Thursday, April 9, 2026
Home Blog Page 59

कंझावला कांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, पीड़िता के पोस्टमॉर्टम में रेप की पुष्टि नहीं

कंझावला कांड में पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। इसमें बताया गया है कि पीड़िता से रेप नहीं हुआ है और उसके सिर और रीढ़ की हड्डी बुरी तरह डैमेज हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़िता के सिर, रीढ़, दोनों निचले अंगों में मौत के पहले लगी चोट की वजह से ब्लीडिंग हुई थी। सभी चोटें वाहन के एक्सीडेंट और घिसटने की वजह से लगने की आशंका जताई गई है। इस मामले में आखिरी रिपोर्ट जल्द ही मिलेगी और मामले की जांच जारी है।

दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्र ने बताया कि रिपोर्ट में मौत का अस्थाई कारण सिर, रीढ़, बाएं फीमर, दोनों निचले अंगों में लगी चोट से ब्लीडिंग बताया गया है। सभी चोटें ब्लंट फोर्स, वाहन दुर्घटना और घिसटने के कारण लगी हैं। इसके अलावा, रिपोर्ट इशारा करती है कि यौन हमले की वजह से कोई चोट नहीं लगी है।

यौन उत्पीड़न के कोई सबूत नहीं मिले

यौन उत्पीड़न के कोई सबूत नहीं मिले हैं। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में एक चिकित्सकीय बोर्ड ने पीड़िता के शव का पोस्टमॉर्टम किया था। कंझावला में 20 वर्षीय पीड़िता की स्कूटी को एक कार ने टक्कर मार दी थी और युवती को सुल्तानपुरी से कंझावाला तक करीब 12 किलोमीटर घसीटते हुई ले गए। इस दर्दनाक घटना में युवती की मौत हो गई थी। पुलिस ने कार में कथित तौर पर सवार पांच लोगों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया था।

आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजा

सुल्तानपुरी निवासी पीड़िता एक कार्यक्रम प्रबंधन फर्म में काम करती थी और नव वर्ष की पूर्व संध्या पर काम के सिलसिले में बाहर थी। जब यह घटना हुई। कार में कथित तौर पर सवार पांच लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक स्थानीय अदालत ने पांचों आरोपियों को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है ।

पूरे शरीर पर चोट के निशान

पुलिस से जुड़े सूत्र ने बताया, ‘पोस्टमार्टम से पता लगा है कि पीड़िता के पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं। लेकिन उसके निजी अंगों पर चोट के कोई निशान नहीं पाए गए। हालांकि पुलिस ने आगे की जांच के लिए एहतियातन पीड़िता का जींस, स्वाब सुरक्षित रख लिए हैं।

read more : यात्रा ने किया यूपी में प्रवेश, क्या पश्चिम से पूर्वांचल को संदेश दे पाएगी कांग्रेस ?

यात्रा ने किया यूपी में प्रवेश, क्या पश्चिम से पूर्वांचल को संदेश दे पाएगी कांग्रेस ?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा आज दिल्ली से उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर जाएगी। तीन दिन तक ये यात्रा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन महत्वपूर्ण जिलों में रहेगी। इस भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कांग्रेसी बेहद उत्साहित हैं। यात्रा को लेकर पूरा रूट फाइनल कर दिया गया है।

कांग्रेस की ओर से गत 24 दिसंबर को राहुल गांधी की यात्रा दिल्ली में आने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए गए सवालों के चलते आज यात्रा शुरू होने से पहले इसका असर दिख रहा है। यात्रा यमुना बाजार हनुमान मंदिर मरघट वाले बाबा से शुरू होनी है उसके लिए सुरक्षा के बहुत ही जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं ताकि सुरक्षा में कोई चूक ना हो सके।

दिल्ली की सीमा से राहुल गांधी यूपी में दाखिल हुए तो उनकी इस यात्रा में उनकी बहन प्रियंका गांधी भी उनके साथ जुड़ीं। इस मौके पर प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी के साथ मंच भी साझा किया।

राहुल प्रियंका मंच पर बैठे हैं साथ

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हैं। राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी का हाथ पकड़कर मंच पर बैठे हैं। प्रियंका पहले भी राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में कदमताल कर चुकी हैं। लेकिन यूपी में उनका जुड़ना एक राजनीतिक संदेश है।

भारतीय राजनीति के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति काफी खराब है और पार्टी ने प्रियंका गांधी को इस सूबे में कांग्रेस की कमान सौंपी है। प्रियंका लंबे समय से उत्तर प्रदेश में सक्रिय रही हैं।

भाई पर गर्व है – प्रियंका गांधी

यात्रा की शुरुआत से पहले प्रियंका गांधी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की इमेज खराब करने के लिए भाजपा ने करोड़ों रुपए खर्च किए। प्रियंका गांधी ने मंच पर खड़े होकर कहा, मेरे बड़े भाई इधर देखो मुझे सबसे ज्यादा गर्व तुम पर है क्योंकि सत्ता का पूरा जोर लगाया गया।

तुम्हारी छवि को खराब करने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च किए। लेकिन ये सच्चाई से पीछे नहीं हटे। इन पर एजेंसियां लगाईं गईं, ये डरे नहीं। योद्धा हैं… योद्धा हैं… अदानी जी और अंबानी जी ने देश के सारे नेताओं को खरीद लिया। लेकिन मेरे भाई को नहीं खरीद पाए और ना कभी खरीद पाएंगे।

यात्रा के दौरान कड़ाके की ठंड में भी राहुल हाफ टीशर्ट पहनकर चल रहे हैं। इस पर प्रियंका ने कहा कि लोग कहते हैं कि भाई को ठंड से बचाओ। राहुल गांधी शक्ति का कवच पहन कर चल रहे हैं। भगवान उनकी रक्षा कर रहे हैं।

यात्रा में शामिल हुए ए एस दौलत

राहुल गांधी को दिल्ली में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी रहे ए एस दौलत का साथ मिला है। ए एस दौलत आज यात्रा में शामिल हुए और राहुल के हाथ में हाथ डाल चले। ए एस दौलत आईबी के स्पेशल डायरेक्टर और रॉ के सचिव रह चुके हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी पर ‘कश्मीरः द वाजपेयी ईयर्स’ नाम से किताब भी लिखी है।

कांग्रेस को यात्रा से हैं ये उमीदें

राहुल गांधी की ये भारत जोड़ो यात्रा अपने मकसद में कितना कामयाब होगी ये तो आने वाला वक्त तय करेगा। लेकिन इतना साफ है कि इस यात्रा ने कांग्रेसियों का उत्साह जरूर सांतवे आसमान पर ला दिया है। उन्हें उम्मीद है कि यूपी में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन हासिल करने में ये यात्रा बहुत बड़ी मददगार साबित हो सकती है।

तीन जिलों 6 विधानसभा को कवर करेंगे राहुल गांधी

राहुल गांधी अपनी इस भारत जोड़ो यात्रा में तीन जिलों की 6 विधानसभा से गुजरेंगे। इसमें गाजियाबाद जिले की लोनी विधानसभा, बागपत जिले की बागपत, बड़ौत और छपरौली विधानसभा शामिल है। जबकि शामली जिले की शामली विधानसभा और कैराना विधानसभा शामिल हैं।

क्या यात्रा के सहारे पूरे यूपी में बड़ा संदेश दे पाएगी कांग्रेस ?

राहुल गांधी कन्या कुमारी से लेकर कश्मीर तक भले ही भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं। कांग्रेस को लगता है इस भारत जोड़ो यात्रा के सहारे वो पूरे यूपी में बड़ा संदेश दे पाएगी। लेकिन जिस यूपी से दिल्ली का रास्ता तय होता है। उस यूपी के तीन जिलों तक ही इस यात्रा का सिमटना सवाल भी खड़े कर रहा है कि क्या पश्चिमी यूपी की धरती से पूरब तक राहुल गांधी बड़ा संदेश देने में कामयाब हो पाएंगे। इतना ही नहीं क्या वो मिशन 2024 का रास्ता भी आसान कर पाएंगे।

read more : घरेलू मैदान पर पहली बार भारत की कप्तानी करेंगे हार्दिक, जानिए पिच और मौसम का मिजाज़

घरेलू मैदान पर पहली बार भारत की कप्तानी करेंगे हार्दिक, जानिए पिच और मौसम का मिजाज़

टीम इंडिया अपने मिशन 2023 का आगाज करने के लिए आज से मैदान में उतर रही है। भारत और श्रीलंका के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज का पहला मैच आज मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली भारतीय टीम नए जोश और उमंग के साथ खेलने के लिए उतरेगी। काफी समय बाद ऐसा हो रहा है कि भारतीय टीम अपने तीन बड़े खिलाड़ियों के बगैर मैदान पर उतर रही है। वहीं सूर्य कुमार यादव को भी अब नई जिम्मेदारी दी गई है।

नए साल में भारत टी20 क्रिकेट में विराट कोहली, रोहित शर्मा और केएल राहुल के बिना शुरुआत करेगा। मोहम्मद शमी, रविचंद्रन अश्विन, दिनेश कार्तिक के भी अब टी20 टीम का हिस्सा बनने की संभावना नहीं है। इस साफ पता चल रहा है कि बीसीसीआई 2024 में अगले टी20 विश्व कप के लिए तैयारी को लेकर आगे बढ़ रहा है। हार्दिक पंड्या ने पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज पर 1-0 से जीत दिलाई थी। ऐसे में कप्तान की कोशिश नए साल में फिर से जीत हासिल करने की होगी।

मैच शाम को सात बजे से शुरू होगा, लेकिन इससे पहले कि मैच शुरू हो, आपको जानना चाहिए कि वानखेड़े स्टेडियम की पिच कैसी है और यहां पर टॉस की भूमिका कितनी अहम होती है।

कैसा है वानखेड़े की पिच का मिजाज़

मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रखता है। वानखेड़े स्टेडियम की पिच लाल मिट्टी की पिच है और सफेद गेंद के खेल में सही उछाल देती है। यह बल्लेबाजों को उछाल पर भरोसा करने और अपने शॉट्स के लिए जाने का अवसर देगी। समुद्री हवा के कारण जल्दी स्विंग भी हो सकती है। वानखेड़े में छोटी बाउंड्री है, जो बड़ा स्कोर करने में मदद करेगी। लेकिन आपको जानकर ताज्जुब होगा कि इन सात में से पांच बार ऐसा हुआ है कि जिस टीम ने पहले गेंदबाजी की है, उसी ने जीत भी दर्ज की है। केवल दो ही बार टारगेट का बचाव करने वाली टीम विजयी रही है। यानी आज हार्दिक पांड्या और दासुन शनाका में से जो भी टॉस जीतेगा, संभावना है कि वो पहले गेंदबाजी का फैसला करेगा।

ऐसा होगा मौसम का हाल

मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे से शुरू होगा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, मैच में बारिश के खलल डालने की कोई संभावना नहीं है। परिस्थितियां क्रिकेट के लिए आदर्श हैं और पूरे दिन वर्षा नहीं होगी। हालांकि, यह काफी उमस भरा रहेगा, क्योंकि रिपोर्ट के अनुसार शाम के समय आर्द्रता का स्तर 60% से अधिक होगा। इस वक्त सर्दी का मौसम है और शाम के वक्त ओस भी आती है। ऐसे में गेंदबाजों के लिए मुश्किल हो सकती है। वहीं बल्लेबाज इसका जमकर फायदा भी उठाते हैं।

ये भी देखने के लिए मिलता है कि जिस टीम के पास बीच के ओवर्स में विकेट लेने वाले स्पिनर्स होते हैं। उनके लिए राह कुछ आसान हो जाती है। यहां पर अगर किसी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 180 के आसपास रन बना लिए तो मैच उसकी पकड़ में आ सकता है। साल का पहला मैच दोनों टीमें खेल रहे हैं और उनकी कोशिश होगी कि इसका आगाज अच्छे नोड पर किया जाए। देखना होगा कि कौन सी टीम किस पर भारी पड़ती है।

read more : कंझावला कांड पर दिल्ली पुलिस का बयान, स्कूटी पर सवार दूसरी लड़की का बयान दर्ज

कंझावला कांड पर दिल्ली पुलिस का बयान, स्कूटी पर सवार दूसरी लड़की का बयान दर्ज

देश को झकझोर देने वाले दिल्ली के कंझावला कांड पर पुलिस का बयान सामने आया है। इस केस में एक दूसरी लड़की की मिस्ट्री सामने आ गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पुलिस ने कई खुलासे किए। दिल्ली पुलिस ने बताया कि हादसे में दूसरी लड़की को चोट नहीं आई है। दूसरी लड़की का बयान दर्ज कराया जा रहा है, वह इस घटना की चश्मदीद है। थोड़ी ही देर बाद मृतक लड़की की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आएगी।

फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट भी आज आने वाली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की रिपोर्ट से लड़की की मौत केस में कई रहस्यों पर से पर्दा उठ सकता है। वहीं, इस केस में एक नया और बेहद चौंकाने वाला ट्विस्ट आ गया है। 31 दिसंबर की रात दोनों लड़कियां जिस होटल में पार्टी करने पहुंची थीं वहां उनके बीच ज़बरदस्त लड़ाई हुई थी।

जब झगड़ा हुआ तो मैनेजर नें इन दोनों को नीचे भेज दिया था। लेकिन मामला यहां भी शांत नहीं हुआ और वे दोनों नीचे जाकर भी लड़ने लगीं । तभी आस-पड़ोस वालों ने उन्हें रोका, जिसके बाद वे दोनों एक ही स्कूटी पर बैठकर चली गईं । दोनों का स्कूटी से जाते हुए CCTV फुटेज भी सामने आया है ।

बता दें कि जिस जगह पर लड़की का फुटेज अपनी दोस्त के साथ स्कूटी पर जाते हुए दिखा है। वह रोहिणी सेक्टर 23 के पूथ कलां इलाके का था। जब एक्सीडेंट हुआ तो उसकी दोस्त डरकर भाग गई थी। इस पूरे मामले में अब मृतक लड़की की दोस्त को पु‍लिस जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है ताकि उसका बयान दर्ज दर्ज हो सके।

कमरे में लड़ रही थी दोनों, स्‍टाफ ने कर दिया बाहर

होटल मैनेजर के अनुसार, दोनों लड़कियां शाम 7.30 के आसपास आई थीं। वे रात 1.30 बजे के आसपास होटल से निकलीं। दोनों लड़कियों से कुछ दोस्‍त मिलने आए थे। कमरे में लड़ाई हो रही थी। जिसके बाद स्‍टाफ ने बाहर कर दिया। नीचे आने के बाद भी दोनों लड़कियां लड़ती रहीं।

पुलिस का सहयोग कर रही है दूसरी लड़की

स्पेशल सीपी सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि हादसे में जो दूसरी लड़की थी, उसे पुलिस ने तलाश लिया है। वह पुलिस का सहयोग कर रही है। पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है। अभी शुरुआती स्टेज पर जांच चल रही है। वही दिल्ली पुलिस का कहना है कि उस लड़की के मुताबिक उसे कोई चोट नहीं लगी थी। अब हमारे पास पहला चश्मदीद है। 164 के तहत बयान दर्ज कराए जा रहे है। आरोपियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण है।

आरोपियों ने दो बार यूटर्न लिया था

आरोपियों के इस खुलासे को चश्मदीद ने नकार दिया है कि कार में तेज आवाज में म्यूजिक बजने से उन लोगों को कार में युवती के फंसे होने की जानकारी नहीं मिल पाई। दूध का काम करने वाले चश्मदीद ने बताया कि वह देर रात 3.18 बजे कंझावला में दूध की गाड़ी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उसने एक कार आते देखी जिसके पहिये के पास से आवाज आ रही थी। उसने देखा कि पहिये के पास एक शव लटक रहा था।

पीड़ित परिवार के संपर्क में है दिल्ली पुलिस

विशेष पुलिस आयुक्त सागरप्रीत हुड्डा ने बताया कि घटना के बाद कई टीमें बनाकर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में है। पुलिस, क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम भी जांच कर रही है। एक टीम ने आरोपियों की गाड़ी का मुआयना किया था। फिर एफएसएल की टीम हादसे वाले स्थान से लेकर युवती के शव मिलने वाली जगह पर पहुंची और वहां से साक्ष्य जुटाए।

कई नई सीसीटीवी फुटेज मिलीं

छानबीन के दौरान पुलिस को कई नई सीसीटीवी फुटेज भी मिलीं। जिनमें आरोपी कार से युवती को घसीटते हुए दिख रहे हैं। पुलिस इनको कब्जे में लेकर पड़ताल में जुटी है। एक फुटेज में आरोपी कार को यू-टर्न लेकर दूसरी ओर ले जाते हुए दिख रहे हैं। वहीं घटना के बाद से परिवार बेटी के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहा है।

हादसा नहीं बल्कि साजिश

परिजनों का आरोप है कि यह महज एक सड़क हादसा नहीं बल्कि साजिश है। आरोपियों ने जानबूझकर उनकी बेटी की यह दुर्दशा की है। घटना को लेकर परिजनों व स्थानीय लोगों ने थाने का घेराव भी किया। पुलिस ने किसी तरह परिवार को समझाने की कोशिश की। एहतियात के तौर पर थाने के बाहर अर्द्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है।

गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से मांगी रिपोर्ट

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कंझावला कांड मामले में संज्ञान लिया है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने विशेष पुलिस आयुक्त शालिनी सिंह की देखरेख में विशेष टीम गठित की है। दिल्ली पुलिस इस मामले में जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट देने जा रही है।

read more : यूपी के मदरसों में जल्द शुरू होगी प्री प्राइमरी कक्षाएं, जानें कब जारी होगा शेड्यूल

यूपी के मदरसों में जल्द शुरू होगी प्री प्राइमरी कक्षाएं, जानें कब जारी होगा शेड्यूल

यूपी की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल यूपी के मदरसों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था बहाल करने के लिए अब जल्द ही प्रदेश के सभी मदरसों में प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू होंगी। इसके लिए नया शेड्यूल मार्च महीने में जारी किया जाएगा। बता दें, मदरसों में प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने के लिए तैयारियां चल रही है।

इस नयी व्यवस्था के तहत अब मदरसों में बच्चों को विज्ञान, गणित आदि विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही मदरसों में कंप्यूटर शिक्षा भी दी जाएगी। प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इस बारे में अधिक जानकारी देते हुये बोर्ड के चेयरमैन इफ़्तिखार अहमद का ने कहा कि मदरसों को आधुनिक बनाने की कवायद चल रही है। मदरसों के बच्चे विज्ञान, गणित जैसे विषय पढ़ें और शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करने की कोशिश की जा रही है।

इसके लिए तेजी से काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने का कारण है कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे भी प्रतिस्पर्धा में शामिल हो। इसी सोच के तहत प्री प्राइमरी कक्षाएं चलाने की तैयारियां हो रही हैं।

बता दें, इस नई शिक्षा व्यवस्था के लिए मार्च महीने में बोर्ड कि ओर से शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। दरअसल मार्च महीने में बोर्ड का कैलेंडर जारी किया जाता है। ऐसे में इस दौरान प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए भी पूरा पाठयक्रम जारी कर दिया जाएगा।

read more : दिल्ली में दिल दहला देने वाली हुई घटना, लड़की को कार से कई किलोमीटर तक घसीटा

दिल्ली में दिल दहला देने वाली हुई घटना, लड़की को कार से कई किलोमीटर तक घसीटा

बाहरी दिल्ली इलाके में रोंगटे खड़े कर देने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है। शराब के नशे में चूर पांच युवकों ने अपनी बलेनो कार से स्कूटी सवार युवती को पहले टक्कर मारी और फिर उसे करीब दस किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गए। युवती कार में फंसी रही। युवती की हालत यह हो गई कि उसकी सारी हड्डियां चकनाचूर हो गई और उसके तन पर एक भी कपड़ा नहीं बचा। युवती के दोनों पैर, सिर व शरीर के अन्य हिस्से बुरी तरह कुचल गए।

दिल्ली को दहला देने वाली यह घटना उस समय सामने आई है । जब नए साल के जश्न को लेकर पूरी दिल्ली पुलिस यहां तक पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा सड़कों पर थे। इसे देश की सबसे बड़ी दर्दनाक सड़क दुर्घटना बताया जा रहा है। सुल्तानपुरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है । युवती के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

सभी 5 आरोपी गिरफ्तार

इस हादसे के बाद दिल्ली के एलजी वी के सक्सेना ने कहा है कि उनका सिर शर्म से झुक गया है। दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली में हुई बर्बरता के बाद परिजनों ने लड़की के साथ अनहोनी की आशंका जताई है।

परिवारवालों ने दिल्ली पुलिस के उस बयान पर भी सवाल उठाए हैं कि बिना जांच के पुलिस कैसे बोल सकती है । लड़की के साथ किसी तरह का कोई असॉल्ट नहीं हुआ है। वहीं इस घटना के बाद दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी पर मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है। पुलिस ने मामले में सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बर्बरता की फुटेज आई सामने

जिस वक्त पूरा देश नए साल के जश्न में डूबा हुआ था। पूरी दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी सड़कों पर थे। उसी वक्त राजधानी दिल्ली के एक हिस्से में एक बेटी के साथ ऐसी बर्बरता हो रही थी। जिसे सुनकर ही आपका दिल दहल जाएगा खड़े हो जाएंगे। दिल्ली में हुई बर्बरता का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें साफ दिख रहा है कि आरोपी कार को आराम से घुमा रहा हैं। सीसीटीवी में आरोपी एक ही रोड पर कार को कई बार घुमाते दिख रहे हैं।

टक्कर के बाद गाड़ी के नीचे फंस गई लड़की

गिरफ्तार 5 आरोपी नए साल का जश्न मनाकर मुरथल से लौटकर मंगोलपुरी जा रहे थे। बताया जा रहा है कि जिस वक्त घटना हुई उस वक्त आरोपी शराब के नशे में थे। पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों का मेडिकल टेस्ट कराया है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद साफ हो पाएगा कि ये नशे में थे या नहीं। घटना दिल्ली के सुल्तानपुरी-कंझावला इलाके की है। जहां आरोपियों ने स्कूटी से जा रही लड़की को टक्कर मारी। टक्कर के बाद लड़की गाड़ी के नीचे फंस गई, लेकिन आरोपियों ने कार नहीं रोकी और कई किलोमीटर तक लड़की को घसीटते हुए ले गए।

लड़की को कई किलोमीटर तक घसीटा

लेकिन सवाल दिल्ली पुलिस की थ्योरी पर ही उठ रहे हैं। चश्मदीद की मानें तो उसने सबसे पहले दिल्ली पुलिस को सूचना दी। उसने गाड़ी का पीछा किया उस दौरान तीन पुलिस की पीसीआर के पास से आरोपियों की गाड़ी गुजरी लेकिन एक ने भी गाड़ी को रोका नहीं।

नए साल के मौके पर दिल्ली पुलिस का दावा था कि हर रोड पर पुलिस पिकेट होगी, जगह-जगह बैरीकेड होंगे। ऐसे में आरोपी लड़की को कई किलोमीटर तक घसीटते रहे और किसी पुलिस वाले की नज़र नहीं पड़ी। चश्मदीद के मुताबिक उसने पहली बार कॉल रात 3 बजकर 20 मिनट पर की। जब पहली बार उसने अपनी आंखों से सामने से कार को गुजरते हुए देखा।

डेढ़ घंटे तक सोती रही पुलिस…..

चश्मदीद के मुताबिक ठीक 10 मिनट बाद आरोपियों की कार फिर से उसके सामने से गुजरी। चश्मदीद ने पुलिस को फिर बताया कि गाड़ी में बॉडी फंसी हुई है। चश्मदीद लगातार गाड़ी का पीछा कर रहा था। वो पुलिस को लगातार अपडेट दे रहा था। नए साल के जश्न में चूर पांचों आरोपी एक ही रोड पर कई बार चक्कर लगा रहे थे। आरोपियों को इस बात की जरा भी फिक्र नहीं थी कि जिस स्कूटी को वो कुछ किलोमीटर पहले टक्कर मारकर आए हैं। वो लड़की उनकी गाड़ी के नीचे फंसी हुई थी।

पुलिस को गाड़ी से घसीटे जाने की कॉल रात करीब 3 बजकर 24 मिनट पर मिली थी। जबकि एसएचओ सुल्तानपुरी को एक्सीडेंट की कॉल रात 3 बजकर 53 मिनट पर मिली। पुलिस को सुबह 4 बजकर 11 मिनट पर लाश के सड़क पर पड़े होने की कॉल मिली थी। मतलब पुलिस की जानकारी में पहली कॉल 3 बजकर 24 मिनट पर आई।

लगातार अपडेट के बाद भी पुलिस हुई लेट

पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। घटना को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं क्योंकि चश्मदीद लगातार पुलिस से बात कर रहा था। बावजूद इसके पीसीआर को मौके पर पहुंचने में इतना वक्त कैसे लगा। जश्न से लौट रहे युवकों ने एक लड़की को घसीटकर मार डाला। कार चलाने वाले इतने बेसुध थे कि उन्हें कुछ भी नहीं पता चल सका।

read more : नोटबंदी के फैसले में कोई त्रुटि नहीं , सभी 58 याचिकाओं को किया खारिज

नोटबंदी के फैसले में कोई त्रुटि नहीं , सभी 58 याचिकाओं को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी पर अपना फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की मोदी सरकार की नोटबंदी को चुनौती देने वाली सभी 58 याचिकाओं को खारिज कर दिया है। शीर्ष कोर्ट ने केंद्र सरकार के 2016 में 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के फैसले को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि नोटबंदी से पहले केंद्र और आरबीआई के बीच सलाह-मशविरा हुआ था। कोर्ट का कहना है कि हम मानते हैं कि नोटबंदी आनुपातिकता के सिद्धांत से प्रभावित नहीं हुई थी।

जस्टिस अब्दुल नजीर की अध्यक्षता वाली 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने 7 दिसंबर को सरकार और याचिकाकर्ताओं की पांच दिन की बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस नजीर अपने रिटायरमेंट से दो दिन पहले नोटबंदी पर फैसला सुनाया है। फैसला सुनाने वाली बेंच में जस्टिस अब्दुल नजीर, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस ए.एस. बोपन्ना, जस्टिस वी. रामासुब्रमण्यन, और जस्टिस बी.वी. नागरत्ना शामिल हैं। इससे पहले कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए केंद्र और आरबीआई से नोटबंदी से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड कोर्ट में पेश करने को कहा था।

क्या आरबीआई ने ऐक्ट की धारा 26(2) का पालन किया ?

इससे पहले याचिकाकर्ताओं ने मुख्य रूप से यह दलील रखी थी कि आरबीआई ऐक्ट की धारा 26(2) का पालन नहीं किया गया। इसके तहत ही आरबीआई को नोट बदलने का अधिकार मिलता है। साल 2016 में 1000 और 500 रुपये के नोटों को अचानक बंद करने के मोदी सरकार के फैसले की काफी आलोचना हुई थी। विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा था। विरोध में 50 से ज्यादा याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गईं।

याचिकाओं में कहा गया था कि सरकार और रिजर्व बैंक के बीच ऐसे मुद्दे पर विस्तार से गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी, जो नहीं हुई। लोगों को पहले ही सूचना दी जानी चाहिए थी कि ऐसा फैसला होने वाला है। अगर कोई नोट वापस लिया जाना है तो उसकी एक सीरीज को वापस ले सकते हैं। पूरे के पूरे नोट को वापस नहीं ले सकते हैं। हालांकि सरकार ने इन दलीलों के विरोध में कहा था कि उसकी शक्तियों के दायरे में यह आता है और उसका उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट और नेक था।

सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और RBI को सात दिसंबर को निर्देश दिया था कि वे सरकार के 2016 में 1000 रुपये और 500 रुपये के नोट को बंद करने के फैसले से संबंधित रेकॉर्ड पेश करें। बेंच ने केंद्र के 2016 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी, आरबीआई के वकील और सीनियर वकील पी. चिदंबरम और श्याम दीवान समेत याचिकाकर्ताओं के वकीलों की दलीलें सुनी थीं और अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

नोटबंदी को चुनौती देने वाली 58 याचिकाओं के एक बैच पर हुई सुनवाई

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 8 नवंबर, 2016 को केंद्र द्वारा घोषित नोटबंदी को चुनौती देने वाली 58 याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई की है। इन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान 500 रुपये और 1,000 रुपये के करेंसी नोटों को बंद करने को गंभीर रूप से त्रुटिपूर्ण बताते हुए वरिष्ठ वकील चिदंबरम ने तर्क दिया था कि सरकार कानूनी निविदा से संबंधित किसी भी प्रस्ताव को अपने दम पर शुरू नहीं कर सकती है। ये केवल आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश पर किया जा सकता है।

सरकार ने दी थी ये दलील

साल 2016 की नोटबंदी की कवायद पर फिर से विचार करने के सुप्रीम कोर्ट के प्रयास का विरोध करते हुए सरकार ने कहा था कि अदालत ऐसे मामले का फैसला नहीं कर सकती है। जब ‘घड़ी को पीछे करने’ से कोई ठोस राहत नहीं दी जा सकती है।

read more : साल के पहले ही दिन शुरू हुआ बड़ा आंदोलन, लाखों जैन समाज के लोग सड़कों पर उतरे

साल के पहले ही दिन शुरू हुआ बड़ा आंदोलन, लाखों जैन समाज के लोग सड़कों पर उतरे

साल 2023 के पहले ही दिन साल के पहले बड़े आंदोलन की तस्वीर आ गई है। देशभर में लाखों की तादाद में जैन समाज के लोग सड़क पर उतर गए हैं। हाथों में तख्तियां हैं और जुबान पर नारे हैं। ये लोग जैन मुनियों का नाम के जयकारे लग रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हर छोटे-बड़े शहर में ऐसी ही तस्वीर दिख रही है। जैन समाज ”श्री सम्मेद शिखर तीर्थ” को टूरिस्ट प्लेस बनाने और शत्रुंजय पर्वत पर भगवन आदिनाथ की चरण पादुकाओं को खंडित करने वालों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है।

उनकी मांग है कि सम्मेद शिखर को टूरिस्ट सेंटर ना बनाया जाए। साथ ही आदिनाथ की चरण पादुकाओं को खंडित करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। शत्रुंजय पर्वत पालीताणा में है और सम्मेद शिखर के बाद जैन समाज का सबसे बड़ा तीर्थ स्थान है।

कितनी संवेदनशील है यह जगह ?

फ़रवरी 2018 में झारखंड सरकार ने इसे इको सेंसिटिव जोन घोषित करने की सिफारिश की थी। सौरभ जैन का कहना है कि केंद्रीय वन मंत्रालय ने इस पर शुरुआती गजट नोटिफ़िकेशन निकाला। लेकिन अख़बारों में विज्ञापन देकर इसे सार्वजनिक नहीं किया। जब भी कोई गजट नोटिफ़िकेशन आता है तो लोगों से आपत्ति मांगी जाती है। लेकिन इसके मामले में ऐसा नहीं किया गया। इसे सिर्फ वेब पोर्टल तक सीमित रखा गया। इस नोटिफिकेशन के लिए मात्र 16 पत्थर कारोबारियों से आपत्ति-सुझाव आए थे। लेकिन उनमें से कोई जैन समुदाय से नहीं था।

तीर्थस्थल जैन समाज के लिए अहम

जैन समुदाय के लोग इस पवित्र स्थल को ‘श्री सम्मेद शिखर’ कहते हैं। यह झारखंड की सबसे ऊंची चोटी पर बना हुआ है। तीर्थराज श्री सम्मेद शिखर जी जैन समुदाय के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। कहा जाता है कि जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थांकरों ने यहीं निर्वाण प्राप्त किया था। जैन धर्म से जुड़े दोनों पंथ दिगम्बर और श्वेताम्बर तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी में आस्था रखते हैं।

पवित्र स्थल घोषित किया जाए – जैन समुदाय

अनशन पर बैठे सौरभ जैन ने कहा, हमारे पवित्र स्थल को अपवित्र करने की कोशिश की जा रही है। जैन समुदाय का कहना है कि इसे पवित्र स्थल घोषित किया जाए। उस पहाड़ी इलाके में पेड़ों की कटाई और अवैध खनन भी हो रहा है। उस पर भी रोक लगाई जाए। अपनी इस मांग को लेकर जैन धर्म के अनुयायी मध्यप्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक और झारखंड समेत देश के कई हिस्सों में सरकार के इस क़दम का विरोध करते हुए शांति मार्च निकाल रहे हैं।

दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद में निकाली महारैली

दिल्ली में जैन समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में रैली निकली है। हज़ारों की भीड़ इंडिया गेट पर पहुंच गई है। उनके हाथों में झंडे और पोस्टर बैनर हैं। महारैली को रोकने के लिए पुलिस को बैरिकेड लगाने पड़े हैं। लेकिन फिर भी लोग बैरिकेड पर चढ़ कर प्रोटेस्ट कर रहे हैं। वहीं मुंबई में भी कुछ ऐसी ही तस्वीर देखने को मिली है। वहां सड़क पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। अपने तीर्थस्थल को टूरिस्ट प्लेस बनाने के ख़िलाफ़ हज़ारों की भीड़ रोड पर आ गई है।

ऐसा लगता है जैसे मुंबई में रहने वाले हर जैन परिवार से कोई ना कोई सदस्य इस महारैली में शामिल होने निकल पड़ा है। इसके अलावा पहली बार अहमदाबाद की सड़क पर एक लाख लोग जैन समाज के लोगों ने अपना शक्ति-प्रदर्शन किया। एक लाख लोगों ने दस किलोमीटर तक मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था कि जैन समाज कम है कमजोर नहीं है। बड़ी बात ये रही कि रैली के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की मां हीरा बा की फोटो रखी थी।

प्रगति मैदान से इंडिया गेट तक मार्च

दिल्ली में जैन समाज के हजारों लोग प्रगति मैदान में इकट्ठे हुए और इंडिया गेट तक मार्च किया। जैन समाज के लोगों का कहना है कि वह झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ राष्ट्रपति भवन में ज्ञापन देंगे। जैन समाज के लोगों का मानना है कि फैसले से सम्मेद शिखर को नुकसान होगा और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचेगी।

read more : छेड़छाड़ के आरोपों में घिरे खेल मंत्री संदीप सिंह का इस्तीफा , एफआईआर दर्ज

छेड़छाड़ के आरोपों में घिरे खेल मंत्री संदीप सिंह का इस्तीफा , एफआईआर दर्ज

एक महिला कोच ने हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के लिए शिकायत दर्ज कराने के एक दिन बाद चंडीगढ़ पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। संदीप सिंह पर महिला कोच ने पीछा करने, अवैध रूप से बंधक बनाने, यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया था। जिसके बाद उनके ऊपर एफआईआर दर्ज की गई।

ओलंपियन और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह के खिलाफ सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद संदीप ने फैसला किया है कि वो जब तक जांच पूरी नहीं होती तब तक अपने खेल विभाग का कामकाज नहीं देखेंगे और खेल विभाग मुख्यमंत्री को सौंप दिया है। ताकि निष्पक्ष जांच पूरे मामले में हो सके।

महिला कोच ने लगाया मंत्री संदीप सिंह पर छेड़खानी का आरोप

महिला कोच ने मंत्री संदीप सिंह पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। प्रेसवार्ता कर महिला कोच ने मामले की जानकारी मीडिया तो दी थी। वहीं हरियाणा के विपक्षी दल मंत्री को पद से हटाने की मांग कर रहे थे। मंत्री की शिकायत पर हरियाणा सरकार एसआईटी का गठन कर चुकी है। हरियाणा में मामले की जांच एसआईटी करेगी। वहीं अब चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्जकर मंत्री की मुश्किलें बढ़ा दी है। चंडीगढ़ के सेक्टर-26 पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा-354, 354A, 354B, 342, 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में महिला कोच ने छेड़छाड़ की वारदात की तिथि एक जुलाई 2022 बताई है। उसने मंत्री की कोठी के बाहर से लेकर सुखना लेक तक लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कराने की मांग की है।

‘डॉक्यूमेंट के बहाने घर बुलाया’

महिला कोच के मुताबिक, “उन्होंने मुझ से स्नैपचैट पर बात करने को कहा। फिर मुझे चंडीगढ़ सेक्टर 7 लेक साइड पर मिलने को कहा। मैं नहीं गई, तो वो मुझे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक और अनब्लॉक करते रहे। फिर मुझे एक डॉक्यूमेंट के बहाने घर बुलाया। वहां वह मुझे अलग केबिन में लेकर गए और मेरे साथ बदतमीजी की। मेरे पैर पर हाथ रखा और मुझसे कहा कि तुम मुझे खुश रखो, मैं तुम्हे खुश रखूंगा। मैं किसी तरह खुद को बचा कर भागी। स्टाफ मेरी हालत देखकर हंसता रहा। मैंने डीजीपी से लेकर सीएम ऑफिस में कॉल किया। लेकिन कोई मदद नहीं मिली।”

मंत्री संदीप सिंह के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच की मांग

आरोप लगाया कि खेल मंत्री लगातार उसे स्नैप चैट और इंस्टाग्राम पर मैसेज करते रहे। मंत्री के चैट मैसेज नहीं होने के सवाल पर महिला कोच ने कहा कि उसके पास इसके पुख्ता सबूत हैं और वह पुलिस की जांच में इसको सामने रखेगी। महिला कोच ने मांग की है कि मंत्री और उसके मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराकर डिलीट मैसेज रिकवर किए जाएं, इससे पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। महिला कोच का कहना है कि वह इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी मुलाकात करेगी। अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह धरने पर बैठेगी।

आयोग ने मेरी सुनवाई नहीं की – महिला कोच

पीड़ित महिला कोच ने अमर उजाला से बातचीत में बताया है कि वह महिला आयोग से कई बार गुहार लगा चुकी है। आयोग ने मेरी बात पर सुनवाई नहीं की, जबकि मंत्री को क्लीनचिट दी जा रही है। वैसे भी यह मामला चंडीगढ़ का है। इस मामले में मैंने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी है। हरियाणा पुलिस की कमेटी का इस मामले में हस्तक्षेप का क्या मतलब।

आरोपों से किया इनकार

संदीप सिंह ने हालांकि आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि ये उनकी छवि को खराब करने की कोशिश है। उन्होंने कहा, “मेरी छवि को खराब करने की कोशिश है। मुझे उम्मीद है कि मेरे खिलाफ जो गलत आरोप लगे हैं। उनकी अच्छे से जांच होगी। मैंने जांच पूरी न होने तक खेल विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को दे दी है।

read more : नए साल की शुरुआत महंगाई के साथ , बढे कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम

नए साल की शुरुआत महंगाई के साथ , बढे कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम

नए साल 2023 के पहले ही दिन देश को महंगाई का झटका लगा है। एक जनवरी 2023 से कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। एक जनवरी से पेट्रोलियम कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 25 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। सिलेंडर के दामों में दिल्ली से लेकर कोलकाता और चेन्नई तक बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दामों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

आपको बता दें कि हर महीने की पहली तारीख को पेट्रोलियम कंपनियां रसोई गैस सिलेंडर की नई कीमतें निर्धारित करती हैं। बताते चलें कि एलपीजी सिलेंडर के नए दामों से सीधे तौर पर आपकी रसोई के बजट पर तो कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है लेकिन रेस्टोरेंट, होटल आदि जगहों पर खाना महंगा हो सकता है, क्योंकि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 25 रुपये बढ़ गए हैं। गैस की ये नई दरें आज से लागू भी हो चुकी हैं।

कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए भाव जारी

सरकारी तेल कंपनियों ने 1 जनवरी 2023 को गैस सिलेंडर के नए भाव जारी किए हैं। नई दरों के मुताबिक गैस सिलेंडर के दाम में 25 रुपये तक की बढ़ोत्तरी की गई है। बता दें कि यह बढ़ोतरी केवल वकमर्शियल गैस सिलेंडर के भाव में की गई है और घरेलू गैस सिलेंडर अपने पुराने रेट पर ही मिलता रहेगा। आज राजधानी दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

जानें कितने में मिल रहा है कमर्शियल गैस सिलेंडर

>> दिल्ली में 1769 रुपये प्रति सिलेंडर

>> मुंबई में 1721 रुपये प्रति सिलेंडर

>> कोलकाता में 1870 रुपये प्रति सिलेंडर

>> चेन्नई में 1917 रुपये प्रति सिलेंडर

कांग्रेस ने कसा तंज

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार पर कांग्रेस ने हमला बोला है। कांग्रेस ने केंद्र पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘ देश के लोगों को यह केंद्र सरकार की ओर से “नए साल का तोहफा है।” कमर्शियल गैस सिलेंडर अब 25 रुपए महंगा हुआ है। यह तो शुरुआत है।’

साल 2022 में कितना महंगा हुआ सिलेंडर

गौरतलब है कि देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में बीते काफी वक्त से कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम आखिरी बार 6 जुलाई 2022 को बढ़ाए गए थे। उस दौरान तेल कंपनियों ने घरेलू सिलेंडर की दरों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की थी। इसके अलावा अगर बीते साल की बात करें तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में कुल 153.5 रुपये की बढ़त दर्ज की गई।

read more : भाजपा और आरएसएस मेरे लिए गुरु की तरह , उनके हमलों से मुझे हुआ फायदा – राहुल गांधी

भाजपा और आरएसएस मेरे लिए गुरु की तरह , उनके हमलों से मुझे हुआ फायदा – राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय पर मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा भाजपा-आरएसएस मेरे लिए गुरु की तरह हैं। मुझ पर आक्रमण के लिए भाजपा-आरएसएस का धन्यवाद। ये जो यात्रा है इसने ये हमें कुछ बताने की कोशिश की है और अगर हम उसे नहीं सुनते तो यह उस आवाज का अपमान होगा।

राहुल गांधी ने कहा, मैं जानता हूं कि विपक्ष के सारे के सारे नेता हमारे साथ खड़े हैं। भारत जोड़ो यात्रा के दरवाजे हर उसके लिए खुले हैं। जो भारत को जोड़ना चाहता है। विचारधारा में एकरूपता होती है। नफरत, हिंसा और मोहब्बत में एकरूपता नहीं होती। अखिलेश जी और मायावती जी, जो प्यार का हिंदुस्तान चाहते हैं, नफरत का नहीं। उनसे रिश्ता तो है।

‘सरकार बेवजह मेरी सुरक्षा का मुद्दा बना रही है’

राहुल ने कहा, मैं भारत जोड़ो यात्रा कर रहा हूं। अब सरकार चाहती है कि मैं बुलेटप्रूफ गाड़ी में कन्याकुमारी से कश्मीर जाऊं। ये मेरे लिए स्वीकार्य नहीं है। जब उनके वरिष्ठ नेता बुलेटप्रूफ गाड़ी से बाहर आ जाते हैं। तो कोई चिट्ठी नहीं आती। अपने ही प्रोटोकॉल को वे तोड़ देते हैं। तो क्या उनके लिए प्रोटोकॉल अलग-मेरे लिए अलग। बुलेटप्रूफ गाड़ी में मैं कैसे चलूं। ये शायद केस बना रहे हैं कि राहुल अपनी सिक्योरिटी तोड़ता रहता है।

नफरत और हिंसा के खिलाफ भारत जोड़ो यात्रा

राहुल गांधी ने कहा कि राहुल गांधी ने कहा कि नफरत और हिंसा के खिलाफ भारत जोड़ो यात्रा शुरू की गई है। भारत जोड़ो यात्रा से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। वहीं एक विपक्षी नेताओं से जुड़े एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा-‘विपक्ष के नेता हमारे साथ खड़े हैं और यह हमें मालूम हैं। भारत जोड़ो के दरवाजे उन सबके लिए खुले हैं जो भी भारत को जोड़ना चाहता है। हम भारत जोड़ो में आने से किसी को नहीं रोकेंगे।

सच्चाई को कोई कैंपन नहीं छिपा सकता

एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि हमारी भाजपा के साथ विचारधारा की पुरानी लड़ाई हैं। इस लड़ाई को हम जीतेंगे। आगे उन्होंने कहा कि भाजपा वालों के पास पैसे और फंड की कोई कमी नहीं है। वे कैंपने चलाते रहते हैं। सच्चाई को कोई कैंपन नहीं छिपा सकता। मेरी छवि बिगाड़ने में उन्होंने 5-6 करोड़ लगा दिए होंगे। थोड़े और लगा लें, लेकिन कुछ असर नहीं पड़ना है।

टी-शर्ट पहनने पर बोले राहुल- मुझे सर्दी नहीं लग रही

राहुल से जब एक रिपोर्टर ने पूछा कि उन्होंने इतनी सर्दी में भी टी-शर्ट क्यों पहनी है। तो राहुल ने मजाकिया लहजे में कहा- आपने स्वेटर पहन रखा है। इसका ये मतलब नहीं कि सर्दी है, इसका मतलब है कि आप सर्दी से डरते हैं। मैं सर्दी से नहीं डरता हूं। मेरे टी-शर्ट पहनने की असली वजह यह है कि मुझे अब तक ठंड नहीं लगी है। जब लगेगी तो स्वेटर पहनना शुरू कर दूंगा।

सरकार ने चीन मामले को मिस हैंडल किया

वहीं चीन के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने चीन के मामले को पूरी तरह से मिसहैंडल किया। राहुल ने कहा-कांग्रेस का कॉन्सेप्ट था कि हमें चीन और पाकिस्तान को एक नहीं होने देना है। UPA 2 तक ऐसा हुए लेकिन आज दोनों एक हो गए हैं क्योंकि हमारी सरकार ने विदेश नीति को मिसहैंडल किया है।

चीन ने पहला कदम डोकलाम और दूसरा कदम लद्दाख में लिया, ये अभी एक्सरसाइज है। मैं शहीद परिवार का हूं और मैं जानता हूं कि जब एक युवा अपनी जान देता है तो उसके परिवार पर क्या गुजरती है। लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में कोई ऐसा नहीं है जो यह समझता हो। हम नहीं चाहते कि हमारी सेना से कोई जवान शहीद हो।

read more : क्या है कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद , दोनों राज्यों के नेताओ ने बनाया राजनीतिक मुद्दा

क्या है कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद , दोनों राज्यों के नेताओ ने बनाया राजनीतिक मुद्दा

भारत के दो राज्य कर्नाटक और महाराष्ट्र के नेता आपस में भिड़ जाते हैं। तीखी राजनीतिक बयान बाजी होती है। लोग भड़कते हैं और फिर हिंसा हो जाती है। जिसे रोकने के लिए दोनों ही राज्यों की पुलिस को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता है। साल 2007 से यह सिलसिला चला आ रहा है। जिसकी शुरुआत कर्नाटक ने की थी। लेकिन इन दोनों राज्यों और इनके लोगों की भिडंत का इतिहास करीब 66 साल पुराना है। इसकी जड़ में करीब 100 वर्ग किमी का एक इलाका है, जिस पर कर्नाटक और महाराष्ट्र दोनों ही दावे करते हैं।

आखिर ये विवाद है क्या, क्यों इस इलाके के लिए दोनों ही राज्य एक दूसरे से भिड़ते रहते हैं। इन सबके बीच 27 दिसंबर को महाराष्ट्र विधानसभा के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया गया। इस प्रस्ताव में विवाद के समाधान के लिए कानून लड़ाई लड़ने का समर्थन किया गया है।

इससे पहले पिछले हफ्ते ही कर्नाटक विधानसभा में भी इसी तरह का प्रस्ताव पास हो चुका है। कर्नाटक विधानसभा द्वारा पास प्रस्ताव में राज्य के हितों की रक्षा करने का संकल्प लिया गया था। सर्वसम्मति से पारित किए गए प्रस्ताव में महाराष्ट्र द्वारा निर्मित सीमा विवाद की निंदा की गई थी।

आखिर दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद क्या है ? यह विवाद कितना पुराना है ? अब तक इस विवाद में क्या-क्या हो चुका है ? आइये जानते हैं………

दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद क्या है ?

यह सीमा विवाद कर्नाटक के बेलागवी (बेलगाम), उत्तर कन्नड़ा, बीदर और गुलबर्गा जिलों के 814 गांवों से जुड़ा है। इन गांवों में मराठी भाषी परिवार रहते हैं। 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत जब राज्यों की सीमा का निर्धारण हुआ तो ये गांव उस वक्त के मैसूर (वर्तमान कर्नाटक) राज्य का हिस्सा बन गए। महाराष्ट्र इन गांवों पर अपना दावा करता है।

विवाद कितना पुराना है ?

बॉम्बे प्रेसिडेंसी में कर्नाटक के विजयपुरा, बेलागवी, धारवाड़ और उत्तर कन्नड़ा जिले आते थे। 1948 में बेलगाम म्युनिसिपालिटी ने जिले को महाराष्ट्र में शामिल करने की मांग की थी। लेकिन, स्टेट्स रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट 1956 के तहत बॉम्बे प्रेसिडेंसी में शामिल रहे बेलगाम और उसकी 10 तालुका को मैसूर स्टेट (1973 में कर्नाटक नाम मिला) में शामिल किया गया।

दलील दी गई कि इन जगहों पर 50% से अधिक कन्नड़भाषी थे, पर विरोधी ऐसा नहीं मानते। उनका दावा है कि करीब 7,000 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले इन इलाकों में मराठी भाषी लोगों की बहुलता है ऐसे में ये इलाके महाराष्ट्र का हिस्सा हैं।

इस विवाद में क्या-क्या हो चुका है ?

22 मई, 1966 को सेनापति बापट और उनके साथियों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर भूख हड़ताल की। इसके बाद सीमा विवाद के इस मुद्दे को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सामने लाया गया। इसके बाद इंदिरा सरकार ने अक्टूबर 1966 में विवाद के निपटारे के लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मेहर चंद महाजन की अध्यक्षता में महाजन आयोग का गठन किया था।

इस आयोग को महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के बीच जारी सीमा विवाद के निपटारे के लिए बनाया गया था। इस आयोग ने कर्नाटक के 264 गांवों को महाराष्ट्र में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था। इसके साथ ही बेलगाम और महाराष्ट्र के 247 गांवों को कर्नाटक में रखने की बात भी कही। महाराष्ट्र ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया। 2004 में महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई।

महाजन आयोग की रिपोर्ट पर कर्नाटक का क्या रुख है ?

कर्नाटक विधानसभा पिछले हफ्ते पेश प्रस्ताव में कहा गया है कि ‘जब भाषाई आधार पर राज्यों का गठन किया गया था। उसी दिन सीमाएं भी निर्धारित कर दी गई थीं। जहां तक कर्नाटक का सवाल है। महाराष्ट्र के साथ उसका कोई सीमा विवाद नहीं है और जस्टिस महाजन समिति की सिफारिशें अंतिम हैं।

सुप्रीम कोर्ट तक गया मामला

अब सबसे ज्यादा दिक्कत महाराष्ट्र को ही है तो उसने विवाद को सुलझाने के लिए साल 2004 में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। इस बात को 18 साल बीत गए हैं। तब से ये मामला सुप्रीम कोर्ट में ही लंबित है। जहां सुनवाई के दौरान हर बार कर्नाटक के प्रतिनिधि गैर हाजिर रहते हैं और नतीजा ये होता है कि हमेशा ही इस मुद्दे पर तारीख पर तारीख पड़ती जाती है।

ठंड में क्यों बढ़ता है विवाद

कर्नाटक ने एक और भी काम किया है, जिसने इस विवाद को और हवा दे रखी है। वो है जाड़े के मौसम में विधानसभा के सत्र का बेलगाम में आयोजित होना। दरअसल कर्नाटक ने बेलगाम पर अपने दावे को और मजबूत करने के लिए साल 2007 में बेलगाम में विधानसभा भवन बनाने का फैसला किया। ताकि विधानसभा का शीतकालीन सत्र बेलगाम में आयोजित हो सके।

साल 2012 से कर्नाटक विधानसभा का शीतकालीन बेलगाम में ही आयोजित होता है। हर विधानसभा सत्र के दौरान महाराष्ट्र की ओर से इसका विरोध किया जाता है। जिसका नतीजा है कि हर साल ठंड के मौसम में महाराष्ट्र और कर्नाटक के नेताओं के साथ ही आम लोग भी इस मसले पर भिड़ जाते हैं और फिर इसकी तपिश दूसरे राज्यों के सीमावर्ती विवाद पर भी पड़ने लगती है।

मामला क्यों सुर्खियों में है ?

2004 से सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पेंडिंग है। तब से केंद्र ने महाजन आयोग की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अक्सर महाराष्ट्र के दावे वाले इलाकों के कर्नाटक ऑक्युपाइड महाराष्ट्र बताते रहे हैं। इस पर कर्नाटक में हिंसक प्रदर्शन भी हो चुके हैं। बेलगाम का मसला महाराष्ट्र की सभी पार्टियों के चुनावी एजेंडे में रहता है।

छह दशक से महाराष्ट्र विधानसभा और परिषद के संयुक्त सत्र में गवर्नर के अभिभाषण में सीमा विवाद का जिक्र होता है। दिसंबर की शुरुआत में दोनों राज्यों की सीमा पर कन्नड़ रक्षक वेदिका नाम के एक संगठन ने महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेनों को नुकसान पहुंचाया। बेंगलुरु हाइवे से गुजरने वाली गाड़ियों के साथ ही ट्रेनों पर पथराव किया गया है और शीशे तोड़े गए। इसके बाद दोनों राज्यों की विधानसभाओं से इसे लेकर प्रस्ताव पारित किए गए।

read mpore : छपरा जहरीली शराब कांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पकड़ा

छपरा जहरीली शराब कांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पकड़ा

बिहार के छपरा जहरीली शराब कांड के मास्टरमाइंड को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मास्टरमाइंड का नाम राम बाबू है और उम्र 35 साल है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राम बाबू को गिरफ्तार कर बिहार पुलिस को सूचित कर दिया है। अब बिहार पुलिस राम बाबू को अपने रिमांड में लेने की तैयारी कर रही है।

बता दें कि छपरा-सीवान जहीरीली शराब कांड में बीजेपी ने 100 से ज्यादा लोगों की मौत के दावे किए थे। इस पर बिहार में खूब सियासत हुई थी। विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ था। पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए थे। मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की थी ।

जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ठुकरा दिया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने कुछ केमिकल डालकर शराब को तैयार किया था । जिसके चलते लोगों की मौत हुई थी।

छपरा शराबकांड का मास्टरमाइंड अरेस्ट

छपरा में जहरीली शराब से एक साथ हुई इतनी मौतों पर काफी हंगामा देखने को मिला था। जिसमें पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए शराबकांड में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसी बीच शराबकांड के मुख्य आरोपी रामबाबू को दिल्ली से अरेस्ट किया गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने रामबाबू को पकड़ा है और उससे पूछताछ की जा रही है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रामबाबू महतो के खिलाफ पहले से ही 7 केस दर्ज हैं।

जमकर हुआ थाछपरा शराबकांड में घमासान

छपरा शराबकांड को लेकर बिहार में सियासी पारा भी काफी चढ़ गया था। विधानसभा से लेकर संसद तक में छपरा शराबकांड की गूंज सुनाई दी थी। बीजेपी ने शराबकांड में जान गंवाने वालों के परिजनों को मुआवजे की मांग की थी। इसको लेकर बीजेपी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया था। हालांकि, सीएम नीतीश ने साफ शब्दों में मुआवजे से इनकार कर दिया था।

रामबाबू महतो पर पहले दर्ज हैं 7 केस

छपरा शराबकांड के बाद से ही आरोपी रामबाबू महतो की तलाश बिहार पुलिस कर रही थी। हालांकि, आरोपी लगातार अपनी जगह बदल रहा था। उसे दिल्ली के द्वारका इलाके से पकड़ा गया। आरोपी रामबाबू महतो किसान परिवार से जुड़ा हुआ है। उसके चार भाई और दो बहनें हैं। उसका जन्म बिहार में हुआ है और वो 8वीं तक पढ़ा है।

उसने बताया कि परिवार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। बिहार में शराबबंदी के बीच वो पैसे के कमाने के लिए अवैध शराब के धंधे में जुट गया। उस पर अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया गया है। बिहार पुलिस के साथ भी जांच टीम ने जानकारी शेयर किया है।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा

रामबाबू की तलाश लगातार पुलिस टीम कर रही है। इससे पहले सारण के एसपी संतोष कुमार ने बताया था कि राज्य पुलिस की ओर से गठित विशेष जांच दल ने एक होम्योपैथी कंपाउंडर को पकड़ा। इसे भी जहरीली शराब कांड का कथित तौर पर मास्टरमाइंड बताया गया था। इस जहरीली शराब कांड में 38 लोगों की जान चली गई थी। इस कार्रवाई में मास्टरमाइंड समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

read more : ऋषभ पंत हुए सड़क हादसे का शिकार, जानें कैसे हुआ यह भयानक हादसा

ऋषभ पंत हुए सड़क हादसे का शिकार, जानें कैसे हुआ यह भयानक हादसा

भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकिपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की कार का एक्सीडेंट हुआ है। एक्सीडेंट इतना भयानक था कि हादसे के बाद कार में आग लग गई। हालांकि इस हादसे में विकेटकिपर को गंभीर चोट भी आई है। उनका इलाज देहरादून के मैक्स अस्पताल में चल रहा है। क्रिकेटर की कार का एक्सीडेंट के होने के बाद गाड़ी पूरी तरह से जर्जर हो गई है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ऋषभ पंत गुरुवार को ही दुबई से वापस लौटे थे। जिसके बाद मां को सरप्राइज देने के लिए दिल्ली से रुड़की जा रहे थे। लेकिन रास्ते में हादसा हो गया।

कैसे हुआ ये हादसा ?

ऋषभ पंत की कार दिल्ली-देहरादून हाईवे पर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनकी कार सड़क पर पलट गई। इसके बाद कार में आग भी लग गई। लेकिन, पंत ने हौसला दिखाया और वो जलती कार से खिड़की तोड़कर बाहर निकले। इसके कुछ वक्त बाद ही कार धू-धूकर चल उठी। पंत अगर जरा सी भी देरी दिखाते तो उनकी जान पर भी बन आ सकती थी। लेकिन, जिस तरह मैदान पर वो हौसले से खेलते हैं। वही हिम्मत उन्होंने चोटिल होने के बाद भी दिखाई और कार से खिड़की तोड़कर बाहर निकल आए। इसी वजह से उनकी जान बची। फिलहाल, उनका इलाज देहरादून में चल रहा है।

बीसीसीआई की तरफ से हादसे को लेकर आया पहला बयान

ऋषभ पंत के चोटिल होने की खबर जैसे ही सामने आई। उनके फैंस के साथ ही क्रिकेट खिलाड़ियों ने भी उनकी सलामती की दुआ करनी शुरू कर दी। इस बीच, बीसीसीआई की तरफ से भी पंत के हादसे को लेकर बयान आया है। बोर्ड के सचिव जय शाह ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, ‘मेरी प्रार्थनाएं और विचार ऋषभ पंत के साथ हैं। उम्मीद है कि वो जल्द ही अपनी चोट से रिकवर होंगे। मैंने उनके परिवार और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों से बात की है। ऋषभ की हालत स्थिर है और उनके जरूरी स्कैन हो रहे हैं। हमारी उनकी सेहत पर नजर है और हम उन्हें हर संभव सहायता मुहैया कराएंगे।

ऋषभ पंत बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा

बता दें कि ऋषभ पंत बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा हैं। पिछले साल बीसीसीआई ने उन्हें ए-ग्रेड में रखा है । उनके साथ इस लिस्ट में आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, केएल राहुल और मोहम्मद शामिल हैं। उस ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को एनुअल रिटेनरशिप फीस 5 करोड़ रुपये है। यह राशि खिलाड़ियों को मैच फीस के अलावा मिलती है। सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल होने की वजह से बीसीसीआई पंत के इलाज की जिम्मेदारी उठाएगी।

सीएम पुष्कर सिंह धामी का बयान

यह भी बताया जा रहा है कि, पंत दिल्ली से रुड़की अपनी मां को सरप्राइज देने के लिए जा रहे थे। नए साल पर वह अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करना चाहते थे। इस हादसे के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को ऋषभ पंत के समुचित ईलाज की सभी संभव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने ऋषभ पंत के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि उनके ईलाज का सारा व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। अगर एयर एम्बुलेंस की आवश्यकता होती है। तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी।

क्रिकेटर ऋषभ पंत का हेल्थ अपडेट

वहीं मैक्स अस्पताल ने क्रिकेटर का हेल्थ अपडेट जारी किया है। जिसमें मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टर आशीष याग्निक ने बताया है, “ऋषभ पंत को बहुत गंभीर चोटें नहीं आई हैं। अभी फिलहाल डॉक्टर की पूरी टीम उनका चेकअप कर रही है। पैर और कमर में चोट है। जिसको लेकर पूरा ट्रीटमेंट किया जा रहा है। डॉक्टर ने बताया, “ऋषभ पंत फिलहाल खतरे से बाहर हैं। वह पूरी तरह से बातचीत कर रहे हैं। डॉक्टर की पूरी टीम चेक उसके बाद ही आगे की जानकारी देगी।

read more : पंचतत्व में विलीन हुईं हीरा बेन , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी मुखाग्नि

पंचतत्व में विलीन हुईं हीरा बेन , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी मुखाग्नि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन का 100 साल की उम्र में आज सुबह अहमदाबाद के अस्पताल में निधन हो गया । सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर उन्होंने आखिरी सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। बता दें कि दो दिन पहले ही तबीयत बिगड़ने के बाद हीराबेन को अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पीएम मोदी उन्हें देखने के लिए अहमदाबाद भी गए थे। यह बताया गया था कि उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है। लेकिन आज सुबह उनके निधन की खबर आई। पीएम मोदी की मां के निधन की खबर सुनते ही शोक संवेदनाओं का तांता लग गया।

मुझे मेरी मां याद आ रही – सीएम ममता बनर्जी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन को श्रद्धाजंलि दी। ममता बनर्जी ने वंदे भारत ट्रेन के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी से कहा, “आदरणीय पीएम, आज का दिन दुखद है और आपके लिए बहुत बड़ी क्षति है। मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं। भगवान आपको शक्ति दे। मैं आपका आभार व्यक्त करती हूं कि आप पश्चिम बंगाल आने वाले थे।

लेकिन अपनी मां के निधन के कारण आप नहीं आ सके, लेकिन वर्चुअली जुड़ गए। मैं यही कहूंगी कि आप थोड़ा आराम कीजिए। आज मुझे भी मेरी मां की याद आ रही है। समझ में आ रहा कि किस शब्दों में बयां करूं। आपकी मां का निधन बहुत बड़ी क्षति है। ”

पाक प्रधानमंत्री शहबाज और नेपाल के पीएम ने जताया दुख

पीएम मोदी की मां हीरा बेन के निधन पर कई देश के कई बड़े नेताओं के साथ विदेशी नेताओं के भी शोक संदेश आ रहे हैं। पाक पीएम शहबाज और नेपाल के पीएम प्रचंड ने पीएम मोदी की मां के निधन पर दुख जताया है।

जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन पर शोक जताया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उनका जीवन बहुत प्रेरणादायक था। बुधवार को ही तबीयत बिगड़ने हीरा बेन को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

दुख की घड़ी में पूरा यूपी प्रधानमंत्री के साथ – ब्रजेश पाठक

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री की मां के निधन होने की खबर हमें सुबह मिली। इस दुख में पूरा प्रदेश प्रधानमंत्री के साथ है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी मां को श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिवार को इस दुख को सहने की क्षमता दें।

बसपा प्रमुख मायावती ने भी जताया दुख

बसपा प्रमुख और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की माता हीराबेन के निधन हो जाने की खबर अति दुखद। उनके पूरे परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना। कुदरत उन्हें एवं उनके सभी चाहने वालों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

हीराबेन के निधन से सभी स्तब्ध – हरीश रावत

उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि देश के आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूज्यनीया माता श्रीमती हीराबेन जी के निधन के समाचार से हम सब स्तब्ध हैं। पूरा देश स्तब्ध है। इस परम दुख की घड़ी में पूरा देश, हम सब और मेरा परिवार पीएम मोदी के साथ खड़ा है।

हमारी संवेदनाएं पीएम और उनके परिवार के साथ – देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन का दुखद निधन हुआ। प्रधानमंत्री का अपनी मां से एक आत्मीय जुड़ाव था। इस दुख की बेला में हमारी संवेदनाएं प्रधानमंत्री और उनके परिवार के साथ हैं। मैं आदरणीय हीरा बेन को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”

सोनू सूद ने जताया दुःख

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने दुख जताते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, ‘आदरणीय मोदी जी, मां कहीं जाती नहीं है बल्कि कई बार ईश्वर के चरणों में जाकर इसलिए बैठ जाती है कि उनका पुत्र दूसरों के लिए और बेहतर कर सके। माता जी सदैव आपके साथ थी और आपके साथ रहेंगी प्रधानमंत्री जी। ओम शांति।’

कपिल शर्मा ने शोक प्रकट किया

कॉमेडियन कपिल शर्मा ने भी पीएम मोदी की माता जी हीराबेन के दुनिया को अलविदा कहने पर शोक व्यक्त किया है। कपिल ने लिखा, ‘आदरणीय नरेंद्र मोदी जी, मां का दुनिया से चले जाना बहुत ही दुखदायी होता है। उनका आशीर्वाद हमेशा आपके साथ रहेगा। ईश्वर माता जी को अपने श्री चरणों में स्थान दें हम यही प्रार्थना करते हैं। ओम शांति।’

अक्षय कुमार हुए शोकाकुल

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार ने पीएम मोदी की मां के निधन पर शोकाकुल हो ट्वीट किया है। अभिनेता ने लिखा, ‘मां को खोने से बड़ा दुख कोई नहीं। भगवान आपको इस दुख को सहने की शक्ति दे नरेंद्र मोदी जी। ओम शांति।’

स्वरा भास्कर ने दी श्रद्धांजलि

स्वरा भास्कर ने भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए हीरा बेन मोदी को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने हाथ जोड़ने वाले इमोटिकॉन के साथ लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी मां के निधन पर शोक। प्रार्थना और शक्ति…।’

हीरा बेन के निधन पर आरएसएस का ट्वीट

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने ट्वीट कर लिखा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की पूजनीया माता जी हीरा बा के निधन से एक तपस्वी जीवन पूर्ण हो गया। इस दुखद प्रसंग पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हम सभी स्वयंसेवक अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

कंगना रणौत ने लिखा प्रधानमंत्री को धैर्य और शांति दे भगवान

कंगना रनौत ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर सुबह-सुबह पीएम नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन मोदी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। इस दौरान कंगना ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर पीएम मोदी और उनकी मां हीरा बेन की तस्वीर लगाई है। तस्वीर साझा करते हुए कंगना ने लिखा कि, ‘भगवान इस कठिन समय में प्रधानमंत्री जी को धैर्य और शांति दें, ओम शांति।’

read more : फिर बढ़ी ठंड से कोहरे की चादर से ढकी अमेठी , वाहनों की रफ्तार हुई धीमी

फिर बढ़ी ठंड से कोहरे की चादर से ढकी अमेठी , वाहनों की रफ्तार हुई धीमी

राजेश सोनी ! अमेठी में बढ़ते ठंड और गलन से जन जीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो चुका है। दो दिन मौसम खुलने के बाद आज एक बार फिर अमेठी पूरी तरह कोहरे की चादर से ढक गई। कोहरे से जहाँ वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। तो ठंड से बचने के लिए लोग जगह जगह अलाव का सहारा लेते नजर आए। जिले में पारा 10 के नीचे पहुँच गया है। अमेठी में गलन बढ़ने से लोग आलाव का सहारा ले लेकर ठंड से बचने से बचने की कोशिश करते नज़र रहे है।

हाईवे सहित सभी राजमार्गो पर गाड़ियों का आवागमन न के बराबर दिख रहा है। मौसम विभाग की माने तो अगले 72 घंटे तक लोगो को राहत मिलने के आसार कम है। एक स्थानीय राहगीर ने बताया कि हम यहां पर अपना बिजनेस करने आते हैं। ठंड बहुत ही ज्यादा हैं। लेकिन आलाव का कोई भी इंतजाम प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है। हम प्रशासन से मांग करते है कि अलाव के इंतजाम करे। जिससे इस भीषण ठंड में बचा जा सके।

अमेठी में पड़ रही भीषण ठंड

दरअसल अमेठी में पिछले कई दिनों से तेज हवाओं की वजह से भीषण ठंड पड़ रही है। पिछले दो दिन मौसम खुलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली लेकिन आज सुबह एक बार फिर कोहरे ने पूरे जिले को ढक लिया। कोहरे की वजह से विजबिल्टी कम हो गई। जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और वाहन चालक दिन में भी गाड़ियों की हेड लाइट के सहारे गाड़िया चलाते नजर आए। वही ठंड से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग लोग अलाव के पास बैठे नजर आए। जिले का पारा 10 से भी मीचे आ गया।

बोले कृषि अधिकारी

ठंड के साथ ही गलन पडने से जहाँ लोगो को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। तो वही किसानों के सामने भी मुश्किल खड़ी हो रही है। कृषि अधिकारी का कहना है। इस समय किसानों को अपने आलू की फसल को बचने का प्रयास करना चाहिए। कोहरा ओर गलन आलू की फसल पर ज्यादा प्रभाव डालती है। किसान इससे बचने के लिए अपने खेतों की सिचाई करने के साथ ही जरूरी दवा का छिड़काव भी कर सकते है।

read more : पीएम नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन अस्पताल में भर्ती , मिलने के लिए पहुंच सकते हैं पीएम

चीन से मदुरै पहुंचे दो लोगों में कोरोना की पुष्टि , स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

तमिलनाडु के मदुरै में मां और 6 साल की बेटी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। ये लोग श्रीलंका के रास्ते हुए हुए चीन से मुदुरै पहुंचे थे। मां-बेटी कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद आइसोलेट कर दिया गया है साथ ही इनके कोरोना सैंपल को आगे की जांच के लिए जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेज दिया है। इस बात की जानकारी मदुरै के कलेक्टर ने दी है।

चीन और जापान समेत कई देशों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लग रहा है। अन्य देशों में बढ़ रहे कोरोना के मामलों को लेकर भारत सरकार भी चौकस है। केंद्र सरकार कोरोना की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच, देशभर में आज सभी अस्पतालों में मॉक ड्रिल की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोगों से मास्क पहनने और कोविड-19 से संबंधित गाइडलाइंस का पालन और सतर्क रहने का आग्रह किया है।

निगरानी के लिए एक अधिकारी तैनात

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम ने कहा कि वे इस समय घर पर आइसोलेट हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थितियों की निगरानी के लिए एक अधिकारी को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि ब्लड के नमूने परीक्षण के लिए राज्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला में भेजे गए हैं ताकि यह निर्धारित किया जा सके। वे किस कोविड स्ट्रेन से संक्रमित हैं। उन्होंने कहा कि परिणाम चार से पांच दिनों के भीतर आने की उम्मीद है।

आरटी-पीसीआर जांच कराने की सलाह

इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने एक तीसरे व्यक्ति को आरटी-पीसीआर परीक्षण से गुजरने के लिए कहा है। जो मदुरै हवाई अड्डे से दो रोगियों को छोड़ कर चेन्नई लौट आया था। सुब्रमण्यन ने कहा कि विभाग ने चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और ताइवान से अंतरराष्ट्रीय आगमन पर आरटी-पीसीआर परीक्षण कराने की सलाह दी है।

मंडाविया ने 4 टी पर दिया जोर

मांडविया ने टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-टीकाकरण और कोविड गाइडलाइंस की नीति का पालन करने और संवेदनशील लोगों को सर्तकता डोज देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि हम निरंतर सामूहिक प्रयासों से ही संक्रमण से पार पा सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर में कोविड की स्थिति को देखते हुए सभी अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा है। चीन के मामलों में विस्फोटक इजाफे के बाद पूरी दुनिया कोरोना को लेकर अलर्ट हो गई है। केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते से अब तक कई बैठकें की हैं। सरकार हर तरह से सुनिश्चित करना चाहती है कि वायरस न फैले।

अस्पतालों में तैयारियों का पता लगाने के लिए आवश्यक था ड्रिल

मांडविया ने कहा कि हमारे अस्पतालों में तैयारियों का पता लगाने के लिए ड्रिल जरूरी थी। मांडविया ने कहा, ‘पूरी दुनिया में कोविड के मामले बढ़ रहे हैं और भारत में भी संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि उपकरणों, प्रक्रियाओं और मानव संसाधनों के रूप में कोविड संबंधी पूरा ढांचा पूरी तरह तैयार हो। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में तैयारी अहम है। इस लिहाज से सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पताल भी मॉक ड्रिल कर रहे हैं।

read more : पीएम नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन अस्पताल में भर्ती , मिलने के लिए पहुंच सकते हैं पीएम

पीएम नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन अस्पताल में भर्ती , मिलने के लिए पहुंच सकते हैं पीएम

पीएम नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें अहमदाबाद के अस्पताल यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती करवाया गया है। वह करीब 100 वर्ष की हैं। अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है। उन्हें बुधवार सुबह ही अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इसी साल 18 जून को उन्होंने अपना 100वां जन्मदिन मनाया हैं। पीएम मोदी अपनी मां के बेहद करीब हैं।

वह करीब-करीब अपने हर जन्मदिन पर उनसे मिलने जाया करते हैं। हीरा बेन गांधीनगर में रहती हैं। इस माह यानी 5 दिसंबर को गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए मतदान करने हीरा बेन व्हीलचेयर पर पोलिंग बूथ पहुंची थीं। अस्पताल में पीएम मोदी के परिवार के अन्य सदस्य मौजूद हैं। हीरा बेन अपने छोटे बेटे के साथ गांधीनगर के बाहरी इलाके के रायसन गांव में रहती हैं। उनका जन्म 18 जून 1923 को हुआ था।

पीएम मोदी ने लिखा था ब्लॉग

कई बार पीएम मोदी कह चुके हैं कि उनके लिए मां केवल एक शब्द नहीं बल्कि इस शब्द में स्नेह, धैर्य, भरोसा और विश्वास सब कुछ समाहित है। उन्होंने कहा था कि दुनिया का कोई भी कोना हो, कोई भी देश हो, हर संतान के मन में सबसे अनमोल स्नेह मां के लिए होता है। मां सिर्फ हमारा शरीर ही नहीं गढ़ती बल्कि हमारा मन, हमारा व्यक्तित्व, हमारा आत्मविश्वास भी गढ़ती है।

वैक्सीन लेकर लोगों के बीच उदाहरण पेश किया था

पीएम मोदी की माँ हीरा बेन ने कोरोना काल में उस समय वैक्सीन लिया। जब लोग इसे लेने से डर रहे थे। हीरा बेन के इस कदम को देखकर समाज में कई लोग वैक्सीन लेने के लिए आगे आए। इतना ही नहीं वह चुनाव में भी मतदान केंद्र पर जाकर वोट करती हैं।

अस्पताल ने जारी की ताजा रिपोर्ट

यूएन मेहता अस्पताल प्रबंधन ने ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन को अहमदाबाद में यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है।

पीएम के छोटे भाई कार दुर्घटना में हुए थे घायल

इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोटे भाई प्रह्लाद मोदी एक कार एक्सीडेंट में घायल हो गए थे। खबरों के मुताबिक, वह अपने बेटे, बहू और पोते के साथ बांदीपुर जा रहे थे। जब उनकी मर्सिडीज बेंज कार कर्नाटक के मैसूरु के पास डिवाइडर से टकरा गई। प्रह्लाद मोदी को उनके परिवार के साथ इलाज के लिए जेएसएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, कहा जा रहा है कि उन्हें मामूली चोटें आई हैं और फिलहाल वे सुरक्षित हैं।

read more : लखनऊ में ठंड ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, आगरा, अयोध्या सहित जानें शहरों का हाल

लखनऊ में ठंड ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, आगरा, अयोध्या सहित जानें शहरों का हाल

पश्चिम और पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने उत्तर प्रदेश में ठिठुरन और गलन बढ़ा दी है। आलम यह है कि लोग हाड़ कंपाती ठंड में घरों में दुबकने को मजबूर हैं। मंगलवार को राजधानी लखनऊ में ठंड ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मंगलवार को लखनऊ का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया । जो दिसंबर में 10 सालों में सबसे कम रहा, जबकि अधिकतम तापमान 17.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

बूंदाबांदी की वजह से बढ़ी ठंड

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। इस बीच रात और सुबह कई जगह पर घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हुई बूंदाबांदी की वजह से पारा लुढ़का है। इसके अलावा चिल विंड फैक्टर की वजह से भी तापमान गिरा है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों और रेगिस्तानी इलाकों से आ रही हवाओं ने भी तापमान पर असर डाला है।

आगरा में कड़ाके की ठंड, पर अलाव नहीं

पिछले 72 घंटे से ताजनगरी आगरा में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रही ठंडी हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। 72 घंटों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री के आसपास पहुंच गया। जबकि अधिकतम तापमान भी 20 डिग्री के आसपास बना हुआ है। नगर निगम ने जरुरतमंदो के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं। जरूरतमंद लोग फुटपाथ पर कूड़ा जलाकर ठंड से बचने का जतन कर रहा तो कोई तंदूर की गर्म राख से खुद को बचा रहा है।

गोरखपुर में भी 3 डिग्री लुढ़का पारा

गोरखपुर में भी ठंडी हवाओं की वजह से दिन का पारा तीन डिग्री तक लुढ़क गया। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि इसमें और भी गिरावट देखने को मिल सकती है। पूर्वानुमान के मुताबिक गोरखपुर और इसके आस-पास में न्यूनतम पारा 7 डिग्री तक पहुंच सकता है।

वाराणसी में काफी तेज चल रही हवाएं

पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर दिखने लगा है। मंगलवार सुबह कोहरा तो नहीं रहा लेकिन 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बर्फीली हवाओं के चलने के कारण गलन एक बार फिर बढ़ गई। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

जाने अयोध्या में ऐसा है मौसम

2022 के अंतिम सप्ताह में राम नगरी अयोध्या में अचानक ठंड बढ़ गई है। राम नगरी में न्यूनतम तापमान साढ़े 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। सुबह से चल रही शीतलहरी ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। जिसके चलते दिन ढलने के बाद बाजारों में चहल-पहल भी कम होती जा रही है।

सुबह सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस जाने वाले लोग, मजदूरों व घरेलू कार्य करने वाले महिलाओं को हो रही है। सर्दियों के इस मौसम में पहली बार न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड के साथ गलन भी बढ़ती जा रही है। जिसके कारण लोग अलाव के पास बैठने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

शाहजहांपुर, बरेली और मेरठ में भी ठंड का कहर जारी

शाहजहांपुर, बरेली और मेरठ के आस-पास के जिलों में भी ठंड का कहर लगातार जारी है। पिछले 15 दिनों से कड़ाके की ठंड के बीच लोगों की आंखे खुल रही है। पहाड़ों में बर्फ़बारी और पछुआ हवाओं की बजह से गलन में लगातार इजाफा जारी है। पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी से शाहजहांपुर के इलाके में सुबह का तापमान सात डिग्री तक पहुंच रहा है। इसी तरह मेरठ और बरेली में भी ठंड का डबल अटैक देखने को मिल रहा है। यहां भी न्यूनतम तापमान 7 डिग्री के आस-पास बना रहा।

read more : निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिना ओबीसी आरक्षण के कराए चुनाव

सामने आई कोरोना नेजल वैक्सीन की कीमत , जानिए कब और कहां मिलेगी

चीन सहित दुनियाभर के देशों में बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरों देखते हुए भारत सरकार अलर्ट मोड पर है । जिसके तहत आज देशभर के सभी कोविड हास्पिटलों में मॉक ड्रिल हो रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया खुद सफदरजंग हास्पिटल पहुंचकर कोरोना से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। इसके साथ ही राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री भी अपने-अपने राज्यों के हास्पिटलों में मॉक ड्रिल के दौरान शामिल हो रहे हैं।

इसके साथ ही पिछले हफ्ते 23 दिसंबर को कोरोना से लड़ने के लिए भारत सरकार ने भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन को बूस्टर डोज के रूप में मंजूरी दे दी है। जिसकी कीमतें भी सरकार की ओर से तय कर दी गई है। यह वैक्सीन जनवरी के चौथे सप्ताह से बाजार में उपलब्ध होगी।

इस वैक्सीन का इस्तेमाल 18 साल से ज्यादा उम्र के लोग बूस्टर डोज के तौर पर कर सकेंगे। यह दुनिया की पहली कोविड नेजल वैक्सीन है । जिसे इस्तेमाल की मंजूरी मिली है।

अभी सिर्फ प्राइवेट हास्पिटलों में होगी उपलब्ध 

सुई के बिना नाक से दी जाने वाली यह इंट्रानेजल वैक्सीन अभी सिर्फ प्राइवेट हास्पिटलों में उपलब्ध होगी। यह वैक्सीन उन लोगों को बूस्टर डोज के रूप में दी जाएगी । जो कोविशील्ड या कोवाक्सिन की दोनों डोज लगवा चुके हैं। नेजल कोविड वैक्सीन नाक के जरिए दिया जाता है। जो नाक के अंदरुनी हिस्सों में इम्युनिटी तैयार करती है। इम्युनिटी तैयार होने के बाद यह ऐसे बीमारियों को रोकने में असरदार होती है । जो हवा के जरिए फैलता है।

कहां किस कीमत में लगेगी नेजल कोविड वैक्सीन

भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड ने बताया है कि इंट्रानेजल (iNCOVACC) वैक्सीन अब CoWIN वेबसाइट पर लिस्ट हो गई है। जो प्राइवेट मार्केट में 800 रुपए (जीएसटी को छोड़कर) और सरकारी हास्पिटलों में 325 रुपए में (जीएसटी को छोड़कर) मिलेगी। हालांकि हास्पिटल इसमें अलग से अपना चार्च जोड़ सकते हैं।

निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिना ओबीसी आरक्षण के कराए चुनाव

निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिना ओबीसी आरक्षण के कराए चुनाव

उत्तर प्रदेश में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब प्रदेश में निकाय चुनाव जल्द ही कराए जा सकेंगे। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि ओबीसी आरक्षण के बिना प्रदेश में निकाय चुनाव संपन्न कराए जाएं। यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनाया है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सरकार ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए ट्रिपल टेस्ट फॉर्मूला अपनाए।

इस ‘ट्रिपल टेस्ट फॉर्मूला’ के तहत राज्य सरकार कमीशन बनाए जो पिछड़ा वर्ग पर रिपोर्ट दे। इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग की आर्थिक-शैक्षणिक स्थिति देखी जाए और रिपोर्ट के आधार पर तय हो कि आरक्षण की जरूरत है या नहीं ?

सरकार ने 5 दिसंबर को जारी किया था ड्राफ्ट

लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार द्वारा 5 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को ख़ारिज करते हुए कहा कि निकाय चुनावों को बिना ओबीसी आरक्षण के ही संपन्न कराए जाएं। यह निर्णय न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने इस मुद्दे पर दाखिल 93 याचिकाओं पर एक साथ पारित किया है।

ओबीसी आरक्षित सभी सीटें हो जाएंगी जनरल

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद ओबीसी जातिवर्ग के लिए आरक्षित सभी सीटें अब जनरल मानी जाएंगी। मतलब कि अब इन सीटों पर कोई भी व्यक्ति अपनी दावेदारी ठोकते हुए चुनाव लड़ सकता है। हालांकि कोर्ट ने एससी और एसटी आरक्षक के साथ चुनाव कराने की बात कही है। अब कोर्ट के इस फैसले के बाद संभावना है कि जनवरी में चुनाव हो सकते हैं। हालांकि अगर राज्य सरकार इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट नहीं जाती है। तब ही ऐसा संभव होगा।

पिछड़े वर्ग के हितों से नहीं करेंगे समझौता – के पी मौर्या

वहीं कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, नगरीय निकाय चुनाव के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश का विस्तृत अध्ययन करने के बाद ही। विधि विशेषज्ञों से परामर्श के बाद सरकार के स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। परंतु पिछड़े वर्ग के अधिकारों को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

रैपिड सर्वे और ट्रिपल टेस्ट में अंतर

ओबीसी आरक्षण के लिए सरकार रैपिड सर्वे का हवाला दे रही थी। इस सर्वे में प्रशासन की देखरेख में नगर निकायों का वार्ड के हिसाब से ओबीसी वर्ग की गिनती कराई जाती है। इसके आधार पर ही यह निर्धारित किया जाता है कि यह वार्ड ओबीसी आरक्षित होगा या नहीं। वहीं ट्रिपल टेस्ट में आरक्षण का निर्धारण करने से पहले एक आयोग का गठन किया जाता है। जो सर्वे कर आरक्षण को प्रस्तावित करेगा। दूसरे चरण में ओबीसी की संख्या का परीक्षण होगा और तीसरे चरण में शासन स्तर पर सत्यापन कराया जाता है।

फैसले में 93 याचिकाओं को एक साथ पारित किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की ओर से आए फैसले में 93 याचिकाओं को एक साथ पारित किया गया है। कोर्ट ने निकाय चुनाव जल्द से जल्द कराने के भी आदेश दिए हैं। हालांकि यूपी सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जा सकती है। यदि सरकार सुप्रीम कोर्ट जाती है तो चुनाव अप्रैल-मई 2023 तक टल भी सकते हैं। यदि यही फैसला सरकार के पक्ष में आया होता तो चुनाव तुरंत होने की संभावना ज्यादा थी।

बढ़ेंगी भाजपा सरकार की मुश्किलें

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की ओर से सरकार को बड़ा झटका दिया गया है। अब सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। यदि वहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत ही ट्रिपल टेस्ट कराकर ओबीसी आरक्षण निर्धारित करने का आदेश दिया गया तो सरकार की मुसीबत बढ़ जाएगी। ऐसी स्थिति में भाजपा ओबीसी आरक्षण को नजरअंदाज कर चुनाव नहीं करा सकती। यदि ऐसा किया गया तो निकाय चुनाव के साथ-साथ आगामी लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। भाजपा सरकार चुनाव तो जल्दी कराना चाहती है। लेकिन बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव कराना उनके लिए खतरा साबित हो सकता है।

समाजवादी पार्टी पर भी होगा इसका असर

निकाय चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच ही माना जा रहा है। ऐसे में निकाय चुनाव टाले जाते हैं तो भाजपा सरकार के साथ-साथ समाजवादी पार्टी पर भी असर पड़ेगा। यदि चुनाव अप्रैल-मई तक आगे बढ़ते हैं तो। यह दोनों ही प्रमुख दलों के लिए मुसीबत वाला होगा। यदि चुनाव ज्यादा देर से होते हैं तो लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर भी असर डाल सकता है।

read more : चंदा कोचर के बाद वीडियोकॉन कंपनी के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत हुए गिरफ्तार

चंदा कोचर के बाद वीडियोकॉन कंपनी के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत हुए गिरफ्तार

सीबीआई ने आईसीआईसीआई बैंक लोन केस में वीडियोकॉन के संस्थापक वेणुगोपाल धूत को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी से जुड़े लोगों ने इसकी जानकारी दी है। जांच एजेंसी इस मामले में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वे फिलहाल तीन दिनों की सीबीआई रिमांड पर हैं।

आईये जाने कौन हैं वेणुगोपाल धूत

वेणुगोपाल धूत वीडियोकॉन समूह के चेयरमैन हैं। भारत के अरबपति व्यक्तियों में इनकी गिनती होती है। 2015 में फोर्ब्स की सबसे अमीर लोगों की सूची में वेणुगोपाल धूत को 61वां स्थान हासिल हुआ था। तब वेणुगोपाल धूत की संपत्ति 1.19 बिलियन डॉलर थी।

क्या है मामला, जानें

मामले में आरोपों के अनुसार वेणुगोपाल धूत ने कथित तौर पर 2010 और 2012 के बीच वीडियोकॉन समूह को बैंक द्वारा ऋण दिए जाने के कुछ महीनों बाद बदले में न्यूपॉवर रिन्यूएबल्स में 64 करोड़ रुपये का निवेश किया था। सीबीआई का आरोप है कि ऋण को एक समिति द्वारा मंजूरी दी गई थी। जिसमें चंदा कोचर एक सदस्य थीं। सीबीआई का आरोप है कि कोचर ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और वीडियोकॉन को 300 करोड़ रुपये मंजूर करने के लिए वेणुगोपाल धूत से अपने पति के माध्यम से अनुचित लाभ प्राप्त किया।

एफआईआर में बतौर आरोपी दर्ज था वेणुगोपाल धूत के नाम

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने चंदा कोचर, उनके पति और वीडियोकॉन समूह के वेणुगोपाल धूत के साथ-साथ नूपावर रिन्यूएबल्स, सुप्रीम एनर्जी, वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम से संबंधित IPC की धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर में आरोपी के रूप में दर्ज किया था। चंदा कोचर पर मार्च 2018 में अपने पति को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए अपने पद के दुरुपयोग का भी आरोप लगा था। आरोपों के बाद चंदा ने अक्टूबर 2018 में आईसीआईसीआई बैंक के CEO और MD के पद से इस्तीफा दे दिया था।

नियम और कानून को दरकिनार कर जारी किए लोन

चंदा कोचर ने वीडियोकॉन ग्रुप की कंपनियों के लिए क्रेडिट क्रेडिट लिमिट तय की थी। सीबीआई की चार्जशीट में कहा गया है कि उस वक्त बैंक की प्रमुख रहते हुए चंदा कोचर ने वीडियोकॉन ग्रुप को नियमों को दरकिनार करते हुए लोन बांटा और बाद में उसे एनपीए घोषित कर दिया गया। जिससे बैंक को नुकसान हुआ और उधार लेने वालों को फायदा हुआ। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया था कि चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को एक आरोपी ने ने नूपावर रिन्यूएबल्स लिमिटेड (एनआरएल) का स्वामित्व हासिल करने और अवैध धन प्राप्त करने में मदद की थी।

read more : रिकॉर्ड कीमतों के साथ आईपीएल की छोटी नीलामी में चमकी खिलाड़ियों की किस्मत