Thursday, April 9, 2026
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उमेश पाल अपहरण केस में अतीक समेत 3 को आजीवन कारावास, 1-1 लाख का जुर्माना

उमेश पाल अपहरण मामले में प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मामले में अतीक अहमद समेत तीन दोषियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जी हां उत्तर प्रदेश में आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। योगी राज में वह हुआ जो पिछले 4 दशकों में नहीं हो पाया था। खुद को जरायम की दुनिया का बेताज बादशाह समझने वाले अतीक अहमद को अदालत ने उमेश पाल किडनैपिंग केस में उम्रकैद की सजा सुना दी है।

इस मामले में उसका भाई अशरफ भी आरोपी था, लेकिन अदालत ने उसे दोषमुक्त करार दे दिया। बता दें कि इस केस में कुल 3 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, और सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वही उमेश पाल के परिवार ने कोर्ट से माफिया अतीक के खिलाफ मृत्युदंड की मांग की है।

फैसला सुनते ही अतीक अहमद ने रखा अपने सिर पर हाथ

उमेश पाल किडनैपिंग केस में कोर्ट ने माफिया अतीक अहमद, दिनेश पासी और खान शौकत हनीफ को दोषी करार दिया है। बाकी 7 अभियुक्तों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। कोर्ट का फैसला सुनते ही अतीक ने अपने सिर पर हाथ रख लिया।

अतीक अहमद का भाई अशरफ दोषमुक्त करार

उमेश पाल अपहरण मामले में माफिया अतीक अहमद, उसके करीबी शौकत हनीफ और दिनेश पासी को जिला न्यायालय की एमपी एमएलए विशेष न्यायाधीश डॉक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने दोषी करार दिया है। विशेष अदालत ने आईपीसी की धारा 364 ए के तहत दोषी पाया और अब वह तीनों दोषियों को सजा सुनाया। विशेष अदालत ने बाकी सभी आरोपियों को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया है। जबकि अतिक का भाई अशरफ भी दोषी नहीं पाया गया।

जूतों की माला लेकर कोर्ट के बाहर पहुंचा अधिवक्ता

वरुण नाम का शख्स प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट के बाहर जूतों की माला लेकर खड़ा है। मीडिया से बात करते हुए उसने कहा, “अगर मैं अतीक अहमद को जूतों की माला पहनाऊंगा तो पाल समुदाय और पूरा वकील समुदाय खुश होगा। उसने वकील समुदाय के एक सदस्य को मार डाला, वे खुश होंगे कि वह जूते की माला पहनकर सजा सुनने आया है। ये उमेश पाल और राजू पाल के परिवार के सदस्यों के जूते हैं।

अतीक अहमद को खत्म किया जाए – जया देवी

उमेश पाल की पत्नी जया देवी ने कहा कि जब तक अतीक, उसके भाई, बेटे को खत्म नहीं किया जाएगा तब तक यह आतंक चलता रहेगा। मैं न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करती हूं। मैं मुख्यमंत्री जी से चाहूंगी की अतीक अहमद को खत्म किया जाए जिससे उसके आतंक पर भी अंकुश लगे।

मेरा बेटा शेर की तरह लड़ाई लड़ता चला आया – मां शांति देवी

उमेश पाल की मां शांति देवी ने कहा कि मेरा बेटा शेर की तरह लड़ाई लड़ता चला आया। जब उसे (अतीक अहमद) लगा कि वह नहीं बच पाएगा तब उसने 17-18 साल बाद मेरे बेटे की हत्या कराई। कोर्ट मेरे बेटे की हत्या पर उसे (अतीक अहमद) फांसी की सज़ा सुनाए। वह नोट के बल पर आगे कुछ भी कर सकता है।

अभियान चलाकर हो रहा अपराधियों का सफाया – डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

अतीक अहमद को सजा मिलने पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि हमारी सरकार अभियान चलाकर अपराधियों का सफाया कर रही है और कोर्ट से गुहार लगाई जा रही है कि हर अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा मिले। लोगों का मानना ​​है कि राज्य में भयमुक्त माहौल बनेगा।

कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे – अतीक के वकील

उमेश पाल की पत्नी ने कहा कि वो न्यायालय के फैसले को आगे चुनौती देंगी। क्योंकि वो चाहती हैं कि अतीक को फांसी की सजा हो। वहीं अतीक के वकील ने कहा कि एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

क्या था मामला

आरोप है कि साल 2006 में 28 फरवरी को बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में गवाह उमेश पाल को पूर्व सांसद अतीक अहमद, उसका भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ अपने साथियों के साथ अपहरण कर अपने कार्यालय में ले गए थे। उमेश पाल ने अतीक अहमद सहित पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया था।

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तेज़ी से पैर पसारता कोरोना वायरस, भारत में 24 घंटे में आए कोरोना के 1573 नए केस

भारत में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। एक दिन में संक्रमण के 1,573 नए मामले आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,47,07,525 हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 10,981 पर पहुंच गई है। देश में संक्रमण से चार लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,30,841 हो गई।

वहीं संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में एक नाम और जोड़ा है। आंकड़े बताते हैं कि देश में दो हफ्ते के अंदर 32 जिलों में पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत या इससे अधिक हो गया। वहीं, 63 ऐसे जिले हैं, जहां पॉजिटिविटी रेट पांच से दस प्रतिशत के बीच है।

दिल्ली के सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी रेट

सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी रेट वाले जिलों में दिल्ली के 4 इलाके शामिल हैं। साउथ दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट 13.8% है। ईस्ट दिल्ली में 13.1%, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में 12.3%, सेंट्रल दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट 10.4% है। दिल्ली के अलावा सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी रेट वाले जिले महाराष्ट्र, केरल और गुजरात में हैं। आंकड़े बताते हैं कि केरल के वायनाड में कोविड की पॉजिटिविटी रेट 14.8% है, जबकि कोट्टयम में 10.5% है। इसी तरह महाराष्ट्र के सांगली में 14.6% और पुणे में 11.1% पॉजिटिविटी रेट है। गुजरात के अहमदाबाद जिले में 10.7% पॉजिटिविटी रेट है।

24 घंटे में 1573 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से मंगलवार जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना वायरस के 1,573 नए मामले सामने आए हैं, जबकि सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 10,981 हो गई है। केरल में संक्रमण के चलते चार लोगों की मौत हो गई। इसी के साथ कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,30,841 हो गई है।

अभी भी चल रहा कोरोना संक्रमण का इलाज

भारत में संक्रमण की दैनिक दर 1.30 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 1.47 प्रतिशत है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी 10,981 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.02 प्रतिशत है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.79 प्रतिशत है। अभी तक कुल 4,41,65,703 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, भारत में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220.65 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं।

पिछले साल की तरह दिख रहे मौजूदा हालात

डॉक्टर्स का कहना है कि मौजूदा समय जो हालात हैं, वो ठीक पिछले साल जनवरी से मार्च की तरह हैं। तब भी तीसरी लहर के दौरान लोगों में कोरोना के समान लक्षण दिख रहे थे।

मरीज बढ़ रहे, लेकिन अस्पतालों में भीड़ नहीं

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय कोविड टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष डॉ. राजीव जयदेवन कहते हैं कि कोरोना के मामलों में तेजी आई है, लेकिन राहत की बात है कि अभी हालात इतने नहीं बिगड़े हैं कि अस्पतालों में भीड़ बढ़े। देश भर के अस्पतालों में अभी तक कोविड रोगियों की भीड़ नहीं लग रही है। ऐसे में हमें इस डेटा को और अधिक बारीकी से देखने की जरूरत है।

गंभीर लक्षण वाले मरीजों की संख्या कम

दिल्ली के लोक नायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार कहते हैं कि वर्तमान में अस्पताल में दो कोविड-19 मरीज भर्ती हैं। एक मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर है जबकि दूसरे को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत है। मतलब कोरोना मरीजों की संख्या जरूर बढ़ रही है, लेकिन गंभीर रोगी अभी कम है। ये राहत की बात है।

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अतीक अहमद प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल पहुंचा, बाहर भारी पुलिस बल तैनात

कुख्यात माफिया अतीक अहमद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की नैनी जेल पहुंच गया है। पुलिस उसे कल रविवार को गुजरात की साबरमती जेल से लेकर चली थी। उसे सड़क मार्ग के द्वारा लाया गया है। इस दौरान सुरक्षा के हाईलेवल इंतजाम किए गए थे। साबरमती से चले पुलिस काफिले में 6 पुलिस गाड़ियां थीं और STF की टीम के 45 पुलिसकर्मी 24 घंटे उसकी सुरक्षा में तैनात थे। वहीं अब नैनी जेल के बाहर भी चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात हैं।

झांसी में 2 घंटे के लिए रोका गया था काफिला

आपको बता दे लगभग 1300 किलोमीटर के सफर के दौरान आज सुबह झांसी के पुलिस लाइन पर अतीक को करीब दो घंटे के लिए रोका गया था। काफिला पुलिस लाइन में वाशरूम में जाने के लिए रोका गया था। इसके बाद यूपी एसटीएफ की टीम अतीक को लेकर झांसी से प्रयागराज के लिए निकल गई थी। बता दें कि झांसी से अतीक की सिक्योरिटी भी बढ़ाई गई। अतीक के काफिले में पुलिस की नई गाड़ियां शामिल की गईं थीं।

नैनी जेल में रखा गया अतीक अहमद

साबरमती केंद्रीय कारावास में बंद माफिया अतीक अहमद को यूपी पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज ले आई है। साबरमती से प्रयागराज की दूर लगभग 13 सौ किमी है, जिसे तय करने में यूपी पुलिस के काफिले को करीब 24 घंटे से ज्यादा समय लगा। यूपी पुलिस ने माफिया अतीक अहमद को नैनी जेल में रखा है। अब अगले दिन यानी 28 मार्च को उमेश पाल अपहरण मामले में सजा सुनाए जाने के दौरान अतीक को कोर्ट में पेश किया जाएगा। सजा सुनाए जाने के बाद माफिया अतीक को वापस जेल भेज दिया जाएगा।

अतीक अहमद को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा जाएगा

नैनी जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में अतीक को रखा जाएगा, जहां सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर पल नजर रखी जाएगी। जेल के बंदी रक्षक भी बॉडी वार्न कैमरों से लैस रहेंगे जो अतीक के साथ लगातार बने रहेंगे। इसी जेल में कुछ देर में बरेली से लाकर अशरफ को अलग बैरक में रखा जाएगा। इन दोनों भाइयों को कल मंगलवार को 11 बजे एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया जाना है जहां उमेश पाल अपहरण कांड में फैसला सुनाया जाएगा।

अतीक अहमद को अली के बैरक में रखा जाएगा

यह सूचना सामने आ रही है कि अली को जिस बैरक में रखा गया था। उसे वहां से हटा करके सर्किल नंबर 1 के हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा जा रहा है। अतीक को अतिरिक्त बैरक में रखा जाएगा। अभी उसकी जेलर कार्यालय के समीप मेडिकल जांच की जा रही है।

पिता-पुत्र और भाई रहेंगे एक ही जेल में…..

वहीं नैनी सेंट्रल जेल में आज माफिया अतीक अहमद, उसका बेटा अली अहमद और अतीक का भाई खालिद अज़ीम उर्फ अशरफ होंगे। अतीक के कुनबे के लिए जेल में सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में साल 1996 में अतीक अपने पिता हाजी फिरोज़ के साथ बंद था। आज उसी जेल में अतीक का बेटा अली अहमद अतीक के साथ रात गुजारेगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अतीक नहीं होगा पेश

अतीक अहमद को प्रयागराज कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट ने आदेश जारी कर कहा कि 28 मार्च को 11:00 बजे अतीक अहमद को कोर्ट में पेश करें। एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश दिनेश चंद्र शुक्ला ने निर्देश जारी किया है।

उमेश पाल हत्याकांड मामले भी होगी पूछताछ

माफिया अतीक अहमद से जुड़ी सबसे बड़ी ख़बर सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि उमेश पाल हत्याकांड मामले भी माफिया अतीक पर शिकंजा कसेगा। पुलिस उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक से पूछताछ करेगी। इसके लिए सीजेएम कोर्ट में प्रयागराज पुलिस ने अर्जी दाखिल की है।

पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड में पूछताछ को लेकर कोर्ट से अनुमति मांगी है। इस संबंध में शाम 4.30 बजे पुलिस की याचिका पर सीजेएम कोर्ट में सुनवाई होगी। पुलिस की अर्जी में कहा गया है कि माफिया अतीक के खिलाफ अहम सबूत मिले हैं।

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आरिफ से बिछड़कर उदास है उसका दोस्त सारस, खाना पीना छोड़ा

कभी अमेठी के आरिफ और सारस की दोस्ती सोशल मीडिया पर छाई रहती थी। अब उनका बिछड़ना भी सुर्खियों में बना हुआ है। सारस को आरिफ से जुदा कर कानपुर प्राणी उद्यान लाया गया है। वह 15 दिन के लिए एक अलग जगह क्वारंटाइन रहेगा है। हालांकि अपने दोस्त आरिफ से बिछड़ कर सारस बेहद उदास है। आलम यह है कि उसने कानपुर प्राणी उद्यान पर आने के बाद से खाना तक छोड़ दिया है।

आरिफ से दोस्ती टूटने के बाद अब सारस का नया घर कानपुर प्राणी उद्यान है, जहां अभी डॉक्टरों की देखरेख में उसको रखा गया है। हालांकि सारस अपने दोस्त आरिफ से अलग होकर बेहद दुखी है और इतने दिनों से खुले आसमान में रह रहे सारस को अब चिड़ियाघर के पिंजड़े रास नहीं आ रहे हैं। फिलहाल सारस ने खाना तक छोड़ रखा है। जिस वजह से उसका स्वास्थ्य भी लगातार खराब हो रहा है।

तनाव में है आरिफ का दोस्त सारस

कानपुर प्राणी उद्यान के पीआरओ विश्वजीत सिंह तोमर ने बताया कि सारस तनाव में है। वह नई जगह आया है, इस वजह से थोड़ा ज्यादा समस्या आ रही है। कुछ दिनों में वह स्वस्थ और सामान्य हो जाएगा। वहीं, अब सारस की सेहत को देखते हुए उसके लिए एक नया डाइट चार्ट भी बनाया गया है। इसके तहत उसे खाने में दाल, चावल और आलू दिया जाएगा। इसके साथ बर्ड फीड भी दिया जाएगा, जिसमें कई प्रकार की दालें शामिल होती हैं।

सारस के दोस्त आरिफ पर मामला दर्ज

वहीं, वन विभाग ने सारस के दोस्त आरिफ पर मामला दर्ज कराया है, जिसको लेकर आरिफ का भी दर्द लगातार देखने को मिल रहा है। आरिफ का कहना है कि वन विभाग से नोटिस आया है कि उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। सारस उसका दोस्त था, उसने उसका इलाज किया था। इसी बात से आगे बताते हुए आरिफ ने कहा कि मैं चाहता था कि सारस चला जाए, लेकिन वह मेरे साथ ही रहने लगा। मैंने उसने पाला नहीं बल्कि वह स्वयं अपने मन से मेरे पास रहता था। अब इसमें मेरी क्या गलती थी ?

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मेरा नाम सावरकर नहीं गांधी है और गांधी किसी से माफी नहीं मांगता – राहुल गांधी

राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने को लेकर देश भर में ज़बरदस्त सियासी घमासान मचा हुआ है। राहुल को लेकर दिल्ली से मुंबई तक हंगामा जारी है। इस बीच आज राहुल गांधी अपनी सदस्यता और अयोग्यता को लेकर मीडिया के सामने आए हैं। राहुल गांधी अपनी सज़ा और संसद से अयोग्य किए जाने पर बोले कि हिंदुस्तान में लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा है। अडाणी जी की शेल कंपनियां हैं। उसमें 20 हजार करोड़ रुपया किसी ने निवेश किया। ये 20 हजार रुपये किसके हैं। मैंने ये सवाल पूछा था। राहुल ने कहा कि अडानी की कंपनियों में चीन का पैसा है।

ये ओबीसी का नहीं, मोदी और अडानी के रिश्ते का मामला

सूरत कोर्ट के फैसले के बाद संसद सदस्यता रद्द होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि मैं जनता के बीच रहूंगा, यही मेरा काम है। राहुल ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा की मेरी कोई भी स्पीच देख लीजिए। मैंने हमेशा कहा है कि सब समाज एक हैं। नफरत, हिंसा नहीं होनी चाहिए। ये ओबीसी का मामला नहीं है, ये नरेंद्र मोदी और अडानी के रिश्ते का मामला है। भाजपा ध्यान को भटकाने का काम करती है। कभी ओबीसी की बात करेगी, कभी विदेश की बात करेगी।

मैं लोकतंत्र के लिए लड़ता रहूंगा – राहुल गांधी

मैं हिंदुस्तान के लोकतंत्र के लिए लड़ रहा हूं। मैं लोकतंत्र के लिए लड़ता रहूंगा। मैं किसी से नहीं डरता। अगर यह लोग सोचते हैं कि मुझे अयोग्य करवाकर, धमकाकर, जेल में डालकर मेरा मुंह बंद कर सकते हैं तो मेरी वो हिस्ट्री नहीं है। मैं हिंदुस्तान के लोकतंत्र के लिए लड़ रहा हूं और लड़ता रहूंगा। मैं किसी चीज से नहीं डरता हूं।

राजनीति मेरे लिए फैशन नहीं तपस्या है – राहुल गांधी

राजनीति मेरे लिए कोई फैशन की बात नहीं है। मेरे लिए सच बोलना कोई नई बात नहीं है। ये मेरे जीवन की तपस्या है। चाहे मुझे अयोग्य ठहराएं। मुझे मारे-पीटें, जेल में डालें। लेकिन मुझे अपनी तपस्या करनी है। इस देश ने मुझे प्यार दिया है। इसलिए मुझे उसके लिए यह सब करना है।

राहुल बोले कि स्पीकर ने मुझे बोलने क्यों नहीं दिया

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं सवाल पूछना बंद नहीं करूंगा। अडानी का नरेंद्र मोदी से क्या रिश्ता है ? इन लोगों से मुझे डर नहीं लगता है। राहुल गांधी ने कहा कि स्पीकर ने मुझे बोलने क्यों नहीं दिया। मुझे धमकाकर ये चुप नहीं करा सकते। मैं किसी से डरता नहीं, देशहित में बोलता रहूंगा। मुझे अयोग्य करके मेरी आवाज नहीं बंद कर सकते है।

मेरा नाम सावरकर नहीं, गांधी है……….

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मुझे फर्क नहीं पड़ता कि मैं संसद के अंदर हूं या बाहर हूं। मुझे अपनी तपस्या करनी है, मैं उसे करके दिखाऊंगा। मेरा नाम सावरकर नहीं है, मेरा नाम गांधी है। गांधी किसी से माफी नहीं मांगता। राहुल गांधी ने कहा कि वायनाड के साथ मेरा पारिवारिक रिश्ता है। मैं न्यायिक व्यवस्था का सम्मान करता हूं। सरकार ने हमें लड़ने के लिए हथियार दे दिया है। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री मुझसे डरे हुए है, इसलिए मेरी सदस्यता गई। मुझे समर्थन करने वाले विपक्षी दलों का शुक्रिया।

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केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए ख़ुशी की खबर, बढ़ा महंगाई भत्ता

केंद्र सरकार ने 24 मार्च 2023 को कैबिनेट मीटिंग के दौरान बड़ा फैसला लेते हुए केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया। सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 4 फीसदी डीए और डीए बढ़ाया है। मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए डीए 4 फीसदी बढ़कर 42 फीसदी कर दिया है।

अब तक सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को सातवें वेतन आयोग के तहत 38 फीसदी की दर से डीए और डीआर का भुगतान हो रहा था। मार्च के वेतन में 42 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा और 2 महीने जनवरी और फरवरी 2023 के एरियार का भी भुगतान होगा।

कितने कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

केंद्र सरकार के इस फैसले से 47.58 लाख सरकारी कर्मचारियों और 69.76 लाख पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। यानी कि 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से ये बढ़ोतरी 1 जनवरी 2023 से प्रभावी मानी जाएगी। सरकार ने डीए में बढ़ोतरी लेटेस्ट सीपीआई के आंकड़ों को ध्यान में रखकर किया है। बता दें कि इससे पहले सरकार ने 4 फीसदी महंगाई भत्ता में इजाफा करके 38 फीसदी डीए कर दिया था, जो 1 जुलाई 2022 से प्रभावी था।

बेसिक सैलरी के आधार पर बढ़ेगा मंहगाई भत्ता

सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी का लाभ दिया जाता है। इस बढ़ोतरी के तहत कैलकुलेशन बेसिक सैलरी के आधार पर कित्या जाता है। जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ज्यादा होगी, उनकी सैलरी में भी उतनी ही बढ़ोतरी होगी।

आइये जाने कितना बढ़ के मिलेगा वेतन

मान लीजिए अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन 23,500 रुपये प्रति महीना है। वहीं 38 फीसदी महंगाई भत्ते पर डीए 8,930 रुपये मिलेगा। इसी तरह, 42 फीसदी डीए पर 9,870 रुपये दिया जाएगा। ऐसे में कर्मचारियों की कुल वेतन में 940 रुपये हर महीने बढ़कर मिलेगा। वहीं एक साल का कैलकुलेशन करें तो सालाना 11,980 रुपये बढ़कर मिलेंगे।

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‘मोदी सरनेम’ पर टिप्पणी पड़ी भारी, राहुल गाँधी की लोकसभा सदस्यता खत्म

राहुल गाँधी को कल 2 साल की सजा के ऐलान के बाद आज उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द हो गई है। इसके बाद देश की सियासत में मानो भूचाल आ गया है। लोकसभा की सदस्यता के लिए राहुल गाँधी के अयोग्य घोषित होने के बाद कांग्रेस ने कहा कि राहुल को सच बोलने की सजा मिली है। बता दें कि सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानि के मामले में सजा सुनाये जाने के मद्देनजर केरल की वायनाड संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे राहुल गाँधी को लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहरा दिया गया था। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि उनकी अयोग्यता संबंधी आदेश 23 मार्च से प्रभावी होगा।

लोकसभा सचिवालय ने जारी की अधिसूचना

लोकसभा सचिवालय की तरफ से इस बारे में सात पंक्तियों की एक अधिसूचना जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि सूरत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत की तरफ से दोषी करार दिए जाने के बाद केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य राहुल गाँधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य किया जाता है। यह अयोग्यता उन पर दोष साबित होने के दिन यानी 23 मार्च 2023 से लागू रहेगी। यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 102 (1) (e) के प्रावधानों और जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा आठ के तहत लिया गया है।

राहुल गाँधी अपील करने के लिए स्वतंत्र – पी. डी. टी. आचारी

लोकसभा के पूर्व महासचिव व संविधान विशेषज्ञ पी. डी. टी. आचारी ने कहा कि सजा का ऐलान होने के साथ ही अयोग्यता प्रभावी हो जाती है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी अपील करने के लिए स्वतंत्र हैं और अगर अपीलीय अदालत दोष सिद्धि और सजा पर रोक लगा देती है, तो अयोग्यता भी निलंबित हो जाएगी। आचारी ने कहा, ‘(अगर वह अयोग्य घोषित कर दिए गए तो) अयोग्यता आठ साल की अवधि के लिए होगी। उन्होंने कहा कि अयोग्य घोषित किया गया व्यक्ति न तो चुनाव लड़ सकता है और न ही उस समयावधि में मतदान कर सकता है।

राहुल गाँधी की सदस्यता खत्म होने पर बोले मल्लिकार्जुन खरगे

राहुल की सदस्यता खत्म होने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का सबसे पहले रिएक्शन आया। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि राहुल को सच बोलने की सजा मिली है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमने आज पांच बजे कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है।

जिसमें इस लड़ाई को आगे ले जाने की रणनीति तय करेंगे। खरगे ने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। राहुल को जानबूझकर सदन से बाहर किया गया है। खरगे ने कहा कि ये किसी समाज के संबंध में नहीं है जो लोग पैसे लेकर भागे, जैसे ललित मोदी, नीरव मोदी और विजय माल्या वे क्या पिछड़े समाज से थे ? ये लोग ऐसी अनुभूति बना रहे हैं कि राहुल गाँधी ने पिछड़े समाज के बारे में बोला है।

प्रतिशोध ले रही है सरकार – अधीर रंजन

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राहुल गाँधी की सदस्यता रद्द करना मोदी सरकार की प्रतिशोध की नीति का उदाहरण है। भारत जोड़ो यात्रा से राहुल गाँधी की लोकप्रियता बहुत बढ़ी है और मोदी सरकार को यही हजम नहीं हो रहा। उन्हें लग रहा है कि राहुल का मुंह बंद करना होगा। क्योंकि अगर उन्हें बोलने दिया गया तो बीजेपी सरकार से बाहर हो जाएगी।

कांग्रेस बोली – भारतीय लोकतंत्र ओम शांति

वहीं इस पर कांग्रेस पार्टी ने कहा कि राहुल गाँधी की लोकसभा सदस्यता ख़त्म कर दी गई। वह आपके और इस देश के लिए लगातार सड़क से संसद तक लड़ रहे हैं, लोकतंत्र को बचाने की हर सम्भव कोशिश कर रहे हैं। हर षड्यंत्र के बावजूद वह यह लड़ाई हर क़ीमत पर जारी रखेंगे और इस मामले में न्यायसंगत कार्यवाही करेंगे। लड़ाई जारी है। राहुल गाँधी की सदस्यता खत्म किए जाने पर कांग्रेस ने कहा: “भारतीय लोकतंत्र ओम शांति।”

असल मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है सरकार – अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी राहुल गाँधी को मिली सजा पर प्रतिक्रिया ​दी है। उन्होंने कहा कि ‘समाजवादी पार्टी के कई नेताओं की सदस्यता बीजेपी ने ली है और आज कांग्रेस के सबसे बड़े नेता राहुल गाँधी की सदस्यता गई है। ये सब जानबूझकर असली मुद्दे जैसे- महंगाई, बेरोजगारी और अपने मित्र उद्योगपति पर बहस से ध्यान हटाने के लिए किया गया है।

स्पीकर ने सही फैसला लिया- अठावले

राहुल की सदस्यता जाने पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि स्पीकर को अधिकार है कि वे ऐसी स्थिति में किसी सांसद को अयोग्य घोषित कर सकते हैं। सूरत ज़िला अदालत के फैसले के बाद ये निर्णय लेना बहुत जरूरी था, स्पीकर ने उचित फैसला लिया है।

जानने बीजेपी नेताओं ने क्या कहा

केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि हमारे देश में कानून का राज चलता है, ये कोर्ट का फैसला है। इसपर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। वहीं केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि राहुल गाँधी सोचते थे कि देश के संविधान और कानून से वे ऊपर हैं। सूरत की अदालत के फैसले के बाद स्पीकर ने ये निर्णय लिया है।

क्या है कानून ?

बता दें कि जनप्रतिनिधि कानून के मुताबिक किसी भी सांसद या विधायक को अगर किसी मामले में दो या दो साल से ज्यादा की सजा सुनाई जाती है तो उनकी सदस्यता रद्द हो जाएगी। साथ ही वह छह साल तक चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य हो जाते हैं। ऐसे में अगर राहुल गाँधी को ऊपरी अदालत से राहत नहीं मिली तो राहुल गाँधी 2024 का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे, जो कि उनके लिए बड़ा झटका होगा।

क्या है मामला, जिसमें राहुल को सुनाई गई सजा ?

2019 लोकसभा चुनाव के लिए कर्नाटक के कोलार में एक रैली में राहुल गाँधी ने कहा था, कैसे सभी चोरों का उपनाम मोदी है ? इसी को लेकर भाजपा विधायक व गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि राहुल ने अपनी इस टिप्पणी से समूचे मोदी समुदाय का मान घटाया है। वायनाड से लोकसभा सदस्य राहुल ने 2019 के आम चुनाव से पहले कर्नाटक के कोलार में आयोजित जनसभा में इस मामले से जुड़ी टिप्पणी की थी।

जज ने लगाई थी सजा के अमल पर 30 दिन की रोक

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एच. एच. वर्मा की अदालत ने राहुल गाँधी को मानहानि और उसकी सजा से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 499 और 500 के तहत दोषी करार देकर सजा सुनाने के बाद उन्हें जमानत देते हुए उनकी सजा के अमल पर 30 दिन की रोक लगा दी थी। ताकि कांग्रेस नेता उसके फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकें।

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वाराणसी में पीएम मोदी ने किया ‘वन वर्ल्ड टीबी समिट’ को संबोधित

पीएम मोदी रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में वन वर्ल्ड टीबी समिट को संबोधित कर रहे हैं। आपको बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री अपने इस दौरे के दौरान वाराणसी में लगभग 5 घंटे तक रहेंगे। बता दें कि पिछले 9 वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री ने वाराणसी के परिदृश्य को बदलने और इस शहर एवं इसके आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन को आसान बनाने पर विशेष ध्यान दिया है।

वन वर्ल्ड टीबी समिट के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमने टीबी से लड़ने के लिए लोगों से नि-क्षय मंत्र बनने को कहा है। पीएम बोले- काशी नगरी, वो शाश्वत धारा है, जो हजारों वर्षों से मानवता के प्रयासों और परिश्रम की साक्षी रही है।

कुछ समय पहले ही भारत ने ‘One Earth, One Health’ के विजन को भी आगे बढ़ाने की पहल की है और अब, ‘One World TB Summit’ के जरिए भारत एक और संकल्प को पूरा कर रहा है।

भारत के प्रयासों के बारे में जानना चाहिए – पीएम मोदी

‘वन वर्ल्ड टीबी समिट’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 2014 के बाद से भारत ने जिस नई सोच और अप्रोच के साथ टीबी के खिलाफ काम करना शुरू किया। वो वाकई अभूतपूर्व है। भारत के ये प्रयास पूरे विश्व को इसलिए भी जानने चाहिए। क्योंकि ये टीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का एक नया मॉडल है।

सबके प्रयास से नया रास्ता भी निकलता है – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ‘काशी इस बात की गवाही देती है कि चुनौती चाहे कितनी ही बड़ी क्यों ना हो, जब सबका प्रयास होता है। तो नया रास्ता भी निकलता है। मुझे विश्वास है, टीबी जैसी बीमारी के खिलाफ हमारे वैश्विक संकल्प को काशी एक नई ऊर्जा देगी।

दिखती है ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना – पीएम मोदी

‘वन वर्ल्ड टीबी समिट’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एक देश के तौर पर भारत की विचारधारा का प्रतिबिंब ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ यानी- ‘Whole world is one family’ की भावना में झलकता है। ये प्राचीन विचार आज आधुनिक विश्व को इंटिग्रेटेड विजन दे रहा है।

हर साल 24 लाख टीबी के केस पाए जाते हैं – मंडाविया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने वन वर्ल्ड टीबी समिट को संबोधित किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बोले- भारत में हर साल 24 लाख टीबी के केस पाए जाते हैं। पीएम मोदी ने देश और दुनिया के सामने 2025 के अंत तक भारत को टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया है।

कई अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री वाराणसी स्मार्ट सिटी मिशन के तहत राजघाट एवं महमूरगंज सरकारी स्कूलों के पुनर्विकास कार्य, शहर की आंतरिक सड़कों के सौंदर्यीकरण शहर के 6 पार्कों एवं तालाबों के पुनर्विकास सहित विभिन्न परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

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राहुल गांधी को हुई 2 साल की सजा, तुरंत जमानत भी मिली, जानें क्या है मामला

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को आज गुजरात की सूरत कोर्ट ने मानहानि के एक मामले में दो साल जेल की सजा सुनाई है। ‘मोदी उपनाम’ संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में आपराधिक मानहानि का केस दर्ज किया गया था। जिसके तहत राहुल को सूरत की सेशंस कोर्ट ने दोषी पाते हुए दो साल की सजा सुनाई है। अदालत ने धारा 504 के तहत राहुल को दोषी करार दिया है।

राहुल गांधी इससे पहले तीन बार सूरत की कोर्ट में हाज़िर हो चुके हैं। राहुल के वकील बाबू मंगुकिया ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एचएच वर्मा की कोर्ट ने राहुल को जमानत भी दे दी और उनकी सजा पर 30 दिन की रोक लगा दी। ताकि कांग्रेस नेता उसके फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकें।

पूर्णेश मोदी ने ठोका था मानहानि का दावा

राहुल गांधी के इसी बयान के खिलाफ बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने सूरत में राहुल के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल ने पूरे मोदी समाज को बदनाम किया है। हालांकि राहुल गांधी ने कोर्ट में ऐसे बयानों से इनकार किया था।

राहुल गांधी का क्या है वो विवादित बयान

वो साल था 2019 और लोकसभा चुनावों का वक्त था। कांग्रेस के लिए राहुल गांधी ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे थे। कर्नाटक के कोलार में राहुल एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। इसी रैली के दौरान राहुल गांधी ने मोदी सरनेम को लेकर विवादित बयान दिया था। कर्नाटक की रैली में राहुल ने कहा था कि नीरव मोदी, ललित मोदी और नरेंद्र मोदी का सरनेम कॉमन क्यों है। सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है ?

राहुल गांधी के समर्थन में आये मल्लिकार्जुन खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला किया। खरगे ने कहा कि “कायर, तानाशाह बीजेपी सरकार राहुल गांधी और विपक्ष से तिलमिलाई हुई है। क्योंकि हम उनके काले कारनामों को उजागर कर रहे हैं। जोपीसी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनैतिक दिवालियेपन की शिकार मोदी सरकार, ई डी, पुलिस भेजती है। राजनैतिक भाषणों पर केस थोपती है। हम ऊपरी अदालत में अपील करेंगे।

प्रियंका गांधी ने भाजपा को लिया आड़े हाथ

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पार्टी नेता राहुल गांधी को सजा सुनाए जाने पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। प्रियंका ने ट्वीट करके कहा, “डरी हुई सत्ता की पूरी मशीनरी साम, दाम, दंड, भेद लगाकर राहुल की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। मेरे भाई न कभी डरे हैं, न कभी डरेंगे। सच बोलते हुए जिये हैं, सच बोलते रहेंगे। देश के लोगों की आवाज उठाते रहेंगे। सच्चाई की ताकत और करोड़ों देशवासियों का प्यार उनके साथ है।

राहुल को मिला केजरीवाल साथ

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी राहुल गांधी को सजा सुनाए जाने पर बीजेपी पर साज़िश करने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा, “ग़ैर बीजेपी नेताओं और पार्टियों पर मुक़दमे करके उन्हें ख़त्म करने की साज़िश हो रही है। हमारे कांग्रेस से मतभेद हैं, मगर राहुल को इस तरह मानहानि मुकदमे में फसाना ठीक नहीं है। जनता और विपक्ष का काम है सवाल पूछना। हम अदालत का सम्मान करते हैं पर इस निर्णय से असहमत हैं।

याचिका दायर करने वाले पूर्णेश मोदी ने कहा

वही दूसरी तरफ राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में मानहानि का केस दायर करने वाले पूर्णेश मोदी ने बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया है और यह एक अहम फैसला है।

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देश में आज नजर नहीं आया रमजान का चाँद, 24 मार्च को को होगा पहला रोजा

इस्लामी कैलेंडर के सबसे पवित्र माने जाने वाले महीने रमजान का आज चाँद बुधवार (22 मार्च) को भारत में नजर नहीं आया। बताया जा रहा है कि अब 24 मार्च जुमे को पहला रोजा होगा। लखनऊ के फरंगी महल की मरकजी चाँद कमेटी ने जानकारी दी है कि बुधवार को चाँद नजर नहीं आया है। इसलिए पहली रमजानुल मुबारक 24 मार्च 2023 को होगी।

24 मार्च को को होगा पहला रोजा – जमीयत उलेमा-ए-हिंद

जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से ट्वीट किया गया, ”इमारत-ए-शरिया हिंद द्वारा घोषणा की गयी है कि रमजान का पहला दिन शुक्रवार 24 मार्च, 2023 से शुरू होगा। भारत में बुधवार शाम को चाँद नहीं देखा गया। इसलिए रमजान का पवित्र महीना आधिकारिक तौर पर शुक्रवार (जुमा) से शुरू होगा।

देशभर में आज नहीं दिखा रमजान का चाँद

मुस्लिम समुदाय के लिए रमजान का महीना काफी पाक माना जाता है। लोग बेसब्री से रमजान का इंतजार करते हैं। पूरे महीने रोजा रखकर वह अल्लाह की इबादत करते हैं। उम्मीद की जा रही थी कि आज चाँद दिख जाएगा। लेकिन चाँद नहीं दिखा, अगर चाँद आज दिख जाता तो पहला रोजा कल यानी कि गुरुवार को रखा जाता।

देश के किसी भी हिस्से में आज चाँद नजर नहीं आया। जिसके बाद पहला रोजा शुक्रवार को रखे जाने की बात लखनऊ के फिरंगी महल की तरफ से कही गई है।

शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने की घोषणा

दिल्ली के फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने भी बताया कि कहीं भी आज चाँद नहीं दिखा। इस बात की खबर मिलने के बाद चाँद कमेटी ने शुक्रवार को पहला रोजा रखे जाने का फैसला लिया है। बता दें कि रमजान का महीना इस्लाम के कैलेंडर का 9वां महीना होता है।

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दिल्ली में फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके,रिक्टर स्केल पर 2.7 रही तीव्रता

दिल्ली में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए। रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 2.7 मापी गई। इससे पहले दिल्ली में मंगलवार की रात भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। अफगानिस्तान के हिंदुकुश क्षेत्र में 6.6 तीव्रता का भूकंप आने के बाद मंगलवार रात दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) समेत उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में तेज झटके महसूस किए गए थे। भूकंप रात 10 बजकर 17 मिनट पर आया था। भूकंप के झटकों के बाद दहशत में लोग घरों से बाहर निकल आए आए थे। भूकंप के झटके दिल्ली के अलावा उत्तराखंड, पंजाब में भी महसूस किए।

दो से तीन बार भूकंप के झटके

हर जगह अफरा-तफरी का माहौल रहा था। लोगों ने दो से तीन बार भूकंप के झटके महसूस किये थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में फैजाबाद से 133 किमिमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में 156 किमी की गहराई में था।

दुनिया में हर साल आते हैं करीब 20 हजार भूकंप

हर साल दुनिया में करीब 20 हजार भूकंप आते हैं लेकिन उनकी तीव्रता इतनी ज्यादा नहीं होती कि लोगों को भारी नुकसान हो। नेशनल अर्थक्वेक इंफोर्मेशन सेंटर इन भूकंप को रिकॉर्ड करता है। जानकारी के मुताबिक, 20 हजार में से केवल 100 भूकंप ऐसे होते हैं जिनसे नुकसान होता है। अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा देर तक रहने वाला भूकंप हिंद महासागर में 2004 में आया था। ये भूकंप 10 मिनट तक महसूस किया गया था।

भूकंप की तीव्रता का अंदाजा कैसे लगा सकते हैं?

>>  0 से 1.9 सीज्मोग्राफ से मिलती है जानकारी

>>   2 से 2.9 बहुत कम कंपन पता चलता है

>>   3 से 3.9 ऐसा लगेगा कि कोई भारी वाहन पास से गुजर गया

>>   4 से 4.9 घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है

>>   5 से 5.9 भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है

>>   6 से 6.9 इमारत का बेस दरक सकता है

>>   7 से 7.9 इमारतें गिर जाती हैं

>>   8 से 8.9 सुनामी का खतरा, ज्यादा तबाही

>>   9 या ज्यादा सबसे भीषण तबाही, धरती का कंपन साफ महसूस होगा

read more : बेमौसम बारिश ने बढ़ाई मुश्किल, आखिर कैसे मिलेगी महंगाई से राहत

बेमौसम बारिश ने बढ़ाई मुश्किल, आखिर कैसे मिलेगी महंगाई से राहत

देश में बीते कुछ दिनों में जिस प्रकार बेमौसम बारिश हुई है, उसके बाद महंगाई से राहत की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। महंगाई ने वैसे ही आम लोगों की कमरतोड़ रखी है। वैसे भी तापमान में बढ़ोतरी का असर रबी फसलों पर देखने को मिला था तो मार्च महीने में बेमौसम बारिश ने रही सही कसर निकाल दी। आरबीआई को इंतजार था कि बेहतर रबी फसल के उत्पादन से महंगाई में कमी लाने में मदद मिलेगी। तो इसके चलते सख्त मॉनिटरी पॉलिसी से भी राहत मिलेगी। लेकिन बेमौसम बारिश ने आरबीआई और सरकार की चुनौती बढ़ा दी है।

उत्पादन में गिरावट की आशंका

बेमौसम बारिश का असर ये है कि गेहूं की कीमतों में गिरावट का सिलसिला थम गया है और उत्पादन में कमी की आशंका के बाद फिर से दामों में उछाल देखा जा रहा है। आने वाले समय में फल-सब्जियों की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है। तो सरसों, चना, मसूर दाल की कीमतें भी बढ़ सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक 20 मार्च के बाद देश में औसतन 5 मिलीमीटर बारिश देखने को मिली है। जिसमें तेलंगाना में 23.4, आंध्र प्रदेश में 24.1, असम में 19.2 , पश्चिम बंगाल में 17.6 और झारखंड में 14.9 मिलीमीटर बारिश हुई है। विदर्भ और महाराष्ट्र में 7.4 मिलीमीटर बारिश हुई है। खासतौर से खेतों में खड़ी फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, और बेमौसम बारिश के 25 मार्च तक जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

खुदरा महंगाई दर अभी भी है ज्यादा

फरवरी 2023 में खुदरा महंगाई दर में मामूली गिरावट आई है लेकिन ये अभी भी आरबीआई के टोलरेंस बैंड के ऊपर बना हुआ है। फरवरी 2023 में खुदरा महंगाई दर 6.44 फीसदी रही है। जबकि जनवरी 2023 में खुदरा महंगाई दर 6.52 फीसदी रही थी। फरवरी महीने में खाद्य महंगाई दर 5.95 फीसदी रही है। जनवरी में खाद्य महंगाई दर 6 फीसदी रही थी यानि जनवरी से फरवरी महीने में मामूली खाद्य महंगाई घटी है।

महंगाई से राहत पर फिर सकता है पानी

किसान रबी फसलों की कटाई की तैयारी में थे। खेत में रबी फसल लहलहा रहे थे। लेकिन बारिश और ओलों की वजह से रबी फसल को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। खासतौर से गेहूं, सरसों, चना और मसूर दाल के फसल को नुकसान हो सकता है। ये उम्मीद जताई जा रही थी कि इस रबी सीजन में गेहूं के रिकॉर्ड पैदावार के बाद आम लोगों को महंगे आटा-गेहूं की कीमतों से राहत मिलेगी।

सरकार ने एफसीआई के जरिए ओपन मार्केट स्कीम के तहत गेहूं बेचा है। जिसके चलते जो गेहूं का औसत मुल्य एक फरवरी 2023 को 33.34 रुपये प्रति किलो था वो 20 मार्च को घटकर 29.65 रुपये प्रति किलो पर आ चुका है। यानि सरकार के इस कदम के बाद कीमतों में 10 फीसदी के करीब गिरावट आई है और तो और उम्मीद थी गेहूं की नई फसल जब मंडी में आएगी। तब कीमतों में और कमी आएगी। लेकिन बेमौसम बारिश इन उम्मीदों पर पानी फेर सकता है।

महंगाई नहीं घटी तो महंगी ईएमआई (EMI) से भी राहत नहीं

इस बेमौसम बारिश से फसल को हुए नुकसान का सही पता आने वाले दिनों में लग पाएगा। लेकिन इस नुकसान के दूरगामी प्रभाव पड़ेंगे। खुदरा महंगाई दर में कमी नहीं आई। खुदरा महंगाई दर आरबीआई के टोलरेंस बैंड के नीचे नहीं आया, तो महंगे कर्ज से भी राहत नहीं मिल पाएगी।

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पंजाब पुलिस का ऑपरेशन अमृतपाल छह साथी गिरफ्तार, इंटरनेट सेवा बंद

पंजाब पुलिस ने खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल और उसके साथियों पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अमृतपाल सिंह समेत उसके 6 साथियों को पकड़ा है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पंजाब के कई जिलों में रविवार दोपहर तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, अमृतपाल की गिरफ्तारी से माहौल न बिगड़े, इसलिए नेट सेवाएं बंद की गई हैं।

बताया जा रहा है कि छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके पास से हथियार भी बरामद किए है। दरअसल, अमृतपाल सिंह के काफिले का पुलिस पीछा कर रही थी। इस दौरान पुलिस ने 2 गाड़ियां बरामद की है। अमृतपाल सिंह के खिलाफ 3 मामले दर्ज है। जिसमें से 2 हेट स्पीच के संबंधित है। सूत्रों के अनुसार धर्मकोट के नजदीक महितपुर थाने के पास पुलिस ने गिरफ्तारी की है।

धार्मिक समारोह में आने वाला था अमृतपाल

बता दें कि अमृतपाल सिंह को आज चार बजे जिले के कस्बा भदौड़ के बेसाखी वाला गुरुघर में धार्मिक समारोह में शिरकत करने आना था। इसी बीच उसके साथियों की गिरफ्तारी के विरोध के चलते कार्यक्रम नहीं हुआ। करीब एक हजार लोगों सहित सिक्ख संगठनों ने भदौड़ मेन हाईवे पर जाम कर दिया है। अमृतपाल के समर्थकों की गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई का लोग विरोध कर रहे हैं।

पंजाब पुलिस ने की घेराबंदी

जालंधर के महितपुर मे पुलिस ने हथियारों के साथ अमृतपाल के समर्थकों को गिरफ्तार किया। सैकड़ों की संख्या में पुलिस वालों ने इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया था। दरअसल, पुलिस ने पूर्व सूचना के आधार पर पहले से ही घेराबंदी कर रखी थी। जैसे ही बाजार में दोआबा अस्पताल के पास इनकी गाड़ी पहुंची पुलिस ने इन्हें घेर लिया। पुलिस ने इन्हें घेर कर लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

पंजाब पुलिस ने किया अनुरोध

तनावपूर्ण स्थिति के बीच पंजाब पुलिस ने लोगों से शांति बनाने की अपील की है। पुलिस ने कहा सभी नागरिकों से अनुरोध है कि शांति और सद्भाव बनाए रखें। पंजाब पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रही है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे घबराएं नहीं या फर्जी समाचार या अभद्र भाषा न फैलाएं।

पंजाब में इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं

पंजाब में अमृतपाल सिंह की भी गिरफ्तारी हो सकती है और पुलिस ने इसके लिए ऑपरेशन चलाया है, पूरे पंजाब में इंटनेट सेवा बंद कर दी गई है। कहा गया है कि पंजाब के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, सभी एसएमएस सेवाएं (बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) और वॉयस कॉल को छोड़कर मोबाइल नेटवर्क पर प्रदान की जाने वाली सभी डोंगल सेवाएं 19 मार्च (12:00 घंटे) से 19 मार्च तक बंद रहेंगी क्योंकि राज्य पुलिस ने खालिस्तानी हमदर्द ‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की है।

जानिये क्या है मामला

रूपनगर जिले के चमकौर साहिब के वरिंदर सिंह ने लवप्रीत सिंह व अमृतपाल समेत उसके 30 समर्थकों पर अपहरण व मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद लवप्रीत व एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। एक आरोपी को तो पुलिस ने पहले ही रिहा कर दिया था लेकिन लवप्रीत को रिहा करने के लिए अमृतपाल ने थाने के बाहर धरने की चेतावनी दी थी।

अमृतपाल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप के साथ अपने समर्थकों सहित थाने पहुंचा। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो उग्र भीड़ ने बैरिकेड तोड़ डाले और तलवारों व बंदूकों के साथ थाने पर हमला कर दिया, जिसमें एसपी समेत छह पुलिसकर्मी जख्मी हो गए।

read more : यूपी में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जारी , सरकार ने कहा – सख्ती से निपटेंगे

यूपी में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जारी , सरकार ने कहा – सख्ती से निपटेंगे

उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारियों ने गुरुवार रात से 72 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी। उधर, सरकार ने चेतावनी दी है कि वह हड़ताली बिजली कर्मचारियों से सख्ती से निपटेगी और बिजली व्यवस्था में गड़बड़ी करते पाए जाने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

सरकार के साथ 3 दिसंबर के समझौते को लागू करने की मांग कर रहे कर्मचारियों ने धमकी दी है कि अगर किसी भी हड़ताली को गिरफ्तार किया गया या परेशान किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि बिजली आपूर्ति को पटरी पर रखने के लिए सभी वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं।

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दी बिजली कर्मचारियों को चेतावनी

मंत्री ने चेतावनी दी कि बिजली व्यवस्था में तोड़फोड़ करने वाले के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर उपभोक्ताओं को कोई असुविधा होती ह,ै तो आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एस्मा) के प्रावधानों को भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।

सख्ती से निपटेगी सरकार

यूपी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेताओं को हड़ताल के आह्वान को वापस लेने के लिए मनाने के अंतिम प्रयासों के बाद, राज्य के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने स्वीकार किया कि वार्ता विफल रही। उन्होंने कहा कि 3 दिसंबर के समझौते के अधिकांश बिंदुओं को लागू करने पर विचार करने के लिए सरकार तैयार है। शर्मा ने आगे कहा कि बातचीत के दरवाजे अब भी खुले हैं, लेकिन अगर हड़ताल करने वाले गड़बड़ी करते पाए जाते हैं, तो सरकार उनसे सख्ती से निपटेगी। उन्होंने कहा, कर्मचारियों ने ऐसे समय में हड़ताल पर जाने का फैसला किया, जब लोगों को गर्मी के मौसम में सुचारु बिजली आपूर्ति की जरूरत है।

कर्मचारियों पर थोपी गई हड़ताल

एनटीपीसी और निजी बिजली संयंत्रों के कर्मचारियों को थर्मल प्लांट चलाने के लिए कहा गया है। जबकि सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम जैसे विभागों में बिजली विंग के कर्मचारी बिजली वितरण का ध्यान रखेंगे और साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र भी अपना योगदान देंगे। उधर, संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने आरोप लगाया कि यूपीपीसीएल के शीर्ष प्रबंधन की हठधर्मिता के कारण सरकार तीन दिसंबर के समझौते को लागू नहीं कर पाने के कारण कर्मचारियों पर यह हड़ताल थोप दी गई है।

बिजली कर्मचारी 72 घंटों की हड़ताल पर

उन्होंने कहा, मंत्री हमें तीन दिसंबर के समझौते को लागू करने का आश्वासन दिए बिना हड़ताल की योजना को टालने के लिए कह रहे थे। उन्होंने कहा, हमारी हड़ताल केवल 72 घंटों के लिए है और सरकार इस अवधि का उपयोग समझौते को लागू करने के लिए कर सकती है। इस हड़ताल का पश्चिमी यूपी में बड़ा असर देखने को मिला है। कई जिलों के अलग-अलग स्थानों पर बिजली गुल गई हो गई है, जिससे लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिजनौर के सभी 47 बिजली घरों पर लटके ताले

विद्युत ऊर्जा निगम प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ विद्युत निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता धामपुर सर्किल के चार डिवीजनों के 47 बिजली घरों पर शुक्रवार सुबह आठ बजे बिजली आपूर्ति बंद कर तालाबंदी कर दी। सभी अधिकारी व कर्मचारी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एकत्रित हुए हैं। यहां पर बैठक करने के बाद चेतावनी दी गई कि यदि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने विद्युत अधिकारी और कर्मचारी का उत्पीड़न किया तो जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।

अभियंता संघ के मंडलीय सचिव तुषार राय ने आंदोलनकारी अधिकारी व कर्मचारियों को अलर्ट रहने के लिए सचेत किया। उन्होंने कहा कि कोई भी कर्मचारी किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के दबाव में न आएं। यदि कोई उनका उत्पीड़न करने का प्रयास करता है तो अभिलंब उन्हें व्हाट्सएप माध्यम से अवगत कराया जाए। जिससे किसी भी अधिकारी और कर्मचारी का उत्पीड़न न किया जा सके।

शामली में विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल के चलते चरमराई व्यवस्था

विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शामली जिले की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। प्रशासन ने 26 मजिस्ट्रेट और छह नोडल अधिकारी तैनात किए हैं। कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनाया गया है। बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा समस्या सामने आ रही हैं।

कुछ बिजलीघरों पर कोई भी ड्यूटी पर नहीं है। कुछ क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को आए फाल्ट अभी तक ठीक नहीं हुए हैं। झिंझाना क्षेत्र के गांव दरगाहपुर में कल जंगल में बिजली का खंभा टूट गया था। जिस कारण अभी तक 50 फीसदी नलकूप बंद पड़े हैं। इससे ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

साढ़े पांच घंटे बंद रहा सहारनपुर के राजौरी गार्डन का बिजली फीडर

विद्युत कर्मियों की हड़ताल के चलते जनपद में बिजली संकट गहराने लगा है। महानगर में कई जगह फाल्ट होने से बिजली आपूर्ति ठप रही। वहीं, व्यवस्था को बनाने के लिए बिजलीघरों पर जिला प्रशासन ने अधिकारी तैनात कर दिए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस भी तैनात की गई। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले एसडीओ, जेई और बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। उनकी इस हड़ताल का असर बिजली पर असर पड़ने लगा है। बृहस्पतिवार की रात आई आंधी और बारिश के चलते कई जगह फाल्ट हुए।

सुबह पांच बजे हसनपुर चुंगी स्थित आनंद स्वीट्स के पास लाइन पर फ्लैक्स गिरने से फाल्ट हो गया। जिसके बाद राजौरी गार्डन फीडर से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। संविदा कर्मियों को भेजकर फाल्ट को ठीक कराया गया। सुबह सवा दस बजे बिजली आपूर्ति सुचारू हो पाई। इसके अलावा घंटाघर बिजलीघर, मानकमऊ और किशनपुरा में भी बिजली आपूर्ति ठप रही।

बागपत के 50 गांवों में बिजली संकट गहराया

13 सूत्रीय मांगों को लेकर ऊर्जा निगम कर्मियों की हड़ताल से जिले भर में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पहले ही दिन लड़खड़ा गई। करीब 50 गांवों में सुबह से बिजली आपूर्ति बंद है। उधर, जैसे इसकी सूचना एसडीएम व सीओ को मिली तो वे दिल्ली रोड स्थित कंट्रोल रूम पर पहुंचे और जिन-जिन क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद है उनको ठीक कराने में जुट गए। हड़ताल के चलते बागपत शहर की आजाद नगर कॉलोनी, पट्टी मेहर, पट्टी चौधरान सहित कई हिस्सों में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना कंट्रोल रूम को मिली, लेकिन हड़ताल के चलते कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के दोघट, काहन्ड, पुसार, गांगनौली, बरनावा, संतनगर, बडौत, बिजरौल, गुराना, वाजिदपुर, लौहड्डा सहित 50 से अधिक गांव की सप्लाई गत रात्रि से ठप पड़ी रही।

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पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस लाई विशेषाधिकार का नोटिस

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के सी वेणुगोपाल ने राज्यसभा में पीएम नरेन्द्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का एक नोटिस दिया है। उन्होंने इस नोटिस में आरोप लगाया है कि पीएम द्वारा कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नेहरू उपनाम रखने का सुझाव देना, दोनों नेताओं के विशेषाधिकार का उल्लंघन है और सदन की अवमानना है। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ने अपने नोटिस में क पीएम मोदी के उस सुझाव को ‘‘हास्यास्पद’’ करार दिया कि उन्हें (सोनिया और राहुल) नेहरू उपनाम का इस्तेमाल करने में क्यों शर्म आती है।

पीएम के बयान को वेणुगोपाल ने कहा ‘‘अपमानजनक’’

कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने इस चिट्ठी में कहा, “पीएम का यह कहना कि गांधी परिवार के सदस्यों ने नेहरु सरनेम क्यों नहीं लिया, अपने आप में काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। पीएम जानते हैं कि बेटी शादी के बाद अपने पिता का सरनेम नहीं रख सकती। यह जानने के बावजूद उन्होंने जानबूझकर इस बात का मजाक बनाया। इसके अलावा इस मामले को और वृहद तरीके से बताए जाने की जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं, पीएम के बात करने का लहजा और आशय अपमानजनक था। यह पीएम की ओर से सोनिया गांधी और राहुल गांधी की छवि गढ़ने जैसा था। जो कि दोनों के विशेषाधिकार का हनन है और इस सदन की भी अवमानना है।

क्या कहा था पीएम मोदी ने ?

कांग्रेस ने अपनी चिट्ठी में पीएम मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया है। पीएम ने कहा था, “मुझे बहुत आश्चर्य होता है कि चलो भाई , नेहरू जी का नाम हमसे कभी छूट जाता होगा और यदि छूट जाता है, तो हम उसे ठीक भी कर लेंगे। क्यूंकि वे देश के पहले प्रधानमंत्री थे। लेकिन मुझे यह समझ नहीं आता कि उनकी पीढ़ी का कोई भी व्यक्ति नेहरू जी का सरनेम रखने से क्यों डरता है ? क्या शर्मिंदगी है भाई नेहरू सरनेम रखने में ? इतना बड़ा महान व्यक्तित्व अगर आपको मंजूर नहीं है, परिवार को मंजूर नहीं है और हमारा हिसाब मांगते रहते हो।

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टेस्ट मैच समय से पहले हुआ खत्म, बॉर्डर-गावस्कर सीरीज ट्रॉफी टीम इंडिया के नाम

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 मैचों की बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज खत्म हो चुकी है। इस टेस्ट सीरीज को भारतीय टीम ने 2-1 से अपने नाम किया है। सभी नजरें इस टेस्ट सीरीज के आखिरी मुकाबले पर टिकी हुई थीं। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए आखिरी मुकाबले में कोई रिजल्ट नहीं आ पाया और ये मुकाबला 5 दिन के खेल के बाद ड्रॉ पर समाप्त हुआ।

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टेस्ट मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 480 रन बनाए थे। जवाब में टीम इंडिया की पहली पारी 571 रन पर समाप्त हुई। ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट मैच खत्म होने तक दो विकेट पर 175 रन बना लिए थे। इसके बाद दोनों कप्तानों ने इस टेस्ट मैच को ड्रॉ करने का फैसला लिया।

समय से पहले खत्म हुआ मुकाबला

अहमदाबाद टेस्ट आखिरी दिन तक खिंच गया लेकिन दोनों ही टीमों में से किसी को भी जीत हासिल नहीं हो पाई। ये मुकाबला नियमित समय से करीब 1 घंटे और 30 मिनट पहले खत्म हो गया। दोनों ही टीमों ने पहली पारी के लिए करीब 4 दिन तक बल्लेबाजी की। जिसके बाद अहमदाबाद की फ्लेट विकेट पर आखिरी दिन कोई रिजल्ट आ पाना काफी मुश्किल था। ऐसे में दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने एक दूसरे से हाथ मिलाने का फैसला किया और ये टेस्ट मैच ड्रॉ पर छूटा।

अहमदाबाद टेस्ट मैच में चार बल्लेबाजों ने ठोके शतक

इस मैच में बल्लेबाजों का पूरी तरह से जलवा रहा। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया की ओर से जहां उस्मान ख्वाजा ने 180 रनों की पारी खेली। वहीं कैमरन ग्रीन के बल्ले से 114 रनों की पारी निकली। इसके बाद टीम इंडिया की ओर से शुभमन गिल ने 128 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं विराट कोहली के बल्ले से भी करीब 3 साल बाद टेस्ट सेंचुरी आई। विराट ने 186 रनों की शानदार पारी खेली।

इस सीरीज में भारत ने शुरुआती दो टेस्ट जीते

भारत में 15 महीने बाद कोई टेस्ट मैच ड्रॉ हुआ है। इससे पहले नवंबर 2021 में भारत-न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट मैच ड्रॉ हुआ था। यह टेस्ट मैच कानपुर के ग्रीन पार्क में खेला गया था। इसके बाद से लेकर अब तक टीम इंडिया ने 12 टेस्ट मैच खेले और सिर्फ एक मैच ड्रॉ हुआ है। इस दौरान आठ टेस्ट मैच टीम इंडिया ने जीते और तीन में हार का सामना करना पड़ा। भारत ने 2-1 से यह टेस्ट सीरीज अपने नाम की। नागपुर में पहला टेस्ट टीम इंडिया ने पारी और 132 रन से और दूसरा टेस्ट मैच छह विकेट से अपने नाम किया था। तीसरा टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने नौ विकेट अपने नाम किया था।

लगातार चौथी बार ट्रॉफी भारत के नाम

इन दोनों टेस्ट में जीत के साथ भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी अपने नाम कर ली थी। इस साल बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने के साथ ही टीम इंडिया ने इतिहास भी रच दिया है। भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर लगातार चौथी बार कब्जा किया। करीब 26 साल से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज खेली जा रही है, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी टीम ने लगातार चौथी बार इस ट्रॉफी पर कब्जा किया हो।

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राहुल गांधी के कैम्ब्रिज वाले बयान पर संसद में घमासान, दोनों सदन स्थगित

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का आज आगाज होते ही सदन में हंगामा मच गया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राहुल गांधी के बयान पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरने की कोशिश की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी से देश को लंदन में बदनाम करने के लिए सदन से माफी मांगने को कहा। आपको बता दे कि संसद के बजट सत्र की कार्यवाही आज फिर से शुरू हुई। लेकिन शुरू होने के साथ ही लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। लोकसभा की कार्यवाही दोहपर 2 बजे तक के लिए स्थगित रहने के बाद दोबारा शूरू हुई लेकिन फिर हंगामा ऐसा हुआ कि कुछ ही मिनट बाद सदन की कार्यवाही कल के लिए स्थगित कर दी गई।

संसद के दोनों सदनों में 35 विधेयक लंबित

बता दें कि संसद के दोनों सदनों में 35 विधेयक लंबित हैं जिनको पास कराया जाना है ऐसे में सत्र के सुचारू रूप से संचालन को लेकर रविवार को राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई और सभी दलों से चर्चा की थी। वही वार पलटवार के बीच करीब एक महीने के अवकाश के बाद बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है जो 6 अप्रैल तक चलेगा।

इस दौरान अनुदान मांग और केंद्रीय बजट के पारित होने के साथ ही राज्यसभा में 26 विधेयक और लोकसभा में 9 लंबित विधेयकों को रखा जाना है। सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी रणनीति के साथ आज से एक बार फिर सदन में अपने मुद्दों को लेकर आवाज उठाते नजर आने वाले हैं।

केंद्रीय मंत्री का राहुल गांधी पर हमला

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी राहुल के लंदन में दिए बयानों को लेकर उन पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकसभा में राहुल गांधी को जितना समय दिया गया था। उससे ज्यादा वो बोले हैं, फिर कैसे बोलते हैं कि उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया जाता है। उन्होंने भारत के बाहर भारत का कितना अपमान करवाया है। राहुल गांधी भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए दूसरे देश से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। ये भारत के लोकतंत्र का और संसद का अपमान है। वो झूठ बोलकर इस देश का अपमान क्यों कर रहें ?

राज्यसभा में पीयूष गोयल ने राहुल को घेरा

केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में भाजपा के नेता पीयूष गोयल ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने विदेशी जमीन पर भारतवासियों और सदन का अपमान किया है। भारत में वाक स्वतंत्रता है और संसद में सभी अपनी बात रखते हैं। उन्हें भारत के ऊपर इस प्रकार की टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें सदन में आकर माफी मांगनी चाहिए।

राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर बोला हमला

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सदन के एक वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने विदेश की धरती से भारत का अपमान किया है। उन्हें संसद में आकर माफी मांगनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

कांग्रेस के सवालों का जवाब देने का मन नहीं करता

केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि उन्हें सदन में कांग्रेस की बातों का जवाब देने में अच्छा नहीं लगता। उन्होंने कहा कि आलोचना के लिए भी तर्क होना चाहिए, जो कांग्रेस की बातों में नहीं होते। वे संसद नहीं चलने देते जिससे संसद में जरूरी मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाती। ऐसा लगता है जैसे कांग्रेस की रुचि सदन चलने देने की नहीं है।

भाजपा लोकतंत्र को कुचल रही है – मल्लिकार्जुन खरगे

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन के बाहर भाजपा के राहुल गांधी पर किए गए हमलों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग खुद यहां लोकतंत्र को कुचल रहे हैं और हर एजेंसी का गलत उपयोग कर रहे हैं। वे देश को एक तानाशाही की तरह चला रहे हैं और फिर ये लोग लोकतंत्र और देशभक्ति की बात करते हैं। मल्लिकार्जुन खरगे यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, “हम अदाणी के शेयरों के मुद्दे पर जे पी सी के गठन की मांग कर रहे हैं। जब हम इस मुद्दे को उठाते हैं तो माइक बंद कर दिया जाता है और सदन में हंगामा शुरू हो जाता है।

राहुल गांधी के समर्थन में आए शशि थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल के बयान को लेकर जारी विवाद को ओछी राजनीति करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह ओछी किस्म की राजनीति है। राहुल गांधी ने ऐसा कुछ नहीं कहा है। जैसा की उन पर आरोप लगाया जा रहा है। आप उनका बयान देख सकते हैं। मुझे यहां ऐसा कुछ नहीं दिखता जिसकी वजह से उन्हें मांफी मांगने की जरूरत हो।

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समलैंगिक विवाह का केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में किया विरोध

केंद्र सरकार ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग का विरोध किया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में केंद्र ने कहा है कि ऐसा करना भारत की सामाजिक मान्यताओं और पारिवारिक व्यवस्था के खिलाफ होगा। इसमें कई तरह की कानूनी अड़चनें भी आएंगी। इस साल 6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक शादी के मसले पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था, साथ ही अलग-अलग हाई कोर्ट में लंबित याचिकाओं को अपने पास ट्रांसफर करा लिया था।

सुप्रीम कोर्ट में 13 मार्च को होने वाली सुनवाई से पहले केंद्र सरकार ने सभी 15 याचिकाओं पर जवाब दाखिल किया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने कहा है कि भारत में परिवार की अवधारणा पति-पत्नी और उन दोनों की संतानें हैं। समलैंगिक विवाह इस सामाजिक धारणा के खिलाफ है। संसद से पारित विवाह कानून और अलग-अलग धर्मों की परंपराएं इस तरह की शादी को स्वीकार नहीं करतीं।

सभी कानून पुरुष-महिला पर ही बनें

केंद्र सरकार ने कहा, “ऐसी शादी को मान्यता मिलने से दहेज, घरेलू हिंसा कानून, तलाक, गुजारा भत्ता, दहेज हत्या जैसे तमाम कानूनी प्रावधानों को अमल में ला पाना कठिन हो जाएगा। यह सभी कानून एक पुरुष को पति और महिला को पत्नी मान कर ही बनाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कुछ याचिकाओं में समलैंगिक विवाह को भी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत लाकर उनका रजिस्ट्रेशन किए जाने की मांग की गई है।

केंद्र सरकार ने हलफनामे में दिए ये तर्क

बता दें कि एक समलैंगिक जोड़े ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर समलैंगिक शादी को मान्यता देने की मांग की है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। जिस पर केंद्र सरकार ने रविवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया। जिसमें केंद्र ने कहा कि समलैंगिकों का जोड़े के रूप में साथ रहना और शारीरिक संबंध बनाने की, भारत की पारिवारिक इकाई की अवधारणा से तुलना नहीं हो सकती।

भारतीय पारिवारिक इकाई की अवधारणा में एक पुरुष और महिला शादी करते हैं, जिसमें पुरुष ‘पति’ और महिला ‘पत्नी’ होती है। दोनों विवाह के बाद बच्चे पैदा करते हैं और पुरुष ‘पिता’ और महिला ‘माता’ बनती है।

संबंध और शादी अलग-अलग बातें – केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने कहा है कि समलैंगिक वयस्कों के बीच सहमति से बने शारीरिक संबंध को अपराध न मानना और उनकी शादी को कानूनी दर्जा देना दो अलग-अलग चीजें हैं। याचिकाकर्ता इस तरह की शादी को अपने मौलिक अधिकार की तरह बता रहे हैं। यह गलत है, सोमवार के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारडीवाला की बेंच उनकी याचिकाओं को सुनेगी। यह बेंच आगे होने वाली विस्तृत सुनवाई की रूपरेखा तय कर सकती है।

समलैंगिक कपल ने दाखिल की हैं याचिकाएं

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वालों में समलैंगिक कपल सुप्रियो चक्रबर्ती और अभय डांग, पार्थ फिरोज मेहरोत्रा और उदय राज आनंद के अलावा कई लोग शामिल हैं। इन याचिकाओं में कहा गया है कि स्पेशल मैरिज एक्ट में अंतर धार्मिक और अंतर जातीय विवाह को संरक्षण मिला हुआ है। लेकिन समलैंगिक कपल के साथ भेदभाव किया गया है।

read more : शुभमन गिल और विराट कोहली के दम पर भारत की लड़ाई जारी

शुभमन गिल और विराट कोहली के दम पर भारत की लड़ाई जारी

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्डेडियम में खेला जा रहा है। भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच अहमदाबाद टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खत्म हो गया है। टीम इंडिया ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 3 विकेट पर 289 रन बना लिए हैं।

इस वक्त विराट कोहली और रवीन्द्र जडेजा क्रीज पर हैं। विराट कोहली 128 गेंदों पर 59 रन बनाकर खेल रहे हैं। जबकि रवीन्द्र जडेजा 16 बनाकर नाबाद लौटे। फिलहाल, टीम इंडिया पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया से 191 रन पीछे है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के लिए नॉथन लियोन, मैथ्यू कुन्हेमैन और टॉट मर्फी को 1-1 कामयाबी मिली।

मैच में अब तक क्या हुआ ?

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर शानदार शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 61 रन जोड़े। हेड 32 और लाबुशेन तीन रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन ख्वाजा जमे रहे। उन्होंने 38 रन बनाने वाले स्मिथ के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की और बड़े स्कोर की नींव रखी। इसके बाद हैंड्सकॉम्ब 17 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन कैमरून ग्रीन के सात ख्वाजा ने 208 रन की साझेदारी कर कंगारू टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचा दिया।

ग्रीन 114 और ख्वाजा 180 रन बनाकर आउट हुए। अंत में नाथन लियोन ने 34 और टॉड मर्फी ने 41 रन की पारी खेल ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 480 रन तक पहुंचा दिया। भारत के लिए अश्विन ने सबसे ज्यादा छह विकेट लिए।

शुभमन गिल और पुजारा की साझेदारी ने किया कमाल

भारत ने इस मैच में 74 के स्कोर पर कप्तान रोहित शर्मा के रूप में अपना पहला विकेट गवां दिया। इसके बाद शुभमन गिल और चेतेश्वर पुजारा ने टीम इंडिया की पारी को संभाला दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 113 रनों की साझेदारी हुई। चेतेश्वर पुजारा का विकेट 187 के स्कोर पर गिरा। चेतेश्वर पुजारा के जाने के बाद विराट कोहली मैदान पर उतरे।

शुभमन गिल की शानदार शतकीय पारी

इससे पहले ओपनर शुभमन गिल ने शानदार शतकीय पारी खेली। शुभमन गिल ने 235 गेंदों पर 128 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 12 चौके और 1 छक्के जड़े। शुभमन गिल ऑफ स्पिनर नॉथन लियोन की गेंद पर आउट होकर पवैलियन लौटे। वहीं, चेतेश्वर पुजारा ने 42 रनों का योगदान दिया।

चौथे दिन बड़ा स्कोर बनाना चाहेगी टीम इंडिया

टीम इंडिया ने तीसरे दिन तो शानदार वापसी कर ली है। लेकिन इस टेस्ट मैच को अपने नाम करने के लिए उन्हें चौथे दिन काफी तेजी से बल्लेबाजी करनी होगी। टीम इंडिया अगर ऐसा नहीं करती है तो यह मैच ड्रॉ हो सकता है जो कि टीम इंडिया को नुकसान दे सकता है।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में डायरेक्ट एंट्री पाने के लिए टीम इंडिया को किसी भी कीमत पर यह मैच अपने नाम करना होगा। अगर टीम इंडिया ऐसा नहीं करती है तो उन्हें श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे टेस्ट सीरीज के रिजल्ट का इंतजार करना होगा।

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स्वाति मालीवाल का बड़ा खुलासा, बचपन में मेरे पिता करते थे मेरा यौन शोषण

दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने बेहद सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने अपने पिता पर बचपन में उनका यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। स्वाति मालीवाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘मेरे अपने पिता मेरा यौन शोषण करते थे, जब मैं छोटी थी। बहुत मारते थे, बहुत पीटते थे… जब वह घर में आते थे तो बहुत डर लगता था।

मैं कई बार बिस्तर के नीचे छिप जाती थी और पूरी रात प्लानिंग करती थी कि किस तरीके से महिलाओं को उनका हक दिलाऊंगी और इस तरह के आदमी जो महिलाओं के साथ शोषण करते हैं। बच्चियों के साथ शोषण करते हैं उनको सबक सिखाऊंगी।

बुरी तरह से पीटते थे पिता

स्वाति मालीवाल ने अपने बचपन को याद किया और भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि कैसे उनके पिता द्वारा उनका ‘यौन उत्पीड़न’ किया गया था। मालीवाल ने बताया “मेरे पिता मुझे बहुत मारते थे। वह मेरे बालों को पकड़ते थे और मेरे सिर को दीवार से जोर से मार देते थे। खून बहता रहता था, बहुत तड़प होती थी… लेकिन मेरा मेरा यह मानना है कि जब एक इंसान बहुत अत्याचार सहता है तभी वह दूसरों का दर्द समझ पाता है।

लेकिन मेरा मानना ​​है कि इसी घटना ने मुझमें महिलाओं के कल्याण के लिए काम करने के दृढ़ संकल्प को प्रेरित किया, “स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह कक्षा चार तक अपने पिता के साथ रहीं थीं।

स्वाति मालीवाल का 2020 में तलाक हो गया था

बता दें कि साल 2015 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही स्वाति मालीवाल दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बनीं। बाद में उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था। दिल्ली महिला आयोग (DCW) का नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सलाहकार के रूप में काम किया। स्वाति मालीवाल की शादी हरियाणा आप के पूर्व अध्यक्ष नवीन जयहिंद से हुई थी लेकिन 2020 में उनका तलाक हो गया।

हमेशा से मुखर रही स्वाति मालीवाल

मालीवाल महिलाओं पर अत्याचार के मामलों के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुखर हैं। जनवरी में, दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध की एक के बाद एक घटनाओं के बाद, मालीवाल ने रात में दिल्ली में सुरक्षा स्थिति का निरीक्षण करने का दावा किया जब एक शराबी कैब चालक ने कार की खिड़की में उसका हाथ बंद कर दिया और उसे घसीटा।

read more : बेंगलुरु से लखनऊ जा रही विमान ने की इमरजेंसी लैंडिंग, आई तकनीकी खराबी

बेंगलुरु से लखनऊ जा रही विमान ने की इमरजेंसी लैंडिंग, आई तकनीकी खराबी

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से लखनऊ जा रहे एआईएक्स कनेक्ट के विमान की उड़ान भरने के 10 मिनट बाद ही केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। एआईएक्स कनेक्ट के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बता दें कि इसी एयरलाइन को पहले एयर एशिया के नाम से जाना जाता था।

एआईएक्स कनेक्ट के अधिकारी ने बताया, विमान I5-2472 ने शनिवार सुबह करीब 6.45 बजे उड़ान भरी थी और इसे लखनऊ में सुबह नौ बजे उतरना था। हालांकि, उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद इसे जमीन पर उतार लिया गया।

घटना की पुष्टि करते हुए एआईएक्स कनेक्ट के प्रवक्ता ने कहा, ‘बेंगलुरु से लखनऊ से जाने वाले विमान i5-2472 को एक मामूली तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा। इस वजह से विमान बेंगलुरु लौट आई।

प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।’ वहीं अन्य फंक्शन को ठीक करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इससे पहले इस महीने की शुरुआत में पुणे जाने वाली एयर एशिया के एक विमान के उड़ान भरने के तुरंत बाद उससे एक पक्षी टकरा गई थी। जिसके बाद भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उसकी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।

read more : पीएम मोदी ने अल्बनीज के सामने ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमले का उठाया मुद्दा

पीएम मोदी ने अल्बनीज के सामने ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमले का उठाया मुद्दा

भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज के बीच हैदराबाद हाउस में लंबी बातचीत हुई। इस दौरान दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने कई मुद्दों पर आपसी सहमति जताई। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी उठाया। मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने खुद इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों के ऊपर लगातार हमलों की खबरें आ रहीं हैं।

यकीनन इसने भारत में लोगों को चिंतित किया। इसको लेकर मैंने प्रधानमंत्री अल्बानीज से चर्चा की। उन्होंने मुझे आश्वस्त किया है कि उनकी सरकार के लिए भारतीयों की सुरक्षा सबसे अहम है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी।

हम व्यापक आर्थिक समझौते पर कर रहे काम

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि दोनों पक्ष एक व्यापक आर्थिक समझौते पर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, ‘रक्षा के क्षेत्र में हमने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय समझौते किए हैं। जिनमें एक-दूसरे की सेनाओं के लिए साजो-सामान संबंधी सहयोग भी शामिल है। पीएम अल्बनीज ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पीएम मोदी और वह भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमत हुए। उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि हम इस साल इसे अंतिम रूप दे देंगे।

पीएम मोदी ने उठाया मंदिरों पर हमले का मुद्दा

पीएम नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज के सामने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हुए हमलों का मुद्दा उठाया। यह मामला उनकी उस व्यापक वार्ता के दौरान चर्चा के लिए आया, जिसका उद्देश्य समग्र संबंधों का विस्तार करना था। वार्ता के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमले की खबरें नियमित रूप से आ रही हैं। उन्होंने कहा, ‘स्वाभाविक है, ऐसे समाचार भारत में सभी लोगों को चिंतित करते हैं और हमारे मन को व्यथित करते हैं।

भारत और ऑस्ट्रेलिया अच्छे दोस्त

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज भारत की चार दिवसीय यात्रा पर हैं। आज वह राष्ट्रपति भवन पहुंचे। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बानीज ने भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेरा बहुत अच्छे से स्वागत किया। ऑस्ट्रेलिया और भारत अच्छे दोस्त हैं और पार्टनर भी हैं। हम रोज अपने संबंध को और मजबूत कर रहे हैं।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मिले ऑस्ट्रेलियाई पीएम

राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने भारत और ऑस्ट्रेलिया से जुड़े मुख्य पहलुओं पर चर्चा की। जयशंकर ने ट्वीट पर इसकी जानकारी दी।

आईएनएस विक्रांत पर गए थे ऑस्ट्रेलियाई पीएम

इससे पहले गुरुवार को अल्बानीज मुंबई में भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर भी सवार हुए। इस दौरान भारतीय नौसेना ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इतना ही नहीं आईएनएस विक्रांत पर वह लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) के कॉकपिट में भी बैठे। भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने अल्बानीज के साथ भारत के सबसे बड़े विमानवाहक पोत के बारे में विवरण और जानकारी साझा की।

बता दें कि अल्बानीज आईएनएस विक्रांत पर जाने वाले पहले विदेशी प्रधानमंत्री हैं।

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