Friday, April 10, 2026
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जल्दबाजी में टूट जाए ट्रैफिक नियम, फिर भी पुलिस नहीं निकाल सकते गाड़ी से चाबी

त्यौहार की शॉपिंग की जल्दबाजी में कई बार हम अनजाने में ट्रैफिक नियम तोड़ देते हैं। रोड पर कार हो या मोटरसाइकिल चलाते वक्त ट्रैफिक रूल्स का पालन करना जरूरी होता है | लेकिन, कई बार लोग जल्दबाजी, अनजाने या किसी अन्य वजह से कई सारे नियमों का पालन करना भूल जाते हैं | जैसे बाइक पर हेलमेट लगाना, कार में सीट बेल्ट और रेड लाइट क्रॉस करना आदि | ऐसे में ट्रैफिक पुलिस को वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने का पूरा अधिकार होता है |

ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई बार कुछ पुलिस वालों की बदसलूकी भी देखने को मिलती हैं | वे कई बार बाइक से बिना इजाजत चाबी निकाल लेते हैं | तो कई बार बिना वजह टायर की हवा निकाल देते हैं. क्या आपने भी सोचा है इस तरह का व्यवहार करना सही है? क्या कानून पुलिस को इस तरह का व्यवहार करने की इजाजत देता है?

जानिए क्या कहता है नियम ?

चेकिंग के दौरान पुलिस को आपकी गाड़ी से चाबी निकालने और हवा निकालने का अधिकार नहीं है. अगर कोई सिपाही आपकी गाड़ी से चाबी निकाल रहा है तो यह नियम के खिलाफ है. नियम के मुताबिक, कॉन्स्टेबल को अरेस्ट करने या किसी भी वाहन को सीज करने का अधिकार नहीं होता है. इंडियन मोटर व्हीकल एक्ट 1932 के तहत कोई असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर या उससे ऊपर की रैंक का अधिकारी ही चालान काट सकता है. सिपाही सिर्फ उनकी मदद के लिए होते हैं.

चाबी नहीं निकाल सकते सिपाही

इसके अलावा ट्रैफिक कॉन्स्टेबल आपकी गाड़ी की चाबी भी नहीं निकाल सकते हैं और न ही वे किसी की गाड़ी की हवा निकाल सकते हैं. ऐसा करने का उन्हें अधिकार नहीं है. इसके अलावा पुलिस आपसे चेकिंग के दौरान गलत व्यवहार भी नहीं कर सकती है. अगर कोई पुलिसकर्मी आपको बेवजह परेशान कर रहा है या आपसे बदसलूकी कर रहा है तो आप किसी सीनियर अधिकारी से इसकी शिकायत कर सकते हैं.

आप इन बातों का भी ध्यान रखें

>>  आपका चालान काटने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास चालान बुक या फिर ई-चालान मशीन होना जरूरी है। यदि इन दोनों में से कुछ भी उनके पास नहीं है तो आपका चालान नहीं काटा जा सकता है।

>>  ट्रैफिक पुलिस का यूनिफॉर्म में रहना भी जरूरी है। यूनिफॉर्म पर बकल नंबर और उसका नाम होना चाहिए। यूनिफॉर्म नहीं होने की सूरत में पुलिसकर्मी को अपना पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा जा सकता है।

>>  ट्रैफिक पुलिक का हेड कॉन्सटेबल आप पर सिर्फ 100 रुपए का ही फाइन कर सकता है। इससे ज्यादा का फाइन सिर्फ ट्रैफिक ऑफिसर यानी ASI या SI कर सकता है। यानी ये 100 रुपए से ज्यादा का चालान कर सकते हैं।

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दीवारों पर पर्चे चिपकाकर मांगी सीएम योगी से मदद,घर को उपद्रवियों से बचाएं

कानपुर की रहने वाली एक महिला ने अपने घर की दीवारों पर पर्चे चिपकाकर और अपने घर के बाहर विरोध प्रदर्शन करके उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से अपील की कि वह उसके घर को उपद्रवियों से बचाएं। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में दबंगों में योगी सरकार का खौफ नहीं है | हनुमंत विहार थाना क्षेत्र में दबंगों ने एक महिला के मकान पर जबरन कब्जा कर लिया | पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत थाना पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की | अब पीड़ित महिला ने सीएम योगी के नाम पर पोस्टर चस्पा कर, घर बचाए जाने की गुहार लगाई है | पीड़ित का कहना है कि तीन दिन पहले दबंगों ने मकान में ताला लगा दिया | वह तीन बार चौकी और दो बार थाने गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई |

हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के योगेंद्र विहार की रहने वालीं पीड़ित गुड्डी गुप्ता कहना है कि अब उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं रहा | अगर पुलिस उनको घर में दाखिल नहीं कराती है तो वह लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री आवास के सामने भूख-हड़ताल पर बैठेंगी | गुड्डी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा और हमसे मकान पर कब्जा दिलाने का आश्वासन देकर उन्हें छोड़ दिया |

जबरन घर से किया बाहर

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि रोहित सिंह चौहान और मोहित सिंह चौहान के रूप में पहचाने गए बदमाशों ने उसके घर पर जबरन कब्जा कर लिया। उसने कहा कि उन्होंने रात में उसका ताला तोड़ कर बदमाशों ने उसके घर पर अपना ताला लगा दिया। उनकी बेटी की शादी नवंबर में होनी है और गिफ्ट का सारा सामान घर के अंदर रखा हुआ है।

जल्द आरोपी होंगे गिरफ्तार

वहीं मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद थाना पुलिस आज मौके पर पहुंची और पीड़िता को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, लेकिन पीड़िता गुड्डी और उसका परिवार इंसाफ न मिलने तक मकान के बाहर धरने पर बैठा रहा | महिला ने कहा कि मकान में क्षेत्र के दबंग रोहित सिंह चौहान और मोहित सिंह चौहान कब्जा करना चाहते हैं | इसमें पुलिस भी उनका साथ दे रही है | हम सीएम योगी ने न्याय की मांग करते हैं | जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हम यहीं धरने पर बैठे रहेंगे |

एडीसीपी ने कहा – काफी छोटा है मामला

वहीं मामले को लेकर एडीसीपी अंकिता शर्मा से जब इस बारे में फोन पर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि यह काफी छोटा मामला है | थाने में एफआईआर के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी | फिलहाल कानपुर कमिश्नरेट पुलिस के लिए यह मामला जरूर छोटा होगा, लेकिन जिस पीड़ित परिवार के जीवन की जमा पूंजी उस मकान को खरीदने में लगी | उसके लिए तो जीने मरने जैसे हालात हो गए हैं | अब पीड़ित परिवार को बस सीएम योगी ने न्याय की आस है

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कोर्ट ने खारिज की ‘शिवलिंग’ की कार्बन डेटिंग की मांग , हिंदू पक्ष को झटका

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद में मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग जांच की मांग खारिज हो गई है। शुक्रवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने मामले पर सुनवाई की। अदालत ने कार्बन डेटिंग के साथ ही अन्य किसी भी वैज्ञानिक तरीके के परीक्षण की मांग खारिज कर दी है। अदालत के फैसले से हिंदू पक्ष को झटका लगा है। माना जा रहा है कि अब हिंदू पक्ष हाईकोर्ट जा सकता है। जिजा जज ने अपने फैसले में कहा कि हाईकोर्ट ने 15 मई को कथित शिवलिंग को सुरक्षित रखने को कहा था।

कार्बन डेटिंग या किसी अन्य पद्धति से जांच से शिवलिंग को नुकसान हो सकता है। राडार पद्धति से भी जांच होती है तो नुकसान की आशंका है। जज ने लिखा कि अगर नुकसान होता है तो लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंच सकती है। अदालत ने यह भी कहा कि एएसई जांच से मामले के न्यापूर्ण समाधान की संभावना भी नहीं दिखाई देती है।

उल्लेखनीय है कि शृंगारगौरी सहित अन्य विग्रहों के पूजा के अधिकार के वाद पर सुनवाई के दौरान हुए सर्वे में ज्ञानवापी मस्जिद के वुजूखाने में शिवलिंग जैसी आकृति मिली थी। उसकी कार्बन डेटिंग सहित अन्य वैज्ञानिक पद्धति से जांच कराने के लिए हिंदू पक्ष के पांच में से चार वादियों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन व विष्णु शंकर जैन ने प्रार्थना पत्र दिया था। एक वादी ने कार्बन डेटिंग की जगह किसी और जांच की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला

वाराणसी जिला अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जहां कथित शिवलिंग पाया गया है उसे सुरक्षित रखा जाए। ऐसे में अगर कार्बन डेटिंग के दौरान कथित शिवलिंग को क्षति पहुंचती है तो यह शीर्ष अदालत के आदेश का उल्लंघन होगा और आम जनता की धार्मिक भावनाओं को भी चोट पहुंच सकती है। जिस वक्त ज्ञानवापी मामले की सुनवाई चल रही थी उस वक्त दोनों पक्ष, उनके वकील, सरकारी वकील और कोर्ट कमिश्नर को मिलाकर 59 लोग कोर्ट में मौजूद थे।

अंजुमन इंतजामिया ने कोर्ट में कहा

इस मामले में अंजुमन की तरफ से विरोध करते हुए दलील में अधिवक्ता मुमताज अहमद और एखलाक अहमद ने कहा कि 16 मई को सर्वे के दौरान मिली आकृति के बाबत दी गई आपत्ति का निस्तारण नहीं किया गया और मुकदमा सिर्फ शृंगार गौरी के पूजा और दर्शन के लिए दाखिल किया गया है। 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मिली आकृति को सुरक्षित व संरक्षित करने का आदेश दिया है। वैज्ञानिक जांच में केमिकल के प्रयोग से आकृति का क्षरण सम्भव है कार्बन डेटिंग जीव व जन्तु की होती है पत्थर की नहीं हो सकती। क्योंकि पत्थर कार्बन को एडाप्ट नहीं कर सकता। कहा कि कार्बन डेटिंग वाद की मजबूती व साक्ष्य संकलित करने के लिए कराई जा रही है ऐसे में कार्बन डेटिंग का आवेदन खारिज होने योग्य है।

प्रति उत्तर में हिदू पक्ष ने कहा की बरामद आकृति की जाँच जरुरी

प्रतिउत्तर में हिदू पक्ष के अधिवक्ता हरिशंकर जैन,विष्णु जैन,सुभाष नन्दन चतुर्वेदी व सुधीर त्रिपाठी ने दलील में कहा कि वाद में दृश्य व अदृश्य देवता की बात कही गई है सर्वे के दौरान वजू स्थल स्थित हौज से पानी हटाने पर अदृश्य आकृति दृश्य रूप में दिखी ऐसे में यह पार्ट ऑफ शूट है यानि दावे का हिस्सा है,बरामद आकृति शिवलिंग है या फव्वारा यह वैज्ञानिक जांच से ही स्पष्ट होगा। ऐसे में आकृति को बिना नुकसान पहुंचाए ,हिदुओं की आस्था को चोट पहुंचाए बगैर वैज्ञानिक जांच भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण के विशेषज्ञ टीम से कराई जाए ताकि यह तय हो सके कि आकृति शिवलिंग है या फव्वारा।

हाईकोर्ट में अपील करेगा हिंदू पक्ष

कोर्ट के फैसले पर हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा-हमारी कार्बन डेटिंग की मांग को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि शिवलिंग के साथ कोई छेड़छाड़ ना हो, अभी इसकी आवश्यकता नहीं है। हम हाईकोर्ट में भी अपनी बात रखेंगे क्योंकि विज्ञान की कसौटी पर जीवन जिया जा सकता है।

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जैन समाज को कमजोर समझने की भूल न करें सरकारें – सतीश जैन

गौरतलब है कि गुजरात में गिरनार जी मंदिर जो कि भगवान नेमिनाथ की कर्म स्थली व लाखो मुनियों की तपस्थली है | जैन धर्म के लोगो के लिये एक बड़ा तीर्थस्थल व आस्था का केंद्र है | वह काफी समय से असामाजिक तत्वों व अन्य लोगो के कब्जे में है | जहां जैन श्रद्धालुओ के पहुँचने पर अभद्र व्यवहार व गुंडागर्दी का प्रयास लगातार किया जाता रहा है | जिसमें जैन समाज के जिम्मेदार लोग व अनेको संतो ने भी इस दुर्व्यवहार के विरुद्ध साथ ही गिरनार जी मंदिर को असामाजिक तत्वों से कब्जा मुक्त कराये जाने हेतु लगातार आवाज उठाई है |

केंद्र व प्रदेश की सरकारों को भी इससे लगातार अवगत कराया जाता रहा है | जैन समाज द्वारा अपनी मांग भी अलग अलग माध्यमो से कई कई बार रखी गयी है | परंतु इसका समाधान आज तक नही हो पाया है | इस पर कदम उठाते हुए जैन एकता मंच की कोर कमेटी ने आपसी विचार विमर्श के बाद गुजरात में जैन समाज पर हो रहे इस अन्याय के विरुद्ध गांधीवादी तरीक़े से समाज की इस लड़ाई को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है |

प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र 

जिस पर प्रथम कदम बढ़ाते हुए जैन एकता मंच के प्रतिनिधि मण्डल ने जिसमे मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश जैन व युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन और महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनीता जैन ‘काला’ ने संयुक्त रूप से महामहिम राष्ट्रपति महोदया,प्रधानमंत्री मोदी के साथ साथ गुजरात के मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर समाज की इस गंभीर समस्या व इस अन्याय के विरुद्ध जैन समाज में लम्बे समय से पनप रहे आक्रोश से अवगत कराने का काम किया है

मांग की है कि जैन समाज की इस धरोहर को समाज की आस्था को ध्यान में रखते हुए असामाजिक तत्वों से मुक्त करा कर जैन समाज को पुनः सौंप दी जाये | सरकारों को चेतावनी भी दी कि जैन समाज के साथ हो रहे अन्याय को यही रोका न गया व न्याय नही मिला तो जैन समाज आने वाले चुनावों में ऐसे दल व नेताओ का बहिष्कार करने का काम करेंगे |

राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश जैन ने कहा

सरकारें चाहे किसी की भी हो जैन समाज को कमजोर समझने की भूल कतई न करें | जैन समाज अपनी न्याय की लड़ाई को लड़ने के लिये एकजुट,जागरूक व सक्षम है | इसके लिये हमें आंदोलन की राह भी पकड़नी पड़ी तो जैन एकता मंच पीछे नही हटेगा | लेकिन किसी भी कीमत पर अपना अधिकार लेकर रहेंगे |

देश के निर्माण में जैन समाज का योगदान महत्वपूर्ण

युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन ने कहा कि सदैव से ही देश के निर्माण में जैन समाज का योगदान महत्वपूर्ण रहा है | लेकिन हर मुद्दे पर जैन समाज की अनदेखी व जैनो पर हो रहे अन्याय पर सरकारों की खामोशी चिंता का विषय है | सरकारे जान लें कि आज जैन समाज एकजुट व जागरूक है | इक्कठा होकर गांधीवादी तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई मजबुती से लड़ना जानता है |

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सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच करेगी अब हिजाब विवाद की सुनवाई

कर्नाटक में शिक्षण संस्थानों में हिजाब बैन के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच सुनवाई करेगी,बेंच में शामिल दोनों जजों की राय अलग अलग है। जहां जस्टिस हेमंत गुप्ता ने हिजाब बैन को सही ठहराया है। वहीं जस्टिस सुधांशु धूलिया ने कर्नाटक हाईकोर्ट के बैन जारी रखने के आदेश को रद कर दिया। ऐसे में अब इस मामले को बड़ी बेंच में भेजा गया है।जस्टिस हेमंत गुप्ता ने अपना फैसला सुना दिया है। उन्होंने हिजाब बैन के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। यानी हिजाब पर प्रतिबंध को सही माना है। बड़ी पीठ को भेजने के लिए 11 सवाल तय किए गए हैं। संविधान के मूल के अधिकारों को लेकर सवाल तय किए हैं।

हिजाब पर प्रतिबंध मामले को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच के पास भेजा गया है। इस मामले को तीन जजों की बेंच देखेगी। जब तक फैसला नहीं आ जाता तब तक कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश जारी रहेगा यानि हिजाब पर प्रतिबंध लागू रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले, हिजाब मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।

जस्टिस धूलिया ने ये तर्क दिए

जस्टिस हिमांशु धूलिया ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर असहमति जताते हुए कहा कि इस विवाद में आवश्यक धार्मिक अभ्यास की पूरी अवधारणा जरूरी नहीं थी। हाईकोर्ट ने इस मामले पर गलत रास्ता अपनाया। यह पूरी तरह से अपनी पसंद और अनुच्छेद 14 और 19 का मामला है। मेरे मन में सबसे बड़ा सवाल था बालिकाओं की शिक्षा। क्या हम उनके जीवन को बेहतर बना रहे हैं ? मेरे मन में यही सवाल था। मैंने 5 फरवरी के सरकारी आदेश को निरस्त करते हुए प्रतिबंध हटाने के आदेश दिए हैं। मैंने सम्मानपूर्वक मतभेद किया है। यह पसंद की बात है, कुछ ज्यादा नहीं और कुछ कम नहीं।

जस्टिस हेमंत गुप्ता ने हिजाब मामला में क्या कहा ?

जस्टिस हेमंत गुप्ता ने प्रतिबंध को सही ठहराते हुए कहा कि हमारी राय अलग है। मेरे आदेश में 11 सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या छात्रों को अनुच्छेद 19, 21, 25 के तहत वस्त्र चुनने का अधिकार दिया जा सकता है ? अनुच्छेद 25 की सीमा क्या है ? व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता के अधिकार की व्याख्या किस तरह से की जाए ?

क्या इस मामले को संविधान बेंच को भेजा जाए ? कॉलेज मैनेजमेंट छात्रों के यूनिफॉर्म पर या हिजाब पहनने को लेकर क्या कोई फैसला कर सकता है ? सरकार के आदेश से मूलभूत अधिकारों का क्या उल्लंघन हो रहा है ?  छात्र अपने मौलिक अधिकार का प्रयोग क्या नहीं कर सकता है क्योंकि इस्लाम के तहत आवश्यक धार्मिक अभ्यास का सही हिस्सा पहन रहा है ? मेरे अनुसार उत्तर अपीलकर्ता के खिलाफ है। मैं अपील खारिज करता हूं। अलग-अलग राय को देखते हुए मामले को उचित दिशा-निर्देशों के लिए सीजेआई के समक्ष रखा जाए।

क्या है कर्नाटक हिजाब मामला

हिजाब को लेकर दिसंबर 2021 और जनवरी में विवाद शुरू हुआ था। दरअसल कर्नाटक के उडुपी में एक सरकारी कॉलेज में 6 छात्राओं ने हिजाब पहनकर कॉलेज में एंट्री की थी, जिसके लिए कॉलेज प्रशासन ने मना किया था। इसके बाद हिजाब पहनकर कॉलेज आने का विवाद कर्नाटक से लेकर पूरे देशभर में फैल गया। 5 फरवरी को कर्नाटक सरकार ने स्कूल- कॉलेज में यूनिफॉर्म को अनिवार्य किया, लेकिन कुछ छात्राओं ने कर्नाटक सरकार के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की ओर रुख किया।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने 15 मार्च को उडुप्पी के सरकारी प्री यूनिवर्सिटी गर्ल कॉलेज की मुस्लिम छात्राओं की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसमें क्लास में हिजाब पहनने की इजाजत मांगी गई थी। इसके बाद कई छात्राओं ने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की।

कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश जारी रहेगा

इस मामले में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता वरुन सिन्हा ने कहा कि क्योंकि एक जज ने याचिका को खारिज किया है और दूसरे ने उसे खारिज नहीं किया है। अब हाई कोर्ट का फैसला तब तक जारी रहेगा जब तक किसी बड़े बेंच का फैसला नहीं आ जाता है। यानी की कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब के साथ प्रवेश पर बैन भी जारी रहेगा। यह सुप्रीम कोर्ट के अगले फैसले पर निर्भर करेगा कि हिजाब पर प्रतिबंध जारी रहेगा या समाप्त होगा।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत योग्य

कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने इस फैसले पर कहा कि हम सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हैं। हमने बेहतर फैसले की उम्मीद की थी क्योंकि दुनिया भर की महिलाएं हिजाब और बुर्का नहीं पहनने की मांग कर रही हैं। कर्नाटक उच्च न्यायालय का आदेश अंतरिम समय में लागू रहेगा। मंत्री से शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने का समर्थन करने वाले संगठनों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे हमेशा इस समाज को बांटना चाहेंगे। वे समाज को बांटने के लिए हिजाब का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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हनुमान जी को 10 दिनों में मंदिर खाली करने का दिया नोटिस

रेलवे ने हनुमान जी को मंदिर खाली करने का नोटिस थमा दिया। जी हां इन दिनों झारखंड के धनबाद में रेलवे, नगर निगम अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत निगम प्रशासन बुलडोजर चलाकर अवैध दुकानों, घरों को नष्ट कर रहा है। इसी क्रम में रेलवे प्रशासन रेलवे जमीन पर रह रहे लोगों के घरो में नोटिस चिपकाने के साथ मंदिरों में भी नोटिस चिपका रही है। दरअसल, रेलवे ने हनुमान जी को मंदिर खाली करने का नोटिस थमा दिया। ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने मंगलवार शाम को मंदिर के बाहर ये नोटिस लगाया।

मामला धनबाद के बेकारबांध इलाके का है। खटीक बस्ती में रेलवे ने अपनी जमीन खाली कराने के लिए नोटिस चिपकाया है। रेलवे ने ना सिर्फ हनुमान मंदिर बल्कि आसपास की अवैध झुग्गी-झोपड़ियों को भी हटाने को कहा है। इस नोटिस में हनुमान जी का नाम लिखा है। इस पोस्टर में लिखा है, आपका मंदिर रेलवे की जमीन पर है। वहां अवैध कब्जा किया गया है। नोटिस मिलने के 10 दिनों के अंदर मंदिर हटा लें और जमीन खाली कर दें। नहीं तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में सीनियर सेक्शन इंजीनियर धनबाद रेल मंडल ने कहा कि यह बस एक मानवीय भूल है। इस नोटिस में गलती से हनुमान जी का नाम लिख दिया गया है। इसे सुधार किया जाएगा और आगे से ऐसी गलती ना हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा। किसी की भावनाओं को आहत करना विभाग का मकसद नहीं था। हमें बस जमीन से अतिक्रमण हटाना था।’

हनुमान जी के नोटिस से लोगों में नाराजगी

इससे इन लोगों में नाराजगी है। बेकारबांध के खटीक मोहल्ले में 20 सालों से लोग रेलवे की जमीन पर रह रहे हैं। यहां खटीक समुदाय के लोग अधिकतर उत्तर प्रदेश से आए हैं। झुग्गी-झोपड़ी बनाकर वर्षों से पानी फल, मछली, सब्जी बेचने जैसे छोटे कारोबार करते हैं। रेलवे की टीम ने मोहल्ले में सभी घरों को अवैध कब्जा बताकर खाली करने का नोटिस चिपका दिया है। सभी घरों की दीवार पर नोटिस चिपकाया गया है। इस इलाके में 300 से ज्यादा परिवार रहते हैं।

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नोटबंदी की संवैधानिक वैधता पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई शुरू

सुप्रीम कोर्ट में साल 2016 में हुई नोटबंदी की संवैधानिक वैधता पर बुधवार को सुनवाई हुई। याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार और आरबीआई से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई नौ नवंबर को होगी। बता दें कि साल 2016 में केंद्र सरकार ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने का ऐलान किया था, जिसके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह सरकार के नीतिगत फैसलों की न्यायिक समीक्षा पर ‘लक्ष्मण रेखा’ से अवगत है |

लेकिन यह तय करने के लिए 2016 के नोटबंदी के फैसले की जांच करनी होगी कि क्या यह मुद्दा केवल “अकादमिक” अभ्यास बन गया है। पांच जजों के एस ए नज़ीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जब संविधान पीठ के सामने कोई मुद्दा उठता है, तो जवाब देना उसका कर्तव्य है। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने कहा कि जब तक नोटबंदी पर एक्ट को उचित तरीके से चुनौती नहीं दी जाती है | तब तक यह मुद्दा अनिवार्य रूप से अकादमिक रहेगा।

विमुद्रीकरण अधिनियम 1978 में कुछ उच्च मूल्य के नोटों के विमुद्रीकरण के लिए जनहित में प्रदान करने के लिए पारित किया गया था ताकि अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक पैसों के अवैध ट्रांसफर की जांच की जा सके।

जिस तरह से किया गया, उसकी जांच जरूरी

अदालत ने कहा कि इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए हमें इसे सुनना होगा और जवाब देना होगा कि क्या यह अकादमिक है, अकादमिक नहीं है या न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर है। इस मामले में सरकार की नीति और उसकी सोच है जो इस मामले का एक पहलू है। लक्ष्मण रेखा कहां है, यह हम हमेशा से जानते हैं, लेकिन जिस तरह से यह किया गया, उसकी जांच होनी चाहिए। हमें यह तय करने के लिए वकील को सुनना होगा। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अकादमिक मुद्दों पर अदालत का समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।

मेहता की दलील पर आपत्ति जताते हुए याचिकाकर्ता विवेक नारायण शर्मा का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने कहा कि वह संवैधानिक पीठ के समय की बर्बादी जैसे शब्दों से हैरान हैं क्योंकि पिछली पीठ ने कहा था कि इन मामलों को एक संविधान पीठ के समक्ष रखा जाना चाहिए। एक पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पी चिदंबरम ने कहा कि यह मुद्दा अकादमिक नहीं है और इसका फैसला शीर्ष अदालत को करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विमुद्रीकरण के लिए संसद के एक अलग अधिनियम की आवश्यकता है।

याचिकाओं की सुनवाई के लिए एक और संविधान पीठ हुआ गठन

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पांच जजों की एक और संविधान पीठ का गठन किया था | जो पांच महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करेगी | जिनमें नोटबंदी के फैसले को चुनौती संबंधी याचिकाएं भी शामिल हैं | बता दें कि 16 दिसंबर, 2016 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार के निर्णय की वैधता और अन्य प्रश्नों को पांच न्यायाधीशों की एक बड़ी पीठ के पास भेज दिया था |

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काले जादू की वजह से दी मानव बलि, शव के किये 56 टुकड़े

केरल में काले जादू की वजह से मानव बलि देने का मामला सामने आने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने बताया कि एक शव के कुल 56 टुकड़े किए गए थे। पुलिस ने बुधवार को इस मामले में कई सनसनीखेज खुलासे किए। काले जादू से अमीर बनने की हवस में केरल में 2 महिलाओं की बलि देने के नाम की हत्या के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है | पुलिस अब इस पूरे मामले की तहकीकात कई चीजों को ध्यान में रखकर कर रही है | पुलिस ने कहा कि साजिश रचने वाला शख्स मानसिक तौर पर एक विकृत इंसान है |

पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि मौत के घाट उतारने से पहले दोनों महिलाओं से दुष्कर्म तो नहीं किया गया है | केरल ‘मानव बलि’ मामले पर कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त सीएच नागराजू ने कहा कि जब हमने मुख्य आरोपी शफी से पूछताछ की तो हमें पहले कुछ नहीं मिला | वैज्ञानिक जांच हमें पथानामथिट्टा तक ले गई| कोच्चि के कमिशनर सीएच नागराजू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्य आरोपी शफी का आपराधिक अतीत रहा है और उसने दंपति – भगवल सिंह और उसकी पत्नी लैला को फंसाया, जिन्होंने पैसों के लिए ये बलि दी।

शफी को मनोरोगी बताते हुए कमिश्नर ने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि उसने दंपत्ति को कैसे मना लिया। दूसरी ओर पुलिस ने आगे बताया कि दंपति का कोई आपराधिक अतीत नहीं है।

शवों के टुकड़े कर दफनाया

पुलिस के अनुसार बदमाशों ने पहले महिलाओं की हत्या की और फिर उनके शवों के कई टुकड़े कर उन्हें तिरुवल्ला के पास एक घर में दफना दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि काले जादू के चक्कर में इन महिलाओं की बलि दी गई। आरोपियों ने धनवान बनने के लिए पूजा की थी, बलि के लिए इन महिलाओं से दोस्ती की गई और फिर अपहरण कर बलि दे दी। मृतकों की पहचान कदवंथरा निवासी पद्मम (52) और कालड़ी निवासी रोसिली (50) के रूप में हुई है। दोनों 26 सितंबर से लापता थीं।

पैसा व शोहरत के चक्कर में की वारदात

पुलिस ने तीनों आरोपियों को कल गिरफ्तार किया था। आरोपी दंपती व एजेंट शफी ने तंत्र-मंत्र की सिद्धि कर पैसा व शोहरत पाने के चक्कर में वारदात की। पुलिस के अनुसार शफी ही दोनों महिलाओं को लालच देकर आरोपी के घर ले गया था, जहां उनकी बलि देने के बाद उन्हें दफना दिया गया। आरोपी भगवंत सिंह और उसकी पत्नी ने पूछताछ में कबूल किया कि उन्होंने मृत महिलाओं का मांस भी खाया। जांच के दौरान दोनों लापता महिलाओं के फोन एजेंट मोहम्मद शफी के पास पाए गए। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो अपहरण व बलि देने का मामला सामने आया।

वाम सरकार पर बरसे जावड़ेकर, घटना को बताया अमानवीय

वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने मानव बलि की इस घटना को लेकर केरल की वाम मोर्चा सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस घटना को अमानवीय बताते हुए कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। यह घटना न केवल महिला विरोधी है, बल्कि पर्दे के पीछे माकपा वर्कर व कट्टरपंथी हो सकते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस कृत्य को ‘बर्बर’ करार देते हुए कहा कि यह पाषाण युग का अपराध है। यह गुंडागर्दी को बढ़ावा देने के कारण हुआ। यही वाम सरकार का असली चरित्र है।

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फोन भूत का ट्रेलर रिलीज,भूतनी कटरीना कैफ के साथ ईशान-सिद्धांत करेंगे बिजनेस

मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘फोन भूत’ का ट्रेलर दर्शकों के बीच रिलीज कर दिया गया है। यह एक कॉमेडी हॉरर फिल्म है। ‘फोन भूत’ में कैटरीना कैफ, सिद्धांत चतुर्वेदी और ईशान खट्टर की तिगड़म देखने को मिलेगा। यह फिल्म पिछले काफी समय से चर्चा का विषय बना हुआ था। इसमें कैटरीन पहली बार सबसे सुंदर भूत के रूप में नजर आएंगी। फिल्म के ट्रेलर में दर्शकों में काफी रोमांच पैदा कर दिया है। वहीं सिद्धांत चतुर्वेदी और ईशान को भूत शिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। वे सबसे खूबसूरत भूतनी कैटरीना कैफ से मिलते हैं और इसके बाद उनकी मजेदार और भयानक यात्रा शुरू होती है।

इसके अलावा फोन भूत एक और कॉमेडी हॉरर फिल्म होगी | जिसे दर्शक इस साल ब्लॉकबस्टर भूल भुलैया 2 के बाद देखेंगे। कहा जाए तो फोन भूत कोई हॉरर कॉमेडी नहीं है | बल्कि यह कॉमेडी ऑफ हॉरर है। यह एक क्रेजी मजेदार रोमांच से भरा है, जो पॉप कल्चर और फिल्म के सिचुएशन के साथ जाता है। फिल्म अच्छाई बनाम बुराई की कहानी है।

मोक्ष पाने के लिए कटरीना कैफ सिद्धांत-ईशान संग करेंगी बिजनेस

इस ट्रेलर की शुरुआत रोड पर खड़ी हुई भूतनी से होती है, जिसे देख शुरुआत में आपको थोड़ा डर जरुर लगेगा, लेकिन जैसे-जैसे ये ट्रेलर आगे बढ़ेगा, आपकी हंसी नहीं रुकेगी। ट्रेलर में ईशान खट्टर और सिद्धांत चतुर्वेदी को भूत दिखाई देते हैं, जिसकी वजह से वह भूत बस्टर्स बनने का निर्णय लेते हैं, लेकिन घरवाले इस बात के खिलाफ होते हैं। इसी दौरान उनकी जिंदगी में कटरीना कैफ की एंट्री होती है, जोकि फिल्म में एक भूतनी हैं। वह सिद्धांत और ईशान के पास एक बिजनेस लेकर आती हैं। उसके बाद ये दोनों पैसे कमाने के लिए क्या-क्या करते हैं और कटरीना कैफ मोक्ष पाने के लिए उनसे क्या-क्या करवाती हैं, इसी चीज को कॉमेडी तरह से इस 2 मिनट 49 सेकंड के ट्रेलर में उतारा गया है।

जैकी श्रॉफ हैं ‘फोन भूत’ में सरप्राइज पैकेज

जैकी श्रॉफ इस ट्रेलर में सरप्राइज पैकेज की तरह हैं। उनका किरदार फोन भूत में आत्माराम का है, जो फिल्म में सभी आत्माओं को कैद करके रखता है। फिल्म में जैकी श्रॉफ एक सरप्राइज पैकेज की तरह हैं। फिल्म के डायलॉग्स से लेकर ईशान और सिद्धांत की कॉमेडी टाइमिंग बिलकुल परफेक्ट है और दोनों की शानदार और मजेदार केमिस्ट्री भी आपको गुदगुदाने पर मजबूर कर देगी।

सिनेमाघरों में रिलीज होगी ‘फोन भूत’

फोन भूत इसी महीने अक्टूबर में रिलीज होने वाली थी, लेकिन निजी कारणों के चलते फिल्म ‘फोन भूत’ की रिलीज डेट को नवंबर में पुश किया गया। अब ये फिल्म 4 नवंबर 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इस फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और फिल्म को फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी का एस्सेल विजन प्रोडक्शन प्रोड्यूस कर रहा है।

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रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव सहित कई शहरों पर किये भीषण हवाई हमले

रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव सहित कई शहरों पर भीषण मिसाइल हमले किए हैं | कीव पर कम से कम चार मिसाइलों गिरी हैं | साथ ही अन्य यूक्रेनी शहरों पर भी रूसी मिसाइल हमले हुए हैं | पूरे यूक्रेन में रूस के बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले के कारण बेसमेंट में सुरक्षा के लिए पहुंचे बच्चे यूक्रेन का राष्ट्रगान गा रहे हैं | खबरों में कहा गया है कि कीव में 8 नागरिकों की मौत हो गई और 24 लोग घायल हुए हैं | इस हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि देश भर के शहरों में कई हमलों में लोगों की मौत होने का सूचना है और कई लोग घायल हुए हैं |

यूक्रेन के कमांडर-इन-चीफ वालेरी ज़ालुज्नी ने कहा कि यूक्रेन पर सुबह से 75 रॉकेट दागे गए | उनमें से 41 ने हमारी एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया है | जबकि यूक्रेन की राजधानी कीव पर सोमवार की सुबह कम से कम चार मिसाइलों के गिरने की खबर है | इससे पहले जापोरिज्जिया और बंदरगाह शहर मायकोलाइव पर रूस ने मिसाइलों से हमला किया था | बताया जा रहा है कि आज सुबह यूक्रेन में हुए हमलों के बाद हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है |

जबकि यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्र ल्वीव में ऊर्जा सुविधाओं सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर रूस ने मिसाइल हमले किए | बता दें कि ताजा हमले रूस और क्रीमिया को जोड़ने वाले पुल पर हुए विस्फोट के बाद हुए हैं। दो दिन पहले ही इस पुल पर धमाका हुआ था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया था।

रूस हमें पृथ्वी से मिटाने की कोशिश में लगा है: जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि पूरे यूक्रेन में हुए विस्फोटों में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। जेलेंस्की ने कहा कि रूस हमें नष्ट करने और पृथ्वी के चेहरे से मिटा देने की कोशिश कर रहे हैं।

कीव के मेयर ने भी की पुष्टि

वहीं यूक्रेन की राजधानी कीव के मेयर विटाली क्लिटस्को ने कहा कि “शेवचेंस्कीव्स्की” जिले में कई विस्फोट हुए हैं। यह इलाका राजधानी कीव के केंद्र में है। वहीं समाचार एजेंसी एएफपी ने बताया कि विस्फोट स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 15 मिनट के आसपास हुआ। यूक्रेन की राजधानी में हवाई हमले के सायरन की आवाज एक घंटे से अधिक समय के लिए हुई।

कई जगहों पर पहुंची बचाव दल की टीम

कीव में आपातकालीन सेवा के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि कई लोग घायल हैं और सैकडों मौतें हुई हैं। बचाव दल अब अलग-अलग स्थानों पर काम कर रहे हैं क्योंकि लिव, टेरनोपिल, खमेलनित्स्की, जाइटॉमिर और क्रोपिव्नित्स्की में भी विस्फोट हुए थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि पूरे यूक्रेन में हुए विस्फोटों में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। जेलेंस्की ने कहा कि वे (रूस) हमें नष्ट करने और पृथ्वी के चेहरे से मिटा देने की कोशिश कर रहे हैं।

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नहीं रहे सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव,गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोमवार की सुबह 8.16 बजे अंतिम सांस ली | उन्हें 1 अक्टूबर को मेदांता अस्पताल के आईसीयू में एडमिट कराया गया था | मुलायम सिंह यादव ने 82 साल की उम्र में आखिरी सांस ली | समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर नेताजी के निधन की सूचना दी | मुलायम सिंह की तबीयत बीते कई दिनों से गंभीर बनी हुई थी।

उन पर दवाओं का असर नहीं हो रहा था। उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी और उनकी किडनी भी सामान्य तरीके से काम नहीं कर रही थी। तबीयत बिगड़ने पर उनके ऑक्सीजन के लेवल को भी बढ़ाया गया था और वेंटिलेटर पर वह लगातार डॉक्टरों की टीम की निगरानी में थे। रविवार दोपहर को जब मुलायम का 7वां हेल्थ बुलेटिन जारी किया गया था। तब भी मुलायम सिंह यादव की हालत नाजुक थी। वह लाइफ सेविंग्स ड्रग्स पर थे और ICU में वेंटिलेटर पर थे। यूपी में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया गया है।

अखिलेश यादव की बेटी अदिति ने किया ट्वीट

अदिति यादव का अपने दादा के लिए भावुक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा दादा अब इस दुनिया में नहीं रहे।

सैफई के किसान परिवार में हुआ था जन्म

मुलायम सिंह यादव 3 बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री रहने के अलावा देश के रक्षा मंत्री भी रहे थे। उनके बेटे अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उस समय देश में ब्रिटिश शासन था और उत्तर प्रदेश को संयुक्त प्रांत या यूनाइटेड प्रॉविन्सेज के नाम से जाना जाता था।

उनके पिता का नाम सुघर सिंह यादव और मां का नाम मूर्ति देवी था। मुलायम सिंह यादव के पास राजनीति शास्त्र में तीन डिग्रियां थीं जिनमें इटावा के कर्म क्षेत्र पोस्ट ग्रैजुएट कॉलेज से ली गई बीए की डिग्री, शिकोहाबाद के एके कॉलेज से बीटी की डिग्री और आगरा यूनिवर्सिटी के भीम राव आंबेडकर कॉलेज से एमए की डिग्री शामिल है।

प्रो राम गोपाल यादव ने जानकारी दी

माननीय नेता जी हमारे बीच नहीं रहे। उनका पार्थिव शरीर 11.30 बजे मेदांता अस्पताल से यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे से होकर करहल कट से सैफई के लिए जाएगा। उनका अंतिम संस्कार कल 11 अक्तूबर को अपरान्ह 3 बजे सैफई में होगा। अंतिम दर्शन के लिए आज माननीय नेता जी का शव उनके सैफई आवास पर रखा जाएगा |

लालू यादव ने भी किया याद

राजद अध्यक्ष लालू यादव ने मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कहा, समाजवादी वटवृक्ष सपा संरक्षक आदरणीय मुलायम सिंह जी के निधन की खबर से मर्माहत हूं। देश की राजनीति में एवं वंचितों को अग्रिम पंक्ति में लाने में उनका अतुलनीय योगदान रहा। उनकी यादें जुड़ी रहेगी। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। विनम्र श्रद्धांजलि।

पीएम मोदी ने मुलायम सिंह यादव के निधन पर जताया शोक

पीएम मोदी ने उन्हें जमीन से जुड़ा हुआ नेता करार दिया। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ”मुलायम सिंह यादव जी विलक्षण व्यक्तित्व के धनी थे। उन्हें एक विनम्र और जमीन से जुड़े नेता के रूप में व्यापक रूप से सराहा गया | जो लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील थे। उन्होंने लगन से लोगों की सेवा की और लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डॉ. राम मनोहर लोहिया के आदर्शों को लोकप्रिय बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

एक के बाद तीन ट्वीट

पीएम मोदी ने नेताजी को याद करते हुए एक के बाद एक तीन ट्वीट किए। उन्होंने लिखा मुलायम सिंह यादव जी ने यूपी और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वह आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के लिए एक प्रमुख सैनिक थे। रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने एक मजबूत भारत के लिए काम किया। उनके संसदीय हस्तक्षेप व्यावहारिक थे और राष्ट्रीय हित को आगे बढ़ाने पर जोर देते थे।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने जताया दुख

मुलायम सिंह यादव के निधन पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने दुख व्यक्त किया | मुलायम सिंह यादव जी के निधन का दुखद समाचार मिला। भारतीय राजनीति में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री, भारत सरकार के रक्षामंत्री व सामाजिक न्याय के सशक्त पैरोकार के रूप में उनका योगदान याद रखा जाएगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर संवेदना व्यक्त की

गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव के निधन पर ट्वीट कर संवेदना व्यक्त की। अमित शाह ने ट्वीट कर कहा- मुलायम सिंह यादव जी अपने अद्वितीय राजनीतिक कौशल से दशकों तक राजनीति में सक्रिय रहे। आपातकाल में उन्होंने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए बुलंद आवाज उठाई। वह सदैव एक जमीन से जुड़े जननेता के रूप में याद किए जाएँगे। उनका निधन भारतीय राजनीति के एक युग का अंत है।

मुलायम सिंह यादव को बताया जमीनी नेता

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिग्गज नेता मुलायम सिंह यादव के निधन पर जताया दुख, राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा- श्री मुलायम सिंह यादव जी ज़मीन से जुड़े एक ऐसे नेता थे जिन्होंने कई दशकों तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख भूमिका निभाई। अपने लम्बे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अनेक पदों पर काम किया और देश, समाज एवं प्रदेश के विकास में अपना योगदान दिया। उनका निधन बेहद पीड़ादायक है।

अरविंद केजरीवाल ने दी श्रद्धांजलि

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल ने मुलायम सिंह यादव के निधन पर लिखा, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी नेता श्री मुलायम सिंह यादव जी के निधन का दुखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें एवं उनके सभी प्रशंसकों और परिजनों को ये अपार दुख सहने की शक्ति दें।

read more : गुरुग्राम में हुआ दिल दहला देने वाला हादसा, तालाब में डूबने से 6 बच्चों की मौत

गुरुग्राम में हुआ दिल दहला देने वाला हादसा, तालाब में डूबने से 6 बच्चों की मौत

हरियाणा के गुरुग्राम में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां के सेक्टर 111 में बारिश के पानी से भरे तलाब में 6 बच्चों की डूबने से मौत हो गई। काफी तलाशी के बाद बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सभी बच्चों की उम्र 8 से 13 साल के बीच है। अंधेरा होने की वजह से राहत कार्य में परेशानी आई लेकिन सभी बच्चों के शव को पानी से निकाल लिया गया है। प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही। घटना की जानकारी लगते ही परिवार वाले भी घटनास्थल पर पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

घटना की सूचना के बाद मौके पर रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, गुरुग्राम पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर जुटी रही। मौके पर स्थिति का जायजा लेने के लिए उपायुक्त निशांत कुमार यादव डीसीपी ईस्ट दीपक सहारन भी पहुंचे और जानकारी हासिल की। रेस्क्यू के लिए मौके पर पंप भी मंगवाएं गए हैं। लगभग चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी छह बच्चों के शव को निकाला गया। बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतक बच्चों की पहचान पीयूष, देवा, अजीत, राहुल, दुर्गेश और वरुण के रूप में हुई है। पुलिस ने बच्चों का पोस्टमॉर्टम करवाने के लिए शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। इनके परिजन निजी कपंनियों में काम करते हैं, जो यूपी, राजस्थान, बिहार और झारखंड के मूलनिवासी हैं। बच्चों की मौत से इनके घरों में कोहराम मच गया है।

चार बजे नहाने गए थे बच्चे

जानकारी के अनुसार, शाम चार बजे के लगभग शंकर विहार कॉलोनी में रहने वाले सात बच्चे, जिनकी उम्र लगभग आठ साल से 13 साल है, वो बजघेड़ा गांव के पास खाली जमीन पर बने तालाब में नहाने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान छह बच्चे कपड़े उतार कर तालाब में नहाने के लिए कूद गए, जबकि एक बच्चा नहाने नहीं गया। बच्चों को डूबता हुआ देखकर वो बच्चा जोर से चिल्लाता हुआ पास में खड़े गार्ड के पास गया और घटना की सूचना दी गई। उसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

चार घंटे तक चला रेस्क्यू

बच्चों के तालाब में डूबने की सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जानकारी हासिल करने के बाद रेस्क्यू का काम शुरू किया। पुलिस को तालाब के पास छह बच्चों के कपड़े और चप्पलें मिलीं। दमकल विभाग के कर्मचारी भी सर्च करने के लिए तालाब में गए और लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद 11 साल के देवा के शव को बाहर निकाला गया और मोर्चरी में भिजवाया गया।

उसके बाद रेस्क्यू में मदद करने के लिए एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंची और रात सवा आठ बजे छह बच्चों के शवों को बाहर निकाला गया | गुरुग्राम के उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि तालाब में नहाने गए छह बच्चों की डूबकर मौत हो गई है। बड़ी दुखद घटना है और पुलिस इस मामले में जांच करेगी। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने परिवार को दो-दो लाख रुपये देने का मुआवजे की घोषणा की है।

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भारत ने दूसरे वनडे में अफ्रीका को 7 विकेट से हराकर सीरीज 1-1 से की बराबर

भारत ने रांची में तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 7 विकेट से हरा दिया है। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की सीरीज का दूसरा मैच रांची में खेला गया। भारत की जीत में श्रेयस अय्यर और ईशान किशन हीरो रहे। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 155 गेंद पर 161 रन की साझेदारी हुई। ईशान इस मैच में अपने शतक से चूक गए।

वहीं अय्यर के बल्ले से उनके वनडे करियर का दूसरा शतक निकला। ये सीरीज अब 1-1 से बराबरी पर पहुंच चुकी है। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 278 रन बनाए थे। इसके जवाब में भारत ने ईशान किशन (93) और श्रेयस अय्यर के दमदार शतक की बदौलत 25 गेंद शेष रहते ये मैच 7 विकेट से अपने नाम किया। भारत ने 45.5 ओवर में तीन विकेट पर 282 रन बनाए।

भारत के लिए श्रेयस अय्यर ने सर्वाधिक 113 रन बनाए। पहले मैच में अर्धशतकीय पारी खेलने वाले श्रेयस अय्यर ने इस मैच में शतक ठोका। अपनी पारी में उन्होंने एक भी छक्का नहीं लगाया। संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर के बीच भी चौथे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी हुई। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 69 गेंद में 73 रन जोड़े। संजू सैमसन ने 36 गेंद में नाबाद 30 रन बनाए।

अय्यर-ईशान ने दिखाया दम

इस मैच में 279 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत एक बार फिर खराब रही। भारतीय कप्तान शिखर धवन सिर्फ 13 रन बनाकर वापस लौट गए। धवन के बाद शुभमन गिल भी कुछ खास नहीं कर पाए और वो 28 रन पर आउट हो गए। हालांकि इसके बाद ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मैच की सूरत ही पलट दी। ईशान हालांकि अपने शतक से सिर्फ 7 रन दूर रह गए। उन्होंने 84 गेंद पर 93 रन बनाए। जबकि अय्यर ने शानदार शतक जड़ा। उन्होंने 111 गेंदों पर 113 रन बनाए। अय्यर ने इस मैच में कुल 15 चौके ठोके। वहीं इसके अलावा संजू सैमसन के बल्ले से नाबाद 30 रन निकले।

279 रन का मिला था टारगेट

पहले इनिंग में साउथ अफ्रीका के रीजा हेंड्रिक्स और एडन मारक्रम ने शानदार अर्धशतक जड़े जिस वजह से साउथ अफ्रीका की टीम 278 रन तक पहुंच सकी। जवाब में भारत की ओर से ईशान किशन ने 93 रन बनाए हैं। भारत की ओर से इस मैच में मोहम्मद सिराज ने सबसे शानदार गेंदबाजी की। सिराज ने इस मैच में तीन विकेट लिए। यहां तक कि उन्होंने अपने आखिरी ओवर में सिर्फ 3 रन दिए जिससे साउथ अफ्रीका 300 के स्कोर तक नहीं पहुंच पाई। इसके अलावा शाहबाज अहमद, कुलदीप यादव, शार्दुल ठाकुर और आवेश खान ने झटका।

1-1 से बराबर हुई सीरीज

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच अब 3 मैचों की वनडे सीरीज 1-1 से बराबरी पर पहुंच चुकी है। इस सीरीज के पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को 9 रन से मात दी थी। हालांकि दूसरे मैच में भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए अफ्रीकी टीम पर पलटवार कर दिया। सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला अब दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में 11 अक्टूबर को खेला जाएगा।

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यूपी में भारी बारिश बनी आफत ,कुछ जिलों 12वीं तक स्कूल बंद रखने के निर्देश

यूपी में पिछले पांच दिनों से हो रही भारी बारिश से प्रदेश के लोगों के लिए आफत बनकर आई है। इसके चलते जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। बीते 24 घंटों में अलग-अलग जिलों में बारिश से हुए हादसों में 27 लोगों की मौत हो गई। पूरे राज्य खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश फिलहाल रुकने का नाम नहीं ले रही। पिछले चौबीस घंटे के दौरान संभल में रिकार्ड 145.4 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक पहली से नौ अक्तूबर तक पूरे राज्य में सामान्य (15.4 मिलीमीटर) से भारी बारिश (92.3 मिलीमीटर) दर्ज की गई है। अभी चार-पांच दिन इसी तरह की बारिश होने का अनुमान है। भारी बारिश के कारण लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और कानपुर समेत कई जिलों के 12वीं तक के स्कूलों में सोमवार को छुट्टी कर दी गई है।

बरेली, आगरा और बुलंदशहर में 12 वीं तक के स्कूल-कालेज में सोमवार-मंगलवार और लखनऊ, हापुड़-बागपत में केवल सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, मुजफ्फरनगर के स्पोर्ट्स स्टेडियम के मैदान में पानी भरने से मेरठ के मवाना तहसील की अग्निवीर सेना भर्ती रविवार को स्थगित कर दी गई। मौसम बुलेटिन के मुताबिक, लखनऊ, मेरठ, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, कांशीरमनगर समेत 40 से अधिक जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां पर भारी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। वहीं ललितपुर, वाराणसी, प्रयागरजा, सोनभद्र आदि इलाकों को चेतावनी से दूर रखते हुए बारिश के आसार जताए गए हैं।

जिला प्रशासन ने जारी किया दिशा निर्देश 

जारी आंकड़ों के मुताबिक, मेरठ और अलीगढ़ में तेज बारिश हुई। यहां पर 48 मिमी से ज्यादा बरसात रिकॉर्ड की गई है। जिले में रविवार शाम से लगातार बारिश हो रही है। जिला प्रशासन ने लोगों के लिए दिशा निर्देश जारी करते हुए सावधानी बरतने के लिए कहा है। अगर बहुत जरूरी न हो तो लोगों को बारिश में घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह भी दी गई है। जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने मौसम को देखते हुए भीड़-भाड़ वाले और ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने को कहा है। खुले सीवर, बिजली के तार व खंभों से बचकर रहने के लिए भी कहा गया है।

लखनऊ में सोमवार को स्कूल बंद रखने का फैसला

लखनऊ में भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार को 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूल को बंद करने का फैसला किया है। रविवार की देर शाम जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई। रविवार को जारी एक बयान में जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार के हवाले से कहा गया कि लखनऊ के समस्त क्षेत्र में 9 अक्टूबर (रविवार) सायंकाल से हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग की ओर से 10 अक्टूबर (सोमवार) के लिए जारी चेतावनी के मद्देनजर सभी बोर्ड के कक्षा 12 तक के शहरी एवं एवं ग्रामीण क्षेत्रों के समस्त सरकारी और निजी विद्यालयों में सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है।

भारी बारिश के मद्देनजर आगरा के स्कूलों में दो दिनों के लिए अवकाश

आगरा में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए दो दिन स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इसको लेकर रविवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने आदेश जारी कर दिया है। आदेश का पालन न करने वाले स्कूलों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मौसम विभाग ने 11 अक्टूबर तक तेज गति बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में डीआईओएस मनोज कुमार ने 10 व 11 अक्टूबर को नर्सरी से लेकर 12वीं तक सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। इस अवधि में शिक्षकों की ओर से प्रशिक्षण सहित अन्य विभागीय कार्य का संपादन किया जाएगा। डीआईओएस का कहना है कि आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

नदियों के उफनाने से बिगड़े हालात

दो दिनों में सात लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से घाघरा,सरयू और शारदा नदी के हालात बिगड़ गए। इससे सीतापुर में हजारों बीघे खेत जलमग्न हो गए। 30 गांवों में पानी भर गया है। वहीं, गोण्डा व बहराइच के 104-104 और बलरामपुर के 350 गांव जलमग्न हो गए। श्रावस्ती में राप्ती खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। वहीं, नेपाल से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी व झमाझम बारिश से बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यहां आसपास के 57 गांवों में पानी भर गया जिससे इन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

भारी बारिश को देखते हुए सभी आपातकालीन सेवा के कार्यालय खुलेंगे

जिलाधिकारी ने सभी सरकारी और आपातकालीन सेवाओं के कार्यालय खुले रहने के निर्देश दिए हैं। सक्षम अधिकारी अपने स्तर पर अवकाश घोषित करने का निर्णय ले सकते हैं। सभी राजकीय चिकित्सालय, अस्पताल को हाई एलर्ट पर कर दिया गया है। ट्रामा मैनेजमेंट, सर्पदंश, बिजली के झटके, आकस्मिक सेवाओं में तैनात अधिकारी और कर्मचारियों को ड्यूटी पर रहने के लिए कहा गया है। दवाईयों और वाहन की व्यवस्था भी रखने के लिए कहा गया है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने चिकित्सालयों को भी अलर्ट किया है। लोगों से पीने के पानी को उबाल कर पीने, स्वास्थ्य केंद्र से ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरिन की गोलियां रखने के लिए कहा है। अगर किसी को मेडिकल की इमरजेंसी की जरूरत है तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कंट्रोल रूम नंबर 0522-2622080 पर संपर्क कर सकते हैं।

साथ ही जलभराव और पेड़ गिरने की समस्या को देखते हुए नगर निगम के कंट्रोल रूम के नंबर पर फोन कर सकते हैं। बिजली ब्रेकडाउन के लिए 1912 हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया जा सकता है।

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बिग बॉस के घर में एक और ट्विस्ट , फैन्स के लिए सरप्राइज से उठेगा पर्दा

बिग बॉस के घर में इस बार एक के बाद एक ट्विस्ट और टर्न देखने को मिल रहे हैं। इस बार घरवालों के लिए बिग बॉस पहले ही कई रूल्स में बदलाव कर चुके हैं। और अब घरवालों और इस शो के फैन्स के लिए एक बड़ा सरप्राइज से पर्दा उठने वाला है। हाल ही में इस शो के प्रोमो का एक वीडियो जारी हुआ था इस वीडियो में मास्क पहने हुए एक शख्स को बिग बॉस में एंट्री करते हुए देखा गया था। अभी तक ये साफ नहीं हो पा रहा था कि आखिर घर में एंट्री करने वाला ये नया सदस्य कौन है ? बिग बॉस के इस सीजन में हर दिन नए ट्विस्ट और बदलाव देखने को मिल रहे हैं |

एक तरफ जहां शो में ‘शुक्रवार का वार’ इंट्रोड्यूस हुआ है | वहीं, सलमान सिर्फ शुक्रवार और शनिवार को ही घर वालों की क्लास लेते हुए दिखेंगे | अब शो में बड़ा बदलाव होने जा रहा है | शो में एक्टर शेखर सुमन की एंट्री हो रही है | शेखर सुमन ‘बिग बॉस 16’ के कंटेस्टेंट्स के चेहरे से नकाब उतारेंगे | इस सेगमेंट का नाम ‘मूव एंड शेक विद शेखर सुमन’ होगा | इसे खुद शेखर होस्ट करेंगे |

इसे लेकर ऑडियंस कन्फ्यूज है कि वह बतौर कंटेस्टेंट आएंगे या सिर्फ इसी रविवार के लिए आए हैं या हर रविवार को आएंगे | हालांकि, शनिवार को आए बिग बॉस के एपिसोड में आखिरी में दिखाए गए प्रीकैप में कलर्स टीवी ने इस सेगमेंट का अनाउंसमेंट किया और शेखर सुमन की मेजबानी वाले इस सेगमेंट की झलक दिखाई | इसका प्रोमो भी कलर्स टीवी को सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया गया है |

बिग बॉस में ‘मूव एंड शेक’

कलर्स के जारी नए प्रोमो में शेखर की दमदार एंट्री को दिखाया गया है और वे प्रोमो में काला चश्मा चढ़ाए डैशिंग लुक में नजर आ रहे हैं। इसके अलावा शेखर ने भी शो में अपनी एंट्री को लेकर इंस्टाग्राम पर शो से अपना एक वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा है, ‘शेखर सुमन के साथ मूव एंड शेक में उतरेंगे सभी कंटेस्टेंट के एक एक करके नकाब।’ इस कैप्शन से ही जाहिर है कि बिग बॉस में अब घरवालों का पारा और बढ़ने वाला है क्योंकि अब हर कंटेस्टेंट की पोल खोलने के लिए शेखर सुमन आ गए हैं।

अब घरवालों के राज, राज नहीं रहेंगे

शेखर सुमन की बिग बॉस हाउस में एंट्री ना सिर्फ फैंस को बल्कि घर के सदस्यों को भी उत्साहित करने वाली है। लेकिन घरवालों को अब सर्तक रहना होगा क्योंकि हर संडे शेखर सुमन सभी घरवालों के राज बेनकाब करने के लिए तैयार रहेंगे। अब घरवालों को एक दूसरे की गॉसिप जरा संभल कर करनी होगी। और घरवालों की एक दूसरे को लेकर कई उम्मीदें, भरोसा भी टूट सकता है। अब देखना ये होगा कि चहरों को बेनकाब करने के बाद कौन सा सदस्य किसका करीबी रहता है।

सलमान ने किया रश्मिका-नीना के साथ डांस

‘बिग बॉस 16’ के लेटेस्ट एपिसोड की बात करें तो इसमें रश्मिका मंदाना और नीना गुप्ता बतौर गेस्ट शामिल हुईं | उन्होंने होस्ट सलमान खान के सामी सामी पर डांस किया | इसके बाद सलमान ने घरवालों को चुनौती दी कि वे अल्लू अर्जुन के सिग्नेचर स्टेप के साथ ‘पुष्पा’ का मशहूर डायलॉग को रिक्रिएट करें | घरवालों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर पार्टिसिपेट किया |

अब्दु रोजिक से इम्प्रेस हुईं रश्मिका

अंकित गुप्ता, एमसी स्टेन समेत लड़कों के बेहतरीन प्रयासों के बावजूद,अब्दु रोजिक ने डायलॉग बोलकर रश्मिका मंदाना का दिल चुरा लिया | रश्मिका अब्दु से बेहद इम्प्रेस हुईं |

read more : पीएम मोदी ने किया मोढेरा में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

पीएम मोदी ने किया मोढेरा में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने रविवार को मेहसाणा के मोढेरा में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने इन परियोजनाओं के तहत मेहसाणा जिले के मोढेरा गांव को देश के पहला सोलर विलेज के तौर पर समर्पित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आज मेहसाणा और मोढेरा गांव के लिए गौरव का पल है। आज जब हम सूर्य ग्राम मोढेरा में है तो यह संयोग ही है कि आज शरद पूर्णिमा भी है। यह भी संयोग ही है कि आज वाल्मिकी जयंति भी है। गुजरात का मोढेरा सूर्य मंदिर के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।

चालुक्य वंश के राजा भीम प्रथम ने 1026-27 में यहां सूर्य मंदिर बनवाया था। अब इसके खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। अब मोढेरा देश का पहला ऐसा गांव बन चुका है, जो पूरी तरह से सौर ऊर्जा से चलेगा। पीएम मोदी ने कहा कि आज मोढेरा के लिए, मेहसाणा के लिए और पूरे नॉर्थ गुजरात के लिए विकास की नई ऊर्जा का संचार हुआ है। बिजली, पानी से लेकर रोड, रेल तक डेयरी से लेकर कौशल विकास और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट्स का आज लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी बेहद खास है। पीएम मोदी का संकल्प है कि 2030 तक अक्षत ऊर्जा के जरिए भारत की 50 फीसदी ऊर्जा जरूरतें पूरी होने लगें।

पीएम के इस संकल्प को पूरा करने की दिशा में यह प्रोजेक्ट एक बड़ा कदम है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी यह बात कही। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि गुजरात ने एक बार फिर से स्वच्छ व हरित ऊर्जा पैदा करने के प्रधानमंत्री के विजन को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

मेहसाणा से 25 किमी दूर

मोढेरा गांव गुजरात के मेहसाणा गांव से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं, राजधानी गांधीनगर से इसकी दूरी करीब 100 किमी है। पुष्पावती नदी के किनारे बसे इस गांव का भौगोलिक इलाका करीब 2,436 हेक्टेयर है। यह सौर ऊर्जा से चलने वाला देश का पहला गांव बन गया। गांव में ग्राउंड-माउंटेड सोलर पॉवर प्लांट बनाया गया है। साथ ही 1 किलोवॉट के 1300 से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम लोगों की छतों पर लगाए गए हैं। इनसे इन घरों में बिजली की जरूरत पूरी होगी। यह सभी सोलर सिस्टम बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से जुड़े हुए हैं। इस प्रोजेक्ट को नाम दिया गया है, ‘सोलराइजेशन ऑफ मोढेरा सन टेम्पल एंड टाउन’।

दिन और रात के लिए अलग इंतजाम

दिन के समय में सोलर पैलर से गांव की ऊर्जा जरूरत पूरी होगी है। वहीं शाम के समय बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से ऊर्जा आपूर्ति की जाएगी। यह भारत का पहला ग्रिड कनेक्टेड मेगावॉट ऑवर स्केल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम घरों को बिजली सप्लाई देगा। इस गांव के लिए सोलर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में राज्य और केंद्र सरकार दोनों का योगदान है। राज्य और केंद्र दोनों सरकारों ने मिलकर 80 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया है। पूरा प्रोजेक्ट दो चरणों में डेवलप किया गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए 12 हेक्टेयर की जमीन एलॉट की थी।

बिजली बिल में जबर्दस्त कमी

गुजरात सरकार ने कहा था कि वह मोढेरा में सोलर प्रोजेक्ट को डेवलप करेंगे। वह इस गांव को रिन्यूवेबल एनर्जी डेवलप करने वाला भारत का पहला गांव बनाना चाहते हैं। इसके जरिए वह दिखाना चाहते हैं कि रिन्यूवेबल एनर्जी के इस्तेमाल से ग्रासरूट लेवल पर लोगों को कैसे एम्पॉवर किया जा सकता है। इस कदम के बाद मोढेरा गांव के लोग अपने बिजली के बिल पर 60 से लेकर 100 फीसदी तक की बचत कर रहे हैं।

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बारावफात जुलूस में बड़ा हादसा,हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से 6 की मौत

यूपी के बहराइच जनपद में बारावफात का जुलूस निकालने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया | हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से 6 लोगों की मौत हो गई | जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए | घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया | जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रेफर कर दिया गया | मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं | घटना कोतवाली नानपारा के भग्गड़वा गांव की है | मिल रही जानकारी के मुताबिक तड़के करीब 4 बजे के आस-पास बारावफात का जुलूस निकाला जा रहा था | इस दौरान ठेले पर लगी लोहे की रॉड 11 हजार वाल्ट को हाईटेंशन लाइन से टच हो गई |

जिसके चपेट में आने से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई | जबकि दो लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया | घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया | डीएम और एसपी ने भी घायलों का हालचाल जाना | हादसे के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है | ग्राम प्रधान प्रतिनिधि फरमान व जहीर ने बताया कि हाईटेंशन तार नीचे लटक रहा था। इसे दुरुस्त करने को कहा गया था। किंतु विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिले के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बारावफात का जुलूस रात करीब दो बजे समाप्त हो गया था।

पीड़ितों के परिजनों ने बताया कि सुबह करीब चार बजे ये लड़के पाइप लगे ठेले को बगल के गांव लेकर जा रहे थे कि तभी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। एक-दूसरे को बचाने में छह लोगों की मौत हो गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि दुर्घटना अचानक से हुई है और इसमें किसी का कोई दोष नहीं है।

हादसे के मृतक व घायल

बारावफात का जुलूस निकालने के दौरान हादसे में अशरफ अली (30), सुफियान (12), इलियास (16), शफीक (12), आफताब (12) और तबरेज (17) की मौत हो गई है। जबकि मुराद अली (12) और चांद बाबू (18) की हालत गंभीर है।

सीएम योगी ने जताया शोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद बहराइच में बारावफात के जुलूस के दौरान हुए हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया | मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की | सीएम योगी ने डीएम एवं पुलिस के उच्चाधिकारियों को शीघ्र घटनास्थल पर पहुंचे के निर्देश भी दिए |

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में बनी सीरप के बारे में किया अलर्ट जारी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में बनी जिन चार खांसी की सीरप के बारे में अलर्ट जारी कर उनको जानलेवा बताया है |  उनके बारे में अब भारत सरकार ने भी जांच शुरू कर दी है। ये चारों दवा मैडेन फार्मास्यूटिकल्स की हैं, जिसका ऑफिस हरियाणा के सोनीपत में स्थित है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने इस बात की जानकारी दी है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से भारत में निर्मित 4 कफ सिरप के खिलाफ अलर्ट जारी करने के बाद जांच के आदेश दे दिए गए हैं। गौरतलब है कि अफ्रीकी देश गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत के मामले में भारत में निर्मित इन 4 कप सिरप को संभावित जिम्मेदार माना जा रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इन कफ सीरप के कारण इन बच्चों में गुर्दे की गंभीर समस्या पैदा हुई, जिसके कारण इनकी मौत हो गई। गांबिया में कफ सिरप पीने से मौत का कारण उसमें डायथाइलीन ग्लाइकॉल की अधिक मात्रा पाया जाना सामने आया है। यह डायथाइलीन ग्लाइकॉल जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में भी कहर बरपा चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, रामनगर तहसील में 2019-20 में कोल्ड बेस्ट पीसी सीरप पीने से 12 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 6 बच्चे दिव्यांग हो गए थे।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इन सीरप के 24 सैंपल्स में से 4 सैंपल दूषित मिले हैं। इनमें डाइथीलीन ग्लाइकोल और एथिलीन ग्लाइकोल की अस्वीकार्य मात्रा की पुष्टि हुई है | जो इंसानों के लिए बेहद खतरनाक है।

भारत में आपूर्ति का लाइसेंस नहीं

वहीं अखिल भारतीय केमिस्ट और ड्रगिस्ट संगठन ने कहा है कि, भारत में मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड दवाओं की कोई आपूर्ति नहीं है। संगठन ने बताया है कि वे केवल अपने उत्पादों का भारत से बाहर निर्यात करते हैं। फिर भी, यदि भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा कोई दिशानिर्देश जारी किया जाता है तो हम उन दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। भारत सरकार ने भी बताया है कंपनी के पास भारत में इन दवाओं की आपूर्ति के लिए लाइसेंस ही नहीं था | इनको सिर्फ निर्यात किया जा रहा था। कंपनी के ट्विटर प्रोफाइल पर भी इस एक्सक्लूसिव रूप से निर्यात प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी बताया गया है।

सिर्फ गांबिया हुआ निर्यात

लेकिन सवाल है कि क्या गांबिया के बाहर किसी और देश में भी ये दवाएं सप्लाई की जा रही थीं | अभी प्रथम दृष्टया से तो यही लगता है कि ऐसा नहीं है। भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन दोनों ने यही संकते दिए हैं। लेकिन इसके बावजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह भी आगाह किया है कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि ये दूषित दवाएं पश्चिम अफ्रीकी देश के बाहर भी वितरित की गई हों | इसलिए इनसे वैश्विक जोखिम की भी “आशंका” बनी हुई है।

नहीं किया विश्व स्वास्थ्य संगठन को सुरक्षित उत्पाद के बार में आश्वस्त

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि इंगित किए गए निर्माता ने अब तक प्रदूषित उत्पादों की सुरक्षा और गुणवत्ता पर कोई गारंटी नहीं दी है। तो चलिए आपको एक बार फिर बताते हैं कि डब्ल्यूएचओ द्वारा बुधवार 5 अक्टूबर को जारी मेडिकल प्रोडक्ट अलर्ट के अनुसार, जिन चार उत्पादों में ये शिकायत पाई गई है उनके नाम क्या हैं
1 .प्रोमेथाज़ाइन ओरल सॉल्यूशन (Promethazine Oral Solution)
2 .कोफेक्समेलिन बेबी कफ सीरप (Kofexmalin Baby Cough Syrup)
3 .मैकॉफ बेबी कफ सीरप (Makoff Baby Cough Syrup)
4 .मैग्रिप एन कोल्ड सीरप (Magrip N Cold Syrup)

सुप्रीम कोर्ट में लंबित है उधमपुर मामला

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से भी यह मामला उठाया गया, जिसकी सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने जान गंवाने वाले 12 शिशुओं के परिजनों को 3-3 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी। आयोग ने जांच में पाया कि इसमें राज्य सरकार के ड्रग कंट्रोल विभाग से लापरवाही हुई, जिसने दवा की जांच ठीक से नहीं की। अनाधिकारिक आंकड़ों में मौतों की संख्या 14 बताई जाती है। बता दें कि केंद्र शासित प्रशासन की ओर से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी उठाया गया, जहां दूसरी याचिका पर सुनवाई लंबित है।

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थाईलैंड में कोहराम , चाइल्ड डेकेयर सेंटर पर अंधाधूंध फायरिंग

थाईलैंड में गुरुवार को उस वक्त कोहराम मच गया, जब एक चाइल्ड केयर सेंटर पर अंधाधूंध फायरिंग होने लगी और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई | थाईलैंड के पूर्वोत्तर प्रांत में मास शूटिंग में 34 से अधिक लोग मारे गए है | जिनमें मरने वालो में ज्यादातर बच्चे हैं | फिलहाल, हत्यारा फरार है | पुलिस ने बताया कि चाइल्ड केयर सेंटर पर यह भीषण फायरिंग हुई है | जिसमें 34 से अधिक लोग मारे गए हैं |

इस भीषण फायरिंग में जान गंवाने वालों में बच्चे और वयस्क दोनों शामिल हैं | बताया जा रहा है कि बच्चों पर चाकू से भी हमले किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि हमलावर सफेद रंग की टोयोटा गाड़ी से आया था जिसपर बैंकॉक की ही नंबर प्लेट है। एक पुलिसकर्मी का कहना है कि मरने वालों में 23 बच्चे हैं। अब भी पूरी जानकारी नहीं मिली है। मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। घटना के बारे में अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने एक बयान में कहा कि बंदूकधारी हमलावर एक पूर्व पुलिस अधिकारी है और उसकी तलाशी जारी है | एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री प्रयुत चन ओचा ने सभी एजेंसियों को तुरंत एक्शन लेने और अपराधी को पकड़ने के लिए अलर्ट ज़ारी कर दिया है |

पहले भी हो चुकी है भीषण फायरिंग

बता दें कि थाईलैंड में इस तर की बड़े पैमाने पर फायरिंग बहुत कम ही देखने को मिलती है | मगर साल 2020 में प्रॉपर्टी डील से नाराज एक सैनिक भीषण फायरिंग की थी | जिसमें कम से कम 29 लोग मारे गए और 57 लोग घायल हो गए थे | मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमला करने वाले व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बच्चे को भी गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली है। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

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अमेरिका में भारतीय मूल के परिवार से क्रूरता, 8 महीने की बच्ची समेत 4 के मिले शव

अमेरिका के कैलिफॉर्निया में किडनैपिंग का शिकार हुए भारतीय मूल के परिवार के लोगों के शव पाए गए हैं। मरने वालों में 8 महीने का मासूम बच्चा भी शामिल है। अमेरिका के कैलिफोर्निया से भारतीय मूल के चार लोगों के अपहरण की खबर के बाद पुलिस ने सभी के शव को एक ग्रामीण इलाके से बरामद किया है | रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने मामले पर दिए एक अपडेट में कहा कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में 8 महीने की बच्ची सहित परिवार के चार सदस्य सोमवार को मेरेड शहर में अपहरण के बाद एक ग्रामीण इलाके में मृत पाए गए हैं | इन लोगों को मर्स्ड काउंटी से किडनैप कर लिया गया था और उनकी तलाश की जा रही है।

इस मामले में 48 साल के एक शख्स को हिरासत में लिया गया है। हालांकि शुरुआती दौर में किडनैपिंग का लग रहा यह केस अब बड़ा मोड़ ले चुका है। जघन्य हत्याकांड के चलते सनसनी फैल गई है और भारतीय मूल के लोगों में डर का माहौल है। मर्स्ड काउंटी के शेरिफ वर्न वार्नके ने कहा कि यह घटना बेहद जघन्य और डराने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने जिस शख्स को हिरासत में लिया है |

उसे सर्विलांस वीडियो में देखा गया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी शख्स भारतीय मूल के परिवार को जबरदस्ती ट्रक में धकेल रहा है। 8 महीने का बच्चा और उसकी मां जसलीन कौर, पिता जसदीप सिंह और अंकल अमनदीप सिंह सोमवार से ही लापता थे। इसके बाद उनके परिवार के सदस्यों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी और पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। लेकिन परिवार के सभी लोगों के शव ही पाए गए।

पहले भी कर चुका है ऐसी वारदात

हिरासत में लिए गए शख्स पर 2005 में भी बंदूक के दम पर लूट करने और दूसरे लोगों को फंसाने का आरोप दर्ज है। इस केस में पुलिस का मानना है कि वह अकेला नहीं था और उसके साथ कुछ और भी लोग थे। पुलिस की ओर से एक वीडियो जारी किया गया है | जिसमें जसदीप और अमनदीप सिंह के हाथ बंधे हुए दिख रहे हैं। उन्हें हथियारों का डर दिखाकर ट्रक में चढ़ाया जा रहा है। इसके बाद बदमाश ट्रक को लेकर रवाना हो जाते हैं। इसके बाद वे बंदूकधारी बच्चे को लिए हुए जसलीन को भी किडनैप करके ले जाते हैं।

भगवंत मान ने की जांच की मांग

पंजाब के सीएम भगवंत मान कैलिफोर्निया में चार भारतीयों की हत्या पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि वह परिवार के साथ दुख साझा करते हैं। सीएम ने विदेश मंत्री से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

पुलिस ने 911 पर की थी जानकारी देने की अपील

मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक संदिग्ध का नाम नहीं बताया है। साथ ही यह भी नहीं पता चल सका है कि घटना को अंजाम देने के पीछे का मकसद क्या है। इस मामले में घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही इस केस से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर उसे 911 पर सूचित करने के लिए कहा गया है।

फिरौती के लिए अमेरिका से परिजनों को नहीं आया कॉल

पंजाब के होशियारपुर में मौजूद अपहृतों के परिजनों ने बुधवार को बताया था कि अपहर्ताओं ने फिरौती के लिए उन्हें कोई कॉल नहीं किया। जसदीप और अमनदीप के माता-पिता डॉ. रणधीर सिंह और कृपाल कौर अपहरण की खबर सुनकर सदमे में हैं। दोनों हाल ही में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। डॉ. रणधीर 29 सितंबर को विदेश से भारत लौटे थे। इसके बाद वे उत्तराखंड में तीर्थयात्रा पर चले गए थे। जब वह ऋषिकेश पहुंचे तो उन्हें अमेरिका से उनकी बहू जसप्रीत कौर का फोन आया, जिन्होंने उन्हें अपने पति अमनदीप और परिवार के अन्य सदस्यों के अपहरण की घटना के बारे में बताया। इसके बाद डॉ. रणधीर मंगलवार शाम अपने गांव लौटे और अमेरिका संपर्क किया।

अमेरिका में नस्लीय टिप्पणियों के कई मामले आ चुके हैं सामने

इससे पहले भी अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ घृणा अपराध के इस प्रकार के कई मामले सामने आ चुके हैं। कैलिफोर्निया में एक सितंबर को एक व्यक्ति ने एक भारतीय-अमेरिकी पर नस्लवादी टिप्पणी की थी। टेक्सास में एक मैक्सिकन-अमेरिकी महिला ने चार भारतीय-अमेरिकी महिलाओं के साथ 26 अगस्त को दुर्व्यवहार किया था और उनके खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां की थीं।

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मेरे बेटे मेरे उत्तराधिकारी नहीं होंगे,सीएम शिंदे उद्धव ठाकरे के परिवारवाद पर हमला

महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियां ट्वीट करते हुए लिखा मेरे बेटे, बेटे होने से मेरे उत्तराधिकारी नहीं होंगे, जो मेरे उत्तराधिकारी होंगे, वो मेरे बेटे होंगे। महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन कई मायनों में अहम माना जा रहा है। शिवसेना में विभाजन के बाद उद्धव ठाकरे और सीएम एकनाथ शिंदे के खेमों की ओर से मुंबई में दो दशहरा रैलियों का आयोजन किया जा रहा है। 56 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब दशहरा के दिन शिवसेना की दो रैलियां अलग-अलग जगहों पर आयोजित हो रही है। इस रैली को दोनों ही खेमों के बीच शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

रैलियों में लाखों समर्थकों के जुटने की संभावना के बीच मुंबई पुलिस ने सुरक्षा को लेकर कड़े इतंजाम किए हैं। जगह-जगह पर पुलिस बल की तैनाती है। बाहर से आ रही सभी वाहनों पर निगरानी रखी जा रही है। दशहरा रैली में दोनों दिग्गज नेता महज पांच किलोमीटर की दूरी पर समर्थकों को संबोधित करेंगे। यही नहीं इस बीच बयानबाजी की लड़ाई भी जोरों पर है। एकनाथ शिंदे ने रैली से ठीक पहले कविता के जरिए उद्धव ठाकरे पर तंज कसा है। उन्होंने अपने ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन जो लिखा है, उससे माना जा रहा है कि उन्होंने ठाकरे फैमिली के परिवारवाद पर अटैक किया है। उन्होंने हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियां ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मेरे बेटे, बेटे होने से मेरे उत्तराधिकारी नहीं होंगे, जो मेरे उत्तराधिकारी होंगे, वो मेरे बेटे होंगे।

दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं – सीएम शिंदे 

इसके अलावा एक और ट्वीट उन्होंने किया था, जिसमें उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के विचारों को देश और धर्म की रक्षा के लिए अहम बताते हुए लोगों से बीकेसी मैदान पर जुटने का आह्वान किया था। इसी मैदान पर एकनाथ शिंदे गुट दशहरा रैली करने का जा रहा है। एकनाथ शिंदे ने ट्वीट किया, ‘विकास की यात्रा में ईश्वर, देश और धर्म की रक्षा के लिए बालासाहेब के विचार महत्वपूर्ण हैं। आइए आज हम सबका कल्याण करने का संकल्प लें। बीकेसी मैदान पर श्री बालासाहेब के विचारों का संकल्प लेने के लिए एकजुट हों। सभी को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं।’

दशहरा रैलियों को लेकर सुरक्षा चौकस

मुंबई में रैलियों को लेकर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 3,200 बड़े अधिकारी, 15,200 कर्मी, राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) के 1,500 कर्मी, होमगार्ड के 1,000 जवान, 20 त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), 15 बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) तैनात किए गए हैं।

जब बाला साहब ने की शिवसेना की पहली रैली

बाला साहेब ठाकरे ने 19 जून 1966 को शिवसेना का गठन किया। इसी साल 30 अक्तूबर को दशहरे के दिन दादर के शिवाजी पार्क में उन्होंने पार्टी की पहली रैली आयोजित की। तब से मुंबई के शिवाजी पार्क में शिवसेना की दशहरा रैली की परंपरा जारी है। 2012 में बाला साहब के निधन के बाद उनके बेटे उद्धव ठाकरे रैली को संबोधित करते रहे हैं।

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हिमाचल दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी , मेडिकल टूरिज्म को लगेंगे पंख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में दशहरा रथ यात्रा में हिस्सा लिया | इस दौरान उनके साथ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे | इससे पहले हिमाचल दौरे की एक जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि पिछले 8 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने हिमाचल की विकास गाथा को नए आयाम पर पहुंचा दिया है | आज हिमाचल में सेंट्रल यूनिवर्सिटी भी है | आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी हैं | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना की कठिनाइयों के बावजूद भी केंद्र और हिमाचल राज्य सरकार ने जो काम किया उसका परिणाम बिलासुपर एम्स है | हम काम बहुत मजबूती से करते हैं |

आज की पीढ़ी लिए भी और आने वाली पीढ़ी के लिए करते हैं | प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए जिन 4 राज्यों को चुना गया है | उनमें से एक हिमाचल है | हिमाचल वीरों की धरती है, मैंने यहां की रोटी खाई है, मुझे कर्ज भी चुकाना है | प्रधानमंत्री मोदी बोले, हिमाचल का एक पक्ष और है | जिसमें यहां विकास की अनंत संभावनाएं छिपी हुई हैं | ये पक्ष है- मेडिकल टूरिज्म ,आज भारत दुनिया में मेडिकल टूरिज्म का बहुत बड़ा आकर्षण का केंद्र बन रहा है | चुनावी साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिमाचल में यह पहली सबसे बड़ी सभा थी।

जिसमें उन्होंने हिमाचल प्रदेश को 37000 करोड़ की योजनाओं को राज्य के नाम समर्पित किया। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में खुले एम्स और हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल के लोगों से रूबरू होकर खुद को हिमाचल का ही बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं 

प्रधानमंत्री मोदी ने जब बिलासपुर के मंच से यह कहा कि वह कैसे इसी शहर की गलियों में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ घूमने निकलते थे | तो इसका संदेश सिर्फ बिलासपुर ही नहीं बल्कि हिमाचल के मैदानी इलाकों से लगने वाले जिलों से शुरू होकर लाहौल स्पीति के दुर्गम पहाड़ियों तक पहुंचा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बुधवार को दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व विजय का प्रतीक है | प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘सभी देशवासियों को विजय के प्रतीक-पर्व विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई | मेरी कामना है कि यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में साहस, संयम और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए | दशहरा को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है |

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