पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर दी है। पाकिस्तान पर सबसे बड़ा एक्शन सिंधु नदी जल समझौते को निलंबित करने का है। भारत की कड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की सरकार ने भी बड़ी बैठक की है। भारत की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक की और कहा है कि भारत की ओर से पानी रोके जाने को जंग जैसा माना जाएगा।
पाकिस्तान सरकार की एनएससी की बैठक में शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने भाग लिया और भारत की ओर से की गई कार्रवाई पर चर्चा की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पानी 24 करोड़ लोगों की लाइफलाइन है। इसे युद्ध जैसा माना जाएगा। पानी रोकना भारत का एकतरफा फैसला है। पाकिस्तान इसको खारिज करता है।
पाकिस्तान में खलबली
इस बैठक में सेना के तीनों प्रमुख शामिल हुए हैं। पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर, नौसेना प्रमुख एडमिरल और पाकिस्तान के एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर इस बैठक में शामिल हुए हैं। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। भारत सरकार द्वारा कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के बाद पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस को भारतीय विमानों के लिए बंद कर दिया है। साथ ही भारतीयों के दिए जाने वाले वीजा को भी रद्द कर दिया गया है और बाघा बार्डर को भी बंद कर दिया गया है। बता दें कि भारत ने सिंधु जल समझौते को भी रोक दिया है। इसके बाद पाकिस्तान सरकार का कहना है कि पानी रोकना युद्ध जैसी कार्रवाई है।
पाकिस्तान ने भारत के लिए बंद किया एयरस्पेस
भारत सरकार द्वारा कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के स्वामित्व वाली या भारतीय संचालित एयरलाइनों के लिए अपने एयरस्पेस को तत्काल रूप से बंद कर दिया है। साथ ही भारतीयों के दिए जाने वाले वीजा को भी रद्द कर दिया गया है और बाघा बार्डर को भी बंद कर दिया गया है।
शिमला समझौता रद्द करने की पाकिस्तान ने दी धमकी
इस बैठक में पाकिस्तान सरकार की तरफ से कई अहम फैसले लिए गए हैं, जैसे पाकिस्तान तत्काल प्रभाव से बाघा सीमा चौकी को बंद कर देगा। साथ ही इस मार्ग से भारत से सभी सीमा पार पारगमन को भी किसी अपवाद के निलंबित कर दिया जागा। साथ ही जो लोग वैध वीजा के साथ सीमा पार कर चुके हैं, वे तुरंत उसी रास्ते से 30 अप्रैल से पहले भारत लौट जाएं। पाकिस्तान ने भारतीय नागरिकों को जारी किए गए SAARC वीजा छूट योजना के तहत सभी वीजा को निलंबित कर दिया है। हालांकि सिख धार्मिक तीर्थयात्रइयोंको छोड़कर सभी वीजा को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा SVES के तहत वर्तमान में पाकिस्तान में मौजूद भारतीय नागरिकों को (सिख तीर्थयात्रियों को छोड़कर) 48 घंटे के भीतर पाकिस्तान से बाहर निकलने का निर्देश दिया गया है।
पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में भारतीय रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है। उन्हें 30 अप्रैल 2025 से पहले पाकिस्तान छोड़ने का निर्देश दिया गया है। साथ ही पाकिस्तान सरकार ने भारतीय उच्चायोग में काम करने वाले लोगों और सलाहकारों को भी भारत लौटने का निर्देश दे दिया है। बता दें कि 30 अफ्रैल 2025 से इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग की क्षमता को घटाकर 30 राजनयिक और कर्मचारी कर दिया जाएगा साथ ही पाकिस्तान ने शिमला समझौता को भी रद्द करने की धमकी दी है।
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