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इजरायल में नेतन्याहू के दफ्तर को निशाना बनाकर ईरान ने किया हमला

इस वक्त की बड़ी खबर मिडिल-ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच से सामने आ रही है। दरअसल, ईरान ने दावा किया है उन्होंने इजरायल में नेतन्याहू के दफ्तर को निशाना बनाकर हमला किया है। आईआरजीसी ने भी दावा किया है कि नेतन्याहू के कार्यालय पर आज सुबह हमला हुआ, फिलहाल उनकी हालत अज्ञात है। हालांकि इजरायल ने ईरान के इस दावे को झूठ बताया है।

इजरायल ने नेतन्याहू के कार्यालय पर हुए हमले को पूरी तरह से नकार दिया है। वहीं ईरान द्वारा इजरायल पर नए मिसाइल हमले के बाद अलर्ट जारी किया गया है। इजरायली सेना द्वारा ईरान से आने वाली मिसाइलों की चेतावनी के मद्देनजर तेल अवीव और यरुशलम में सायरन बज रहे हैं। यह भी जानकारी मिली है कि यरुशलम के अल-कुद्स में भीषण विस्फोट हुए हैं।

ईरान में परमाणु प्रतिष्ठान को कोई नुकसान नहीं

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने मिडिल ईस्ट की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमलों और तेहरान के जवाबी मिसाइल हमलों के बाद संयम बरतने का आग्रह किया। ग्रॉसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को अभी तक इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है। ईरान में किसी भी परमाणु प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचाया गया है या उस पर हमला किया गया है।

इजरायल भी ईरान पर कर रहा हमला

दूसरी तरफ इजरायल की सेना का कहना है कि ईरान पर हुए हमलों की पहली लहर में दो वरिष्ठ ईरानी खुफिया अधिकारी मारे गए हैं। सोमवार को जारी सैन्य बयान में मृतकों की पहचान सैयद याह्या हामिदी और जलाल पूअर हुसैन के रूप में की गई है। बयान में कहा गया है।

हामिदी इजरायल मामलों के खुफिया उप मंत्री थे और उन्होंने “ईरान और विदेशों में यहूदियों, पश्चिमी तत्वों और शासन के विरोधियों को निशाना बनाकर आतंकवादी गतिविधियों का नेतृत्व किया”। बयान में यह भी दावा किया गया है कि हुसैन ईरान के खुफिया मंत्रालय में जासूसी विभाग के प्रमुख थे। बयान में कहा गया है, “उनके साथ, अन्य वरिष्ठ आतंकवादियों को भी मार गिराया गया।

नेतन्याहू के लिए खून और पैसा बहा रहे राष्ट्रपति ट्रंप – लारीजानी

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने X पर पोस्ट करके कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की ‘विशफुल थिंकिंग’ (मतिभ्रम वाली सोच) ने पूरे क्षेत्र को एक अनावश्यक जंग में धकेल दिया है।

लारीजानी ने लिखा कि अब ट्रंप सही में अमेरिकी सैनिकों की और मौतों से चिंतित हैं। उन्होंने ये भी कहा कि ये बहुत दुखद है कि ट्रंप अमेरिकी धन और खून को इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की गैरकानूनी विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए कुर्बान कर रहे हैं।

अपनी खुद की सरकार बनाये ईरान की जनता – राष्ट्रपति ट्रम्प

दरअसल, शनिवार को मिडिल-ईस्ट में स्थिति तब गंभीर हो गई जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई इलाकों पर हमले किए, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का कार्यालय भी शामिल था। रविवार को ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की भी एक हमले में मौत हो गई।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम जारी रखे हुए है और अमेरिका पर हमला करने वाली मिसाइलें विकसित करने में लगा हुआ है। एक वीडियो संदेश में, राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरानी जनता से खामेनेई शासन के खिलाफ खड़े होने और अपनी खुद की सरकार बनाने की अपील की।

बाल-बाल बची सऊदी की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी

सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Aramco ने आज अपनी सबसे बड़ी रिफाइनरी रास तनूरा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। ये फैसला एक ड्रोन अटैक की कोशिश के बाद लिया गया। जिससे इलाके में छोटी आग लग गई थी। सऊदी डिफेंस मिनिस्ट्री और इंडस्ट्री सोर्सेज के मुताबिक, स्थिति अब कंट्रोल में है। कोई मौत नहीं हुई और आग पर जल्दी काबू पा लिया गया।

तुर्किये में अमेरिकी बेस तक पहुंची ईरानी मिसाइलें

ईरान की मिसाइलें तुर्किये में अमेरिका के बेस तक पहुंच गई हैं। यानी अब ईरानी मिसाइलों के निशाने पर अमेरिका का एक और एयरबेस है। इजरायल ने साउथ लेबनान और बेरुत के अल-दाहिए में रॉकेट से हमले तेज कर दिए हैं। वहीं लेबनान में इजरायली हमले में 40 लोगों की मौत हो गई है। यू ए ई (UAE) के सुपरमार्केट्स में सामान की सप्लाई घट गई है।

ईरान से 3,000 से ज्यादा चीनी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला

चीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान से अब तक 3,000 से ज्यादा चीनी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। मंत्रालय ने कहा कि ईरान में रहने वाले बाकी चीनी नागरिकों को जितनी जल्दी हो सके। देश छोड़कर निकल जाना चाहिए। साथ ही ये भी कन्फर्म किया कि तेहरान में हुए हमलों में एक चीनी नागरिक की मौत हो गई है। चीन के विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘हमारी सरकार ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत एक्शन लिया।

3,000 से ज्यादा लोग पहले ही सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। हम बाकी लोगों से अपील करते हैं कि वो उपलब्ध सबसे जल्दी रास्ते से ईरान छोड़ दें। मंत्रालय ने ये भी कहा कि वो ईरान में रहने वाले चीनी लोगों को हरसंभव मदद दे रहा है। जिसमें ट्रांसपोर्ट, शेल्टर और इमरजेंसी सपोर्ट शामिल है।

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