Friday, April 10, 2026
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अली फजल और ऋचा की शादी के बीच आई ,फैंस के लिए शॉकिंग खबर

ऋचा चड्ढा और अली फजल की शादी के फंक्शन्स पिछले कुछ दिनों से खूब सेलिब्रेट किए जा रहे हैं। लेकिन इस बीच ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर फैंस को बड़ा झटका लगने वाला है। दरअसल, ऋचा चड्ढा और अली फजल के स्पोकपर्सन ने बताया कि दोनों की शादी पहले से हो चुकी है। दोनों ने ढाई साल पहले लीगली शादी कर ली थी। स्टेटमेंट में बोला गया है कि दोनों ने अपनी शादी 2 से 2.5 साल पहले रजिस्टर करवा ली थी। फिलहाल दोनों दोस्तों और परिवार के साथ सेलिब्रेट कर रहे हैं। स्टेटमेंट में लिखा है, ‘ये बता दें कि अली फजल और ऋचा चड्ढा, 2.5 साल से शादीशुदा हैं, दोनों ने उसी दौरान शादी रजिस्टर कर ली थी। इसके बाद सेलिब्रेशन नहीं हो पाया था |

दोनों बस फिलहाल अपने रिलेशनशिप को परिवार वाले और दोस्तों के साथ सेलिब्रेट करना चाहते हैं। बता दें कि इससे पहले 29 सितंबर को अली और ऋचा ने ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी किया था जिसमे दोनों ने कहा था कि वे साल 2020 में दोनों अपना यूनियन फॉर्मल करने वाले थे, लेकिन कोविड की वजह से सेलिब्रेशन को थोड़ा रोकना पड़ा। कोरोना महामारी के चलते रिसेप्शन का प्रोग्राम टल गया था | अब जब माहौल पूरी तरह ठीक हो गया है तो दोनों लखनऊ और दिल्ली में शादी का रिसेप्शन रखा था |

कोरोना महामारी के चलते प्रोग्राम टला 

अली ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते यह प्रोग्राम टल गया था | इस कारण दोस्तों और रिश्तेदारों को इसमें आमंत्रित नहीं किया गया था | अब सब कुछ पटरी पर लौट आया है तो हम इसे सेलिब्रेट करने जा रहे हैं | दोनों की शादी को लेकर भी स्पोकपर्सन ने कहा कि दोनों पंजाबी और लखनवी तरीके से सेलिब्रेट करना चाहते हैं। दोनों के कपड़े भी उसी हिसाब से डिजाइन किए गए थे। ऋचा की एक साड़ी उस हिसाब से डिजाइन की गई है जिसमे उनकी लव स्टोरी दिखेगी।

मुंबई में होगा रिसेप्शन

बता दें कि हाल ही में दोनों ने दिल्ली और लखनऊ में अपनी शादी का रिसेप्शन आयोजित किया था | इसमें दोनों के परिवार और दोस्त शामिल हुए थे | लखनऊ में अली फजल की फैमिली रहती है | वहीं दिल्ली में ऋचा चड्ढा के परिजनों के लिए शादी का रिसेप्शन रखा गया था | वहीं अब दोनों के इंडस्ट्री के सितारों और दोस्तों के लिए मुंबई में रिसेप्शन आयोजित करने जा रहे हैं | मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आयुष्मान खुराना, विकी कौशल, विद्या बालन, हुमा कुरैशी, करण जौहर, संजय दत्त और तापसी पन्नू को आमंत्रित किया गया है | ये सितारे मुंबई के रिसेप्शन में शामिल हो सकते हैं|

read more : उत्तरकाशी में बर्फीले तूफान की चपेट में आए पर्वतारोही,बचाव का काम जारी

उत्तरकाशी में बर्फीले तूफान की चपेट में आए पर्वतारोही,बचाव का काम जारी

उत्तरकाशी के द्रौपदी का डांडा-2 पहाड़ की चोटी पर बर्फीले तूफान में 29 पर्वतारोहियों के फंसने की खबर है। जानकारी के मुताबिक ये पर्वतारोही अपने अभियान के दौरान बर्फीले तूफान की चपेट में आ गए। सभी पर्वतारोही नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी के हैं। ये सभी पर्वतारोहण की ट्रेनिंग ले रहे थे। ताजा जानकारी के मुताबिक 29 में से 8 लोगों को बचा लिया गया जबकि 21 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। चिंता की बात है कि हादसे में दो प्रशिक्षार्थिों की मौत भी हो गई है। इन लोगों को सकुशल बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव का काम जारी है।

इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर इस हादसे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों को बाहर निकालने के लिए निम की टीम के साथ जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और आईटीबीपी के जवानों द्वारा तेजी से राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रक्षा मंत्री से बात कर रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए सेना की मदद लेने का अनुरोध किया गया है।

उन्होंने इस संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी बात की और रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के लिए सेना की मदद लेने का अनुरोध किया है। धामी ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से हर सम्भव सहायता देने के लिए आश्वस्त किया गया है। सभी को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

एसडीआरएफ की पांच टीमें रवाना

डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि एयरफोर्स से शासन ने संपर्क किया है। तीन हेलीकॉप्टर पूरे क्षेत्र की रेकी करेंगे। एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सहस्त्रधारा हेलीपैड से एसडीआरएफ की पांच टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो गई हैं। तीन टीमों को रिजर्व में रखा गया है। जरूरत पड़ने पर इन टीमों को भी रवाना किया जाएगा।

22 सितंबर से चल रहा था प्रशिक्षण

नेहरु पर्वतारोहण संस्थान निम का डोकरानी बामक ग्लेश्यिर में द्रोपदी डांडा-2 पहाड़ी पर बीते 22 सितंबर से बेसिक/एडवांस का प्रशिक्षण चल रहा था। जिसमें बेसिक प्रशिक्षण 97 प्रशिक्षार्थी, 24 प्रशिक्षक व निम के एक अधिकारी समेत कुल 122 लोग शामिल थे। जबकि एडवांस कोर्स में 44 प्रशिक्षणार्थी व नौ प्रशिक्षक समेत कुल 53 लोग शमिल थे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि क्रेवांस में फंसे लोगों को निकालने के लिए निम द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। घटना स्थल पर निम के पास दो सेटेलाइट फोन मौजूद हैं। रेस्क्यू अभियान के लिए निम के अधिकारियों के साथ निरन्त समन्वय किया जा रहा है।

read more : कानपुर के कोठी घाट पर गंगा में नहा रहे छह लोग डूबे , एक का मिला शव

कानपुर के कोठी घाट पर गंगा में नहा रहे छह लोग डूबे , एक का मिला शव

कानपुर के बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के अरौल कस्बे में कोठी घाट पर गंगा नदी में स्नान करते समय चार युवतियों समेत छह लोग डूब गए। इसमें एक युवक की मौत हो गई है। जबकि एक युवक और चार किशोरियां गंगा में लापता हैं। पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है और गंगा में उनकी तलाश की जा रही है। घाट पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र है। पुलिस और प्रशासन के अफसर भी पहुंच गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने छह एंबुलेंस मौके पर हैं। घटना को लेकर घाट पर कोहराम मच गया। बिल्हौर पुलिस समेत आस-पास के थाना क्षेत्रों की पुलिस मदद के लिए पहुंच गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार सुबह तीन युवक, दो बच्चे और एक युवती के साथ कोठी घाट पर गंगा नहा रहे थे।

नहाते समय बच्चे और युवती गहरे पानी में डूबने लगे तभी युवकों ने उन्हें बचाने के लिए गंगा में छलांग लगा दी। घाट के किनारे खड़े लोग कुछ समझ पाते कि सभी गंगा में डूब गए, इससे घाट पर हड़कंप मच गया। गांव वाले और गोताखोरों ने पुलिस को सूचना दी और उन्हें बचाने के लिए गंगा में कूद गए। गोताखोरों ने 20 वर्षीय सौरभ कटियार को बीच धारा से खींचकर निकाला। गांव वाले उसे सीएचसी बिल्हौर लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि विनय कुमार पटेल की 15 साल की बेटी अनुष्का, 13 साल की अंशिका पटेल, 20 साल के अभय कटियार, 18 साल के तनु कटिहार और मनु की तलाश जारी है। सभी लोग बरांडा गांव में संदीप कटिहार की कपड़े की दुकान के उद्घाटन में आए हुए थे।

कानपुर पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई

एसपी कानपुर आउटर तेजस्वरूप सिंह ने सोमवार को थाना प्रभारियों को मंगलवार को होने वाले गंगा स्नान पर विशेष सुरक्षा और एहतियात बरतने के निर्देश दिए थे। इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह ने अरौल चौकी प्रभारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी समेत सभी एसआई को स्नान व दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान गंगा तटों पर तैनात रहने के निर्देश दिए थे, लेकिन कोठी घाट पर हादसे के दौरान न कोई सुरक्षा व्यवस्था थी और न ही घाट पर पुलिस तैनात थी।

read more : वेंटिलेटर सपोर्ट पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव,सेहत में बहुत सुधार नहीं

वेंटिलेटर सपोर्ट पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव,सेहत में बहुत सुधार नहीं

सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की सेहत में बहुत सुधार नहीं आया है और वह तीसरे दिन भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में एडमिट हैं और डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। हालांकि ये कहा जा रहा है कि मुलायम के हेल्थ पैरामीटर में पहले की अपेक्षा कुछ सुधार आया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुलायम के बेटे अखिलेश यादव लगातार डॉक्टरों के संपर्क में बने हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि मुलायम के फेफड़े और किडनी में परेशानी है। इसके अलावा उनका बीपी भी अनियंत्रित है। उन्हें सांस लेने में समस्या की वजह से वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया है और किडनी की समस्या की वजह से डायलिसिस भी किया गया है। मुलायम को हाई एंटीबायोटिक भी दी जा रही है।

सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की तबीयत करीब तीन साल से गड़बड़ चल रही है। वह महीने में कभी दो बार तो कभी एक बार जांच के लिए अस्पताल में भर्ती होते रहे हैं। लेकिन, अगस्त महीने से उनकी हालत में लगातार गिरावट हुई है। मुलायम सिंह यादव को प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या बताई जाती है। इस वजह से वह लगातार मेदांता अस्पताल के विशेषज्ञों की निगरानी में रहते हैं। लखनऊ रहने पर किसी तरह की समस्या होने पर यहां के अस्पताल में दिखाते हैं। इससे पहले उन्हें 15 जून को मेदांता में भर्ती कराया गया था।

जहां रुटीन जांच के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। इसके बाद से लगातार उन्हें किसी न किसी तरह की समस्या बनी रही। उनकी पत्नी साधना गुप्ता के निधन के बाद उन्हें कई तरह की अन्य समस्याएं भी हो गई थीं। इस वजह से वह ज्यादातर वक्त दिल्ली में रहे।

सपा संरक्षक मुलायम के स्वस्थ होने की कामना

सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के मेदांता में भर्ती होने के बाद दिग्गज नेताओं ने उनके स्वस्थ होने की कामना की। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट कर उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। पार्टी नेताओें एवं कार्यकर्ताओं ने उनके स्वास्थ्य में सुधार को लेकर धार्मिक अनुष्ठान भी किए।

पीएम मोदी ने अखिलेश को दिया हर मदद का भरोसा

बता दें कि इससे पहले खबर सामने आई थी कि पीएम मोदी ने मुलायम का हाल चाल जानने के लिए खुद अखिलेश को फोन किया था और कहा था कि घबराने की कोई बात नहीं है। मैं हर मदद के लिए खड़ा हूं। पीएम मोदी के साथ-साथ अन्य राजनीतिक हस्तियों ने भी उनकी अच्छी सेहत के लिए कामना की थी और अखिलेश यादव को हिम्मत दी थी।

केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल व राज बब्बर ने जाना नेताजी का हाल

केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की और उनसे मुलायम सिंह यादव की तबीयत के बारे में जानकारी ली। बता दें कि विधानसभा चुनाव में बघेल ने अखिलेश के खिलाफ चुनाव लड़ा था। वहीं, कांग्रेस नेता राज बब्बर भी मेदांता अस्पताल पहुंचे और सपा संरक्षक का हाल जाना। वहीं, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी मेदांता पहुंचकर नेताजी के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

read more : डीजी (जेल) की हत्‍या से प्रशासन स्‍तब्‍ध ,हत्‍या का संदिग्‍ध आरोपी नौकर यासिर गिरफ्तार

डीजी (जेल) की हत्‍या से प्रशासन स्‍तब्‍ध ,हत्‍या का संदिग्‍ध आरोपी नौकर यासिर गिरफ्तार

केंद्र प्रशास‍ित प्रदेश जम्‍मू-कश्‍मीर में डीजी (जेल) हेमंत कुमार लोहिया की हत्‍या से पूरा प्रशासनिक अमला स्‍तब्‍ध है | मुख्‍य संदिग्‍ध के तौर पर उनके घरेलू नौकर यासिर अहमद का नाम सामने आया है | घटना के बाद से ही यासिर फरार था | जिसे पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया | उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने व्‍यापक अभियान चलाया था | पूरे इलाके को सील कर दिया गया था | ताकि संदिग्‍ध इलाके से बाहर न जा सके | इन सबके बीच संदिग्‍ध हत्‍यारोपी यासिर अहमद की डायरी बरामद हुई | जिससे उसकी मानस‍िक स्थिति का पता चलता है | वहीं, मृतक हेमंत कुमार लोहिया के आवास पर आलाधिकारियों का आना-जाना लगातार जारी है |

जम्‍मू-कश्‍मीर के मुख्‍य सचिव अरुण मेहता, गृह सचिव आरके गोयल, पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह समेत अन्‍य अधिकारी जेल महानिदेशक हेमंत कुमार लोहिया के आवास पर पहुंचे | इसके साथ ही पुलिस के आला अधिकारी भी लोहिया के आवास के उस हिस्‍से का मौका मुआयना किया जहां उनकी हत्‍या कर दी गई | जम्मू-कश्मीर एडीजीपी मुकेश सिंह के अनुसार,सोमवार रात को हेमंत कुमार लोहिया की उदय वाला में उनके दोस्त के घर पर हत्या हुई थी | उन्‍होंने बताया कि घरेलू नौकर रामबन निवासी निवासी यासिर अहमद (उम्र 23 साल) घटनास्थल से फरार हो गया था | शुरुआती जांच में उसकी पहचान मुख्य संदिग्‍ध के तौर पर की गई है | मुकेश सिंह ने बताया कि हेमंत कुमार लोहिया की हत्या के बाद फॉरेंसिक साइंस की टीम ने कुछ सैंपल एकत्रित किए हैं | फिलहाल उनकी जांच की जा रही है |

यासिर ने लिखा मुझे अपनी जिंदगी से नफरत है

नौकर यासिर अहमद के कमरे से मिली डायरी में उसने लिखा है कि मैं अपनी जिंदगी से नफरत करता हूं। जीवन बस एक दुख है। इसके साथ ही डायरी के पन्ने पर मोबाइल फोन की बैटरी का चित्र बनाया गया है | जिसके साथ लिखा है मेरी जिंदगी सिर्फ 1%, प्यार 0%, तनाव 90%, दुख 99% और फर्जी मुस्कराहट 100%”। नौकर ने डायरी में लिखा है प्रिय माैत, मेरी जिंदगी मे आओ, मुझे अफसाेस है कि मेरे दिन, सप्ताह, महीने, साल, जिंदगी सब खराब हैं। इसके अलावा यासिर की डायरी में हिंदी गीत ‘भुला देना मुझे भी’ लिखा है। पुलिस के अनुसार यह सभी चीजें नौकर की विक्षिप्त मानसिकता को दर्शा रही हैं। नौकर ने डायरी में यह भी लिखा है “मैं जैसी जिंदगी जी रहा हूं, मुझे उससे कोई प्रॉब्लम नहीं है… प्रॉब्लम इस बात से है आगे हमारा क्या होगा।”

छह महीने से कर रहा था काम

हत्या के बाद से उनका नौकर यासिर अहमद फरार हो गया था। यासीर अभी छह महीने पहले ही काम पर लगा था। पुलिस नौकर के आतंकी कनेक्शन की जांच भी कर रही है। गिरफ्तारी के बाद से उससे पूछताछ लगातार जारी है।

आतंकी संगठन पीएएफएफ ने ली हत्या की जिम्मेदारी

पुलिस का कहना है कि अभी तक उसका कोई आतंकी कनेक्शन सामने नहीं आया है। मालूम हो कि एक आतंकी संगठन पीएएफएफ ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। पुलिस उस संगठन के जारी पत्र की भी जांच कर रही है।

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राहुल गांधी के साथ देने के लिए सोनिया गांधी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में होंगी शामिल

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी छह अक्टूबर को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होकर अपने बेटे राहुल गांधी के साथ सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। सोनिया के अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के भी मैसूर पहुंचने की उम्मीद है। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव से पहले पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी कर्नाटक के मैसूरु पहुंच गईं हैं। हालांकि प्रियंका अब शुक्रवार को यात्रा में शामिल होंगी जब यह यात्रा नागमंगला मांड्या जिले से होकर गुजरेगी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि सोनिया गांधी बृहस्पतिवार को यात्रा में शामिल होंगी। भारत जोड़ो यात्रा के बारे बात करते हुए उन्होंने कहा कि दशहरे के कारण चार और पांच अक्टूबर को यात्रा को विश्राम दिया जाएगा और फिर छह अक्टूबर की सुबह यात्रा प्रारंभ होगी।

लंबे समय बाद सोनिया गांधी पार्टी के किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगी। स्वास्थ्य कारणों के चलते वह पिछले कुछ चुनावों में प्रचार भी नहीं कर सकी हैं। राहुल के कोडागु जिले के एक रिसॉर्ट में रुकने की उम्मीद है। ऐसी भी अटकलें हैं कि राहुल गाँधी प्रसिद्ध दशहरा जंबू सावरी को देखने के लिए बुधवार को मैसूरु में होंगे। राहुल गांधी और कांग्रेस के कई अन्य नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने गत सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरुआत की थी। इन दिनों यात्रा कर्नाटक में है। यात्रा का समापन अगले साल की शुरुआत में कश्मीर में होगा। इस यात्रा में कुल 3570 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी।

राहुल गाँधी को काले झंडे दिखाने की योजना में भाजपा

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को काले झंडे बांट रही है | जिन्हें शहर में विपक्षी दल की भारत जोड़ो यात्रा के पहुंचने पर राहुल गांधी को दिखाये जाने की योजना है। यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने कहा मुझे पता चला है कि भाजपा नेताओं ने मैसुरु में सभी जगह काले झंडे बांटे हैं। मैं पुलिस आयुक्त से बात करूंगा। काले झंडे दिखाना, पत्थर और अंडे फेंकना हमें डराएगा नहीं | उन्हें जो करना है करने दीजिए। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री प्रियांक खड़गे ने दावा किया कि राज्य में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को मिल रही प्रतिक्रिया से भाजपा ‘चिंतित’ है।

मंदिर में किए दर्शन

कर्नाटक में यात्रा के तीसरे दिन राहुल गांधी ने नंजनगुड स्थित प्रसिद्ध प्राचीन श्रीकांतेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इससे पहले राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने यहां खादी ग्रामोद्योग केंद्र का दौरा किया। आपको बता दें कि सन 1927 और 1932 में महात्मा गांधी ने भी दौरा किया था।

read more : कानपुर में भीषण सड़क हादसे में 26 लोगों की मौत ,दर्जनों के घायल

कानपुर में भीषण सड़क हादसे में 26 लोगों की मौत ,दर्जनों के घायल

कानपुर में शन‍िवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में 26 लोगों की मौत हो गई। ज‍िसमें ज्‍यादातर मह‍िलाएं और बच्‍च‍ियां शाम‍िल है। देर रात से शुरु हुआ पोस्‍टमार्टम का स‍िलस‍िला सुबह चार बजे तक जारी रहा। आज सभी का अंत‍िम संस्‍कार क‍िया जाएगा। कानपुर के साढ़ थानाक्षेत्र के साढ़-घाटमपुर मार्ग पर शन‍िवार देर रात तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्राली अनियंत्रित होकर पानी से भरे गड्ढा में पलटने से एक ही गांव के 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दो दर्जन से अधिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मरने वालों में 9 बच्चे, 12 महिलाएं और 5 किशोर शामिल हैं। मौके पर एक दर्जन एम्बुलेंस बुलानी पड़ीं। शवों को सीएचसी घाटमपुर भेजा गया और घायलों को हैलट अस्पताल भिजवाया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर हादसे पर शोक जताते हुए घायलों का उचित इलाज करने के आदेश दिए हैं। रातभर शवों का पोस्‍टमार्टम चला। पुल‍िस और एंबुलेंस के सायरन की आवाज कोराथा गांव के सन्‍नाटों को पूरी रात चीरती रही। जब भी कोई गाड़ी गांव में दाख‍िल होती तो चीख पुकार मच जाती। कस्बे के कोरथा गांव में रहने वाले राजू निषाद के एक साल के बेटे का मुंडन संस्कार था। शनिवार सुबह 11 बजे राजू ट्रैक्टर ट्रॉली से निषाद समुदाय के 50 लोगों को लेकर उन्नाव के बक्सर स्थित चंद्रिका देवी मंदिर गया था। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी थे। मुंडन के बाद दोपहर तीन बजे सभी लोग वापस गांव के लिए निकले थे।

शराब ठेके पर पी शराब

घायल एक महिला ने बताया कि गांव लौटने के दौरान रास्ते में देसी शराब का ठेका पड़ा। यहां ट्रैक्टर रोककर सभी पुरुषों ने शराब पी। इसके बाद राजू ने ट्रैक्टर तेजी से लहराकर चलाना शुरू कर दिया। महिला के मुताबिक कई बार उसे टोका भी गया पर माना नहीं। हरदेव बाबा मंदिर के पास पहुंचे ही थे तभी ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और किनारे गड्ढे में जा गिरा। बताया जा रहा है कि इसमें बारिश का पानी भरने के कारण यह तालाब के रूप में तब्दील हो चुका है। हादसे की सूचना पर कमिश्नर, डीएम, एसपी कानपुर आउटर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने गड्ढे से लोगों के शव किसी तरह निकालने शुरू किए।

कानपुर का हैलट हॉस्पिटल छावनी में तब्दील

कानपुर नगर में ट्रैक्टर की ट्राली पलट जाने से लगभग 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मौके पर आठ एम्बुलेंस 108 और 102 ने तुरंत मरीजों को सीएससी में भर्ती करा दिया। उसके बाद मरीजों को हैलट मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। हैलट हास्पिटल को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहीं, हास्पिटल में पहले से भर्ती मरीजों को वार्ड्स में शिफ्ट किया गया है।

एक साथ तैयार हुईं 26 अर्थ‍ियां

गांव में सुबह से ही शवों का आना शुरु हो गया था। आज सभी का एक साथ अंत‍िम संस्‍कार क‍िया जाएगा। आंसुओं के सैलाब के बीच सुबह से अर्थ‍ियों को तैयार करने का स‍िलस‍िला जारी है। ढाई साल की एक बच्ची हादसे के बाद से लापता है, जिसे आज रेस्क्यू टीम लगाकर तलाशा जाएगा। देर रात लापरवाही बरतने पर साढ़ थाना प्रभारी आनंद कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया है।

कानपुर सड़क हादसे में पीएम मोदी और सीएम योगी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाटमपुर सड़क हादसे में हुई लोगों की मौत पर दुख जताया और उनके परिजनों के लिए राहत कोष से मदद दिए जाने की घोषणा की। पीएम राहत कोष से हादसे में मारे गए व्यक्ति के परिजन को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घाटमपुर ट्रैक्टर-ट्राली हादसे में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवदेना व्यक्ति करते हुए हादसे में घायल हुए लोगों के उचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। घायलों को 50 हजार और मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया गया है।

read more : पाकिस्तान पर फिर डिजिटल स्ट्राइक,पाकिस्तानी सरकार के ट्विटर अकाउंट बंद

पाकिस्तान पर फिर डिजिटल स्ट्राइक,पाकिस्तानी सरकार के ट्विटर अकाउंट बंद

भारत में पाकिस्तान की शहबाज सरकार के खिलाफ बड़ी ‘डिजिटल स्ट्राइक’ हुई है। जानकारी के अनुसार, भारत में पाकिस्तान सरकार का ट्विटर अकाउंट बैन हो गया है। भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेते हुए पाकिस्तानी सरकार के ट्विटर अकाउंट बंद कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। ब्लॉक किए गए ट्विटर अकाउंट के पेज पर दिखाई दे रही जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान सरकार के अकाउंट को कानूनी मांग के जवाब में भारत में बंद कर दिया गया है। हाल ही में पीएफआई पर पांच साल के बैन के विरोध में पाकिस्तानी दूतावास की तरफ से ट्वीट किया गया था। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के कनाडा में स्थित दूतावास ने इस कार्रवाई पर भारत का विरोध किया और पीएफआई के समर्थन में बातें कही थी।

माना जा रहा है कि इस वजह से भारत में पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट बैन किया गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के कनाडा में स्थित दूतावास के एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट, जो पीएफआई के समर्थन में था, खूब वायरल हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान महावाणिज्य दूतावास वैंकूवर के आधिकारिक हैंडल ने प्रतिबंधित पीएफआई के समर्थन में ट्वीट किया था। यही नहीं आपत्तिजनक ट्वीट के साथ इसमें पाकिस्तान विदेश मंत्रालय और पाक सरकार को टैग भी किया गया। सोशल मीडिया पर इस ट्वीट के खिलाफ लोगों ने काफी गुस्सा निकाला। यह पोस्ट भी काफी वायरल हुई थी। वायरल स्क्रीनशॉट में ट्वीट किया गया था |

भाजपा शासित राज्यों में हिरासत के नाम पर बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हो रही हैं। यह और कुछ नहीं बल्कि पीएफआई को निशाना बनाने वाली केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा लोकतांत्रिक मू्ल्यों का हनन है। इस निरंकुश व्यवस्था के तहत इस तरह की कार्रवाई अपेक्षित थी |

पीएफआई का अकाउंट पहले से बैन

हाल ही में भारत सरकार ने पीएफआई पर बैन लगाने के बाद उसके ट्विटर अकाउंट पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। सरकार की शिकायत पर ट्विटर इंडिया ने यह एक्शन लिया था। पीएफआई इंडिया के ट्विटर अकाउंट के अलावा पीएफआई की टॉप लीडरशीप जिसमें अनीस अहमद जनरल सेक्रेटरी और नेशनल चेयरमैन का अकाउंट भी ट्विटर इंडिया ने बैन कर दिया है। इन दोनों को छापे के दौरान एनआईए ने गिरफ्तार किया था।

ट्विटर ने दिया जवाब

रिपोर्ट के अनुसार, जून में, पाकिस्तान मीडिया ने रिपोर्ट किया था कि नई दिल्ली ने भारत के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत कई दूतावासों, पत्रकारों और कुछ प्रमुख हस्तियों के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर प्रतिबंध लगाकर देश में सूचना के प्रवाह पर पूरी तरह से रोक लगा दिया है। ट्विटर ने भारत पर पाकिस्तानी पत्रकारों के अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने पर एक बयान जारी किया। माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ने कहा, वैलिड लीगल डिमांड के रिस्पांस में कुछ कंटेट को रोकना आवश्यक हो जाता है। जहां कंटेट को अवैध माना जाता है। हमें प्राप्त होने वाली लीगल रिक्वेस्ट ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट में विस्तृत हैं, और कंटेट को रोकने के अनुरोध लुमेन पर प्रकाशित किए जाते हैं।

भारत को बदनाम करने की साजिश

केन्द्र सरकार के मुताबिक, ट्विटर पर कई भारत विरोधी ताकत तेजी से पनप रही थी | जिसका का कनेक्शन सीधे पाकिस्तान से होता था। वही कुछ लोग और संगठन को घूस देकर भारत में अल्पसंख्यकों और दलितों पर कथित अत्याचार वाली ट्विट लिखने के लिए लाखों रुपये दिए जाते थे। ये एक तरह से भारत को बदनाम करने के लिए प्रोपगंडा फैलाने वाला विज्ञापन होता था। इसमें कई पत्रकार भी शामिल होतो थे | जो बकायदा लेख लिखा करते थे। वो उसके बाद पास करते थे। अगर स्टोरी पास हो गई तो एक एक अच्छी खासी रकम दी जाती थी। ये भारत को दुनिया भर में बदनाम करने के लिए मकसद किया जाता था।

कई बार लताड़ चुका है भारत

हाल ही में बाइडेन प्रशासन ने एफ-16 लड़ाकू विमानों के लिए 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर (45 करोड़ रुपये) के मेंटनेंस पैकेज को मंजूरी दी थी। इस पर भारत ने बड़ी आपत्ति जताई थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पाकिस्तान को सहायता दिए जाने का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान इस तरह के मेंटेनेंस पैकेज का इस्तेमाल भारत में आतंकवाद में करता रहा है। जयशंकर ने कहा था कि पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान अपने एफ-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कहां और किसके खिलाफ करता है।

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एंबुलेंस के लिए रोका अपना काफिला , गांधीनगर जा रहे थे पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज गृह राज्य गुजरात में एक एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए अपना काफिला रुकवा दिया। पीएम मोदी शुक्रवार को अहमदाबाद से गांधीनगर जा रहे थे। पीएम नरेंद्र मोदी इस वक्त गुजरात दौरे पर हैं। इस दौरान पीएम मोदी जब अहमदाबाद से गांधीनगर की ओर जा रहे थे | तभी उन्होंने एक एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए अपने काफिले को रुकवा दिया। जानकारी के मुताबिक, यह वाकया अहमदाबाद से गांधीनगर जाते वक्त भाट गांव के पास हुआ | जब काफिला यहां गुजर रहा था तो पीएम नरेंद्र मोदी ने देखा कि पीछे से एंबुलेंस आ रही है |

उन्होंने तुरंत काफिले को सड़क किनारे खड़े होने को कहा | इसके बाद जब एंबुलेंस वहां से गुजर गई, तब ही उनका काफिला आगे बढ़ा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन गुजरात दौरे पर थे | दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को उन्होंने गांधीनगर और मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई | इसके अलावा उन्होंने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया | पीएम मोदी ने वंदे भारत ट्रेन को हवाई जहाज का विकल्प बताया और कहा कि वंदे भारत ट्रेन से लोगों का सफर आसान होगा |

पीएम मोदी ने कहा कि देश में ऐसे नए शहरों का निर्माण किया जा रहा है जो वैश्विक व्यापार मांग के अनुरूप हों। इसके साथ ही पुराने शहरों में सुधार और उनके विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने गांधीनगर-अहमदाबाद की तर्ज पर देश में जुड़वां नगर विकसित किए जाने पर जोर दिया। जुड़वां नगर कैसे विकसित किए जाते हैं, इसका बेहतर उदाहरण गांधीनगर और अहमदाबाद हैं। ऐसे शहरों में न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी की अक्सर चर्चा होती है, ऐसे में भारत कैसे पीछे रह सकता है।

काफिला रुकते ही तेजी से निकली एंबुलेंस

इस वीडियो को गुजरात के गृहमंत्री हर्ष सांघवी ने भी ट्विटर पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, ”जनता की सरकार। गांधीनगर से अहमदाबाद जाते समय पीएम नरेंद्र मोदी जी का काफिला एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए रुका। जैसे ही प्रधानमंत्री का काफिला रुकता है, वैसे ही एंबुलेंस तेजी से निकल जाती है।

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी

पीएम नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर और मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के नए और उन्नत संस्करण को शुक्रवार को हरी झंडी दिखायी और इसके बाद ट्रेन में सवार होकर उन्होंने गांधीनगर से अहमदाबाद के कालूपुर स्टेशन तक यात्रा भी की। पीएम मोदी ने सुबह करीब साढ़े 10.30 बजे गांधीनगर रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखायी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बों का निरीक्षण किया और उसमें उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।

पीएम ने किया अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना का उद्घाटन

वहीं इससे पहले पीएम नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को अहमदाबाद में थलतेज और वस्त्राल के बीच अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया और इसमें सफर भी किया। प्रधानमंत्री ने मेट्रो ट्रेन के पूर्वी-पश्चिमी गलियारे के कालूपुर स्टेशन पर परियोजना का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, सांसद सी आर पाटिल और किरीट सोलंकी भी उनके साथ थे।

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आईसीसी ने किया ऐलान चैंपियन बनने वाली टीम को इतना मिलेगा प्राइस मनी

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने इस बात का ऐलान कर दिया है कि अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को कितनी प्राइज मनी मिलेगी। आईसीसी ने इसका ऐलान 30 सितंबर को किया। आपको बता दें कि इस बार विश्व कप में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं। 8 टीमें 16 से 21 अक्टूबर तक क्वालीफायर खेलेंगी जिनमें से चार टॉप टीमें सुपर 12 में टॉप रैंकिंग वाली आठ टीमों के साथ जुड़ेंगी। फिर 22 अक्टूबर से खेला जाएगा सुपर 12 राउंड। 13 नवंबर को फाइनल मुकाबला होगा और इस बार विश्व विजेता बनने वाली टीम को 1.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 13 करोड़ 4 लाख भारतीय रुपए का प्राइज मनी दिया जाएगा।

आईसीसी ने अपने बयान में कहा कि रनर अप टीम को 8 लाख यूएस डॉलर यानी प्राइज मनी के तौर पर करीब साढ़े छह करोड़ रुपये मिलेंगे | टी20 वर्ल्ड कप की कुल प्राइज मनी 5.6 मिलियन यूएस डॉलर यानी 45 करोड़ रुपये होगी | आईसीसी के मुताबिक, सेमीफाइनल हारने वाली टीम को कुल प्राइज मनी में से 4 लाख डॉलर (3.26 करोड़ रुपये) मिलेंगे | वहीं, सुपर 12 राउंड से बाहर होने वाली 8 टीमों में से हर टीम को 70 हजार यूएस डॉलर (57 लाख) रुपये इनाम के तौर पर मिलेंगे | पिछले साल हुए आईसीसी टी20 विश्व कप की तरह सुपर-12 राउंड में होने वाले मैच में से हर जीत के लिए टीम को 40 हजार यूएस डॉलर मिलेंगे |

क्या है इस वर्ल्ड कप का फॉर्मेट ?

टी20 वर्ल्ड कप 2022 के क्वालीफायर से 4 टीमें टूर्नामेंट में शामिल होंगी। इस बार क्वालीफायर में पूर्व विश्व चैंपियन श्रीलंका और वेस्टइंडीज की टीमें भी मौजूद होंगी। इनके अलावा जिम्बाब्वे, आयरलैंड, यूएई, स्कॉटलैंड, नामीबिया और नीदरलैंड भी क्वालीफायर राउंड में शामिल होंगे। इस बार टूर्नामेंट 16 अक्टूबर से 13 नवंबर तक खेला जाएगा। मेन राउंड में टॉप-8 रैंकिंग वाली टीमें निश्चित हैं। वहीं चार टीमें क्वालीफाइंग राउंड से आएंगी। इसके बाद 6-6 टीमें दो ग्रुप में बंटेंगी और पांच-पांच लीग मैच खेलेंगी। इसके बाद टॉप-2 टीमें दोनों ग्रुप से सेमीफाइनल में जाएंगी।

पहले राउंड में बाहर होंगी चार टीमें

सुपर-12 से पूर्व पहले राउंड के मुकाबले होंगे। इसमें आठ टीमें शामिल होंगी। इनमें से चार टीमें बाहर हो जाएंगी। उन्हें 40,000 डॉलर (करीब 32.63 लाख रुपये) से संतोष करना पड़ेगा। पहले राउंड में नामीबिया, नीदरलैंड, श्रीलंका, यूएई, आयरलैंड, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की टीमें खेलेंगी।

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वरुण धवन की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘ भेड़िया ’ का टीजर रिलीज

वरुण धवन और कृति सेनन की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘भेड़िया’ की रिलीज का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं | फिल्म अपने नाम के चलते ही लंबे समय से चर्चा में है और अब जब फिल्म का टीजर रिलीज हो गया है तो दर्शकों के बीच मची हलचल और भी तेज हो गई है | दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी है, खासकर हर कोई यह जानने को बेताब है कि इस फिल्म में भेड़िया बनकर वरुण धवन क्या नया करने वाले हैं | जिसमें वरुण धवन अपने अब तक के निभाए सभी किरदारों से अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं |

ऐसे में अभिनेता के फैंस की एक्साइटमेंट भी फिल्म को लेकर बढ़ गई है | अपनी हॉरर कॉमिडी फिल्म स्त्री के बाद अब अमर कौशिक एक और अनोखी फिल्म लेकर आ रहे हैं। इस फिल्म के जरिए वह ‘क्रीचर कॉमेडी’ का नया जॉनर पेश करने जा रहे हैं। फिल्म की बात करें तो 25 नवंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिल्म में बतौर मुख्य अभिनेता वरुण धवन नज़र आएंगे। वहीं, उनके साथ अभिनेत्री कृति सेनन एक बार फिर स्क्रीन शेयर करती नजर आएंगी। भेड़िया के टीजर से जाहिर होता है कि यह वरुण धवन के फैंस के लिए बड़ा सरप्राइज साबित होने वाला है | अमर कौशिक के निर्देशन में बनी भेड़िया का टीजर देखते ही आपको जंगलों के बीच घूमते, शिकार करते खूंखार भेड़ियों की याद आ जाएगी |

जो घनघोर अंधेरा छाते ही शिकार पर निकल पड़ते हैं | जिनकी आवाज से ही किसी के भी मन में सिहरन पैदा हो जाए | घने अंधेरे और जंगल के बीच शिकार पर निकला भेड़िया,भागते हुए वरुण धवन और फिर आग की लपटों से बनते भेड़िया को देखकर आप भी कह उठेंगे, भागो भेड़िया आया |

कैसा है टीजर

जियो स्टूडियोज की ओर से भेड़िया का टीजर रिलीज हुआ है, जिस में बताया गया है कि 19 नवंबर को फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया जाएगा। आज रिलीज किए गए टीजर में भेड़िया के साथ ही कुछ वीएफएक्स और जोरदार बैकग्राउंड रैप सुनने को मिलता है। वहीं ये भी दिखाया गया है कि भेड़िया कैसे इस कहानी का हीरो है। हालांकि इस टीजर में वरुण धवन या कृति सेनन नहीं नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये टीजर वायरल होना शुरू हो गया है।

भेड़िया की टीम

फिल्म का टीजर शेयर करते हुए वरुण ने लिखा- ‘बनेगा इंसान उसका नाश्ता।’ भेड़िया का निर्देशन अमर कौशिक ने किया है, और इसके प्रोड्यूसर दिनेश विजान हैं। भेड़िया के राइटर निरेन भट्ट हैं और म्यूजिक सचिन जिगर ने दिया है। फिल्म के गानों के बोल अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखे हैं। टीजर देखकर लग रहा है कि फिल्म में कुछ अच्छे एक्शन सीक्वेंस हो सकते हैं, तो बता दें कि फिल्म के एक्शन डायरेक्टर डैरेल मैक्कलीन और रियाज- हबीब हैं।

read more : कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव को लेकर सस्पेंस खत्म,मल्लिकार्जुन खड़गे होंगे पार्टी के उमीदवार

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव को लेकर सस्पेंस खत्म,मल्लिकार्जुन खड़गे होंगे पार्टी के उमीदवार

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव को लेकर बना सस्पेंस नामांकन के आखिरी दिन अब खत्म होता दिख रहा है। दो दिनों से अध्यक्ष पद की रेस में दिख रहे दिग्विजय सिंह अब इससे हट गए हैं। शुक्रवार को नामांकन के आखिरी दिन उन्होंने इसका ऐलान किया है। दिग्विजय सिंह ने गांधी परिवार से वफादारी का नाम लेते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे के समर्थन में बैठने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मैंने मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और कहा कि यदि आप फॉर्म भर रहे हैं तो मैं आपके साथ हूं। मैंने साफ कहा कि आपके खिलाफ लड़ने की मैं सोच भी नहीं सकता हूं।

इसलिए मैंने अब तय किया है कि उनका प्रस्ताव बनूंगा। कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है | पार्टी ने दिग्विजय सिंह से अपना नामांकन नहीं करने को कहा है | ऐसे में अगर कुछ अप्रत्याशित नहीं होता है तो मल्लिकार्जुल खड़गे का कांग्रेस अध्यक्ष बनना लगभग तय है |

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ऐलान करते हुए कहा कि वे पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे और वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावक बनेंगे | वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जी-23 गुट के नेताओं ने भी खड़गे का समर्थन करने का फैसला किया है | दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने अपनी पूरी जिंदगी कांग्रेस पार्टी की सेवा में लगा दी | आगे भी ऐसा करूंगा | मैं तीन चीजों पर कभी समझौता नहीं करता | दलित, आदिवासी और गरीब | जो लोग देश का सामाजिक सौहार्द बिगाड़ रहे हैं | उनके खिलाफ लड़ना मेरा दृढ़ निश्चय है और नेहरू-गांधी परिवार के लिए प्रतिबद्ध हूं | मल्लिकार्जुन खड़गे के पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार बनने के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी उनसे मिलने के लिए पहुंचे हैं |

मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम पर बनी सहमति 

अशोक गहलोत का नाम पहले अध्यक्ष पद के लिए आया था | राजस्थान के सियासी संकट के बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है | मिली जानकारी के मुताबिक बीती रात कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के घर हुई बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम पर सहमति बनी और शुक्रवार की सुबह सभी नेताओं से बातचीत करके केसी वेणुगोपाल ने मल्लिकार्जुन खड़गे को नामांकन दाखिल करने को कहा है | इससे पहले कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और पीएल पुनिया ने मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की है | मुलाकात के बाद प्रमोद तिवारी ने कहा कि मैं, पीएल पुनिया और सलमान खुर्शीद मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावक बनेंगे |

मल्लिकार्जुन खड़गे की एंट्री से आया नया ट्विस्ट

अशोक गहलोत के अध्यक्ष पद की रेस से बाहर होने के बाद सारी निगाहें दिग्विजय सिंह पर टिकी थीं। लेकिन मल्लिकार्जुन खड़गे की एंट्री ने इस चुनाव में नया ट्विस्ट ला दिया । उधर, शशि थरूर भी आज नामांकन दाखिल करने वाले हैं। अब इस चुनाव में शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे की सीधी टक्कर की संभावना बढ़ गई है। क्योंकि जी-23 ग्रुप की ओर से भी मल्लिकार्जुन खड़गे को समर्थन देने का ऐलान किया गया है।

कमलनाथ ने कहा खड़गे का साथ देंगे

भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि दिग्विजय सिंह से बात हुई है। उन्होंने कहा कि मैं नामांकन नहीं करुंगा। हम मल्लिकार्जुन खड़गे का साथ देंगे। कमलनाथ ने कहा कि मुझे नहीं मालूम दिग्विजय सिंह और मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह फैसला क्यों लिया। हालांकि इससे पहले कमलनाथ और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने दिग्विजय सिंह के नामांकन फॉर्म लेने पर कहा था कि अभी उन्होंने सिर्फ फॉर्म लिया है |

जब वह (दिग्विजय सिंह) अध्यक्ष बन जाएंगे तब सोचेंगे, दोनों वरिष्ठ नेताओं के बयान से अंदाज लगाया जा सकता है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस दिग्विजय सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते नहीं देखना चाहती थी, यहां कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दो गुटों में बंट गए थे।

भाजपा देखे कैसे होता है चुनाव

इस बीच कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के चुनाव के बहाने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा अपनी आंख खोलो और देखो की कांग्रेस में चुनाव होता है आपके यहां नहीं होता। प्रमोद तिवारी ने कहा कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने निर्णय लिया है कि वे खड़गे जी के प्रस्तावक बनेंगे। उनको मैं प्रणाम करता हूं। गांधी परिवार ने इस चुनाव में कुछ दखल नहीं दिया।

read more : रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में की 0.50% की बढ़ाेत्तरी,बैंक से लोन लेना होगा महंगा

रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में की 0.50% की बढ़ाेत्तरी,बैंक से लोन लेना होगा महंगा

महंगाई से निपटने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट में बढ़ोतरी कर दी है | भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज सुबह 10 बजे रेपो रेट में 0.50 फीसदी की वृद्धि का ऐलान किया | इसके साथ ही अब बैंक से लोन लेना महंगा हो जाएगा | वहीं इससे होम, कार समेत सभी लोन पर आपकी ईएमआई बढ़ जाएगी | भारतीय रिजर्व बैंक के ऐलान के बाद अब रेपो रेट बढ़कर 5.40 से बढ़कर 5.90 फीसदी हो गया है | दरअसल सभी बैंक ब्याज की दरें तय करने के लिए रेपो रेट को बतौर बेंचमार्क इस्तेमाल करते हैं |

इसलिए अगर रेपो रेट बढ़ता है तो बैंक भी लोन पर इंटरेस्ट बढ़ा देते हैं | वहीं रेपो रेट घटने पर लोन सस्ता हो जाता है | इस बार से नीतिगत दरों में वृद्धि के कारण होम लोन की दरें अब 8.55 फीसदी को पार कर जाएगी | ऐसे में लोगों के लिए घर खरीदने के लिए होम लोन महंगा हो जाएगा | बाय-मंथली बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि सप्लाई चेन प्रभावित होने और जरूरी सामान की आसमान छूती कीमत ने ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के लिए मजबूर किया है।

अमेरिकी फेड रिजर्व ने बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी 

अमेरिकी फेड रिजर्व ने ब्याज दरों में लगातार तीसरी बार 75 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ गया है। साथ ही खुदरा महंगाई भी अगस्त में फिर बढ़ गई है। बता दें कि पिछले महीने 5 अगस्त को आरबीआई ने रेपो रेट को आधा फीसदी बढ़ाकर 5.40 फीसदी कर दिया था। इससे पहले, 4 मई 2022 को, आरबीआई ने पॉलिसी रेपो रेट को 40 आधार अंक बढ़ाकर 4.40% करके सबको चौंका दिया था | जबकि स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर को 4.15% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट और बैंक रेट को 4.65% पर एडजस्ट किया था।

रेपो रेट क्या है ?

इसे आसान भाषा में ऐसे समझा जा सकता है। बैंक हमें कर्ज देते हैं और उस कर्ज पर हमें ब्याज देना पड़ता है। ठीक वैसे ही बैंकों को भी अपने रोजमर्रा के कामकाज के लिए भारी-भरकम रकम की जरूरत पड़ जाती है और वे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से कर्ज लेते हैं। इस ऋण पर रिजर्व बैंक जिस दर से उनसे ब्याज वसूल करता है, उसे रेपो रेट कहते हैं।

रेपो रेट से आम आदमी पर क्या पड़ता है प्रभाव

जब बैंकों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होगा यानी रेपो रेट कम होगा तो वो भी अपने ग्राहकों को सस्ता कर्ज दे सकते हैं। और यदि रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाएगा तो बैंकों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाएगा और वे अपने ग्राहकों के लिए कर्ज महंगा कर देंगे।

क्या होता है रिवर्स रेपो रेट

यह रेपो रेट से उलट होता है। बैंकों के पास जब दिन-भर के कामकाज के बाद बड़ी रकम बची रह जाती है, तो उस रकम को रिजर्व बैंक में रख देते हैं। इस रकम पर आरबीआई उन्हें ब्याज देता है। रिजर्व बैंक इस रकम पर जिस दर से ब्याज देता है, उसे रिवर्स रेपो रेट कहते हैं।

रिवर्स रेपो रेट का आम आदमी पर कैसे पड़ता है प्रभाव

जब भी बाजारों में बहुत ज्यादा नकदी दिखाई देती है | आरबीआई रिवर्स रेपो रेट बढ़ा देता है | ताकि बैंक ज्यादा ब्याज कमाने के लिए अपनी रकम उसके पास जमा करा दें। इस तरह बैंकों के कब्जे में बाजार में छोड़ने के लिए कम रकम रह जाएगी।

6% से ऊपर रहने की आशंका

आरबीआई ने अपनी मौद्रिक पॉलिसी में अनुमान लगाया है कि अगली तीन तिमाही में महंगाई दर 6.3 फीसदी से ऊपर रहने की आशंका है। आरबीआई ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध से सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण महंगाई में उछाल आने की बात कही है। आरबीआई का कहना है कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती से आसमान छूती महंगाई से राहत मिलेगी।

विकास की रफ्तार तेज बनी रहेगी

रुपया टूटा है लेकिन दुनिया के इमर्जिंग मार्केट में इसकी सबसे अच्छी है। उन्होंने आगे कहा कि कच्चा तेल अगले 6 महीने में भारतीय बास्केट के लिए 100 डॉलर के आसपास रहेगा। इससे महंगाई में राहत मिलेगी। अगले साल तक महंगाई 5 प्रतिशत पर आ जाएगी। जीडीपी की रफ्तार बनी रहेगी।

बाजार में लौटी तेजी

रिजर्व बैंक की पॉलिसी दरों की घोषणा के बाद बाजार में तेजी दिखाई दे रही है। सेंसेक्स करीब 400 अंक उछलकर 56800 के पार निकल गया है। वहीं निफ्टी भी 100 अंकों की तेजी के साथ 16900 के स्तर के पार पहुंच गया है। ऐसे में उम्मीद है कि भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर से तेजी दिखाई दे सकती है।

ग्रामीण मांग में धीरे-धीरे सुधार जारी

भले ही महंगाई ने आरबीआई को ब्याज दर में बढ़ोतरी करने को मजबूर किया है लेकिन आरबीआई का मानना है कि इसका असर देश की जीडीपी ग्रोथ पर नहीं होगा। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2023 के लिए जीडीपी ग्रोथ की दर को 7.2 फीसदी पर बरकरार रहा है। वहीं, आरबीआई ने कहा है कि एक बार फिर से ग्रामीण और शहरी मांग में सुधार देखने को मिल रहा है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकेत हैं।

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सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में पीएफआई , लगा पांच साल का प्रतिबंध

लगातार हो रहे एक्शन के खिलाफ अब पीएफआई भी सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। सरकार ने पीएफआई और सहयोगी संगठनों पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया था। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) समेत आठ सहयोगी संगठनों को टेरर फंड‍िंग और आतंकी गत‍िव‍िध‍ियों को बढ़ावा देने के म‍िले पुख्‍ता सबूतों के बाद केंद्र सरकार ने मंगलवार को पांच साल के ल‍िए प्रत‍िबंध‍ित कर द‍िया था | वहीं अब पीएफआई के एक सहयोगी संगठन कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) ने स्‍वयं पर लगाए प्रत‍िबंध को ‘अलोकतांत्रिक’ और ‘संविधान विरोधी’ करार द‍िया है |

संगठन के छात्र विंग ने कहा कि वे इस प्रत‍िबंध के फैसले के ख‍िलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और सरकार के फैसले को चुनौती देंगे | कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया की ओर से अपने अध‍िकृत ट्विटर हैंडल पर इस संबंध में एक स्‍टेटमेंट भी शेयर क‍िया गया है | यह स्‍टेंटमेंट प्रति‍बंध लगाए जाने के कुछ घंटों बाद पेरेंट और सभी सहयोगी संगठनों के बयान के बाद आया है | सीएफआई (CFI) ने कहा कि वह सेक्युलर और डेमोक्रेटिक भावना के साथ देशभर में छात्रों के बीच एक दशक से ज्यादा समय से काम कर रहे हैं |

सीएफआई की ओर से अपने अध‍िकृत ट्विटर हैंडल पर जारी क‍िए गए बयान में संगठन पर लगे सभी आरोपों को ‘निराधार और मनगढ़ंत’ बताया गया है | उसने उन सभी आरोपों को भी खारिज किया है ज‍िसके चलते उस पर प्रत‍िबंध लगाया गया है |खबर है कि केंद्रीय गृहमंत्रालय की शिकायत के आधार पर ट्विटर इंडिया ने यह कार्रवाई की है। फिलहाल, संगठन से जुड़े लोग अब कानूनी राहें तलाश रहे हैं। 7 दिनों में इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पर यह चौथी कार्रवाई है।

पीएफआई पर 5 साल का प्रतिबंध

करीब 13 राज्यों में छापामार कार्रवाई के बाद सरकार ने संगठन पर 5 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। पीएफआई के ट्विटर अकाउंट पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सीएफआई ने कहा कि उसके संगठन ने ‘संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों’ को बनाए रखा और कानून के खिलाफ कोई काम नहीं किया | इसके साथ ही सीएफआई ने छात्रों से किसी भी कार्यक्रम या गतिविधि का संचालन न करने का आह्वान भी किया है | सीएफआई ने संगठन से जुड़े छात्रों को संगठन के झंडे और बैनर का इस्तेमाल न करने की भी सख्‍त हिदायत दी है |

इनपर भी लगा प्रतिबंध

सरकार ने विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 के प्रावधानों के अंतर्गत ‘विधिविरुद्ध संगठन’ घोषित कर दिया है जिनमें रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (एआईआईसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स आर्गेनाइजेशन (एनसीएचआरओ), नेशनल विमेंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन, केरल शामिल हैं।

अलर्ट पर दिल्ली पुलिस

पीएफआई पर प्रतिबंध की कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजधानी के अलग-अलक इलाकों में पुलिस गतिविधियों में इजाफा हुआ है। कई राज्यों में रेड के बाद जांच एजेंसियों ने पुलिस के साथ मिलकर सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया था।

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जबरन प्रेगनेंट करना मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी ऐक्ट के तहत रेप : सुप्रीम कोर्ट

किसी विवाहित महिला को जबरन प्रेगनेंट करना मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी ऐक्ट के तहत रेप माना जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने एक केस की सुनवाई करते हुए यह बात कही। यह अहम टिप्पणी है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी ऐक्ट के तहत गर्भपात के नियमों को तय किया गया है। इस पर ही सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि विवाहित महिला की तरह ही अविवाहित युवतियां भी बिना किसी की मंजूरी के 24 सप्ताह तक गर्भपात करा सकती हैं। अदालत ने इस दौरान साफ तौर पर कहा कि विवाहित हो या फिर अविवाहित महिला सभी को सुरक्षित गर्भपात का अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी महिला की वैवाहिक स्थिति को उसे अनचाहे गर्भ गिराने के अधिकार से वंचित करने का आधार नहीं बनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट में संशोधन करते हुए कहा कि विवाहित महिला की तरह अविवाहित को भी गर्भपात कराने का अधिकार है | दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कानून और इससे संबंधित नियमों के बदलाव को लेकर यह फैसला सुनाया है |

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक अविवाहित महिला को अनचाहे गर्भ का शिकार होने देना मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी अधिनियम के उद्देश्य और भावना के विपरीत होगा | सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कहा कि 2021 के संशोधन के बाद मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट की धारा-3 में पति के बजाय पार्टनर शब्द का उपयोग किया गया है | यह अधिनियम में अविवाहित महिलाओं को कवर करने के लिए विधायी मंशा को दर्शाता है | साथ ही कोर्ट ने एम्स निदेशक को एक मेडिकल बोर्ड का गठन करने के लिए कहा जो यह देखेगा कि गर्भपात से महिला के जीवन को कोई खतरा तो नहीं होगा |

महिला का अपने शरीर पर अधिकार से जुड़ा मामला : सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस एस बोपन्ना और जस्टिस जेपी पारदीवाला की सदस्यता वाली बेंच ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी ऐक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि कोई अविवाहिता भी 24 सप्ताह की अवधि तक बिना किसी के परमिशन के गर्भपात करा सकती है। मौजूदा नियमों के मुताबिक तलाकशुदा, विधवा महिलाएं 20 सप्ताह के बाद गर्भपात नहीं करा सकती हैं। वहीं अन्य महिलाओं के लिए 24 सप्ताह तक गर्भपात की अनुमति का प्रावधान है। इस पर अदालत ने कहा कि कानून संकीर्ण आधारों पर वर्गीकरण नहीं कर सकता है। प्रेगनेंसी बनी रहे या फिर गर्भपात कराया जाए, यह महिला के अपने शरीर पर अधिकार से जुड़ा मामला है।

विवाहित महिलाओं को ही था गर्भपात का अधिकार

दरअसल, सामान्य मामलों में 20 हफ्ते से अधिक और 24 हफ्ते से कम के गर्भ के गर्भपात का अधिकार अब तक विवाहित महिलाओं को ही था। भारत में गर्भपात कानून के तहत विवाहित और अविवाहित महिलाओं में भेद नहीं किया गया है। गर्भपात के उद्देश्य से रेप में वैवाहिक रेप भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बीच गर्भपात के अधिकार को मिटाते हुए अपने फैसले मे कहा है कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट से अविवाहित महिलाओं को लिव इन रिलेशनशिप से बाहर करना असंवैधानिक है।

दुष्कर्म में मैरिटल रेप भी शामिल,ऐसे मामलों में गर्भपात अधिकार

सुप्रीम कोर्ट गर्भपात को लेकर सुनाए गए अहम फैसले में कहा है | पति द्वारा किया जाने वाला दुष्कर्म ‘मैरिटल रेप‘ की दशा में भी 24 सप्ताह की तय सीमा में पत्नी गर्भपात करा सकती है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत इसे शामिल किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून में विवाहित और अविवाहित महिलाओं में फर्क कृत्रिम और संवैधानिक रूप से टिकाऊ नहीं है। यह इस मान्यता को कायम रखता है कि केवल विवाहित महिलाएं ही यौन गतिविधियों में लिप्त होती हैं। किसी महिला की वैवाहिक स्थिति अनचाहे गर्भ को गिराने के अधिकार से वंचित नहीं कर सकती। सिंगल और अविवाहित महिला को भी उक्त कानून के तहत गर्भावस्था के 24 सप्ताह में गर्भपात का अधिकार है। यह अधिकार उन महिलाओं के लिए राहतकारी होगा, जो अनचाहे गर्भ को जारी रखने को विवश हैं।

25 वर्षीय युवती की याचिका पर सुनाया फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारों की दिशा में यह बड़ा फैसला 25 वर्षीय एक अविवाहित युवती की याचिका पर सुनाया। उसने कोर्ट से 24 सप्ताह के गर्भ को गिराने की इजाजत मांगी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे इसकी इजाजत नहीं दी थी। यह युवती सहमति से सेक्स के चलते गर्भवती हुई थी। उसने सुप्रीम कोर्ट से गर्भपात की इजाजत देने की गुहार लगाते हुए कहा था कि वह पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। उसके माता-पिता किसान हैं। उसके पास अपनी आजीविका चलाने के इंतजाम नहीं हैं, इसलिए वह पेट में पल रहे बच्चे का पालन-पोषण करने में असमर्थ रहेगी।

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कलकत्ता हाई कोर्ट ने महत्वाकांक्षी योजना दुआरे राशन को बताया गैरकानूनी

कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता सरकार की महत्वाकांक्षी योजना दुआरे राशन को गैरकानूनी करार दिया है। ममता बनर्जी ने पिछले साल इस योजना की शुरुआत की थी। कलकत्ता हाई कोर्ट से पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को झटका लगा है। हाई कोर्ट ने नेशनल फूड सिक्योरिटी ऐक्ट के तहत ममता सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘दुआरे राशन’ को गैरकानूनी करार दिया है। एक साल पहले ममता बनर्जी ने इस योजना का उद्घाटन किया था जिसके राशन कार्ड धारकों के घर पर ही राशन की डिलिवरी की जाती थी।

ममता सरकार का दावा था कि इस योजना का लाभ 10 करोड़ लगों को मिलेगा और घंटों तक राशन की लइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। 11 सितंबर को ही इस मामले की सुनवाई पूरी हो गई थी लेकिन हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। विधानसभा चुनाव से पहले भी टीएमसी ने इस योजना को अपने घोषणापत्र में शामिल किया था। हालांकि कुछ राशन डीलरोंने इसे कानून के खिलाफ बताया था और अदालत का रुख किया था। डीलरों का कहना था कि यह योजना कानून के विपरीत है। क्योंकि इस योजना के लिए राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं नहीं हैं।

ममता सरकार की तरफ से कहा गया था कि डीलरों को वाहन ले जाकर एक जगह खड़ा करना होगा और 500 मीटर के दायरे में आए वाले घरों में वितरण करना होगा। वहीं जो कर्मचारी इसमें लगेंगे उनकी आधी सैलरी राज्य सरकार देगी।

160 करोड़ रुपये दुआरे योजना पर होने थे खर्च

ममता सरकार ने इस योजना को लॉन्च करते वक्त कहा था कि इस योजना पर सरकार 160 करोड़ रुपये खर्च करेगी। लोगों तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर वाहन खरीदने के लिए लगभग 21,000 राशन डीलर को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। योजना के जरिए 10 करोड़ लोगों को लाभान्वित करने का सरकार का लक्ष्य था। सरकार का कहना था कि इससे 42 हजार नौकरियां सृजित होंगी।

नवंबर 2021 में हुई थी दुआरे राशन योजना की शुरुआत

नवंबर 2021 में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘दुआरे राशन योजना’ का उद्घाटन करते हुए कहा था कि इससे राज्य के लगभग 10 करोड़ लोगों को लाभ होगा. ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना की घोषणा की थी, जिसके तहत डीलर लाभार्थियों के घर तक राशन पहुंचाएंगे. उन्होंने कहा था कि सरकार इस तरह से लोगों तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर वाहन खरीदने के लिए लगभग 21,000 राशन डीलर को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी.

पहले हाईकोर्ट ने कुछ और कहा था

हाईकोर्ट ने अपने लेटेस्ट आदेश में भले ही दुआरे राशन योजना को अवैध करार दिया हो | मगर इसी साल जून में कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा था कि पश्चिम बंगाल दुआरे राशन योजना में कुछ भी अवैध नहीं है | जिसके तहत ममता बनर्जी सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों के घर पर खाद्यान्न वितरित करती है | राज्य सरकार की दुआरे राशन योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने कहा था कि पहले भी इसी तरह के मुद्दे पर राशन दुकान विक्रेताओं ने याचिका दायर की थी | लेकिन उच्च न्यायालय ने तब भी दुआरे राशन योजना में हस्तक्षेप नहीं किया था |

याचिका में क्या मांग की गई थी

हाईकोर्ट के समक्ष दायर एक रिट आवेदन में आग्रह किया गया था कि राज्य सरकार द्वारा 13 सितंबर, 2021 को जारी की गई उस अधिसूचना को असंवैधानिक करार दिया जाए | जिसमें पश्चिम बंगाल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (रख रखाव और नियंत्रण) आदेश, 2013 के एक प्रावधान में संशोधन किया गया था |

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पीएफआई पर सरकार ने बड़ा ऐक्शन,पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों पर बैन

पीएफआई पर सरकार ने बड़ा ऐक्शन लिया | लगातार छापेमारी के बाद अब गृह मंत्रालय ने पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों पर पांच साल का बैन लगा दिया है। टेरर लिंक को लेकर यह कार्रवाई की गई है। राष्‍ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्‍तता की वजह से पीएफआई और उससे जुड़े संगठनों को प्रतिबंधित कर दिया गया है | पीएफआई के खिलाफ यह प्रतिबंधत गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के बेहद सख्‍त प्रावधानों के तहत लगाया गया है | पीएफआई पर आतंकी संगठनों के साथ साठगांठ रखने का भी संगीन आरोप है |

इसके अलावा अन्‍य संगठनों और विरोधियों के खिलाफ हिंसक कदम उठाने का आरोप भी इस संगठन पर है | बताया जाता है कि पीएफआई के खिलाफ पुख्‍ता और पर्याप्‍त साक्ष्‍य मिलने के बाद ही संगठन को 5 साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है | उससे जुड़े अन्‍य संगठनों के खिलाफ पिछले कुछ सप्‍ताहों से पूरे देश में छापेमारी की जा रही थी | एनआईए,ईडी के साथ ही राज्‍य पुलिस भी पीएफआई और उससे जुड़ी संस्‍थाओं के ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी |

संगठन के खिलाफ पर्याप्‍त सबूत मिलने के बाद गृह मंत्रालय ने इसे 5 साल के लिए प्रतिबंधित करने का फैसला किया | इस बाबत अधिसूचना भी जारी कर दी गई है | पीएफआई पर एक प्रोफेसर का हाथ काटने का भी आरोप लगा है |पटना के फुलवारी शरीफ टेरर मॉड्यूल में भी इसका नाम सामने आ चुका है |

पीएफआई पर दो राउंड में छापेमारी

बता दें कि पीएफआई के ठिकानों पर इसी महीने 22 और 27 सितंबर को छापेमारी की गई थी। 22 सितंबर को 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जबकि कल हुई छापेमारी में 170 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं, असम और महाराष्ट्र से पीएफआई के 25-25 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।

क्या हैं प्रतिबंध के मायने

प्रतिबंध के मायने ये हैं कि इस संगठन से जुड़े किसी भी शख्स पर कार्रवाई की जा सकती है। देश में जिस तरह की गतिविधि पीएफआई चला रहा था उसपर रोक लगाई जाएगी। एजेंसियों ने पांच एफआईआर दर्ज की हैं और उसमें यूएपीए लगाया गया है। इसके अलावा पीएफआई से जुड़े संगठनों पर भी कार्रवाई की जा सकेगी। विदेशी फंड को जिस तरह से लीगल बताने की कोशिश करता था, उसपर भी शिकंजा कसा जाएगा।

देश ही नहीं विदेश में भी भारत विरोधी गतिविधि, हवाला के जरिए फंडिंग

देश में ही नहीं बल्कि खाड़ी देशों में भी भारत के खिलाफ अजेंडा चलाता था। इसका एक अखबार चलाता था जिसका नाम ‘तेजस गल्फ डेली है। इसके अलावा अखबार के जरिए वह विदेशी फंडिंग को लीगल बनाने का भी काम करता था। अबूधाबी के एक रेस्तरां के जरिए भी हवाला के माध्यम से फंडिंग प्राप्त करता था। विदेशी फंडिंग के बल पर वह देश में कट्टरपंथ को हवा देने का काम कर रहा था।

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पीएम मोदी ने दिया केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा,डीए 34 से बढ़ के 38 फीसदी

मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को एक महीने पहले ही दिवाली मनाने का मौका दे दिया है | आज हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में डीए को बढ़ाकर 38 फीसदी करने का फैसला हुआ है | केंद्र सरकार ने देश की गरीब आबादी को बड़ी राहत देते हुए मुफ्त राशन देने की स्कीम को तीन महीने और बढ़ाने का फैसला लिया है। यह स्कीम 30 सितंबर को समाप्त होने वाली थी। इससे पहले सरकार ने स्कीम को तीन महीने यानी इस साल के अंत तक के लिए बढ़ाने का फैसला लिया है। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में यह फैसला लिया गया। इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों को भी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है।

केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में भी 4 फीसदी का इजाफा कर दिया गया है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज 4 फीसदी डीए बढ़ाने का फैसला किया गया, जो पिछली दर्जनों तिमाहियों में सबसे ज्‍यादा है | इससे पहले औसतन डीए 3 फीसदी ही बढ़ाया जाता रहा है | लेकिन इस बार महंगाई की मार को देखते हुए सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है |अब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 62 लाख पेंशनर्स को 38 फीसदी का डीए मिलेगा | डीए की बढ़ी हुई रकम इस साल जुलाई से ही मान्‍य होगी और कर्मचारियों को पिछले महीनों का एरियर भी दिया जाएगा |

3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च में सातवें वेतन आयोग के तहत डीए में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी थी | इस प्रकार डीए को मूल वेतन का 34 प्रतिशत कर दिया है | डीए में बढ़ोतरी के बाद कर्मियों की सैलरी में 6840 से लेकर 27,312 रुपये के बीच तक इजाफा हो जाएगा | केंद्र सरकार के कर्मचारियों को डीए दिया जाता है |जबकि पेंशनर्स को लिए महंगाई राहत (डीआर) दी जाती है | सरकार ने इस साल मार्च में डीए को संशोधित किया था | जो तब 3 फीसदी बढ़कर एक कर्मचारी के मूल वेतन का 34 फीसदी हो गया था | डीए में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई तो डीए मौजूदा 34 फीसदी से बढ़कर 38 फीसदी हो गया है | वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को उनके मूल वेतन पर 34 फीसदी डीए मिलता था |

मुफ्त राशन स्कीम तीन महीने बढ़ी

वित्त मंत्रालय के मुताबिक तीन महीने तक मुफ्त राशन की स्कीम को आगे बढ़ाने से खजाने पर 45,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। सरकार के पास बड़े पैमाने पर खाद्यान्न उपलब्ध है। इससे पहले चर्चाएं थीं कि शायद मुफ्त राशन की स्कीम को अब बंद कर दिया जाएगा, लेकिन इस फैसले को राजनीतिक लिहाज से भी देखा जा रहा है। अगले तीन महीनों में गुजरात और हिमाचल में चुनाव होने वाले हैं।

ऐसे में स्कीम को तीन महीने के लिए बढ़ाने के फैसले को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है। कोरोना काल में केंद्र सरकार की ओर पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के नाम से इस स्कीम का ऐलान किया गया था। इसके तहत हर महीने प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त राशन दिया जाता है। फिलहाल सरकारी सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार ने अपने पास जमा खाद्यान्न के स्टॉक की समीक्षा करने के बाद यह फैसला लिया है।

80 करोड़ लोगों को मिल रहा फायदा

इस स्कीम का फायदा देश के करीब 80 करोड़ गरीब लोगों को मिल रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत इतना ही राशन सब्सिडी पर पहले से मिलता रहा है, लेकिन पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाला राशन इससे अलग है। बता दें कि कोरोना काल में लॉकडाउन से प्रभावित लोगों की मदद में इस योजना को अहम माना गया था।

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क्रिकेट में ‘मांकडिंग’ नाम का जिन्न एक बार फिर से बाहर निकल आया है और इस पर खूब चर्चा भी हो रही है। इसकी खास वजह भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा का इंग्लैंड की बल्लेबाज चार्ली डीन को नॉन स्ट्राइक एंड पर किया गया रन आउट है। दीप्ति ने लॉर्ड्स में पिछले सप्ताह चार्ली डीन के क्रीज से बाहर आने पर नॉन-स्ट्राइकर एंड पर स्टंप्स गिरा दिए थे और फिर एक बार ‘मांकडिंग’ पर बहस शुरू हो गई। पूरी क्रिकेट बिरादरी इस बारे में बंटी नजर आ रही है | कुछ लोग इसे खेल भावना के नजरिए से गलत कह रहे हैं |

तो कई क्रिकेटर आईसीसी के नियमों का हवाला देकर दीप्ति शर्मा का समर्थन कर रहे हैं | अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने बहस पर अपना पक्ष रखा और कहा कि नियमों के मुताबिक खेलना हमेशा सही होगा और कहीं भी यह जिक्र नहीं किया गया है कि बल्लेबाज को चेतावनी देने की जरूरत है | इस विवाद में इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स की भी एंट्री हो गई है। दरअसल, दीप्ति द्वारा किए गए रनआउट को गलत बताने वालों को भारतीय फैंस ने स्टोक्स के विवादित चौके की याद दिलाई। तब स्टोक्स के बल्ले से लगकर गेंद बाउंड्री के बाहर चली थी। इस कारण न्यूजीलैंड को हार मिली थी। उस चौके को दुनिया के कई क्रिकेट प्रेमी आज तक गलत बताते हैं।

स्टोक्स के मामले में क्या हुआ था

2019 वर्ल्ड कप फाइनल के आखिरी ओवर में जीत के लिए इंग्लैंड को 15 रन बनाने थे। पहली दो गेंद पर स्टोक्स रन नहीं बना सके। तीसरी गेंद पर उन्होंने छक्का लगाया। चौथी गेंद पर अजीबोगरीब घटना हुई। स्टोक्स मिड-विकेट की ओर शॉट खेलकर रन लेने के लिए दौड़े। दूसरा रन लेने के दौरान स्टोक्स ने क्रीज तक पहुंचने के लिए डाइव लगाया, तभी गेंद उनके बल्ले पर आकर लगी और उसकी दिशा बदल गई। गेंद बाउंड्री के बाहर चली गई। इंग्लैंड को चार रन मिल गए। वह मैच को टाई कराने में सफल रहा। इसके बाद सुपर ओवर हुआ। वहां भी दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहा। इंग्लैंड को बाउंड्री काउंट नियम से जीत मिली। इंग्लैंड ने 50 ओवर के दौरान न्यूजीलैंड से ज्यादा चौके लगाए थे।

दीप्ति शर्मा ने चार्ली डीन को दी थी चेतावनी

इस घटना ने उस वक्त एक और मोड़ ले लिया जब दीप्ति शर्मा ने खुलासा किया कि चार्ली डीन को चेतावनी दी थी | जब उन्होंने बार-बार अपनी क्रीज से बाहर निकलने जारी रखा | तो उन्होंने उसे रन आउट करने का फैसला किया | दीप्ति ने कहा कि टीम के खिलाड़ियों ने डीन को आउट करने से पहले अंपायर को भी उनके बार-बार क्रीज से बाहर निकलने के बारे में बताया था | उन्होंने कहा, ‘अंपायर को बोला था हम लोगों ने, फिर भी वह बाहर निकल रही थी। ऐसे में हम लोग कुछ नहीं कर सकते थे और उसे रन आउट करने का फैसला किया | हमने नियमों और दिशानिर्देशों के मुताबिक अपना काम किया |

चार्ली डीन ने इस मामले दिया रिएक्शन

रन आउट होने वाली खिलाड़ी चार्ली डीन ने खुद अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कइ मामले में अपना रिएक्शन दिया है | डीन ने मैच की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है | गर्मियों का एक दिलचस्प अंत | इंग्लैंड के रंगों में लॉर्ड्स में खेलना सम्मान की बात है | मुझे लगता है कि मैं अब से सिर्फ अपनी क्रीज पर रहूंगी |

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पीएफआई पर फिर एक्शन,दिल्‍ली समेत कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापे

पीएफआई यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर एक बार फिर से एक्शन हुआ है | दिल्ली के शाहीन बाग समेत 8 राज्यों में पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी हुई है | सूत्रों की मानें तो केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, असम, कर्नाटक, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कुल 8 राज्यों में स्टेट पुलिस छापेमारी कर रही है | बता दें कि पिछले दिनों ही एनआईए-ईडी ने मिलकर पीएफआई पर देश के 15 राज्यों में 96 जगहों पर रेड मारी थी और उसके करीब 100 से अधिक वर्कर्स को गिरफ्तार किया था |

सूत्रों ने बताया कि मंगलवार सुबह 6 बजे तक आठ राज्यों में 200 से अधिक जगहों पर छापेमारी के दौरान 170 से अधिक पीएफआई कैडर्स को हिरासत में लिया गया है | सूत्रों की मानें तो दिल्ली में शाहीन बाग, जामिया समेत दूसरे इलाकों में छापेमारी कर कई लोगों को हिरासत में लिया गया है | केंद्रीय एजेंसियों के साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और लोकल पुलिस थानों की टीमें भी छापेमारी में शामिल थीं | दरअसल, एनआईए और ईडी ने इनपुट दिया था कि पीएफआई हिंसक प्रदर्शन की योजना बना रहा है | इसके बाद ही इन सभी राज्यों में एक बार फिर से पीएफआई पर कार्रवाई हुई है | एनआइए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि छापे के दौरान कुछ दस्तावेज भी मिले हैं।

जिससे पता चलता है कि पीएफआई देश में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने, युवाओं को आतंकी प्रशिक्षण देने, दंगे भड़काने और निर्दोष लोगों की हत्या करने के साथ-साथ युवाओं को कट्टरता का पाठ पढ़ाकर उन्हें आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) में शामिल होने के लिए उकसाता था।

दिल्ली में धारा 144 लगी

दिल्ली में शाहीन बाग, निजामुद्दीन वेस्ट, भोगल, ओखला, ट्रांस यमुना में छापेमारी हो रही है। परवेज अहमद (दिल्ली पीएफआई अध्यक्ष) एमडी इलियास के अनुसार, अब्दुल मुकीत को पहले गिरफ्तार किया गया था | लेकिन आज कमल प्रबंधक और जसीर एकाउंटेंट को हिरासत में लेने या पूछताछ करने की संभावना है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, स्पेशल ब्रांच और लोकल पुलिस ने अब तक करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया है। ओखला जामिया नगर में धारा 144 लगा दी गई है। ये 19 सितंबर से 11 नवंबर तक रहेगी। शाहीन बाग में अर्धसैनिक बल लोकल पुलिस के साथ, पूरे इलाके में राउंड लगा रहे हैं।

यूपी शहरों में चल रही रेड

यूपी के करीब एक दर्जन शहरों में ये रेड चल रही है। यूपी की राजधानी लखनऊ में भी पीएफआई मामले में यू पी एटीएस और एसटीएफ रेड कर रही है। लखनऊ और आस पास के एरिया में ये रेड पश्चिमी यूपी और पूर्वांचल तक हो रही है। मेरठ और बुलंदशहर से कई लोग कस्टडी में लिए गए हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं सीतापुर से भी एक संदिग्ध हिरासत में लिया गया है। दरअसल एनआईए ने 8 राज्यों की पुलिस और एटीएस को पीएफआई से संबंधित जांच में इनपुट दिए थे। एनआईए ने जिन राज्यों को ये इनपुट दिए थे, उसमें कर्नाटक, तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली और अन्य हैं। इन राज्यों में छापेमारी लोकल पुलिस और लोकल एजेंसियां कर रही हैं।

गुजरात एटीएस ने पीएफआई से जुड़े सदस्य हिरासत में 

गुजरात एटीएस ने पीएफआई से जुड़े 15 लोगों को हिरासत में लिया है। ये कार्रवाई अहमदाबाद,सूरत,नवसारी और बनासकांठा में हुई है। इनमें से 7 के विषय में सेंट्रल आईबी के इनपुट थे और 8 के बारे में जानकारी गुजरात पुलिस के पास थी। कल देर रात ये बड़ी कार्रवाई हुई है। इन लोगों के तार विदेशों में बैठे संदिग्ध लोगों से जुड़े हैं। कुछ लोग पीएफआई की परेड में गए हैं। एटीएस इसकी जांच कर रही है। गुजरात में पीएफआई सक्रिय नहीं है लेकिन उनकी राजनीतिक पार्टी एसडीपीआई के फुटप्रिंट्स कुछ जिलों में हैं।

महाराष्ट्र में भी हल्ला बोल

महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले में पीएफआई के सर्च ऑपरेशन जारी है। स्थानीय पुलिस की मदद से यह सर्च ऑपरेशन हो रहा है। महाराष्ट्र के मालेगांव से पुलिस ने पीएफआई के मालेगांव प्रमुख मौलाना इरफान नदवी और एक कार्यकर्ता इकबाल को गिरफ्तार किया है। पिछले दो तीन दिनों से एनआईए/एटीएस रेड को लेकर भड़काऊ बयानबाजी का आरोप है। कल पीएफआई के नासिक जिले के प्रेजिडेंट मौलाना सैफ उर रहमान के परिवार के साथ इन दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। सैफ उर रहमान को एटीएस ने 22 तारीख को हुई रेड में गिरफ्तार किया था।

मौलाना इरफान नदवी पर पहले भी मालेगांव में आई पी सी की धारा 353 के तहत मामला दर्ज हुआ था। तब कोर्ट ने जमानत देते वक्त कहा था कि दोबारा कोई भी ऐसा भाषण या हरकत नहीं करनी है जिससे शहर का माहौल बिगड़े। कल रात की गिरफ्तारी सीआरपीसी की धारा151 के तहत की गई है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

कर्नाटक से 75 से अधिक हिरासत में

कर्नाटक से एसडीपीआई यादगिरि जिला अध्यक्ष सहित 75 से अधिक पीएफआई और एसडीपीआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। पूरे राज्य में पुलिस की छापेमारी चल रही है। सभी के खिलाफ धारा 108, 151 सीआरपीसी के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

असम से भी गिरफ्तारी

कर्नाटक के अलावा असम से भी पीएफआई से जुड़े 25 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पीएफआई के खिलाफ कई जिलों में छापेमारी अभी भी जारी है। इस बात की जानकारी असम के एडीजीपी (विशेष शाखा) हिरेन नाथ ने दी है। इससे पहले, असम पुलिस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से पीएफआई के कार्यकर्ताओं के 11 नेताओं और दिल्ली से एक नेता को गिरफ्तार किया था।

भोपाल समेत आठ जिलों में कार्रवाई जारी

मध्यप्रदेश में भी एटीएस ने भोपाल, उज्जैन, इंदौर समेत आठ जिलों में पीएफआई सदस्यों के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई कर 22 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। एटीएस को इन संदिग्ध लोगों की जानकारी पूर्व में पकड़े गए चार आरोपी लोगों से पूछताछ के बाद मिली है। एटीएस की कार्रवाई अभी जारी है।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया(पीएफआई) क्या है ?

पॉपुलर फ्रट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई का गठन 17 फरवरी 2007 को हुआ था। ये संगठन दक्षिण भारत में तीन मुस्लिम संगठनों का विलय करके बना था। इनमें केरल का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिथा नीति पसराई शामिल थे। पीएफआई का दावा है कि इस वक्त देश के 23 राज्यों में यह संगठन सक्रिय है। देश में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट यानी सिमी पर बैन लगने के बाद पीएफआई का विस्तार तेजी से हुआ है। कर्नाटक, केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में इस संगठन की काफी पकड़ बताई जाती है।

इसकी कई शाखाएं भी हैं। इसमें महिलाओं के लिए- नेशनल वीमेंस फ्रंट और विद्यार्थियों के लिए कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया जैसे संगठन शामिल हैं। यहां तक कि राजनीतिक पार्टियां चुनाव के वक्त एक दूसरे पर मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन पाने के लिए पीएफआई की मदद लेने का भी आरोप लगाती हैं। गठन के बाद से ही पीएफआई पर समाज विरोधी और देश विरोधी गतिविधियां करने के आरोप लगते रहते हैं।

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अभिनेत्री आशा पारेख दादा साहब फाल्के पुरस्कार से होंगी सम्मानित

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख को 2020 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि दादा साहब फाल्के पुरस्कार को भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। भारतीय सिनेमा जगत आज जिस मुकाम पर है इसे वहां तक लाने में आशा पारेख का बहुत बड़ा योगदान रहा है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अभिनेत्री की जन्मदिन से कुछ दिन पहले इस बात का एलान किया है। यूं तो आशा पारेख ने एक्टिंग से रिटायरमेंट ले लिया है।

60 और 70 के दशक में आशा पारेख का नाम तब की बेहतरीन अभिनेत्रियों में लिया जाता था। अपने समय में फिल्मी पर्दे पर राज करने वाली आशा पारेख अपने समय की सबसे खूबसूरत अभ‍िनेत्र‍ियों और हाईएस्ट पेड पर्सनालिटीज में से एक रही हैं। बता दें कि 1992 में, उन्हें सिनेमा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। बता दें कि आशा पारेख उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय सिनेमा में ब्लैक एंड व्हाइट से लेकर अब तक का दौर देखा है।

बतौर चाइल्ड एक्टर आशा पारेख ने की करियर की शुरुआत

आशा पारेख हिंदी सिनेमा की एक ऐसी अभिनेत्री हैं, जिन्होंने बहुत ही छोटी सी उम्र में बॉलीवुड में कदम रखा था। उन्होंने साल 1952 में रिलीज हुई फिल्म ‘मां’ से चाइल्ड एक्टर के तौर पर कदम रखा था। इसके बाद बाल कलाकार के रूप में ही उन्होंने आसमान, धोबी डॉक्टर, बाप बेटी जैसी फिल्मों में काम किया। साल 1959 में उन्होंने शम्मी कपूर के अपोजिट फिल्म ‘दिल देके देखो’ से बॉलीवुड में बतौर लीड एक्ट्रेस के काम किया। इस फिल्म में आशा पारेख को काफी पसंद किया गया। इसके बाद वेटरन एक्ट्रेस ने कभी पीछे पलट कर नहीं देखा और वह तीसरी मंजिल, प्यार का मौसम, मेरा गांव मेरा देश जैसी सुपरहिट फिल्में दी।

बायोग्राफी से मचाया था तहलका

आशा पारेख की निजी जिंदगी हो या प्रोफेशनल वह अपनी पूरी उम्र सुर्खियों में रही हैं। कुछ साल पहले वह तब चर्चा में आई जब उन्होंने अपनी बायोग्राफी में अपनी पूरी जिंदगी के राज सबके सामने खोल दिए। एक्ट्रेस के फिल्मी कर‍ियर का सुनहरा दौर तो लगभग सभी ने देखा है। करोड़ों दिलों की धड़कन पर राज करने वाली आशा पारेख खुद अकेली रहीं। अपने अकेले रहने पर उन्होंने बताया कि वह एक शादीशुदा शख्स से प्यार कर बैठी थीं इसलिए उन्होंने फिर अकेले जिंदगी बिताने का फैसला लिया था। इस बायोग्राफी के लॉन्च पर आशा ने कहा था, ‘अकेले रहने का फैसला मेरे सबसे सही फैसलों में से एक था। मैं एक शादीशुदा शख्स के प्यार में पड़ गई थी लेक‍िन उसका घर तोड़ना नहीं चाहती थी। और यही कारण था कि मैं अपनी आगे की जिंदगी अकेले ही बिताना चाहती थी।

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एलजी वीके सक्सेना के खिलाफ आप को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका

एलजी वीके सक्सेना के खिलाफ जंग में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में एलजी के खिलाफ कथित अपमानजनक सामग्रियों को हटाने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने एलजी वीके सक्सेना की ओर से दायर मानहानि केस में यह अंतरिम फैसला सुनाया है। एलजी वीके सक्सेना ने कोर्ट से अपील की थी कि आम आदमी पार्टी और इसके नेताओं को सोशल मीडिया पर अपमानजनक ट्वीट और अन्य पोस्ट को हटाने को कहा जाए। एलजी ने आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और आतिशी समेत कई विधयाको के खिलाफ मानहानि का मुकदम दायर किया था।

कोर्ट ने उसी मामले में आज अपना अंतरिम आदेश सुनाया है। कोर्ट ने इससे पहले 22 सितंबर को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। एलजी वीके सक्सेना की ओर से दिल्ली सरकार की शराब नीति समेत कई मुद्दों पर जांच के आदेश देने के बाद आम आदमी पार्टी उनपर हमलावर हो गई थी। दिल्ली के कई नेताओं ने एलजी वीके सक्सेना पर 1400 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया। आरोप लगते हुए कहा कि वीके सक्सेना जब खादी ग्रामोद्योग के चेयरमैन थे | तब उन्होंने नोटबंदी के दौरान कालेधन को सफेद कराया था। इसके अलावा उन पर कर्मचारियों के वेतन में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया गया। आप विधायक दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज, आतिशी मार्लेना और सांसद संजय सिंह समेत कई नेताओं ने एलजी पर आरोप लगाते हुए ट्वीट किए थे। वीके सक्सेना को चोर और भ्रष्टाचारी कहा गया।

आप नेताओं पर मानहानि का मुकदमा

एलजी वीके सक्सेना ने इन आरोपों को खारिज करते हुए 5 आप नेताओं पर मानहानि का मुकदमा किया है। सक्सेना ने ‘आप’ और उसके नेताओं आतिशी, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह और जैस्मीन शाह द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित और जारी किए गए कथित झूठे और अपमानजनक पोस्ट या ट्वीट या वीडियो को हटाने का निर्देश दिए जाने की मांग की थी। उन्होंने आम आदमी पार्टी और उसके पांच नेताओं से ब्याज सहित 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की है।

एलजी के खिलाफ AAP ने किया था प्रदर्शन

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने एलजी वीके सक्सेना पर घोटाले का आरोप लगाने के साथ उनके खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। राजेंद्र नगर सीट से AAP विधायक दुर्गेश पाठक ने एलजी को ”भ्रष्ट” बताते हुए उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी की जांच की मांग की थी। इसके साथ ही AAP नेताओं ने हाथ में पोस्टर-बैनर लेकर पहले सदन के अंदर और फिर बाहर प्रदर्शन किया था।

सफाई देने से किया इनकार

मानहानि का केस फाइल करने से पहले एलजी विनय कुमार सक्सेना ने AAP के नेताओं को नोटिस जारी कर सफाई मांगी थी, लेकिन आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इससे इनकार कर दिया था।

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