Monday, April 6, 2026
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विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर का फैसला, शिंदे की कुर्सी बरकरार, उद्धव गुट की हार

सेना बनाम सेना की लड़ाई में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका दिया है, अपने फैसले में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि एकनाथ शिंदे गुट ही असली शिवसेना है। शिंदे ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने उद्धव ठाकरे की अयोग्यता वाली याचिका को खारिज कर दिया है। उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले पर भी सहमति जताई और उसे सही माना।

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि शिवसेना के 1999 के संविधान के अनुसार, उद्धव ठाकरे के पास एकनाथ शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटाने की कोई शक्ति नहीं है। स्पीकर ने इस पर चुनाव आयोग के फैसले पर भी सहमति जताई। स्पीकर ने कहा कि पूरा मसला यह है कि असली शिवसेना कौन है? उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट दोनों ही इसे लेकर दावा करते हैं और पार्टी के संशोधित संविधान को मानते हैं। लेकिन यह संविधान संशोधन चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में ही नहीं है।

चुनाव आयोग ने संविधान अनुसार फैसला लिया

महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने एकनाथ शिंदे के दल के 16 विधायकों की अयोग्यता वाली याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि चुनाव आयोग के पास 1999 का संविधान है और उसके आधार पर ही फैसला लिया गया है। इसके मुताबिक एकनाथ शिंदे गुट ही असली शिवसेना है। उन्होंने कहा कि खुद चुनाव आयोग भी विधायकों की संख्या और संविधान के आधार पर शिंदे गुट को ही शिवसेना का असली अधिकारी मान चुका है। उन्होंने कहा कि आयोग के फैसले को मैंने अपने निर्णय में ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि 2018 में संगठन का जो ढांचा है, उसे ही मान्य रखना होगा। उन्होंने कहा कि उसके बाद शिवसेना में संगठन के चुनाव ही नहीं हुए थे, जो संविधान के अनुसार जरूरी थे।

फैसले से पहले मिले सीएम शिंदे और राहुल नार्वेकर

बता दें कि आज के फैसले से पहले स्पीकर द्वारा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात पर उद्धव गुट ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि फैसला पहले से तय है और वह जानते हैं कि उनके खिलाफ ही फैसला लिया जाएगा। आदित्य ठाकरे कहा, पहली बात यह है कि हमने देखा कि स्पीकर ने फैसले से पहले मुख्यमंत्री से मुलाकात की। फिर यह धारणा देने की कोशिश की गई कि जिसे न्याय देना था वह आरोपी के पास जाता। इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। क्या कभी कोई जज फैसले से पहले आरोपी से मिलता है ?

उद्धव सीएम रहे, फिर भी कुछ नहीं पता – राहुल नार्वेकर

उद्धव गुट के सवाल पर स्पीकर राहुल नार्वेकर ने कहा था कि इस तरह के सवाल गलत हैं। उन्होंने कहा था कि उद्धव ठाकरे को यह जानना चाहिए कि सीएम क्यों स्पीकर से मिलने आए थे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था, ‘वह पूर्व सीएम हैं। उन्हें स्पीकर का रोल समझना चाहिए। स्पीकर बहुत से कामों के लिए सीएम से मिलते हैं। उद्धव ठाकरे जब सीएम थे तो उन्हें जानना चाहिए था कि स्पीकर का असेंबली में क्या काम होता है। ऐसे कई मसले होते हैं, जिसे लेकर सीएम को स्पीकर के पास जाना होता है और वे मिल सकते हैं।

फैसले से पहले सख्त हुई सुरक्षा

स्पीकर के फैसले से पहले महाराष्ट्र की डीजीपी रश्मि शुक्ला ने डिप्टी सीएम और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। यही नहीं फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए पहले ही स्पीकर राहुल नार्वेकर के बंगले के बाहर सुरक्षा सख्त कर दी गई थी। विधायकों के भविष्य पर फैसले के पहले रविवार को सीएम एकनाथ शिंदे की स्पीकर से मुलाकात पर सवाल उठे थे। उद्धव ठाकरे ने कहा था कि इस तरह की मुलाकात 10वीं अनुसूची के तहत नियम का उल्लंघन है। स्पीकर को बिना किसी दबाव में आए साफ-सुथरा फैसला लेना चाहिए।

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नहीं होगी शराब की बिक्री व स्कूल भी रहेंगे बंद, सीएम योगी ने दिए आदेश

22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह है। इसे लेकर योगी सरकार बेहद सतर्क नजर आ रही है। सीएम योगी ने इस कार्यक्रम को लेकर सभी बड़े अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि शहर की सफाई व सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। वहीं सीएम योगी ने रामलला प्राण-प्रतिष्ठा समारोह ‘राष्ट्रीय उत्सव’ को देखते हुए 22 जनवरी को राज्य के सभी शिक्षण संस्थाओं में छुट्टी रहने के भी निर्देश दिए हैं। सीएम ने साथ ही पूरे राज्य में इस दिन शराब की ब्रिकी पर भी रोक लगाई है और साथ ही अधिकारियों से कहा कि अयोध्या आने वाले सभी अगंतुकों को अविस्मरणीय अतिथि सत्कार का अनुभव होना चाहिए।

अयोध्या में कुंभ मॉडल होगा लागू

सीएम योगी ने अपने आदेश में यह भी कहा कि 22 जनवरी को सभी सरकारी भवनों की साज-सज्जा कराई जाए, साथ ही आतिशबाजी का भी प्रबंध किया जाए। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में स्वच्छ्ता का ‘कुंभ मॉडल लागू करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में होटल और धर्मशालाएं हैं। होम स्टे की व्यवस्था भी है। टेंट सिटी की संख्या और बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। कुंभ की तर्ज पर अयोध्या में 25-50 एकड़ में एक भव्य टेंट सिटी तैयार कराएं।

वीवीआईपी को लेकर खास व्यवस्था

मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वीवीआईपी के विश्राम स्थल पहले से ही तय होना चाहिए। जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। मौसम के दृष्टिगत संभव है कि कुछ अतिथि एक-दो दिन पहले ही आ जाएं, ऐसे में उनके रुकने की बेहतर व्यवस्था हो और साथ ही अयोध्याधाम आने वाले श्रद्धालुओं/पर्यटकों को नव्य, दिव्य, भव्य अयोध्या की महिमा से परिचय कराने के लिए टूरिस्ट गाइड तैनात करें। वहीं, अयोध्या में रह रहे बाहरी लोगों के वेरीफिकेशन भी कराने के निर्देश दिए हैं।

सीएम योगी ने की ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक

गौरतलब है कि आज मंगलवार को अयोध्या दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला और हनुमान गढ़ी के दर्शन-पूजन के उपरांत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। मकर संक्रांति के बाद शुरू हो रही प्राण प्रतिष्ठा के वैदिक अनुष्ठानों की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने समारोह की सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं में तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सभी आवश्यक सहयोग के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके बाद, आयुक्त सभागार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

नगर में कहीं भी गंदगी नहीं दिखनी चाहिए – सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आतिथ्य-सत्कार में स्वच्छता एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इसमें जनसहयोग लें, 22 जनवरी के उपरांत अयोध्या में दुनिया भर से रामभक्तों का आगमन होगा। उनकी सुविधा के लिए पूरे नगर में विभिन्न भाषाओं में साइनेज लगाए जाएं। संविधान की 08वीं अनुसूची में सम्मिलित भाषाओं और संयुक्त राष्ट्र की 06 भाषाओं में साईनेज हों। मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि धर्म पथ, जन्मभूमि पथ, भक्ति पथ, राम पथ जैसे प्रमुख मार्गों अथवा गलियों में धूल न उड़े, गंदगी न हो। जगह-जगह कूड़ेदान रखे हों। वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था हो। अभी 3800 से अधिक स्वच्छताकर्मी तैनात हैं, 1500 कर्मचारियों की संख्या और बढाएं। इसी के तहत मुख्यमंत्री योगी 14 जनवरी को अयोध्या में स्वच्छ्ता अभियान की शुरुआत करेंगे। नगर में कहीं भी गंदगी नहीं दिखनी चाहिए, अयोध्या प्रतिबंधित पॉलीथिन मुक्त नगर हो।

रैन बसेरे की होगी व्यवस्था

सीएम योगी ने कहा कि रैन बसेरे को और व्यवस्थित करें। कई स्थानों पर इनकी संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। धर्मनगरी में रात्रि विश्राम करने वाला एक भी व्यक्ति ठंड से ठिठुरता न मिले। राहत आयुक्त के स्तर से इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं। 22 जनवरी के समारोह के लिए पार्किंग और यातायात प्रबंधन की बेहतर कार्ययोजना बनाएं। अयोध्या को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गो पर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था हो। आगंतुकों के आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक बसों की पर्याप्त उपलब्धता हो। इनकी पार्किंग के इंतजाम कर लें।

प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का लाइव प्रसारण होगा

मुख्यमंत्री ने मीटिंग में कहा कि अयोध्या का डिजिटल टूरिस्ट ऐप इसी सप्ताह तैयार करवा लें। इसमें अयोध्या में मौजूद सभी आधारभूत सुविधाओं एवं प्रमुख स्थलों की जानकारी वॉक थ्रू के माध्यम से उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अयोध्या नगर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का लाइव प्रसारण हो। इसके लिए मोबाइल वैन,एलईडी स्क्रीन आदि की व्यवस्था होनी चाहिए।

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बिलकिस बानो केस में दोषियों की सजा माफी रद्द, जानिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सोमवार को बिलकिस बानो गैंगरेप केस के दोषियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार के फैसले को नकार दिया है। जी हाँ , गुजरात सरकार के फैसले को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो केस के दोषियों को दो हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार के फैसले को गलत करार करते हुए कहा कि गुजरात सरकार इस केस से जुड़ा कोई भी फैसला लेने में सक्षम नही थी, गुजरात सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने ‘फ्रॉड एक्ट’ घोषित कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा देश की हर महिला सम्मान की हकदार है। फिर चाहे वह किसी भी समाज में कितनी भी ऊंची या नीची क्यों ना हो।

सुप्रीम कोर्ट ने बताया की कैसे दोषी पक्ष भौतिक तथ्यों को दबाकर और एक झूठा तथ्य बनाकर सजा माफ कराने का सोच रहे थे। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरथाना और उज्जल भुइयां की बेंच ने यह फैसला सुनाया। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो गैंगरेप केस के 11 दोषियों को सजा सुई और दो हफ्ते के भितर-भितर सरेंडर करने का आदेश दिया है। इसी के साथ जस्टिस नागरथाना ने बताया कि इस अदालत में धोखाधड़ी का खेल खेला गया है। गुजरात सरकार को सजा की छूट पर विचार करने का कोई निर्देश ही नही दिया गया था।

क्या है बिलकिस बानो केस

लंबे समय से बिलकिस बानो केस मुद्दा बना रहा है। साल 2002 के दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ 11 लोगों ने गैंगरेप किया था। बताया जाता है कि, उस दौरान बिलकिस 5 महीने की प्रेग्नेंट भी थीं और उसकी भी मृत्यु हो गयी थी। हालांकि , मामले को लेकर दोषियों को आजीवान कारावास की सजा भी सुनाई गई।

कानून द्वारा बनाए गए एक बिल के अनुसार , सभी दोषी 14 साल की सजा काट चुके थे जिसके बाद गुजरात सरकार
ने उन्हें बरी कर दिया था। बिलकिस इसके बाद सुप्रीम कोर्ट गयी और दोषियों की रिहाई के खिलाफ आवाज़ उठाई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में गुजरात सरकार के फैसले को पलटते हुए दोषियों की सजा माफी रद्द कर दी है। फैसले में कहा कि जहां अपराधी के खिलाफ मुकदमा चला और सजा सुनाई गई, वही राज्य दोषियों की सजा माफी का फैसला कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा दोषियों की सजा माफी का फैसला गुजरात सरकार नहीं कर सकती बल्कि महाराष्ट्र सरकार इस पर फैसला करेगी। गौरतलब है कि बिलकिस बानो मामले की सुनवाई महाराष्ट्र में हुई।

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भूकंप के तेज झटके से फिर हिला जापान, सुनामी की चेतावनी नहीं

जापान में फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। मध्य जापान में मंगलवार को 6.0 तीव्रता का भूकंप आया, लेकिन अभी तक सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा कि भूकंप जापान सागर के तट पर आया, जिससे देश का वही हिस्सा हिल गया जहां 1 जनवरी को एक शक्तिशाली भूकंप ने मध्य जापान के हिस्सों को तबाह कर दिया था। भूकंप के झटकों ने व्यापक विनाश किया और मरने वालों की संख्या 200 से अधिक हो गई। अधिकारियों ने कहा कि 100 का अभी भी पता नहीं चल पाया है।

नोतो प्रायद्वीप में भूस्खलन के खतरे की चेतावनी

जापान के पश्चिमी तट पर एक सप्ताह पहले आए भूकंप की वजह से रातोंरात बेघर हुए हजारों लोग थकान और अनिश्चितता की स्थिति में जी रहे हैं। 7.6 तीव्रता वाले भूकंप के बाद बचाव प्रयास में हजारों सैनिक, दमकलकर्मी और पुलिस कर्मी शामिल हैं, जिन्होंने सोमवार को मलबे में लोगों की तलाश की। प्राधिकारियों ने इशिकावा प्रांत में नोतो प्रायद्वीप में भूस्खलन के खतरे की चेतावनी दी है, जहां भूकंप आए थे। बर्फबारी से यह खतरा बढ़ गया है।

भूकंप में अब तक 161 लोगों की मौत

इस साल के पहले ही दिन जापान में खतरनाक भूकंप आया था। 7.6 तीव्रता वाले भूकंप ने देशभर में तबाही मचाई। सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की गई। साथ ही आने वाले वक्त में और भूकंप आने की आशंका जताई गई थी। एक जनवरी को आए भूकंप में अब तक 161 लोगों की मौत हो चुकी है। सैंकड़ों दुकान-मकान क्षतिग्रस्त हो गए। एक जनवरी को आए भूकंप के बाद कई घरों में बिजली की संकट पैदा हो गई है। जापान के इशिकावा प्रांत के निवासियों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। अनामिज़ू में 1,900 घरों में बिजली नहीं थी और इशिकावा प्रांत में लगभग 20,000 घरों में बिजली नहीं है। टेलीफोन सेवा भी ठप्प है।

भूकंप के बाद करीब 30,000 लोग बेघर हुए

भूकंप में मरने वाले लोगों में से 70 की मौत वाजिमा, 70 की सुजु, 11 की अनामिजु और बाकी लोगों की मौत चार शहरों में हुई। कम से कम 103 लोग अभी लापता हैं, 565 घायल हैं और 1,390 मकान ध्वस्त हो गए हैं या काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूकंप के बाद करीब 30,000 लोग स्कूलों, सभागारों और अन्य बचाव केंद्रों में रह रहे हैं और उन्हें कोविड-19 संक्रमण के मामले और अन्य बीमारियां होने की चिंता है। आश्रय गृहों में लोग अब भी ठंडे फर्श पर सोने को मजबूर हैं। कई लोग थकान और चिंता से त्रस्त हैं और कई शोकाकुल हैं।

read more : मतभेदों को भुलाएं और मीडिया में न उठाएं आंतरिक मुद्दे – मल्लिकार्जुन खरगे

मतभेदों को भुलाएं और मीडिया में न उठाएं आंतरिक मुद्दे – मल्लिकार्जुन खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी पर पिछले 10 साल की अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भावनात्मक मुद्दे उठाने का आरोप लगाया और कार्यकर्ताओं से 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। देश भर के पार्टी नेताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि वे अपने मतभेदों को भुलाएं, मीडिया में आंतरिक मुद्दे न उठाएं और पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक टीम के रूप में काम करें।

उन्होंने कहा, ”आप देख रहे होंगे कि भाजपा के सारे हमले कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन पर हो रहे हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन केवल नाममात्र का रह गया है। जबकि इंडिया गठबंधन में जमीन से जुड़ी प्रमुख पार्टियां हैं, जिनके पास मजबूत कार्यकर्ता, आधार और विचारधारा है।

जानबूझकर हर मुद्दे में कांग्रेस को करते है शामिल

उन्होंने कहा, ”भाजपा पिछले 10 साल में अपनी सरकार की विफलताओं को छिपाने के लिए भावनात्मक मुद्दों को आगे बढ़ा रही है। वे जानबूझकर हर मुद्दे में कांग्रेस को शामिल करते हैं। हमें एकजुट होकर लोगों के सामने जमीनी मुद्दों पर भाजपा के झूठ, फरेब और गलत बातों का मुंहतोड़ जवाब देना है।” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कन्याकुमारी से कश्मीर ‘भारत जोड़ो यात्रा’ करने के लिए राहुल गांधी की सराहना की और विश्वास जताया कि मणिपुर से महाराष्ट्र तक उनकी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ सामाजिक न्याय के मुद्दों को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में लाएगी।

इस बैठक का एजेंडा 2024 के लोक सभा चुनाव में विजय सुनिश्चित करने और ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की विस्तार से तैयारी करना था। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ”हमारे लिए दोनों की सफलता जरूरी है इसलिए हम सबको इस बीच में काफी समय देना है। यात्रा में कांग्रेस आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक अन्याय की हकीकत लोगों के सामने रखेगी।

कांग्रेस की योजनाओ को देते है अपना नाम – मल्लिकार्जुन खरगे

संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिये अपनी अवाज़ पूरी ताकत से उठानी है, कांग्रेस के कैडर इसे सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएगें। ” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आधुनिक भारत बनाने में कांग्रेस के योगदान को नजरंदाज करने का लगातार प्रयास कर रही है, जिसका कि पार्टी कार्यकर्ताओं को ठोस जवाब देना है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले 10 साल में एक भी ऐसा काम नहीं किया है जिसे मील का पत्थर कहा जा सके। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वे (भाजपा सरकार) कांग्रेस के जमाने की योजनाओं का नाम और रूप बदलने का काम करते रहे हैं। वे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और बड़ी संस्थाओं को बेच रहे हैं। देश की लाइफलाइन रेलवे से लेकर हर संस्थान को तबाह किया है।

प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर रहे हैं। मणिपुर में आज तक प्रधानमंत्री का न जाना ये बताता है कि राष्ट्रीय सवालों पर वे कितनी गैर जिम्मेदारी से काम करते हैं।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की आंख और कान बताया और उनसे अगले तीन महीने रात-दिन एक करके पार्टी के लिए जी जान से जुट जाने की अपील की।

read more : हिट एंड रन कानून के खिलाफ हुआ चक्का जाम, जाने क्या है ड्राइवरों की मांग

हिट एंड रन कानून के खिलाफ हुआ चक्का जाम, जाने क्या है ड्राइवरों की मांग

बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र और पंजाब तक बस और ट्रक के ड्राइवरों ने हिट एंड रन कानून के खिलाफ हड़ताल का ऐलान कर रखा है। इस कारण कहीं स्कूल बंद कर दिए गए हैं तो कहीं सामान की सप्लाई में रुकावट पैदा हो गई है। हालात ऐसे हैं कि पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और लोग ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल-डीजल लेकर घर जाना चाह रहे हैं। लेकिन ये नौबत आई क्यों ? आखिर क्यों ड्राइवर इस कानून को विरोध में हैं और क्या हैं उनकी मांग ? आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब हमारी इस खबर के माध्यम से।

पहले क्या थे कानून ?

हिट एंड रन के लिए नए कानून बनने से पहले हादसा करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ IPC की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाने), धारा 304ए (लापरवाही से मौत) और धारा 338 (जान जोखिम में डालने ) के तहत केस दर्ज किया जाता था। इसमें दो साल की सजा का प्रावधान था। कई बार ड्राइवर को आसानी से जमानत मिल जाती थी। हालांकि, अब नए कानून में अगर ड्राइवर किसी को कुचल कर फरार हो जाता है तो उसके खिलाफ धारा 104(2) के तहत केस दर्ज होगा और 10 साल की जेल और जुर्माना भरना पड़ेगा।

क्या है हिट एंड रन कानून के नियम ?

कुछ ही दिनों पहले संसद ने भारतीय न्याय संहिता को पास किया था। इसमें हिट एंड रन के मामले को लेकर नए कानून बनाए हैं। इसमें मुख्यत: दो भाग हैं- पहला कि अगर कोई ड्राइवर लापरवाही के कारण किसी की मौत का कारण बनता है तो ये गैर इरादतन हत्या नहीं होगी। उसे 5 साल तक की सजा हो सकती है। वहीं, अगर कोई ट्रक या डंपर या वाहन चालक किसी व्यक्ति को कुचल कर अधिकारियों को बिना सूचना दिए भाग जाता है तो उसे अब 10 साल तक की जेल हो और 7 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। हालांकि, घायल को अस्पताल पहुंचाने पर सजा में कुछ रियायत का प्रावधान भी किया गया है।

तो अब क्या हैं ड्राइवर्स की मांग ?

बस और ट्रक ड्राइवरों की इस हड़ताल का नेतृत्व ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AITMC) कर रही है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस का कहना है कि नए कानून में कई खामियां हैं जिनपर दोबारा सोचे जाने की जरूरत है। जानकारों की मानें तो ड्राइवर नए कानून के तहत आने वाले कड़े प्रावधानों यानी 10 साल की सजा और जुर्माने की रकम को लेकर चिंता में हैं। कुछ ने इसे काफी कठोर कानून बताया है। वाहन चालक पीएम मोदी से इस कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

पेट्रोल पंप पर लग रही कतार

ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल का कई राज्यों में बड़ा असर देखने को मिल रहा है। पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें देखीं जा रही हैं। दरअसल इसका कारण है लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर पैनिक बायिंग यानी कि ज्यादा ईंधन की खरीद। ट्रक ड्राइवरों की इस हड़ताल के कारण ईंधन के पेट्रोल पंप तक पहुंचने में समस्या आ रही है। ऐसे में लोगों में पेट्रोल-डीजल की कमी का भय है। यही कारण है कि पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या का प्राचीन गौरव लौटाया – स्वाती सिंह

अयोध्या। पीएम नरेन्द्र मोदी के यश्स्वी नेतृत्व ने धर्मनगरी अयोध्या को उसका प्राचीन गौरव लौटाया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अयोध्या दिव्य-भव्य के साथ नव्य भी हो चुकी है। नव्य व भव्य अयोध्या का स्वरूप देखकर हर रामभक्त का मन हर्षित है। अपने कण-कण में बसे भगवान राम के बिना लगभग 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद राम की अयोध्या फिर राममय होने जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के करकमलों से 22 जनवरी को प्रभु श्रीराम अपने दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। प्राण-प्रतिष्ठा से पहले उल्लासमय हो चुकी अयोध्या सनातन धर्म का केंद्र बिंदु बनने जा रही है।

अपने पुराने वैभव की ओर बढ़ी आयोध्या

सनातन संस्कृति के अनुसार, विश्व का पहला साम्राज्य वैवस्वत मनु द्वारा स्थापित किया गया था जिसकी राजधानी अयोध्या ही थी। यह अयोध्या नगरी ही थी जिसने राजा शिवि के बलिदान, भगीरथ की तपस्या, हरिश्चंद्र की सत्यवादिता, इक्ष्वाकु और रघु के पराक्रम का प्रतिमान रहे सूर्यवंश का साक्षात्कार किया और बाद में इसी कुल में जन्मे प्रभु श्रीराम द्वारा ‘राम राज’ के आदर्श को यथार्थ बनते देखा। ऐसी वैभवशाली अयोध्या सदियों की अपेक्षा और पराभव के बाद आज एक बार फिर उठ खड़ी हुई है और तेजी से अपने पुराने वैभव की ओर बढ़ चली है जिसका सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल क्रियान्वयन को जाता है।

नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का किया उद्घाटन – पीएम मोदी

कभी पुष्पक विमान का संचालन देख चुकी अयोध्या आज एक बार फिर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में हवाई यातायात से जुड़ने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज अयोध्या में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस हवाई अड्डे का वास्तु और डिज़ाइन बेहद ख़ास है। यह पूरी तरह से श्रीराम के जीवन से प्रेरित है तथा ‘नागर शैली’ के आधार पर इसका विकास किया गया है।

अपने घरों में श्री राम ज्योति जलाकर दीपावली – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धर्मनगरी में 140 करोड़ देशवासियों से 22 जनवरी को जब अयोध्या में प्रभु श्री राम विराजमान हों, तब अपने घरों में श्री राम ज्योति जलाकर दीपावली मनाने का आग्रह किया। ऐसे में अयोध्या के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के विकास को अयोध्या नई दिशा देने वाली है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले मिथिला से रामनगरी को रेल मार्ग से जोड़ने की संतों की बहुप्रतीक्षित इच्छा को पूरा किया। अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे, अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का उद्घाटन, दो अमृत भारत और छह नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने समेत 15,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। प्रधानमंत्री ने तीन बार सियावर राम चंद्र की जय के जयकारे लगवाकर माहौल को राममयी बना दिया।

read more : रामलला ही नहीं 4 करोड़ गरीबों को भी मिला पक्का घर – पीएम मोदी

रामलला ही नहीं 4 करोड़ गरीबों को भी मिला पक्का घर – पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में 15,700 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर पीएम ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया उत्सुकता के साथ 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रही है। ऐसे में अयोध्यावासियों में ये उत्साह और उमंग स्वाभाविक है। भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन का मैं पुजारी हूं और मैं भी आपकी तरह उतना ही उत्सुक हूं।

अमृतकाल के संकल्प को बढ़ा रहे हैं आगे

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज यहां 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े ये काम आधुनिक अयोध्या को देश के नक्शे पर फिर से गौरव के साथ स्थापित करेंगे। आजादी के आंदोलन से जुड़े ऐसे पावन दिवस पर आज हम आजादी के अमृतकाल के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। आज विकसित भारत के निर्माण को गति देने के अभियान को अयोध्या नगरी से नई ऊर्जा मिल रही है।

30 दिसबंर है ऐतिहासिक दिन – पीएम मोदी

आजादी के आंदोलन से जुड़े ऐसे पावन दिवस पर आज हम आजादी के अमृतकाल के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। आज विकसित भारत के निर्माण को गति देने के अभियान को अयोध्या नगरी से नई ऊर्जा मिल रही है। पीएम मोदी ने कहा कि देश के इतिहास में 30 दिसंबर की तारीख बहुत ऐतिहासिक रही है। 1943 में आज के ही दिन नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने अंडमान में झंडा फहरा कर भारत की आजादी का जयघोष किया था।

हमे अपनी विरासत को संभालना ही होगा – पीएम मोदी

दुनिया में कोई भी देश हो, अगर उसे विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचना है, तो उसे अपनी विरासत को संभालना ही होगा। हमारी विरासत हमें प्रेरणा देती है, हमें सही मार्ग दिखाती है। इसलिए आज का भारत, पुरातन और नूतन दोनों को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहा है।

रामलला को ही नहीं बल्कि पक्का घर देश के 4 करोड़ गरीबों को भी मिला

आज देश में सिर्फ केदार धाम का पुनरुद्धार ही नहीं हुआ है, बल्कि 315 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज भी बने हैं। आज देश में महाकाल महालोक का निर्माण ही नहीं हुआ है, बल्कि हर घर जल पहुंचाने के लिए पानी की 2 लाख से ज्यादा टंकियां भी बनवाई गई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था, जब यहीं अयोध्या में रामलला टेंट में विराजमान थे। आज पक्का घर सिर्फ रामलला को ही नहीं बल्कि पक्का घर देश के 4 करोड़ गरीबों को भी मिला है। आज का भारत अपने तीर्थों को भी संवार रहा है, वहीं डिजिटल टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी छाया हुआ है।

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सीएम योगी ने दिए निर्देश : सिपाही भर्ती में सभी वर्गों को आयु सीमा में मिली छूट

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सिपाही नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का आदेश दिया है। अभ्यर्थियों द्वारा आयु सीमा में छूट की मांग का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि आयु सीमा में छूट देने के लिए कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।

दरअसल, सिपाही भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद आयु सीमा को लेकर असंतोष पनप रहा था। अभ्यर्थियों की मांग पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त समेत कई विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने भी आयु सीमा में छूट देने की मांग की थी। वहीं, हाईकोर्ट में भी इस संबंध में याचिका दायर कर दी गयी। सबसे ज्यादा नाराजगी सामान्य वर्ग की आयु सीमा को लेकर पनप रही थी। दरअसल, पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 से 22 वर्ष निर्धारित की गयी है। पुलिस में भर्ती होने के इच्छुक युवाओं की दलील थी कि वर्ष 2018 के पांच साल बाद करीब 60 हजार पदों पर भर्ती होने जा रही है।

तो इस तरह मिलेगी छूट

सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद सामान्य वर्ग के ऐसे अभ्यर्थी जिनकी 18 वर्ष से अधिक हो, लेकिन 25 वर्ष पूरी न हुई हो, आवेदन कर सकेंगे। इसी तरह 28 वर्ष से कम उम्र की महिलाएं और 30 वर्ष से कम उम्र के अन्य वर्गों के अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे।

सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध – सीएम योगी आदित्यनाथ

अभ्यर्थियों की दलील थी कि भर्तियों में पांच साल का विलंब होने से तमाम युवाओं की आयु सीमा इससे अधिक हो चुकी है। इससे उनको पुलिस में भर्ती होने का मौका नहीं मिल सकेगा। बता दें कि वर्ष 2018 में सिपाही के कुल 49,568 पदों पर भर्ती हुई थी। इनमें नागरिक पुलिस के 31,360 और पीएसी के 18,208 के पद शामिल थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं के हितों एवं उनके उज्जवल भविष्य के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में यूपी पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस के पद पर भर्ती के लिए जारी प्रक्रिया में सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए उच्चतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया है।

read more : भारत-पाकिस्तान के बीच वार्ता नहीं तो गाजा-फिलिस्तीन जैसा होगा हश्र – अब्दुल्ला

भारत-पाकिस्तान के बीच वार्ता नहीं तो गाजा-फिलिस्तीन जैसा होगा हश्र – अब्दुल्ला

नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि अगर भारत-पाकिस्तान के बीच वार्ता नहीं हुई तो हमारा हश्र गाजा और फिलिस्तीन जैसा ही होगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि हम अपने दोस्त बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं। अगर हम अपने पड़ोसियों के साथ मित्रवत रहेंगे तो दोनों प्रगति करेंगे। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि युद्ध अब कोई विकल्प नहीं है और मामले बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए। तो अब बातचीत कहां है ?

पाकिस्तान से बातचीत की वकालत

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि नवाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने वाले हैं और वे कह रहे हैं कि हम भारत के साथ बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन क्या कारण है कि हम बात करने के लिए तैयार नहीं हैं ? यदि हम बातचीत के माध्यम से कोई समाधान नहीं ढूंढते हैं, तो हमारा हश्र गाजा और फिलिस्तीन जैसा ही होगा, जिन पर इजराइल द्वारा बमबारी की जा रही है।

कश्मीर में बढ़ी आतंकी वारदात

बता दें कि फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के बड़े नेता हैं और वे राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह हमेशा से भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत के पक्षधर रहे हैं। अभी हाल में ही कश्मीर में आतंकी घटनाएं बढ़ने के बाद फारूक अब्दुल्ला का यह बयान सामने आया है। पिछले दिनों आतंकी मुठभेड़ में सेना के चार जवान शहीद हो गए थे।

अल्लाह ही जानें हमारा क्या हाल होगा – फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला ने भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत की वकालत करते हुए कहा कि अगर हम पड़ोसियों के साथ दोस्ती में रहेंगे तो दोनों तरक्की करेंगे। अगर दुश्मनी में रहेंगे तो हम आगे तेजी से नहीं बढ़ सकते। अगर हमनें बातचीत के जरिए मुद्दा सुलझाया नहीं तो माफी चाहता हूं आपसे कहने का कि हमारा भी वही हाल होगा जो आज गाजा और फिलिस्तान में हो रहा है। जहां पर इजरायल बमबारी कर रहा है। कुछ भी हो सकता है। अल्लाह ही जानें हमारा क्या हाल होगा।

read more : दिल्ली सरकार की मुश्किलें बढ़ीं, एल जी ने दिए सीबीआई जांच के आदेश

दिल्ली सरकार की मुश्किलें बढ़ीं, एल जी ने दिए सीबीआई जांच के आदेश

दिल्ली सरकार के अस्पतालों में नकली दवाओं की सतर्कता विभाग की रिपोर्ट पर दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव नरेश कुमार को पत्र लिखकर इसकी सीबीआई जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक एलजी ने दिल्ली सरकार द्वारा अस्पतालों के लिए खरीदी गई नकली दवाइयों के मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक लोगों की शिकायतों पर आप सरकार अब इस मामले पर घिरती नजर आ रही है। कहा तो ये भी जा रहा है कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों ने बेतरतीब ढंग से नकली दवाइयां खरीदी और ये दवाइयां सरकारी और निजी परीक्षण प्रयोगशालाओं में परीक्षण के दौरान फेल पाई गई हैं। इस टेस्ट के बाद से एक हड़कंप मच गया है।

सीएम अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा अप्रामाणिक दवाएं खरीदे जाने को लेकर एलजी ने ये आदेश दिए हैं, एजेंसी की रिपोर्ट की मुताबिक लोगों की शिकायतों पर आप सरकार ने अस्पतालों के लिए बेतरतीब तरीके से दवाओं की खरीद की थी। जब इन दवाओं का परीक्षण किया गया तो ये दवाएं सरकारी और निजी परीक्षण प्रयोगशालाओं में टेस्ट के दौरान मापदंडों को पूरा करने में विफल साबित हुई हैं।

सारे रिपोर्ट हमारे पास है – भाजपा

भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि जो भी दिल्ली सरकारी अस्पताल में जो इलाज करवा रहे हैं वो भगवान की कृपा से जीवित है। उन्होंने कहा कि विजिलेंस और लैब रिपोर्ट हमारे पास है। सरकार जनता की जान के साथ खिलवाड़ कर रही है। जिन दवाइयों से लोग ठीक होने की उम्मीद करते हैं उनके सैंपल फेल हो गए है।

भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने बताया कि 5 कंपनियों के सैंपल फेल हुए है। लोगो की शिकायत के बाद जांच हुई है। जो सबसे बड़ी दवाई है वो हार्ट के इलाज के लिए है। जिससे कुछ फर्क नहीं पड़ रहा की मरीज ठीक नहीं हो रहा है या नहीं, लेकिन लोगों की जिंदगी से खेलना उनको घटिया इलाज देना दिल्ली सरकार मानवता की दुश्मन है।

दिल्ली की सरकार ये घोटालेबाज सरकार है

शराब घोटाला किया, जल बोर्ड का घोटाला किया, राशन कार्ड घोटाला किया, डीटीसी बस घोटाला किया और अब ये दवाई घोटाला। ये दवाइयां अस्पताल के साथ मोहल्ला क्लिनिक में भी इस्तेमाल हो रही है। आपको पैसे की इतनी भूख है कि आप लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करोगे। मुख्यमंत्री अपने स्वास्थ्य मंत्री को गिरफ्तार करे। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जांच के आदेश दिए है।

read more : नंदी की झूठी चिंता करना छोड़ दें अखिलेश यादव – पूर्व मंत्री स्वाती सिंह

नंदी की झूठी चिंता करना छोड़ दें अखिलेश यादव – पूर्व मंत्री स्वाती सिंह

रिपोर्ट- सुनील कुमार गुप्ता। पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जोरदार हमला करते हुए कहा कि राजनीति की सुई अब नंदी पर ही आकर अटक गई है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गोसंरक्षण केन्द्रों की स्थापना की है। स्विट्जरलैंड की तर्ज पर लखनऊ में आधुनिक गोशाला बनाने जा रही है। सपा नेता नदीं की झूठी चिंता करना छोड़ दें। दरअसल, अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को एक्स (पहले ट्विटर) पर नंदी की फोटो पोस्ट कर लिखा कि क्या 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का यही एक रास्ता बचा है।

इसका जवाब देते हुए पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने शासनकाल में गोहत्या को खुली छूट दे रखी थी। जबकि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने नेतृत्व में भाजपा सरकार आते ही अवैध बूचड़खाने और मांस की दुकानें तत्काल बंद कराई गईं। पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव नंदी और गायों के लिए नहीं बल्कि बंद बूचड़खानों के लिए चिंतित है।

पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि निराश्रित गोवंश के लिए योगी सरकार राज्य में विशेष अभियान भी चला रही है। सरकार ने निराश्रित गोवंश के लिए गोसंरक्षण केन्द्रों की स्थापना के साथ उनके भरण – पोषण के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं। इसके साथ ही गोसंरक्षण केन्द्रों पर नंदी के लिए अलग शेड की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में अखिलेश यादव को नंदी की झूठी चिंता करने की बिलकुल भी जरूरत नहीं है।

read more : पीजीआई अस्पताल में लगी आग का सीएम योगी ने लिया संज्ञान, दो मरीज़ो की मौत

पीजीआई अस्पताल में लगी आग का सीएम योगी ने लिया संज्ञान, दो मरीज़ो की मौत

लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में अचानक से आग लग गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग अस्पताल के पुराने ओपीडी भवन में लगी है। बताया जा रहा है कि यहां एक वेंटिलेटर फट गया, जिसके बाद आग ने भयानक रूप धारण कर लिया। आग लगते ही मौके पर भगदड़ मच गई। अभी तक इस आगे से दो लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की जानकारी सामने आई है। पूरे अस्पताल को खाली करा लिया गया है। मौकेपर आधा दर्जन से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौजूद हैं।

सीएम योगी ने लिया घटना का संज्ञान

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के एसजीपीजीआई में लगी आग की घटना का संज्ञान लिया है। सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों और फायर बिग्रेड की टीमों को मौके पर पहुंचकर तेजी से राहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाने और उचित उपचार देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा

बता दें कि लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में आग लगने के मामले में एक महिला और एक बच्चे की मौत भी हो गई है। यूपी में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ पीजीआई की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। आग किन कारणों से लगी, कैसे लगी इन सभी मामलों की बिंदुवार जांच की जाएगी। इस घटना में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ हैं। हर स्थिति में इसमें न्याय मिलेगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।

पीजीआई अस्पताल में आग लगने से दो मरीज़ो की मौत

बता दें कि पीजीआई आग हादसे में एक महिला और तीन महीने के एक बच्चे की मौत हो गई है। आग लगने की घटना पीजीआई के ओटी में दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर स्पार्क होने की वजह से लगी। इसके बाद आग पूरे परिसर में फैल गई। आनन-फानन में सभी मरीजों को पोस्ट ऑपरेटिव आईसीयू में शिफ्ट किया गया। इस घटना में एक महिला जिसकी एन्डोसर्जरी ओटी में चल रही थी, जिसे बचाया नहीं जा सका और साथ ही एक बच्चे की हार्ट सर्जरी की जा रही थी, उसे भी नहीं बचाया जा सका।

read more :  मथुरा शाही ईदगाह मामले में हाईकोर्ट आज सुना सकता है फैसला, सर्वे पर सुनवाई पूरी

मथुरा शाही ईदगाह मामले में हाईकोर्ट आज सुना सकता है फैसला, सर्वे पर सुनवाई पूरी

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटे शाही ईदगाह परिसर के प्राथमिक सर्वेक्षण की मांग वाले मामले पर सुनवाई पूरी कर ली है। हाई कोर्ट शाम चार बजे तक अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। हाई कोर्ट आज सर्वे के तौर-तरीकों पर अपना फैसला सुनाएगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसमें अदालत की निगरानी में अधिवक्ता आयुक्तों की तीन सदस्यीय टीम द्वारा शाही ईदगाह परिसर के प्राथमिक सर्वेक्षण की अनुमति दी गई थी।

हिंदू पक्ष के वकील ने कहा

शीर्ष अदालत ने शाही ईदगाह के सर्वेक्षण के लिए आयोग की नियुक्ति के आदेश पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि वह कुछ भी रोक नहीं लगाएगी। इस मामले पर हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है और जहां तक ​​स्थानांतरण आदेश को चुनौती देने का सवाल है, मामले की तारीख 9 जनवरी तय की है।

शाही ईदगाह में हिंदू मंदिर होने का किया था दावा

बता दें कि शाही मस्जिद ईदगाह परिसर के बारे में याचिकाकर्ताओं का दावा है कि ऐसे संकेत मिले हैं जो बताते हैं कि यह कभी एक हिंदू मंदिर था। न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की अदालत ने कहा था कि 18 दिसंबर को अगली सुनवाई में सर्वेक्षण के तौर-तरीकों पर चर्चा की जाएगी।

ओवैसी ने साथा था निशाना

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में किसी का नाम लिए बिना कहा था कि एक नया समूह इन विवादों को उठा रहा है। चाहे वह काशी हो, मथुरा हो या लखनऊ की टीले वाली मस्जिद, यह एक ही समूह है। उपासना स्थल अधिनियम अब भी लागू कानून है। लेकिन इस समूह ने कानून और न्यायिक प्रक्रिया का मजाक बना दिया है। हाई कोर्ट को इस मामले पर नौ जनवरी को सुनवाई करनी थी, तो ऐसी क्या जल्दी थी कि सर्वेक्षण का आदेश देना पड़ा। उन्होंने कहा कि मथुरा मंदिर-मस्जिद विवाद दशकों पहले मस्जिद समिति और मंदिर के ट्रस्ट के बीच आपसी सहमति से सुलझा लिया गया था।

read more :  संसद सुरक्षा चूक मामले में एक और आरोपी आया सामने, करता था माइंडवॉश

संसद सुरक्षा चूक मामले में एक और आरोपी आया सामने, करता था माइंडवॉश

बुधवार को दोपहर को देश में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब संसद में दर्शक दीर्घा से दो युवक नीचे कूद गए। यहां उन्होंने कलर स्प्रे करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही उसी वक्त संसद सदन के बाहर भी दो लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया था। अब इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है। जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं, वहीं पुलिस अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और अब एक अन्य को गिरफ्तार करने की तैयारी में है।

ललित झा का करीबी है महेश कुमावत

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड ललित झा की एक और शख्स ने मदद की थी। वह कोई और नहीं बल्कि महेश कुमावत है। वह अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से युवाओं को बरगला रहा था और उनका माइंड वॉश कर रहा था। पुलिस अधिकारी अब उसके एकाउंट को डिकोड करने में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार, महेश क्रांतिकारियों की तस्वीरों का इस्तेमाल कर सरकार विरोधी वीडियो के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश करता था।

संसद सुरक्षा मामले पूछताछ कर रही है पुलिस

इसके साथ ही इस घटना को अंजाम देने के बाद जब ललित फरार हुआ था, तब भी महेश ने उसकी मदद की थी। पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि वह इस पूरे कांड में आरोपियों को सिर्फ लॉजिस्टिक ही प्रोवाइड नहीं करा रहा था बल्कि इस गुट और साजिश का अहम किरदार भी था। अब पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और माना जा रहा है कि स्पेशल सेल उसे भी गिरफ्तार कर सकती है।

बीजेपी सांसद का भी बयान दर्ज करेगी स्पेशल सेल

वहीं इस मामले में स्पेशल सेल भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रताप सिम्हा से भी पूछताछ करेगी। जानकारी के अनुसार, स्पेशल सेल अगले हफ्ते सांसद के घर पर उनका बयान दर्ज कर सकती है। प्रताप अभी दिल्ली से बाहर हैं। बता दें कि कर्नाटक के मैसूर से सांसद प्रताप सिम्हा के रेफरेंस से ही आरोप सागर शर्मा और मनोरंजन लोकसभा में पहुंचे थे और दर्शक दीर्घा से नीचे संसद में सांसदों के बैठने वाले स्थान पर कूद गए थे।

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कैश फॉर क्वेरी मामले में महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता हुई रद्द

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द की कर दी गई है। संसद ने इस बारे में एक प्रस्ताव पास कर दिया है। महुआ के खिलाफ ये एक्शन कैश फोर क्वेरी केस में लिया गया है। बता दें कि शुक्रवार को लोकसभा में एथिक्स कमेटी ने महुआ के खिलाफ जांच रिपोर्ट को पेश किया था जिसके बाद ये कार्रवाई की गई।

रिश्वत लेने का लगा है आरोप

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी शिकायत में मोइत्रा पर उपहार के बदले व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर अडानी समूह और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए लोकसभा में सवाल पूछने का आरोप लगाया था। दुबे ने कहा कि आरोप सुप्रीम कोर्ट के एक वकील के पत्र पर आधारित थे जो उन्हें मिला था, जिसमें मोइत्रा और व्यवसायी के बीच “रिश्वत के लेन-देन के कई सबूत मौजूद हैं।

मुहआ मोइत्रा ने की बदतमीजी- भाजपा

कैश फॉर क्वेरी मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पर बीजेपी की सांसद अपराजिता सांरगी ने कहा कि विपक्ष से सवाल है कि उन्होंने (महुआ मोइत्रा) ने जो किया वो सही था या गलत। तीन बैठक हुई और इसमें महुआ मोइत्रा को समय दिया गया। मीटिंग के दौरान मोइत्रा ने बदतमीजी भी की।

महुआ मोइत्रा को लोकसभा सदस्य के रूप में निष्कासित

टीएमसी की महुआ मोइत्रा को लोकसभा सदस्य के रूप में निष्कासित करने के बाद सदन को 11 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि यह सदन समिति के निष्कर्ष को स्वीकार करता है कि सांसद महुआ मोइत्रा का आचरण एक सांसद के रूप में अनैतिक और अशोभनीय था। इसलिए, उनका सांसद बने रहना उचित नहीं है।

विपक्षी सांसदों ने की थी निष्कासित किये जाने से पहले चर्चा की मांग

पहले यह रिपोर्ट चार दिसंबर को लोकसभा में पेश किये जाने के लिए सदन की कार्यसूची में सूचीबद्ध थी। कुछ विपक्षी सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया है कि महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने पर फैसला लिये जाने से पहले समिति की सिफारिशों पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।

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घर पर आने वाली ही थी बारात पर दुल्हन ने उठाया ऐसा कदम कि बदल गया दूल्हा

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसकी चर्चा पूरे इलाके में है। दरअसल, एक युवती ने शादी वाले दिन ही अपने प्रेमी से मंदिर में विवाह कर लिया। युवती की अरेंज मैरिज शादी होने वाली थी लेकिन उसे दूल्हा मंजूर नहीं था। मामला करारी थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गवारा गांव का है। प्रेमी से शादी करने के लिए युवती ने अपने प्रेमी के साथ भाग कर एक मंदिर में हिन्दू रीत-रिवाज़ के से शादी कर ली। मंदिर के पुजारी ने विवाह सम्पन्न कराया। शादी होने के बाद युवती प्रेमी को लेकर करारी थाने पहुंची। जहां पर उन्होंने अपने पिता के खिलाफ तहरीर दी।

पिता के खिलाफ पुलिस में शिकायत की

पुलिस को दी गई शिकायत में युवती ने कहा है कि उसने घर से भागकर अपने ब्वॉयफ्रेंड से शादी कर ली है। इससे मेरे पिता बेहद नाराज हैं। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी है।लिहाज़ा पुलिस जानमाल की सुरक्षा करे। युवती ने करारी थाने में तहरीर देकर बताया कि वह अपने गांव के एक युवक से प्रेम करती है। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। लेकिन जैसे ही इस बात की जानकारी युवती के घरवालों को हुई तो मिलने जुलने पर रोक लगा दी। युवती ने बताया कि उसके पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे। वह उसकी शादी जबरन किसी और लड़के से करना चाह रहे थे।

दूल्हा मंजूर नहीं था

बता दें कि युवती की शादी कल यानी बृहस्पतिवार को थी। युवती की अरेंज मैरिज शादी होने वाली थी, लेकिन उसे दूल्हा मंजूर नहीं था। घर पर बारात आने के पहले ही उसने शादी कर ली। बताया जा रहा है कि घर वाले शादी की तैयारी में जुटे थे। तड़के सुबह लड़की घर से भागकर अपने प्रेमी के पास पहुंची और एक मंदिर में दोनों ने शादी कर ली। मंदिर में सात फेरे लेने के बाद युवती अपने प्रेमी को साथ लेकर करारी थाने पहुंची और अपने पिता के खिलाफ थाने में तहरीर देते हुए पिता से प्रेमी के जान को खतरा बताया है।

पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया

बृहस्पतिवार को युवती की बारात मंझनपुर थाना क्षेत्र के दिवर कोतारी गांव से आनी थी। शादी की तैयारी लड़के पक्ष ने पूरी कर ली थी। दूसरे अन्य कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम से सम्पन्न हुआ था। बारात में शामिल होने के लिए नात रिश्तेदार भी घर पर इकट्ठे हो रहे थे। लेकिन सुबह ही ये खबर आयी कि लड़की ने प्रेमी के साथ मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया है। मामले की जानकारी मिलते ही परिजन परेशान हो गए। पुलिस ने लड़के और लड़की के परिजनों को थाने बुलाकर समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया।

दोनो एक ही गांव के रहने वाले हैं

सीओ अभिषेक सिंह ने बताया कि एक वीडियो संज्ञान में आया है। जिसमें एक प्रेमी युगल ने मंदिर में शादी की है। जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि दोनों थाना करारी क्षेत्र के रहने वाले है। दोनों एक ही जाति के हैं और एक ही गांव के रहने वाले हैं, जोकि बालिग भी है। कानून व्यवस्था के दृष्टिगत थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि प्रकरण को संज्ञान में लेकर सतर्क दृष्टि रखें और आवश्यक कार्रवाई करें।

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यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का शेड्यूल जारी

सुनील कुमार गुप्ता : यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2023-24 का शेड्यूल गुरवार को जारी कर दिया गया। 10वीं और 12वीं की परीक्षा इस बार 22 फरवरी 2024 से शुरू होंगी। परीक्षा का समापन 9 मार्च को होगा। इस बारे में जानकारी देते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव दिब्यकांत शुक्ला ने बताया परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई। उन्होंने बताया इससे पहले परीक्षा के केंद्रों का निर्धारण किया जा चुका है।

बता दें कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा-2024 में दसवीं और बारहवीं के 55 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। बतादेंकि यूपी बोर्ड ने परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन भरने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर निर्धारित किया था। जिसके बाद अंतिम तिथि तक 55,08,206 विद्यार्थियों इस अपना परीक्षा फॉर्म भरा है। अंतिम तिथि के बाद दसवीं की बोर्ड परीक्षा में इस बार 29,47,324 परीक्षार्थी ही शामिल होंने की बात सामने आई है।

12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए फॉर्म भरने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 25,60,882 बताई गयी है। बोर्ड की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार कक्षा नौ में कुल 25,54,337 विद्यार्थियों ने पहले पंजीकरण कराया है। वहीं, 11वीं में 25,29,420 पंजीकरण हुआ है। यूपी बोर्ड की तरफ से इस बार बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भरने और अग्रिम पंजीकरण के लिए विद्यार्थियों को चार बार समय दिए गए थे। जिसके बाद भी विद्यार्थियों की संख्या पिछले वर्ष के आंकड़ों के मुताबिक इस बार कम है।

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बीजेपी के 10 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को सौंपा इस्तीफा, जानें क्या है वजह

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के बाद बीजेपी की तरफ से मैदान में उतारे गए सांसद किरोड़ी लाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, उदय प्रताप, रीति पाठक, अरुण साव, गोमती साई और दीया कुमारी ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बता दें कि भाजपा ने इस बार के विधानसभा चुनावों में कुल 21 सांसदों को मैदान में उतारा था, जिसमें से 12 को जीत हासिल हुई और बाकी 9 सांसद चुनाव हार गए।

बाबा बालक नाथ और रेणुका सिंह ने नहीं दिया इस्तीफा

वहीं बाबा बालक नाथ और रेणुका सिंह ने अभी इस्तीफा नहीं दिया है. क्योंकि वो आज लोकसभा नहीं आए थे। ये दोनों सांसद भी बहुत जल्द अपना इस्तीफा सौंपेंगे। राज्य के विधानसभा चुनावों में अपने सांसदों को मैदान में उतारकर बीजेपी ने सभी को चौंका दिया था और यह प्लान बीजेपी का काम कर गया। पीएम मोदी, लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति से मुलाकात के दौरान बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इन सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया है। जो सांसद विधानसभा चुनाव जीत गए उन्होंने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जेपी नड्डा से मुलाकात करने के बाद अपना-अपना इस्तीफा दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बाबा बालकनाथ सिंह और रेणुका सिंह द्वारा अब तक इस्तीफा नहीं दिए जाने पर कयास लगाया जा रहा है कि बीजेपी उनको राज्यसभा में ही रखना चाहती है। बता दें कि इन दोनों सांसदों का नाम राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की रेस में भी सामने आ रहा है।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जनता ने जताया विश्वास : पूर्व मंत्री स्वाती सिंह

रिपोर्ट-सुनील कुमार गुप्ता, लखनऊ : भाजपा नेता और पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था। तमाम एक्जिटपोल और चुनाव पूर्व अनुमानों को झुठलाते हुए भाजपा रूझानों में आगे चल रही है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोगों के विश्वास को दिखता है।

पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि भाजपा कभी चुनाव की दृष्टि से जनसेवा नहीं करती है। यह सतत् हर वक्त जनता की सेवा में लगी रहती है। आज जनता भाजपा के सेवा भाव और राष्ट्र सेवा की भावना को समझ चुकी है। कांग्रेस और दूसरी पार्टियां सिर्फ चुनावी दृष्टि से जनता को छलने के लिए चुनाव में जाती हैं। अब जनता छलने वाली नहीं रह गयी है।

भाजपा नेता और पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि कांग्रेस स्वहित के लिए देश को भी बेचने का काम कर सकती है। आतंकवादियों के साथ भी देने में उसको गुरेज नहीं होता। कांग्रेस से जुड़े अधिवक्ता आतंकवादियों को बचाने के लिए मुकदमा लड़ते हैं। इन सब बातों से जनता वाकिफ है। वह समझ चुकी है कि भाजपा ही देश की तरक्की के लिए काम कर सकती है। इस कारण जनता ने भाजपा का साथ दिया है।

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प्यार में पागल किन्नर ने लगाई फांसी, बॉयफ्रेंड को दूसरी लड़की के साथ देख टूटा था दिल

महाराष्ट्र के मुंबई में एक किन्नर के सुसाइड का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मुंबई के मालवणी में रहने वाली अल्वीना खान नाम की किन्नर ने एक तरफा प्यार के चक्कर में यह खौफनाक कदम उठाया है। अल्वीना खान ने 20 नवंबर की रात अपने घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के मुताबिक किन्नर अल्वीना एक लड़के से प्यार करती थी, लेकिन कुछ दिन पहले मलाड के मढ में उसके बॉयफ्रेंड को किसी दूसरे लड़की के साथ देख लिया। इसके बाद किन्नर अल्वीना ने अपने बॉयफ्रेंड से कई बार मिलने के लिए बोला लेकिन वह मिलने से इंकार कर देता था। बॉयफ्रेंड के ऐसे रवैये से किन्नर अल्वीना काफी परेशान थी। अल्वीना इंस्ट्राग्राम पर काफी मशहूर है। उसने खुदकुशी करने से पहले एक वीडियो भी बनाया है। फिलहाल मालवानी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

100 से ज्यादा किन्नरों ने की आत्महत्या

वहीं, आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक शादी को कानूनी मान्यता देने से तो इनकार कर दिया है, पर ट्रांसजेंडर की सामान्य व्यक्ति से शादी को मान्यता है। कोरोना काल के बाद प्रेम में धोखा खाकर आत्महत्या करने वाले ट्रांसजेंडरों की संख्या दोगुनी हो गई है। सिर्फ बिहार में ही ऐसे ट्रांसजेंडरों की संख्या 100 से अधिक है।

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पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह को हाईकोर्ट ने दी राहत, 37 साल पुराने मामले में हुए बरी

इलाहाबाद हाईकोर्ट से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां हाईकोर्ट ने पूर्वांचल के माफिया डॉन व पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह को बड़ी राहत दी है। एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या के मामले में कोर्ट ने पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह को बरी करने का फैसला सुनाया है। बता दें कि कोर्ट ने 37 साल पुराने मामले में यह फैसला सुनाया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह से जुड़े 37 साल पुराने इस मामले में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। बता दें कि यह फैसला चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस अजय भनोट की डिवीजन बेंच ने सुनाया है।

13 लोगों को बनाया था आरोपी

दरअसल, चंदौली जिले में 37 साल पहले एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया था। वहीं अब इलाहाबाद होईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह को बरी कर दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने इसी मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने चार आरोपियों देवेंद्र सिंह, वकील सिंह, राकेश सिंह और पंचम सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक ही परिवार के सात लोगों की सामूहिक हत्या के मामले में इन्हीं चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।

पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह सहित 9 आरोपियों बरी

बता दें कि 1986 में एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया था। 2018 में ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। इसके बाद यूपी सरकार और पीड़ित पक्ष ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। वहीं इस मामले में सुनवाई होने के बाद हाईकोर्ट ने 9 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर आज फैसला सुनाया गया। हाईकोर्ट ने पूर्व एमएलसी सहित 9 आरोपियों को बरी कर दिया है, जबकि इस मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चारों लोगों के खिलाफ ठोस सबूत मिलने पर उन्हें सजा सुनाई है।

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