Friday, April 10, 2026
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उत्तर प्रदेश की राजधनी लखनऊ में कई जगहों के नाम बदले

उत्तर प्रदेश की राजधनी लखनऊ में कई जगहों के नाम बदल दिए गए हैं| बर्लिगटन चौराहे से लेकर सिकंदराबाद चौराहे तक का नामकरण दिया गया है | इससे पहले भी यूपी सरकार ने कई मौकों पर नामकरण का काम किया है | विपक्ष जरूर इसे बड़ा मुद्दा बनाता है | लेकिन सरकार अपने फैसले पर अडिग रहती है | नगर निगम ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में शहर के कई पार्कों और चौराहों के नाम बदले हैं।

इसी के तहत सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने लखनऊ के प्रसिद्ध बर्लिंगटन चौराहे का नाम बदलकर अशोक सिंघल चौराहा कर दिया। बता दें कि अयोध्या स्थित प्रसिद्ध नया घाट क्रॉसिंग का भी नाम बदला गया है। इस क्रॉसिंग का नाम अब बदलकर भारत रत्न से सम्मानित दिवंगत लता मंगेशकर के नाम पर रखा गया है। नोएडा के रहने वाले वास्तुकार रंजन मोहंती ने इस स्मृति चौक को डिजाइन किया है |

जहां लता मंगेशकर के प्रसिद्ध भजन भी बजाए जाएंगे। प्रदेश की योगी सरकार ने नामकरण के काम में तेजी लाने के लिए 7.9 करोड़ रुपये जारी किए हैं। 40 फुट लंबा और 14 टन वजनी वीणा नोएडा से एक ट्रेलर-ट्रक पर रखकर अयोध्या पहुंची है।

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जानें किस चौराहे का अब क्या है नाम

1.    अब से बर्लिंगटन चौराहा ‘अशोक सिंघल चौराहा’ कहलाएगा।
2 .   सर्वोदय नगर में महापौर के निर्देश पर बने द्वार का नामकरण “स्वतंत्रवीर विनायक दामोदर सावरकर द्वार” किया           गया।
3 .   सिकंदराबाद चौराहे का नामकरण वीरांगना उदादेवी वार्ड किया गया।
4 .   मिल एरिया पुलिस चौकी से मीना बेकरी चौराहा का नामकरण इंडियन शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के संस्थापक एवं पूर्व           अध्यक्ष मौलाना मिर्जा मोहम्मद अतहर के नाम पर किया गया।
5 .  विराम खण्ड राम भवन चौराहा का नामकरण “अमर शहीद मेजर कमल कालिया चौराहा” किया गया।
6.   संजय गांधीपुरम चौराहे का नामकरण चन्द्रशेखर आजाद चौराहा किया गया।
7.   आलमबाग के टेढी पुलिया तिराहे का नामकरण “खालसा चौक” किया गया।
8.    सरोजनीनगर के आजाद नगर कॉलोनी में पार्क का नाम “मंगल पांडेय पार्क” किया गया।
9 .   राजाजीपुरम स्थित मिनी स्टेडियम का नाम पूर्व विधायक सुरेश श्रीवास्तव स्टेडियम के नाम पर किया गया।
10 .  लालबाग स्थित महाराजा सुहेलदेव राजभर की प्रतिमा के पास के चौराहे के नामकरण सुहेलदेव राजभर तिराहा              किया गया।
11 .  पिकैडेली होटल कानपुर रोड से आशियाना पावर हाउस तक मार्ग का नाम “दिगम्बर जैन मंदिर” किया गया।
12.  निराला नगर लाल कॉलोनी स्थित तिकोनिया पार्क का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर कर पार्क में प्रतिमा             स्थापना करने का प्रस्ताव पास किया गया।
13 . आशियान स्थित एमएमडी1/237 दर्शन सिंह के घर के सामने पार्क का नामकरण गुरु नानक पार्क किया गया।
14 . आशियाना स्थित एसएस1/1163 संतोष त्रिपाठी के घर के सामने पार्क का नामकरण सरदार उधम सिंह किया             गया।
15 .  एमएमडी/253 के सामने स्थित पार्क का नामकरण दशमेश पार्क किया गया।
16 .   मोहन भोग चौराहे से कोठारी बंधु तक सड़क का नामकरण कल्याणेश्वर हनुमान मंदिर मार्ग किया गया।

सीएम भगवंत मान को विमान से उतारे जाने के मामले की होगी जांच

पंजाब के सीएम भगवंत मान को कथित तौर पर नशे में होने के कारण जर्मनी में लुफ्थांसा एयर लाइंस के विमान से उतारे जाने के मामले की जांच होगी। पंजाब के सीएम भगवंत मान को फ्रैंकफर्ट से दिल्ली जाने वाले लुफ्थांसा विमान से उतारा गया | क्योंकि नशे में होने के कारण वह चलने में असमर्थ थे। मीडिया की खबरों के मुताबिक, सीएम भगवंत मान 11-18 सितंबर तक की जर्मनी यात्रा पर थे। वापसी के दौरान कथित तौर पर वह ‘नशे की हालत’ में थे |

इसलिए फ्रैंकफर्ट में उन्हें विमान से उतार दिया गया। इस घटना के कारण विमान को प्रस्थान करने में देरी हुई। सोमवार को खबरें आईं कि फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आने वाले लुफ्थांसा के विमान की उड़ान में सीएम भगवंत मान के नशे में होने के कारण देरी हुई थी। इस बारे में पूछने पर केंद्रीय विमानन मंत्री सिंधिया ने कहा कि घटना को लेकर लुफ्थांसा से जानकारी मांगी गई है। यह उपलब्ध कराना उस पर निर्भर करता है। मुझे भेजे गए अनुरोध के आधार पर निश्चित रूप से इस मामले की जांच कराई जाएगी।

क्या था मामला

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि जर्मन एयर लाइंस की उड़ान में इसलिए देरी हुई, क्योंकि एक यात्री कथित तौर पर नशे में था और उसे प्लेन से उतारा गया था। इसे लेकर अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल और उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल और कांग्रेस नेता बाजवा ने आरोप लगाए कि विमान से उतारा गया यात्री कोई और नहीं बल्कि सीएम भगवंत मान थे। इन नेताओं ने उनसे इस्तीफे की मांग की थी।

सुखबीर सिंह बादल के ट्वीट पर मचा हंगामा

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को आरोप लगाया था कि भगवंत मान को फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर लुफ्थांसा के विमान से इसलिए उतारा गया क्योंकि वह नशे में थे। सुखबीर सिंह बादल ने ट्वीट किया सह-यात्रियों के हवाले से मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि पंजाब सीएम भगवंत मान को लुफ्थांसा फ्लाइट से उतारा गया क्योंकि वे बहुत नशे में थे और चलने की हालत में भी नहीं थे। इस वजह से 4 घंटे फ्लाइट में देरी हुई।

आप ने दी सफाई

हालांकि,उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी ने अफवाहों का जोरदार खंडन करते हुए कहा कि ये बेहद निंदनीय है कि विपक्षी नेताओं ने तथ्यों की पुष्टि किए बिना मुख्यमंत्री को बदनाम करने के इरादे से झूठे आरोप लगाए | उन्होंने कहा कि लुफ्थांसा एयरलाइंस ने स्पष्ट किया है कि फ्रैंकफर्ट से दिल्ली के लिए विमान की उड़ान में देरी और एक विमान परिवर्तन के कारण निर्धारित समय से थोड़ा देर से रवाना हुई | शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने जर्मनी में पंजाब के सीएम भगवंत मान के नशे में होने के कारण उन्हें फ्लाइट से उतारे जाने की कथित खबरों को लेकर कहा कि उन्हें भी फ्रैंकफर्ट से एक व्यक्ति ने फोन करके जानकारी दी कि पंजाब के मुख्यमंत्री को नशे में होने के कारण फ्लाइट से उतार दिया गया |

एयरलाइंस ने नहीं दी कोई जानकारी

हालांकि एयरलाइंस की तरफ से इस मामले में पंजाब के सीएम भगवंत मान के नशे में होने को लेकर कोई भी जानकारी नहीं दी गई है | तकनीकी कारणों से विमान की उड़ान में देरी वजह बताई गई है | सीएम भगवंत मान जर्मनी में चल रहे एक इन्वेस्टमेंट समिट और वहां की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात करने और पंजाब में इन्वेस्टमेंट लाने के इरादे से अपने साथ एक सरकारी सीनियर अधिकारियों के डेलिगेशन को लेकर आठ दिन के सरकारी दौरे पर थे |

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कांग्रेस 20 सालों में पहली बार कराएगी अध्यक्ष पद पर चुनाव

मुश्किल दौर से गुजर रही कांग्रेस 20 सालों में पहली बार अध्यक्ष पद पर चुनाव कराने जा रही है। इस बार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव बहुत ही रोमांचक दौर में जा रहा है। हालांकि कांग्रेसी कार्यकर्ता इसे असमंजस भरा मान रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी जिद पर अडिग हैं कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि कांग्रेस के एक धड़े की ओर से उन्हें मनाने की लगातार कोशिश की जाती रही। जोकि अभी भी जारी है। मगर अब कांग्रेस के नेता ही कहने लगे हैं कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। जबकि कुछ नेता अभी भी उनसे उम्मीद लगाए बैठे हैं।

चर्चाएं हैं कि कांग्रेस के जी-23 के नेता शशि थरूर नामांकन दाखिल कर सकते हैं और उनका मुकाबला गांधी परिवार के भरोसेमंद अशोक गहलोत से होगा। लेकिन कांग्रेस नेता अशोक गहलोत इस मुकाबले के लिए तैयार नहीं बताए जा रहे। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि वह अब भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मनाने की कोशिश में जुटे हैं कि वह पार्टी अध्यक्ष बनने पर सहमत हो जाएं। कांग्रेस में अध्यक्ष पद की दावेदारी के लिए गांधी परिवार से फिलहाल कोई भी चुनावी मैदान में नहीं होगा। इस बात का इशारा कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी के चुनिंदा वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बीच किया।अशोक गहलोत 26 तारीख को नामांकन दाखिल कर सकते हैं।

कोशिश कर रहे राहुल गांधी अध्यक्ष बनने को राजी हो 

अध्यक्ष पद पर चुनाव 17 अक्टूबर को होना है और उससे पहले अशोक गहलोत हर कोशिश कर रहे हैं कि राहुल गांधी ही अध्यक्ष बनने को राजी हो जाएं। दरअसल अशोक गहलोत को लेकर कहा जा रहा है कि उनकी चिंता अध्यक्ष बनने से ज्यादा सीएम की कुर्सी को लेकर है। अशोक गहलोत को लगता है कि यदि वह अध्यक्ष बनने निकलते हैं तो राज्य में अस्थिरता पैदा होगी और भाजपा ऑपरेशन लोटस चला सकती है। इसके अलावा उन्हें इस बात की भी चिंता है कि प्रतिद्वंद्वी सचिन पायलट को सीएम पद मिल सकता है।

सचिन पायलट के दिल्ली दौरे से हलचल हुई तेज

सचिन पायलट के दिल्ली आने से इस बात की चर्चाएं तेज हो गई थीं कि उन्हें सीएम पद मिल सकता है | जिसके लिए वह बरसों से इंतजार कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अशोक गहलोत चाहते हैं कि उनका मातहत नेता ही सीएम पद संभाले। इससे वह राजस्थान में भी अपनी पकड़ बनाए रख सकेंगे। यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो फिर वह कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनते हुए सीएम पद भी संभालने की बात हाईकमान से कर सकते हैं। वहीं राजस्थान में कांग्रेस का एक वर्ग चाहता है कि सचिन पायलट को सीएम के तौर पर एक मौका मिलना चाहिए।

कोई भी लड़ सकता है चुनाव

हालांकि पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि शशि थरूर के चुनाव लड़ने की चर्चाओं को लेकर कुछ भी नया नहीं है। पार्टी के उक्त वरिष्ठ नेता कहते हैं कि उनकी पार्टी में चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से होता है। इसलिए शशि थरूर या अशोक गहलोत समेत कोई और भी चाहे तो राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ सकता है। वे कहते हैं कि इसके लिए किसी की भी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। चुनाव लड़ने के लिए इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी संबंधित जिम्मेदार व्यवस्थापकों के माध्यम से सभी को दे दी है। ऐसे में हर कोई चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र है।

30 सितंबर तक नामांकन

बता दें कि कांग्रेस में अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 24 सितंबर से शुरू हो रही है और 30 सितंबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। यदि अध्यक्ष पद के लिए दो या उससे ज्यादा लोग नामांकन करते हैं तो फिर 17 अक्बूटर को मतदान होगा। इसके बाद 19 तारीख को परिणाम जारी होंगे।

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जम्मू-कश्मीर में खुले सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स, सियासत शुरू

जम्मू-कश्मीर में अरसे बाद खुले सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स को लेकर सियासत शुरू हो गई है। कश्मीर घाटी में सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स पर फिल्म देखने का इंतजार अब खत्म हो गया है। श्रीनगर के सोनमर्ग में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल का उद्घाटन किया। कश्मीर के पहले मल्टीप्लेक्स में 520 सीटों की कुल क्षमता वाले तीन सिनेमाघर होंगे। स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिसर में एक फूड कोर्ट भी होगा। आईनॉक्स द्वारा संचालित मल्टीप्लेक्स का निर्धारित उद्घाटन ऐसे समय किया जा रहा है |

हाल में ही जब जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलवामा और शोपियां जिलों में एक-एक बहुउद्देशीय सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स का उद्घाटन किया था | उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस मौके को ऐतिहासिक बताते हुए पुलवामा में कहा था कि हम जल्द ही जम्मू-कश्मीर के हर जिले में ऐसे बहुउद्देशीय सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स बनाएंगे | उन्होंने कहा था कि अनंतनाग, श्रीनगर, बांदीपुरा, गांदेरबल, डोडा, राजौरी, पुंछ, किश्तवाड़ और रियासी में जल्द ही सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स का उद्घाटन किया जाएगा |

करीब तीन दशकों के बाद कश्मीर की घाटी में सिनेमाई रौनक लौट आई है। सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स का उद्घाटन करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि वे दिवंगत अभिनेता शम्मी कपूर को इस अवसर पर श्रद्धांजलि देते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि विज्ञान अगर खोज है, तो कला उसकी अभिव्यक्ति है। जिन्हें लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने इसके विपरीत किया, लेकिन अब समय बदल रहा है।

तीन दशकों बाद खुले सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स

सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स तीन दशकों के बाद फिर से खुल रहे हैं | 1989-90 में आतंकवादियों द्वारा धमकियों और हमलों की वजह से थिएटर मालिकों ने घाटी में सिनेमा हाल बंद कर दिए थे | 1990 में आतंकी संगठनों की धमकियों और हमलों के कारण सभी सिनेमा हॉल बंद हो गए थे। जानकार बताते हैं कि आतंकवाद के दौर में घाटी में एक-एक कर 19 सिनेमा हॉल बंद हो गए थे। अधिकारियों ने 1990 के दशक के अंत में कुछ थिएटरों को फिर से खोलने की कोशिश की | लेकिन सितंबर 1999 में लाल चौक के बीच में रीगल सिनेमा पर आतंकवादियों द्वारा किए गए घातक ग्रेनेड हमले के चलते अधिकारियों की कोशिशें की वजह से नाकाम हो गईं | इस हमले में एक व्यक्ति की मौत भी हुई |

बड़े पर्दे पर फिल्म देखने 300 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था

कश्मीर में सिनेमा हॉल बंद हो जाने की वजह से कुछ समय पहले तक कई युवा ऐसे भी हैं | जिनको पता भी नहीं है कि सिनेमा हॉल कैसा होता है और मल्टीप्लेक्स क्या है। हालांकि, यहां के युवाओं को 300 किमी दूर जम्मू आकर फिल्म देखने के अपने सपने को पूरा करना पड़ता था। घाटी के युवा जो बाहर पढ़ रहे थे या फिर रोजी-रोजगार के सिलसिले में निकले थे | वे ही रुपहले पर्दे का आनंद ले पाए | अन्यथा घर पर टीवी और सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये ही वे अपने शौक पूरे करने को मजबूर थे।

असदुद्दीन ओवैसी ने किया ट्वीट

एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी को यह कदम रास नहीं आ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिले में बहुउद्देशीय सिनेमा हॉल का उद्घाटन किया | तो श्रीनगर में जामिया मस्जिद हर शुक्रवार को बंद क्यों थी। असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया कि आपने शोपियां और पुलवामा में सिनेमा हॉल खोले हैं। लेकिन श्रीनगर जामिया मस्जिद हर शुक्रवार को बंद क्यों रहती है ? कम से कम दोपहर के मैटिनी शो के दौरान इसे खोलने का आदेश दें।

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1 अक्टूबर से बदल जायेगे नियम ,आईसीसी ने जारी की सूची

आईसीसी ने मंगलवार को उन नियमों की सूची जारी की है जो 1 अक्टूबर 2022 से बदलने वाले हैं। भारतीय पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के नेतृत्व वाली पुरुष क्रिकेट समिति ने एमसीसी के 2017 के क्रिकेट के नियमों के तीसरे संस्करण में खेलने की स्थिति में बदलाव की सिफारिश की। पुरुष और महिला क्रिकेट में ये नियम एक अक्तूबर से लागू होंगे। निष्कर्षों को महिला क्रिकेट समिति के साथ भी साझा किया गया |

जिन्होंने इन नियम की सिफारिशों का समर्थन किया। नए नियम 1 अक्टूबर 2022 से लागू होंगे |जिसका मतलब है कि अगले महीने ऑस्ट्रेलिया में होने वाला आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप इन नए नियमों के आधार पर खेला जाएगा। इस बैठक के बाद गांगुली ने कहा आईसीसी क्रिकेट समिति की मेरी पहली बैठक की अध्यक्षता करना एक सम्मान की बात थी। मैं समिति के सदस्यों के योगदान से खुश हूं | जिसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण सिफारिशें की गईं। मैं सभी सदस्यों को उनके बहुमूल्य सुझावों के लिए धन्यवाद देता हूं |

सभी पुरुषों और महिलाओं के वनडे और टी20 मैचों में दोनों टीमों की सहमति होने पर हाइब्रिड पिचों का उपयोग होगा । वर्तमान में, हाइब्रिड पिचों का उपयोग केवल महिला टी20 मैचों में ही किया जाता है |

नए नियम कुछ इस प्रकार होंगे…

कैच आउट नियम :  जब कोई बल्लेबाज कैच आउट होगा, तो नया बल्लेबाज स्ट्राइक पर ही खेलने आएगा | आउट होने वाले बल्लेबाज का क्रीज बदलने या नहीं बदलने से इस पर कोई असर नहीं होगा | जबकि पहले नियम में था कि यदि बल्लेबाज कैच आउट होने से पहले स्ट्राइक चेंज करता है | तो नया बल्लेबाज नॉन स्ट्राइक पर आता था |
लार का इस्तेमाल का नियम : कोरोना महामारी के कारण 2020 के शुरुआत से ही क्रिकेट पर असर पड़ना शुरू हो गया था | इसके बाद लॉकडाउन के साथ ही क्रिकेट को भी पूरी दुनिया में बंद कर दिया गया था | फिर खेल को दोबारा शुरू करने के लिए कुछ नए नियम बनाए थे | तब लार के इस्तेमाल को अस्थायी तौर पर बैन कर दिया था | मगर अब क्रिकेट कमेटी ने इस नियम पर भी विचार किया और इसे स्थायी कर दिया | यानी अब क्रिकेट में लार का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित ही रहेगा | यह नियम अब स्थायी हो जाएगा |
नए बैटर के लिए स्ट्राइक लेने का टाइम का नियम : किसी प्लेयर के आउट होने के बाद जब नया बैटर स्ट्राइक पर आता है | तो उसे टेस्ट और वनडे में 2 मिनट के अंदर स्ट्राइक पर आना होगा | जबकि टी20 इंटरनेशनल में यह समय 90 सेकंड का निर्धारित किया गया है | इस नियम में काफी विचार के बाद थोड़ा बदलाव किया गया है | पहले नए बल्लेबाज को तीन मिनट के अंदर स्ट्राइक पर आना था | यदि नया बैटर टाइम पर नहीं आता है | तो फील्डिंग टीम का कप्तान टाउम आउट की अपील कर सकता है |
स्ट्राइकर (बैटर) के बॉल खेलने का अधिकार : यह प्रतिबंधित है,क्योंकि खेलते समय बल्ले या बैटर को पिच के अंदर ही होना चाहिए | यदि बैटर पिच से बाहर आकर खेलने को मजबूर होता है | तो अंपायर कॉल होगा कि वह उसे डेड बॉल करार दे | यदि कोई बॉल बैटर को पिच से बाहर आने पर मजबूर करती है | तो अंपायर इसे नोबॉल करार देगा |
फील्डिंग टीम की तरफ से गलत व्यवहार : यदि बॉलर गेंदबाजी के दौरान (रनअप) कुछ अनुचित व्यवहार या जानबूझकर कुछ गलत मूवमेंट करता है | तो अंपायर इस पर एक्शन ले सकता है | पेनल्टी लगाते हुए बैटिंग टीम के खाते में 5 रन भी जोड़ सकता है | साथ ही अंपायर इसे डेड बॉल भी करार देगा |
नॉन-स्ट्राइकर का रनआउट होना : यदि कोई नॉन-स्ट्राइकर गेंदबाज के बॉल डालने से पहले क्रीज से बाहर निकलता है | तब गेंदबाज यदि उस बैटर को रनआउट करता है | तो इसे पहले ‘अनफेयर प्ले’ माना जाता था | लेकिन अब इसे रनआउट ही कहा जाएगा |
डिलेवरी से पहले स्ट्राइकर की ओर बॉल थ्रो : कोई गेंदबाज बॉल डालने के लिए रनअप लेता है और डिलेवरी स्ट्राइड में आने से पहले देखता है कि बैटर क्रीज से ज्यादा आगे आ गया है | तब बॉलर आउट करने के इरादे से स्ट्राइकर की ओर बॉल थ्रो करता है | तो इसे डेड बॉल करार दिया जाएगा |
इन-मैच पेनल्टी नियम : जनवरी 2022 में टी20 इंटरनेशनल में लागू किया गया इन-मैच पेनल्टी नियम अब वनडे फॉर्मेट में भी अपनाया जाएगा | यह नियम 2023 में पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप सुपर लीग के खत्म होने के बाद लागू होगा | बता दें कि जब कोई फील्डिंग टीम समय पर निर्धारित ओवर खत्म नहीं करती है | तो मैच के आखिर (डेथ ओवर्स) में उस टीम को बाउंड्री पर एक फील्डर कम रखने की सजा मिलती है | वह फील्डर सर्कल के अंदर लगता है | इसे ही इन-मैच पेनल्टी नियम कहते हैं |

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नोएडा में दीवार गिरने से 4 मजदूरों की मौत, कुछ मजदूरों के घायल होने की खबर

नोएडा सेक्टर-21 के जलवायु विहार में दीवार गिरने से 4 मजदूरों की मौत हो गई है | जबकि कुछ मजदूरों के घायल होने की खबर है। घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक 9 मजदूरों जिला अस्पताल और कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा मंगलवार सुबह करीब 10 बजे के करीब हुआ | नाले की सफाई में एक दर्जन से अधिक मजदूर जुटे हुए थे। 100 मीटर से अधिक दूरी तरह पूरी दीवार गिरने से सभी मजदूर मलबे में दब गए। इस दौरान ही अचानक दीवार भरभराकर मजदूरों के ऊपर गिर गई | मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने फौरन पुलिस को सूचना दी और कुछ ही देर में पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई |

हादसे के बाद स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ रेस्क्यू में शामिल हो गए | मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया | जानकारी के मुताबिक सोसायटी की दीवार काफी पुरानी थी | ओजार लगने के बाद दीवार मजदूरों के ऊपर ही गिर गई | फिलहाल जेसीबी से मलबा हटाया दिया गया है | हादसे पर डीएम सुहास एलवाई का कहना है कि नाली का रिपेयर कार्य किया जा रहा था | नोएडा अथॉरिटी ने इसका ठेका दिया था | मजदूर काम कर रहे थे | जब दीवार से ईंट निकाली जा रही थी | तब ये हादसा हुआ | मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी | हादसे पर नोएडा अथॉरिटी की सीईओ ऋतु माहेश्वरी का कहना है कि किसी के दबे होने की जानकारी फिलहाल नहीं है | हादसा क्यों क्यों हुआ, इसकी जांच की जाएगी |

सीएम योगी ने जताया दुख

हादसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में दीवार गिरने से हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है | मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर तत्काल पहुंचकर युद्धस्तर पर राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं | सीएमओ की ओर से किए ट्वीट में कहा गया सीएम योगी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके उपचार की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं |

बारिश में दीवार गिरने से लखनऊ में हुआ था बड़ा हादसा

लखनऊ में शनिवार कैंट इलाके के दिलकुशां में सेना की आफिसर्स कालोनी गौर इंक्लेव की दीवार तीन दिन से हो रही बारिश में भरभराकर गिर गई थी। दीवार के मलबे में दबकर दो परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई। सभी मजदूरी करते थे। हादसा तड़के करीब 3 बजे हुआ था। दो घंटे तक लगातार तीनों टीमों ने राहत कार्य जारी रखा। किसी तरह मलबा हटाकर दो को जिंदा निकाला गया। हादसे में सभी मृतक झांसी और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के रहने वाले हैं।

नोएडा में दीवार गिरने से इनकी गई जान

पुष्पेंद्र पुत्र भगवान सिंह उम्र 25 वर्ष  जाति यादव निवासी ग्राम बिचोला थाना मुजरिया
पन्नालाल पुत्र झंडू उम्र 25 वर्ष  जाति यादव निवासी 89 गांव विचोला थाना मुजरिया
अमित पुत्र धनपाल उम्र 18 वर्ष जाति यादव निवासी गांव विचोला थाना मुजरिया बदायूं
धर्म वीर पुत्र रामनिवास गांव सॉन्ग थाना जरीफनगर जिला संभल

दीवाल पर कुल 12 लोग काम कर रहे थे

1.पंकज पुत्र सोमवीर सिंह निवासी ग्राम बिचोला थाना मुजरिया बदायूं

2.संजीव पुत्र भगवान सिंह निवासी ग्राम बिचोला थाना मुजरिया बदायूं

3. नन्हे पुत्र उरवान सिंह निवासी ग्राम बिचोला थाना मुजरिया बदायूं

4. विनोद पुत्र राम सिंह निवासी ग्राम बिचोला थाना मुजरिया बदायूं

5. दीपक पुत्र नरेश निवासी ग्राम बिचोला थाना मुजरिया बदायूं

6. जोगेंद्र पुत्र राजपाल निवासी बमोरी थाना सहसवान बदायूं

7. ऋषि पाल पुत्र ज्ञान सिंह निवासी गांव सॉन्ग थाना जरीफनगर संभल

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ब्रिटिश महारानी के निधन के बाद ,कोहिनूर हीरा वापस लाने की मांग फिर शुरू

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का निधन हो चुका है । ब्रिटेन से भारत का कोहिनूर हीरा वापस लाने की मांग ट्विटर पर भारतीयों ने एक बार फिर शुरू कर दी है। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद जहां ज्यादातर पश्चिमी देशों में शोक की लहर है। वहीं, अफ्रीका और भारत में ब्रिटिश राजघराने और ईस्ट इंडिया कंपनी के काले इतिहास को लेकर चर्चा जारी है। एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद सबसे ताजा बहस राजघराने के ताज को लेकर छिड़ी है |

जिसमें अफ्रीका से लेकर भारत तक के कई रत्न जड़े हैं। इनमें सबसे खास है ‘कोहिनूर’, जिसे भारत से ब्रिटेन ले जाया गया था | 105.6 कैरेट का यह हीरा ब्रिटिश सम्राट के क्राउन में 1937 से लगा हुआ है। मरते दम तक क्वीन इस क्राउन को पहनती रहीं। बताया जा रहा है कि अब इस आइकॉनिक क्राउन को क्वीन कैमिला को सौंप दिया जाएगा।

बीते एक हफ्ते में सोशल मीडिया से लेकर ऑनलाइन वेबसाइट्स में कोहिनूर को भारत वापस लौटाने की मांग उठने लगी है। 105 कैरेट का कोहिनूर हीरा दुनिया के सबसे बड़े कट डायमंड्स में से एक है। भारत में यह हीरा हजारों साल पहले पाया गया था और कई राजाओं के हाथ से होते हुए यह ब्रिटिश साम्राज्य के पास पहुंचा। मजेदार बात यह है कि कोहिनूर को लौटाने की मांग सिर्फ भारत ही नहीं करता, बल्कि पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान भी इस पर दावेदारी ठोक चुके हैं।

1846 में भारत से ब्रिटेन पहुंचा कोहिनूर

कोहिनूर हीरे की खोज 14वीं सदी में भारत की गोलकुंडा की खान में हुई थी। अलग-अलग सदियों में यह विभिन्न हाथों में पहुंचता रहा। वहीं भारत सरकार ने भी कई मौकों पर कोहिनूर हीरा लौटाने की मांग रखी है। साल 1947 में भी ऐसी मांग उठ चुकी है। हालांकि ब्रिटिश सरकार इस मांग को लगातार खारिज करती रही है। इतिहास में इस बात का जिक्र मिलता है कि यह कीमती हीरा 1849 में भारत से ब्रिटेन पहुंचा था। तब एंग्लो-सिख वॉर के बाद लाहौर के महाराज ने संधि के तहत इसे ब्रिटिश राज को सौंपा था।

भगवान जगन्नाथ का है कोहिनूर

भारत में सिर्फ सोशल मीडिया पर ही कोहिनूर को लौटाए जाने की मांग नहीं उठी है। बल्कि इसे लेकर ऑनलाइन याचिकाएं दायर हुई हैं। इसके अलावा कुछ संस्थानों ने सीधे सरकार से अपील की है कि वे कोहिनूर को लौटाने के लिए ब्रिटेन से सीधा संपर्क करे। इनमें पहला नाम आता है ओडिशा की एक सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था श्री जगन्नाथ सेना का। पुरी की इस संस्था ने दावा किया है कि कोहिनूर पर भगवान जगन्नाथ का अधिकार है। इस संस्था ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि वे कोहिनूर को पुरी के मंदिर लाने में मदद करें। इस मांग को लेकर राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है।

भारत में सरकार और राजनीति का रुख ?

ऐसा नहीं है कि कोहिनूर को भारत लाने की मांग सोशल मीडिया पर या ऑनलाइन याचिकाओं के जरिए ही उठी है। भारत सरकार भी इस ओर कई बार प्रयास कर चुकी है। भारत ने पहली बार ब्रिटेन से कोहिनूर 1947 में आजादी मिलने के बाद ही सौंपने की मांग की थी। इसके बाद सरकार की ओर से दूसरी बार 1953 में कोहिनूर लौटाने की मांग की गई। इसी साल एलिजाबेथ-II को राजगद्दी सौंपी गई थी। हालांकि, हर बार ब्रिटेन की सरकार ने भारत की मांग ठुकरा दी। साल 2000 में भारत की तरफ से एक बार फिर ब्रिटेन से कोहिनूर लौटाने की मांग की गई।

संसद के कुछ सदस्यों ने इस बार हीरे को लौटाने के लिए ब्रिटिश सरकार को चिट्ठी लिखी। हालांकि, ब्रिटिश सरकार ने साफ कर दिया कि कोहिनूर के कई दावेदार हैं। ऐसे में हीरे के सही मालिक का पता नहीं लगाया जा सकता। ब्रिटेन ने कहा कि कोहिनूर 150 साल से भी ज्यादा समय से उसके गौरव का हिस्सा है।

क्या हैं कोहिनूर न लौटाने के तर्क ?

गौरतलब है कि दिलीप सिंह ने ब्रिटिश साम्राज्य को यह हीरा पहले एंग्लो-सिख युद्ध (1846) में हार के बाद दिया था। इस युद्ध के बाद ब्रिटिश साम्राज्य ने सिख साम्राज्य के साथ लाहौर की संधि की थी। इस संधि में एक खंड में कहा गया था – कोहिनूर जिसे महाराज रणजीत सिंह ने शाह सूजा-उल-मुल्क से लिया था | उसे लाहौर के महाराज की तरफ से इंग्लैंड की महारानी को सौंपा जाना चाहिए। ब्रिटेन ने अब तक कोहिनूर न लौटाने के लिए इसी लाहौर की संधि का बहाना बनाया है। ब्रिटिश सरकार साफ कर चुकी है कि कोहिनूर का मालिकाना हक उसी का है और यह पूरी तरह वैध है।

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अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस दोबारा आर्थिक अपराध शाखा के सामने हुईं पेश

बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस एक बार फिर से आर्थिक अपराध शाखा के सामने पेश हुईं। सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और रंगदारी के मामले में दिल्ली पुलिस ने उन्हें तलब किया था। सुकेश चंद्रशेखर मनी लॉन्ड्रिंग केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं और पुलिस भी जांच में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसलिए इस मामले से जुड़े हर आरोपी से पूछताछ की जा रही है। अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज को आज एक बार फिर से आर्थिक अपराध शाखा में तलब किया गया है। बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की आज 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामलें में पूछताछ की जा रही है |

आपको बता दें, अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज सुकेश चंद्रशेखर ठगी मामलें में पूछताछ में शामिल होने के लिए दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के ऑफिस पहुंच गईं हैं | मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज अब तक कई बार ईडी के सामने पूछताछ के लिए पेश हो चुकी हैं। अब इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा द्वारा जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने की हर संभव कोशिश कर रही हैं और लगातार अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।

साजिशकर्ता नहीं बल्कि खुद पीड़ित हैं

14 सितंबर को अभिनेत्री जैकलीन और पिंकी ईरानी (जिसके माध्यम से एक्ट्रेस की मुलाकात सुकेश से हुई थी) के सामने बैठाकर पूछताछ की गई थी।ईडी द्वारा की गई पूछताछ में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस यह बात स्वीकर चुकी हैं कि सुकेश चंद्रशेखर से उन्होंने कई महंगे उपहार लिए हैं। वहीं इस केस में नोरा फतेही से भी पूछताछ की जा चुकी है। नोरा का कहना है कि वह साजिशकर्ता नहीं बल्कि खुद पीड़ित हैं। अभिनेत्री ने बताया था कि उन्हें बीएमडब्ल्यू कार की पेशकश की गई थी | लेकिन उन्होंने इसके लिए मना कर दिया था और सुकेश के आपराधिक प्रवृत्ति के बारे में पता चलने पर खुद को अलग कर लिया था।

ईडी की चार्जशीट में अभिनेत्री जैकलीन का नाम

सुकेश चंद्रशेखर अभी दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। उस पर कई हाई प्रोफाइल लोगों को ठगने का आरोप है। इसमें फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह भी शामिल हैं। 17 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय ने सुकेश से जुड़े करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में एक चार्जशीट दायर की थी जिसमें अभिनेत्री जैकलीन का का नाम आरोपी के रूप में शामिल था। ईडी के मुताबिक, अभिनेत्री जैकलीन और अभिनेत्री नोरा फतेही ने सुकेश से कैश और महंगे गिफ्ट्स लिए।

फैशन डिजाइनर लीपाक्षी के साथ भी होगी पूछताछ

आज पूछताछ के लिए अभिनेत्री जैकलीन के साथ साथ मशहूर फैशन डिजाइनर लीपाक्षी को भी समन किया गया है | हो सकता है कि आर्थिक अपराध शाखा के सामने इन दोनों से कुछ देर के लिए एक साथ पूछताछ की जाए | दरअसल सुकेश ने लीपाक्षी को अभिनेत्री जैकलीन के लिए ड्रेस डिजाइन करने के लिए पैसे दिए थे | इस वजह से अब इस फैशन डिजाइनर से भी पूछताछ की जा रही है |

डीजीपी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय महिला विशेष जांच दल ‘एसआईटी‘ का किया गठन

पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने अतिरिक्त डीजीपी गुरप्रीत देव की देखरेख में तीन सदस्यीय सभी महिला विशेष जांच दल ‘एसआईटी‘ का गठन किया | पंजाब पुलिस के डीजीपी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए ट्वीट किया, मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश पर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया गया है। इसमें सभी महिलाएं होंगी। यह एसआईटी आईपीएस अधिकारी गुरप्रीत देव की निगरानी में काम करेगी। जो चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की छात्राओं का आपत्तिजनक वीडियो लीक किए जाने के मामले की जांच करेगा।

डीजीपी ने कहा कि इस मामले में एक छात्र और दो अन्य को गिरफ्तार किया गया है। यही नहीं पंजाब के डीजीपी ने हिमाचल प्रदेश से एक शख्स की गिरफ्तारी के मामले सहयोग के लिए पड़ोसी राज्य की पुलिस को धन्यवाद दिया। डीजीपी ने कहा कि आरोपियों के पास मिलीं डिवाइसेज को बरामद कर लिया गया है और फॉरेंसिंक जांच के लिए भेजा गया है। मोहाली के चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में 60 से ज्यादा छात्राओं के नहाते वक्त वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डालने के मामले में दूसरे दिन भी छात्रों का धरना प्रदर्शन चलता रहा |

जिसके बाद पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन्हें शांत कराया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया | वहीं छात्रों का कहना है कि हम आरोपियों पर हो रही कार्रवाई पर नजर रखेंगे | अगर कार्रवाई में ढील होगी तो हम फिर से धरना प्रदर्शन करेंगे | हालांकि इसके बाद छात्रों ने धरना प्रदर्शन को विराम दिया है | वहीं कॉलेज की छुट्टी 2 दिन से बढ़ाकर 6 दिन कर दी गई है |

उच्चस्तरीय जांच के आदेश

इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां हमारी शान और सम्मान हैं। ऐसी कोई भी घटना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस अपराध को अंजाम देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

साजिश की तह तक जाएगी एसआईटी

एसआईटी साजिश की तह तक जाएगी। इसमें शामिल पाए जाने पर किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।‘ उन्होंने सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की और कहा, ‘अफवाहों के झांसे में न आएं। आइए, समाज में शांति के लिए मिलकर काम करें।‘ वहीं, हिमाचल के डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि पुलिस ने पंजाब पुलिस के अनुरोध पर तुरंत प्रतिक्रिया व्यक्त की। कुंडू ने ट्वीट किया, ‘हमने आरोपी को पकड़ लिया। शिमला के पुलिस अधीक्षक डॉ. मोनिका और उनकी टीम को शानदार काम के लिए बधाई।

डिवाइसेज को फॉरेंसिंक जांच के लिए भेजा – डीजीपी

डीजीपी ने कहा कि आरोपियों के पास मिलीं डिवाइसेज को बरामद कर लिया गया है और फॉरेंसिंक जांच के लिए भेजा गया है। एसआईटी इस केस में हुई साजिश के हर पहलू की जांच करेगी। इस मामले में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। हम सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हैं। किसी भी अफवाह में न पड़ें और मिल-जुलकर शांति एवं सद्भाव से काम करें।

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सपा नेता गौरव जैन ने प्रधानमंत्री मोदी पर नामीबिया से लाये चीतों पर की तल्क टिप्पड़ी

समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व विधानपरिषद के प्रत्याशी रहे सपा नेता गौरव जैन ने प्रधानमंत्री मोदी पर तल्क टिप्पड़ी की है | नामीबिया की राजधानी होसिया से 8 चीते लाए गए है | कूनो के पालपुर राष्ट्रीय उद्यान जो मध्य प्रदेश में 748 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। 8 चीते इसी राष्ट्रीय उद्यान में रखे गए है। इनके खाने के तौर पर चीतल हिरण, चार सींग वाला मृग, सांभर और नीलगाय के बच्चे का इंतजाम किया गया है | समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व विधानपरिषद के प्रत्याशी रहे गौरव जैन ने अपना रोष प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला किया | वही सपा नेता गौरव जैन ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नतृत्व वाली भाजपा सरकार ने बिल्ली के जैसे मिलते जुलते कुछ चीते छुड़वायें है |

उन चीतों के लिये मेरे देश के मासूम 180 हिरणों चीतलों को उनका निवाला बनाने हेतु छोड़ा गया है | हम अहिंसावादी जैन लोग इसकी कड़ी निंदा करते हैं क्या ऐसा कृत्य सिर्फ अपनी राजनीति को चमकाने के लिये किया जाना जायज है ?सपा नेता गौरव जैन ने कहा कि शिकार करना एक परंपरा हो सकती है लेकिन जान बूझकर एक जीव को दूसरे जीव का निवाला बना देना हिंसा ही कहलाएगी | आज अहिंसावादीयो के मनो से जो दुःख व चीत्कार निकल रही है वह खाली नही जाएगी |

गोमाता का नाम लेकर….

समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व विधानपरिषद के प्रत्याशी रहे सपा नेता गौरव जैन ने कहा जो भाजपा आज गोमाता का नाम लेकर सरकार बनाये बैठी है | उसने आज बीमारी के समय में एक ओर जहाँ गोमाता से मुँह मोड़ लिया है |वही एक जीव के सामने दूसरा जीव परोसा जा रहा है | जोकि बहुत दुर्भाग्य पूर्ण है व भाजपा सरकार को इसका खामियाजा आने वाले चुनावों में भुगतना पड़ेगा | जब सभी अहिंसावादी लोग एक जुट होकर वोट के सहारे सरकार के इस कुकृत्य के लिए इसे गद्दी से उखाड़ फेंकेंगे वही इन बेजुबानो को सच्ची श्रद्धांजलि होगी |

क्या इसके बाद और भी चीते भारत लाए जाने हैं ?

अभी ये चीते नामीबिया से लाए गए। दक्षिण अफ्रीका से भी चीता लाने के लिए सरकार की बात लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही यहां से भी चीते लाए जाएंगे। सरकार की योजना अगले पांच साल तक अफ्रीका के अलग-अलग देशों से चीते लाकर हिन्दुस्तान में बसाने की है।

1952 से विलुप्त घोषित हैं भारत में चीते

कुनो नेशनल पार्क में चीते को बसाने के लिए 25 गांवों के ग्रामीणों और 5 तेंदुए को अपना ‘घर’ छोड़ना पड़ा है | इन 25 में से 24 गांव के ग्रामीणों को दूसरी जगह बसाया जा चुका है | भारत में आखिरी चीता साल 1948 में छत्तीसगढ़ के कोरिया स्थित साल के जंगलों में मृत मिला था,लेकिन आधिकारिक तौर पर साल 1952 में चीते को भारत से विलुप्त घोषित किया गया था |

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मॉनसून सत्र से पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश ने विधायकों के साथ किया पैदल मार्च

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधान सभा के शुरू हो रहे मॉनसून सत्र में हिस्सा लेने के लिए पार्टी विधायकों के साथ पैदल मार्च करते हुए विधान भवन के लिए रवाना हुए। उत्तर प्रदेश में मानसून सत्र से ही हंगामा शुरू हो गया | समाजवादी पार्टी कानून व्यवस्था, महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर योगी सरकार पर हमलावर रवैया अपना रही है और सपा मुखिया अखिलेश यादव के नेतृत्व में सभी विधायक और एमएलसी पार्टी दफ्तर से विधान भवन तक पैदल मार्च निकाल रहे हैं। हालांकि पुलिस ने बैरीकेडिंग करके इसको रोक दिया है |

जिसके बाद सड़क पर ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने विधायकों के साथ धरने पर बैठ गए हैं। रास्ते में ही रोके जाने से नाराज सपाइयों ने सड़क पर ही डमी विधानसभा आयोजित कर वंदे मातरम के नारे लगाए और विधायक अरविंद गिरी के निधन पर शोक व्यक्त किया। इसके बाद धरना खत्म कर सभी सपा कार्यालय लौट गए।

मार्च के दौरान रूट बदलने से सपाई नाराज हो गए थे और पहले से तयशुदा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति मांग रहे थे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा यदि रोकना था तो कल परमिशन क्यों दी ? प्रशासन का कहना था कि जीपीओ के बजाय वीवीआईपी गेस्ट हाउस और एनेक्सी होते हुए विधानसभा जाएं। इस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व सपा विधायक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस दौरान सरकार पर हमला बोला। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी की सड़कें जर्जर हैं। जलभराव से लोग परेशान हैं। यूपी के किसानों को गन्ने की कीमत नहीं मिल रही है।

23 सितंबर तक चलेगा सत्र

यूपी विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। 23 सितंबर तक चलने वाले 18वीं विधानसभा के दूसरे सत्र को शांतिपूर्ण तरीके से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें महाना ने सभी दलों से सदन को सुचारु रुप से चलाने में मदद का अनुरोध किया, लेकिन विपक्ष ने महंगाई व कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार घेरने का एलान किया है।

चरम सीमा पर है भ्रष्टाचार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुछ हिस्सों में बाढ़ और कुछ हिस्सों में सूखा है। सरकार ने किसानों को इससे हुए नुकसान पर कोई राहत नहीं दी है। लम्पी वायरस से हजारों-हजार गायों की जान जा चुकी हैं | सरकार उन जानवरों की देखभाल के लिए भी कुछ नहीं कर पाई है। सरकार लगातार महंगाई बढ़ा रही है। जनता महंगाई में पिस गई है। कानून व्यवस्था कभी इतना बर्बाद नहीं हुआ होगा,भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।

जनता के मुद्दे पर सदन में हो बात : डिप्टी CM

सपा के मार्च को लेकर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश का मुद्दा जनता से जुड़ा नहीं है | मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी जिसे मार्च का नाम देकर विरोध प्रदर्शन कर रही है | वो जनता के हितों से जुड़ा हुआ है ही नहीं | अगर उन्हें जनता से जुड़े किसी मुद्दे पर चर्चा करनी है तो सदन में करनी चाहिए | जो कार्यवाही का हिस्सा बने | सरकार चर्चा के लिए तैयार है |

अराजकता के लिए कोई जगह नहीं

सपा के पैदल मार्च पर सीएम योगी ने कहा कि 25 करोड़ लोगों के हितों के लिए डबल इंजन की सरकार बिना भेदभाव के कार्य कर रही है। डबल इंजन की सरकार समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को शासन की योजानाओं का लाभ पहुंचा रही है। विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए भी यहां अभाव और अराजकता के लिए जगह नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि किसी भी दल और व्यक्ति को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में कहीं कोई बुराई नहीं है। अगर सपा अनुमति मांगी होगी तो जो भी सरल मार्ग होगा प्रशासन ने उनको उपलब्ध कराया होगा। मुझे लगता है कि समाजवादी पार्टी से यह उम्मीद करना कि वह किसी नियम या किसी शिष्टाचार को माने,यह केवल एक कपोल कल्पना ही कही जा सकती है।

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24 घंटे में महसूस हुए 100 झटके,भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट जारी

भूकंप की वजह से 24 घंटे में ताइवान की धरती एक बार नहीं, दस बार नहीं, 50 बार नहीं बल्कि करीब 100 बार कांपी है | ताइवान में रविवार को एक बार फिर भूकंप का झटका महसूस किया गया है। इस तरह पिछले 24 घंटों के अंदर दूसरी बार यहां पर भूकंप आया है। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.2 बताई गई है और इसने यूजिंग जिले को प्रभावित किया है। इससे पहले शनिवार को भी यहां भूकंप का जोरदार झटका महसूस किया गया। यह भूकंप 6.9 की तीव्रता से दक्षिणी पूर्वी ताइवान में आया था। इसके चलते यहां पर एक बिल्डिंग गिर गई थी और सड़कें फट गई थीं।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर नीचे था। बताया गया कि दो मंजिला इमारत के गिरने के बाद दो घायलों को निकाला गया है। भूकंप के झटकों के बाद एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग जान बचाने के लिए इमारत से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जाता है कि इसके के चलते यहां पर कई घरों को नुकसान हुआ है। इसके अलावा ट्रेन के कुछ डिब्बों के भी पलट जाने की घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक पिछले दो दिन से यहां पर लगातार भूकंप के झटके आ रहे हैं। जिसकी 7.2 तीव्रता है जो युजिंग से युजिंग से 85 किमी पूर्व में दोपहर करीब 12:14 बजे आया।

जानें क्यों आता है भूकंप ?

धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी होती हैं। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टैकटोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर कंपन करती रहती हैं और जब इस प्लेट में बहुत ज्यादा कंपन हो जाती है, तो भूकंप महसूस होता है।

जानिए भूकंप के केंद्र और तीव्रता का क्या मतलब है ?

भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से धरती हिलने लगती है। इस स्थान पर या इसके आसपास के क्षेत्रों में इसका असर ज्यादा होता है। अगर रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है।

पापुआ न्यू गिनी में भी आया था 7.6 तीव्रता का भूकंप

इसी तरह पिछले रविवार को प्रशांत महासागर में पापुआ न्यू गिनी के दूरवर्ती इलाके में 7.6 तीव्रता के भूकंप का झटका महसूस किया गया था। इससे इसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई थी। प्राधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग घायल भी हुए हैं और इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। मोरोबे प्रांतीय आपदा के निदेशक चार्ली मसांगे ने बताया कि सोने की खदान वाले वाऊ शहर में एक भूस्खलन में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि मलबा गिरने से अन्य लोग घायल हो गए।

जापान में सुनामी का अलर्ट

जापान के मौसम विज्ञान विभाग की ओर से सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। यहां नागरिकों को अंधेरा होने से पहले दक्षिणी टापू कयूशु खाली करने के लिए कहा है। रविवार को यहां भीषण तूफान आने की आशंका है। इसके कारण 20 इंच तक बारिश हो सकती है। कहा गया है कि ताइवान से जुड़े द्वीप पर सुनामी का खतरा बना हुआ है।

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जांच एजेंसी एनआईए की पीएफआई नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी

जांच एजेंसी एनआईए ने आज कई पीएफआई नेताओं के 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। विशेष टीमों ने निजामाबाद के एपीएचबी कॉलोनी इलाके में पहुंचकर शहीद चौश उर्फ ​​शाहिद के घर भी रेड डाली गयी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए ) ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई ) से जुड़े मामले में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कई जगहों पर छापेमारी की। एनआईए ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल, नेल्लोर, कडपा, गुंटूर और तेलंगाना के निजामाबाद में संदिग्धों के घर व बिजनेस परिसरों की तलाशी ली।

एजेंसी एनआईए की यह जांच आतंकवाद के स्रोतों का पता लगाने के सिलसिले में हुई। एनआईए की हैदराबाद शाखा ने 26 अगस्त को पीएफआई से जुड़ा मामला दर्ज किया था। निजामाबाद के ऑटोनगर निवासी 52 वर्षीय अब्दुल खादर समेत 26 लोगों को एनआईए की एफआईआर में आरोपी बनाया गया था। इसमें कहा गया कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रची और ये छापेमारी अभी जारी है।

पीएफआई नेताओं से लिए थे छह लाख रुपये

आधिकारिक सूत्रों ने दावा किया है कि अब्दुल खादर ने पूछताछ के दौरान कबूल किया है कि उसने कुछ पीएफआई नेताओं से छह लाख रुपये लिए और अपने घर की छत पर एक अलग हिस्से का निर्माण कराया। यहां पर कुछ युवाओं को कोचिंग क्लासेस और शारीरिक ट्रेनिंग दी जाती थी। इसके अलावा उन्हें राष्ट्र विरोधी कृत्यों के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भाषण दिए जाते थे।

26 अगस्त को एनआईए ने दर्ज किया था मामला

एनआईए की हैदराबाद शाखा ने 26 अगस्त को पीएफआई से जुड़े एक मामले में एफआईआर दर्ज की थी। निजामाबाद के ऑटोनगर निवासी 52 वर्षीय अब्दुल खादर समेत 26 लोग एनआईए की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट में आरोपी थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन लोगों ने भारत सरकार के खिलाफ आपराधिक साजिश रची। दावा किया गया है कि इसके तहत पीएफआई द्वारा आतंकवादी गतिविधियों के अंजाम देने के लिए सदस्यों की भर्ती की गई व प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया गया। इसके अलावा उन्होंने एक गैरकानूनी सभा का गठन भी किया। इससे पहले निजामाबाद पुलिस ने अब्दुल खादर और 26 व्यक्तियों के खिलाफ कुछ राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।

राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को लेकर दर्ज मामला

इससे पहले तेलंगाना के निजामाबाद पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। इसमें अब्दुल खादर, 26 व्यक्तियों और अन्य के खिलाफ राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को लेकर मामला दर्ज किया गया था। तेलंगाना पुलिस की ओर से घर की तलाशी लेने पर बांस की छड़ें, व्हाइटबोर्ड, नॉन-चक, एक पोडियम, नोटबुक, हैंडबुक और अन्य सामग्री जब्त हुई थी।

बिहार में भी हुई थी छापेमारी

पीएफआई टेरर मॉड्यूल मामले में बिहार के कई शहरों में एनआईए की छापेमारी चल रही है। एनआईए की टीम एक साथ 32 जगहों पर छापेमारी कर रही है । जिसमें पटना, दरभंगा और अररिया शामिल है । बताया जा रहा है कि ये छापेमारी फुलवारीशरीफ पीएफआई कनेक्शन मामले में हो रही है । एनआईए की टीम फुलवारीशरीफ मामले में आरोपी मोहम्मद मुस्तकीम के घर पर भी छापेमारी कर रही है ।

वो दरभंगा जिला के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव का रहने है । इसके अलावा इसी गांव के रहने वाला मोहम्मद सनाउल्लाह के घर पर भी एनआईए की छापे की कार्रवाई चल रही है । पुलिस ने पूरे गांव को घेर रखा है और आरोपियों के परिवार वालों से पूछताछ कर रही है । दरभंगा के सिंहवाड़ा थाने के शंकरपुर गांव में गुरुवार सुबह एनआईए की टीम पहुंची। यइस गांव के सनाउल्लाह और मुस्तकीम के खिलाफ पटना के फुलवारीशरीफ थाने में एफआईआर दर्ज है। मुस्तकीम घर पर नहीं है, उसके परिजन से पूछताछ की जा रही है।

दरभंगा के उर्दू मोहल्ले में भी नुरूद्दीन जंगी के घर पर पूछताछ की जा रही है। तीनों के घरों को चारों तरफ से घेर लिया गया है। किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं है।

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मदरसा सर्वे को लेकर मौलाना अरशद मदनी ने बड़ा बयान,दिक्कत वाली बात नहीं

उत्तर प्रदेश में जारी मदरसा सर्वे को लेकर देवबंद के उलेमा मौलाना अरशद मदनी ने बड़ा बयान दिया है | उन्होंने कहा कि सरकार जिन सवालों के साथ मदरसों का सर्वे करा रही है | उसमें कोई दिक्कत वाली बात नहीं है | इसलिए मामले को ठीक से समझे बिना सर्वे का विरोध करना जायज नहीं है | उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर बने मदरसे नाजायज हैं | यह मामला किसी समुदाय विशेष को टार्गेट करने का नहीं है | वह इस सर्वे का सर्वे का स्वागत करते हैं | मदनी रविवार को देवबंद में आयोजित मदरसा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे | यह सम्मेलन देवबंद के मस्जिद रशीद में 11 बजे शुरू हुआ |

सम्मेलन में दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी और जमीयत उलेमा ए हिन्द के प्रमुख अरशद मदनी मौजूद रहे | मदनी ने असम में मदरसों पर बुल्डोजर चलाए जाने से संबंधित सवाल पर कहा कि अगर मदरसा सरकारी जमीन या पंचायत या दान की जमीन पर हो और इसके कागज नहीं हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। लेकिन इस कार्रवाई के लिए कम से कम 15 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए।

मदरसों का सर्वे करना सरकार का हक़

प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अरशद मदनी ने बताया कि, ये बैठक कोई नई बात नहीं है। ऐसी बैठके साल में 2-4 बार बुलाई जाती हैं। वहीं सरकार द्वारा कराये जा रहे सर्वे को लेकर उन्होंने कह कि, मदरसों का सर्वे करना सरकार का हक़ है। अगर कोई सर्वे करने आता है तो उसकी मदद करनी चाहिए। अभी तक जहां भी सर्वे हुआ है वहां से कुछ भी नकारात्मक खबर सामने नहीं आई है। सर्वे अच्छे से हुआ है।

मैलाना अरशद मदनी ने कहा

मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मदरसे हजारों साल से मोहब्बत की तहजीब है। उन्होंने कहा कि मदरसे हमारी मजहबी जरूरतों को पूरा करने के लिए हैं। लाखों मस्जिदों के ईमाम आदि चाहिए। वो इन्हीं मदरसों से आते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने मदरसों से कहा है कि सरकार के सभी सवालों के जवाब दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मदरसों से कहा गया है कि वो हिसाब-किताब सही रखें। मदरसे की जमीन कानूनी होनी चाहिए।

मदरसों की दी सलाह

उन्होंने कहा कि मदरसा संचालकों से कहा गया है कि मदरसों में खाने पीने की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए। साफ-सफाई होनी चाहिए। अगर आपने सरकारी जमीन पर मदरसा बना रखा है तो उसे तोड़ दीजिए। अपनी जमीन पर ही मदरसा बनाइए वरना वो मदरसा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अगर ये साबित हो जाए कि मदरसा सरकार की जमीन पर है तो 15 दिन की नोटिस पर सरकार उसे तोड़ सकती है। हमें स्वीकार होगा।

सरकार पर भी साधा निशाना

अपने संबोधन में मौलाना अरशद मदनी ने सरकार पर निशाना भी साधा। कहा कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को वह अपने घर में शरण दें और अगले दिन एटीएस उसे दहशतगर्द बताकर उठा ले तो इसमें उनका क्या दोष। इसी प्रकार मदरसों को भी इस तरह के मामलों में जिम्मेदार नहीं कहा जा सकता। मदर मजहबी विषय है और यहां बच्चों को तालीम दी जाती है। ना कि किसी को दहशतगर्द बनाने की प्रेरणा दी जाती है |

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एसबीआई बैंक के कस्टमर के लिए बड़ी खुशखबरी,अब कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं

अगर आप एसबीआई बैंक के कस्टमर है और आपको अभी मोबाइल फंड ट्रांसफर पर एसएमएस शुल्क भी देना पड़ता होगा | लेकिन अब आपको इसके लिए आपको कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। क्योंकि अब भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई मोबाइल फंड ट्रांसफर पर एसएमएस शुल्क माफ करने की घोषणा कर दी है | एसबीआई ने जानकारी देते हुए बताया है कि यूएसएसडी सेवाओं का उपयोग करके ग्राहक अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आसानी से लेनदेन कर सकते हैं | इसके लिए ग्राहक को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा | यह सर्विस एसबीआई ग्राहकों के लिए बिल्कुल मुफ्त है | बता दें कि एसबीआई ने अपने ग्राहकों तक संदेश पहुंचाने के लिए ट्वीट कर कहा है कि ग्राहकों की परेशानियों को देखते हुए मोबाइल फंड ट्रांसफर पर अब एसएमएस शुल्क माफ किया जाता है. ग्राहक अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आसानी से लेनदेन कर सकते हैं।

यूएसएसडी क्या है ?

यूएसएसडी या अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डेटा का उपयोग आमतौर पर टॉक टाइम बैलेंस या खाता जानकारी की जांच करने और मोबाइल बैंकिंग लेनदेन के लिए किया जाता है। यह सर्विस फीचर फोन पर काम करती है। इस फैसले से फीचर फोन वाले ग्राहकों को फायदा होगा। बता दें कि देश के 1 अरब से अधिक मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं में से 65% से अधिक फीचर फोन वाले ग्राहक शामिल हैं।

एसबीआई ने क्या कहा ?

एसबीआई ने ट्वीट कर कहा है, “मोबाइल फंड ट्रांसफर पर अब एसएमएस शुल्क माफ! ग्राहक अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आसानी से लेनदेन कर सकते हैं।” इसमें आगे कहा गया है कि ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त लागत के सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, जिसमें पैसे भेजने, रिक्वेस्ट मनी, अकाउंट बैलेंस, मिनी स्टेटमेंट और यूपीआई पिन बदलना शामिल हैं।

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भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह एमएमएस सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

मशहूर भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का कथित एमएमएस सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है | भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेसेस में से एक हैं। अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने वाली एक्ट्रेस अक्षरा सिंह बीते कुछ दिनों से एक एमएमएस को लेकर काफी सुर्खियों में हैं। दरअसल, इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा था कि इसमें नजर आ रही लड़की भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह हैं। हालांकि, अब इस पूरे मामले पर एक्ट्रेस ने पहले ही अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस वीडियो को फेक बताया था। इसी बीच अब सोशल मीडिया पर अक्षरा का एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देख हर कोई हैरान है। दरअसल एमएमएस की खबरों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर अक्षरा का एक रोता हुआ वीडियो भी शेयर किया गया है।

इस वीडियो को लेकर ये कहा जा रहा है कि वो एमएमएस लीक होने के बाद परेशान होकर रो रही हैं। लेकिन ये सभी खबरें पूरी तरह गलत है। एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का कोई भी प्राइवेट वीडियो लीक नहीं हुआ है। बता दें एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का रोने वाला वीडियो दो साल पुराना है। यूट्यूब पर मोज म्यूजिक भोजपुरी नामक एक चैनल पर एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का एमएमएस वीडियो वायरल हुआ है। इतना ही नहीं वह इस वीडियो में वह फिल्म इंडस्ट्री पर नाराज होती भी नजर आ रही हैं। सामने आए इस वीडियो में अक्षरा अपने आंसुओं को पोंछते हुए इंडस्ट्री और कुछ लोगों पर भड़ास निकालती दिख रही हैं।

मुझे पसंद करते हैं, वो पसंद करेंगे ही

वह कहती हैं, ‘तंग करके रखा है। जो लोग मुझे पसंद करते हैं, वो पसंद करेंगे ही। चाहे मैं जहां पर भी जाऊं, जहां भी काम करूं।’आप नहीं रख रोक सकते। आप बहुत बड़ा नाम हैं तो आप अपना काम कीजिए। चेहरे पर नकली मुखौटा लगाकर क्यों घूम रहे हैं। हकीकत में रहिए फेक मत रहो। सिर्फ हमारी इंडस्ट्री में ही ये सब क्यों होता है। दूसरी इंडस्ट्री भी तो है। पंजाबी, साउथ से लेकर बॉलीवुड समेत कई तरह का सिनेमा है। मगर ये गंदगी सिर्फ भोजपुरी इंडस्ट्री में ही क्यों है।

चीपनेस क्यों…..

इतनी चीपनेस क्यों है। सब एक दूसरे के पीछे पड़े हैं। इसको ब्लॉक करते हैं उसको ब्लॉक। उसका गाना आगे नहीं आना चाहिए। कोई दूसरा एक्टर कहीं ज्यादा आगे न निकल जाए। आखिर ये सब क्यों ? इस वीडियो को कट पेस्ट करते हुए कुछ लोगों ने इस फेक एमएमएस वाली खबर को हवा दी है | वीडियो की जांच के बाद अक्षरा सिंह का ये वीडियो फेक साबित हुआ | अक्षरा सिंह ने दो साल पहले भोजपुरी इंडस्ट्री में चले रहे विवादों पर अपनी आवाज़ उठाई थी |

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यूनिवर्सिटी की छात्राओं का नहाते हुए वीडियो वायरल,मचा हड़कंप

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में 60 छात्राओं का नहाते वक्त वीडियो बनाकर शिमला में बैठे अपने दोस्त को वीडियो भेजा | शिमला के उस युवक ने ये वीडियो इंटरनेट पर डालकर वायरल कर दिए। जिसके बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। ये वीडियो वायरल होने के बाद हॉस्टल की छात्राओं में से 8 लड़कियां आत्महत्या की कोशिश कर चुकी हैं। इनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने आरोपी छात्रा को हिरासत में ले लिया है और इस केस को साइबर क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। लड़की को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में लड़कियों के बाथरूम के अंदर से वीडियो बनाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।

इस मामले के सामने आने के बाद चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में छात्राओं ने जबरदस्त हंगामा किया है और यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की है। सूत्रों ने बताया कि आरोपी छात्रा काफी समय से नहाते वक्त लड़कियों के वीडियो बनाती थी। इस बारे में जब हॉस्टल की लड़कियों को पता लगा तो उन्होंने मैनेजमेंट से इसकी शिकायत की। छात्राओं का आरोप है कि मैनेजमेंट ने मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि मैनेजमेंट ने उनपर दबाव डाला कि वे यह बात किसी को ना बताएं। आरोपी छात्रा से मौके पर से पूछताछ की गई ।

इस दौरान आरोपी छात्रा ने माना कि वह अपने दोस्त को वीडियो भेजती थी। वह अपने दोस्त के कहने पर ही सारी कार्रवाई को अंजाम देती थी। सूत्रों की माने तो जब छात्राओं को पता चला कि उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं | तो उनके होश उड़ गए। इस दौरान वीडियो देखकर एक छात्रा को तो दिल का दौरा पड़ गया।

जमकर हंगामा किया

छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। मजबूरी में यूनिवर्सिटी के गेट तक बंद करने पड़े। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। यूनिवर्सिटी में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल से छात्र यहाँ पढ़ने के लिए आते हैं। आरोपी छात्रा एमबीए फर्स्ट ईयर में पढ़ती है। एक छात्रा को हार्ट अटैक आया है बाकी कुछ छात्राओं को डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

छात्रों ने पलटी पुलिस की गाड़ी

मामले की जानकारी छात्र संगठनों को हुई तो वे भड़क गए। शनिवार देर रात स्टूडेंट्स ने विश्वविद्यालय को घेर लिया और वी वॉन्ट जस्टिस जैसे नारे लगाए। इस दौरान हालात इतने खराब हो गए कि पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। भड़के स्टूडेंट्स ने पुलिस की गाड़ी भी पलट दी। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर पुलिस तक चुप्पी साधे हुए है।

पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष और SSP का बयान

पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी का इस मामले को लेकर बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रा ने आत्महत्या की कोशिश नहीं की है। ये अफवाह है। आरोपी छात्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं यूनिवर्सिटी के अंदर छात्राओं के द्वारा आत्महत्या के प्रयास के मामलों पर एसएसपी ने कहा कि ऐसा कोई मामला भी हमारे संज्ञान में नहीं आया है। वहीं वायरल वीडियो मामले में आईपीसी की धारा 354c और आईटी एक्ट 66आ और 67a के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

केजरीवाल बोले – न्याय मिलेगा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में एक छात्रा ने कई छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करके वायरल किए हैं। ये बेहद संगीन और शर्मनाक है। इसमें शामिल सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। पीड़ित बेटियां हिम्मत रखें। हम सब आपके साथ हैं। सभी संयम से काम लें। पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री एचएस बैंस ने विश्वविद्यालय के छात्रों से शांत रहने की अपील की है और उन्हें आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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सालो का इंतजार हुआ ख़त्म,आखिरकार विशेष विमान से भारत पहुंचे चीते

भारत में चीतों का सालो का इंतजार खत्म हो चुका है। करीब 11 घंटे का सफर करने के बाद चीते भारत पहुंच चुके हैं। पांच मादा और तीन नर चीतों को लेकर विमान ने नामीबिया की राजधानी होसिया से उड़ान भरी। नामीबिया से आठ चीतों को लेकर विशेष विमान ग्वालियर एयरपोर्ट पहुंचा। यहां से चीतों को सेना के चिनूक हेलिकॉप्टर के जरिए मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंच गए हैं। अपने जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्हें पार्क में बने विशेष बाड़े में छोड़ेंगे।

मॉडिफाइड बोइंग 747 विमान से लाए गए इन चीतों में रेडियो कॉलर लगे हुए हैं। कूनो का ये पालपुर राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश में स्थित है। जो कि 748 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसी राष्ट्रीय उद्यान में यह चीते रहेंगे। लेकिन देश में सैकड़ों जंगल और राष्ट्रीय उद्यान होने के बावजूद भी इन चीतों को यहीं क्यों रखा जा रहा है ? नामीबिया से लाए जा रहे 8 चीतों को यहां रखे जाने का सबसे पहला कारण तो इनके लिए यहां का मौसम अनुकूल होना है। कूनो का मौसम और वातावरण काफी हद तक नामीबिया के जंगलों जैसा ही बताया जा रहा है।

इसके अलावा इन चीतों को यहां रखने का दूसरा बड़ा कारण यह है कि इसके आसपास कोई बस्ती नहीं है। यह वन क्षेत्र छत्तीसगढ़ के कोरिया के साल जंगलों के बहुत करीब है। इन्हीं जंगलों में लगभग 70 साल पहले एशियाई मूल के चीते अंतिम बार दिखे थे।

सर्वेक्षण में सबसे उत्तम स्थान साबित हुआ कूनो

इसके अलावा वर्ष 2010 और 2012 के बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में दस जगहों का सर्वेक्षण किया गया था। बाद में यह पाया गया कि कूनो चीतों को रखने के लिए सबसे उपयुक्त जगह है। भारतीय वन्यजीव संस्थान और भारतीय वन्यजीव ट्रस्ट (डब्ल्यूटीआई) ने जलवायु और आबादी सहित अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह सर्वे किया और कूनो को सबसे उपयुक्त जगह करार दिया।

पार्क से 24 गांवों को बाहर निकाल दिया गया 

चीतों के लिए वैसे तो मनुष्यों के साथ संघर्ष की संभावना कम होती है | वे मनुष्यों का शिकार नहीं करते हैं। वे बड़े पशुओं पर भी हमला नहीं करते हैं। उच्च जनसंख्या घनत्व और खुले घास के मैदान भारत में जानवरों के लिए खतरा पैदा करते हैं। कूनो शायद देश के कुछ वन्यजीव स्थलों में से एक है, जहां सालों पहले पार्क के अंदर से लगभग 24 गांवों और उनके पालतू पशुओं को पूरी तरह से बाहर निकाल दिया गया था।

चीतों के शिकार की स्पेशल व्यवस्था

वन विभाग ने चीतों के शिकार की स्पेशल व्यवस्था की है। इनके बाड़े में चीतल हिरण, चार सींग वाला मृग, सांभर और नीलगाय के बच्चे को छोड़ा गया है। वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘चीता दो से तीन दिन में एक बार खाता है। इसलिए कुनो पहुंचने के बाद वे शनिवार या रविवार को शिकार कर सकते हैं।

कोरिया रिसासत के महाराज ने किया आखिरी चीते का शिकार

1947 में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में आखिरी चीते को मार दिया गया था। महाराजा रामानुज प्रताप ने गांव वालों की गुहार पर तीन चीतों को मार दिया था। इसके बाद भारत में चीतों को नहीं देखा गया। जानकारी के अनुसार महाराज रामानुज प्रताप सिंहदेव शिकार के बेहद शौकीन थे।

लगातार निगरानी में रहेंगे चीता

सभी चीतों की एक महीने तक निगरानी की जाएगी। इन्हें सैटेलाइट रेडियो कॉलर पहनाया गया है ताकि इनकी लोकेशन मिलती रहे। प्रत्येक चीते की निगरानी के लिए एक व्यक्ति की नियुक्ति की गई है जो इनकी गतिविधियों और अपडेट की जानकारी देगा।

चीतों के साथ भारत पहुंचे वन्यजीव विशेषज्ञ

चीतों के साथ क्रू, वन्यजीव विशेषज्ञ, डॉक्टर्स, वैज्ञानिक, नामीबिया में भारत के हाई कमिश्नर भी मध्य प्रदेश पहुंचे हैं। इसके अलावा चीता एक्सपर्ट लॉरी मार्कर अपने तीन बायोलॉजिस्ट के साथ मौजूद हैं।

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विधायक अमानतुल्लाह से पूछताछ के बीच एसीबी की छापेमारी

आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अमानतुल्लाह खान से पूछताछ के बीच एसीबी राजधानी में छापेमारी कर रही है। अमानतुल्लाह खान के घर समेत 5 ठिकानों पर छापेमारी की गई है। सूत्रों के मुताबिक, छापे के दौरान एक ठिकाने से लाखों रुपए कैश और गैर लाइसेंसी हथियार बरामद किया गया है। दिल्ली वक्फ बोर्ड से जुड़े दो साल पुराने केस में अमानतुल्लाह को जांच के लिए बुलाया गया था। उन्हें दोपहर 12 बजे पूछताछ के लिए तलब किया गया था। इस दौरान 5 ठिकानों पर छापेमारी की गई। अमानतुल्लाह खान के बिजनेस पार्टनर हामिद अली के घर से विदेशी पिस्टल मिली है | जिसका लाइसेंस नहीं है |12 लाख रुपए कैश मिलने की बात भी सामने आई है। जामिया, ओखला और गफूर नगर इलाकों में छापेमारी की गई है।

अधिकारियों के अनुसार विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ एसीबी में एफआईआर दर्ज है। विधायक अमानतुल्लाह खान पर आरोप है कि उन्होंने वक्फ बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए 32 लोगों की गैरकानूनी रूप से भर्ती की थी। इसके अलावा उन्होंने वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी को गैर-कानूनी तरीके से किराए पर दिया।

बोर्ड के खाते से हेरा-फेरी का आरोप

अमानतुल्लाह खान पर ये भी आरोप है कि उन्होंने बोर्ड के खाते से हेरा-फेरी कर पैसे निकाले। एसीबी के अधिकारियों के अनुसार एसीबी के पास विधायक खान के खिलाफ गवाह व सबूत हैं। एसीबी ने पहले गवाहों से पूछताछ की थी। गवाहों से पूछताछ के बाद ही अमानतुल्लाह खान को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अमानतुल्लाह खान ने ट्विटर पर नोटिस की एक कॉपी साझा करते हुए लिखा अमानतुल्लाह खान ने लिखा कि वक्फ बोर्ड का नया दफ्तर बनवाया है | हमें एसीबी ने बुलाया है…चलो फिर बुलावा आया है !

अमानतुल्लाह खान ने ट्वीट के साथ वक्फ बोर्ड कार्यालय की तस्वीरें भी शेयर की हैं। आप विधायक के खिलाफ एसीबी की रेड ऐसे समय पर हुई है | जब दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कथित शराब घोटाले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी उनके घर और बैंक लॉकर की तलाशी ले चुकी है। आप सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन तीन महीने से अधिक समय से जेल में बंद हैं। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट में मुकदमा दर्ज है।

एसीबी कर रही है जांच

अमानतुल्ला खान पर वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी अवैध तरीके से किराए पर देने का आरोप भी है। इस संबंध में ACB ने जनवरी 2020 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। एसीबी दिल्ली वक्फ बोर्ड की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।

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गल गए 42 लाख के नोट,पीएनबी बैंक अधिकारियो ने नहीं लगने दी भनक

कानपुर में पंजाब नेशनल बैंक की पांडु नगर शाखा की करेंसी चेस्ट में रखे 42 लाख रुपये सीलन से गल गए | उत्तर प्रदेश में पीएनबी बैंक के एक शाखा की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। पीएनबी बैंक के आला अधिकारियों ने किसी को इस मामले की भनक तक नहीं लगने दी | लेकिन जुलाई के अंत में आरबीआई ने जब करेंसी चेस्ट का ऑडिट किया, तो मामला सामने आ गया। ऑडिट में यह रकम इतनी बड़ी नहीं थी। बाद में गिनती कराई गई तो 42 लाख रुपये की करेंसी नोट के सीलन से गलने का खुलासा हुआ। इस मामले में पीएनबी बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक करेंसी चेस्ट देवी शंकर सहित 4 अफसरों को सस्पेंड किया गया है। इनमें से तीन अफसर हाल में तबादला होकर यहां आए थे।

पीएनबी बैंक अफसर इस बाबत कुछ बोलने से बच रहे हैं लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट में नोट सड़ने का खुलासा कर दिया गया है। आरबीआई के अफसरों ने 25 जुलाई से 29 जुलाई 2022 तक शाखा की करेंसी चेस्ट का निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने 14,74,500 रुपये कम होने तथा अधिकतम और न्यूनतम रकम में 10 लाख का अंतर होने की रिपोर्ट दी थी। सूत्रों के अनुसार, इसके बाद हफ्तों नोटों की गिनती कराई गई। इसमें पता चला कि 42 लाख रुपये के नोट गल गए हैं। मामले में देवी शंकर, वरिष्ठ प्रबंधक करेंसी चेस्ट को सस्पेंड किया गया है। वे तबादला होकर 25 जुलाई को ही आए थे जबकि चेस्ट में रुपये के गलने की घटना इसके पहले की है। इसके अलावा तीन अन्य अफसर भी सस्पेंड किए गए।

पीएनबी बैंक का चार्ज संभाला

इनमें से भी दो ने इसी साल जून और जुलाई में पीएनबी बैंक का चार्ज संभाला था। इनमें छह जून 2022 को रिपोर्ट करने वाले प्रबंधक करेंसी चेस्ट आशा राम और जून 2022 में करेंसी चेस्ट जवाहर नगर, उन्नाव से स्थानांतरित होकर आए वरिष्ठ प्रबंधक भास्कर कुमार शामिल हैं। राकेश कुमार, अधिकारी करेंसी चेस्ट ने ही 16 जुलाई 2020 को यहां आए थे। यह बताना भी जरूरी है कि निलंबन से पहले देवी शंकर का जवाहर नगर उन्नाव, आशा राम को गांधी नगर कानपुर, राकेश कुमार को शाखा पौथिया और भास्कर कुमार भार्गव को उन्नाव स्थानांतरण किया गया था।

आरबीआई की रिपोर्ट हुआ खुलासा

आरबीआई के अफसरों ने 25 जुलाई से 29 जुलाई 2022 तक पीएनबी बैंक शाखा की करेंसी चेस्ट की चेकिंग की थी। इसके बाद उन्होंने 14,74,500 रुपये कम होने और अधिकतम और न्यूनतम रकम में 10 लाख का अंतर होने की रिपोर्ट दी थी। साथ ही 10 रुपये के 79 बंडल और 20 रुपये के 49 बंडल खराब होने की जानकारी दी थी। सूत्रों के अनुसार, हफ्तों बाद नोटों की गिनती कराई गई। इसमें पता चला कि 42 लाख रुपये के नोट गल गए हैं। मामले में देवी शंकर, वरिष्ठ प्रबंधक करेंसी चेस्ट को सस्पेंड किया गया है। वे तबादला होकर 25 जुलाई को ही आए थे जबकि चेस्ट में रुपये के गलने की घटना इसके पहले की है। सूत्रों के मुताबिक, इसके अलावा तीन अन्य अफसर भी सस्पेंड किए गए। इनमें से भी 2 ने इसी साल जून और जुलाई में बैंक में चार्ज संभाला था।

क्षमता से दोगुनी ज्यादा रकम भरी गई

पांडुनगर में पीएनबी बैंक की शाखा में ही मुख्य करेंसी चेस्ट है। बैंक सूत्रों के मुताबिक चेस्ट में क्षमता से दोगुनी ज्यादा रकम भरी है। इस वजह से कैश रखने के निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया गया। करीब तीन महीने पहले फर्श में रखे बॉक्स में पानी चला गया और सीलन की वजह से नीचे रखे नोट सड़ गए। आरबीआई ने हाल में इस चेस्ट का निरीक्षण किया तो नोट सड़े मिले। तभी से सड़ गए नोटों की वास्तविक संख्या जानने के लिए जांच चल रही थी। शुरुआती गिनती में बैंक को मामला दो-चार लाख का ही लगा लेकिन गिनती खत्म होते-होते यह रकम 42 लाख तक पहुंच गई।

पीएनबी बैंक में इसलिए सड़ गए नोट

करेंसी चेस्ट में नोटों को बक्सों में ही भरकर जगह-जगह रख दिया गया। पीएनबी बैंक में बड़ी तिजोरी में नोट नहीं रखे गए। पांडु नगर चेस्ट करेंसी अंडरग्राउंड है। यहां पर कंक्रीट से दीवार बनी है। सूत्रों ने बताया कि नया कैश आता रहा होगा और पुराने बक्से पीछे खिसकाए जाते रहे। ज्यादा समय हो जाने और जगह-जगह नमी होने की वजह से 42 लाख के नोट गल गए।

क्लीन करेंसी पर उठे सवाल

जानकारों के मुताबिक यदि नोट खराब होते हैं तो आरबीआई के नियमों के मुताबिक उन्हें नष्ट किया जाता है और नई करेंसी जारी की जाती है। इस मामले में हर नियम की अनदेखी की गई। नोटों के बक्सों को जमीन पर रखा गया। क्षमता से ज्यादा नोटों के बक्से रखे गए। नोट सड़ने से यह संकेत मिलते हैं कि चेस्ट में नोटों की नियमित गिनती नहीं होती है।

वरिष्ठ अधिकारी संदेह के घेरे में

करेंसी चेस्ट के निरीक्षण के लिए आरबीआई ने नियम तय किए हैं। पीएनबी बैंक के चेस्ट शाखा चीफ मैनेजर को महीने में एक बार करेंसी चेस्ट का निरीक्षण करना अनिवार्य है। बैंक कर्मी सवाल उठा रहे हैं कि तत्कालीन चीफ मैनेजर सर्वेश सिंह पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई ? इसी तरह पीएनबी बैंक के सर्किल हेड की भी जिम्मेदारी है कि वह चेस्ट का तिमाही या छमाही निरीक्षण करें। उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरबीआई की करेंसी चेस्ट ऑडिट रिपोर्ट में 18 वें बिंदु पर नोट सड़ने और उनके अगणनीय होने का जिक्र किया गया है।

read more :विशेष प्रदर्शनी मैच इंडिया महाराजा और वर्ल्ड जायंट्स के बीच

विशेष प्रदर्शनी मैच इंडिया महाराजा और वर्ल्ड जायंट्स के बीच

लीजेंड्स लीग क्रिकेट का दूसरा संस्करण कोलकाता के ईडन गार्डेंस स्टेडियम में विशेष प्रदर्शनी मैच के साथ शुक्रवार से शुरू होगा। देश इस साल आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष में यह खास मैच इंडिया महाराजा और वर्ल्ड जायंट्स के बीच खेला जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित लीग के लिए बीते जमाने के क्रिकेट के सितारे गुरुवार को सिटी ऑफ जॉय नाम से मशहूर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंच गए।

इंडिया महाराजा का नेतृत्व बीते जमाने के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग करेंगे जबकि वर्ल्ड जायंट्स की कमान दक्षिण अफ्रीका के पूर्व आलराउंडर जैक कैलिस संभालेंगे। इंडिया महाराजा और टीम वर्ल्ड जायंट्स के बीच एक विशेष लाभार्थ मैच 16 सितंबर को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेला जाएगा और इसी के साथ भारत में लीजेंड्स लीग क्रिकेट के दूसरे सीजन का आगाज होगा। पहले इंडिया महाराजा की अगुआई टीम इंडिया के पूर्व कप्तान व मौजूदा बीसीसीआइ अध्यक्ष सौरव गांगुली और वर्ल्ड जायंट्स का नेतृत्व इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयान मोर्गन करने वाले थे

लेकिन व्यक्तिगत कारण से वे हट गए थे। प्रदर्शनी मैच में इंडिया महाराजा की तरफ से मोहम्मद कैफ, यूसुफ पठान, पार्थिव पटेल, इरफान पठान, अजय जडेजा, आरपी सिंह सरीखे खिलाड़ी खेलेंगे, जबकि वर्ल्ड जायंट्स की तरफ से हर्शल गिब्स, सनथ जयसूर्या, जोंटी रोड्स, मुथैया मुरलीधरन, ब्रेट ली जैसे मशहूर अंततराष्ट्रीय क्रिकेटर शिरकत करेंगे।

दोनों टीमों के स्क्वॉड

इंडिया महाराजा : वीरेंद्र सहवाग (कप्तान) ,मोहम्मद कैफ, युसुफ पठान, सुब्रमण्यम बद्रीनाथ, पार्थिव पटेल (विकेटकीपर), स्टुअर्ट बिन्नी, नमन ओझा (विकेटकीपर), अजय जडेजा, जोगिंदर शर्मा, इरफान पठान, रितेंदर सिंह सोढ़ी, एस. श्रीसंत, हरभजन सिंह, अशोक डिंडा, प्रज्ञान ओझा और आरपी सिंह।

वर्ल्ड जायंट्स : जैक कैलिस (कप्तान), लेंडल सिमंस, हर्शल गिब्स, सनथ जयसूर्या, दिनेश रामदीन (विकेटकीपर), मैट प्रायर (विकेटकीपर), नाथन मैकुल्लम, केविन ओ’ब्रायन, जोंटी रोड्स, मुथैया मुरलीधरन, डेल स्टेन, हैमिल्टन मसाकाद्जा, मशरफे मुर्तजा, असगर अफगान, मिचेल जॉनसन और ब्रेट ली।

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भारी बारिश के मद्देनज़र जिला प्रशासन अलर्ट मोड,12वी तक स्कूलो में अवकाश आज 

लखनऊ में रात से लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इसी बीच यूपी, जहां अब तक बारिश की दरकार महसूस की जा रही थी | वहां कई जगह भारी बारिश से हाल बेहाल हो गए हैं। कुछ जगह बारिश से जमीन का जलस्तर बढ़ा, नदियों और तालाबों में पानी आया। वहीं यूपी की राजधानी में भारी बारिश से हालात इतने खराब हो गए हैं कि कलेक्‍ट्रेट से लेकर वीआईपी सड़कों तक पर पानी भर गया है। जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार ने शुक्रवार 16 सितंबर को लखनऊ के सारे स्‍कूल बंद रखने का आदेश दिया है।

जिला प्रशासन ने शुक्रवार तड़के जारी आदेश के अनुसार, कक्षा 12वी तक के सभी सरकारी, अर्द्ध-सरकारी तथा प्राइवेट स्कूलो में अवकाश रखने का निर्देश जारी किया गया है। लखनऊ जिला प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह आदेश शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के स्कूलों के लिए है। सभी स्कूल प्रबंधनों को आदेश प्रेषित कर दिया गया है, जिससे वे विद्यार्थियों के अभिभावकों को समय पर सूचित कर सकें। डीएम सूर्यपाल गंगवार ने लोगों को भीड़ वाली जगहों पर ना जाने की सलाह दी है। एडवाइजरी के साथ ही किसी विषम परिस्थिति में मदद पाने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। इमरजेंसी सेवाओं के दफ्तर रहेंगे |

डीएम सूर्यपाल गंगवार का निर्देश है कि सभी सरकारी तथा इमरजेंसी सर्विसेस के कार्यालय खुले रहेंगे। प्राइवेट कार्यालयों के कार्यालय अध्यक्ष और सक्षम अधिकारियों को अपने स्तर से अवकाश घोषित करने के सम्बन्ध मे निर्णय लेने के लिए कहा गया है।

यूपी के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

इसी बीच राजधानी लखनऊ समेत यूपी के कई जिलों में बारिश के आसार जताए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर रोड, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, बरेली, पीलीभीत, बदायूं और जालौन में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हरदोई, फरुर्खाबाद, कन्नौज, कासगंज, एटा, मैनपुरी, शहजहांपुर और आसपास के जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन की एडवाइजरी –

1) 17 सितम्बर तक भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गयी है, ऐसे में सभी लोग पूरी सावधानी बरतें। पुराने जर्जर भवनों       से सावधान रहें। अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकले।

2)  भीड़ भाड़ वाले व ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों में जाने से बचे।

3)  खुले सीवर, बिजली के तार व खम्भों से बच कर रहें।

4)  किसी भी सिविक समस्या यथा जल भराव, पेड़ गिरने पर कंट्रोल रूम में सूचना दें।

नगर निगम कंट्रोल रूम नम्बर

   9151055671
   9151055672
   9151055673

   Toll free  1533

–  बिजली न आ रही हो तो हेल्पलाइन नम्बर 1912 पर कॉल करें।

–  पीने के पानी को उबाल कर पियें, नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से ब्लीचिंग पाउडर एवं क्लोरीन की गोलियां प्राप्त कर लें।

–  किसी भी चिकित्सीय आपातकाल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, लखनऊ कंट्रोल रूम 0522 2622080 पर सम्पर्क       करें।

–  अन्य किसी समस्या पर इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमाण्ड सेंटर के नम्बर
0522 4523000 पर समस्या दर्ज कराए।

–   समस्त राजकीय चिकित्सालय, PHC & CHC. सभी अस्पताल हाई अलर्ट पर रहें। ट्रामा मैनेजमेंट, सर्पदंश, बिजली       के झटके एवं जल जनित रोगों के उपचार की व्यवस्था अपने चिकित्सालयों पर सुनिश्चित कर लें। आकस्मिक सेवाओं में      तैनात अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित रहें। औषधियों इत्यादि की व्यवस्था, रोगी वाहन की व्यवस्था भी         सुनिश्चित कर ली जाए।

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