अफसरों के सामने जिंदा जली मां-बेटी, उपजिलाधिकारी समेत 11 लोग नामजद

कानपुर देहात के मैथा तहसील की मड़ौली पंचायत के चाहला गांव से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहा ग्राम समाज की जमीन से कब्जा हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के सामने ही झोपड़ी के अंदर मां-बेटी जिंदा जल गई। हालांकि दोनों को बचाने के प्रयास में गृहस्वामी व रुरा इंस्पेक्टर झुलस गए। मां-बेटी की मौत से आक्रोशित लोगों ने हंगामा करते हुए लेखपाल पर कुल्हाड़ी से हमला कर घायल कर दिया।

भीड़ का गुस्सा देख टीम के लोग अपने वाहनों मौके पर छोड़कर भाग गए। मां-बेटी के जलकर मौत के मामले में करीब 2 दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें उपजिलाधिकारी मैथा, तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल, थानाध्यक्ष रूरा समेत 11 नामजद भी हुए हैं। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा अज्ञात लोगों पर भी हत्या, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।

पत्नी और बेटी को बचाने के लिए आग बुझाने के दौरान वे भी बुरी तरह जल गए। वहीं घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों में इसे लेकर आक्रोश है। पीएसी को भी तैनात किया गया है।

गांव के फौजी पर एसओ व लेखपाल से मिलीभगत का आरोप

पत्नी और बेटी की मौत से दुखी कृष्ण गोपाल ने गांव में रहने वाले एक फौजी पर लेखपाल व एसओ से मिलीभगत कर कब्जा हटाने की कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है। कृष्ण गोपाल का कहना है कि मामले की शिकायत व अपने और परिवार पर दर्ज एफआईआर को लेकर एसपी से बात करने गया था। एसपी बात सुनने की बजाय उसे मारने दौड़े और कहा भाग जाओ यहां से। डीएम से मिलने गया था, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पाई थी।

गिड़गिड़ता रहा परिवार, ज़िंदा जली मां-बेटी

इसी दौरान जब कृष्ण गोपाल का कब्जा हटाने राजस्व व पुलिस विभाग के अफसर पहुंचे तो पूरा परिवार गिड़गिड़ाते हुए बोला, साहब टाइम तो आप दे सकते हो, हम गरीब लोगों को सताना चाह रहे हो, बहुत वर्षों से यहां रह रहे हैं। पर गरीब आदमी का ऐसे नहीं सताव जात है यह कहकर कृष्ण गोपाल और उसका परिवार अफसरों के सामने गिड़गिड़ता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। अफसर बोले यह सरकारी जमीन है और अफसर कब्जा हटाते रहे जहा उनके सामने मां-बेटी जिंदा जल गईं।

मां-बेटी के जिंदा जलने के मामले को शासन ने लिया संज्ञान

मड़ौली गांव में मां-बेटी के जिंदा जलने की मामले को शासन ने संज्ञान में लिया है। सूत्रों की मानें तो शासन ने डीएम नेहा जैन से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। डीजीपी भी एडीजी, आईजी व एसपी से पल-पल के घटनाक्रम की जानकारी लेते रहे।

डीएम ने पहले थाने पहुंचकर घटना की जानकारी ली

मड़ौली गांव में मां-बेटी के जिंदा जलने के बाद गांव पहुंचीं डीएम नेहा जैन घटनास्थल तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा सकीं। पहले डीएम ने थाने में बैठकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के दलबल के साथ मौके पर पहुंचने के बाद डीएम भी गांव पहुंचीं हालांकि वह घटनास्थल पर नहीं गई। इसके बाद परिजनों से बिना किसी संवाद के डीएम लौट गईं। फिर मंडलायुक्त व आईजी के मौके पर पहुंचने पर डीएम वहां पहुंची और पीड़ित परिवार से बात की।

मां-बेटी के जिंदा जलने की खबर पाकर पहुंचे कई नेता, दी सांत्वना

मां-बेटी की मौत की खबर पाकर राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी मौके पर पहुंचे। दोनों ने दुखी परिवार को सांत्वना दी। साथ ही घटना के बारे में जानकारी लेने के साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिया। राज्यमंत्री ने मामले की निष्पक्ष जांच व सरकारी मदद दिलाए जाने की बात भी पीड़ित परिवार से कही है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर राज्यमंत्री मौके पर पहुंची थी। इसके अलावा कई और नेता पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे थे।

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