Friday, April 10, 2026
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अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले कांग्रेस में मची कलह,आलाकमान गहलोत से हुआ नाराज़

कांग्रेस में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले राजस्थान कांग्रेस में कलह मच गई है। यहां सचिन पायलट और अशोक गहलोत के समर्थकों के बीच तनातनी हो गई है। दरअसल ऐसी संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस आलाकमान द्वारा सचिन पायलट को राजस्थान का अगला सीएम बनाने को लेकर विचार किया जा रहा है। इस बीच अशोक गहलोत के समर्थन में 90 विधायकों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मामले को सुलझाने का जिम्मा सीनियर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन को दिया है। सोनिया ने इन दोनों नेताओं से कहा है कि वे बागी विधायकों से बात करें। हालांकि, बागी विधायकों ने दोनों नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया है।

जिसके बाद खड़गे और माकन राजस्थान के सियासी घमासान की पूरी रिपोर्ट दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान को देंगे। इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जबरदस्त झटका लगा है | वह इस पद की दौड़ से बाहर हो सकते हैं | सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब उन्हें पार्टी अध्यक्ष के रूप में नहीं देखना चाहते | कांग्रेस के पर्यवेक्षकों मल्लिकार्जुन खड़गे और राजस्थान के प्रभारी अजय माकन ने अनुशंसा की है कि अशोक गहलोत को पार्टी अध्यक्ष न बनाया जाए | जानकारी के मुताबिक, दोनों पर्यवेक्षकों मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन ने कुछ विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही है |

वही पार्टी लीडरशिप को अशोक गहलोत का रवैया भरोसा तोड़ने और अपमान करने वाला लगा है। सोनिया गांधी के दूतों से मुलाकात न करना और अलग से मीटिंग बुलाना पार्टी लीडरशिप को खला है। अब अशोक गहलोत को अध्यक्ष पद के चुनाव से हटाने की भी बात हो रही है। वहीं इस बीच कमलनाथ दिल्ली आए हैं। इससे यह भी कयास लग रहे हैं कि क्या कमलनाथ को ही यह पद मिलेगा।

जनता में जाएगा गलत संदेश

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि अशोक गहलोत की हरकत से हाईकमान को लगता है कि इससे संदेश जाएगा कि गांधी परिवार की अब पार्टी पर पहले जैसी पकड़ नहीं रह गई है। ऐसी स्थिति दिखाने से हाईकमान बचना चाहता है। ऐसे में अध्यक्ष पद पर किसी और नेता को ही लाया जा सकता है। वहीं राजस्थान में भी अब पार्टी लीडरशिप कुछ बैलेंस जरूर बनाना चाहेगी ताकि अशोक गहलोत बेलगाम न हो सकें। इसकी वजह यह है कि अशोक गहलोत के रवैये को हाईकमान ने समझ लिया है कि वह अपनी सत्ता को हिलता देख किसी भी हद तक जा सकते हैं।

गहलोत के रवैये ने बढ़ा दी है हाईकमान की चिंता

सोनिया गांधी और राहुल गांधी की बड़ी चिंता यह है कि उन्होंने भरोसेमंद नेता और अनुभव के आधार पर अशोक गहलोत को तरजीह दी थी। लेकिन अब गहलोत के रवैये ने चिंताएं बढ़ा दी हैं और गांधी परिवार इसे भरोसा तोड़ने वाली हरकत के तौर पर देख रहा है। वहीं हाईकमान के लिए मुश्किल यह है कि राहुल गांधी खुद कह चुके हैं कि एक पद और एक नेता की नीति सख्ती से लागू होगी। ऐसे में अब किसी भी तरह का समझौता अपने ही रुख से पलटने वाली बात होगी।

खड़गे ने गहलोत से कही ये बात

रविवार देर रात तक चले हंगामे के बाद दूसरे दिन सोमवार को कांग्रेस पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और सीएम अशोक गहलोत की होटल में मुलाकात हुई | यहां खड़गे ने गहलोत के सामने पार्टी में अनुशासन की जरूरत पर जोर दिया | खड़गे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को मजबूत बनाने के साथ-साथ एकजुटता और अनुशासन बेहद जरूरी है |

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गुड्डू भैया और भोली पंजाबन करेंगे शादी,सारी तैयारियां पूरी

‘मिर्जापुर’ के गुड्डू भैया यानी अली फजल और ‘फुकरे’ की भोली पंजाबन यानी ऋचा चड्ढा अपनी लंबी रिलेशनशिप को अब शादी में बदलने जा रहे हैं। दोनों की शादी की पूरी तैयारियां हो चुकी हैं, बीते दिनों इस सेलेब कपल का वेडिंग कार्ड भी खूब वायरल हुआ। इस शादी की रस्में शुरू होने के लिए अब कम ही दिन बचे हैं। इसलिए अब इस रॉयल शादी में शामिल होने वाले मेहमानों के नाम भी सामने आने लगे हैं। खबर है कि बॉलीवुड की इस मोस्ट अवेटेड शादी में कई हॉलीवुड के सितारे भी शामिल होने वाले हैं। बता दें कि हाल ही में इस शादी के लेकर जानकारी सामने आई थी कि अली और ऋचा ने मेहमानों का खास ख्याल रखते हुए ‘नो फोन पॉलिसी’ न रखने का फैसला किया है।

इसके लिए बस एक छोटी सी शर्त रखी गई है कि शादी की फोटो क्लिक किए बिना मेहमान अपना फोन इस्तेमाल कर सकते हैं। 30 सितंबर से दोनों की शादी की रस्में शुरू होने जा रही हैं। वहीं, 6 अक्टूबर को यह प्रेमी जोड़ा हमेशा के लिए एक दूजे का होने वाला है। लोगों को उम्मीद है कि सुपरहिट वेबसीरीज ‘मिर्जापुर’ की पूरी टीम भी इसमें एक साथ नजर आ सकती है। क्योंकि अली फजल भले ही स्क्रीन पर कालीन भैया यानी पंकज त्रिपाठी से बदला लेना चाहते हैं लेकिन असल जिंदगी में दोनों बड़े अच्छे दोस्त हैं। वहीं सूत्रों की मानें तो इस सीरीज के टीम के कई कलाकार शादी में शामिल होंगे। शादी समारोह अब से कुछ दिनों के भीतर नई दिल्ली में शुरू होने की उम्मीद है और अंत में 4 अक्टूबर को मुंबई में संपन्न होगा।

हॉलीवुड में कई फिल्में कर चुके हैं गुड्डू भैया

आपको बता दें कि अली फजल भारतीय फिल्मों में जितना काम करते हैं उतना ही काम वह हॉलीवुड सिनेमा में भी कर चुके हैं। इसलिए अली फजल के साथ काम कर चुकीं गेरार्ड बटलर और जूडी डेंच जैसी हॉलीवुड हस्तियां अली और ऋचा चड्ढा की शादी में शामिल होंगी। शादी के जश्न में अब कुछ ही दिन बचे हैं, इसलिए ये हॉलीवुड अभिनेता जल्द ही दिल्ली के लिए रवाना होने वाले हैं।

शादी का रिसेप्शन मुंबई में होगा

इस बीच चर्चा है कि मुंबई में आयोजित होने वाले रिसेप्शन में अली के हॉलीवुड के कई दोस्त भी शामिल होने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुंबई रिसेप्शन में आमंत्रित लोगों में अली फजल के ‘विक्टोरिया एंड अब्दुल’ के सह-कलाकार डेम जूडी डेंच को आमंत्रित किया गया है और इसी तरह जेरार्ड बटलर को भी आमंत्रित किया गया है, जो अली के साथ आगामी हॉलीवुड फिल्म ‘कंधार’ में सह-कलाकार हैं। वहीं अली ने हॉलीवुड के महत्वपूर्ण प्रोडक्शन से जुड़े लोगों को भी आमंत्रित किया है और यहां तक कि जासूसी थ्रिलर श्रृंखला ‘तेहरान’ के कलाकार भी अतिथि सूची में हैं।

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रूस के इजेव्स्क शहर में एक स्कूल में हुई गोलाबारी, 6 लोगो की हुई मौत

रूस के इजेव्स्क शहर में एक स्कूल में गोलीबारी हो गई जिसमें कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है। गोलियों की आवाज सुनकर बच्चे कक्षाओं में छिप गए | यह फायरिंग उस समय शुरू हुई | जब स्कूल में क्लासेज चल रही थीं | रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर ने स्कूल की चौथी मंजिल के कमरा नंबर 403 में खुद को भी गोली मार कर आत्महत्या कर ली | स्कूल में हुई इस ताबड़तोड़ गोलीबारी में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 घायल हो गए। रूस के गृह मंत्री ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। रूस के इजेव्स्क शहर में गोलीबारी के बाद दहशत का माहौल है।

रूस के इजेव्स्क शहर के गवर्नर और स्थानीय पुलिस का कहना है कि गोली चलाने वाले ने खुद को भी गोली मार ली। स्कूल को तत्काल खाली करा लिया गया है और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रूस के इजेव्स्क शहर के गवर्नर अलेक्जेंडर ब्रेशालोव ने कहा है कि स्कूल में पुलिस टीम मौजूद है। वही टेलीग्राम मैसेंजर ऐप पर एक बयान में क्षेत्र के गवर्नर अलेक्जेंडर ब्रेशालोव ने कहा कि वह शहर के स्कूल नंबर 88 पर पहुंचे। स्कूल में सुरक्षा व राहत व बचाव टीमें पहुंच गई | घायलों को उपचार के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है |

पहले भी हुई है ऐसी घटना

पिछले साल भी पूर्वी मॉस्को में ऐसी ही घटना हुई थी।यहां 19 साल के एक शख्स ने फायरिंग कर दी थी जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी। मरने वालों में 7 बच्चे शामिल थे। गृह मंत्रालय के मुताबिक एक शिक्षक समेत कुछ बच्चों की भी मौत हुई है। हालांकि मरने वाले बच्चों की उम्र का पता नहीं चल पाया है। पुलिस के मुताबिक जब हमला हुआ, उस वक्त स्कूल में कोई गार्ड नहीं था। इस तरह के गोलीबारी के मामले अमेरिका में भी अकसर सामने आते रहते हैं। बंदूक रखने के नियमों में ढील की वजह से कई बार लोगों को जान देकर इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।

रूस में आंशिक लामबंदी से लोग नाराज चल रहे हैं

पुतिन के आंशिक लामबंदी के आदेश के बाद रूस में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं | हालांकि अभी तक घटना के पीछे का कारण पता नहीं चल सका है | फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि स्कूल में घुसने का कारण क्या था और इसके पीछे कोई आतंकी संगठन तो शामिल नहीं है | आपको बता दें कि रूस में इन दिनों लामबंदी के आदेश के बाद युवा देश छोड़ कर भाग रहे हैं | रूस से बाहर जाने वाली फ्लाइट के टिकट के लिए यात्री पांच गुना तक पैसे चुका रहे हैं |

घटना की जांच में जुटी पुलिस

गोलीबारी की घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच की जा रही है। वारदात को अंजाम देने की वजह का पता नहीं चल सका है। साथ ही हमलावर की भी पहचान नहीं हो सकी है।

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ा हादसा, 9 लोगो की मौत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ा हादसा हो गया है। लखनऊ के इंटौजा में ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से 9 लोगों की मौत हो गई है। चार लोगों ने मौके पर दम तोड़ दिया और छह लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसा लखनऊ के इटौंजा स्थित गद्दीनपुरवा में हुआ, जिसमें ट्रैक्टर ट्रॉली तालाब में पलट गई। रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई है और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। लखनऊ के इटौंजा के असनहा गद्दीपुरवा में तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्राली को टक्कर मार दी। हादसे में मुंडन कराने जा रहे लोगों सहित ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में पलट गई। हादसे में सभी डूब गये।

जिलाधिकारी लखनऊ ने अब तक 9 मौतों की पुष्टि की है। पुलिस ने गोताखोरों व स्थानीय लोगों की मदद से 35 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। कई शव बाहर निकाले गए हैं। रेस्क्यू कार्य जारी है। सीतापुर के अटरिया स्थित तिकौली गांव के चुन्नीलाल उर्फ चुन्नन के बेटे का मुंडन संस्कार था। नवरात्रि के पहले दिन इटौंजा के ऊनई देवी मंदिर में मुंडन होना था। इसके लिए पूरा परिवार रिश्तेदारों व परिचितों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर मंदिर जा रहा था। सुबह करीब 10 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली असनहा के गद्दीपुरवा गांव के पास पहुंची थी। इसी बीच बेहटा की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी।

दो बच्चों की हालत गम्भीर

टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सीधे सड़क किनारे बड़े तालाब में जा गिरी। हादसे की सूचना पर डीएम सूर्य पाल गंगवार मौके पर पहुंचे। राम सागर मिश्र हाॅस्पिटल में भर्ती घायलों का हाल लिया। दो बच्चों की हालत गम्भीर बताई जा रही है। हादसे में घायल लोगों को तत्काल उच्चस्तरीय इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए डीएम ने एसडीआरएफ की टीम बुलाई। ट्रैक्टर ट्राली पर करीब 45 लोग सवार थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली को बाहर निकालने के लिए जेसीबी मंगाई तक गई है।

इन चार के शव मिले

मृतकों में टिकौली गांव की सुखरानी (45वर्ष), सुषमा मौर्य (52वर्ष) रुचि मौर्य (18वर्ष) और कोमल (38वर्ष) हैं। पुलिस ने इन चारों के शव को सीएचसी भेज दिया है। वहीं, एक को ट्रॉमा रेफर किया गया है।

हादसे के शिकार लोगों के नाम

सीतापुर के अटरिया स्थित तिकौली के चुन्नीलाल उर्फ चुन्नन के बेटे के मुंडन में एक ही ट्राली पर सवार होकर 45 लोगों के जाने की बात सामने आई है। इसमें अभिषेक मौर्या, अंशिका मौर्या, शिवा मौर्या, लक्ष्मी मौर्या, अश्विनी चौरसिया, मनीष अवस्थी, सुमन , मीरा चौरसिया, किरन, अनन्या , शिवांश, अंशिका, विमला, राबिया, साजिदा, सुषमा, उर्मिला, आरती मौर्या, अंजलि, अर्पित मौर्या, आशुतोष, नीतू,अनिकेत, सलोनी, रामरती, प्रिया, पुष्पा गुप्ता, कमला, कृषिका, तान्या, दिव्यांका, जूही, सुमन, पूजा शामिल हैं। पुलिस ने चार शव बाहर निकाला है। वहीं एक को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर भेजा गया।

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गुलाम नबी आज़ाद की नई पारी की शुरुआत,डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी के साथ

गुलाम नबी आज़ाद ने आज अपनी नई पार्टी के नाम की घोषणा कर दी है और पार्टी का नाम ‘डेमोक्रेटिक आज़ाद पार्टी’ रखा है। गुलाम नबी आज़ाद ने 26 अगस्त को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद गुलाम नबी आज़ाद ने कहा था कि जल्द वह नई पार्टी के नाम की घोषणा करेंगे। गुलाम नबी आज़ाद ने यह भी कहा था कि उनकी पार्टी की विचारधारा आज़ाद होगी। जम्मू में प्रेसवार्ता कर उन्होंने नाम की घोषणा की। गुलाम नबी आज़ाद ने पिछले महीने कांग्रेस से अपना पांच दशक से अधिक पुराना नाता तोड़ दिया था।

वे तीन दिवसीय दौरे पर जम्मू आए हैं। गुलाम नबी आज़ाद ने बताया कि हमारी पार्टी के झंडे में 3 रंग हैं और हम गांधीजी को मानते हैं। आज़ाद ने कहा कि पार्टी की विचारधारा उनके नाम की तरह होगी और इसमें सभी धर्मनिरपेक्ष लोग शामिल हो सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी जम्मू-कश्मीर के अधिकतर वरिष्ठ नेता पार्टी को छोड़कर आज़ाद के समर्थन में आ चुके हैं। वह पार्टी का एजेंडा भी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। इसमें जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना, भूमि व नौकरियों के अधिकार स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित करने के लिए संघर्ष जारी रखना आदि शामिल है।

मार्च 2022 में गुलाम नबी आज़ाद को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से पद्मभूषण मिला। 1973 में गुलाम नबी आज़ाद ने डोडा जिले के भलेसा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सचिव के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद उनकी सक्रियता और शैली को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें युवा कांग्रेस का अध्यक्ष चुना।

2005 में बने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री

गुलाम नबी आज़ाद के राजनीतिक जीवन में 2005 में वह स्वर्णिम समय भी आया जब उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर की सेवा की। आजाद के जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में 21 सीटों पर जीत का परचम लहराया था। इसके परिणाम स्वरूप कांग्रेस प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी थी।

पंद्रह हजार से अधिक लोगों ने पार्टी के नाम के सुझाव दिए

आज़ाद को जम्मू कश्मीर से पंद्रह हजार से अधिक लोगों ने पार्टी के नाम के सुझाव दिए थे। हालांकि वह पार्टी के नाम पर दिल्ली में विचार विमर्श कर चुके हैं लेकिन फाइनल करने के लिए उन्होंने जम्मू कश्मीर के नेताओं से भी विस्तार से चर्चा की। सितंबर माह में गुलाम नबी आज़ाद का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले कांग्रेस छाेड़ने के बाद चार सितंबर को जम्मू कश्मीर आए थे। रैलियां की और चार सौ से अधिक प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत की थी। जम्मू का दो दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद आज़ाद 27 सितंबर को श्रीनगर का रुख करेंगे। वह दो दिन तक कश्मीर में पार्टी नेताओं से बैठकें करेंगे।

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चाइल्ड सेक्सुअल पोर्नोग्राफी को लेकर सीबीआई की बड़ी कार्यवाही

चाइल्ड सेक्सुअल पोर्नोग्राफी के मामले में सीबीआई का बड़ा एक्शन देखने को मिल रहा है | सीबीआई ने 20 राज्यों में 56 जगहों पर छापेमारी कर रही है | सीबीआई ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन मेघदूत’ नाम दिया है | सीबीआई के मुताबिक कई ऐसे गैंग चिन्हित किये गए हैं जो न केवल चाइल्ड सेक्सुअल प्रोनोग्राफी के सम्बंधित साम्रगी बल्कि बच्चों को फिजिकली ब्लैकमेल कर उसका इस्तेमाल करते हैं | बताया जा रहा है ये गैंग्स दोनों तरीके से काम करता है समूह बनाकर और व्यक्तिगत तौर पर | सीबीआई इंटरपोल की नोडल एजेंसी भी है | जिसके पास एक अंतरराष्ट्रीय बाल यौन शोषण इमेज व वीडियो डेटाबेस है |

जो सदस्य देशों के जांचकर्ताओं को बाल यौन शोषण के मामलों पर डेटा साझा करने की अनुमति देता है | भारत सहित 64 देशों द्वारा उपयोग किए जाने वाले आईसीएसई ने डेटाबेस में मौजूद 2.3 मिलियन तस्वीरों और वीडियो से दुनिया भर में 10,752 अपराधियों की पहचान करने और 23,500 बच्चों को उनके चंगुल से बचाने में मदद की है | इसमें ओपन नेटवर्क के जरिए डेटा साझा करने का प्रावधान है | जिसे सभी सदस्य देशों के साथ-साथ कुछ विशिष्ट देशों द्वारा एक्सेस किया जा सकता है |

ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज से संबंधित मामलों में सीबीआई की जांच के लिए 2019 से ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज एंड एक्सप्लाॅइटेशन प्रिवेंशन इंवेस्टिगेशन नाम से एक विशेष इकाई का भी गठन किया है | ऐसे अपराधों में विभिन्न सूचनाएं प्राप्त और एकत्रित करने के अलावा, सीबीआई की यह इकाई ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज से संबंधित विभिन्न मामलों की जांच करती है | यह ईकाई ऑनलाइन बाल यौन शोषण के सक्रिय संगठित रैकेट के बारे में दूतावासों और विदेशी संघीय जांच एजेंसियों से प्राप्त सूचनाओं का भी मिलान और जांच करती है |

सीबीआई को यहां से मिले थे इनपुट्स

सीबीआई को इंटरपोल के जरिए सिंगापुर से इस मामले के इनपुट्स मिले थे | जिसके बाद अब सीबीआई एक्शन में आ गई है | सीबीआई की ये छापेमारी दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, पटना समेत 20 राज्यों में चल रही है | बता दें, पिछले साल भी ऑपरेशन चलाया गया था जिसका नाम ऑपरेशन कार्बन था | उस दौरान देशभर में 83 लोगों के खिलाफ 76 ठिकानों पर रेड की गई थी और कई गिरफ्तारियां की गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट भी चितिंत

बता दें, देश में चाइल्ड पोर्नोग्राफी का ये कोई पहला मामला नहीं है | देश में चाइल्ड पोर्नोग्राफी एक चिंता का विषय रहा है | सोशल मीडिया पर लगातार अपलोड होते चाइल्ड पोर्नोग्राफी की वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट भी चिंता जता चुका है |

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प्रधानमंत्री मोदी करेंगे 5G सर्विस शुरुआत,भारतीय कम्पनिया रोलआउट को तैयार

नरेंद्र मोदी 1 अक्टूबर को भारत में 5G सर्विस की शुरुआत करने वाले हैं | भारत में 5G सेवाओं को रोलआउट करने के लिए रिलायंस जियो और भारती एयरटेल एकदम से तैयार है। इसको लेकर पूरी तैयारियां हो चुकी है और इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है कि अगले सप्ताह खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन सेवाओं को लॉन्च करेंगे। 1 अक्टूबर, 2022 को प्रधानमंत्री इंडिया मोबाइल कांग्रेस के आयोजन में नई जेनरेशन की इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत करके लोगों को बड़ा तौहफा देंगे। बता दे, पिछले काफी समय से यूजर्स 5G का इंतजार कर रहे है।

यहां तक की अब तो सभी स्मार्टफोन कंपनियां भी अपने-अपने स्मार्टफोन को 5G सेवाओं के साथ लॉन्च कर रही है। इस बात की जानकारी देते हुए नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन की ओर से एक ट्वीट शेयर हुआ था हालांकि बाद में इस ट्वीट को डिलीट कर दिया था। लेकिन इस ट्वीट में जो जानकारी थी वो अधिकतर लोगों के पास आ चुकी है। दरअसल इस डिलीट ट्वीट में लिखा था कि, “भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर पहुंचाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एशिया की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी एग्जिबिशन इंडिया मोबाइल कांग्रेस में 5G सेवाएं रोलआउट करेंगे।

जियो यूजर्स को कब मिलेगा 5G का फायदा ?

रिलायंस जियो ने कन्फर्म किया है कि 5G सेवाएं भारत में दीपावली के त्योहार से रोलआउट होंगी,जो 24 अक्टूबर को है। कंपनी ने एनुअल जनरल मीटिंग में बताया है कि शुरू में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में 5G का फायदा मिलेगा। सभी जियो यूजर्स को 5G सेवाएं देने के लिए कंपनी ने अगले साल तक का लक्ष्य रखा है।

एयरटेल इस महीने के आखिर में करेगी शुरुआत

एयरटेल ने कन्फर्म किया है कि इसकी 5G सेवाओं का रोलआउट इस महीने के आखिर से किया जाएगा। दिसंबर, 2022 तक सभी बड़े शहरों में एयरटेल की 5G सेवाएं मिलने लगेंगी। एयरटेल सीईओ गोपाल विट्टल ने बताया है कि इसके बाद देशभर में रोलआउट शुरू होगा और अगले साल के आखिर या मार्च, 2024 तक सभी यूजर्स को इसका फायदा मिलेगा।

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इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) की आधिकारिक वेबसाइट पर बताया गया है कि प्रधानमंत्री इसके वार्षिक आयोजन का हिस्सा बनेंगे। इस आयोजन में दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया सभी हिस्सा लेने वाले हैं। 1 अक्टूबर, 2022 को सेवाओं का आधिकारिक लॉन्च होगा।

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सिंगर नेहा कक्कड़ के गाने पर शुरू हुआ बवाल,सोशल मीडिया पर हुआ गाना ट्रोल

सिंगर नेहा कक्कड़ के एक गाने को लेकर बवाल शुरू हो गया है। हाल ही में उन्होंने 90 के दशक का आइकॉनिक गाना मैंने पायल है छनकाई का रीमिक्स वर्जन गाया। नेहा कक्कड़ के गाए हुए गाने में उनके अलावा क्रिकेटर युजवेंद्र चहल की वाइफ धनश्री वर्मा और टीवी एक्टर प्रियांक शर्मा भी कास्ट किए गए हैं। लिरिक्स जानी ने लिखे हैं। इस गाने को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। लोग जमकर नेहा की क्लास लगा रहे हैं। कुछ लोगों को नेहा कक्कड़ की स्टाइल में यह गाना पसंद नहीं आया, बस फिर क्या था। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सिलसिला शुरू हो गया। लगे हाथ फाल्गुनी पाठक ने भी नेहा कक्कड़ पर अपनी भड़ास निकाल दी।फाल्गुनी पाठक के मुताबिक ना तो नेहा कक्कड़ ने और ना ही उनकी टीम ने इस गाने को बनाने से पहले या बाद में उनसे संपर्क किया।

फाल्गुनी ने बताया कि वह नेहा कक्कड़ के खिलाफ लीगल एक्शन लेना चाहती थीं लेकिन इस गाने के राइट्स उनके पास नहीं हैं।अब नेहा ने सोशल मीडिया पर हेटर्स को करारा जवाब दिया है। नेहा कक्कड़ ने इंस्टाग्राम पर लिखा, यदि मेरे बारे में खराब बाते करने से हेटर्स को अच्छा लगता है, तो मुझे कोई परेशानी नहीं है। गायिका ने आगे लिखा, “और जो लोग मुझे खुश और सफल देखकर दुखी हैं, उनके लिए मुझे खेद है। बेचारे… कृपया कमेंट करते रहें। मैं उन्हें डिलीट भी नहीं करूंगी। क्योंकि मैं जानती हूं और हर कोई जानता है कि नेहा कक्कड़ क्या है |

और क्या चाहिए

वही एक अन्य पोस्ट में नेहा कक्कड़ ने लिखा कि इस दुनिया में कुछ ही लोगों को इतनी शोहरत नसीब होती है जितनी मुझे मिली। वो भी काफी कम उम्र में। इतनी पॉपुलैरिटी, हिट सॉन्ग, सुपर डुपर हिट टीवी शोज, वर्ल्ड टूर, और बच्चों से लेकर 80-90 साल के बुजुर्ग तक.. और क्या चाहिए । आपको पता है कि यह सब मुझे मेरे टैलेंट, मेहनत और पैशन की वजह से मिला है। आज मैं ईश्वर का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। मैं खुद को खुशनसीब समझती हूं।

नए और पुराने ट्रैक में क्या है फर्क ?

ऑरिजनल गाना 1999 में रिलीज किया गया था, और इसमें एक्टर विवान भटेना और निखिला पलटत थे। इस म्यूजिक वीडियो में एक कॉलेज फेस्ट का पपेट शो दिखाया गया था। वहीं नेहा कक्कड़ के गाने की बात करें तो यह गाना 19 सितंबर को यूट्यूब पर रिलीज किया गया। नेहा कक्कड़ के गाने में ऑरिजनल गाने की हुक लाइन और म्यूजिक इस्तेमाल किया गया है।

तनिष्क बागची ने किया है रीमेक !

ऑरिजनल ट्रैक के साथ-साथ नेहा कक्कड़ वाले गाने में कुछ और एक्स्ट्रा लिरिक्स भी जोड़े गए हैं। नेहा कक्कड़ वाले म्यूजिक वीडियो में प्रियांक शर्मा और धनश्री वर्मा ने अहम किरदार निभाए हैं। पुराने गानों को नए अंदाज में पेश करने के लिए मशहूर तनिष्क बागची ने इसे रीक्रिएट किया है।

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एसडीआरएफ ने अंकिता का शव ऋषिकेश की चिल्ला नहर से किया बरामद

उत्तराखंड एसडीआरएफ ने शनिवार की सुबह अंकिता भंडारी का शव ऋषिकेश की चिल्ला नहर से बरामद कर लिया है। एसडीआरएफ के प्रवक्ता ने अंकिता भंडारी के शव को चिल्ला नहर से बरामद किए जाने की पुष्टि की है। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ी खबर सामने आई है। एसडीआरएफ ने चिल्ला नहर से इस शव को बरामद किया है और अंकिता के पिता ने उसके शव की शिनाख्त की है। उन्होंने कहा है कि ये अंकिता का ही शव है। बता दें कि इससे पहले धामी सरकार ने इस मामले में बड़ा एक्शन लिया था।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर देर रात प्रशासन की टीम ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्या के रिसॉर्ट पर बुलडोजर चला दिया था। प्रशासन की टीम ने रिसॉर्ट के अवैध हिस्से को बुलडोजर से गिराया था। प्रदेश के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया था कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पौड़ी प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई की थी। आधी रात को ही पुलिस टीम ने आरोपी के रिजॉर्ट को ध्वस्त करवाना शुरू कर दिया था। बता दें कि अंकिता इसी रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करती थी। रिसॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करने वाली अंकिता भंडारी की नहर में धक्का देकर इसलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि उसने गेस्ट के साथ सोने से इनकार कर दिया था। वारदात को अंजाम रिजॉर्ट के मालिक ने दो कर्मचारियों के साथ मिलकर दिया। रिजॉर्ट का मालिक हरिद्वार के भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है।

अंकिता की गुमशुदगी दर्ज कराई

घटना का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक पौड़ी शेखर सुयाल ने बताया कि गंगाभोगपुर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में काम करने वाली श्रीकोट, पौड़ी निवासी अंकिता भंडारी (19) पुत्री वीरेंद्र सिंह भंडारी 18 सितंबर से लापता थी। 19 सितंबर को रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने राजस्व पुलिस में अंकिता की गुमशुदगी दर्ज कराई। डीएम पौड़ी ने बीती 22 सितंबर को मामला लक्ष्मणझूला पुलिस को ट्रांसफर किया। सुयाल ने बताया कि आरोपी अंकिता पर रिजार्ट में रुकने वालों से संबंध बनाने का दबाव डालते थे। अंकिता के इनकार पर विवाद हुआ। 18 सितंबर की रात आरोपियों ने शराब पीने के बाद अंकिता को मार डाला।

CM धामी का रुख सख्त

इससे पहले अंकिता की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री धामी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री धामी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा पुलिस महानिदेशक को ऋषिकेश घटना को लेकर सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिस किसी ने ये जघन्य अपराध किया है उसे हर हाल में कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। पीड़िता को न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।

एसआईटी का गठन

मामले में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि आज बेटी अंकिता का शव बरामद कर लिया गया। इस हृदय विदारक घटना से मन अत्यंत व्यथित है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक पी. रेणुका देवी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर इस गंभीर मामले की गहराई से जांच के भी आदेश दे दिए हैं। आरोपियों के गैर कानूनी रूप से बने रिजॉर्ट पर बुल्डोजर द्वारा कार्रवाई भी कल देर रात की गई है। हमारा संकल्प है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

सभी रिसार्ट की जांच के आदेश

ऋषिकेश के अंकिता हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी रिसार्ट की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे प्रत्येक रिसार्ट की गहनता से पड़ताल सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि जो रिसार्ट अवैध रूप से बने हैं अथवा अवैधानिक रूप से संचालित हो रहे हैं | उनके विरुद्ध तत्काल आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए। साथ ही राज्यभर में स्थित होटल, रिसार्ट, गेस्ट हाउस में कार्यरत कर्मचारियों से भी उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली जाए। उन्होंने कहा है कि जहां भी शिकायतें मिलती हैं | उन पर गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए।

पुलिस से बचने के लिए बनाई योजना

पुलिस से बचने के लिए तीनों ने मिलकर एक योजना बनाई। योजना के तहत तीनों लोग रिसोर्ट पहुंचे और अंकिता के कमरे में होने की जानकारी रिजॉर्ट स्टाफ को देते हुए कुक से 4 लोगों के लिए खाना बनाने के लिए कहा। खाना खुद पुलकित अंकिता के कमरे में ले गया। जिससे कि अंकिता के गायब होने का शक किसी पर न जाए। सुबह अंकिता के गायब होने की जानकारी तीनों ने मिलकर योजना के तहत सार्वजनिक की। मामले में राजस्व पुलिस को भी अंकिता की गुमशुदगी दर्ज करवा दी। पूछताछ में बहस की वजह पता चली कि पुलकित आर्य अपनी रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी को रिजॉर्ट में आने वाले मेहमानों के साथ हमबिस्तर होने का दबाव बनाता था।

पुलकित आर्य समेत 3 की हुई गिरफ्तारी

गौरतलब है कि उत्तराखंड के पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र में एक रिजॉर्ट से पांच दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता 19 वर्षीया अंकिता भंडारी की हत्या के आरोप में शुक्रवार को भाजपा नेता के रिजॉर्ट संचालक पुत्र और उसके दो अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी पुलकित हरिद्वार के भाजपा नेता विनोद आर्य का पुत्र बताया जा रहा है। विनोद आर्य पूर्व में दर्जाधारी राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। आर्य को उत्तराखंड माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के साथ राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था।

बेकाबू भीड़ ने आरोपियों को कपड़े फाड़कर पीटा

रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की रिजॉर्ट के मालिक और कर्मचारियों द्वारा नहर में धक्का देकर हत्या से गढ़वाल में चारों तरफ गुस्सा है। लोगों ने शुक्रवार को ऋषिकेश थाना घेर लिया। लोगों ने हत्यारों को फांसी पर लटकाने की मांग उठाई। साथ ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद जब पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाने लगी तो आक्रोशित महिलाएं पुलिस के वाहन के आगे खड़ी हो गईं। लोगों ने पुलिस के वाहन में तोड़फोड़ कर आरोपियों की पिटाई कर दी। पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। इसके आद आरोपियों को कोर्ट ले जाया गया।

आरोपी ने कबूली हत्या करने की बात

अपर पुलिस अधीक्षक पौड़ी शेखर सुयाल ने बताया कि पूछताछ में पहले तो आरोपी टाल-मटोल करते रहे और पुलिस को भ्रमित करते रहे लेकिन सख्ती से पूछने पर उन्होंने अंकिता की हत्या कर उसका शव चिल्ला नहर में फेंकने की बात स्वीकार कर ली। अपर पुलिस अधीक्षक पौड़ी शेखर सुयाल ने बताया कि अंकिता से विवाद के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ की एक टीम को चीला नहर क्षेत्र में शव को खोजने के लिए भेजा गया था । उधर, प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने अशोक कुमार ने कहा कि प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या एवं साक्ष्य छिपाने की धाराएं जोड़ी गयी हैं क्योंकि अंकिता की हत्या करने के बाद उन्होंने स्वयं उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई थी।

भाजपा के दबाव में रिपोर्ट लिखने में हुई देरी : यशपाल

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि तीर्थनगरी ऋषिकेश से लगे यमकेश्वर में हुई अंकिता की हत्या प्रदेश के लिए निराशाजनक स्थिति है। इस मामले में रिपोर्ट लिखने में देरी के पीछे निश्चित रूप से भाजपा का दबाव होगा। सरकार ने अंतिम समय तक आरोपी को बचाने की कोशिश की। साथ में मामले को कमजोर करने की हर तकनीकी कोशिश भी की गई |

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उद्धव ठाकरे गुट को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत ,दशहरे पर रैली की इजाजत

उद्धव ठाकरे गुट को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए शिवाजी पार्क में दशहरे पर रैली करने की इजाजत दे दी है। इसके साथ ही शिंदे गुट को परमिशन देने से इनकार कर दिया है। उन्हें कहीं और रैली करनी होगी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिवसेना को आदेश दिया है कि वह बीएमसी के वार्ड ऑफिसर के पास इस आदेश को लेकर जाए और रैली करने की परमिशन ले। अदालत ने कहा है कि सरकार की ओर से जारी 2016 के आदेश के मुताबिक यह परमिशन दी जाएगी। यह नहीं पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और यदि कुछ भी खामी पाई जाती है या फिर कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा होती है तो भविष्य में अनुमति देने पर विचार किया जाएगा।

वही दूसरी ओर शिंदे गुट को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उन्हें मुंबई के शिवाजी पार्क में दशहरा रैली करने की अनुमति नहीं दी। दरअसल मुंबई के शिवाजी पार्क में दशहरा रैली आयोजित करने के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके विरोध में शिंदे गुट ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि अदालत उद्धव ठाकरे गुट की याचिका पर कोई फैसला न करे। हालांकि शुक्रवार को कोर्ट ने शिंदे गुट के इस आवेदन को खारिज कर दिया। शिंदे गुट की तरफ से यह आवेदन दादर विधायक सदा सर्वंकर ने दिया था।

नगर परिषद ने अपनी शक्तियों का किया दुरुपयोग

हाईकोर्ट ने पाया कि नगर परिषद ने याचिकाकर्ताओं के आवेदन पर निर्णय लेने में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया। शिवसेना को 2-6 अक्टूबर से तैयारियों के लिए मैदान दिया जाएगा। इससे पहले सर्वंकर ने अदालत को बताया कि वर्तमान याचिका की आड़ में, याचिकाकर्ता (उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना) शिवसेना पर दावा करने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे के नेतृत्व वाले विद्रोही खेमे के पास पहले से ही बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स ग्राउंड में रैली की अनुमति है।

बीएमसी की दलील

हाईकोर्ट का फैसला आने से पहले बीएमसी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के 2004 के एक आदेश का हवाला दिया था। इसमें कहा गया था कि कोर्ट को कानून-व्यवस्था के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। यह प्रशासन के नियंत्रण में रहनी चाहिए। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान शिवसेना (उद्धव गुट) की तरफ से बॉम्बे हाईकोर्ट में एडवोकेट एसपी चिनॉय ने पैरवी की।

उद्धव गुट के वकील की दलील

उन्होंने कहा कि शिवसेना 1966 से शिवाजी पार्क मे दशहरा रैली का आयोजन करता आया है। सिर्फ कोरोना काल में ऐसा नहीं हो सका। अब जब कोरोना के तहत कोई पाबंदियां नहीं हैं, सारे त्योहार मनाए जा रहे हैं | ऐसे में इस साल दशहरा रैली भी पारंपरिक स्थल पर ही होनी चाहिए।

पूरे समारोह की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए

इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि पूरे समारोह की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए। अगर यह पाया जाता है कि याचिकाकर्ता किसी भी तरह से कानून और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली स्थिति पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं | तो यह भविष्य में उनकी अनुमति को प्रभावित करेगा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिवसेना को इस आदेश के साथ बीएमसी वार्ड अधिकारी से संपर्क करने और 2016 के जीआर के अनुसार नए सिरे से अनुमति लेने के लिए कहा है।

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पीएफआई ने छापेमारी के विरोध में किया बंद का आह्वान,कई जगहों पर बमबारी

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए ) की अगुवाई में कई एजेंसियों द्वारा उसके कार्यालयों, नेताओं के घरों और अन्य परिसरों में छापेमारी के विरोध में आज यानी 23 सितंबर को हड़ताल का आह्वान किया है। ये छापेमारी देश में आतंकी गतिविधियों का कथित तौर पर समर्थन करने के लिए की गई थी। एनआईए की कार्रवाई के विरोध में पीएफआई ने केरल में 12 घंटे बंद का आह्वान किया है। जहां जहां पीएफआई मजबूत है वहां दुकानें बंद, सड़कों पर वाहनों की संख्या कम दिखाई पड़ रही है। सरकार ने बंद के नाम पर आज लोगों को परेशान करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ केस बुक करने के पुलिस को निर्देश दिए हैं।

इस्लामी संगठन पीएफआई द्वारा शुक्रवार को केरल में आहूत दिनभर की हड़ताल के बीच राज्य में कई जगहों पर हिंसा भड़क गई। पूरे राज्य में सार्वजनिक परिवहन की बसों पर पथराव होने, दुकानों, वाहनों को क्षति पहुंचाने और हिंसा की घटनाओं की भी सूचना मिली है। कोल्लम में पुलिस पर हमला किया गया है। कन्नूर के मट्टनूर में आरएसएस के कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की खबर मिली है।

वहीं, तमिलनाडु के कोयंबटूर में भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ की सूचना है। कोर्ट ने पुलिस को सार्वजनिक संपत्तियों को नष्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इस बीच, केरल हाईकोर्ट ने पीएफआई के बंद के आह्वान पर कड़ा रुख दिखाया है। हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए संगठन के नेताओं के खिलाफ मामला दायर कर लिया। केरल हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश के अनुसार बगैर इजाजत के राज्य में कोई बंद आयोजित नहीं कर सकता है।

70 सरकारी बसें क्षतिग्रस्त

राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगभग 70 सरकारी बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, कई जगहों पर बम फेंके गए और कन्नूर (उत्तरी केरल) में आरएसएस के कार्यालय पर बदमाशों ने हमला किया। कन्नूर में एक पीएफआई कार्यकर्ता को जिंदा बम के साथ पकड़ा गया है। हिंसा के सिलसिले में 200 से अधिक पीएफआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। कुछ जगहों पर एंबुलेंस पर भी पथराव किया गया। हिंसा में 12 बस यात्री और छह चालक घायल हुए हैं।

पुलिस को जानमाल की सुरक्षा का निर्देश

बंद के खिलाफ मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केरल पुलिस को निर्देश दिए कि वह बंद का समर्थन नहीं करने वाले नागरिकों और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करे। कोट्टायम में बंद का समर्थन कर रहे लोगों ने एक ऑटो रिक्शा और एक कार पर पथराव कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। कार्यकर्ता एनआईए के छापे और पीएफआई के नेताओं की गिरफ्तारी का उग्र विरोध कर रहे हैं। अलुवा के निकट कंपनीपाडी में उग्र लोगों ने केरल राज्य परिवहन निगम की बस में तोड़फोड़ की।

केरल उच्च न्यायालय ने लिया हिंसा का स्वत: संज्ञान

केरल उच्च न्यायालय ने पीएफआई की हड़ताल और राज्य में आज हुई हिंसा की घटनाओं पर संज्ञान लिया है। अदालत ने कहा कि हड़ताल पर उसने पहले ही रोक लगा रखी है और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। अदालत ने राज्य प्रशासन को उसके हड़ताल पर प्रतिबंध संबंधी आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

पीएफआई के राज्य सचिव अबूबकर के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश

केरल हाईकोर्ट ने पुलिस से पीएफआई के राज्य सचिव ए अबूबकर के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कहा है। अबूबकर ने गुरुवार को देश भर में छापेमारी और पीएफआई पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया था। ठीक से काम नहीं करने के लिए पुलिस की भी आलोचना हो रही है। विपक्षी भाजपा ने कहा कि केरल पुलिस ने कट्टरपंथी संगठन के सामने नम्रतापूर्वक आत्मसमर्पण कर दिया। कन्नूर में सुबह अखबार ले जा रही एक निजी वैन पर बम फेंके गए। इसी जिले में पुलिस ने दो पेट्रोल बम ले जा रहे पीएफआई के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया है। कोल्लम में बाइक सवार हमलावरों ने पुलिस के वाहन से टक्कर मार दी, जिससे दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने कहा कि कई जगहों पर हमलावरों ने अपने चेहरे ढके हुए थे।

इराट्टुपेटा में पुलिस ने लाठीचार्ज किया

हमलावरों द्वारा बंद के लिए मजबूर किए जाने के बाद कोट्टायम के इराट्टुपेटा में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कन्नूर के मट्टनूर में आरएसएस कार्यालय पर बम फेंके गए। हालांकि पय्यानूर में स्थानीय लोगों ने बंद में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने पीएफआई कार्यकर्ताओं की जमकर पिटाई की जिसमें चार कार्यकर्ता घायल हो गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद शाम को और गिरफ्तारियां होंगी। केरल राज्य सड़क परिवहन निगम ने बाद में सोशल मीडिया में प्रदर्शनकारियों से अपनी बसों और कर्मचारियों को बख्शने का अनुरोध किया।

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिहार के दो दिवसीय दौरे पे,नीतीश कुमार पर साधा निशाना

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार के दो दिन के दौरे की धमाकेदार शुरुआत पूर्णिया में जन भावना रैली से की और सीधे नीतीश कुमार और लालू यादव को चुनौती देते हुए कहा कि इनसे डरना नहीं है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कहा, आज मैं जब बिहार में आया हूं तब लालू और नीतीश की जोड़ी को पेट में दर्द हो रहा है। वो कह रहे हैं कि बिहार में झगड़ा लगाने आए हैं, कुछ करके जाएंगे। अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा, लालू जी झगड़ा लगाने के लिए मेरी जरूरत नहीं है आप झगड़ा लगाने के लिए पर्याप्त हो, आपने पूरा जीवन यही काम किया है।

अमित शाह ने कहा, मैं लालू और नीतीश जी दोनों से कहना चाहता हूं कि आप ये जो दलबदल कर रहे हो। यह भाजपा या नरेंद्र मोदी के साथ धोखा नहीं है, यह बिहार की जनता के साथ धोखा है। इस दौरान उन्होंने लालू यादव को भी नसीहत देते हुए कहा कि अगले चुनाव में नीतीश कुमार राजद को धोखा देकर कहीं कांग्रेस की गोद में न बैठ जाएं। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है। अमित शाह ने कहा कि जब से लालू यादव नीतीश कुमार की सरकार में जुड़ गए हैं | तब से जो डर का माहौल खड़ा हुआ है |

किसी को डरने की ज़रूरत नहीं…

उससे किसी को डरने की जरूरत नहीं है। अमित शाह ने कहा कि सीमांचल का ये इलाका हिंदुस्तान का हिस्सा है और जहां नरेंद्र मोदी की सरकार है। अमित शाह ने अपने भाषण में नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री पद की चर्चा पर जमकर तंज किया और कहा कि कुटिल राजनीति से पीएम नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने पीएम बनने की हसरत में बीजेपी को धोखा देकर कांग्रेस और आरजेडी का हाथ थाम लिया जिसके खिलाफ लड़कर वो यहां तक पहुंचे हैं। अमित शाह ने कहा कि स्वार्थ की राजनीति में पाला बदलकर कोई प्रधानमंत्री नहीं बनता।

लालू-नीतीश की जोड़ी बिहार को आगे नहीं ले जा सकती

अमित शाह ने कहा कि बिहार की जनता सब देख रही है। अगले चुनाव में न नीतीश कुमार की सरकार बनेगी और न ही लालू यादव की। अगली बार नरेंद्र मोदी का कमल खिलेगा। 2024 में भी नरेंद्र मोदी का जादू चलेगा। 2025 में भी प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनेगी। लालू और नीतीश की जोड़ी बिहार को आगे नहीं ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि लालू ने हमेशा झगड़ा लगाने का काम किया है। अमित शाह ने कहा सीमावर्ती इलाके के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।

पीएम बनने के लिए नीतीश बाबू ने दिया धोखा

अमित शाह ने कहा, प्रधानमंत्री बनने के लिए नीतीश बाबू ने भाजपा की पीठ में छुरा भोंका है। वह आज आरजेडी और कांग्रेस की गोद में बैठे हैं। आज भाजपा को धोखा देकर लालू की गोद में बैठकर नीतीश जी ने स्वार्थ और सत्ता की राजनीति का जो परिचय दिया है उसके खिलाफ बिगुल फूंकने की शुरुआत भी यही बिहार की भूमि से शुरुआत होगी। उन्होंने कहा, हम स्वार्थ और सत्ता की राजनीति की जगह सेवा और विकास की राजनीति के पक्षधर हैं। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है। आपके साथ नरेंद्र मोदी की सरकार है।

read more :विदाई तैयारी में मानसून,दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों को जमकर भिगोया

विदाई तैयारी में मानसून,दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों को जमकर भिगोया

विदाई की तैयारी कर रहे मानसून ने दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों को जमकर भिगाया। दिल्ली से सटे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में तो सड़कें लबालब भर गई। इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा है। राष्ट्रीय राजधानी व आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। मौसम विभाग की तरफ से ‘यलो अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया था | लेकिन दोपहर तक इसे ऑरेंज अलर्ट कर दिया गया। इस कड़ी में सुबह थोड़ी देर धूप निकलने के बाद आसमान में काले बादल छा गए और देर शाम तक रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा।

पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में दिन में ही अंधेरा छा गया | जिसके बाद तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। खबर है कि वीकेंड में भी दिल्ली वासियों के बारिश का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में भी तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावनाएं हैं। हैरानी की बात यह है कि मानसून जाने वाला है और एनसीआर से बरसाती बादल जाने का नाम नहीं ले रहे। सवाल है कि आखिर इस समय इतनी बारिश क्यों हो रही है और ऐसा कब तक चलने वाला है। मौसम विभाग ने इस असमय बरसात का कारण बताया है और साथ ही चेतावनी के तौर पर यह भी जानकारी दी है |

बादल मेहरबान …….

अभी कम से कम आज तो बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है। बारिश की कमी का सामना कर रहे यूपी में 26 सितंबर तक बादल मेहरबान रहेंगे। वहीं, राजस्थान में 24 सितंबर यानी रविवार तक अच्छी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तर पश्चिम भारत में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई थी और कहा था इसके बाद बारिश में कमी आ सकती है। साथ ही जानकारी दी थी कि देश के बाकी हिस्सों में अगले 5 दिनों के दौरान कोई खास बारिश के आसार नहीं हैं।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश के ये हैं दो करण

राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश की वजह दो अलग अलग वेदर सिस्टम हैं। पहला तो यह कि एक लो प्रेशर एरिया का बनना। इसमें चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तर पश्चिम एमपी, दक्षिण पश्चिम यूपी के निचले स्तर पर बना हुआ है। यह चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र धीरे धीरे पूर्व से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दक्षिण हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच रहा है।

दूसरी वजह यह है कि पश्चिमी विक्षोभ का एक सिस्टम बन रहा है।। यह सिस्टम कम दबाव के क्षेत्र को बढ़ने से रोक रहा हैै। यही कारण है कि दिल्ली-एनसीआर और यूपी व हरियाणा के आसपास के जिलों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने वैसे भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।

दो दिनों तक पूर्वी दिशा से हवाओं का दौर

भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान के मुताबिक, आगामी दो दिनों तक पूर्वी दिशा से हवाओं का दौर जारी रहेगा। इस वजह से दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना बनी हुई है। दो दिन बाद हवा की दिशा पूर्वी व उत्तरपूर्वी हो जाएगी। अगले 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट 1500 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 12 हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रह सकता है। वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार से कम व हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रतिघंटा से कम होने पर प्रदूषक नहीं फैलते हैं | जिस वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ता है। हालांकि, अभी बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर की स्थिति सामान्य है।

बारिश की वजह से दिनभर परेशान रहे लोग

बारिश का दौर दिनभर जारी रहने की वजह से ऑफिस व अन्य कार्यों से बाहर निकले लोग परेशान रहे। दिल्ली के कुछ इलाकों में बीच-बीच में तेज बारिश तो कुछ इलाकों में हल्की बारिश होती रही। दोपहर बाद शुरू हुई बारिश का दौर रिमझिम फुहारों के साथ शाम तक जारी रहा। ऐसे में अपने गंतव्य तक पहुंचने के दौरान लोग भीगते नजर आए।

नोएडा में स्कूल बंद

बारिश के कारण नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आठवीं कक्षा तक के सभी सरकारी व निजी स्कूल शुक्रवार को बंद रहेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि मौसम विभाग ने क्षेत्र में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद जिलाधिकारी सुहास एल. वाई ने स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया। गुरुग्राम में सभी निजी शिक्षण संस्थानों को शुक्रवार को छुट्टी घोषित करने के लिए कहा गया है। गुरुग्राम प्रशासन ने सभी कार्यालयों को शुक्रवार को वर्क फ्रॉम होम के आदेश दिए हैं। दरअसल, डीडीएमए की एडवाइजरी में कहा गया है कि यातायात की मुश्किल से बचने के लिए सभी कॉर्पोरेट ऑफिस को अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम देने की सलाह दी गई है।

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ईरान में हिजाब विवाद बढ़ा,अमेरिकी महिला पत्रकार को इंटरव्यू देने से इनकार

ईरान में हिजाब विवाद किस कदर बढ़ गया है कि अब राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने सीएनएन की महिला पत्रकार क्रिस्टियन अमानपोर को न्यूयॉर्क में इंटरव्यू देने से इनकार कर दिया। बता दे कि महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान अब विरोध की आग में जलने लगा है | हिजाब के खिलाफ ईरान में अब प्रदर्शन हिंसक होने लगे हैं | हिजाब को जलाने की आग ईरान के कई शहरों को जला सकती है | हिजाब के खिलाफ विरोध और आक्रमकता पसरती जा रही है | पहले महिलाएं हिजाब जला रहीं थीं और अब लोग हंगामे के साथ सड़क पर सरकारी संपत्ति जलाने पर आमादा दिख रहे हैं |

जानकारी के मुताबिक ईरान के कई शहरों में बढ़ती हिंसा को देखकर इंटरनेट सेवा बंद करनी पड़ी है | ताकि लोग अफवाहों से बचें और हिंसक ना हों ईरान में हिजाब विवाद किस कदर बढ़ गया है कि अब राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने सीएनएन की महिला पत्रकार अमानपोर को न्यूयॉर्क में इंटरव्यू देने से इनकार कर दिया। उनकी ओर से शर्त रखी गई थी कि महिला पत्रकार हिजाब पहनेंगी तो ही रईसी उनसे बातचीत करेंगे। महिला पत्रकार इस शर्त पर नहीं मानीं तो यह इंटरव्यू भी नहीं हुआ। सीएनएन की चीफ इंटरनेशनल एंकर क्रिस्टियन अमानपोर के साथ यह वाकया हुआ |

सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना 

इसे लेकर सोशल मीडिया में ईरान की आलोचना हो रही है। अमानपोर का न्यूयॉर्क में राष्ट्रपति रईसी के साथ इंटरव्यू तय था। वे पिछले एक सप्ताह से ईरान में चल रहे हिजाब विवाद पर रईसी से चर्चा करने वाली थीं। वह इंटरव्यू के लिए तैयारी कर चुकी थीं | लेकिन इसी बीच राष्ट्रपति के सहायक ने उन्हें बताया कि आप हिजाब पहनें तभी यह इंटरव्यू हो सकेगा। इस शर्त पर अमानपोर तैयार नहीं हुईं।

महिला पत्रकार ने कहा कि वे न्यूयॉर्क में हैं और यहां इस तरह के नियम परंपरा लागू नहीं हो सकते। आखिरकार राष्ट्रपति इंटरव्यू के लिए नहीं आए। इसके बाद अमानपोर ने इस घटना को लेकर ट्वीट किए। उन्होंने अपने सामने राष्ट्रपति के लिए रखी गई खाली कुर्सी की फोटो के साथ अपनी तस्वीर भी साझा की है। आइये जानते है क्या है मामला

यहां से हुई अमिनी गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक पुलिस कस्टडी में अपना जान गवां चुकी महसा अमिनी अपनी फैमिली के साथ रिश्तेदार से मिलने के लिए कुर्दिस्तान के पश्चिमी प्रांत से ईरान की राजधानी तेहरान की यात्रा पर गई थी | इसी दौरान हिजाब के लिए बनाए कायदे-कानून का उलंघ्घन करने, महिलाओं के लिए इस कानून के तहत तय किए गए ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के मामले में ईरान की पुलिस ने अमिनी को अरेस्ट कर लिया था |

गिरफ्तारी के वक्त बिल्कुल ठीक थी अमिनी

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मृतक अमिनी को एक पुलिस की गाड़ी के अंदर बेरहमी से पीटा गया | हालांकि ईरान की पुलिस ने अपने ऊपर लगे इस आरोप को मानने से इनकार कर दिया है | गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद, अमिनी के परिवार को सूचित किया गया कि उसे कसरा अस्पताल ले जाया गया और वहां उसे इंटेसिव केयर यूनिट वार्ड में भर्ती कराया गया |  ईरान की पुलिस के मुताबिक अमिनी को दिल का दौरा आया था | पुलिस के इस दावे का कड़ा विरोध करते हुए अमिनी की फैमिली ने कहा है कि गिरफ्तारी के वक्त उसकी सेहत बिल्कुल ठीक थी |

हिजाब के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन

ईरान में प्रदर्शन कमोबेस हर जगह हो रहे हैं | एक जगह पर तो प्रदर्शनकारी निकले और गार्ड से भीड़ गए |प्रदर्शनकारियों ने गार्ड के साथ काफी मारपीट की | वहीं, दीवानदारेह शहर में 5 लोगों के मारे जाने की खबर है | ये ईरान के कुर्द क्षेत्र का वो हिस्सा है, जहां हिजाब के खिलाफ सबसे अधिक विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं | अगर ये प्रदर्शन ऐसे ही बढ़ते रहे तो इसका दंश कई दशकों तक झेलना पड़ सकता है |

विरोधियों की साजिश – इब्राहिम रईसी

ईरान में कई प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की भी खबरें हैं | इस बीच ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने भी महसा अमीनी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और मौत की जांच का वादा किया है | हालांकि राष्ट्रपति रईसी ये भी कह रहे हैं कि ये ईरान विरोधियों की सोची समझी साजिश | बता दें कि हिजाब नहीं पहने होने की वजह से पुलिस ने परिवार के साथ तेहरान घूमने आई महसा अमीनी को हिरासत में लिया था और फिर उसकी मौत हो गई थी |

अमेरिका का समर्थन

पुलिस पिटाई से हुई मौत के आरोपों का खंडन कर रही है | पुलिस का दावा है कि हार्ट अटैक से महसा अमीनी की मौत हुई है | अमेरिका के लोग ईरान की बहादुर महिलाओं के साथ खड़े हैं | अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन UNGA में बोल रहे थे और ईरान के मुद्दे का भी जिक्र कर दिया | उन्होंने साफ तौर से कहा कि अमेरिका के लोग ईरान की बहादुर महिलाओं के साथ खड़े हैं | इससे पहले भारत से भी ईरान की महिलाओं के समर्थन में आवाजें उठी थीं |

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आरएसएस प्रमुख ने डॉ इमाम उमर अहमद इलियासी से की मुलाकात

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आज अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख इमाम डॉ इमाम उमर अहमद इलियासी और कई बुद्धिजीवियों के साथ बैठक की। अखिल भारतीय इमाम संघ के मुख्य इमाम डॉ. इलियासी का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत राष्ट्रपिता हैं। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रऋषि भी हैं। इससे पहले संघ प्रमुख भागवत ने दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग पर स्थित एक मस्जिद में डॉक्टर इलियासी से मुलाकात की थी। अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख ने कहा कि मोहन भागवत जी आज मेरे निमंत्रण पर पधारे। उनकी यात्रा से एक अच्छा संदेश जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि हिंदू और मुस्लिम के पूजा करने के तरीके अलग हैं लेकिन हम सब का धर्म मानवता का है। इमाम प्रमुख ने मानवता को सबसे बड़ा धर्म बताया और कहा कि राष्ट्र का स्थान धर्म से ऊपर है। उनके साथ चल रहे संघ के एक पदाधिकारी ने बताया कि भागवत पहली बार किसी मदरसा गए हैं। आरएसएस के अधिकारी ने बताया कि अखिल भारतीय इमाम संघ के प्रमुख उमर अहमद इलियासी ने मदरसे में बच्चों से बात करते हुए भागवत को राष्ट्रपिता बुलाकर संबोधित किया।

हालांकि भागवत ने उन्हें टोकते हुए कहा कि राष्ट्रपिता सिर्फ एक हैं और कहा कि सभी भारत की संतान हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने भी बच्चों को देश के बारे में और अधिक जानने की जरूरत पर बात की और जोर देकर कहा कि पूजा करने की पद्धति अलग हो सकती है | लेकिन सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए।

कब हुई थी बैठक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित मस्जिद पहुंचे। उन्होंने यहां डॉ इमाम उमर अहमद इलियासी के अलावा मुस्लिम नेताओं के साथ बैठक की। इलियासी अखिल भारतीय इमाम संगठन के मुख्य इमाम हैं। इससे पहले भागवत ने मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में बैठक कर उनसे गोहत्या पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा था। इसके अलावा उन्होंने हिंदुओं के खिलाफ ‘काफिर’ (गैर-आस्तिक) और ‘जिहाद’ (पवित्र युद्ध) जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। साथ ही सुझाव दिया कि इनके प्रयोग से बचना चाहिए।

मुस्लिम और ईसाइयों से संवाद बढ़ाने की कोशिश

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुस्लिम धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों से मुलाकातें और संवाद अनायास नहीं हैं। यह संघ की उस अहम रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह मुस्लिम और ईसाइयों से संवाद बढ़ाने पर जोर दे रहा है, ताकि धर्म आधारित गलतफमियों, दूरियों और संवादहीनता को दूर कर राष्ट्र निर्माण में उनकी व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही संगठन की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया जा सके।

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समस्याओ का समाधान न होने पर गौरव जैन ने दी आंदोलन की धमकी

जैन एकता मंच के गौरव जैन ने प्रशासन को आंदोलन की धमकी दी | भारत में हर जगह जैन समुदाय के तीर्थस्थल बड़ी संख्या में है | जिनमे जैन समुदाय के लोगो की अटूट आस्था है | पूरी दुनिया के जैन इन तीर्थस्थलों में अपनी अपनी आस्था अनुसार धर्म व दर्शन लाभ लेते हैं | परंतु आज की सरकारों ने जैन समुदाय के लोगो की जो अनदेखी की है वह किसी से छुपी हुई नही है | जैन समाज में इस अनदेखी से जबरदस्त रोष व्याप्त है | लगातार जैन तीर्थाथलो को बचाने के लिये जैन समुदाय के लोगो को हर बार अलग अलग स्थानों पर संघर्ष करना पड़ता है | परंतु बात सुरक्षा की हो या विकास की जैन मंदिर,स्थान या कोई भी अन्य जैन तीर्थस्थल सरकारों ने उनकी पूरी तरह अनदेखी की है |

ऐसा ही एक उदाहरण है | वर्तमान में जनपद मुज़फ्फरनगर में जैनो की आस्था नगरी वहलना जहां स्वयंभू तीर्थंकर भगवान पार्शवनाथ स्वामी जी का बहुत बड़ा मंदिर है | जहाँ हर वर्ष लाखो जैन श्रद्धालु पूरी दुनिया से आते हैं | हर वर्ष की तरह ही 2 अक्टूबर को वहां एक बड़ा मेला आयोजित होना है | जिसमें हजारों जैन भक्तों की शिरकत हमेशा होती है | कार्यक्रम के अब कुछ ही दिन बचे हैं | परंतु मुख्य जीटी रोड से वहलना मंदिर को जाने वाली सड़क आज पूरी तरह गायब हो चुकी है | परंतु सरकार व प्रशासन का इस और कोई ध्यान नहीं है | जहां एक ओर खत्म हो चुकी मुख्य सड़क आवागमन में बाधा है | वहीं दूसरी ओर यह सड़क एक बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे रही है |

जैन समाज में आक्रोश

सरकार की इस अनदेखी से पूरे जैन समाज में आक्रोश व्याप्त है | समाज की धर्म भावनाओं व हजारो लोगो की असुविधा को ध्यान में रखते हुए जैन एकता मंच युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन ने तुरन्त सड़क निर्माण की मांग करते हुए कहा कि अगर तीन दिन के अंदर सरकार या प्रशासन के लोग नहीं जागे | प्रशासन ने इस सड़क को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया | तो जैन एकता मंच युवा शाखा के नेतृत्व में समस्त साथीगण व समस्त जैन समाज के लोगो को इकट्ठा कर इस समस्या के निवारण हेतु एक बड़ा आंदोलन गांधीवादी तरीके से करेंगे |

गांधीवादी तरीको से लड़ेंगे लड़ाई 

जैन समाज को न्याय दिलाने के लिए किसी भी हद तक जाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे | हम लोग अहिंसावादी जरूर है लेकिन गांधीवादी तरीको से अपनी लड़ाई लड़ना भी जानते हैं | गौरव जैन ने समस्त जैन कमेटियों,संगठनों व जैन समाज के नौजवान साथियों से भी आह्वान किया कि सभी लोग एकजुट होकर इस आंदोलन का हिस्सा बने व इस समस्या को जोर-शोर से उठाएं | जब तक इस समस्या का हल नही होगा | सरकार व प्रशासन को कुम्भकर्णी नींद से जगाने के लिये हम यह लड़ाई लड़ते रहेंगे |

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कर्नाटक में कांग्रेस ने शुरू किया भाजपा सरकार के खिलाफ पेसीएम अभियान

कर्नाटक में कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ पेसीएम अभियान शुरू किया है। बेंगलुरु में कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह पोस्टर लगाए जिसमें सीएम बोम्मई की तस्वीर पर क्यूआर कोड लगा हुआ है। पेमेंट ऐप से मिलता जुलता एक पोस्टर लगाया गया है जिसमें मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई के चेहरे पर क्यूआर कोड लगा दिया गया है। इस तरह के पोस्टर कर्नाटक में कई सार्वजनिक जगहों पर लगे हुए मिल जाएंगे। यह क्यूआर कोड भी केवल दिखाने के लिए नहीं है बल्कि मोबाइल में इसको स्कैन करने पर एक खास वेबसाइट खुलती है जिसे कांग्रेस ने डिजाइन की है।

कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इसके मद्देनजर कर्नाटक की भाजपा सरकार पर ’40 फीसदी कमीशन’ लेने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस ने जो अभियान चलाया हुआ है | उसमें आज एक नया चैप्टर जोड़ दिया गया है। बेंगलुरु शहर के कई इलाकों में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की फोटो के साथ पेसीएम के पोस्टर लगाए गए हैं |

40% Commission Government वेबसाइट का नाम 

कांग्रेस ने इस वेबसाइट का नाम ‘40% Commission Government’ दिया है। इसमें भाजपा सरकार के कथित भ्रष्टाचार का दावा किया है और लोगों को शिकायत करने और अपने मन की बात लिखने का भी विकल्प दिया है। पोस्टर पर लिखा है, ‘यहां पर 40 पर्सेंट स्वीकार किया जाता है।’ बेंगलुरु में बस स्टॉप, पार्क, मार्केट और अन्य जगहों पर ये पोस्टर चिपके दिखाई दिए। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा की सरकार में कोई भी टेंडर देने या फिर सरकारी काम के लिए 40 पर्सेंट कम से कम 40 पर्सेंट कमीशन देना पड़ता है।

बोम्मई सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप

जो भी इस क्यूआर कोड को स्कैन करेगा, वो ’40 प्रतिशत सरकार’ की वेबसाइट पर चला जाएगा | जिसे हाल ही में कांग्रेस ने आम जनता के लिए सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए लॉन्च की थी। पोस्टर को इस ओर ध्यान खींचने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है कि राज्य में बीजेपी की सरकार के अंतर्गत 40 प्रतिशत कमीशन दर किस तरह से सरकार की पहचान बन गई है। बता दें कि राज्य की कांग्रेस इकाई लंबे समय बोम्मई सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर लगातार सवाल उठा रही है।

सिद्धारमैया ने दी बहस की चुनौती

कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पहले ही राज्य की बोम्मई सरकार पर हमला करते रहे हैं | कुछ दिन पहले सिद्धारमैया ने राज्य सरकार को “लुटेरों और घोटालेबाजों” से भरी “40 प्रतिशत सरकार” कहा था | कांग्रेस का कहना है कि वह पुरानी पार्टी द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाना जारी रखेगी | पिछले दिनों सिद्धारमैया ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री बोम्मई को भ्रष्टाचार पर बहस करने की चुनौती दी थी | उन्होंने कहा था, “मैं आपको भ्रष्टाचार पर खुली चर्चा के लिए चुनौती देता हूं |

आप समय और स्थान तय करें और हम आएंगे | कर्नाटक में बीजेपी के नेता दावा कर रहे हैं कि वे हमारे समय के घोटालों का पर्दाफाश करेंगे और मैं उन्हें ऐसा करने के लिए चुनौती देता हूं | मैं इसका सामना करने के लिए तैयार हूं | ब्लैकमेल करने की यह तकनीक मुझ पर काम नहीं करेगी |

क्यों बनाया 40 पर्सेंट कमीशन का जुमला ?

कांग्रेस भाजपा सरकार को घेरने के लिए तरह-तरह के उपाय ढूंढ रही है। कांग्रेस का कहना है कि बहुत सारे कॉन्ट्रैक्टर्स इस बात को मान रहे हैं कि राज्य की तरफ से फंड लेने के लिए पहले नेताओं और सरकारी कर्मचारियों को 40 फीसदी रकम रिश्वत में देनी पड़ती है। इसी को लेकर कांग्रेस ने एक अभियान चला दिया है। कांग्रेस का दावा है कि वह सरकार के कथित भ्रष्टाचार को उजागर करेगी |

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गौतम अडानी की संपत्ति एक साल में हुई दोगुनी से भी ज्यादा

अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी की संपत्ति एक साल में दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है | बीते एक साल में उकी संपत्ति में हर रोज 1612 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है | संपत्ति में आये इस जबरदस्त उछाल के चलते गौतम अडानी ने अमेजन के फाउंडर डेफ बेजोस को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं | एशिया के सबसे रईस अरबपति गौतम अडानी ने 2022 की IIFL वेल्थ हुरुन इंडिया रिच लिस्ट में शीर्ष स्थान हासिल किया है। हुरुन इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक साल में गौतम अडानी की दौलत बेतहाशा बढ़ी है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि गौतम अडानी की संपत्ति पिछले एक साल में 116 फीसदी बढ़ी है और कुल मिलाकर उन्होंने 5,88,500 करोड़ रुपये जोड़े। हर दिन के हिसाब से देखें तो गौतम अडानी ने 1,612 करोड़ रुपये कमाए हैं। रिपोर्ट में गौतम अडानी की कुल संपत्ति 10,94,400 करोड़ रुपये आंकी गई है। आपको बता दें कि गौतम अडानी अभी दुनिया के दूसरे सबसे रईस अरबपति हैं। अडानी से आगे टेस्ला के एलन मस्क हैं।

अंबानी से कहीं आगे निकले गौतम अडानी

10 साल में यह पहला मौका है जब अंबानी इस लिस्ट में पहले स्थान पर नहीं हैं। हालांकि पिछले एक साल में उनकी नेटवर्थ में 11 फीसदी तेजी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक अंबानी की नेटवर्थ 7,94,700 करोड़ रुपये है। पिछले पांच साल में उनकी नेटवर्थ में 115 फीसदी तेजी आई है। लेकिन अब अडानी बहुत आगे निकल चुके हैं। दोनों की नेटवर्थ में अब तीन लाख करोड़ रुपये का अंतर आ चुका है। एक साल पहले अंबानी की नेटवर्थ अडानी से दो लाख करोड़ रुपये ज्यादा थी। अंबानी ने पिछले एक साल के दौरान रोजाना 210 करोड़ रुपये की कमाई की।

क्या कहा गया है रिपोर्ट में

हुरुन इंडिया के एमडी अनस रहमान जुनैद ने बताया है कि पिछले पांच वर्षों में अडानी समूह ने अधिग्रहण और ऑर्गेनिक ग्रोथ पर फोकस किया है। इस वजह से संपत्ति में आश्चर्यजनक रूप से 1,440 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। समूह की 7 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। पिछले कुछ साल से इन कंपनियों का ग्रोथ लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है साल 2022 को अडानी की बेतहाशा दौलत बढ़ोतरी के लिए याद किया जाएगा। वह एकमात्र भारतीय हैं जिन्होंने एक लाख करोड़ की मार्केट कैप वाली सात कंपनियों का निर्माण किया है।

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मोस्ट पॉपुलर वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ का तीसरा सीजन बहुत जल्द

अमेजन प्राइम की मोस्ट पॉपुलर हिंदी वेब सीरीज ‘मिर्जापुर‘ का तीसरा सीजन बहुत जल्द आने वाला है। मिर्जापुर के गुड्डू भैया और कालीन भैया जैसे किरदार हम सभी के दिमाग में इतने रच-बस गए हैं कि ऐसा लगता है कि अपने ही बीच के जीता-जागता इंसान हैं | खास तौर से यह बात पूर्वाचंल के लोग अच्‍छे से समझ सकते हैं | जहां इस तरह के भौकाल मचाने वाले किसी ना किसी गली-नुक्‍कड़ पर मिल ही जाते हैं | अपराध-रोमांच पर आधारित मिर्जापुर के चाहने वाले सिर्फ पूर्वी यूपी नहीं बल्कि पूरे देश में हैं |

इसके दोनों सीजन की जबरदस्‍त सफलता इस बात का सबूत है | साथ ही अली फजल, पंकज त्रिपाठी और विक्रांत मैसी, दिव्येन्दु शर्मा और श्‍वेता त्रिपाठी जैसे सभी कलाकारों के दमदार अभिनय का भी कमाल है | अब बात करते हैं मिर्जापुर के अगले सीजन की,जिसका हम सभी को बेसब्री से इंतजार है | तो बता दें कि इसकी शूटिंग शुरू हो चुकी है और सेट से तस्‍वीरें भी लीक हो चुकी हैं | इनमें गुड्डू भैया यानि कि अली फजल अपने भौकाल वाले अंदाज में ही मिर्जापुर की सड़कों पर शूट करते नजर आए हैं | उत्‍तर प्रदेश के चुनार और वाराणसी में ‘मिर्जापुर 3’ की शूटिंग चल रही है | जिसे देखने के लिए भारी संख्‍या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो रही है |

ताकत व सत्‍ता की लड़ाई और भी खौफनाक

तीसरे सीजन में ताकत व सत्‍ता की लड़ाई और भी खौफनाक होने वाली है | पिछले सीजन में कालीन भैया यानि पंकज त्रिपाठी ने अपने बेटे मुन्‍ना को खो दिया था | ऐसे में कहा जा रहा है कि तीसरे सीजन में बदले को लेकर उनका रौद्र रूप नजर आएगा | कुल मिलाकर ‘मिर्जापुर 3’ में पहले से कहीं ज्‍यादा खौफनाक ड्रामा देखने को मिलेगा | मिर्जापुर सीजन 2 में हमने देखा कि किस तरह गुड्डू भइया ने अपना बदला पूरा किया और कालीन भइया को धूल चटाकर किंग ऑफ मिर्जापुर बन गए। अली फजल की शादी की खबरों के बीच सीरीज के तीसरे सीजन से जुड़ी एक धमाकेदार खबर सामने आई है।

ठीक हो जाएगा गुड्डू भइया का पैर

अली फजल के फैन पेजों पर मिर्जापुर सीजन 3 की शूटिंग की दौरान की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। बताया जा रहा है कि इस सीजन में गुड्डू भइया यानि अली फजल का पैर पूरी तरह ठीक हो जाएगा। मालूम हो कि सीजन 2 में वह ज्यादातर वक्त हाथ में बैसाखी लेकर ही नजर आए।

शूटिंग की तस्वीरों में मिला ये हिंट

बात करें वायरल हो रही शूटिंग की तस्वीरों की तो इस तस्वीरों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है लेकिन इन फोटोज में जींस और कुर्ता पहले अली फजल को ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो के सामने खड़े देखा जा सकता है। उनके बैकग्राउंड में कई सारे लड़के नजर आ रहे हैं जो गले में गमछा और हाथ में तमंचा लिए खड़े हैं। इन तस्वीरों में अली फजल को बिना बैसाखी के चलते देखा जा सकता है।

read more : नई भूमिका ने नज़र आ सकते है अशोक गहलोत,सोनिया गाँधी से मिलने दिल्ली पहुंचे

नई भूमिका ने नज़र आ सकते है अशोक गहलोत,सोनिया गाँधी से मिलने दिल्ली पहुंचे

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत जल्दी ही नई भूमिका में नजर आ सकते हैं। सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे अशोक गहलोत ने भी माना कि वह अध्यक्ष पद के लिए तैयार हैं, लेकिन अंत तक राहुल गांधी को ही यह पद संभालने के लिए मनाएंगे। सीएम अशोक गहलोत के बयान से माना जा रहा है कि उन्होंने अध्यक्ष पद की दावेदारी को खुलकर स्वीकार कर लिया है और यदि सब कुछ ठीक रहा तो गांधी परिवार के समर्थन वाले उम्मीदवार के तौर पर वह चुनाव में उतरेंगे। उनका मुकाबला शशि थरूर से होगा, जिन्हें बागी नेताओं में शुमार किया जा रहा है।

ऐसे में अशोक गहलोत का अध्यक्ष के चुनाव में जीतना तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अध्यक्ष पद की दौड़ में उनका नाम सबसे आगे है। उन्होंने खुद मीडिया से चर्चा में माना है कि वे राहुल गांधी को मनाने की कोशिश करेंगे, लेकिन वे नहीं माने तो पार्टी चाहेगी तो वे अध्यक्ष बनने से इनकार नहीं कर सकेंगे। लगभग माना जा रहा है कि यह चुनाव तो होगा चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से ही, लेकिन राजनीतिक गलियारों में सवाल यह उठ रहा है कि अगर गहलोत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो क्या वे पार्टी के सबसे मजबूत राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर अपनी पहचाने बना पाएंगे ? राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही क्या अशोक गहलोत भारत जोड़ो यात्रा के सबसे बड़े चेहरे के तौर पर राहुल गांधी को रिप्लेस कर सकेंगे

आखिर क्या हासिल करेगा गांधी परिवार 

ऐसे में सवाल यह भी है कि अशोक गहलोत को अध्यक्ष बनाकर गांधी परिवार आखिर क्या हासिल कर लेगा। दरअसल अशोक गहलोत को अध्यक्ष बनाने के पीछे कांग्रेस परसेप्शन से लेकर सामाजिक समीकरण तक को साधने की कोशिश में है। इसे कांग्रेस का ‘मनमोहन मॉडल’ भी कहा जा सकता है, जब सोनिया गांधी ने पीएम पद का ‘त्याग’ कर उन्हें जिम्मा दिया था। वहीं खुद पर्दे के पीछे रहते हुए सरकार को निर्देश देती थीं। माना जा रहा है कि अध्यक्ष पद पर भी कांग्रेस ने यही मॉडल अपनाने की तैयारी कर ली है। इससे वह विपक्ष और खासतौर पर भाजपा को परिवारवाद के आरोपों को लेकर जवाब दे पाएगी।

कोच्चि जाकर राहुल गांधी से मिलेंगे गहलोत

दिल्ली पहुंचे गहलोत ने यह भी कहा कि वह कोच्चि जाकर राहुल गांधी को इस बात के लिए मनाने का प्रयास करेंगे कि वे पार्टी अध्यक्ष का पद संभालें। उनका कहना था कि राहुल गांधी से बातचीत करने के बाद ही वे तय करेंगे कि आगे क्या करना है। गहलोत ने कहा, ‘मुझे कांग्रेस की सेवा करनी है। जहां भी मेरा उपयोग है, मैं वहां तैयार रहूंगा। अगर पार्टी को लगता है कि मेरी मुख्यमंत्री के रूप में जरूरत है या अध्यक्ष के रूप में ज्यादा जरूरत है तो मैं मना नहीं कर पाऊंगा।

कैसे गहलोत के जरिए ओबीसी को पाले में लाएगी कांग्रेस

ऐसे में अशोक गहलोत को अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस इस आरोप की काट कर सकेगी। यही नहीं सामाजिक समीकरणों के लिहाज भी अशोक गहलोत की भूमिका अहम होगी। वह माली जाति से आते हैं, जिसे पिछड़े वर्ग में शुमार किया जाता है। उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस राजस्थान समेत कई राज्यों में इस बात को भुनाना चाहेगी कि उसने एक ओबीसी नेता को पार्टी का मुखिया बनाया है।

सधेंगे सामाजिक समीकरण !

यही नहीं कांग्रेस की तैयारी इससे भी थोड़ा आगे की है। एक तरफ अशोक गहलोत अध्यक्ष बन सकते हैं तो पिछड़े वर्ग में शामिल गुर्जर जाति से आने वाले सचिन पायलट को राजस्थान का सीएम बनाया जा सकता है। गुर्जर समुदाय की राजस्थान के अलावा हरियाणा, यूपी और कई अन्य राज्यों में भी अच्छी खासी आबादी है। ऐसे में ओबीसी समाज के ही दो नेताओं के जरिए कांग्रेस आगे बढ़ने की तैयारी में है।

चुनाव लड़कर अध्यक्ष बनुंगा

गहलोत ने कहा चुनाव लड़कर अध्यक्ष बनुंगा और सीएम विधायकों के बहुमत से बना हूं। इस कारण दोनों पदों पर रह सकता हूं। गहलोत के एक विश्वस्त मंत्री ने बताया कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस विधायक और सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक दिल्ली जाकर आलाकमान से आग्रह कर सकते हैं कि उन्हें दोनों पदों पर रखा जाए, जिससे आगामी विधानसभा चुनाव सही तरीके से लड़ा जा सके एवं गुटबाजी नहीं हो।

वही थरूर पहुंचे कांग्रेस मुख्यालय, मिस्त्री से मुलाकात

उधर, अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक बताए जा रहे वरिष्ठ नेता शशि थरूर भी आज कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री से मुलाकात की। थरूर समेत कई नेता कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के पात्र मतदाताओं की सूची प्रत्याशियों को देने की मांग कर चुके हैं। माना जा रहा है कि थरूर इसी सिलसिले में आज मिस्त्री से मिलने पहुंचे।

read more : मुख्तार अंसारी की बढ़ती मुश्किलें, जेलर को धमकाने मामले में हुई सजा

मुख्तार अंसारी की बढ़ती मुश्किलें, जेलर को धमकाने मामले में हुई सजा

मुख्तार अंसारी की मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं। जेलर को धमकाने मामले में दोषी करार दिए गए हैं। कोर्ट ने दो साल की सजा दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राजधानी लखनऊ के आलमबाग थाने के एक आपराधिक मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को दोष सिद्ध करार दिया है। कोर्ट ने उसे दो साल कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने राज्य सरकार की अपील को मंजूर करते हुए पारित किया। मामले में वर्ष 2003 में तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने थाना आलमबाग में मुख्तार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में निचली अदालत ने मुख्तार अंसारी को बरी कर दिया था | जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने अपील दाखिल की थी |

मुख्तार के खिलाफ मुकदमा दर्ज

वर्ष 2003 में तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने थाना आलमबाग में मुख्तार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार जेल में मुख्तार अंसारी से मिलने आए लोगों की तलाशी लेने का आदेश देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। साथ ही उनके साथ गाली गलौज करते हुए मुख्तार ने उन पर पिस्तौल भी तान दी थी। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने मुख्तार को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ सरकार ने अपील दाखिल की थी।

बांदा जेल में बंद है मुख्तार अंसारी

बता दें कि मुख्तार अंसारी उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद है | राज्य की योगी सरकार का लगातार मुख्तार अंसारी परिवार उसके करीबी गुर्गों पर शिकंजा कसता जा रहा है | योगी सरकार ने मुख्तार और उसके परिवार की अरबों की संपत्तियों को जब्त किया है | इस पूर्व विधायक पर किसी ना किसी मामले को लेकर केस दर्ज होता रहा है | इसी साल जुलाई में 31 साल पुराने चर्चित अवधेश राय हत्याकांड की मूल केस डायरी गायब होने को लेकर भी मुख्तार अंसारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था |

1991 में की गई थी अवधेश राय की हत्या

गौरतलब है कि तीन अगस्त 1991 को अवधेश राय की वाराणसी के लहुराबीर स्थित उनके आवास के गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी | इस मामले में अवधेश राय के भाई अजय राय ने मुख्तार अंसारी, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, भीम सिंह, कमलेश सिंह और राकेश समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था |

गाजीपुर में हुई थी छापेमारी

हाल ही में गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के घर पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा था। इस पूर्व विधायक के परिवार और उनके करीबियों के यहां छापेमारी की जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, जिला मुख्यालय में तीन जगहों पर ईडी की टीम ने छापा मारा था। वहीं मोहम्मदाबाद में भी छापे की कार्रवाई की गई थी। जिला मुख्यालय पर विक्रम अग्रहरि, खान बस सर्विस के मालिक, गणेश दत्त मिश्रा के यहां भी छापे की कार्रवाई की गई थी। दिल्ली में इस पूर्व विधायक के भाई अफजाल अंसारी के घर पर भी ईडी के छापे चल रहे थे। सुबह 7 बजे के करीब तीन गाड़ियों में 8 से 10 ईडी के अधिकारी पहुंचे थे।

इससे पहले जुलाई के आखिरी हफ्ते में योगी सरकार ने माफिया और मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के परिजनों के खिलाफ कार्रवाई की थी। यूपी की मऊ पुलिस ने मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी, विधायक बेटा अब्बास अंसारी और साले को भगोड़ा घोषित कर दिया था।

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हंसाते हंसाते सबको रुला गए गजोधर भैया,दिल्ली एम्स में ली आखिरी सांस

गजोधर नाम से मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का आज दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार ने इस खबर को कन्फर्म कर दिया है। बता दें कि 10 अगस्त को जिम में वर्कआउट दौरान राजू को दिल का दौरा पड़ा था |  जिसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती करवाया गया था। बीते 41 दिन से वेंटिलेटर पर मौत से जंग लड़ रहे राजू श्रीवास्तव ने आज अपने प्राण त्याग दिए हैं। राजू श्रीवास्तव के मौत की खबर सामने आने के बाद से ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने अपनी असल जिंदगी में भी कईं उतार चढ़ाव देखे लेकिन, इसके बावजूद उनकी पत्नी शिखा ने उनका कभी साथ नहीं छोड़ा। कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का जन्म कानपुर में 25 दिसम्बर 1963 को हुआ था। एक इंटरव्यू के दौरान कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने बताया था कि, कैसे 12 साल के इंतजार के बाद उन्हें उनका प्यार मिला था। कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने अपने गजोधर भैया वाले किरदार से सबके चेहरे पर हंसी लाई है। बता दें सबको हंसाने वाले कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव असल जिंदगी में काफी रोमांटिक थे।

उनकी लव स्टोरी किसी फिल्मी लव स्टोरी से कम नहीं है। उन्होंने अपने प्यार को पाने के लिए 12 साल का इंतजार किया था और हां जब तक उनको उनका प्यार नहीं मिला वो उसके लिए प्रयास करते रहे। कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने कहा था कि पहली ही नजर में उनको शिखा से प्यार हो गया था।

जब पहली बार मिले…

कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव और शिखा की पहली नजरे उनके भाई की शादी में मिली थी। वह पहली ही नजर में ही अपना दिल दे बैठे थे | लेकिन शिखा का मिलना उनके लिए कोई मामूली बात नहीं थी |इसके लिए उन्हे बहुत ही ज्यादा संघर्ष करना पड़ा। राजू श्रीवास्तव अपने परिवार वालों को कह कर शिखा के घर रिश्ता भिजवाया। रिश्ता भिजवाने के बाद शिखा के परिवार वाले राजू श्रीवास्तव का घर देखने मुंबई गए इसके बाद सारी तसल्ली होने के बाद 17 मई 1993 को दोनों शादी के बंधन में बंधे।

पत्नी और बेटी थीं साथ में मौजूद

राजू श्रीवास्तव की पत्नी शिखा और बेटी अंतरा लगातार उनके साथ आईसीयू में मौजूद थीं | लेकिन हाल ही में फिर से उन्हें बुखार आने के बाद पत्नी और बेटी को उनके पास जाने नहीं दिया गया था | बार-बार बुखार आ जाने से डॉक्टर्स भी बहुत परेशान थे |लेकिन राजू श्रीवास्तव की हालात में धीरे-धीरे सुधार हो रहा था।

ठीक से काम नहीं कर रहा था ब्रेन

राजू श्रीवास्तव का एम्स में इलाज जाने-माने डाक्टर नीतीश नाइक के नेतृत्व में चल रहा था। दिल्ली एम्स के आइसीयू में भर्ती राजू श्रीवास्तव को पिछले डेढ़ सप्ताह के दौरान इंफेक्शन के चलते कई बार बुखार आया था। ब्रेन के अलावा उनके सारे अंग काम कर रहे थे। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए थी।

रात में ही तबीयत बिगड़ने लगी थी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रात में ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी | डॉक्टरों ने काफी कोशिश की लेकिन वो राजू श्रीवास्तव की जान नहीं बचा पाए | उनके निधन के बाद अब उत्तर प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर रिग्जियान सैंपल अस्पताल पहुंच रहे हैं | परिवार की पूरी सहायता उत्तर प्रदेश सरकार कर रही है | यूपी सीएम को भी निधन की जानकारी दी गई है |

अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि

अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव जी का एक विशिष्ट अंदाज था, उन्होंने अपनी अद्भुत प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया। उनका निधन कला जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। मैं उनके परिजनों व प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर उन्हें यह दुःख सहने की शक्ति दें। ॐ शांति शांति।

राजू श्रीवास्तव के निधन से दुखी हैं राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजू vके निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार, राजू श्रीवास्तव जी के निधन से मुझे गहरा दुःख हुआ है। वे एक मंझे हुए कलाकार होने के साथ-साथ एक बेहद ज़िंदादिल इंसान भी थे। सामाजिक क्षेत्र में भी वे काफ़ी सक्रिय रहते थे। उनके शोकाकुल परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ।ॐ शान्ति!

अरविंद केजरीवाल ने दी श्रद्धांजलि

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, मशहूर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव जी का निधन बेहद दुखद। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। इस दुख की घड़ी में उनके परिजनों एवं सभी प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएँ।

रविशंकर प्रसाद ने व्यक्त किया दुख

भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर लिखा, मशहूर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। उनका जाना कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को इस कठिन घड़ी में धैर्य प्रदान करें।

एमपी के मुख्यमंत्री ने किया ट्वीट

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, अपनी कला से हास्य को नया रंग देने प्रसिद्ध कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव जी के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। हंसते-हंसाते आप ऐसे चले गये कि मनोरंजन जगत में कभी न भरने वाला एक बड़ा शून्य छोड़ गये।

निर्देशक अग्निहोत्री ने जताया शोक

निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा मेरे भाई, दोस्त राजू श्रीवास्तव नहीं रहे। मुझे गहरा दुख हुआ। उनके जैसा कलाकार कम ही देखने को मिलता है | भारत ने उनके जैसा दूसरा कलाकार नहीं देखा। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले। मेरी प्रार्थना उनके परिवार, प्रशंसकों के साथ है |

क्या कानपुर में होगा अंतिम संस्कार ?

राजू श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले थे। उनका वास्तविक नाम सत्य प्रकाश श्रीवास्तव था, इस नाम से उन्हें बहुत कम लोग ही जानते हैं। माना जा रहा है राजू श्रीवास्तव का अंतिम संस्कार कानुपर में किया जाएगा। हालांकि अभी तक इस संबंध में उनके परिवार का बयान नहीं आया है।

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