Homeविदेशजानिए कौन है फ्रैंक 'कैननबॉल'? जो अपने पेट से तोप के...

जानिए कौन है फ्रैंक ‘कैननबॉल’? जो अपने पेट से तोप के गोले को रोक सकता था!

डिजिटल डेस्क : फ्रैंक ‘कैननबॉल’ रिचर्ड्स उन्हें आश्चर्य करने वाला व्यक्ति कम ही कहा जाता है। उसका खून-मांस-पेट तोप से निकलने वाली तेज रफ्तार लोहे की गोलियों को रोक सकता था! इसलिए उनके नाम में ‘तोप का गोला’ शब्द शामिल हो गया।पेट उसके शरीर का सबसे मजबूत अंग था। वह उस हिस्से की मांसपेशियों को इस तरह कसता था कि हथौड़े का प्रहार, इंसान की छलांग और यहां तक ​​कि तोप का गोला भी कोई नुकसान न कर सके।

वह जन्म से ही इस गुण के साथ पृथ्वी पर नहीं आया था। अद्वितीय होने की कोशिश ने उसे इस स्थान पर पहुँचाया। उन्हें दिन-ब-दिन कड़ी मेहनत और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने के अभ्यास का फल मिला। वह फ्रैंक की मांग थी।

फ्रैंक का जन्म 20 फरवरी, 18 को अमेरिका के मिनियापोलिस में एक ईसाई परिवार में हुआ था। पिता रिचर्ड जोन्स और मां एलेन एलिजाबेथ। फ्रैंक्स के तीन भाई-बहन थे।मंच पर अपनी मांसपेशियों की ताकत दिखाने से पहले फ्रैंक प्रथम विश्व युद्ध में एक सैनिक के रूप में लड़े। उन्होंने 1924 तक लोकप्रियता हासिल की।

काफी अभ्यास के बाद वह फ्रैंक ‘कैननबॉल’ रिचर्ड्स बन गए। उसे क्या करना था?फ्रैंक रोज उनके पेट पर भारी चीजों से वार करता था। कभी वह अपने दोस्तों से कहता था कि उसके पेट में बड़े हथौड़े से मारो, तो कभी जोर से मुक्का मारने को कहता। पौष्टिक भोजन और व्यायाम उनकी दिनचर्या थी।

एक बार जमीन पर लेटे-लेटे कई लोग दौड़ते हुए आए और उनके पेट के बल कूद पड़े। उनके पेट की मांसपेशियों ने भी उस गंभीर चोट को सहन किया।

भाजपा में शामिल पूर्व राष्ट्रपति के पोते, इंद्रजीत सिंह बोले- मैंने उनकी इच्छा पूरी की

फ्रैंक ने अमेरिकी मुक्केबाज जेस विलार्ड को एक शो में आमंत्रित किया। विलार्ड ने उसे एक से अधिक बार पेट में घूंसा मारा। उन्होंने अपने पेट की मांसपेशियों को मजबूत किया और उन सभी चोटों के खिलाफ प्रतिरोध विकसित किया।हालांकि उनका सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम तोप के साथ था। वह तोप के सामने नंगे पांव खड़ा था। उसका पेट तोप के मुहाने के पास था। ताकि तोप बाहर आकर सीधे पेट से टकरा सके।

लोहे की एक बड़ी गेंद को तोप में डाला जाता है। इसके बाद तोप चलाई गई। कुछ ही क्षणों में गोली फ्रैंक के पेट में जा लगी। फ्रैंक पीछे की ओर गिर गया। और उसके बाद वह खड़ा हुआ और हाथ उठाया और दर्शकों को समझाया कि वह ठीक है।उनके प्रदर्शन ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था। 8 फरवरी, 1969 को 81 वर्ष की आयु में कैलिफोर्निया में उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु के बाद उनके बारे में कई वृत्तचित्र बने हैं। कई फिल्मों में पेट से गोलाबारी की तस्वीरें भी दिखाई गई हैं।

- Advertisment -

Recent Comments

Exit mobile version