Monday, April 6, 2026
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अंधविश्वास हावी! 45 दिन के मासूम बच्चे को 51 बार गर्म सलाखों से दागा, हालत गंभीर

मध्य प्रदेश के शहडोल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक डेढ़ माह के मासूम बच्चे को अंधविश्वास के चलते 51 बार गर्म सलाखों से दागा गया है। बच्चे की हालत गंभीर है और उसका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। शहडोल में पिछले दिनों भी मासूमों को गर्म सलाखों से दागने के मामले सामने आए थे, जिसमें कई मासूम काल के गाल में समा गए। लेकिन ये सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। यहां एक और दुधमुंहे बच्चे को गर्म सलाखों से 51 बार जलाया गया। वह भी हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है।

शहडोल आदिवासी बाहुल्य जिला है। ऐसे में यहां आज भी झाड़फूंक और गर्म सलाखों से दागने की कुप्रथा जारी है। अंधविश्वास के चलते इलाज के नाम पर मासूम बच्चों को गर्म सलाखों से दागने के दर्जनों मामले जिले में सामने आ चुके हैं। जिनमें 10 से ज्यादा मासूमों की मौत हो चुकी है।

बच्चे के पिता ने क्या कहा ?

इस मामले में मासूम के पिता प्रदीप का कहना है कि बच्चे की तबीयत खराब होने पर घर के बड़े बुजुर्गों ने उसे गर्म सलाखों से दगवाया था। इससे बच्चे की हालत बिगड़ गई और फिर उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया। बता दें कि इस तरह से बच्चों को शरीर पर जलाने को ग्रामीण-आदिवासी अंचल इलाकों में डॉम कहा जाता है। यह एक अंधविश्वास है।

ग्रामीण मानते हैं कि अगर बच्चे को कोई बीमारी हो तो उसे डॉम लगा देने यानी गरम सलाखों या सुइयों से जलाने से बीमारी चली जाती है और ऐसे मामले शहडोल में पहले भी कई बार आ चुके हैं। गर्म सलाखों या सुइयों से जलाने के अंधविश्वास में कई बार बच्चों की जान आफत में आ चुकी है। लेकिन यह अंधविश्वास अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा है।

निमोनिया और सांस लेने में तकलीफ से पीड़ित था मासूम बच्चा

ऐसा ही एक मामला जिले के जनपद पंचायत सोहगपुर क्षेत्र हरदी गांव से सामने आया है। यहां निमोनिया व सांस लेने में तकलीफ होने पर डेढ़ माह के बीमार दुधमुंहे बच्चे को 51 बार गर्म सलाखों से पेट, पीठ, चेहरे और हाथ-पांव पर दागा गया। इस वजह से बच्चे की हालत और गंभीर हो गई। हालात ज्यादा बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज शहडोल में बच्चे को भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

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लियो एक्ट्रेस तृषा को आया मंसूर अली खान पर गुस्सा, काम ना करने की खाई कसम

तृषा कृष्णन इस वक्त सुर्खियों में बनी हुई हैं। तृषा कृष्णन अचानक तब चर्चा में आ गई जब उनके सह-कलाकार मंसूर अली खान ने उनको लेकर आपत्तिजनक कमेंट किया। उनका घटिया बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बयान वायरल होते ही इसकी खूब आलोचना होने लगी। ऐसे में इसकी भनक ‘लियो’ एक्ट्रेस तृषा कृष्णन को लग गई। एक्ट्रेस ने मामले पर चुप्पी नहीं साधी बल्कि उन्होंने खुलकर इसका विरोध किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर मंसूर अली खान के साथ कभी भी काम न करने की कसम भी खाई।

मंसूर ने दिया था भद्दा बयान

पहले आपको बताते हैं कि मामला कैसे शुरू हुआ। हाल में ही एक बातचीत के दौरान तृषा कृष्णन के ‘लियो’ में सह-कलाकार मंसूर अली खान ने एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि वह तृषा के साथ काम कर रहे हैं तो उन्हें लगा कि उन दोनों को लेकर एक बेडरूम सीन होगा, लेकिन सेट पर उन्हें तृषा दिखाई ही नहीं दीं। ‘लियो’ में तृषा और मंसूर अली खान का एक साथ कोई सीन नहीं था। मंसूर की टिप्पणियों के बाद एक्ट्रेस ने एक्स पर एक नोट लिखा, तृषा ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगी कि उन्हें अपने जीवन में कभी भी मंसूर के साथ काम न करना पड़े।

तृषा कृष्णन ने खाई कसम

मंसूर के वीडियो के जवाब में तृषा कृष्णन ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, ‘एक हालिया वीडियो मेरे संज्ञान में आया है, जहां मिस्टर मंसूर अली खान ने मेरे बारे में भद्दे और घृणित तरीके से बात की है। मैं इसकी कड़ी निंदा करती हूं और इसे लैंगिक भेदभावपूर्ण, अपमानजनक, स्त्रीद्वेषी, घृणित और खराब मानती हूं। वह कामना करते रह सकते हैं, लेकिन मैं आभारी हूं कि मैंने कभी उनके जैसे दयनीय व्यक्ति के साथ स्क्रीन स्पेस साझा नहीं किया और मैं यह सुनिश्चित करूंगी कि मेरे बाकी फिल्मी करियर में भी ऐसा कभी न हो। उनके जैसे लोग मानव जाति का नाम खराब करते हैं।

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क्या बड़ी जिम्मेदारी मिली बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी को ?

प्राची श्रीवास्तव : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए दिन पे दिन मुसीबतें बड़ती गई, लेकिन उन्होंने डट के सामना किया और साथ ही इस बात को सिद्ध किया की बीजेपी कांग्रेस से डरती है। जब भारत जोड़ो यात्रा निकाली गई तब भी बीजेपी ने विरोध किया। उसके बाद राहुल गांधी की सदस्यता छीन ली और फिर राहुल गांधी पर मानहानि का मुकदमा ठोक दिया साफ तौर पे इससे ये सिद्ध होता है की कांग्रेस ने जब जब जनता को एकजुट किया तब तब बीजेपी ने टांग अड़ाने की पूरी कोशिश की। राहुल गांधी पर बीजेपी विधायक पुणेश मोदी ने मानहानि का केस दर्ज किया। जिसके चलते राहुल गांधी को कई मुश्किलें झेलनी पड़ी।

बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी की नई जिम्मेदारी

आपको बता दे की अब बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी को शुक्रवार (17 नवंबर) को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। बीजेपी ने पूर्णेश मोदी को दादरा नगर हवेली और दमन का राज्य प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं, दुष्यन्त पटेल को प्रदेश सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। 58 वर्षीय पूर्णेश मोदी 3 बार के विधायक हैं, वह ओबीसी समुदाय से आते हैं और पेशे से वकील हैं।

पहली बार 2013 में सूरत पश्चिम सीट से उपचुनाव जीतकर वह विधायक बने थे, फिर 2017 और 2022 में उसी सीट से चुने गए थे। पिछली बार वह एक लाख वोटों के अंतर से जीते थे, बता दें कि पूर्णेश मोदी की 2019 की एक याचिका के कारण कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आपराधिक मानहानि मामले दोषी ठहराया गया था, जिसके चलते उन्हें संसद सदस्य के तौर पर अयोग्य घोषित होना पड़ा था।

‘मोदी सरनेम’ को लेकर की विवादास्पद टिप्पणी

राहुल गांधी ने 2019 में कर्नाटक के कोलार में एक रैली के दौरान ‘मोदी सरनेम’ को लेकर कथित विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसे लेकर पूर्णेश मोदी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता ने पूरे मोदी समुदाय का अपमान किया है। इसी साल 23 मार्च को गुजरात के सूरत कोर्ट ने मामले में राहुल गांधी को दोषी ठहराते हुए दो साल कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद मामला हाई कोर्ट होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की सजा पर रोक लगा दी थी।

शीर्ष अदालत ने कहा था कि सेशंस कोर्ट में अपील लंबित रहने तक राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाई जा रही है। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद सांसद के रूप में राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट के जज को फैसले में अधिकतम सजा सुनाने के कारण भी बताने चाहिए थे।

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भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया फाइनल मुकाबले के चलते भारतीय रेलवे ने लिया बड़ा फैसला !

स्पेशल रिपोर्ट प्राची श्रीवास्तव : भारत में क्रिकेट का क्रेज इन दिनो जबरजस्त तरीके से देखने को मिल रहा है, हाल ही में भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में भारत के जोरदार प्रदर्शन के चलते भारत ने न्यूजीलैंड को 70 रनो से हराया और इस बात की खुशी देश में देखने को मिल रही है। देशवासियों ने भारत की जीत के लिए मंदिरों में कीर्तन और भंडारे भी कराए। अब फाइनल मैच अहमदाबाद में होना है, जिसकी तैयारी खूब जोरो शोरो से चल रही है।

इस खुशी के मौके पर भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फ़ैसला लिया है। आपको बता दे की देश में क्रिकेट का महाकुंभ पिछले महीने शुरू हुआ था, जहां पर विश्वकप जीतने के लिए 10 टीमों ने हिस्सा लिया था। जिसमे भारतीय टीम अभी तक एक भी बार नही हारी है, कल क्रिकेट के महाकुंभ का फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।

भारतीय रेलवे का स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस खास मौके के लिए भारतीय रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इस फाइनल को देखने के लिए अहमदाबाद भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जो की अहमदाबाद से सबसे अधिक नज़दीक है। यहां से अहमदाबाद जाने-आने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। मध्य रेलवे द्वारा क्रिकेट विश्व कप फाइनल मैच के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से अहमदाबाद तक एक विशेष ट्रेन चलाई जा रही है।

अहमदाबाद में क्रिकेट विश्व कप फाइनल देखने के लिए क्रिकेट प्रेमी यात्रियों के लिए एक विशेष क्रिकेट विश्व कप ट्रेन रहेगी। ट्रेन नंबर 01153 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-अहमदाबाद स्पेशल एक्सप्रेस 18 नवंबर (शनिवार) को 10: 30 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से प्रस्थान करेगी और अगले दिन (रविवार) 06.40 तक अहमदाबाद पहुंचेगी।

read more : विराट कोहली ने तोड़ा सचिन के वनडे शतकों का रिकॉर्ड, चुना खास ग्राउंड और दिन

विराट कोहली ने तोड़ा सचिन के वनडे शतकों का रिकॉर्ड, चुना खास ग्राउंड और दिन

आखिरकार वह दिन आ ही गया जिसका भारतीय क्रिकेट फैंस सहित पूरी दुनिया इंतजार कर रही थी। वर्ल्‍डकप 2023 के अंतर्गत न्‍यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में भारत के विराट कोहली ने अपना बहुप्रतीक्षित 50वां वनडे शतक जड़कर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। विराट कोहली ने विराट उपलब्धि हासिल करते हुए सचिन के उस रिकॉर्ड को अपने नाम किया है, जिसे सात-आठ वर्ष पहले तक छूना लगभग असंभव माना जा रहा था। खास बात यह है कि विराट ने इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए महान सचिन के होम ग्राउंड मुंबई के वानखेड़े स्‍टेडियम और मास्‍टर ब्‍लास्‍टर के डेब्‍यू की डेट को ही चुना।

जब सचिन तेंदुलकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में किया आगाज

सचिन तेंदुलकर ने 34 साल पहले 15 नवंबर 1989 को पाकिस्‍तान के खिलाफ टेस्‍ट के जरिये अपने इंटरनेशनल क्रिकेट का आगाज किया था। विराट कोहली ने अपनी पारी के 42वें ओवर में लॉकी फर्ग्‍यूसन की गेंद पर दो रन लेते हुए ‘रिकॉर्ड ब्रेकिंग’ शतक पूरा किया। उनकी इस उपलब्धि पर मैदान पर मौजूद सचिन तेंदुलकर भी बेहद खुश नजर आए। इस दौरान उन्‍होंने 106 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और एक छक्‍का जमाया। बता दें, चार साल पहले वर्ल्‍डकप 2019 के सेमीफाइनल में न्‍यूजीलैंड के खिलाफ ही विराट महज 1 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसकी कसर उन्‍होंने इसी प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ सेमीफाइनल में शतक जड़कर पूरी की। आखिरकार 117 रन के स्‍कोर पर विराट की पारी का अंत हुआ। टिम साउदी की गेंदबाजी पर उनका कैच डेवोन कॉन्‍वे ने लपका, इस पारी में नौ चौके और दो छक्‍के शामिल रहे।

विराट कोहली ने एक और बड़ा रिकॉर्ड किया अपने नाम

विराट कोहली ने अपनी पारी के दौरान सचिन का एक और बड़ा रिकॉर्ड विराट ने अपने नाम लिखाया। यह रिकॉर्ड है एक वर्ल्‍डकप में सबसे अधिक रन बनाने का, सचिन तेंदुलकर ने 2003 के वर्ल्‍डकप में सर्वाधिक 673 रन बनाए थे। इस रिकॉर्ड को भी विराट ने आज की पारी के दौरान अपने नाम कर लिया। बता दें, विराट ने वर्ल्‍डकप 2023 में ही 19 अक्‍टूबर को बांग्‍लादेश के खिलाफ नाबाद 103 रन की पारी खेलकर सचिन के 49 वनडे शतक के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। वनडे में इस समय सर्वाधिक शतक लगाने वाले टॉप-5 बैटरों में शीर्ष तीन स्‍थान पर भारत के खिलाड़ी हैं। इस सूची में विराट कोहली पहले, सचिन तेंदुलकर दूसरे और रोहित शर्मा तीसरे स्‍थान पर हैं।

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सुब्रत राय कैसे बने सहाराश्री ? कैसा रहा लैंब्रेटा स्कूटर से प्लेन तक सफर आइये जाने …

स्पेशल रिपोर्ट प्राची श्रीवास्तव : गोरखपुर की गलियों में लैंब्रेटा स्कूटर पर नमकीन स्नैक्स बेचने से लेकर सहारा एयर लाइन्स तक उनका सफर न केवल रोमांचक है बल्कि प्रेरक भी है। आइए जानें सुब्रत राय कैसे बने सहाराश्री ? सुब्रत राय का जन्म 10 जून, 1948 को अररिया, बिहार में हुआ था। पिता का नाम सुधीर चंद्र रॉय और माता का नाम छवि है। रोजगार की तलाश में राय परिवार बिहार से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शिफ्ट हो गया। माता-पिता और भाई-बहनों के साथ सुब्रत राय गोरखपुर के तुर्कमानपुर मोहल्ले में रहने लगे। उनकी स्कूली शिक्षा होली चाइल्ड स्कूल से हुई थी। बाद में उन्होंने गोरखपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल किया था। उन्होंने स्वपना राय से लव मैरिज की थी। उनके दो बेटे हैं, शुशांतो रॉय और सीमांतो रॉय।

सुब्रत ने करियर की शुरुआत जया प्रोडक्ट की नमकीन बेचने से की

सहाराश्री सुब्रत राय ने करियर की शुरुआत में गोरखपुर में जया प्रोडक्ट की नमकीन बेचने से की थी। वह अपनी लैंब्रेटा स्कूटर नमकीन के पैकेट गोरखपुर की गलियों में बेचते थे। उन्होंने 1978 में गोरखपुर में सहारा की नींव रखी। मुश्किल से पांच-छह लोगों से शुरू हुए सहारा सेलोग जुड़े गए और देखते ही देखते सुब्रत रॉय सहारा सहाराश्री बन गए। सहारा कई डेली, मंथली, क्वार्टरली, एनुअल डिपॉजिट इन्वेस्टमेंट प्लान चलाता था। दूसरी कंपनियों और बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट और रेकरिंग डिपॉजिट की तुलना में सहारा में 3-4% ज्यादा ब्याज मिलता था। लोगों के पास एजेंट आते और पैसे जमा करते और उनकी पासबुक पर चढ़ा जाते। अधिक ब्याज और जमा करने में आसानी से लोग सहारा को हाथोंहाथ लिया।

सुब्रत रॉय ने खड़ा किया अपना साम्राज्य

सहाराश्री सुब्रत रॉय सहारा का साम्राज्य, सहारा इंडिया से लेकर फाइनेंस, रियल एस्टेट, मीडिया और हॉस्पिटैलिटी समेत कई अन्य सेक्टर्स में फैला हुआ था। 1991 में एयर सहारा एयरलाइन की स्थापना की थी। एंबी वैली प्रोजेक्ट उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था। वहीं, सहारा ग्रुप टीम इंडिया का स्पॉन्सर भी रहा। एक ऐसे बिजनेसमैन जिनका नाम एक समय में टाइम्स ऑफ इंडिया मैग्जीन ने दूसरे सबसे बड़े नौकरी देने वाले के रूप में छापा था। वो नाम है सहारा ग्रुप के संस्थापक सुब्रत रॉय का जिनकी मंगलवार (14 नवंबर 2023) को मुंबई के कोकिला बेन हॉस्पिटल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया ये देश के हर एक व्यक्ति के लिए काफी दुख की घड़ी है।

सुब्रत राय अपने पीछे पत्नी और बच्चों को छोड़ कर चले गए ऐसे में ये संभावना जताई जा रही है कि सहारा ग्रुप का कारोबार उनके परिवार वालो के हाथ में आएगा। हालाकि सुब्रत ने अपना कोई उत्तराधिकारी नही घोषित किया था। सुब्रत राय की उम्र 75 साल थी, सुब्रत रॉय काफी दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। सुब्रत रॉय का पार्थिव शरीर आज (बुधवार) लखनऊ के सहारा शहर लाया जाएगा। यहां उन्हें आखिरी विदाई दी जाएगी, सुब्रत के परिवार में पत्नी स्वप्ना रॉय और दो बेटे सुशांतो रॉय और सीमांतो रॉय हैं। कंपनी के एक बयान के अनुसार, रॉय का कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण निधन हुआ है।

सीएम योगी ने सहाराश्री सुब्रत रॉय के निधन पर जताया दुःख

कंपनी ने कहा कि उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद रविवार को उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बयान के अनुसार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह सहित विभिन्न बीमारियों से लंबे समय से जूझ रहे सुब्रत रॉय का दिल का दौरा पड़ने के कारण रात साढ़े 10 बजे निधन हो गया। समूह ने बयान में कहा, ‘‘सहारा इंडिया परिवार अत्यंत दुख के साथ हमारे सहारा इंडिया परिवार के प्रबंध कार्यकर्ता और अध्यक्ष माननीय ‘सहाराश्री’ सुब्रत रॉय सहारा के निधन की सूचना दे रहा है।’’ इस दुख की घड़ी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय का निधन अत्यंत दुःखद है।

प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति दें, ॐ शांति! साथ ही सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने भी शोख जताते हुए कहा, सहाराश्री सुब्रत रॉय जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। भावपूर्ण श्रद्धांजलि!आज सुब्रत राय का पार्थिक शरीर लखनऊ में रखा जाएगा तो वही ये आशंका जताई जा रही है की कल यानी 16 नवंबर को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जायेगी।

सहाराश्री सुब्रत राय को मिले ये सम्मान

>> 2002 में बिजनेसमैन ऑफ द ईयर अवॉर्ड

>> 2002 में बेस्ट इंडस्ट्रियलिस्ट अवॉर्ड

>> 2010 में विशिष्ट राष्ट्रीय उड़ान सम्मान

>> 2010 में रोटरी इंटरनेशनल का वोकेशनल अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस

>> 2001 में राष्ट्रीय नागरिक पुरस्कार

>> 2012 में भारत के टॉप 10 मोस्ट इंफ्लूएंशियल बिजनेसमैन

read more : सलमान और कैटरीना कैफ की टाइगर 3 पहले ही कर चुकी है इतने करोड़ की कमाई !

सलमान और कैटरीना कैफ की टाइगर 3 पहले ही कर चुकी है इतने करोड़ की कमाई !

प्राची श्रीवास्तव : सलमान खान और कैटरीना कैफ की जोड़ी को हमेशा से ही काफी पसंद किया है, साथ ही सलमान खान का एक्शन लोगो को बहुत पसंद आता है। फैंस का दिल जीतने के लिए सलमान और कैटरीना एक बार फिर अपनी फिल्म टाइगर 3 के साथ धमाकेदार जोड़े में नजर आयेंगे। जिसको देखने के लिए फैंस काफी बेसब्री से इंतजार कर रहे है, हर साल ईद के मौके पर या दिवाली के मौके पर सलमान खान अपनी फिल्म में कुछ अलग करते है।

सलमान खान और कैटरीना कैफ स्टारर फिल्म टाइगर 3 दिवाली पर धमाका करने के लिए तैयार है। इस फिल्म का फैंस दिल थामें इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि टाइगर 3 पहले ही दिन शानदार करोबार करने वाली हैं। फिल्म क्रिटिक्स ने अपने-अपने अंदाजे लगाने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में सवाल ये कि क्या टाइगर 3 शाहरुख की पठान और जवान को टक्कर दे पाएगी ?

टाइगर 3 साल की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक

आपको बता दे टाइगर 3’ साल की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है, सलमान खान और कैटरीना कैफ स्टारर ये फिल्म दिवाली यानी कल रिलीज के लिए तैयार है। मेकर्स से लेकर क्रिटिक्स तक का ये मानना है कि इस फिल्म की ओपनिंग दिवाली के पटाखों की तरह धमाकेदार होने वाली है। एडवांस बुकिंग की बात करें तो माना जा रहा है कि अभी तक टाइगर 3 की 3.63 लाख टिकट बिक चुकी हैं, फिल्म क्रिटिक्स की मानें तो सलमान खान और कैटरीना कैफ की टाइगर 3 पहले दिन 30 से 40 करोड़ के बीच कारोबार करेगी। हालांकि इन आंकड़ों को देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि टाइगर 3, पठान और जवान का पहले दिन का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगी।

टाइगर 3 पठान और जवान से रहेगी पीछे

इसके अलावा ये भी कहा जा रहा है कि रविवार के बाद सोमवार सलमान के फिल्म के लिए और भी बेहतर साबित होने वाला है। तीन दिन के अंदर टाइगर 3, 60 करोड़ का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी। इसके अलावा फिल्म के एक हफ्ते के आंकड़ों का अनुमान भी लगाया जा चुका है। खबरों की मानें तो सलमान की फिल्म 8 दिन के अंदर भारत में 350 करोड़ कमा लेगी। पहले ही टाइगर 3 की रफ्तार में लगातार तेजी बनी रहेगी, जिस तरह से पठान और जवान में देखी गई थी, लेकिन एक हफ्ते बाद इस फिल्म का क्या हाल होगा ये तो वक्त बताएगा। लेकिन अब ये भी माना जा रहा है कि सलमान की टाइगर 3 पठान और जवान से पीछे रह जाएगी।

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बीजेपी नेता सुशील मोदी ने दी सीएम नीतीश कुमार को नसीहत

प्राची श्रीवास्तव : आपको बताते चले कि इन दिनों राजनीती बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बयानों की वजह से गरमाई हुई है। पहले महिलाओं को लेकर अपत्तिजनक टिप्पडी की उसके बाद राम जीतन मांजी को लेकर विधानसभा में दिए गए बयान की वजह से। इन्ही बयानों की वजह से अब बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने सीएम नीतीश कुमार को नसीहत दे डाली और उनको आराम करने को कहा, साथ ही सुशील मोदी ने कहा कि ऐसा लगता है कि वह किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। क्योंकि उनको कभी इतना उग्र नहीं देखा है। सुशील मोदी ने कहा कि महादलित समाज के राम जीतन मांझी को सीएम बनाकर नीतीश कुमार ने कोई एहसान नहीं किया था। बल्कि उस समय जेडीयू में विद्रोह टालने के लिए पद छोड़ना पड़ा था।

नीतीश कुमार किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित – सुशील मोदी

सुशील मोदी ने नागपुर में कहा, ”मुझे लगता है कि नीतीश कुमार किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है, क्यूंकि मैंने आजतक नीतीश कुमार को इतना उग्र नहीं देखा है। मांझी जी नीतीश कुमार से उम्र में भी बड़े हैं और उनका राजनितिक जीवन भी उनसे बड़ा है। मेरी नीतीश जी को सलाह है कि उनको तेजश्वी यादव को सीएम बना देना चाहिए जो की उनका उत्तराधिकारी भी है, अब नीतीश जी को आराम की जरूरत है।

सुशील मोदी ने आगे कहा कि 2014 के संसदीय चुनाव की नमो-बीजेपी लहर में जेडीयू केवल दो सीट जीतने से हतप्रभ सीएम नीतीश कुमार ने अपनी डूबती नैया बचाने के लिए दलित मुख्यमंत्री का कार्ड खेला था। तब मुख्यमंत्री जिस बात पर सीना फुला रहे थे, आज वे उसी बात के लिए मांझी पर अंगुली उठाते हुए अपनी मूर्खता क्यों बता रहे हैं ?

कांग्रेस के सभी नेताओ को हिन्दुओं से दिक्कत – सुशील मोदी

वहीं, आचार्य प्रमोद कृष्णम के बयान पर सुशील मोदी ने कहा, ”आचार्य प्रमोद जी ने सही कहा है कि कांग्रेस को सनातन और राम मंदिर से दिक्कत है और लगभग कांग्रेस के सभी नेताओ को हिन्दुओं से दिक्कत है। लज्जित-अपमानित करने वाले शर्मनाक बयानों के बाद पीएम-पद का उम्मीदवार होना तो दूर सीएम नीतीश कुमार के इंडी गठबंधन का संयोजक बनने के लायक भी नहीं है। उनके ओछे भाषण से देश-विदेश में बिहार के मुख्यमंत्री का पद लांछित हुआ।” सुशील मोदी ने कहा कि महिलाओं पर जिस अश्लील टिप्पणी के लिए नीतीश कुमार खुद अपनी निंदा करते हुए क्षमा मांग चुके हैं, उसे जायज ठहराने के लिए राजद-जदयू के लोग बड़ी बेशर्मी से एनसीईआरटी और सेक्स एजुकेशन की किताबें दिखाते फिर रहे हैं।”

read more : उज्जवला योजना के तहत लाभार्थी उठा सकते है फायदा – सीएम योगी

उज्जवला योजना के तहत लाभार्थी उठा सकते है फायदा – सीएम योगी

प्राची श्रीवास्तव : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जब से योगी आदित्यनाथ ने सीएम का पद संभाला तब से आए दिन जनता के लिए कुछ खास नियम और खास अवसर प्रदान करते रहते है। कुछ ऐसी योजनाएं जो की आम आदमी के लिए बहुत जरुरी होती है, हाल ही में सीएम योगी ने उज्जवला योजना के तहत दीवाली ने आम जनता को उपहार देने का सोचा है दिवाली ने बाद होली पर भी उत्तर प्रदेश की जनता को सीएम योगी के तरफ से कुछ अनोखे तोहफे मिलेगे।

जो जनता के लिए काफी मददगार साबित होगे। आपको बता दे की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार अगले साल मार्च में होली के अवसर पर एक बार फिर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलेंडर प्रदान करेगी। इसके लिए योजना के लाभार्थियों को अपने बैंक खाते को आधार से लिंक करना होगा।

सीएम योगी ने मुफ्त रिफिल वितरण अभियान का किया उद्घाटन

सीएम योगी ने धनतेरस के अवसर पर लोक भवन से राज्य के 1.75 करोड़ पात्र परिवारों के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस सिलेंडर के मुफ्त रिफिल वितरण अभियान का उद्घाटन किया। 2014 से पहले लोगों को गैस कनेक्शन नहीं मिल पाता था। अगर कनेक्शन मिलता भी था तो उन्हें खड़े रहना पड़ता था।” सिलेंडर के लिए लंबी कतारें। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मौके आए जब पुलिस को लाठीचार्ज करने के लिए मजबूर होना पड़ा। गरीब और वंचित व्यक्ति गैस कनेक्शन लेने के बारे में सोच भी नहीं सकते थे। उन्होंने कहा कि धुएं के कारण महिलाओं को विभिन्न बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

बिना किसी धोखाधड़ी या चोरी के सीधे मिली सब्सिडी – सीएम योगी 

यूपी के सीएम ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई उज्ज्वला योजना ने देश में गैस की कमी के मुद्दे को सफलतापूर्वक संबोधित किया। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने एलपीजी लाभार्थियों को 300 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की। आज लाभार्थियों को बिना किसी धोखाधड़ी या चोरी के सीधे उनके खातों में सब्सिडी मिल रही है। आधार से लिंक होने के कारण सब्सिडी का पैसा सीधे उनके खातों में पहुंच रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि उज्ज्वला योजना के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल गरीबों और वंचित वर्गों को एलपीजी के रूप में स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया है, बल्कि उनकी आंखों और फेफड़ों की सुरक्षा में भी योगदान दिया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रदान की गई सब्सिडी के साथ, एलपीजी केरोसिन, कोयला और लकड़ी की तुलना में सबसे किफायती ईंधन बन गया है।

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तुनिषा शर्मा सुसाइड केस मामले में शीजान खान को लगा झटका

‘अली बाबा: दास्तान ए काबुल’ की एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा की मौत की खबर से जुड़ा जब भी कोई अपडेट सामने आता है तो उनके दोस्त और को-स्टार शीजान खान के नाम का जिक्र जरूर होता है। एक्ट्रेस ने 24 दिसंबर 2022 को शो के सेट पर फांसी लगाकर जान दे दी थी। 20 साल की छोटी उम्र में ही एक्ट्रेस ने ऐसा बड़ा कदम उठाकर सबको हिला दिया था। तुनिषा की मौत के बाद उनके एक्स बॉयफ्रेंड शीजान पर उन्हें सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्होंने अपनी सफाई दी और इस मामले को रद्द करने की याचिका दायर की थी। अब तुनिषा शर्मा सुसाइड केस मामले में एक नया अपडेट आया है, जिससे एक्टर शीजान खान को बड़ा झटका लगा है।

शीजान खान की याचिका को सिरे से खारिज

तुनिषा की मां ने शीजान पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई थी, जिसके बाद एक्टर को 70 दिन जेल में रहना पड़ा था, इसके बाद शीजान जमानत पर बाहर आ गए थे और शीजान खान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी कि उनपर दर्ज की गई एफआईआर रद्द की जाए, लेकिन हाईकोर्ट का फैसला उनके हक में नहीं आया। हाईकोर्ट ने शीजान की इस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।

शीजान खान को लगा झटका

बता दें कि शीजान खान के जेल से बाहर आने के बाद एक्टर को ‘खतरों के खिलाड़ी’ में देखा गया था। वहीं, तुनिषा शर्मा की मौत के बाद उन्हें टीवी शो ‘अली बाबा’ से बाहर कर दिया गया था। शीजान खान जेल से रिहा होने के बाद सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। बता दें कि तुनिषा शर्मा की मौत की खबर से उनके परिवार और फैेंस के बीच काफी हलचल मच गई थी, आज भी लोगों को विश्वास नहीं होता है कि एक्ट्रेस ने इतनी जल्दी दुनिया को अलविदा कह दिया है।

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दिल्ली में अब लागू नहीं होगा ऑड-ईवन, केजरीवाल सरकार ने वापस लिया फैसला

दिल्ली में दिवाली के बाद 13 नवंबर से लागू होने वाली ऑड-ईवन योजना अब लागू नहीं होगी। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि 13 नवंबर से आड ईवन लागू नहीं होगा, फिलहाल इसको स्थगित किया गया है। अगर स्थिति फिर से गम्भीर होती है तो इस पर विचार किया जायेगा। दिल्ली सरकार का यह ऐलान सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली सरकार को ऑड-ईवन योजना के कार्यान्वयन पर एक निश्चित निर्णय लेने का निर्देश देने के बाद आई है। हालांकि, अदालत ने मामले को राज्य सरकार के हाथों में छोड़कर, स्वयं निर्णय लेने से परहेज किया था।

दिवाली के बाद होने वाली बैठक में लिया जाएगा फैसला

दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में 8-10 दिन से हवा की गति में ठहराव था। इसकी वजह से प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पंहुच गया था। वहीं दिल्ली के कई इलाकों में रात से जो बारिश हो रही है उसके बाद जो एक्यूआई 450 था वो आज 300 हो गया है और अभी और कम होने की उम्मीद है। अगर स्थिति फिर से गम्भीर होती है तो इस पर (ऑड ईवन) आगे विचार किया जायेगा। दिवाली के बाद सरकार प्रदूषण की समीक्षा बैठक करेगी और उसके बाद फ़ैसला लिया जाएगा।

ऑड-ईवन को लेकर सरकार का क्या मानना ?

वहीं इससे पहले दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट की आलोचना झेलनी पड़ी थी। इस मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार ने हलफनामा दायर किया है। इस हलफनामें में दिल्ली सरकार ने यह बताने की कोशिश की है कि आखिर ऑड-ईवन का असर प्रदूषण को कम करने के लिए कैसे किया जा सकता है। ऑड-ईवन को लेकर दिल्ली सरकार का मानना है कि इसको लागू करने से गाड़ियों की भीड़ शहर में घटती है। साथ ही लोगों द्वारा सार्वजनिक परिवहनों का ज्यादा संख्या में इस्तेमाल किया जाता है।

वहीं ईंधन की खपत में भी गिरावट आती है। दिल्ली सरकार ने हलफनामें में कहा कि दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड टैक्सी को दिल्ली में आने से रोकना पूरी तरह संभव नहीं है। ऐसे में ईंधन इस्तेमाल और उनके नंबर के आधार पर सीमित रोक जरूर लगाई जा सकती है।

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मानसिक रूप से दिवालिया हो चुके हैं नीतीश कुमार – स्वाती सिंह

सुनील गुप्ता । एक प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भाषा विधानसभा में महिलाओं के लिए जो थी, वह किसी भी निर्लज्ज व्यक्ति की भी नहीं हो सकती। यह उनकी सोच को दर्शाती है। इससे भी बड़ी बात है कि अभी तक कांग्रेस व अन्य इंडिया गठबंधन के लोगों ने उस भाषा पर आपत्ति भी नहीं जताई। इसका मतलब है कि इंडिया गठबंधन की यही सोच है। ये बातें पूर्व मंत्री और भाजपा नेता स्वाती सिंह ने कही।

पूर्व मंत्री और भाजपा नेता स्वाती सिंह ने कहा कि नीतिश की भाषा माफी लायक नहीं है। वे सारी सीमाओं को लांघ चुके हैं। यदि उनमें जरा भी नैतिकता हो तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता स्वाती सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार की बातें आये दिन बिगड़ती जा रही है। ऐसा लगता है कि वे मानसिक दिवालिया हो चुके हैं।

पूर्व मंत्री और भाजपा नेता स्वाती सिंह ने कहा कि आखिर मुख्यमंत्री नीतिश कुमार जब तक भाजपा में थे, तब तक उनकी भाषा अभद्र नहीं थी। उनकी भाषा बदलने के पीछे क्या राज है, उन्हें इसका खुलासा भी करना चाहिए। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता स्वाती सिंह ने कहा कि कांग्रेस द्वारा उनकी बातों पर प्रतिक्रिया न देना भी उनका समर्थन करने जैसा है। यह विचार अकेले नीतिश कुमार की नहीं, बल्कि महिलाओं के अपमान में पूरा इंडिया गठबंधन भी सहभागी है।

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क्या नीतीश कुमार को हटा दिया जाएगा उनके मुख्य्मंत्री पद से ?

प्राची श्रीवास्तव :   इन दिनों भारत में 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार काफी जोरो शोरो से होने में लगा हुआ है ऐसे में विपक्षी भी अपनी पूरी कोशिश में जुटे हुए है ताकि बीजेपी का सत्ता से सफाया किया जा सके लेकिन कुछ ऐसी गलतियां जिनको लेकर विपक्ष की नीव अब कमजोर पड़ती जा रही है हाल ही में सोशल मीडिया पर बिहार के मुख्य्मंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी तेजी से वायरल हो रहा है।

जिसमें उन्होंने बेटियो के लिए अप्पतिजनक टिप्पणी की है, जिसके बाद बीजेपी ने मुख्य्मंत्री नीतीश कुमार पर जुबानी हमला किया और साथ ही इस आलोचना में न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी तंज कसा बल्कि अफ्रीकी-अमेरिकी अभिनेत्री और गायिका मैरी मिलबेन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए मुख्य्मंत्री नीतीश कुमार की आलोचना की और कहा कि मोदी महिलाओं के लिए खड़े हैं और भारत के लिए “सर्वश्रेष्ठ नेता” हैं।

पीएम मोदी अमेरिका-भारत संबंधों के लिए सर्वश्रेष्ठ नेता – मैरी मिलबेन

मैरी मिलबेन ने यह भी कहा कि पीएम मोदी “अमेरिका-भारत संबंधों के लिए सर्वश्रेष्ठ नेता” हैं। मैरी मिलबेन ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत में भी 2024 का चुनावी मौसम शुरू हो गया है। “चुनाव का मौसम बदलाव का अवसर प्रदान करता है, पुरानी नीतियों और गैर-प्रगतिशील लोगों को समाप्त करने के लिए उन आवाज़ों और मूल्यों को लाया जाता है।

जो प्रेरित करते हैं और वास्तव में सभी नागरिकों के विश्वासों के साथ संरेखित होते हैं, और जो एक राष्ट्र के सामूहिक भविष्य के लिए सबसे अच्छा है। “साथ ही मैरी मिलबेन ने कहा बहुत से लोग पूछते हैं कि मैं प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन क्यों करती हूं, और भारत के मामलों को इतनी बारीकी से क्यों लेती हूं। उसका उत्तर सीधा है कि मैं भारत से प्यार करती हूं और मेरा मानना ​​है कि प्रधानमंत्री मोदी भारत और भारतीय नागरिकों की प्रगति के लिए सर्वश्रेष्ठ नेता हैं। वह अमेरिका-भारत संबंधों और दुनिया की वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए सर्वश्रेष्ठ नेता हैं। प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं के पक्ष में हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ चुनाव लड़ती – मैरी मिलबेन

मैरी मिलबेन ने कहा विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण में शिक्षा और महिलाओं की भूमिका समझाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की टिप्पणी उनको काफी बुरी लगी । मैरी मिलबेन ने बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने के लिए एक “साहसी” महिला को बुलाया, साथ ही उन्होंने कहा की मुख्य्मंत्री नीतीश कुमार जी की टिप्पणियों के बाद, मेरा मानना ​​​​है कि एक साहसी महिला को आगे आकर बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करनी चाहिए। अगर मैं भारत की नागरिक होती, तो मैं बिहार चली जाती और मुख्यमंत्री पद के लिए चुनाव जरूर लड़ती।

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क्या है डीपफेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी ? कैसे करें खुद को सेफ

सोशल मीडिया पर इन दिनों डीपफेक वीडियो का दायरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अभी हाल ही में एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो खूब वायरल हुआ, इस वीडियो को लेकर अमिताभ बच्चन ने भी चिंता जताई है। इसके बाद कटरीना कैफ की एक डीपफेक फोटो सामने आ रही है। इसके अलावा कई राजनेताओं और सितारों के डीपफेक वीडियोज अक्सर सामने आते रहते है।

वहीं तेलंगाना में भी कुछ नेताओं के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने वीडियो वायरल हो रहे हैं। ये वीडियोज और फोटोज ऐसे है जिसे देखकर जल्दी कोई नहीं समझ पाएगा कि ये रीयल है या फेक। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि ये डीपफेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या होती है ये क्यों खतरनाक है ? कैसे इसकी इसके मदद से इस तरह के कंटेट बनाए जा रहे है और इससे आप खुद को कैसे बचाए।

https://x.com/iamRashmika/status/1721555684922364130?s=20

क्या होती है डीपफेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॅाजी ?

डीपफेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किसी मीडिया में बारीकी से बदलाव करने वाली टेक्नोलॉजी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए ऐसा किया जाता है, जिससे रियल वीडियो में दूसरे के चेहरे को फिट कर फेक वीडियो या फोटो बनाया जाता है और जो रियल लगता है। इसे डीप लर्निंग भी कहा जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए जब नया वीडियो बनता है तो लोगों के लिए डीपफेक वीडियो की असलियत को पहचानना काफी मुश्किल हो जाता है।

इस डीपफेक टेक्नोलॉजी के जरिए किसी इंसान के चहरे, आवाज आदि का यूज करते हुए नकली फोटो, वीडियो या ऑडियो तैयार किया जाता है। ये टेक्नोलॉजी सबसे ज्यादा फेक वीडियो के लिए यूज होती है। एक वीडियो के साथ छेड़छाड़ करते हुए उसपर रश्मिका मंदाना का चेहरा दिखाया गया है। इस वायरल वीडियो में मंदाना का चेहरा ब्रिटिश-भारतीय महिला ज़ारा पटेल के साथ बदल दिया गया था जिसे लोग रियल मानने लगे थे।

डीपफेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॅाजी को लेकर सरकार हुई सख्त

इस वायरल वीडियो के बाद सरकार की ओर से भी बयान जारी किया गया है। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पीएम नरेंद्र मोदी इंटरनेट यूज करने वाले सभी डिजिटल नागरिक की सुरक्षा और भरोसे को सुनिश्चित करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि डीपफेक लेटेस्ट और सबसे खरतनाक और इससे डील करने की जरूरत है।

ओबामा और जुकरबर्ग भी हो चुके है डीपफेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का शिकार

बता दें कि, अधिकांश डीपफेक वीडियो एडल्ट कंटेट होते है। साथ ही इसका यूज लोगों को झूठा बताने और राजनेताओं की डिजिटल रूप से परिवर्तित क्लिप भी वायरल की जाती है। कुछ साल पहले, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को व्यापक रूप से प्रसारित एक डीपफेक वीडियो में डोनाल्ड ट्रम्प को पूरी तरह से मूर्ख कहते हुए देखा गया था। इसी तरह, मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग को ऐसे ही एक अन्य वीडियो में “अरबों लोगों के चुराए गए डेटा पर पूरा कंट्रोल” होने का दावा करते देखा गया था।

इस एक्ट के तहत हो सकती है सख्त कार्रवाई

डीपफेक वीडियो से पूरी तरह निपटना वाकई बहुत ही मुश्किल है, हालांकि, सरकार ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) एक्ट, 2000 के तहत इस तरह के मामलों को रोकने के लिए प्रावधान किए हैं। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) नियम 2021 के तहत सरकार ट्रैसेबिलिटी प्रोविजन का यूज कर सकती है। इसके तहत सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से उस व्यक्ति की जानकारी मांग सकती है, जिसने सबसे पहले फेक न्यूज, डीपफेक वीडियो या गलत जानकारी शेयर की है।

खासतौर पर डीपफेक के मामले में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) एक्ट 2000 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। अगर किसी व्यक्ति की पर्सनैलिटी के साथ इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में छेड़छाड़ की जाती है, या उसका भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किया जाता है, तो सेक्शन 66C, 66E और 67 के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें जुर्माना और जेल की सजा प्रावधान भी है।

डीपफेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॅाजी से कैसे बचें

डीपफेक वीडियो की पहचाना काफी मुश्किल काम है। कहीं आप डीपफेक के शिकार ना हो जाएं, इसके लिए सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर या वीडियो शेयर करते हुए थोड़ा सावधान रहें। अगर आपके साथ डीपफेक जैसी कोई चीज होती है, तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल में कंप्लेंट करें।

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बिहार में लागू हो 65 फीसदी आरक्षण, जातीय जनगणना के बाद नीतीश का नया दांव

बिहार सरकार ने मंगलवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जातीय गणना से जुड़ी रिपोर्ट पेश की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में आरक्षण बढ़ाने के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि पिछड़े और अतिपिछड़े का आरक्षण बढ़ना चाहिए। 50 की जगह 65 फीसद किया जाना चाहिए, उन्होंने ईडब्ल्यूएस के 10 फीसद को मिलाकर आरक्षण 75 फीसद करने का प्रस्ताव रखा।

उधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जातीय गणना की रिपोर्ट पर सवाल उठाने वालों को भी जवाब दिया है। सीएम नीतीश कुमार ने सदन में कहा कि कहीं कहीं कोई बोल देता है कि इस जाति की संख्या बढ़ गई तो उस जाति की संख्या बढ़ गई। यह बताएं कि जब इसके पहले जाति आधारित गणना हुई ही नहीं, तो आप कैसे कह रहे हैं कि इस जाति की संख्या घट गई और उस जाति की संख्या बढ़ गई ? यह बहुत बोगस बात है, यह सब नहीं बोलना चाहिए। जब भी हुआ है केंद्र सरकार ने कराया है।

आप हमारे मित्र हैं, बैठिए – सदन में बोले मुख्यमंत्री नीतीश

इस दौरान सदन में बीजेपी नेता प्रेम कुमार खड़े हो गए तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बैठिए न, आप हमारे मित्र हैं। मेरी बात तो सुन लीजिए, इसके बाद आप कुछ कहना चाहिएगा तो सुनेंगे। आपको कितनी इज्जत करते हैं, पूरी बात सुन लीजिए। रिपोर्ट जब बन गई तो अब आपके सामने रख दी गई है। हमने तो केंद्र से शुरू से कहा है कि इसे करा लेना चाहिए था। अभी तो देर हो गई है, 2020 और 2021 में होना था वो नहीं हुआ। हर दस साल पर हो रहा था, इसी साल शुरू कर दें न।

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दिवालिया हो गई एक और बड़ी कंपनी, ऐलान के बाद बाजार में मचा हाहाकार

फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस प्रोवाइडर कंपनी वीवर्क दिवालिया हो रही है। कभी वॉल स्ट्रीट की बड़ी कंपनियों में शुमार रही वीवर्क ने अमेरिका में दिवाला संरक्षण के लिए आवेदन किया। वीवर्क ने दिवाला संरक्षण के चैप्टर 11 के तहत यह आवेदन किया है। कभी इस कंपनी का बाजार मूल्यांकन 50 अरब डॉलर के करीब था। बता दें कि अमेरिकी मार्केट में वीवर्क के शेयरों की ट्रेडिंग बंद है। हालांकि, कंपनी ने पुनर्गठन के ब्योरे का अधिक खुलासा नहीं किया है। कंपनी ने दिवाला आवेदन में कहा है कि वह कुछ ऐसे गंतव्यों पर लीज को रद्द करना चाहती है, जो इसके लिए अब परिचालन महत्व के नहीं रह गए हैं। कंपनी ने कहा कि सभी प्रभावित सदस्यों को इसके बारे में अग्रिम नोटिस भेज दिया गया है।

कोरोना काल में बढ़ मुसीबतें

वर्किंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वीवर्क इंडिया ने कहा है कि अमेरिकी अदालत में वीवर्क ग्लोबल द्वारा दायर दिवाला आवेदन से भारतीय कारोबार पर किसी तरह से असर नहीं पड़ेगा। वीवर्क इंडिया में बेंगलुरु की रियल एस्टेट कंपनी एम्बैसी ग्रुप की 73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें वीवर्क ग्लोबल की 27 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वीवर्क की मुसीबतें कोरोना काल में बढ़ गई हैं। आईपीओ लाकर फंड जुटाने की कोशिशों को कोरोना की वजह से झटका लगा।

तमाम कोशिशों के बाद 2021 में बहुत कम वैल्युएशन पर कंपनी अमेरिका के शेयार बाजार में लिस्टेड होने में कामयाब रही लेकिन इसने कभी प्रॉफिट नहीं कमाया। बता दें कि वीवर्क ने सॉफ्टबैंक, इनसाइट पार्टनर्स, ब्लैकरॉक और गोल्डमैन सैक्स जैसे निवेशकों से 22 बिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटाई थी। 30 जून तक के रियल एस्टेट पोर्टफोलियो में 39 देशों में 777 स्थान शामिल थे, जो लगभग 906,000 वर्कस्टेशन थे।

कंपनी ने क्या कहा

न्यूयॉर्क एक्सचेंज में सूचीबद्ध वीवर्क ने कहा है कि अमेरिका और कनाडा के बाहर स्थित उसके केंद्र इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे। सॉफ्टबैंक समर्थित वीवर्क इंक का बाजार मूल्यांकन कभी 47 अरब डॉलर था। चालू साल की पहली छमाही में कंपनी को 69.6 करोड़ डॉलर का शुद्ध घाटा हुआ है। वीवर्क इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) करण विरवानी ने बयान में कहा कि भारतीय कारोबार वीवर्क ग्लोबल से स्वतंत्र है और इसलिए इसका परिचालन प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा, ”वीवर्क इंडिया स्वतंत्र रूप से काम करती हैं।

ऐसे में इस घटनाक्रम से हमारे परिचालन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा।” विरवानी ने कहा कि वीवर्क इंडिया अपने-आप में एक अलग इकाई है और इस रणनीतिक पुनर्गठन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि दिवाला कार्यवाही से वैश्विक इकाई के परिचालन पर भी असर नहीं होगा, क्योंकि उसके पास कारोबार का स्वामित्व रहेगा और वह पहले की तरह परिचालन करती रहेगी।

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तीन दिन के भीतर 2 झटके, क्या ये है विनाशकारी भूकंप आने की आहट ?

“दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.6 मापी गई। बीते तीन दिनों में आने वाला यह भूकंप का दूसरा जोरदार झटका रहा। साथ ही महीने भर के अंदर तीसरी बार इस तरह से धरती कांपी है। आज शाम आए भूकंप से लोगों में दहशत फैल गई। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई लोगों ने फर्नीचर के बहुत तेज हिलने की सूचना दी।

भूकंप से प्रभावित देश नेपाल, भारत और चीन बताए जा रहे हैं। भूकंप का केंद्र नेपाल से 6 किलोमीटर दूर पेन्क में था। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने लोगों के घरों से बाहर निकलने के दृश्य शेयर किए। वहीं, शुक्रवार की रात नेपाल में आए 6.4 तीव्रता के भूकंप की चपेट में आने से 157 लोगों की मौत हो गई और 160 से अधिक घायल हुए हैं।

अब तक आए बड़े भूकंपों की हुई स्टडी

2015 में नेपाल में आए जोरदार भूकंप में करीब 9,000 लोगों की जान चली गई। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 8.1 मापी गई। 2001 में गुजरात में विनाशकारी भूकंप आया था। इसकी चपेट में आने से 13,000 से अधिक लोगों की मौतें हुईं, जिसकी तीव्रता 7.7 दर्ज की गई। भूकंप को लेकर अध्ययन से मिले नतीजे भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के जियोग्लोबल डेटा व मानचित्रों, गूगल अर्थ इमेजरी और इसरो की सैटेलाइट इमेजरी पर आधारित हैं। स्टडी से संकेत मिला कि 14वीं और 15वीं शताब्दी के बीच मध्य हिमालय में विनाशकारी भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता 8.5 और 9 रही। इससे 600 किलोमीटर का भूभाग प्रभावित हुआ था।

क्या आएगा भूकंप का जोरदार झटका

पृथ्वी में बार-बार महसूस हो रही इस हलचल ने चिंता बढ़ा दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या हिमालयी इलाकों में भूकंप का जोरदार झटका आने वाला है। वैज्ञानिक भी इसे लेकर चेतावनी देते रहे हैं। अनुमान है कि हिमालयन रीजन में 8.5 से भी अधिक तीव्रता का भूकंप आ सकता है। भारतीय भूकंपविज्ञानियों के नेतृत्व में 2018 में एक स्टडी पूरी हुई। इसमें बताया गया कि उत्तराखंड से पश्चिमी नेपाल तक फैला मध्य हिमालय भविष्य में कभी भी प्रभावित हो सकता है। बेंगलुरु में जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च के शोधकर्ताओं ने पिछले विनाशकारी भूकंपों से तुलना की है।

छोटे – छोटे भूकंप को क्यों नहीं कर सकते नजरअंदाज

मध्य हिमालय में लगातार कम तीव्रता वाले भूकंप आए हैं। मगर, कई शताब्दियों से कोई बड़ी भूकंपीय गतिविधि नहीं देखी गई। यह स्थिति इस क्षेत्र में तनाव के निर्माण का संकेत देती है, जिससे निष्कर्ष निकला कि एक बड़ा भूकंप आने में देर हो गई है। चेतावनियों के बावजूद अक्टूबर में नेपाल में आए भूकंप ने विज्ञानियों को हैरान कर दिया। दरअसल, हिमालय के नीचे दबाव बन रहा है, जो कि यूरेशियन प्लेट और भारतीय प्लेट की सक्रिय सीमा पर स्थित है। एक्सपर्ट्स का मानना ​​रहा है कि छोटे भूकंपों को सामान्य घटना के रूप में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, बल्कि इसे आने वाले बड़े भूकंप की आहट मान सकते हैं। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।

read more : इस देश में हुआ ऑरोरा बोरेलिस की वजह से आसमान हुआ लाल

इस देश में हुआ ऑरोरा बोरेलिस की वजह से आसमान हुआ लाल

ऑरोरा बोरेलिस जिसे आमतौर पर नॉर्दर्न लाइट्स के रूप में जाना जाता है, इसने रविवार की शाम को बुल्गारिया के व्यापक विस्तार में आसमान को सुशोभित किया। इससे आसमान पूरी तरह से खूनी लाल रंग से रंग गया। इसकी आश्चर्यजनक तस्वीरें और वीडियोज तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। मेटियो बाल्कन की रिपोर्ट के अनुसार, बाल्कन देश के लगभग सभी कोनों में फैलने से पहले, बदलता लाल अरोरा पहली बार बुल्गारिया के उत्तरपूर्वी हिस्से में दिखाई दिया, जिससे अद्भुत नजारा दिखा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ लोगों ने बुल्गारिया के रक्त-लाल आकाश की तस्वीरों को “सर्वनाशकारी” और “डरावना” बताया। अन्य लोगों ने इस मंत्रमुग्ध कर देने वाली घटना का अनुभव करने पर अपना उत्साह व्यक्त किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तरी रोशनी रोमानिया, हंगरी, चेक गणराज्य और यूक्रेन में भी देखी गई। पोलैंड और स्लोवाकिया की तस्वीरें भी हैं। शनिवार की रात यूनाइटेड किंगडम में चमकदार हरे और लाल रंग का ऑरोरा भी देखा गया।

क्या होता है अरोरा बोरेलिस

जबकि उत्तरी रोशनी सबसे अधिक पृथ्वी के चुंबकीय उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के पास देखी जाती है, जहां उन्हें ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस कहा जाता है, वे कभी-कभी अधिक समशीतोष्ण क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकती हैं। यह घटना सूर्य से निकलने वाले सौर वायु कणों की परस्पर क्रिया से उत्पन्न होती है, जिनमें से कुछ पृथ्वी तक पहुंचने से पहले लाखों मील की यात्रा करते हैं। एक बार जब वे पहुंच जाते हैं, तो पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र इन कणों को ध्रुवीय क्षेत्रों की ओर निर्देशित करता है।

अरोरा के अनूठे रंग उन विशिष्ट गैस अणुओं पर निर्भर करते हैं जिनका ये कण वायुमंडल में सामना करते हैं और जहां ये अंतःक्रियाएं होती हैं। ऑक्सीजन उत्सर्जन विशिष्ट हरे रंग की रोशनी पैदा करता है, जबकि नाइट्रोजन के साथ मुठभेड़ के परिणामस्वरूप आकाश को रोशन करने वाली एक आकर्षक लाल चमक पैदा होती है और आसमान खून की तरह लाल दिखाई देता है।

अरोरा बोरेलिस ने सदियों से इंसानों को किया आकर्षित

बता दें कि इस साल की शुरुआत में, ऑरोरा बोरेलिस को पहली बार भारत में देखा गया था। दुर्लभ घटना को लद्दाख में कैद किया गया, जिसने वैज्ञानिकों और आकाशदर्शियों को समान रूप से रोमांचित कर दिया। अरोरा बोरेलिस ने सदियों से मानवता को आकर्षित किया है और आमतौर पर भू-चुंबकीय तूफानों के दौरान दिखाई देता है। ये खगोलीय चमत्कार पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में गड़बड़ी का परिणाम हैं, जिससे उच्च और निम्न अक्षांश दोनों पर घंटों तक चमकदार ध्रुवीय किरणें दिखाई देती हैं।

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दिल्ली वालों के लिए बड़ी खबर ! ऑड-ईवन सिस्टम हुआ लागू

दिल्ली वालों के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली में ऑड-ईवन सिस्टम लागू होगा। 13 नवंबर से 20 नवंबर तक के लिए ये सिस्टम लागू किया जाएगा। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण की वजह से ये फैसला लिया गया है। 10वीं और 12वीं क्लास के बच्चों की क्लास ऑफलाइन होगी। यानी उन्हें स्कूल जाना होगा। वहीं 6वीं क्लास से ऊपर के बच्चों की क्लास ऑनलाइन होगी। अभी ऑफिसों को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ये फैसला दिवाली के बाद होगा।

अगर हवा की स्पीड बढ़ती है तो प्रदूषण के जमाव में राहत मिलेगी। इसी के अनुसार आगे के निर्णय होंगे और साथ ही आपको जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के अंदर आवश्यक सेवाएं वाले ट्रक और सीएनजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स अलावा सभी ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। अब दिल्ली में सभी कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन कार्य पर पूरी तरह से बंद रहेंगे।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि

आपको बता दे कि दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। एक्सपर्ट के मुताबिक़ लगातार तापमान का गिरना और हवा की स्पीड बहुत धीमी होना इसकी मुख्य वजह है। आज 436 AQI आ गया है, दिल्ली में पूरे 365 दिन प्रदूषण को कम करने के लिये काम हो रहा है। ऐसे में दिल्ली के लिए समर और विंटर एक्शन प्लान चलाया जा रहा है, साल 2015 में 109 दिन साफ़ 365 में जो इस साल बढ़कर 206 हो गया है। आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्हें वो सारी जानकारी दी गयी कि अब तक क्या-क्या काम किया गया है।

एक हफ्ते से दिल्ली में प्रदूषण का स्तर खराब

आपको जानकारी के लिए बता दें कि नवंबर शुरू होते ही दिल्ली में स्मॉग के चलते एयर क्वॉलिटी खराब होती जा रही है। आसमान में धुएं की चादर छाई हुई है और सांस लेना मुश्किल हो रहा है। एक्यूआई इतना बिगड़ गया है कि दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों का सामना करना पड़ रहा है. गले में खराश, आंखों में जलन आदि के साथ-साथ सांस संबंधित गंभीर बीमारियां भी हो रही हैं।

दिल्ली में पहली बार लागू हुआ था ऑड ईवन

मालूम हो, साल 2016 की जनवरी में जब वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मुश्किलें आ रही थीं, तब दिल्ली सरकार पहली बार ऑड-ईवन नियम लागू किया था। इसके बाद यह नियम अप्रैल 2016 में भी लागू हुआ। नियम यही था कि 2, 4, 6, 8 और 0 वाली तारीखों पर ईवन नंबर की गाड़ियां चलाई जा सकेंगी। वहीं, 1, 3, 5, 7 और 9 वाली तारीखों पर ऑड नंबर प्लेट की गाड़ियां सड़कों पर उतर सकेंगी।

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जैनो के प्रति जहरीली सोच से ग्रस्त हैं पूर्व भाजपाई सांसद महेश गिरी – गौरव जैन

गौरतलब है कि भाजपा नेता व पूर्व सांसद महेश गिरी ने जैन तीर्थ गिरनार को लेकर अलग अलग बयानों में गिरनार तीर्थ पर्वत पर जैनो पर हुई हिंसात्मक गतिविधियों को महिमामण्डित किया जहां एक ओर जैनो के पाँचवी टोक पर दर्शनों को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही गयी हैं। वहीं दूसरी ओर इन विवादित व आपत्तिजनक बयानों से गिरनार तीर्थ पर जैन श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी खतरा पैदा हो गया है। जैन समाज में भी इस तरह के जैनो के विरुद्ध हिंसा को समर्थन करने व हिंसा के लिये कुछ खास लोगो को उकसाने के विरुद्ध नाराजगी व गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

जैन एकता मंच”राष्ट्रीय”युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन ने इस सम्बंध में बयान जारी करते हुए कहा कि संसद में “मिच्छामि दुक्कड़म” कह देने से अथवा जैन धर्म के आयोजन करा कर भाजपा अब जैनो को भृमित नही कर सकती जैनो को गिरनार तीर्थ,सम्मेद शिखरजी समेत अपने सभी तीर्थों/अतिशय क्षेत्रो पर अपने सम्पूर्ण अधिकार सुरक्षा व संरक्षण चाहिए व जैनो सन्तो व धर्मावलंबियों की सुरक्षा व अधिकारों की रक्षा करना भी सरकार की ही जिम्मेदारी बनती है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से भाजपा के पूर्व सांसद व नेता महेश गिरी का जो बयान गिरनार तीर्थ व अन्य तीर्थो को लेकर आया है। वह इनकी जैनो के प्रति जहरीली मानसिकता को दर्शाता है। जिसके परिणाम आगामी चुनाव में भाजपा को भुगतने पड़ सकते हैं।

गौरव जैन ने यह भी कहा कि जैन अहिंसक जरूर है लेकिन हर जुल्म का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देने की क्षमता रखता है। जैन एकता मंच सरकार से महेश गिरी के ऐसे भड़काऊ व वैमनस्यता पैदा करने वाले बयानों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही किये जाने की मांग करता है।

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मराठा आरक्षण पर आखिर क्यों फैसला नहीं कर पा रही महाराष्ट्र सरकार ?

महाराष्ट्र में इन दिनों मराठा आंदोलन के चलते खूब हंगामा हो रहा है। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ सरकार और राजनीतिक दलों की बैठक व बयानबाजी जारी है। हालांकि राज्य की शिंदे सरकार ने कहा है कि मराठाओं की मांग पर जल्द अमल किया जाएगा। दरअसल, महाराष्ट्र में शिक्षा और नौकरियों में मराठों के लिए आरक्षण की लंबे समय से चली आ रही मांग को उस समय नई ऊर्जा मिली है। जब कोटा कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल एक सप्ताह से अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं। आंदोलन के दौरान हिंसा भी भड़की और कई विधायकों के घरों में आग लगा दी गई।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दोहराया कि उनकी सरकार मराठा आरक्षण के लिए तैयार है। मराठा कौन हैं और वे आरक्षण क्यों मांग रहे हैं ? और अगर राज्य सरकार उनके लिए आरक्षण के पक्ष में है, तो मराठा कोटा के रास्ते में क्या आ रहा है ? कई ऐसे सवाल खूब उठ रहे हैं।

जानें क्यों लग रहा है मराठा आरक्षण पर अड़ंगा

1990 की मंडल आयोग की रिपोर्ट के बाद आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग जाति के आधार पर आरक्षण में बदलने लगी। सुप्रीम कोर्ट ने मई 2021 में अपने फैसले में कहा, “मराठों को आरक्षण देने के लिए 50 प्रतिशत की सीमा को तोड़ने का कोई वैध कारण नहीं है।” यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 1992 के ऐतिहासिक इंदिरा साहनी फैसले (जिसे मंडल फैसला कहा जाता है) पर आधारित था, जिसने आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा लगा दी थी। अक्टूबर में, सुप्रीम कोर्ट आरक्षण मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार की उपचारात्मक याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमत हुआ। तो, यह आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा है, जो मराठा आरक्षण के रास्ते में आ रही है। अब यह इस पर निर्भर करता है कि सुप्रीम कोर्ट आख़िर क्या फैसला करता है।

1982 में शुरू हुआ था मराठा आरक्षण पर पहला विरोध

बता दें कि मराठों के लिए आरक्षण पर पहला विरोध 1982 में हुआ था। विरोध का नेतृत्व श्रमिक संघ नेता अन्नासाहेब पाटिल ने किया था और उनकी मांग आर्थिक मानदंडों के आधार पर कोटा थी। अन्नासाहेब पाटिल ने धमकी दी थी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह आत्महत्या कर लेंगे। बाबासाहेब भोसले की कांग्रेस सरकार ने उनकी बात अनसुनी कर दी और अन्नासाहेब पाटिल ने अपनी धमकी को अंजाम दिया। मराठा आरक्षण की लंबी लड़ाई से जुड़ी वह पहली मौत थी।

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आरक्षण के बहाने उपद्रवियों ने बीड में किया दंगा, होटल क्रिस्टल इन पर किया पथराव

मराठा आरक्षण की मांग का मुख्य केंद्र बीड जिला बना हुआ है। इस आंदोलन में अपनी मांग को पूरा करने के लिए समाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे अनिश्चितकालीन के लिए अनशन पर बैठ गए हैं। 31 अक्टूबर को उनके इस अनशन को 7 दिन पूरे हो गए। आरक्षण की मांग इतनी बढ़ गई है कि आंदोलन अब हिंसक रूप ले चुका है। इसी बीच 2 दिन पहले यानी 30 अक्टूबर को बीड में दंगाईयों ने पथराव कर दिया। बीड के सबसे बड़े होटलों में से एक होटल क्रिस्टल इन पर भी दंगाईयों ने हमला कर दिया।

क्यों हो रहा है प्रदर्शन ?

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग कोई नई नहीं है बल्कि 1982 से यह मांग उठाई जा रही है। लेकिन तब उनकी इस मांग को नजरअंदाज कर दिया गया था। साल 2014 में देवेंद्र फडणवीस सरकार ने मराठाओं को 16 प्रतिशत आरक्षण दिया लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस कम करते हुए सरकारी नौकरियों में 13 प्रतिशत और शैक्षणिक संस्थानों में 12 प्रतिशत कर दिया। इसके बाद मई 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे पूरी तरह से रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस नियम को रद्द करने के बाद स्थिति फिर से पहले जैसी बन गई।

होटल क्रिस्टल इन में आग लगने से बचाया

मराठा आरक्षण की आड़ में कुछ उपद्रवी लोग दंगा और पथराव कर रहे हैं। बीड के क्रिस्टल इन होटल में भी इन दंगाईयों ने पथराव किया। मिली जानकारी के मुताबिक सबसे पहले कुछ लोग एक साथ होटल के बार पहुंचे। इन लोगों ने होटल पर अचानक पथराव करना शुरू कर दिया।

कुछ ही देर बाद वहां दंगाईयों का दूसरा जत्था पहुंच जाता है। और होटल के सामने की सड़के से बड़े-बड़े पत्थर होटल पर फेंकना शुरू कर देते हैं। इन पथराव के कारण होटल की खिड़कियों के कांच टूट गए। यह हमला तब किया गया जब वहां कई लोग मौजूद थें। होटल में काम करने वाले कर्मचारियों ने विनती करते हुए होटल में आग लगने से बचाया।

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