Monday, April 6, 2026
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Gyanvapi Masjid Case:मुस्लिम पक्ष की याचिका पर हाईकोर्ट कल करेगा सुनवाई

Gyanvapi Masjid Case: वाराणसी के ज्ञानवापी विवाद से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है | ज्ञानवापी मस्जिद मुद्दे पर वाराणसी जिला जज के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में चुनौती दी गई थी | जिसके बाद अब हाईकोर्ट मुस्लिम पक्ष की याचिका पर कल सुनवाई करेगा | जस्टिस जयंत बनर्जी की सिंगल बेंच में ज्ञानवापी मामले की सुनवाई हो सकती है | सुनवाई की तारीख और बेंच का फैसला कल सुबह ही तय होगा | बता दें कि याचिका में सोमवार से शुरू हुए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के सर्वे पर रोक और जिला जज के फैसले को रद्द किए जाने की मांग गई है |

हाईकोर्ट कल सुनेगा मुस्लिम पक्ष

जिला जज ने ज्ञानवापी मस्जिद के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अनुमति दी थी | मुस्लिम पक्ष ने जिला जज की तरफ से एएसआई सर्वे कराने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है | सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए 26 जुलाई शाम 5:00 बजे तक एएसआई सर्वे पर रोक लगा दी थी | एएसआई सर्वेक्षण पर ब्रेक को मुस्लिम पक्ष के लिए राहत की तरह देखा गया था | ज्ञानवापी की मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आज याचिका दाखिल की है |

मुख्य हिन्दू पक्षकार को सुने हाईकोर्ट

ज्ञानवापी मामले में प्रथम वादिनी राखी सिंह की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता सौरभ तिवारी के माध्यम से दूसरी कैविएट दायर की गयी | इसके पहले भी राखी सिंह की तरह से हाईकोर्ट के समक्ष मस्जिद कमेटी द्वारा सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 की धारा 115 के तहत संभावित पुनरीक्षण याचिका की स्थिति में एक कैविएट दायर की जा चुकी है |

लेकिन कल देर शाम मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी को संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत अथवा सिविल प्रक्रिया संहिता ,1908 की धारा 115 के तहत हाईकोर्ट में याचिका दायर करनें का आदेश दिया गया |जिसके बाद राखी सिंह के अधिवक्ता सौरभ तिवारी के माध्यम से देर रात ई-फाईलिंग मोड से दुसरी कैविएट दायर की गयी ताकि मस्जिद कमेटी द्वारा सिविल प्रक्रिया संहिता अथवा संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत अगर याचिका मस्जिद कमेटी लाती है ऐसी स्थिति में मुख्य हिन्दू पक्षकार को सुने बगैर हाईकोर्ट कोई फैसला ना दें |

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Manipur Violence : भीड़ ने बज़ुर्ग महिला को ज़िंदा जलाया , दो महीने बाद सामने आया मामला

Manipur Violence : मणिपुर में जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है | जहाँ दंगे और कई मर्डर हुए | यह मामला ठंडा नहीं हुआ था कि राज्य में कुकी समुदाय की दो महिलाओं के साथ हुई बबर्रता का वीडियो वायरल हो गया | वीडियो वायरल होने के बाद से हालात और बिगड़ते नज़र आ रहे है | इस घटना से कुकी और मैतई समुदाय के बीच नफ़रत बढ़ गई है | इस हिंसा के बीच एक और नया मामला सामने आया जिसमें उग्र भीड़ ने 80 साल की महिला को ज़िंदा जला दिया | यह घटना 28 मई की बताई जा रही है |

बुज़ुर्ग महिला को ज़िंदा जलाया

सेरौ पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के अनुसार , एक 80 साल की बुज़ुर्ग महिला सोरोखैबम इबेटोम्बी ,जो एक फ्रीडम फाइटर की पत्नी थी | हथियारबंद समूह ने सेरौ गांव में उसे उसके घर में बंद कर दिया और आग लगाकर ज़िंदा जला दिया था |

महिला के परिवार के मुताबिक,28 मई की दोपहर हथियारबंद लोग उनके गांव में घुसे और घरों को आग लगाना शुरू कर दिया | जिसके बाद बुज़ुर्ग महिला के परिवार के लोग उसको छोड़ कर भाग गए थे | परिवार के लोगों ने सोचा था कि भीड़ बुज़ुर्ग महिला के साथ कुछ नहीं करेगी | जातीय झड़प शुरू होने के लगभग दो महीने बाद परिवार वापस घर लौटा | उस दौरान उन लोगों ने पाया की उनका घर जल कर खाक हो गया |

सोरोखैबम इबेटोम्बी के पति चुराचन्द सिंह का निधन हो चूका है | वो एक फ्रीडम फाइटर थे | उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया | आज़ादी के बाद वह सेरौ गांव के पहले प्रधान थे | उन्हें पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने सम्मानित किया था |

चिंता का विषय

मणिपुर में हो रही लगातार हो रही हिंसा थम नहीं रही | पुलिस के साथ सत्ताधारी पार्टी भी बात नहीं कर रही | हालाँकि नग्न अवस्था में घुमाई गयी महिलाओ का वीडियो वायरल होने के बाद आरोपित को गिरफ्तार किया गया | लेकिन चिंता का विषय यह है कि पुलिस संज्ञान में क्यों नहीं लेती जबतक मामला हाईलाइट नहीं होता |

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दिल्ली सरकार का बड़ा एलान , “वाटर एटीएम कार्ड” से मिलेगा पानी

डिजिटल डेस्क : दिल्ली सरकार ने शहर में स्वच्छ और साफ़ पानी पहुंचाने के लिए कदम उठाया है | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने एलान किया कि अब दिल्ली में रह रहे लोगों को वाटर एटीएम कार्ड दिया जाएगा | इस कार्ड के माध्यम से हर परिवार को रोज़ाना 20 प्यूरीफाइड वाटर मिलेगा | सरकार के इस कदम से दिल्ली में गरीब से गरीब व्यक्ति भी RO का पानी पी सकेगा |

दो हज़ार परिवारों को मिला वाटर एटीएम कार्ड

इस दौरान मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बताया कि दो हज़ार परिवारों को यह कार्ड बांटा जा चूका है | उन्होंने पूरी प्रक्रिया बताई की किस तरह से वह ये करेंगे | उन्होंने कहा कि दिल्ली के कई ऐसे इलाके है जहाँ घनी आबादी रहती है वहां पर पानी की पाइपलाइन नहीं पहुंच सकती जिस कारण टैंकर से पानी पहुंचाया जाता है | ऐसे इलाकों में ट्यूबवेल लगेंगे लेकिन उन्हीं इलाकों में जहाँ वाटर टेबल ऊपर होगा |

अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि ट्यूबवेल का पानी निकाला जाएगा और उसे RO से प्यूरीफाई किया जाएगा और इन इलाकों में नल लगाए जाएंगे | सभी परिवारों को वाटर एटीएम कार्ड दिया जाएगा जिससे हर परिवार रोज़ 20 लीटर RO का पानी ले सकता है |

मुफ्त पानी का एलान

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इससे पहले दिल्लीवालों को हर महीने 20 लीटर पानी मुफ्त देने का वादा किया था | जिसका खर्च दिल्ली जल बोर्ड उठाएगा | अपने इस वादे को तो केजरीवाल ने पूरा कर दिया है | एक बार फिर केजरीवाली ने 20 लीटर “प्यूरीफाइड वाटर “देने का एलान किया | जिसे हासिल करने के लिए वाटर एटीएम कार्ड दिए जाएंगे|

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लखनऊ के हजरतगंज मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की मिली धमकी, पुलिस जांच में जुटी

यूपी के लखनऊ से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां के हजरतगंज मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस बात की जानकारी हजरतगंज एसीपी अरविंद कुमार वर्मा ने दी है। उन्होंने बताया, ‘पुलिस कंट्रोल रूम को बीती रात हजरतगंज मेट्रो स्टेशन को उड़ाने की कॉल आई। फोन करने वाले ने अपना नाम रमेश शुक्ला बताया और कहा कि स्टेशन को उड़ाने की योजना बनाई गई है और इसके पीछे बांदा निवासी दिनेश कुमार नाम का व्यक्ति है। पूरे मेट्रो स्टेशन की तलाशी ली गई, लेकिन देर रात तक कोई बम नहीं मिला। जांच चल रही है।’

पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट

पुलिस को जैसे ही मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिली, वैसे ही पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट हो गया, लेकिन फोन पर बम की जानकारी देने वाले शख्स ने अपना फोन ही बंद कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने मेट्रो स्टेशन का चप्पा चप्पा छान मारा। बम निरोधक दस्ते मेट्रो स्टेशनों पर तैनात किए गए और डॉग स्क्वाड सहित भारी फोर्स मेट्रो स्टेशनों पर मौजूद रही। दरअसल धमकी देने वाले ने कहा था कि स्टेशन पर बम है, जो रात 11.40 बजे फट जाएगा। हालांकि देर रात तक ऑपरेशन चलाया लेकिन कोई बम बरामद नहीं हुआ।

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बारिश से पानी-पानी हुई राजधानी दिल्ली, सड़कें बन गई नदियां

दिल्ली में बारिश ने वीकेंड को गुलजार बना दिया है। राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर के क्षेत्र में जमकर बारिश हो रही है। न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने भी पूरे दिन बारिश होने की का अलर्ट जारी किया है। लेकिन बारिश की वजह से दिल्ली की सड़कें नदियों में तब्दील हो चुकी हैं, गाड़ियों के पहिए थम गए और जाम से दिल्ली बेहाल हो गयी।

अंडरपास ब्रिज पर बंद हुए ट्रैफिक

वहीं भारी बारिश को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सावधानी बरतते हुए मिंटो ब्रिज अंडरपास पर यातायात रोक दिया है। पुलिस ने दोनों तरफ बैरिकेडिंग लगा दी है। यहां पर जलभराव होना शुरू हो गया है। बता दें कि बारिश की वजह से मिंटो ब्रिज अंडरपास में जलभराव हो जाता है और कई बार इसमें फंसकर लोगों की जान भी जा चुकी है।

अन्य राज्यों में भी होगी भारी बारिश

वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में आठ से 10 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर में भी अगले पांच दिनों तक बारिश होने वाली है।

बारिश का येलो अलर्ट जारी

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में सुबह आठ बजे से दोपहर ढाई बजे 90 से लेकर 110 एमएम तक बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही तेज बारिश की वजह से कई जगहों पर जलभराव की स्थिति हो गई है और सड़कों पर पानी भर गया है। मौसम विभाग ने 10 जुलाई तक राजधानी और आसपास बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली मौसम विभाग के प्रमुख ने बताया कि इस सप्ताह दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश होगी, 2-3 दिनों तक बारिश की तीव्रता अधिक रहेगी और उसके बाद तीव्रता कम हो जाएगी। इस दौरान गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।

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भाई अतीक-अशरफ हत्याकांड की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची आयशा नूरी

गैंगस्टर से राजनेता बने माफिया अतीक अहमद और अशरफ अहमद, जिनकी 15 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में पुलिस हिरासत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसकी बहन आयशा नूरी ने कथित तौर पर एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश या एक स्वतंत्र एजेंसी की अध्यक्षता में अपने भाइयों की हत्या की व्यापक जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। आयशा ने अपने भतीजे और अतीक अहमद के बेटे की मुठभेड़ में हत्या की भी जांच की मांग की है। आयशा नूरी ने सुप्रीम कोर्ट में अपने दोनों भाइयों की हत्या को राज्य प्रायोजित होने का आरोप लगाया है।

इसलिए अतीक-अशरफ हत्याकांड को लेकर अतीक-अशरफ की बहन आयशा ने सवाल खड़ा कर दिया और सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाते हुए कहा कि दोनों भाइयों के साथ-साथ भतीजे असद अहमद के एनकाउंटर की भी स्वतंत्र जांच कराई जाए।

आयशा नूरी ने लगाया आरोप

आयशा नूरी ने अधिवक्ता सोमेश चंद्र झा और अमार्त्य आशीष शरण के जरिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें आयशा ने दोनों भाइयों की हत्या को एक्स्ट्रा जूडिशियल किलिंग करार दिया है। नूरी की याचिका में कहा गया है कि उच्चस्तरीय सरकारी एजेंटों के माध्यम से इस पूरी घटना की योजना बनाई गई थी। आयशा ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार की मदद के लिए पुलिस भी इनके साथ मिली हुई थी।

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मणिपुर हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक शुरू

मणिपुर के हालात पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक शुरू हो चुकी है। बैठक संसद भवन में हो रही है इसमें जेपी नड्डा भी शामिल हैं। बैठक में टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा, आरजेडी के मनोज झा, पशुपति पारस और सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास मौजूद हैं। ममता बनर्जी और शरद पवार ने इस बैठक से दूरी बनाई है, हालांकि बैठक में टीएमसी सांसद मौजूद हैं।

क्यों शुरू हुई थी मणिपुर में हिंसा

मैतेई समुदाय की ओर से अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किए जाने के बाद मणिपुर में हिंसक झड़पें हुई हैं। हिंसा में अब तक करीब 120 लोगों की जान गई है और 3,000 से अधिक घायल हुए हैं। राज्य में जारी अशांति को देखते हुए इंटरनेट पर प्रतिबंध को 25 जून तक बढ़ा दिया गया है।

अमित शाह ने किया था मणिपुर का दौरा

मणिपुर में तीन मई से शुरु हुई हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, हिंसाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। हिंसा में सौ से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि 50 हजार से ज्यादा लोगों ने अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शरण ली है। लूटे गए छह हजार हथियारों में से अभी 1500 भी वापस नहीं हुए हैं। रोड ब्लॉक कर सुरक्षा बलों का रास्ता रोका जा रहा है। अब तो असम राइफल सहित दूसरे सुरक्षा बलों पर हमले भी होने लगे हैं। इसके मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से यह बैठक बुलाई गई है। विपक्ष लंबे समय से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रहा था।

कांग्रेस लगातार साध रही भाजपा पर निशाना

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राज्य में शांति और सद्भाव की अपील करते हुए कहा कि मणिपुर में लोगों के जीवन को तबाह करने वाली अभूतपूर्व हिंसा ने हमारे देश की अंतरात्मा पर गहरा घाव छोड़ा है। भाजपा शासित राज्य मणिपुर में हिंसा भड़कने के बाद से कांग्रेस मणिपुर को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साध रही है।

सीएम भूपेश बघेल ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

इस बीच छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी के लोग दावा करते हैं कि हमारे राज्य में सांप्रदायिकता नहीं है। यहां 50 दिनों से मणिपुर जल रहा है लेकिन प्रधानमंत्री के पास समस्या के समाधान के लिए बात करने का समय नहीं है।

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कांवड़ यात्रा में भाला और त्रिशूल पर प्रतिबंध, देखें गाइडलाइंस

इस साल सावन के कांवड़ यात्रा की शुरुआत 4 जुलाई से हो रही है जो 15 जुलाई तक चलेगी। सावन की शिवरात्रि पर हरिद्वार से चलकर उत्तर प्रदेश होते हुए हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान तक जाने वाली कांवड़ यात्रियों के लिए खास दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। सावन की कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए और उनकी यात्रा सुचारू रूप से चले, इसके लिए सात राज्यों ने खास व्यवस्था की है।

सात राज्‍यों, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पंजाब के अध‍िकारियों और सुरक्षा एजेंसियों ने कांवड़ यात्रा को लेकर एक बैठक की और बैठक के बाद कुछ दिशा निर्देश जारी किए गए। दिशा निर्देश में कांवड़ियों की भारी तादाद को देखते हुए रूट डायवर्जन की व्‍यवस्‍था भी की गई है।

दिशा निर्देश में कहा गया है कि इस बार कांवड़ यात्रा में 12 फीट से ऊंची कांवड़ नहीं ले जा सकेंगे, उस पर रोक रहेगी। इसके पीछे की वजह बताई गई कि ज्यादा ऊंचाई होने पर कांवड़ बिजली के तारों से स्पर्श कर सकती है और हादसा होने की आशंका रहती है।

कांवड़ यात्रा से पहले जान लें गाइडलाइंस

>>   कांवड़ लेकर जाने के लिए पहचान पत्र जरूरी है।

>>   डीजे पर रोक नहीं होगी, पुलिस नियंत्रण करेगी।

>>   कांवड़ 12 फीट से ऊंची नहीं होगी।

>>   अगर किसी के पास आईडी नहीं है तो अपने जिले के कलेक्ट्रेट ऑफिस में पंजीकरण करा लें।

>>   कांवड़िए अपने साथ भाले या त्रिशूल जैसे नुकीले सामान नहीं लेकर चल सकेंगे।

>>   कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर रोक तो नहीं होगी लेकिन प्रशासन का नियंत्रण होगा।

>>   डीजे पर अश्‍लील या उकसाने वाले गाने नहीं चलाए जा सकेंगे।

>>   डीजे कितनी तेज आवाज में बजाया जा सकेगा इस पर भी कंट्रोल रहेगा।

>>  कांवड़ यात्रा की दृष्टि से पश्चिम उप्र को पांच परिक्षेत्रों में बांटा गया है। मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर व बागपत पहला  जोन होगा।

>>  गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर दूसरा, सहारनपुर मंडल तीसरा, बरेली चौथा व आगरा पांचवां जोन होगा।

>>  कांवड़ यात्रा पर नजर रखने के लिए हेलीकाप्टर व 81 ड्रोन कैमरों की व्यवस्था की जाएगी।

>>   1,103 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था होगी।

>>   कांवड़ यात्रा चार जुलाई से प्रारंभ होगी। ऐसे में चार जुलाई से दिल्ली-देहरादून हाइवे वन-वे हो जाएगा। एक ओर कांवड़ चलेगी तो दूसरी ओर वाहन।

>>  नौ जुलाई से हाईवे पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दिया जाएगा।

>>  कांवड़ियों की संख्या देखते हुए प्रशासन रूट डायवर्जन व वाहनों के प्रतिबंध के आदेश को संशोधित कर सकता है।

>>   यात्रा के दौरान म्यूजिक सिस्टम पर अशोभनीय गाना न बजने दें।

>>   हर जिले में क्यूआर कोड बनाएं, जिसमें कांवड़ संबंधी जानकारी मिल सके।

>>   कांवड़ यात्रा पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त रखी जाएगी।

read more : सीएम अरविंद केजरीवाल ने लिखी एलजी वी के सक्सेना को चिट्ठी

सीएम अरविंद केजरीवाल ने लिखी एलजी वी के सक्सेना को चिट्ठी

दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने एलजी वीके सक्सेना को चिट्ठी लिखी है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने चिट्ठी में कहा कि दिल्ली की कानून व्यवस्था की हालत बहुत ही चिंतजानक है। पिछले 24 घंटों में 4 हत्याएं हुई हैं। हर नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहा है। दिल्ली की कानून व्यवस्था के लिए सीधे उपराज्यापल और गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। नागरिकों, विधायकों और आरडब्ल्यूए (rwa) के साथ मिलकर कानून व्यवस्था सुधारी जाये। थाना लेवल कमिटी फिर से शुरू की जाये। सीएम केजरीवाल ने दिल्ली में बढ़ते अपराधों को लेकर एलजी के साथ दिल्ली कैबिनेट की बैठक का प्रस्ताव रखा है।

सीएम केजरीवाल ने भाजपा पर बोला हमला

सीएम अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली में चार चुनाव बुरी तरह से हार गई। अगले कई वर्षों तक दिल्ली जीतने की उनकी कोई उम्मीद नहीं है। तो बीजेपी ने इस अध्यादेश के ज़रिए दिल्ली को हथियाने की कोशिश की है, कैसे ? ये अध्यादेश मंत्रियों, मुख्यमंत्री और कैबिनेट के ऊपर अफसरों को बैठाता है। हर विभाग में अब अंतिम निर्णय मंत्री का नहीं, विभाग सचिव का होगा। सचिव मंत्री के निर्णय को ख़ारिज कर सकता है।

कैबिनेट के ऊपर मुख्य सचिव होगा जो तय करेगा कि कैबिनेट का कौन सा निर्णय सही है। अथॉरिटी में सीएम के निर्णय को पलटने के लिए सीएम के ऊपर दो अफ़सरों को बैठा दिया गया। अफसरों की मर्जी के बिना कोई प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं लाया जा सकता। तो सारे निर्णय अब अफ़सर लेंगे और इन अफ़सरों पर सीधे केंद्र सरकार का कंट्रोल होगा। इस तरह भाजपा चुनाव हारने के बाद चोरी से दिल्ली सरकार चलाना चाहती है।

आप नेताओ ने साधा एलजी वी के सक्सेना पर निशाना

इससे पहले आप के नेताओं ने सोमवार सुबह ट्वीट करके आरोप लगाया था कि एलजी वीके सक्सेना अपना कार्य करने के बजाय दिल्ली सरकार के काम का श्रेय लेने में लगे रहते हैं। पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि एलजी वीके सक्सेना से दिल्ली की कानून व्यवस्था संभल नहीं रही है। इसलिए दिल्ली में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।

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भारी बारिश से 7 लोगों की मौत, हज़ारो लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया

अरब सागर में उठे चक्रवात बिपारजॉय के असर से राजस्थान के कुछ हिस्‍सों में पिछले दो दिनों में अत्यधिक भारी बारिश होने के कारण हुए हादसों में सात लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार और बुधवार को होने वाला बूंदी, कोटा, झालावाड़ और दौसा का अपना दौरा रद्द कर दिया है और मुख्यमंत्री मंगलवार और बुधवार को बिपारजॉय चक्रवात से प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे। गहलोत मंगलवार को बाड़मेर, सिरोही व जालोर जिले तथा बुधवार को पाली व जोधपुर जिले का दौरा करेंगे।

सात में से चार मौतें राजसमंद में

आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के सचिव पीसी किशन ने कहा कि पिछले दो दिनों में बारिश जनित हादसों में सात लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा, “सात में से चार मौतें राजसमंद में हुईं।” अधिकारी ने कहा कि जालोर, सिरोही, पाली और बाड़मेर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ के कर्मियों ने पिछले दो दिनों में इन जिलों के विभिन्न स्थानों से 133 लोगों, राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) के कर्मियों ने 123 लोगों और सेना के जवानों ने नौ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

भारी बारिश के चलते लोगो को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के सचिव पीसी किशन ने कहा “करीब 15,000 लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।” उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 8,700 कच्चे घर और 2,000 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए तथा बिजली के 8,500 खंभे गिर गए। मौसम विभाग के अनुसार रविवार से सोमवार सुबह तक सिरोही के शिवगंज में 35 सेमी, टोंक के नगरफोर्ट में 31 सेमी, राजसमंद के देवगढ़ में 27 सेमी, राजसमंद के कुंभलगढ़ में 25 सेमी, राजसमंद के आमेट में 24 सेमी, राजसमंद में 22 सेमी और अजमेर में 16 सेमी बारिश दर्ज की गई।

अजमेर में हुई सबसे ज्यादा बारिश

अजमेर में सोमवार को सबसे अधिक 100.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम कार्यालय के अनुसार, मंगलवार के लिए किसी भी जिले के वास्ते कोई रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन सवाईमाधोपुर, बारां और कोटा जिलों के अलग-अलग इलाकों में अति भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं बूंदी, टोंक, झालावाड़ और करोली जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।

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बिपरजॉय समुद्री तटों से टकराया, लैंडफाल से तबाही का मंजर दिखना शुरू

अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान बिपरजॉय गुजरात के समुद्री तटों से टकरा चुका है। लैंडफाल के बाद तबाही का मंजर दिखना शुरू हो गया है। जगह-जगह बिजली के खंभे और पेड़ गिरे हैं। करीब 500 से ज्यादा बिजली के खंभे गिरे हैं। गुजरात के समुद्री तटवर्ती जिलों में इस वक्त हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर से भी ज्यादा है। जो तस्वीरें सामने आ रही हैं। उन्हें देखकर साफ है कि चक्रवात बिपरजॉय बेहद खतरनाक हो चुका है। मौसम विभाग ने बताया कि जखौ में 100 किलो मीटर तक नुकसान हुआ है।

बिपरजॉय का लैंडफॉल आधी रात तक रहेगा जारी

समुद्र में उठ रहीं लहरें 5 मीटर तक ऊंची जा रही हैं। मौसम विभाग की मानें तो बिपरजॉय का लैंडफॉल आधी रात तक जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के तट पर रेड अलर्ट जारी किया गया है। हालात ये है कि कच्छ और द्वारका में बिजली काट दी गई है। हवा की रफ्तार लगातार तेज हो रही है और बारिश भी उतनी ही तेज हो रही है। इस वक्त द्वारका, मांडवी, कच्छ, सोमनाथ, हर तरफ मूसलाधार बारिश हो रही है।

मौसम विभाग ने बताया कि द्वारका में भी पेड़ गिरे हैं और जखौ में जीरो विजिबिलिटी है। वहीं कच्छ के भुज नालिया नेशनल हाईवे पेड़ गिरने के कारण बंद हो गया है। एनडीआरएफ की 27 टीमें तटवर्ती इलाकों में तैनात की गई हैं।

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115 से 125 किमी की रफ्तार से आगे बढ़ रहा चक्रवात बिपरजॉय

गुजरात के तटों की तरफ बढ़ रहा चक्रवात बिपरजॉय बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। आज शाम चार से रात आठ बजे के बीच कच्छ के जखाऊ में जमीन से टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने इससे भारी तबाही की चेतावनी दी है। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग ने बिपरजॉय को लेकर जानकारी दी है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान बिपरजॉय आज 16:30 बजे जखाऊ बंदरगाह (गुजरात) से लगभग 80 किमी दक्षिण पश्चिम में है , वहीं देवभूमि द्वारका से यह पश्चिम दक्षिण दिशा में 130 किमी दूर है। आईएमडी ने यह भी बताया कि जखाऊ बंदरगाह के पास आज शाम से लैंडफॉल प्रक्रिया शुरू होगी जो कि आधी रात तक जारी रहेगी।

कल तक बंद रहेंगी व्यवसायिक उड़ानें

भीषण चक्रवात बिपरजॉय को लेकर नोटम (नोटिस टू एयर मिशन0 14 जून डेढ़ बजे से 16 जून 11 बजकर 59 मिनट तक जारी किया गया। इस दौरान कोई भी व्यावसायिक उड़ानें बंद रहेंगी। केवल आपातकालीन और राहत उड़ानों की अनुमति है। जामनगर के एयरपोर्ट निदेशक डीके सिंह ने यह जानकारी दी है। वहीं, गुजरात के मांडवी में तेज हवाएं और भारी बारिश हो रही है। ‘बिपारजॉय’ आज शाम गुजरात तट से टकराएगा।

बिपरजॉय के टकराने से पहले ही स्थिती हुई खराब

गुजरात में बिपरजॉय के टकराने से पहले ही स्थिती खराब हो गई है। यहां भारी बारिश हो रही है। इससे बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, तेज हवाएं भी चल रही है। मौसम विभाग लगातार तूफान की चेतावनी दे रहा है। वहीं, गांधीनगर के राहत कमिश्नर आलोक पांडेय ने बताया कि बिपरजॉय की गति थोड़ी घटी है, लेकिन 110 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। उन्होंने कहा कि इतनी रफ्तार से हवाएं चलना बहुत खतरनाक है।

समुद्री किनारों पर तूफान बिपरजॉय का असर

गुजरात में चक्रवात बिपरजॉय का प्रभाव देखने को मिल रहा है। यहां के द्वारका में तेज़ हवाओं के साथ बारिश हो रही है। वहीं, जामनगर में तटीय क्षेत्रों पर ऊंची लहरें उठ रहीं हैं। द्वारका में बिपरजॉय के प्रभाव से टाटा केमिकल्स के पास सड़क पर एक शेड गिर गया। मौके पर एनडीआरएफ की टीमें मौजूद हैं। समुद्री किनारों पर तूफान बिपरजॉय का असर दिख रहा है। यहां समंदर में ऊंची लहरें उठती दिख रहीं है। हालात को देखते हुए यहां तटीय इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। पूरे हालात पर दमन प्रशासन नजर बनाए हुए है।

बिपरजॉय के चलते दिल्ली के रेलभवन बनाया कंट्रोल रूम

तूफान बिपरजॉय के चलते रेल सेवाएं भी बाधित हुई हैं। कच्छ, द्वारका और आसपास के 8 जिलों से गुजरनेवाली पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को मिलाकर कुल 125 से अधिक ट्रेनें कैंसिल की गई हैं। वहीं दवा और राहत सामग्री के लिए ट्रेनों को स्टैंडबाइ पर रखा गया है।

एनडीआरएफ ने 94 हजार लोगों को प्रभावित इलाकों से हटाया

चक्रवात बिपरजॉय से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 18 और एसडीआरएफ की 12 टीमें तैनात हैं। हमारे साथ मौसम विभाग समय-समय पर जानकारी साझा कर रहा है। हमने 94 हजार लोगों को प्रभावित इलाकों से हटाया है। कमज़ोर बिल्डिंग, खंबे, पेड़ से इससे प्रभावित होंगे। हम अभी नुकसान का अंदाज़ा नहीं लगा सकते। एयरलिफ्ट के लिए हमने 15 टीमों को अलग-अलग स्थानों पर रखा है।

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पुरोला में हालात तनावपूर्ण, महापंचायत के लिए जाने पर लोगों की पुलिस से धक्का-मुक्की

पुरोला में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। यमुना घाटी के तीनों बाजार बंद कर दिए गए हैं। बड़कोट, पुरोला, नौगांव के सभी बाजारों में कोई दुकान नहीं खुली। वहीं महापंचायत के लिए पुरोला जाने की जिद पर अड़े हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं व व्यापारियों को पुलिस ने पुरोला जाने से रोका। पुलिस के साथ देर तक नोंकझोक के बाद प्रदर्शनकारी यही धरने पर बैठ गए, जिसके चलते यहां लंबा जाम लग गया।

15 जून को पुरोला में प्रस्तावित महापंचायत को लेकर जिला प्रशासन ने बुधवार शाम ही क्षेत्र में धारा-144 लागू कर दी थी। जिले के बॉर्डर भी सील कर दिए गए। भारी संख्या में क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया, बावजूद आज व्यापारी और हिंदू संगठनों के लोग महपंचायत करने की जिद पर अड़े हैं।

हिन्दू जागृति मंच के संयोजक गिरफ्तार

यमुनाघाटी हिन्दू जागृति मंच के संयोजक केशव गिरी महाराज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके बाद धरने पर बैठे सभी लोगों ने गिरफ्तारी दी। पुलिस वाहन में गिरफ्तार किए व्यापारी और हिन्दू संगठन के लोगों को धरना स्थल से आधा किमी दूर जा कर छोड़ा गया। केशव गिरी महाराज ने अब 25 जून को बड़कोट में महा पंचायत होने की घोषणा की है। धरने की वजह से करीब ढाई घंटे तक पुरोला बफकोट मार्ग बंद रहा।

प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की

पुरोला जाते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा रोकने के बाद हिन्दू वादी संगठन धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे लोगों ने जबरन पुरोला जाने की कोशिश की। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ धक्का मुक्की हुई, लेकिन मौजूद भारी पुलिस फ़ोर्स के कारण प्रदर्शनकारी आगे नहीं बढ़ पाए। अब प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी पर अड़े हुए हैं। कई हिन्दूवादी संगठन के लोग बड़कोट तिलाडी पौंटी राजगढ़ी मार्ग से पुरोला की ओर निकले। सुबह से ही हिन्दू वादी संगठन के लोगों ने पुलिस प्रशासन को खूब छकाया।

पुलिस द्वारा रोके जाने पर हिन्दू संगठन धरने पर

नौगांव से एक किमी आगे राजगढ़ी बैंड पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर नौगांव बड़कोट के व्यापारी और हिन्दू संगठन के लोग हरिकी दून मोटर मार्ग पर धरने पर बैठे। जिससे दोनों ओर एक घंटे से वाहनों की आवाजाही बंद है। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारे लग गई है। नौगांव व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीस असवाल का कहना था कि कुछ लोगों द्वारा भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है कि दूसरे समुदाय के लोगों को क्षेत्र से भगाया जा रहा। जबकि एक भी ऐसा नहीं है।

भ्रामक सूचना न करें प्रसारित

पुरोला प्रकरण को देख रहे एडीएम तीर्थपाल सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि पुरोला घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना न प्रसारित की जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने पुरोला में शांति व्यवस्था बनाने में जनसहयोग से अपील की है।

हाईकोर्ट पहुंचा मामला

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स के सदस्य अधिवक्ता शाहरुख आलम ने बुधवार को पुरोला में हिंदुवादी संगठनों की महापंचायत व संप्रदाय विशेष के लोगों को 15 जून तक शहर छोड़ने के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की अवकाशकालीन पीठ ने याचिकाकर्ता को पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को कहा।

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट पर भरोसा करना चाहिए। पीठ ने कहा, ‘हाईकोर्ट पर अविश्वास क्यों? उनका भी अधिकार क्षेत्र है। आपको कुछ भरोसा होना चाहिए। यह शॉर्ट सर्किटिंग क्यों? हम मेरिट या कारण पर नहीं हैं। आप प्रशासन पर अविश्वास क्यों करते हैं?’ जिसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।

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यूक्रेन के वॉर जोन से पुतिन के लिए आई बुरी खबर, युद्ध छोड़कर भाग रहे रूसी सैनिक

यूक्रेन के वॉर जोन से राष्ट्रपति पुतिन के लिए बहुत बुरी खबर आ रही है। भारी संख्या में रूसी सैनिक अब युद्ध का मैदान छोड़कर भागने का प्लान बना चुके हैं। ऐसा ही प्लान बनाकर युद्ध छोड़कर भाग रहे 7 रूसी सैनिकों को उनके साथियों ने ही रोककर गोली मार दी है। इससे हड़कंप मच गया है। रूसी सैनिकों को साथियों द्वारा गोली मारे जाने का वीडियो यूक्रेन के ड्रोन कैमरे में कैद हुआ है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि रूसी सैनिक युद्ध का मैदान छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे हैं। युद्ध के मैदान से भागने का प्रयास करने वाले रूसी ‘भगोड़ों’ को अपने ही सैनिकों द्वारा मार डाला गया। इसमें सात रूसी सैनिकों को एक जंगल की ओर भागते हुए पकड़ा गया। इसके बाद उन पर गोली चला दी गई। इससे सैनिकों की मौत हो गई। रूसी सैनिकों को मैदान छोड़कर भागते और उन्हें अपने ही साथियों द्वारा गोली मारे जाने का वीडियो यूक्रेन ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया है। इसे यूक्रेनी ड्रोन के द्वारा कैप्चर किया गया था। इसके बाद इसे ऑनलाइन मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर साझा किया गया।

यूक्रेन ने वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि की

यूक्रेन ने टेलीग्राम पर इस वीडियो को शेयर करते हुए उसकी प्रमाणिकता की पुष्टि भी की है। कीव पोस्ट के अनुसार, यूक्रेनी स्वतंत्र सूचना एजेंसी (UNIAN) ने सोमवार (12 जून) को कहा कि उसने वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि की है। सैनिकों को युद्ध के मैदान से भागने से रोकने के मिशन के साथ बैरियर सैनिकों को तैनात किया जाता है। उन्होंने समझाया कि इस तरह के सैनिकों को महीनों से रूस द्वारा यूक्रेन में तैनात किया गया है, क्योंकि मास्को ने आगे बढ़ने की सख्त कोशिश की थी।

नाटो ने दी रूसी राष्ट्रपति पुतिन को चेतावनी

इस बीच नाटो ने रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए अपना अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास शुरू किया है। जर्मनी में अमेरिकी राजदूत एमी गुटमैन ने कहा कि अभ्यास “संदेह से परे हमारे सहयोगी बल की चपलता और तेज़ी” दिखाएगा। संयुक्त अभ्यास, जिसका नाम एयर डिफेंडर 23 है। इसमें नाटो के 25 सदस्य देशों के 10,000 प्रतिभागी और 250 विमान के साथ जापान और स्वीडन सहित भागीदार वायु सेना – नाटो पर नकली हमले का जवाब देंगे।

रूसी सैनिको ने अपने ही साथियों ने मारी गोली

14 सेकंड के वीडियो में सशस्त्र तीन रूसी सैनिक एक ट्रीलाइन से निकलते हैं और खुले मैदान की ओर बढ़ते हैं जिसे वाहन ट्रैक द्वारा चिह्नित किया गया है। यहां वह सात साथियों को पकड़ते हैं, जो युद्ध के मैदान से पीछे हट गए थे और जंगल की ओर जा रहे थे। रूसी सशस्त्र सैनिक पहले इनमें से दो प्रमुख सैनिकों को गोली मार देते हैं। बाकी समूह को जमीन पर गिरते और कवर खोजने के लिए रेंगते हुए देखा जा सकता है।

जैसे ही सशस्त्र सैनिक आगे बढ़ते हैं, वे उन पर गोलियां चलाते दिखाई देते हैं और किसी अन्य भागने वाले समूह की जांच के लिए क्षेत्र की जांच करते हैं। यह स्पष्ट नहीं था कि भागने वाले सभी सैनिक मारे गए या पकड़े गए। इस वीडियो को टेलीग्राम चैनल “लुक फॉर योर ओन” पर पोस्ट किया गया है, जो यूक्रेन के आंतरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा समर्थित है। ताकि फौजियों के परिवारों को यूक्रेन में पकड़े गए या मारे गए किसी भी रूसी आक्रमणकारियों की पहचान करने में मदद मिल सके।

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अरब सागर से उठा चक्रवाती तूफान बिपरजॉय भारत के पश्चिमी तट की ओर बढ़ रहा है। गुरुवार यानी 15 जून तक इसके गुजरात के तट पर कदम रखने का अनुमान लगाया है। पश्चिमी तट पर मुंबई से लेकर कच्छ तक समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं और तटीय इलाकों में तूफानी हवाएं चल रही हैं। गुजरात में तूफान को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

गुजरात और महाराष्ट्र के साथ ही 9 राज्यों पर इसका असर होने का अनुमान लगाया गया है। तूफान के 15 जून की शाम तक गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ से गुजरने का अनुमान है। कच्छ, द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और मोरबी के चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है।

मुंबई शहर में चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के कारण बारिश होना शुरू हो गई है। ‘बिपरजॉय’ के प्रभाव से गुजरात के अरावली जिले के कई हिस्सों में भी भारी बारिश हुई है। मौसम विज्ञान विभाग ने 125-135 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई है, जो 150 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। अब तक 47,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया गया है। वहीं, चक्रवर्ती तूफान से प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ की 17 और एसडीआरएफ की 12 टीमें तैनात की गई हैं।

गुजरात, महाराष्ट्र समेत 9 राज्यों में असर

चक्रवातीय तूफान के गुजरात में लैंडफाल करने का अनुमान है, इसलिए यहां सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका जताई गई है। महाराष्ट्र में भी तूफान का खतरा है, इसके अलावा लक्षद्वीप, केरल, कर्नाटक, मअसम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और पश्चिमी राजस्थान में भी तूफान का असर होने का अनुमान है।

द्वारका में लैंडफॉल नहीं करेगा बिपरजॉय

द्वारका के एसडीएम पार्थ तलसानिया ने एएनआई से बताया है कि चक्रवात पश्चिम की ओर बढ़ गया है और इसके द्वारका में लैंडफॉल करने की संभावना नहीं है। अभी तक करीब 4,500 लोगों को तटीय क्षेत्रों से विभिन्न शेल्टर होम में भेजा गया है। द्वारका और ओखा में एनडीआरएफ की एक-एक टीम तैनात है। इसके अलावा एसडीआरएफ और सेना की टीम भी है।

बिपरजॉय को लेकर 69 ट्रेनों को किया रद्द

सीपीआरओ पश्चिम रेलवे ने कहा कि चक्रवात बिपरजॉय के मद्देनजर यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर 69 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, 33 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है, जबकि 27 ट्रेनों को शॉर्ट-ऑरजिनेट किया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों का किया निरीक्षण

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने गुजरात के कच्छ में अस्पतालों का निरीक्षण किया और उपलब्ध ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और क्रिटिकल केयर बेड की जानकारी मांगी है। उन्होंने चक्रवात के बाद आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए की गई तैयारियों की भी समीक्षा की।

रक्षा मंत्री ने तीनों सेना प्रमुखों से की बात

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि तीनों सेना प्रमुखों से बात की और चक्रवात ‘बिपरजॉय’ के लैंडफॉल के लिए सशस्त्र बलों की तैयारियों की समीक्षा की। चक्रवात के कारण किसी भी स्थिति या आकस्मिकता से निपटने के लिए सशस्त्र बल नागरिक अधिकारियों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं।

अमित शाह का तेलंगाना दौरा रद्द

गृह मंत्री अमित शाह का तेलंगाना दौरा बिपरजॉय चक्रवाती तूफान के कारण रद्द कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार अमित शाह बिपरजॉय चक्रवात को लेकर व्यस्त हैं। जमीनी स्थिति जानने के लिए वे गुजरात जाएंगे।

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चक्रवात बिपरजॉय के कारण समंदर में उठ रहीं ऊंची लहरें, एनडीआरएफ अलर्ट

चक्रवात बिपरजॉय अरब सागर में विकराल रूप लेने लगा है। इस कारण मुंबई में आज धूल भरी आंधी देखने को मिली थी। इस बीच गुजरात के द्वारका से एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में समंदर का एक दृश्य दिखाई पड़ रहा है, जिसमें ज्वारीय लहरे द्वारका की तट पर प्रचंड रूप दिखा रही है। संभावना जताई जा रही है कि 15 जून को बिपरजॉय चक्रवाती तूफान गुजरात के तट को पार कर सकता है। इस कारण गुजरात के जूनागढ़ में स्कूलों को 16 जून तक के लिए स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बाबत एक हाई लेवल मीटिंग करने वाले हैं।

एनडीआरएफ की टीम तैनात

प्रशासन द्वारा सौराष्ट्र, कच्छ में एनडीआरएफ की सात टीमें तैनात की गई हैं। वहीं लोगों को तटीय इलाकों के पास जाने से मना किया गया है। यही नहीं समुद्र के पास रह रहे लोगों को सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। चक्रवात के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर कई विमानों का संचालन प्रभावित हुआ है। वहीं बड़ी संख्या में लोग अपनी फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे हैं। यही नहीं चक्रवाती तूफान के कारण कई कंपनियों ने अपनी विमानों के उड़ानों को रद्द कर दिया है। इसी कड़ी में रविवार को मुंबई की समंदर में ऊंची-ऊची लहरे देखने को मिली थी।

चक्रवात बिपरजॉय का असर

बता दें कि इस चक्रवात के कारण मौसम विभाग ने महाराष्ट्र में भी अलर्ट जारी किया है। बताया जा रहा है कि यह चक्रवात द्वारका से अभी 380 किमी दूर है। मुंबई में इसी कड़ी में आज सुबह धूल भरी आंधी और तेज बारिश देखने को मिली थी. इस कारण चक्रवात के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर कई फ्लाइट्स भी प्रभावित हुए। चक्रवात के कारण कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। फिलहाल बिपरजॉय की रफ्तार 9 किमी प्रतिघंटा है। कच्छ के इलाके में धारा 144 लागू कर दिया गया है।

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सूरजमुखी के बीज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और अन्य मांगों को लेकर सोमवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिपली में किसानों ने हाईवे जाम किया हुआ है। किसानों ने ट्रैक्टर खड़े कर चंडीगढ़-दिल्ली नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया और सर्विस रोड पर धरने पर बैठ गए। वहीं, लंगर भी हाईवे पर ही शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक जाम जारी रहेगा।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने अपनी दो मांगें बताई हैं। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए किसानों को रिहा किया जाए और एमएसपी पर सूरजमुखी के बीज खरीदना शुरू करें। टिकैत का कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानेगी तब तक हम बैठे रहेंगे। लोकल कमेटी सरकार से बातचीत कर रही है देखते हैं क्या निर्णय होता है। हम लोकल कमेटी के साथ हैं जो वह फैसला लेंगे वही हमें मानना होगा। टिकैत का कहना था कि सभी लोग यही पूछते हैं कि आपने हाईवे जाम कर दिया लोग परेशान हो रहे हैं लेकिन यह नहीं देखते कि किसानों को उनकी फसल का दाम नहीं मिल रहा है।

पिपली में आयोजित महापंचायत में किसान एकत्रित हुए

पिपली में आयोजित महापंचायत में शामिल होने के वास्ते आज बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए हैं। महापंचायत में विभिन्न खाप के नेताओं और राकेश टिकैत के अलावा, भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया भी मौजूद थे। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) द्वारा बुलाई गई “एमएसपी दिलाओ, किसान बचाओ महापंचायत” पिपली में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के पास एक अनाज मंडी में आयोजित की गई। इस राजमार्ग को कुछ दिनों पहले किसानों ने यह मांग करते हुए अवरुद्ध कर दिया था कि सरकार सूरजमुखी के बीज एमएसपी पर खरीदे।

किसान नेताओं किया गया था गिरफ्तार

भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में किसानों ने 6 जून को शाहाबाद के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को इस मांग के साथ छह घंटे से ज्यादा समय तक जाम कर दिया था कि सरकार सूरजमुखी के बीज एमएसपी पर खरीदे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था और लाठीचार्ज किया था। बाद में, बीकेयू (चढूनी) के अध्यक्ष सहित इसके नौ नेताओं को दंगा और गैर-कानूनी सभा सहित विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। महापंचायत को संबोधित करते हुए, कुछ किसान नेताओं ने सरकार की उसकी “किसान विरोधी” नीतियों और किसान नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए आलोचना की।

किसान मांग रहे मुआवजा

बीकेयू नेताओं ने महापंचायत को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए रविवार रात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को 36,414 एकड़ में उगने वाले सूरजमुखी के लिए 8,528 किसानों को अंतरिम मुआवजे के रूप में 29.13 करोड़ रुपये जारी किए थे। किसान मांग कर रहे हैं कि राज्य सरकार सूरजमुखी को 6,400 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे। भावांतर भरपाई योजना के तहत राज्य सरकार एमएसपी से नीचे बेची जाने वाली सूरजमुखी की फसल के लिए अंतरिम समर्थन के रूप में 1,000 रुपये प्रति क्विंटल दे रही है।

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कुख्यात माफिया खान मुबारक की मौत, अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का था शार्प शूटर

यूपी के हरदोई जिला कारागार में बंद कुख्यात माफिया खान मुबारक की मौत हो गई है। उसे जिला कारागार में हालत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया था। चिकित्सकों के मुताबिक, खान मुबारक निमोनिया से पीड़ित था। आज उसकी हालत खराब हुई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुख्यात माफिया खान मुबारक को लखनऊ जेल से विगत 2 वर्ष पहले हरदोई जिला कारागार में ट्रांसफर किया गया था, जिसके बाद से वह हरदोई जिला कारागार में था। बता दें कि खान मुबारक अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का शॉर्प शूटर रहा है।

कैसे चर्चा में आया था खान मुबारक

खान मुबारक ने क्रिकेट मैच के दौरान अंपायर को गोली मार दी थी। इस घटना से वह चर्चा में आया था। मुंबई में साल 2006 में काला घोड़ा कांड से भी वह चर्चा में आया था। 2 जून 2022 से वह हरदोई के जिला कारागार में बंद था। खान मुबारक अंडरवर्ल्ड डॉन जफर सुपारी का भाई था और लंबे समय से बीमार चल रहा था। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हुई है। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी समेत कई अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

खान मुबारक पर हत्या और रंगदारी समेत कई आरोप लगे थे। वह अंबेडकरनगर का मूल निवासी था। कहा जाता है कि वह कॉलेज लाइफ के दौरान ही आपराधिक गतिविधियों से जुड़ गया था और अंडरवर्ल्ड में छोटा राजन के साथ जुड़कर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खिलाफ गैंग तैयार कर रहा था।

योगी सरकार ने कसा था खान मुबारक पर शिकंजा

यूपी में योगी सरकार बनते ही खान मुबारक पर शिकंजा कसने लगा और उसे गिरफ्तार कर हरदोई जेल में शिफ्ट किया गया था। जून 2022 में हरदोई जेल में खान मुबारक को लाया गया था। कहा जाता है कि जब खान मुबारक को हरदोई जेल में शिफ्ट किया गया था, तभी से वह बीमार चल रहा था। सोमवार की शाम उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टर के मुताबिक, उसकी मौत निमोनिया होने की वजह से हुई है।

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प्रियंका गांधी ने जबलपुर में किया बड़ा ऐलान, एमपी की जनता को दी 5 गारंटी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मध्य प्रदेश में चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए प्रदेश की जनता के लिए पांच गारंटी का ऐलान कर दिया है। उन्होंने जबलपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए पांच गारंटी का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इसे प्रदेश में सरकार बनने के बाद लागू किया जाएगा। प्रियंका गांधी ने आज से मध्यप्रदेश में चुनावी अभियान का आगाज कर दिया है। इस साल के अंत में यहां विधानसभा चुनाव होनेवाले हैं।

वहीं कर्नाटक में जीत से कांग्रेस भी काफी उत्साहित है। यही वजह है कि प्रियंका गांधी ने जबलपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए पार्टी के घोषणापत्र से पहले ही 5 गांरटी का ऐलान कर दिया। बता दें कि कर्नाटक की जीत में कांग्रेस की पांच गारंटी बहुत काम आई थी।

पांच गारंटी

>>  हर महिला को हर महीने 15 सौ रुपए मिलेंगे
>>  एक हजार का सिलिंडर 500 रुपये में मिलेगा
>>  ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करेंगे
>>  किसानों के कर्ज़ को माफ करेंगे
>>  100 यूनिट बिजली माफ, 200 यूनिट तक हाफ

डबल इंजन की बात बंद करनी चाहिए – प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी ने कहा-‘ भाजपा वाले यहाँ आते हैं और घोषणाएं करते हैं, लेकिन उन्हें पूरा नहीं करते। वे डबल इंजन और ट्रिपल इंजन की बात करते हैं। वे हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में भी यही कहते थे लेकिन जनता ने उन्हें दिखा दिया है कि उन्हें डबल इंजन की बात बंद करनी चाहिए और काम करना शुरू कर देना चाहिए।

प्रियंका गांधी ने की नर्मदा की पूजा

कांग्रेस के इस चुनाव अभियान की शुरुआत मां नर्मदा की पूजा अर्चना से हुई। नर्मदा नदी के तट पर ग्वारीघाट पर पहुंच कर प्रिंयका ने पूजा-अर्चना की और नर्मदा मैया की आरती की। इस मौके पर उनके साथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ, सांसद विवेक तंखा सहित तमाम अन्य नेता मौजूद रहे। इसके बाद प्रियंका ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।

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पुलिस की गिरफ्त से दूर माफियाओं की पत्नियां, जानें कौन किस मामले में है वॉन्टेड

उत्तर प्रदेश में पुलिस माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। कई अपराधी मुठभेड़ में मारे गए तो कुछ जेल की सलाखों के पीछे जा चुके हैं। इस दौरान ऐसे भी मामले सामने आए जहां पुलिस माफियाओं की पत्नियों को पड़कने में नाकाम रही है। शाइस्ता, जैनब, असफां के बाद फरार होने वालों में नया नाम पायल का है। चारों कब से फरार हैं, कितने का इनाम है इन पर, क्या-क्या आरोप हैं ? आइये जानते हैं…

पहले बताते है अशरफ की बीबी जैनब के बारे में

अतीक के भाई अशरफ की पत्नी जैनब भी फरार है। जैनब भी अपने शौहर के जनाजे में शामिल नहीं हुई थी। जैनब भी अपने शौहर का आखिरी बार चेहरा देखने नहीं पहुंची थी। उमेश पाल की हत्या के वक्त जैनब अपने घर पर थी। पुलिस जैनब को पकड़कर लाई और पूछताछ के बाद शांति भंग में चालान कर दिया था। हालांकि बाद में पुलिस ने जैनब को भी वांछित कर दिया।

अशरफ की बीबी जैनब
अशरफ की बीबी जैनब

अशरफ की पत्नी जैनब को काफी बाद में पुलिस ने नामजद किया। उस पर शूटरों की आर्थिक मदद करने और छिपाने का आरोप है। जैनब काफी मुखर थी। उसने कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। उसने तमाम अफसरों पर आरोप लगाए थे कि वे अशरफ को फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। जैनब पर कोई इनाम तो नहीं है लेकिन पुलिस अब तक उसे नहीं पकड़ पाई है।

अतीक की पत्नी शाइस्ता फरार, पुलिस खाली हाथ

प्रयागराज में इसी साल 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या हुई थी। 25 फरवरी को उमेश की पत्नी ने अतीक, अशरफ, शाइस्ता, अतीक के बेटे, गुड्डू मुस्लिम, उस्मान समेत अतीक के कई अज्ञात गुर्गों और सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपियों पर इनाम भी घोषित किया था। शाइस्ता पर 50 हजार का इनाम है। शाइस्ता पर उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा उस पर फर्जीवाड़े का भी एक मुकदमा दर्ज है। शाइस्ता दोनों मामलों में वांछित है। अतीक और अशरफ की हत्या के बाद से ही पुलिस फरार शाइस्ता की तलाश में जुटी है। शाइस्ता पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

अतीक की पत्नी शाइस्ता
अतीक की पत्नी शाइस्ता

पुलिस ने सैकड़ों गांव में दबिश दी

बेटे के एनकाउंटर और अपने शौहर और देवर की हत्या के बाद भी सामने नहीं आई। प्रयागराज से लेकर कौशाम्बी तक शाइस्ता की तलाश में पुलिस ने सैकड़ों गांव में दबिश दी। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सैकड़ों मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए लेकिन अब तक शाइस्ता का कुछ पता नहीं चला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आखिरी बार उसकी लोकेशन खुल्दाबाद में मिली थी।

मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां, पुलिस ने इनाम बढ़ाया

बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी को दो अलग-अलग मामलों में सजा हो चुकी है। मुख्तार की पत्नी आफ्शां भी फरार है। अफशां भी अपने शौहर के गुनाहों की राजदार है और पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस ने अफशां पर पहले 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था, लेकिन अब उसे बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है। जांच में सामने आया कि मुख्तार अंसारी की कंपनी में उसकी पत्नी अफशां का शेयर सबसे अधिक है। इस पर ईडी ने पूछताछ के लिए अफशां को नोटिस भेजा। लेकिन अफशां नहीं पहुंची। इसके बाद ईडी ने अफशां के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया।

मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां
मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां

संजीव जीवा की पत्नी पायल माहेश्वरी, पुलिस की गिरफ्त से बाहर

पिछले दिनों मारे गए गैंगस्टर संजीव जीवा की पत्नी पायल माहेश्वरी गैंगस्टर चार्ट में नामित एक गैंगस्टर है। वह भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने 21 मई 2021 को नई मंडी कोतवाली में दर्ज मुकदमे में पायल माहेश्वरी सहित फरार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी शुरू की है। कारोबारी मनीष गुप्ता ने 21 मई 2021 को पायल समेत जीवा के सहयोगियों पर नई मंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की जांच सहारनपुर क्राइम ब्रांच ने की और चार्जशीट लगाई। इसके आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में पायल माहेश्वरी अभी भी फरार है।

संजीव जीवा की पत्नी पायल माहेश्वरी
संजीव जीवा की पत्नी पायल माहेश्वरी

read more : क्या वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में टीम इंडिया के साथ हुई बेईमानी ?

क्या वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में टीम इंडिया के साथ हुई बेईमानी ?

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा ओपनर शुभमन गिल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल की दूसरी पारी में विवादास्पद तरीके से आउट हो गए। थर्ड अंपायर के इस फैसले को देखकर टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग से लेकर दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह आगबबूला हो गए। दोनों का कहना है कि शुभमन गिल नॉटआउट थे। शुभमन गिल चौथे दिन टी ब्रेक से पहले सस्ते में पवेलियन लौटे गए।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (डब्ल्यूटीसी) में शुभमन गिल को स्कॉट बोलैंड की गेंद पर कैमरन ग्रीन ने स्लिप में कैच किया। हालांकि गेंद जमीन पर छू गई थी, लेकिन थर्ड अंपायर ने आउट करार दिया। तीसरे अंपायर के निर्णय से टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल को विश्वास नहीं हुआ। उस समय दोनों के चेहरों पर मायूसी छा गई।

वीेरेंद्र सहवाग ने शुभमन गिल के आउट होने के बाद किया ट्वीट कर के वीरेंद्र सहवाग ने सोशल मीडिया पर मीम के जरिए अपनी राय दी। सहवाग ने लिखा, जब डाउट हो तब नॉट आउट है।’ डब्ल्यूटीसी फाइनल में कॉमेंट्री कर रहे हरभजन सिंह ने भी टी ब्रेक के दौरान कहा कि शुभमन गिल नॉटआउट थे। भज्जी ने कहा कि जब आपके पास टेक्नॉलोजी उपलब्ध है तब आपने उसे पूरी तरह से इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया।

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