Saturday, April 11, 2026
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इंग्लैंड की जीत के बाद क्या है अंक तालिका का हाल,जानिए किस नंबर पर है भारत

इंग्लैंड टेस्ट टीम के नए कप्तान बेन स्टोक्स और नए कोच ब्रेंडन मैक्कुलम की जोड़ी ने अपनी पहली ही सीरीज में कमाल किया है। इंग्लैंड ने इस सीरीज में न्यूजीलैंड के 3-0 से मात दी है। सीरीज के सभी मैच जीतकर इंग्लैंड विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भी अपनी स्थिति बेहतर की है। हेडिंग्ली में तीसरे टेस्ट की आखिरी पारी में इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 296 रन का लक्ष्य था और इंग्लैंड ने सिर्फ तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। जो रूट 86 और जॉनी बेयरस्टो 71 रन बनाकर नाबाद रहे।

न्यूजीलैंड पर जीत के साथ ही इंग्लैंड की टीम टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में 28.89 प्रतिशत अंक हासिल कर सातवें स्थान पर आ गई है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की पहली विजेता न्यूजीलैंड की टीम इंग्लैंड के खिलाफ करारी हार के साथ आठवें स्थान पर आ गई है। न्यूजीलैंड ने अब तक 25.93 फीसदी अंक हासिल किए हैं। अब न्यूजीलैंड के लिए अगले साल होने वाले फाइनल में जगह बना पाना बहुत मुश्किल लग रहा है।

जानिए किस नंबर पर है भारत

भारत ने अब तक 58.33 फीसदी अंक हासिल किए हैं और अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया पहले और दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया का सामना अब श्रीलंका से है, जो चौथे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका ने अब तक 71.43 फीसदी अंक हासिल किए हैं। पाकिस्तान की टीम पांचवें और वेस्टइंडीज छठे स्थान पर है। बांग्लादेश इस सूची में सबसे नीचे नौवें स्थान पर है।

क्या फाइनल में पहुंच सकता है भारत

भारत ने अब तक चार टेस्ट सीरीज खेली हैं। इनमें से दो घर में और दो विदेश में रही हैं। छह जीत, तीन हार और दो ड्रॉ के साथ भारत का जीत प्रतिशत 58.33 का है। अब भारत को एक सीरीज घर में और एक विदेश में खेलनी है। ऐसे में टीम इंडिया बाकी मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर अंकतालिका में दूसरा स्थान हासिल कर सकती है और लगातार दूसरे सीजन में फाइनल मैच खेल सकती है। फिलहाल टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले टेस्ट मैच में जीत हासिल करनी होगी।

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अमेरिका के टेक्सास में ट्रक में मिलीं 46 लाशें, पुलिस के पास नहीं कोई जवाब

अमेरिका की दिल दहला देने वाली खबर सामने आई.यहां एक-दो नहीं बल्कि 46 लाशें एक ट्रक से बरामद हुई हैं। मामला टेक्सास राज्य का है जहां के सैन एंटोनियो में सोमवार को एक ट्रक के अंदर करीब 46 लाशें पाए गए। वहीं 16 लोग बहोशी की हालत में मिले | इस खबर के सामने आते ही हड़कंप मच गया | अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की है। इस मामले में सैन एंटोनियों की पुलिस ने अभी तक कुछ नहीं कहा है।

16 लोग को अस्पताल में भर्ती कराया गया 

सैन एंटोनियो फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक सोमवार की रात 16 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जिनमें 12 बड़े और चार बच्चे शामिल हैं. इन्हें हीट स्ट्रोक को लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। माना जा रहा है कि ये सभी बंद ट्रक के अंदर बैठे हुए थे, और गर्मी से इनकी हालत खराब हो गई थी|

मृत लोग प्रवासी हैं 

ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की गई तस्वीरों में पुलिस की गाड़ियां और एंबुलेंस एक बड़े ट्रक के चारों ओर दिख रही हैं। ये अवैध रूप से अमेरिका में घुसने का मामला माना जा रहा है, क्योंकि जिस जगह पर ये ट्रक मिली है वह अमेरिका और अमेरिका मेक्सिको  से 250 किलोमीटर की दूरी पर है| सिटी काउंसिल की प्रमुख एड्रियाना रोचा गार्सिया के मुताबिक ट्रक में मृत मिले लोग प्रवासी हैं।अभी यह साफ नहीं है कि मामला मानव तस्करी का है या नहीं |

जिस जगह पर ये ट्रक मिली है वह अमेरिका और अमेरिका मेग्सैसो 250 किलोमीटर की दूरी पर है

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कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन लेना हुआ महंगा

घरेलू के बाद अब आज से कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए ज्यादा सिक्योरिटी डिपॉजिट का भुगतान करना होगा। तेल कंपनियों ने व्यावसायिक एलपीजी कनेक्शन के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट की दरों को बढ़ा दिया है। बढ़ी हुई नई दरें आज 28 जून (मंगलवार) से लागू हो गई हैं।

अब 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन पर 2550 रुपए के बजाय 3600 रुपए देने होंगे। यानी कि 19 किलो वाले गैस कनेक्शन के सिक्योरिटी डिपॉजिट पर 1050 रुपए बढ़ गया हैं। वहीं 47.5 किलो वाले गैस कनेक्शन के लिए भी सिक्योरिटी डिपॉजिट की दर बढ़ाई गई हैं।  47.5 किलो वाले गैस कनेक्शन के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट की दर को बढ़ाकर तेल कंपनियों ने 7350 रुपए कर दिया है। पहले इस कनेक्शन के लिए 6450 रुपए देने होते थे लेकिन इसमें भी 900 रुपए प्रति गैस कनेक्शन का इजाफा किया गया है।

LOT के साथ 19 और 47.5 किलो वाले कनेक्शन के दाम

LOT के साथ 19 किलो वाले गैस कनेक्शन के दाम में भी इजाफा किया है। कनेक्शन के दाम में 4800 रुपए से बढ़ोतरी कर इसे 5850 रुपए कर दिया है। इसके अलावा LOT के साथ 47.5 किलो वाले गैस कनेक्शन के दाम 8700 रुपए से बढ़ाकर 9600 रुपए कर दिया है। इससे पहले 16 जून को ऑयल मार्केटिंग कंपनी ने घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन के वन टाइम डिपॉजिट दर को बढ़ाया था।

रेगुलेटर भी हुआ महंगा

दो घरेलु सिलेंडर के लिए सिक्युरिटी डिपाजिट 4400 रुपये देने पड़ंगे| इसी तरह पांच किलो के कैलेंडर के लिए 800 रुपये के बदले 1150 रुपये देने होंगे। डीपीआर (रेगुलेटर) की सिक्युरिटी राशि 150 रुपये से बढ़कर 250 रुपए कर दिया गया है.रेगुलर टूट गया या खराब हो गया| उससे बदलने के लिए 300 रूपये देना होगा| बताया जाता हैं की करीब 10 साल बाद सिलेंडर की सेक्यूरिटी डिपाजिट में बढ़ोतरी की गयी है. इसमें नया गैस कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों को झटका लगा है.

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सतीश चंद्र शर्मा बने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने आज दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ ली। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने राज निवास में आयोजित एक समारोह में न्यायमूर्ति शर्मा को शपथ दिलाई। इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली के मुख्य सचिव और दिल्ली उच्च न्यायालय के कई न्यायाधीश उपस्थित थे। चीफ जस्टिस ने पद की शपथ लेने के बाद उपराज्यपाल और अरविंद केजरीवाल का हाथ मिलाकर अभिवादन भी किया।तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा को हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था, जैसा कि केंद्र सरकार ने घोषणा की थी।

न्याय मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की

19 जून 2022 को विधि एवं न्याय मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की। इसमें कहा गया है कि, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 222 के खंड (1) द्वारा प्रदान किए गए अधिकार के अनुसार, राष्ट्रपति को तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने और उन्हें मुख्य न्यायाधीश के पद की जिम्मेदारी संभालने का निर्देश देने का अधिकार है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि जस्टिस शर्मा के पदभार संभालने से पहले तक द‍िल्‍ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्‍य न्‍यायाधीश के रूप में जस्‍ट‍िस व‍िप‍िन सांघी पदभार संभाल रहे थे।

उनको अब उत्‍तराखंड हाईकोर्ट का मुख्‍य न्‍यायाधीश न‍ियुक्‍त क‍िया गया है। देश के 6 हाईकोर्ट को रविवार को ही उनका मुख्य न्यायाधीश मिल गया। जिसमे  पांच न्यायाधीशों को प्रोन्नत कर मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है, जबकि तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा को स्थानांतरित कर दिल्ली हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया।

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आखिर कौन होगा भारत का अगला राष्ट्रपति

भारतीय जनता पार्टी की आखिर कौन होगा भारत का अगला राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू आगामी 15वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के सामने होंगी, जो 18 जुलाई को होने वाले हैं।

आइए जानते है उम्मीदवारों के बारे में

द्रौपदी मुर्मू

64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक पार्षद के रूप में की और बाद में रायरंगपुर राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष बनीं। वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल भी थीं। वह नवीन पटनायक कैबिनेट में भी मंत्री थीं, जब बीजेडी ने भाजपा के समर्थन से राज्य पर शासन किया था। अगर वह इस बार चुनाव जीत जाती हैं तो मुर्मू भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति और देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बन जाएंगी।

यशवंत सिन्हा

पूर्व आईएएस अधिकारी यशवंत सिन्हा 1984 में सक्रिय राजनीति में शामिल हुए। उन्हें 1986 में जनता पार्टी का अखिल भारतीय महासचिव नियुक्त किया गया और 1988 में राज्यसभा के सदस्य चुने गए।

उन्होंने नवंबर 1990 से जून 1991 तक चंद्रशेखर के आखिर मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री के रूप में काम किया। वह 1992 से 2018 तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य भी थे। उन्होंने आखिरी बार जुलाई 2002 से मई 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया। सिन्हा का नाम कांग्रेस, राकांपा, तृणमूल कांग्रेस, भाकपा, माकपा, समाजवादी पार्टी, नेशनल कांफ्रेंस, एआईएमआईएम, राजद और एआईयूडीएफ सहित विपक्षी दलों ने सहमति से लिया है।

राष्ट्रपति चुनाव में किसके जीतने की संभावना है ?

संख्या के अनुसार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) समर्थित द्रौपदी मुर्मू के आराम से चुनाव जीतने की संभावना है।
शुरू से ही, राजनीतिक पंडितों का मानना था कि मुर्मू के यशवंत सिन्हा के खिलाफ चुने जाने की संभावना अधिक है, क्योंकि वह एक महिला हैं और एक आदिवासी पृष्ठभूमि से आती हैं।
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में भाजपा द्वारा मुर्मू का चयन एनडीए की विचार प्रक्रिया के अनुरूप है, जिसने 2017 में रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद के लिए चुना था। कोविंद उत्तर प्रदेश के एक छोटे कोली समुदाय से हैं और भारत के  राष्ट्रपति बने।

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घरौनी मिलने से मिला  घर का मालिकाना हक -राम चन्द्र यादव

अयोध्या । ग्रामीण आबादी में घर बनाकर रहने वाले लोगों के पास आजादी के बाद से अब तक मालिकाना हक का कोई प्रमाण पत्र नहीं था।  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आम ग्रामीण को घर का मालिक बनाये जाने की सकारात्मक सोच के चलते ग्रामीणों को घर का मालिकाना हक देने के लिए घरौनी बनाई गई। रुदौली तहसील सभागार में विधायक रामचंद्र यादव ने तहसील क्षेत्र के टीकर और आसुमऊ गांव के 60 लोगों  का वितरण करते हुए ये  बाते कही और साथ ही विधायक ने कहा कृषि योग्य भूमि के स्वामित्व का प्रमाण पत्र खतौनी है।आबादी में ग्रामीणों के बने मकान के स्वामित्व प्रमाण पत्र घरौनी से ग्रामीण आबादी के विवादों कमी आएगी घरौनी से शहर के तरह गाँव मे गृह निर्माण के लिए बैंक से लोन भी लिया जा सकता है

घरौनी का वितरण किया गया

उन्होंने कहा आर्थिक जरूरतों के लिए खतौनी का उपयोग ग्रामीण कर सकेंगे। एसडीएम स्वप्निल यादव ने बताया तहसील के 139 गांव में  सर्वे हो सका है ।जिनमें से 72 गांव घरौनी बनाई जा चुकी है। तहसील के पांच गांव सेल्हुमऊ ,नेवाजपुर, चितईपुर, शाहपुर और सुलेमपुर  का वितरण किया जा चुका है। आज के वितरण कार्यक्रम में टीकर के 25 औरआसुमऊ

गाव के 35 ग्रामीणों का वितरण किया जाना था। जिनमें से 50 ग्रामीणों को घरौनी का वितरण किया गया है। सभागार में उपस्थिति लोगो को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ में घरौनी वितरण का प्रोजेक्टर के माध्यम से लाइव प्रसारण भी दिखाया गया। कार्यक्रम का संचालन तहसीलदार प्रज्ञा सिंह ने किया

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यू पी के कई जिलों में भारी मानसून बारिश की चेतवानी जारी

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप अभी भी जारी है। माना जा रहा है कि जल्द अब गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं यूपी के दक्षिण-पश्चिमी में मानसून ने यहां दस्तक दे दी। हालांकि माना जा रहा है कि यहां मानसून दो दिन देर से पहुंचा है। वहीं सोमवार को राज्य के मौसम को लेकर विभाग की ओर से जानकारी दी गई। मौसम विभाग ने बदलते मौसम को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग के अनुसार, सोमवार से शुरू हुई आंधी और बारिश अगले तीन दिनों तक जारी रहेगी।

29 जिलों में अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मंगलवार से प्रदेश के करीब 29 जिलों में हैवी रेन अलर्ट जारी किया है. अब अगले तीन दिनों तक बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्ज़ापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आज़मगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर, सीतापुर, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर और इसके आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है।इसको लेकर विभाग ने अलर्ट जारी किया है। बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि जिन क्षेत्रों में बारिश नहीं हो रही है वहां लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

देश के 15 जिलों में बाढ़ 

बता दें कि प्रदेश में हो रही झमाझम बारिश की वजह से 15 जिलों के 257 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. इनमें से 11 जिलों बदायूं, बलिया, गाजीपुर में गंगा नदी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर में यमुना नदी, बांदा, हमीरपुर, बेतवा नदी, पलियाकला खीरी में शारदा नदी और गोंडा में क्वानो चंद्रीघाट खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. प्रयागराज और वाराणसी में भी टौंस, गंगा और वरुणा नदी में जलस्तर बढ़ने की वजह से निचले इलाकों में पानी भर गया है.

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भाजपा सरकार कराना चाहती है मेरी हत्या – राकेश टिकैत

डिजिटल डेस्क : भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सत्‍तारुढ़ भाजपा पर आरोप लगाया कि सरकार उनकी हत्या कराना चाहती है. शुक्रवार को मेरठ जिले के जंगेठी गांव के धर्मेश्‍वरी फार्म पर भाकियू की एक समीक्षा सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महात्मा गांधी जी की षड्यंत्रकारियों द्वारा गोली मारकर हत्या की गयी थी, उसी प्रकार आज भी देश एवं देश के किसानों की आवाज उठाने वाले षड्यंत्रकारियों के निशाने पर हैं.

भाजपा की सोची समझी साजिश

उन्होंने कहा कि अगर एक टिकैत पर कोई आंच आ भी जाती है तो देश में यूनियन के इंकलाबी झंडे को उठाने के लिए लाखों टिकैत तैयार हैं. कर्नाटक में अपने ऊपर हुए हमले को सोची समझी साजिश करार देते टिकैत ने कहा कि सरकार उनकी हत्या तथा उनके संगठन के साथ साथ टिकैत परिवार को भी तोड़ना चाहती है लेकिन ऐसा नहीं होगा. केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए टिकैत ने कहा कि सरकार द्वारा भाकियू की एकता को भंग करने की पुरजोर कोशिश की जा रही है, लेकिन यूनियन की एकता के कारण वह लगातार नाकाम होती आ रही है.

किसानों की समस्याओं का हल निकाले सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए टिकैत ने कहा की सरकार को किसानों से बात करके उनकी समस्याओं का हल निकालना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश की जनता का मुख्यमंत्री होता है ना कि केवल अपनी पार्टी का, इसलिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को बिना किसी भेदभाव के किसानों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करना चाहिए.

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किसने फेंका राकेश टिकैत पर स्याही

बता दें कि 30 मई को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में किसान नेता राकेश टिकैत के ऊपर स्याही फेंकी थी. वहीं, उनके साथ धक्कामुक्की की घटना को अंजाम दिया गया गया था. इस मामले में राकेश टिकैत के समर्थकों ने एक आरोपी को पकड़ उसकी पिटाई भी कर दी थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्याही स्थानीय किसान नेता के चंद्रशेखर के समर्थकों के द्वारा फेंकी गई थी.

सिर धड़ से अलग, अधजली लाशें, इलाके में सनसनी

डिजिटल डेस्क :  गुजरात में गांधीनगर के अडालज में एक महिला और पुरुष की अधजली हुई लाश मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। ऐसा लग रहा था कि इन दोनों की लाशों को जलाने से पहले शरीर से सिर को अलग कर दिया गया। दोनों पर तेज धार वाले हथियार से हमला किया गया और फिर सबूतों को मिटाने के इरादे से शवों को जलाने की कोशिश की गई।

हत्या का अलग मामला दर्ज

दरअसल, अडालज गांव की किनारे नर्मदा केनाल के पास खुली जगह पर एक महिला और एक पुरुष का आधा जला हुआ शव पड़ा था। पुलिस ने जानकारी मिलते ही हत्या का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के इलाके में जांच की तो हाथ, सिर और शरीर के दूसरे हिस्से अलग-अलग मिले। माना जा रहा है कि इन दोनों की उम्र लगभग 25 से 40 वर्ष के बीच है। डॉग स्क्वॉड और एफएसएल की टीम की मदद से पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों शवों को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

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पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग टीम बनाकर जांच शुरू की है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अगर ये दोनों पति-पत्नी थे तो, पिछले एक महीने के मिसिंग कंप्लेंट जरूर होगी। मिसिंग लोगों का डाटा जमा किया जा रहा है। साथ ही अहमदाबाद और गांधीनगर इलाके में उनकी लाश के पास से मिली चीजों के जरिए पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस ने आसपास के इलाके में जांच की तो हाथ, सिर और शरीर के दूसरे हिस्से अलग-अलग मिले। माना जा रहा है कि इन दोनों की उम्र लगभग 25 से 40 वर्ष के बीच है। डॉग स्क्वॉड और एफएसएल की टीम की मदद से पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों शवों को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

 

हापुड़ की धौलाना केमिकल फैक्टरी में धमाका, छह की मौत, 12 घायल

डिजिटल डेस्क : हापुड़  के धौलाना में केमिकल फैक्टरी में भीषण धमाका हो गया है, जिसमें छह कामगारों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक घायल हैं। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया गया है। मौके पर जिला स्तर के अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि रुही केमिकल नामक फैक्टरी में दोपहर तीन बजे हादसा हुआ। फिलहाल घायलों और शवों को फैक्टरी से बाहर निकालने में अधिकारी जुटे हुए हैं। शुरूआती जांच में पता चला है कि धमाका केमिकल के मिश्रण में हुआ है।

सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई है. यह घटना हापुड़ जिले के पुलिस थाना धौलाना औद्योगिक क्षेत्र की है. वहीं मुख्यमंत्री ने हापुड़ में बॉयलर फटने से लगी आग में हुई 6 मजदूरों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने हादसे में घायल लोगों का समुचित उपचार कराने के भी निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के लिए शोक संवेदना जताई है. साथ ही अधिकारियों को इस घटना पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी के आदेश के बाद मेरठ आईजी प्रवीण कुमार और हापुड़ डीएम समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. जानकारी के मुताबिक, अब तक 20 से ज्‍यादा लोगों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है, जिसमें से कुछ की हालत बेहद गंभीर है.

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भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, आजमगढ़ से निरहुआ को टिकट

डिजिटल डेस्क : भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा-विधानसभा उपचुनावों को लेकर उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने रामपुर से घनश्याम लोधी को टिकट दिया है। कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा यहां मुख्तार अब्बास नकवी को उतार सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह सीट सपा नेता आजम खां के लोकसभा से इस्तीफा देने बाद खाली हुई थी। इसके अलावा भाजपा ने आजमगढ़ से भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता दिनेश लाल यादव “निरहुआ” को दोबारा प्रत्याशी बनाया है। पिछले लोकसभा चुनावों में उन्हें सपा नेता अखिलेश यादव से हार का सामना करना पड़ा था।

भोजपुरी अभिनेता आज पूरे देश में मशहूर हैं. रवि किशन, मनोज तिवारी, खेसारी लाल, पवन सिंह, दिनेश लाला यादव उर्फ निरहुआ जैसे कलाकारों के नाम घर-घर में जाने जाते हैं. इसकी अच्छी खासी फॉलोइंग है. बॉलीवुड कलाकारों जैसे भोजपुरी अभिनेता भी राजनीति की चकाचौंध भरी दुनिया से दूरी नहीं बना सके हैं. ऐसे कई भोजपुरी स्टार्स हैं, जो फिल्म इंडस्ट्री में अच्छा खासा मुकाम कमाने के बाद राजनीति में कूद पड़े.

1. मनोज तिवारी

भोजपुरी सिनेमा से राजनीति का सफर तय करने में सबसे पहला नाम गायक और एक्टर मनोज तिवारी का आता है. भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री में नाम कमाने के बाद मनोज तिवारी ने राजनीति की दुनिया मे कदम रखा और भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़कर लोकसभा में पहुंचे हैं. मनोज तिवारी भाजपा के दिल्ली के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं. वर्तमान में वह भाजपा के स्टार प्रचारक की भूमिका में नजर आ रहे हैं.

2. रवि किशन

भोजपुरी सितारों में सबसे बड़ा नाम रवि किशन का है. उनका पूरा नाम रविंद्र श्याम नारायण शुक्ला है. रवि किशन फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं लेकिन आज वो भाजपा के नेता भी हैं. रविकिशन भाजपा के सांसद हैं, वो गोरखपुर से चुनकर लोकसभा पहुंचे हैं.

3. कुणाल सिंह

कुणाल सिंह को भोजपुरी इंडस्ट्री का अमिताभ बच्चन कहा जाता है. वो दशकों से इस इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं. कुणाल सिंह भी राजनीति में अपना हाथ आजमा चुके हैं. वो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें जीत हासिल नहीं हुई.

4. दिनेश लाल यादव

दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ भोजपुरी इंडस्ट्री का एक बड़ा व लोकप्रिय नाम है. भोजपुरी इंडस्ट्री में अपना जलवा बिखेरने के बाद निरहुआ ने राजनीति के गलियारों में कद रखा और समाजवादी पार्टी ज्वॉइन की और चुनाव लड़ा. चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा जिसके बाद वह सपा को छोड़ भाजपा में शामिल हो गए. फिलहाल वह आजमगढ़ में हो रहे लोकसभा उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार हैं.

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5. विनय बिहारी

विनय बिहारी भोजपुरी इंडस्ट्री में एक जाने-माने संगीतकार हैं. विनय ने भाजपा की टिकट पर बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया विधानसभा से चुनाव लड़े और मोदी लहर में जीत कर विधानसभा में पहुंचे.

 

कानपुर हिंसा का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, STF के हाथ लगी बड़ी सफलता

कानपुर : कानपुर हिंसा मामले में मुख्य आरोपी जफर हयात हाशमी को गिरफ्तार कर लिया गया है. जानकारी के मुताबिक लखनऊ STF ने हिंसा के आरोपी जफर हयात हाशमी को गिरफ्तार किया है. शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जिस प्रकार से कानपुर में हिंसा भड़की, उस मामले में पुलिस ने जफर हयात हाशमी को जिम्मेदार ठहराया है. दर्ज कराई गई प्राथमिकी में जफर हयात हाशमी का नाम सबसे पहले रखा गया है.

वहीं जफर हयात हाशमी के गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी और परिवार के लोगों ने दावा किया है कि जफर हयात को फंसाया जा रहा है. बता दें कि भाजपा प्रवक्ता के बयान आने के बाद हयात जफर हाशमी ने तीन जून को बाजार बंद करने का एलान किया था. वीडियो मैसेज भी जारी किया था. पर्चे बांटकर बाकायदा पोस्टर भी लगाए गए थे. वहीं कानपुर में बाजार बंदी की आड़ में हजारों लोग जुटाए गए और साजिश रचकर बवाल कराया गया.

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भाजपा प्रवक्ता के टिप्पणी पर भड़के हिंसा

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रवक्ता नूपुर शर्मा की तरफ से हाल ही में टीवी पर एक कार्यक्रम में चर्चा के दौरान कथित तौर पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के विरोध में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जब एक समुदाय के लोगों ने दुकानें बंद कराने का प्रयास किया तो परेड, नई सड़क और यतीमखाना इलाकों में झड़पें हुईं. इन झड़पों में पुलिस कर्मियों समेत कम से कम 40 लोग घायल हो गए थे.वहीं इस घटना पर योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. पुलिस ने मामले में अब तक 36 लोगों को नामजद किया है, जबकि 18 से 20 लोगों को गिरफ्तार किया है. मामले में कुल तीन FIR दर्ज की गई हैं.

 

लखनऊ पुलिस ने सपा नेता सुमैया राणा को किया हाउस अरेस्ट

लखनऊ :  मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी और सपा नेता सुमैया राणा को आज लखनऊ पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया है। लखनऊ पुलिस ने यह कार्रवाई उस वक्त कि जब सुमैया राणा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए जा रही थीं। पुलिस ने राणा को उनके लालबाग स्थित आवास पर ही हाउस अरेस्ट किया है।

ज्ञानवापी मामले को लेकर भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी की थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। तो वहीं, नूपुर शर्मा के इस बयान पर कई मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति जताई थी। इतना ही नहीं महाराष्ट्र में नूपुर शर्मा के खिलाफ दो एफआईआर भी दर्ज हुई है। इतना ही नहीं, नूपुर शर्मा के इस बयान के उत्तर प्रदेश के कानपुर में भी हिंसा भड़क गई थी।

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सुमैया राणा नूपुर शर्मा के खिलाफ करने जा रही थी प्रदर्शन

कानपुर में हुए बवाल के बाद ही लखनऊ में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। नूपुर शर्मा द्वारा टीवी डिबेट में पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के करने के बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है। इसी मामले में सपा नेता सुमैया राणा को आज नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए जा रही थीं। तभी लखनऊ पुलिस ने सुमैया राणा को उनके लालबाग स्थित आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया।

 

श्रीलंका की राह पर पाकिस्तान, विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट

इस्लामाबाद : भारतीय उपमहाद्वीपीय देश श्रीलंका की राह पर पाकिस्तान भी धीरे-धीरे आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है. महंगाई के मुद्दे पर इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के अपदस्थ होने के बाद बनी नई सरकार में भी आर्थिक संकट का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. 27 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान उसके विदेशी मुद्रा भंडार में तकरीबन 366 मिलियन डॉलर की बड़ी गिरावट दर्ज की गई.

आलम यह कि उसके पास दूसरे देशों से आवश्यक वस्तुओं के दो महीने के आयात तक का भी पैसा नहीं बचा है. इतना ही नहीं, आर्थिक संकट और उच्च मुद्रास्फीति की वजह से पाकिस्तान में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में भी बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मीडिया की रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों के दौरान पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 30 रुपये प्रति लीटर से भी अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

दो महीने से कम दिनों के आयात का बचा है पैसा

मंगलवार को प्रकाशित ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, 27 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 366 मिलियन डॉलर गिरकर 9.72 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पिछले अगस्त के विदेशी मुद्रा भंडार के मुकाबले करीब 50 फीसदी की गिरावट है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में इस गिरावट की वजह से उसके पास दो महीने से कम समय के आयात के भुगतान के लिए धन बचा हुआ है.

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट से गहरा सकता है आर्थिक संकट

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में इस बात की चेतावनी भी दी गई है कि विदेशी मुद्रा भंडार में आई इस गिरावट की वजह से पाकिस्तान में आर्थिक संकट गहरा सकता है. यहां तक कि आर्थिक संकट की स्थित में वैश्विक स्तर पर आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाले संगठन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से लोन मिलने की फिलहाल कोई गारंटी नजर नहीं आती. हाल के हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से नया ऋण हासिल करने के लिए पाकिस्तान पुरजोर कोशिश कर रहा है, ताकि वह अपनी आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा कर सके. लेकिन, इसमें उसे सफलता हासिल नहीं हो रही है.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 30 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी

हालांकि, पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल को चीन से करीब 2.3 अरब डॉलर का वित्त पोषण मिलने की उम्मीद है. उन्होंने पिछले गुरुवार को कहा कि चीन की ओर से 2.3 अरब डॉलर का वित्त पोषण मिलने के बाद उनके विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. हालांकि, यह बात दीगर है कि महंगाई दर में बढ़ोतरी की वजह से पाकिस्तान में आवश्यक ईंधन की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. स्थिति यह है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 30 रुपये की बढ़ोतरी होने की वजह से इनकी कीमतें क्रमश: 209.86 रुपये और 201.15 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गई हैं.

बिजली की दरों में 8 रुपये प्रति यूनिट की वृद्धि तय

इतना ही नहीं, पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने के साथ ही बिजली के दाम में भी इजाफा होने के आसार नजर आ रहे हैं. पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने पिछले गुरुवार को इस बात के संकेत दे दिए हैं कि आगामी एक जुलाई से बिजली की दरों में 8 रुपये प्रति यूनिट की दर से इजाफा किया जा सकता है.

वित्त मंत्री ने इमरान सरकार को ठहराया जिम्मेदार

हालांकि, पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने इस बात को स्वीकारा है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में इजाफा होने से मुद्रास्फीति बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है, लेकिन उन्होंने इसके लिए पूर्ववर्ती इमरान खान सरकार को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व वित्त मंत्री शौकत तारिन पर आरोप लगाया कि इन दोनों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करके हमारे हाथ को पूरी तरह से काट दिया और फिर उसी समझौता नियमों का उल्लंघन भी किया.

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कोई नया टैक्स नहीं लगाएगी सरकार

उन्होंने यह भी कहा कि हम इस समझौते से घबराएंगे नहीं, जिसमें 30 रुपये पेट्रोलियम लेवी और 17 पैसे टैक्स की जरूरत होती है. उन्होंने अंग्रेजी के अखबार द डॉन से बातचीत में कहा कि मैं जून में किसी प्रकार के टैक्स में बढ़ोतरी नहीं करूंगा, लेकिन सब्सिडी वापस जरूर ले ली जाएगी.

 

कानपुर हिंसा पर सीएम सख्त, माहौल खराब करने वालों से सख्ती से निपटने के निर्देश

डिजिटल डेस्क : सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कायम अमन-चैन के माहौल को खराब करने का प्रयास करने वालों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिये हैं. मुख्यमंत्री नेा शुक्रवार देर रात की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कानपुर की घटना की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए. जरूरत पड़ने पर वहां पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए.

डायल 112 और पुलिस फुट पेट्रोलिंग के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनावश्यक बयानबाजी कर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. डायल-112 के वाहन नियमित पेट्रोलिंग करें. पुलिस बल भी नियमित फुट पेट्रोलिंग करें. यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क पर धार्मिक गतिविधियां न आयोजित हों. मंत्री स्तरीय समूह आगामी 11 जून से दोबारा मंडलीय व जनपदीय दौरे पर जाएंगे. यह समूह इन बिंदुओं के साथ कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा करेंगे.

सीएम योगी ने गोरखपुर से की वीडियो कांफ्रेंसिंग

सीएम योगी ने गोरखपुर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुये निर्देशित किया कि प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लें. प्रत्येक माह जिलाधिकारी उद्यमियों के साथ बैठक करके उनकी समस्याओं का निराकरण कराएं. बैंकर्स के साथ होने वाली बैठकों में उद्यमियों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया जाए और जनप्रतिनिधियों के साथ भी प्रत्येक माह में बैठक की जाए. उन्होंने कहा कि आम जनमानस के साथ सद् व्यवहार किया जाए.

सड़क पर धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगायें

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण हो. थाना-तहसील संवदेनशील होकर कार्य करें. शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तायुक्त हो. ज्यादा शिकायतें संज्ञान में आने पर संबंधित थाने एवं तहसील की जवाबदेही भी तय की जायेगी. यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क पर धार्मिक गतिविधियां न आयोजित हों. गत दिनों अभियान चलाकर धार्मिक स्थलों से या तो माइक उतारे गए हैं या उनकी आवाज कम की गई है. यह सुनिश्चित किया जाए कि दोबारा धार्मिक स्थलों के माइक की आवाज तेज न हो.

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10 जून तक सभी सड़कें अतिक्रमण मुक्त हों

उन्होंने सभी जिलों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी 10 जून तक सभी सड़कें अतिक्रमण मुक्त होनी चाहिए. अवैध टेम्पो स्टैंड हटा दिए जाएं. बसों को भी उनके निर्धारित स्थान पर ही पार्क कराया जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रतिष्ठान के स्वामी सड़क पर आगे बढ़कर दुकान न लगाएं. स्ट्रीट वेंडर्स का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाए. इन वेंडर्स को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ भी दिलाया जाए. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के सभी जिलों से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी जुड़े थे.

 

एक और अधूरी प्रेम कहानी का अंत , साथ जी ना सके एक साथ तोड़ा दम

  उत्तर प्रदेश के बरेली के भुता थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुर गांव में शनिवार सुबह प्रेमी-प्रेमिका ने जान दे दी. वह दोनों शादी करना चाहते थे. मगर, अलग-अलग जाति के होने के कारण परिजन तैयार नहीं थे. जिसके चलते जहरीला पदार्थ खाकर दोनों ने जान दे दी. परिजनों ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. मगर, दोनों को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया.पुलिस ने दोनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. मगर, प्रेमी-प्रेमिका के इस कदम से परिजनों में कोहराम मच गया. ग्रामीणों ने बताया कि दोनों के बीच कई वर्षों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था. मगर, परिजन शादी को तैयार नहीं हुए. इसके बाद दोनों ने यह कदम उठाया है.

 प्रेम कहानी का अंत

भुता थाना पुलिस ने बताया कि क्षेत्र के ब्रह्मपुर निवासी अर्जुन गंगवार उर्फ अमन (22 वर्ष) का अपने पड़ोस की ही किरण सागर (19 वर्ष) से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों शादी करना चाहते थे. मगर, दोनों की अलग-अलग जाति होने के कारण परिजन शादी को तैयार नहीं थे. प्रेमिका के परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी. इससे दोनों काफी परेशान थे. इसलिए दोनों ने जहरीला पदार्थ खा लिया.

पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजे दोनों के शव

जहर खाने की सूचना, जब परिजनों को लगी तो, इसके बाद दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने प्रेमिका को मृत घोषित कर दिया. मगर, प्रेमी का इलाज शुरू किया. प्रेमी की भी कुछ समय बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. दोनों के परिजन शव घर ले गए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया.

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मामले की जांच में जुटी पुलिस

भुता थाना प्रभारी अरविंद सिंह तोमर ने बताया कि, दोनों के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग था. शुरुआती जांच में दोनों ने शादी न होने को लेकर जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की बात सामने आई है. इस मामले में जांच की जा रही है.

 

ज्ञानवापी में पूजा करने से रोका तो अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

डिजिटल डेस्क : काशी में अब ज्ञानवापी परिसर में अभिषेक करने को लेकर मामला गर्माया हुआ है| स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद ने संतों के साथ 4 जून यानी आज परिसर में पूजन करने का ऐलान किया था|

जिसे पूरा करने के लिए वह निर्धारित समय पर संतों के साथ आगे भी बढ़े, लेकिन वाराणसी पुलिस ने उन्हें मठ पर ही रोक लिया| पुलिस के रोके जाने से नाराज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मठ के अंदर ही धरने पर बैठ गए हैं|

मठ पर तैनात कई थानों की पुलिस फोर्स

दरअसल, ज्ञानवापी मस्जिद विवाद का मामला कोर्ट में विचाराधीन है. ऐसे में फैसला आने तक प्रतिबंधित स्थल पर किसी के भी आने-जाने पर पूरी तरह से रोक है. यही कारण है कि वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर रखा है|

ज्योतिष और द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य जगतगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सोनारपुरा स्थित मठ को छावनी में तब्दील कर दिया है. कई थानों की फोर्स मठ पर तैनात कर दी गई है|

शिव को अधिकार है की वह नहाने के लिए पानी पाएं- स्वामी

धरने पर बैठ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, ज्ञानवापी में प्रकट हुए शिव को अधिकार है की वह नहाने के लिए पानी पाएं, उस मूर्ति को अधिकार है कि वो भोजन पाए, उसको क्यों बंचित किया जा रहा है|

यही हमारा मूल प्रश्न है. आप हमें मत जाने दो. हमको प्रमाणिक रूप से सूचित करो कि आज की पूजा हो गई|

हमको पूजा और पूजा के अधिकार से मतलब नहीं है. जो न्यायालय में दूसरे पक्षकार जा रहे हैं, वो पूजा के अधिकार की मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि, हमारे भगवान बिना खाए पिए बैठे हैं, हमारी बस भावना को सुना और समझा क्यों नहीं जा रहा है|

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नियमों का उल्लंघन किया तो होगी कार्रवाई- डीसीपी

इस पूरे प्रकरण में जब डीसीपी आर एस गौतम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवादित स्थल पर जाकर पूजा करना चाहते हैं, जहां जाने पर न्यायालय ने रोक लगाई है.

यदि कोई इस अनुमति की अवज्ञा करता है तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा. उक्त परिसर के बाहर पुलिस सुरक्षा बल तैनात हैं. हमे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अन्न जल त्याग करने की कोई सूचना नहीं मिली है.

 

“हुजूर, मैं जिंदा हूं” : सीबीआई कर चुकी थी मरा घोषित, अदालत पहुंच गई गवाह

पटना : बिहार के चर्चित पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई का एक अजब मामला सामने आया है। सीबीआई ने मामले में जिस गवाह को मृत घोषित कर दिया था, वह अपने जिंदा होने का सबूत लेकर अदालत पहुंच गई। गवाह ने अदालत में उपस्थिति पत्र और आधार कार्ड दाखिल कर लिया।

इस पर अदालत ने सीबीआई से जवाव तलब किया है और सुनवाई की अगली तारीख 20 मई मुकर्रर की है।

दरअसल, सीबीआई पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड की जांच कर रही है। 2016 में हिंदी पत्रकार रंजन की पांच हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बिहार सरकार ने मई 2016 में इस हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई से सिफारिश की थी। 15 सितंबर 2016 को सीबीआई ने मामला दर्ज कर लिया था।

पिछले दिनों सीबीआई ने बादामी देवी नामक गवाह से पूछताछ के लिए अदालत से समन जारी करने की मांग की थी। बादामी देवी सिवान के कसेरा टोली में रहती है। बादामी देवी से सीबीआई पूछताछ के लिए अदालत ने समन जारी कर दिया था।

24 मई को सीबीआई ने बादामी देवी को मृत घोषित करते हुए अदालत में रिपोर्ट पेश कर दी थी। वहीं, बादामी देवी ने अदालत को बताया कि उनसे किसी ने संपर्क नहीं साधा लेकिन जब उन्हें उनके मृत घोषित किए जाने की खबर मिली तो वह सीधे अदालत चली आईं।

राजीव रंजन हत्याकांड की सुनवाई सिवान के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम पुनीत गर्ग की विशेष एमपी/एमएलए अदालत में चल रही है।

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अदालत पहुंच गई गवाह CBI पर उठे सवाल

बादामी देवी ने बताया, “मेरी उम्र 80 वर्ष पार कर चुकी है, लेकिन जब सुना कि हमें मरा हुआ घोषित कर दिया गया है, तब हम काफी दुखी हुए. ये सब आरोपियों की मिलीभगत से हुआ है.”अधिवक्ता शरद सिन्हा ने CBI पर सवाल उठाते हुए कहा, “ये बड़ी लापरवाही है. देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी अगर इस तरीके से काम करेगी तो क्या होगा?

CBI ने गवाह से संपर्क तक नहीं किया और महिला को मृत घोषित कर दिया. इतना ही नहीं, कोर्ट में रिपोर्ट भी सबमिट कर दी गई. इसमें कहीं न कहीं साजिश की बू आ रही है.

गौरतलब है कि 13 मई 2016 को सीवान के स्टेशन रोड में गोली मारकर राजदेव रंजन की हत्या कर दी गई थी. जांच के पश्चात सीबीआई ने पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन समेत आठ आरोपितों के खिलाफ विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी.

 

 

खरीद-फरोख्त के डर से कांग्रेस के 80 विधायक उदयपुर होटल में कैद

नई दिल्ली : राजस्थान में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल काफी तेज है। वहीं राज्यसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस के 80 से ज्यादा विधायक उदयपुर के एक होटल में डेरा जमाए हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक परसादी लाल मीणा, बी डी कल्ला, ममता भूपेश और सुरेश टॉक और कुछ निर्दलीय समेत कई मंत्री उदयपुर के होटल में मौजूद हैं।

भाजपा का डर

कांग्रेस पार्टी को डर है कि कहीं भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त न कर ले, इसलिए पार्टी ने अपने विधायकों को एक जगह रखने का फैसला किया है। शुक्रवार को लगभग 2.30 बजे 40 से अधिक विधायकों को लेकर एक बस होटल पहुंची। बस गुरुवार शाम विधायकों के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास से निकली थी और भीलवाड़ा में रुकी, जहां राज्य के राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने रात्रिभोज की मेजबानी की।

सचिन पायलट भी पहुंचे उदयपुर होटल

वहीं सूत्रों ने बताया कि पार्टी के बाकी विधायक अपनी सुविधानुसार होटल पहुंचेंगे। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, राज्यसभा सीट के लिए तीन उम्मीदवारों में से एक प्रमोद तिवारी और कुछ अन्य विधायकों के साथ हवाई मार्ग से उदयपुर पहुंचे।

भाजपा पर साधा निशाना

उदयपुर के डबोक हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस के पास तीन सीटें जीतने के लिए पर्याप्त समर्थन है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव विधानसभा में संख्या के आधार पर लड़ा जाता है। साथ ही कहा कि भाजपा बल्लेबाजी तो करना चाहती है लेकिन पिच पर नहीं आना चाहती।

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निर्दलीय विधायकों के वोट महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा में अपने 108 विधायकों के साथ सत्तारूढ़ कांग्रेस के रूप में यह बयान दिया कि चार में से दो सीटें जीतने के लिए तैयार हैं। दो सीटें जीतने के बाद, कांग्रेस के पास 26 अधिशेष वोट होंगे, तीसरी सीट जीतने के लिए आवश्यक 41 में से 15 कम, जो निर्दलीय विधायकों का समर्थन महत्वपूर्ण बनाता है।

 

राज्यसभा चुनाव :  मीसा भारती समेत 41 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

नई दिल्ली : राज्यसभा के लिए 15 राज्यों की 57 सीटों पर 10 जून को होने वाले चुनाव से पहले सदस्यों के निर्विरोध चुने जाने के नतीजे भी सामने आने लगे हैं. खबर है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम, निर्दलीय उम्मीदवार कपिल सिब्बल, लालू प्रसाद की बेटी और राजद नेता मीसा भारती समेत करीब 41 नेता राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित किए गए हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि भाजपा ने यूपी का किला फतह कर लिया है. यहां की राज्यसभा की 11 सीटों में से आठ के लिए भाजपा के नेता निर्विरोध निर्वाचित किए गए हैं. बाकी की तीन सीटों में से एक निर्दलीय उम्मीदवार कपिल सिब्बल को मिली है, जो सपा के समर्थन से चुनाव लड़ रहे थे.

11 राज्यों की 41 सीटों पर सदस्य निर्वाचित

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, यूपी के सभी 11 सीटों के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित किए गए हैं. इसके अलावा, तमिलनाडु में छह, बिहार में पांच, आंध्र प्रदेश में चार, मध्य प्रदेश और ओडिशा में तीन-तीन, छत्तीसगढ़, पंजाब, तेलंगाना और झारखंड में दो-दो और उत्तराखंड में एक उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. निर्विरोध निर्वाचित 41 उम्मीदवारों में से 14 भाजपा के चार-चार कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस के हैं. डीएमके और बीजेडी के तीन-तीन, आम आदमी पार्टी, राजद, तेलंगाना राष्ट्र समिति, अन्नाद्रमुक के दो-दो, झामुमो, जद(यू), सपा और रालोद के एक-एक नेता और निर्दलीय कपिल सिब्बल शामिल हैं.

यूपी में भाजपा के 8 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, यूपी में राज्यसभा की 11 सीटों में से भाजपा ने 8 सीटों पर जीत हासिल की है. जिन आठ सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित किए गए हैं, उनमें दर्शना सिंह, बाबू राम निषाद, मिथिलेश कुमार, राधा मोहन दास अग्रवाल, डॉ के लक्ष्मण, डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सुरेंद्र सिंह नागर और संगीता यादव शामिल हैं. बाकी की तीन सीटों पर रालोद के जयंत चौधरी, सपा के जावेद अली खान और निर्दलीय कपिल सिब्बल निर्विरोध निर्वाचित किए गए हैं.

बिहार-झारखंड के सभी सात उम्मीदवार जीते

इसके साथ ही, बिहार के सभी पांच उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जिनमें मीसा भारती और फैयाज अहमद (राजद), सतीश चंद्र दुबे और शंभू शरण पटेल (भाजपा) और खीरू महतो (जेडीयू) शामिल हैं. राजद प्रमुख लालू प्रसाद की सबसे बड़ी बेटी भारती और दुबे लगातार दूसरी बार राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. वहीं, झारखंड की दो सीटों में से एक पर झामुमो की महुआ माजी और दूसरी सीट के लिए भाजपा के आदित्य साहू निर्विरोध निर्वाचित किए गए हैं.

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पंजाब से हरभजन सिंह निर्विरोध निर्वाचित

पंजाब में आप उम्मीदवार-प्रख्यात पर्यावरणविद् बलबीर सिंह सीचेवाल और उद्यमी-सामाजिक कार्यकर्ता विक्रमजीत सिंह साहनी को विजेता घोषित किया गया. पंजाब से अंबिका सोनी (कांग्रेस) और बलविंदर सिंह भुंडर (शिरोमणि अकाली दल) का कार्यकाल चार जुलाई को समाप्त हो रहा है. आप ने मार्च में पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, राघव चड्ढा, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक अशोक मित्तल, आईआईटी दिल्ली के पूर्व संकाय सदस्य संदीप पाठक और उद्योगपति संजीव अरोड़ा को राज्यसभा के लिए नामित किया था. ये सभी पंजाब से निर्विरोध चुने गए थे.

 

 बीजेपी प्रवक्ता के विवादित बयान के बाद कानपुर में हुई हिंसा, 36 गिरफ्तार, 3 FIR

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बीजेपी प्रवक्ता के विवादित और कथित ‘अपमानजनक’ टिप्पणियों के विरोध में शुक्रवार को हिंसा भड़क गई थी. बीजेपी प्रवक्ता के विवादित बयान के विरोध में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दुकानें बंद कराने के दौरान दो समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे पर पथराव और बम फेंके. इस शांत कराने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज भी करना पड़ा. इस हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने अब तक कुल 36 लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले में तीन प्राथमिकी दर्ज की है.

दो FIR पुलिस की तरफ़ से जबकि एक FIR घायल व्यक्ति की तरफ़ से लिखी गई है. 40 लोगों को नामज़द किया गया है और 100 से ज़्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ़ FIR दर्ज़ की गई है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि सभी आरोपियों के ख़िलाफ़ गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कार्यवाही होगी. कानपुर हिंसा में 13 पुलिसकर्मी और दोनों पक्षों के 30 लोग घायल हुए हैं. वीडियो फ़ुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है.

पुलिस ने बताया कि कानपुर के परेड चौराहे, नई सड़क और यतीमखाना इलाके में हिंसा हुई थी, वहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सघन निगरानी बढ़ा दी गई है. इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है, जिसमें 12 कंपनी और एक प्लाटून पीएसी शामिल है. आज 11 बजे तक राष्ट्रपति कोविंद क़ानपुर में ही रहेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के कमिश्नर से फ़ोन पर बात कर स्थिति का जायज़ा लिया है.

36 लोगों को किया गया गिरफ्तार 

पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा ने कहा, “…36 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. वीडियो के आधार पर और लोगों की पहचान की जा रही है.” उन्होंने आगे कहा, “साजिशकर्ताओं के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और उनकी संपत्ति को या तो जब्त कर लिया जाएगा या ध्वस्त कर दिया जाएगा.”

बीजेपी प्रवक्ता के विवादित बयान पर निकला गया था जुलुस

कानपुर में शुक्रवार को कथित तौर पर बाजार बंद को लेकर विभिन्न समुदायों के दो समूहों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. पुलिस ने बताया कि इलाके में हिंसा तब शुरू हुई जब कुछ लोगों ने दुकानों को बंद कराने की कोशिश की जिसका दूसरे समूह ने विरोध किया.जबरन दुकानें बंद कराने का प्रयास कर रहे लोगों की पुलिस के साथ भी झड़प हुई. पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा था. मामले में आगे की जांच की जा रही है.

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लखनऊ में एडीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि कानपुर के सभी अल्पसंख्यक सदस्यों से अपील है कि शांति व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करें तथा उपद्रवियों को पहचानने में पुलिस की मदद करें. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि हर हाल में शांति व्यवस्था बनाये रखें.

हैदराबाद गैंगरेप मामले में पुलिस ने की 5 आरोपियों की पहचान, 3 नाबालिग भी शामिल

डिजिटल डेस्क : पिछले हफ्ते हैदराबाद के जुबली हिल्स में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए गैंग रेप के मामले में बीते शुक्रवार को तेलंगाना पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है. पश्चिम क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जोएल डेविस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए कहा कि मामले में संदिग्ध सादुद्दीन मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उन्होंने यह भी बताया कि 5 लोगों की पहचान की गई है, जिसमें 3 नाबालिग हैं. डीसीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और पीड़िता के बयान के आधार पर 5 आरोपियों की पहचान की गई है.

डीसीपी जोएल डेविस ने कहा, ‘आरोपियों के बारे में पीड़िता को ज्यादा जानकारी नहीं थी. वह सिर्फ एक आरोपी का नाम बता पाई. इसके बाद सभी को पकड़ने के लिए फौरन पुलिस की विशेष टीमें बनाई गईं.’ उन्होंने यह भी कहा कि सीसीटीवी फुटेज बरामद कर लिया गया है. डीसीपी ने आगे बताया कि पुलिस ने एक नाबालिग आरोपी की पहचान कर ली है. साथ ही पुलिस ने उस जगह का भी पता कर लिया है, जहां वह छिपा हुआ था. उन्होंने कहा कि कानून के हिसाब से रात में नाबालिगों को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है, लिहाजा उसे अगले दिन गिरफ्त में लिया जाएगा.

28 मई की है घटना

17 साल की पीड़िता 28 मई को एक पार्टी के बाद अपने घर लौट रही थी. उसी वक्त हैदराबाद जुबली हिल्स इलाके में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था. यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है एक वीडियो में पीड़िता एक पब के बाहर संदिग्ध आरोपियों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है. आरोपियों ने पहले पीड़िता से उसके घर छोड़ने की बात कही. बाद में एक पार्क की हुई कार के अंदर उसके साथ मारपीट की गई और फिर बारी-बारी से सभी ने उसके साथ बलात्कार किया. इस दौरान दूसरे आरोपी कार के बाहर पहरा दे रहे थे.

गैंगरेप की घटना से राज्य में हड़कंप

लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 323 और पॉक्सो एक्ट की धारा 9 और 10 के तहत मामला दर्ज किया है. गैंगरेप की खबर सामने आने के बाद तेलंगाना में हड़कंप मच गया. राज्य सरकार में मंत्री के. टी.रामाराव ने शुक्रवार को गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और हैदराबाद शहर के पुलिस आयुक्त से मामले में फौरन कार्रवाई करने की अपील की थी.

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