Sunday, April 5, 2026
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अतीक और अशरफ का पोस्टमार्टम आज, कड़ी सुरक्षा के बीच होंगे सुपुर्द-ए-खाक

प्रयागराज के माफिया ब्रदर्स अतीक अहमद और अशरफ की कल रात दर्जनों कैंमरो के सामने लाइव हत्या कर दी गई। अतीक और अशरफ को उस वक्त मारा गया जब वे दोनो ही स्वास्थ्य परीक्षण के लिए काल्विन अस्पताल परीक्षण के लिए ले जाया जा रहा था। उसी समय 10 फायर किए गए। अतीक की कनपटी पर सटाकर एक गोली मारी गई।

अज्ञात वाहनों से आए हमलावरों ने सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने के बाद समर्पण कर दिया। घटना के बाद जिले की सीमा को सील कर दिया है। मौके पर आरएएफ को भी बुला लिया गया है। अब आज अतीक और अशरफ का पोस्टमार्टम होना है। इसके लिए 5 एक्सपर्ट डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है। जो अतीक अहमद और अशरफ का पोस्टमार्टम करेगा।

भारी सुरक्षा के बीच होगा पोस्टमार्टम

माफिया ब्रदर्स अतीक और अशरफ का जब एक्सपर्ट डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा तब पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी जाएगी। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात है। प्रयागराज में पूरी रात प्रशासन ने चौकसी की है, तो सुबह भी पुलिस कमिश्नर और जिले के डीएम ने शहर का जायजा लिया है। अतीक अहमद और अशरफ के शवों का कड़ी सुरक्षा के बीच पोस्टमार्टम होगा।

अतीक-अशरफ के शूटर्स ने पुलिस को क्या बताया

माफिया ब्रदर्स अतीक और अशरफ की हत्या करने वाले तीनों आरोपी प्रयागराज के बाहर के रहने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक अब तक की पूछताछ में पता चला है कि अतीक अशरफ की हत्या करने वाला लवलेश तिवारी बांदा का रहने वाला है जबकि अरुण मौर्य हमीरपुर का निवासी है, वहीं तीसरा आरोपी सनी कासगंज जनपद से है। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना यही पता बताया है। पुलिस इन तीनों शूटर्स के बयानों को वेरिफाई कर रही है। जांच में एक बात अफसरों की क्लियर हो रही है कि तीनों अतीक और अशरफ की हत्या के मकसद से ही प्रयागराज आए थे।

अतीक अहमद और अशरफ को आज किया जाएगा सुपुर्द -ए – खाक

माफिया ब्रदर्स अतीक अहमद और अशरफ के बॉडी का कुछ ही देर में पांच डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। जिसके बाद दोनों के शवों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कसरी मसरी कब्रिस्तान में दफ़न किया जाएगा। इस बीच अतीक के पुश्तैनी घर चकिया इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। चारो तरफ पुलिस का सख्त पहरा है। किसी को भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। इतना ही नहीं इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई है।

शनिवार रात हुई थी अतीक अहमद और अशरफ की हत्या

गौरतलब है कि शनिवार रात जब पुलिस उमेश पाल हत्याकांड में इस्तेमाल हुए हथियारों की बरामदगी के बाद अतीक और अशरफ को मेडिकल के लिए हॉस्पिटल पहुंची थी। तो वहां मीडिया से बातचीत के दौरान तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर दोनों की हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड के बाद से ही प्रदेश ही नहीं देश में भी खलबली मच गई। सोशल मीडिया पर भी इस डबल मर्डर को लेकर खूब चर्चाएं हो रही है। कोई इसे प्लांड मर्डर बता रहा है तो कोई कह रहा है बुरे काम का बुरा नतीजा।

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पुलिस और मीडिया की मजूदगी में अतीक अहमद और अशरफ अहमद की हत्या

माफिया से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की शनिवार (15 अप्रैल) को प्रयागराज में मेडिकल के लिए ले जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई. इससे पहले उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गुरुवार को झांसी में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और उसके एक साथी गुलाम को मुठभेड़ में मार गिराया था.

हत्या को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस पर सवालिया निशान

घटना को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस पर सवाल उठाया जा रहा है .दरअसल ,अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या पुलिस और मीडिया की मौजूदगी में की गई . हत्या उस दौरान हुई जब अतीक और अशरफ को मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा था तभी दोनों ही पत्रकारों से बात कर ही रहे थे तभी सनी, लवलेश,अरुण
पत्रकार बनकर आए और अतीक अहमद के सर पर सटाकर गोली दागी और फिर लगातार गोलियां चलाते रहे . हमलावरों ने अतीक और उसके भाई पर करीब 10 राउंड फायरिंग की जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई .

हमलावरों ने गोली मारने के बाद में लगाए जय श्रीराम के नारे

अतीक और अशरफ की हत्या करने के बाद हमलावरों ने “जय श्री राम ” के नारे लगाते हुए आत्मसमर्पण कर दिया .

शनिवार सुबह ही अतीक के बेटे असद अहमद का शव प्रयागराज में कसारी मसारी कब्रिस्तान में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दफनाया गया. जबकि उसके साथी गुलाम का शव शिवकुटी स्थित कब्रिस्तान में दफन किया गया. उमेश पाल हत्याकांड में वांछित अभियुक्त असद अहमद और गुलाम झांसी में विशेष कार्य बल के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए थे. पुलिस के इस एनकाउंटर पर सवाल उठाए गए यह घटना उस समय हुई थी, जब अतीक और उसके भाई अशरफ अहमद की प्रयागराज की एक अदालत में पेशी हो रही थी. बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल के हत्याकांड के प्रमुख गवाह रहे उमेश पाल और उसके दो सुरक्षाकर्मियों की इसी साल 24 फरवरी को प्रयागराज में ताबड़तोड़ गोलियां चला कर हत्या कर दी गई थी.

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दिल्ली वालों को लगेगा जोर का करंट, 46 लाख परिवारों की सब्सिडी वाली बिजली खत्म

दिल्ली वालों को बड़ा जोर का करंट लगने वाला है, क्योंकि देश की राजधानी दिल्ली में बिजली सब्सिडी खत्म हो जाएगी। अरविंद केजरीवाल सरकार में ऊर्जा मंत्री आतिशी ने कहा कि आज यानी शुक्रवार से दिल्ली के 46 लाख परिवारों की बिजली सब्सिडी खत्म हो जाएगी। उन्होंने एलजी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली सब्सिडी बढ़ाने का मंत्रिमंडल का फैसला उपराज्यपाल के समक्ष लंबित है।

ऊर्जा मंत्री आतिशी ने बताया ये कारण

ऊर्जा मंत्री आतिशी ने इसका कारण बताते हुए कहा, ‘फ्री बिजली सब्सिडी बंद कर दी गई है क्योंकि आप सरकार ने आने वाले वर्ष के लिए सब्सिडी जारी रखने का निर्णय लिया है। लेकिन वह फाइल दिल्ली एलजी के पास है और जब तक फाइल वापस नहीं आती है। तब तक आप सरकार सब्सिडी वाला बिल जारी नहीं कर सकती है। आप का ये फैसला दिल्ली की जनता के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। ऊर्जा मंत्री आतिशी ने कहा कि फाइल कुछ दिन पहले भेजी गई थी और अभी जवाब का इंतजार है।

उन्होंने कहा कि इस सब्सिडी के लिए बजट विधानसभा द्वारा पारित किया गया है। सरकार के पास सब्सिडी के लिए पैसा है लेकिन हम इसे खर्च नहीं कर सकते। बता दें कि दिल्ली में आप सरकार उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मासिक खपत के साथ मुफ्त बिजली प्रदान करती है। प्रति माह 201 से 400 यूनिट खपत करने वालों को 850 रुपये पर 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है।

बिजली सब्सिडी पर एलजी ने दी सफाई

दिल्ली में मुफ्त बिजली सब्सिडी को लेकर मंत्री आतिशी के बयान पर दिल्ली के एलजी कार्यालय से भी प्रतिक्रिया आ गई है। राजभवन से जारी बयान में कहा गया है कि बिजली मंत्री को सलाह दी जाती है कि एलजी के खिलाफ अनावश्यक राजनीति और निराधार झूठे आरोपों से बचें। उन्हें झूठे बयानों से लोगों को गुमराह करना बंद देना चाहिए। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बिजली मंत्री को जनता को जवाब देना चाहिए कि इस संबंध में फैसला 4 अप्रैल तक लंबित क्यों रखा ? जबकि समय सीमा 15 अप्रैल थी ? एलजी को 11 अप्रैल को ही क्यों भेजी गई फाइल ? और 13 अप्रैल को चिट्ठी लिखकर और आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नौटंकी की क्या जरूरत है ?

बिजली सब्सिडी को लेकर सीएम और एलजी के बीच तकरार

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार और राजनिवास के बीच पिछले कई माह से बिजली सब्सिडी को लेकर तकरार जारी है। सीएम अरविंद केजरीवाल की सरकार मुफ्त बिजली-पानी पर सब्सिडी पहले की तरह जारी रखना चाहती है। जबकि एलजी ने एक पत्र के जरिए सुझाव दिया था कि सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के अकाउंट में भेजे जाएं।

बता दें कि दिल्ली में जब से आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता में आई है, तभी से बिजली और पानी बिलों पर उपभोक्तओं को सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। अक्टूबर 2022 ने अरविंद केजरीवाल सरकार ने मुफ्त बिजली की योजना में बदलाव करते हुए मांगे जाने पर सब्सिडी देने की बात कही थी। इससे लगभग 25 प्रतिशत लोग सरकार के बिजली सब्सिडी दायरे से बाहर हो गए थे।

300 करोड़ का हो रहा नुकसान

इस मसले पर दिल्ली के मुख्य सचिव ने हाल ही में एक रिपोर्ट के जरिए बताया था कि डीईआरसी के निर्देशों का पालन न होने से सरकार को 300 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। सरकार इस मसले पर ध्यान दे तो इस नुकसान से बचा जा सकता है। रिपोर्ट आने के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने दिल्ली सरकार को जल्द स्पष्टीकरण देने को कहा था।

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कौन थी वो महिला ? असद के एनकाउंटर का सुन कोर्ट रूम में लड़खड़ाकर बैठा अतीक

राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान यूपी पुलिस ने माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेशी के दौरान ऊपरी मंजिल से एक महिला लगातार झांकती दिखी। ऐसे में अब इस महिला को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि आखिर काला नकाब पहने ये महिला कौन थी। अतीक की सुनवाई के दौरान काला लिबास पहले भी चर्चा में आ चुका है।

बता दें कि माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद का यूपी एसटीएफ ने झांसी में एनकाउंटर कर दिया। गुरुवार को असद के एनकाउंटर के बाद मेरठ में रहने वाले डॉक्टर अखलाक के घर पर भी मातम फैला है। अखलाक की बेटी से असद का इसी साल निकाह होना था। अखलाक मेरठ में रहता है और अतीक का बहनोई है। डॉक्टर अखलाक को एसटीएफ ने पहले ही अरेस्ट किया हुआ है। अखलाक की पत्नी आयशा नूरी पर भी हत्याकांड का आरोप है। आयशा नूरी अभी फरार चल रही है।

कोर्ट रूम में लड़खड़ाकर बैठ गया अतीक

कोर्ट रूम में बेटे असद की एनकाउंटर की खबर सुनते ही माफिया अतीक अहमद के होश उड़ गए थे। वो कांपने लगा और बेंच पर बैठ गया। आंखों से आंसू बहने लगे, अतीक कुछ देर तक कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं था। वही दोपहर के करीब 1 बजे सीजेएम कोर्ट में उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद और अशरफ की कस्टडी रिमांड पर भेजने जाने की अर्जी पर सुनवाई चल रही थी। उसी समय कोर्ट में ये शोर मचा कि शूटर असद और गुलाम का एनकाउंटर हो गया।

अतीक के लड़खड़ा गया और वो लकड़ी की बेंच पर बैठ गया, पास खड़े भाई अशरफ ने अतीक को संभाला तो अतीक की आंखें भर आई। कोर्ट रूम से अतीक के निकलते ही खूब शोरशराबा मचा। इस सब के बावजूद अतीक किसी भी तरह का कोई रिएक्शन नहीं दे रहा था। कोर्ट परिसर से निकल कर कैदियों के वैन तक जाने के बीच अतीक पत्थर बना रहा। जैसे ही वैन में बैठा उसकी आंखों से आंसू बहना शुरू हो गए।

जेल में बेटे अली से मिलने के लिए गिड़गिड़या अतीक

सुबह कोर्ट में पेशी से पहले अतीक ने जेल अधिकारियों से अपने बेटे अली से मिलने की ख्वाहिश जताई। उसने कई बार अफसरों से मिन्नतें कीं, लेकिन अली से वह नहीं मिल सका। शासन का निर्देश और जेल मैनुअल का हवाला देते हुए मुलाकात की इजाजत नहीं मिली। अशरफ ने भी अली से मिलने की बात कही थी, दोनों में से किसी को भी इसकी इजाजत नहीं दी गई। बता दें कि अतीक का बेटा अली अहमद को हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है। वहीं भाई अशरफ को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। जेल में ही दोनों रोजा रख रहे हैं। दोनों ने असद की मौत की खबर के बाद रोजा खोल कर कुछ भी नहीं खाया, अतीक के लिए बैरक में दूध भी भेजा गया था, लेकिन अतीक ने गर्म पानी से दवा ली।

पाकिस्तान से है अतीक का कनेक्शन ?

पुलिस ने यह कहकर रिमांड मांगा कि अतीक का पाकिस्तान से कनेक्शन है। अतीक बॉर्डर पर ड्रोन से गिराए हथियार खरीदता था, उसके पास हथियारों का जखीरा है। पुलिस ने ये भी कहा कि अतीक का संबध आईएसआई और लश्कर से भी है। रिमांड के दौरान अतीक हथियारों का जखीरा बरामद करा सकता है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस अतीक से 13 से 17 अप्रैल की शाम 5 बजे तक पूछताछ करेगी। पुलिस ने दोनों की 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन केवल 4 दिन की रिमांड ही मिल सकी है।

अतीक को अब देना है 200 सवालों के जवाब

उमेश पाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ को गुरुवार की सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस कस्टडी पर भेज दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश गौतम की अदालत ने ये फैसला सुनाया है। 4 दिन की पुलिस कस्टडी के दौरान दोनों से करीब दौ सौ सवाल पूछे जाएंगे। पुलिस ने सवालों की लिस्ट पहले से ही तैयार कर ली है। पुछताछ के दौरान दोनों आरोपियों को वकील रखने की छूट मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अभियोजन की तरफ से पेश किए गए केस डायरी और दूसरे कागजातों का अवलोकन करके अतीक और भाई अशरफ को 26 अप्रैल तक न्यायिक अभिरक्षा देने की इजाजत दी। इस बीच दोनों को नैनी जेल में रखा जाएगा।

कौन था असद अहमद

24 फरवरी से पहले असद के खिलाफ कोई भी केस दर्ज नहीं था। लेकिन उमेश पाल हत्याकांड के वीडियों में असद को साफ देखा जा सकता है। जिसमें वो खुलेआम गोली चला रहा है। इसी एक वीडियो ने उसको यूपी का सबसे बड़ा मोस्टवांटेंड बना दिया था। माफिया से राजनेता बना अतीक अहमद का बेटा असद अहमद 24 फरवरी के बाद से उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए ‘मोस्ट वांटेड’ लिस्ट में शामिल हो गया था।

असद को 24 फरवरी को प्रयागराज की एक व्यस्त सड़क पर दिनदहाड़े उमेश पाल की हत्या करने वाले आधा दर्जन शूटरों का नेतृत्व करते देखा गया था। उसके ऊपर पांच लाख रुपये का इनाम रखा गया था। उसको तलाश करने के लिए यूपी पुलिस की टीमें नेपाल तक खाक छान रही थीं।

फैमिली के क्रिमिनल बैकग्राउंड के चलते न बन सका पासपोर्ट 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असद ने इसी साल लखनऊ से एक बड़े स्कूल से 12वीं पास किया था। बताया जाता है कि वह आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहता था लेकिन फैमिली के क्रिमिनल बैकग्राउंड के चलते उसका पासपोर्ट क्लियर नहीं हो सका। इसके बाद फैमिली की तरह वह भी क्राइम की दुनिया में एंट्री कर गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक असद पिता के कामों में मदद करता था। असद के चाचा अशरफ (अतीक का भाई) ने शूटिंग, घुड़सवारी और कार रेसिंग की ट्रेनिंग दी थी। हाल ही में उमेश पाल हत्याकांड में भी उसका नाम जुड़ा था। जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

माफिया अतीक अहमद और अशरफ के जेल जाने के बाद उसके बेटे उमर और अली गैंग को चला रहे थे। दोनों पर कई मुकदमें दर्ज हैं, दोनों ने एनकाउंटर के डर से सरेंडर कर दिया था। जिसके बाद पुलिस को शक था कि असद ही गैंग को चला रहा था। उसने उमेश पाल मर्डर का प्लान बनाने के लिए अतीक और अशरफ से सलाह ली थी।

शूटर गुलाम के भाई ने शव लेने से किया इनकार

झांसी में एनकाउंटर में मारे गए शूटर गुलाम हसन मोहम्मद के परिवार ने उसके शव को लेने से इनकार कर दिया है। हसन के भाई राहिल ने मीडिया को ये बताया कि हसन की वजह से घर बर्बाद हो गया, उसने मां भाई और परिवार को भी नहीं समझा। उससे मेरा कोई नाता नहीं है, राहिल बीजेपी अल्पसख्यंक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रहे हैं। उमेश पाल हत्याकांड में गुलाम का नाम आने के बाद राहिल को बीजेपी अल्पसख्यंक प्रकोष्ठ अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।

‘आज दिल को सकून मिला’

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक असद अहमद और शूटर गुलाम हसन के एनकाउंटर के बाद उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताया। जया पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने माफिया को मिट्टी में मिलाने का अपना वादा पूरा करके दिखा दिया है। जया पाल ने ये भी कहा कि इस मामले में फरार शूटरों और साजिशकर्ताओं का भी यही हाल होना चाहिए।

जया पाल ने कहा कि सीएम योगी उनके लिए पिता के समान हैं। उन्होंने मुझ जैसी बेटी का मान रखा, इस एनकाउंटर के जरिए एसटीएफ ने माफिया को बड़ा संदेश दे दिया है। असद के एकांउटर के बाद उमेश की मां शांति पाल ने भी योगी अदित्यनाथ को शुक्रिया कहा, शांति पाल ने ये कहा कि आज दिल को सकून मिल गया है।

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कोरोना की रफ्तार में फिर उछाल, एक्टिव मरीजों की सख्या हुई 49 हजार के पार

देशभर में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 11 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ ऐसे कोरोना संक्रमित जिनका इलाज चल रहा है, उनका आंकड़ा भी 49 हजार के पार पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 11,109 नए मामले सामने आए हैं। यह बीते 236 दिनों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। देश में फिलहाल सक्रिय मामले की संख्या बढ़कर 49 हजार 622 हो गई है।

बीते दिन 10 हजार से ज्यादा मामले हुए थे दर्ज

वहीं, बीते दिन 13 अप्रैल को देश में कोरोना के 10,158 मामले सामने आए थे। इससे पहले 12 अप्रैल को देश में कुल 7,830 कोविड केस दर्ज किए गए थे। यानी कोरोना संक्रमण की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक दिन में ही 1 हजार के करीब नए मामले जुड़ गए हैं। ऐसे में हर दिन कोरोना के मामलों में उछाल देखा जा रहा है।

कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन

इस बीच, कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत स्कूल, कॉलेज, ऑफिस और भीड़-भाड़ वाली जगह पर अब मास्क लगाना जरूरी हो गया है। बता दें कि नोएडा में सक्रिय मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गाइडलाइन के तहत स्कूल और ऑफिस में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। सभी जगहों पर मास्क, सैनेटाइजर व सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन किया जाए। कार्यालय में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग, दरवाजे, रेलिंग, लिफ्ट, पार्किंग में सैनेटाइजर की व्यवस्था की जाए।

सर्दी जुकाम बुखार के लक्षण होने पर घर पर ही क्वारंटीन रहने और कोविड जांच कराने के निर्देश है। साथ ही स्कूल-कॉलेजों में बच्चों-छात्रों को मास्क पहनने एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए। क्लास में बच्चों के बीच पर्याप्त दूरी रखते हुए बैठाया जाए। स्कूलों में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाए। स्कूलों और कॉलेज के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग की जाए। यदि किसी भी बच्चे को कोविड के लक्षण दिखे तो उन्हें स्कूल और कॉलेज न भेजा जाए।

29 कोरोना संक्रमितों की गई जान

देश में बीते दिन 29 कोरोना संक्रमितों की जान गई। इससे जान गंवाने वालों का कुल आंकड़ा अब 5,31,064 हो गया है। बीते दिन दिल्ली-राजस्थान में तीन-तीन, छत्तीसगढ़-पंजाब में दो-दो, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पुडुचेरी, तमिलनाडु, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में एक-एक कोरोना संक्रमित की जान गई है। इस सूची में केरल नौ पुरानी मौतों को भी जोड़ा है।

आंकड़ों में कोरोना के मामले

प्रति दिन की संक्रमण दर 5.01 फीसदी पहुंच गई है, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 4.29 फीसदी है। देश में अब तक 4,47,97,269 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। देश में फिलहाल सक्रिय मरीजों का आंकड़ा कुल मामलों के मुकाले 0.11 फीसदी है। संक्रमण से उबरने की दर 98.70 फीसदी बनी हुई है। अब तक 4,42,16,586 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत दर्ज की गई है। वैक्सीनेशन की बात करें तो देश में कोविड रोधी टीके की 220.66 करोड़ खुराक दी जा चुकी है।

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बीबीसी की फिर बढ़ीं मुश्किलें, आईटी सर्वे के बाद अब ईडी का एक्शन

बीबीसी की मुश्किलें ​कम होती नहीं दिख रही हैं। आयकर विभाग के सर्वे के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय की टीम बीबीसी एडमिन और एडिटोरियल विभाग के लोगों से पूछताछ करेगी। ईडी बीबीसी के खिलाफ फेमा के तहत विदेशी फंडिंग में गड़बड़ी की जांच का रहा है। इस मामले में ईडी की ओर से पहले ही केस फाइल किया जा चुका है।

सूत्रों के हवाले से बताया कि संघीय जांच एजेंसी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के प्रावधानों के तहत दस्तावेजों और कंपनी के कुछ अधिकारियों के बयानों की रिकॉर्डिंग भी मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच अनिवार्य रूप से कंपनी द्वारा कथित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के उल्लंघन को देख रही है।

आईटी की पृष्ठभूमि में उठाया गया कदम

फरवरी में दिल्ली में बीबीसी कार्यालय परिसर का सर्वेक्षण कर रहे आयकर विभाग की पृष्ठभूमि में यह कदम उठाया गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), जो आईटी विभाग का प्रशासनिक निकाय है, ने तब कहा था कि बीबीसी समूह की विभिन्न संस्थाओं द्वारा दिखाई गई आय और लाभ भारत में उनके संचालन के पैमाने के अनुरूप नहीं थे और इसकी विदेशी संस्थाओं द्वारा कुछ रेमिटेंसेज (भारत में कमाई गई रकम दूसरे देश में भेजने पर) पर कर का भुगतान नहीं किया गया है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, विदेशी मुद्रा के इन्फ्लो और आउटफ्लो को नियंत्रित करता है।

60 घंटे चला था बीबीसी कार्यालय में आईटी सर्वे

आपको बता दें कि बीबीसी (ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन) के दिल्ली और मुंबई स्थित कार्यालयों में फरवरी में आयकर विभाग का ‘सर्वे ऑपरेशन’ लगभग 60 घंटे चला था। इस दौरान अधिकारियों ने कुछ चुनिंदा कर्मचारियों के वित्तीय डेटा एकत्र किए थे और समाचार संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक एवं कागजी आंकड़ों की प्रतियां बनाईं थीं।

आयकर अधिकारियों ने उपलब्ध स्टॉक की एक सूची बनाई, कुछ कर्मचारियों के बयान दर्ज किए और सर्वेक्षण कार्रवाई के तहत कुछ दस्तावेज जब्त किए। बीबीसी ने अपने बयान में कहा था, ‘बीबीसी एक विश्वसनीय, स्वतंत्र मीडिया संस्थान है और हम अपने सहयोगियों और पत्रकारों के साथ खड़े हैं। जो बिना किसी भय या पक्षपात के अपना काम करना जारी रखेंगे।

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अतीक अहमद के बेटे असद का एनकाउंटर, शूटर गुलाम भी ढेर

उमेश पाल हत्याकांड में यूपी एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम अहमद का एनकाउंटर किया गया है। यूपी एसटीएफ ने यह कार्रवाई झांसी में की है। असद के अलावा मकसूदन का बेटा गुलाम भी इस एनकाउंटर में मारा गया है।

ये दोनों ही प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में वांटेड थे। दोनों के ऊपर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। झांसी में डीएसपी नवेंदु और डीएसपी विमल के नेतत्व में यूपी एसटीएफ टीम के साथ मुठभेड़ में दोनो मारे गए हैं। जानकारी है कि मारे गए असद और गुलाम के पास से पुलिस को विदेशी अत्याधुनिक हथियार भी बरामद हुए हैं। बता दें क‍ि दिल्ली से भागने के बाद असद और गुलाम यूपी बॉर्डर के पास एमपी में थे।

वहीं से एसटीएफ ने दोनों का पीछा किया और झांसी में मुठभेड़ में दोनों मार ग‍िराया। बताया जा रहा है कि झांसी में यूपी एसटीएफ ने असद और गुलाम को सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन असद और गुलाम ने एसटीएफ की टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। यूपी एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों को मार गिराया। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम था।

इस एनकाउंटर पर सीएम योगी की प्रतिक्रिया

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए यूपी एसटीएफ की सराहना की है। वहीं प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने इस एनकाउंटर की जानकारी मुख्यमंत्री को दे दी है। हालांकि इस एनकाउंटर के बाद कानून व्यवस्था को लेकर बैठक बुलाई गई है।

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चंदन रेड्डी को ईडी ने इतना मारा कि कान के पर्दे फट गए – आप सांसद संजय सिंह

आप सांसद संजय सिंह ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का दिल्ली आबकारी मामले को लेकर जारी जांच के बारे में बड़ा खुलासा किया है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। आप सांसद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि ईडी ने लोगों को थर्ड डिग्री टॉर्चर देकर, मारपीट करके और उनके परिवार को धमकी देकर बयान लिया है। उन्होंने जांच एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ईडी ने चंदन रेड्डी को इतना मारा कि कान के पर्दे फट गए। वहां कुछ ऐसे लोग थे जो ईडी के लोग नहीं थे और उन्होंने मारपीट की।

आप सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि ईडी के लोगों ने चंदन रेड्डी को इतना मारा कि कान के पर्दे फट गए। मैं पूछता हूं, वो लोग कौन थे जिन्होंने चंदन रेड्डी को बेरहमी से मारा। क्या ईडी इस बात का खुलासा करेगी ? दिल्ली ​लिकर स्कैम से जुड़े चन्दन रेड्डी ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में इस बात का खुलासा किया है।

थर्ड डिग्री टॉर्चर देकर कराया गया साइन

आप नेता कहा कि ईडी के हिटलरशाही के गैस चेंबर में थर्ड डिग्री टॉर्चर देकर जबरन साइन कराया गया। इसके बाद कोर्ट में जाकर चंदन ने अपने दुख सुनाए। यहां तक डॉक्टरी जांच कहती हैं कि चंदन रेड्डी को मार-मारके उसके कान के पर्दे फाड़ दिए गए हैं, उसको सुनई नहीं देता है।

ईडी ने इतना मारा की कान के पर्दे फट गए

संजय सिंह ने कहा कि चंदन रेड्डी हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करके बताते हैं कि ईडी ने इनको मारा, इनके परिवार को धमकी दी और कहा, “जैसा हम कहते हैं, वैसे लिख, वरना तेरे परिवार का वो अंजाम करेंगे, तू कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि चंदन रेड्डी को इतना मारा गया कि इसके दोनों कान के पर्दे फट गए।

ईडी की आड़ में पीएम मोदी पर कसा तंज

आप सांसद का आरोप है कि ईडी तानाशाह कैसे बन गया है। इसका आज खुलासा करूँगा। ईडी जिसे देशभर में लोग बसे ताकतवर जांव ऐजेंसी मानते हैं, वो किस तरह लोगों को प्रताड़ित करती है, ये आज बताऊँगा। ईडी वाले इस मामले से जुड़े लोगों की बेटियों, धमकी, पत्नियों सहित पूरे परिवार वालों को धमकाते हैं। जांच अधिकारियों द्वारा जबरन बयान लिए जा रहे हैं। मैं, आज मीडियो को वो बता रहा हूं कुछ लोगों ने कोर्ट में ईडी के बारे में बताया है।

सिसोदिया के साथ भी ऐसा हो सकता है

संजय सिंह ने केंद्र सरकार और ईडी को आगाह करते हुए कहा कि मैं, इस मसले को देश की संसद में उठाऊँगा। संसद की विशेषाधिकार समिति के सामने ईडी अधिकाकरियों की तानाशाही को उजागर करूंगा। संजय सिंह ने आशंका जताई है कि जांच अधिकारी मनीष सिसोदिया के साथ भी ऐसा कर सकते हैं।

दिल्ली लिकर स्कैम मामले में संजय सिंह के मुख्य आरोप

>>    दिल्ली लिकर स्कैम से जुड़े चंदन रेड्डी को मारा, पीटा और धमकाया गया। जबरन उससे बयान दर्ज कराए गए,          पिटाई की वजह से चंदन रेड्डी के कान के पर्दे फट गए।

>>   इस बात का जिक्र दिल्ली हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में चंदन रेड्डी ने की है, अपने आरोपों के बाबत उन्होंने          मेडिकल रिपोर्ट का भी हवाला दिया।

>>     दिल्ली आबकारी नीति मामले में आरोपी अरुण पिल्लई के परिवार को घमकाया गया, पीटा गया। इस बात को             पिल्लई ने अदालत में जिक्र किया है।

>>   समीर महेन्द्रू की पत्नी को धमकाया गया और झूठा बयान लिया गया। उन्होंने भी जज के सामने लिखित शिकायत         में ये आरोप लगाए हैं।

>>   भूषण बेलगावी से जबरन झूठा बयान लिया गया।

>>    मनास्वामी प्रभु ने अदालत को लिखित में बताया है कि ईडी ने उनसे जबरन झूठे बयान लिए हैं।

>>    राघव रेड्डी पर भी दबाव बनाया गया। उन्होंने कोर्ट में जज के सामने इसका खुलासा किया है।

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साउथ दिल्ली के स्कूल को बम से उड़ाने की मिली धमकी, कराया गया खाली

दिल्ली के इंडियन स्कूल को परिसर में बम होने की धमकी मिली है। एक ईमेल के जरिए यह धमकी दी गई है। ईमेल मिलने के बाद से हड़कंप मच गया है। स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन से बृजेश नामक व्यक्ति ने इस बात की जानकारी पुलिस को दी ,फिलहाल बम स्क्वाड की मदद से चेकिंग जारी है। स्कूल में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, हालांकि अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।

पुलिस के मुताबिक, सादिक नगर स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर एक ईमेल भेजा गया, जिसमें दावा किया गया कि उसके परिसर में बम रखा गया है। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर स्कूल को खाली करा दिया गया है। स्कूल के बाहर के वीडियो में एक बड़ी भीड़ देखी गई, जिसमें ज्यादातर छात्रों के माता-पिता गेट पर इकट्ठे हुए हैं। माता-पिता में से एक ने कहा कि उन्हें स्कूल से मैसेज मिला है कि अपने बच्चों को घर ले जाएं।

पहले भी मिल चुकी है धमकी

यह पहली बार नहीं है जब स्कूल प्रशासन को बम की धमकी मिली है। पिछले साल नवंबर में, एडमिन को एक अज्ञात शख्स से इसी तरह का ईमेल आया था। हालांकि, जांच में पता चला था कि वह एक फर्जी ईमेल था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी चंदन चौधरी बताया कि उनकी टीमें बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर हैं।

ईमेल के जरिये मिली स्कूल को बम की धमकी

स्कूल में बम रखे जाने की धमकी वाला ईमेल आज सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर मिला था। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। इसके तुरंत बाद दिल्ली पुलिस के जवान, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची। स्कूल को खाली कराया गया और परिसर की पूरी तलाशी ली गई, लेकिन कोई बम नहीं मिला है। स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि इस हरकत के पीछे कुछ शरारती बच्चों का हाथ हो सकता है।

पूरी तरह खाली कराया गया स्कूल

बम होने की धमकी मिलने के बाद से ही अभिभावकों में दहशत फैल गई। स्कूल की तरफ से उन्हें मैसेज भेजा गया कि कुछ अप्रत्याशित सुरक्षा कारणों से स्कूल जल्दी बंद करना पड़ रहा है। पूरी जांच के बाद स्कूल गुरुवार को फिर से शुरू किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि सभी को परिसर से बाहर निकाल लिया गया है।

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अमृतपाल सिंह का ख़ास पप्पलप्रीत सिंह गिरफ़्तार , बैसाखी से पहले पुरे पंजाब में चौकसी

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की तलाश में जुटी पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. दिल्ली और पंजाब पुलिस के एक जॉइंट ऑपरेशन ने अमृतपाल सिंह के करीबी पप्पलप्रीत को अमृतसर रूरल से गिरफ्तार कर लिया है . पप्पलप्रीत सिंह 18 मार्च के बाद से लगातार फरार चल रहा था। अमृतपाल का सलाहकार है . कुछ दिन पहले अमृतपाल के साथ साये की तरह रह रहा था . पुलिस उस पर NSA लगाने वाली है .अभी के लिए उसे असम के डिब्रूगढ़ ले जाया जा रहा है .

सोशल मीडिया पर  सीसीटीवी फुटेज

पंजाब पुलिस आईजीपी सुखचैन सिंह गिल ने बताया की अमृतपाल के करीबी पप्पलप्रीत सिंह अमृतसर के काठू नांगल इलाके से पकड़ा गया है . अप्रैल की शुरुआत में सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज में अमृतपाल  के करीबी पप्पलप्रीत सिंह को कथित तौर पर देखा गया था . पप्पलप्रीत सिंह को होशियारपुर के तनौली गांव के पास डेरा में देखा गया था .

हालाँकि पंजाब पुलिस ने बैसाखी के दौरान अमृतपाल के सरेंडर करने के अफवाहों से पहले पुरे पंजाब में चौकसी बढ़ा दी है . पप्पलप्रीत सिंह की गिरफ़्तारी पुलिस को अमृतपाल सिंह के करीब ले जाने में मददगार होगी .

कौन है अमृतपाल सिंह? 

अमृतपाल ‘वारिस पंजाब दे’संगठन का चीफ है. वह अलग देश खालिस्तान की मांग कर रहा है. वह कुछ दिन पहले ही दुबई से लौटा है. वारिस पंजाब दे संगठन को पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू ने बनाया था. दीप सिद्धू की मौत के बाद अमृतपाल ने इसपर कब्जा कर लिया. उसने भारत आकर संगठन में  लोगों को जोड़ना शुरू किया. अमृतपाल का ISI लिंक बताया जा रहा है.पंजाब पुलिस ने 18 मार्च को अमृतपाल और उसके करीबियों पर बड़ा एक्शन लिया. इस दौरान उसके सैकड़ों समर्थक और करीबी गिरफ्तार किए गए. लेकिन अमृतपाल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था. इसके बाद से पुलिस को उसकी तलाश है.

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जमशेदपुर में आगजनी और पत्थरबाज़ी ,धार्मिक झंडे को लेकर दंगा

झारखंड के जमशेदपुर के शास्त्रीनगर में धार्मिक झंडे के अपमान को लेकर रविवार (9 अप्रैल) को एक बार फिर दो गुट आमने सामने आए. इस दौरान पत्थरबाजी और आगजनी भी हुई. दोनों गुटों की ओर से धार्मिक नारेबाजी भी की गई है.सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंची. देर रात तक पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया.

पुलिस अधिकारीयों के मुताबिक घटना के बाद इलाके में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी. घटना के दौरान हिंसक भीड़ ने बहुत उत्पात मचाया ,दो दुकानों और एक ऑटो-रिक्शा को आग लगा दी. उन्होंने बताया कि पथराव में छह लोग घायल हुए.पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।उप-संभागीय अधिकारी (धलभूम) पीयूष सिन्हा ने कहा कि “दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है.”

रामनवमी पर भी हुई थी हिंसा

इससे पहले रामनवमी पर झारखंड के जमशेदपुर के हल्दीपोखर इलाके में दो गुटों के बीच झड़प हुई थी. एक समूह की ओर से जुलूस का विरोध किए जाने के बाद यहां रामनवमी विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव किया गया. दूसरे समूह ने फिर ‘हनुमान चालीसा’ पाठ का आयोजन किया था. इस दौरान हुई आगजनी में लगभग पांच लोग घायल हो गए थे. रामनवमी समारोह के दौरान पश्चिम बंगाल के हावड़ा और बिहार के सासाराम और नालंदा से हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं.

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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की कार को ट्रक ने मारी टक्कर ,काफिले में मची अफरातफरी

जम्मू कश्मीर में श्रीनगर हाईवे पर शनिवार शाम केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है | उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी गनीमत रही कि इस घटना में रिजिजू बाल-बाल बच गए। मौके पर पहुंची जम्मू कश्मीर पुलिस के मुताबिक इस हादसे में किसी को चोट नहीं आई है और केंद्रीय कानून मंत्री भी ठीक है।

 स्थानीय पुलिस टीम ने की शुरू जांच

बताया जा रहा है कि किरेन रिजिजू सड़क के रास्ते जम्मू से श्रीनगर जा रहे थे बनिहाल के पास उनके वाहन ने आगे जा रहे एक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया और इसी दौरान टक्कर हो गई वहीं इस हादसे में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है | सूचना पाकर मौके पर स्थानीय पुलिस पहुंची | हालाँकि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला | मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच शुरू कर दी है |

केंद्रीय मंत्री की कार के हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है | इस वीडियो में सुरक्षा कर्मी केंद्रीय मंत्री रिजिजू को कार से निकलकर दूसरी गाड़ी की तरफ ले जाते दिख रहे हैं | वहीँ रिजिजू के काफिले में अफरातफरी भी नज़र आ रही है |

रिजिजू ने ट्वीट कर यात्रा की जानकारी दी

इस हादसे से कुछ देर पहले ही किरेन रिजिजू ने एक ट्वीट कर अपनी यात्रा की जानकारी दी थी, उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि मैं जम्मू से अब उधमपुर जा रहा हूं. वहां लीगल सर्विस कैंप में शामिल होना है, इस कार्यक्रम में मेरे अलावा कई जज और NALSA की टीम भी शामिल होगी, फिलहाल तो इस सफर में बेहतरीन सड़क का भी आनंद ले रहा हूं।

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मुंबई पुलिस कंट्रोल को एक अज्ञात शख्स ने कॉल कर इस बात का दावा किया कि दुबई से शुक्रवार (7 अप्रैल) को तीन आतंकी मुंबई आए थे। इन आतंकियों का कनेक्शन पाकिस्तान से है। इतना ही नहीं कॉलर ने पुलिस को एक का नाम मुजीब सैय्यद बताया और उसका मोबाईल नंबर और गाड़ी का नंबर भी पुलिस को दिया। सूत्रों ने बताया कि कॉलर का नाम राजा ठोंगे है जिसने कंट्रोल रूम को कॉल किया था। पुलिस इस कॉल के बाद अलर्ट मोड पर आ गई है।

इससे पहले भी मिल चुकी है ऐसी जानकारी

पुलिस कंट्रोल को इससे पहले पिछले महीने ही 1 मार्च देर रात 11 बजे एक अज्ञात शख्स ने कॉल कर मुंबई के कुर्ला (पश्चिम) में धमाका होने की बात कही थी। फोन करने वाले शख्स ने कहा था कि अगले 10 मिनट में कुर्ला में धमाका होगा और ऐसा कहकर उसने फोन कट कर दिया था। फोन कॉल को तुरंत बाद ही पुलिस ने समय जाया न करते हुए जांच के लिए टीम लगा दी थी। हालांकि, घंटों की जांच के बाद पुलिस को वहां से किसी भी तरह की संदेहास्पद चीज नहीं मिली।

मुंबई पुलिस अलर्ट पर

मुंबई पुलिस को भले ही इस तरह के कॉल पहले भी आ चुके हों, लेकिन पुलिस एक भी कॉल पर लापरवाही नहीं बरत सकती है। इसलिए इस बार भी पुलिस अधिकारियों से सभी को अलर्ट पर रहने के लिए कहा है और इलाके में छानबीन के भी निर्देश दिए गए हैं। अगर इस सूचना को गलत पाया गया या किसी तरह का मजाक होगा तो कॉल करने वाले के खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। इससे पहले नागपुर के दो अस्पतालों इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और मनकापुर के मेंटल हॉस्पिटल को भी पिछले महीने बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।

समुद्र के रास्ते मुंबई में आये थे आतंकवादी

गौरतलब है कि मुंबई में इसी तरह से समुद्र के रास्ते पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने 26 नवंबर, 2008 को हमला कर दिया था और यह हमला 29 नवंबर को रुका। इस दौरान 166 लोगों की जान गई और 300 लोग घायल हुए थे। भारतीय सुरक्षा बलों ने नौ आतंकवादियों को मार गिराया था। जिसमे सिर्फ अजमल कसाब इकलौता आतंकवादी था। जिसे जिंदा पकड़ा गया और उसे 21 नवंबर 2012 को फांसी दे दी गई।

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तेलंगाना को मिली दूसरी वंदे भारत ट्रेन , सौगात की आड़ में निशाना राज्य सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (8 अप्रैल ) को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद पहुंचे, जहां राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन और अन्य गणमान्य लोगों ने उनका स्वागत किया है। पीएम ने आज तेलंगाना में 11,360 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया | पीएम ने तीन महीने की छोटी अवधि के भीतर तेलंगाना को वंदे भारत ट्रेन दी है|

पीएम मोदी ने हैदराबाद में सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। बता दें कि ये देश की 13वीं वंदे भारत ट्रेन है। यह ट्रेन सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन आईटी सिटी, हैदराबाद को भगवान वेंकटेश्वर के निवास स्थान तिरुपति से जोड़ती है। यह तीन महीने की छोटी अवधि के भीतर तेलंगाना से शुरू की जाने वाली दूसरी वंदे भारत ट्रेन है। बता दें कि ये ट्रेन दोनों शहरों के बीच की यात्रा के समय को लगभग साढ़े तीन घंटे कम कर देगी और तीर्थयात्रियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी।

एम्स बीबीनगर का किया शिलान्यास

हैदराबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स बीबीनगर का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और अन्य विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।

पीएम मोदी ने विपक्ष को घेरा

शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने विपक्ष को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने तेलंगाना सरकार से सहयोग न मिलने की बात कही | पीएम मोदी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की सरकार पर केंद्र के विकास कार्यों पर रोक लगाने और परिवारवाद की राजनीति करने के आरोप लगाए | उन्होंने राज्य सरकार से मिल रहे असहयोग को लेकर दुःख जताया | इस दौरान पीएम ने ये भी कहा कि “मुझे गाली दो, बीजेपी को गाली दो, लेकिन अगर तुम तेलंगाना के लोगों को गाली दोगे तो तुम्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी|”

इसी के साथ पीएम ने कहा कि विपक्षी दल गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें एजेंसियों द्वारा उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच का डर है | पीएम मोदी ने राज्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार के डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन भुगतान पर जोर देने से भ्रष्टाचार में काफी कमी आई है क्योंकि ऐसे लेन देन को ट्रैक किया जा सकता है |

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असमर्थ कैदियों को जमानत देगी सरकार , शुरू करेगी स्कीम

देश के विभिन्न जेलों में कैदियों के लिए मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मोदी सर्कार अब एक स्कीम शुरू करने जा रही है जिसका मकसद जेलों में कैदियों की संख्या काम करना है | गृह मंत्रालय ने इसी उम्मीद के तहत जेलों में बंद गरीब लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक विशेष योजना शुरू करने का फैसला किया है। यह स्कीम उन कैदियों के लिए है जो जुर्माना या जमानत राशि देने में असमर्थ होने के कारण जेलों में बंद हैं |

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, “इससे गरीब कैदी, जिनमें से अधिकांश सामाजिक रूप से वंचित या निम्न शिक्षा और आय स्तर वाले समूहों से संबंधित हैं, जेल से बाहर निकल सकेंगे।” बयान के मुताबिक, योजना का लाभ गरीब कैदियों तक पहुंचे, इसके लिए तकनीक आधारित समाधान तैयार किए जाएंगे, ई-प्रिजन प्लेटफॉर्म को मजबूत किया जाएगा और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को मजबूत किया जाएगा।

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असमर्थ कैदियों के लिए केंद्र सरकार की स्कीम

गृह मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय समय-समय पर जेलों में विचाराधीन कैदियों के मुद्दे को हल करने के लिए कई कदम उठा रहा है | इनमें दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) में धारा 436ए को शामिल करना, सीआरपीसी में एक नया अध्याय XXIA ‘प्ली बार्गेनिंग’ (Plea Bargaining) को शामिल करना भी शामिल है | गृह मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर कानूनी सेवा प्राधिकरण (Legal Services Authority) के जरिये गरीब कैदियों को मुफ्त कानूनी सहायता दी जा रही है |

योजना का लाभ गरीब कैदियों तक पहुंचे, इसके लिए तकनीक आधारित समाधान तैयार किए जाएंगे, ई-प्रिजन प्लेटफॉर्म को मजबूत किया जाएगा और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा हितधारकों को संवेदनशील बनाया जाएगा और क्षमता पर जोर दिया जाएगा।

वित्त मंत्री की घोषणा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल अपने बजट भाषण में उन गरीब कैदियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की थी, जो अपने दंड या जमानत राशि को वहन करने में असमर्थ हैं।

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फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली देश की चौथी राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान सुखोई फाइटर जेट में उड़ान भरी असम के तेजपुर एयर बेस से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-30 एमआईके लड़ाकू विमान में को-पायलट की सीट पर बैठकर उड़ान को पूरा किया। इससे पहले तेजपुर वायु सेना स्टेशन पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। राष्ट्रपति मुर्मू इस तरह की उड़ान भरने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। इससे पहले प्रतिभा देवी पाटिल ने ऐतिहासक उड़ान भरी थी। द्रौपदी मुर्मू के असम दौरे का आज आखिरी दिन है। वे 6 अप्रैल से असम के दौरे पर हैं।

गज उत्सव-2023 का उद्घाटन

इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने कल काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में गज उत्सव-2023 का उद्घाटन किया और बाद में गुवाहाटी में माउंट कंचनजंगा अभियान-2023 को झंडी दिखाकर रवाना किया। राष्ट्रपति मुर्मू गुवाहाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट के 75 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह में भी शामिल हुईं।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रकृति और मानवता के बीच पवित्र रिश्ता होता है। जो कार्य प्रकृति और पशु-पक्षियों के लिए हितकारी है, वह मानवता के भी हित में है। धरती माता के हित में भी है। इससे पूर्व उन्होंने कांजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में हाथी को खाना खिलाया और जीप सफारी का लुत्फ लिया। राष्ट्रपति ने हाथियों के साथ दया का व्यवहार करने, उनके गलियारों को अवरोधों से मुक्त रखने का आग्रह किया ताकि उनकी आवाजाही आसान हो सके।

दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं द्रौपदी मुर्मु

सुखोई विमान को 106 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन नवीन कुमार ने उड़ाया था। राष्ट्रपति मुर्मु लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। राष्ट्रपति भवन ने बताया कि राष्ट्रपति को विमान और भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं के बारे में भी जानकारी दी गई है। उन्होंने भारतीय वायुसेना की परिचालन तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया।

राष्ट्रपति ने उड़ान भर के दिया दुश्मन देशों को कड़ा संदेश

बता दें कि इस समय चीन से लगी सीमा पर सेना को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। चीन लगातार घुसपैठ की कोशिशें करता रहता है। ऐसे समय में राष्ट्रपति का सुखोई लड़ाकू विमान में उड़ान भरना भारत की तरफ से दुश्मन देशों को एक कड़ा संदेश देना है। बता दें कि तेजपुर एयरफोर्स बेस देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम एयरबेस है।

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अतीक अहमद के पुश्तैनी घर से मिला विवादित पोस्टर, मचा हड़ंकप

उमेश पाल शूटआउट केस की जांच कर रही पुलिस को माफिया अतीक अहमद के चकिया स्थित पुश्तैनी घर से विवादित पोस्टर मिला है। इस मामले में रिमांड पर लिए गए पांचों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस को अतीक के घर में रखे एक रजिस्टर से ये पोस्टर बरामद हुआ है। इस पोस्टर में अतीक की तस्वीर छपी हुई है, जिस पर लिखा है, ‘रात कितनी भी काली हो, सवेरा जरूर होता है।’ इस पोस्टर का मतलब साफ है कि अतीक के गुर्गों को अब भी नए सवेरे की उम्मीद है।

अतीक अहमद के 5 गुर्गों को किया गिरफ्तार

प्रयागराज पुलिस ने धूमनगंज के जयरामपुर से माफिया अतीक अहमद के 5 गुर्गों को गिरफ्तार किया था। 6 घंटे की कस्टडी रिमांड लेकर पुलिस ने अतीक अहमद के चकिया स्थित पुश्तैनी आवास पर छापेमारी की थी। जिसके बाद पुलिस को ये पोस्टर मिला है। इस पोस्टर के मिलने के बाद हड़कंप मच गया है, जांच एजेंसिया इस पोस्टर को लेकर तहकीकात कर रही हैं। पोस्टर से साफ है कि अतीक के गुर्गों को उम्मीद है कि उसका अपराध का साम्राज्य फिर से स्थापित होगा और अब ये साम्राज्य अतीक अहमद खुद चलाएगा या उसका बेटा असद चलाएगा।

अतीक अहमद के पोस्टरों की छानबीन में जुटी पुलिस

वैसे आपको बताते चले कि अतीक अहमद के वारिस के रूप में उमेश पाल शूट आउट से उसके बेटे असद की ताजपोशी हुई है। इस पोस्टर के मिलने के बाद पुलिस ने करेली के कई प्रिंटिंग प्रेस पर छापेमारी की है। पुलिस ये जानने की कोशिश में जुटी है कि ये पोस्टर किस प्रिंटिग प्रेस में छापा गया है, हालांकि ये पोस्टर साल 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान के होने का शक भी जताया जा रहा है। अतीक अहमद ने ये चुनाव जेल से ही लड़ा था, उस वक्त भी ऐसे ही पोस्टर लगाए गए थे।

अतीक की बहन आयशा नूरी को भी बनाया आरोपी

वहीं, अतीक की बहन आयशा नूरी को भी उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी बनाया गया है। पुलिस की जांच में शूटर्स को फरार कराने में नूरी की भूमिका सामने आई है। अब पुलिस आयशा नूरी की गिरफ्तारी की कोशिशों में जुट गई हैं। बता दें कि आयशा नूरी के पति डॉक्टर अखलाक को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद बमबाज गुड्डू मुस्लिम अखलाक के मेरठ स्थित घर पर पहुंचा था।

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देश में कोरोना विस्फोट, 24 घंटे में मिले 6,155 मरीज साथ ही 11 मरीजों की हुई मौत

भारत में शनिवार को 6,155 कोरोना के नए मरीज मिले हैं, जो शुक्रवार के 6,050 संक्रमणों से ज्यादा हैं। इसके साथ, भारत में कोरोना वायरस मामलों की कुल संख्या 4,47,51,259 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में 31,194 सक्रिय मामले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस के कारण 11 मौतें भी हुईं हैं। कोविड-19 से संबंधित मौतों की कुल संख्या अब बढ़कर 5,30,954 हो गई है। रॉयटर्स ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से आपातकालीन हॉटस्पॉट की पहचान करने और परीक्षण करने के लिए कहा है।

केंद्र ने राज्यों के साथ की बैठक

कोविड-19 के बढ़ते मामलों के चलते केंद्र की मोदी सरकार भी एक्टिव मोड में है। बीते दिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ कोरोना वायरस के रोकथाम को लेकर कदम उठाने के लिए बैठक की। बैठक में कोरोना को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई और 10 और 11 अप्रैल को अस्पतालों में कोरोना मॉक ड्रिल करने का फैसला लिया गया।

कोरोना के एक्टिव केस 31000 के पार

कोविड-19 के एक्टिव केसों में बीते कई दिनों से लगातार इजाफा देखने को मिला। आज के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, एक्टिव केस 31,194 हो गए हैं। सक्रिय मामलों में कुल संक्रमणों का 0.07 प्रतिशत शामिल है। मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक कोविड-19 टीके की 220.66 करोड़ डोज दी जा चुकी है।

कोरोना से मौतों की संख्या हुई वृद्धि

स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना के कुल मामले अब 4.47 करोड़ (4,47,51,259) हो गए हैं। वहीं, बीते दिन 11 मौतों के साथ मरने वालों की संख्या 5,30,954 हो गई। जिसमें सुबह 8 बजे के अपडेट के तहत केरल के दो लोग शामिल हैं।

कोरोना से ठीक होने वाले मरीज़ो में भी हुआ इजाफा

कोरोना से ठीक होने वालों की बात करें तो उसकी संख्या भी बढ़कर 4,41,89,111 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत दर्ज की गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कोविड -19 की रिकवरी दर 98.74 प्रतिशत है। कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के साथ महाराष्ट्र, दिल्ली और केरल में मौत के मामले भी सामने आए हैं।

राज्य जीनोम परीक्षण में तेजी लाए – स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया

स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एक बैठक में राज्यों को जीनोम परीक्षण में तेजी लाने और अस्पतालों में मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में नए कोविड-19 संस्करण XBB.1.16 को देखा गया है। जो अब तक के संक्रमण का 38.2 प्रतिशत है। यह देखते हुए कि ओमिक्रॉन और इसके सब वैरिएंट भारत में प्रमुख रूप से फैले हैं। इसलिए संक्रमण दर में वृद्धि देखी जा रही है, विशेष रूप से भारत के पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तरी भागों में। ” भारत के विभिन्न हिस्सों में एक नया उभरा हुआ पुनः संयोजक संस्करण XBB.1.16 देखा गया है, जो अब तक के संक्रमण का 38.2 प्रतिशत है।

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अतीक अहमद और उसके बेटे उमर को राहत नहीं, एक और मामले में आरोप तय

लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण करने और देवरिया जेल में लाकर मारपीट करने, रंगदारी वसूलने के मामले में माफिया अतीक अहमद और उसके बेटे उमर अहमद समेत अन्य आरोपियों पर स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। इन सभी के खिलाफ जालसाजी, रंगदारी मांगने, लूट, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश की धाराओं समेत गंभीर 364a में आरोप तय हुए हैं।

आईपीसी 364a में मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान है। अब मुकदमा ट्रायल पर आ गया है, मामले में जल्द गवाही की प्रक्रिया शुरू होगी। पुलिस उमर को कोर्ट में पेशी के बाद कड़ी सुरक्षा में लखनऊ जेल ले गई। वहीं अतीक अहमदाबाद की साबरमती जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने पेश हुआ।

मोहित जायसवाल के साथ क्या हुआ था ?

लखनऊ निवासी रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल ने 29 दिसंबर, 2018 को एक एफआइआर दर्ज कराई थी, जिसके मुताबिक देवरिया जेल में निरुद्ध अतीक अहमद ने अपने गुर्गों के जरिए गोमती नगर से मोहित का अपहरण करा लिया। तंमचे के बल पर उन्हें देवरिया जेल ले जाया गया, जहां पूर्व सांसद व माफिया अतीक अहमद ने मोहित को एक सादे स्टाम्प पेपर पर दस्तखत करने को कहा।

उन्होंने दस्तखत करने से इनकार किया तो, अतीक ने अपने बेटे उमर व गुर्गों गुफरान, फारुख, गुलाम व इरफान के साथ मिलकर उन्हें बंदूक की बट और लोहे की राड से बेतहाशा पीटा था। उसके बाद जबरन स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर बनवाकर 45 करोड़ की संपत्ति अपने नाम करा ली थी।

अतीक पर दर्ज हो चुके हैं 101 मुकदमे

वर्तमान में कोर्ट में 50 मामले चल रहे हैं, जिनमें एनएसए, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट के डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे हैं। उस पर पहला मुकदमा 1979 में दर्ज हुआ था। इसके बाद जुर्म की दुनिया में अतीक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अतीक अहमद के खिलाफ कुल 101 मुकदमे दर्ज हुए। हत्या, लूट, रंगदारी अपहरण के न जाने कितने मुकदमे उसके खिलाफ दर्ज होते रहे। मुकदमों के साथ ही उसका राजनीतिक रुतबा भी बढ़ता गया।

अतीक के भाई अशरफ की नहीं हो पाई पेशी

वहीं बरेली जेल में बंद माफिया डॉन अतीक अहमद के भाई अशरफ की भी जेल में अवैध तरीके से मुलाकात मामले में बरेली के ही कोर्ट में पेशी होनी थी, लेकिन उसकी तबियत खराब हो गई। कोर्ट ले जाने की प्रक्रिया के दौरान अशरफ का मेडिकल हुआ। इस दौरान अशरफ का बीपी लो पाया गया। बीपी लो होने की वजह से उसे आज कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका । तबीयत खराब होने के चलते अशरफ को कोर्ट ले जाने के लिए आई पुलिस वापस लौट गई।

एनएसए भी लगाया जा चुका है अतीक अहमद पर

1989 में वह पहली बार विधायक हुआ तो जुर्म की दुनिया में उसका दखल कई जिलों तक हो गया। 1992 में पहली बार उसके गैंग को आईएस 227 के रूप में सूचीबद्ध करते हुए पुलिस ने अतीक को इस गिरोह का सरगना घोषित कर दिया। 1993 में लखनऊ में गेस्ट हाउस कांड ने अतीक को काफी कुख्यात किया। गैंगस्टर एक्ट के साथ ही उसके खिलाफ कई बार गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी की गई। एक बार तो उस पर एनएसए भी लगाया जा चुका है।

तिहाड़ जेल में शिफ्ट हो सकता है अतीक अहमद

उमेश पाल अपहरण केस में माफिया अतीक अहमद सश्रम आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। खबर ये भी थी कि अतीक अहमद को अब साबरमती जेल से जल्द ही ट्रांसफर किया जा सकता है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उसकी जेल बदली जा सकती है। अतीक अहमद को गुजरात की साबरमती जेल से हटाकर अब जल्द ही दिल्ली के तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया जा सकता है।

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आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम किरण रेड्डी बीजेपी में शामिल, पहले भी दे चुके है इस्तीफा

अविभाजित आंध्र प्रदेश के आखिरी सीएम किरण कुमार रेड्डी ने आज (7 अप्रैल) को बीजेपी ज्वाइन कर ली है। आज के इस घटनाक्रम से कुछ दिन पहले ही कांग्रेस के नेता रहे रेड्डी ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर अपना त्यागपत्र भेज दिया था। पार्टी ज्वाइन करने के तुरंत बाद बीजेपी हेडक्वार्टर में प्रेस को संबोधित करते हुए किरण ने कहा, कांग्रेस लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है और आलाकमान के गलत फैसलों की वजह से पार्टी राज्य दर राज्य टूट रही है। यह एक राज्य की बात नहीं लगभग-लगभग सभी राज्यों का यही हाल है।

कांग्रेस आलाकमान पर साधा निशाना

पूर्व कांग्रेस नेता पूर्व मुख्यमंत्री किरण रेड्डी ने दिल्ली में भाजपा ज्वाइन करने के बाद कांग्रेस आलाकमान पर हमला बोला। उन्होंने इशारो-इशारों में कहा कि कांग्रेस के बड़े नेता उनकी नहीं सुनते थे। रेड्डी ने कहा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे कांग्रेस छोड़नी पड़ेगी। उन्होंने राहुल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक कहावत है- ‘मेरा राजा बहुत बुद्धिमान है, वह अपने बारे में नहीं सोचता, किसी की सलाह नहीं सुनता।

पूर्व सीएम किरण रेड्डी इससे पहले भी दे चुके हैं इस्तीफा

हालांकि ये पहली बार नहीं था जब पूर्व सीएम किरण रेड्डी ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। इससे पहले भी उन्होंने 2014 में तत्कालीन यूपीए सरकार के आंध्र प्रदेश को विभाजित करने और तेलंगाना को अलग करने के फैसले के विरोध में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। फैसले का विरोध इस कदर था कि उन्होंने इस्तीफा देने के तुरंत बाद अपनी खुद की पार्टी ‘जय समैक्य आंध्र’ बनाई। लेकिन 2014 के चुनावों में पार्टी ठीक प्रदर्शन नहीं कर सकी और बाद के सालों में रेड्डी ने फिर से कांग्रेस ज्वाइन कर ली। हालांकि, आज उन्होंने आधिकारिक रूप से बीजेपी ज्वाइन कर ली है, आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी उनको राज्य ईकाई में क्या भूमिका देती है।

पीएम मोदी से प्रभावित है पूर्व सीएम किरण रेड्डी

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस मौके पर कहा कि किरण रेड्डी के परिवार के कई सदस्य कांग्रेस में थे। कुछ समय पहले जब मैं उनसे मिला तो उन्होंने मुझे बताया कि वह पीएम मोदी से प्रभावित हैं, इसलिए वह आज बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किरण भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत करेंगे क्योंकि एक विधायक और मंत्री के रूप में उनकी छवि बहुत साफ रही है।

पिता की मौत के बाद बने थे मुख्यमंत्री

किरण रेड्डी अपने पिता और आंध्र के पूर्व पीएम राजशेखर रेड्डी की 2009 में मौत के बाद राज्य के सीएम बने थे। अविभाजित आंध्र प्रदेश में 2010 में उस दौरान राजनीतिक घटनाक्रम पैदा हुआ था, जिसके चलते उन्होंने राज्य की कमान अपने हाथों में ली थी। बता दें कि किरण रेड्डी के राजनीति करियर की शुरुआत 1989 में हुई थी। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर ही वायलपाडु से जीत दर्ज की थी।

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कोरोना के मामले 13 फीसदी बढ़े, एक्टिव केस के मामले 28 हजार के पार

भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 6050 नए मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की शुक्रवार को जारी रोजाना रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। नए मामलों में वृद्धि के साथ ही एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 28,303 पहुंच गई है। नए मामलों में वृद्धि के साथ ही एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 28,303 पहुंच गई है। बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के मामलों में 13 फीसदी का उछाल देखा गया है। इसके पहले गुरुवार को 5,335 नए कोरोना मामले सामने आए थे।

एक दिन में सामने आए 5,335 नए मामले

बता दें कि देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 5,335 नए मामले आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,47,39,054 हो गई है। पिछले 195 दिन में सामने आए ये सर्वाधिक दैनिक मामले हैं। वहीं, एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 28,303 पर पहुंच गई है।

कोरोना से हुई 14 मरीजों की हुई मौत

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, इस दौरान देश में कोरोना वायरस से 14 लोगों की मौत हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,30,943 हो गई है। महाराष्ट्र से तीन, कर्नाटक और राजस्थान से दो-दो, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और पंजाब से एक-एक और केरल से एक मरीज की मौत हुई है। इस दौरान दैनिक सकारात्मकता दर 3.39 फीसदी और साप्ताहिक सकारात्मकता दर 3.02 फीसदी दर्ज की गई है।

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भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे मौत मामले में सिंगर समर सिंह को पुलिस ने दबोचा

भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे के सुसाइड मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। एक्ट्रेस के सुसाइड मामले का मुख्य आरोपी भोजपुरी सिंगर समर सिंह को थाना नंदग्राम इलाके के चार्म्स क्रिस्टल सोसायटी राजनगर एक्सटेंशन से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गाजियाबाद एसपी सिटी ने बताया कि रात 12 बजे समर सिंह की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने बताया कि नन्दग्राम थाना इलाके की एक सोसाइटी में समर सिंह छिपा हुआ था। भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा की मां मधु दुबे ने सीएम योगी से की न्याय की गुहार लगाई थी।

पुलिस की गिरफ्त में समर सिंह

समर सिंह एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे की मौत के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई तेजी से कर रही है। आकांक्षा की मां ने समर पर उनकी बेटी को ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। 26 मार्च को वाराणसी के एक होटल में आकांक्षा दुबे को मृत पाया गया था। रिपोर्ट्स बताती हैं कि आकांक्षा भोजपुरी सिंगर समर सिंह के साथ रिलेशनशिप में थीं।

आकांक्षा दुबे की मां के गंभीर आरोप

भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा की मां का आरोप है कि समर सिंह के सपा नेताओं से करीबी रिश्ते की वजह से पुलिस लचर रवैया अपना रही है। उन्होंने बताया कि सपा नेता शिवपाल सिंह के साथ समर की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। आकांक्षा दुबे का शव सारनाथ के एक होटल में पंखे से लटका मिला था। आकांक्षा के परिवार ने एक्ट्रेस की मौत की सीबीआई जांच की मांग की है।

आकांक्षा दुबे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट

आकांक्षा दुबे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक्ट्रेस के शराब पीने के सबूत नहीं मिले हैं। एक्ट्रेस आकांक्षा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा हुआ है कि उसके पेट में भूरे रंग का कोई लिक्विड मिला है। इस रिपोर्ट में आकांक्षा की कलाई पर जख्म के कुछ निशान मिले हैं। बता दें कि आकांक्षा की मां ने समर सिंह और उनके भाई संजय सिंह के खिलाफ एक्ट्रेस को आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया है।

बीते दिनों आकांक्षा दुबे की मां ने पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन से मुलाकात की थी। आकांक्षा दुबे भोजपुरी एक्ट्रेस होने के साथ-साथ सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर भी थीं, इंस्टाग्राम पर आकांक्षा को 1 मिलियन से ज्यादा लोग फॉलो करते थे।

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