Thursday, April 9, 2026
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रविचंद्रन अश्विन बने सबसे तेज 450 विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज गुरुवार (नौ फरवरी) को शुरू हुई। नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम मैच के पहले दिन टीम इंडिया के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने मैच के पहले दिन एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने टेस्ट करियर में 450 विकेट पूरे कर लिए।

आर अश्विन टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 450 विकेट पूरे करने वाले दूसरे गेंदबाज बन गए। उन्होंने 89वें टेस्ट में यह आंकड़ा छू लिया। वहीं अनिल कुंबले ने 93वें मैच में ऐसा किया था। उनसे तेज सिर्फ श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन ने 450 विकेट लिए थे। मुरलीधरन ने 80 मैच में यह उपलब्धि हासिल किए थे। आर अश्विन के 450वें शिकार एलेक्स कैरी बने।

उन्होंने 54वें ओवर की पहली गेंद पर एलेक्स कैरी को क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके अलावा अश्विन पहले ऐसे एशियाई क्रिकेटर भी बने जिनके नाम 3000 टेस्ट रन और 450 विकेट दर्ज हैं।

रविचंद्रन अश्विन ने कुंबले को छोड़ा पीछे

आर अश्विन इस आंकड़े तक पहुंचने वाले भारत के दूसरे गेंदबाज हैं। उनसे पहले अनिल कुंबले ने ऐसा किया था। कुंबले के टेस्ट में 619 विकेट हैं। भारत के पूर्व कप्तान कुंबले की बात करें तो उन्होंने अपने 93वें टेस्ट में 450वां विकेट लिया था। आठ मार्च 2005 को पाकिस्तान के खिलाफ मोहाली में उन्होंने 450 विकेट पूरे किए थे।

अभी तक वह 452 विकेट ले चुके हैं और वह मौजूदा सीरीज में अपने से ऊपर काबिज 460 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के नाथन लायन को पीछे छोड़ सकते हैं। इस सूची में टॉप पर 800 विकेटों के साथ मुथैया मुरलीधरन और दूसरे नंबर पर दिवंगत शेन वार्न 708 विकेटों के साथ हैं ।

read more : भूकंप में गई परिवार के 25 लोगों की जान, लाशों से लिपट कर रोता रहा अहमद इदरीस

भूकंप में गई परिवार के 25 लोगों की जान, लाशों से लिपट कर रोता रहा अहमद इदरीस

तुर्की और सीरिया में भूकंप ने हजारों लोगों के जीवन को तहस-नहस कर दिया है। इस आपदा में मरने वालों की संख्या 15 हजार से ज्यादा पहुंच चुकी है। कई परिवार ऐसे हैं, जो पूरी तरह तबाह हो गए और उनका कोई नामोनिशान नहीं बचा है। सीरिया के सराकिब शहर के अहमद इदरीस की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक सीरियाई शरणार्थी ने तुर्की और सीरिया में आए 7.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में अपने परिवार के 25 सदस्यों को खो दिया।

इस शरणार्थी का नाम अहमद इदरीस है। उनका पूरा परिवार युद्धग्रस्त सीरिया से भागकर आश्रय खोजने के लिए तुर्की की सीमा पर बने शेल्टर होम आया था। एक विस्थापित सीरियाई अमहद इदरीस ने न्यूज एजेंसी एएफपी से बातचीत में कहा कि 2012 में मेरा पूरा परिवार सरायकिब में शरण लेने पहुंचा था। साल 2020 में सीरियाई सेना ने सरायकिब को फिर से अपने कब्जे में ले लिया था। हम अपने लिए सुरक्षित शेल्टर की खोज में यहां आए थे, लेकिन देखो यहां भाग्य ने हमारे साथ क्या कर दिया ?

अहमद इदरीस ने पाया चारों ओर शवों के ढेर

इदरीस मुर्दाघर पहुंचे तो पाया कि चारों ओर शवों के ढेर थे। इन ढेरों के बीच वह एक-एक कर अपने परिवार वालों की पहचान करते और उनके शवों के पास बैठकर भाग्य को कोसते। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक अपने मृत पोते से लिपटते हुए इदरीस ने आसमान की ओर देखकर कहा- ‘तुमने मेरा दिल दुखाया है। जो कुछ हुआ है उसके साथ, मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो सकता है। मैंने अपनी बेटी खो दी, उसके दो बेटे, मेरी बेटी के ससुर का परिवार और उसकी सास साथ में उनके बेटे। जिनमें से एक के बच्चे भी थे, एक बड़ा परिवार और कई बेटे भी…सबकुछ खत्म !

दर्द भरी है इदरीस की कहानी

इदरीस की कहानी इतनी दर्दभरी है, जिसे सुनकर कोई भी भावुक हो जाएगा। एक तरफ इदरीस के पोते का शव पड़ा हुआ है, दूसरी तरफ इदरीस की बेटी और बेटे के शव पड़े हैं। दामाद समेत इदरीस के परिवार के अहम सदस्य अब सिर्फ शव के रूप में उनके सामने हैं। इदरीस बताया कि हम 2012 से युद्ध की विभीषिका झेल रहे हैं।

सीरिया छोड़कर आश्रय लेने सरायकिब आए लेकिन अन्याय को देखो जो हमारा पीछा कर रहा है, यहां भी हमारे साथ बुरा हुआ। गत 6 फरवरी को आए 7.8 तीव्रता के भूकंप से तुर्की और सीरिया में अब तक 15000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यह एक दशक से अधिक समय में सबसे घातक भूकंपीय घटना है। साल 2015 में नेपाल में तबाही मचाने वाले 7.8 तीव्रता के भूकंप से मरने वालों की संख्या यहां अधिक है। नेपाल की त्रासदी में 8,800 से अधिक लोग मारे गए थे।

20,000 तक हो सकती है मरने वालो की सख्या – डब्ल्यूएचओ

तुर्की और सीरिया में बचाव दल भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त हुए घरों के मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं। सभी बाधाओं के बावजूद, 7.8 तीव्रता के भूकंप के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी खोजी दल लोगों को मलबे से निकाल रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि दोनों देशों में कई और मृतकों के मिलने की संभावना है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हताहतों की संख्या कल तक 20,000 तक पहुंच सकती है।

इसी बीच भारतीय सेना और NDRF की टीमों ने तुर्की में मोर्चा संभाल लिया है। भारतीय सेना ने भूकंप प्रभावित इलाकों में फील्ड हॉस्पिटल बनाया है, जहां घायलों का लगातार इलाज चल रहा है। वहीं, NDRF की तीन टीमें भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में मलबों के बीच फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं।

read more : क्या कभी ऐसा सोचा है आपने कि स्कूल बस का रंग पीला ही क्यों होता है ?

क्या कभी ऐसा सोचा है आपने कि स्कूल बस का रंग पीला ही क्यों होता है ?

आपने रोड पर बहुत से कलर(रंग) की गाड़ियों को दौड़ते हुए देखा होगा। लेकिन स्कूल बस को सिर्फ पीले रंग में ही देखा होगा। पीले रंग की स्कूल बस का चलन सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के ज्यादातर देशों में है। लगभग हर देश में पीले रंग की ही स्कूल को संचालित किया जाता है। लेकिन आपने कभी सोचा है कि आखिर स्कूल बस का रंग पीला ही क्यों होता है ?

कोई दूसरा कलर क्यों नहीं। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से बताएंगें कि स्कूल बस को आखिर पीले रंग से ही क्यों पेंट किया जाता है और क्यों किसी और रंग का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

कुछ खास वजह है पीले रंग की

आपने देखा ही होगा स्कूल बस का कलर पीला ही होता है। आप जानते ही होंगे कि हर रंग की एक क्वालिटी होती है वैसे ही स्कूल बस का पीले रंग के होने में खास वजह है। दरअसल, लाल रंग के बाद पीला रंग एक ऐसा रंग है जिसे हम आसानी से काफी दूर से भी देख सकते हैं। चूंकि लाल रंग को हम खतरे के सूचक के रुप में इस्तेमाल करते हैं इसलिए स्कूल बस का रंग पीला होता है। वहीं, विशेषज्ञों के मुताबिक पीले रंग की दृष्टि लाल रंग की तुलना में 1.24 गुना ज्यादा है। इसका मतलब है कि बाकी रंगों की तुलना में पीले रंग में 1.24 गुना ज्यादा आकर्षण होता है, और किसी भी दूसरे रंग की तुलना में यह जल्दी दिखाई देगा।

पीले रंग की विजिबिलिटी का नहीं है तोड़

इसके अलावा पीले रंग को हर मौसम में आसानी से देखा जा सकता है। चाहें वो बारिश, कोहरा, कोई भी सीजन हो, पीले रगं की विजिबिलिटी बेहद अच्छी होती है। साथ ही पीले रंग की एक अलग विशेषता यह भी है कि वो सबसे पहले आपका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करता है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका ने सन 1930 में इस बात की पुष्टि की थी कि और रंगों की अपेक्षा पीले रंग में ज्यादा अट्रेक्शन होता है।

read more : चीन के जासूसी गुब्बारे पर बड़ा खुलासा, कई देशों में भेजा गया गुब्बारा

चीन के जासूसी गुब्बारे पर बड़ा खुलासा, कई देशों में भेजा गया गुब्बारा

अमेरिका में चीन का जासूसी गुब्‍बारा नजर आना और फिर उसे अमेरिकी फौज द्वारा मार गिराना अब दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना से अमेरिका-चीन के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया था। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन का दावा है कि चीन ने एक बहुत बड़े गुब्बारे को आसमान में अमेरिका की जासूसी के लिए भेजा था।

हालांकि चीन इस दावे को झुठला रहा है। अमेरिका के जाने-माने डिफेंस एक्सपर्ट एचआई सटन ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि चीन ने केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि भारत के ऊपर भी इस तरह का जासूसी गुब्‍बारा उड़ाया है। एचआई सटन ने दावा किया कि चीन ने यह हिमाकत जनवरी 2022 में की थी। उन्होंने कहा, ‘चीन ने हिंद महासागर में भारत के रणनीतिक रूप से बेहद अहम अंडमान निकोबार द्वीप समूह के ऊपर से जासूसी गुब्‍बारा उड़ाया था।

अंडमान निकोबार द्वीप समूह के ऊपर उड़ा था गुब्बारा

डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अंडमान निकोबार द्वीप समूह के ऊपर चीन के जासूसी गुब्‍बारे की तस्‍वीर भी सामने आई थी। डिफेंस एक्सपर्ट् ने कहा कि अमेरिका और भारत से पहले चीन ने साल 2000 में जापान के ऊपर से भी जासूसी गुब्‍बारा उड़ाया था। उस गुब्बारे के जरिए उसने जापान की निगरानी की थी।

कई साल से गुब्बारे के जरिए जासूसी कर रहा चीन

वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन गुब्बारे के जरिए कई साल से जापान, भारत, वियतनाम, ताइवान, फिलीपींस सहित उन तमाम देशों की जासूसी कर रहा है, जो तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और जिनका चीन से विवाद है। इसके जरिए चीन इन देशों की सैन्य संपत्ति की जानकारी जुटा रहा था। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में रक्षा और खुफिया अधिकारियों का हवाला दिया गया है। इस गुब्बारे के जरिए चीन इन देशों की सैन्य संपत्ति की जानकारी जुटा रहा था।

भारत में जासूसी गुब्बारे को लेकर क्या दावे हो रहे ?

अमेरिका के डिफेंस एक्सपर्ट एचआई सटन के हवाले से कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिसंबर-2021 से जनवरी 2022 के बीच चीन के जासूसी गुब्बारे ने भारत के सैन्य बेस की जासूसी की थी। इस दौरान चीन के जासूसी गुब्बारे ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर के ऊपर से उड़ान भरी थी। उस दौरान सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर भी वायरल हुई थी। चिंता की बात ये है कि दिसंबर 2021 के अंतिम हफ्ते में ही भारतीय सेना की तीनों विंग (थल सेना, वायु सेना और नेवी) के जवान अंडमान निकोबार में एक साथ ड्रिल करने के लिए जुटे थे।

ट्राई सर्विस कमांड के दौरान ही चीन के इस जासूसी गुब्बारे को अंडमान निकोबार में देखा गया था। हालांकि, उस वक्त भारत सरकार की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया था। उस दौरान कुछ स्थानीय वेबसाइट्स में इसको लेकर खबर भी चलाई गई थी। जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं थीं, वो काफी हद तक अमेरिका में मिले चीन के जासूसी गुब्बारे की तरह थे।

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आरबीआई ने रेपो रेट में बढ़ोतरी का किया ऐलान, महंगी हुई होम और कार लोन की ईएमआई

रिजर्व बैंक ऑफ इंड‍िया (RBI) की तरफ से रेपो रेट में 25 बेस‍िस प्‍वाइंट का इजाफा क‍िया गया है। एक बार फिर महंगाई की मार आम जनता पर पड़ी है। दो दिनों से चल रही मौद्रिक नीति की बैठक ने आज फिर से रेपो रेट बढ़ाने का फैसला ले लिया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने घोषणा की कि आरबीआई ने रेपो दर को 25 आधार अंकों से बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। बता दें, इससे पहले हुई सभी 5 बैठकों में रेपो रेट में बढ़ोतरी की गई थी। सरकार ने आरबीआई को महंगाई को छह प्रतिशत (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) के स्तर पर रखने की जिम्मेदारी दी हुई है। महंगाई दर जनवरी, 2022 से तीन तिमाहियों तक लगातार छह प्रतिशत से ऊपर बनी रही। इसमें नवंबर और दिसंबर 2022 में कुछ राहत मिली थी।

रेपो रेट बढ़ाने का कारण है महंगाई पर काबू पाना

देश में बढ़ती महंगाई के कारण कई बार लोगों को जरूरत की चीजें खरीदने के लिए भी पैसे नहीं होते हैं। आरबीआई रेपो रेट में बढ़ोतरी कर इसी महंगाई पर काबू पाने की कोशिश करते हैं। जनता पर ज्यादा बोझ नहीं पड़े इसके लिए भी काफी ध्यान रखा जाता है। आमतौर पर 0.50 या इससे कम की बढ़ोतरी की जाती है। कोविड के समय में इसमें सबसे ज्यादा 4 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई थी। इसकी वजह से होम, कार और पर्सनल लोन की ब्याज दरें भी बढ़ जाती है।

महंगाई पर क्या बोले रिजर्व बैंक के गवर्नर ?

महंगाई पर बोलते हुए आरबीआई गवर्नर ने कहा कि FY23 में महंगाई दर 6.7 फीसदी से घटकर 6.5 फीसदी रह सकती है। FY24 में रियल GDP ग्रोथ 6.4 फीसदी हो सकती है। FY24 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 7.1 प्रतिशत से रहकर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आरबीआई गवर्नर की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार केंद्रीय बैंक के माैद्रिक पॉलिसी समिति के छह में से चार सदस्य रेपो रेट बढ़ाने के पक्ष में रहे। पॉलिसी का एलान करते हुए आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि महंगाई में नरमी आई है और इसके प्रभावों पर आरबीआई के एमपीसी की नजर बनी हुई है।

रेपो रेट में बढ़ोतरी होने से जनता पर इस तरह बढ़ता है बोझ

रेपो रेट में इजाफा होने की वजह से लोन लेने वाले लोगों को ईएमआई देने में परेशानी होती है। दरअसल इससे ब्याज दरें बढ़ जाती है। आरबीआई लोगों को ध्यान में रखते हुए ही जिसकी दरें बढ़ाने का काम करते हैं। जो लोग किसी कारण से ईएमआई नहीं दे पाते हैं उन्हें कुछ महीने के लिए रियायत भी दी जाती है। कोविड के समय में लॉकडाउन लग जाने के कारण आमदनी नहीं होने पर कई लोगों को ईएमआई भरने में रियायत दी गई थी।

आरबीआई के फैसले से बढ़ेगी होम लोन की ईएमआई

केंद्रीय बैंक के इस फैसले से होम लाेन के ईएमआई में बढ़ोतरी हो जाएगी। रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद होम लोन के ईएमआई साथ-साथ कार लोन और पर्सनल लोन भी महंगा होगा। बता दें कि मई 2022 में रेपो 4% था जो अब बढ़कर 6.5% हो गया है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा कि बीते तीन वर्षो के दौरान वैश्विक परिस्थितियों के कारण दुनिया भर के बैंकों को ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला लेना पड़ा है। महंगाई पर नियंत्रण के लिए ये कठिन फैसले जरूरी थे।

रेपो रेट में 2.50 प्रतिशत का इजाफा क‍िया

अगले वित्तीय वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति 6.5 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। आरबीआई ने मुख्य रूप से महंगाई को काबू में लाने के लिये इस साल मई से लेकर अबतक छह बार में रेपो दर में 2.50 प्रतिशत की वृद्धि की है। केंद्रीय बैंक नीतिगत दर पर निर्णय करते समय मुख्य रूप से खुदरा महंगाई पर गौर करता है.

वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पहले की तरह गंभीर नहीं

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य अब उतना गंभीर नहीं दिख रहा है जितना कुछ महीने पहले था, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में विकास की संभावनाओं में सुधार हुआ है, जबकि मुद्रास्फीति में गिरावट आई है। हालांकि मुद्रास्फीति अभी भी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में महंगाई दर 5.6% रह सकती है। आरबीआई गवर्नर ने FY24 की पहली तिमाही में सी पी आई (Consumer Price Index) के 5% रहने का अनुमान जताया है।

read more : राष्ट्रपति के अभिभाषण में महंगाई, बेरोजगारी शब्द का जिक्र नहीं – राहुल गाँधी

राष्ट्रपति के अभिभाषण में महंगाई, बेरोजगारी शब्द का जिक्र नहीं – राहुल गाँधी

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अडानी मामले को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, अग्निवीर योजना को सेना पर सरकार ने थोपने का काम किया। सेना इस योजना से युवा परेशान है। युवाओं में इस योजना को लेकर डर है। अग्निवीर, बेरोजगारी, महंगाई, किसान, ये शब्द राष्ट्रपति के अभिभाषण में ही नहीं थे। जनता कुछ कह रही है और राष्ट्रपति के अभिभाषण में इनका जिक्र तक नहीं है।

राजनीति में सभी नेता पुरानी परंपरा को भूल गए – राहुल गांधी

भारत जोड़ो यात्रा समाप्त करने के बाद लोकसभा में राहुल गांधी ने आज अपना संबोधन दिया। राहुल ने कहा कि आप भी राजनेता हो, मैं भी राजनेता हूं। सामान्य रूप से आज की राजनीति में हम अपनी पुरानी परंपरा को भूल गए हैं। पहले हम पैदल ज्यादा चलते थे, अब गाड़ियों में घूमते हैं। जब पैदल चलते है तो जनता से बात करने का मौका मिलता है।

सेना पर थोपी अग्निवीर योजना – राहुल गांधी

लोकसभा में राहुल गांधी ने अग्निवीर योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कई युवा मिला जिन्होंने कहा कि वे अग्निवीर योजना से खुश नहीं हैं। युवाओं ने कहा कि पहले 15 साल नौकरी के साथ पेंशन मिलती थी लेकिन अब चार साल के बाद निकाल दिया जाएगा। राहुल ने कहा कि कुछ सेना के वरिष्ठ सेवानिवृत अधिकारी मिले जिन्होंने कहा कि यह अग्निवीर योजना आर्मी की तरफ ने नहीं आई है। यह उनपर थोपी गई है।

609 नंबर पर थे अडानी फिर क्या हुआ कि दूसरे नंबर पर आ गए

इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि 2014 में दुनिया के अमीर लोगों की लिस्ट में अडानी 609 नंबर पर थे, पता नहीं कैसा जादू हुआ और यह दूसरे नंबर पर आ गए। लोगों ने पूछा आखिर यह सफलता कैसे हुई ? और इनका भारत के पीएम के साथ क्या रिश्ता है ? मैं बताता हूं कि यह रिश्ता काफी साल पहले शुरु हुआ जब नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे। एक व्यक्ति पीएम मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा था, वह पीएम के प्रति वफादार था और उसने मोदी को एक पुनरुत्थानवादी गुजरात के विचार के निर्माण में मदद की। असली जादू तब शुरू हुआ जब 2014 में पीएम मोदी दिल्ली पहुंचे।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी – अडानी की तस्वीरें दिखाईं

लोकसभा में राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी की साथ की तस्वीरें दिखाईं। जिस पर स्पीकर नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि पोस्टरबाजी बंद कीजिए नहीं तो सत्ता पक्ष के लोग भी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अडानी की साथ वाली तस्वीर दिखाएंगे।

बिना अनुभव के अडानी को एयरपोर्ट की जिम्मेदारी दी गई

राहुल ने कहा कि बिना अनुभव वाले लोगों को एयरपोर्ट का काम नहीं मिलता है। अदाणी के पास अनुभव नहीं है लेकिन नियम बदलकर उन्हें देश में छह एयरपोर्ट की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने कहा कि पहले यह नियम था कि अगर कोई एयरपोर्ट के व्यवसाय में नहीं है तो वे इन एयरपोर्ट को नहीं ले सकता है। लेकिन भारत सरकार ने सीबीआई-ईडी का दबाव डालकर एजेंसी का प्रयोग करते हुए GVK ग्रुप से लेकर एयरपोर्ट को अडानी ग्रुप को दिलवाया गया।

एचएएल का 126 विमानों का ठेका अनिल अंबानी को दिया

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि अडानी के पास रक्षा क्षेत्र में भी शून्य अनुभव है फिर भी उन्हें ड्रोन बनाने की जिम्मेदारी दी गई। कल पीएम ने एचएएल में कहा कि हमने गलत आरोप लगाए। लेकिन असल में एचएएल का 126 विमानों का ठेका अनिल अंबानी के पास गया।

राहुल गांधी ने एसबीआई बैंक को घेरा

लोकसभा में सांसद राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया जाते हैं और जादू से एसबीआई बैंक एक बिलियन डॉलर का लोन अडानी को देता है। प्रधानमंत्री फिर बांग्लादेश गए और 1500 मेगावाट बिजली का ठेका अडानी को चला जाता है। एलआईसी का पैसा अडानी की कंपनी में क्यों डाला गया ?

राहुल गाँधी ने की हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर चर्चा

लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई उसमें लिखा था अडानी की भारत के बाहर शेल कंपनी है। सवाल है कि शेल कंपनी किसकी है ? हजारों करोड़ रुपया शेल कंपनी भारत में भेज रही है यह किसका पैसा है ? क्या यह काम अदाणी फ्री में कर रहे हैं ? राहुल गाँधी ने आगे कहा की क्या इन सब सवालो के जवाब प्रधानमंत्री मोदी जी देंगे ?

यात्रा के दौरान जनता को गहराई से सुनने को मिला – राहुल

राहुल गांधी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जनता को गहराई से सुनने को मिला। युवाओं, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों सभी की समस्याओं को सुना। बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्या अहम रही। अग्निवीर की भी बात युवाओं ने की। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा से हमें बहुत कुछ सीखने और समझने का मौका मिला।

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मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आया धमकी भरा फोन, सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

मुंबई एयरपोर्ट पर देर रात 10 बजे धमकी भरा फ़ोन आया, जिसके बाद सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। मुंबई पुलिस ने यह जानकारी दी कि फोन कर धमकी देने वाले शख़्स ने ख़ुद का नाम इरफान अहमद शेख बताया और कहा कि वह इंडियन मुजाहिदीन नाम के आतंकी संगठन का सदस्य है।

फोन पर दी धमकी 

फोन पर धमकी देते वक़्त उस शख्स ने अपना इंट्रोडक्शन देने के बाद वो किसी कोडवर्ड का इस्तेमाल कर संदिग्ध बातें करता रहा, जिसके बाद इस बात की जानकारी मुंबई पुलिस को दी गई। इसके बाद एयरपोर्ट की सभी एजेंसियों को अलर्ट किया गया और मुंबई की सहार पुलिस ने अज्ञात शख़्स के ख़िलाफ़ IPC की धारा 505(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

धमकी ऐसे वक़्त आई जब…..

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जबकि आगामी 10 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई दौरे पर आने वाले हैं। इसी वजह से मुंबई पुलिस ने यहां 10 फरवरी को सुरक्षा कारणों से ड्रोन, पैराग्लाइडर, सभी तरह के गुब्बारे और रिमोट संचालित अत्यधिक हल्के विमान उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस उपायुक्त (अभियान) ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत इस सिलसिले में तीन फरवरी को एक आदेश जारी किया।

प्रधानमंत्री मोदी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन की करेंगे शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी 10 फरवरी को मुंबई-सोलापुर और मुंबई-शिरडी मार्गों पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन की शुरुआत करने वाले हैं। शहर की पुलिस के आदेश मुताबिक, हवाई अड्डा, कोलाबा, माता रमाबाई आंबेडकर मार्ग, एमआईडीसी (महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम) और अंधेरी पुलिस थाना क्षेत्र में ड्रोन, पैराग्लाइडर, सभी तरह के गुब्बारे, रिमोट संचालित अत्यधिक हल्के विमान उड़ाने की अनुमति नहीं होगी।

आदेश में कहा गया, ‘यह भी आशंका जताई गई है कि 10 फरवरी को मुंबई हवाई अड्डा, आईएनएस शिकरा, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और अंधेरी स्थित मरोल में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान आतंकवादी/असामाजिक तत्व ड्रोन, पैराग्लाइडर, रिमोट संचालित अत्यधिक हल्के विमान के जरिये हमले कर सकते हैं और साथ ही, शांति भंग किए जाने का अंदेशा है।

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भीषण तबाही के बीच तुर्किये में फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके, भूकंप की तीव्रता 5.6

तुर्किये (तुर्की) में भीषण तबाही के बीच एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। मंगलवार सुबह आए भूकंप के झटकों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.6 मापी गई। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे की वेबसाइट के मुताबिक मंगलवार को भी भूकंप का बड़ा झटका तुर्की में महसूस किया गया है। वेबसाइट के अनुसार, यह झटका सुबह करीब पौने नौ बजे दर्ज किया गया, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.6 रही।

भूगर्भ वैज्ञानिकों का कहना है कि बड़े भूकंप के झटकों के बाद भी तुर्की और सीरिया के सीमाई इलाके में करीब 100 भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों से तुर्की और सीरिया में करीब चार हजार से ज्यादा इमारतें ध्वस्त हो गई हैं। जिनमें दबकर बड़ी संख्या में लोगों की मौत की मौत हुई है।

डब्लूएचओ के वरिष्ठ अधिकारियों का अनुमान है कि इस भूकंप में 20 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं और भारत समेत दुनिया के कई देशों ने तुर्की की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। भारत ने एनडीआरएफ की दो टीमें डॉग स्कवाडय के साथ तुर्की रवाना की हैं। इसके अलावा मेडिकल सप्लाई भी भेजी गई है।

सुबह तुर्की में फिर आया 5.6 की तीव्रता का भूकंप

यूरो-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र का हवाला देते हुए रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार मध्य तुर्की में एक और भूकंप आया। भूकंप की तीव्रता 5.6 मापी गई। कहा जा रहा है कि पहले भूकंप के बाद ऐसे आफ्टर शॉक आने की उम्मीद है। मिशिगन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता के अनुसार, 5.6 के भूकंप से “इमारतों और अन्य संरचनाओं को मामूली क्षति” होने की संभावना है।

भूकंप से 24 घंटे में मौत का आंकड़ा 4,300 के पार

आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण का हवाला देते हुए, तुर्की की अंडालू एजेंसी ने कुछ घंटे पहले बताया है कि तुर्की में मरने वालों की संख्या 2,379 से बढ़कर 2,921 हो गई है। वहीं, सीरिया में मृतकों की संख्या फिलहाल 1,444 बनी हुई है, जिसके बाद मौतों की संख्या अब 4,365 हो गई है।

इस भूकंप से हजारों लोग हुए बेघर

तुर्की और सीरिया में हजारों लोग अब बेघर हैं और उन्होंने जमा देने वाली ठंड में पूरी रात बिताई है। भूकंप के केंद्र से लगभग 33 किलोमीटर (20 मील) की दूरी पर एक प्रांतीय राजधानी गाजियांटेप के तुर्की शहर में, लोगों ने शॉपिंग मॉल, स्टेडियम, मस्जिद और सामुदायिक केंद्रों में शरण ली है।

हरसंभव मदद करेगा भारत, भेज रहा एनडीआरएफ की टीम

भारत सरकार ने एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) कार्यों के लिए एनडीआरएफ की दो टीमों को तुर्की भेजने का निर्णय लिया है। एनडीआरएफ के ऑपरेशन और प्रशिक्षण के डीआईजी मोहसिन शहीदी ने कहा कि बचाव और राहत कार्यों के संचालन में मदद के लिए एनडीआरएफ की टीमों को भेजा जाता है। जैसा कि आप जानते हैं, तुर्की और सीरिया में भीषण भूकंप आया था, जिसके बाद तुर्की की मदद के लिए एनडीआरएफ के गाजियाबाद की आठ बटालियन में से एक और कोलकाता में दूसरी बटालियन की दो टीमों के लगभग 101 एनडीआरएफ कर्मी इस मिशन के लिए जा रहे हैं।

सात दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान – राष्ट्रपति एर्दोगन

तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने एर्दोआन को फोन किया और संकट की इस घड़ी में उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सहयोगी तुर्किये के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा सहायता की पेशकश की। व्हाइट हाउस ने कहा कि वह तुर्किये के प्रयासों में मदद के वास्ते खोज एवं बचाव दल भेज रहा है।

आईएसआईएस के करीब 20 कैदी फरार

सीरिया में आए एक घातक भूकंप के बाद उत्तर-पश्चिमी सीरिया की जेल में कैदियों ने बगावत कर दी। जिसमें कम से कम 20 कैदी जेल से भाग गए। इस जेल के अधिकतर कैदी आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े हैं। एक सूत्र ने एएफपी को यह जानकारी दी कि जेल में कुर्द नेतृत्व वाली सेना के लड़ाके भी हैं। सूत्र ने कहा कि तुर्की सीमा के पास सीरिया के राजो शहर में सैन्य पुलिस जेल में लगभग 2,000 कैदी हैं। जिनमें से लगभग 1,300 के आईएस लड़ाके होने का संदेह है।

अंतर्राष्ट्रीय बचाव मिशन की टीम राहत-बचाव में जुटी

अंतर्राष्ट्रीय बचाव मिशन की टीम विनाशकारी भूकंप से मची तबाही वाले दोनों देशों में पहुंची हैं और मंगलवार को जीवित बचे लोगों की खोज कर रही हैं। कठिन परिस्थितियों और ठंड के बीच तुर्की और सीरिया में रात राहत और बचाव कार्य जारी रहा।

मृतकों की संख्या आठ गुना बढ़ सकती है – डब्लूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन की वरिष्ठ आपातकालीन अधिकारी कैथरीन स्मॉलवुड का कहना है कि मरने वालों की संख्या 20,000 से अधिक हो सकती है। उन्होंने एएफपी को बताया, “मृतकों की संख्या काफी ज्यादा होने की संभावना बनी हुई है। इसलिए हम अक्सर शुरुआती संख्या में आठ गुना वृद्धि के क्रम में इसे देखते हैं। जब अनुमानित संख्या 2,600 थी तो इस हिसाब से मृतकों की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी।

स्मॉलवुड ने कहा, “दुर्भाग्य से, हम हमेशा भूकंपों के साथ एक ही चीज देखते हैं, जो यह है कि मरने वालों या घायल होने वालों की संख्या की शुरुआती रिपोर्ट, इसके मुताबिक मृतकों की संख्या आने वाले सप्ताह में काफी बढ़ जाएगी।

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वेस्टर्न ट्रेवल मार्ट फेम ट्रिप विद सेल्स मिशन का नेपाल में हुआ सफल आयोजन

रिपोर्ट मोहम्मद फुजैल : नेपाल के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से वेस्टर्न ट्रेवल मार्ट फेम ट्रिप विद सेल्स मिशन का आयोजन बीते दिवस नेपाल देश के पश्चिमी क्षेत्र नेपालगंज में हुआ। नेपाल टूरिज्म बोर्ड और नेपाल एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल एंड टूर एजेंट्स (नट्टा) बांके चैप्टर संयुक्त परियोजना और नेपालगंज सब-मेट्रोपॉलिटन सिटी, टूरिज्म प्रमोशन फोरम बांके, होटल एसोसिएशन ऑफ नेपाल (एचएएन) बांके, होटल एसोसिएशन ऑफ बांके सहित अन्य संगठनों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया।

दिल्ली, देहरादून सहित अन्य शहरों के लिए नेपालगंज से सीधी उड़ान

इस ऐतिहासिसक आयोजन में वेस्टर्न ट्रेवल मार्ट फेम ट्रिप विद सेल्स मिशन का शुभारंभ करते हुए बांके जिले से प्रतिनिधि सभा के सदस्य डॉ. धवल शमशेर राणा ने कहा कि नेपाल भारत के लिए सबसे अच्छा पर्यटन स्थल है और भारतीयों को इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही नेपालगंज से दिल्ली, देहरादून सहित अन्य शहरों के लिए सीधी उड़ान की पहल की जाएगी। इससे दोनों देशों को फायदा होगा। टीएआई के अध्यक्ष ज्योति मयाल ने कहा कि जब नेपाल और भारत मिलकर काम करते हैं तो दोनों देशों के पर्यटन में अधिक गतिशीलता लाई जा सकती है और टाई इसके सहयोग के लिए हमेशा सकारात्मक रहता है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड देगा भारत को विशेष महत्व

नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रबंधक श्रद्धा श्रेष्ठ ने कहा कि भारत, नेपाल का एक महत्वपूर्ण पर्यटन संसाधन बाजार है, इसलिए पर्यटन बोर्ड ने भारत को विशेष महत्व दिया है और कहा है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय व्यवसायी भी नेपाल के बारे में अधिक समझेंगे और संभावनाओं का विस्तार करेंगे। नाटा के अध्यक्ष रमेश थापा ने कहा कि नेपाल सभी मौसमों के लिए एक उत्कृष्ट गंतव्य है। नेपाल हमेशा भारतीय पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है।

इसी तरह नाटा के निवर्तमान अध्यक्ष अच्युत गुरगई ने कहा कि पश्चिम नेपाल अपने आप में एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है और इस कार्यक्रम से दोनों देशों में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। नट्टा बांके चैप्टर के अध्यक्ष श्रीराम सिगदेल ने कहा कि मार्ट नई और अलग सोच के साथ पश्चिमी नेपाल में पर्यटन क्षमता की खोज, विकास और व्यापार विस्तार का समर्थक होगा।

नेपाल के पयर्टन स्थलों को देखने पहुंचेंगे तमाम लोग

नेपाल पर्यटन बोर्ड और नेपाल एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल एंड टूर ऑपरेटर्स (नट्टा) के सहयोग से बीते दिनों गोरखपुर, वाराणसी और लखनऊ में किये गये कार्यक्रम भी लोगों को पसंद आये। इन शहरों के लोगों ने बताया कि भारतीय भारत की ओर से नेपाल की यात्रा करना चाहते हैं। मगर वह चाहते हैं, वह पड़ोसी देश के निवासी हैं, इसलिए उन्हें विशेष तरह के पैकेज का लाभ दिया जाए, साथ ही नेपाल जाने वाले वाहनों का प्रवेश और सुगम किया जाए।

भारत और नेपाल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बांधा समा

वेस्टर्न ट्र्ट फेम ट्रिप विद सेल्स मिशन का आयोजन में कला, संस्कृति, थारू डांस, देवड़ा, नेपाली सांस्कृतिक डांस, हिंदी सिनेमा के भी गानों की धूम रही। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के सलाहकार टीपी भुसाल ने बताया कि यहां पर्यटन स्थलों में बर्दिया नेशनल पार्क नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा जंगल है। तराई का सबसे बड़ा जंगल है। इसमें 125 बाघ, गेंडा, हाथी, चीतल समेत अन्य वन्य जीव मौजूद है। नेपाल इंडिया एयर कनेक्टिविटी के लिए संयुक्त प्रयास चल रहा है।

मानसरोवर की यात्रा भी शामिल है। नेपालगंज में वेस्टर्न ट्रेवल मार्ट का यह पहला कार्यक्रम हुआ। आने वाले समय में यह पोखरा, लुंबिनी, धनगढ़ी, धरान में आयोजित होगा। बताया कि बागेश्वरी धाम में पार्वती जी का एक अंग पतन हुआ है। बागेश्वरी माता का मंदिर काफी मान्यता वाला है। भारत को महत्व देते हुए नेपाल ने लगातार इस तरह कार्यक्रम करेगा।

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सुप्रीम कोर्ट के 5 जज आज लेंगे शपथ, बढ़ जाएगी जजों की संख्या

पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार और कॉलेजियम के बीच काफी गहमागहमी बनी हुई है। कुछ विषयों पर कॉलेजियम और सरकार की राय अलग रही आर कई बार टकराव की भी नौबत देखने को मिली। वहीं इसी बीच आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के 5 नए जज शपथ लेंगे। पांच नए जजों जस्टिस पंकज मित्थल, जस्टिस संजय करोल, जस्टिस पीवी संजय कुमार, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला और जस्टिस मनोज मिश्र को सोमवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाएंगे।

विभिन्न हाई कोर्ट में भी नियुक्त किये गए जज

वहीं इसके साथ ही राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्तल, पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल, मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पी.वी संजय कुमार, पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मनोज मिश्रा को शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किये जाने की घोषणा केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ट्वीट के जरिये की।

सुप्रीम कोर्ट में बढ़ जाएगी में जजों की संख्या

इन पांच जजों के शपथ लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 32 हो जाएगी। इसके साथ ही कोर्ट के ने जजों पर काम का बोझ भी कुछ हद तक कम हो जायेगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के छह सदस्यीय कॉलेजियम ने 13 दिसंबर, 202 को इन सभी पांचों जजों के नामों की सिफारिश की थी। कॉलेजियम ने दो और जजों के नाम की सिफारिश की है। उनकी नियुक्त के बाद सुप्रीम कोर्ट में 34 न्यायाधीश हो जाएंगे। संविधान के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में अधिकतम 34 जज हो सकते हैं।

जस्टिस पंकज मित्थल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से शुरू की थी वकालत

17 जून, 1961 को जन्मे मेरठ के रहने वाले जस्टिस पंकज मित्थल वरिष्ठता में पहले नंबर पर हैं। 1982 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक करने के बाद 1985 में मेरठ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की। उसी साल उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में पंजीकरण कराने के बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत भी शुरू कर दी थी।

हिमाचल प्रदेश मूल हाईकोर्ट, पटना में थे मुख्य न्यायाधीश

वरिष्ठता में दूसरे नंबर पर जस्टिस संजय करोल हैं, जिनका मूल हाईकोर्ट हिमाचल प्रदेश है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किए जाने के समय वह पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। 23 अगस्त, 1961 को हिमाचल प्रदेश में जन्मे जस्टिस करोल ने शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल और राजकीय डिग्री कॉलेज, शिमला से शिक्षा हासिल की।

जस्टिस संजय कुमार ने 1988 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में शुरू की वकालत

जस्टिस पीवी संजय कुमार मूलरूप से तेलंगाना हाईकोर्ट से संबंध रखते हैं। 14 अगस्त, 1963 को जन्मे जस्टिस कुमार ने निजाम कॉलेज, हैदराबाद से स्नातक करने के बाद 1988 में दिल्ली विवि से लॉ की डिग्री हासिल की थी। जल्दी ही उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी। 2008 में उन्हें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया था।

पटना हाईकोर्ट में शुरू की थी वकालत : जस्टिस ए अमानुल्ला

11 मई, 1963 को जन्मे जस्टिस ए अमानुल्ला पटना हाईकोर्ट से संबंध रखते हैं। उन्होंने 1991 में बिहार राज्य बार काउंसिल में पंजीकरण के बाद पटना हाईकोर्ट में वकालत शुरू की थी। 20 जून, 2011 को पटना हाईकोर्ट में न्यायाधीश बनाए जाने तक वह उसी हाईकोर्ट में सरकारी वकील थे। 10 अक्तूबर, 2021 को उनका तबादला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में कर दिया गया था।

जस्टिस मनोज मिश्र 2011 में बने इलाहाबाद हाईकोर्ट के अतिरिक्त जज

सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किए गए पांच जजों में से वरिष्ठता क्रम में पांचवें स्थान पर जस्टिस मनोज मिश्र हैं। 2 जून, 1965 को पैदा हुए जस्टिस मिश्र ने 1988 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से वकालत शुरू की थी। 21 नवंबर, 2011 को उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज बनाया गया था। 6 अगस्त, 2013 को वह स्थायी जज बने थे।

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भूकंप से तुर्की और सीरिया तक कांपी धरती , 640 से अधिक मौतों की खबर

तुर्की में आज सुबह बेहद शक्तिशाली भूकंप आया है। भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक, सुबह 4:17 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 आंकी गई। तुर्की के दक्षिण में गाजियानटेप के पास आया यह भूकंप कितना विनाशकारी था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी ​तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 थी। तुर्की और सीरिया में भीषण भूकंप के दो झटकों से बड़ी तबाही आई है। तुर्की और सीरिया में भूकंप से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और कई इमारतें ध्वस्त हो गईं।

जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जिओ साइंस (GFZ) के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन से 18 किलोमीटर नीचे था। भूकंप से तुर्की के दक्षिण पूर्वी इलाके और सीरिया में भी भारी क्षति की खबरें हैं। न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार दोनों देशों में भूकंप से करीब 640 लोगों के मरने की खबर है। बॉर्डर पर दोनों देशों के इलाकों में भारी तबाही की खबरें हैं। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन ने ट्वीट कर बताया कि भूकंप से प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू अभियान जारी है।

तुर्की के 7 प्रांतों में 284 लोग मारे गए, 440 से अधिक घायल

डिजास्टर और इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी तुर्की के अनुसार तुर्की के ही 7 प्रांतों में करीब 284 लोग मारे गए। एजेंसी ने कहा कि करीब 440 लोगों के अभी तक घायल होने की खबर है। सीरिया की स्टेट मीडिया के अनुसार, सीरिया के सरकारी कब्जे वाले इलाकों वाले क्षेत्रों में मरने वालों की संख्या 237 हो गई और 630 से अधिक घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में कम से कम 120 लोग मारे गए।

10 मिनट बाद फिर दूसरी बार आया भूकंप

मध्य तुर्की में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद एक और तेज भूकंप आया। जानकारी के अनुसार पहले भूकंप के बाद करीब 10 मिनट बाद फिर 6.7 तीव्रता का तेज भूकंप आया। जो जानकारी सामने आई उसके मुताबिक कई इमारतें इस शक्तिशाली भूकंप के कारण ध्वस्त हो गईं। सेन्लिउर्फा शहर के मेयर ने बताया कि शक्तिशाली भूकंप की वजह से 16 इमारतें भरभराकर गिर गईं।

तुर्की में तीन इमारतें गिरते हुए देखीं

तुर्की के अडाना शहर के एक रहवासी ने बताया कि उसने भूकंप के कंपन के बाद अपने घर के सामने तीन इमारतों को गिरते देखा। एक अन्य रहवास युनूस ने बताया कि राहत और बचाव का काम तेजी से किया जा रहा ह। मलबे में फंसे लोगों को ढूंढा जा रहा है।

भर गए अस्पताल, सीरिया में कई लोग मलबे में दबे

उधर सीरिया में सैकड़ों परिवार मलबे में दबे हुए हैं। तबाही का बड़ा ही वीभत्स मंजर है। बचावकर्मियों का कहना है भूकंप का जलजला ऐसा था कि यहां रहने वाले करीब 40 लाख से अधिक विस्थपित लोगों का इलाका भूकंप के भारी कंपन से प्रभावित हुआ है। सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान विस्थपित शरणार्थियों के लिए बनी ये इमारतें पहले से ही जर्जर हो चुकी थीं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने वाले बचावकर्मियों ने कहा कि घायलों की संख्या इतनी ​अधिक है कि अस्पताल ही घायलों से भर गए।

इस आपदा से मिलकर निपटेंगे – राष्ट्रपति एर्दोगन

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने ट्विटर पर कहा कि भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव दलों को तुरंत भेजा गया। हमें उम्मीद है कि हम इस आपदा को एक साथ जल्द से जल्द और कम से कम नुकसान के साथ पार कर लेंगे।

सीरिया, लेबनान में भी भूकंप से कांपी धरती

बताया जा रहा है कि भूकंप के झटके लेबनान, सीरिया में भी महसूस किए गए। सीरिया में अलेप्पो और हमा शहर से नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। सिविल डिफेंस के मुताबिक, सीरिया में तुर्की से लगे इलाकों में कई इमारतें गिर गईं। सीरिया की राजधानी दमिश्क में भी भूकंप के झटकों के बाद लोग सड़कों पर आ गए। लेबनान में करीब 40 सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।

पीएम मोदी ने भूकंप त्रासदी पर जताया शोक

पीएम नरेंद्र मोदी ने तुर्की में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में संदेश में कहा ‘तुर्की में आए भूकंप के कारण जनहानि और संपत्तियों को हुए नुकसान से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। इस विपत्ति की घड़ी में भारत तुर्की के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है। इस भूकंप की त्रासदी से निपटने में हरसंभव मदद के लिए हम तैयार हैं।

read more : मेयर, डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी सदस्यों का चुनाव तीसरी बार टला

 

मेयर, डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी सदस्यों का चुनाव तीसरी बार टला

दिल्ली नगर निगम के लिए मेयर, डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का चुनाव लगातार तीसरी बार टल गया है। मेयर, डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का चुनाव हंगामे की वजह से टालना पड़ा। फिलहाल, अगली तारीख तक के लिए सदन स्थगित किया गया है। इससे पहले, दिल्ली नगर निगम के मेयर पद के लिए एक बार फिर से कवायद शुरू हुई। नगर निगम के सदन की बैठक के दौरान पीठासीन अधिकारी ने ऐलान किया है कि तीनों चुनाव एक साथ होंगे और पीठासीन अधिकारी की अध्यक्षता में चुनाव करवाया जाएगा।

हालांकि, स्थायी समिति सदस्य का चुनाव महापौर की अध्यक्षता में होता है, लेकिन पीठासीन अधिकारी ने चुनाव करवाने का ऐलान कर दिया था। इस पर आम आदमी पार्टी ने मनोनीत सदस्यों के चुनाव का विरोध जताया। गौरतलब है कि चुनाव के लिए इससे पहले दो बार बैठक हो चुकी थी, लेकिन हंगामे की वजह से दो बार कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। कई दिन से मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव टल रहा है।

तीसरी बार टला मेयर का चुनाव

पीठासीन अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों को वोट नहीं करना है वह सदन से बाहर जाएं, इसके बाद से हंगामा तेज हो गया है। आप पार्षद लगातार वापस जाओ, वापस जाओ के नारे लगा रहे हैं। बढ़ते हंगामे के चलते पीठासीन अधिकारी ने सदन को अगली तिथि के लिए स्थगित कर दिया और इस तरह आज भी मेयर का चुनाव नहीं हो पाया।

दो आप विधायकों को वोटिंग से बाहर रखने की अपील

10 मिनट के स्थगन के बाद पीठासीन अधिकारी सदन में फिर से अपनी चेयर पर लौटीं। स्थाई समिति की पूर्व अध्यक्ष रहीं भाजपा पार्षद शिखा राय ने पीठासीन अधिकारी के सामने मांग रखी है कि आम आदमी पार्टी के दो विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी व एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज है। इसलिए उन्हें वोट देने का हक ना दिया जाए। इसके बाद सदन में फिर से हंगामा बढ़ गया।

मेयर, डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के लिए बांटे गए तीन मत पत्र

सभी सदस्यों को तीन तरह के मत पत्र दिए गए हैं। एक से मेयर, एक से डिप्टी मेयर और तीसरे से स्थाई समिति के सदस्यों को वोट दिया जाएगा। तीनों चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। पीठासीन अधिकारी ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के 2016 के फैसले में साफ कहा गया है कि एल्डरमैन मेयर चुनाव में वोट डाल सकते हैं।

एल्डरमैन भी लेंगे मेयर डिप्टी मेयर के चुनाव में हिस्सा

पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने मेयर डिप्टी मेयर और स्थाई समिति के 6 सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराई। एल्डरमैन भी चुनाव में वोट करेंगे। इसी बात पर सदन में लगातार हंगामा हो रहा था, लेकिन अब पीठासीन अधिकारी ने कहा है कि एल्डरमैन वोट करेंगे। मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में एल्डरमैन भी लेंगे हिस्सा, अस्थाई समिति के चुनाव में केवल पार्षद हिस्सा लेंगे।

मन में चोर है – दुर्गेश पाठक

आप नेता दुर्गेश पाठक ने भाजपा के आरोप पर कहा है कि, दिल्ली में किसी भी गली में चले जाओ, वहां चर्चा है कि मेयर मिलेगा कि नहीं। आखिर ये चर्चा क्यों है? चुनाव हो गया। आम आदमी पार्टी को बहुमत मिल गया। 2 से ढाई महीने हो गए, फिर भी मेयर नहीं मिला। जो पार्टी चुनाव हारी है, उसके मन में चोर है। वो अपनी हार को बर्दाश्त नहीं कर पा रही। कोई न कोई बहाना लेकर मेयर चुनाव को स्थगित कराना चाहती है। पहली बार नामित पार्षद लगा दिए। बीजेपी की पीठासीन अधिकारी बना दी। पहले मनोनीत पार्षदों को शपथ दिला दी।

भाजपा पार्षद बिना बात के कर रहे हंगामा – डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इस मुद्दे पर कहा कि, एमसीडी में बीजेपी के पार्षद बिना बात हंगामा करके आज भी मेयर का चुनाव नहीं होने दे रहे। आम आदमी पार्टी के पार्षद शांत बैठे हैं लेकिन भाजपा पार्षद बिना बात हंगामा मचा रहे हैं।

दिल्ली को मिला भ्रष्ट मुख्यमंत्री – मीनाक्षी लेखी

मेयर चुनाव एक बार फिर टलने पर केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा, दिल्ली को एक भ्रष्ट मुख्यमंत्री मिला है, जिसका नाम लगातार शराब घोटाले में आ रहा है। इसी पैसे का इस्तेमाल कर उन्होंने गोवा में और फिर मेयर चुनाव लड़ने की कोशिश की। इन्होंने भाजपा के 9 पार्षदों को पद और पैसे का लालच दिया।

आम आदमी पार्टी बौखलाई हुई है – वीरेंद्र सचदेवा

वीरेंद्र सचदेवा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी बौखलाई हुई है। उसके पार्षद दल मे फूट है, वह इसलिए लगातार चुनाव टाल रही है और उनके नेता हमारे पार्षदों को सम्पर्क कर रहे हैं। वहीं, वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के इमानदारी के झूठे दावे अब जनता के सामने उजागर हो चुके हैं।

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मणिपुर में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.0 रही तीव्रता

मणिपुर में आज 06:14 मिनट पर 4.0 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद ने इसकी जानकारी दी। भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप का केंद्र मणिपुर के उखरुल में था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, आज आए भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। इससे फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली है। इससे पहले यूपी के शामली में शुकवार की देर रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 रही।

पहले भी मणिपुर में आया था भूकंप

31 जनवरी को भी पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई। भूकंप की जानकारी देने वाले नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने बताया कि मणिपुर का कामजोंग इस भूकंप का केंद्र रहा था। भूकंप के ये झटके सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 रही और इसकी गहराई 67 किलोमीटर रही थी।

क्यों आता है भूकंप ?

आपको बता दें कि धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट. क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहा जाता है। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। यानी धरती की ऊपरी सतह 7 टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी है। ये प्लेटें कभी भी स्थिर नहीं होती, ये लगातार हिलती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक दूसरे की तरफ बढ़ती है तो इनमें आपस में टकराव होता है।

तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं और इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते है। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं।

इन्हें महसूस तो किया जाता है, लेकिन कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।

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भाजपा का कर्नाटक चुनाव को लेकर बड़ा फैसला, केंद्रीय मंत्री धर्मेद्र प्रधान को बड़ी ज़िम्मेदारी

कर्नाटक में इस साल के मध्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तौर पर बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता और मोदी सरकार की कैबिनेट में शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष के. अन्नामलाई को चुनाव सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।

भाजपा केंद्रीय कार्यालय के द्वारा जारी किये गए पत्र में कहा गया, “भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा ने केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को आगामी कर्नाटक चुनाव 2023 के लिए प्रभारी और तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।

सत्तासीन भाजपा ने मुहिम जोर-शोर से शुरू की

कर्नाटक में सत्तासीन भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अप्रैल-मई में होने वाले इन चुनावों के लिए लोगों तक पहुंच बनाने की अपनी मुहिम जोर-शोर से शुरू कर दी है। प्रधान को पहले भी कई राज्यों में चुनावों का जिम्मा सौंपा जा चुका है। पार्टी की उम्मीद रहेगी कि वह एक कुशल नेता के रूप में राज्य में संगठन को संगठित करें और स्थानीय इकाई में आंतरिक समस्याओं को दूर करें, ताकि इस महत्वपूर्ण दक्षिणी राज्य में पार्टी सत्ता बरकरार रखने के अधिकतम प्रयास कर सके।

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया था कर्नाटक का दौरा

वहीं इससे पहले चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पिछले महीने जेपी नड्डा ने राज्य का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि उनकी पार्टी विकास का पर्याय है। जबकि कांग्रेस का मतलब विनाश है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के लोग विधानसभा चुनाव के बाद विपक्षी दल के नेताओं को घर में बैठा देंगे।

भाजपा विकास के एजेंडे को लेकर आगे बढ़ रही

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही वंशवाद को समाप्त कर और विकासवाद की शुरुआत से देश की राजनीतिक संस्कृति बदल गई है। उन्होंने कहा, ‘‘विकास का अर्थ भाजपा है, प्रगति का अर्थ भाजपा है। विनाश का अर्थ कांग्रेस है, प्रगति को रोकने का अर्थ कांग्रेस है।” नड्डा ने तुमकुरू में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक ओर भाजपा और उसके नेता हैं जो विकास के एजेंडे को लेकर आगे बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वे नेता कांग्रेस से हैं जो लोगों का ध्यान विकास से भटकाना चाहते हैं।

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मोंटाना के बाद अब लैटिन अमेरिका में दिखा चीनी गुब्बारा, चीन कर रहा अमेरिका की जासूसी ?

अमेरिका में एक बार फिर से चीन ने जासूसी करने की हिमाकत की है, जिसका बड़ा सबूत सामने आया है। अमेरिका के आसमान में चीनी स्पाई बैलून उड़ता दिखा है, जिसके बाद से अमेरिकी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है और उसने चीनी राजनयिक को समन जारी किया है। पेंटागन ने कहा कि एक संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारा कुछ दिनों से संयुक्त राज्य अमेरिका के आसमान में उड़ रहा है और सीनियर अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति जो बाइडेन को इसे शूट नहीं करने की सलाह दी है। क्योंकि ऐसा करने से इसके मलबे से लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

चीनी गुब्बारे को लेकर अमेरिका और चीन के बीच बढ़े तनाव के बाद एक और बड़ी जानकारी सामने आई है। पेंटागन ने कहा है कि मोंटाना के बाद अब लैटिन अमेरिका के आसमान में एक दूसरा चीनी जासूसी गुब्बारा देखा गया है। पेंटागन के प्रेस सचिव ब्रिगेडियर जनरल पैट्रिक राइडर ने एक बयान में कहा, हम एक और गुब्बारे के लैटिन अमेरिका से गुजरते हुए देख रहे हैं। अब हम आकलन कर रहे हैं कि क्या यह एक और जासूसी करने वाला चीन का गुब्बारा है।

चीनी गुब्बारों पर अमेरिका रख रहा है पैनी नजर

वहीं, गुब्बारे को लेकर अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि हम लगातार जासूसी गुब्बारे पर नज़र रख रहे हैं। हो सकता है कि अगले कुछ दिनों तक इस गुब्बारे के अमेरिकी हवाई क्षेत्र में बने रहने की उम्मीद है। पेंटागन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने कहा कि फिलहाल हम इन गुब्बारों को ट्रैक करना जारी रखेंगे। संभवत: कुछ दिनों के लिए ये गुब्बारे संयुक्त राज्य अमेरिका के आसमान में उड़ते रहेंगे लेकिन हम इसकी पूरी निगरानी रख रहे हैं और समय-समय पर इसका अपडेट दिया जाएगा।

अमेरिका में गुब्बारा दिखने के बाद बढ़ा तनाव

अमेरिकी आसमान में चीनी गुब्बारा दिखने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने प्रतिक्रिया स्वरूप अपनी बीजिंग यात्रा स्थगित कर दी। उन्होंने यह फैसला चीन के इस दावे के बावजूद लिया कि गुब्बारा एक मौसम अनुसंधान उपग्रह है। जो दिशा भटक गया है और उसका (बीजिंग का) ‘किसी भी संप्रभु देश के क्षेत्राधिकार तथा वायु क्षेत्र का उल्लंघन करने का कोई इरादा नहीं है। इस बैलून कांड के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।

गुब्बारा अमेरिका के उत्तर-पश्चिम में कर रहा निगरानी

गुब्बारा अमेरिका के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में उड़ रहा है, जहां संवेदनशील एयरबेस और रणनीतिक मिसाइलें हैं। एएफपी ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि स्पष्ट रूप से इस चीनी स्पाई गुब्बारे का इरादा निगरानी करना है और यह कई संवेदनशील साइटों के ऊपर उड़ान भर रहा है। फिलहाल, अभी यह चीनी गुब्बारा नॉर्दर्न मोंटाना के आसमान में उड़ रहा है और इसके पीछे अमेरिकी एयरफोर्स के विमान भी लग चुके हैं।

बताया जा रहा है कि अत्यधिक संवेदनशील परमाणु हथियार स्थलों की निगरानी करते प्रतीत होने वाले चीनी जासूसी गुब्बारों का पता लगाने के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने वाशिंगटन में चीन के प्रभारी राजनयिक को एक बहुत स्पष्ट और कठोर संदेश देने के लिए तलब किया है। इस बीच पेंटागन ने अपने बयान में कहा है कि चीनी गुब्बारा वर्तमान में वाणिज्यिक हवाई यातायात से काफी ऊंचाई पर यात्रा कर रहा है और जमीन पर लोगों के लिए सैन्य या शारीरिक खतरा पेश नहीं करता है।

चीनी गुब्बारा दिखने के बाद अमेरिका की चिंता

ब्लिंकन ने कहा कि उनका पहला काम यह सुनिश्चित करना है कि चीनी गुब्बारे को जल्द से जल्द अमेरिकी हवाई क्षेत्र से बाहर किया जाए। इस बीच, पेंटागन ने कहा कि बड़ी संख्या में पेलोड से लैस तीन बसों जितना बड़ा चीनी गुब्बारा संभवत: अगले कुछ दिनों तक अमेरिकी आसमान में रहेगा और इसमें व्यापक निगरानी करने की क्षमता है, ये हमारी चिंता का विषय है। ब्लिंकन ने ये भी कहा, ‘मेरा हमेशा से मानना रहा है कि संवाद के माध्यम खुले रखना जरूरी है। वास्तव में, यह घटना इसकी महत्ता को दर्शाती है और इसलिए हम इसे बरकरार रखेंगे।

विदेश मंत्री ब्लिंकन ने स्थगित की बीजिंग यात्रा

अमेरिकी हवाई क्षेत्र में चीनी जासूसी गुब्बारा दिखाई देने की वजह विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपनी बीजिंग यात्रा को स्थगित कर दिया। ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिकी हवाई क्षेत्र में चीनी जासूसी गुब्बारे की जानकारी सामने आने के बाद मैं चीन की अपनी यात्रा स्थगित कर रहा हूं। ब्लिंकन पांच और छह फरवरी को दो दिवसीय यात्रा पर चीन जाने वाले थे।

इस दौरान वह चीनी अधिकारियों के साथ रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध पर भी चर्चा करते। लेकिन जासूसी गुब्बारे की खबर सामने आने के बाद उन्होंने अपनी यात्रा स्थगित कर दी। ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका और चीन गुब्बारा समेत कई मुद्दे को लेकर बातचीत करना जारी रखेंगे।

राष्ट्रपति जो बाइडन को दी गई जानकारी

व्हाइट हाउस की तरफ से राष्ट्रपति जो बाइडन को चीनी गुब्बारों की जानकारी दी गई और बताया गया कि चीन अमेरिका के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन कर रहा है और अमेरिका इस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति बाइडन को यह भी बताया कि उन्होंने जनता की सुरक्षा को देखते हुए चीनी जासूसी गुब्बारे को नष्ट नहीं करने का निर्णय लिया है।

read more : महंगाई को लेकर आम जनता को लगा एक और झटका, अमूल दूध ने की दाम में बढ़ोतरी

महंगाई को लेकर आम जनता को लगा एक और झटका, अमूल दूध ने की दाम में बढ़ोतरी

बजट के तुरंत बाद मंहगाई की आम जनता पर एक और मार पड़ी है। अमूल ने 3 रुपये प्रति लीटर दूध के दाम में बढ़ोतरी कर दी है। बता दें, गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF), जो अमूल ब्रांड के तहत अपने डेयरी उत्पादों की मार्केटिंग करता है। उसने पिछली बार अक्टूबर में अपने गोल्ड, फ्रेश और शक्ति दूध ब्रांडों की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी। अब गुजरात डेयरी सहकारी अमूल ने आज से ताजा दूध पर 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस संशोधन के बाद अमूल गोल्ड की कीमत 66 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी।

अब दूध के लिए देने होंगे अधिक पैसे

अमूल ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि अमूल ताजा 54 रुपये प्रति लीटर, अमूल गाय का दूध 56 रुपये प्रति लीटर और अमूल ए2 भैंस का दूध अब 70 रुपये प्रति लीटर होगा। नई कीमतें अमूल पाउच दूध की सभी वेरिएंट पर 3 फरवरी से बढ़ा दी गई है। कीमतों में वृद्धि दूध के संचालन और उत्पादन की कुल लागत में वृद्धि के कारण की गई थी। अमूल ने कहा था कि अकेले मवेशियों के चारे की लागत बढ़कर लगभग 20 फीसदी हो गई है।

अमूल दूध ने पिछले साल अक्तूबर में बढ़ाये थे दाम

पिछले साल अक्तूबर में अमूल दूध ने कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। कहा गया था कि कीमतों में यह वृद्धि दूध के संचालन और उत्पादन की कुल लागत में वृद्धि के कारण की जा रही है। पिछले वर्ष की तुलना में केवल पशुओं के चारे की लागत में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इनपुट लागत में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए हमारे सदस्य संघों ने पिछले वर्ष की तुलना में किसानों की कीमतों में 8-9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

अमृतकाल है या वसूली काल ? 

कांग्रेस ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी पर सरकार को घेरा है, साथ में ये भी बताया है कि कैसे घर का बजट दूध ने बिगाड़ा है। कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा है, ‘अगर आपके परिवार में हर दिन 2 लीटर दूध लगता है। तो अब आपको हर दिन 6 रुपये ज्यादा देने होंगे। इस तरह से एक महीने में 180 रुपये का बजट बढ़ेगा और एक साल में 2,160 रुपये का ज्यादा भुगतान करना होगा और साथ ही कांग्रेस ने पूछा है कि ये अमृतकाल है या वसूली काल ? 

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शेयरों में आया भूचाल, अरबपतियों की लिस्ट में टॉप-20 से भी हुए बाहर गौतम अडानी

अडानी ग्रुप के शेयरों में लगातार सातवें दिन गिरावट देखने को मिल रही है। इस गिरावट की वजह से निवेशकों में हड़कंप मच गया है। कंपनी के शेयरों में लोअर सर्किट लगा हुआ है। वहीं, पिछले 5 दिनों में अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर्स 66 फीसदी लुढ़क गए हैं। वहीं, गौतम अडानी की संपत्ति की बात करें तो हिंडनबर्ग की रिपोर्ट (Hindenburg Report) के बाद में उनकी नेटवर्थ में बड़ी गिरावट आई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब गौतम अडानी दुनिया के अमीरों में टॉप-20 से भी बाहर हो गए हैं।

4 घंटों में हुआ 10.7 अरब डॉलर का नुकसान

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, गौतम अडानी की नेटवर्थ में बड़ी गिरावट आई है। जिसकी वजह से अब गौतम अडानी अरबपतियों की लिस्ट में 21वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनकी संपत्ति अब घटकर 61.3 अरब डॉलर रह गई है। पिछले 24 घंटों में अडानी को 10.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।

गौतम अडानी पिछले 24 घंटे में 5 पायदान नीचे खिसके 

गौतम अडानी 64.7 अरब डॉलर के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 16वें नंबर पर थे और महज 24 घंटे में ही वे पांच पायदान नीचे खिसककर 21वें नंबर पर पहुंच गए हैं। बीते साल 2022 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले व्यक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले अडानी के लिए साल 2023 बेहद खराब साबित हो रहा है। नुकसान की बात करें तो ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल की शुरुआत से अब तक उनकी 59.2 अरब डॉलर की संपत्ति साफ हो गई है। बीते 10 दिनों में ही अडानी ग्रुप ने 52 अरब डॉलर गवां दिए हैं।

2023 की शुरुआत से ही अडानी पर मंडरा रहा संकट

आपको बता दें गौतम अडानी गुरुवार को अमीरों की लिस्ट में 64.7 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ में 16वें नंबर पर थे। वहीं, पिछले 24 घंटों में वह 5 स्थान नीचे फिसल कर 21वें नंबर पर पहुंच गए हैं। पिछले साल यानी 2022 की बात करें तो वह अमीरों की लिस्ट में टॉप पर बने हुए थे। साल 2023 की शुरुआत से ही अडानी संकट में फंसे हुए हैं।

फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग से भी पीछे अडानी

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, गौतम अडानी की नेटवर्थ में आई गिरावट के चलते अब वे अरबपतियों की लिस्ट में खिसककर 21वें पायदान पर पहुंच गए हैं। उनकी कुल संपत्ति घटकर 61.3 अरब डॉलर रह गई है और बीते 24 घंटे में उन्हें 10.7 अरब डॉलर क नुकसान हुआ है। शेयरों में गिरावट के चलते बने हालातों के बीच अब गौतम अडानी फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग से भी पीछे हो गए हैं। जुकरबर्ग की कुल नेटवर्थ 69.8 अरब डॉलर है और वे लिस्ट में 13वें नंबर पर पहुंच गए हैं।

एडिशनल सर्विलांस मेजर्स के तहत अडानी की तीन कंपनियां 

हर बीतते दिन के साथ गौतम अडानी की कंपनियों का हाल बेहाल होता जा रहा है। इस बीच स्टॉक मार्किट के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अडानी ग्रुप की तीन कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स और अंबुजा सीमेंट्स को एडिशनल सर्विलांस मेजर्स के तहत रखने का बड़ा फैसला लिया है।

बता दें हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के बाद अब तक का सबसे बड़ा नुकसान झेल रहे गौतम अडानी को अडानी एंटरप्राइजेज का 20,000 करोड़ रुपये फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) फुल सब्सक्राइब्ड होने के बाद भी वापस लेना पड़ा और इसमें निवेश करने वाले इन्वेस्टर्स के पैसे वापस करने पड़े हैं।

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नेपाल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वेस्टर्न ट्रैवल मार्ट का कार्यक्रम हुआ आयोजित

रिपोर्ट मो.फुजैल। पोखरा विमान हादसा के बाद नेपाल टूरिज्म पर पड़े असर को कम करने और पश्चिमी नेपाल के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से वेस्टर्न ट्रेवल मार्ट फेम ट्रिप विद सेल्स मिशन का आयोजन बीते दिवस नेपाल पश्चिमी क्षेत्र नेपालगंज में हुआ।

नेपाल टूरिज्म बोर्ड और नेपाल एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल एंड टूर एजेंट्स (नट्टा), बांके चैप्टर संयुक्त परियोजना और नेपालगंज सब-मेट्रोपॉलिटन सिटी, टूरिज्म प्रमोशन फोरम बांके, होटल एसोसिएशन ऑफ नेपाल (एचएएन) बांके, होटल एसोसिएशन ऑफ बांके सहित अन्य संगठनों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया।

इस ऐतिहासिसक आयोजन में वेस्टर्न ट्रेवल मार्ट फेम ट्रिप विद सेल्स मिशन का शुभारंभ करते हुए बांके जिले से प्रतिनिधि सभा के सदस्य डॉ. धवल शमशेर जबारा ने कहा कि नेपाल भारत के लिए सबसे अच्छा पर्यटन स्थल है और भारतीयों को इसका लाभ उठाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जल्द ही नेपालगंज से दिल्ली, देहरादून सहित अन्य शहरों के लिए सीधी उड़ान की पहल की जाएगी। इससे दोनों देशों को फायदा होगा। टीएआई के अध्यक्ष ज्योति मयाल ने कहा कि जब नेपाल और भारत मिलकर काम करते हैं तो दोनों देशों के पर्यटन में अधिक गतिशीलता लाई जा सकती है और टाई इसके सहयोग के लिए हमेशा सकारात्मक रहता है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड ने दिया भारत को विशेष महत्व

नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रबंधक श्रद्धा श्रेष्ठ ने कहा कि भारत, नेपाल का एक महत्वपूर्ण पर्यटन संसाधन बाजार है। इसलिए पर्यटन बोर्ड ने भारत को विशेष महत्व दिया है और कहा है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय व्यवसायी भी नेपाल के बारे में अधिक समझेंगे और संभावनाओं का विस्तार करेंगे। नाटा के अध्यक्ष रमेश थापा ने कहा कि नेपाल सभी मौसमों के लिए एक उत्कृष्ट गंतव्य है। नेपाल हमेशा भारतीय पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है।

इसी तरह नाटा के निवर्तमान अध्यक्ष अच्युत गुरगई ने कहा कि पश्चिम नेपाल अपने आप में एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है और इस कार्यक्रम से दोनों देशों में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। नट्टा बांके चैप्टर के अध्यक्ष श्रीराम सिगदेल ने कहा कि मार्ट नई और अलग सोच के साथ पश्चिमी नेपाल में पर्यटन क्षमता की खोज, विकास और व्यापार विस्तार का समर्थक होगा।

पयर्टन स्थलों को देखने पहुंचेंगे लोग

नेपाल पर्यटन बोर्ड और नेपाल एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल एंड टूर ऑपरेटर्स (नट्टा) के सहयोग से बीते दिनों गोरखपुर, वाराणसी और लखनऊ में किये गये कार्यक्रम भी लोगों को पसंद आये। इन शहरों के लोगों ने बताया कि भारतीय भारत की ओर से नेपाल की यात्रा करना चाहते हैं। मगर वह चाहते हैं, वह पड़ोसी देश के निवासी हैं, इसलिए उन्हें विशेष तरह के पैकेज का लाभ दिया जाए। साथ ही नेपाल जाने वाले वाहनों का प्रवेश और सुगम किया जाए।

नेपाल की कला, संस्कृति की रही धूम

वेस्टर्न ट्रेवल मार्ट फेम ट्रिप विद सेल्स मिशन का आयोजन में कला, संस्कृति, थारू डांस, देवड़ा, नेपाली सांस्कृतिक डांस, हिंदी सिनेमा के भी गानों की धूम रही। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के सलाहकार टीपी भुसाल ने बताया कि यहां पर्यटन स्थलों में बर्दिया नेशनल पार्क नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा जंगल है। तराई का सबसे बड़ा जंगल है। इसमें 125 बाघ, गेंडा, हाथी, चीतल समेत अन्य वन्य जीव मौजूद है। नेपाल इंडिया एयर कनेक्टिविटी के लिए संयुक्त प्रयास चल रहा है। मानसरोवर की यात्रा भी शामिल है।

नेपालगंज में वेस्टर्न ट्रेवल मार्ट का यह पहला कार्यक्रम हुआ। आने वाले समय में यह पोखरा, लुंबिनी, धनगढ़ी, धरान में आयोजित होगा। बताया कि बागेश्वरी धाम में पार्वती जी का एक अंग पतन हुआ है। बागेश्वरी माता का मंदिर काफी मान्यता वाला है। भारत को महत्व देते हुए नेपाल ने लगातार इस तरह कार्यक्रम करेगा।

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प्रयागराज में बोले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री – हम सब साथ हों, तो भारत हिंदू राष्ट्र

मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने बयानों को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अब उन्होंने हिंदू राष्ट्र को लेकर एक और बवाल खड़ा कर दिया है। प्रयागराज में उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘अगर हम सब साथ हों तो भारत हिंदू राष्ट्र होगा। उन्होंने ये भी कहा कि अब हिंदू राष्ट्र का बिगुल बजा दो। आओ जातिवाद को तोड़कर हम सब हिंदू एक हों।

बता दें कि धीरेंद्र शास्त्री प्रयागराज पहुंचे हैं। यहां उन्होंने संगम में स्नान किया और उसके बाद माघे मेले में संतों से मुलाकात की। धीरेंद्र शास्ती श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी वायुदेवानांद के शिविर भी जाएंगे। इसके बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की आचार्यबाड़ा में स्वामी राघवाचार्य के शिविर जाने की भी चर्चा है।

क्यों विवादों में हैं धीरेंद्र शास्त्री ?

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर नागपुर की एक अंध श्रद्धा उन्मूलन समिति ने अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। समिति के संयोजक का कहना है धीरेंद्र शास्त्री चमत्कार करने का दावा करते हैं और लोगों में अंधविश्वास फैलाते हैं। इस पूरे मामले में शास्त्री के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई, लेकिन पुलिस को धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कुछ नहीं मिला और उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी।

चैंलेज मिला तो सामने धीरेंद्र शास्त्री के गुरु

वहीं, इसके बाद धीरेंद्र शास्त्री लगातार अपने बयानों के लिए विवादों में रहे। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई कांग्रेस नेताओं ने उनको चैंलेत तक दे डाला। इसके बाद उनके गुरु रामभद्राचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘मेरा शिष्य बहुत योग्य लड़का है, अच्छा काम कर रहा है, चरित्रवान है। उसकी लोकप्रियता को लोग पचा नहीं पा रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री कई बार कह चुके हिंदू राष्ट्र बनाने की बात

हिंदू राष्ट्र को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने पहली बार बयान नहीं दिया है। धीरेंद्र शास्त्री कई बार मंचों से भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात कर चुके हैं। कुछ दिन पहले ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था, ‘नेताजी ने नारा दिया था तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। आज मैं एक नारा दे रहा हूं, तुम मेरा साथ दो, मैं तुम्हें हिंदू राष्ट्र दूंगा।

संतो का आशीर्वाद रखता है, वो झंडा गाड़ता है

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “समस्त भारत वर्ष के साधु-संत और गंगा मैया को प्रणाम करते हुए एक ही बात कहेंगे कि अगर हम सब साथ हों, तो भारत हिंदू राष्ट्र है। जितने दिन तक सोते रहे, सोते रहे, हम संतों का आशीर्वाद लेने आए हैं। जिसके ऊपर संतों के चरणों की कृपा हो जाती है, वो निर्बल सबल हो जाता है। हम घोषणा नहीं, प्रार्थना कर रहे हैं कि देश को ये तीन- कायर, कपटी और क्रूर मिटाते हैं। जो संतो का आशीर्वाद रखता है, वो झंडा गाड़ता है।

कैंसर वाले रोगियों को सनातन धर्म से दिक्कत

इससे पहले उन्होंने कहा था कि अब यूपी में भी वह सनातनी झंडा गाड़ेंगे। सनातन का झंडा पूरी धमक के साथ यूपी में लहराएगा। धीरेंद्र ने कहा कि वह संगम में डुबकी लगाकर संतों के चरणों में प्रणाम करेंगे, जिससे जो लोग रामचरितमानस के लिए बोल रहे हैं उन्हें सद्बुद्धि मिले। उन्होंने कहा कि भारत विश्व गुरु बनेगा, सिर्फ कैंसर वाले रोगियों को सनातन धर्म से दिक्कत है।

संगम का अर्थ ही है जहां सब एक हो जाएं – धीरेंद्र शास्त्री

प्रयागराज पहुंचे से पहले धीरेंद्र कहा था, “सनातन का झंडा पूरी दुनिया में धमक के साथ लहराएगा। भारत की भूमि उत्तर प्रदेश अद्भुत भूमि है। प्रयागराज जा रहे, संगम का अर्थ ही है जहां सब एक हो जाएं। संगम में डुबकी लगाने का अर्थ है सब में एक हो जाना, अपने आप को सब में मिलाना, संतो के चरणों में मिलाना, वहां भी बहुत बड़ा झंडा गड़ेगा।

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विशाखापत्तनम होगी आंध्र प्रदेश की नई राजधानी, मुख्यमंत्री जगन रेड्डी का ऐलान

आंध्र प्रदेश की राजधानी में बदलाव किया गया है। अब राज्य की राजधानी अमरावती नहीं होगी। मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने इसे लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने ऐलान किया है कि विशाखापट्टनम को दक्षिण भारतीय राज्य आंध्रप्रदेश की नई राजधानी के रूप में जाना जाएगा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की राजधानी को विशाखापत्तनम स्थानांतरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि वह अपना कार्यालय विशाखापत्तनम में स्थानांतरित करेंगे। 23 अप्रैल, 2015 को आंध्र सरकार ने अमरावती को अपनी राजधानी घोषित किया था। फिर 2020 में, राज्य ने तीन राजधानी शहर बनाने की योजना बनाई। जिनमें अमरावती, विशाखापत्तनम और कुरनूल शामिल थे।

अभी अमरावती है आंध्र प्रदेश की राजधानी

अभी आन्ध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है। तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तमाम विवादों को दरकिनार कर 23 अप्रैल, 2015 को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी के लिए अमरावती को चुना था। वहीं 22 अक्टूबर, 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमरावती में नई राजधानी के निर्माण के लिए बुनियाद रखी। लेकिन जगन मोहन रेड्डी की सरकार ने बीते साल नवंबर में विवादास्पद आंध्र प्रदेश विकेंद्रीकरण और सभी क्षेत्रों के समावेशी विकास अधिनियम 2020 को निरस्त कर दिया था।

विशाखापट्टनम का इतिहास और उससे जुड़ी जरुरी जानकारियां

आंध्र सरकार की राजधानी को विशाखापत्तनम चुनने के पीछे कई वजहें हैं। शहर की कनेक्टिविटी परफेक्ट है, जिसमें यह हाईवे, रेल, हवाई और जलमार्ग से जुड़ा है। इसके साथ ही शहर की आर्थिक क्षमता भी ज्यादा है, जिसमें संपन्न बंदरगाह, आईटी उद्योग और इस्पात संयंत्र के अलावा एक प्रमुख आर्थिक केंद्र हैं। यदि इस शहर की प्राकृतिक सुंदरता की बात करें तो यहां हरियाली और खूबसूरत नजारों का एक ऐसा समावेश है। जो हर किसी को मोहित कर लेता है। विशाखापट्टनम देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार है। सरकार शहर को भौतिक रूप से और भी खूबसूरत बनाने के लिए बुनियादी ढांचे में पर योजनायें बना रही है। इसके साथ ही सरकार इसके सुधार में निवेश कर रही है, जिससे निवेशकों और व्यवसायों के लिए इसे ज्यादा आसान बनाया जा सके।

वैश्विक शिखर सम्मेलन विशाखापट्टनम में होगा आयोजित

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम एक वैश्विक शिखर सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं। यह 3 और 4 मार्च को विशाखापट्टनम में आयोजित होने जा रहा है। मैं इस अवसर को आप सभी को व्यक्तिगत रूप से शिखर सम्मेलन में आमंत्रित कर रहा हूं। उन्होंने उद्योग जगत के लोगों से बैठक में हिस्सा लेने और राज्य में निवेश करने का अनुरोध भी किया। साथ ही साथ मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने कहा आप सभी से अनुरोध है कि आप ना केवल यहां आएं बल्कि विदेशों में अपने सहयोगियों के सामने इसे लेकर एक अच्छा और एक मजबूत शब्द भी रखें। मालूम हो कि वह दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय राजनयिक गठबंधन की बैठक में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने विदेशी और घरेलू निवेशकों से आग्रह करते हुए कहा कि वे यहां आएं और देखें कि आंध्र प्रदेश राज्य में व्यापार करना कितना आसान है।

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बेणेश्वर धाम पर आदिवासियों के महाकुम्भ राष्ट्रीय बेणेश्वर मेले का हुआ आगाज

ब्यूरो रिपोर्ट जगदीश तेली बेणेश्वरधाम (डूंगरपुर) – डूंगरपुर जिले के बेणेश्वर धाम पर आदिवासियों का महाकुम्भ कहे जाने वाले राष्ट्रीय बेणेश्वर मेले का आगाज हो गया है। बेणेश्वर धाम के महंत अच्युतानंद महाराज ने राधा-कृष्ण मंदिर पर सप्तरंगी ध्वजा फहराते हुए 10 दिवसीय मेले का आगाज किया। इधर बेणेश्वर मेले के तहत जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमो का आयोजन होगा वही टीएडी विभाग की ओर से विभिन्न खेलकूद व अन्य प्रतियोगिताओ का आयोजन हुआ। 5 फरवरी को मुख्य मेला भरेगा। जिसमे लाखो की संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।

बेणेश्वर धाम के महंत अच्युतानंद महाराज ने राधा कृष्ण मंदिर में पूजा अर्चना के बाद सतरंगी ध्वजा की आम्रपल्लव के साथ पूजा की। इसके बाद ढोल नगाड़ों और संत मावजी महाराज की वाणियो के साथ मंदिर पर ध्वजा फहराई। ध्वजारोहण के साथ ही बेणेश्वर मेले का आगाज हुआ और संत मावजी महाराज के जयकारे गूंज उठे। बेणेश्वर मेले को लेकर पहले दिन से ही श्रद्धालुओ की भारी भीड़ नजर आई। साबला, वालाई और बेणेश्वर धाम के पुलिया पर हजारों श्रद्धालूओ की भीड रही।

सोम, माही और जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम में लोगो ने पवित्र डुबकी लगाई। सालभर में परिवार में मृत लोगो की अस्थियों का त्रिवेणी संगम में विसर्जन कर तर्पण अर्पण किया। धाम पर मंदिरों में दर्शनों के लिए भक्तो की भारी भीड़ रही। राधा कृष्ण मंदिर, शिव मंदिर, ब्रह्माजी मंदिर और वाल्मिकी मंदिर में दर्शनों के बाद लोगो में मेले का लुत्फ उठाया। मेले में मनोरंजन के झूले समेत कई तरह के साधन लगे है। वही 1 हजार से ज्यादा छोटी मोटी दुकानों पर भी श्रद्धालुओ ने खरीदारी की।

5 फरवरी को पालकी यात्रा और शाही स्नान रहेंगे आकर्षण

बेणेश्वर मेले के तहत माघ पूर्णिमा के दिन 5 फरवरी को मुख्य मेला भरेगा। इसी दिन महंत अच्युतानंद महाराज की पालकी यात्रा निकाली जाएगी। साबला हरी मंदिर से पालकी यात्रा 5 किमी दूर बेणेश्वर धाम पहुचेगी। बेणेश्वर आबुदर्रघाट पर महंत अच्युतानंद महाराज के साथ हजारों माव भक्त शाही स्नान कर डुबकी लगाएंगे। शाही स्नान और पालकी यात्रा के दर्शनों के लिए बड़ी भीड़ लगेगी।

मेले की सुरक्षा में लगे 800 से ज्यादा पुलिसकर्मी और नाइट विजन कैमरे

बेणेश्वर मेले में सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए है। मेले में 800 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। ये पुलिसकर्मी साबला, वालाई और बांसवाड़ा पुलिया के रास्ते से लेकर बेणेश्वर धाम पर जगह जगह तैनात किये गए है। पुलिस की ओर से 17 चैकिंग पॉइंट बनाए है। वही बेणेश्वर धाम पर सभी खास जगहों पर 40 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों भी लगाए गए है। नाइट विजन के इन केमरो से रात के समय भी नजर रख सकेंगे। वही मेले में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर ट्रैफिक कर्मियों को लगाया गया है।

मेले के दौरान होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम व खेल

डूंगरपुर जिले के साबला उपखंड अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि बेणेश्वर मेले के दौरान जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग की ओर से कई संस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इसके साथ टीएडी व खेल विभाग की ओर से कई खेलकूद प्रतियोगिताये भी आयोजित होंगी। जिसमे पुरुष और महिला वर्ग की एथलेटिक्स, सितोलिया प्रतियोगिता होगी। जबकि तीरंदाजी, वालीबॉल, रस्साकसी महिलाओं की मटका दौड़, भजन मंडली, साफा बांधो प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेगी। प्रतियोगिता में जितने वाले को उचित ईनाम भी मिलेगा।

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केंद्रीय बजट पर आने लगे रिएक्शन, आइये जानते है किसने क्या कुछ कहा ?

आज लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2023-24 पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है और उज्‍जवल भविष्य की तरफ आगे बढ़ रही है। दरअसल, वित्त मंत्री ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका को और मजबूत करने का की बात कही। वहीं, केंद्रीय बजट 2023-24 पेश होने के बाद बजट पर चर्चाएं तो शुरु हो गई है। इसके साथ ही आम बजट को लेकर प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आम बजट को लेकर दी प्रतिक्रिया

आम बजट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इसमें गांव, गरीब और किसानों का ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि इस बजट में मिडिल क्लास का भी खास ध्यान रखा गया है। प्रधानमंत्री ने कहा, इस बजट से विकसित भारत का सपना पूरा होगा। हमने टेक्नोलॉजी पर बहुत बल दिया है। उन्होंने कहा कि बजट में वंचितों को वरियता दी गई है। महिलाओं के लिए भी विशेष बजट है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये बजट भारत के विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा इस बजट में MSMEs का भी ध्यान रखा गया है और पेमेंट की भी नई व्यवस्था बनाई गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं निर्मला सीतारामन को इस बजट के लिए बधाई देता हूं।

बसपा सुप्रीमो मायावती के ट्वीट कर लिखा

देश में पहले की तरह पिछले 9 वर्षों में भी केन्द्र सरकार के बजट आते-जाते रहे, जिसमें घोषणाओं, वादों, दावों व उम्मीदों की बरसात की जाती रही है। किन्तु वे सब बेमानी हो गए, जब भारत का मिडिल क्लास महंगाई, गरीबी व बेरोजगारी आदि की मार के कारण लोवर मिडिल क्लास बन गया। ये अति-दुखद है। इस वर्ष का बजट भी कोई ज्यादा अलग नहीं है। पिछले साल की कमियां कोई सरकार नहीं बताती, नए वादों की फिर से झड़ी लगा देती हैं। जबकि जमीनी हकीकत में 100 करोड़ से अधिक जनता का जीवन वैसे ही दाव पर लगा रहता है, जैसे पहले था। लोग उम्मीदों के सहारे जीते हैं, लेकिन झूठी उम्मीदें क्यों ?

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव किया ट्वीट

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा कि भाजपा अपने बजट का दशक पूरा कर रही है, पर जब जनता को पहले कुछ न दिया तो अब क्या देगी। भाजपाई बजट महंगाई व बेरोज़गारी को और बढ़ाता है। किसान, मज़दूर, युवा, महिला, नौकरीपेशा, व्यापारी वर्ग में इससे आशा नहीं निराशा बढ़ती है, क्योंकि ये चंद बड़े लोगों को ही लाभ पहुँचाने के लिए बनता है।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया ट्वीट

आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा- “मैं आजादी के अमृत काल में प्रस्तुत ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूर्ण करते सर्वसमावेशी और लोक-कल्याणकारी केंद्रीय बजट 2023-24 का स्वागत करता हूं। आदरणीय प्रधानमंत्री जी एवं मा. केंद्रीय वित्त मंत्री जी का हार्दिक अभिनंदन! वर्तमान केंद्रीय बजट गांव, गरीब, किसान, नौजवान व महिलाओं समेत समाज के हर वर्ग की आशाओं और राष्ट्र के समग्र उत्थान की अपेक्षाओं को पूरा करने वाला है। निःसंदेह, यह बजट भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। आज प्रस्तुत हुए आम बजट 2023-24 में ‘नए भारत’ की समृद्धि का संकल्प है, अंत्योदय का विजन है। 130 करोड़ देश वासियों की सेवा का लक्ष्य है।

आम बजट पर बोले कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम

कांग्रेस सरकार में वित्तमंत्री रहे ​पी. चिदंबरम के बेटे और दिग्गज कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने दिल्ली में बजट के समापन पर कहा कि बजट का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रपति के अभिभाषण और आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की पुनरावृत्ति है। हालांकि उन्होंने इस बात की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस बजट में टैक्स में किसी भी तरह की कटौती का स्वागत है। लोगों के हाथ में पैसा देना अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का सबसे अच्छा तरीका है।

जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला ने कहा

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने दिल्ली में बजट के समापन पर अपने कथन में कहा कि इस बजट में मध्यम वर्ग को मदद दी गई है, सबको कुछ न कुछ दिया गया है। अब्दुल्ला ने कहा कि डेढ़ घंटे तक हमने बजट सुना अब हम इस पर बात करेंगे, जब मौका आएगा।

बजट में मनरेगा का कोई जिक्र नहीं था – सांसद शशि थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि बजट में कुछ चीजें अच्छी थी मैं इसे पूरी तरह नकारात्मक नहीं कहूंगा, लेकिन अभी भी कई सवाल उठते हैं। बजट में मनरेगा का कोई जिक्र नहीं था। सरकार मजदूरों के लिए क्या करने जा रही है? बेरोजगारी, महंगाई की बात भी नहीं की गई।

इस केंद्रीय बजट से महिला का सम्मान बढ़ा – स्मृति ईरानी

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इस बजट से महिला का सम्मान बढ़ा, बच्चों और किशोरों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी की घोषणा से ज़िला स्तर पर बच्चे कैसे पढ़ेंगे और बढ़ेंगे इसका उल्लेख किया गया है। नारी शक्ति एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कैसे कर सकती है इसका प्रतिबिंब आज के बजट में दिखता है। ये बजट मध्यम वर्ग के हित में भी है, इससे भारत प्रफुल्लित है भले ही विपक्ष नाराज हो।

राजनाथ सिंह ने की आम बजट की तारीफ

बजट को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 2023-24 का केंद्रीय बजट किसानों, महिलाओं, हाशिए पर पड़े वर्गों और मध्यम वर्ग को सहायता प्रदान करने की प्राथमिकता के साथ विकास और कल्याण पर केंद्रित है। सिंह ने कहा कि बजट प्रस्ताव देश को कुछ वर्षों के भीतर 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और विश्व स्तर पर शीर्ष तीन अर्थव्यवस्था बनने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में ले जाएगा।

ये तो बजट वही है जो पिछले 8-9 साल से आ रहा था – महबूबा मुफ्ती

पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह बजट वही है जो पिछले 8-9 साल से आ रहा था। टैक्स बढ़ाए गए, कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी पर पैसा खर्च नहीं किया जा रहा है। कुछ सांठगांठ वाले पूंजीपतियों और बड़े कारोबारियों के लिए टैक्स वसूला जा रहा है। जनता को टैक्स से फायदा होना चाहिए लेकिन इससे उसकी कमर टूट रही है।

रोजगार के लिए गोल-गोल बातें – आरजेडी सांसद मनोज झा

आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि मैंने वित्त मंत्री को कई बार कहा है कि जब भी बजट बनाए तो अनुच्छेद 39 को देख लें। संविधान से आंखें मूंद कर स्तुति गान वाला बजट बनाते हैं तो कुछ हासिल नहीं होगा। रोजगार के लिए आपने गोल-गोल बातें की। ये बजट खास लोगों का खास लोगों द्वारा खास तरह से बनाया बजट है।

किसानों के लिए कुछ नहीं – सांसद डिंपल यादव

सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि ये चुनावी बजट है, किसानों के लिए कुछ नहीं है। किसानों की एमएसपी की बात नहीं की है। रेलवे को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया है। आधी से ज्यादा आबादी गांव में बसती है लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया है। ये बहुत ही निराशाजनक बजट है।

ये आम बजट बहुत अच्छा – गौतम गंभीर

भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि आम आदमी के लिए ये बजट बहुत अच्छा है, ये एक ऐतिहासिक कदम है। मध्यम वर्ग को इस बजट से बहुत राहत मिलेगी।

अमृतकाल का पहला बजट बहुत क्रांतिकारी – मनोहर लाल

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अमृतकाल का पहला बजट बहुत क्रांतिकारी है, ये समाज के हर वर्ग को राहत देने वाला है। विशेषकर मध्यम वर्ग को आयकर में राहत दी गई है। जो टैक्स स्लैब बनाया गया है वो राहत देने वाला है। युवा, महिला, वरिष्ठ नागरिक सभी को इस बजट में राहत दी गई है।

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