी जी लेंगे और हमने जो मेडल जीते हैं उसे हम भारत सरकार को वापस कर देंगे। धक्का-मुक्की और गाली गलौज के समय पुलिस को नहीं दिखता की ये पद्म श्री हैं, उन्होंने इस सम्मान की लाज नहीं रखी।’

पहलवान फोगाट ने किसानों और उनके नेताओं से की अपील

फोगाट ने कहा, ‘मुझे अपशब्द कहे गए और पुलिसकर्मियों ने धक्का-मुक्की की। महिला पुलिसकर्मी कहां हैं ?’ पूनिया की पत्नी संगीता ने भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया। पूनिया ने बृहस्पतिवार सुबह किसानों और उनके नेताओं से धरना स्थल पर एकत्र होने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली पुलिस की गुंडागर्दी अब नहीं चलेगी। हम किसानों को यहां बड़ी संख्या में इकट्ठा होने के लिए बुलाएंगे। हम इसे और बर्दाश्त नहीं करेंगे। ट्रैक्टर या ट्रॉली, आपको जो भी मिले, यहां आ जाइए।

बेटियों को न्याय दिलाने के लिए बड़ी लड़ाई लड़नी होगी

अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण भाजपा के सांसद हैं। इसलिए केंद्र सरकार उनको बचाने में लगी हुई है, लेकिन प्रदेश की बेटियों को न्याय दिलाने के लिए बड़ी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियों की इज्जत की बात है। अभय सिंह चौटाला ने कहा, ‘जंतर-मंतर पर बुधवार रात को जिस तरह से धरने पर बैठे खिलाड़ियों के साथ किया गया, वह सरासर गलत है। जंतर मंतर अपनी आवाज उठाने के लिए निर्धारित किया गया है। वे भी खिलाड़ियों से बात करेंगे।’ कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर खिलाड़ियों के साथ फोटो खिंचवाने से कुछ होने वाला नहीं है और दीपेंद्र हुड्डा तो पहलवानी के लायक भी नहीं है।

दिल्ली पुलिस को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया

वही दिल्ली पुलिस ने कहा, ‘दिल्ली में सभी जिलों के डीसीपी को अपने जिलों में, खासकर सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट पर रहने को कहा गया है। मध्य दिल्ली की ओर जाने वाली सड़कों पर विशेष ध्यान रखा जाना है। कई जगहों पर बेरिकेड्स लगा दिए गए हैं। पुलिस को कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं कि बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंच सकते हैं जहां पहलवान प्रदर्शन कर रहे हैं।’

दिल्ली पुलिस गुंडागर्दी पर क्यों उतर आई – स्वाति मालीवाल

वही दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘लड़कियों से मिलना मेरा सिर्फ हक ही नहीं मेरी ड्यूटी है। मुझे समझ नहीं आ रहा दिल्ली पुलिस मेरी ड्यूटी करने में मुझे सहयोग क्यों नहीं कर रही है। दिल्ली पुलिस गुंडागर्दी पर क्यों उतर आई है? दिल्ली पुलिस बृज भूषण को बचाने के लिए और क्या-क्या करेगी ? दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के कहने पर एफआईआर दर्ज़ की है। अभी तक नाबालिग लड़की का बयान तक नहीं लिया गया है। बृजभूषण को गिरफ़्तार करने की जगह दिल्ली पुलिस लड़कियों को परेशान कर रही है।

भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

बुधवार रात को जंतर मंतर पर हुए भारी हंगामे के बाद पुलिस की भारी फ़ोर्स वहां तैनात है। सीआरपीएफ की भी मौजूदगी है, धरना स्थल पर किसी को भी जाने की इजाज़त नहीं है। लोगों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। खिलाड़ियों ने पुलिस पर गम्भीर आरोप लगाए हैं।

read more : यूपी में अब माफिया दिखते हैं व्हीलचेयर पर – सीएम योगी आदित्यनाथ

यूपी में अब माफिया दिखते हैं व्हीलचेयर पर – सीएम योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी ने कहा कि यूपी में अब वह दौर नहीं जब माफिया का राज चलता था। अब प्रदेश में कानून का राज चलता है। भाजपा सरकार ने माफियाओं को व्हीलचेयर पर बैठाने का काम किया है। सरकार विकास के साथ अपराध पर अंकुश लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही रही।

मऊ के जीवनराम इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निकाय चुनाव में नगर पालिका मऊ भाजपा के प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार किया। करीब 20 मिनट तक मुख्यमंत्री ने माफिया मुख्तार अंसारी का नाम लिए बिना जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज चल रहा है और माफिया बदमाश कानून के शिकंजे में हैं। प्रदेश में विकास हो रहा है और जनता की सरकार चल रही है। आज पूरे यूपी में कानून का राज कायम है। जनता में एक नई उम्मीद और विश्वास जगी है।

माफिया खुद व्हीलचेयर पर – सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा कि पूर्व की सरकारों में जहां कानून व्यवस्था को व्हील चेयर पर लाने का काम करते थे, लेकिन अब माफिया खुद व्हील चैयर पर बैठे हैं। जहां पहले की सरकार माफियाओं का साथ देने के साथ खुली छूट देते थे, वहीं वर्तमान सरकार माफियाओं को उनके अंजाम तक पहुंचाने का काम कर रही है। इससे प्रदेश सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता है, क्योंकि यह सरकार जनता की सेहत का ध्यान रखती है।

सीएम योगी ने कहा, देश में डबल इंजन की सरकार

देश में डबल इंजन की सरकार चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में लगातार विकास हो रहा है। कहा कि केंद्र-प्रदेश सरकार जनता के हित में जुटी है। अब जनता को अब अपना कार्य करना है। सीएम की जनसभा में कई कार्यकर्ता बुलडोजर पर सवार होकर पहुंचे। इससे पहले मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर नगर में रूट डायवर्ट कर दिया गया था। जनसभा स्थल के दो किमी दायरे में पूर्णत प्रवेश को बंद कर मुख्य मार्गो पर पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था।

read more : चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान धोनी ने संन्यास को लेकर दिया बड़ा बयान

चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान धोनी ने संन्यास को लेकर दिया बड़ा बयान

चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बारे में कहा जा रहा है कि आईपीएल के मौजूदा सीजन के बाद वह पेशेवर क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट ऐसा सोच रहे हैं कि माही अगले सीजन से इस टूर्नामेंट में नहीं खेलेंगे, लेकिन धोनी के मन में कुछ और ही है। उन्होंने लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ बुधवार (तीन मई) को खेले जा रहे मैच से पहले बड़ा बयान दिया। टॉस के समय न्यूजीलैंड के कमेंटेटर डैनी मॉरिसन ने संन्यास को लेकर पूछा तो धोनी ने मजेदार जवाब दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ”आपने फैसला किया है कि यह मेरा आखिरी आईपीएल है, मैंने नहीं।” धोनी के इस बयान से उनके फैंस काफी खुश हुए हैं। प्रशंसकों में इस बात की उम्मीद जगी है कि चेन्नई के कप्तान अगले सीजन में दिखाई दे सकते हैं।

चेन्नई के कप्तान धोनी ने किया गेंदबाजी का फैसला

टॉस की बात करें तो लखनऊ के खिलाफ धोनी ने टॉस जीता। उन्होंने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। धोनी ने टॉस के दौरान कहा कि आपको मैदान और कंडीशन को देखना पड़ता है। चेन्नई के कप्तान ने यह भी बताया कि दीपक चाहर फिट हो गए हैं और वह आकाश सिंह की जगह टीम में शामिल हुए हैं। दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जाएंट्स की कप्तानी क्रुणाल पांड्या के हाथों में हैं। उन्हें चोटिल केएल राहुल की जगह टीम की कमान मिली है।

आखिरी दौर का आनंद लेना चाहते हैं – कप्तान धोनी

यह पहली बार नहीं है जब धोनी ने संन्यास को लेकर बयान दिया है। इससे पहले उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले के बाद शुक्रवार (21 अप्रैल) को कहा था कि यह उनके करियर का आखिरी दौर है। 41 साल के धोनी ने खुद स्वीकार किया कि वह अपने करियर के आखिरी दौर का आनंद लेना चाहते हैं। ऐसी कई अटकलें हैं कि धोनी का मौजूदा सीजन आखिरी है और आईपीएल 2023 के बाद उनके संन्यास की घोषणा करने की उम्मीद है।

चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान धोनी ने कहा, ”चाहे मैं जितना भी लंबा खेलूं, लेकिन यह मेरे करियर का आखिरी चरण है। इसका लुत्फ उठाना जरूरी है। दो साल बाद प्रशंसकों को यहां आकर देखने का मौका मिला है। यहां आकर अच्छा लग रहा है। दर्शकों ने हमें बहुत प्यार और स्नेह दिया है।

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रूस का बड़ा आरोप, यूक्रेन ने राष्ट्रपति पुतिन की हत्या की कोशिश की

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की हत्या की साजिश रचे जाने का दावा किया गया है। दावा रूस की तरफ से ही किया गया है। रूस का कहना है कि यूक्रेन ने क्रेमलिन पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की। क्रेमलिन ने इसे आतंकवादी कृत्य करार दिया है और जवाब देने के उसके अधिकार तहत कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है।

क्रेमलिन ने एक बयान में कहा कि दो मानवरहित व्हीकल (ड्रोन) को रूस की ओर भेजा गया था। उनके निशाने पर राष्ट्रपति पुतिन का आवास था। ड्रोंस को मार गिराया गया है। हम इसे एक सुनियोजित आतंकवादी कृत्य मानते हैं। यह रूसी संघ के राष्ट्रपति की जान लेने का एक प्रयास था। हमले में पुतिन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। रूस ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के काम करने का कार्यक्रम नहीं बदला गया है। यह हमेशा की तरह जारी रहेगा। हम जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार के तहत काम करेंगे। मौजूदा हालात को देखते हुए यही सह है। मामले में यूक्रेन की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।

दरअसल, पुतिन की हत्या करने की साजिश के तहत रूसी राष्ट्रपति के आवास क्रेमलिन पर ड्रोन से हमले की कोशिश की गई। इसका आरोप यूक्रेन पर लगा है। राहत की बात यह है कि पुतिन को कोई नुकसान नहीं हुआ है। वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हमले की कोशिश बीती रात की गई। क्रेमलिन का कहना है कि नौ मई को विक्ट्री डे परेड से पहले हमले की कोशिश की गई है। हमले के बावजूद नौ मई को होने वाली विक्ट्री डे परेड तय समय पर होगी।

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अपना करियर बनाना कांग्रेस सरकार में संभव नहीं – पीएम मोदी

कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को दोबारा सत्ता में लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताबड़तोड़ प्रचार कर रहे हैं। इसी कड़ी में पीएम मोदी ने मुडबिद्री में अपने एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए युवाओं से अपील की है। पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि अगर आपको अपना करियर बनाना है, अपने मन का काम करना है, तो ये कांग्रेस के रहते संभव नहीं होगा। पीएम ने कहा, “कर्नाटका में अस्थिरता रही, तो आपका भाग्य भी अस्थिर रहेगा। अगर स्थिर सरकार नहीं नहीं, तो आपका भाग्य भी स्थिर नहीं रहेगा, क्योंकि कांग्रेस कर्नाटक में शांति की दुश्मन है और विकास की भी दुश्मन है। कांग्रेस आतंक के आकाओं को बचाती है, तुष्टिकरण को बढ़ाती है।

कांग्रेस ‘देशद्रोहियों’ के साथ साठगांठ करती है – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर देश विरोधी शक्तियों से साठगांठ का आरोप लगाया। पीएम ने कहा, “कांग्रेस ‘देशद्रोहियों’ के साथ साठगांठ करती है और चुनाव के लिए भारत विरोधी ताकतों से मदद लेती है। वे ‘देशद्रोहियों’ पर मुकदमे वापस लेते हैं और वे आतंकी समर्थकों के ढाल बनते हैं।” पीएम ने राजस्थान का हवाला देते हुए कहा कि कुछ साल पहले एक बम धमाका हुआ था। 50 से ज्यादा लोग मारे गए, लेकिन वहां की कांग्रेस सरकार में ब्लास्ट के सभी आरोपी जेल से छूट गए, उनको सजा नहीं दिलवाई।

 पीएम मोदी ने कहा, हमारा कोई रिमोट कंट्रोल नहीं

कर्नाटक के अंकोला में दूसरी चुनावी रैली करते हुए पीएम ने कहा, “हम आपके सेवक हैं, आप जो हुकुम करोगे हम मानेंगे। हमारा कोई रिमोट कंट्रोल नहीं है। अगर हमारा कोई रिमोट कंट्रोल है, तो वे 140 करोड़ हिंदुस्तानी हैं।” वहीं, कांग्रेस ने पीएम मोदी पर बजरंगबली की बजरंगदल से तुलना करने पर माफी मांगने की मांग उठाई है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी सियासी फायदे के लिए बजरंगबली को भी चुनावों में ले आई है।

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खून से लिखा शरद पवार को खत, कहा आम पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भगवान की तरह

शरद पवार की ओर से एनसीपी (NCP) अध्यक्ष पद छोड़ने की घोषणा के एक दिन बाद भी काफी हलचल रही। एनसीपी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक की। एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा कि पवार की बेटी और लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले राष्ट्रीय भूमिका निभाने के लिए एक आदर्श विकल्प हैं। इस बीच पुणे के एक एनसीपी कार्यकर्ता ने खून से एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने शरद पवार से अपना फैसला वापस लेने की अपील की।

शरद पवार मुंबई के यशवंतराव चव्हाण केंद्र में मौजूद थे जहां एनसीपी नेताओं ने अनौपचारिक रूप से चर्चा की, लेकिन वह बैठक में शामिल नहीं हुए। चर्चा से पहले, छगन भुजबल ने कहा कि उनका विचार है कि सुप्रिया सुले राष्ट्रीय भूमिका के लिए आदर्श हैं। क्योंकि उन्हें मुद्दों की अच्छी समझ है। एक सांसद के रूप में वह अच्छा काम कर रही हैं। इसलिए नया अध्यक्ष तय करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। अजित पवार को राज्य (महाराष्ट्र) की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि काम का बंटवारा पहले से ही है।

कार्यकर्ता ने खून से लिखा खत

इस बीच पुणे के एक एनसीपी कार्यकर्ता संदीप काले, जो एक ऑटो रिक्शा भी चलाते हैं। एनसीपी कार्यकर्ता संदीप काले ने शरद पवार को लिखे पत्र में दावा किया कि वह उनके जैसे आम पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भगवान हैं और वे उनके बाद किसकी ओर देखेंगे। उन्होंने शरद पवार से उन्हें व कई अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को अनाथ न बनाने की अपील की और उनसे अपना फैसला वापस लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि मैं पिछले 10 सालों से ऑटो रिक्शा चला रहा हूं और कई सालों से पार्टी का कार्यकर्ता हूं। साहेब का फैसला मुझे पसंद नहीं आया और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए मैंने अपने खून से एक पत्र लिखा और उन्हें भेजा है।

शरद पवार को मनाने में जुटे वरिष्ठ नेता

भुजबल ने बुधवार को कहा कि एनसीपी प्रमुख के पद से इस्तीफा देने की पवार की घोषणा से सभी को झटका लगा है। हम उन्हें अपना फैसला वापस लेने के लिए राजी करेंगे। एनसीपी नेताओं की बैठक के बाद भुजबल ने कहा कि उनके उत्तराधिकारी के बारे में फैसला करने के लिए पवार साहब की ओर से गठित समिति की कोई बैठक नहीं हुई थी। चूंकि हम मुंबई में थे, हम अनौपचारिक रूप से इस बात पर चर्चा करने के लिए मिले कि पवार साहब को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए कैसे राजी किया जाए। भुजबल ने कहा कि मैंने सुप्रिया सुले के संदर्भ में जो कहा, वह मेरा निजी विचार है।

अभी थोड़ा समय चाहिए शरद पवार को

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि आज वाईबी चौहान सेंटर में किसी भी प्रकार की बैठक नहीं थी। सुबह से तरह-तरह की खबर चल रही है, किसी भी प्रकार का कोई निर्णय नहीं हुआ है। उनके (शरद पवार) मन में क्या है ये नहीं पता, मैं आग्रह करता हूं कि अफवाह न फैलाएं, कयास ना लगाएं। पवार साहब को और समय चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रिया सुले का नाम भी अफवाह है। मीडिया में सुबह से जो खबरें चलाई जा रही है वह गलत हैं। उन खबरों में कोई तथ्य नहीं है। मैं अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं हूं, अध्यक्ष पद में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है।

शरद पवार ने मांगे हैं दो-तीन दिन

शरद पवार ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में ये कहकर सबको चौंका दिया था कि वह एनसीपी अध्यक्ष पद छोड़ रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन से संन्यास नहीं ले रहे है। उनकी इस घोषणा से पार्टी नेता और कार्यकर्ता हैरान थे। इस मौके पर कुछ कार्यकर्ता तो रो पड़े और पवार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करने लगे। एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने बाद में एलान किया था कि उनके काका (चाचा) शरद पवार को अपने फैसले पर और सोचने के लिए दो से तीन दिन लगेंगे।

इस्तीफों का सिलसिला शुरू

एनसीपी के एक अन्य नेता जितेंद्र ने दावा किया कि शरद पवार राज्य में राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों के भीष्म पितामह थे। उनकी ऊर्जा हमें ताकत देती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है और ठाणे से पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। महाराष्ट्र को शरद पवार चाहिए, जितेंद्र ने कहा कि शरद पवार से इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया गया है। इस समय राज्य में एक सियासी तूफान चल रहा है और ऐसी स्थिति से लड़ने के लिए शरद पवार के समर्थन की जरूरत है।

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आप नेता संजय सिंह का दावा, ईडी ने चिट्ठी लिखकर जताया खेद

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ईडी (ED) के नोटिस को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि उन्हें ईडी की चिट्ठी मिली है। ईडी ने उन्हें चिट्ठी लिखकर खेद जताया है और कहा है कि चार्जशीट में उनका नाम गलती से आया है। इस मामले को लेकर आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम पर निशाना साधा है। अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि क्या किसी का नाम चार्जशीट में गलती से भी डाला जाता है ? इससे साफ है कि पूरा केस फर्ज़ी है। केवल गंदी राजनीति के तहत देश की सबसे ईमानदार पार्टी को बदनाम करने और सबसे तेजी से बढ़ने वाली पार्टी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री जी ऐसा कर रहे हैं, उन्हें ये शोभा नहीं देता।

संजय सिंह ने केंद्रीय वित्त सचिव को लिखी थी चिट्ठी

इससे पहले आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने केंद्रीय वित्त सचिव को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें उन्होंने ईडी के डायरेक्टर और असिस्टेंट डायरेक्टर के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी। संजय सिंह ने कथित शराब घोटाले में नाम लेने पर ईडी के डायरेक्टर और असिस्टेंट डायरेक्टर के खिलाफ मुकदमा चालाने की अनुमति मांगी।

वही संजय सिंह ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा और असिस्टेंट डायरेक्टर जोगिंदर सिंह ने मेरी छवि को नुकसान पहुंचाया है। इन दोनों अधिकारीयों ने अपने पद का दुरूपयोग किया है। बिना किसी आधार के मेरा नाम लिया गया है। मैंने दोनों अधिकारियों को 48 घंटे का नोटिस दिया था, न अधिकारियो ने जवाब दिया न ही माफी मांगी।

संजय सिंह के नोटिस पर ईडी ने दिया जवाब

वहीं संजय सिंह के इस लीगल नोटिस पर प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से भी जवाब आया है। ईडी ने अपने इस जवाब में कहा है कि संजय सिंह का नोटिस ईडी जैसी नामी जांच एजेंसी को बदनाम करने की कोशिश है। एजेंसी ने इसके साथ ही कहा कि कोर्ट में लंबित मामलों पर मीडिया में टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। प्रवर्तन निदेशालय ने इसके साथ कहा कि, ‘ईडी की चार्जशीट में सजंय सिंह का नाम चार जगह लिखा गया है। इनमें से तीन जगह नाम सही लिखा गया है, सिर्फ एक जगह राहुल सिंह की जगह गलती से सजंय सिंह का नाम लिख गया है।’

ईडी ने कहा कि इस गलती की तरफ 20/4/2023 को एजेंसी का ध्यान आकर्षित किया गया, जिसके बाद उसे सही कर लिया गया है। ईडी ने इसके साथ ही संजय सिंह से आग्रह किया कि वह मीडिया में बयानबाजी ना करें और अपना लीगल नोटिस वापस ले लें।

सप्लीमेंट्री चार्जशीट में था आप नेताओं का नाम

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले पर अपनी तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आप नेताओं संजय सिंह और राघव चड्ढा के नामों का जिक्र किया था। दोनों नेता राज्यसभा सदस्य हैं। चार्जशीट में सिर्फ उनके नाम का जिक्र है, उन्हें मामले में आरोपी के तौर पर नहीं दिखाया गया। सप्लीमेंट्री चार्जशीट हाल ही में राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर की गई थी।

राघव चड्ढा ने क्या कहा ?

इस पर राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर आरोपपत्र में उन्हें एक आरोपी के रूप में नामित किए जाने संबंधी मीडिया में आई खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। उन्होंने कहा कि यह खबरें उनकी प्रतिष्ठा व विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने के लिये एक दुष्प्रचार का हिस्सा प्रतीत होती हैं।

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उमेश पाल मर्डर केस में बड़ा खुलासा, एक और सीसीटीवी फुटेज आया सामने

प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े शूटर्स भले ही ढेर किए जा चुके हो लेकिन इससे जुड़े खुलासों का सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है। अब इस हत्याकांड से जुड़ा एक और सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। यह वीडियो 21 फरवरी का बताया जा रहा है। गतिविधियां देखने के बाद ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि शूटर्स 21 फरवरी को भी उमेश पाल की हत्या करने की तैयारी से आए थे लेकिन आखिरी समय में पुलिस जीप आ जाने से सारी तैयारी धरी की धरी रह गई थी। ठीक ऐसा ही दृश्य 24 फरवरी को भी नजर आया जब शातिरों उमेश पाल पर हमले करके उसकी हत्या को अंजाम दिया था।

उमेश पाल को मारने का प्लान पहले हो चूका था फेल

उमेश पाल को मारने का प्लान 21 फरवरी का बना था। शूटर मौके पर गए भी लेकिन सड़क पर भीड़ और पुलिस की गाड़ियां होने के कारण हत्यारों का ये प्लान फेल हो गया। उमेश पाल के घर के बाहर लगे सीसीटीवी में 21 तारीख का जो वीडियो कैप्चर हुआ है, उससे पूरी घटना समझी जा सकती है। सबसे पहले उमेश पाल की कार रुकती है, फिर पीछे से एक उमेश पाल की कार का पीछा करने वाली क्रेटा कार रुकती है, उमेश अपनी कार से उतर कर घर जाते हैं, फिर क्रेटा कार आगे बढ़ती है।

कार के बाएं साइड में अरमान और गुड्डू मुस्लिम लाल बाईक पर बैठे दिख रहे हैं। उसी दौरान पुलिस की एक जीप गुजरती है। माना जा रहा है कि पुलिस की जीप और सड़क पर भीड़ भाड़ होने के कारण शूटर वारदात को अंजाम न देकर आगे हरवारा की तरफ निकल जाते हैं। हरवारा का रास्ता झलावा होते हुए चकिया जाता है। आशंका है कि सभी शूटर वापस अतीक के चकिया वाले घर चले गए और उसके बाद 24 तारीख को वारदात को अंजाम दिया गया। सीसीटीवी देखने से साफ पता चलता है कि घटना में इस्तेमाल क्रेटा कार भी वही है, लाल रंग की बाईक भी वही है, जिस पर अरमान और गुड्डू मुस्लिम बैठे हैं। बताया जा रहा कि उस्मान और गुलाम भी कार के पीछे रुके और इलेक्ट्रॉनिक शॉप में चले गए। इस सीसीटीवी वीडियो को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

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जंतर-मंतर पहुंचीं आईओए अध्यक्ष पीटी उषा, धरना खत्म करने की अपील

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा आज बुधवार को जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे पहलवानों से मिलने पहुंची हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान पीटी उषा ने धरने पर बैठे खिलाड़ियों से बातचीत कर उन्हें मनाने का प्रयास किया। हालांकि अभी खिलाड़ी इस बारे में बात नहीं कर रहे हैं।

बता दें कि इससे पहले पीटी उषा ने पहलवानों के प्रदर्शन को अनुशासनहीनता बताया था। पीटी उषा ने बीते गुरुवार को भारतीय ओलंपिक संघ की कार्यकारी समिति की बैठक के बाद कहा था कि पहलवानों का सड़कों पर प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता है और इससे देश की छवि खराब हो रही है। पीटी उषा अपने इस बयान लेकर वह घिर गई थीं। खिलाड़ियों सहित राजनीतिक दलों के कई नेताओं ने उनके बयान की आलोचना की थी। इसके अलावा पीटी उषा ने भारतीय कुश्ती संघ को चलाने के लिए तीन सदस्यों का एक पैनल बनाने की बात कही थी।

आप नेता गोपाल राय और सौरभ भारद्वाज

पहलवानों के धरना स्थल पर रोजाना विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में आज आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय और स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज भी आज धरना स्थल पर पहुंचे हैं। इस दौरान गोपाल राय ने कहा कि खिलाड़ियों की एक ही जात हैं कि ये हिंदुस्तानी है। आज के बाद दिल्ली के सभी गांव में पंचायत की जाए ताकि खिलाड़ियों को समर्थन मिले। वहीं, सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बेटियों का अपमान कोई मंजूर नहीं करेगा।

गौरतलब है कि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा के लोकसभा सदस्य बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पहलवानों का धरना आज 11वें दिन भी जारी है।

पीटी उषा धरने पर बैठे खिलाड़ियों से मिलने पहुंचीं

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचीं हैं और 11 दिनों से धरना दे रहे पहलवानों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और संगीता फोगाट से मुलाकात की। इसका वीडियो भी सामने आया है। बजरंग पूनिया और सत्यव्रत कादियान भी वहां बैठे दिखे। पीटी उषा ने पहलवानों से धरना खत्म करने की अपील की। उन्होंने करीब एक घंटे तक पहलवानों से मुलाकात की। पीटी उषा ने मामले में हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।

पहलवानों का सड़क पर प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता – पीटी उषा

करीब एक घंटे की मुलाकात के बाद पीटी उषा जंतर-मंतर से निकल गईं। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने आईओए की कार्यकारी समिति की बैठक के बाद कहा था- पहलवानों का सड़क पर प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता है। इससे भारत की छवि खराब हो रही है। इस बयान का साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने विरोध भी किया था।

पहलवानों के समर्थन में आई दिल्ली कांग्रेस

कांग्रेस स्टीयरिंग कमेटी सदस्य एवं उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव भी जंतर मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों को समर्थन देने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने धरना दे रहे पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया समेत अन्य पहलवानों के साथ बात की। इस दौरान पहलवानों को अपना समर्थन देते हुए देवेंद्र यादव ने कहा था, “आज हमारे भाई, हमारी बहन, हमारी बेटियां जंतर मंतर पर न्याय के लिए बैठे हैं। अगर उन्हें न्याय नहीं मिल रहा तो देश के स्वाभिमान को लेकर इससे बड़ी साजिश कोई नहीं हो सकती।

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आखिर सुप्रीम कोर्ट के जज ने क्यों कहा कि आप नहीं चाहते मैं सुनवाई करूं

सुप्रीम कोर्ट में बिलकिस बानो गैंगरेप केस के दोषियों की रिहाई से जुड़ी याचिका पर आखिरी सुनवाई मंगलवार को एक बार फिर टल गई। गुजरात सरकार द्वारा दोषियों को सजा पूरी होने से पहले छोड़े जाने पर सुप्रीम कोर्ट में बिलकिस बानो सहित कई लोगों के द्वारा याचिकाएं दायर की गई थीं। याचिका में गुहार लगाई गई थी कि गैंगरेप के दोषियों को छोड़े जाने का गुजरात सरकार के फैसले को रद्द किया जाए, लेकिन इस अपील पर अभी तक सुनवाई नहीं हो पा रही है। न्यायाधीश केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना की बेंच ने दो मई को अंतिम सुनवाई की तारीख तय की गई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

झूठा है बिलकिस बानो का हलफनामा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस जोसेफ ने सुनवाई के दौरान दोषियों से कहा कि वे चाहते ही नहीं कि ये बेंच मामले की सुनवाई करे। दोषियों की तरफ से पेश वकीलों ने बिलकिस बानो के हलफनामे पर आपत्ति जताई। बिलकिस ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि दोषियों को मिले नोटिस को डीम्स सर्विस घोषित किया जाए। इस पर दोषियों के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि बिलकिस ने हलफनामा में झूठा दावा किया कि दोषियों ने नोटिस स्वीकार करने से इनकार किया है। वकील के अनुसार दोषियों को नोटिस मिल ही नहीं पाया है, क्योंकि वे शहर में मौजूद नहीं थे।

सुप्रीम कोर्ट के जज केएम जोसेफ हो रहे रिटायर

वकील ने दावा किया कि बिलकिस ने कोर्ट के साथ फ्रॉड किया है, साथ ही बिलकिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद बेंच ने सुनवाई को स्थगित कर दी। ताकि सभी दोषियों के वकील काउंटर हलफनामे में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकें, साथ ही बेंच ने यह भी निर्देश दिया कि जिन भी दोषियों को नोटिस नहीं मिला है। उन्हें उनके थाने के जरिये उपलब्ध कराई जाए। जस्टिस केएम जोसेफ 16 जून को रिटायर हो जाएंगे। उनका आखिरी वर्किंग डे 19 मई को है।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई जुलाई तक स्थगित की

इसके चलते जस्टिस जोसेफ ने छुट्टियों के दौरान मामले की सुनवाई का ऑफर दिया। हालांकि इसपर बिलकिल बानो की वकील राजी हो गईं, लेकिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और दोषियों के वकील नहीं तैयार हुए। वहीं इस सुनवाई पर हो रही देरी को लेकर जस्टिस जोसेफ नाराज हो गए और फिर उन्होंने दोषियों के वकील से कहा कि यह साफ है कि आप नहीं चाहते हैं कि ये बेंच मामले की सुनवाई करे। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई जुलाई तक स्थगित करने का फैसला किया है।

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उसे कुत्ते की मौत मारेंगे…… टिल्लू ताजपुरिया के मर्डर की गोल्डी बराड़ ने ली जिम्मेदारी

तिहाड़ जेल में दिल्ली के टॉप गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की आज सुबह गैंगवार के चलते हत्या हो गई। टिल्लू ताजपुरिया को उसी के ऊपर वाली बैरक में कैद गोगी गैंग के 4 लोगों ने लोहे का जाल तोड़कर रॉड से मार-मारकर मौत के घाट उतार दिया। टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का फेसबुक पोस्ट सामने आया है। इस पोस्ट में गोल्डी बराड़ ने टिल्लू ताजपुरिया की हत्या की जिम्मेदारी ली है।

गैंगस्टर गोगी की कोर्ट में हत्या में शामिल था टिल्लू

बता दें कि आज सुबह गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की तिहाड़ के अंदर 4 अन्य कैदियों ने हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि विरोधी गोगी गैंग के गुर्गे योगेश उर्फ टुंडा और दीपक उर्फ तीतर ने लोहे की रॉड से टिल्लू तेजपुरिया पर हमला किया, जिसमें टिल्लू ताजपुरिया बुरी तरह घायल हो गया।

उसे डीडीयू अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। टिल्लू ताजपुरिया का असली नाम सुनील मान है। वो गैंगस्टर जितेंद्र गोगी का धुर विरोधी था, जिसकी हत्या उसने रोहिणी कोर्ट में तब करवाई थी, जब गोगी को पेशी के लिए कोर्ट में लाया गया था। बताया जाता है कि गैंगस्टर टिल्लू उस वक्त दिल्ली के मंडोली जेल में बंद था और वहीं से उसने गोगी के मर्डर की साजिश रची थी।

टिल्लू ताजपुरिया के मर्डर की गोल्डी बराड़ ने ली जिम्मेदारी
टिल्लू ताजपुरिया के मर्डर की गोल्डी बराड़ ने ली जिम्मेदारी

गोल्डी बराड़ ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा ?

गोल्डी बराड़ ने अपनी फेसबुक (Facebook) पोस्ट में गोल्डी बराड़ ने लिखा, “हांजी सत श्री अकाल जी… राम राम सारे भाइयों को। आज जो टिल्लू ताजपुरिया का मर्डर हुआ है तिहाड़ जेल दिल्ली में, वो हमारे भाई योगेश टुंडा और दीपक तीतर ने किया है। गोगी मान भाई के नुकसान में टिल्लू ने जिम्मेदारी ली थी और ये शुरू से हमारे भाइयों का दुश्मन था। आज गोगी मान ग्रुप वाले भाइयों ने सारे भाइयों का सिर ऊंचा कर दिया बड़े भाई गोगी का बदला लेके… और भी जो कुत्ते जिंदा रह गए हैं उनका भी नंबर जल्दी आएगा। जिस किसी का भी हाथ है हमारे किसी भाई के नुकसान में उसे कुत्ते की मौत मारेंगे।

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दिल्ली शराब घोटाले में ‘आप’ के राघव चड्ढा भी फसें, सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आया नाम

दिल्ली शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली आबकारी नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई है। इस चार्जशीट में दिल्ली शराब घोटाले के जांच की आंच अब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा तक पहुंचती नजर आ रही है, ईडी की इस चार्जशीट में कई बड़े खुलासे हुए हैं।

आबकारी नीति मामले में अब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम सामने आया है। ईडी की चार्जशीट के अनुसार मनीष सिसोदिया के पीएम सी अरविंद ने अपने बयान में राघव चड्ढा का नाम लिया है। चार्जशीट के अनुसार सी अरविंद ने अपने बयान में कहा कि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आवास पर एक बैठक हुई थी। जिसमें राघव चड्ढा पंजाब, पंजाब के एक्साइज कमिश्नर, आबकारी अधिकारी और विजय नायर मौजूद थे। चार्जशीट में राघव चड्ढा के नाम का जिक्र है। हालांकि, आरोपी के तौर पर नाम नही है।

विजय नायर था आप पार्टी का महत्वपूर्ण सदस्य

ईडी (ED) ने चार्जशीट में कहा कि विजय नायर ने अरुण पिल्लई, अभिषेक बोइनपल्ली और बुची बाबू के साथ जूम कॉल को अरेंज कराया था। इसमें कहा गया है कि विजय नायर आम आदमी पार्टी (AAP) का महत्वपूर्ण सदस्य था और आबकारी नीति को मैनेज कर रहा था।

राघव चड्ढा की बढ़ी मुश्किलें

आपको बता दे कैलाश गहलोत नई आबकारी नीति पर विचार करने के लिए गठित मंत्रियों के समूह का हिस्सा थे। गहलोत उस का जीओएम का हिस्सा थे, जिसने कैबिनेट नोट और नई नीति पर पब्लिक कमेंट पर विचार किया था। विजय नायर कैलाश गहलोत के आधिकारिक आवास पर रहते थे। तत्कालीन डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आवास पर हुई एक बैठक में राघव चड्ढा, पंजाब सरकार के एसीएस वित्त, आबकारी आयुक्त वरुण रूजम, एफसीटी, पंजाब आबकारी के अधिकारी और विजय नायर भी मौजूद थे।

क्या राघव चड्ढा की परिणीति चोपड़ा संग हो पाएगी शादी ?

वहीं, आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले राघव चड्ढा और बॉलीवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा को साथ स्पॉट किया गया। जिसके बाद दोनों की शादी की अटकलें तेज हो गई हैं। अभी यह जानकारी भी आ रही है कि दोनों इस महीने शादी कर सकते हैं। हालांकि इस खबर की अब तक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन अगर शराब नीति केस में राघव चड्ढा भी फंस गए तो दोनों की शादी पर संकट आ सकता है।

सीएम केजरीवाल के दिमाग की उपज थी शराब नीति

प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दाखिल चार्जशीट में दावा करते हुए कहा गया है कि दिल्ली की नई आबकारी नीति अरविंद केजरीवाल के ही दिमाग की उपज (Brain Child) थी। इसके साथ ही चार्जशीट में तेलंगाना के सीएम केसीआर की बेटी के कविता का भी जिक्र है। चार्जशीट में कहा गया है कि के कविता ने आबकारी नीति बनने और उसके लागू होने के बाद विजय नायर के साथ कई बार मीटिंग की थी।

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अतीक और अशरफ अहमद की हत्या के बाद प्रयागराज में पहली बार गरजे सीएम योगी

पहले उमेश पाल हत्याकांड, फिर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद से प्रयागराज बीते कुछ समय से चर्चा में बना हुआ है। इस बीच अतीक हत्याकांड के बाद सीएम योगी पहली बार प्रयागराज पहुंचे हैं। सीएम योगी ने कहा, ‘प्रयागराज अपनी आध्यात्मिक और न्याय पाने की धरती के तौर पर जाना जाता है। तुलसीदास ने कहा था कि जो जैसे कर्म करता है, वैसा फल पाता है। जिस प्रयागराज में न्याय मिलता है, कुछ लोगों ने उसे नाइंसाफी और अत्याचार का शिकार बना दिया था। ये प्रकृति सबका हिसाब करती है। प्रयागराज कभी निराश नहीं होने देता।

सबका हिसाब बराबर करके रख देती है प्रकृति – सीएम योगी

सीएम ने कहा, ‘प्रकृति न किसी पर अत्याचार करती है और न किसी अत्याचार को स्वीकार करती है। सबका हिसाब बराबर करके रख देती है।’ उन्होंने कहा, ‘जिस प्रयागराज के संगम में डुबकी लगाकर लोग अपने जन्म और जीवन को धन्य करते हैं, जहां लोग न्याय प्राप्त करने की अभिलाषा से आते हैं, उस धरती को कुछ लोगों ने अन्याय व अत्याचार का शिकार बना दिया था।

युवाओं के हाथों में तमंचा नहीं – सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आज हमारे नगर सेफ सिटी हो रहे हैं। आज युवाओं के हाथों में तमंचा नहीं है क्योंकि उन्हें तमंचे का दुष्परिणाम पता है। आज उनके हाथ में टैबलेट है और यह टैबलेट उसके टैलेंट को टेक्नोलॉजी से जोड़ेगा। उन्होंने कहा, “बीजेपी का मतलब सबका साथ, विकास और विश्वास है। हमारी सरकार में 4 करोड़ गरीबों को एक एक आवास मिल रहा है। लगातार विकास के कार्य हो रहे हैं, हमने किसी के साथ मत और मतभेद के आधार पर नहीं बांटा है।

सीएम योगी ने कहा कि ……………..

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “हम माफिया की अवैध संपत्ति जब्त कर गरीबों को आवास देंगे। तुष्टिकरण को प्रोत्साहन करने वाले भेदभाव करते थे। आज यूपी परिवारवाद और जातिवाद की मानसिकता से ऊपर उठ चुका है। 2017 से पहले का यूपी में त्योहार भय और आतंक से मनाएं जाते थे, लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सभी जानते हैं कि तमंचे की कीमत क्या होती है। कुछ लोगों ने प्रयागराज के साथ अन्याय किया था।

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महाराष्ट्र की सियासत से बड़ी खबर, शरद पवार ने अध्यक्ष पद छोड़ने का किया ऐलान

महाराष्ट्र की सियासत से बड़ी खबर सामने आई है। शरद पवार ने एनसीपी अध्यक्ष पद छोड़ने का फैसला किया है। शरद पवार ने कहा, ‘मैं एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं।’ शरद पवार के इस ऐलान के बाद महाराष्ट्र की सियासत में हड़कंप मच गया है और एनसीपी के कार्यकर्ता शरद पवार के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं।

शरद पवार का कहना है कि वह एनसीपी के अध्यक्ष पद से रिटायर हो रहे हैं। शरद पवार ने कहा कि अब मैं चाहता हूं कि एनसीपी की जिम्मेदारी कोई और संभाले। मैंने कई साल तक पार्टी की जिम्मेदारी संभाली है और अब पार्टी का नेतृत्व नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में सक्रिय रहेंगे, लेकिन पार्टी अध्यक्ष पद से रिटायर होना चाहते हैं। लेकिन एनसीपी के कार्यकर्ता उनसे ये फैसला वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

महाराष्ट्र की सियासत में हलचल हुई तेज

शरद पवार के इस ऐलान के बाद महाराष्ट्र की सियासत में हलचल तेज हो गई है। हाल ही में एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र में अगला सीएम एनसीपी का ही होगा। वहीं पाटिल के इस बयान पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने कहा था, ‘जयंत पाटिल ने सीएम पद का जो दावा किया है, नेता इस तरह का बयान अपने पार्टी कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाने के लिए देते हैं। लेकिन सीएम पद पर कौन सी पार्टी का नेता बैठेगा, यह महाविकास अघाड़ी के नेता बात करके तय करेंगे। जयंत पाटिल को दावा करने दीजिए, सीएम महाविकास अघाड़ी का होगा।

सीएम पद को लेकर क्यों हैं चहल-पहल ?

ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला शिवसेना के 16 विधायकों की योग्यता को लेकर आना बाकी है। ये विधायक शिवसेना में बगावत करके बीते साल शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। इन विधायकों में सीएम एकनाथ शिंदे भी हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी आएगा, वह तो बाद की बात है लेकिन आशंका अभी से जताई जा रही है कि महाराष्ट्र में वर्तमान सरकार गिर सकती है और शिंदे का सीएम पद जा सकता है। ऐसे में चर्चा इस बात की है कि सीएम किस पार्टी का बनेगा।

संगठन में बदलाव का इशारा कर चुके हैं शरद पवार

इससे पहले पिछले हफ्ते शरद पवार ने मुंबई में आयोजित युवा मंथन कार्यक्रम में रोटी पलटने की बात कह डाली। शरद पवार बोले, ‘किसी ने मुझे कहा कि रोटी सही समय पर पलटनी होती है और अगर सही समय पर नहीं पलटी तो वो कड़वी हो जाती है। अब सही समय आ गया है रोटी पलटने का, उसमें देरी नहीं होनी चाहिए। इस बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को आग्रह करूंगा की वो इस पर काम करें।’ शरद पवार का ये बयान ऐसे समय आया था, जब उनके भतीजे और एनसीपी नेता अजित पवार के नए राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रहीं हैं। दावा किया जा रहा है कि वह भाजपा के साथ हाथ मिला सकते हैं। हालांकि, अजित पवार इन अटकलों को खारिज भी कर चुके हैं।

तो शरद पवार भतीजे या बेटी को पार्टी की कमान सौंप सकते हैं 

शरद पवार ने युवा मंथन कार्यक्रम में अपनी बात रखी है। ऐसे में हो सकता है कि अब शरद पवार पार्टी की जिम्मेदारी किसी युवा हाथों में देना चाहते हों। इसमें दो बड़े नाम हैं। पहला उनकी बेटी सुप्रिया सुले और दूसरा उनके भतीजे अजित पवार हैं। अजित पवार को लेकर हाल के दिनों में कई अटकलें लग चुकी हैं। संभव है कि पवार इन्हीं दोनों में से किसी एक को पार्टी की कमान सौंप दें। इसके जरिए वह युवाओं के बीच संदेश देना चाहते हों कि एनसीपी में युवाओं के लिए अवसर है और एनसीपी युवाओं को आगे बढ़ाती है।

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फिर तिहाड़ में गैंगस्टर की हत्या , इस बार गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हुई हत्या

दिल्ली का टॉप गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की तिहाड़ के अंदर गैंगवार के चलते आज सुबह हत्या हो गई। देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले दिल्ली के तिहाड़ जेल में टिल्लू ताजपुरिया की हत्या हो गई। बताया जा रहा है कि विरोधी गैंग के योगेश उर्फ टुंडा और दीपक उर्फ तीतर ने लोहे की रॉड से टिल्लू तेजपुरिया पर हमला किया, जिसमें टिल्लू ताजपुरिया की मौत हो गई। जबकि टिल्लू के सेल में बंद दूसरे कैदी रोहित को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिसका इलाज डीडीयू अस्पताल में चल रहा है।

लोहे की ग्रिल तोड़कर टिल्लू की सेल में घुसे

अब सवाल ये उठता है कि देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले तिहाड़ जेल में गैंगस्टर का मर्डर कैसे हो गया। दरअसल, गैंगस्टर टिल्लू तेजपुरिया और योगेश टुंडा एक दूसरे के धुर विरोधी हैं। योगेश टुंडा जहां जेल नंबर 8 में बंद था तो वहीं, टिल्लू ताजपुरिया जेल नंबर 9 में बंद था। बताया जा रहा कि टिल्लू ताजपुरिया और योगेश टुंडा के सेल के बीच में लोहे का ग्रिल था। योगेश टुंडा ने अपने साथी कैदी दीपक उर्फ तीतर के साथ मिलकर लोहे की ग्रिल को तोड़ा और टिल्लू तेजपुरिया के सेल में घुस गया।

जहां दोनों ने लोहे की रॉड से टिल्लू पर अटैक कर दिया। इस दौरान टिल्लू के साथी कैदी रोहित पर भी हमला किया। हमले के बाद दोनों को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने टिल्लू ताजपुरिया को मृत घोषित कर दिया।

मंडोली जेल में बैठकर टिल्लू ने करवाया रोहिणी कोर्ट शूटआउट

टिल्लू ताजपुरिया का असली नाम सुनील मान है। वो गैंगस्टर गोगी का धुर विरोधी था, जिसकी हत्या उसने रोहिणी कोर्ट में तब करवाई थी, जब गोगी को पेशी के लिए कोर्ट में लाया गया था। बताया जाता है कि गैंगस्टर टिल्लू उस वक्त दिल्ली के मंडोली जेल में बंद था और वहीं से उसने गोगी के मर्डर की साजिश रची थी। गोगी और टिल्लू की दुश्मनी कॉलेज के दिनों से ही थी। टिल्लू ताजपुरिया का संबंध नीरज बवाना गुट से भी रहा है और उसके ऊपर हत्या, रंगदारी और जमीन कब्जा के कई मामले दर्ज हैं।

लॉरेंस बिश्नोई के खास गोगी की टिल्लू ताजपुरिया ने करावाई थी हत्या

टिल्लू ताजपुरिया पर दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में गैंगस्टर जिंतेंद्र गोगी की हत्या करवाने का आरोप था। ये हत्या कोर्टरूम में कई गयी थी। जितेंद्र गोगी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का बेहद खास था। फिलहाल जितेंद्र गोगी का गैंग गैंगस्टर दीपक बॉक्सर संभाल रहा था जिसे स्पेशल सेल हाल ही में मैक्सिको से पकड़ कर लायी थी। सूत्रों के मुताबिक दीपक बॉक्सर भी अभी तिहाड़ जेल में बंद है। तिहाड़ जेल में 1 महीने में ये दूसरे गैंगस्टर की हत्या है।

इससे पहले प्रिंस तेवतिया की हत्या की गई थी, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य था। तिहाड़ प्रशासन ने साफ किया कि टिल्लू पर हमला गोगी गैंग के 4 बदमाशों ने किया। इन चारों ने लोहे की रोड और सूए से टिल्लू पर हमला किया। बताया जा रहा है कि टिल्लू पर 40 से ज्यादा सूए से वार किए गए।

टिल्लू की हत्या के पीछे रोहित मोई का नाम सामने आया

तिहाड़ जेल के डीजी ने बताया कि टिल्लू पर हमला सुबह 6:15 बजे किया गया था। ये चारों बदमाश जेल नंबर 9 की फर्स्ट फ्लोर पर बंद थे और इन्होंने ने लोहे की ग्रिल काटकर चादर की मदद से ग्राउंड फ्लोर पर कूदे, जहां हाई सिक्योरिटी जेल मे बंद टिल्लू पर इन्होंने हमला किया। टिल्लू की हत्या के पीछे गोगी के राइट हैंड रोहित मोई का नाम सामने आ रहा है। रोहित मोई भी तिहाड़ जेल में बंद है।

बिश्नोई गैंग का कई गैंग्स के साथ गठजोड़

26 अगस्त 2022 को टिल्लू ताजपुरिया और कई और गैंगस्टर के खिलाफ एनआईए (NIA) ने एफआईआर (FIR) दर्ज की थी। उस एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि ये गैंगस्टर विदेश में बैठे लोगों के साथ साजिश कर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं। बताया जाता है कि जितेंद्र गोगी गैंग, संदीप उर्फ काला जठेड़ी गैंग और लारेंस बिश्नोई गैंग। ये तीन गैंग आपस में हाथ मिलाकर एक साथ काम करते हैं।

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गैंगस्टर एक्ट में माफिया मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी दोषी करार

माफिया मुख्तार अंसारी पर गैंगस्टर मामले में गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आ गया। कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही पांच लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। साथ ही कोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी को भी दोषी करार किया है।

कोर्ट ने अफजाल अंसारी को चार साल की सजा सुनाई है साथ ही एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। दो साल से ज्यादा की सजा होने के कारण अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता भी खत्म हो गई।

बता दें कि शनिवार सुबह से ही गाजीपुर के एसपी कार्यालय के बाहर न्यायालय जाने वाले मार्ग को बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया था। पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। वहीं, न्यायालय में फैसला आने को लेकर गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी सुबह 10.45 बजे कोर्ट में पहुंच गए थे।

मुख्तार अंसारी बांदा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। गाजीपुर के स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट के इस फैसले के बाद बीएसपी (BSP) से लोकसभा सांसद अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता भी खत्म हो गई।

अफजाल अंसारी की जाएगी लोकसभा सांसदी

गाजीपुर के स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट के इस फैसले के बाद बीएसपी से लोकसभा सांसद अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता भी खत्म हो गई। बता दें कि कोर्ट ने यह सजा 16 साल पुराने के मामले में सुनाई है।

कोर्ट में सजा सुनाए जाने के समय अफजाल अंसारी कटघरे में मौजूद रहा वहीं मुख्तार को बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। बता दें कि दोनों के खिलाफ बीजेपी नेता कृष्णनंद राय की हत्या के मामले में केस दर्ज किया गया था।

ये है मामला

मुख्तार अंसारी के खिलाफ ये मामले बीजेपी के दिवंगत विधायक कृष्णानंद राय और नंदकिशोर गुप्ता की हत्या के मामले में दर्ज किया गया था। मुख्तार और अफसाज अंसारी के खिलाफ केस 2007 में मुहम्मदाबाद थाने में दर्ज किया गया था।

इस केस की सुनावाई के दौरान मुख्तार अंसारी वीडियो कॉफ्रेंसिंग की जरिए बांदा जेल से जुड़े थे। 2005 में मुहम्मदाबाद स्थित बसनिया चट्टी के पास कृष्णानंद राय की हत्या कर दी गई थी।

कृष्णानंद राय के साथ ही सात लोगों की हत्या की गई थी। अभी मुख्तार अंसारी यूपी स्थित बांदा जेल में बंद हैं, हालांकि बीते 15 अप्रैल को ही इस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

लेकिन शनिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया, फैसला सुनाए जाने से पहले गाजीपुर में आदलत के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कोर्ट के बाहर भारी सख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात थे, बता दें कि मुख्तार अंसारी मऊ विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुका है।

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जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं – बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह

महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष और बीजेपी (BJP) सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस में शुक्रवार को दो प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके साथ ही सांसद के इस्तीफे की मांग भी तेज हो गई है, जिसको लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने अब जवाब दिया है।

सांसद ने कहा है कि ‘दिल्ली पुलिस पर भी मुझे पूरा भरोसा है। मैं पूरी तरह से इन आरोपों को सामना करने के लिए तैयार हूं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश मेरे लिए सर्वमान्य है। मुझे जांच एजेंसी पर पूरा विश्वास है। कई महीनों से लगातार आरोप पर आरोप लगाया जा रहा है, इससे मुझे भी कष्ट होता है। मैं उम्मीद करता हूं कि एजेंसी निष्पक्ष जांच करे और शीघ्र ही जांच करें, मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है।

इस्तीफा कोई बड़ी चीज नहीं – बृजभूषण सिंह

बृजभूषण सिंह ने आगे कहा कि, ‘मैं बताना चाहता हूं कि, इसमें फेडरेशन का रोल नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों की मांग लगातार बदलती रहती है। मेरा कार्यकाल लगभग पूरा हो गया है, जब तक नई बॉडी नहीं बन जाती इस्तीफा कोई बड़ी चीज नहीं है। लेकिन अपराधी की तरह नहीं मैं अपराधी नहीं हूं। मैंने एक ऑडियो दिया है, जिसमें कोई खिलाड़ी ये कह रहा है कि किसी भी लड़की का इंतजाम कर दो। ये पद जो मेरे पास है ये विनेश फोगट की कृपा से नहीं है। मैं चुनाव लड़कर जीता हूं। यहां की जनता ने मुझे ये पद दिया है। एक ही अखाड़ा एक ही परिवार के साथ ऐसा होता है क्या ?

इस मुद्दे का पार्टी से कोई लेना देना नहीं – बृजभूषण सिंह

बृजभूषण सिंह का कहना है कि, ‘धरने पर बैठे ये लोग 15 दिन पहले तक मेरी तारीफ करते थे। इसके पीछे एक उद्योगपति का हाथ है और कांग्रेस का हाथ है। वहीं आज दिखयी भी पड़ गया कि किसका हाथ है। मुझे अपने बारे में पता है और देश को भी रिपोर्ट आने के बाद पता चल जाएगा कि सच्चाई क्या है। उनको पुलिस पर भरोसा नहीं है। मैं जेपी क्रांति में कई बार जेल गया हूं। राम भूमि जन्म मुद्दा हो या कोई और कभी कुछ साबित नहीं हुआ है।

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव मुझे बचपन से जानते हैं। ज्यादातर पहलवान उत्तर प्रदेश से आते हैं, कांग्रेस के समाजवादी के नेता मुझे जानते हैं। इस मुद्दे का पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। मैं किसी दबाव में नहीं हूं, साफ सुथरा होकर छीटें साफ करके आपसे फिर मिलेंगे।

साक्षी मलिक ने कहा

वहीं पहलवान साक्षी मलिक कहा कहना है कि, ‘हम खिलाड़ी हैं और हम किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन नहीं करते है. यहां आकर जो भी हमारे धरने को भटकाने की कोशिश कर रहा है, उसका जिम्मेदार वो खुद होगा हम नहीं होंगे.’

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मनीष सिसोदिया की फिर टूटी उम्मीद, ख़ारिज हुई जमानत याचिका

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को एक बार फिर कोर्ट से राहत नहीं मिली। उन्होंने शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। अब जानकारी सामने आ रही है कि वह हाईकोर्ट का रूख करेंगे। ईडी ने सिसोदियो को नौ मार्च को शराब नीति घोटाले मामले में गिरफ्तार किया था।

वहीं सिसोदिया के साथ आरोपी बनाए गए राजेश जोशी और गौतम मल्होत्रा की जमानत याचिकाओं पर आदेश को छह मई तक के लिए टाल दिया है। इससे पहले 26 अप्रैल को कोर्ट ने ईडी द्वारा जांच की जा रही आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत पर फैसला सुनाना था लेकिन इसे आज तक (28 अप्रैल) के लिए टाल दिया गया था।

कोर्ट ने न्यायिक हिरासत 12 मई तक बढ़ाई

बता दें कि आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आप नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को ईडी ने 9 मार्च को मामले में गिरफ्तार किया था। आज कोर्ट ने इसी मामले में सिसोदिया की तरफ से दाखिल जमानत याचिका ख़ारिज की है। वहीं इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने ही सीबीआई मामले में मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत को 12 मई तक के लिए बढ़ा दिया था। आप नेता मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने कई दौर की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था।

महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी मनीष सिसोदिया ने

मनीष सिसोदिया को ईडी की हिरासत में भेजते हुए अदालत ने कहा था कि आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में सिसोदिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी गिरफ्तारी उचित है। ईडी ने आरोप लगाया है कि कुछ निजी कंपनियों को 12% का थोक व्यापार लाभ देने की साजिश के तहत आबकारी नीति लागू की गई थी।

मनीष सिसोदिया ने 14 फोन नष्ट किए

एजेंसी ने यह भी कहा था कि एक साजिश थी जिसे थोक विक्रेताओं को असाधारण लाभ मार्जिन देने के लिए साउथ ग्रुप के साथ विजय नायर और अन्य व्यक्तियों द्वारा समन्वित किया गया था। यह तर्क दिया गया कि विजय नायर दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की ओर से कार्य कर रहे थे। सबूत नष्ट करने पर ईडी ने कहा है कि मनीष सिसोदिया ने 14 फोन नष्ट किए, जिनमें से केवल दो बरामद किए गए। यह भी कहा गया कि आप नेता ने सिम कार्ड और फोन का इस्तेमाल किया जो अन्य व्यक्तियों के नाम से खरीदे गए थे।

सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को बनाया आरोपी

वहीं कोर्ट में सुनवाई के दौरान मनीष सिसोदिया के वकील ने कहा कि सीबीआई को यह बताना चाहिए कि जांच पूरी हुई है या नहीं ? फिर जब कोर्ट ने सीबीआई के वकील से यह सवाल किया तो उन्होंने बताया कि जांच पूरी हो गई है। बता दें कि सीबीआई ने 25 अप्रैल को राउज एवेन्यू कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें मनीष सिसोदिया को आरोपी बताते हुए नामजद किया था। कोर्ट अब इस मामले में 12 मई को अगली सुनवाई करेगा।

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सांसद बृज भूषण शरण सिंह की बढ़ेंगी मुश्किलें, होगी एफआईआर दर्ज

महिला पहलवानों के धरना प्रदर्शन मामले में सांसद बृज भूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वह इस मामले में आज एफआईआर दर्ज करेंगे। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी है। महिला पहलवान बृज भूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रही हैं और इसी मांग को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया कि दिल्ली पुलिस आज एफआईआर दर्ज करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया था दिल्ली पुलिस को नोटिस

बता दें कि बीते कई दिनों से धरने पर बैठीं महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में मांग की गई थी कि भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। पहलवानों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। आज सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि वह आज इस मामले में एफआईआर दर्ज करेंगे।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ ?

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि वह महिला पहलवानों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी करे और इसकी मॉनिटरिंग के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश को नियुक्त किया जाए। दिल्ली पुलिस की तरफ से कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ये सभी मामले पुलिस द्वारा देखे जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को हलफनामा देने का भी निर्देश दिया। पहलवानों की तरफ से पेश हुए वकील कपिल सिब्बल ने सुरक्षा की मांग की। जांच के लिए एसटीएफ (STF) के गठन का भी अनुरोध किया। इस पर सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि यह विषय दिल्ली पुलिस कमिश्नर पर छोड़ देना चाहिए। सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में जांच होनी चाहिए। इस पर तुषार मेहता ने कहा कि अब यह मांग कुछ अधिक है। पुलिस कमिश्नर ज़िम्मेदार अधिकारी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि……..

इसके बाद सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सॉलिसीटर जनरल हम आपका वक्तव्य रिकॉर्ड कर लेते हैं। एक हफ्ते बाद हमें आगे की जानकारी दी जाए। सॉलिसीटर जनरल ने इस पर कहा कि यह उचित नहीं है। हर मामले में सीधे कोर्ट की या पूर्व जज की निगरानी की मांग की जाती है। शायद खिलाड़ी खुद नहीं जानते कि उनके नाम पर कुछ और भी चल रहा है। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की बात कही है। हम अभी जांच के लिए एसटीएफ (STF) बनाने पर कुछ नहीं कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि नाबालिग खिलाड़ी पर खतरे की समीक्षा कर पुलिस कमिश्नर उसे सुरक्षा दें, बाकी खिलाड़ियों की सुरक्षा की भी समीक्षा हो और फिर अगले शुक्रवार को मामला दोबारा सुनवाई के लिए लगाया जाएगा।

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माफिया ब्रदर्स की हत्या पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा – इधर-उधर परेड क्यों करवाई गई ?

माफिया डॉन अतीक और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर शीर्ष अदालत में सुनवाई हुई। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से कहा कि पुलिस कस्टडी में हर दो दिन में आरोपियों का मेडिकल करवाना पड़ता है। इस दौरान माफिया ब्रदर्स की हत्या पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल पूछा कि इधर-उधर परेड क्यों करवाई गई ? अतीक-अशरफ को सीधे एंबुलेंस से अस्पताल के अंदर क्यों नहीं लाया गया ?

इस सवाल के जवाब में कोर्ट में यूपी सरकार की तरफ से मौजूद वकील मुकुल रोहतगी ने कहा, हमने मामले की जांच किए जाने को लेकर एसआईटी (SIT) बनाई है और हाईकोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में आयोग गठित कर मामले की जांच कर रहे हैं। रोहतगी के इस बयान पर याचिकाकर्ता ने बीच में ही टोकते हुए कहा, मैं 2017 से अब तक हुए एनकाउंटर की जांच की भी मांग कर रहा हूं।

तीन हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे यूपी सरकार – सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने रोहतगी के इस बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए यूपी सरकार से आने वाले तीन हफ्तों के अंदर अतीक-अशरफ हत्याकांड की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। अदालत ने यूपी सरकार को इस मामले में फिलहाल कोई नोटिस जारी नहीं किया है। याचिकाकर्ता ने कहा यूपी में इससे पहले 2020 में विकास दुबे नाम के एक व्यक्ति का एनकाउंटर हुआ था। इस पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए कहा, हां विकास दुबे एनकाउंटर हुआ था। इस पर यूपी सरकार के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा, उसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस बी एस चौहान ने की थी, और विकास दुबे के एनकाउंटर के मामले में पुलिस की कोई भी कमी नहीं पाई गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने असद के एनकाउंटर पर भी मांगा जवाब

इस पर याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि कमीशन सिर्फ इस मामले में गठित की गई है, लेकिन बाकी के मामलों का क्या ? इस पर वकील रोहतगी ने कोर्ट से कहा कि जिस आदमी की हत्या हुई वो और उसका परिवार लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। मुकुल रोहतगी के बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से आने वाले तीन हफ्तों में एफिडेविट फाइल करने को कहा। एफिडेविट में बताना होगा कि इस घटना के बाद यूपी सरकार ने क्या कदम उठाए ? सुप्रीम कोर्ट ने अतीक के बेटे असद के एनकाउंटर पर भी जवाब रिपोर्ट फाइल करने को कहा है। मामले में अब 3 हफ्ते बाद सुनवाई होगी।

माफिया ब्रदर्स की 15 अप्रैल की रात हुई थी हत्या

गौरतलब है कि माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की 15 अप्रैल की रात 10:30 बजे के करीब उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब पुलिस इनका मेडिकल कराने के लिए अस्पताल लेकर गई थी। पुलिस जब अतीक का मेडिकल करवाने अस्पताल के अंदर जा रही थी, तभी मीडिया कर्मी बनकर आए तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी। माफिया ब्रदर्स की मौके पर ही मौत हो गई।

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