Monday, April 6, 2026
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एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने किया दो कार्यकारी अध्यक्षों का किया ऐलान

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में पिछले महीने शरद पवार की ओर से पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद जो भूचाल आया था, वह उनके इस्तीफा वापस लेने के बाद ही थमा था। हालांकि, इससे पार्टी में अंदरूनी हितों से जुड़े मुद्दे खुलकर सतह पर आ गए थे। इस बीच एनसीपी में संगठन में बड़े बदलाव किए गए हैं। एनसीपी प्रमुख शरद पवार की ओर से एनसीपी में अब दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं। इनमें शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले का नाम भी शामिल है। वहीं, दूसरा नाम प्रफुल्ल पटेल का है।

विपक्षी एकता पर पवार बोले- साथ आना होगा

इस दौरान एनसीपी प्रमुख शरद पवार 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्षी एकता पर जोर देते हुए कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों को साथ आना होगा। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि इस देश की जनता हमारी मदद करेगी। 23 जून को हम सभी बिहार में मिल रहे हैं। चर्चा कर एक कार्यक्रम लेकर आएंगे और देश भर में यात्रा कर इसे लोगों के सामने पेश करेंगे।”

अजित पवार के सवाल पर क्या बोले छगन भुजबल ?

शरद पवार की इस घोषणा पर एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा, “पार्टी के दो प्रमुख नेताओं सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, इससे पार्टी को महाराष्ट्र में मजबूती मिलेगी। ये कुछ नया नहीं है। कांग्रेस और बीजेपी भी ऐसा करती आई है। इन्हें सिर्फ कार्यकारी अध्यक्ष ही नहीं बनाया है, बल्कि उस जिम्मेदारी को निभाने के लिए दोनों नेता तैयार हैं।” अजित पवार के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके पास पहले ही बड़ी जिम्मेदारी है। वे महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, जिसे वो अच्छे से निभा रहे हैं।

हाल ही में शरद पवार ने इस्तीफा लिया है वापस

हाल ही में शरद पवार ने एनसीपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर अपने फैसले को वापस ले लिया था। ऐसे वे आगे भी एनसीपी के अध्यक्ष बने रहेंगे। पवार ने कहा था कि लोगों ने विनती की कि मैं पद पर वापस आऊं। पवार ने कहा कि मैंने इस्तीफे की बात किताब विमोचन के दिन कहा था। उन्होंने कहा कि 2 मई को लोक माझे सांगाती के प्रकाशन के दौरान मैंने एनसीपी के अध्यक्ष पद से निवृत होने का निर्णय जाहिर किया था।

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लिव-इन पार्टनर को अपना चाचा बताती थी सरस्वती, दोस्त ने किया अहम खुलासा

महाराष्ट्र के ठाणे में हुए लिव-इन पार्टनर हत्याकांड में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। सरस्वती वैद्य की हत्या के आरोपी मनोज साने ने पुलिस को बताया था कि वो एचआईवी पॉजिटिव है। मनोज ने पूछताछ में ये भी बताया कि उसने सरस्वती की हत्या नहीं की है, बल्कि उसने तीन जून को ही खुदकुशी कर ली थी। पुलिस आरोपी मनोज से पूछताछ कर रही है।

बता दें कि 56 वर्षीय मनोज साने पर अपनी लिव-इन पार्टनर 36 वर्षीय सरस्वती वैद्य की हत्या का आरोप है। दोनों पिछले कुछ सालों से मीरा रोड के नया नगर क्षेत्र में स्थित गीता आकाशदीप बिल्डिंग में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों से मनोज के फ्लैट से बदबू आ रही थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस फ्लैट में घुसी तब इस हत्याकांड का खुलासा हुआ।

मनोज साने ने सरस्वती की लाश के कई टुकड़े किए हुए थे। लाश को वो ठिकाने नहीं लगा पाया तो उसने इन्हें कुकर में उबाल दिया। इसके बाद मिक्सी में पीसा। पुलिस ने घर के बर्तनों में सरस्वती की लाश के अलग-अलग हिस्से बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की छानबीन के बीच अहम जानकारी हाथ लगी है।

सरस्वती ने खुदकुशी की – मनोज साने

इससे पहले, मनोज ने बताया कि उसने सरस्वती की हत्या नहीं की, बल्कि सरस्वती ने 3 जून को खुदकुशी कर ली थी। सरस्वती की मौत के बाद वह डर गया था कि उस पर उसकी हत्या का आरोप लगाया जाएगा, इसलिए उसने उसके शरीर को ठिकाने लगाने का फैसला किया। मनोज ने पुलिस को ये भी बताया है कि वह एचआईवी+ है।

सरस्वती की दोस्त का बड़ा खुलासा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरस्वती अनाथ थी और वो अनाथालय में रहती थी। सरस्वती की अनाथालय की दोस्त ने पुलिस के सामने बड़ा खुलासा किया है। सरस्वती की दोस्त भी इस हत्याकांड के बाद हैरान है। उसकी दोस्त ने बताया, ‘सरस्वती ने कहा था कि वो मुंबई में एक फ्लैट में रहती है और सरस्वती की दोस्त ने ये भी बताया कि उसने हमें बताया था कि वो अपने चाचा के साथ रहती है।

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बीजेपी के सांसदों ने मोहब्बत की दुकान को लेकर राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी

बीजेपी के सांसदों ने राहुल गांधी को एक चिट्ठी लिखी है। ये चिट्ठी मोहब्बत की दुकान को लेकर लिखी गई है। चिट्ठी बीजेपी के 3 सांसद राज्यवर्धन राठौर, पूनम महाजन और प्रवेश साहिब सिंह ने लिखा है। चिट्ठी में सांसदों ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। सांसदों ने लिखा कि आपकी मोहब्बत की दुकान के बारे में सुनकर अच्छा लगा। सचमुच मोहब्बत में परस्पर जोड़ने सशक्त बना सकते हैं।

सांसदों ने आगे लिखा कि अमेरिका में आपने इस मोहब्बत की दुकान से अपनी मातृभूमि और देश के लिए जी भरकर नफरत फैलाई है। वैसे नफरत फैलाना आपके परिवार और आपकी पार्टी के लिए कोई नई बात नहीं। अगर आप इतिहास के पन्नों को पलटेंगे तो वे चीख-चीखकर इन किस्सों की गवाही देंगे।

कांग्रेस के राज में सबसे अधिक दंगे – बीजेपी

सांसदों ने आगे कहा कि कांग्रेस के राज में सबसे अधिक दंगे हुए और नफरत की दुकानें सजाई गईं। आपको पहले कांग्रेस राज में हुए नरसंहारों के बारे में भी जरूर जानना चाहिए। वह चाहे पंडित नेहरू हों या आपके पिता राजीव गांधी। सभी ने न सिर्फ हजारों लोगों के कत्लेआम को जायज ठहराया, बल्कि नफरत की आग को और तेजी से भड़काया। आपको याद दिला दें कि आजाद भारत का पहला नरसंहार नेहरू के कार्यकाल में हुआ। 1948 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के बाद महाराष्ट्र में हजारों लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। इसके पीछे पैगाम देने वाले लोग कांग्रेसी ही थे।

कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेताओं को भी नहीं बख्शती – बीजेपी सांसद

सांसदों ने चिट्ठी में लिखा कि आपकी कांग्रेस पार्टी की शुरू से परंपरा रही है कि वे अपने वरिष्ठ नेताओं को भी नहीं बख्शती। नेहरू के दिल में न जानें कैसी मोहब्बत थी कि उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सलाह दी कि वो सरदार वल्लभभाई पटेल के अंतिम संस्कार में न जाएं। सांसदों ने आगे कहा कि आज जैसे कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे हैं, वैसे ही कभी सीताराम केसरी अध्यक्ष हुआ करते थे।

उनको तो कांग्रेस ने बेइंतहा बेईज्जती के साथ कांग्रेस अध्यक्ष पद से बेदखल किया था। कांग्रेसियों ने उनकी धोती तक खोल दी थी और बाथरूम में बंद कर दिया था। आप किस मोहब्बत की बात करते हैं। चिट्ठी में आगे लिखा गया कि राहुल गांधी आपकी और आपकी पार्टी की मोहब्बत की इतनी मिसालें हैं, जिनको लेकर हम तो बस यही कह सकते है-

“हमको नफरत करने से फुरसत न मिली दोस्तो

वरना ये बताते कि मोहब्बत किसको कहते हैं!”

read more : न भोजन मिला न ही बीमारों को इलाज, 71 बच्चों की तड़पकर दर्दनाक मौत

न भोजन मिला न ही बीमारों को इलाज, 71 बच्चों की तड़पकर दर्दनाक मौत

दुनिया 21वीं सदी में है, जहां ट्रेड, टेक्नालॉजी, तरक्की चरम पर है। मगर इस दौरान भी यदि कोई बिना भोजन और इलाज के दम तोड़ दे तो उस देश के साथ ही साथ दुनिया के लिए शर्मिंदगी की बात है। हम आपको एक ऐसी ही सच्ची घटना बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आपका कलेजा फट जाएगा, आपकी आंखों में आंसू आ जाएंगे, आपकी आत्मा कराह उठेगी और दिल दहल जाएगा। घटना हिंसाग्रस्त सूडान के एक अनाथालय की है, जहां बिना भोजन और बिना इलाज के तड़पर 71 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। भूख और बीमारी से हुई इन बच्चों की मौत ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र भी हैरान

भूख और बीमारी से तड़पकर हुई 71 बच्चों की दर्दनाक मौत ने संयुक्त राष्ट्र को भी हैरान कर दिया है। बच्चों को निकालने में मदद करने वाली रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्ररीय समिति (आईसीआरसी) ने कहा कि एक माह से 15 वर्ष की आयु के बच्चों को जाजिरा प्रांत की राजधानी मदनी तक के लिए सुरक्षित गलियारा हासिल करते हुए सेफ स्थान पर ले जाया गया। बच्चों के साथ देखभाल करने वाले 70 लोगों को भी भेजा गया है।

सूडान में आईसीआरसी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख जीन क्रिस्टोफर ने कहा, ‘‘ बच्चों ने उस स्थान पर जहां पिछले छह सप्ताह से लड़ाई चल रही है, उस स्थान पर बेहद कठिन वक्त काटा है।’’ मीडिया की खबर के मुताबिक अनाथालय में जिन बच्चों की भूख और बीमारी से मौत हुई है, उनमें तीन माह के बच्चे भी शामिल हैं।

71 बच्चों की भूख और बीमारी के कारण हुई मौत

रिपोर्ट के अनुसार सूडान में अप्रैल माह से अब तक 71 बच्चों की भूख और बीमारी के कारण मौत हो गई। इस घटना के बाद अनाथालय से कम से कम 300 बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सूडान में सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच देश में चल रही भीषण लड़ाई के मध्य बच्चों की मौत का मामला अल-मैकुमा अनाथालय का है और पिछले माह इसका खुलासा हुआ था।

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) के प्रवक्ता रिकार्डो पिरेस ने कहा, ‘‘ खार्तुम के अल मैकुमा अनाथालय से कम से कम 300 बच्चों को ‘‘सुरक्षित स्थान’’ पर पहुंचाया गया है।’’ उन्होंने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को एक ईमेल के जरिए बताया कि सूडान के सामाजिक विकास मंत्रालय ने बच्चों की जिम्मेदारी संभाली है, वहीं यूनीसेफ ने चिकित्सा सहायता, भोजन, शिक्षण गतिविधि तथा खेल-कूद आदि की जिम्मेदारी ली है।

read more : सीहोर की ‘सृष्टि’ का रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा, घुटन के कारण मासूम ने तोड़ा दम

सीहोर की ‘सृष्टि’ का रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा, घुटन के कारण मासूम ने तोड़ा दम

मध्य प्रदेश के सीहोर में बोरवेल में गिरी ढाई साल की बच्ची सृष्टि का रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। बच्ची को बोरवेल से निकालकर अस्पताल ले जाया गया जहां घुटन के कारण उसकी मौत की पुष्टि हो गई। बता दें कि सीहोर के ग्राम मुंगावली में पिछले 51 घंटों से सृष्टि नाम की बच्ची का रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में जिला प्रशासन की टीमों के अलावा एसडीईआरएफ, एनडीआरएफ और आर्मी के जवान भी लगे हुए थे। बोरवेल से निकालने के बाद सृष्टि को तुरंत सीहोर जिला अस्पातल ले जाया गया।

रोबोटिक एक्सपर्ट्स की टीम भी हुई थी शामिल

बता दें कि सृष्टि को बचाने के लिए जारी अभियान में तीसरे दिन गुरुवार को रोबोटिक एक्सपर्ट्स की एक टीम भी शामिल हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन का आज तीसरा दिन था और बच्ची को बोरवेल में एक पाइप के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, सृष्टि पहले करीब 40 फुट की ऊंचाई पर फंसी हुई थी और बाद में नीचे फिसल कर लगभग 100 फुट की गहराई में फंस गई थी। वह मंगलवार को दोपहर में करीब एक बजे बोरवेल में गिरी थी और तभी से उसे बचाने की कोशिश की जा रही है।

सीएम लगातार कर रहे थे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी

सृष्टि के रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना की एक टीम भी लगी हुई थी जबकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) की टीमें पहले से ही इस काम में जुटी हैं। इसके अलावा 12 अर्थमूविंग और पोकलेन मशीनें भी बचाव अभियान में लगी हुई थीं। सूबे के मुख्यमंत् शिवराज सिंह चौहान और अधिकारियों की एक टीम भी बचाव अभियान की निगरानी के लिए जिला अधिकारियों के संपर्क में थी।

बोरवेल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए थे दिशानिर्देश

बता दें कि 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने खुले छोड़ दिए गए बोरवेल में बच्चों के गिरने की घातक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। अदालत द्वारा 2010 में जारी संशोधित दिशानिर्देशों में निर्माण के दौरान कुएं के चारों ओर कांटेदार तार की बाड़ लगाना, बोरवेल के ऊपर बोल्ट के साथ स्टील प्लेट कवर का उपयोग करना और नीचे से जमीनी स्तर तक बोरवेल को भरना शामिल है। हालांकि इन दिशानिर्देशों के बावजूद लोग लापरवाही करते हैं और यही वजह है कि आए दिन किसी न किसी बच्चे के बोरवेल में गिरने की खबरें सामने आती हैं।

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गैंगस्टर जीवा की पत्नी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, अंतिम संस्कार में शामिल होने की मांगी अनुमति

लखनऊ कोर्ट में मारे गए गैंगस्टर संजीव जीवा की पत्नी पायल माहेश्वरी ने पति की हत्या के बाद आज सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पायल ने पति के अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने की अनुमति और गिरफ्तारी से संरक्षण के लिए अंतरिम राहत की मांग की है। जीवा की पत्नी पायल ने कहा कि पति की तरह मेरी भी हत्या कराई जा सकती है, इसलिए मुझे गिरफ्तार न किया जाए और सुरक्षा दी जाए। पायल ने गिरफ्तारी से राहत की भी मांग की। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले में सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अगर जीवा की पत्नी अंतिम संस्कार में शामिल होती हैं तो उसे कोई आपत्ति नहीं है।

अंतिम संस्कार में शामिल होने पर आपत्ति नहीं – यूपी सरकार

यूपी की योगी सरकार ने पायल को जीवा के अंतिम संस्कार में शामिल होने पर आपत्ति नहीं जताई, लेकिन सरकार ने कोर्ट से कहा कि इसे और कोई राहत न दी जाए। इसके बाद कोर्ट ने पायल को अपनी याचिका की कॉपी यूपी सरकार को देने को कहा है।

हमलावर ने गैंगस्टर जीवा पर बरसाई 6 गोलियां

यूपी की लखनऊ कोर्ट में बीते दिन हमलावर ने गैंगस्टर जीवा पर 6 गोली बरसाकर उसकी हत्या कर दी। हालांकि, एक आरोपी को वकीलों ने घटनास्थल पर ही पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। वहीं, दूसरा आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया। वहां, मौजूद अन्य लोगों के अनुसार हमलावर ने वकील की पोशाक पहन रखी थी और उसने छह गोलियां चलाईं। जीवा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का निवासी था।

आपको बता दे बता दें कि जीवा अपनी पेशी को लेकर कोर्ट जा रहा था। तभी अचानक से 6 गोलियां चलाकर हमलावर ने उसे मार डाला और सभी देखते ही रह गए।

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पुलिस ने तोड़ा फ्लैट का दरवाजा, कमरे में बिखरे मिले युवती के शव के टुकड़े

दिल्ली में हुए श्रद्धा वालकर हत्याकांड से अभी लोग पूरी तरह उभर नहीं पाए थे कि एक और रोंगटे खड़े कर देने वाला नया मामला सामने आ गया। विचलित कर देने वाला मामला महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में देखने को मिला है। मीरा इलाके में एक शख्स ने अपनी लिव-इन पार्टनर का बेरहमी से कत्ल कर दिया। इतना ही नहीं, दरिंदे ने युवती की लाश को धारदार हथियार से कई टुकड़ों में काट दिया। ये शख्स इतने में ही नहीं रुका उसने शव के टूकड़ों को कुकर में भी उबाला। फिलहाल, आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। उससे पूछताछ चल रही है। इस मामले में एक के बाद एक हैरान कर देने वाली रिपोर्ट सामने आ रही है।

फ्लैट से आ रही थी बदबू

बता दें, दिल दहला देने वाला ये मामला मीरा रोड थाने पर स्थित एक सोसाइटी का है। 56 वर्षीय मनोज साहनी अपनी लिव-इन पार्टनर 32 वर्षीय सरस्वती वैद्य के साथ रहता था। सोसाइटी में रहने वाले अन्य लोगों को कुछ दिनों से मनोज के फ्लैट से बदबू आ रही थी। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। लोगों से सूचना मिलते ही नयानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फ्लैट की जांच की। फ्लैट में घुसते ही पुलिस सन्न रह गई।

एक कमरे से मिले कई शव के टुकड़े

बताया जा रहा है कि पुलिस जब दरवाजा तोड़कर फ्लैट के अंदर घुसी तो उसे एक कमरे में सरस्वती के शरीर के कई टुकड़े बिखरे मिले। वहीं, एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को देखते ही साहनी ने भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उसे दबोच लिया। बाद में जब पुलिस फ्लैट के अंदर गई तो देखा कि युवती का कटा हुआ पैर पड़ा था। कहा जा रहा है कि आधे से ज्यादा युवती के शरीर को आरोपी नष्ट कर चुका था।

शव के टुकड़ों को कुत्तों को खिलाया

वहीं, आसपास के लोगों ने बताया कि मनोज को पहले कभी कुत्तों के साथ नहीं देखा था। जबकि कुछ दिनों से वो कुत्तों को रोजाना कुछ न कुछ खिलाता हुआ दिखता था। पुलिस बयान से अंदाजा लगा रही है कि आरोपी ने जरूर शव के टुकड़ों को कुत्तों को खिलाया होगा। वहीं, यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि उसने कुछ टुकड़ों को फ्लश भी किया होगा।

सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग

इस मामले को लेकर अब विपक्ष ने सरकार से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एनसीपी नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने राज्य के गृहमंत्री और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से अपील करते हुए कहा कि इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। जांच एजेंसियों को इस मामले में आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और उसे मौत की सजा देने की कोशिश करनी चाहिए।

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नीतीश की एकता मीटिंग 23 जून को, खरगे, सभी विपक्षी दलों के प्रमुख ने सहमति दी

विपक्षी एकता पर भाजपा विरोधी दलों की बैठक अब 23 जून को बिहार की राजधानी पटना में होगी। इसमें शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खरगे और राहुल गांधी सहित सभी विपक्षी दलों के प्रमुख ने सहमति दे दी है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने 5, देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास में यह जानकारी दी।

जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने बताया कि सभी विपक्षी दलों के नेताओं की सहमति प्राप्त हो गई है। पहले यह बैठक 12 जून को होनी थी। इस तिथि में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और विपक्षी नेताओं को असुविधा हो रही थी। इसलिए तय हुआ है कि 23 जून को पटना में विपक्षी दलों की बैठक होगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी से राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने सहमति दे दी है।

एकता से पहले महागठबंधन में बवाल शुरू,

विपक्षी एकता से पहले महागठबंधन में बवाल शुरू, जीतनराम मांझी बोले- 5 लोकसभा सीट दो नहीं तो हम चले ललन सिंह ने आगे बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमत सोरेन, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, भाकपा के सचिव डी. राजा, माकपा सचिव सीताराम येचुरी, भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने भी 23 जून की बैठक में शामिल होने पर हामी भरी है।

पटना में होने जा रही विपक्षी दलों की अहम बैठक

वहीं सूबे के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि देश के हालात को देखते हुए पटना में अहम बैठक होने जा रही है। यह अच्छी पहल है। विपक्षी एकजुटता सभी का प्रयास है। महागठबंधन की जब सरकार बनी, तब मुख्यमंत्री नीतीशजी और राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालूजी और सभी दलों की एक कोशिश थी कि ज्यादा से ज्यादा विपक्ष और समान विचारधारा वाली पार्टियों को एक साथ जोड़ा जाए। सबको गोलबंद किया जाए और एक साथ बैठा जाए। इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश जी कई जगह खुद गए। मैं भी गया। कई नेताओं के साथ मुलाकात हुई।

अब सबलोग एक प्लेटफार्म में आ रहे हैं। 12 जून को कई नेताओं को असुविधा हो रही थी। इसलिए यह राय बनी की सभी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हों। यह एक अच्छी पहल है। बैठक के बाद एक सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। विपक्षी एकता पर बीजेपी का तंज, पंक्चर गुब्बारे में हवा भर रहे नीतीश, चाय पीने-साथ बैठने से एकजुटता नहीं आती है।

विपक्षी दलों को एक साथ लड़ना होगा चुनाव

2024 में भाजपामुक्त भारत सीट बंटवारे पर उन्होंने कहा कि अभी विपक्षी एकता की बात हो रही है। विपक्ष एक होकर 2024 का चुनाव लड़ेगा। देश में आज की तारीख में अघोषित आपातकाल लागू है। कोई अपनी जुबान से एक शब्द नहीं निकाल सकता है। जो सरकार के खिलाफ आवाज निकालता है तो उसपर ‘तोतों’ (सीबीआई, ईडी) की कार्रवाई शुरू हो जाती है। आज की आवश्यकता है कि भाजपामुक्त देश बने। देश में फिर से लोकतंत्र स्थापित हो। विपक्षी एकता की 23 जून को होने वाली बैठक इसमें अहम भूमिका निभाएगा।

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फंदे पर लटका मिला 10वीं की छात्रा का शव, दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप

10वीं की छात्रा का शव बुधवार शाम उसके घर के अंदर संदिग्ध हालात में फंदे पर लटका मिला। छात्रा के परिवारीजनों ने मोहल्ले में रहने वाले एक किशोर पर दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब वह घर के पास पहुंचे तो उन्होंने आरोपित को भागते देखा था। इंदिरानगर पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ कर रही है।

इंस्पेक्टर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है। गुरुवार को डाक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी में छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। छात्रा की मां के मुताबिक बेटी एक विद्यालय से 10वीं की छात्रा थी। दोपहर वह काम पर गए थे। इस बीच बेटी घर पर अकेली थी। शाम करीब 4:30 बजे लौटे तो घर से निकलकर एक लड़का भाग रहा था।

वह घर पहुंचे तो अंदर फंदे पर बेटी का शव लटक रहा था। उसके कपड़े अस्त-व्यवस्त थे। सूचना पर पुलिस पहुंची ने फंदे से शव को उतारा गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि छात्रा और आरोपित दोनों नाबालिग है। छात्रा के परिवारीजन की तहरीर पर जांच की जा रही है। छात्रा और आरोपित दोनों की फोन पर बात भी होती थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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एमपी में कांग्रेस खेल रही माइंड गेम, भाजपा-संघ के सर्वे पर तैयार हुई चुनावी रणनीति

एमपी में विधानसभा चुनाव के लिए अब कुछ वक्त बचा है। ऐसे में सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस दोनों चुनावी तैयारियों में जुटी हुई नजर आ रही हैं। इसी बीच कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जिक्र करते हुए बड़ा दावा किया है। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि आरएसएस के सर्वे से भाजपा में हाहाकार मचा हुआ है। प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में वापसी कर रही है। जबकि पार्टी और आरएसएस के विभिन्न सर्वे में पार्टी को 60 से भी कम सीटें मिलती हुई दिखाई दे रही हैं।

हाल ही में कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट कर लिखा है कि मध्य प्रदेश में इस साल के आखिर तक विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले कई सर्वे सामने आए हैं, जिनमें प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती नजर आ रही है। साथ ही भाजपा 55 सीटों से भी कम पर सिमट रही है। कांग्रेस के पास 2018 के अपने 15 महीनों का कार्यकाल और कमलनाथ जैसे निर्विवाद और अनुभवी नेता का साथ है। इसे लेकर वह जनता के बीच पहुंच रही है।

मध्य प्रदेश भाजपा में मची खलबली

दरअसल, मध्य प्रदेश में भाजपा पर 18 वर्षों की देनदारियां और सरकार की कई ऐसी अधूरी घोषणाएं हैं, जो गंभीर सत्ता विरोधी लहर (एंटी इनकम्बेंसी) का रूप ले चुकी है। पिछले 5 महीनों में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर छह अलग-अलग सर्वे सामने आए हैं। सभी सर्वे में भाजपा की सीटें लगातार घटती जा रही हैं। इतना ही नहीं, भाजपा के सर्वे में भी पार्टी बुरी तरह से हारती हुई दिख रही है। ये सर्वे आने के बाद से मध्य प्रदेश भाजपा में खलबली मची है और ये सुझाव भी मिला है कि 60 फीसदी भाजपा विधायकों के टिकट काटे जाएं।

पहली बार कांग्रेस में नजर आ रहा है जबरदस्त उत्साह

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के जीत के दावे के कई कारण है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कमलनाथ के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव में भाजपा को पटखनी देने वाली कांग्रेस अब पूरे जोश से मैदान में है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ कहते हैं कि 2018 के चुनाव से पहले मई में प्रदेश अध्यक्ष बना था, नवंबर में चुनाव थे। मध्य प्रदेश में काफी लोग मुझे पहचानते नहीं थे, मेरी कार्यशैली से वाकिफ नहीं थे, परंतु आज ऐसा नहीं है। मध्य प्रदेश का हर वर्ग कमलनाथ को और कमलनाथ की कार्यशैली को जानता और पहचानता है।

भारत जोड़ो यात्रा का प्रदेश में सकारात्मक प्रभाव

मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का प्रदेश में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक की जीत के बाद प्रदेश के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा हुआ है। कार्यकर्ता पहले से ज्यादा उत्साह में हैं। हिमाचल और कर्नाटक चुनाव के बाद पार्टी ये समझ रही है कि राज्यों के चुनावों में राष्ट्रीय मुद्दों की कोई जरूरत नहीं है। इसलिए कांग्रेस विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की जनता को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाते हुए दिख रही है। चाहे वह भ्रष्टाचार का मामला हो या कर्मचारियों की मांगों का सभी को प्रमुखता के साथ उठाया जा रहा है।

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केंद्र का अध्यादेश लोकतंत्र के खिलाफ बोल के अखिलेश ने केजरीवाल को दी राहत

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी केजरीवाल के साथ मौजूद थे। वहीं, अखिलेश के चाचा और यूपी सरकार के पूर्व मंत्री शिवपाल यादव ने भी बैठक में हिस्सा लिया। केजरीवाल की यह मुलाकात दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण संबंधी केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ राजनीतिक दलों के नेताओं से समर्थन मांगने के बीच हुई है।

‘एंटी-डेमोक्रेटिक है केंद्र सरकार का अध्यादेश’

अरविंद केजरीवाल जिस काम के लिए लखनऊ आए थे, उनका वह काम पूरा हो गया। अखिलेश ने केंद्र सरकार के अध्यादेश के मुद्दे पर केजरीवाल के समर्थन का एलान कर दिया। अखिलेश ने कहा कि केंद्र सरकार का यह अध्यादेश लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे पर केजरीवाल सरकार का समर्थन करते हैं और राज्यसभा में अध्यादेश के खिलाफ वोट करेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में केजरीवाल सरकार द्वारा किए कामों से डर गई है, इसलिए यह अध्यादेश लाई है।

केंद्र सरकार के अध्यादेश में क्या है ?

केंद्र ने भारतीय प्रशासनिक सेवा और केन्द्र शासित राज्यों के कैडर के अधिकारियों के ट्रांसफर और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण बनाने के उद्देश्य से 19 मई को एक अध्यादेश जारी किया था। यह अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिल्ली में निर्वाचित सरकार को पुलिस, सार्वजनिक व्यवस्था और भूमि से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य मामलों का नियंत्रण सौंपने के बाद लाया गया था। इस अध्यादेश के बाद केजरीवाल सरकार इन अधिकारियों के तबादले और उनके ऊपर अनुशासनात्मक कार्रवाई की शक्ति खो बैठी है। यही वजह है कि केजरीवाल अध्यादेश के खिलाफ समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

कई सीएम से मिल चुके हैं सीएम केजरीवाल

बता दें कि अखिलेश से पहले अरविन्द केजरीवाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर चुके है। केजरीवाल को उम्मीद है कि उनकी इन मुलाकातों का असर जरूर होगा और विपक्ष एकजुट होकर केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ मतदान करेगा। वहीं, कई विपक्षी दलों का रुख अभी भी इस मसले पर साफ नहीं हो पाया है।

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भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड के आरोपी की गोली मारकर हत्या

यूपी की राजधानी लखनऊ से बड़ी खबर सामने आई है। लखनऊ कचहरी में संजीव जीवा नाम के शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। संजीव जीवा को माफिया मुख्तार अंसारी का करीबी माना जाता था। संजीव जीवा यूपी के पूर्व ऊर्जा मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता रहे ब्रह्मदत्त द्विवेदी के हत्याकांड का आरोपी था।

इस गोलीबारी में एक बच्ची और पुलिसकर्मी भी घायल हैं। हमलावर वकील के कपड़ों में आए थे। लखनऊ दीवानी न्यायालय में ये शूटआउट हुआ है। इस घटना में पुलिस ने एक हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है। हमलावर वकील की ड्रेस में थे और कोर्ट परिसर के बाहर वारदात को अंजाम दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। गैंगस्टर संजीव पूर्वांचल के भाजपा विधायक ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के मामले में आरोपी था।

कानून व्यवस्था की खुली पोल

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ कोर्ट में हुई हत्या पर कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। प्रदेश में नियमित डीजीपी तक नहीं है। कार्यवाहक डीजीपी से काम चलाया जा रहा है। ऐसा तीसरी बार हुआ जब कार्यवाहक डीजीपी बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि क्या दिल्ली और लखनऊ का इंजन टकरा रहा है। लखनऊ में महिलाएं असुरक्षित हैं। हर जिले में महिलाओं के साथ घटनाएं हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि नोएडा में महिला वकील की हत्या हुई है। कन्नौज के सांसद चौकी में घुस कर पुलिस को पीट रहे हैं। कचहरी में हत्याएं हो रही हैं। सवाल यह नहीं है कि कौन मरा है सवाल ये है कि कहां मारा जा रहा है। कोर्ट में हत्या होना कानून व्यवस्था की पोल खोलता है। भाजपा के लोगों ने मंदिर में मांस रखवाया था। जिसकी वजह सं दंगा हुआ था।

कौन है संजीव जीवा, जिसकी हत्या हुई

संजीव जीवा वेस्ट यूपी का एक कुख्यात अपराधी था, जो कभी कंपाउंडर हुआ करता था। उसने एक बार अपने ही मालिक का किडनैप कर लिया था। पश्चिमी यूपी का कुख्यात अपराधी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद था। हाल ही में प्रशासन द्वारा उसकी संपत्ति भी कुर्क की गई थी।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा जितना खेती-किसानी के लिए प्रख्यात है, उतना ही गैंगस्टर और अपराधियों के लिए कुख्यात रहा है। भाटी गैंग, बदन सिंह बद्दो, मुकीम काला गैंग और न जाने कितने अपराधियों के बीच संजीव माहेश्वरी का भी नाम जुर्म की दुनिया में पनपा। 90 के दशक में संजीव माहेश्वरी ने अपना खौफ पैदा शुरू किया, फिर धीरे-धीरे वह पुलिस व आम जनता के लिए सिर दर्द बनता चला गया।

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केंद्र सरकार ने धान समेत इन फसलों की एमएसपी में की बढ़ोतरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2023-24 के लिए धान के एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को 143 रुपये बढ़ाकर 2,183 रुपये प्रति क्विंटल करने की मंजूरी दी है। किसानों के लिए केंद्र सरकार के तरफ से खुशखबरी आई है। लंबे समय से किसान जिसकी मांग कर रहे थे सरकार ने उसे पूरा कर दिया है।

एमएसपी में की गई बढ़ोतरी

कैबिनेट हुए फैसलों के बारे में बताते हुए खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कृषि में हम समय-समय पर सीएसीपी (कृषि लागत और मूल्य आयोग) की सिफारिशों के आधार पर एमएसपी तय करते रहे हैं। इस साल खरीफ की फसलों के लिए एमएसपी में की गई बढ़ोतरी पिछले कुछ सालों की तुलना में सबसे ज्यादा है।

इन फसलों पर बढ़ी एमएसपी

पिछली बार सरकार ने 6 रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में इजाफा कर दिया था। सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 110 रुपये से बढ़कर 2125 रुपये प्रति क्विंटल, जौ का एमएसपी 100 रुपये से बढ़कर 1735 रुपये प्रति क्विंटल, चने का MSP 105 रुपये से बढ़कर 5335 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का MSP 500 रुपये से बढ़कर 6000 रुपये प्रति क्विंटल, सरसो का MSP 400 रुपये से बढ़कर 5450 रुपये प्रति क्विंटल वहीं, कुसुम का MSP 209 रुपये से बढ़कर 5650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया था। एक बयान में कहा गया कि किसानों के उत्पादन और आय को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला किया गया था।

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महिला हो कुश्ती महासंघ की चीफ, खेल मंत्री के सामने पहलवानों ने रखीं मांगें

बीजेपी सांसद और कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली और विरोध-प्रदर्शन करने वाले पहलवानों ने केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से आज (बुधवार) मुलाकात कर अपनी पांच मांगें रखीं हैं। पहलवानों ने कहा है कि किसी महिला को ही भारतीय कुश्ती महासंघ का चीफ होना चाहिए। वार्ता के लिए देर रात ट्विटर पर आमंत्रित किए जाने के बाद पहलवान बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक ने आज खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ उनके घर पर जाकर बातचीत की। पांच दिनों के अंदर पहलवानों और सरकार के बीच यह दूसरी बैठक थी।

पहले भी ने गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात

इससे पहले पहलवानों ने शनिवार देर रात गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी और सात महिला पहलवानों द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप झेल रहे बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। आज की मुलाकात में पहलवानों ने खेल मंत्री के सामने पाँच माँगें रखीं हैं, जिनमें भारतीय कुश्ती महासंघ के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और एक महिला प्रमुख की नियुक्ति शामिल है। पहलवानों ने यह भी मांग रखी है कि बृजभूषण शरण सिंह या उनके परिवार के सदस्य डब्ल्यूएफआई का हिस्सा नहीं होने चाहिए।

पहलवानों से उनके मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार

इसके अलावा मांगों में 28 मई यानी नई संसद भवन के उद्घाटन के दिन पहलवानों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने और बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग की है। आज खेल मंत्री के साथ बातचीत में विनेश फोगट, जो विरोध का एक प्रमुख चेहरा रही हैं, शामिल नहीं थीं क्योंकि वह हरियाणा में अपने गांव बलाली में एक पूर्व-निर्धारित ‘पंचायत’ में भाग लेने के लिए वहां गई हुई हैं। बता दें कि खेल मंत्री ठाकुर ने कल देर रात 12 बजकर 47 मिनट पर पहलवानों के साथ गतिरोध खत्म करने के प्रयास में ट्वीट किया था, सरकार पहलवानों से उनके मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है।

खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से बातचीत के प्रस्ताव पर पहलवान साक्षी मलिक ने कहा था कि हम सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर अपने वरिष्ठों और समर्थकों के साथ पहले चर्चा करेंगे और जब सभी अपनी सहमति देंगे कि प्रस्ताव ठीक है, तभी हम बातचीत के लिए कदम बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं होगा कि हम सरकार की किसी भी बात को मान लें और अपना विरोध समाप्त कर दें।

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‘लव जिहादियों, यहां से चले जाओ’, मुसलमानों की दुकानों पर लगे धमकी भरे पोस्टर

उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र में इन दिनों बवाल मचा हुआ है। दरअसल, कुछ दिन पहले अल्पसंख्यक समुदाय के एक व्यक्ति समेत 2 लोगों ने एक नाबालिग लड़की को किडनैप करने की नाकाम कोशिश की थी। अब इस इलाके में मुसलमानों की दुकानों पर पोस्टर चिपके हुए मिले हैं, जिनमें उन्हें तुरंत इस इलाके से चले जाने को कहा गया है। पुरोला पुलिस के थाना प्रभारी खजान सिंह चौहान ने कहा कि रविवार शाम दुकानों पर ये पोस्टर चिपकाए गए, जिनमें दुकानदारों से जल्द से जल्द पुरोला छोड़कर चले जाने के लिए कहा गया है।

पुरोला में आखिर ऐसा क्या हुआ था ?

पुरोला में अल्पसंख्यक समुदाय के एक युवक पर आरोप है कि उसने अपने मामा के घर आई एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो युवक खरसाड़ी क्षेत्र की एक कक्षा 9 की नाबालिग छात्रा को बहला-फुसला कर भगा कर ले जा रहे थे। दोनों युवक छात्रा को शादी का झांसा देकर विकासनगर लेकर भागने की फिराक में थे, तभी परिजनों और स्थानीय लोगों ने इन्हें देख लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद से ही पुरोला में ‘लव जिहाद’ को लेकर जबरदस्त गुस्सा है।

मुसलमानों ने एसडीएम को दिया ज्ञापन

इससे पहले मुसलमानों के एक ग्रुप ने पुरोला के एसडीएम देवानंद शर्मा तथा एसएचओ चौहान से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि मुस्लिम परिवार पिछले कई सालों से स्थानीय लोगों के साथ शांति से रह रहे हैं और व्यापार कर रहे हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों से अपराधी प्रवृत्ति के लोग बाहर से आ रहे हैं और व्यापार करने के नाम पर सामाजिक माहौल को खराब कर रहे हैं। उन्होंने आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की व्यापार मंडल की मांग का समर्थन किया।

मामले की जांच शुरू – पुलिस

पुलिस ने हालात को गंभीरता से लेते हुए पुरोला के जिम्मेदार लोगों से मुलाकात कर उनसे शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। चौहान ने कहा कि कथित तौर पर पोस्टर लगाने वाले ‘देवभूमि रक्षा अभियान’ के अज्ञात लोगों के खिलाफ क्षेत्र की शांति भंग करने का षड़यंत्र रचने और विशेष समुदाय की भावनाएं भड़काने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टर चिपकाने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है और देवभूमि रक्षा अभियान से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।

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सियालदह से अजमेर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में लगी आग, खिड़कियों से कूदे यात्री

यूपी के कौशांबी के भरवारी रेलवे स्टेशन के पास सियालदह से अजमेर जा रही 12987 एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने से हड़कंप मच गया। इस दौरान यात्री घबराने लगे और बाहर आने के लिए आनन फानन में खिड़की-दरवाजों से कूदने लगे। वहीं, रेल कर्मचारी बिना किसी देरी के आग बुझाने में जुट गए। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। राहत की बात ये है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि ट्रेन में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। इसके साथ ही आग लगने की खबर पर ट्रेन को चेन पुलिंग रोका गया।

घटना कानपुर-प्रयागराज रेल लाइन पर कौशांबी जिले में भरवारी स्टेशन के पास की है। सियालदह से चलकर 12987 एक्सप्रेस ट्रेन अजमेर जा रही थी। जैसे ही यह ट्रेन प्रयागराज स्टेशन के आगे कौशांबी जिले में भरवारी स्टेशन के पास पहुंची, अचानक एक्सप्रेस में कोई शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते पूरी बोगी आग की चपेट में आ गई। बड़ी मुश्किल से यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका और जान बचाने के लिए खिड़कियों से ही कूद पड़े।

रेलवे ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया, ”ट्रेन नंबर 12987 सियालदाह अजमेर एक्सप्रेस में भरवारी स्टेशन के ठीक आगे स्टार्टर सिग्नल पर यात्रियों ने जनरल कोच के बाहर हल्के धुए की सूचना दी जिसे स्टेशन पर उपस्थित रेलवे स्टाफ ने नियंत्रित किया तथा गाड़ी 13:58 पर रुकी और 14:00 पर रवाना हुई।”

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पुलिस की लापरवाही की वजह से गई रेप पीड़िता के पिता की जान

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स ने पुलिस की जांच में देरी को लेकर आत्महत्या कर ली। मृतक का आरोप था कि आरोपी ने उसकी बेटी का दो महीने पहले बलात्कार किया था और पुलिस इस मामले की जांच में देरी कर रही थी। इस बाबत ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया और पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच चल रही है। जालौन के एएसपी असीम चौधरी ने इस बाबत कहा कि अखोड़ी गांव में दो महीने पहले नाबालिग लड़की का बलात्कार किया गया था। इस मामले की जांच चल रही है।

गौरतलब है कि जालौन के अखोड़ी गांव में 2 महीने पहले एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया था। नाबालिग ने जब अपने पिता को इस घटना की जानकारी दी तो पिता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की। लेकिन एफआईआर दर्ज करने में देरी कर दी। इस कारण परेशान पिता ने आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और इस मामले की जांच सीओ कोंच के अधीन जारी है और जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

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दिल्ली हाईकोर्ट से मनीष सिसोदिया को झटका, जमानत याचिका खारिज

दिल्ली हाईकोर्ट से मनीष सिसोदिया को झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाईकोर्ट से 6 हफ्ते की अंतरिम जमानत की मांग की थी, जिसको हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मनीष सिसोदिया जिस पद पर रह चुके हैं। उससे इस बात की आशंका बनी रहती है कि वह गवाहों और सबूतों को प्रभावित कर सकते हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया की छह सप्ताह की अंतरिम जमानत याचिका पर सोमवार को अपना आदेश सुनाया।

मनीष सिसोदिया ने मांगी थी अंतरिम जमानत

न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा की अदालत अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला दिया। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने अपनी बीमार पत्नी का एकमात्र देख भालकर्ता होने के आधार पर अंतरिम जमानत का अनुरोध किया था। मामले में नियमित जमानत के लिए सिसोदिया की एक याचिका उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है।

तिहाड़ जेल में बंद हैं सिसोदिया

इस मामले में नौ मार्च को गिरफ्तार हुए सिसोदिया तिहाड़ जेल में बंद हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सिसोदिया की छह सप्ताह की अंतरिम जमानत अर्जी पर शनिवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था और एलएनजेपी अस्पताल से सिसोदिया की पत्नी सीमा के स्वास्थ्य की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी।

शनिवार को पत्नी से मिलने पहुंचे सिसोदिया

मनीष सिसोदिया उच्च न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद शनिवार को अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए तिहाड़ जेल से अपने घर पहुंचे, लेकिन दोनों की मुलाकात नहीं हो सकी। आम आदमी पार्टी (आप) के सूत्रों ने बताया कि तबियत बिगड़ने के कारण सिसोदिया की पत्नी को अस्पताल ले जाना पड़ा, जिस कारण दोनों की मुलाकात नहीं हो सकी। जिसके बाद में सिसोदिया अपने आवास से वापस तिहाड़ जेल लौट गए। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक को निर्देश दिया था कि वह सिसोदिया को उनके आवास पर ले जाएं। जहां सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक उन्हें अपनी पत्नी से मिलने की अनुमति होगी।

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साक्षी और बजरंग पुनिया रेलवे की नौकरी में वापस लौटे, लेकिन प्रदर्शन वापस नहीं

भारतीय कुश्ती संघ अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के आंदोलन में नया मोड़ आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि 2016 रियो ओलंपिक में कांस्य जीतने वाली पहलवान साक्षी मलिक प्रदर्शन से हट गई हैं और रेलवे में अपनी नौकरी पर वापस लौट गई हैं। हालांकि, इस खबर के सामने आने के बाद साक्षी ने तुरंत ट्वीट करते हुए इन खबरों का खंडन किया। उन्होंने लिखा- ये खबर बिलकुल गलत है। इंसाफ़ की लड़ाई में ना हम में से कोई पीछे हटा है, ना हटेगा। सत्याग्रह के साथ साथ रेलवे में अपनी जिम्मेदारी को साथ निभा रही हूं। इंसाफ मिलने तक हमारी लड़ाई जारी है। कृपया कोई गलत खबर ना चलाई जाए।

शनिवार को अमित शाह से मिले पहलवान

इसके बाद शनिवार रात को साक्षी, बजरंग और विनेश ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौरान पहलवानों ने गृह मंत्री से बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बाद गृह मंत्री ने पहलवानों से बिना भेदभाव के पूरी जांच का भरोसा दिया था। अमित शाह ने कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा। पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने पहलवानों से यह भी पूछा था कि क्या पुलिस को अपने काम करने का समय नहीं देना चाहिए ?

धरने पर बैठे थे पहलवान

इस आरोप को लेकर पहलवान बजरंग, साक्षी और विनेश सबसे पहले 18 जनवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे। इसके बाद खेल मंत्रालय से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद पहलवानों ने धरना समाप्त कर दिया था। कोई कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए पहलवान 23 अप्रैल को दोबारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे। पहलवान और बृजभूषण दोनों तरफ से बयानबाजी का दौर चालू रहा। जहां एक तरफ बृजभूषण ने कहा कि आरोप साबित होने पर वह खुद को फांसी लगा लेंगे, तो वहीं पहलवान उनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।

साक्षी-बजरंग ने किया मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन

दरअसल, 2021 टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण के खिलाफ चल रहे आंदोलन का मुख्य चेहरा हैं। यह तीनों रेलवे में अपनी नौकरी पर वापस लौट गए हैं। इसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया कि तीनों ने आंदोलन से नाम वापस ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में सबसे पहले साक्षी का नाम बताया गया। इसके बाद साक्षी ने ट्वीट कर खबरों का खंडन किया। साक्षी ने कहा कि इंसाफ की लड़ाई जारी रहेगी, बस वह अपनी जिम्मेदारी यानी काम पर वापस लौट गई हैं। पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।

साक्षी के बाद बजरंग ने भी ट्वीट कर खबरों को गलत बताया है। उन्होंने लिखा- आंदोलन वापस लेने की खबरें कोरी अफवाह हैं। ये खबरें हमें नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाई जा रही हैं। हम न पीछे हटे हैं और न ही हमने आंदोलन वापस लिया है। महिला पहलवानों की एफआईआर उठाने की खबर भी झूठी है। इंसाफ मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी। पहलवानों के ट्वीट से यह साफ है कि साक्षी, बजरंग और विनेश रेलवे में अपनी नौकरी पर जरूर वापस लौट गए हैं, लेकिन इंसाफ के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा।

28 मई को पुलिस ने टेंट हटाया

28 मई को पहलवानों के नए संसद भवन की तरफ कूच करने पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। हालांकि, बाद में पहलवानों को छोड़ भी दिया गया था। इतना ही नहीं दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने-प्रदर्शन को भी बंद करा दिया गया था और उनके टेंट हटा दिए गए थे। इसके बाद 30 मई को पहलवान हरिद्वार पहुंचे थे और ओलंपिक समेत कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीते पदकों को गंगा में बहाने का फैसला लिया था। हालांकि, किसान नेता नरेश टिकैत की मांग पर पहलवानों ने गंगा में पदक बहाने के फैसले को टाल दिया दिया था।

1983 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का मिला था समर्थन

इसके बाद भारत के पदकवीरों को 1983 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया के खिलाड़ियों का समर्थन मिला। इनमें कपिल देव, सुनील गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर और मदनलाल समेत कई दिग्गज क्रिकेटर्स शामिल हैं। इन सब ने एक साझा बयान जारी किया था और पहलवानों से मेडल को गंगा में न बहाने की अपील की थी। बयान में इन पूर्व दिग्गज क्रिकेटर्स ने कहा था कि पहलवानों के साथ जो हुआ वह दुखद है, लेकिन वह मेहनत से हासिल किए गए पदकों को गंगा में न बहाएं। 1983 की चैंपियन टीम ने कहा कि पहलवानों ने देश का मान बढ़ाया है। वह जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। उम्मीद है कि पहलवानों की मांग सुनी जाएगी।

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उमेश पाल हत्याकांड के 100 दिन पूरे आखिर कहा है गुड्डू मुस्लिम, शाइस्ता परवीन ?

बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और दो सरकारी गनर के हत्याकांड के 100 दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन उमेश पाल हत्याकांड के 100 दिन बाद भी 5 – 5 लाख के इनामी 3 शूटर्स पुलिस की पकड़ से दूर हैं। बमबाज गुड्डू मुस्लिम, अरमान और साबिर अभी भी फरार चल रहे हैं और जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए हैं। इसके अलावा माफिया अतीक की पत्नी और 50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन भी फरार है।

हालांकि, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ व दूसरी जांच एजेंसियां लगी हुई हैं। इस बीच एसटीएफ सूत्रों का दावा है कि मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र के नासिक में सर्च ऑपरेशन के बाद भी फरार शूटर्स का पता नहीं चला है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि शूटर्स विदेश भाग गए हैं। जांच एजेंसियों को शूटर्स के नेपाल के रास्ते विदेश भागने की आशंका है। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक फरार शूटर्स लगातार लोकेशन बदल रहे थे। इसके अलावा मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर देने की वजह से भी शूटर्स की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

धूमनगंज थाने में दर्ज हुई थी एफआईआर

गौरतलब है कि 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल और दो सरकारी गनर की हत्या हुई थी। हत्याकांड के अगले दिन 25 फरवरी को उमेश पाल की पत्नी जयापाल ने धूमनगंज थाने में हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। जया पाल ने एफआईआर में माफिया अतीक अहमद, भाई अशरफ, बेटों, पत्नी शाइस्ता परवीन, शूटर्स गुड्डू मुस्लिम, साबिर, अरमान, मोहम्मद गुलाम को और अन्य को आरोपी बनाया था।

हत्याकांड में शामिल चार का हुआ एनकाउंटर

बता दें कि अब तक की कार्रवाई में पुलिस एनकाउंटर में चार आरोपी मारे जा चुके हैं। सबसे पहले 27 फरवरी को पहला एनकाउंटर धूमनगंज थाना क्षेत्र के नेहरू पार्क में क्रेटा चालक अरबाज का हुआ था। जबकि; 6 मार्च को कौंधियारा थाना क्षेत्र में उमेश पाल पर पहली गोली चलाने वाला विजय चौधरी उर्फ उस्मान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। माफिया अतीक अहमद का बेटा असद और शूटर मोहम्मद गुलाम 13 अप्रैल को झांसी में यूपी एसटीएफ के एनकाउंटर में मारे गए थे। वहीं उमेशपाल हत्याकांड में आरोपी अतीक अहमद और अशरफ की 15 अप्रैल को पुलिस कस्टडी में काल्विन अस्पताल ने तीन शूटर्स ने हत्या कर दी थी। यहां यह भी बता दें कि हत्याकांड से जुड़े कई आरोपी जेल में बंद हैं।

हत्याकांड से जुड़े हैं इन शातिरों के नाम

इस हत्याकांड में नामजद अभियुक्तों के अलावा विवेचना के दौरान माफिया अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी और अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा का भी नाम सामने आया है। जांच एजेंसियां इन दोनों महिलाओं की भी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। धूमनगंज थाना पुलिस ने अभी सिर्फ एक आरोपी सदाकत खान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। विवेचना के दौरान सदाकत का नाम सामने आने के बाद इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल से सदाकत खान की गिरफ्तारी हुई थी।

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ओडिशा में तीन ट्रेनों की टक्कर में अब तक 288 लोगों की मौत,1000 से ज्यादा घायल

बालासोर में दो यात्री ट्रेन और एक मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने से इस दर्दनाक ट्रेन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 288 पर पहुंच गई है। ओडिशा के मुख्य सचिव प्रदीप जेना ने इसकी पुष्टि की है। मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। इस दुर्घटना में 1000 से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद बचाव कर्मी फंसे लोगों को बचाने में लगे हैं। 2 जून 2023 को बालेश्वर ज़िले के बहानागा में हुई रेल दुर्घटना के मद्देनजर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक दिन के राजकीय शोक का आदेश दिया है।

पूरे राज्य में 3 जून को कोई उत्सव नहीं मनाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक हावड़ा जा रही 12864 बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के कई डिब्बे बाहानगा बाजार में पटरी से उतर गए और दूसरी पटरी पर जा गिरे। पटरी से उतरे ये डिब्बे 12841 शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गए और इसके डिब्बे भी पलट गए। कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतरने के बाद एक मालगाड़ी से टकरा गए, जिससे मालगाड़ी भी दुर्घटना की चपेट में आ गई। हादसा शाम को करीब सात बजे हुआ।

बहुत बड़ी दुर्घटना है – रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बालासोर पहुंचे और दुर्घटनास्थल का जायजा लिया। रेल मंत्री ने कहा कि, रेलवे, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुटी हैं। फिलहाल हमारा ध्यान बचाव कार्य पर है। राहत और बचाव कार्य खत्म होने के बाद ही ट्रेनों के आवागमन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

पहले से ही बहाली के लिए मशीने तैनात हैं। रेल मंत्री ने कहा यह बहुत बड़ी दुर्घटना है। सभी दिवंगत आत्माओं के लिए हम प्रार्थना करते हैं। कल रात से रेलवे की टीम,एनडीआरएफ, एसडीआरएफ बचाव कार्य में जुटी है। जिनके परिवार के सदस्यों की इस हादसे में मृत्यु हो गई, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। सरकार उन्हें हर संभव मदद करेगी। रेलवे ने कल ही मुआवजे का ऐलान कर दिया था, जांच कमेटी का भी गठन किया गया है।

ओडिशा ट्रेन हादसा बेहद पीड़ादायक – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, ”ओडिशा के बालासोर में हुआ रेल हादसा बेहद पीड़ादायक है। एनडीआरएफ की टीम पहले ही दुर्घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और अन्य टीमें भी बचाव अभियान में शामिल होने के लिए पहुंच रही हैं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओडिशा ट्रेन हादसे पर जताया दुख

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया, ”ओडिशा के बालासोर में दुर्भाग्यपूर्ण रेल हादसे में लोगों की मौत के बारे में जानकर गहरा दुख है। मेरी संवेदना शोक संतप्त परिवारों के साथ है। बचाव कार्यों की सफलता और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती हूं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख, रेल मंत्री से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख और संवेदना जताई है। पीएम ने ट्वीट किया, ”ओडिशा में ट्रेन हादसे के बारे में जानकर व्यथित हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की है और स्थिति का जायजा लिया है। दुर्घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जा रही है।”

तमिलनाडु के सीएम ने की ओडिशा के सीएम से बात

तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से बात की है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के परिवहन मंत्री शिवशंकर के नेतृत्व में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियो की एक विशेष टीम घटनास्थल पर जाएगी। वही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ट्वीट किया, ”ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसे में कई लोगों की मौत अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें। असीम पीड़ा की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। हादसे में घायलों के स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।”

हादसे के पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पीड़ितों के लिए मुआवजा राशि की घोषणा की है। उन्होंने ट्वीट करके बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को 2 लाख रुपये और मामूली रूप से चोटिल हुए लोगों को 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।

विधायक स्वरूप कुमार ने बताया आंखों देखा हाल

स्थानीय विधायक स्वरूप कुमार दास ने कहा, ”जहां पर हादसा हुआ है मैं वहीं पर हूं। जो कोरोमंडल एक्सप्रेस है उसके करीब 20 कोच पटरी से उतरे हैं और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। बचाव कार्य बेहद तेजी से चल रहा है। स्थानीय लोगों से बहुत मदद मिली है, पास के चार अस्पतालों में पचास से ज्यादा एंबुलेंस के जरिये घायलों को पहुंचाया जा रहा है। अभी घटना को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है, अप और डाउन दोनों लाइनें प्रभावित हुई हैं।”

प्रियंका गांधी ने की कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मदद की अपील

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी हादसे को लेकर दुख जताया है। उन्होंने कहा, ”ओडिशा के बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटना का दुखद समाचार मिला। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि सभी घायलों को जल्द स्वास्थ्य लाभ मिले। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील है कि राहत कार्यों में पूर्ण सहयोग करें।”

राहुल गांधी ने जताया दुख

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ”ओडिशा के बालासोर में कोरोमंडल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के दुखद समाचार से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से आग्रह करता हूं कि बचाव के प्रयासों के लिए जरूरी सभी सहायता प्रदान करें।”

एंटी कोलिशन डिवाइस होता तो हादसा नहीं होता – ममता बनर्जी

ओडिशा के बालासोर में रेल हादसे वाली जगह पर पहुंचीं ममता बनर्जी ने कहा, “यह अब तक का सबसे बड़ा रेल हादसा है। ऐसा ही हादसा 1981 में भी हुआ था। इस ट्रेन में एंटी कोलिशन डिवाइस नहीं था, अगर वह होता तो यह हादसा नहीं होता। हमारे राज्य के जिन लोगों की इस हादसे में मृत्यु हो गई उनके परिजनों को हम 5-5 लाख रुपए देंगे। हम राहत और बचाव कार्य में राज्य सरकार और रेलवे का पूरा सहयोग करेंगे।”

हादसे के पीड़ित ने बताया आंखों देखा हाल

ओडिशा के बालासोर में हुए भयानक ट्रेन हादसे के पीड़ितों में से एक सोम्यारंजन सेठी ने घटना के बारे में बताया, ”6:45 बजे कुछ आवाज आई, मालूम चला कि ट्रेन एक्सिडेंट हुआ। एक्सीडेंट के बाद जब बोगी रुकी तो मैं पहले निकला, मेरे साथ जो तीन-चार आदमी थे, उनको रेस्क्यू किया। एक आदमी मुझे नीचे लेकर आया। थोड़ा पानी पिलाया फिर गाड़ी में बैठाकर मेडिकल लेकर आया।” शख्स ने बताया कि 200 के आसापास लोग घायल हो चुके हैं। उसने कहा कि एंबुलेंस तुरंत आ गई थीं। फायर स्टेशन को भी सूचना दी गई थी, वो लोग भी आ गए थे।

बालासोर में रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म

ओडिशा के बालासोर में रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो चुका है। रेलवे के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने कहा, पीएम खुद घटनास्थल का दौरा करेंगे। दो एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी इन्वॉल्व्ड हैं हादसे में कटक, बालासोर और घटनास्थल के लिए तीन टीम गठित की गयी हैं। 39 ट्रेन डायवर्ट रूट से शुरू की गयी है जो ज़िम्मेदार है उसपर कार्रवाई की जाएगी, रिपोर्ट का इंतजार है।

इस्तीफा दें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

वहीं, हादसे के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग तेज हो घई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजीत पवार ने कहा कि जब ऐसी दुर्घटनाएं पहले होती थीं, तो रेल मंत्री इस्तीफा दे देते थे। पवार ने कहा, “लेकिन अब कोई भी बोलने को तैयार नहीं है।” तृणमूल के प्रवक्ता साकेत गोखले ने कहा, “कथित सिग्नल फेल होने के कारण 3 ट्रेनें दुर्घटनाग्रस्त हो गईं, यह विश्वास से परे चौंकाने वाला है। ये गंभीर सवाल हैं, जिनका जवाब देने की जरूरत है।” ओडिशा में ट्रेन दुर्घटना पर सवाल उठाते हुए, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली की व्याख्या करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का वीडियो साझा किया।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से साधी चुप्पी

घटनास्थल पर पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक तरफ जहां दुर्घटनाग्रस्त बोगियों का जायजा लिया, राहत-बचाव अभियान की समीक्षा की और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे अधिकारियों से मिले, लेकिन सवालों से दूर भागते भी नजर आए। मीडिया से बातचीत करते समय वह ज्यादातर सवालों का जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने कई सवालों के जवाब में सिर्फ यही कहा कि वह देखेंगे, उनके अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, तो वहीं उन्होंने अपने इस्तीफे के सवाल पर चुप्पी साध ली।

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माफियाओं पर योगी सरकार का एक्शन जारी, विजय मिश्रा का मकान कुर्क

पूर्व विधायक और माफिया विजय मिश्रा के अवैध साम्राज्य पर योगी सरकार ने बड़ी चोट की है। खबर है कि विजय मिश्रा का करोड़ों का आलीशान मकान कुर्क किया गया है। प्रसाशन ने डुगडुगी बजवाकर विजय मिश्रा के मकान को सील किया है। बताया जा रहा है कि प्रयागराज के अल्लापुर में स्थित इस मकान को भदोही पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया है।

किराये पर वकील को दिया है मकान

जानकारी मिली है कि पूर्व विधायक विजय मिश्रा के इस मकान में किरायेदार के तौर पर रह रहे वकील को पुलिस ने मकान खाली करने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी थी। ये मकान अधिवक्ता रजनीश शुक्ला ने किराये पर लिया था। पुलिस ने मकान पर गुरुवार को कुर्की का नोटिस भी चस्पा किया था। डीएम भदोही ने 9 दिसंबर 2022 को गैंगस्टर एक्ट 14 (1) के तहत माफिया विजय मिश्रा के मकान को कुर्क करने का आदेश दिया था।

8 करोड़ से भी ज्यादा है मकान की कीमत

जिला अधिकारी द्वारा अल्लापुर के बाघम्बरी हाउसिंग स्कीम में स्थित मकान नंबर 13 एमआईजी फेस 2 को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया था। यह मकान पूर्व विधायक विजय मिश्रा के भतीजे मनीष मिश्रा की पत्नी बिंदु मिश्रा के नाम पर है। 435.66 वर्ग मीटर में बना 3 मंजिला आलीशान मकान की कीमत 8 करोड़ 30 लाख के करीब आंकी गई है।

वहीं इसके पहले भी डीएम के कुर्की आदेश के क्रम में भदोही पुलिस प्रयागराज की जॉर्ज टाउन थाना पुलिस के साथ यहां पहुंची थी। इस मकान को कुर्क करने के लिए पुलिस 27 दिसंबर 2022 और 1 जून 2023 को भी यहां पहुंची थी।

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