Wednesday, April 8, 2026
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नए संसद भवन उद्धघाटन कार्यक्रम के विरोध में विपक्षी दल निकल सकते है पैदल मार्च

रविवार 28 मई को नए संसद भवन का उद्धघाटन होना है। इस कार्यक्रम को सरकार बेहद ही भव्य तरीके से संपन्न कराएगी। हालांकि 20 से ज्यादा विपक्षी दल इस उद्धघाटन कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं। इस में कांग्रेस, आप, टीएमसी, एनसीपी समेत कई दल शामिल हैं। हालांकि सरकार विपक्ष के इस बहिष्कार को राजनीति से प्रेरित बता रही है। खबर है कि उद्धघाटन कार्यक्रम के विरोध में विपक्षी दल पैदल मार्च भी निकाल सकती है। इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा बयान दिया है।

दिल्ली पुलिस ने किए हैं पूरे इंतजाम

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक ने कहा है कि रविवार को समूचे दिल्ली कि सुरक्षा व्यवस्था सख्त रहेगी। यह कार्यक्रम बिना किसी विघ्न और बाधा के पूरा हो इसके लिए पुलिस ने कानून व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सभी जवानों को अपनी जिम्मेदारी बता दी गई और विभागीय ब्रीफिंग भी दी जा चुकी है। इस कार्यक्रम के दौरान कुछ भी अप्रिय ना हो, इसके लिए हमने सभी इंतजाम किए हैं।

हवन और पूजन से शुरू होगा उद्धघाटन कार्यक्रम

बता दें कि 28 मई रविवार को नए संसद भवन का उद्धघाटन होगा। नए भवन उद्धघाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। लेकिन उद्धघाटन से पहले रविवार को सुबह हवन और विभिन्न धर्मों की प्रार्थना होगी। इसी के साथ उद्धघाटन कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। इस कार्यक्रम से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब सात बजे नए भवन के बाहर संसद परिसर में हवन होगा जहां शैव संप्रदाय के महायाजक औपचारिक राजदंड ‘सेंगोल’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपेंगे। सेंगोल को नए संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास स्थापित किया जाएगा।

28 मई को होगा मुख्य कार्यक्रम

नए संसद भवन के उद्धघाटन का मुख्य समारोह रविवार दोपहर प्रधानमंत्री, पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और अन्य की उपस्थिति में शुरू होने की संभावना है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल, कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे तथा विपक्षी दलों के नेताओं को भी निमंत्रण दिया गया है। लेकिन कई विपक्षी दलों ने उद्धघाटन समारोह का बहिष्कार करने की घोषणा की है। जबकि रविवार के कार्यक्रम में 25 दल सम्मिलित होंगे जिनमें राजग के 18 घटक और सात गैर-राजग दल शामिल हैं।

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उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने दाखिल की पहली चार्जशीट, सिर्फ सदाकत का नाम

विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में पुलिस ने पहली चार्जशीट शुक्रवार को दायर कर दी। पहली चार्जशीट में सिर्फ एक आरोपी सदाकत खां के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। अन्य आरोपियों के नाम का उल्लेख इसमें नहीं है। सदाकत के ऊपर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है।1857 पेज की चार्जशीट एससी-एसटी कोर्ट में दाखिल की गई है। आठ अन्य अभियुक्तों के खिलाफ भी जल्द ही आरोप पत्र दाखिल हो सकता है। यह सभी वर्तमान में नैनी जेल में निरूद्ध हैं।

अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस चार्जशीट कर सकती दाखिल 

माना जा रहा है कि कुछ दिन के भीतर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस चार्जशीट दाखिल कर सकती है। पुलिस के पास अभी 25 दिन का समय है। हत्याकांड में शामिल माफिया अतीक, अशरफ और असद के साथ ही गुलाम हसन, अरबाज, उस्मान चौधरी की मौत हो चुकी है। 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद से अब तक इस हत्या मामले में आठ आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा उम्रकैद की सजा काट रहे अतीक के वकील खान सौलत हनीफ को भी पुलिस आरोपी बना चुकी है। इस तरह से मौजूदा समय में इस मामले में कुल नौ लोग नैनी जेल में निरुद्ध हैं।

अवैध असलहा के साथ किया गिरफ्तार

प्रकरण में पहली गिरफ्तारी 27 फरवरी को हुई थी। पुलिस ने मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल से सदाकत खान को अवैध असलहा के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद 21 मार्च को अतीक अहमद के नौकर राकेश उर्फ लाला, ड्राइवर कैश अलावा हत्याकांड में रेकी करने वाले अख्तर कटरा, मो. सजद व नियाज अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

हत्याकांड में एक और गिरफ्तारी एक अप्रैल को हुई जब एसटीएफ ने अतीक के नौकर शारुप उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार किया। चार अप्रैल को अतीक के बहनोई डॉ. अखलाक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। 27 अप्रैल को उमेश पाल हत्याकांड में खान सौलत हनीफ की रिमांड बनवाई गई। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जेल में निरुद्ध सभी नौ आरोपियों की हत्याकांड में संलिप्तता के पर्याप्त सबूत पुलिस जुटा चुकी है।

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राहुल गांधी को पासपोर्ट मामले में मिली राहत, कोर्ट ने 3 साल के लिए दी एनओसी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पासपोर्ट मामले में कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। इस मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को नए पासपोर्ट के लिए 3 साल की एनओसी दी है। बता दें कि बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि अगर राहुल गांधी को नए पासपोर्ट मामले में एनओसी दिया जाता है तो नेशनल हेराल्ड केस की जांच प्रभावित हो सकता है। एनओसी मिलने की वजह से राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा पर बना सस्पेंस भी खत्म हो गया है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने किया था विरोध

सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड मामले में आरोपी हैं। ऐसे में विदेश जाने पर जांच प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि हमें राहुल गांधी के विदेश जाने से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन वापस लौटने की गारंटी होनी चाहिए। राहुल गांधी तय समय के अंदर ही भारत लौटने चाहिए। नेशनल हेराल्ड मामला सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ स्वामी की एक निजी आपराधिक शिकायत पर आधारित है, जिसमें उन पर धोखाधड़ी, साजिश और आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाया गया है।

राहुल गांधी को पड़ी एनओसी की जरूरत

राहुल गांधी को गुजरात के सूरत की एक अदालत द्वारा आपराधिक मानहानि के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सांसद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद राहुल ने राजनयिक यात्रा दस्तावेज लौटा दिए थे। यही वजह है कि राहुल ने ‘सामान्य पासपोर्ट’ हासिल करने के लिए एनओसी पाने को अदालत का रुख किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘उपनाम’ के बारे में टिप्पणी को लेकर दायर मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता की सजा को सस्पेंड कर दिया गया है।

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आप नेता सत्येंद्र जैन को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

आम आदमी पार्टी के नेता एवं दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने खराब तबीयत के आधार पर जैन को 6 हफ्तों की अंतरिम जमानत दी है। कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर जैन को जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी रखी हैं। जमानत पर बाहर रहने के दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन न तो किसी गवाह से मिलेंगे और न ही किसी को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।

दिल्ली के बाहर नहीं जा सकेंगे जैन

अदालत ने प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाने के लिए 6 हफ्ते की अंतरिम जमानत देते हुए कहा कि सत्येंद्र जैन इस दौरान मीडिया से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेंगे। इसके साथ ही आप नेता के दिल्ली से बाहर जाने पर भी पाबंदी लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश 11 जुलाई तक जारी रहेगा, और अगले आदेश के लिए 10 जुलाई को सुनवाई होगी। सत्येंद्र जैन को अपने इलाज की रिपोर्ट कार्ड कोर्ट में सबमिट करना होगा।

पिछले साल किया गया था सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने आप नेता सत्येंद्र जैन को चिकित्सकीय आधार पर शर्तों के साथ 6 हफ्ते की अंतरिम जमानत दी है। वह बिना अनुमति के दिल्ली से बाहर नहीं जा सकते और मीडिया के सामने कोई बयान नहीं दे सकते। सत्येंद्र जैन पिछले एक साल से जेल में हैं। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले साल 30 मई को गिरफ्तार किया था।

बीते दिन सत्येंद्र जैन की तबीयत और भी बिगड़ गई

इससे पहले सत्येंद्र जैन बुधवार सुबह करीब छह बजे सत्येंद्र जैन सीजे-7 के अस्पताल के एमआई रूम के बाथरूम में फिसल कर गिर गए थे। उन्हें सामान्य कमजोरी के कारण निगरानी में रखा गया था। इसके बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच की। जब उनकी तबीयत और भी बिगड़ गई तो उन्हें दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल से एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उन्हें आईसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

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पीएम मोदी करेंगे संसद की नई इमारत का उद्धघाटन, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

देश की राजधानी दिल्ली में संसद की नई इमारत का उद्धघाटन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा होना है। एक तरफ जहां उद्धघाटन समारोह को यादगार बनाने की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इसके बहिष्कार के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन घटनाक्रमों के बीच नई बिल्डिंग के उद्धघाटन को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई जिसमें याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को जमकर फटकार लगाई गई है। याचिका में कहा गया था कि उद्धघाटन समारोह में राष्ट्रपति को न बुलाकर संविधान का अपमान किया जा रहा है।

21 पार्टियां ने किया बहिष्कार

संसद की नई इमारत के उद्धघाटन समारोह का बहिष्कार करने वाली पार्टियों की जहां संख्या 21 हो गई है, वहीं समर्थन करने वाली पार्टियाों की संख्या दो दर्जन को पार कर चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 पार्टियों ने उद्धघाटन समारोह का न्यौता स्वीकार कर लिया है। मायावती की अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारी नई बिल्डिंग के उद्धघाटन करने का समर्थन तो किया है लेकिन समारोह में आने को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

सुबह से ही होगी कार्यक्रमों की शुरुआत

28 तारीख को कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह साढ़े सात बजे से ही हो जाएगी जो दोपहर ढाई बजे तक चलेगा। सुबह पूजा पाठ के साथ शुरू होने वाले समारोह का समापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण के साथ होगा। पूरे कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार हो चुकी है, विधि विधान का खाका बन चुका है। विपक्षी दलों के विरोध से बेपरवाह सरकार ने तय कर लिया है कि नए संसद भवन का उद्धघाटन 28 मई को तय वक्त पर ही होगा, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही नए संसद भवन का उद्धघाटन करेंगे।

याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें पता है कि यह याचिका क्यों दाखिल की गई है। शीर्ष अदालत ने साफ-साफ कहा कि ऐसी याचिकाओं को देखना सुप्रीम कोर्ट का काम नहीं है। अदालत ने साथ ही याचिकाकर्ता वकील जया सुकिन को फटकार लगाते हुए पूछा कि उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए। जया ने याचिका में कहा था कि राष्ट्रपति को उद्धघाटन समारोह से बाहर करके सरकार ने भारतीय संविधान का उल्लंघन किया है। इसमें मांग की गई थी कि संसद के नए भवन का उद्धघाटन राष्ट्रपति के हाथों ही किया जाना चाहिए।

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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा नए संसद भवन का मामला, राष्ट्रपति से उद्धघाटन कराने की मांग

नए संसद भवन के उद्धघाटन का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल हुए एक जनहित याचिका में मांग की गई है कि संसद के नए भवन का उद्धघाटन राष्ट्रपति द्वारा किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि कई विपक्षी दल पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा संसद भवन के उद्धघाटन का विरोध करते हुए कार्यक्रम के बहिष्कार की बात कह चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। कहा गया है कि राष्ट्रपति को उद्धघाटन समारोह से बाहर करके, सरकार ने भारतीय संविधान का उल्लंघन किया है। संविधान का सम्मान नहीं किया जा रहा है। इसमें मांग की गई है कि संसद के नए भवन का उद्धघाटन राष्ट्रपति द्वारा किया जाना चाहिए।

19 पार्टियों ने किया है बहिष्कार का एलान

कांग्रेस ने संसद के नए भवन के उद्धघाटन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘एक व्यक्ति के अहंकार और खुद के प्रचार की आकांक्षा’ ने देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति को इस भवन का उद्धघाटन करने के संवैधानिक विशेषाधिकार से वंचित कर दिया है। कांग्रेस के इस बयान से एक दिन पहले ही कांग्रेस, वाम दल, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत 19 विपक्षी दलों ने पीएम मोदी द्वारा संसद के नए भवन के उद्धघाटन का बहिष्कार करने के फैसले की घोषणा की थी। विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र की मौजूदा सरकार के तहत संसद से लोकतंत्र की आत्मा को ही निकाल दिया गया है।

उद्धघाटन राष्ट्रपति से करवाया जाए

याचिकाकर्ता का नाम सी आर जयासुकिन है। पेशे से वकील जयासुकिन तमिलनाडु से हैं। वह लगातार जनहित याचिकाएं दाखिल करते रहते हैं। उनकी इस याचिका में कहा गया है कि अनुच्छेद 85 के तहत राष्ट्रपति ही संसद का सत्र बुलाते हैं। अनुच्छेद 87 के तहत उनका संसद में अभिभाषण होता है, जिसमें वह दोनों सदनों को संबोधित करते हैं। संसद से पारित सभी विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही कानून बनते हैं। इसलिए, राष्ट्रपति से ही संसद के नए भवन का उद्धघाटन करवाया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने कहा है कि 18 मई को लोकसभा सचिवालय ने संसद भवन के उद्घाटन के लिए जो निमंत्रण पत्र जारी किया है, वह असंवैधानिक है। सुप्रीम कोर्ट यह निर्देश दे कि उद्धघाटन राष्ट्रपति से करवाया जाए।

ये दल रहेंगे मौजूद

इसी को लेकर लगातार सियासी बवाल मचा हुआ है। 28 मई को होने वाले समारोह का जहां कई राजनीतिक दलों ने बहिष्कार किया है। वहीं, कइयों ने शामिल होने की पुष्टि की है। समारोह में शामिल होने वाले राजनीतिक दल तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), शिरोमणि अकाली दल, बीजू जनता दल और युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) है। इन पार्टियों ने बुधवार को एलान किया था कि वह उद्धघाटन के समय उपस्थित रहेंगे।

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औरंगजेब निर्दयी नहीं था, उसने मंदिर नहीं तोड़ा – मस्जिद कमेटी

ज्ञानवापी के पूरे परिसर का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से सर्वे कराने की मांग के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सोमवार को जिला जज की अदालत में 26 पेज की आपत्ति दाखिल की, साथ ही मामले को खारिज करने की मांग रखी। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की तरफ से ज्ञानवापी स्थित मस्जिद को हजारों वर्ष पुराना बताया गया और कहा गया कि वादीगणों ने दुर्भावनावश मुस्लिम शासकों को आक्रमणकारी बताया है। यह सत्य से परे है।

मुगल बादशाह औरंगजेब निर्दयी नहीं था। वर्ष 1669 में औरंगजेब के आदेश पर कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया था। अब मामले की सुनवाई सात जुलाई को होगी। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के सचिव मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी की तरफ से जिला जज की अदालत में दाखिल आपत्ति में कहा गया कि काशी में काशी विश्वनाथ के दो मंदिर की धारणा न पहले थी और न आज है। ज्ञानवापी में मिली आकृति शिवलिंग नहीं है, वह फव्वारा है।

अयोध्या और वर्तमान मुकदमे में फर्क

मुस्लिम पक्ष की ओर से दाखिल आपत्ति में अयोध्या और वर्तमान मुकदमे में जमीन आसमान का फर्क का दावा किया गया। कहा गया कि अयोध्या प्रकरण में एएसआई ने जमीन की खोदाई करके रिपोर्ट दी थी, जो वर्तमान विषय वस्तु में संभव नहीं है।

एएसआई के सर्वे से मस्जिद हो जाएगी ध्वस्त

एएसआई के सर्वे से मस्जिद ध्वस्त हो जाएगी। यही वादीगणों का उद्देश्य है। इससे हमारा अहम साक्ष्य समाप्त हो जाएगा। ज्ञानवापी परिसर का एएसआई से सर्वे कानूनन संभव नहीं है। ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की मांग खारिज कर दी जाए। इसके लिए 24 बिंदुओं में जवाब दाखिल किए गए हैं। मसाजिद कमेटी ने अपनी आपत्ति की प्रति हिंदू पक्ष को भी उपलब्ध कराई है।

कोई शिवलिंग नहीं मिला – मस्जिद समिति

मस्जिद समिति ने पिछले साल अदालत की ओर से नियुक्त आयुक्त के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर एक ‘शिवलिंग’ की खोज से भी इनकार किया है। मस्जिद समिति ने कहा कि ज्ञानवापी में कोई शिवलिंग नहीं मिला है। वो वस्तु एक फव्वारा है, वाराणसी में दो काशी विश्वनाथ मंदिरों (पुराने और नए) की कोई अवधारणा नहीं थी। इसके अलावा, मस्जिद समिति ने मुस्लिम शासकों को आक्रमणकारी कहने वाली हिंदू पक्ष की दलील पर भी आपत्ति जताई है। इसमें कहा गया है कि ये बात हिंदू मुसलमानों के बीच नफरत पैदा करने के उद्देश्य से कही गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई है रोक, छह जुलाई को सुनवाई

ज्ञानवापी परिसर के एएसआई से वैज्ञानिक पद्धति से सर्वे पर मस्जिद समिति की विशेष अनुमति याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। मस्जिद समिति की विशेष अनुमति याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अगली तिथि छह जुलाई नियत की है।

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गैंगेस्टर जरनैल सिंह की गोली मारकर हत्या, बदमाशों ने मारीं 20-25 गोलियां

पंजाब के अमृतसर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां गैंगेस्टर जरनैल सिंह की हत्या कर दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, जरनैल सिंह को कुछ बदमाशों ने 20-25 गोलियां मारी हैं, जिसमें जरनैल की मौके पर ही मौत हो गई है। अमृतसर, एसएसपी ग्रामीण सतिंदर सिंह ने बताया कि सठियाला में आज चार लोगों ने एक जरनैल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। दोषियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस इसे गैंगवार के साथ जोड़कर देख रही है। वहीं, एसएसपी (देहात) सतिंदर सिंह ने बताया कि गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालकर हमलावरों का पता लगाया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक यूपी में मारे गए गैंगस्टर गोपी घनश्यामपुरा का एक पुराना गुर्गा जरनैल सिंह सठियाला कॉलेज में विद्यार्थी यूनियन का प्रधान भी रह चुका है। करीब पांच साल पहले वह गैंगस्टर गोपी घनश्यामपुरा के संपर्क में आया और इस गैंग का गुर्गा बन गया। इस गिरोह के गुर्गों का काम कारोबारियों, उद्योगपतियों और धनाढ्य लोगों से रंगदारी वसूल करना और अपहरण करना था।

इस गिरोह के सदस्य हथियार खरीदना और बेचने का धंधा भी करते थे। साल 2018 में गैंगस्टर गोपी घनश्यामपुरा का यूपी पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था। बता दें कि इस दौरान जरनैल सिंह के खिलाफ भी रंगदारी, फायरिंग करने और अवैध पिस्तौल बरामद होने के कई मामले दर्ज थे।

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ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर रोक लगाना मेरे हाथ में नहीं – आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि आईएमएफ के अप्रैल 2023 के विश्व आर्थिक आउटलुक में वैश्विक विकास 2023 में घटकर 2.8 फीसदी होने का अनुमान लगाया गया है। 2022 में 3.4 फीसदी वैश्विक विकास का अनुमान लगाया गया था। उन्होंने कहा कि 2024 में फिर से तीन फीसदी की वृद्धि रहेगी। दास ने कहा, आर्थिक मंदी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में केंद्रित है। हालांकि, 2023 में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लगभग 70 फीसदी योगदान देने की उम्मीद है। इन्हीं अनुमानों के मुताबिक भारत चालू वित्त वर्ष में वैश्विक वृद्धि में करीब 15 फीसदी का योगदान देगा।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि लंबे समय से चल रहे भू-राजनीतिक संघर्ष, विभिन्न देशों से बढ़ते मुद्रास्फीति के दबाव और दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक नीति को सख्त करने के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को सख्त वित्तीय स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। आईएमएफ के अप्रैल 2023 के विश्व आर्थिक आउटलुक में वैश्विक विकास 2022 में 3.4 फीसदी से घटकर 2023 में 2.8 फीसदी हो जाएगा, जो 2024 में फिर से बढ़कर 3 फीसदी हो जाएगा।

ब्याज दर में वृद्धि को रोकना मेरे हाथ में नहीं – गवर्नर शक्तिकांत दास

आरबीआई गवर्नर ने आगे भी ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि ब्याज दर में वृद्धि को रोकना मेरे हाथ में नहीं है। यह परिस्थिति पर निर्भर करेगा। दास ने आगे कहा, खुदरा मुद्रास्फीति के अगले आंकड़े में महंगाई दर के घटकर 4.7 फीसदी से नीचे आने की उम्मीद है।

महंगाई कम हुई, कोताही की कोई गुंजाइश नहीं – गवर्नर शक्तिकांत दास

गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस बात को स्वीकार किया कि मुद्रास्फीति नीचे आई है, लेकिन लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा कि अर्थव्यवस्था की उत्पादकता जरूरतों को पूरा करने के लिए आरबीआई पर्याप्त लिक्विडिटी सुनिश्चित करेगा। गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा जताते हुए कहा कि लिक्विडिटी और कैपिटल की मजबूत स्थिति और संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार के साथ भारत का बैंकिंग सिस्टम स्थिर और मजबूत बना हुआ है। उन्होंने कहा रिजर्व बैंक वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए अर्थव्यवस्था को पूरा समर्थन करेगा।

read more : ईडी की छापेमारी पर न झुकेंगे और न रुकेंगे – सांसद संजय सिंह

ईडी की छापेमारी पर न झुकेंगे और न रुकेंगे – सांसद संजय सिंह

दिल्ली शराब घोटाला मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आप नेता और सांसद संजय सिंह के सहयोगियों के घर छापेमारी की। इस कार्रवाई के खिलाफ आप सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जब उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला तो ईडी इस तरह का हथकंडा अपना रही है। उन्होंने कहा कि ‘मैं ईडी और केंद्र सरकार के इस हथकंडे के आगे न झुकेंगे और न ही रुकेंगे।

सांसद संजय सिंह ने कहा कि मैंने ईडी और मोदी सरकार की तानाशाही को पूरे देश में उजागर किया। इस बात का सच पूरे देश के सामने रखा कि कैसे ईडी अपनी संस्था और ताकत का गलत इस्तेमाल करके शराब घोटाले में लोगों को फंसाने की कोशिश कर रही है। जब उन्हें (ईडी) को मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिला तो उससे उन्होंने गलती मानी और अब मेरे सहयोगियों के पीछे पड़ गए हैं।

सांसद संजय सिंह आगे कहते हैं कि आज सुबह मामूल चला कि मेरे साथियों के घर पर छापेमारी हुई। मैं ईडी को बता देना चाहता हूं किसी भी तरीके से कोई हथकंडा अपना लो तुम्हारे सामने न झुकेंगे न रुकेंगे और न ही मोदी सरकार के इस हथकंडे के आगे। साथ ही कहा कि आपसे लड़ेंगे और आपको उजागर करेंगे।

read more : जिस मामले में गई थी विधायकी, अब उसी में बरी हुए आजम खान

जिस मामले में गई थी विधायकी, अब उसी में बरी हुए आजम खान

सपा नेजा आजम खान को एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनको नफरती भाषण देने के आरोप से बरी कर दिया है। इस मामले में एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) की कोर्ट ने 27 अक्तूबर 2022 को आजम खान को तीन साल सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधायकी चली गई थी।

इस सजा के खिलाफ आजम खान ने सेशन कोर्ट में अपील की थी। बुधवार को मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आजम खान को नफरती भाषण देने के आरोप से मुक्त कर दिया है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने मजिस्ट्रेट ट्रायल की कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया। एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में 70 पेज में अपना फैसला सुनाया है।

जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले का उल्लेख किया गया है। सेशन कोर्ट के फैसले से आजम खान को बड़ी राहत मिली है, लेकिन उनकी विधायकी बहाल होने पर अभी संदेह है। क्योंकि छजलैट प्रकरण के मुकदमे में भी मुरादाबाद की कोर्ट ने आजम खान और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम को दो-दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद अब्दुल्ला आजम खान की विधायकी चली गई थी।

एमपी-एमएलए कोर्ट के इस फैसले के बाद आजम खान के वकील विनोद शर्मा ने कहा, “हमें न्यायालय द्वारा दोष मुक्त कर दिया गया है। वो हेट स्पीच वाले मामले जिसमें सजा सुनाई गई थी, अब कोर्ट ने हमें निर्दोष बता दिया है। जो 185 से संबंधित मुकदमें थे, कोर्ट का उसमें फैसला आया है।” हालांकि बीते साल इस केस में तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद सपा नेता की विधायक की सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इसके बाद रामपुर में उपचुनाव हुआ था।

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पीएम मोदी बॉस हैं, उनका वेलकम करना लक की बात – ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में पीएम मोदी का भव्य स्वागत हुआ है। ओलंपिक पार्क स्टेडियम में पीएम मोदी के सामने हजारों लोगों की भीड़ जुटी हुई है और ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज, पीएम मोदी के मुरीद बन गए हैं। पीएम एंथनी अल्बनीज ने भारतीय प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी बॉस हैं। उनका स्वागत करना सौभाग्य की बात है। आखिरी बार मैंने इस मंच पर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन (सिंगर) को देखा था और उन्हें भी वह स्वागत नहीं मिला था जो पीएम मोदी को मिला है।

आइये जाने क्या कहा पीएम मोदी ने ?

पीएम मोदी ने ओलंपिक पार्क स्टेडियम में हजारों लोगों की भीड़ को नमस्ते इंडिया कहकर अपने संबोधन की शुरुआत की। इस दौरान पूरा भारतवंशी समाज उत्साहित नजर आया और लोग मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं जब 2014 में आया था तो आपसे एक वादा किया था। वादा ये था कि आपको फिर भारत के किसी प्रधानमंत्री का 28 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। तो लीजिए यहां सिडनी में, इस एरिना में, मैं फिर आपके साथ हूं और मैं अकेला नहीं आया हूं। प्रधानमंत्री अल्बनीज भी मेरे साथ आए हैं।’

ऑस्ट्रेलिया के विकास में भारतीय समुदाय का अहम योगदान – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ‘लिटिल इंडिया, ऑस्ट्रेलिया के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान का भी एक रिकॉग्निशन है। मुझे खुशी है कि न्यू साउथ वेल्स में प्रवासी भारतीय समुदाय से कई लोग सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। मैं सभी का अभिनंदन करता हूं। इसी वर्ष मुझे प्रधानमंत्री अल्बनीज का भारत की धरती पर अहमदाबाद में स्वागत करने का अवसर मिला था। आज उन्होंने यहां ‘लिटिल इंडिया’ के फाउंडेशन स्टोन को अनवील करने में मेरा साथ दिया है। मैं उनका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

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मुरादाबाद में मुस्लिम लड़की के साथ बीच बाजार में हुई बदसलूकी

यूपी के मुरादाबाद में एक मुस्लिम लड़की के साथ बीच बाजार बदसलूकी की गई है। बदसलूकी करने वाले लोग भी मुस्लिम समाज के ही बताए जा रहे हैं। इस दौरान मुस्लिम लड़की के साथ खड़े हिंदू लड़के के साथ मारपीट की गई है और उसके कपड़े फाड़े गए हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें गुस्साई भीड़ में कई लोग मुस्लिम लड़की पर चिल्ला रहे हैं और कह रहे हैं कि तुम इस लड़के के साथ क्यों घूम रही हो? मुस्लिम लड़के मर गए क्या? तुम्हें मरने के बाद कब्र में नहीं जाना है क्या? वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने घटना को संज्ञान में लिया है और एक शख्स को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अन्य की तलाश की जा रही है।

तू इस लड़के के साथ क्यों घूम रही

मुरादाबाद में एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग बुरका पहने एक लड़की और उसके साथ खड़े लड़के के साथ बदसलूकी करते दिख रहे हैं। इस दौरान एक लड़का, लड़की से कहता है कि तू इस लड़के के साथ क्यों घूम रही है? मुस्लिम लड़के मर गए हैं क्या ? मरने के बाद कब्र में नहीं जाना है क्या? इसके अलावा ये लोग लड़की के साथ खड़े हिंदू लड़के के साथ मारपीट करते हैं और उसके कपड़े फाड़ देते हैं।

लड़की के साथ हुई बदसलूकी

जैसे ही ये मामला पुलिस के संज्ञान में आया तो पुलिस ने फौरन लड़की से संपर्क किया और तहरीर के आधार पर 3 युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। एक युवक को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। वायरल वीडियो मुरादाबाद के थाना भोजपुर थाना क्षेत्र का है। जहां एक मुस्लिम युवती भोजपुर के बाजार से कपड़े खरीदकर अपने गांव की तरफ जा रही थी। तभी उसको गांव का एक युवक मिल गया और वह बाइक पर बैठकर उसके साथ घर जाने लगी। इतने में बाजार के दुकानदारों, जिनमें से एक का नाम शाने आलम बताया जा रहा है, उसने व उसके साथियों ने युवती व युवक के साथ गाली गलौज की और युवती के साथ मौजूद युवक के साथ मारपीट करते हुए युवती से कहा “तू मुसलमान है तुझे कब्र में नहीं जाना है क्या।”

इस पर युवती ने कहा कि लड़का उसके पड़ोस का है। मेरे साथ आ गया है तो तुम्हें क्या परेशानी है। आरोपी युवक फिर बदसलूकी करते हुए लड़की से बोलता है, “मुसलमान लड़के मर गए हैं क्या, क्यों घूम रही है तू इसके साथ।” इसके बाद आरोपी युवक बुर्के में मौजूद युवती का फोन छीन लेता है और युवती रोने लगती है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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2000 का नोट लेने से मना नहीं कर सकते दुकानदार, अगर किया तो…

2000 रुपये का नोट चलन से बाहर होने के एलान के बाद से लोगों में टेंशन है कि वो अब इस नोट का क्या करेंगे। हालांकि आरबीआई ने साफ कर दिया है कि 2000 रुपये के नोट को लेकर पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है। अब आप बैंक में तो 2000 का नोट बदल ही सकते हैं, साथ ही किसी भी दुकान पर जाकर आप नोट से आसानी से सामान भी खरीद सकते हैं क्योंकि कोई भी दुकानदार इस नोट को लेने से मना नहीं कर सकता है।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि आरबीआई का 2000 रुपये का नोट लाने का मकसद पूरा हो गया है। आम जनता को किसी तरह की दिक्कत न हो, ऐसी व्यवस्था के तहत ही 2000 रुपये के नोट बदले और जमा किए जाएंगे। बैंकों को इसके लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दे दिया गया है, साथ ही आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि आप दुकान पर जाकर आसानी से 2000 के नोट से सामान खरीद सकते हैं।

2000 का नोट लीगल टेंडर बना रहेगा

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि 2000 रुपये के नोट मुख्य रूप से नोटबंदी के बाद वापस लिए गए। नोटों की भरपाई के लिए पेश किए गए थे। इसके बाद अब इन नोटों को चलन से बाहर करने का फैसला लिया गया है। हालांकि 2000 रुपये का नोट लीगल टेंडर बना रहेगा और 30 सितंबर 2023 तक ये बैंकों में आसानी से जमा और एक्सचेंज किए जा सकते हैं।

शक्तिकांत दास का कहना है कि नोट बदलने के लिए आपके पास काफी समय है। इसलिए यह जरूरी है कि आप लोग नोट बदलने में किसी तरह की अफरातफरी न करें। अगर कोई परेशानी आती है तो आरबीआई उसे सुनेगा। पुराने नोट बदलने के लिए लगाई पाबंदी के तहत किसी तरह की दिक्कत जनता को न हो, इसका ध्यान भी रखा गया है।

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मैं तो हाथी हूं, कमल को रौंद दूंगा,फाड़ दूंगा – आनंद मोहन सिंह

सालों बाद जेल से बाहर आए बिहार के माफिया आनंद मोहन सिंह ने शुक्रवार की शाम महिषी में आयोजित एक समारोह में बीजेपी पर जमकर हमला बोला। आनंद मोहन सिंह महिषी विधानसभा क्षेत्र के महपुरा गांव में दिवंगत राजपूत मुखिया इंद्र देव सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कहा कि “वे (भाजपा) मेरी रिहाई से बहुत परेशान हैं क्योंकि उन्हें डर है कि यह हाथी (खुद की ओर इशारा करते हुए) उनके कमल को रौंदेगा और फाड़ देगा। उन्होंने कहा, “जब तक मैं जीवित हूं, समाजवाद के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।”

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को बिहार सरकार को आनंद मोहन को छूट देने के 24 अप्रैल के विवादास्पद फैसले से संबंधित फाइलें पेश करने का निर्देश दिए जाने के तुरंत बाद, पूर्व सांसद ने बिहार के सहरसा के महिषी में एक निजी समारोह में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सीधा हमला किया।

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को दिए निर्देश

इस बीच शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को निर्देश दिया कि वह मोहन को छूट देने के 24 अप्रैल के विवादास्पद फैसले से संबंधित फाइलें पेश करे और मामले का राजनीतिकरण करने या इसे जाति का मुद्दा बनाने के खिलाफ आगाह किया। सुप्रीम कोर्ट मारे गए आईएएस अधिकारी और गोपालगंज के पूर्व जिलाधिकारी जी कृष्णय्या की विधवा की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। आईएएस अधिकारी कृष्णय्या की पत्नी उमादेवी ने बिहार जेल नियमावली में संशोधन करने वाले राज्य सरकार के 10 अप्रैल के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

जिसके द्वारा लोक सेवक की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे मोहन जैसे अपराधी 14 साल के कारावास के बाद समय से पहले रिहाई के पात्र हो गए थे। बिहार सरकार द्वारा छूट दिए जाने के बाद 10 मई को मोहन ने पहली बार बिहार के अररिया में सार्वजनिक रूप से बात की। उन्होंने कहा था कि वह युवा आईएएस अधिकारी की हत्या के मामले में निर्दोष हैं और अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर नाराजगी व्यक्त की थी।

मुझे किसी से चरित्र प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं – आनंद मोहन

बिहार में खुद को दलित विरोधी चेहरे के रूप में प्रचारित किए जाने का विरोध करते हुए, उन्होंने कहा, “महिषी दलित के प्रति उनके प्रेम की गवाही है क्योंकि उन्होंने इसी (महिषी) सीट से 62,000 के अंतर से विधानसभा चुनाव जीता था। इस तथ्य के बावजूद कि निर्वाचन क्षेत्र में सिर्फ 7,000 लोग राजपूत समुदाय से हैं। मोहन ने कहा, “मुझे दिल्ली, यूपी या आंध्र प्रदेश से चरित्र प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। यह बिहार है जो सब कुछ तय करेगा।”

वे शुक्रवार की शाम महिषी विधानसभा क्षेत्र के महपुरा गांव में दिवंगत राजपूत मुखिया इंद्र देव सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे. मधेपुरा जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) के सांसद दिनेश चंद्र यादव के साथ, जिला जद-यू के विधायकों के अलावा, पूर्व सांसद ने बिहार में महागठबंधन के बीच एकता दिखाने की कोशिश की।

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अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची केंद्र सरकार

दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का मामले में केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अफसरों की ट्रांसफर- पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार को देने के 11 मई के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। बता दें कि दिल्ली में अधिकारियों की ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया था।

इससे पहले केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को उलट दिया। दरअसल, केंद्र सरकार ने जो अध्यादेश जारी किया है उसके मुताबिक दिल्ली सरकार अधिकारियों की पोस्टिंग पर फैसला जरूर ले सकती है लेकिन अंतिम मुहर उपराज्यपाल ही लगाएंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री तबादले का फैसला अकेले नहीं कर सकेंगे।

अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए बनी एक अथॉरिटी

इस अध्यादेश की अहम बात ये है कि अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए एक अथॉरिटी बना दी गई है। इस नेशनल कैपिटल सिविल सर्विस अथॉरिटी में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल, दिल्ली के चीफ सेक्रेट्री और प्रिंसिपल होम सेक्रेट्री होंगे। इस अथॉरिटी में अगर अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग में कोई विवाद होता है तो वोटिंग होगी। अगर मामला इससे भी नहीं सुलझा तो आखिरी फैसला उपराज्यपाल लेंगे। यानी एक तरह से दिल्ली के उपराज्यपाल को फिर से पहले का अधिकार वापस मिल गया है। अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग, विजिलेंस का काम यही अथॉरिटी देखेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री इस अथॉरिटी के पदेन अध्यक्ष होंगे।

क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला ?

सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने 11 मई को अपने फैसले में कहा था दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार को है। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, चुनी हुई सरकार को प्रशासन चलाने की शक्तियां मिलनी चाहिए अगर ऐसा नहीं होता तो यह संघीय ढांचे के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। अधिकारी जो अपनी ड्यूटी के लिए तैनात हैं उन्हें मंत्रियों की बात सुननी चाहिए अगर ऐसा नहीं होता है तो यह सिस्टम में बहुत बड़ी खोट है। चुनी हुई सरकार में उसी के पास प्रशासनिक व्यस्था होनी चाहिए। अगर चुनी हुई सरकार के पास ये अधिकार नहीं रहता तो फिर ट्रिपल चेन जवाबदेही की पूरी नहीं होती।

उन्होंने कहा कि एन सी टी एक पूर्ण राज्य नही है ऐसे में राज्य पहली सूची में नहीं आता। एन सी टी दिल्ली के अधिकार दूसरे राज्यों की तुलना में कम है। फैसला सुनाने से पहले उन्होंने कहा था कि ये फैसला सभी जजों की सहमित से लिया गया है। उन्होंने कहा कि ये बहुमत का फैसला है। सीजेआई ने फैसला सुनाने से पहले कहा कि दिल्ली सरकार की शक्तियों को सीमित करने को लिए केंद्र की दलीलों से निपटना आवश्यक है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि ये मामला सिर्फ सर्विसेज पर नियंत्रण का है।

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कर्नाटक सरकार के शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस के पांच वादों पर बोले राहुल गांधी

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बन चुकी है और आज उसका शपथ ग्रहण समारोह भी पूरा हुआ। इस दौरान सिद्धारमैया ने सीएम और डीके शिवकुमार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। उनके अलावा डॉ जी परमेश्वर, केएच मुनियप्पा, केजे जॉर्ज, एमबी पाटिल, सतीश जारकीहोली, प्रियांक खरगे, रामलिंगा रेड्डी और बीजेड ज़मीर अहमद खान ने मंत्रियों के रूप में शपथ ली। इस मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि 2 घंटे में कर्नाटक सरकार की पहली मीटिंग होगी और उसमें हमारे द्वारा किए गए 5 वादे कानून बन जाएंगे।

राहुल गांधी ने जनता को दिया धन्यवाद

शपथ ग्रहण के मौके पर राहुल ने जनता को धन्यवाद दिया और कहा कि हमने यात्रा में कहा था नफरत हटेगी और मोहब्बत जीत जाएगी। कर्नाटक ने नफरत के बाज़ार में लाखों मोहब्बत की दुकानें खोली हैं। राहुल गांधी ने कहा, ‘पिछले 5 सालों में कर्नाटक ने मुश्किलें झेली हैं। लेकिन बीजेपी की ताकत को कर्नाटक की जनता ने हराया है। कांग्रेस गरीब, आदिवासियों और पिछड़ों के साथ है। जनता ने बीजेपी के भ्रष्टाचार और नफरत को शिकस्त दी है। हम झूठे वादे नहीं करते बल्कि जो कहते हैं उसे करके दिखाते हैं। कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस को जो ताकत दी है, हम उसे भूल नहीं सकते हैं। हम दिल से आप लोगों के लिए काम करेंगे। ये सरकार आपकी है।

कौन से हैं कांग्रेस के 5 वादे

1  >>  हर परिवार को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली

2 >>  ग्रेजुएट बेरोजगार को 3 हजार रुपए मासिक भत्ता और डिप्लोमा होल्डर्स छात्रों को डेढ़ हजार रुपए मासिक भत्ता

3 >>  हर परिवार की एक महिला को दो हजार रुपए मासिक भत्ता

4 >>  हर गरीब व्यक्ति को 10 किलोग्राम मुफ्त अनाज

5 >>  हर महिला को सरकारी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा

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क्या होगी एक और नोटबंदी ? दो हजार के नोट हो जायेगे चलन से बाहर

आरबीआई ने दो हजार रुपये के नोट को चलन से वापस लेने की घोषणा की है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को सलाह दी है कि वे तत्काल प्रभाव से 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोट जारी करना बंद करें। हालांकि 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। जानकारी के मुताबिक, क्लीन नोट पॉलिसी के तहत आरबीआई ने यह फैसला लिया है। आरबीआई ने कहा है कि यह नोट 30 सितंबर तक कानूनी रूप से वैध रहेंगे।

23 मई से शुरू होगी बैंकों में नोट बदलने की प्रक्रिया

लोग दो हजार रुपये के नोट बैंक खातों में जमा करा सकेंगे या फिर उन्हें अन्य मूल्य के नोटों के साथ किसी भी बैंक शाखा में जाकर एक्सचेंज करा सकेंगे। लोगों को यह ध्यान रखना होगा कि एक बार में अधिकतम 20 हजार रुपये मूल्य के नोट बदलवाए जाए सकेंगे। यह प्रक्रिया 23 मई से शुरू होगी और 30 सितंबर 2023 को खत्म होगी।

2016 में आरबीआई ने किए थे जारी

आरबीआई ने नवंबर 2016 में आरबीआई एक्ट 1934 की धारा 24(1) के तहत ये नोट निकाले थे। रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद इन नोटों को जारी किया था। यह फैसला इसलिए लिया गया था ताकि उस समय 500 और 1000 रुपये के जो नोट चलन से हटाए गए थे, उनका बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर कम किया जा सके। जब दूसरे मूल्य के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गए, तब दो हजार रुपये को चलन में लाने का उद्देश्य पूरा हो गया।

आरबीआई ने कहा कि 2000 रुपये के बैंक नोटों को लाने के उद्देश्य के एक बार पूरा हो जाने के बाद 2018-19 में 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी गई थी। उस समय तक अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गए थे। आरबीआई ने यह भी बताया है कि मार्च 2017 से पहले 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोटों में से लगभग 89 प्रतिशत जारी किए गए थे।

क्या है आरबीआई इस फैसले का असर

रिजर्व बैंक के इस आदेश के बाद कुछ बातें आपको समझ लेनी चाहिए। पहली बात यह कि रिजर्व बैंक ने बैंकों से इस नोट को जारी करने से मना किया है। यह अभी भी वैध मुद्रा है। यदि आपके पास यह नोट है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आप इस नोट को 23 मई से लेकर 30 सितंबर तक बैंक जाकर बदल सकते हैं। एक बार में 2 हजार के 10 नोट बदले जा सकते हैं। यानि एक बार में 20 हजार रुपये तक के नोट बदले जा सकते हैं।

क्या सच में नोटबंदी

रिजर्व बैंक के फैसले को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। आरबीआई ने साफ किया है, आप अभी भी 2000 रुपये के नोट को लेकर आप नोटबंदी न समझें। सीधे शब्दों में ऐसे समझें कि आप अभी इस 2000 रुपये के नोट को बाजार में खरीदारी कर सकते हैं। दुकानदार या पेट्रोल पंप वाला आपसे 2000 का नोट लेने से मना नहीं कर सकता है। आप आराम से 30 सितंबर तक यह नोट बैंक में जाकर बदल सकते हैं।

2018 से बंद है प्रिंटिंग

नोटबंदी के बाद 2016 को लॉन्च किया गया 2000 का नोट आरबीआई एक्ट 1934 के सेक्शन 24 (1) के तहत लाया गया था। लेकिन बड़ा नोट होने के चलते यह नोट प्रचलन से कुछ ही दिनों बाद बाहर होता दिखाई दिया था। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार 2,000 रुपये के बैंकनोट्स की प्रिंटिंग 2018-19 में बंद कर दी गई थीं। 2021 में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में ये जानकारी दी थी कि पिछले दो साल से 2000 रुपये के एक भी नोट की छपाई नहीं हुई है।

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मेरे बेटे आर्यन को जेल में मत रखो वरना वो टूट जाएगा – शाहरुख़ खान

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान के ड्रग्स केस मामले में एनसीबी के जोनल डायरेक्टर रहे समीर वानखेड़े पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। इस मामले में एक नया खुलासा हुआ है। समीर वानखेड़े और शाहरुख़ खान की चैट सामने आई है, जिसमें शाहरुख़ अपने बेटे के लिए समीर से राहत मांगते दिख रहे हैं। समीर वानखेड़े ने ये चैट मुंबई हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका के साथ जोड़ी है। समीर और शाहरुख़ की ये चैट दिवाली के समय की है। जब आर्यन खान जेल में थे। चैट में शाहरुख़ समीर से कह रहे हैं कि उन्हें जेल में ना रखें नहीं तो वह टूट जायेगा।

समीर वानखेड़े के सामने गिड़गिड़ाए – शाहरुख़ खान

सामने आई चैट में शाहरुख़ ने मैसेज में आगे लिखा – एक अच्छे इंसान होने के नाते आप आर्यन के साथ कुछ स्वार्थी लोगों की वजह से ऐसा क्यों कर रहे हैं। मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं उन लोगों के पास जाऊंगा और भीख मांगूगा कि आपके सामने कुछ ना कहें। मैं अपनी पूरी पावर का इस्तेमाल करके ये सुनिश्चित करने की कोशिश करुंगा कि वह वापस ले लें जो उन्होंने कहा है। मैं वादा करता हूं कि मैं ये सब करुंगा और उन्हें इसे रोकने के लिए पीछे नहीं हटूंगा। लेकिन प्लीज मेरे बेटे को घर वापस भेज दो। आप भी दिल से जानते हैं कि उसके साथ ये गलत हो रहा है। प्लीज प्लीज, एक पिता होने के नाते मैं आपसे भीख मांगता हूं।

समीर वानखेड़े ने ये दिया था शाहरुख़ खान को जवाब

इस दौरान समीर वानखेड़े ने भी शाहरुख़ खान के मैसेज का जवाब दिया, सामने आई चैट में समीर लिखते हैं – “शाहरुख़ मैं जानता हूं आप एक अच्छे इंसान हैं। अच्छे की कामना करते हैं, अपना ध्यान रखिए।” वानखेड़े अब इसी चैट के सहारे कोर्ट में खुद को निर्दोष बताने की कोशिश कर रहे हैं। आपको बता दें शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान को समीर वानखेड़े ने 3 अक्टूबर 2021 को गोवा जा रहे क्रूज से ड्रग्स के मामले में गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद समीर वानखेड़े पर वसूली के आरोप लगे थे। जिसकी विजलेंस जांच की गई, अब जांच के बाद उन पर आरोप है कि इस केस में आर्यन को बचाने के लिए 25 करोड़ रुपये की जबरन वसूली की प्लानिंग की थी। जिसे बाद में 18 करोड़ में डील फाइनल की गई थी।

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ज्ञानवापी मस्जिद में मिली ‘शिवलिंग’ के वैज्ञानिक परीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में मिली शिवलिंग जैसी रचना के वैज्ञानिक परीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (19 मई) को रोक लगा दी। अब मुख्य मामले के साथ आगे की सुनवाई होगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट के वैज्ञानिक जांच के आदेश पर मस्ज़िद कमेटी ने रोक लगाने की मांग की थी। यूपी सरकार ने भी मामले को बारीकी से देखने की ज़रूरत बताई। सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी का पक्ष रख रहे वकील हुजैफा अहमदी ने कहा कि सोमवार से वैज्ञानिक परीक्षण शुरू हो जाएगा। ऐसे में इस पर रोक जरूरी है, मामले में सिविल मुकदमे से जुड़े नियमों का पालन नहीं हो रहा है। वहीं हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने कहा कि हमें एएसआई (ASI) ने रिपोर्ट दी है कि जगह को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।

इस पर सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा हम भी एएसआई से रिपोर्ट ले सकते हैं। सरकार को भी विचार करने दीजिए कि क्या तरीके अपनाया जा सकता है। हम बाद में सुनवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि हम नोटिस जारी कर रहे हैं क्योंकि सभी पक्षों ने इसे स्वीकार भी किया है। अभी हाई कोर्ट के आदेश की समीक्षा की ज़रूरत है, ऐसे में इस पर अमल न हो।

मामला क्या है ?

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 12 मई को अत्याधुनिक तकनीक जैसे कि कार्बन डेटिंग सहित वैज्ञानिक जांच का इस्तेमाल कर ज्ञानवापी मस्जिद में मिली उस संरचना के प्राचीन होने का पता लगाने का आदेश दिया था, जिसके शिवलिंग होने का दावा किया जा रहा है। हाई कोर्ट ने वाराणसी जिला अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसके तहत मई 2022 में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में किए गए सर्वे के दौरान मिली संरचना की ‘कार्बन डेटिंग’ सहित अन्य वैज्ञानिक जांच कराने की अपील संबंधी याचिका खारिज कर दी गई थी।

क्या है मुस्लिम पक्ष की मांग ?

अहमदी ने कहा, इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर अपील लंबित है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 मई को अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर, ज्ञानवापी मस्जिद में मिली उस संरचना की उम्र निर्धारित करने का आदेश दिया था। जिसके ‘शिवलिंग’ होने का दावा किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने वाराणसी जिला अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया था। जिसके तहत मई 2022 में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में किए गए सर्वे के दौरान मिली संरचना की कार्बन डेटिंग सहित अन्य वैज्ञानिक परीक्षण कराने के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने वाराणसी के जिला न्यायाधीश को ‘शिवलिंग’ का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने के हिंदू पक्ष के अनुरोध पर कानून के अनुसार आगे बढ़ने का निर्देश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई सात अगस्त तक टली

शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में संबंधित निर्देशों का क्रियान्वयन अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगा और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले की सुनवाई सात अगस्त तक के लिए टाल दी है। तब तक कार्बन डेटिंग पर रोक जारी रहेगी। इससे पहले, सुनवाई में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी की दलीलों का संज्ञान लिया था और याचिका को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई थी।

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ट्रक को ओवरटेक करने में डिवाइडर से टकराई कार, चार की मौत

लखनऊ-हरदोई हाइवे पर स्थित जिंदौर गांव के पास देर रात एक बजे सड़क हादसे में चार की मौत हो गई। वहीं तीन लोग घायल हो गये। हादसा ट्रक को ओवरटेक करने के दौरान हुआ। कार सवार हरदोई के संडीला स्थित अनवरी मोहल्ला के रहने वाले थे। लखनऊ एक शादी समारोह में शामिल होकर वापस जा रहे थे।

प्रभारी निरीक्षक रहीमाबाद अख्तियार अंसारी के मुताबिक बृहस्पतिवार देर रात जिंदौर गांव के पास एक बजे लखनऊ से हरदोई की तरफ जा रही कार ने ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान चालक कार से नियंत्रण खो दिया। जिसके कारण कार डिवाइडर से जा टकराई। हादसे में संडीला के अनवरी मोहल्ला निवासी समीना (30), बेटी आशिया (2), अब्दुल रहमान (7) और फातिमा की मौत हो गई। वहीं कार सवार फहद, अमान सहित तीन गंभीर रुप से घायल हो गये।

कार का शीशा तोड़कर निकाला

पुलिस के मुताबिक हादसा होने की सूचना मिलने पर टीम पहुंची। अंदर चीखपुकार मची थी। दरवाजा लॉक हो गया था। पुलिस ने कार के पिछले हिस्से का शीशा तोड़ा। इसके बाद एक-एक कर सभी को बाहर निकाला। घायलों को एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए परिजन लेकर गये हैं। वहीं मृतकों के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना किया। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर पंचनामा भरकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। परिजन शव लेकर हरदोई चले गये।

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