Monday, April 6, 2026
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करवाचौथ पर पत्‍नी का बेवफाई वार, जीजा संग हो गई फरार

करवाचौथ पर यूपी के मेरठ से एक अजीबोगरीब खबर सामने आ रही है जहां एक पत्‍नी, पति से त्‍योहार की शॉपिंग कराने के बाद अपने जीजा के साथ फरार हो गई। अब पति और बहन पुलिस से गुहार लगा रहे हैं। पति का कहना है कि यदि उसकी पत्‍नी तत्‍काल वापस नहीं आई तो वह उसे बददुआ देने के लिए व्रत रखेगा। महिला अपने साथ 16 महीने के बच्‍चे को भी ले गई है। एसएसपी के पास पहंचे पीड़ि‍त पति ने पुलिस से मांग की कि पत्‍नी नहीं मिलती तो कम से कम पुलिस बच्‍चे को वापस दिला दे।

पति की हालत हुई खराब

पति का कहना है कि उसकी शादी की शादी को चार साल हो गए हैं। पत्‍नी ऐसा कदम उठा लेगी यह उसने सपने में भी सोचा था। वो भी ये घटना करवाचौथ पर हुई है। इस घटना को लेकर परिवार के शुभचिंतक भी हैरान हैं। उधर, मेरठ पुलिस भी सोच रही है कि इस मामले में अब क्‍या कदम उठाए। पुलिस महिला और उसके साथ फरार जीजा का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है पति-पत्‍नी को आमने-सामने बिठाकर मामले का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

करवाचौथ से पहले ही पत्‍नी हुई फरार

बता दें कि अशोक नाम का एक शख्‍स अपनी पत्‍नी और बच्‍चे के साथ मेरठ के जानीपुर क्षेत्र में रहता है। करवाचौथ पर उसने अपनी पत्‍नी को शॉपिंग कराई। लेकिन करवाचौथ मनाने से पहले ही पत्‍नी अपने जीजा के साथ फरार हो गई। पत्‍नी के जीजा के साथ गायब होने के बाद पति की हालत खराब हो गई है। उसका आरोप है कि वह इस मामले को लेकर कई बार थाने पर गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इसके बाद वह एसएसपी के पास पहुंचा। पति ने कहा कि जीजा, उसकी पत्‍नी को बहलाफुसलाकर ले गया है। उसने कहा कि पुलिस किसी तरह बच्‍चे को वापस दिला दे। उसने कहा कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।

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दर्दनाक सड़क हादसा, स्कूल बस और वैन की टक्कर में चार छात्रों समेत पांच की मौत

उत्तर प्रदेश के बदायूं में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक सड़क दुर्घटना में 4 स्कूली बच्चों समेत 5 लोगों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, एक स्कूल वैन और बस की टक्कर में छात्रों और एक ड्राइवर की मौत हो गई। इस हादसे के बाद बच्चों के परिजनों का बुरा हाल है। उन्हें नहीं पता था कि सुबह उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल पढ़ने एक लिए भेजा था, अब उनका मृत शरीर ही वापस आएगा।

हादसे के बाद मौके पर पहुंची कई थानों की फ़ोर्स

स्थानीय लोगों ने बताया कि कस्बा म्याऊं स्थित एसआरपीएस स्कूल की वैन और सत्यदेव इंटर कॉलेज की बस गांवों से बच्चों को लेकर जा रही थी। नवीगंज के पास स्कूल बस और वैन की तेज टक्कर हो गई। हादसा होते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। जानकारी मिलते ही बच्चों के स्वजन भी पहुंच गए। घायल बच्चों को निकाल कर सड़क पर लिटा दिया गया, जिससे कई बच्चों की मृत्यु की सूचना फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में पहुंचाया। हालांकि इसके बाद पुलिस ने साफ़ किया कि इस हादसे में तीन ही बच्चों की मौत हुई है।

हादसे में बस चालक और चार छात्रों की मौत

इस हादसे के बाद पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि बदायूं जिले के थाना उसावां क्षेत्र में सोमवार को स्कूल बस और वैन की टक्कर हुई। हादसे में बस चालक और चार छात्रों की मौत हुई है। इसके साथ ही इस हादसे में 16 छात्र घायल भी हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल बच्चों के बेहतर उपचार के लिए चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं। वहीं, एक छात्र और भी गंभीर है। मामले की जांच हो रही है। इस भीषण हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। वहीं जिलाधिकारी और एसएसपी ने अस्पताल में जाकर घायल छात्रों का हाल जाना। बताया जा रहा है कि मृतक बच्चों में एक छात्र बस चालक का बेटा भी था।

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योगेश कादयान उम्र 19 साल बन गया खूंखार गैंगस्टर, जारी हुआ रेड कॉर्नर नोटिस

भारत में आजकल गैंगस्टरों के खूब चर्चे हैं। पिछले साल पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद से लॉरेन्स बिश्नोई और गोल्डी बराड़ एक बार फ्री से चर्चा में आ गए थे। इस हत्याकांड के बाद भारतीय जांच एजेंसियों ने इन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना शुरू कर दी। जिसके बाद कई गैंगस्टर तो अंडरग्राउंड हो गए लेकिन कुछ फर्जी पासपोर्ट के सहारे विदेश भागने में सफल रहे। इन्हीं में से एक है मात्र 19 साल का योगेश कादयान। योगेश कादियान की उम्र को देखते हुए अपराध की दुनिया में उसके कारनामे हैरान करने वाले हैं।

अमेरिका में छुपने की आशंका

योगेश कादयान के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि योगेश कादयान भारत से फरार होने के बाद अमेरिका चला गया और वह वहीं पनाह लिया हुआ है। बता दें कि योगेश हरियाणा के झज्जर का रहने वाला है और वह तमाम आधुनिक हथियार चलाने में माहिर है। जानकारी के मुताबिक हाल ही में एनआईए ने भारत में गैंगस्टरों पर ताबड़तोड़ छापे मारे हैं। इसके चलते कई गैंगस्टर या तो अंडरग्राउंड हो गए हैं या फिर देश ही छोड़कर भाग गए हैं। वही योगेश कादियान को लेकर जानकारी मिल रही है कि वह अवैध पासपोर्ट के सहारे भारत से भागकर अमेरिका में शरण लिए बैठा है। उसके अलावा ऐसे कई और गैंगस्टर हैं, जो अवैध पासपोर्ट पर ही भारत से बाहर भागे हैं।

कई मामलों में आरोपी है योगेश कादयान

इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी करते हुआ बताया कि योगेश के खिलाफ अपराधिक साजिश, हत्या के प्रयास, प्रतिबंधित हथियारों और गोल-बारूद के प्रयोग में मामले दर्ज हैं। एजेंसी ने उसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उसकी हाईट 1.72 मीटर है और वजन लगभग 70 किलो है। इसके साथ ही उसके बलों और आंखों का रंग भी काला है। इसके साथ ही उसके बाएं हाथ पर एक तिल भी है।

छोटी सी उम्र में बड़े हथियारों को चलाने में माहिर – योगेश कादयान

इंटरपोल की वेबसाइट के मुताबिक योगेश कादियान पर आपराधिक साजिश, हत्या के प्रयास, अपराधियों के समूह में साथ मिलकर घटनाओं को अंजाम देना और प्रतिबंधित हथियारों को रखने के आरोप हैं। छोटी सी उम्र में योगेश अत्याधुनिक हथियार चलाने में माहिर माना जाता है। हरियाणा का रहने वाला योगेश पंजाब की कुख्यात बंबीहा गैंग से भी ताल्लुक रखता है। वह गैंगवॉर की कई घटनाओं में शामिल रहा था। दिल्ली के डॉन के नाम से मशहूर नीरज बवाना से भी उसके ताल्लुक बताए जाते हैं।

बंबीहा गैंग से योगेश कादयान का कनेक्शन

बता दें कि बंबीहा गैंग और गोल्डी बराड़ की आपसी रंजिश के चलते ही पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। कई सालों से पंजाब से लेकर हरियाणा तक बंबीहा गैंग और गोल्डी बराड़ के बीच रंजिश रही है। इसके चलते गैंगवॉर की कई घटनाएं भी अंजाम दी जा चुकी हैं। इन गैंगों में ज्यादातर ऐसे गैंगस्टर हैं, जो कॉलेज या स्कूल लाइफ से ही जरायम की दुनिया में शामिल हो गए थे। लॉरेंस बिश्नोई भी ऐसा ही एक अपराधी है, जो कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही गैंगस्टर बना था।

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दक्षिण चीन सागर में तनातनी के बीच मिले चीनी और अमेरिकी विदेश मंत्री

चीन और अमेरिका में तनातनी बढ़ गई है। ताजा मामला दक्षिण चीन सागर का है। यहां चीनी फाइटर जेट अमेरिकी बमवर्षक विमान के इतने करीब आ गया कि अमेरिकी विमान टकराते टकराते बचा। अमेरिकी सेना ने इस बात की पुष्टि की है। दोनों देशों की तनातनी के बीच चीनी विदेश मंत्री वांग यी अमेरिका की यात्रा पर पहुंच गए। वहां उन्होंने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन और शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की।

तैयार होगा जिनपिंग और बाइडेन की बातचीत का खाका

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात भी की। उनके अमेरिका की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति जो बाइडन समेत कई अहम अमेरिकी नेताओं एवं अधिकारियों से मिलने की संभावना है। ऐसा माना जा रहा है कि यह यात्रा बाइडन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शिखर वार्ता का आधार बनकर अमेरिका और चीन के संबंधों को स्थिर करने में मददगार हो सकती है।

चीन के विदेश मंत्री को क्या सलाह देंगे अमेरिकी विदेश मंत्री ?

वांग यी ने अमेरिका पहुंचने के कुछ ही देर बाद ब्लिंकन से मुलाकात की। उन्होंने बंद कमरे में बैठक करने से पहले कहा कि चीन ‘संबंधों को यथाशीघ्र स्वस्थ, स्थिर और सतत विकास के पथ पर वापस लाने के लिए’ सर्वसम्मति बनाने और सहयोग प्राप्त करने की कोशिश करेगा। अमेरिकी अधिकारियों ने बैठक से पहले कहा कि वे वांग यी के समक्ष इस बात पर जोर देंगे कि अगर चीन एक प्रमुख जिम्मेदार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनना चाहता है तो वह वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका बढ़ाए।

इजराइल हमास जंग पर चीन की चुप्पी से निराश है अमेरिका

अमेरिका यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस को समर्थन देने और इजराइल-हमास युद्ध को लेकर चुप्पी साधने के कारण चीन से निराश है। इसके अलावा दुनिया के दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के बीच मानवाधिकार, जलवायु परिवर्तन, ताइवान, दक्षिण चीन सागर और उत्तर कोरिया जैसे मुद्दों को लेकर भी टकराव है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान पर चीन का काफी प्रभाव है। ईरान हमास का एक प्रमुख समर्थक है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने वांग यी और ब्लिंकन की बैठक के बाद कहा कि दोनों नेताओं ने ‘मतभेद के क्षेत्रों’ और ‘सहयोग के क्षेत्रों’ पर बात की। उसने कहा कि ब्लिंकन ने ‘दोहराया कि अमेरिका अपने और अपने सहयोगियों के हितों एवं मूल्यों के लिए खड़ा रहेगा।’ वांग के की ब्लिंकन के फिर से मुलाकात करने की संभावना है।

चीनी विदेश मंत्री का बाइडेन से मुलाकात पर असमंजस

इसके अलावा वह अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन से भी संभवत: मिलेंगे। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इन बैठकों में ब्लिंकन और सुलिवन चीन से इजराइल-हमास और रूस-यूक्रेन युद्धों में रचनात्मक भूमिका निभाने का आग्रह करेंगे। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या वांग बाइडन से मुलाकात करेंगे। ब्लिंकन ने जून में चीन की यात्रा के दौरान चिनफिंग से मुलाकात की थी, इसलिए ऐसी संभावना जताई जा रही है कि वांग यी भी बाइडन से मिलेंगे।

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हमास प्रशंसक अरब-इजराइली अभिनेत्री मैसा अब्देल हादी गिरफ्तार

इजराइल की पुलिस ने हमास के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाली प्रसिद्ध अरब-इजराइली अभिनेत्री मैसा अब्देल हादी को गिरफ्तार किया है। इस अभिनेत्री मैसा को नाजरेथ शहर में हिरासत में लिया गया। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई है।

इजराइल की पुलिस ने अभिनेत्री मैसा का नाम लिए बिना बयान में कहा कि नाजरेथ शहर की निवासी एक अभिनेत्री मैसा को आतंकवाद की प्रशंसा और घृणास्पद पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अभिनेत्री मैसा अब्देल हादी ने मुस्कुराने वाली इमोजी के साथ 85 वर्षीय बंधक याफा अदार की तस्वीरें पोस्ट करने के साथ हमास के समर्थन में पोस्ट किया था और साथ ही मेसा ने सोशल मीडिया पर इज़राइल और गाजा के बीच टूटी हुई सीमा बाड़ की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसका शीर्षक था “चलो बर्लिन शैली में।”

अभिनेत्री मैसा के इस व्यवहार पर अभिनेता ओफर शेखर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इन पोस्ट की निंदा करते हुए कहा कि-‘ मुझे आप पर शर्म आती है। अभिनेत्री मैसा अब्देल हादी आपको खुद पर शर्म आनी चाहिए। आप नाजरेथ में रहती हो। हमारे टीवी शो और फिल्मों में अभिनय करती हो। फिर भी हमारी पीठ में छुरा घोंपती हो।’

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पत्नी को बेटे का लाइव मर्डर दिखा किया सुसाइड, तलाक़ की जिद लुटी दुनिया

बिहार के बेतिया में युवक का उसकी पत्नी से तलाक देने को लेकर झगड़ा चल रहा था। गुस्से में उसने अपनी पत्नी को वीडियो कॉल किया। पहले पांच वर्षीय बेटे को फंदे से लटका कर मार दिया और उसके बाद खुद आत्महत्या कर ली। घटना लौरिया थाना क्षेत्र के कंधवलिया गांव की है। बताया जा रहा है कि पत्नी से तलाक का विवाद चल रहा था। पारिवारिक कलह के युवक परेशान था। इधर, घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची पुलिस मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

पत्नी करीब डेढ़ माह से अपने मायके में रहती थी

मरने वाले की पहचान अजीमुल्लाह (33) तथा उसके पांच वर्षीय पुत्र अयान के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि अजीमुल्ला गांव के चौक पर किराना दुकान चलाता था। उसे दो बेटी और एक बेटा है। पति-पत्नी के बीच विवाद में उसकी पत्नी करीब डेढ़ माह से अपने मायके में रह रही है। विवाद को लेकर दोनो के बीच तलाक देने का बात सामने आया था। इस वजह तीनों बच्चों को पालने और अपना व्यवसाय करने में भी अजीमुल्ला परेशान रहता था। इससे तंग आकर उसने बुधवार की शाम मकान के ऊपरी मंजिल पर एक कमरे में पहले अपने बेटे को फंदे से लटकाया। फिर खुद फंदे से लटक कर जान दे दी।

पत्नी को किया था वीडियो कॉल

इसके पहले वीडियो कॉल कर उसने अपनी पत्नी को यह बता दिया था कि बेटे को फंदे से लटकाने जा रहा हूं। इसके बाद मै भी फंदे से लटक कर जान दे दूंगा। इस तरह कुछ ही पल में दोनों की जान चली गई। इधर घटना की सूचना पर मृत अजीमुल्ला की पत्नी हरीरा अपने भाई तौसीफ के साथ दौडी भागी ससुराल पहुंची। फिर पति और बेटे का शव फंदे से उतरा गया। इसी बीच घटना की सूचना किसी ग्रामीण ने पुलिस को दी।

वहीं पुलिस ने दोनों की शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुरुवार सुबह बेतिया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेजी है। थानाध्यक्ष कैलाश कुमार ने बताया कि दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गाया है। घटना काफी दुखद है। मामले में जांच की जा रही है।

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बिजली उपभोक्ताओं को मिली राहत, अब खुद जनरेट करें सकेंगे बिल

यूपी पॉवर कॉरपोरेशन ने बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ‘कंज्यूमर ऐप’ लांच किया है। इससे बिजली उपभोक्ता को नया बिल जनरेट करने और बिल जमा करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही बिजली लोड बढ़ाने या घटाने, मोबाइल नंबर और पैन अपडेट करने की सुविधा भी मिलेगी। पावर कॉरपोरेशन अधिकारियों के मुताबिक अभी दो दर्जन से अधिक एप थे, जिससे उपभोक्ताओं को काफी दिक्कत होती थी। कंज्यूमर एप में सभी प्रकार की ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध है। पुराने सभी एप बंद कर दिए जाएंगे।

वाट्सएप से जुड़ जाएगा नया ऐप

पावर कॉरपोरेशन का ‘कंज्यूमर ऐप’ वाट्सएप से भी जोड़ा जाएगा। इससे बिजली बंदी, मीटर रीडिंग, विद्युत लोड संबंधी सभी जानकारियां उपभोक्ता को वाट्सएप के माध्यम से मिल सकेंगी। साथ ही पावर कॉरपोरेशन 1912, मीटर रीडिंग, बिल जमा करने के लिए बनाएं गए सभी मोबाइल एप को कंज्यूमर एप में जोड़ देगा। इससे बिजली उपभोक्ताओं को अलग-अलग एप रखने की जरूरत नहीं होगी। विद्युत अभियंता संघ के महासचिव जितेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि प्ले स्टोर से नया ऐप प्ले स्टोर से https://play.google.com/store/apps/details?id=com.pspl.consumer डाउनलोड करने के बाद उपभोक्ता के रजिस्टर मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आयेगा।

बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ऐप लांच

यूपी पॉवर कॉरपोरेशन निदेशक आईटी सर्वजीत घोष ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कंज्यूमर ऐप लांच किया गया है। इसमें बिजली बिल जनरेट करने और जमा करने सहित सभी सुविधाएं मिलेगी। साथ ही विद्युत लोड बढ़वाने की ऑनलाइन सेवाएं भी ले सकता है। कई तरह के ऐप पर उपभोक्ताओं को असुविधा होती थी। कंज्यूमर एप में सभी प्रकार की ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध है। पुराने सभी एप बंद कर दिए जाएंगे।

कंज्यूमर ऐप में ये सुविधाएं मिलेंगी

– बिजली बिल जनरेट करना
– बिल जमा करना
– विद्युत लोड बढ़वाना/घटाना
– बिजली चोरी की शिकायत
– बिजली सप्लाई की शिकायत
– विद्युत विच्छेदन
– गलत मीटर रीडिंग की शिकायत
– उपभोक्ता नाम बदल सकेंगे
– स्मार्ट मीटर की रीडिंग
– पिछले वर्षों की बिल पेमेंट की जानकारी

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सुनील जाखड़ को पंजाब का अध्यक्ष बनाकर फंसी भाजपा ? बगावत हुई तेज

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले पंजाब में अपनी जमीन मजबूत करने के इरादे से भाजपा ने एक बड़ा दांव खेला था। कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी में शामिल हुए सुनील जाखड़ को पंजाब का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। हालांकि, भाजपा का यह दांव उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। पार्टी में उनके खिलाफ विरोध के स्वर उठने लगे हैं। एक दिन पहले एक साथ आठ नेताओं के भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने से इस बात को बल मिल रहा है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी से आठ वरिष्ठ नेताओं का जाना बीजेपी के लिए बड़ा झटका है।

विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी के दामन थामने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री बलबीर सिद्धू, गुरप्रीत कांगड़, पूर्व विधायक राज कुमार वेरका, मोहिंदर रिणवा, हंस राज जोशन, जीत मोहिंदर सिद्धू , कमलजीत ढिल्लों, अमरीक सिंह ढिल्लों ने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। इन नेताओं ने पार्टी से जाते हुए पार्टी में भेदभाव और जात-पात का आरोप लगाया है।

कैप्टन अमरिंदर भी करेंगे घर वापसी ?

भाजपा छोड़कर जाने वाले ये 8 नेता पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खेमे के बताए जा रहे हैं तो क्या अब कैप्टन अमरिंदर भी घर वापसी करने वाले हैं। राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चाएं होने लगी हैं। पिछले महीने कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद अटकलें लगने लगी थी कि कैप्टन फिर से कांग्रेस में वापसी करने वाले हैं लेकिन इन सभी राजनीतिक अटकलों पर विराम लगाते हुए कैप्टन ने कहा था कि उन्होंने हमेशा के लिए मन बना लिया है वो भाजपा में ही रहने वाले हैं। वो भाजपा के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे।

सुनील जाखड़ को अध्यक्ष बनाने के बाद से ही शुरू हुई बगावत

सुनील जाखड़ को अध्यक्ष बनाने के बाद से पार्टी में बगावत नजर आई। बीजेपी के पूर्व विधायक अरुण नारंग ने नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी छोड़ दी थी।उन्होंने कहा कि अनुभवी लोगों को दरकिनार कर सुनील जाखड़ को क्यों पार्टी की कमान दी गई। पंजाब बीजेपी ने कुछ दिन पहले पंजाब में नई कार्यकारिणी गठित की थी। इसका भी विरोध हुआ। वरिष्ठ नेता सुखविंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि इस नई कार्यकारिणी में कुछ पार्टी नेताओं को छोड़कर कांग्रेस से आए लोगों को शामिल किया गया है। जो बाहर से आ रहे वो बीजेपी की सीट पर कब्जा कर रहे हैं।

आसान नहीं सुनील जाखड़ की राह

कांग्रेस से आकर भाजपा की कमान संभालने वाले जाखड़ के लिए पहले ही बहुत चुनौती थी और अब आठ नेताओं के पार्टी छोड़ने से ये और बढ़ गई है। 2024 की चुनौतियों को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले नेताओं को भी तवज्जो देनी होगी क्योंकि ग्रामीण और खास तौर से मालवा बेल्ट पर फोकस करना आवश्यक है। मालवा पंजाब का सबसे बड़ा राजनीतिक क्षेत्र है। यहां पर 67 विधानसभा क्षेत्र हैं।

अधिकतर सीएम मालवा से बने

पंजाब में जितने भी सीएम बने हैं, अधिकतर मालवा से ही रहे हैं। दो बार कैप्टन अमरिंदर सिंह, पांच बार प्रकाश सिंह बादल, बीबी राजिंदर कौर भट्ठल, हरचरण सिंह बराड़, चरणजीत सिंह चन्नी मालवा से लड़ते आए हैं। लिहाजा सत्ता की चाबी मालवा के हाथ है। सुनील जाखड़ भी मालवा से हैं। भाजपा ने सुनील जाखड़ को प्रधान बनाकर पंजाब में मालवा में अपना परचम लहराने की योजना बनाई थी लेकिन अब ये इतना आसान नहीं लग रहा और निश्चित रूप से भाजपा को नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।

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बिलकिस बानो केस के दोषी आखिर माफी के योग्य कैसे बने – सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो सामूहिक बलात्कार मामला और 2002 के गुजरात दंगों के दौरान उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के 11 दोषियों की समय पूर्व रिहाई को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि, बिलकिस बानो के दोषियों की समय से पहले रिहाई को चुनौती देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि आखिर ये दोषी माफी के योग्य कैसे बने।

दरअसल, पिछले साल गुजरात सरकार द्वारा रिहा किए गए 11 दोषियों को 2002 के गुजरात दंगों के दौरान हत्या के 14 मामलों और 3 सामूहिक रेप का दोषी पाया गया था। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम सजा में छूट की अवधारणा के खिलाफ नहीं हैं, क्योंकि कानून में इसे स्वीकार किया गया है। लेकिन यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि ये दोषी कैसे माफी के योग्य बने। सुप्रीम कोर्ट ने आगे पूछा कि उन दोषियों को बहुत दिनों की पैरोल का भी मौका मिला था। क्या ऐसे कैसे कुछ दोषियों को विशेषाधिकार दिया जा सकता है ?

सजा कम करने से संबंधित रिकॉर्ड जमा करे – सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, गुजरात को बिलकिस बानो मामले में दोषियों की सजा कम करने से संबंधित मूल रिकॉर्ड 16 अक्टूबर तक जमा करने का निर्देश दिया। बता दें कि पहले की सुनवाई के दौरान शीर्ष न्यायालय ने 20 सितंबर को विषय की सुनवाई करते हुए पूछा था कि क्या सजा की अवधि घटाने का अनुरोध करना दोषियों का मूल अधिकार है। पीठ ने 11 दोषियों की ओर से पेश हुए एक वकील से कहा था, ‘क्या सजा की अवधि घटाने की मांग करना एक मूल अधिकार है ? क्या याचिका, अनुच्छेद 32 (जो मूल अधिकारों का हनन होने पर नागरिकों के सीधे उच्चतम न्यायालय का रुख करने का अधिकार देती है) के दायरे में आएगी।

दोषियों की ओर से पेश वकील ने स्वीकार किया था कि सजा की अवधि घटाने का अनुरोध करना दोषियों का मूल अधिकार नहीं है। बता दें कि बिलकिस बानो उस वक्त 21 वर्ष की और पांच महीने की गर्भवती थी, जब साम्प्रदायिक दंगों के दौरान उसके साथ सामूहिक बलात्कार हुआ था। उसकी तीन वर्षीय बेटी परिवार के उन सात सदस्यों में शामिल थी, जिनकी दंगों के दौरान हत्या कर दी गई।

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बटला हाउस एनकाउंटर के दोषी आरिज खान को राहत, मौत की सजा उम्रकैद में बदली

बटला हाउस एनकाउंटर मामले में साकेत कोर्ट से मौत की सजा पाए आतंकी आरिज खान को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाई कोर्ट ने आरिज खान की फांसी की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया है। इस साल 18 अगस्त को दिल्ली पुलिस व दोषी की तरफ से दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आपको बताते चलें कि 2008 में हुए इस मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की गोली लगने से मौत हो गई थी। साल 2021 में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने बहुचर्चित बटला हाउस एनकाउंटर से जुड़े एक मामले में अपना फैसला सुनाया था।

मिली थी मौत की सजा

मार्च 2021 में दिल्ली की एक निचली अदालत ने बाटला हाउस के एनकाउंटर केस में आरिज खान को दोषी करार दिया था और मौत की सजा दी थी। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने आरिज खान पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था और इसमें से 10 लाख रुपये मृतक पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा के परिवार को तुरंत जारी करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में आरिज को दोषी ठहराते हुए कहा था कि यह बात साबित हो गई है कि आरिज व उसके सहयोगियों ने पुलिस अधिकारी की हत्या की थी। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने अगस्त महीने में मामले में दिल्ली पुलिस और आरिज के वकील की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

क्या था बाटला हाउस एनकाउंटर

देश की राजधानी दिल्ली में हुई सीरियल बम ब्लास्ट के बाद मामले की जांच करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल 19 सितंबर 2008 को जामिया इलाके के बाटला हाउस पहुंची थी। हालांकि, यहां पुलिस की आतंकियों से मुठभेड़ हुई जिसमें इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए। तब आरिज खान मौके से फरार हो गया था। हालांकि, पुलिस ने तलाश जारी रखी और साल 2018 में आरिज को गिरफ्तार कर लिया था। बता दें कि पुलिस ने आरिज को देश में प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का सदस्य बताया है।

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नॉर्थ ईस्‍ट ट्रेन के बेपटरी होने से पहले हुआ था धमाका, इन्होने सुनी थी आवाज

बिहार के बक्सर जिले के रघुनाथपुर स्टेशन के पास बड़ा रेल हादसा हो गया। यहां नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन की 21 बोगियां बेपटरी हो गई थीं। बोगियों के पटरी से उतरने के चलते घटनास्‍थल पर अफरातफरी मच गई। अब इस रेल हादसे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, डिरेलमेंट से पहले लोको पायलट और गेटमैन को धामके की तरह की जोरदार आवाज सुनाई दी थी। ऐसे में इस रेल दुर्घटना में बाहरी तत्‍व के संलिप्‍त होने की आशंका जताई जाने लगी है।

बिहार के दानापुर रेल मंडल के रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन के पास बधुवार रात 9.35 बजे ट्रेन नंबर 12506 नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई। ट्रेन की 21 बोगियां पटरी से उतर गई थीं। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना की सूचना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि घटना का कारण पता लगाने के लिए कमेटी गठित की जाएगी। अब घटना के कारण को लेकर लोकोपायलट और गेटमेन ने जोरदार आवाज आने की पुष्टि की है।

दो राज्यों से सामने आई थीं ऐसी घटनाएं

रघुनाथपुर रेल हादसे से पहले जोरदार आवाज सुनाई देने की बात सामने आई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दुर्घटना के पीछे कोई बाहरी तत्त्व भी हो सकता है। गौरतलब है कि, बीते दिनों रेलवे ट्रैक पर पत्थर और बोल्डर्स रखने की घटना सामने आयी थी। दो अलग- अलग राज्यों में शरारती तत्वों ने रेल की पटरी पर पत्थर और बोल्डर्श रख दिए थे। हालांकि दोनों ही घटनाओं में हादसा टल गया था।

हादसे से पहले जोरदार आवाज

रघुनाथपुर में हुए ट्रेन एक्सीडेंट मामले में एक खास बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि दुर्घटना से ठीक पहले जब ट्रेन ट्रैक से गुजर रही थी। इस दौरान बोगियों को डिरेल होने से पहले एक जोरदार आवाज सुनाई दी थी। लोकोपायलट और गेटमेन दोनों ने ही तेज आवाज आने की पुष्टि की है। इसके बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि दुर्घटना का पीछे कोई बाहर कारण हो सकता है।

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बीजेपी ने जारी की लिस्ट, जानें शिवराज और नरोत्तम समेत कौन कहां से लड़ेगा

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने लिस्ट जारी कर दी है। सीएम शिवराज सिंह चौहान बुधनी से चुनाव लड़ेंगे। वहीं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया से चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा ग्वालियर से प्रद्युमन सिंह तोमर, ग्वालियर ग्रामीण से भारत सिंह कुशवाहा, सागर से शैलेंद्र जैन, रीवा से राजेंद्र शुक्ला, जबलपुर छावनी से अशोक रोहाणी, सीहोर से सुदेश राय, देवास से गायत्रीराजे पवांर, इंदौर-2 से रमेश मेंदोला, इंदौर-4 से मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ को टिकट दिया गया है। उज्जैन दक्षिण से मोहन यादव, मंदसौर से यशपाल सिंह सिसोदिया बनाए गए हैं।

चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान

चुनावी युद्ध का बिगुल फूंका जा चुका है। 5 राज्यों में चुनाव के लिए तारीख तय कर दी गई है। जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं, उनमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम हैं। इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में 7 नवंबर और 17 नवंबर को वोटिंग होगी। मिजोरम में 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मध्य प्रदेश में 17 नवंबर, राजस्थान में 23 नवंबर जबकि तेलंगाना में 13 नवंबर को वोटिंग होगी। इन राज्यों के चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने बताया कि 5 दिसंबर से पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

बीजेपी की लिस्ट में 21 मंत्रियों के नाम

मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने जो लिस्ट जारी की है, उसमें 21 मंत्रियों के नाम हैं। गौरतलब है कि बीजेपी द्वारा अपने बड़े नेताओं को चुनाव में उतारे जाने पर कांग्रेस पहले ही उस पर निशाना साध चुकी है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी आने वाले चुनाव में अपनी हार को लेकर डरी हुई है, इसलिए अपने बड़े नेताओं को चुनाव में उतार रही है।

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कांग्रेस शासित राज्यों में करायेगे जाति जनगणना और आर्थिक सर्वे – राहुल गांधी

चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी में जाति जनगणना पर प्रस्ताव पास हुआ है। हम कांग्रेस शासित राज्यों में जाति जनगणना करवाएंगे। उन्होंने कहा कि हम बीजेपी पर दबाव डालेंगे। अगर ये नहीं होगा, तो उन्हें (बीजेपी) पीछे हटना होगा। कांग्रेस जाति जनगणना के साथ है। राहुल गांधी ने ये भी कहा कि कांग्रेस जाति जनगणना के काम को पूरा करके ही छोड़ेगी। उसके बाद आर्थिक सर्वे भी कराया जाएगा। मोदी सरकार जाति जनगणना कराए या फिर रास्ते से हटे।

बीजेपी के 10 में से केवल एक सीएम ओबीसी समुदाय से हैं – राहुल गांधी

राहुल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हम जो वादा करते हैं, उसे तोड़ते नहीं हैं। बीजेपी के 10 में से केवल एक सीएम ओबीसी समुदाय से हैं। पीएम मोदी ओबीसी के लिए काम नहीं करते हैं। कांग्रेस के 4 में से 3 सीएम ओबीसी समुदाय से हैं। जाति जनगणना से लोगों को बांटा नहीं जा रहा है। हिंदुस्तान के भविष्य के लिए जाति जनगणना जरूरी है। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाते हैं। गरीबों की जो हिस्सेदारी बनती है, वो उन्हें दी जाएगी। पीएम मोदी बताएं कि उन्होंने ओबीसी के लिए क्या किया ?

आज 2 हिंदुस्तान, एक अडानी वाला और दूसरा सबका – राहुल गांधी

राहुल ने कहा कि आज दो हिंदुस्तान बन रहे हैं एक अडानी वाला और दूसरा सबका। जाति जनगणना साफ दिखाएगी कि हिंदुस्तान में कितने और कौन लोग हैं। हमें यह पता लग जाएगा कि कितने लोग हैं और धन किसके हाथ में हैं। शायद इसमें हमारी भी गलती है जो कि हमने पहले ये काम नहीं किया। लेकिन हम इसे पूरा करके दिखाएंगे। वही कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक सरकार जाति जनगणना के लिए तैयार है।

read more : 5 राज्यों का हुआ चुनाव की तारीखों का ऐलान, 3 दिसंबर को होंगे नतीजे घोषित

5 राज्यों का हुआ चुनाव की तारीखों का ऐलान, 3 दिसंबर को होंगे नतीजे घोषित

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखें चुनाव आयोग ने घोषित कर दी हैं। आयोग ने बताया कि मध्य प्रदेश में एक ही चरण में 17 नवंबर को मतदान होंगे। राजस्थान में 23 नवंबर, छत्तीसगढ़ में दो चरणों में 7 नवंबर और 17 नवंबर को मतदान होंगे, तेलंगाना में एक ही चरण में सभी सीटों पर 30 नवंबर को मतदान होंगे और मिजोरम की सभी सीटों पर 7 नवंबर को वोटिंग होगी। सभी राज्यों के नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार, चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय, अरुण गोयल पीसी में मौजूद थे। पांच राज्यों में 679 विधानसभा सीटें हैं और 16.14 करोड़ वोटर हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, इनमें 8.2 करोड़ पुरुष वोटर, 7.8 करोड़ महिला वोटर और 60.2 लाख फर्स्ट टाइम वोटर हैं। ई सी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में 5.6 करोड़, राजस्थान में 5.25 करोड़, तेलंगाना में 3.17 करोड़, छत्तीसगढ़ में 2.03 करोड़ और मिजोरम में 8.52 लाख मतदाता हैं।

पांच राज्यों में बनाए जाएंगे 1.77 लाख पोलिंग स्टेशन

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि मतदान के लिए 1.77 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। प्रति पोलिंग स्टेशन पर 1500 मतदाताओं के मतदान की सुविधा होगी। मध्य प्रदेश में आदिवासियों के लिए आरक्षित वन क्षेत्रों में मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मिजोरम में मतदान दल 22 गैर मोटर पीएस और 19 मतदान केंद्रों पर उन्हें नाव से यात्रा करना होगा।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने किया पांच राज्यों का दौरा

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि ईसी अधिकारियों ने पांचों राज्यों का दौरा किया, राजनीतिक दलों, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से चर्चा की। ई सी आई ने कहा राजनीतिक दलों के सुझाव भी लिए गए। चुनाव आयोग ने बताया कि पांच राज्यों में पीडब्ल्यूडी वोटर 17.34 लाख, 80+ बुजुर्ग 24.7 लाख जिनको घर से वोट की सुविधा होगी। पांचों राज्यों में महिला वोटरों की संख्या बढ़ी है।

चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

राजनीतिक पार्टियों को अपनी वित्तीय रिपोर्टों देनी होगी और इसकी सुविधा के लिए ईसीआई निगरानी सिस्टम बनाया है। साथ ही, रिपोर्ट में देरी और दुरुपयोग पर भी नजर रखने कहा गया है। कुछ पार्टियों ने पहले ही अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन जमा करना शुरू कर दिया है। अवैध नकदी, शराब, मुफ्त वस्तुओं, ड्रग्स के किसी भी सीमा पार मूवमेंट्स की जांच के लिए पांच राज्यों में 940 से ज्यादा अंतर-राज्य सीमा जांच चौकियां बनाई जाएंगी।

read more : इस्राइल की मुश्किलें बढ़ीं, हमास के बाद अब लेबनान से हिजबुल्ला ने किया हमला

मध्य प्रदेश में कब मतदान और कब गिनती

मतदान – 17 नवंबर

मतगणना – 3 दिसंबर

राजस्थान में कब मतदान और कब गिनती

मतदान – 23 नवंबर

मतगणना – 3 दिसंबर

छत्तीसगढ़ में कब मतदान और कब गिनती

मतदान – 7 और 17 नवंबर

मतगणना – 3 दिसंबर

तेलंगाना में कब मतदान और कब गिनती

मतदान – 30 नवंबर

मतगणना – 3 दिसंबर

मिजोरम में कब मतदान और कब गिनती

मतदान – 7 नवंबर

मतगणना – 3 दिसंबर

इस्राइल की मुश्किलें बढ़ीं, हमास के बाद अब लेबनान से हिजबुल्ला ने किया हमला

इस्राइल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वह इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। पहले आतंकी संगठन हमास ने उस पर ताबड़तोड़ करीब 5,000 रॉकेट दाग दिए। वहीं, अब लेबनान के एक समूह हिजबुल्ला ने भी हमला कर दिया है। लेबनान ने इस्राइली इलाकों में मिसाइलें और मोर्टार से हमला किया है। लेबनान की तरफ से दागी गईं मिसाइलें माउंट दोव क्षेत्र में आकर गिरी हैं।

अभी तक इस हमले में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, इस्राइल के सुरक्षा बलों ने भी जवाबी हमला दिया है। उसने लेबनान में तोप से गोले दागे हैं। इस्राइली सेना ने का कहना है कि आईडीएफ इस तरह के हमले की संभावना को ध्यान में रखते हुए पहले से ही तैयारी कर रहा था। सैनिक लेबनान सीमा पर मौजूद हैं।

हिजबुल्ला ने उत्तरी इस्राइल में मोर्टार से किया हमला 

आतंकवादी समूह हिजबुल्ला ने उत्तरी इस्राइल में लेबनान से आज हुए मोर्टार हमले की जिम्मेदारी ली है। एक बयान में हिजबुल्ला ने कहा कि उसने माउंट डोव इलाके में तीन इस्राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस्राइली सेना ने किसी के घायल होने की सूचना नहीं दी और कहा कि उसने तोपखाने हमलों से जवाब दिया। सेना ने कहा कि उसने इलाके में हिजबुल्ला के बुनियादी ढांचे के खिलाफ ड्रोन हमला किया।

लेबनान-इस्राइल खुद को मानते हैं दुश्मन देश

लेबनान और इस्राइल दोनों एक-दूसरे को दुश्मन देश मानते हैं। दोनों के बीच हुए संघर्ष के बाद 2006 में एक शांति समझौता हुआ, जिसके बाद से ही शांति बनी रही है। मगर हाल के सालों में लेबनान की तरफ से छोटे-मोटे मिसाइल हमले इस्राइल की ओर किए जाते रहे हैं। इस्राइल भी इसका जवाब देता रहा है। अधिकतर हमलों के पीछे हिज्बुल्ला का हाथ होता है, जो लेबनान में काफी ज्यादा एक्टिव है। पश्चिमी मुल्कों ने हिजब्बुला को आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है।

शनिवार को हुआ हमला अब भी जारी

हमास ने गाजा से शनिवार की सुबह अचानक थोड़े-थोड़े अंतराल पर इस्राइली शहरों पर ताबड़तोड़ करीब 5,000 रॉकेट दागे। यही नहीं, हमास के बंदूकधारी इस्राइली शहरों में भी घुस गए और कुछ सैन्य वाहनों पर कब्जा कर हमले किए। कई इस्राइली सैनिकों को बंधक भी बना लिया है। इस्राइल और फिलीस्तीन के आतंकी संगठन हमास के बीच युद्ध में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को हमास की तरफ से अचानक किए गए हमलों में इस्राइल के 300 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। वहीं, इस्राइल की ओर से पलटवार में गाजा पट्टी से करीब 250 मौतों की बातें सामने आ रही हैं।

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जानें इजराइल से कितनी बार हो चुका है युद्ध, ‘हमास’ कैसे बना शक्तिशाली संगठन ?

इजराइल और फिलिस्तीन के चरमपंथी संगठन हमास में फिर से संघर्ष जारी है। बीते शनिवार, 7 अक्टूबर को हमास की ओर से इजराइल पर राॅकेट से हमला किया गया, जिसके जवाब में इजराइल ने युद्ध की घोषणा कर दी। इजराइल और फिलिस्तीन का विवाद नया नहीं है। दोनों के बीच विवाद 100 साल से अधिक पुराना है। आइए जानते हैं कि हमास फिलिस्तीन का सबसे शक्तिशाली संगठन कैसे बना और इजराइल और फिलिस्तीन में कितनी बार संघर्ष हो चुका है।

फिलिस्तीन और इजराइल के बीच लड़ाई का एक लंबा इतिहास है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 1980 के दशक में हमास चरमपंथी संगठन बना और मौजूदा समय में फिलिस्तीन का सबसे शक्तिशाली संगठन है। फिलीस्तीन के इस्लामिक संगठनों में यह सबसे बड़ा और प्रभाव शाली है।

क्या है हमास ?

हमास यानी की इस्लामिक रेजिस्टेंस मूवमेंट, इसकी स्थापन 1980 में शेख अहमद यासीन ने की थी। इजराइल के खिलाफ विद्रोह के लिए इसकी स्थापन की गई थी। 1988 में घोषणी की थी कि इसका स्थापना फिलिस्तीन को मुक्त कराने के लिए की गई है। हमास ने अब तक कई बार इजराइल पर हमला किया, जिनमे कई आत्मघाती हमले भी शामिल हैं।

गाजा पट्टी पर है हमास का कब्जा

हमास कितना शक्तिशाली है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने 2006 में गाजा पट्टी पर तख्तापटल किया और 2007 में गाजा पट्टी पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया। मौजूदा समय में गाजा पट्टी पर इसका ही शासन चलता है। यहीं से इजराइल पर हमला करता है। इजराइल इसे आंतकवादी संगठन मानता है, जबिक ब्राजील, चीन, मिस्र, ईरान, नॉर्वे, कतर और रूस सहित कई देश हमास को आतंकवादी संगठन नहीं मानते हैं।

50 दिनों तक चला था युद्ध

हमास और इजराइल के बीच कई बार युद्ध हो चुका है। 2014 में हुए युद्ध में करीब दो हजार से अधिक फिलिस्तीनी और लगभग 80 लोग इजराइल के मारे गए थे। यह संघर्ष 50 दिनों तक चला था। उसके बाद 2021 में इजराइल की सेना और फिलिस्तीन के बीच अल अक्सा मस्जिद में भी टकराव हुआ, जिसमें सैकड़ों फिलिस्तीनी मारे गए थे। इतना ही नहीं इजराइल और फिलिस्तीन में बीच 13 वर्षो में चार पर युद्ध हुआ।

2008-09, 2008-09, 2012, 2014 और 2021 में दोनों देशों के बीच संघर्ष हुआ। युद्ध की वजह के फिलिस्तीनियों का संघर्ष बढ़ता जा रहा है। वहां बेरोजगारी जैसे कई संकट भी मंडरा रहे हैं।

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क्‍या बालगृह से बाहर आएगा बालिग हो चुका अतीक का बेटा ? पुलिस खतरे का अंदेशा…

उमेश पाल हत्‍याकांड के बाद माफिया अतीक अहमद के दो नाबालिग बेटों को पुलिस ने बालगृह पहुंचा दिया था। अब इनमें से से एक बेटा बालिग हो चुका है। पांच अक्तूबर को उसका 18 वां जन्मदिन था। जाहिर है कि बालिग होने के बाद अहजम के बाल गृह से बाहर निकलने की उम्‍मीदें बढ़ गई हैं लेकिन इस बीच पुलिस को अंदेशा जताया है कि बाहर भेजने पर उसकी जान को खतरा हो सकता है। कहा जा रहा है कि बाल कल्‍याण समिति अतीक के बेटे को किसी को भी सौंपने से पहले उसकी सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित करेगी। यह देखा जाएगा कि जो लोग उसकी सुपुर्दगी ले रहे हैं वे उसे सुरक्षित रख पाएंगे या नहीं। इस बीच 10 अक्‍टूबर को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

बालिग बच्‍चों को बालगृह में नहीं रखा जाता

वैसे नियमों के मुताबिक 18 वर्ष से अधिक के बच्‍चों को बालगृह में नहीं रखा जा सकता। ऐसे में अतीक के बालिग हो चुके बेटे का वहां रहना भी मुश्किल है। वहीं अतीक की बहन शाहीन ने बालगृह में रह रहे अतीक के दोनों बेटों की कस्‍टडी के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। बताया जा रहा है कि एक स्‍वतंत्र वकील के जरिए दोनों का बयान भी दर्ज कराया जा चुका है। अब सभी पहलुओं पर गौर करते हुए बाल कल्‍याण समिति को इस बारे में सोचना है। या फिर 10 अक्‍टूबर को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से ही कोई दिशानिर्देश आ सकता है।

15 अप्रैल को हो गई थी अतीक-अशरफ की हत्‍या

बता दें कि 15 अप्रैल को माफिया अतीक अहमद और उसके छोटे भाई अशरफ अहमद की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी। यह वारदात दोनों को मेडिकल के लिए ले जाते समय हुई थी। अतीक की पत्‍नी शाइस्‍ता परवीन, उमेश पाल हत्‍याकांड के बाद से फरार है जबकि दो अन्‍य बेटे जेल में बंद हैं। अतीक के दो नाबालिग बेटों को पुलिस ने उमेश पाल हत्‍याकांड के बाद से ही बाल गृह में पहुंचा दिया था।

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आदिवासियों के घर पत्तलों में खाना खाकर उंगलियां चाटने लगे अखिलेश यादव

मध्य प्रदेश में चुनावी तैयारियां अपने अंतिम दौर में हैं। यहां मुख्य रूप से लड़ाई भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच में है। चुनाव आयोग किसी भी दिन चुनावों का ऐलान कर सकता है। इसके बाद राज्य में आदर्श आचार सहिंता लागू हो जाएगी। वहीं इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के प्रमुख अखिलेश यादव ने राज्य का दौरान बढ़ाकर सियासी पारा बाधा दिया है। अखिलेश यादव ने आज प्रदेश के छतरपुर में राजनगर विधानसभा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एक आदिवासी परिवार के यहां भोजन भी किया।

इस दौरान उन्हें जंगलों के पेड़ के पत्तों से बनी पत्तलों और कटोरियों में खाना परोसा गया। उनके साथ कई अन्य स्थानीय नेताओं ने भी भोजन किया। बताया जा रहा है कि एक चुनावी जनसभा के दौरान एक स्थानीय महिला ने अखिलेश यादव को अपने घर भोजन के लिए आमंत्रित किया, जिसके बाद सपा प्रमुख महिला के घर खाना खाने पहुंचे।

आदिवासियों की स्थिति का जायजा लेने आए- अखिलेश यादव

इस दौरान सपा प्रमुख ने कहा, “हम मध्य प्रदेश में स्थिति का जायजा लेने आए हैं। अगर आप गठबंधन में आए हैं तो आपको स्थिति का जायजा लेना होगा की प्रत्याशी जीतने में सक्षम है कि नहीं और अगर गठबंधन से लड़ें तो भाजपा को हरा पाएंगे या नहीं।” उन्होंने कहा कि प्रदेश के चुनाव में अभी समय है अत: सरकार आदिवासियों की स्थिति का जायजा लेने ले और उनके हित के लिए सभी सरकारी योजनाओं को लागू करे।

मध्य प्रदेश में महिलाएं असुरक्षित- अखिलेश यादव

वहीं उज्जैन में हुई शर्मनाक घटना पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “12 साल की बेटी के साथ जो घटना हुई वह दर्दनाक है। सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि इन्होंने पिछले 20 सालों में माताओं-बहनों की सुरक्षा के लिए क्या किया। इन्होंने कुछ काम नहीं किया इसलिए ऐसी घटनाएं हो रही हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के आंकड़े बताते हैं कि महिलाएं इन राज्यों में असुरक्षित हैं।

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उज्जैन का निर्भया कांड, पुलिस ने मुख्य आरोपी को लिया हिरासत में

उज्जैन में एक नाबालिक लड़की के साथ दिल्ली की निर्भया जैसी हुई दरिंदगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी एक ऑटो चालक को हिरासत में ले लिया है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में पुलिस रात 8 बजे तक खुलासा कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक बच्ची की 6 लोगों से अलग-अलग जगह मुलाकात हुई थी। इनमें से 4 ऑटो चालक और दो राहगीर थे। सू्त्रों के मुताबिक तीन ऑटो चालकों से पूछताछ के बाद एक चौथे ऑटो चालक तक पुलिस पहुंची।

इस ऑटो चालक ने पूरी घटना के बाद अपने ऑटो के अंदर के सबूतों से छेड़छाड़ की थी। उज्जैन के इस ऑटो चालक ने अपने ऑटो के नंबर प्लेट के साथ भी छेड़छाड़ की थी। उसका फोन भी पिछले 24 घंटे से स्विच ऑफ था। पुलिस ने जब इस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सच्चाई का खुलासा हो गया। पुलिस इस घटना के बारे में रात 8 बजे खुलासा कर सकती है।

उज्जैन में 12 साल की एक लड़की सोमवार को सड़क पर खून से लथपथ हालत में पाई गई और मेडिकल जांच में उसके साथ रेप किए जाने की पुष्टि हुई। एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है जिसमें ये पीड़ित बच्ची रेप के खून से सनी और अर्धनग्न हालत में दर-दर भटकती रही और मदद मांगती रही, लेकिन किसी ने उसे बचाने की जहमत नहीं उठाई और अपने-अपने दरवाजे भगा दिया।

उज्जैन पुलिस ने मुख्य आरोपी को लिया हिरासत में

नाबालिग लड़की पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की रहने वाली है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सचिन शर्मा ने कहा, “लगभग 12 साल की एक बच्ची सोमवार को उज्जैन के महाकाल पुलिस थाना क्षेत्र में एक सड़क पर खून से लथपथ पाई गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सा जांच में उसके साथ रेप की पुष्टि हुई है।’’ एसपी ने कहा कि चूंकि नाबालिग की हालत गंभीर है इसलिए उसे आगे के इलाज के लिए मंगलवार को इंदौर ले जाया गया। महाकाल थाने में मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी थी। अब पुलिस ने इस केस के मुख्य आरोपी ऑटो चालक को हिरासत में ले लिया है।

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क्लास रूम में पढ़ते-पढ़ते 8वीं की छात्रा को आया हार्ट अटैक, हुई मौत

छोटे बच्चों में दिल का दौरा पड़ना और मृत्यु होना यह चिंता का विषय बन गया है। इन मामलों में एक और नया मामला जुड़ गया है गुजरात के सूरत का। यहां के गोडादरा क्षेत्र के एक प्राइवेट स्कूल में कल कक्षा 8 में पढ़ने वाली 12 वर्षीय छात्रा क्लास में पढ़ाई के दौरान ही अचानक बेहोश हो गई और बैठे बैठे ही जमीन पर गिर गई। टीचर ने तुरंत प्रिंसिपल को सूचित किया और छात्रा को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल में इलाज मिलने के पहले ही उसकी मौत हो गई। छात्रा के बेहोश होने की पूरी घटना क्लासरूम में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई।

सूरत के गोडादरा इलाके की साईबाबा सोसायटी में रहने वाले साड़ी व्यापारी मुकेश भाई मेवाड़ा की 12 वर्षीय बेटी रिद्धि गोडादरा के गीतांजलि स्कूल में कक्षा 8वीं की छात्रा थी। रिद्धि बुधवार को चलती क्लास के दौरान अचानक बेहोश हो गई। यह दृश्य आंखो के सामने देख क्लास टीचर समेत क्लास में मौजूद छात्रों में अफरा तफरी मच गई। घटना से स्कूल स्टाफ भी सकते में आ गया।

फौरन रिद्धि को प्राइवेट अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत के बाद जहां एक ओर परिवार शोक में है, वहीं दूसरी ओर छात्रा की अचानक मौत से स्कूल स्टाफ भी चिंतित है। पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच कर रही है।

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अजरबैजान के गैस प्लांट में भीषण विस्फोट से 20 लोगों की मौत, 300 लोग हताहत

अजरबैजान के गैस प्लांट में ब्लास्ट की भीषण घटना हो गई है। इस विस्फोट में 20 लोगों की मौत होने की खबर है। नागोर्नो-काराबाख में अलगाववादी प्राधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि एक गैस केंद्र पर विस्फोट में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और करीब 300 लोग घायल हो गए हैं। पृथक क्षेत्र के स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि क्षेत्र की राजधानी स्टेपानाकर्ट के बाहरी इलाके में स्थित गैस केंद्र पर सोमवार देर रात को हुए विस्फोट के बाद 13 शव मिले हैं और घायल 7 लोगों ने दम तोड़ दिया है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि 290 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं विस्फोट के कारण कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। क्षेत्र में तीन दशक तक अलगाववादियों का शासन रहा। पिछले सप्ताह अजरबैजान की सेना द्वारा अभियान चलाकर क्षेत्र पर पूर्ण दावा करने के बीच हजारों की तादाद में नागोर्नो-काराबाख निवासी पलायन कर आर्मेनिया पहुंच रहे हैं। इसी बीच विस्फोट की यह घटना हुई।

हजारों लोगों ने शुरू किया पलायन

गौरतलब है कि अजरबैजान की सेना का नियंत्रण होने के बाद नागोर्नो-काराबाख से हजारों लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया है। अजरबैजान की सेना द्वारा नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के बाद हजारों आर्मेनियाई लोग वहां से पलायन करने पर मजबूर हो गए हैं। इस बीच, तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोआन अपने सहयोगी देश को समर्थन देने के लिए सोमवार को अजरबैजान का दौरा करने वाले हैं। अजरबैजान की सेना ने पिछले हफ्ते 24 घंटे के अभियान में आर्मेनियाई सेना को हरा दिया।

आखिर क्यों है अजरबैजान और आर्मेनिया में विवाद ?

अजरबैजान और आर्मेनिया, दोनों ही सोवियत संघ का हिस्सा हुआ करते थे। 1991 में सोवियत संघ के टूटने के बाद जो 15 नए देश बने, उनमें अजरबैजान और आर्मेनिया भी थे। हालांकि, दोनों के बीच 1980 के दशक से ही विवाद शुरू हो गया था। दोनों के बीच नागोर्नो-काराबाख इलाके को लेकर विवाद है। इलाके पर कब्जे को लेकर दोनों के बीच चार दशकों से विवाद रहा है। सोवियत संघ टूटने के बाद नागोर्नो-काराबाख अजरबैजान के पास चला गया। अजरबैजान मुस्लिम देश है, जबकि आर्मेनिया ईसाई बहुल राष्ट्र है।

अजरबैजान के साथ “पुन: एकीकरण” को लेकर बातचीत शुरू

इसके बाद अलगाववादी नेता हथियार डालने के लिए मजबूर हो गए। वे नागोर्नो-काराबाख के अजरबैजान के साथ “पुन: एकीकरण” को लेकर बातचीत शुरू करने के लिए भी सहमत हो गए हैं। नागोर्नो-काराबाख में तीन दशक से अलगाववादियों का शासन था। पिछले सप्ताह की शुरुआती बैठक के बाद अजरबैजान के अधिकारियों और अलगाववादी प्रतिनिधियों के बीच खोजाली में मंगलवार को दूसरे दौर की वार्ता शुरू हुई थी। अ

जरबैजान ने क्षेत्र में मूल आर्मेनियाई लोगों के अधिकारों का सम्मान करने की प्रतिबद्धता जताई है और 10 महीने की नाकाबंदी के बाद आपूर्ति बहाल करने का वादा किया है। लेकिन कई स्थानीय निवासियों को डर है कि उन्हें प्रतिशोध का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोग आर्मेनिया से बाहर जाने की तैयारी कर रहे हैं। आर्मेनियाई सरकार के अनुसार, सोमवार दोपहर तक नागोर्नो-काराबाख से 4,850 लोग पलायन कर गए हैं।

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दिल्ली में चोरों ने किया बड़ा कांड, ज्वेलरी शोरूम से 25 करोड़ के चुराए हीरे

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चोरों ने बड़ा हाथ साफ किया है। यहां जंगपुरा के ज्वेलरी शोरूम में चोरों ने सेंध लगाकर वारदात को अंजाम दे दिया। दिल्ली के भोगल इलाके में स्थित उमराव ज्वेलर्स के यहां हुई देर रात चोरी में चोरों ने 25 करोड़ के हीरे चुराए हैं। छत और दीवार में छेद करने के बाद चोर अदर पहुंचे। उन्होंने तसल्ली से इस चोरी को अंजाम दिया है। क्योंकि चोर सोने-चांदी के ज्यादातर कीमती सामान को उठाकर ले गए हैं।

शोरूम मालिक ने कहा है कि उन्होंने अभी पूरा हिसाब नहीं लगा पाया है कि कितना सामान गया है लेकिन, अंदाजन चोरों ने 20 से 25 करोड़ तक के जेवरात चोरी किए हैं। पुलिस शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है। जंगपुरा के जिस शोरूम में चोरों ने हीरे चुराए हैं, वह बाजार सोमवार को बंद रहता है। इसलिए रविवार को शोरूम बंद करने के बाद सीधे मंगलवार को ही वह खोला गया। जब शोरूप खुलने के बाद सामने का नजारा दिखा तो सभी के होश उड़ गए।

किसका है ज्वेलरी शोरूम ?

ये शोरूम उमराव सिंह और महावीर प्रसाद जैन का है। शोरूम मालिक का कहना है कि दुकान में हीरे और सोने के 20 से 25 करोड़ रुपये की ज्वेलरी थी। पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। चोरों ने दीवार का एक हिस्सा काटा था और उसी के जरिए इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया। इस घटना में शामिल चोरों की अब तक कोई पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस को शक है कि ये चोरी रविवार को हुई। फिलहाल निजामुद्दीन थाना पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई है। शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है।

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