Monday, April 6, 2026
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खालिस्तानी हरदीप ने दिया था आतंकी हमले का आदेश, हुए हैरान कर देने वाले खुलासे

कनाडा में मारा गया खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर भारत में आतंकी हमला कराना चाहता था। उसने अपने आतंकी नेटवर्क को भारत में हमले का आदेश भी दिया था। सूत्र बताते हैं कि भारत सरकार द्वारा हरदीप सिंह निज्जर पर तैयार किए गए डोजियर के अनुसार वर्ष 2014 में उसने कथित तौर पर हरियाणा के सिरसा में डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय पर आतंकी हमले को अंजाम देने की योजना बनाई थी। मगर इसके लिए वह भारत नहीं पहुंच सका। खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर को भारत ने आतंकवादी घोषित किया था। वह कनाडा में रह रहा था। डोजियर में कई अन्य चौंकाने वाले खुलासे भी किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार डोजियर में कहा गया है कि उसके संबंध पाकिस्तानी आतंकियों से भी थे।

हरदीप सिंह निज्जर कथित तौर पर 1980 के दशक से अपराध में शामिल था। डोजियर के अनुसार निज्जर 1996 में जाली पासपोर्ट पर कनाडा भाग गया था और वहां एक ट्रक ड्राइवर के रूप में अपनी कम प्रोफ़ाइल रखता था। वह हथियारों और विस्फोटकों के प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान गया। कनाडा में शरण लेने के दौरान उसने कथित तौर पर पंजाब में कई हत्याओं और हमलों का भी आदेश दिया था।

90 के दशक में खालिस्तानी कमांडो फोर्स से जुड़ा

डोजियर के अनुसार मारा गया आतंकी हरदीप सिंह निज्जर वर्ष 1980 और 90 के दशक में खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) के आतंकवादियों से जुड़ गया। आतंकवाद के कई मामलों में नाम आने के बाद निज्जर 1996 में भारत छोड़कर कनाडा भाग गया। बाद में 2012 से वह खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) प्रमुख जगतार सिंह तारा का बेहद करीबी हो गया था। पाकिस्तान स्थित केटीएफ प्रमुख जगतार सिंह तारा के साथ मिलकर वह भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों में शामिल रहा। डोजियर में कहा गया है कि उसने अप्रैल 2012 में बैसाखी जत्था सदस्य के भेष में पाकिस्तान का दौरा किया और वहां एक पखवाड़े तक हथियार और विस्फोटक का प्रशिक्षण लिया।

आतंकी हमले के लिए कनाडा में खड़ा किया गिरोह

कनाडा लौटने के बाद उसने कथित तौर पर कनाडा में ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में लगे अपने सहयोगियों के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन की व्यवस्था करना शुरू कर दिया। निज्जर ने पंजाब में आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए जगतार सिंह तारा के साथ योजना बनाई और कनाडा में एक गिरोह खड़ा किया, जिसमें मनदीप सिंह धालीवाल, सरबजीत सिंह, अनुपवीर सिंह और दर्शन सिंह उर्फ ​​फौजी शामिल थे। डॉजियर का दावा है कि उसने ब्रिटिश कोलंबिया में 2015 में हथियारों का प्रशिक्षण प्राप्त किया था।

इससे पहले वर्ष 2014 में, निज्जर ने कथित तौर पर हरियाणा के सिरसा में डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय पर एक आतंकी हमले को अंजाम देने की योजना बनाई थी, लेकिन वह भारत नहीं पहुंच सका, इसलिए उसने अपने मॉड्यूल निशांत शर्मा, और बाबा मान सिंह पिहोवा वाले को पंजाब स्थित शिव सेना नेता पूर्व डीजीपी मोहम्मद इज़हार आलम को निशाना बनाने का निर्देश दिया। डोजियर में कहा गया है कि निज्जर ने पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए मोगा के गैंगस्टर अर्शदीप सिंह गिल उर्फ ​​अर्श डाला के साथ भी काम किया।

छुपकर आतंकी गतिविधियों को दे रहा था अंजाम

आतंकी हरदीप सिंह निज्जर कनाडा मे छुपकर आतंकी और हत्या की गतिविधियों को अंजाम देने में जुटा था। पर अर्शदीप को 2020 में ‘पंथ विरोधी गतिविधियों’ के आरोपी पिता-पुत्र मनोहर लाल अरोड़ा और जतिंदरबीर सिंह अरोड़ा की दोहरी हत्या को अंजाम देने का काम सौंपा था। हमले में, मनोहर लाल की उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 20 नवंबर 2020 को बठिंडा, लेकिन उनका बेटा भाग निकला।

डोजियर में कहा गया है कि निज्जर ने उनकी हत्या के लिए कनाडा से पैसे भेजे थे। 2021 में, निज्जर ने कथित तौर पर अर्शदीप को भार सिंह पुरा गांव (निज्जर का मूल स्थान) के पुजारी की हत्या करने के लिए कहा। हालाँकि, पुजारी बच गया। इस तरह निज्जर ने कथित तौर पर कनाडा में पर्दे के पीछे से पंजाब में आतंक का एक मुख्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाया। 18 जून को कनाडा के सरे, ब्रिटिश कोलंबिया में पार्किंग क्षेत्र में एक गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आज अपने विस्फोटक आरोप को दोगुना कर दिया कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे “भारत सरकार के एजेंट” थे, उन्होंने दावा किया कि “विश्वसनीय सुबूत” हफ्तों पहले भारत के साथ साझा किए गए थे।

read more : एआईएडीएमके नेता डी जयकुमार का ऐलान – भाजपा से कोई गठबंधन नहीं

एआईएडीएमके नेता डी जयकुमार का ऐलान – भाजपा से कोई गठबंधन नहीं

अन्नाद्रमुक नेता डी जयकुमार ने बड़ा ऐलान किया है। डी जयकुमार ने कहा है कि बीजेपी एआईएडीएमके (AIADMK) के साथ गठबंधन में नहीं है और गठबंधन के बारे में हम चुनाव के दौरान ही कोई फैसला करेंगे। डी जयकुमार ने कहा कि यह मेरा निजी विचार नहीं है, यह हमारी पार्टी का स्पष्ट रुख है। बीजेपी कैडर एआईएडीएमके के साथ गठबंधन चाहते हैं लेकिन अन्नामलाई (टीएन बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई) भाजपा से किसी तरह का कोई गठबंधन नहीं चाहते हैं। उन्होंने अन्नामलाई पर बड़ा आरोप लगाया और कहा कि वह हमेशा हमारे नेताओं की आलोचना करते हैं।’ वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए अयोग्य हैं।

अपने नेताओं की लगातार आलोचना स्वीकार नहीं – डी जयकुमार

एआईएडीएमके नेता डी जयकुमार ने आगे कहा, “हम अपने नेताओं की लगातार आलोचना स्वीकार नहीं कर सकते। अन्नामलाई पहले ही हमारी नेता जयललिता की भी आलोचना कर चुके हैं। उस समय हमने अन्नामलाई के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया था। उन्हें इसे रोकना चाहिए था लेकिन वह अन्ना, पेरियार की भी आलोचना कर रहे हैं और कोई भी कैडर इसे स्वीकार नहीं करेगा। कल हमें मैदान पर काम करना है। इसलिए बिना किसी विकल्प के हमने यह घोषणा की है। इस फैसले से हम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हम अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं।”

​​गठबंधन का सवाल है, यह अब नहीं – डी जयकुमार

डी जयकुमार ने कहा, क्या हमें अपने नेताओं की इतनी आलोचना बर्दाश्त करनी चाहिए। हम आपको क्यों साथ लेकर चलें ? भाजपा यहां पैर नहीं रख सकती। आपका वोट बैंक ज्ञात है। आप इसी कारण से जाने जाते हैं।” उन्होंने कहा, “हम अब और (नेताओं की आलोचना) बर्दाश्त नहीं कर सकते। जहां तक ​​गठबंधन का सवाल है, यह अब नहीं है। भाजपा अन्नाद्रमुक के साथ नहीं है। केवल चुनाव के दौरान ही फैसला किया जा सकता है। यह हमारा रुख है।” यह पूछे जाने पर कि क्या यह उनकी निजी राय है, जयकुमार ने कहा, “क्या मैंने कभी आपसे उस क्षमता में बात की है? मैं केवल वही बात करता हूं जो पार्टी तय करती है।”

read more : संसद का विशेष सत्र कल दोपहर के लिए स्थगित, थोड़ी देर में होगी कैबिनेट की बैठक

संसद का विशेष सत्र कल दोपहर के लिए स्थगित, थोड़ी देर में होगी कैबिनेट की बैठक

आज से संसद का पांच दिवसीय विशेष सत्र शुरू हो गया है। यह विशेष सत्र 22 सितंबर तक चलेगा। इससे पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान सरकार ने विपक्ष को 8 विधेयकों के पेश करने की जानकारी दी थी। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कल दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई है। वहीं आज शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की मीटिंग बुलाई है। यह बैठक शाम साढ़े 6 बजे से शुरू होगी। इस मीटिंग के होने की जानकारी बाहर आते ही चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। हालांकि यह मीटिंग क्यों बुलाई गई यह जानकारी अभी नहीं आई है। कहा जा रहा है कि आज की बैठक में अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

कैबिनेट मीटिंग से पहले महत्वपूर्ण बैठकें शरू

वहीं आज को शाम को कैबिनेट की बैठक से पहले संसद भवन में कई अहम मुलाकातें हो रही हैं। जानकारी के अनुसार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। इसके बाद अब पीयूष गोयल और प्रल्हाद जोशी पीएम मोदी सेमिलेंगे। बता दें कि संसद के विशेष सत्र की शुरुआत आज पुराने भवन में ही हुई लेकिन 19 सितंबर को होने वाली बैठक नए संसद भवन में होगी। वहीं 20 सितंबर से नए संसद भवन से ही सारे काम-काज संचालित किए जाएंगे।

पुराना संसद भवन देगा नई पीढ़ी को प्रेरणा- पीएम मोदी

इससे पहले लोकसभा में भाषण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मंगलवार से हम नए भवन में चले जाएंगे लेकिन यह भवन आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा। 75 वर्ष की हमारी यात्रा ने अनेक लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रियाओं का उत्तम से उत्तम सृजन किया है और इस सदन के सभी सदस्यों ने उसमें सक्रियता से योगदान दिया है। पीएम ने कहा ये सही है कि इस इमारत के निर्माण का निर्णय विदेशी शासकों का था। लेकिन ये बात हम कभी नहीं भूल सकते हैं कि इस भवन के निर्माण में परिश्रम, पसीना और पैसा मेरे देशवासियों के लगा था।

read more : बीजेपी की ‘परिवर्तन संकल्प यात्रा’ से वसुंधरा राजे ने बनाई दूरी

बीजेपी की ‘परिवर्तन संकल्प यात्रा’ से वसुंधरा राजे ने बनाई दूरी

राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी परिवर्तन संकल्प यात्रा निकाल रही है। बताया जा रहा है कि इस यात्रा को उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है। इस यात्रा में केंद्रीय नेताओं और वसुंधरा राजे की गैर-मौजूदगी भी अब कई अटकलों को हवा दे रही है। बीजेपी ने 2 सितंबर को राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले से अपनी यात्रा शुरू की।

यात्रा के उद्घाटन के दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित पार्टी के कई दिग्गज मौजूद थे। हालांकि जैसे-जैसे यह यात्रा राज्य के विभिन्न जिलों से होकर आगे बढ़ रही है, लोगों की प्रतिक्रिया पार्टी के लिए चिंता का कारण बन गई है। इस यात्रा के बड़े हिस्से में जहां बीजेपी का शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व  मौजूद नहीं रहा, वहीं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी गैर-मौजूद रहने का फैसला किया है।

इस यात्रा से केंद्रीय नेताओं और वसुंधरा की दूरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, साथ ही बड़े नेताओं के इस फैसले ने एक बार फिर राजस्थान बीजेपी के भीतर आंतरिक कलह की अफवाहों को हवा दे दी है। सूत्रों का दावा है कि वसुंधरा राजे द्वारा राज्य के कई नेताओं के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध नहीं रखना इस साल विधानसभा चुनावों में पार्टी को महंगा पड़ सकता है।

‘परिवर्तन संकल्प यात्रा’ सवाई माधोपुर, नागौर के मेधाता, कुचामन और राज्य के दूसरे हिस्सों में निकाली जा चुकी है, लेकिन वसुंधरा की अनुपस्थिति की वजह से रिस्पॉन्स बेहद धीमा है। जिससे अफवाहों को बल मिला है कि पूर्व मुख्यमंत्री पर्याप्त महत्व नहीं दिए जाने से नाराज हैं। यात्रा के अब तक के बड़े हिस्से में सार्वजनिक बैठकों के दौरान खाली कुर्सियां, भीड़ की अनुपस्थिति और पार्टी कैडर के उत्साह की कमी देखी गई है।

राजस्थान में सीएम पद की दौड़ में कौन-कौन शामिल ?

राजस्थान में दो बार की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के अलावा गजेंद्र सिंह शेखावत, राजेंद्र राठौड़, भूपेन्द्र यादव, अश्विनी वैष्णव, दीया कुमारी जैसे लोग मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं। पहले यह अफवाह थी कि कर्नाटक में बीजेपी को मिली हार से पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व पुराने और स्थापित नेताओं को दरकिनार कर और नए चेहरों को सामने लाकर राज्यों में पीढ़ीगत नेतृत्व में परिवर्तन लाने की अपनी रणनीति पर फिर से काम कर सकता है।

क्या खुद को दरकिनार महसूस कर रहीं वसुंधरा ?

चर्चा है कि राजे इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश नहीं किए जाने से नाखुश हैं। सूत्रों ने यह भी दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर गठित समितियां, चाहे वह संकल्प पत्र समिति हो या चुनाव प्रबंधन समिति किसी में भी राजे को प्रमुख स्थान नहीं दिया गया है, इसके चलते वसुंधरा खुद को दरकिनार महसूस कर रही हैं।

पार्टी ने वसुंधरा को ऐसे किया दरकिनार

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी जिस तरह से राजस्थान की 2 बार की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ व्यवहार कर रही है। जिस तरह पार्टी ने कर्नाटक में अपने वरिष्ठ नेतृत्व के साथ व्यवहार किया, उनके बीच कई समानताएं हैं। वहीं, राजे खेमे का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले कई वर्षों से दरकिनार कर दिया है। उन्हें पार्टी में और राजस्थान के संबंध में उच्च स्तरीय परामर्श समिति का हिस्सा नहीं बनाया गया था।

क्या है पार्टी के नेताओं का कहना ?

जब पार्टी नेताओं से इस ठंडी प्रतिक्रिया के बारे में सवाल किया तो उन्होंने यह मानने से इनकार कर दिया कि यात्रा राज्य में अब तक फ्लॉप शो साबित हुई है। बीजेपी नेता ज्योति मिर्धा ने कहा कि कुचामन, डीडवाना और परबतसर में प्रतिक्रिया अच्छी रही है। मैं उससे पहले वहां नहीं थी। उधर, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यात्रा के दौरान बारिश हो रही है।

read more : बीते 24 घंटों में उत्तर प्रदेश में अलग-अलग हादसों में 20 की हुई मौत

बीते 24 घंटों में उत्तर प्रदेश में अलग-अलग हादसों में 20 की हुई मौत

उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों में अलग-अलग जगहों के हादसों में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पहला हादसा कल यानी शुक्रवार सुबह को ग्रेटर नोएडा में हुआ। यहां आम्रपाली के ड्रीम वैली फेस-2 प्रोजेक्ट में लिफ्ट गिरने से अब तक आठ मजदूरों की जान जा चुकी है। मथुरा के थाना जैंत क्षेत्र में दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर शुक्रवार की देर रात हुए हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। जबकि देर रात में ही लखनऊ में मकान ढह जाने से मलबे में दबकर पांच की मौत हो गई और साथ ही रायबरेली में हुए सड़क हादसे में मां व बेटों समेत तीन की हत्या हो गई।

लिफ्ट गिरने से हुई आठ मजदूरों की मौत

ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को बड़ा हादसा हुआ। यहां आम्रपाली के ड्रीम वैली फेस-2 प्रोजेक्ट में निर्माणाधीन साइट पर लिफ्ट गिरने से कल चार मजदूरों की मौत हो गई थी। शनिवार को इलाज के दौरान चार मजदूरों ने दम तोड़ दिया। अभी तक की जांच में सामने आया है कि आम्रपाली के ड्रीम वैली फेस-2 प्रोजेक्ट में हुए हादसे के जिम्मेदार लोगों ने जर्जर लिफ्ट में चढ़ाकर मजूदरों को मौत के मुंह में धकेला दिया। पुलिस की प्राथमिक जांच में कंस्ट्रक्शन कंपनी और एनबीसीसी के अधिकारियों पर सुरक्षा के मानकों को दरकिनार करने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या की आईपीसी की धारा – 304/308/337/338/287/34 व 7 सीएल एक्ट अंतर्गत केस दर्ज कर लगभग 16 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर सड़क हादसा

मथुरा के थाना जैंत क्षेत्र में दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर सड़क हादसे में कार सवार तीन लोग सहित चार की मौत हो गई। वहीं कार सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जैंत पुलिस ने मथुरा हाईवे पर स्थित न्यूरो अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार सुबह 2 बजे कार सवार पांच लोग कोसी नंदगांव रोड स्थित कोकिलावन शनिधाम दर्शन करने जा रहे थे। अलीगढ़ जिले के थाना बन्ना देवी के गांव सारसुल निवासी निविध बंसल पुत्र अरुण बंसल, आलोक दयाल पुत्र सुनील दयाल व आकाश की मौत हो गई। वहीं घटना में घायल ट्रक चालक बिहार के छपरा थाना आमनौर गांव सोनोह निवासी अजीत कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मकान की छत ढहने से हुआ हादसा

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की फतेह अली रेलवे कॉलोनी में देर रात एक मकान की छत ढह गई, जिससे पांच लोगों की दब जाने से मौत हो गई। बारिश के बाद मकान और कमजोर हो गया था। सुबह सफाईकर्मियों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी जिसके बाद मौके पर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम पहुंची। टीम ने मलबा हटाकर पांच लोगों को बाहर निकला और उन्हें इलाज के लिए लोकबंधु अस्पताल भेजा गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और सुबह लोगों का तांता लग गया जिसे संभालने के लिए और पुलिस बुलानी पड़ी। मृतकों में सतीश चंद्र ,सरोजनी देवी, हर्षित , हर्षिता और अंश शामिल हैं।

खड़े ट्रक में पीछे से घुसी कार, हादसे में माँ बेटो की हुई मौत

रायबरेली जिले के खीरों थाना क्षेत्र में उन्नाव- लालगंज मुख्य मार्ग पर केसौली गांव के पास देर रात करीब एक बजे खड़े ट्रक में पीछे से कार घुस गई। इससे कार सवार मां व बेटों की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय हुई तेज आवाज से आसपास दहशत मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे हुए सभी घायलों को बाहर निकाल कर एंबुलेंस से सीएचसी लालगंज पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने दो सगे भाइयों विनय प्रताप सिंह, अभय प्रताप सिंह पुत्र गण शिवमंगल सिंह, मां कल्पना सिंह पत्नी शिवमंगल सिंह को मृत घोषित कर दिया।

read more : हो जाइए सावधान, कोरोना से कई गुना खतरनाक है निपाह वायरस

हो जाइए सावधान, कोरोना से कई गुना खतरनाक है निपाह वायरस

केरल में सामने आ रहे निपाह वायरस को लेकर केंद्र सरकार ने कुछ आंकड़े जारी किए हैं, जोकि काफी डराने वाले हैं। आईसीएमआर के डीजी राजीव बहल ने बताया है कि निपाह वायरस से संक्रमित लोगों की मृत्यु दर बहुत अधिक (40 से 70 प्रतिशत के बीच) है। जबकि कोविड के मामले में मृत्यु दर 2-3 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि निपाह के प्रकोप को रोकने की कोशिशें जारी हैं। सभी संक्रमित व्यक्ति ‘इंडेक्स पेशेंट (पहला संक्रमित मरीज)’ के संपर्क में आए थे।

आईसीएमआर डीजी राजीव बहल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”हमारे पास केवल 10 रोगियों के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी खुराक हैं; अब तक किसी को भी नहीं दी गई है। भारत ने मोनोक्लोनल एंटीबॉडी की 20 और खुराक मांगी है, संक्रमण के प्रारंभिक चरण के दौरान दवा दी जानी चाहिए। इससे पहले, केरल के कोझिकोड जिले में 39 वर्षीय एक व्यक्ति के निपाह वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। यह व्यक्ति एक संक्रमित मरीज के सीधे संपर्क में आया था जिसकी 30 अगस्त को संक्रमण से मृत्यु हो गई थी। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने यह जानकारी दी।

संपर्क में आए सभी की होगी जांच – स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज

स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा, ”इसलिए, हमने उन सभी लोगों की जांच करने का निर्णय लिया है जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं और उनके संक्रमित होने का जोखिम अधिक है, भले ही उनमें कोई लक्षण नहीं हों। वर्तमान में हमारे पास कोझिकोड में दो अतिरिक्त केंद्र हैं। हमारे पास राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी (आरजीसीबी) से एक मोबाइल लैब हैं, दो मशीनें हैं जो एक समय में 96 नमूनों की जांच कर सकती हैं।

नियम के मुताबिक केवल उन्हीं लोगों के नमूनों की जांच की जा सकती है जिनमें लक्षण दिखें। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा, ”लेकिन यहां हमने उन सभी लोगों के नमूनों की जांच करने का फैसला किया है जो उच्च जोखिम वाली श्रेणी के संपर्क हैं। हमारे पास आरजीसीबी से मोबाइल लैब और कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लैब है।

इलाज के लिए एक निजी अस्पताल की उठी मांग

उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण राज्य सरकार ने उन सभी लोगों की जांच का फैसला किया जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं और जिनके संक्रमित होने का जोखिम अधिक है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय ने कहा कि एक व्यक्ति ने एक निजी अस्पताल में इलाज की मांग की थी। बैठक में जॉर्ज के अलावा मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास, अहमद देवरकोविल और ए. के. शशिंद्रन ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए जॉर्ज ने कहा कि वायरस से संक्रमित नौ साल का लड़का वेंटिलेटर सपोर्ट पर है, उसके अलावा प्रभावित अन्य लोगों की स्वास्थ्य की स्थिति स्थिर है। उन्होंने कहा कि संदेह है कि उपचाराधीन मरीज उस व्यक्ति से संक्रमित हुआ था जिसकी 30 अगस्त को मृत्यु हो गई थी।

निपाह वायरस को लेकर कर्नाटक सरकार ने जारी किए दिशानिर्देश

वहीं, केरल में निपाह वायरस से संक्रमण के मामले सामने आने पर कर्नाटक सरकार ने कुछ आवश्यक दिशानिर्देश जारी किये हैं जिनमें पड़ोसी राज्य के प्रभावित जिलों की अनावश्यक यात्रा से बचना और सीमावर्ती जिलों में बुखार की निगरानी तेज करना शामिल है। प्रदेश सरकार की ओर से सुझाए गए उपायों में स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना और संदिग्ध मरीजों को पृथकवास में रखने के लिए जिला अस्पतालों में बिस्तर तैयार रखना शामिल है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष आयुक्तालय ने 14 सितंबर को जारी परिपत्र (सर्कुलर) में कहा, ”केरल राज्य के कोझीकोड जिले में दो लोगों की मौत के साथ अब तक निपाह वायरस से संक्रमण के चार मामले सामने आने के मद्देनजर, संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए केरल की सीमा से लगे जिलों में निगरानी गतिविधियों को तेज करने की जरूरत है।

read more : निकम्मा, नकारा, गद्दार वाले गहलोत के बयान पर, सचिन पायलट ने ये दिया जवाब

निकम्मा, नकारा, गद्दार वाले गहलोत के बयान पर, सचिन पायलट ने ये दिया जवाब

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने कहा कि उनकी पार्टी राजस्थान विधानसभा चुनाव ”एकजुट होकर” लड़ेगी और अगली सरकार का नेतृत्व कौन करेगा, इसका फैसला आलाकमान द्वारा नवनिर्वाचित विधायकों के साथ विचार विमर्श के बाद किया जाएगा। उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में हर पांच साल पर सरकार बदलने की परंपरा को तोड़ेगी। हैदराबाद में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक से पहले एक इंटरव्यू में सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस 2018 के राजस्थान चुनाव में किए गए सभी चुनावी वादों पर खरी उतरी है और राज्य सरकार और पार्टी मिलकर काम कर रही हैं। सचिन पायलट ने विश्वास जताया कि इस एकजुटता के परिणामस्वरूप इस चुनाव में कांग्रेस, भाजपा को पराजित करेगी।

आलाकमान तय करेगा अगली सरकार का नेतृत्व कौन करेगा

चुनाव में पार्टी के सामूहिक नेतृत्व के साथ उतरने से जुड़े अपने पहले के बयान के बारे में पूछे जाने पर सचिन पायलट ने कहा कि यह न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे देश में कांग्रेस की परंपरा रही है। उनका कहना था, “एक बार जब हम चुनाव जीत जाते हैं और बहुमत प्राप्त कर लेते हैं, तो विधायक और पार्टी नेतृत्व तय करते हैं कि विधायक दल का नेतृत्व कौन करेगा। यह कोई नई बात नहीं है। यह दशकों से परिपाटी रही है और अगले कुछ महीने में हम जिन राज्यों में चुनाव मैदान में उतरने जा रहे हैं वहां पर भी यही नीति अपनाई जाएगी।

अशोक गहलोत ने कहा था निकम्मा, नकारा

यह पूछे जाने पर कि अतीत में गहलोत (राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत) ने उन्हें ‘निकम्मा’, ‘नकारा’ और ‘गद्दार’ जैसे नामों से बुलाया था और क्या वह इन बातों को भूल चुके हैं, सचिन पायलट ने कहा, “मैंने अपने सभी सार्वजनिक बयानों में हमेशा अत्यधिक सम्मान और संयम दिखाया है। मेरे मूल्य और संस्कार मुझे ऐसी भाषा का उपयोग करने की इजाजत नहीं देते जो हमारी बातचीत की गरिमा को कम कर दे।”

उनका कहना था, “मैंने जो मुद्दे उठाए उनका पार्टी नेतृत्व ने संज्ञान लिया और उनके समाधान के लिए कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं।” यह पूछे जाने पर कि पिछले साल विधायक दल की बैठक नहीं होने देने के मामले में गहलोत के तीन वफादार नेताओं के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है, पायलट ने कहा कि वह इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते क्योंकि ऐसे मुद्दों पर फैसला एआईसीसी को करना है।

सचिन पायलट बोले- अगर हमें बहुमत मिलता है तो……

कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद के चेहरे के बारे में पूछे जाने पर पायलट ने कहा, “(मल्लिकार्जुन) खरगे जी, राहुल (गांधी) जी और सोनिया जी हमारे नेता हैं और राजस्थान में हमारी कांग्रेस सरकार है। इसलिए हमें एकजुट होकर प्रभावी ढंग से काम करना होगा ताकि चुनाव जीता जा सके। अगर हमें बहुमत मिलता है तो विधायकों से विचार विमर्श किया जाएगा और नेतृत्व उसके आधार पर फैसला करेगा कि सरकार की कमान किसे सौंपी जाए।’’ सचिन पायलट ने आगे कहा की कांग्रेस पार्टी हमेशा एकजुट रही है। हमारे पास जो भी मुद्दे हैं, उन पर चर्चा करना, बात करना और यह सुनिश्चित करना हमारे अधिकार में है कि लोगों की आवाज ऊपर के स्तर पर सुनी जाए।

read more : विपक्ष को ले न डूबे सनातन विवाद, पीएम मोदी ने सेट किया लोकसभा चुनाव का एजेंडा

विपक्ष को ले न डूबे सनातन विवाद, पीएम मोदी ने सेट किया लोकसभा चुनाव का एजेंडा

पिछले दिनों जब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने सनातन धर्म के मुद्दे पर विवादित टिप्पणी की थी, तभी अंदाजा हो गया था कि यह मुद्दा अब जल्दी थमने वाला नहीं है। पहले बीजेपी के नेताओं, मंत्रियों ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला, अब खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने मुद्दे को को उठाते हुए विपक्ष को घेरना शुरू कर दिया है। एमपी चुनाव से पहले राज्य को 50,800 करोड़ की सौगात देने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इंडिया गठबंधन को घमंडिया करार दिया और कहा कि वे सनातन संस्कारों और परंपरा को समाप्त करने का संकल्प लेकर आए हैं।

पीएम मोदी के इस भाषण के बाद साफ हो गया कि भले ही सनातन पर टिप्पणी डीएमके नेता ने की हो, लेकिन कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन में शामिल अन्य दल भी इससे अछूते नहीं रहने वाले। एमपी में सनातन विवाद को उठाकर पीएम ने साफ कर दिया है कि अभी यह एक तरह का ट्रेलर है और पूरी पिक्चर बाकी है। यानी कि बीजेपी आने वाले राज्यों के विधानसभा चुनाव से लेकर अगले साल लोकसभा चुनाव तक, इस मुद्दे को गर्म ही रखने वाली है।

उदयनिधि के सेल्फ गोल से ‘इंडिया’ को कितना नुकसान ?

तमिलनाडु के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया, कोरोना आदि से कर दी थी और कहा था कि जैसे इसका विरोध नहीं करते और खत्म किया जाता है, उसी तरह सनातन को भी खत्म करना है। उदय के इस बयान से तमिलनाडु में भले ही डीएमके को ज्यादा नुकसान न हो, लेकिन इंडिया में उसके सहयोगी और खासकर कांग्रेस व हिंदी पट्टी वाले दलों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

यूपी-बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड आदि तमाम राज्यों में कांग्रेस और वहां के विपक्षी स्थानीय दलों को उदय की यह टिप्पणी बैकफुट पर डाल सकती है। यही वजह है कि आम आदमी पार्टी, कांग्रेस समेत कई दलों ने सनातन वाले बयान से किनारा भी कर लिया, लेकिन चूंकि डीएमके इंडिया गठबंधन में है और तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके की सरकार चल रही है।

तो बीजेपी इस मुद्दे के जरिए इंडिया अलायंस पर हमला बोलती रहेगी। इससे यूपी में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, उत्तराखंड में कांग्रेस, बिहार में आरजेडी, जेडीयू, मध्य प्रदेश में कांग्रेस, दिल्ली में आम आदमी पार्टी आदि को लोकसभा चुनाव में सीटों के लिहाज से बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

डीएमके नेताओं को सावधान करने के पीछे स्टालिन का क्या डर ?

सनातन मुद्दे पर पूरे गठबंधन की किरकिरी करवाने की वजह से तमाम विपक्षी दलों का दबाव झेल रहे तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन ने अब सक्रियता दिखाई है। आने वाले समय में और नुकसान नहीं हो, इसके लिए उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को सनातन विवाद से दूर रहने के लिए कहा है। एमके स्टालिन ने कहा, ”आम आदमी के मुद्दों पर पीएम मोदी चुप रहते हैं। पूरी कैबिनेट झूठ फैलाकर सनातन विवाद को तूल दे रही है। मैं डीएमके के नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहना चाहूंगा कि वे इन हथकंडों से बचकर रहें।” स्टालिन के इस बयान से साफ है कि उन्हें भी अपने बेटे और राज्य सरकार के मंत्री उदय के बयान से हुए सेल्फ गोल का पता चल गया है। इसी वजह से उन्होंने आगे किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं करने की सलाह दे दी, ताकि और किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके।

पीएम मोदी ने सेट कर दिया 24 का एजेंडा

‘इंडिया’ गठबंधन को घमंडिया करार देते हुए सनातन मुद्दे पर विपक्ष को घेरकर पीएम मोदी ने 2024 के लोकसभा चुनाव का एजेंडा सेट कर दिया है। बीजेपी आने वाले दिनों में इस पर और करारे वार करने वाली है। पिछले दिनों राजस्थान चुनाव के लिए राज्य में गए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इंडिया गठबंधन को सनातन मुद्दे पर घेरा था। शाह ने डूंगरपुर की रैली में कहा था कि दो दिन से आप देश की संस्कृति और सनातन धर्म का अपमान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ”वे कहते हैं कि यदि मोदी जीतेंगे तो सनातन राज आएगा। सनातन लोगों के दिल पर राज कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत संविधान से चलेगा।” बीजेपी नेता चुनावी रैलियों और कार्यक्रमों में सनातन मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं। इसके जरिए बीजेपी हिंदुत्व के मुद्दे पर आगे बढ़ते हुए दिख रही है। जहां एक ओर पीएम मोदी समेत पूरी बीजेपी सनातन पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों को घेर रही है तो अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का मुद्दा भी उसे लोकसभा चुनाव में फायदा पहुंचा सकता है।

90 के दशक से ही बीजेपी राम मंदिर और हिंदुत्व मुद्दे को आगे लेकर चली, जिसका सबसे बड़ा फायदा साल 2014 में मिला और सरकार बनाई। अब राम मंदिर के साथ-साथ बीजेपी के पास सनातन धर्म का मुद्दा आ गया है, तो उसे वह हर हाल में भुनाना चाहेगी।

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बीजेपी ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया, शुरू हो रहा है संसद का विशेष सत्र

संसद के विशेष सत्र शुरू होने से पहले आज बीजेपी ने सासंदों के लिए व्हिप जारी कर दिया है। संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से 22 सितंबर तक चलेगा। इस सत्र के दौरान कुल पांच बैठकें होंगी। इस दौरान संविधान सभा से लेकर आज तक संसद की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों, अनुभवों, स्मृतियों और सीख पर चर्चा होगी। पार्टी ने व्हिप जारी करते हुए सभी सांसदों से उपस्थित सत्र के दौरान उपस्थित रहने को कहा है।

इन मुद्दों पर होगी विशेष सत्र में चर्चा

लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक इस सत्र के दौरान संविधान सभा से लेकर आज तक संसद की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों, अनुभवों, स्मृतियों और सीख पर चर्चा के अलावा चार विधेयकों का भी उल्लेख है। इनमें एडवोकेट संशोधन विधेयक 2023 और प्रेस एवं आवधिक पंजीकरण विधेयक 2023 राज्यसभा से पारित एवं लोकसभा में लंबित हैं। वहीं, डाकघर विधेयक 2023 के अलावा मुख्य निर्वाचन आयुक्त, अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्त विधेयक 2023 सूचीबद्ध है, जिसे पिछले मानसून सत्र में राज्यसभा में पेश किया गया था।

विशेष सत्र के दौरा नहीं होगा प्रश्नकाल

लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों ने हाल में अपने बुलेटिन में कहा था कि संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू होगा और सरकार के कामकाज को देखते हुए यह 22 सितंबर तक चलेगा। इसमें कहा गया कि सत्र आमतौर पर सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे और फिर दिन के दो बजे से शाम छह बजे तक चलेगा। सचिवालय सूत्रों के अनुसार, विशेष सत्र के दौरान दोनों सदनों में प्रश्नकाल और गैर-सरकारी कामकाज नहीं होगा। विशेष सत्र की शुरुआत पुराने संसद भवन से होगी और अगले दिन कार्यवाही नए भवन में होने की संभावना है। कार्य सूची अस्थायी है और इसमें अधिक विषय जोड़े जा सकते हैं।

विशेष सत्र से पहले होगी सर्वदलीय बैठक

सरकार ने विशेष सत्र से पहले 17 सितंबर को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘इस महीने 18 सितंबर से शुरू होने वाले ससंद सत्र से पहले 17 सितंबर को शाम साढ़े चार बजे सभी दलों के सदन के नेताओं की बैठक बुलाई गई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस संबंध में आमंत्रण नेताओं को ई मेल से भेज दिया गया है। पत्र भी भेजे जाएंगे।’’ 31 अगस्त को जोशी ने 18 सितंबर से पांच दिनों के लिए संसद के विशेष सत्र की घोषणा की थी, लेकिन इसके लिए कोई विशिष्ट एजेंडा नहीं बताया था।

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अनंतनाग में चारों तरफ से घिरे आतंकी, पिछले कई घंटों से जारी है मुठभेड़

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार को सुरक्षाबलों के तीन अशिकारियों की शहादत के बाद बड़ा ऑपरेशन जारी है। सुरक्षाबलों ने अनंतनाग में छिपे हुए आतंकियों को चारों तरफ से घेर लिया है। पूरे क्षेत्र पर नजर रखने के लिए सेना और स्थानीय पुलिस सहित सुरक्षा बलों को छोटे क्वाडकॉप्टर और बड़े ड्रोन द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है।

इससे पहले चिनार कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और राष्ट्रीय राइफल्स के विक्टर फोर्स कमांडर मेजर जनरल बलबीर सिंह मुठभेड़ स्थल का दौरा कर चुके हैं। वहीं सेना ने बताया कि इस अभियान में सुरक्षाकर्मी अत्यधिक सक्षम निगरानी पॉड वाले ड्रोन लगातार जंगली इलाके में उड़ान भर रहे हैं। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षाकर्मी अंधेरे में बिना किसी बाधा के काम करने के लिए नाइट विजन उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। चिनार कोर लगातार स्थिति पर नजर रख रही है।

बता दें कि बुधवार को जिले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच चल रही मुठभेड़ में भारतीय सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धौनेक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट्ट शहीद हो गए थे। विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर इलाके में आतंकवादियों की तलाश के लिए निकले सेना के अधिकारी सामने से जवानों का नेतृत्व कर रहे थे।

read more : “असली बेवफा तो नीतीश कुमार है, मोदी सरकार का खेल खत्म “, चल रहा पोस्टर वार

“असली बेवफा तो नीतीश कुमार है, मोदी सरकार का खेल खत्म “, चल रहा पोस्टर वार

जहां एक तरफ इंडिया (I.N.D.I.A) गठबंधन की बैठक चल रही तो वहीं दूसरी तरफ पटना में राजद और बीजेपी के बीच पोस्टर वार चल रहा है। लोकसभा चुनाव को लेकर दोनों दलों ने एक दूसरे पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। दरअसल, राजद और बीजेपी ने पटना के इनकम टैक्स गोलंबर से लेकर आर ब्लॉक चौराहे तक ऐसे ऐसे पोस्टर लगाए हैं जिसमें दोनों पार्टियां एक दूसरे पर निशाना साधते हुए नजर आ रही हैं। राजद ने जहां-जहां अपने पोस्टर लगाए थे, वहां पर अब बीजेपी वालों ने भी अपना पोस्टर लगा दिया है।

पोस्टर से मचा बवाल

ऐसे पोस्टरों के रिलीज होते ही पटना के राजनीतिक गलियारों में घमासान मच गया है। इस पोस्टर वार में जेडीयू के तरफ से कोई रिएक्शन देखने को नहीं मिल रहा है। जेडीयू के नेताओं का कहना है कि पार्टी पोस्टर विवाद से हमेशा दूर रही है जबकि बीजेपी और राजद में दनादन एक के बाद एक पोस्टर रिलीज कर रही है।

पोस्टर वार में आमने-सामने बीजेपी और राजद

जहां राजद ने अपने पोस्टर में लिखा है- मजदूर किसान पर रोज सितम, मोदी सरकार का खेल खत्म। इसके जवाब में बीजेपी ने भी एक पोस्टर लगाया है जिस पर लिखा है- कभी हमारा तो कभी आपका यार है, असली बेवफा तो नीतीश कुमार है। वहीं, बीजेपी के दूसरे पोस्टर पर लिखा है- परिवारवाद से बनाना है दूरी, फिर एक बार मोदी है जरूरी। आगे एक और पोस्टर लगा है जिसपर बीजेपी ने लिखा है- दिया न शिक्षा, न रोजगार..पलटू कुमार को कब तक सहेगा बिहार। इन सबके जवाब में राजद का भी पोस्टर दिख रहा है जिसमें लिखा है- बहुत सह चुके महंगाई की मार, अबकी बार बदलेगी मोदी सरकार।

read more : शरद पवार के घर इंडिया अलायंस कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक शुरू

शरद पवार के घर इंडिया अलायंस कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक शुरू

विपक्षी गठबंधन इंडिया (I.N.D.I.A) अलायंस के कोॉर्डिनेशन कमिटी की बैठक शरद पवार के घर पर हो रही है। सूत्रों के मुताबिक आज की बैठक में सीट शेयरिंग पर चर्चा नहीं होगी। सीट शेयरिंग पर पहले राज्य इकाई चर्चा करेंगी। जानकारी के मुताबिक ज्वॉइंट रैलियों में क्या- मुद्दे होंगे और कहां-हां ज्वाइंट रैलियां की जाएंगी इस पर चर्चा होगी। इसके साथ ही अन्य एजेंडों पर भी चर्चा होगी।

गांधी जयंती से प्रचार-प्रसार शुरू करने की योजना

विपक्षी दलों का प्लान है कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती से प्रचार-प्रसार शुरू किया जाएगा। नेता जनता के बीच जाएंगे और अपनी बात रखेंगे। वहीं सनातन धर्म को लेकर उठे ताजा विवाद पर विपक्षी नेताओं के बयान को लेकर गठबंधन की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कोई इससे किनारा कर रहा है तो कोई असहमति दिखा रहा है।

शरद पवार के घर पहुंचे इंडिया अलायंस के नेता

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, डी राजा, टी आर बालू ,समाजवादी पार्टी के जावेद अली शरद पवार के घर पहुंच चुके हैं। कांग्रेस की ओर से गुरदीप सिंह सप्पल और के सी वेणुगोपाल भी शरद पवार के घर पहुंच चुके हैं। इंडिया अलायंस की फंक्शनिंग कैसे होगी , इस पर भी आज की बैठक में फैसला हो जायेगा। पीएम ने अपना कोई नुमाइंदा इसलिए नॉमिनेट नही किया क्योंकि उनकी पोलित ब्यूरो मीटिंग इस हफ्ते होगी और उसमें चर्चा के बाद ही सीपीएम अपना नुमाइंदा नॉमिनेट करेगा।

read more : आजम खान के कई ठिकानों पर इनकम टैक्स विभाग ने मारा छापा, बढ़ेगी मुश्किलें

आजम खान के कई ठिकानों पर इनकम टैक्स विभाग ने मारा छापा, बढ़ेगी मुश्किलें

सपा महासचिव आजम खान की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके ठिकानों पर सुबह से इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी चल रही है। ये छापेमारी रामपुर, मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, सीतापुर, लखनऊ, एमपी में आज सुबह से चल रही है। इनकम टैक्स विभाग के निशाने पर अल जौहर ट्रस्ट है। आजम खान के ठिकानों पर पुलिसबल और आयकर विभाग के अधिकारी मौजूद हैं। अभी तक आयकर विभाग की तरफ से आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है कि ये छापेमारी क्यों हो रही है। आयकर विभाग की टीमें कार्रवाई में जुटी हुई हैं।

गौरतलब है कि यूपी में योगी सरकार आने के बाद से आजम खान की परेशानियां बढ़ गई हैं। उनकी विधानसभा सदस्यता भी रद्द हुई थी और उन्हें जेल में भी लंबा समय बिताना पड़ा। ऐसे में एक बार फिर आयकर विभाग का शिकंजा उनकी मुश्किलों को बढ़ा सकता है।

सामने आई अहम जानकारी

आजम खान के मौलाना अली जौहर ट्रस्ट के सभी 9 ट्रस्टी के यहां ये छापा पड़ा था। इनके अलावा एमएलए (MLA) नसीर खां, गाजियाबाद में एकता कौशिक, रामपुर के विधायक आकाश सक्सेना ने इनकम टैक्स विभाग में शिकायत की थी और आरोप लगाया था कि 60 करोड़ का डोनेशन देने वाले लोग खुद कभी इनकम टैक्स नहीं भरते। इन लोगों ने जौहर यूनिवर्सिटी का दोबारा मूल्यांकन कराने की मांग की थी।

सरकार मुझे परेशान कर रही – आज़म खान

जनवरी 2023 में आजम खान का एक बयान काफी चर्चित हुआ था, जिसमें उन्होंने खुद को गरीबों का मसीहा बताया था और सरकार पर आरोप लगाया था कि वह उन्हें परेशान कर रही है। मानहानि मामले में पेशी के लिए बांद्रा कोर्ट पहुंचे सपा नेता आजम खान ने मीडिया से कहा था कि वह निर्दोष हैं। उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है और साथ ही उन्होंने खुद को गरीब आदमी और अनाथ बच्चों का मसीहा बताया था। उन्होंने कहा था, “सब परेशान करने के लिए किया जा रहा है, मैंने कोई गुनाह नहीं किया। अब तक पूंजीपतियों ने विश्वविद्यालय बनवाए। मैं गरीब आदमी हूं, मैंने एक विश्वविद्यालय बनाया जिसमें अनाथ बच्चों की फीस नहीं लगती।

read more : मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जारंगे पाटिल तोड़ेंगे भूख हड़ताल

मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जारंगे पाटिल तोड़ेंगे भूख हड़ताल

आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जारंगे पाटिल भूख हड़ताल तोड़ने को तैयार हो गए हैं। मनोज जारंगे पाटिल ने घोषणा की है कि वे भूख हड़ताल मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और उदयन राजे भोसले की उपस्थिति में तोडेंगे। साथ ही जारंगे पाटिल ने ये भी कहा है कि वह भूख हड़ताल तोड़ेंगे लेकिन आंदोलन की जगह से नहीं हटेंगे। मनोज जारंगे पाटिल ने सरकार को एक महीने का वक्त दिया है और कहा है कि एक महीने में आरक्षण के लिए जो भी जरूरी है वह करें। वहीं 12 अक्टूबर को मनोज जारंगे पाटिल ने मराठा समाज के एक बड़े सभा के आयोजन की घोषणा भी की है।

मराठा समुदाय को आरक्षण देने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि है इस वक्त आरक्षण वक्त की मांग है। वहीं इस आरक्षण की मांग तेज होने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक भी की है। यह बैठक मुंबई में सहयाद्री गेस्ट हाउस में रखी गई थी। मराठा संगठनों ने इसे लेकर ठाणे बंद भी रखा था, जिसका असर देखने को मिला है।

आरक्षण मेरे लिए सबसे बड़ा इलाज – मनोज जारंगे पाटिल

मनोज जरांगे पाटिल ने 10 सितंबर को भूख हड़ताल की मांग को ठुकराते हुए कहा था कि जब तक मराठा समुदाय को कुनबी जाति के प्रमाणपत्र नहीं दिए जाएंगे तब तक वह भूख हड़ताल पर रहेंगे लेकिन कुछ शर्तों के साथ मनोज जरांगे पाटिल ने आज भूख हड़ताल खत्म करने की घोषणा की है। डॉक्टरों की एक टीम जरांगे के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रही है। डॉक्टरों ने उन्हें भूख हड़ताल पर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव के बारे में बताया और उनसे अनुरोध किया तो जरांगे ने कहा कि आरक्षण मेरे लिए सबसे बड़ा इलाज है। मराठा आरक्षण के लिए मनोज जारांगे पाटिल ने 29 अगस्त से आंदोलन शुरू किया था।

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बाराबंकी में हाहाकार मोहल्ले बने टापू, हर तरफ पानी ही पानी, रेस्क्यू हुआ मुश्किल

बाराबंकी चौबीस घंटे की बारिश के बाद बाराबंकी शहर के हालात बेकाबू हो गए हैं। शहर के हजारों घरों में जहां पानी भर गया है वहीं सैकड़ों परिवार सड़क पर आ गए हैं। लोग दुकान के बरामदों, ओवरब्रिज के नीचे आश्रय लिए हुए हैं। मुख्य सड़क समेत आधा दर्जन सड़कों पर आवागमन बंद कर दिया गया है जबकि अधिकतर सड़कें पहले से जलमग्न है। रेल और बस सेवाएं भी प्रभावित हैं। पूरी रात रेस्क्यू चलता रहा। ढाई सौ से अधिक लोगों को जवानों द्वारा निकाला गया।

बारिश थमने के बाद भी बाहरी क्षेत्र से आए पानी से शहर में हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। सोमवार को रात और फिर पूरा दिन ही बारिश के बाद पूरे शहर में जलभराव हो गया था। जमुरिया नाला के किनारे बसे 500 घरों में पानी भर गया था। सोमवार को दिन भर 600 लोगों को स्टीमर से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया लेकिन रात में हालात और बिगड़ते चले गए।

मोहल्ले बने टापू

सोमवार शाम तेज बारिश बंद होने के बाद हालात सुधरने की बजाय बिगड़ते चले गए। रात में शहर के बीच से गुजरा जमुरिया नाले का पानी पुलों के ऊपर से बहने लगा। कमरियाबाग, अभयनगर, हड्डीगंज, नईबस्ती, सत्य प्रेमी नगर समेत शहर के आधे से अधिक मोहल्ले टापू बन गए हैं। पानी लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सभी सड़के पानी में डूबी हुई है। शहर के बीच से गुजरे लखनऊ अयोध्या हाईवे पर पानी भरने से आवागमन पर रोक लगा दी गई है। देवा रोड खुला है मगर इस रोड से शहर के अंदर जाने वाली सभी सड़कों पर आवागमन रोक दिया गया है।

छाया चौराहा, राजकमल रोड, कमरियाबाग, सत्यप्रेमीनगर, पीरबटावन, दशहराबाग खलारिया, श्रीनगर जैसी कॉलोनी में जाने वाली सड़कों पर बैरियर लगाकर आवागमन बंद कर दिया गया है। पुलिस तैनात कर दी गई है। शहर के सभी स्कूलों में पानी भरा है और स्कूल पहले से ही बंद है। भीषण जलप्लावन के कारण सुबह शहर के मुख्य बाजार की इक्का दुक्का दुकानें खुली है। लोग दूध और अन्य जरूरी सामान के लिए भटकते रहे। शहर का कमरियाबाग का मुख्य कब्रिस्तान जलमग्न हो गया है।

रेस्क्यू हुआ मुश्किल, पेयजल के लिए मचा हाहाकार

राहत और बचाव कार्य भी मुश्किल हो रही हैं। वहीं, बाढ़ से ज्यादा प्रभावित हुए मोहल्ले के लोग सड़क पर आ गए हैं। तमाम लोग देवा रोड पर ओवर ब्रिज के नीचे मकान के बरामदों और दुकानों में शरण लिए हैं। भूख प्यास से बेहाल परिवारों ने सड़क पर ही खाना बनाना शुरू कर दिया है। अधिकतर मोहल्लों में 24 घंटे से बिजली न होने के कारण लोगों के मोबाइल तक नहीं चार्ज हो पाए हैं। पेयजल के लिए हाहाकार मचा है।

बरसात बंद होने के बाद भी शहर को बाढ़ से मुक्ति नहीं मिल रही है इसलिए माना जा रहा है कि देवा, जहांगीराबाद व अन्य क्षेत्रों का पानी भी शहर में ही आ रहा है। एसडीएम विजय कुमार त्रिवेदी ने बताया कि रेस्क्यू किया जा रहा है। जहां पर लोग आश्रय लिए हैं वहां खाना बांटने की तैयारी चल रही है।

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मोनू मानेसर को गुरुग्राम से गिरफ्तार, नासिर-जुनैद हत्याकांड में हुई बड़ी कार्रवाई

हरियाणा पुलिस ने मोनू मानेसर को आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ममता सिंह के मुताबिक, 28 अगस्त को मोनू ने सोशल मीडिया पर एक भड़काऊ पोस्ट डाली थी, जो ‘मेवात आ रहा हूं जलाभिषेक में शामिल होने’ वाली पोस्ट से अलग थी। इस पोस्ट को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग ने भड़काऊ पाया। जिसके बाद जब जांच की गई तो पता लगा कि ये पोस्ट मोनू ने की थी। इसी मामले में नूंह पुलिस ने मोनू को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के साथ जिन राज्यों में मोनू वांटेड है, उन राज्यो की पुलिस को भी जानकारी दी जाएगी और जरूरत के हिसाब से जिस राज्य की पुलिस चाहेगी, कोर्ट के जरिए मोनू की कस्टडी लेगी।

14 अगस्त को राजस्थान के डीजीपी ने क्या कहा था ?

इससे पहले 14 अगस्त को खबर सामने आई थी कि राजस्थान के डीजीपी ने नासिर और जुनैद की हत्या में मोनू मानेसर को शुरुआती जांच में आरोपी नहीं माना। राजस्थान पुलिस के डीजीपी उमेश मिश्र ने मोनू मानेसर को लेकर कहा था कि जो डायरेक्टली इन्वॉल्व हैं और जो ऑन स्पॉट अपराधी थे, उनको हमने पकड़ लिया है। लेकिन उसमें वो (मोनू मानेसर) नहीं है। इस मामले की जांच जारी है। डीजीपी उमेश मिश्र ने कहा था कि हमारी टीम केवल शुरू में ही गई थी। हम हरियाणा से मदद मांगते हैं। मुख्य मुद्दा इंटेलिजेंस का है। इंटेलिजेंस होगा तो मोनू पकड़ा जाएगा।

डीजीपी ने ये भी कहा था कि मौके पर हत्या करने के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उसमें प्रत्यक्ष रूप से मोनू मानेसर शामिल नहीं है। हालांकि अब इस एंगल से जांच की जा रही है कि कहीं मोनू मानेसर हत्या की साजिश में तो शामिल नहीं था।

मोनू मानेसर पर सीएम खट्टर ने क्या कहा था ?

इससे पहले मोनू मानेसर पर हरियाणा के सीएम खट्टर का बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि राज्य पुलिस मोनू को गिरफ्तार करने के लिए राजस्थान पुलिस को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है, अगर वे उसके खिलाफ आरोप साबित करते हैं। सीएम खट्टर ने एक जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था, “मोनू मानेसर पर राजस्थान पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अगर वह दोषी है और राजस्थान पुलिस इसे साबित करती है तो उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। लेकिन जो भी दोषी नहीं है, वह हमेशा बरी हो जाएगा, चाहे सरकार कोई भी हो।

read more : तो क्या सच में बदल जायेगा नाम ! पीएम की टेबल पर ‘इंडिया’ की जगह दिखा ‘भारत’

तो क्या सच में बदल जायेगा नाम ! पीएम की टेबल पर ‘इंडिया’ की जगह दिखा ‘भारत’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जी-20 की बैठक का शुभारंभ किया। इस दौरान भारत की अध्यक्षता में अफ्रीकन यूनियन जी-20 का स्थायी सदस्य बना। जिस वक्त प्रधानमंत्री सदस्य और मेहमान देशों के नेताओं को संबोधित कर रहे थे, ठीक उस दौरान उनकी टेबल पर रखी वुडेन नेमप्लेट पर पूरे देश की नजरें गईं। इस बार खास यह था कि नेमप्लेट पर दुनिया में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले नाम ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ लिखा था।

दरअसल राष्ट्रपति की ओर से 9 सितंबर को जी-20 कार्यक्रम के दौरान भारत मंडपम में आयोजित होने वाले डिनर के निमंत्रण पत्र में ‘द प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ की ओर से न्योता भेजा गया है। इसी निमंत्रण पत्र पर छपे ‘भारत’ शब्द को लेकर अब सियासत होने लगी है। राजनीतिक पार्टियों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश के नाम पर भी हमला कर रही है।

संवैधानिक तौर पर कोई आपत्ति नहीं – शशि थरूर

कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने कहा कि जब संविधान के अनुच्छेद एक में कहा गया है भारत जो की इंडिया था वह राज्यों का संघ है, तो उसमें इंडिया शब्द को क्यों हटाया जा रहा है। हालांकि कांग्रेस के नेता शशि थरूर कहते हैं कि जब संविधान में इंडिया और भारत दोनों का जिक्र है, तो इसमें संवैधानिक तौर पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लेकिन इस नाम को लेकर सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की ओर से भी बाकायदा भारत के समर्थन में ट्वीट और बयान दिए जा रहे हैं।

संविधान संशोधन के जरिए नाम बदलने की भी है चर्चा

गौरतलब है कि जी-20 में इस तरह भारत के नाम का इस्तेमाल शुरू होने के साथ ही उस बहस को भी जोर मिला है, जिसमें इंडिया का नाम बदलकर भारत करने की बात कही जा रही है। कुछ ही दिन पहले केंद्र सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाने का एलान किया था। इसके बाद से ही यह अटकलें लगने लगीं कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर के समारोह में इंडिया की जगह भारत नाम का इस्तेमाल शुरू करने वाला है और संसद में भी इंडिया नाम को बदलकर स्थायी तौर पर भारत किया जा सकता है।

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जी-20 में रूस-यूक्रेन संकट से बंटे विश्व को साथ लाना चाहता है भारत – पीएम मोदी

रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पैदा हुए गहरे मतभेदों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी जी-20 सम्मेलन में पूरे विश्व को एक साथ जोड़ने की बात पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री ने विश्व के नेताओं से अपील की कि वे दुनिया भर में विश्वास में आई कमी को दूर करें। पीएम मोदी ने कहा सभी देश एक-दूसरे पर भरोसा करें और पुरानी चुनौतियों के नए समाधान खोजने की मिलकर कोशिश करें। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘भारत मंडपम’ में जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए अपने संबोधन में कहा कि यदि दुनिया कोविड-19 को हरा सकती है, तो वह युद्ध के कारण आई विश्वास में कमी पर भी विजय प्राप्त कर सकती है।

प्रधानमंत्री ने जी-20 नेताओं के ‘एक पृथ्वी’ सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ”यह वैश्विक कल्याण के लिए हम सबके साथ मिलकर चलने का समय है।” इस सत्र में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, सउदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा समेत कई नेताओं ने भाग लिया।

‘भारत मंडपम’ सम्मेलन को पीएम मोदी ने किया संबोधित

पीएम मोदी ने यहां ‘भारत मंडपम’ सम्मेलन केंद्र में सभा को संबोधित करते हुए कहा, ”वैश्विक कोविड महामारी के बाद दुनिया ने विश्वास में कमी की नई चुनौती का सामना किया और दुर्भाग्य से, युद्धों ने इसे गहरा कर दिया।” उन्होंने कहा, ”लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि यदि हम कोविड जैसी वैश्विक महामारी को हरा सकते हैं, तो हम विश्वास में कमी की इस चुनौती से भी पार पा सकते हैं। आज, भारत जी-20 के अध्यक्ष के रूप में पूरी दुनिया से विश्वास की कमी को एक-दूसरे पर भरोसे में तब्दील करने की अपील करता है।

भारत में लोगों का जी-20 बन गया है – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”अब समय आ गया है, जब पुरानी चुनौतियां हमसे नए समाधान चाहती हैं और इसीलिए हमें अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के वास्ते मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में यह लोगों का जी-20 बन गया है और 60 से अधिक शहरों में 200 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा, ”वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल से लेकर उत्तर-दक्षिण विभाजन तक, खाद्य प्रबंधन से लेकर ईंधन और उर्वरक प्रबंधन तक, आतंकवाद से लेकर साइबर सुरक्षा तक, स्वास्थ्य से लेकर ऊर्जा और जल सुरक्षा तक, सभी चुनौतियों के समाधान के लिए हमें मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे।

एकजुटता का प्रतीक बन गई

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता देश के भीतर और बाहर समावेशन और एकजुटता का प्रतीक बन गई है। करोड़ों भारतीय इसमें शामिल हुए, देश के 60 से अधिक शहरों में 200 से अधिक बैठक हुईं।” जी-20 के सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व जनसंख्या का लगभग दो-तिहाई प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार इस बात पर जोर दिया है कि इस समूह को ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज भी सुननी चाहिए।

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नूंह में जहां हुआ था दंगा, वहीं फिर निकाली जाएगी जलाभिषेक यात्रा

नूंह में हुई हिंसा के बाद पलवल में आज हिंदू संगठनों द्वारा महापंचायत का आयोजन किया गया। 31 जुलाई को नूंह में हुई हिंसा के बाद विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा को रोक दिया गया था। लेकिन एक बार फिर ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा को पूरा करने पर आज फैसला लिया गया। हिंदू महापंचायत में पंच रतन सिंह ने फैसला सुनाया। उन्होंने कहा ‘नूंह हिंसा की जांच राज्य सरकार से नहीं बल्कि एनआईए से कराई जाए। हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी दी जाए।’

हिंदू महापंचायत ने लिया फैसला

हिंदू महापंचायत ने मांग की है कि हिंसा में घायल लोगों को 50 लाख रुपये दिए जाए। साथ ही जिनका भी नुकसान हुआ है उसका आंकलन किया जाए और पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए। नूंह जिले से सभी विदेशी लोगों को बाहर निकाला जाए। हिंदू महापंचायत ने कहा, ‘अगर लोग आत्मरक्षा के लिहाज से हथियार लें तो उनपर सरकार सख्ती न करे।’

इसी क्रम में हिंदू महापंचायत ने प्रस्ताव में कहा कि केंद्रीय फोर्स का एक हेडक्वार्टर मेवात में खोला जाए। दंगाइयों की पहचान करने के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पंचायत ने सरकार से मांग की है कि नूह जिले का स्टेट्स खत्म किया जाए। साथ ही इलाके को गौ हत्या मुक्त घोषित किया जाए। क्योंकि सारे झगड़े की जड़ यही है।

नूंह में फिर निकाली जाएगी जलाभिषेक यात्रा

हिंदू महापंचायत ने अपील की कि सभी लोग अपने घरों में गाय पाले। वहीं एक अहम फैसला यह भी लिया गया कि 28 अगस्त को शोभायात्रा दोबारा निकाली जाएगी। बता दें कि 31 जुलाई को नूंह में हुई हिंसा के बाद विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा को रोकना पड़ा था। इस महापंचायत में इसपर फैसला आ गया है। बता दें कि 28 अगस्त का सावन का अंतिम सोमवार है। इसी दिन जलाभिषेक यात्रा फिर निकाली जाएगी।

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में बंटवारा नहीं हुआ, विधायकों का मतलब पार्टी नहीं – शरद पवार

महाराष्ट्र में अजित पवार की बगावत के बाद दो खेमों में बंटी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एक बार फिर अपनी पार्टी में विभाजन से शनिवार को इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह सच है कि कुछ विधायक पार्टी से चले गए हैं, लेकिन अकेले विधायकों का मतलब पूरी राजनीतिक पार्टी नहीं होता। पवार ने कहा कि वह एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और जयंत पाटिल पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख हैं।

बागियों को महत्व क्यों दिया जाए

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बागी नेताओं के प्रति नरम रुख को लेकर किए गए सवाल पर पवार ने कहा, “एनसीपी विभाजित नहीं हुई है। हालांकि यह सच है कि कुछ विधायक चले गए हैं, विधायकों का मतलब राजनीतिक दल नहीं है। बागियों का नाम लेकर उन्हें महत्व क्यों दिया जाए।” पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष एवं शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने कहा था कि पार्टी विभाजित नहीं हुई है और अजित पवार उनके नेता बने रहेंगे।

गठबंधन I.N.D.I.A. की बैठक मुंबई में

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) की 31 अगस्त और 1 सितंबर को मुंबई में होने वाली बैठक के दौरान 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ संयुक्त अभियान पर भी चर्चा की जाएगी। शरद पवार ने कहा, “मैं महाराष्ट्र में बदलाव देख सकता हूं। जनता उन लोगों से निराश है, जो बीजेपी के साथ गए। मुझे विश्वास है कि लोग चुनावों में सही जनादेश देंगे और बीजेपी को उसकी सही जगह दिखाएंगे।” चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर शरद पवार ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जाना चाहिए।

केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हुआ है – शरद पवार

सुप्रिया सुले के बयान के बारे में पूछे जाने पर शरद पवार ने शुक्रवार को कहा था, “हां इसमें कोई विवाद नहीं है।” हालांकि, कुछ घंटों बाद पवार ने कहा था कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। अजित पवार और एनसीपी के 8 अन्य विधायक 2 जुलाई को राज्य में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना-बीजेपी सरकार में शामिल हो गए थे। बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शरद पवार ने कहा, “मैं फासीवादी प्रवृत्तियों का विरोध करना जारी रखूंगा। केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हुआ है।

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Reel बनाने का जानलेवा तरीका , वायरल हो रहा वीडियो

वायरल और फेमस होने के लिए लोग Reel बनाने के अजीब और तमाम हथकंडे अपनाते हैं | कुछ जानलेवा स्टंट करते है तो कोई ट्रैन की पटरी पर स्टंट करता | अब अमरोहा का एक वीडियो वायरल हो रहा है | जिसमें कुछ अलग करने की चाह में एक शख्स पेट्रोल पंप पर अपनी बाइक को पेट्रोल से धो रहा है | इस मामले को लेकर अब पुलिस सक्रिय हो गई है |

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक शख्स अपनी गाड़ी में खुद तेल भर रहा है | जब बाइक की टंकी भर गई तो पेट्रोल बाहर गिरने लगा तब भी वह पेट्रोल डालता रहता है | इसके बाद वह पेट्रोल से ही अपनी गाड़ी धोने लगता है | यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा |

 

एक्शन लेगी पुलिस

वायरल वीडियो (reel) को लेकर लोगों ने अमरोहा पुलिस से करवाई की मांग की है | पुलिस ने भी मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करने की बात कही है | सोशल मीडिया पर कई तरह के वीडियो वायरल होते है लेकिन यह पहला ऐसा वीडियो होगा जिसमें पेट्रोल की बर्बादी की जा रही और पुलिस ने इस ममले में एक्शन लेने की बात की है |

लोगों ने की करवाई की मांग

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ जिसके बाद लोगों काफी आलोचना की | कई ट्वीटर यूज़र्स ने वीडियो टैग कर कमेंट किया | अनादि मिसराल नमक यूज़र ने इसे बेरोज़गारी से जोड़ते हुए लिखा “रील्स के चक्कर में बेरोज़गार युवा कितने पागल हो रहे है | वहीँ कुछ यूज़र्स का कहना है कि “इस तरह की लापरवाही को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए , इन् पर कार्रवाई होनी चाहिए ” तो कुछ ने पुलिस पर सवाल उठाया कि “पुलिस किसी हादसे का इन्तेज़ार कर रही क्या ?”

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संसद मानसून सत्र : लोकसभा 12 बजे तक स्थगित , विपक्ष चाहती प्रधानमंत्री का बयान

संसद का मानसून सत्र गत 20 जुलाई से शुरू है | लेकिन पिछले 6 दिनों से दोनों सदनों में कोई कामकाज नहीं हो सका है और सत्र में हंगामा हो रहा है | मणिपुर के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्य़सभा को बार-बार स्थगित करना पड़ रहा है | वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि वह विपक्ष की मणिपुर पर चर्चा की मांग को लेकर राजी है | लेकिन विपक्ष संसद में मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग कर रहा है |

अविश्वास प्रस्ताव पर जल्द चर्चा

संसद में शुक्रवार (28 july) को भी मणिपुर मामले पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया | कांग्रेस पार्टी का कहना है कि लोक सभा में लाए अविश्वास प्रस्ताव पर जल्द चर्चा कराई जानी चाहिए ,क्योंकि संसदीय परंपराओं और नियमों के अनुसार जबतक अविश्वास प्रस्ताव पर बहस नहीं हो जाती , तब तक किसी विधायी कार्य को अंजाम नहीं दिया जा सकता |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद में मणिपुर मुद्दे पर बयान नहीं देने के विरोध में गुरुवार को विपक्षी गठबंधन ‘ इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस ‘ के घटक दलों के सभी सांसद मणिपुर मुद्दे पर सरकार के विरोध में काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे थे |

संसद मानसून सत्र ,विपक्ष ने की नारेबाजी

गुरुवार को भी दोनों सदनों में विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा को बार-बार स्थगित करना पड़ा | सरकार का आरोप है कि विपक्ष खुद मणिपुर पर चर्चा नहीं करना चाहता है, क्योंकि उसे डर है कि संसद में चर्चा हुई तो पश्चिम बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार में हो रहे आपराधिक वारदातों पर भी बात होगी |केंद्र सरकार की तरफ से संसद सुचारू रूप से चलाने को लेकर तालमेल बिठाने के लिए विपक्ष के साथ बातचीत की कोशिश की गई है| लेकिन विपक्ष पीएम मोदी के बयान की मांग पर अड़ा है|

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