Monday, April 6, 2026
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मुनव्वर फारूकी बने Bigg Boss 17 के विजेता , कॉन्ट्रोवर्सीज के बीच मारी बाज़ी

टीवी रियलिटी शो “बिग बॉस 17 ” के विनर का एलान हो चुका है। इस सीज़न में स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने ट्रॉफी अपने नाम की है। उन्हें शो की ट्रॉफी के साथ ही 50 लाख की प्राइज मनी और एक क्रेटा कार भी मिली है। फिनाले के बाद मुनव्वर ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश हूं । मुझे जो प्यार मिल रहा है वे मुझे बाहर आकर पता चला है। इस तरह के फैन्स नसीब वालों को मिलते हैं और मुनव्वर नसीब वाला है।

सीज़न के पांच फाइनलिस्ट

बिग बॉस के 17वें सीज़न में ग्रैंड फिनाले में पांच फाइनलिस्ट पहुंचे। मुनव्वर फारूकी, अंकिता लोखंडे, अभिषेक कुमार, मन्रारा चोपड़ा और अरुण माशेट्टी के बीच के मुकाबला था।आपको बता दें , मुनव्वर इस शो के विजेता बने। वहीँ अभिषेक रनर अप रहे , जबकि मनारा चोपड़ा तीसरे नंबर पर , अंकिता लोखंडे चौथे और अरुण माशेट्टी पांचवे पायदान पर रहे। रविवार , 28 जनवरी को “बिग बॉस 17 ” का ग्रैंड फिनाले हुआ। इस दौरान सभी एक्स कंटेस्टेंट शामिल हुए। इसके अलावा पाँचों फाइनलिस्ट की फैमिली भी मौजूद रही।

कौन हैं मुनव्वर फारूकी ?

मुनव्वर फारूकी एक स्टैंडअप कॉमेडियन हैं। मुनव्वर कंगना द्वारा होस्ट किए गए कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो ‘लॉकअप’ के भी विनर हैं। इसी शो से वे लाइमलाइट में आए। मुनव्वर आए दिन किसी ना किसी विवाद को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। बता दें , मुनव्वर ने बतौर स्टैंड अप कॉमेडियन भी अपने करियर को पंख दिए हैं। इसके साथ ही वह शेर भी लिखा करते है और म्यूजिक वीडियोस भी बनाते है। उनकी फैन फॉलोइंग काफी तगड़ी है।

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नौवीं बार CM बने नीतीश कुमार, जानते है नीतीश की नई कैबिनेट टीम

नीतीश कुमार नौवीं बार बिहार के सीएम बन गए है। उन्होंने रविवार शाम राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ आठ मंत्रियों ने भी शपथ ली। शपथ ग्रहण में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल रहे। जहां नीतीश कुमार सीएम हैं तो वहीं विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। नीतीश के साथ ही उनके कैबिनेट के 8 मंत्रियों ने भी शपथ ली है। जिसमें जदयू, भाजपा और हम के कोटे से मंत्री शामिल हैं।

नीतीश कुमार(मुख्यमंत्री),विजय सिन्हा (डिप्टी सीएम),सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम), विजय कुमार चौधरी, डॉ. प्रेम कुमार, ब्रिजेंद्र प्रसाद यादव, सुमित कुमार सिंह, संतोष कुमार, श्रवण कुमार

शपथ ग्रहण समारोह

पीएम ने दी नीतीश की नई कैबिनेट को बधाई

पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार के नए मंत्रिमंडल को दी सोशल मिडिया पर बधाई दी है। उन्होंने X पर लिखा कि, ‘बिहार में बनी एनडीए सरकार राज्य के विकास और यहां के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी ।@NitishKumar जी को मुख्यमंत्री और सम्राट चौधरी जी एवं विजय सिन्हा जी को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर मेरी बहुत-बहुत बधाई। मुझे विश्वास है कि यह टीम पूरे समर्पण भाव से राज्य के मेरे परिवारजनों की सेवा करेगी।’

जदयू का नेचुरल अलायंस एनडीए ही है – जे.पी. नड्डा

नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा पटना पहुंचे थे। शपथ के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार (जी) का एनडीए में आना हर्ष का विषय है। जदयू का नेचुरल अलायंस एनडीए ही है। इसके साथ ही अध्यक्ष नड्डा ने कहा, “कोई दो राय नहीं है कि वर्तमान परिस्थितियों में कानून व्यवस्था की स्थिति चरमरा रही थी। विधानसभा के चुनाव में भी एनडीए की सरकार बनेगी। पीएम के नेतृत्व में बिहार लोकसभा में स्वीप करेगा। ”

 बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा

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नीतीश कुमार ने छोड़ा CM पद, बिहार में BJP का क्या है नया दाव

बिहार में महागठबंधन सरकार टूट गई है। नीतीश कुमार ने रविवार सुबह राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को अपना त्याग पत्र सौंप दिया। वहीँ अब एनडीए गठबंधन वाली नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह रविवार शाम को होगा। अब राज्य में भाजपा के दो उपमुख्यमंत्री होंगे। बता दें कि डिप्टी सीएम पद के लिए बिहार भाजपा प्रमुख सम्राट चौधरी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय सिन्हा के नाम तय किए गए हैं।

नीतीश कुमार ने छोड़ा महागठबंधन 

बिहार में राजनीतिक उथल-पथल के बीच सीएम नीतीश कुमार ने महागठबंधन का दामन छोड़ दिया है। एक बार फिर से एनडीए में वापसी की है। बता दें बिहार की राजनीति में उलट-फेर करते हुए भाजपा ने इस बार बड़ा बदलाव किया है। पिछली बार बीजेपी ने पिछड़ी जाति से आने वाले तारकेश्वर प्रसाद और रेणु देवी को डिप्टी सीएम बनाया था। वहीँ इस बार भूमिहार समुदाय से आने वाले विजय सिन्हा और पिछड़ी जाति से आने वाले सम्राट चौधरी को डिप्टी सीएम बनाने की तैयारी की जा रही है।

कौन हैं सम्राट चौधरी ?

सम्राट चौधरी बीजेपी नेता है। सम्राट चौधरी ने 27 मार्च 2023 को औपचारिक रूप से बिहार के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पद ग्रहण किया। सम्राट बिहार परिषद में बीजेपी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। बता दें कि वह बिहार के एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से हैं। सम्राट चौधरी पहले लालू प्रसाद की राजद और नीतीश कुमार की जदयू दोनों से जुड़े रहे। चौधरी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पिछली एनडीए सरकार के दौरान पंचायती राज्यमंत्री के तौर पर भी कार्य किया।

कौन हैं विजय सिन्हा ?

बिहार में विजय सिन्हा नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम की शपथ लेने जा रहे हैं। सिन्हा बिहार की राजनीतिक में एक चर्चित चेहरे माने जाते है। इससे पहले वे नीतीश सरकार में मंत्री पद पर रह चुके हैं। दरअसल साल 2017 में जब नीतीश कुमार ने RJD छोड़कर जेडीयू ने बीजेपी के साथ सरकार बनाई। उस समय विजय सिन्हा को श्रम संसाधन मंत्री बनाया गया था। उन्हें बेगुसराय का प्रभारी मंत्री भी चुना गया ।

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नीतीश कुमार सीएम भाजपा से दो डिप्टी सीएम, बिहार में लागू हो सकता है पुराना फॉर्मूला

बिहार में नीतीश कुमार और लालू यादव को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि कभी भी दोनों की सियासी दोस्ती टूट सकती है। इस बात की जोरों से चर्चा हो रही है कि कभी भी एनडीए में भाजपा की वापसी का ऐलान हो सकता है। बिहार में तेजी से घट रहे सियासी घटनाक्रमों के बीच भाजपा नेतृत्व ने राज्य के प्रमुख नेताओं को दिल्ली बुलाकर उनके साथ विचार-विमर्श किया। गुरुवार देर रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी एवं राज्य के अन्य नेताओं के साथ मौजूदा घटनाक्रमों और भावी परिस्थितियों को लेकर चर्चा की। बैठक में बिहार भाजपा के प्रभारी महासचिव विनोद तावड़े और क्षेत्रीय संगठन मंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी भी मौजूद रहे।

एक बार फिर होंगे नीतीश कुमार एनडीए का हिस्सा

नीतीश कुमार एक बार फिर एनडीए का हिस्सा और साथ मुख्यमंत्री भी बनेगे। सरकार बनाने के बाद सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। मंत्रिमंडल में पुराने फॉर्मूले के तहत ही मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या तय होगी। यानी करीब 3-4 विधायकों पर एक मंत्री पद दिया जाएगा, जबकि लोकसभा में जेडीयू की लोकसभा सीटों की संख्या घटेगी।

नीतीश कुमार सीएम पद से समझौता नहीं कर सकते

जीतन राम मांझी ने कहा कि हम हमेशा से कहते रहे हैं कि जनवरी 20 से 30 तक बिहार की राजनीति में परिवर्तन का समय होगा। यही दिख भी रहा है कि कोई कहता है आज ही हो जाएगा, कोई कहता है कि कल हो जाएगा। कयास लगाए जा रहे हैं, परिवर्तन दिख रहा है। सीएम कौन होगा, ये अंदरूनी मामला है। सामान्यतः नीतीश कुमार सीएम पद से समझौता नहीं कर सकते हैं और ऐसा दिखता भी है।

अपमान की वजह से नीतीश कुमार छोड़ रहे कांग्रेस का साथ

भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने में बड़ी भूमिका निभाने वाले नीतीश कुमार संयोजक के पद की ओर देख रहे थे। अब मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि कांग्रेस की तरफ से हो रही टाल मटोल और विपक्षी गठबंधन INDIA की आखिरी बैठक में कथित अपमान के बाद वह भाजपा की ओर जाने पर विचार कर सकते हैं।

सुशील मोदी ने भी दिया बड़ा हिंट

भाजपा नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार और जेडीयू का जहां तक सवाल है, तो दरवाजा हमेशा बंद नहीं रहता, दरवाजा खुल भी जाता है। राजनीति में हमेशा दरवाजा बंद नहीं रखा जाता। राजनीति संभावनाओं का खेल है, हम पटना जा रहे है। नीतीश जी के बारे में फैसला आलाकमान करेगा।

नीतीश कुमार पर उपेंद्र कुशवाहा का तंज

उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार कि छवि को लेकर किए गए सवाल पर कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद जरूरत पड़ी, तो महागठबंधन में नीतीश नहीं चले जाएंगे इसकी क्या गारंटी है। राष्ट्रीय लोक जनता दल के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार में सियासी हलचल के बीच कहा कि नीतीश जहां हैं। वहां दम घुटन की स्थिति है। वहां से निकलना चाहते हैं अगर बीजेपी के साथ आते हैं तो लोकसभा चुनाव के बाद साथ रहेंगे या नहीं, ये भी बड़ा सवाल है। घोषणा का इंतजार करना चाहिए। नीतीश के लिए आने वाले समय में मुश्किलें आ सकती हैं, हमारे लिए कोई मुश्किल नहीं है।

क्या कुछ बोले मनोज झा ?

बिहार में सियासी उठापटक की अटकलों के बीच आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के बीच की केमिस्ट्री और कार्यशैली सराहनीय है। बीजेपी को आने वाले डिजास्टर का आभास हो रहा है, यही कारण है कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह को भव्य नजारा बनाने के बाद भी बिहार का ‘बहुजन’ समुदाय अभी भी बीजेपी पर भरोसा नहीं करता है। यही वजह है कि इमरजेंसी में बैठक बुलाई। आरजेडी और जेडीयू के बीच सब ठीक है।

सभी 40 सीटें जीतेंगे – ज्ञानेंद्र सिंह

बिहार में सियासी हलचल पर बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि परिवर्तन तय है। अब थोड़े समय की बात है, बीजेपी में कल पार्टी ने फैसला भी ले लिया है। नीतीश कुमार भी तैयार हैं, पीएम मोदी भी नीतीश कुमार को पसंद करते हैं। अगर नीतीश हमारे साथ आते हैं, तो एनडीए बिहार की सभी 40 सीटें जीतेगी।

आरजेडी का प्लान तैयार !

वही दूसरी तरफ तेजस्वी यादव को सीएम बनाने के लिए लालू यादव का कैंप एक्टिव हो चुका है, सूत्रों ने ये जानकारी दी है। नीतीश बीजेपी के साथ जा सकते हैं, इसलिए अब लालू कैंप एक्टिव हो चुका है। नीतीश कुमार को हटाकर महागठबंधन के 114 विधायक हैं। बहुमत के लिए 122 विधायक चाहिए। एआईएमआईएम के इकलौते विधायक और प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान, निर्दलीय विधायक सुमित सिंह (मंत्री) से संपर्क साधा जा सकता है। आरजेडी नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के असंतुष्टों से भी संपर्क कर सकती है।

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आईये जानते है कि कौन थे जननायक कर्पूरी ठाकुर जिन्हें मिलेगा भारत रत्न ?

भारत सरकार ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देने का ऐलान किया है। कर्पूरी ठाकुर को ‘जननायक’ भी कहा जाता था। वे दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह पिछड़े वर्गों के हितों को आवाज देनेवाले नेता माने जाते थे और साथ ही अपनी सादगी के लिए भी वे जाने जाते थे।

समस्तीपुर में हुआ कर्पूरी ठाकुर का जन्म

कर्पूरी ठाकुर का जन्म 24 जनवरी 1924 को समस्तीपुर में हुआ था। वे दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे और एक बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए बिहार में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का रास्ता साफ किया था। उन्होंने कभी खुद को अपने संकल्प से विचलित नहीं होने दिया। इसके लिए उन्हें अपनी सरकार की कुर्बानी भी देनी पड़ी। वो कर्पूरी ठाकुर ही थे जिन्होंने बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में अंग्रेजी की अनिवार्यता को भी खत्म किया था।

1940 में स्वतंत्रता आंदोलन में कर्पूरी ठाकुर कूद पड़े

समस्तीपुर के पितौझिया गांव में जन्मे कर्पूरी ठाकुर ने 1940 में पटना से मैट्रिक परीक्षा पास की थी। उस वक्त देश गुलाम था। मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद कर्पूरी ठाकुर आजादी के आंदोलन में कूद पड़े। उन्होंने समाजवाद का रास्ता चुना और आचार्य नरेंद्र देव के साथ समाजवादी आंदोलन से जुड़ गए। 1942 में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में हिस्सा लिया और उन्हें जेल भी जाना पड़ा।

पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने कर्पूरी ठाकुर

वे बिहार के पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री रहे हैं। पहली बार दिसंबर 1970 से जून 1971 तक वे मुख्यमंत्री रहे। वे सोशलिस्ट पार्टी और भारतीय क्रांति दल की सरकार में सीएम बने थे। सीएम बनने के बाद उन्होंने सरकारी नौकरियों में पिछड़ों को आरक्षण दिया था। वे दूसरी बार जनता पार्टी की सरकार में जून 1977 से अप्रैल 1979 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे।

1952 में जीता था पहला चुनाव, फिर कभी नहीं हारे

कर्पूरी ठाकुर ने 1952 में पहला विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद कभी भी वे विधानसभा चुनाव नहीं हारे। वे अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे। उन्होंने सामाजिक मुद्दों को अपने एजेंडे में आगे रखा। वे जनता के सवाल को सदन में मजबूती से उठाने के लिए जाने जाते थे। समाज के कमजोर तबकों पर होनेवाले जुल्म और अत्याचार की घटनाओं को लेकर कर्पूरी ठाकुर सरकार को भी कठघरे में खड़ा कर देते थे।

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राम मंदिर : रामलला के करने हैं दर्शन तो यहां जानें मंदिर के खुलने व बंद होने का समय

अयोध्या: आज अयोध्या में सुबह से ही रामलला के दर्शन के लिए राम भक्तों का तांता लगा हुआ है और ये भीड़ अभी भी कम होने का नाम नहीं ले रही है। जानकारी के मुताबिक, आज करीब 2.5 लाख से 3 लाख लोगों ने दोपहर तक दर्शन कर लिए थे और इतनी ही संख्या में लोग लाइनों में खड़े हैं। ऐसे में लोगों को मंदिर बंद होने व खुलने की जानकारी नहीं है, इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

राम मंदिर के खुलने व बंद होने का समय

रामलला के दर्शन के लिए राम मंदिर में रोज़ाना दर्शन का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक है। इसके बाद दोपहर 12 से 2 बजे तक मंदिर बंद रहता है, फिर दोपहर 2 से रात 8 बजे तक दर्शन के लिए मंदिर खुलते हैं। जानकारी के मुताबिक, आज भीड़ को देखते हुए दोपहर 12 बजे के बाद मात्र 40 मिनट ही मंदिर बंद हुआ। इसके बाद से ही रामलला के दर्शन शुरू हुए है।

कब होती है रामलला की आरती ?

रामलला की पूरे दिन में 3 बार आरती होती है, सुबह सुबह 6.30 से 7.00 बजे श्रृंगार आरती, इसके बाद 11.30 राजभोग आरती, फिर शाम 7.30 बजे शयन आरती होती है।

आज सुबह से हो रहे रामलला के दर्शन

मिली जानकारी के मुताबिक, दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच भगवान को भोग लगाया जाता है और फिर आरती होती है। फिर दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक भगवान राम के दर्शन के लिए मंदिर खुलते हैं। अगर आज की बात करें तो भीड़ अधिक होने के कारण राम मंदिर में सुबह 7 बजे ही रामलला के दर्शन शुरू हो गए और फिर दोपहर 12 बजे के भोग के लिए मंदिर 40 मिनट बंद हुआ, फिर श्रद्धालुओं के सामने आरती हुई तब से लगातार दर्शन चल रहे हैं।

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राम की जन्मभूमि अयोध्या रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए पूरी तरह तैयार

नई दिल्ली: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए पूरी तरह तैयार है। 22 जनवरी को पौष शुक्ल द्वादशी अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा। वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए 3,000 वीवीआईपी सहित 7,000 मेहमानो को आमंत्रित किया है।

रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा में आने वाले उद्योगपतियों की लिस्ट:

– मुकेश अंबानी

– गौतम अदाणी

– रतन टाटा

– कुमार मंगलम बिड़ला

– एन चंद्रशेखरन

– अनिल अग्रवाल

– एनआर नारायण मूर्ति

रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा में आने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट :

– सचिन तेंदुलकर

– विराट कोहली

– महेंद्र सिंह धोनी

– दीपिका कुमारी

रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा में आने वाली फिल्मी हस्तियां :

– अमिताभ बच्चन

– अक्षय कुमार

– अनुपम खेर

– माधुरी दिक्षित

– चिरंजीवी

– संजय लीला भंसाली

– मोहनलाल

– रजनीकांत

– धनुष

– रणदीप हुडा

– रणबीर कपूर

– अनुष्का शर्मा

– कंगना रनौत

– ऋषभ शेट्टी

– मधुर भंडारकर

– अजय देवगन

– जैकी श्रॉफ

– टाइगर श्रॉफ

– यश

– प्रभास

– आयुष्मान खुराना

– आलिया भट्ट

– सनी देओल

सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों को मिला प्राण-प्रतिष्ठा आमंत्रण

मंदिर ट्रस्ट की ओर से सुप्रीम कोर्ट के उन 5 जजों को आमंत्रण भेजा गया है। जिन्होंने राम मंदिर पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इसमें वर्तमान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल हैं।

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चंद्रमा पर पहुंचा जापान का अंतरिक्ष यान मून स्नाइपर, जापानी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा..

जापान का ‘मून स्नाइपर‘ चंद्रमा की सतह पर लैंड कर गया है। हालांकि जापानी अंतरिक्ष एजेंसी ने अभी तक वहां क्या वास्तविक स्थिति है, इसकी पुष्टि नहीं की है। जानकारी के अनुसार जापान की अंतरिक्ष एजेंसी ने जापान के स्थानीय समय के अनुसार शनिवार तड़के कहा कि उसका अंतरिक्ष यान चंद्रमा पर है, लेकिन अब भी ‘उसकी स्थिति की जांच‘ की जा रही है। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि और विवरण बाद में उपलब्ध कराया जाएगा।

सफल लैंडिंग को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

जैसे ही अंतरिक्ष यान नीचे उतरा, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के मिशन नियंत्रण केंद्र ने कहा कि सब कुछ योजना के अनुसार था और बाद में कहा गया कि एसएलआईएम चंद्रमा की सतह पर था। लैंडिंग सफल रही या नहीं हालांकि इसका कोई ज़िक्र नहीं था।

पांचवा देश बन सकता है जापान

चंद्रमा की जांच के लिए स्मार्ट लैंडर या एसएलआईएम, स्थानीय समय के अनुसार रात लगभग 12 बजकर 20 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर उतरा। अंतरिक्ष यान में कोई भी अंतरिक्ष यात्री सवार नहीं था। एसएलआईएम अगर सफलतापूर्वक उतर गया तो अमेरिका, रूस, चीन और भारत के बाद जापान यह उपलब्धि हासिल करने वाला पांचवां देश बन जाएगा।

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कार सेवकों पर गोली चलाना सही कदम – सपा नेता शिवपाल यादव

एक तरफ राम मंदिर के उद्घाटन का वक्त बेहद करीब आ चुका है तो दूसरी तरफ अब तक बयानबाजियों का सिलसिला नहीं थमा है। एक बार फिर यूपी की सियासत में कारसेवकों पर 1990 में हुई फायरिंग की घटना पर बहस छिड़ गई है। बीते दिनों सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी गोली चलाने की घटना को जायज बताया था। वहीं, अब समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता शिवपाल यादव ने भी इस मामले में अपनी राय सामने रखी है।

अखिलेश ने प्राण प्रतिष्ठा में जाने से किया इनकार

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा में जाने के इनकार कर दिया है। अखिलेश यादव ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को जानकारी देते हुए निमंत्रण के लिए धन्यवाद एवं समारोह के सकुशल संपन्न होने की हार्दिक शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा है कि वह प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद सपरिवार राम मंदिर में दर्शन के लिए आएंगे।

कारसेवको पर गोली चलाना जरूरी था – शिवपाल यादव

समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने अयोध्या में 1990 में कारसेवकों पर फायरिंग की घटना को सही ठहराया है। शिवपाल यादव ने कहा है कि लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन रखने के लिए ये जरूरी कदम था। बता दें कि अयोध्या में पुलिस की फायरिंग में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई कारसेवकों की मौत हो गई थी। तब यूपी में मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार थी।

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‘आगे कोई ऐसा कदम नहीं उठाए …’ पाकिस्तान ने ईरान पर किया अटैक

ईरान ने कुछ दिन पहले पाकिस्तान पर मिसाइल से अटैक किया । इसका पलटवार करते हुए पाकिस्तान ने ईरान पर हमला बोल दिया । इससे दोनों देशों के बीच दरार पड़ गयी है । इसके बाद अब पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि पाकिस्तान की ओर से ईरान में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया है। सूत्रों के मुताबिक, ‘पाकिस्तान ने ईरान से संयम बरतने का अनुरोध किया है| साथ ही आगे ऐसा कोई कदम नही उठाने की अपील की है । जिससे दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव और बढ़े|’

मिसाइल अटैक में मारे गए कई लोग

ईरान ने पाकिस्तान के मिसाइल स्ट्राइक की जानकारी देते हुए बताया कि इस एयर स्ट्राइक में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है। ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस हवाई हमले में तीन महिलाएं और चार बच्चों की मौत हो गई। यह मिसाइल हमला  ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के एक सीमावर्ती गांव पर हुआ।

बौखलाया पाकिस्तान, ईरान पर किया पलटवार

पाकिस्तान का दावा ईरान देता आतंकवादियों को आश्रय

पाकिस्तान का दावा है कि ईरान में मौजूद बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी और बलूचिस्तान लिबरेशन फोर्स जैसे बलूच अलगाववादी उग्रवादी लगातार पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। पाकिस्तान ने दावा किया है कि ईरान इन संगठनों को आश्रय देता है।

वहीँ , पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा, ‘आज तड़के पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में आतंकी ठिकानों पर लक्षित सैन्य हमले किए| खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई | जिसमें कई आतंकवादी मारे गए|

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रामलला के उत्सव के लिए इन राज्यों में जारी हुए निर्देश

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। इस अवसर पर यूपी समेत कई राज्यों ने अपने प्रदेश में सभी स्कूल और सरकारी कार्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया है। 22 जनवरी को अयोध्या में प्रधानमंत्री मोदी और देश की कई बड़ी हस्तियां , हर राज्य के साधू-संत भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। ऐसे में मौके पर सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने का आदेश दिया है।

22 जनवरी को इन राज्यों में छुट्टी 

रामलला प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को लेकर कई राज्यों में छुट्टी का ऐलान किया गया है। जिनमें उत्तर प्रदेश, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, और हरियाणा शामिल हैं।

यूपी में अवकाश

यूपी में सीएम योगी ने 22 जनवरी को सभी शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों में की छुट्टी घोषित की है। इस दिन को दिवाली की तरह ही उत्सव मनाने की अपील की है।

गोवा में भी छुट्टी

यूपी के ही तर्ज पर गोवा में भी सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई है। प्रदेश के सीएम प्रमोद सावंत ने आदेश जारी करते हुए कहा कि पूरे देश में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उत्साह है।उन्होंने आगे लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस खास दिन को दिवाली की तरह खुशी और उत्साह के साथ मनाएं। आपको बता दें , सीएम प्रमोद सावंत खुद 22 जनवरी को अयोध्या जा रहे है।

मध्य प्रदेश में भी अवकाश का ऐलान

मध्य प्रदेश में भी इस मौके पर सीएम मोहन यादव सीएम मोहन यादव ने आदेश दिया है कि इस दिन सभी सरकारी कार्यालय व स्कूल में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। वहीं, राज्य में शराब और मीट की दुकानों को बंद रखने का भी आदेश दिया है।

छत्तीसगढ़ में भी छुट्टी

छत्तीसगढ़ में भी प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सरकार ने बड़ी घोषणा कर दी है।अवसर पर सभी शासकीय और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि, छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है।

हरियाणा में भी रहेगी छुट्टी

हरियाणा में भी सभी स्कूलों को प्राण प्रतिष्ठा तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है | इस दिन पुरे राज्य में शराब की सप्लाई नहीं होगी। सरकार ने 22 जनवरी को पुरे राज्य में ड्राइ-डे घोषित किया है।

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रामलला पर मंडरा रहा खतरा , अयोध्या में अलर्ट जारी

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम जोरशोर से जारी है | 22 जनवरी को रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी |प्राण प्रतिष्ठा से पहले मंगलवार 16 जनवरी से अनुष्ठान शुरू कर दिए गए हैं | इस बीच खुफिया एजेंसियों ने अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन से पहले आतंकी हमले की साजिश को लेकर अलर्ट किया है | खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के अनुसार, फर्जी पास और सरकारी वर्दी का सहारा लेकर आतंकवादी साजिश को अंजाम दे सकते हैं |

आतंकवादियों की नई साजिश

एजेंसियों के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए, अयोध्या से 100 किलोमीटर के दायरे में सुल्तानपुर, बाराबंकी, और गोंडा तक शिकंजा कस दिया गया है।दिल्ली और आसपास के गेस्ट हाउस और होटल में पुलिस और खुफिया एजेंसिंयों की जांच लगातार चल रही है | सूत्रों के मुताबिक, भारतीय एजेंसियों की चौकसी को देखते हुए आतंकवादियों ने नई साजिश रची है, जिसमें आतंकवादी और उनसे जुड़े लोग अब तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं, जिससे वे आसानी से दिल्ली, अयोध्या, और आसपास के क्षेत्रों में प्रवेश कर सकते हैं।

एजेंसियों के अलर्ट में यह भी बताया गया है कि , आतंकवादी नकली पास , नकली सरकारी लेबल , किसी भी सैन्य पुलिस या स्थानीय पुलिस की नकली वर्दी का भी प्रयोग कर इन जगहों पर घुसने की कोशिश कर सकते हैं|इस साजिश का जवाब देने के लिए सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों की एक बैठक हुई|इस बैठक में तय किया गया है कि 22 जनवरी के दिन सुरक्षा कर्मियों को एक विशेष तरह का पास दिया जाएगा |आपको बता दें , सुरक्षा कर्मियों को यह विशेष पास ड्यूटी वाले दिन ही दीये जाएंगे, जिससे कोई उनकी नकल न कर सके| अयोध्या और दिल्ली में समारोह के पहले ही रूट वाले रास्तों के आसपास विशेष पूछ-ताछ केंद्र भी बनाए जाएंगे, जहां संदेहास्पद व्यक्तियों से पूछताछ की जा सकेगी। इन विशेष इंटेरोगेशन सेंटरों में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खुफिया अधिकारी भी उपस्थिति रहेंगे।

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राहुल गाँधी के बयान पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार !

जैसे जैसे लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है वैसे वैसे कांग्रेस नेता राहुल गाँधी जनता का रुझान अपनी तरफ करने में लगे हुए है। साल 2022 जब राहुल ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत जोड़ो यात्रा निकालकर इस बात का दावा किया था की कांग्रेस पार्टी बीजेपी को 2024 के लोकसभा में टक्कर देने के लिए बिलकुल तैयार होगी तो वही एक बार फिर से भारत जोड़ो न्याय यात्रा 14 जनवरी को निकाल चुके है। आपको बता दे की भारत जोड़ो न्याय यात्रा इस दौरान झारखंड में भी प्रवेश करेगी और 804 किलो मीटर की दूरी तय करेगी।

भारत जोड़ो यात्रा की कामयाबी राहुल गांधी के ही बोझ से दब गई - bharat jodo yatra achievements discarded by rahul gandhi congress opnm1 - AajTak

क्या कहा राहुल गाँधी ने ?

जारी रूट चार्ट के अनुसार यह यात्रा प्रदेश की उपराजधानी दुमका से भी गुजरेगी। इस दौरान राहुल गाँधी ने भी राम लला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बीजेपी पर तंज कसे है राहुल गाँधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अयोध्या में 22 जनवरी के राम लला के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ कार्यक्रम को राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया गया है और इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आरएसएस के इर्द-गिर्द केंद्रित कर दिया है।

Depty cm keshav prasad moury adress railly today | केशव प्रसाद मौर्य बोले इसलिए हैं दोबारा मोदी जरुरी, जनता ने कहा... | Patrika News

राहुल के बयान पर केशव प्रसाद मौर्य की जवाबदेही 

इसलिए ज्यादातर विपक्षी इस समारोह में शामिल होने से इंकार कर रहे है राहुल के इस बयान पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी प्रतिक्रिया दी है। केशव ने कहा है कि भगवान श्रीरामलला के जन्मस्थान पर विराजमान होने से कांग्रेस सरदार राहुल गांधी बौखला गए हैं ! भगवान उन्हें सदबुद्धि प्रदान करें! तीसरी बार मोदी सरकार! ख़ास बात ये है की जहा एक तरफ बीजेपी इतना भव्य आयोजन करवा के लोगो का रुझान अपनी तरफ करना चाह रही है तो वही कांग्रेस पार्टी भी बीजेपी को टक्कर देने के लिए इन दिनों ही अपनी यात्रा निकालकर जनता को एकजुट करने में लगी हुई है।

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राकेश टिकैत ने राम लला के निमंत्रण को लेकर बीजेपी से जताई नाराज़गी !

22 जनवरी को अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां खूब जोरो शोरो से चल रही है अब ऐसे में कई बीजेपी के विरोधियो को ये बात हज़म नहीं हो पा रही है की आखिर बीजेपी के सफल कार्य में जनता उनका साथ कैसे दे रही है। आपको बता दे की इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश विदेश में लोगो को निमंत्रण पत्र भेजे जा रहे है लेकिन ऐसे में विरोधी दलों क ये कहना है की पीएम मोदी हर किसी के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं रख रहे है। इसीलिए कुछ नेता मंत्री इस समरोह में शामिल नहीं होंगे।

Rakesh Tikait said that invitation has not been received yet for Pran Pratistha program to be held in Ayodhya In Ghaziabad | गाजियाबाद में राकेश टिकैत ने कहा- : नहीं मिला प्राण

निमंत्रण ना मिलने पर क्या बोले राकेश टिकैत 

ऐसे में किसान नेता राकेश टिकैत ने भी पीएम मोदी से नाराज़गी जताई है राकेश टिकैत ने कांग्रेस का बचाव करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है उन्होंने कहा है कि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का न्यौता बीजेपी के लोग बांट रहे हैं। बीजेपी के लोग इस पर सियासत कर रहे हैं, क्योंकि न्यौता देने का काम मंदिर ट्रस्ट की कमेटी का है। टिकैत के मुताबिक राकेश टिकैत के मुताबिक बीजेपी ऐसे लोगों को न्यौता दे रही है जो राम मंदिर के समारोह में जाना नहीं चाहते हैं।

निमंत्रण मिला तो 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जरुर जाऊंगा: राकेश टिकैत - if i get invitation i will definitely attend the life consecration ceremony-mobile

राकेश टिकैत ने क्यों जताई बीजेपी से नाराज़गी

वह खुद प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन उन्हें न्यौता नहीं दिया गया है, जबकि उनके परिवार ने अयोध्या में 300 सालों तक सेवा कार्य किए हैं। अगर उन्हें न्यौता दिया जाता तो लाखों की संख्या में देश के किसान भी बाद में दर्शन पूजन के लिए अयोध्या जाते। उन्होंने कहा है कि वह पहले भी भगवान राम के दर्शन करने अयोध्या गए थे और प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद फिर से जाएंगे। राकेश टिकैत ने कहा देश में और भी मुद्दे है जैसे बेरोजगारी महंगाई उन मुद्दों पर ध्यान न देकर बीजेपी राम के नाम पर सियासत करती है।

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मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने उठाये राम मंदिर पर सवाल……..

अयोध्या में राम लला की प्राणप्रतिष्ठा को लेकर 22 जनवरी के दिन भव्य आयोजन कराया जायेगा। जिसके लिए ना सिर्फ अयोध्या वासी बल्कि पूरा देश उत्साह में शामिल होने के लिए तैयार है। 2020 में जब राम मंदिर की नीव राखी गयी थी, तबसे लेकर अब तक इतने लम्बे सफर के बाद 22 जनवरी को राम लला की मूर्ति स्थापित हो जाएगी। अब ऐसे में राजनीती में खलबली मची हुई है। कुछ धुर विरोधी पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कह रहे है कि पीएम मोदी सभी धर्मो को एक सामान नहीं मानते है उन्ही में से है ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी जिन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए अपनी ही छवि ख़राब कर ली है।

Ayodhya Ram temple to be based on 30-year-old VHP model, trust to decide construction date

अयोध्या में जो हो रहा वो क्रूरता पर आधारित – मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी

दरसल शनिवार (13 जनवरी) को जारी एक बयान में मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी सवाल खड़ा किया उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के लेटर हेड पर जारी अपने बयान में कहा है, “अयोध्या में जो हो रहा है वह सरासर क्रूरता पर आधारित है। कोर्ट ने कानून से अलग बहुसंख्यक संप्रदाय के एक वर्ग की ऐसी आस्था के आधार पर यह फैसला दिया है जिसका उल्लेख हिंदू भाइयों के पवित्र ग्रंथों में नहीं है। यह निश्चित रूप से देश के लोकतंत्र पर एक बड़ा हमला है।

L&T, other companies offer to construct Ram temple in Ayodhya, says VHP | Mint

मुसलमानों के दिलों को ठेस पहुंची – मौलाना रहमानी

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने मुसलमानों के दिलों को ठेस पहुंचाई है। मौलाना रहमानी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार एक मस्जिद की जगह पर राम मंदिर का निर्माण हो रहा‌ है, जहां सैकड़ों वर्षों से नमाज अदा की जाती रही है। उसमें सरकार और मंत्रियों की विशेष रुचि और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन न्याय और धर्मनिरपेक्षता की हत्या है। राजनीतिक उद्देश्यों के लिए देशभर में इसका प्रचार अल्पसंख्यकों के घावों पर नमक छिड़कना है। इसलिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सरकार के इस गैर-धर्मनिरपेक्ष और अलोकतांत्रिक रवैये की कड़ी निंदा करता है।

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इटली के फोटोग्राफर की इस खूबसूरत तस्वीर ने नासा को भी डाला हैरत में…….

रोम: एक इटालियन फोटोग्राफर ने चांद की ऐसी तस्वीर खींची कि अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी नासा का भी ध्यान उसकी ओर आकर्षित हो गया। विदेशी मीडिया के मुताबिक, इटली के ट्यूरिन के फोटोग्राफर का जिनका नाम वेलेरियो मिनाटो है, इन्होने चाँद की फोटो खीची है।

यहां तक ​​कि नासा भी वेलेरियो मिनाटो के इस कौशल से आश्चर्यचकित हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फोटोग्राफर ने इटली और फ्रांस के बीच पर्वत श्रृंखला कोटियन आल्प्स के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट विसो के शीर्ष से चंद्रमा की यह फोटो खींची है। सोशल मीडिया पर घूम रही इस तस्वीर में चांद पहाड़ की चोटी से निकल रहा है, जो देखने में बेहद खूबसूरत है।

आपको बता दे कि फोटोग्राफर वेलेरियो मिनाटो ने यह फोटो ने पिछले महीने 15 दिसंबर को ली थी, जिसने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का ध्यान खींचा और इसे उस दिन की सर्वश्रेष्ठ खगोल विज्ञान फोटो घोषित किया गया। फोटोग्राफर वेलेरियो मिनाटो ने इस फोटो को अपने सोशल अकाउंट पर भी शेयर किया और इसकी वजह भी बताई है। यह फोटो इसलिए खास है क्योंकि इसे सिनेरिया चंद्रमा कहा जाता है।

फोटोग्राफर वेलेरियो मिनाटो ने कहा कि चाँद चक्र के पहले और आखिरी चरण के दौरान, सूरज की रोशनी चाँद की सतह को रोशन करती है। क्योंकि यह पृथ्वी से चंद्रमा पर गिरती है। सोशल मीडिया यूजर्स चांद की इस फोटो की जमकर तारीफ कर रहे हैं और फोटोग्राफर वेलेरियो मिनाटो के हुनर ​​की जमकर तारीफ भी कर रहे हैं।

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मध्य प्रदेश पुलिस की लापरवाही या पुलिस कर्मी को छुपाने की कोशिश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। सीएम मोहन यादव के शहडोल पहुंचने से पहले उनकी सुरक्षा में एक बड़ी चूक हुई। एक अज्ञात व्यक्ति शराब पीकर नशे की हालत में पुलिस की वर्दी पहने सुरक्षा जवानों के बीच घुस गया और उनके बीच ही खड़ा रहा। वह दोपहर 12 बजे के आसपास उस प्वाइंट के पास जा पहुंचा, जहां से सीएम मोहन यादव को पॉलिटेक्निक मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रवेश करना था। उस युवक ने वहां मौजूद लड़कियों के साथ भी बदतमीजी की।

मध्य प्रदेश सीएम की सुरक्षा में फर्जी पुलिस

एमपी के मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिस के बीच एक युवक वर्दी पहनकर शामिल हो गया। जिस गेट से सीएम यादव को प्रवेश करना था, उसी गेट से कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाली लड़कियां प्रवेश कर रही थीं। उसी दौरान वह नशे की हालत में उनके बीच घुस गया और बात करने लगा।

अधिकारीयों की लापरवाही

कार्यक्रम में आए मीडियाकर्मियों ने पूछा की उक्त अज्ञात पुलिसकर्मी नशे की हालत में कैसे लड़कियों से बात कर रहा है, तभी वह भागने लगा। आश्चर्यजनक यह है कि अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में वह निकलकर भागने लगा, लेकिन किसी भी पुलिसकर्मी ने उसे नहीं पकड़ा।
इधर, गेट के प्रभारी टीआई रघुवंशी ने बताया कि वह कौन था, उसकी हमें जानकारी नहीं है। मेरी टीम में 9 लोग हैं, उनमें वो शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि वह कौन था उसका पता लगवाया जाएगा ।

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समंदर पर बने देश का सबसे लम्बे पुल अटल सेतु का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समंदर पर बने देश के सबसे लंबे पुल अटल सेतु का उद्घाटन कर दिया है। यह पुल मुंबई और नवी मुंबई को बीच सफर को आसान बनाएगा। लोगों को लंबे जाम से छुटकारा मिलेगा साथ ही इस पुल से घंटों का सफर अब मिनटों में पूरा किया जा सकेगा। यह पुल 21.8 किमी लंबा है। करीब 16 किमी का हिस्सा समंदर पर बना है जबकि साढ़े पांच किमी का हिस्सा जमीन पर बना है। अटल सेतु पर यात्रा करने वालों को सिर्फ 250 रुपए का टोल देना पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2016 में इस पुल का शिलान्यास किया था और अब अपना वादा निभाते हुए प्रधानमंत्री मोदी देश के सबसे बड़े समुद्री पुल का उद्घाटन किया हैं।

जानें कितना लंबा है ये अटल सेतु ?

प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण शहरी परिवहन बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करके नागरिकों की ‘आवाजाही में आसानी’ में सुधार करना है। इस दृष्टिकोण के अनुरूप, मुंबई ट्रांसहार्बर लिंक (MTHL), जिसे अब ‘अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु’ नाम दिया गया है। दिसंबर 2016 में प्रधान मंत्री द्वारा पुल की आधारशिला रखी गई थी। यह 21.8 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला पुल है, जिसकी लंबाई समुद्र के ऊपर 16.5 किलोमीटर और जमीन पर लगभग 5.5 किलोमीटर है।

अटल सेतु से आसान होगा सफर

यह मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे मुंबई से पुणे, गोवा और दक्षिण भारत की यात्रा का समय भी कम हो जाएगा। इससे मुंबई बंदरगाह और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह के बीच कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा। एक अधिकारी ने बताया कि एक यात्री कार से एक तरफ का टोल 250 रुपये लिया जाएगा, जबकि वापसी यात्रा के साथ-साथ दैनिक और लगातार यात्रियों के लिए शुल्क अलग होगा।

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गाजियाबाद का नाम बदले जाने का प्रस्ताव बहुमत से पास, इन नामो की रही चर्चा

गाजियाबाद का नाम बदले जाने का प्रस्ताव आज नगर निगम की बैठक में बहुमत से पास हो गया है। अब इस प्रस्ताव को राज्य सरकार को भेजा जाएगा। राज्य सरकार की मुहर लगने के बाद गाजियाबाद का नाम बदल जाएगा। गाजियाबाद का नया नाम क्या होगा यह राज्य सरकार तय करेगी। बता दें कि गाजियाबाद का नाम गजनगर या हरनंदी नगर रखे जाने की चर्चा चल रही है।

वही गाजियाबाद नगर निगम की बैठक में नाम बदलने का प्रस्ताव पारित होते ही सदन में जय श्री राम, वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे गूंजने लगे। जानकारी के मुताबिक केवल दो पार्षदों ने गाजियाबाद के नाम को बदलने के प्रस्ताव का विरोध किया। अब गाजियाबाद के नाम को बदलने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा। गाजियाबाद का नया नाम भी राज्य सरकार ही तय करेगी।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के साथ ही शहर और अन्य स्थानों के नाम बदलने का सिलसिला शुरू हो गया था। इलाहाबाद शहर का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया। फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या किया गया।

वहीं उत्तर प्रदेश में रेलवे स्टेशनों के नाम भी बदले गए। मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन किया गया। झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन किया गया था।

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रिश्ते हुए तार तार, समस्तीपुर में एक कलयुगी पिता ने की दरिंदगी की सारी हदे पार !

इस कलियुग के समय में ना पिता बेटी का सागा रहा ना बेटी बाप की सगी रही, यू तो सोशल मीडिया पर कई तरह के अनसुने सच देखने को मिलते है। जिसमे रिश्तो को तार तार कर देने वाली घटना सामने आती है। कुछ वैसी ही एक और हदो को पार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। आपको बता दे कि खानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से जहा एक कलयुगी पिता ने अपनी सगी बेटी के साथ दरिंदगी की सारी हदे पार करते हुए रेप कर डाला। जिसके बाद बच्ची की माँ को ये कहकर डराया गया है, कि अगर उसने ये जानकारी पुलिस तक पहुंचाई। तो बच्ची के साथ उस माँ का भी वही हश्र होगा।

Samastipur Father Misdeed With 6 Year Old Daughter and Killed Her Two Accused Arrested ANN Samastipur News: समस्तीपुर में पिता ने 6 साल की बेटी से किया रेप, हत्या कर शव फेंका, आरोपित समेत दो गिरफ्तार

दरिंदगी की हदे पार कर देने वाली घटना

आपको बता दे की बीते 3 जनवरी को एक बच्ची के पिता ने उसका रेप कर दिया बच्ची की उम्र करीबन 6 साल थी इस पूरी घटना के बाद गुरुवार (11 जनवरी) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एएसपी संजय कुमार पांडेय ने बताया की तीन जनवरी की रात महिला अपने चार बच्चों के साथ घर के अंदर सोई हुई थी। उसका पति भी उसी कमरे में खाट पर सोया था। अचानक महिला की छह साल की बेटी जोर से चिल्लाई तो मां की नींद खुल गई।

16 साल तक बाप ने किया रेप, बेटी ने लड़की को दिया जन्म - father raped his daughter from 16 years in maharashtra - AajTak

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने लिया फैसला

इसके बाद महिला अपने पति से झगड़ा करने लगी। इस पर पति ने मारपीट कर बेहोश कर दिया। सुबह उठकर अपनी पुत्री और पति को महिला ने खोजा लेकिन दोनों में से कोई नहीं मिला। जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई कि महिला का पति पांच जनवरी को घर आया। उसके बाद फिर महिला ने अपने पति से पुत्री के बारे में पूछा तो उसने कहा कि रेप करने के बाद हत्या कर दी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

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अयोध्या को पुराना वैभव मिलना हर भारतीय के लिए गौरव की अनुभूति : स्वाती सिंह

पूरी दुनिया में अयोध्या इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। 22 जनवरी 2024 की तारीख का रामभक्त बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 500 साल के लंबे इंतजार के बाद 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगी। भारत के इतिहास में 22 जनवरी 2024 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। अयोध्या न केवल देश के सबसे बड़े आध्यात्मिक स्थल के रूप में विकसित होगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बनेगी।

अयोध्या का हर दौर रहा बेहद खास

कुछ वर्षों पहले तक जो अयोध्या उपेक्षित थी, जहां विकास का दूर—दूर तक नाता नहीं था, आज उसका स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। देखा जाए तो राम मंदिर निर्माण एक साथ कई तरह की सौगात लेकर आया है। ये सिर्फ धार्मिक लिहाज से श्रद्धालुओं के लिए भावुक और गर्व की अनुभूति नहीं है, बल्कि विकास के नजरिए से भी बेहद महत्वपूर्ण है। आज राम नगरी में विश्वस्तरीय सुविधाओं की मौजूदगी ये बताती है कि रामनगरी को उसका पुराना वैभव वापस मिला है। वहीं ये तो शुरुआत है, आने वाले दिनों में नव्य अयोध्या की तस्वीर पूरी दुनिया को हैरत में डालने वाली होगी।

अयोध्या को पौराणिक मान्यता से लेकर इतिहास के नजरिए से देखा जाए तो हर दौर में ये बेहद खास रही। कौशल राज्य की राजधानी साकेत अर्थात जो स्वर्ग के सामान हो। इसी साकेत को आगे चलकर अयोध्या नाम मिला। जो ‘अ योध्य’ है अर्थात जिसे कभी पराजित, परास्त नहीं किया जा सकता। अयोध्या के इतिहास में वात्सल्य, राग, करुणा, श्रद्धा, द्वेश, श्रृंगार, विध्वंस और निर्माण समाहित है। अयोध्या का अस्तित्व अति प्राचीन है। किसी भी कालखंड़ का इतिहास टटोलने पर अयोध्या का किसी न किसी नाम, रूप में वर्णन मिल जाता है।

500 साल के युद्ध का परिणाम – स्वाती सिंह

युग बदले, सदियां बदली, इतिहास बदलता रहा। कुछ नहीं बदला तो अयोध्या का अस्तित्व। अयोध्या नगरी राम से भी प्राचीन है। अयोध्या कई बार बनी, मिटी सजी और संवरी। सतयुग में मनु के मन में अयोध्या बसी। त्रेता में अयोध्या ने महाराज दशरथ का स्वर्णिम युग और भागवान राम का राम राज्य देखा। फिर उन्मादी बर्बरता की गवाह भी बनी। अयोध्या ने अनेक युद्ध देखे हैं। भूमि पर अस्त्र—शस्त्रों से लड़े जाने वाले भी और अन्तस में चलने वाले भयंकर महायुद्ध भी। लेकिन 1528 में एक आक्रांता के आक्रमण से अयोध्या की आत्मा, राम के नगर, भारत की सांस्कृतिक पहचान, राम के जन्म स्थान पर प्रहार हुआ था। तब भी अयोध्या हारी नहीं।

1528 से 2020 तक अयोध्या के पूरे 492 सालों के इतिहास में कई मोड़ आए। इसमें 9 नवंबर 2019 का दिन बेहद खास रहा, जब सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया।25 मार्च, 2020 को पूरे 28 साल बाद रामलला टेंट से निकलकर फाइबर मंदिर में शिफ्ट हुए और इसके बाद 5 अगस्त को भूमि पूजन किया गया।आखिरकार , वह इंतजार अब 22 जनवरी 2024 को रामलला के भव्य मंदिर में गर्भगृह में विराजमान होने के साथ खत्म होने जा रहा है ।

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भारत और अफगानिस्तान सीरीज में मैदान पर उतरेगी टीम इंडिया की नई ओपनिंग जोड़ी

टीम इंडिया अफगानिस्तान के खिलाफ 11 जनवरी से तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलने जा रही है। इस सीरीज के पहले मुकाबले के लिए टीम इंडिया मोहाली में जमकर मेहनत कर रही है। यह मैच मोहाली के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन आईएस बिंद्रा स्टेडियम में खेला जाएगा। आपको बता दें कि यह सीरीज टीम इंडिया रोहित शर्मा की कप्तानी में खेलेगी। रोहित शर्मा के अलावा विराट कोहली भी टीम इंडिया के स्क्वाड में 14 महीनों के बाद वापसी कर रहे हैं। इस दोनों के वापसी के साथ ही टीम इंडिया की प्लेइंग 11 को लेकर काफी ज्यादा चर्चा हो रही है। वहीं यह भी बातें की जा रही है कि भला कौन सी जोड़ी इस सीरीज के दौरान ओपन करती नजर आएगी। अब टीम इंडिया के हेड कोच ने इसे लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है।

जीतते ही सभी कप्तानों को छोड़ देंगे पीछे

रोहित शर्मा टी20 फॉर्मेट में भारत के सबसे सफल कप्तान बनने के भी करीब हैं। अगर रोहित अफगानिस्तान को 3-0 से हराने में कामयाब रहते हैं तो वह भारत के सबसे सफल टी20 कप्तान बन जाएंगे। ये रिकॉर्ड फिलहाल एमएस धोनी के नाम है। एमएस धोनी ने 72 मैचों में से 41 मैच जीते थे। वहीं, इस सीरीज को क्लीन स्वीप करते ही वह टी20 में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा मैच जीतने के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी कर लेंगे। अगर वह टी20 वर्ल्ड कप में भी कप्तानी करते हैं तो उनके पास इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ने को मौका भी होगा।

टीम इंडिया को मिलेगी नई ओपनिंग जोड़ी

अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाले टी20 सीरीज से पहले एक बड़ा अपडेट सामने आया है। जहां राहुल द्रविड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कौन दो खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए इस सीरीज के दौरान ओपन करेंगे। राहुल द्रविड़ ने कहा कि रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल इस सीरीज के दौरान ओपन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यशस्वी जायसवाल ने पिछले कुछ समय से काफी इंप्रेस किया है।

पहली बार ओपन करेंगे दोनों खिलाड़ी

टी20 वर्ल्ड कप 2022 के बाद से रोहित शर्मा ने टीम इंडिया के लिए टी20 मुकाबला नहीं खेला है। वहीं यशस्वी जायसवाल ने साल 2023 में अपना पहला टी20 मैच टीम इंडिया के लिए खेला। ऐसे में इन दोनों खिलाड़ियों ने अभी तक इस फॉर्मेट साथ ओपन नहीं किया है। हालांकि टेस्ट में रोहित और जायसवाल साथ ओपन कर चुके हैं और इन दोनों की जोड़ी काफी हिट भी रही थी। टी20 फॉर्मेट में दोनों खिलाड़ी पहली बार साथ ओपन करेंगे। फैंस को उम्मीद होगी कि यह नई जोड़ी टीम इंडिया के लिए इस फॉर्मेट में भी हिट रहेगी। वहीं विराट कोहली सीरीज के पहले मुकाबले में नहीं खेल सकेंगे। ऐसे में शुभमन गिल तीन नंबर पर पहला मैच खेलते नजर आ सकते हैं।

पहली बार होगी भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 मैचों की सीरीज

भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 5 टी20 मुकाबले ही हुए हैं। लेकिन आपसी सीरीज के लिए पहली बार ये दोनों आमने सामने होने जा रहे हैं। इनमें से चार में टीम इंडिया ने जीत दर्ज की है, वहीं एक मैच जो एशियन गेम्स में खेला गया था, वो बराबरी पर खत्म हुआ था, क्योंकि बारिश हो गई थी। इन सभी मुकाबलों में दोनों टीमों की ओर से सबसे ज्यादा रन इन्हीं तीन बल्लेबाजों ने बनाए हैं। इसके बाद नंबर चार पर नाम आता है अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी का, जिनके बल्ले से चार मैचों में 73 रन आए हैं। देखना होगा कि जब पहले मुकाबले में 11 जनवरी को मोहाली में इन दोनों टीमों के बीच टक्कर होगी तो कौन सी टीम बाजी मारती है।

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