Monday, April 6, 2026
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बृज भूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करे सरकार, खाप पंचायतों ने दिया अल्टीमेटम

खिलाड़ियों को न्याय दिलाने को लेकर कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला महापंचायत के लिए शुक्रवार को विभिन्न खापों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए। पंचायत में खापों ने केंद्र सरकार को 9 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। राकेश टिकैत बोले कि बृजभूषण की गिरफ्तारी से कम कोई समझौता मंजूर नहीं है।

पंचायत के बाद कमेटी की बैठक में प्रतिनिधियों के लिए फैसले को सुनाते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि 9 जून तक सरकार के पास समय है। बातचीत कर हल निकाले, अन्यथा अगले दिन खिलाड़ियों के साथ बैठकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। फिर से खिलाड़ियों को जंतर मंतर पर बैठाया जाएगा। गांव गांव में आंदोलन चलाया जाएगा। आरोपी बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी से कम कोई समझौता मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि देशभर में पंचायत की जाएंगी।

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि पहलवानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी होनी चाहिए। इस पंचायत में नैन खाप के प्रधान नफे सिंह नैन, गार्डन खाप के प्रधान सूरजभान, सहारन खाप के प्रधान साधु राम लेखा, चहल खाप के प्रधान बलवीर सिंह, उजाना खाप के प्रधान रोहतास, बालू खाप के प्रधान रामचंद्र, बनवाला खाप के प्रधान ओमप्रकाश, सिंगरोहा खाप के रमेश नंबरदार, पालम दिल्ली खाप के रामकुमार बेनीवाल और इसके अलग भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान सहित उत्तर भारत की कई खापों के प्रतिनिधि पहुंचे।

पहलवानों के समर्थन में लामबंद हुए ग्रामीण और किसान यूनियन

सांसद बृजभूषण सिंह शरण की गिरफ्तारी की मांग करने वाली पहलवानों को लगातार समर्थन मिल रहा है। शुक्रवार को सोनीपत के गांव राठधना गांव सरोहा बाहरा खाप ने बैठक कर बेटियों को न्याय दिलाने के लिए जारी लड़ाई में हर संभव मदद देने की घोषणा की है। साथ ही 4 जून को मुंडलाना में होने वाली पंचायत में बढ़चढ़ कर भाग लेने पर सहमति बनाई गई।

बेटियों को न्याय दिलाकर रहेंगी सरोहा खाप

सरोहा बाहरा खाप की पंचायत में हवा सिंह सरोहा ने कहा उनकी खाप पूरी तरह से बेटियों की लड़ाई को आगे खड़ी होकर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि बेटियों ने अपने पदक गंगा में प्रवाहित करने का निर्णय लिया था। तब सरोहा खाप ने तुरंत पहल करते हुए किसान नेता नरेश टिकैत से संपर्क कर उन्हें बेटियों की मदद को भेजा था। पूरे देश की खापों को वह पूरा समर्थन देंगे। गंभीर आरोप के बावजूद भी सांसद बृजभूषण को गिरफ्तार नहीं करना गलत है। इसे लेकर आवाज उठाई जाएगी। सतीश सरोहा ने कहा कि बेटियों को न्याय दिलाकर रहेंगे।

मुंडलाना में चार जून को होने वाली खाप पंचायत

पॉक्सो लगने के बाद भी सांसद बृजभूषण को गिरफ्तार नहीं कर सरकार उसे बचाने में लगी है। यह गलत है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। अब सर्वखाप के निर्णय पर सभी अडिग रहेंगी। जब तक बेटियों को न्याय नहीं मिलेगा तब तक भाजपा के किसी नेता को गांव में नहीं आने देंगे। खाप सदस्य दलबीर सिंह ने बताया कि बेटियों के सामने एक चरित्रहीन आदमी खड़ा है। हम अपनी बेटियों के साथ खड़े है। मुंडलाना की चार जून को होने वाली पंचायत में जो भी फैसला होगा उसे पूरी तरह निभाया जाएगा।

मुडलाना गांव में संघर्ष का बजेगा बिगुल

भारतीय किसान यूनियन चडुनी ग्रुप की बैठक जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ की अध्यक्षता में किसान भवन में हुई।जिसमें यूनियन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में महिला पहलवानों की शिकायत पर भाजपा के नेता बृजभूषण पर किसी प्रकार की कार्यवाही ना होने पर रोष जताया और सरकार को आर पार की करने की खुले शब्दों में चुनौती दी। सुधीर जाखड़ ने कहा कि 4 जून को सोनीपत के गांव मुडलाना में यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह पहुंचेंगे। इस बैठक में पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इनके अलावा पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और राज्यसभा सदस्य जयंत चौधरी पहुंचेंगे।

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दिल्ली आबकारी नीति केस में मनीष सिसोदिया को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली राहत

दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को राहत दे दी है। हाईकोर्ट ने मनीष सिसोदिया को सुबह 10 से शाम 5 बजे तक की राहत देते हुए कहा कि वह इस दौरान पत्नी से मुलाकात कर सकते हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया।

हाईकोर्ट ने शर्त लगाते हुए कहा कि मनीष सिसोदिया इस दौरान मीडिया से बात नहीं करेंगे। उन्हें सिर्फ अपने परिवार से बात करने की इजाजत है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने कहा कि वो मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। अदालत ने मनीष सिसोदिया को पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट शनिवार शाम तक जमा करने को कहा है और साथ ही वो पुलिस हिरासत में उनसे मिल सकते हैं, दरअसल सिसोदिया ने पत्नी की सेहत का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी।

क्या दलील दी गई थी ?

दिल्ली हाईकोर्ट में शराब नीति मामले को सुनवाई हुई थी। इस दौरान सिसोदिया के वकील ने बताया था कि यह नीति तब वापस ली गयी। जब दिल्ली के उपराज्यपाल ने शराब की दुकानों को निषिद्ध क्षेत्रों में खोलने की अनुमति नहीं दी थी, जिसके कारण नुकसान हुआ।

मनीष सिसोदिया पर क्या आरोप है ?

ईडी ने आप नेता मनीष सिसोदिया पर शराब नीति में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ईडी का दावा है कि आबकारी नीति में बदलाव करते हुए गड़बड़ी की गई और लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ दिए गए। इसमें सिसोदिया ने मुख्य भूमिका निभाई क्योंकि उनके पास ही आबकारी विभाग का प्रभार भी था।

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पहलवानों को मिला बड़ा समर्थन, विश्व विजेता टीम का मिला साथ

प्रदर्शनकारी पहलवानों द्वारा अपने पदक गंगा में बहाने की आशंका से चिंतित 1983 विश्व कप विजेता क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को उनसे आनन फानन में फैसला नहीं लेने का अनुरोध करते हुए उम्मीद जताई कि उनकी शिकायतों का हल निकाला जाएगा। इन दिग्गज क्रिकेटरों में सुनील गावस्कर, मदन लाल, कपिल देव, दिलीप वेंगसरकर आदि क्रिकेटर शामिल है।

पूर्व क्रिकेटरों ने बयान जारी कर कहा कि मेडल विजेता पहलवानों के साथ जिस तरह से बदसलूकी की गई है और उसके वीडियो सामने आए हैं, वह परेशान करने वाला है। भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों में गिरफ्तार करने की मांग को लेकर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया 30 मई को हरिद्वार गए थे लेकिन पदकों को गंगा में विसर्जित नहीं किया।

पहलवानों को दिल्ली पुलिस ने लिया था हिरासत में

बिना अनुमति के नए संसद भवन की ओर मार्च कर रहे पहलवानों को दिल्ली पुलिस ने कानून और व्यवस्था के उल्लंघन के लिए हिरासत में लिया था। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। लेकिन इस बीच पुलिस ने धरना स्थल को भी खाली करा दिया और ये भी कहा थि कि पहलवानों को जंतर-मंतर पर वापस नहीं जाने दिया जाएगा।

क्रिकेटरों ने पहलवानों से अपील की है कि वे जल्दबाजी में कोई फैसला ना लें। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि उनकी चिंताओं को सुना जाएगा और जल्दी से कुछ ना करें। उन्होंने कहा कि कानून पर भरोसा रखना चाहिए। क्रिकेटर मदन लाल ने कहा, ‘यह दिल तोड़ने वाली बात है कि उन लोगों ने अपने मेडल्स को ही बहाने का फैसला कर लिया। ऐसा इसलिए क्योंकि मेडल पाना आसान नहीं होता। हम सरकार से अपील करते हैं कि वह जल्दी से जल्दी इस मसले का हल करे।

पहलवानों को मिला विश्व कप विजेता टीम का समर्थन

1983 विश्व कप विजेता टीम ने जारी बयान में कहा ,” हम चैम्पियन पहलवानों के साथ बदसलूकी की तस्वीरें देखकर काफी व्यथित हैं । हमें इसकी काफी चिंता है कि वे मेहनत से जीते गए पदकों को गंगा में बहाने की सोच रहे हैं।” उन्होंने आगे लिखा, ”इन पदकों के पीछे बरसों के प्रयास, बलिदान, समर्पण और मेहनत शामिल है । वे उनका ही नहीं बल्कि देश का गौरव हैं।

हम उनसे अनुरोध करते हैं कि इस मामले में आनन फानन में फैसला नहीं ले और हम उम्मीद करते हैं कि उनकी शिकायतें सुनी जायेंगी और उनका हल निकाला जाएगा। कानून को अपना काम करने दीजिए।” कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप 1983 जीतने वाली टीम में सुनील गावस्कर, मोहिदर अमरनाथ, के श्रीकांत, सैयद किरमानी, यशपाल शर्मा, मदन लाल, बलविंदर सिंह संधू, संदीप पाटिल, कीर्ति आजाद, रोजर बिन्नी और रवि शास्त्री भी थे।

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कुरुक्षेत्र में खाप पंचायत में हुई ‘महाभारत’, कहासुनी का वीडियो वायरल

भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध कर रहे पहलवानों के समर्थन में अब किसान नेता भी जुड़ गए हैं। इस मामले पर आगे की रणनीति तैयार करने के लिए शुक्रवार कुरुक्षेत्र में खाप पंचायत बुलाई गई है। बैठक में किसान नेता राकेश टिकैत पहुंच चुके हैं। उनके अलावा सुखविंदर सिंह औलख और अमरजीत मोहडी सहित कई बड़े किसान नेता शामिल होंगे।

इस बैठक की अध्यक्षता सूबे सिंह समैण करेंगे। इसमें श्योरण खाप, धनखड़ खाप, संगरोहा खाप, समैण खाप और सर्व खाप के शामिल होने की संभावना है। आज होने वाली बैठक में सर्वसम्मति के साथ फैसला लिया जाएगा।

राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे खाप प्रतिनिधि

इससे पहले बीते दिन राकेश टिकैत ने एलान किया था कि खाप प्रतिनिधि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शुक्रवार को मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा था कि खाप और प्रदर्शनकारी पहलवानों की हार नहीं होगी। साथ ही किसान नेता ने कुरुक्षेत्र में फैसले लिए जाने की बात भी कही थी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पहलवानों के विरोध के समर्थन में बैठक के दौरान खाप पंचायत के सदस्यों के बीच कहासुनी हो गई। हालांकि ये पता नहीं चल सका है कि आपस में क्‍यों विवाद हुआ। सदस्यों के बीच जब ज्यादा कहासुनी हुई तो किसान संयुक्त मोर्चा के नेता राकेश टिकैत को खड़े होकर लोगों को शांत कराना पड़ा।

सरकार की नजर खाप पंचायतों के फैसले पर – राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने इस दौरान ये भी कहा, “सरकार खाप पंचायतों के फैसले पर नजर लगाए हुए है। उत्तर प्रदेश में कहा गया था कि कुरुक्षेत्र में पंचायतों की ओर से फैसला लिया जाएगा। ऐसे में आज हर हाल में यहां से फैसला लेकर ही उठा जाएगा। ऐसी खबर है कि इस फैसले को लागू करने से पहले महिला खिलाड़ियों से पूछा जाएगा, इसके बाद महिला खिलाड़ी आगे चलेंगी और खाप पंचायत उनके साथ खड़ी रहेगी। राकेश टिकैत ने ये भी कहा है कि गांव-गांव में आंदोलन किया जाएगा। बेटियों को न्याय दिलाने के लिए गांव – गांव में धरना देना होगा।

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यौन शोषण के आरोपों में घिरे सांसद बृजभूषण की अयोध्या में होने वाली महारैली रद्द

महिला पहलवान के साथ यौन शोषण के आरोपों में घिरे बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह की 5 जून को होने वाली जन चेतना महारैली स्थगित हो गई है। 5 जून को अयोध्या के राम कथा पार्क में यह महा रैली होनी थी। समाज में फैल रही बुराई और बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में संत समाज ने यह जनचेतना महारैली बुलाई थी। बृजभूषण शरण सिंह ने इस रैली में 11 लाख लोगों के जुटने का दावा किया था।

जिला प्रशासन और बृजभूषण के बीच चली लंबी वार्ता

गुरुवार देर शाम अयोध्या के सर्किट हाउस में अयोध्या जिला प्रशासन और बृजभूषण शरण सिंह के बीच लंबी वार्ता चली थी। जिसके बाद आज सोशल मीडिया के जरिए कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने जनचेतना रैली स्थगित करने की सूचना दी। बृजभूषण शरण सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मेरे प्रिय शुभचिंतकों ! आपके समर्थन के साथ पिछले 28 वर्षों से लोकसभा के सदस्य के रूप में सेवा की है।

मुझ पर झूठे आरोप लगाए – बृजभूषण शरण सिंह

मैंने सत्ता और विपक्ष में रहते हुए सभी जातियों, समुदायों और धर्मों के लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया है। इन्हीं कारणों से मेरे राजनीतिक विरोधियों और उनकी पार्टियों ने मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं। वर्तमान स्थिति में कुछ राजनीतिक दल विभिन्न स्थानों पर रैलियां कर प्रांतवाद, क्षेत्रवाद और जातीय संघर्ष को बढ़ावा देकर सामाजिक समरसता को भंग करने का प्रयास कर रहे हैं।

उद्देश्य यह है कि 5 जून को अयोध्या में एक संत सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया ताकि पूरे समाज में फैल रही बुराई पर विचार किया जा सके, लेकिन अब जबकि पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और सुप्रीम कोर्ट के गंभीर निर्देशों का सम्मान करते हुए “जन चेतना महाराली, 5 जून, अयोध्या चलो” कार्यक्रम कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस मुद्दे पर सभी धर्मों, जातियों और क्षेत्रों के लाखों समर्थकों और शुभचिंतकों ने विनम्र तरीके से मेरा समर्थन किया है। इसलिए मैं सबका आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाता हूं कि मैं और मेरा परिवार हमेशा आपका कर्जदार रहेगा।

read more : लोकसभा की सदस्यता जाने को लेकर राहुल गांधी से अमेरिका में छात्रों ने पूछा सवाल

लोकसभा की सदस्यता जाने को लेकर राहुल गांधी से अमेरिका में छात्रों ने पूछा सवाल

अमेरिका में राहुल गांधी लगातार भाजपा और पीएम मोदी के खिलाफ अंगारे उगल रहे हैं। वह कहते हैं कि भाजपा देश में नफरत फैला रही है और ऐसी स्थिति में वो मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं। अब अमेरिका में उनके एक कार्यक्रम में जब छात्रों ने राहुल गांधी से उनकी लोकसभा सदस्यता जाने को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने अपना दर्दे हाल कुछ यूं सुनाना शुरू कर दिया…

पूरा विपक्ष कर रहा संघर्ष

’राहुल ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह नाटकीय घटनाक्रम असल में करीब छह महीने पहले शुरू हुआ। हम संघर्ष कर रहे थे। पूरा विपक्ष भारत में संघर्ष कर रहा है। सारा धन कुछ लोगों के पास है। संस्थाओं पर कब्जा कर लिया गया है। हम अपने देश में लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।’’ राहुल ने कहा कि उन्होंने उस समय ही ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में भारतीय छात्रों और भारतीय मूल के शिक्षाविदों के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘‘मैं एकदम स्पष्ट हूं कि हमारी लड़ाई हमारी है। हालांकि, यहां भारत के युवा छात्रों का एक समूह है। मैं उनके साथ संबंध जोड़ना चाहता हूं और उनसे बात करना चाहता हूं। ऐसा करना मेरा अधिकार है।

राहुल ने कहा कि…..

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि जब वह राजनीति में आए थे, तब उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उन्हें लोकसभा की सदस्यता से कभी अयोग्य घोषित किया जाएगा, लेकिन इसने उन्हें लोगों की सेवा करने का एक ‘‘बड़ा अवसर’’ दिया है। राजनीति ऐसी ही होती है। उन्होंने बुधवार रात कैलिफोर्निया में, प्रतिष्ठित स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी परिसर में भारतीय छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए यह टिप्पणी की।

‘‘मोदी उपनाम’’ को लेकर की गई राहुल की टिप्पणी से जुड़े 2019 के आपराधिक मानहानि के मामले में सूरत (गुजरात) की एक अदालत द्वारा उन्हें (राहुल को) इस साल की शुरुआत में दोषी करार दिया गया था। इसके बाद उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। राहुल ने कहा कि जब वह 2000 में राजनीति में आए थे, तब उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

राहुल ने कहा- पीएम यहां क्यों नहीं आते

कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि विदेश यात्रा के जरिये वह किसी से कोई समर्थन नहीं मांग रहे हैं। स्टेनफोर्ड में सभागार में राहुल ने कहा, ‘‘मेरी समझ में नहीं आता कि प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) यहां क्यों नहीं आते और ऐसा क्यों नहीं करते।’’ इस पर कार्यक्रम संचालक ने कहा कि प्रधानमंत्री का किसी भी समय स्टेनफोर्ड आने और छात्रों तथा शिक्षाविदों के साथ बातचीत करने के लिए स्वागत है। सच्चाई के साथ काम करना ही आगे का रास्ता है।

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वसुंधरा राजे की वापसी के संकेत, अजमेर में मोदी की रैली से बदले सियासी समीकरण

राजस्थान में बीजेपी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे पर एक बार फिर दांव लगा सकती है। वसुंधरा राजे समर्थक लंबे समय से राजे को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की मांग कर रहे हैं। पीएम मोदी की अजमेर में हुई रैली से ऐसे संकेत मिले है कि बीजेपी वसुंधरा राजे को सीएम फेस घोसित कर सकती है। पीएम मोदी के हावभाव से वसुंधरा राजे समर्थक काफी खुश दिखाई दे रहे हैं।

अजमेर में हुई जनसभा में पीएम मोदी के आने से कुछ ही देर पहले वसुंधरा मंच पर पहुंचीं. हालांकि इस सभा को पूर्व मुख्यमंत्री ने संबोधित नहीं किया, मगर वसुंधरा राजे को पीएम मोदी के नजदीक जगह मिली है। मंच साझा करने की इस घटना ने जयपुर के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी. कयास लगने शुरू हो गए कि क्या भाजपा आने वाले विधानसभा चुनाव में वसुंधरा राजे के चेहरे पर एक बार फिर दांव लगा सकती है ?

वसुंधरा राजे के चेहरे से ही बीजेपी की वापसी

बता दें, राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे जनाधार वाली नेता मानी जाती है। वसुंधरा राजे समर्धकों का कहना है कि सिर्फ वसुंधरा के चेहरे पर ही पार्टी वापसी कर सकती है। ऐसे में बीजेपी आलाकमान को वसुंधरा राजे के सीएम फेस घोषित करना चाहिए। समर्थकों का दांवा है कि पूर्व मुख्यमंत्री का राजस्थान में प्रभावी जनाधार हैं। प्रदेश में वसुंधरा राजे के कार्यक्रमों में भारी भीड़ देखी जाती है। प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा में राजे के कार्यकर्त्ता मौजूद हैं। प्रदेश में वसुंधरा राजे से जुड़े नेताओं का तो दावा है कि वसुंधरा राजे द्वारा पीएम मोदी की रैली को सफल बनाने के लिए संदेश भेजा गया था। पीएम मोदी की सफल जनसभा इसी का नतीजा है।

मोदी का हाथ जोड़ना और वसुंधरा राजे की मुस्कराहट

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पीएम मोदी ने रैली में वसुंधरा राजे को पूरा सम्मान देकर सियासी संकेत दे दिया है। पीएम मोदी ने भैरोसिंह शेखावत को याद कर साधने की कोशिश भी की। अजमेर की रैली में जब पीएम मोदी मंच पर पहुंचे तब वसुंधरा राजे सिंधिया उन्हें सामने दिख गईं। वसुंधरा राजे को देखते ही पीएम मोदी ने हाथ जोड़ेकर उनका अभिवादन स्वीकर किया। वहीं वसुंधरा ने भी मुस्कुराकर पीएम मोदी के राजस्थान आगमन का शुक्रिया कहा। वसुंधरा से पीएम मोदी की मुलाकात तस्वीर को देखकर ऐसा लगता है कि वह क्लियर मैसेज दे रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री को नजरअंदाज करने की भूल कोई ना करे।

वसुंधरा राजे के धुर विरोधी भी मंच पर रहे मौजूद

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी आलाकमान को चुनाव से पहले विभिन्न गुटों में बंटे भाजपा नेताओं को एक मंच पर लाना होगा। वसुंधरा राजे के धुर विरोधी माने जाने वाले पूर्व बीजीपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल और कैलाश चौधरी के बीच सुलह के का फार्मूला तैयार करना होगा। बीजेपी का एक धड़ा वसुंधरा राजे का विरोध कर रहा है। हालांकि, वसुंधरा समर्थकों का कहना है कि राजस्थान बीजेपी में वसुंधरा राजे से बड़़ा कोई नेता नहीं है।

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पहलवानों पर फिर हमलावर हुए बृज भूषण, कहा- आज भी अपनी बात पर कायम

पहलवानों का कथित तौर पर यौन शोषण मामले में बृज भूषण शरण सिंह ने अपना पक्ष रखा है। बृज भूषण सिंह ने कहा है कि मामले में दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। जांच में जो कुछ भी सामने आएगा और उसके बाद न्यायालय जो भी फैसला सुनाएगा वह मुझे स्वीकार होगा। उन्होंने पहलवानों पर हमला बोलते हुए कहा कि वे बार-बार अपनी बातें और मांग बदल रहे हैं।

50 से ज्यादा खाफ पंचायतों की बैठक

उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई क्या कह रहा है, कोई कहां किसी पंचायत कर रहा है, इससे मुझे कोई लेना-देना नहीं है। मामले की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है और अगर जांच में मैं गलत साबित होता हूं तो मुझे सजा दी जाएगी और वह मुझे स्वीकार होगी। बता दें कि पहलवानों के समर्थन और बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ मुज्जफरनगर में 50 से ज्यादा खाफ पंचायतों की बैठक हो रही है।

अगर आरोप सही हुए तो फांसी पर लटक जाऊंगा – बृजभूषण

गोंडा में एक प्रेसवार्ता में डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि 18 जनवरी को पहली बार जब ये लोग धरने पर बैठे थे, पहले कुछ और अब कुछ और मांग है। ये लोग लगातार अपनी मांग और शर्तें बदल रहे हैं, लेकिन मैंने पहले भी यही कहा था कि अगर आरोप सही हुए तो फांसी पर लटक जाऊंगा। मैं आज भी अपनी कही हुई बात पर कायम हूं।

सरकार को दिया था पांच दिन का अल्टीमेटम

वहीं इससे पहले पहलवान जंतर-मंतर से हटाये जाने के बाद मंगलवार को अपने मैडल आदि लेकर हरिद्वार पहुंचे थे, जहां उन्होंने इन्हें गंगा नदी में बहाने का ऐलान किया था। लेकिन उन्हें भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने रोक लिया था और सरकार को 5 दिनों का अल्टीमेटम दिया था। इस अल्टीमेटम का आज दूसरा दिन है और कल शुक्रवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में भी एक विशाल पंचायत आयोजित की जाएगी।

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महापंचायत में बोले राकेश टिकैत फैसला सुरक्षित है, खाप प्रतिनिधि राष्ट्रपति से मिलेंगे

पहलवानों और भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के बीच जारी टकराव को लेकर गुरुवार (1 जून) को मुजफ्फरनगर के शोरम गांव में खाप महापंचायत हुई। इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करते हुए बच्चों को उठाया गया है। फैसला यहां का सुरक्षित है, लेकिन खाप प्रतिनिधि राष्ट्रपति से मिलेंगे।

राकेश टिकैत ने कहा, आरोप लगाए जा रहे हैं कि ये बच्चे झूठ बोल रहे हैं। सरकार की चाल है कि यूपी में हिंदू मुस्लिम किया, बिहार में लालू का परिवार तोड़ा, हरियाणा में चौटाला परिवार तोड़ा, गुजरात में यही किया गया। पहलवान किसी जाति के नहीं हैं, इनकी जाति तिरंगा है। हम भी विदेश में अपनी पार्टी का नहीं देश का झंडा लेकर जाते हैं। अगर न्याय नहीं मिलता तो पूरे देश में ये लड़ाई लड़ेंगे।

क्या बोले केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ?

पहलवानों के विरोध पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का बयान भी आया है। उन्होंने कहा, “हम संवेदनशील तरीके से इस विषय से निपट रहे हैं। खिलाड़ियों ने कमेटी बनाने, एफआईआर दर्ज कराने सहित जो भी मांगें की हैं, उन्हें पूरा कर दिया गया है। मामले में जांच तेज गति से आगे बढ़ रही है और खिलाड़ियों को जांच खत्म होने का इंतजार करना चाहिए। खेल और खिलाड़ी दोनों ही हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।

राष्ट्रपति और गृह मंत्री से मिलेंगे – राकेश टिकैत

किसान नेता ने आगे कहा, “योद्धाओं की कोई जाति नहीं होती है। पांच तारीख को ये मीटिंग कर रहे हैं तो करें, हम भी करेंगे। हर खाप हर समाज की मीटिंग करेंगे। हम इंटरनेशनल फेडरेशन में भी जाएंगे। खाप चौधरियों की एक कमेटी बनेगी और राष्ट्रपति और गृह मंत्री से मिलेंगे। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कल खाप पंचायत की बैठक होगी, जिसमें आज का फैसला रखा जाएगा और उसके बाद सर्वसम्मति से फैसला सुनाया जाएगा।

राकेश टिकैत ने कहा कि अब ये हमारा काम है

उन्होंने कहा, ” अब ये इन बच्चों का काम नहीं, अब ये हमारा काम है। आप के साथ सरकार की पार्टी के लोग भी हैं, लेकिन अभी कह रहे हैं कि मीटिंग में नहीं आ सकते क्योंकि उनका सरकार नुकसान कर देगी। इस दौरान नरेश टिकैत ने कहा, “एक व्यक्ति जो स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री में काम करता है उसने अपना आई कार्ड मुझे सौंप दिया है कि विरोध में नौकरी छोड़ रहा हूं।

नरेश टिकैत ने बुलाई खाप महापंचायत

पहलवानों के समर्थन में बाल्यान खाप के प्रमुख और भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश टिकैत ने ये खाप महापंचायत बुलाई है। जिसमें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली से खापों के प्रमुख हिस्सा लेने पहुंचे। इससे पहले मंगलवार को पहलवान इस मामले में कोई कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए गंगा में अपने मेडल बहाने गए थे, लेकिन नरेश टिकैत ने उन्हें मना लिया था और पांच दिन का समय मांगा था।

read more : केंद्र सरकार पर बड़ा हमला, ये अडानी का नहीं ‘मोदानी’ का मामला है – कांग्रेस

केंद्र सरकार पर बड़ा हमला, ये अडानी का नहीं ‘मोदानी’ का मामला है – कांग्रेस

कांग्रेस ने आज अडानी मामले पर पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर जमकर प्रहार किए। जयराम रमेश ने कहा कि यह अडानी का मामला नहीं है, यह ‘मोदानी’ का मामला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अडानी मामला ऐसा है जिसकी जांच सिर्फ जेपीसी ही सकती है। इस मसले पर विपक्ष एकजुट है, ये कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिनकी जांच केवल जेपीसी कर सकती है।

नई संसद में भी हम जेपीसी की मांग करेंगे

जयराम रमेश ने कहा कि पहले भी हमने संसद में अडानी मामले में जेपीसी जांच की मांग की थी, अब जब नई संसद में मानसून सत्र शुरू होगा तब भी हम जेपीसी जांच की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि आज हमने उन 100 सवालों से जुड़ी एक किताब लॉन्च की हैं, जो हमने अडानी मुद्दे पर फरवरी से अब तक पीएम मोदी से पूछे हैं। जयराम ने बताया कि कांग्रेस ने ‘अडानी के हम है कौन’ वीडियो रिलीज किया है। अगले दस दिनों में ऐसे और वीडियो निकाले जायेंगे। एक बुकलेट भी रिलीज की गई है।

सेबी आजकल शीर्शासन कर रही – कांग्रेस

जयराम रमेश ने आगे कहा कि शेल कंपनियों में बीस हजार करोड़ रुपए कहां से आए इसकी जानकारी अभी तक किसी को नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की एक्सपर्ट कमेटी की एक महत्वपूर्ण शिफारिश यह थी कि यह नियम हटाने से बहुत नुकसान हुआ। उन्होंने कहा था कि ऐसे में पता नहीं चल पाता कि विदेशी निवेशक कौन है। इसलिए सेबी आजकल शीर्शासन कर रही है, इसलिए यह कंसल्टेशन पेपर निकाला गया है।

पटना में विपक्ष की बैठक में शामिल होगी कांग्रेस

काग्रेस महासचिव ने कहा कि पारदर्शिता की ओर यह शुरुआत है। नए पार्लियामेंट में जब हम बैठेंगे तब भी मुख्य मांग जेपीसी ही होगी, हमारी मांग बरकरार है। राहुल गांधी ने यह बात उठाई तो उन्हे डिस्कवालिफाई कर दिया गया। वो डरते क्यों है, जेपीसी के गठन से वो डरते क्यों है? वहीं पटना में होने वाली विपक्ष की बैठक को लेकर जयराम ने कहा कि हम 12 जून को बैठक में शामिल होंगे। हमारी तरफ से कौन शामिल होगा, इस पर अभी चर्चा होनी बाकी है।

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सपा नेता स्‍वामी प्रसाद मौर्य को म‍िली जान से मारने की धमकी

समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय महासच‍िव स्‍वामी प्रसाद मौर्य को ट्वीट के जर‍िए जान से मारने की धमकी म‍िली है। सपा नेता ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश सरकार, यूपी चीफ सेक्रेटरी, यूपी पुल‍िस, डीजीपी से इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करने की अपील की है।

सपा नेता स्‍वामी प्रसाद मौर्य ने कहा क‍ि इंटरनेशनल भगवा रक्षक फोर्स जय श्री राम नामक ट्वीटर एकाउंट द्वारा दिनांक 29 मई 2023, समय 7:12 बजे सायं को अपने ट्वीटर वाल पर लिखकर कि “एक महीने के अंदर तुझे निपटा देंगे” यह टैग करने के साथ मेरी तस्वीर पर गले के सामने तलवार लटकाते हुए फोटो ट्वीट की गयी है, जो सीधे हत्या करने को इंगित करती है। अतः उक्त प्रकरण की गम्भीरता को संज्ञान में लेते हुए प्रभारी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित कराने का कष्ट करें। आपको बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य अपने हिंदू विरोधी बयानों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने दो फोटो भी किया ट्वीट

समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय महासच‍िव स्वामी प्रसाद मौर्य ने जिस आईडी से उन्हें धमकी मिली है उसकी भी तस्वीर जारी की है। साथ ही साथ उस ट्वीटर पोस्ट को भी जारी किया है जिसमें लिखा है ‘स्वामी प्रसाद मौर्य तेरे दिन पूरे हो गए हैं, एक महीने में तुझे निपटा देंगे, इसकी उलटी गिनती शुरू..’ स्वामी ने प्रधानमंत्री दफ्तर और गृह मंत्रालय को भी टैग करते हुए इस मामले पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है। मौर्य, एक प्रमुख ओबीसी नेता, जो सपा एमएलसी भी हैं, ने इस साल की शुरुआत में विवाद खड़ा कर दिया था जब उन्होंने कहा था कि रामचरितमानस के कुछ छंद जाति के आधार पर समाज के एक बड़े वर्ग का अपमान करते हैं और मांग करते हैं कि इन पर प्रतिबंध लगाया जाए।

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ज्ञानवापी मामला : हाईकोर्ट में श्रृंगार गौरी केस में खारिज हुई मुस्लिम पक्ष की याचिका

वाराणसी के ज्ञानवापी मामले से जुड़े श्रृंगार गौरी केस में इलाहबाद हाईकोर्ट से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। जस्टिस जे जे मुनीर की सिंगल बेंच ने श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा की मांग वाली याचिका पर फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को ख़ारिज कर दिया है। इस याचिका को अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की तरफ दाखिल किया गया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद 23 दिसंबर 2022 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी ने जिला जज वाराणसी के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। श्रृंगार गौरी केस में हिन्दू पक्ष की राखी सिंह व 9 अन्य द्वारा वाराणसी की अदालत में सिविल सूट दाखिल किया गया था। इस मुकदमे में अपनी आपत्ति खारिज होने के खिलाफ मस्जिद की इंतजामियां कमेटी ने अर्जी दाखिल की थी।

अर्जी में वाराणसी के जिला जज की अदालत से 12 सितंबर को आए फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट में वाद दाखिल करने वाली 5 महिलाओं समेत 10 लोगों को पक्षकार बनाया गया था। मुस्लिम पक्ष ने दलील दी थी कि 1991 के प्लेसिस आफ वरशिप एक्ट और 1995 के केंद्रीय वक्फ अधिनियम के तहत सिविल वाद पोषणीय नहीं है।

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पीएम मोदी को लगता है कि वे भगवान को भी सीखा सकते है – राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी छह दिन के लिए अमेरिका आए हुए हैं। वह यहां तीन शहरों का दौरा करेंगे। इस बीच, राहुल गांधी ने बुधवार सुबह सैन फ्रांसिस्को में भारतीयों को संबोधित किया। उन्होंने यहां भाजपा और भारत के प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत में कुछ लोगों को लगता है कि वे सब कुछ जानते हैं। वे भगवान को भी चीजें सिखा सकते हैं और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनमें से एक हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के बारे में भी बात की।

लोगों को डरा रही भाजपा

कैलिफोर्निया के सांता क्लारा में एक कार्यक्रम में गांधी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस भारत में राजनीति के सभी उपकरणों को नियंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने से पहले, उन्होंने महसूस किया कि ऐतिहासिक रूप से राजनीति में इस्तेमाल होने वाले सामान्य उपकरण अब काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों को धमका रही है और सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। भारत जोड़ो यात्रा इसलिए शुरू हुई क्योंकि लोगों से जुड़ने के लिए हमें जिन सभी साधनों की जरूरत थी, वे सभी भाजपा-आरएसएस द्वारा नियंत्रित थे।

क्योंकि मेरे साथ पूरा भारत था – राहुल गांधी

राहुल ने अपनी यात्रा को लेकर कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मैं थका नहीं क्योंकि मेरे साथ पूरा भारत था। सरकार ने पुलिस बल का प्रयोग करते हुए मेरी यात्रा को रोकने की पूरी कोशिश की। इसके बावजूद दौरे का असर बढ़ता गया। राहुल गांधी ने नई संसद को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि इसे बदलना नहीं चाहिए था। आज मुस्लिम अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे है। यहां तक कि दलित, सिख, ईसाई भी। उन्होंने आगे कहा कि नफरत को नफरत से नहीं काटा जा सकता है। बल्कि नफरत को प्यार से दूर किया जा सकता है।

पीएम मोदी भगवान को भी बता सकते हैं – राहुल गांधी

कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम मोदी को अगर आप भगवान के सामने भी बैठा देंगे, तो वह उन्हें भी बता देंगे कि क्या करना है। ब्रह्मांड कैसे बनाना है ये भी वह भगवान को बता सकते हैं। उन्होंने एक बार फिर केंद्रीय एजेंसियों के गलत उपयोग का सरकार पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार केंद्रीय एजेंसियों का सहारा लेकर विपक्ष को निशाना बना रही है। हर कोई उनके खिलाफ बोलना चाहता है तो उनपर कार्रवाई कर दी जाती है। केद्रीय एजेंसियों का दुर्व्यवहार किया जा रहा है। लोगों को डराया धमकाया जा रहा है। इसकी वजह से राजनीति में कठिनाई आ रही है।

सैन फ्रांसिस्को पहुंचे राहुल गांधी

इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को अमेरिका पहुंचे। वे यहां के तीन शहरों का दौरा करेंगे। हवाई अड्डे पर राहुल गांधी का स्वागत इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा और संगठन के अन्य सदस्यों ने किया था। राहुल सैन फ्रांसिस्को में प्रतिष्ठित स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय में छात्रों से बातचीत कर सकते हैं। इसके बाद वह वाशिंगटन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे और सांसदों तथा संस्थानों से जुड़े लोगों के साथ बैठक करेंगे। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी वॉल स्ट्रीट के अधिकारियों और विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ बातचीत कर सकते हैं। बातचीत न्यूयॉर्क के जेविट्स सेंटर में होगी। यात्रा के अंतिम दिन वह 4 जून को न्यूयॉर्क में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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पीएम मोदी ही करेंगे संसद की नई इमारत का उद्घाटन, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

देश की राजधानी दिल्ली में संसद की नई इमारत का उद्घाटन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को होना है। एक तरफ जहां उद्घाटन समारोह को यादगार बनाने की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इसके बहिष्कार के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन घटनाक्रमों के बीच नई बिल्डिंग के उद्घाटन को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई जिसमें याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को जमकर फटकार लगाई गई है। याचिका में कहा गया था कि उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति को न बुलाकर संविधान का अपमान किया जा रहा है।

नरेंद्र मोदी ने 21 पार्टियां ने किया बहिष्कार

संसद की नई इमारत के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने वाली पार्टियों की जहां संख्या 21 हो गई है, वहीं समर्थन करने वाली पार्टियाों की संख्या दो दर्जन को पार कर चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 पार्टियों ने उद्घाटन समारोह का न्यौता स्वीकार कर लिया है। मायावती की अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारी नई बिल्डिंग के उद्घाटन करने का समर्थन तो किया है लेकिन समारोह में आने को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

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सुबह से ही होगी कार्यक्रमों की शुरुआत

28 तारीख को कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह साढ़े सात बजे से ही हो जाएगी जो दोपहर ढाई बजे तक चलेगी। सुबह पूजा पाठ के साथ शुरू होने वाले समारोह का समापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण के साथ होगा। पूरे कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार हो चुकी है, विधि विधान का खाका बन चुका है। विपक्षी दलों के विरोध से बेपरवाह सरकार ने तय कर लिया है कि नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई को तय वक्त पर ही होगा, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे।

याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें पता है कि यह याचिका क्यों दाखिल की गई है। शीर्ष अदालत ने साफ-साफ कहा कि ऐसी याचिकाओं को देखना सुप्रीम कोर्ट का काम नहीं है। अदालत ने साथ ही याचिकाकर्ता वकील जया सुकिन को फटकार लगाते हुए पूछा कि उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए। जया ने याचिका में कहा था कि राष्ट्रपति को उद्घाटन समारोह से बाहर करके सरकार ने भारतीय संविधान का उल्लंघन किया है। इसमें मांग की गई थी कि संसद के नए भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों ही किया जाना चाहिए।

केरल के बाद अब ‘गोधरा’ के राज से उठेगा पर्दा, 2002 के दंगों पर आधारित है फिल्म

गुजरात में 2002 में हुए गोधरा कांड की घटना तो सभी को याद होगी। बता दें 27 फरवरी, 2002 को गोधरा से अहमदाबाद जा रही साबरमति एक्सप्रेस ट्रेन में लगी से 59 लोगों की मौत हो गई थी। इसी कांड में आधारित फिल्म का टीजर रिलीज हुआ है। जो जमकर वायरल हो रहा है। इस फिल्म को एम के शिवाक्ष ने निर्देशित किया है।

गोधरा का टीजर आउट 

बता दें फिल्म एक्सीडेंट ऑर कॉन्सपिरेसी गोधरा का टीजर अब आउट हो गया है। 2002 के गोधरा दंगों पर आधारित फिल्म के टीजर से पता चलता है कि फिल्म दंगों के पीछे की सच्चाई को खोजने के लिए गहराई तक गई है। क्या यह साजिश थी या गुस्से में आकर की गई कोई हरकत ? फिल्म यही पेश करने का वादा करती है। इस फिल्म का निर्देशन एम.के. शिवाक्ष ने किया है। 2002 के गोधरा दंगों की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म दंगों के कारणों की गहराई से पड़ताल करने का वादा करती है। टीजर में बताया गया है कि फिल्म ‘सच्ची घटनाओं पर आधारित’ है और साबरमती एक्सप्रेस पर हुए हमले की सच्चाई बताती है।

निर्माता फिल्म गोधरा के माध्यम से यह उजागर करने की कोशिश कर रही हैं कि इस कांड के बाद कई दंगे भी हुए। टीजर देखकर यह भी पता चलता है कि यह नानावती आयोग की रिपोर्ट है जिस पर फिल्म गोधरा आधारित है। एक्सीडेंट या कॉन्सपिरेसी गोधरा की रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है। इसकी घोषणा बाद में की जाएगी। टीज़र में आधिकारिक नोट में लिखा है, यह फिल्म बहुत मेहनत और पांच साल के शोध के बाद बनाई गई है। इस फिल्म के लिए रिसर्च के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिन्हें सबूत के साथ फिल्म में बखूबी पेश किया गया है। इस फिल्म के टीजर को फैंस कापी पसंद कर रहे हैं।

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गंगा में बहाने वाले थे मेडल तभी पहुंचे नरेश, पहलवानों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम

महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण मामले में बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पहलवानों ने जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद अपनी लड़ाई और तेज कर दी है। धरना प्रदर्शन कर रहे सभी पहलवानों ने गुस्से का इजहार करते हुए अपने मेडल को गंगा में बहाने का ऐलान किया है। पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि वह मेडलों को गंगा में बहाने जा रहे हैं, क्योंकि जितना पवित्र गंगा को माना जाता है, उतनी ही पवित्रता से मेहनत कर उन्होंने मेडल हासिल किए थे। गंगा में मेडल बहाने के बाद रेसलर्स दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर आमरण अनशन भी करेंगे।

हरकी पैड़ी को राजनीति का अड्डा नहीं बनने देंगे

हरकी पैड़ी पर आरती की तैयारी हो रही है। आरती के बाद यह पहलवान हरकी पैड़ी पर गंगा में अपने मैडल विसर्जित करेंगे और अपना विरोध जताएंगे। इस बीच, श्री गंगा सभा हरकी पैड़ी हरिद्वार के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा है कि हरकी पैड़ी को किसी भी तरह राजनीति का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा और पहलवानों को ब्रह्मकुंड हरकी पैड़ी में घुसने नहीं दिया जाएगा। पहलवान हरकी पैड़ी के सामने मालवीय टापू में बैठे हुए हैं। यहां वे हाथों में तिरंगा थामे ‘बृजभूषण मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहे हैं।

पहलवानों से समय माँगा नरेश टिकैत ने ने

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत हरिद्वार पहुंचे हैं। उन्होंने पहलवानों से मेडल लिए और पांच दिन का समय मांगा। वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, “पूरा देश स्तब्ध है। पूरे देश की आंखों में आंसू हैं। अब तो प्रधानमंत्री जी को अपना अहंकार छोड़ देना चाहिए।”

पहलवानों को इंडिया गेट पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने कहा कि पहलवानों को राष्ट्रीय स्मारक इंडिया गेट पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, मेडल को गंगा में प्रवाहित करने को लेकर हरिद्वार पुलिस प्रशासन ने कहा कि वे हरिद्वार आ रहे पहलवानों को नहीं रोकेगा और ना ही उन्हें मेडल नदी में बहाने से रोकेगा। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने कहा कि पहलवान कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं। अगर वे अपने मेडल पवित्र गंगा में बहाने आ रहे हैं, तो हम उन्हें रोकेंग नहीं। उन्होंने बताया कि उन्हें पहलवानों को रोकने का कोई भी निर्देश वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से नहीं मिला है।

पहलवानों का भी हरिद्वार में स्वागत है

हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने कहा कि गंगा नदी में लोग सोना, चांदी और अस्थियां विसर्जित करते रहते हैं और अगर पहलवान भी अपने मेडल विसर्जित करना चाहते हैं, तो वो कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि गंगा दशहरा के मौके पर करीब 15 लाख श्रद्धालु गंगा नदी में स्नान करने के लिए हरिद्वार पहुंचे हैं और इस पावन अवसर पर पहलवानों का भी हरिद्वार में स्वागत है।

जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे पहलवान

गौरतबल है कि डब्ल्यू एफ आई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए पहलवान उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर 23 अप्रैल से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। रविवार को पहलवानों ने फैसला किया कि वो 28 मई को नई संसद के उद्घाटन के मौके पर उसके सामने जा कर शांतिपूर्ण धरना देंगे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर पर ही रोक लिया।

हिरासत में लिए जाने के बाद गुस्से में पहलवान

इस दौरान पहलवानों को बैरिकेडिंग तोड़ने के आरोप में हिरासत में ले लिया गया। बल पूर्वक हिरासत में लेने की कई तस्वीरें भी सामने आईं। पहलवानों के खिलाफ कई गंभीर धाराएं लगाई गईं। पहलवानों को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस ने उनके टेंट भी हटा दिए, जिसमें वो महीने भर से रुके हुए थे। इससे आहत पहलवानों ने मंगलवार को शाम 6 बजे हरिद्वार में मेडल्स गंगा नदी में बहाने का फैसला किया है।

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गंगा में बहा देंगे मेडल, करेंगे आमरण अनशन पहलवानों ने खोला मोर्चा

कुश्ती संघ के चीफ और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना दे रहे पहलवानों ने अब नया मोर्चा खोला है। पहलवानों ने अपने मेडल गंगा में बहाने का ऐलान किया है। पहलवान बजरंग पूनिया ने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा है कि हम गंगा मां को पवित्र मानते हैं और मेडल भी हमारे लिए गंगा की तरफ ही पवित्र हैं।

बजरंग पूनिया ने अपने ट्विटर अकाउंट से लिखा है कि 28 मई को जो हुआ वह आप सबने देखा। पुलिस ने हम लोगों के साथ क्या व्यवहार किया। हमें गिरफ्तार कर लिया गया और हम शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। हमारी आंदोलन की जगह को हमसे छीन लिया गया और हमारे ऊपर ही एफआईआर दर्ज कर ली गई। पुलिस हमारे साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है। जबकि उत्पीड़क खुली सभाओं में फबतियां कस रहा है। यहां तक पास्को एक्ट को बदलवाने की बात सरेआम कह रहा है।

आमरण अनशन करने की कही बात

पहलवानों ने कहा है कि लग रहा है कि हमारे गले में सजे इन मेडलों का कोई मतलब नहीं रह गया है। मेडल हमारी जान है। लेकिन हम इन मेडलों को गंगा में बहाने जा रहे हैं, क्योंकि गंगा मां हैं। जितना पवित्र हम गंगा को मानते हैं उतनी ही पवित्रता से हमने मेहनत कर इन मेडलों को हासिल किया था। ये मेडल सारे देश के लिए ही पवित्र हैं और पवित्र मेडल को रखने के लिए सही जगह गंगा मां ही हो सकती हैं। मेडल हमारी जान हैं, हमारी आत्मा हैं। इनके गंगा में बह जाने के बाद हमारे जीने का भी कोई मतलब नहीं रह जाएगा। इसलिए हम इंडिया गेट पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। आज शाम 6 बजे हम हरिद्वार में अपने मेडल गंगा में प्रवाहित कर देंगे।

पुलिस और पहलवानों के बीच हुआ भारी बवाल

बजंरग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक की अगुवाई में इंटरनेशनल इवेंट्स में तिरंगा लहराने वाले पहलवान 23 अप्रैल से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे। पहलवानों ने बीजेपी सांसद और कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शौषण के आरोप लगाए। फिर सुप्रीम कोर्ट के कहने पर पुलिस ने सांसद बृजभूषण के खिलाफ FIR दर्ज की। लेकिन जब कोई कार्यवाही नहीं हुई, तब पहलवानों ने 28 मई को जंतर-मंतर से नए बने संसद भवन तक मार्च करने का ऐलान किया था। इसके बाद पुलिस और पहलवानों के बीच भारी धक्का मुक्की हुई। भारी बवाल के बाद पुलिस ने जंतर-मंतर को खाली करा दिया।

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मानसून की चाल पहचानने में क्यों नाकामयाब हो रहे हैं वैदर एक्सपर्ट ?

भारत में मौसम लगातार करवट ले रहा है। कभी बारिश, कभी लू तो कभी ओलावृष्टि। पहाड़ों पर अप्रैल और मई में भी बर्फबारी हो रही है। ऐसा क्यों हो रहा है। क्या एक्सपर्ट मानसून की चाल को पहचानने में कहीं गच्चा खा रहे हैं? क्यों बदल रही है जलवायु। जलवायु को बदलने वाले जीवाश्म ईंधनों को एनर्जी के लिए जलाना और प्रदूषण मानसून को बदल रहा है। खेती पर मानसून का काफी असर पड़ता है।

भारत में तो यह कहा भी जाता है कि भारती कृषि मानसून का जुआ है। यानी जिस साल अच्छा मानसून रहता है उस साल किसान धन धान्य से भरपूर हो जाता है। लेकिन ये मौसम इस बार क्यों बदल रहा है। यूनाइटेड नेशन की इंटरगवर्नमेंटल पैनल फॉर क्लाइमेट चेंज यानी आईपीसीसी ने ध्यान दिलाया है कि भले ही क्लाइमेट चेंज के कारण एशिया में बारिश ज्यादा हो सकती है पर कई जगह जलवायु परवर्तन के कारण मानसून की चाल बदल गई है।

23 साल में 6 बार बनी सूखे की स्थिति

साल 2000 के बाद से अब तक छह बड़े सूखे की स्थिति आ चुकी है, लेकिन पूर्वानुमान लगाने वाले उनके बारे में जानकारी नहीं दे सके। ऐसे में किसान तो रूष्ट हुए ही हैं। एमपी के किसानों ने तो 2020 में यहां तक कह दिया था कि वे गलत पूर्वानुमान के कारण मौसम विभाग पर मुकदमा दायर करेंगे। वैसे मानसून की सही भविष्यवाणी के लिए सरकार ने सेटेलाइट, सुपर कम्प्यूटर और खास तरह के वेदर रडार स्टेशनों का नेटवर्क बनाया है। इन सबके नतीजे में मामूली बेहतरी ही आई है।

क्यों बदल रहा है मानसून अपनी चाल ?

मानसून में इस बदलाव को एरोसॉल के बढ़ने से जोड़ा जा रहा है। यह एक केमिकल है जिसके छोटे कण या बूंदें हवा में तैरती रहती हैं। यह इंसानी गतिविधियों के कारण बढ़ता है। फॉसिल्स फ्यूल्स को जलाना, धुआं, प्रदूषण ये सब एरोसॉल को बढ़ाते हैं। भारत लंबे समय से प्रदूषण से जूझ रहा है। इस कारण स्मॉग की चादर फिजा में फैल जाती है।

मुश्किल हो रहा मानसून का रहस्य सुलझाना

मानसून का रहस्य सुलझा पाना वैज्ञानिकों के लिए भी मुश्किल हो रहा है। मौसम का पूर्वानुमान बताने वाली एजेंसी ‘स्काईमेट’ के बारे में जानकारी देने वाली हाल के समय में भारत में मानसून की अवधि छोटी लेकिन तीव्र हो गई है। स्काईमेट के अनुसार मानसून कुछ इलाकों में बाढ़ तो कुछ इलाकों में सूखे की स्थिति पैदा कर रहा है।

अटका हुआ है आने वाला मानसून ?

इस बार के मानसून को ही लें, तो इस बार 4 दिन तक मानसून अंडमान निकोबार में ही अटका हुआ रहा है। भारत में पश्चिमी हवाओं के कारण गर्मी ‘गल’ गई है। गर्मी के मौसम में बारिश और आंधी से मध्य और उत्तरी व उत्तरी पश्चिमी भारत के राज्यों का तापमान गिर गया। हीटवेव खत्म हो गई। इन बदली परिस्थितियों के कारण न्यूनदाब नहीं बन पाया। क्योंकि मानसूनी हवाएं अधिक दाब से तेज गर्मी और उमस वाले न्यूनदाब के इलाके की ओर तेज गति से ‘मूव’ करती है। यही कारण है कि कई वैज्ञानिक गर्मी के मौसम में बारिश को सही नहीं मानते हैं।

read more : यूपी एमएलसी उपचुनाव में बीजेपी का दोनों सीटों पर कब्ज़ा, सपा के उमीदवार हारे

यूपी एमएलसी उपचुनाव में बीजेपी का दोनों सीटों पर कब्ज़ा, सपा के उमीदवार हारे

उत्तर प्रदेश में एमएलसी की दों सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। दोनों सीटों पर बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को हराया है। बीजेपी ने मानवेंद्र सिंह और पदमसेन चौधरी को अपना प्रत्याशी बनाया था और दोनों उम्मीदवारों ने सपा के प्रत्याशियों को पटखनी दी है। बीजेपी के उम्मीदवार पदमसेन चौधरी को 279 और सपा के रामकरन को 116 वोट मिले हैं। इसके साथ ही एक वोट खारिज हुआ है। वहीं दूसरी सीट पर बीजेपी के मानवेन्द्र सिंह को 280 और सपा के रामजतन को 116 वोट मिले हैं।

इन एमएलसी उपचुनाव में ओमप्रकाश राजभर और राजा भैया की पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को वोट किया है। वहीं कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने इन उपचुनाव से किनारा कर लिया था। इससे प्रदेश में नए राजनितिक समीकरण बनने के आसार बन रहे हैं। बता दें कि सिक्किम के राज्यपाल बनने के बाद 15 फरवरी को बीजेपी एमएलसी लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने इस्तीफा दिया था। वहीं बनवारी लाल दोहरे के निधन के बाद एक सीट खाली हुई थी। लक्ष्मण प्रसाद आचार्य का 30 जनवरी 2027 तक कार्यकाल था। 6 जुलाई 2028 तक बनवारी लाल दोहरे का कार्यकाल था।

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पंडित नेहरू जैसा रिकॉर्ड बनाने के लिए भाजपा ने बनाया त्रि-सूत्री गेम प्लान

केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने नौ साल पूरे कर लिए हैं और दसवें साल में प्रवेश कर लिया है लेकिन उसके सामने अब बड़ी चुनौतियां आ खड़ी हुई हैं। इस साल के अंत तक पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव और अगले साल लोकसभा के साथ-साथ छह राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में हार और विपक्षी दलों की एकता के बाद बीजेपी आगामी चुनावों के लिए चौकन्ना हो चुकी है और एक बात ये भी है कि भाजपा के शीर्ष नेता चाहते हैं कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की तरह पीएम मोदी भी लगातार तीसरी बार जीतकर बतौर प्रधानमंत्री तीसरा कार्यकाल पूरा करें। नेहरू 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक (कुल 16 साल 286 दिन) देश के प्रधानमंत्री थे। पार्टी नेतृत्व ने इसके लिए मोदी सरकार के 10वें साल का गेम प्लान तैयार कर लिया है। अभी हाल ही में सरकार के नौ साल पूरे होने पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि केंद्र में 26 मई, 2014 को पीएम पद की शपथ लेने के बाद से लेकर अब तक का उनका नौ साल का शासन ‘सेवा,सुशासन’ और गरीब कल्याण पर केंद्रित रहा है।

हैट्रिक की उम्मीद में भाजपा

इसी मौके पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने संकेत दिया है कि 17वीं लोकसभा के बाकी 10 महीनों और 2024 के आम चुनावों की अधिसूचना जारी होने तक पीएम मोदी सरकार गरीबों और महिलाओं के लिए योजनाएं लागू करने पर जोर देने के साथ आम लोगों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करेगी। पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निरंतर लोकप्रियता के आधार पर लगातार तीसरी बार लोकसभा चुनावों में जीत की उम्मीद लगाए हुए है।

भाजपा का क्या है गेम प्लान

भाजपा ने कांग्रेस के चुनावी जीत वाली रणनीति जिसे वह फ्रीबीज कहती रही है, उसकी काट के लिए त्रि-सूत्री फार्मूले पर काम कर रही है। भाजपा अपने पुराने दृष्टिकोण को अपनाते हुए हिन्दुत्व, राष्ट्रवाद और गवर्नेंस एवं वेलफेयर स्टेट का मोदी मॉडल फिर से लागू कर देशभर में कांग्रेस के खिलाफ चुनाव जीतना चाह रही है। हमें बड़ी तस्वीर पर ध्यान केंद्रित करना है। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली बहुमत की सरकार ने लोगों के जीवन में परिवर्तनकारी बदलाव लाया है और गरीबों का उत्थान किया है। यही बात हम जनमानस के बीच लेकर जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को नए संसद भवन के उद्घाटन के बाद एक बैठक में भाजपा के मुख्यमंत्रियों को भी यही मंत्र दिया है।

इसके अलावा भाजपा ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के उन चुनावी वादों की भी लिस्ट तैयार कर रखी है, जो अभी तक पूरे नहीं किए जा सके हैं। एक भाजपा नेता के मुताबिक कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में अभी तक बेरोजगारों को भत्ता देने का वादा पूरा नहीं किया है। इसके साथ ही भाजपा नेता इस बात को आम जन तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे कि कांग्रेस के मुफ्त वाले चुनावी वादे जमीन पर नहीं उतारे जा सकते क्योंकि इससे सरकारी खजाने पर भारी भरकम बोझ आ सकता है।

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साक्षी का कातिल साहिल हुआ गिरफ्तार, बुलंदशहर से दिल्ली पुलिस ने पकड़ा

राजधानी दिल्ली में नाबालिग साक्षी का कातिल साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने उसे यूपी के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। साहिल की गिरफ्तारी घटना के 18 घंटे बाद हुई है। वहीं इस मामले का राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी संज्ञान लिया है। बता दें कि इस आरोपी साहिल फ्रिज और एसी रिपेयरिंग का काम करता है। साहिल के पिता का नाम सरफराज है। साक्षी ने अभी 10वीं की परीक्षा पास की थी। उनकी मां किसी कंपनी में काम करती हैं और पिता मिस्त्री का काम करते हैं।

जानकारी के अनुसार, बाहरी उत्तरी जिले के शाहबाद डेयरी पुलिस थाना इलाके में यह वारदात हुई। आरोपी युवक की पहचान साहिल पुत्र सरफराज के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी मिली है कि आरोपी साहिल और लड़की के बीच कहासुनी होती है। इसके बाद आरोपी साहिल लड़की को गली में रोक लेता है। कुछ ही सेकंड बाद आरोपी साहिल लड़की पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला करना शुरू कर देता है।

आरोपी साहिल ने साक्षी को चाकू से गोदा

सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी साहिल लड़की को चाकू से लगातार गोद रहा है, गली में लोग उसके पास से आते-जाते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन किसी ने भी बीच बचाव करने की जहमत नहीं उठाई। आरोपी साहिल ने लगातार 30 से अधिक बार चाकू से वार किए। इसके बाद उसने कई बार पत्थर से मारा। इसके बाद मौके से भाग गया। घायल लड़की को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दिल्ली के शाहबाद डेयरी थाना क्षेत्र में एक 16 वर्षीय लड़की की उसके प्रेमी ने चाकू मारकर हत्या कर दी, आरोपी की पहचान 20 वर्षीय साहिल के रूप में हुई है। साहिल और मृतक के बीच संबंध थे लेकिन कल उनका झगड़ा हो गया। मृतक अपनी दोस्त के बेटे के जन्मदिन में शामिल होने के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे रोका, उस पर चाकू से कई बार वार किया और उसे पत्थर से भी मारा। पीएस शाहबाद डेयरी में आईपीसी की धारा 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने ट्वीट किया

घटना पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने ट्वीट किया कि दिल्ली के शाहबाद डेरी में एक नाबालिग मासूम गुड़िया को चाकू गोद-गोदकर मारा गया और उसके बाद पत्थर से उसे कुचल दिया गया। दिल्ली में दरिंदों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस को नोटिस जारी कर रहे हैं। सब हदें पार हो गई हैं। मैंने अपने इतने वर्षों के करियर में इससे ज़्यादा भयानक कुछ नहीं देखा।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा

सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को लेकर कहा कि दिल्ली में खुलेआम एक नाबालिग बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी जाती है। ये बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। अपराधी बेखौफ हो गए हैं, पुलिस का कोई डर ही नहीं है। एलजी साहब, कानून व्यवस्था आपकी जिम्मेदारी है, कुछ कीजिए। दिल्ली के लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

read more : कोर्ट ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर लिया संज्ञान, सिसोदिया समेत 4 आरोपियों को समन जारी

कोर्ट ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर लिया संज्ञान, सिसोदिया समेत 4 आरोपियों को समन जारी

दिल्ली सरकार के कथित शराब घोटाले में सीबीआई की तरफ से दायर की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट के मामले में 4 आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया गया है। कोर्ट ने मनीष सिसोदिया, अर्जुन पांडेय, बुच्ची बाबू और अमनदीप ढल के खिलाफ दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लिया। चारों आरोपियों को 2 जून के लिए समन जारी किया गया है। अमनदीप ढल और सिसोदिया फिलहाल जेल में हैं, इसलिए उनकी पेशी के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया जाएगा। दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में कई दौर की पूछताछ के बाद 26 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था।

सप्लीमेंट्री चार्जशीट में फोन वाली बात भी शामिल

सीबीआई ने सीआरपीसी 91 के नोटिस के तहत जब मनीष सिसोदिया से पूछताछ की थी। तो मनीष सिसोदिया ने माना था, उन्होंने दो मोबाइल फोन नष्ट किए जो 22 जुलाई 2022 तक उन्होंने इस्तेमाल किए थे। ये बात भी सीबीआई ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में मेंशन की है। सीबीआई की चार्जशीट में मनीष सिसोदिया, बुच्ची बाबू, अर्जुन पांडेय, अमनदीप ढल को आरोपी बनाया गया है।

2 जून तक न्यायिक हिरासत में मनीष सिसोदिया

आबकारी घोटाले से जुड़े सीबीआई के केस में सिसोदिया 2 जून तक न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने 25 अप्रैल को सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इसमें सिसोदिया सहित चार आरोपियों के नाम शामिल हैं। इससे पहले कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेने के मामले में अपना फैसला 27 मई तक सुरक्षित रख लिया था। चार्जशीट में सीबीआई ने सिसोदिया को घोटाले का मुख्य सूत्रधार बताया है। सीबीआई और ईडी दोनों के केस में सिसोदिया की राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। दोनों मामलों की सुनवाई विशेष सीबीआई जज एमके नागपाल के कोर्ट में चल रही है।

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