राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान यूपी पुलिस ने माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेशी के दौरान ऊपरी मंजिल से एक महिला लगातार झांकती दिखी। ऐसे में अब इस महिला को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि आखिर काला नकाब पहने ये महिला कौन थी। अतीक की सुनवाई के दौरान काला लिबास पहले भी चर्चा में आ चुका है।
बता दें कि माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद का यूपी एसटीएफ ने झांसी में एनकाउंटर कर दिया। गुरुवार को असद के एनकाउंटर के बाद मेरठ में रहने वाले डॉक्टर अखलाक के घर पर भी मातम फैला है। अखलाक की बेटी से असद का इसी साल निकाह होना था। अखलाक मेरठ में रहता है और अतीक का बहनोई है। डॉक्टर अखलाक को एसटीएफ ने पहले ही अरेस्ट किया हुआ है। अखलाक की पत्नी आयशा नूरी पर भी हत्याकांड का आरोप है। आयशा नूरी अभी फरार चल रही है।
कोर्ट रूम में लड़खड़ाकर बैठ गया अतीक
कोर्ट रूम में बेटे असद की एनकाउंटर की खबर सुनते ही माफिया अतीक अहमद के होश उड़ गए थे। वो कांपने लगा और बेंच पर बैठ गया। आंखों से आंसू बहने लगे, अतीक कुछ देर तक कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं था। वही दोपहर के करीब 1 बजे सीजेएम कोर्ट में उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद और अशरफ की कस्टडी रिमांड पर भेजने जाने की अर्जी पर सुनवाई चल रही थी। उसी समय कोर्ट में ये शोर मचा कि शूटर असद और गुलाम का एनकाउंटर हो गया।
अतीक के लड़खड़ा गया और वो लकड़ी की बेंच पर बैठ गया, पास खड़े भाई अशरफ ने अतीक को संभाला तो अतीक की आंखें भर आई। कोर्ट रूम से अतीक के निकलते ही खूब शोरशराबा मचा। इस सब के बावजूद अतीक किसी भी तरह का कोई रिएक्शन नहीं दे रहा था। कोर्ट परिसर से निकल कर कैदियों के वैन तक जाने के बीच अतीक पत्थर बना रहा। जैसे ही वैन में बैठा उसकी आंखों से आंसू बहना शुरू हो गए।
जेल में बेटे अली से मिलने के लिए गिड़गिड़या अतीक
सुबह कोर्ट में पेशी से पहले अतीक ने जेल अधिकारियों से अपने बेटे अली से मिलने की ख्वाहिश जताई। उसने कई बार अफसरों से मिन्नतें कीं, लेकिन अली से वह नहीं मिल सका। शासन का निर्देश और जेल मैनुअल का हवाला देते हुए मुलाकात की इजाजत नहीं मिली। अशरफ ने भी अली से मिलने की बात कही थी, दोनों में से किसी को भी इसकी इजाजत नहीं दी गई। बता दें कि अतीक का बेटा अली अहमद को हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है। वहीं भाई अशरफ को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। जेल में ही दोनों रोजा रख रहे हैं। दोनों ने असद की मौत की खबर के बाद रोजा खोल कर कुछ भी नहीं खाया, अतीक के लिए बैरक में दूध भी भेजा गया था, लेकिन अतीक ने गर्म पानी से दवा ली।
पाकिस्तान से है अतीक का कनेक्शन ?
पुलिस ने यह कहकर रिमांड मांगा कि अतीक का पाकिस्तान से कनेक्शन है। अतीक बॉर्डर पर ड्रोन से गिराए हथियार खरीदता था, उसके पास हथियारों का जखीरा है। पुलिस ने ये भी कहा कि अतीक का संबध आईएसआई और लश्कर से भी है। रिमांड के दौरान अतीक हथियारों का जखीरा बरामद करा सकता है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस अतीक से 13 से 17 अप्रैल की शाम 5 बजे तक पूछताछ करेगी। पुलिस ने दोनों की 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन केवल 4 दिन की रिमांड ही मिल सकी है।
अतीक को अब देना है 200 सवालों के जवाब
उमेश पाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ को गुरुवार की सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस कस्टडी पर भेज दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश गौतम की अदालत ने ये फैसला सुनाया है। 4 दिन की पुलिस कस्टडी के दौरान दोनों से करीब दौ सौ सवाल पूछे जाएंगे। पुलिस ने सवालों की लिस्ट पहले से ही तैयार कर ली है। पुछताछ के दौरान दोनों आरोपियों को वकील रखने की छूट मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अभियोजन की तरफ से पेश किए गए केस डायरी और दूसरे कागजातों का अवलोकन करके अतीक और भाई अशरफ को 26 अप्रैल तक न्यायिक अभिरक्षा देने की इजाजत दी। इस बीच दोनों को नैनी जेल में रखा जाएगा।
कौन था असद अहमद
24 फरवरी से पहले असद के खिलाफ कोई भी केस दर्ज नहीं था। लेकिन उमेश पाल हत्याकांड के वीडियों में असद को साफ देखा जा सकता है। जिसमें वो खुलेआम गोली चला रहा है। इसी एक वीडियो ने उसको यूपी का सबसे बड़ा मोस्टवांटेंड बना दिया था। माफिया से राजनेता बना अतीक अहमद का बेटा असद अहमद 24 फरवरी के बाद से उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए ‘मोस्ट वांटेड’ लिस्ट में शामिल हो गया था।
असद को 24 फरवरी को प्रयागराज की एक व्यस्त सड़क पर दिनदहाड़े उमेश पाल की हत्या करने वाले आधा दर्जन शूटरों का नेतृत्व करते देखा गया था। उसके ऊपर पांच लाख रुपये का इनाम रखा गया था। उसको तलाश करने के लिए यूपी पुलिस की टीमें नेपाल तक खाक छान रही थीं।
फैमिली के क्रिमिनल बैकग्राउंड के चलते न बन सका पासपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असद ने इसी साल लखनऊ से एक बड़े स्कूल से 12वीं पास किया था। बताया जाता है कि वह आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहता था लेकिन फैमिली के क्रिमिनल बैकग्राउंड के चलते उसका पासपोर्ट क्लियर नहीं हो सका। इसके बाद फैमिली की तरह वह भी क्राइम की दुनिया में एंट्री कर गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक असद पिता के कामों में मदद करता था। असद के चाचा अशरफ (अतीक का भाई) ने शूटिंग, घुड़सवारी और कार रेसिंग की ट्रेनिंग दी थी। हाल ही में उमेश पाल हत्याकांड में भी उसका नाम जुड़ा था। जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
माफिया अतीक अहमद और अशरफ के जेल जाने के बाद उसके बेटे उमर और अली गैंग को चला रहे थे। दोनों पर कई मुकदमें दर्ज हैं, दोनों ने एनकाउंटर के डर से सरेंडर कर दिया था। जिसके बाद पुलिस को शक था कि असद ही गैंग को चला रहा था। उसने उमेश पाल मर्डर का प्लान बनाने के लिए अतीक और अशरफ से सलाह ली थी।
शूटर गुलाम के भाई ने शव लेने से किया इनकार
झांसी में एनकाउंटर में मारे गए शूटर गुलाम हसन मोहम्मद के परिवार ने उसके शव को लेने से इनकार कर दिया है। हसन के भाई राहिल ने मीडिया को ये बताया कि हसन की वजह से घर बर्बाद हो गया, उसने मां भाई और परिवार को भी नहीं समझा। उससे मेरा कोई नाता नहीं है, राहिल बीजेपी अल्पसख्यंक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रहे हैं। उमेश पाल हत्याकांड में गुलाम का नाम आने के बाद राहिल को बीजेपी अल्पसख्यंक प्रकोष्ठ अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।
‘आज दिल को सकून मिला’
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक असद अहमद और शूटर गुलाम हसन के एनकाउंटर के बाद उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताया। जया पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने माफिया को मिट्टी में मिलाने का अपना वादा पूरा करके दिखा दिया है। जया पाल ने ये भी कहा कि इस मामले में फरार शूटरों और साजिशकर्ताओं का भी यही हाल होना चाहिए।
जया पाल ने कहा कि सीएम योगी उनके लिए पिता के समान हैं। उन्होंने मुझ जैसी बेटी का मान रखा, इस एनकाउंटर के जरिए एसटीएफ ने माफिया को बड़ा संदेश दे दिया है। असद के एकांउटर के बाद उमेश की मां शांति पाल ने भी योगी अदित्यनाथ को शुक्रिया कहा, शांति पाल ने ये कहा कि आज दिल को सकून मिल गया है।
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