Saturday, April 11, 2026
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दो समुदाय में झड़प , चली गोलियाँ, पेट्रोल बम

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद दो समुदाय के बीच माहौल खराब हो गया। हिंसा में अब तक कई लोग घायल हो गए हैं।

पुलिस द्वारा कुछ स्थानीय लोगों पर लाठीचार्ज करने के बाद यतीमखाना परेड चौराहे के पास हिंसा भड़क गई। बाजार बंद कराने को लेकर यह सारा मामला बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि हालात काबू में हैं, लेकिन स्थिति दंगे जैसी रही। दो समुदायों के बीच पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। वहीं, पुलिस पर पथराव के अलावा दंगाइयों ने पुलिस पर पेट्रोल बम भी फेके हैं।

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कुछ स्थानीय लोगों द्वारा जबरदस्ती दुकानों को बंद करने की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया कि पैगंबर मोहम्मद को लेकर जुलूस निकाला जा रहा था , जहां इसके तुरंत बाद, संघर्ष छिड़ गया। हालांकि शुरुआत में ही स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया था, लेकिन थोड़ी देर बाद हिंसा फिर से शुरू हो गई और कुछ लोगो द्वारा गोली चलने और पेट्रोल बम फेंकने की भी सूचना मिली। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है।

क्या था पूरा मामला

दरअसल, बीजेपी प्रवक्‍ता नुपुर शर्मा द्वारा टीवी डिबेट में दिया गया एक बयान विवाद की वजह बना। इसके विरोध में शुक्रवार को मुस्लिम संगठन ने बाजार बंद का ऐलान किया था। परेड चौराहे पर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने बीजेपी प्रवक्ता के विरोध में दुकानों को बंद कराया, जिसके बाद विवाद पैदा हुआ। जुमे की नमाज के बाद भीड़ इकट्ठा थी और वे फिर एक साथ परेड पर निकल गए। आगे बढ़ते हुए जैसे ही भीड़ चंद्रेश्वर हाते के पास पहुंची, तो दूसरे पक्ष ने विरोध करना शुरू कर दिया। इसी दौरान देखते ही देखते दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया।

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फिर पुलिस को सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंची, लेकिन शुरुआत में ज्यादा कुछ नहीं किया। इस दौरान कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। जहां पुलिस फिर यतीमखाना चौराहा इलाके की गलियों में दंगाइयों की पहचान करने गई। वहां पुलिस पर छतों से पथराव हुआ। एक पक्ष द्वारा गोली भी चलाई गई।
आपको बता दें कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व सीएम योगी तीनों ही कानपुर देहात में हैं।

सुहागरात पर दूल्हे की जगह चुपके से आया दोस्त, राज खुला तो…

नई दिल्ली : सिंगापुर में 2016 में रिश्तों को तार-तार करने वाली एक घटना हुई। करीबी दोस्त की शादी में पहुंचे एक शख्स ने दोस्त की दुल्हन से छेड़छाड़ की थी। अब सात साल बाद आरोपी को मामले में दोषी पाया गया है। हालांकि, यह जंग आसान नहीं थी। आरोपी ने खुद को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का पूरा जोर लगाया था।

वहीं, इस घटना के बाद पीड़ित महिला का पति के साथ तलाक हो गया। 2016 में दुल्हन और उसके पति ने शादी की रस्मों के बाद अपने ब्राइडल सुइट में एक पार्टी रखी थी। इस पार्टी में दोषी भी पहुंचा था। इस दौरान सभी ने जमकर शराब पी थी। पीड़िता की उम्र अब 39 और दोषी शख्स की 42 साल हो चुकी है।

 महिला ने सुनाई आपबीती

पीड़िता ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि शादी की थकावट के बाद वह अपने बेडरूम में सोने चली गई थी। महिला ने बताया कि नींद में ही अचानक उसे लगा कि कोई उसकी छाती और प्राइवेट पार्ट को छू रहा है। यह सुबह छह बजे के आसपास हुआ। महिला ने कहा कि अंधेरे की वजह से मुझे लगा कि वह मेरे पति हैं। मैंने उस शख्स को अपना पति समझकर नहाने के लिए कहा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

इस बीच छेड़छाड़ होती रही। महिला का कहना है कि मुझे इस बीच एहसास हुआ कि यह मेरे पति नहीं है। मैंने उस शख्स की जींस को छुआ, जींस का वह टैक्सचर नहीं था, जो मेरे पति ने पहनी थी। उन्होंने बताया कि कमरे में अंधेरा होने की वजह से मैं उसका चेहरा नहीं देख सकी। जब मैंने उस शख्स से पूछा कि वह कौन है, कोई जवाब नहीं मिला। महिला का कहना है कि इसके बाद वह बेडरूम से बाहर चली गई। महिला को बाहर आकर पता चला कि उसके पति सुइट के लीविंग रूम में सो रहे हैं। इसके बाद महिला ने पति को नींद से उठाकर पूरी घटना बताई।

 शख्स ने छेड़छाड़ की बात कबूली थी

जब पीड़ित महिला ने इस पूरी घटना के बारे में अपने पति को बताया, उस समय आरोपी ने कबूला था कि उसने महिला की छाती और प्राइवेट पार्ट को छुआ था। इस घटना के सामने आने के बाद महिला के पति ने आरोपी दोस्त को वहां से चले जाने को कहा, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। हालांकि, आरोपी के वकील ने अदालत में यह दलील दी थी कि उनके मुवक्किल को लगा कि बिस्तर पर उनके साथ उनकी पत्नी है। आरोपी ने छेड़छाड़ की बात से इनकार किया। आरोपी का कहना था कि जब उसे पता चला कि बिस्तर पर उसके साथ उनकी पत्नी नहीं है तो वह पीछे हट गए। आरोपी ने महिला को गलत तरीके से छूने के लिए माफी भी मांगी थी।

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प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज विक्टर यीओ ने आरोपी की दलीलों को खारिज करते हुए उनके बयान को सजा से बचने का बहाना बताया। जज ने यह भी कहा कि महिला को अपनी पत्नी समझ लेने की गलत भी समझ से परे और भरोसा करने लायक नहीं है। जज यीओ ने महिला के बयान को ईमानदार और भरोसे के लायक बताया। अदालत में लगभग सात साल तक चली इस जंग को जीतने के लिए लोग सोशल मीडिया पर महिला के प्रति हमदर्दी जता रहे हैं।

 

PM और प्रेसीडेंट के दौरे के बीच कानपुर में जुमे की नमाज के बाद बवाल

कानपुर : कानपुर के बेकनगंज इलाके में जुमे की नमाज के बाद बवाल हो गया। बाजार बंद कराने के ऐलान में दो पक्षों में पथराव हुआ। बवाल नियंत्रित करने पहुंची पुलिस पर भी लोगों ने पत्थर फेंके। ये मिश्रित आबादी वाला इलाका है। इसलिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

इस मामले की शुरुआत मुस्लिम नेता हयात जफर हाश्मी के बाजार बंद आह्वान से हुआ था। दरअसल, बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा के टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मुहम्मद साहब पर टिप्पणी किए जाने से मुस्लिम समाज नाराज था। शुक्रवार को बाजार बंद भी कराए गए। परेड चौराहा पर सैकड़ों लोग इकट्‌ठा हुए थे। दोपहर करीब 3 बजे दो पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। जिसके बाद पथराव शुरू हुआ। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने लाठीचार्ज किया, फिर भी रुक-रुककर पथराव जारी

पुलिस ने लोगों को नियंत्रित करने के लिए कई राउंड फायर किया। लाठीचार्ज किया गया। लोगों को गलियों में खदेड़ दिया गया है। फिर भी लोग रुक-रुककर पथराव कर रहे हैं। पुलिस ने पूरे एरिया की घेराबंदी कर दी है। संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। फिलहाल कानपुर में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए करीब 12 थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया।बजरंग दल के नेता प्रकाश शर्मा और विहिप नेता मौके भी पहुंचे है। हालांकि, उन्हें पुलिस ने तनाव वाले एरिया से पहले ही रोका है।

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर देहात के दौरे पर हैं. उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद हैं. बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ ज्ञानवापी मुद्दे पर एक अंग्रेजी चैनल पर बहस के दौरान पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी किया था.

 

 

मर्सिडीज कार में नाबालिग से गैंगरेप, विधायक के बेटे का भी आया नाम

हैदराबाद : हैदराबाद में तीन से चार लोगों ने एक नाबालिग लड़की के साथ एक मर्सिडीज कार में कथित तौर पर छेड़छाड़ की और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस घटना में एक विधायक का बेटा और एक किशोर कथित रूप से शामिल था। पुलिस ने मामले के तथ्यों को सत्यापित करने के लिए एक जांच शुरू की, जिसे जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन में बुधवार एक जून को दर्ज किया गया था।17 साल की लड़की अपने दोस्त के साथ पब आई थी, जो जल्दी निकल गई. लड़की की कथित तौर पर लड़के से दोस्ती थी और उसने लड़के और लड़के के दोस्तों के साथ पब छोड़ दिया था.

आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज 

आपको बता दें कि घटना शनिवार को हुई। प्रारंभ में घटना में शामिल तीन आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। 17 वर्षीय लड़की को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया और पुलिस ने अब मामले को बदल दिया है। इसमें आईपीसी की धारा 376 (सामूहिक बलात्कार) जोड़ दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक विधायक का बेटा और अल्पसंख्यक बोर्ड का अध्यक्ष पार्टी में मौजूद था और लड़की के साथ था। पीड़िता केवल एक आरोपी की पहचान करने और उसका नाम लेने में सक्षम थी, जो एक नाबालिग है। आगे की जांच जारी है।

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पुलिस अधिकारी ने कहा कि लड़की के पिता ने हमसे संपर्क किया था. उसने हमें जो कुछ बताया उसके अनुसार हमने मामला दर्ज किया. पिता पूरी तरह श्योर नहीं थे कि क्या हुआ था, क्योंकि लड़की कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी. जब लड़की को महिला अधिकारियों के पास भेजा गया तो खुलासा हुआ कि क्या हुआ था. लड़की आरोपियों की पहचान नहीं बता सकी. फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की तलाश जारी है.

 

 

8 साल से नहीं बनाए संबंध और कितना इंतजार करे बीजद नेता अनुभव मोहंती?

नई दिल्ली : उड़िया फिल्मों की अभिनेत्री वर्षा प्रियदर्शिनी और अभिनेता से लोकसभा सांसद बने बीजद नेता अनुभव मोहंती का तलाक इन दिनों चर्चा में हैं। फिलहाल मामला अदालत में है। इस बीच कटक के एडीजेएम कोर्ट ने अनुभव मोहंती की याचिकाओं पर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने वर्षा प्रियदर्शनी को आदेश दिया है कि वे दो महीने के अंदर अनुभव मोहंती के पैतृक आवास को खाली कर दें। वहीं अनुभव मोहंती को हर महीने 30 हजार रुपये गुजारे के लिए वर्षा को देने के भी निर्देश दिए हैं।

प्रियदर्शनी के खिलाफ दाखिल की थीं याचिकाएं

दरअसल, अनुभव मोहंती ने वर्षा के खिलाफ अदालत में याचिका दाखिल कर कहा था कि, वह उनका पैतृक आवास खाली कर दें, मैं उनके लिए अलग घर की व्यवस्था करने को तैयार हूं। इसके अलावा दूसरी याचिका में उन्होंने वर्षा के आय के स्रोतों का खुलासा करने की भी मांग की थी। बीते सप्ताह अदालत ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

कोई कितने दिन इंतजार करे

दरअसल, तलाक मामले में सांसद अनुभव मोहंती कई बार सोशल मीडिया पर निजी जिंदगी को लेकर खुलासा कर चुके हैं। बीते दिनों उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में उन्होंने पत्नी के साथ यौन संबंधों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, हमारी शादी को आठ साल हो गए हैं, लेकिन इतने सालों बाद भी उनकी पत्नी वर्षा ने संबंध बनाने की इजाजत नहीं दी है। मैं मानसिक तनाव से गुजर रहा हूं। कोई कितने दिन और इंतजार करे, मैं अपनी पत्नी से तलाक चाहता हूं, लेकिन अभी मामला कोर्ट में है।

2014 में हुई थी शादी

उड़िया फिल्मों के जाने-माने अभिनेता अनुभव मोहंती ने 2013 में राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। 2014 में उन्होंने वर्षा प्रियदर्शिनी से शादी रचाई थी। हालांकि, कुछ दिनों बाद ही दोनों के बीच अनबन की खबरें सामने आईं और पति-पत्नी के बीच संबंध खराब होते गए। 2016 में पहली बार अनुभव मोहंती ने अपनी पत्नी के खिलाफ याचिका दायर कर कहा था कि हमारी शादी को दो साल बीत गए हें, लेकिन पत्नी प्रियदर्शिनी यौन संबंध बनाने की अनुमति नहीं देती हैं।

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2020 में दाखिल की थी तलाक याचिका

इसके बाद अनुभव मोहंती पत्नी प्रियदर्शनी से तलाक लेने के लिए 2020 में कोर्ट पहुंचे। उन्होंने तलाक लेने के लिए अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद वर्षा ने भी मोहंती के खिलाफ घरेलू हिंसा और दूसरी महिलाओं से संबंध रखने का आरोप लगाया था।

 

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: मूसेवाला की हत्या के बाद नेपाल भागे शूटर्स!

नई दिल्ली. पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में पंजाब और दिल्ली पुलिस की छापेमारी की कार्रवाई लगातार जारी है. कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम नेपाल पहुंच चुकी है. पुलिस को शक है कि सिद्धू मूसेवाला पर गोलियां बरसाने वाले शूटर्स नेपाल में छिपे हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि टीम ने नेपाल में शूटर्स की तलाश शुरू कर दी है. स्पेशल सेल की एक टीम मुजफ्फरनगर भी गई हुई थी. सूत्रों के मुताबिक, कुछ शूटर्स की पहचान हो गई है.

इससे पहले मूसेवाला हत्याकांड में पहली बार लॉरेंस बिश्नोई ने अपनी चुप्पी तोड़ी. उसने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि उसके गैंग के मेंबर ने ही मूसेवाला को मरवाया है. लॉरेंस ने कहा, ‘विक्की मिददुखेड़ा मेरा बड़ा भाई था, हमारे ग्रुप ने चंडीगढ़ में कालेज के वक्त से उसकी मौत का बदला लेने की कसम खाई थी.’ बिश्नोई ने पूछताछ में यह भी कहा, ‘इस बार ये काम मेरा नहीं है, क्योंकि मैं तिहाड़ जेल नंबर 8 में लगातार बंद था, और फोन इस्तेमाल नहीं कर रहा था.’ लेकिन गैंगस्टर ने ये जरूर कबूल किया कि मुसेवाला की हत्या में उसके गैंग का हाथ है. लॉरेंस ने कहा कि इस हत्याकांड के बारे में उसे तिहाड़ जेल में टीवी देखकर पता चला.

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एक और शूटर्स की हुई पहचान

हालांकि ये पूछताछ एक पुराने केस के सिलसिले में हो रही है, लेकिन स्पेशल सेल उससे मूसेवाला हत्याकांड के राज उगलवाना चाह रही है, जिस पर धीरे-धीरे बिश्नोई मुंह खोल रहा है. वहीं इस हत्याकांड में शामिल एक और आरोपी की पहचान पंजाब पुलिस ने की है, जिसका नाम मनप्रीत उर्फ मनी बताया जा रहा है, जो पिंड इलाके तरनतारन का रहने वाला बताया जाता है.

 

ईडी ने राहुल गांधी को 13 जून को पूछ-ताछ के लिए बुलाया, कांग्रेस ने केंद्र पर किया वार

नई दिल्ली : नेशनल हेराल्ड केस में ईडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दोबारा समन जारी किया है। उन्हें पूछताछ के लिए 13 जून को तलब किया गया है। इससे पहले ईडी ने कांग्रेस नेता को दो जून को तलब किया था। हालांकि, विदेश में होने के चलते वह पूछ-ताछ के लिए ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी 19 मई को लंदन रवाना हुए थे। वे 20 से 23 मई के बीच लंदन में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। उसके बाद से वे भारत नहीं लौटे हैं। राहुल गांधी के 5 जून तक स्वदेश लौटने की उम्मीद है। वहीं इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी नोटिस जारी किया गया है। उन्हें आठ जून को ईडी ने तलब किया है।

ईडी के नोटिस से नहीं टूटेगा सोनिया-राहुल का हौसला : कांग्रेस

ईडी के समन पर कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा कि, ‘जब कांग्रेस अंग्रेजों व उनके अत्याचार से नहीं डरी तो ईडी के नोटिस कैसे सोनिया गांधी जी व राहुल गांधी जी तथा पार्टी का हौसला तोड़ सकते हैं? हम जीतेंगे, झुकेंगे नहीं। हम नहीं डरेंगे।’

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राजनीति से प्रेरित मामला : अभिषेक मनु सिंघवी

उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बीते बुधवार को मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि दोनों नेता ईडी के सामने पेश होंगे। हम उनका सामना करेंगे। हम इस तरह की रणनीति से डरे हुए या भयभीत नहीं हैं। यह राजनीति से प्रेरित मामला है और इसमें किसी जांच की जरूरत नहीं है। सुरजेवाला और सिंघवी ने पुष्टि की कि जब भी ईडी चाहेगा गांधी परिवार जांच में शामिल होगा। राहुल गांधी के 5 जून तक स्वदेश लौटने की उम्मीद है। वहीं इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी नोटिस जारी किया गया है। उन्हें आठ जून को ईडी ने तलब किया है।

 

Ground Breaking Ceremony 3.0 में PM नरेंद्र मोदी की कही गईं 10 बड़ी बातें

 लखनऊ : Ground Breaking Ceremony 3.0 : यूपी की राजधानी के गोमतीनगर में स्‍थ‍ित इंद‍िरा गांधी प्रतिष्‍ठान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जनता का विश्‍वास योगी सरकार पर है. उन्‍होंने एक सांसद के रूप में अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यहां के मंत्र‍ियों और ब्‍यूरोक्रेसी में वह क्षमता है जिससे यह विकास में आगे बढ़ सकता है. यूपी की तरक्‍की भारत के हर छठे व्‍यक्‍त‍ि की तरक्‍की है. इस बीच निवेशकों का हौसला बढ़ाते हुए उन्‍होंने कई बड़ी बातें कहीं, जिन्‍हें आपको भी जानना चाह‍िए…

यूपी की तरक्‍की भारत के हर छठे व्‍यक्‍त‍ि की तरक्‍की है.

जहां पर‍िश्रम की पराकाष्‍ठा करने वाले लोग हों, जहां 5 लाख से अध‍िक आबादी वाले एक दर्जन से अध‍िक शहर हो, जहां हर जनपद में अलग उत्‍पाद की क्षमता हो, जिस प्रदेश को गंगा, यमुना और सरस्‍वती जैसी नद‍ियों का आशीर्वाद प्राप्‍त हो, उस प्रदेश को तरक्‍की से कौन रोक सकता है?

निवेशकों को वाराणसी का भी दौरा करना चाहिए. मेरा काशी सबका कल्‍याण करने वाला है.

दुनि‍या आज भारत की क्षमता और प्रतिभा को देख रही है. इसी का पर‍िणाम है कि भारत ग्‍लोबल इंवेस्‍टमेंट में दूसरे नंबर पर है. जी-20 की अर्थव्‍यवस्‍था में सबसे तेजी से बढ़ोत्‍तरी कर रहे हैं.

2014 से पहले हमारे यहां कुछ 100 स्‍टार्टअप ही थे. वहीं, आज हमारे देश में 70 हजार से अध‍िक रज‍िस्‍टर्ड स्‍टार्टअप हैं.

2014 में एक जीबी डाटा अब करीब 200 रुपए का पड़ता था. आज उसकी कीमत 11-12 रुपए हो गई है. दुनिया में भारत ही एक ऐसा देश है जहां डाटा इतना सस्‍ता था.

आज ऑपट‍िकल फाइबर से जुड़े ग्राम पंचायतों की संख्‍या भी 2 लाख के पार हो चुकी है.

आज दुनिया के ड‍िजिटल ट्रांजेक्‍शन में 40 फीसदी ट्रांजेक्‍शन भारत में हो रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि हमने अपने Reforms से एक राष्ट्र के रूप में भारत को मजबूती देने का काम किया है. One Nation-One Tax GST हो, One Nation-One Grid हो, One Nation-One Mobility Card हो, One Nation-One Ration Card हो, ये प्रयास, हमारी ठोस और स्पष्ट नीतियों का प्रतिबिंब हैं.

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केंद्र की एनडीए सरकार ने अपने 8 वर्ष पूरे किए हैं. इन वर्षों में हम Reform-Perform-Transform के मंत्र के साथ आगे बढ़े हैं. हमने Policy Stability पर जोर दिया है, कॉर्डिनेशन पर जोर दिया है, Ease of Doing Business पर जोर दिया है.

 

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रिकॉर्ड मतों से जीता चंपावत उपचुनाव

देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत उपचुनाव जीत लिया है. इस चुनाव में उन्हें रिकॉर्ड वोट मिला है. उन्होंने कांग्रेस की निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्मला गहतोड़ी को करीब 55,000 से अधिक मतों से शिकस्त दी. चंपावत उपचुनाव के लिए करीब 13 राउंड में हुई मतगणना में पुष्कर सिंह धामी को कुल 57,268 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस की प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी की जमानत जब्त हो गई. इस उपचुनाव में गहतोड़ी को कुल 3147 वोटों से ही संतोष करना पड़ा. चंपावत उपचुनाव के लिए 31 मई 2022 को मतदान कराए गए थे. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दिया है.

उपचुनाव में बाकी के प्रत्याशियों की जमानत जब्त

चंपावत जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 13 राउंड में हुई मतगणना में कुल 57,268 मत मिले और उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस समेत सभी दलों के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई. उपचुनाव में कांग्रेस की निर्मला गहतोड़ी को 3147, समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मनोज कुमार को 409 और निर्दलीय उम्मीदवार हिमांशु गरकोटी को 399 वोट मिले. कुल 372 मतदाताओं ने नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) का बटन दबाया. उपचुनाव के लिए मतदान 31 मई को हुआ था. हालांकि, डाक से आए मतपत्रों की गिनती अभी चल रही है जिससे जीत के इन आंकड़ों में कुछ बदलाव हो सकता है.

धामी ने चंपावत की जनता को किया धन्यवाद

चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत विधानसभा क्षेत्र की जनता को जीत के लिए धन्यवाद दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,‘प्रिय चंपावतवासियों, चंपावत उपचुनाव में आपके द्वारा वोटों के माध्यम से बरसाए गए प्रेम और आशीर्वाद से मन अत्यंत भावुक है, निशब्द हूं.’ उत्तराखंड में 23 मार्च को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले धामी को छह महीने के अंदर विधानसभा का सदस्य निर्वाचित होना जरूरी था, जिसके लिए चंपावत उपचुनाव हुआ. हाल में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 70 में से 47 सीटें जीतकर प्रदेश में लगातार दूसरी बार सत्ता में आने का इतिहास रचा, लेकिन जीत की अगुवाई करने वाले धामी स्वयं खटीमा से हार गए थे.

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पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री धामी को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उत्तराखंड की चंपावत विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत दर्ज करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई दी. उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहाड़ी प्रदेश की प्रगति के लिए वह और कड़ी मेहनत से काम करेंगे. मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘उत्तराखंड के प्रभावशाली मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चंपावत से रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल करने पर बधाइयां. मुझे भरोसा है कि उत्तराखंड की प्रगति के लिए वह और कड़ी मेहनत से काम करेंगे. मैं चंपावत की जनता को भाजपा पर विश्वास जताने के लिए धन्यवाद देता हूं और अपने कार्यकर्ताओं के परिश्रम की सराहना करता हूं.

 

सिद्धू मूसे वाला के घर पहुंचकर की परिजनों से मिले CM भगवंत मान

डिजिटल डेस्क : पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला  की गोली मारकर हत्या करने के कुछ दिनों बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान  शुक्रवार को उनके घर पहुंचकर परिजनों से मिले. मान शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए मूसेवाला के गांव पहुंचे थे. मूसे वाला के आवास के बाहर भारी पुलिस सुरक्षा तैनात की गई है. पंजाब के मनसा जिले में 29 मई को कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. उनके साथ जीप में यात्रा कर रहे उनके चचेरे भाई और एक दोस्त भी हमले में घायल हो गए है.

बता दें कि पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार ने 400 से अधिक वीआईपी सुरक्षा हटा ली थी. इसमें मूसेवाला भी शामिल थे. विपक्ष ने इसके लिए आम आदमी पार्टी की सरकार की तीखी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सिर्फ राजनीतिक फायदे की लिए ये कदम उठाया. मूसेवाला के परिवार ने भी सरकार पर निशाना साधा है. उनकी मां चरण कौर ने कहा कि हमारे बेटे के साथ चार लोगों की तैनाती को लेकर आपने ये किया, क्या फर्क पड़ा. अब क्या तुम्हारा खजाना भर जाएगा, भर लो खजाना.

मूसे वाला के शरीर में  मारी गई 19 गोलियां

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसे वाला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बड़ी बातें निकलकर सामने आई हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि मूसे वाला के शरीर में 19 गोलियां मारी गई थीं और 15 मिनट के भीतर ही उनकी मौत हो गई थी. ज्यादातर गोलियां मूसे वाला के शरीर के दाहिने हिस्से में लगीं. गोलियां किडनी, लिवर ,फेफड़े और रीढ़ की हड्डी में भी लगी हैं. मौत का कारण हेमरेज शॉक बताया गया है. गोली लगने के बाद नाक और मुहं में खून भरने की वजह से मुहं और आंखे बंद थीं. पोस्टमार्टम की पूरी वीडियोग्राफी की गई है.

बताया जा रहा है कि पूरे शरीर का एक्स-रे भी किया गया था. मूसे वाला की लाल टी-शर्ट और पायजामा में खून के धब्बे थे और चोटों के अनुरूप कई छेद थे. कांग्रेस नेता और फेमस पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की मनसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. फायरिंग में तीन अन्य लोग घायल हो गए थे. यह हमला उस समय हुआ जब मूसे वाला और उनके दो दोस्त पंजाब में अपने गांव मानसा जा रहे थे. मूसे वाला की एसयूवी पर गोलियों की बौछार की गई.

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वहीं गायक सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या किए जाने के पांच दिन बाद पंजाब सरकार ने आज कहा कि 420 से अधिक वीवीआईपी के लिए सुरक्षा कवर 7 जून से फिर से बहाल कर दिया जाएगा. पूर्व मंत्री ओपी सोनी की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को ये बताया.

 

नेशनल हेराल्ड केस गांधी परिवार के लिए बना गले की हड्डी, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली : नेशनल हेराल्ड केस कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पूरे गांधी परिवार के लिए गले की हड्डी बन गया है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इस समय विदेश में हैं और सोनिया गांधी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मामले में पूछताछ के लिए इन दोनों को नोटिस जारी किया है. आगामी 8 जून को उनसे पूछताछ की जाएगी. ईडी का फरमान जारी होने के बाद सोनिया गांधी ने पूछताछ में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है. लेकिन, सवाल यह पैदा होता है कि आखिर नेशनल हेराल्ड केस है क्या, जिसके आरोप में पूरा गांधी परिवार फंसा है? आइए जानते हैं पूरा मामला…

क्या है नेशनल हेराल्ड मामला जिसमें फसा गांधी परिवार

बता दें कि कभी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के काफी करीबी माने जाने वाले और भाजपा के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने वर्ष 2012 में निचली अदालत में एक याचिका दायर की थी. इस याचिका में सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि गांधी परिवार और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने यंग इंडियन लिमिटेड (YIL) के माध्यम से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) का गलत तरीके से अधिग्रहण किया है. उन्होंने अपनी याचिका में यह आरोप भी लगाया गया कि एजेएल का अधिग्रहण दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस पर कब्जा करने के लिए किया गया. एक साजिश के तहत यंग इंडिया लिमिटेड को एजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया.

नेहरू ने की थी नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मिलकर वर्ष 1938 में नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की शुरुआत की थी. नेशनल हेराल्ड अखबार पर मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड कंपनी का है.

2011 में कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड को दिया 90 करोड़ का कर्ज

मीडिया की रिपोर्ट् में बताया गया है कि कांग्रेस ने 26 जनवरी 2011 को नेशनल हेराल्ड की करीब 90 करोड़ रुपये की देन दारियों को अपने कंधों पर ले लिया. इसका मतलब यह निकाला जा रहा है कि एक प्रकार से कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड को 90 करोड़ रुपये का कर्ज दिया. इसके बाद कांग्रेस ने करीब पांच लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई. इस कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी तय की गई. बाकी की बची हुई 24 फीसदी हिस्सेदारी में कांग्रेस के दिवंगत नेता मोती लाल बोरा और ऑस्कर फर्नांडीज को शामिल गया.

कांग्रेस ने मुफ्त में यंग इंडियन को बनाया नेशनल हेराल्ड का मालिक

रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा नई कंपनी यंग इंडियन बनाने के बाद एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के 10-10 रुपये के 9 करोड़ शेयर नई कंपनी को दे दिए गए, जिसके बदले में यंग इंडियन को कांग्रेस के कर्ज का भुगतान करना था. अब यंग इंडियन को एसोसिएटेड जर्नल्स के 9 करोड़ शेयर हासिल हो जाने के बाद उसकी 99 फीसदी शेयरों पर कब्जा हो गया. इसके बाद कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड यानी एसोसिएटेड जर्नल्स को दिए गए 90 करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया. इस कर्ज माफी के बाद कहा यह जाने लगा कि कांग्रेस ने मुफ्त में यंग इंडियन कंपनी को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी नेशनल हेराल्ड का मालिकाना हक दे दिया.

दिसंबर 2015 में सोनिया-राहुल को मिली जमानत

निचली अदालत में याचिका दायर करने के बाद भाजपा के नेता सुब्रमण्यम स्वामी नेशनल हेराल्ड केस की त्वरित सुनवाई के लिए वर्ष 2015 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इसके लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्देश दिया. इससे पहले 19 दिसंबर 2015 को निचली अदालत ने नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया और राहुल गांधी को जमानत दे दी. इसके बाद वर्ष 2016 में सुप्र्रीम कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड केस को रद्द करने से इनकार करते हुए सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज और सुमन दुबे को अदालत में पेश होने से छूट दे दी.

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अप्रैल 2022 में मल्लिकार्जुन खड़गे ने ईडी को दिया बयान

नया मामला तब सामने आया, जब इस साल के अप्रैल महीने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में अपना बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित हुए. प्रवर्तन निदेशालय ने इसी मामले में मल्लिकार्जुन खड़गे के बाद कांग्रेस के दूसरे नेता पवन बंसल का बयान भी दर्ज किया था.

 

 

प्रियंका गांधी कोरोना पॉजिटिव ,कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हड़कंप

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कोरोना पॉज़िटिव होने के अगले ही दिन उनकी बेटी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी खुद के कोविड पॉज़िटिव होने की जानकारी दी है. माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर उन्होंने ये जानकारी साझा की है. ट्वीट करते हुए लिखा कि मैं हल्के लक्षणों के साथ COVID-19 पॉज़िटिव पाई गई हूं. सभी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मैंने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है. मैं उन लोगों से अनुरोध करूंगी जो मेरे संपर्क में आए हैं, वे सभी आवश्यक सावधानी बरतें.

बता दें कि सोनिया गांधी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. बुधवार की शाम हल्का बुखार होने और कोविड के लक्षण नजर आने के बाद सोनिया गांधी की जांच की गई, जिसमें उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बारे में पता चला था. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने गुरुवार को सोनिया गांधी  के जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी. पीएम मोदी ने एक ट्वीट करते हुए लिखा था कि, ‘‘कोविड-19 से संक्रमित कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जी के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’

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ईडी के सामने होना है पेश

सोनिया गांधी को आठ जून को नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में पेश होना है. उनके साथ ही उनके बेटे और वायनाड सांसद राहुल गांधी की भी पेशी होने को कहा गया था. उन्हें (राहुल) बृहस्पतिवार को पेश होने को कहा गया था. लेनिक वे देश में नहीं हैं. ऐसे में उन्होंने जांच एजेंसी से आग्रह किया है कि उन्हें पांच जून के बाद किसी भी दिन पेश होने की तारीख दी जाए.

संपर्क में आए लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर बताया कि, कोरोना के हल्के लक्षण दिखने पर मैंने अपना कोविड-19 टेस्ट कराया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. उन्होंने आगे बताया कि, सभी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मैंने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है. उन्होंने संपर्क में आए लोगों से सावधानी से सभी आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है.

 

 

उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में दौड़ेगी रोजगार की रेल, उद्योग और निवेश के बनेंगे केंद्र

डिजिटल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखऩऊ में आज 80 हजार करोड़ से अधिक निवेश वाली योजनाओं की आधारशिला रखेंगे। देश भर के दिग्गज उद्योगपतियों की मौजूदगी में मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री बताएंगे कि कैसे यूपी तरक्की की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह राज्य एक ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनने का सामर्थ्य रखता है।ग्राउंड ब्रेक्रिंग सेरेमनी 3.0 प्रदेश में रोजगार के नए रास्ते खोलेगी। उत्तर प्रदेश के 60 जिले उद्योग और निवेश के अब बड़े केंद्र बनने जा रहे हैं। कृषि व खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में रामपुर, देवरिया, बरेली, कानपुर देहात, हमीरपुर व हरदोई जैसे जिलों में नई औद्योगिक यूनिट लगने जा रही हैं।

डिफेंस एयरोस्पेस में लखनऊ, हेल्थ केयर में महाराजगंज तो औषधि निर्माण व मेडिकल सप्लाई में मथुरा और बेकरी प्रोडेक्ट यीस्ट निर्माण में पीलीभीत जैसे जिले नई मंजिल पाने को तैयार हैं। इससे बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरमनी के जरिए जिन निवेश परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

निर्माण, पर्यटन, शिक्षा, लॉजिस्टिक व वेयरहाउस से लेकर वैकल्पिक ऊर्जा तक पूर्वांचल, मध्य यूपी व बुंदेलखंड के जिलों में नए उद्योग लगने जा रहे हैं। आईटी कंपनियों के लिए अभी पश्चिमी यूपी खासतौर पर नोएडा ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण विकास क्षेत्र पंसदीदा स्थल बना हुआ है।

40 हजार करोड़ का निवेश

परियोजनाओं की आधारशिला रखने के साथ ही ये सब अलग-अलग चरणों में 2025 तक उत्पादन शुरू कर देंगी। केवल पांच सौ करोड़ से ऊपर के निवेश परियोजनाओं के जरिए ही 29 कंपनियां 13 जिलों में 40 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश करने जा रही हैं। इसमें अलग परियोजनाओं के लिए अलग-अलग संख्या में रोजगार पैदा होंगे। कुल रोजगार सवा लाख के करीब होगा।

एयरपोर्ट पर देर शाम तक आए 67 अतिथि

ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए अतिथियों का आगमन गुरुवार की दोपहर बाद से ही शुरू हो गया। अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर देर शाम तक 67 अतिथि नियमित उड़ानों और छह चार्टर से लखनऊ पहुंचे।

अतिथियों के स्वागत और सुरक्षा के लिए घरेलू टर्मिनल पर बड़ी संख्या में पुलिस और सीआईएसएफ के सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। प्रत्येक अतिथि को लेने के लिए एक मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी को तैनात किया गया। इसके अलावा उनके साथ पुलिस के एक-एक अधिकारी पीएसओ की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा

पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि आईजीपी को दो भागों में बांटा गया है। 8 एसीपी, 16 एडिशनल एसपी, 25 डिप्टी एसपी, 40 इंस्पेक्टर, दरोगा, सिपाही और महिला सिपाहियों की तैनाती की है।

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पांच सौ करोड़ के ऊपर की निवेश परियोजनाएं

जिला परियोजनाएं *निवेश रोजगार पूरा होने का समय

गौतमबुद्धनगर 14 30078 58000 अग. 2022 से दिसं. 25

पीलीभीत 01 1100 2000 12 जनवरी 2025

लखनऊ 01 975 1120 2024

गोरखपुर 02 1521. 81 1750 अक्टू. 2022 अप्रैल 2023

गाजियाबाद 01 800 4250 जनवरी 2024

जालौन 01 791 40000 मई 2023

हापुड 01 790 952 जुलाई 2022

अमेठी 01 700 350 अप्रैल 2023

सोनभद्र 01 600.80 2250 जून 2024

मिर्जापुर 01 600 180 अप्रैल 2024

सीतापुर 01 550 1000 मार्च 2023

अलीगढ़ 02 1178 1650 जुलाई 23,31 जन. 2024

बिजनौर 01 500 150 जुलाई 2022
कुल निवेश करोड़ रुपये में

 

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बीच काशी में आज होगी धर्म परिषद, अलर्ट  पर प्रशासन

डिजिटल डेस्क : वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बीच आज काशी के सुभाष भवन में धर्म परिषद का आयोजन का ऐलान किया गया है. धर्म परिषद की शुरुआत सुबह 10 बजे से होगी. इस परिषद में विभिन्न मठों के मठाधीश, साधु-संत समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और इतिहासकार शामिल होंगे. बैठक में ज्ञानवापी को लेकर कई प्रस्ताव पर चर्चा होने की खबर है. इसके अलावा ज्ञानवापी में शिवलिंग जैसी दिखने वाली आकृति की पूजा को लेकर भी कोई बड़ा ऐलान हो सकता है.

वहीं दूसरी ओर ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बीच काशी के संत शंकराचार्य स्वरूपानंद के प्रतिनिधि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा है कि कथित शिवलिंग का 4 जून को जलाभिषेक किया जाएगा. विद्या मठ केदारघाट में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह घोषणा की. अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मेरे गुरु शंकराचार्य का आदेश हुआ है कि वहां भगवान शिव प्रकट हो गए हैं तो उनकी पूजा होनी चाहिए, इसके लिए न्यायालय के आदेश की प्रतीक्षा नहीं किया जा सकता. इस ऐलान के बाद से जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है.

शकंराचार्य के इस ऐलान के बाद अलर्ट  पर प्रशासन 

दरअसल, ज्ञानवपी मस्जिद के वजूखाने में, जहां शिवलिंग मिलने का दावा किया जा रहा है, उसे न्यायालय ने सील करा दिया है. उक्त स्थल पर किसी को भी जाने की मनाही है. संत शकंराचार्य के इस ऐलान के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी सतर्क हो गए हैं.

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जैसे ही कोई भगवान प्रकट होते हैं उनकी स्तुति होती हैं. जैसे ही कौशल्या माता के सामने भगवान श्री राम प्रकट हुए तो देवी कौशल्या ने उनकी स्तुति की. जहां-जहां भगवान प्रकट हुए है, उनकी स्तुति की गई हैं. इसी प्रकार ज्ञानवापी मस्जिद में भी जैसे ही स्वयम्भू शिवलिंग प्रकट हुआ है और लोग उनकी भी स्तुति करना चाह रहे है.

 

 

मशहूर संतूर वादक पंडित भजन सोपोरी का निधन, तीन ह‍फ्ते से अस्पताल में थे भर्ती

डिजिटल डेस्क : मशहूर संतूर वादक पद्मश्री पंडित भजन सोपोरी का गुरुग्राम के एक अस्पताल में गुरुवार को निधन हो गया। उनके परिवार के सूत्रों ने यह जानकारी दी। वे 74 साल के थे और पिछले कुछ समय से बीमार थे। उनका जन्म साल 1948 में श्रीनगर में हुआ था। भजन सोपोरी को क्लासिकल म्यूजिक में योगदान के लिए 1992 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार दिया गया था। इसके बाद उन्हें भारत सरकार ने साल 2004 में पद्मश्री से सम्मानित किया।

विरासत में मिली संगीत शिक्षा

भजन सोपोरी को संतूर वादन की शिक्षा विरासत में मिली थी। उनके दादा एससी सोपोरी और पिता पंडित एसएन सोपोरी भी संतूर वादक थे। उन्होंने घर में ही संतूर की शिक्षा ली थी। भजन संतूर के साथ गायन में भी निपुण थे। संगीत के साथ उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में पोस्ट ग्रेजुएट किया। इसके बाद उन्होंने वाशिंगटन विश्वविद्यालय से वेस्टर्न क्लासिकल म्यूजिक में भी पढ़ाई की थी। पंडित भजन सोपोरी ने तीन रागों की रचना की है। इनमें राग लालेश्वरी, राग पटवंती और राग निर्मल रंजनी है।

पंडित भजन सोपोरी का संबंध सूफियाना घराना से है। पंडित भजन सोपोरी ने एक एलबम नट योग ऑन संतूर बनाया। भजन सोपोरी सोपोरी एकेडमी फॉर म्यूजिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स के संस्थापक भी हैं। इस अकादमी का मुख्य उद्देश्य शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देना है।

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चार हजार से अधिक गीतों के लिए म्यूजिक कंपोज किया

पंडित सोपोरी भारत के इकलौते क्लासिकल म्यूजीशियन हैं जिन्होंने संस्कृत, अरबी समेत देश की लगभग हर भाषा में करीब चार हजार से अधिक गीतों के लिए म्यूजिक कंपोज किया है। सोपोरी ने देश की एकता के लिए भी कई गाने कंपोज किए हैं। इनमें सरफरोशी की तमन्ना, कदम-कदम बढ़ाए जा, विजयी विश्व तिरंगा प्यारा और हम होंगे कामयाब शामिल हैं।

 

केo केo को अगर वक्त पर मिल जाता सीपीआर, तो बच जाती सिंगर की जान!

डिजिटल डेस्क  : बॉलीवुड सिंगर केo केo (कृष्ण कुमार कुन्नथ) की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद उनकी मौत की वजह साफ हो गई है। डॉक्टर्स का कहना है कि मंगलवार को कॉन्सर्ट में ज्यादा एक्साइटेड होने के कारण उनके दिल में 80% ब्लॉकेज हो गया था, जिसके चलते उनकी जान गई। बेहोश होने के बाद अगर उन्हें तुरंत CPR दिया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी।

केo केo केस में सबसे बड़ी गलती

केo केo को सीने में दर्द हो रहा था, लेकिन उन्होंने इसे डाइजेस्टिव प्रॉब्लम समझकर एंटासिड दवाएं ले लीं। वहीं, केके की पत्नी ने भी कोलकाता पुलिस के सीनियर ऑफिसर को बताया कि उनके पति अक्सर दर्द होने पर एंटासिड लिया करते थे। कॉन्सर्ट के आसपास के वक्त भी केके ने अपनी पत्नी से कंधे और हाथ में दर्द की शिकायत की थी। इसके अलावा उनके होटल रूम से भी एंटासिड दवाएं मिली हैं।

दिल का दौरा पड़ने से हुआ था निधन

के0 के0 का मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया था। इससे कुछ घंटे पहले ही उन्होंने कोलकाता के ‘नजरुल मंच’ पर आयोजित एक कार्यक्रम में प्रस्तुति दी थी। चिकित्सक ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि केके की बाईं मुख्य कोरोनरी धमनी में एक बड़ा अवरोध और विभिन्न अन्य धमनियों तथा उप-धमनियों में छोटे अवरोध थे। जनता के सामने प्रस्तुति के दौरान अत्यधिक उत्तेजना के कारण रक्त प्रवाह रुक गया, जिससे उनकी हृदय गति रुक गई और उनका निधन हो गया।

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साकी नाका रेप मामले में दोषी को मिली सज़ा-ए-मौत

मुंबई के साकी नाका में 30 साल की महिला से रेप और हत्या के मामले में एक कोर्ट ने दोषी मोहन चौहन को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसे दुर्लभ मामला बताया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में दोषी को कड़ी सजा देना जरूरी है। वहीं ,राज्य सरकार ने कोर्ट से आरोपी को फंसी की सजा देने की मांग की थी। कोर्ट ने राज्य का निवेदन स्वीकार कर लिया।

बलात्कार और हत्या का आरोपी मोहन चौहान पेशे से ड्राइवर था। सोमवार को कोर्ट ने मोहन चौहान को रेप और मर्डर के मामले में दोषी करार दिया था। आरोपी मोहन को IPC की धारा 302, 376 (A), 376 (2) (m) सहित महाराष्ट्र पुलिस एक्ट 37 (1) (A) r/w 135 और SCST Act की धारा 31(1)(w) and 3 (2) (v) of के अंतर्गत दोषी करार दिया गया | आरोपी मोहन पर लगे सभी आरोप साबित हुए और बलात्कार और महिला की निर्मम हत्या का दोष सिद्ध हुआ |

साकी नाका में महिला के बलात्कार और हत्या का मामला सामने आने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल उठे थे| इस घटना के बाद कई राजनीतिक दलों ने साकीनाका में विरोध प्रदर्शन भी किया था |

दोषी ने कैसे दिया था घटना को अंजाम

साकी नाका पुलिस स्टेशन के अंतर्गत 9 और 10 सितंबर 2021 की रात करीब 3 बजे एक और दिल दहलाने वाली घटना हुई | उस रात एक महिला की रेप कर हत्या हुई थी | आरोपी ने महिला के प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड डाल दिया था जिससे महिला की मौत हो गई थी और सड़क किनारे एक टेंपो में महिला को छोड़ दिया था | तभी एक वॉचमैन ने महिला को घायल अवस्था में देखा था और इसके बाद पुलिस को जानकारी दी थी। इसके बाद पीड़िता को घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया जहां एक दिन बाद उसने दम तोड़ दिया। अस्पातल में मेडिकल जांच में पता चला था कि उसके प्राइवेट पार्ट में कुछ डाला गया है जिसकी वजह से आंतें फट गईं। चाकू बाहर निकालने के बाद पीड़िता की आंतें भी बाहर आ गई थीं।

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भारत का वो समुदाय जहां गोरा बच्चा पैदा करना है गुनाह, जन्म के साथ ही मिलती है मौत

नई दिल्ली : दुनिया में आज के दौर में भी कई जनजातियां रहती हैं। कुछ जनजाति समय के साथ मॉडर्निटी को अपना चुकी हैं तो कुछ आज भी पत्थर युग में जी रहे हैं। आज हम आपको अंडमान एवं निकोबार आइलैंड पर रहने वाले जारवा जनजाति के बारे में बताने जा रहे हैं। ये जनजाति अब तक के सबसे प्राचीन माने जाते हैं जो पिछले पचपन हजार सालों से आइलैंड पर रह रहे हैं। अब ये विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गए हैं। इन्हें वैसे तो अफ्रीका महाद्वीप का नेटिव बताया जाता है लेकिन काफी लंबे समय से ये भारतीय महासागर के टापू में रह रहे हैं।

जारवा जनजाति भले ही काफी प्राचीन जनजाति है लेकिन अब ये विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। अब इस जनजाति के सिर्फ 380 लोग ही बचे हैं। ये आज भी पाषाण युग में जी रहे हैं। जारवा जनजाति मुख्य रुप से शिकार के जरिये अपना पेट भरते हैं। धनुष बाण के जरिये ये मछली और केंकड़े मनरते हैं। या फिर सूअर का झुंड में शिकार कर अपना पेट भरते हैं। लेकिन इस जनजाति के अबरे में कई अजीबोगरीब चीजें भी काफी प्रचलित है। इसमें से एक है सुन्दर बच्चे के जन्म पर मौत की सजा।

बच्चे का गोरा होना है मना

जारवा जनजाति में अगर कोई बच्चा गोरा या सुन्दर पैदा होता है तो उसे जन्म के तुरंत बाद मार दिया जाता है। इस जनजाति के लोग डार्क स्किन होते हैं। अफ्रीका से जुड़ें होने की वजह से लोग काले होते हैं। ऐसे में अगर कोई महिला गोरे बच्चे को पैदा करती है तो इस जनजाति के लोग उसे मार देते हैं। उनके मुताबिक़, गोरा बच्चा किसी और जनजाति या समुदाय की निशानी है। ऐसे में लोग उसे मार डालते हैं। इसके अलावा जब कभी इस समुदाय के बच्चे का जन्म होता है तो उसे कबीले की सारी महिलाओं का स्तनपान करवाया जाता है। इसे एकता की जड़ माना जाता है।

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काला बच्चा पैदा करना जरुरी

जारवा जनजाति में काला बच्चा पैदा करना काफी जरुरी है। इसके लिए गर्भवती महिला को जानवर का खून पिलाया जाता है। माना जाता है कि अगर गर्भवती स्त्री जानवर का खून पीयेगी तो बच्चे का रंग काला ही होगा। अंधविश्वास का आलम ये है कि गोरा बच्चा पैदा होने के बाद खुद उसका पिता ही उसे मार डालत है। इसके अलावा जब कभी कोई महिला विधवा होती है, उसके बाद भी उसके बच्चे को मार दिया जाता है। आज भी अन्य लोगों से घुले नहीं है। ऐसे में टूरिस्ट्स के ऊपर इनसे मिलने को लेकर बैन है। साथ ही इनकी तस्वीरें लेना, या वीडियो ऑनलाइन पोस्ट करना गैरकानूनी है।

 

एक बार फिर लहूलुहान हुई घाटी , 48 घंटे के अंदर दूसरा मामला

कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कुलगाम जिले में गुरुवार को एक बार फिर से आतंकियों ने एक बैंककर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी है | बैंक मैनेजर की पहचान राजस्थान के विजय कुमार के रूप में हुई है जिसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया | लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस बीच, हमलावरों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी की है।

सीसीटीवी में कैद वारदात

हमले का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। यह फुटेज टारगेट किलिंग के भयानक दौर का जीता जागता सबूत हैं | वीडियो कुलगाम के एक बैंक के अंदर का है | बैंक में एक शख्स बैग लेकर दाखिल होता है | अंदर बढ़ने से पहले वो एक बार पीछे मुड़कर देखता है,अंदर आने के बाद एक बार बायं देखता है फिर दायें, इसके बाद पिस्तौल से सामने केबिन में बैठे मैनेजर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर देता है |

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इस महीने आतंकियों ने की सरकारी कर्मचारियों की हत्या

इस महीने आतंकियों ने एक कश्मीरी पंडित समेत दो हिंदू सरकारी कर्मचारियों की हत्या की है। मंगलवार को ही आतंकवादियों ने कुलगाम में ही एक सरकारी स्कूल की टीचर रजनी बाला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे पहले बडगाम में तहसील परिसर में घुसकर कर्मचारी राहुल भट की हत्या कर दी गई थी।घटना के बाद कश्मीर से लेकर जम्मू तक जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी के साथ ही उसका पुतला फूंका गया। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों ने घटना की निंदा की है।

वहीं, मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना पर दुख जताया है।उन्होंने कहा कि NDA सरकार कश्मीर में शांति बहाल करने में असफल रही है। केन्द्र सरकार कश्मीर में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। हमारे नागरिकों की इस तरह आतंकियों द्वारा हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अशोक गहलोत ट्वीट

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गुजर रही थी 2 ट्रेनें, सिग्नल पैनल के ऊपर जा बैठा सांप और फिर…

कोटा : कोटा रेल मंडल के रावठा रोड रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के कक्ष में 5 फीट लम्बे एक कोबरा सांप के आने से हड़कंप मच गया। फन फैलाए ये सांप रेल संचालन के काम आने वाले सिग्नल पैनल के ऊपर बैठा हुआ था। सांप को देख स्टेशन मास्टर घबरा गए और कुर्सी के ऊपर खडे़ हो गए। जिसके बाद जैसे- तैसे स्टेशन मास्टर वहां से हटकर बेंच पर जा बैठे। रेल कर्मचारियों का कहना है कि जिस समय सांप पैनल के ऊपर बैठा था उसी समय राजधानी एक्सप्रेस स्टेशन से गुजरी थी। वहीं सांप के आने की सूचना स्टेशन मास्टर केदार प्रसाद ने कोटा कंट्रोलर को दी।

पॉइंटमैन ने जान पर खेलकर पकड़ा कोबरा सांप

स्टेशन मास्टर के कक्ष में सांप के आने की सूचना मिलने के बाद लोड चेक कर रहे पॉइंटमैन ललित बैरासी तुरंत ही उनके कक्ष में पहुंच गए और सिग्नल पैनल के ऊपर बैठे कोबरा सांप को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। इसके बाद स्टेशन मास्टर केदार प्रसाद मीणा ने सिग्नल पैनल संभाला और ट्रेनें संचालित की। वहीं सांप के आने की सूचना ग्रामीणों को मिली तो वो भी स्टेशन पर इस सांप को देखने के लिए पहुंच गए।

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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने की अपील- ‘मुस्लिम न करें तीन शादी’

डिजिटल डेस्क : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अपील की है कि कोई भी मुस्लिम पुरुष 3 महिलाओं से शादी न करे. उन्होंने कहा कि मुस्लिम भाईयों से अपील है कि वो तीन शादी न करें. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वो अवैध तरीके से तलाक भी न लें. असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने मुस्लिम समुदाय से अपील करते हुए पत्नी के लिए संपत्ति में बराबर हिस्सेदारी की वकालत की.

एक शादी, एक बच्चे की कही बात

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुस्लिम समुदाय से यह भी अपील की है कि मुस्लिम समुदाय के लोग सिर्फ एक शादी करें और एक या दो बच्चे करें. उन्होंने कहा कि इससे मुस्लिमों को ही फायदा होगा.

असम के मूलनिवासी अल्पसंख्यकों का होगा अलग वर्गीकरण

इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को कहा था कि राज्य मंत्रिमंडल 15 अगस्त तक मूल निवासी अल्पसंख्यकों के लिए अलग वर्गीकरण पर फैसला लेगा. इन अल्पसंख्यकों में वो मुस्लिम भी शामिल होंगे जो अन्य स्थानों से नहीं आए. सरमा ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि इस नए वर्गीकरण के बाद गैर मूलनिवासी अल्पसंख्यकों को अल्पसंख्यक लाभ मिलते रहेंगे या नहीं.

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एक संवाददाता सम्मेलन में सरमा ने कहा कि ”असम अपनी यात्रा के दूसरे पड़ाव पर है. हम अल्पसंख्यक लोगों के एक और समूह की पहचान करने की प्रक्रिया में हैं, जो असम से बाहर के नहीं हैं. वह इस धरती के मूल निवासी हैं” सरमा ने कहा ”इस उद्देश्य के लिए गठित समिति ने पहले ही कुछ मानदंड तय किए हैं कि किसे मूल अल्पसंख्यक माना जाना चाहिए.

 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी कोरोना पॉजिटिव, खुद को किया आइसोलेट

डिजिटल डेस्क :  कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं. सोनिया गांधी को हल्का बुखार के साथ-साथ कोरोना के अन्य लक्षण हैं. वहीं, बताया गया है कि प्रियंका गांधी भी सोनिया के संपर्क में आईं थीं, जिसके बाद वो लखनऊ से वापस दिल्ली लौट गई हैं. हालांकि, प्रियंका गांधी का अभी कोरोना टेस्ट नहीं कराया गया है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसकी जानकारी दी.

सोनिया ने खुद को किया आइसोलेट

सोनिया गांधी के कोरोना पॉजिटिव हो जाने को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला कहा कि सोनिया गांधी का इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा कि फिलहाल सोनिया गांधी की हालत ठीक है. बता दें, हल्के बुखार के लक्षण के बाद सोनिया गांधी का कोरोना टेस्ट कराया गया था. जिसमें उनका टेस्ट पॉजिटिव निकला. पॉजिटिव पाए जाने के बाद सोनिया ने खुद को आइसोलेट कर लिया है.

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सोनिया में कोरोना के हल्के लक्षण

गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने बीते कुछ दिनों में कई पार्टी नेताओं के साथ बैठक की है. कई नेताओं से वो मिली हैं. वहीं, सूत्रों के हवाले से खबर है कि कुछ और नेताओं में भी कोरोना के लक्षण मिले हैं. वहीं, सोनिया के संपर्क में आये नेताओं को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रहा हे.