Saturday, April 4, 2026
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परमाणु हथियारों के विकल्प पर विचार नहीं – रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ रहा है। इस बीच राजस्थान के जैसलमेर में तो दोनों देशों के सेनाएं आमने तक आ चुकी हैं। इस वक्त युद्ध जैसे हालात तो बन रहे हैं, लेकिन फिर भी स्थिति को नियंत्रण में किया जा सकता है। भारत और पाकिस्तान दोनों के पास परमाणु बम है, इसलिए पूरी दुनिया की नजर इस पर बनी हुई है। तीन दिन के भीतर ही लगता है कि पाकिस्तान ने हथियार डाल दिए हैं। इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने एक इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि पाकिस्तान परमाणु हथियारों के विकल्प पर विचार नहीं कर रहा है। हालांकि वे अपनी आदत के अनुसार गीदड़ भभकी देने से भी नहीं चूके।

पाकिस्तान के पास विकल्प बहुत कम – रक्षा मंत्री

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि वह दुनिया को बता रहे हैं कि यह केवल इस क्षेत्र विशेष तक सीमित नहीं रहेगा, यह बहुत व्यापक हो सकता है। यह विनाश है। उन्होंने ये भी माना कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए उनके पास विकल्प कम होते जा रहे हैं। आसिफ ने यह भी साफ किया कि राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण यानी एनसीए की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है। एनसीए पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के बारे में परिचालन संबंधी निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार है।

मध्यस्था के लिए तैयार हुए रक्षा मंत्री

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हम अगले लेवल के लिए भी तैयार हैं, लेकिन अगर दुनिया मेडिएट करती है तो इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने गार्ड् डाउन नहीं करेंगे। बोले कि दो एटमी दो ताकतों की जंग दुनिया के लिए फिक्र की बात हो सकती है। इसलिए जो देश इस वक्त तामशबीन बने हुए हैं, वे भी इस सूरत ऐ हाल में लपेटे जाएंगे।

परमाणु हथियारों के विकल्प पर विचार नहीं – रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ

भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले तीन दिन से करीब करीब युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। हालांकि पाकिस्तान को भयंकर नुकसान इतने ही वक्त में झेलना पड़ा है। अब पाकिस्तान ये चाहता है कि कोई देश उनके ​बीच मध्यस्था के लिए आए, ताकि इस हार से उन्हें बचाया जा सके। अब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि वे परमाणु हथियारों के विकल्प पर विचार नहीं कर रहा है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने शनिवार को कहा कि परमाणु हथियार का विकल्प अभी उनके सामने नहीं है। आसिफ ने जियो न्यूज से कहा कि फिलहाल परमाणु विकल्प पर विचार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, अगर ऐसी स्थिति आती है तो निरीक्षकों पर भी इसका असर पड़ेगा। वे अपनी आदत से मजबूर हैं, उन्हें मालूम है कि वे बैकफुट पर हैं, इसके बाद भी गीदड़ भभकी देने से नहीं चूक रहे हैं।

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जैसलमेर में भारत और पाकिस्तान की सेना आमने-सामने, लगातार हो रहे धमाके

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। 9 और 10 मई की रात पाकिस्तान की सेना ने भारत में हमले के लिए मिसाइल अटैक किया। इसके अलावा ड्रोन और फाइटर जेट्स का भी इस्तेमाल किया। हालांकि भारतीय सेना ने इन सभी हमलों को निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद भारतीय सेना ने मिसाइल और ड्रोन हमले करके पाकिस्तान के 6 एयरबेस और कई सारे रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। इस बीच राजस्थान के जैसलमेर में हालात युद्ध जैसे बन चुके हैं और यहां भारत और पाकिस्तान की सेना आमने-सामने आ चुकी है। बता दें कि यहां एक के बाद एक कई धमाके सुनाई दे रहे हैं। इसलिए प्रशासन ने लोगों को घर से बाहर ना निकलने की सलाह दी है।

पीएम मोदी कर रहे हाईलेवल मीटिंग

आपको बताते चले कि जैसलमेर में लगातार पाकिस्तानी सेना द्वारा मिसाइलें गिराई जा रही है। जिला कलेक्टर ने लोगों को अपने घरों के अंदर रहने को कहा है। पूरे शहर में लोगों की एंट्री और एग्जिट को बंद कर दिया गया है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक हाईलेवल मीटिंग की जा रही है। इस मीटिंग में तीनों सेनाओं के प्रमुख, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और एनएसए प्रमुख अजीत डोवल भी पहुंच चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में कुछ अहम और बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।

हवा में हमले की कोशिश कर रहा पाकिस्तान

बता दें कि पाकिस्तान जैसलमेर पर लगातार अटैक कर रहा है। पाकिस्तान ने जो मिसाइल जैसलमेर पर दागी, उन्हें भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया है। बता दें कि जैसलमेर में एयरफोर्स स्टेशन, आर्मी कैंटोनमेंट दोनों ही है। बता दें कि जैसलमेर में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट हुआ है। जो ड्रोन अटैक किया जा रहा था, उसमें तेज आवाज नहीं था। जो टार्गेट लॉक किया गया है और जैसे धमाके हो रहे हैं। उससे ऐसा लग रहा है कि मिसाइल को भारतीय डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया है। बता दें कि पाकिस्तान ने हवा में हमला करने की पूरी कोशिश की, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने उसे हवा में ही बर्बाद कर दिया है।

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मारे गए आतंकियों की लिस्ट आई सामने, लश्कर और जैश से था सम्बन्ध

इस समय भारत-पाक तनाव चरम पर है। इस बीच भारतीय स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों के नाम सामने आए हैं। भारत की इस कार्रवाई में लश्कर का आतंकी अबु जुंदाल, खालिद उर्फ ​​अबू अकाशा मारा गया है। वहीं इस कार्रवाई में जैश का आतंकी हाफिज मोहम्मद जमील, मोहम्मद यूसुफ अजहर और मोहम्मद हसन खान भी ढेर कर दिया गया है। ये आतंकी 7 मई को पाकिस्तान में भारतीय हमलों में मारे गए हैं। सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है।

सामने आए आतंकियों के नाम

1. मुदस्सर खादियन खास उर्फ ​​मुदस्सर उर्फ ​​अबू जुंदाल (लश्कर-ए-तैयबा)

2. खालिद उर्फ ​​अबू अकाशा (लश्कर-ए-तैयबा)

3. हाफिज मुहम्मद जमील (जैश-ए-मोहम्मद)

4. मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ ​​उस्ताद जी उर्फ ​​मोहम्मद सलीम उर्फ ​​घोसी साहब (जैश-ए-मोहम्मद)

5. मोहम्मद हसन खान (जैश-ए-मोहम्मद)

भारतीय स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों की लिस्ट
भारतीय स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों की लिस्ट

आईये जानते है किस्से क्या था सम्बन्ध

मुदस्सर खादियन खास उर्फ ​​मुदस्सर उर्फ ​​अबू जुंदाल लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध था। उसकी जनाजे की नमाज एक सरकारी स्कूल में हुई, जिसका नेतृत्व जमात-उद-दावा (एक नामित वैश्विक आतंकवादी) के हाफिज अब्दुल रऊफ ने किया। नमाज समारोह में पाक सेना के एक सेवारत लेफ्टिनेंट जनरल और पंजाब पुलिस के आईजी शामिल हुए।

हाफिज मुहम्मद जमील का जैश-ए-मोहम्मद से संबद्ध था। वह मौलाना मसूद अजहर का सबसे बड़ा साला था।

मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ ​​उस्ताद जी उर्फ ​​मोहम्मद सलीम उर्फ ​​घोसी साहब का भी जैश-ए-मोहम्मद से संबद्ध था। वह मौलाना मसूद अजहर का साला था। वह आईसी-814 अपहरण मामले में भी वांछित था।

खालिद उर्फ ​​अबू अकाशा का लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध था। वह जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी हमलों में शामिल था और अफ़गानिस्तान से हथियारों की तस्करी में शामिल था। उसका अंतिम संस्कार फ़ैसलाबाद में हुआ था और उसमें पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी और फ़ैसलाबाद के डिप्टी कमिश्नर शामिल हुए थे।

मोहम्मद हसन खान का भी जैश-ए-मोहम्मद से संबद्ध था। वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जैश के ऑपरेशनल कमांडर मुफ़्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा था। उसने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों के समन्वय में अहम भूमिका निभाई थी।

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अब मोर्चा लेगी टेरिटोरियल आर्मी, वही एमएस धोनी को भी रहना होगा तैयार

भारत और पाकिस्तान के बीच जो तनाव चल रहा है, वो अब और भी आगे बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। तीन दिन से लगातार दोनों देश एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं। हालांकि भारत को कोई भी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन पाकिस्तान बिलबिला रहा है। इस बीच बड़ी खबर ये सामने आई है कि आने वाले दिनों में अगर हालात नहीं सुधरे तो टेरिटोरियल आर्मी को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी भी इस आर्मी का हिस्सा हैं। उन्हें इस आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि दी गई है। सचिन तेंदुलकर भी भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन हैं। यानी अब अगर बात आगे बढ़ी तो एमएस धोनी को भी तैयार रहना होगा।

आईपीएल स्थगित होने के बाद खाली हैं एमएस धोनी

भारत को तीन आईसीसी खिताब जीतने वाले कप्तान एमएस धोनी अब इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर चुके हैं। हालांकि अभी कुछ ही दिन पहले तक वे आईपीएल में अपनी टीम के लिए खेल रहे थे, लेकिन अब आईपीएल भारत बनाम पाकिस्तान की टेंशन को देखते हुए स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में सभी खिलाड़ी धीरे धीरे अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। अब खबर आई है कि भारत सरकार ने इस पूरे मामले से निपटने के लिए टेरिटोरियल आर्मी को भी तैयार रहने के लिए कहा है। धोनी इसी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं।

क्या होती है टेरिटोरियल आर्मी

बता दे टेरिटोरियल आर्मी वैसे तो सीधे मोर्चा नहीं लेती है, लेकिन जब युद्ध का वक्त आता है तो उसे भी मैदान में उतारा जाता है। ये भारतीय सेना का ही एक हिस्सा है। टेरिटोरियल आर्मी सेना को अलग अलग तरह की सेवाएं उपलब्ध कराती है। अगर जरूरत पड़ती है तो इस आर्मी को नियमित सेना को यूनिट भी देनी पड़ती है।

टेरिटोरियल आर्मी की सेना की ओर से ट्रेनिंग भी कराई जाती है, ताकि वक्त पर वो काम आ सके। संकट के वक्त में इस आर्मी का काम आंतरिक सुरक्षा देना भी होता है। टेरिटोरियल आर्मी एक स्वैच्छिक संगठन है।टेरिटोरियल आर्मी के मैंबर अपना काम करते रह सकते हैं, साथ ही जरूरत पड़ने पर उन्हें मैदान में उतरना पड़ता है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में ये तनाव और क्या रूप लेता है।

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आईपीएल को लेकर हुआ बड़ा ऐलान, टूर्नामेंट अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में आईपीएल 2025 को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें सीजन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। आईपीएल 2025 का 22 मार्च को आगाज हुआ था। 7 मई तक 57 मुकाबले खेले जा चुके थे। 8 मई को पंजाब और दिल्ली के बीच धर्मशाला में मुकाबला खेला जाना था, लेकिन मैच को बीच में ही रोक दिया गया। इसके बाद मैच रद्द करने की घोषणा कर दी गई। अब आईपीएल के स्थगित होने का ऐलान कर दिया गया है।

आईपीएल टूर्नामेंट रोका गया

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि यह अच्छा नहीं लगता कि जब देश में युद्ध चल रहा है, तब क्रिकेट चल रहा है। उन्होंने लीग के स्थगित होने की पुष्टि की, जिसका समापन 25 मई को कोलकाता में होना था। अब बीसीसीआई के सामने बचे हुए मैचों के लिए नए शेड्यूल बनाने और भारत में मौजूद विदेशी खिलाड़ियों को उनके घर पहुंचाने की बड़ी चुनौती होगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि 20 से ज्यादा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी और कोच मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग और पाकिस्तान सुपर लीग में खेल रहे हैं।

जम्मू और पठानकोट में हवाई हमले की चेतावनी के बाद धर्मशाला में पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच गुरुवार को होने वाले मैच को बीच में ही रद्द कर दिए जाने के बाद से आईपीएल 2025 पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे थे। गुरुवार को हवाई हमले की चेतावनी और जम्मू में विस्फोट जैसी आवाजों की खबरों के बीच पंजाब के पठानकोट, अमृतसर, जालंधर, होशियारपुर, मोहाली और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ सहित कई जिलों में ब्लैकआउट लागू कर दिया गया था।

आईपीएल 2025 में अभी किन टीमों के मैच बचे हुए हैं

59: LSG vs RCB

60: SRH vs KKR

61: PBKS vs MI

62: DC vs GT

63: CSK vs RR

64: RCB vs SRH

65: GT vs LSG

66: MI vs DC

67: RR vs PBKS

68: RCB vs KKR

69: GT vs CSK

70: LSG vs SRH

वही अब यूएई में खेला जाएगा पीएसएल

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद जहां इंडियन प्रीमियर लीग को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। वहीं एक दिन पहले ही पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) को संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में स्थानांतरित कर दिया गया। गौरतलब है कि भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच घमासान जारी है।

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पाकिस्तानी हमले पर पीएम मोदी की नजर, पूरी रात लेते रहे अपडेट

नई दिल्ली: 08-09 मई की रात पाकिस्तान की ओर से भारत के सरहदी इलाकों में लगातार हमले किए गए। हालांकि भारत ने इन सभी हमलों को आसमान में ही निष्क्रिय कर दिया। वहीं पीएम मोदी भी पूरी रात पाकिस्तान की ओर से किए गए हमलों की अपडेट लेते रहे। पीएम मोदी ने हर हमले पर पूरी रात नजर रखी। उन्होंने रात में ही विभिन्न राज्यों की लीडरशिप से रिपोर्ट ली। पीएम मोदी लगातार अधिकारियों से इस ऑपरेशन से जुड़ी हर अपडेट लेते रहे।

बीएसएफ ने 7 आतंकियों को किया ढेर

वहीं शुक्रवार की सुबह जम्मू कश्मीर के सांबा में आतंकी घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम कर दी गई है। बीएसएफ (BSF) ने 7 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया है। मिली जानकारी के मुताबिक, जम्मू फ्रंटियर बीएसएफ के सांबा सेक्टर में 8 और 9 मई 2025 की मध्य रात्रि में आतंकवादियों के एक बड़े समूह द्वारा घुसपैठ की कोशिश की गई, जिसका पता निगरानी ग्रिड द्वारा लगाया गया। इस घुसपैठ की कोशिश को ढांढर पोस्ट पर पाक रेंजर्स की गोलीबारी से समर्थन मिला। बीएसएफ के सतर्क जवानों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए कम से कम 7 आतंकवादियों को मार गिराया और वही दूसरी तरफ पाक पोस्ट ढांढर को भारी नुकसान पहुंचाया।

पाकिस्तान का हर हमला किया नाकाम

बता दें कि पाकिस्तान की ओर से रात में भारत के कई शहरों को निशाना बनाया गया। इसके बाद विभिन्न शहरों में ब्लैकआउट रखा गया। फिलहाल सीमावर्ती इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है। भारत ने पाकिस्तान के तीन लड़ाकू विमानों को भी मार गिराया है, जिनमें दो जेएफ-17 और एक एफ-16 शामिल हैं और उनका एक पायलट भी पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि इस पायलट को राजस्थान के लाठी से पकड़ा गया है। इसी क्रम में गुरुवार रात को पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर, पंजाब, राजस्थान में मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। वहीं, गुजरात में भी कुछ ड्रोन देखे गए।

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पूरे यूपी में घोषित किया गया रेड अलर्ट, सुरक्षा बलों को निर्देश जारी

भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की। सेना ने आतंकियों के 9 ठिकानों पर कार्रवाई की है। वहीं इस घटना के बाद से पूरे उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने इस बात की जानकारी दी है। इसके अलावा उन्होंने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूपी पुलिस सहित अन्य रक्षा इकाइयों को सुरक्षा मजबूत करने का निर्देश दिया है।

भारत ने लॉन्च किया ऑपरेशन सिंदूर

बता दें कि भारतीय सेना ने रात करीब 1.05 बजे से 1.30 बजे तक ऑपरेशन सिंदूर के अंजाम दिया। इसके तहत लाहौर में आतंकवादी हाफिज सईद और बहावलपुर में आतंकी मसूद अजहर के कई ठिकानों को तबाह कर दिया गया। भारतीय सेना ने PoK के मुजफ्फराबाद, धामोल, कोटली और बाघ अड्डे पर भी किया हमला। भारतीय सेना की स्ट्राइक में लश्कर और जैश के करीब 30 आतंकवादी ढेर हो गए।

अजित डोभाल ने दी जानकारी

पाकिस्तान में स्ट्राइक के बाद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने अमेरिकी NSA से भी बात की। उन्होंने इस स्ट्राइक के बारे में जानकारी दी। अजित डोभाल ने बयान जारी कर बताया कि भारतीय सेना ने सटीक निशाना लगाया और केवल आतंकी ठिकानों को तबाह किया। वहीं भारत के इस एक्शन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उम्मीद करता हूं कि ये सब जल्द खत्म होगा। भारत ने अमेरिका के अलावा ब्रिटेन, रूस, सऊदी अरब और यूएई (UAE) को भी हमले की जानकारी दी है।

यूपी में रेड अलर्ट घोषित
यूपी में रेड अलर्ट घोषित

यूपी में रेड अलर्ट घोषित

वहीं उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने एक्स पर एक पोस्ट किया है। डीजीपी की पोस्ट में लिखा है, “आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय सेना के लक्षित हमले ऑपरेशन सिंदूर के बाद उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की सभी क्षेत्रीय इकाइयों को रक्षा इकाइयों के साथ समन्वय करने और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा मजबूत करने का निर्देश दिया गया है।

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पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी अड्डों को मिट्टी में मिला दिया। ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई इस कार्रवाई में मोस्ट वॉन्टेड आतंकी मसूद अजहर के परिवार के 14 लोग भी मारे गए हैं। आतंकी मसूद अजहर ने चिट्ठी जारी करते हुए कहा कि दिल करता है कि काश मैं भी इस हमले में मर जाता।

पाकिस्तान के बहावलपुर में भारतीय हवाई हमलों में जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर की बहन भी मारी गई है। घोषित आतंकवादी के रिश्तेदार भी हमलों में मारे गए। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के पंजाब और पीओके में आतंकवादी शिविरों पर हमला किया। अधिकारियों ने बताया कि पंजाब में 4 और पीओके में 5 ठिकानों पर हमला किया गया।

मसूद अजहर के परिवार को आज ही दफनाया जाएगा

जैश-ए-मोहम्मद ने बयान जारी करते हुए कहा कि मौलाना मसूद अजहर की बड़ी बहन के साथ मौलाना कशफ का पूरा परिवार मारा गया है। मुफ्ती अब्दुल रऊफ के पोते पोतियां। बाजी सादिया के पति समेत सबसे बड़ी बेटी के 4 बच्चे घायल हुए हैं। ज्यादातर महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं। आतंकी अजहर के परिवार के सदस्यों और करीबियों को दफनाया जाएगा। बीबीसी उर्दू ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख के बयान का हवाला देते हुए बताया कि अजहर का एक करीबी सहयोगी, उसकी मां और दो अन्य करीबी सहयोगी भी भारतीय हमलों में मारे गए। ऑपरेशन सिंदूर के तहत बहावलपुर में सुभान अल्लाह परिसर पर भी हमला किया गया था।

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मसूद ने अपने बयान में क्या कहा ?

मसूद अजहर ने कहा, ‘अल्लाह ताला फरमाते हैं, शहीद जिंदा हैं। अल्लाह ताला उनका मेजबान है और वो अल्लाह ताला के प्यारे मेहमान हैं। मेरे परिवार के दस सदस्यों को आज रात एक साथ ये खुशी नसीब हुई। पांच मासूम बच्चे, मेरी बड़ी बहन और उनके पति, भांजा और उसकी पत्नी, भांजी और 4 करीबी साथी अल्लाह को प्यारे हो गए।

वही मसूद ने कहा कि पीएम मोदी ने मासूम बच्चों, पर्दानशीं महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाया। सदमा इतना है कि बयान नहीं किया जा सकता लेकिन कोई अफसोस, निराशा, डर या खौफ नहीं है। बल्कि बार-बार दिल में आता है कि काश मैं भी चौदह सदस्यों के इस खुशकिस्मत कारवां में शामिल हो जाता।

लेकिन अल्लाह ताला से मिलने का वक्त बहुत पक्का है। वो आगे-पीछे नहीं हो सकता। हमारे एक घर में कुल चार बच्चे थे। सात से तीन साल की उम्र तक। चारों एक साथ स्वर्ग सिधार गए। उनके माता-पिता अकेले रह गए, लेकिन “पहली सदियों” जैसी यह खुशी सिर्फ़ उन्हीं को नसीब होती है। जिन्हें अल्लाह ताला प्यार करता है। मसूद ने कहा, ‘उनके जाने का यही तय समय था। लेकिन अल्लाह ताला ने उन्हें मौत नहीं, जिंदगी दी।

मसूद अजहर के परिवार और करीबियों में कौन-कौन मारा गया ?

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ऑपरेशन सिंदूर : भारत का पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक

ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने पाकिस्तान से पहलगाम आतंकी हमले का बदला ले लिया है। पाकिस्तानी मीडिया के हवाले खबर है कि भारत ने पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद समेत 9 आतंकी ठिकानों को मिसाइल से हमले से तबाह कर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया का दावे के कुछ ही देर बाद भारत सरकार की ओर से भी हमले की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। हमले के बाद से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। भारत ने मुजफ्फराबाद, कोटली और बहावलपुर में आतंकी ठिकानों पर बड़ा मिसाइल हमला किया है।

इस हमले में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने की आशंका है। अब तक अन्य आतंकी ठिकानों पर कुल मिलाकर 100 से ज्यादा आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के कम से कम 30 आतंकी मारे गए हैं। अन्य ब्यौरा जुटाया जा रहा है। मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

भारत ने पाकिस्तान के सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है। अब भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान पर स्ट्राइक करने की बात को कन्फर्म किया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर ये हमला किया गया है। यह पाकिस्तान पर किया गया भारत की ओर से अब तक का सबसे बड़ा मिसाइल हमला है।

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पीओके पर भी सर्जिकल स्ट्राइक

भारतीय सेना ने पाकिस्तान के साथ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में भी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पीओके के प्रमुख आतंकी ठिकानों को भारत ने तबाह कर दिया है। यहां कम से कम 5 आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया है।

राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल के लिए भारत तैयार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बुधवार को ‘मॉक ड्रिल’ करने जा रहा है। भारत की ऐसी तैयारी को देखकर पाकिस्तान में दहशत दो गुनी बढ़ गई है। पाकिस्तान को अब पूरा यकीन हो गया है कि इस बार भारत बड़ा हमला करेगा।

राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रमुखों को आपात स्थिति में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया और विद्यालयों को यह समझने में मदद करने के लिए एक वीडियो साझा किया गया कि उचित ‘मॉक ड्रिल’ कैसे की जाए।

आतंकी हमले को लेकर ओआईसी के बयान को किया खारिज

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के संयुक्त बयान को दृढ़ता से खारिज कर दिया है। बता दें कि ओआईसी ने पहलगाम आतंकी हमले के सीमा पार संबंधों को मानने से इनकार कर दिया था। भारत ने कहा कि ओआईसी ने ऐसा पाकिस्तान के कहने पर किया। भारत निजी मामलों में ओआईसी के हस्तक्षेप को पूरी तरह खारिज करता है।

4 जगहों पर भारत ने की एयर स्ट्राइक

पाकिस्तान मीडिया के हवाले खबर है कि भारत ने पाकिस्तान में 4 जगहों पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। भारतीय सेना ने मिसाइल हमला किया है। भारत ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया है। “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत ये हमला किया गया है। भारतीय सेना ने स्ट्राइक करने की आधिकारी पुष्टि की।

आतंकवादियों के आकाओं को भी सजा मिली है – विदेश मंत्रालय

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, ‘साजिशकर्ताओं को न्याय के कटघरे में लाना जरूरी था। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया। आतंकवादियों के आकाओं को भी सजा मिली है। वही किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारत-पाकिस्तान सीमा पर सभी वायु रक्षा इकाइयों को सक्रिय कर दिया गया है।

सेना ने कड़ा जवाब दिया – दानिश आजाद अंसारी

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कहा, ‘मैं देश की तरफ से भारतीय सेना और भारत का नेतृत्व कर रहे पीएम मोदी को धन्यवाद करना चाहता हूं कि भारतीय सेना ने कल पहलगाम आतंकी हमले का कड़ा जवाब दिया है। ये बहुत प्रशंसा का विषय है। भारत ने आज दिखा दिया कि अगर भारत के खिलाफ किसी ने साजिश रची तो हम उसको जवाब देने में समय भी नहीं लगाएंगे।

आदिल हुसैन के पिता हैदर का बड़ा बयान

पहलगाम आतंकी हमले में पर्यटकों को बचाने की कोशिश करते हुए मारे गए स्थानीय निवासी सैयद आदिल हुसैन शाह के पिता हैदर शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद कहा, “हमें खुशी है कि मेरे बेटे सहित पहलगाम के 26 पीड़ितों की हत्या का बदला लिया गया है। मैं सरकार को धन्यवाद देता हूं।

शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की मां आशा नरवाल ने कहा…

पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की मां आशा नरवाल ने कहा, “मेरा पूरा परिवार मोदी साहब के साथ है, जिन्होंने आज बदला लिया है। मैं सशस्त्र बलों के जवानों से कहना चाहती हूं कि वे आगे बढ़ते रहें। आज उन सभी को श्रद्धांजलि दी गई है, जिन्होंने अपनी जान गंवाई।

एलजी मनोज सिन्हा ने लिया सीमावर्ती जिलों का जायजा

एलजी मनोज सिन्हा ने कहा, मैं स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा हूं और सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मैंने डीसी को संवेदनशील क्षेत्रों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और उनके लिए भोजन, आवास, भोजन, चिकित्सा और परिवहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। हम हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार – एलजी मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में स्थिति का जायजा लिया। उपराज्यपाल ने कहा, ‘मैं स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा हूं और सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मैंने डीसी को संवेदनशील क्षेत्रों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और भोजन, आवास, चिकित्सा और परिवहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। हम हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

पड़ोसी मुल्क को शांत होना पड़ेगा – सीएम उमर अब्दुल्ला

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘जवाब देने का तरीका यही था कि पाकिस्तान में कोई नागरिक या मिलिट्री वाली जगह पर हमला नहीं किया जाए सिर्फ वो जगह पर हमला किया गया जहां आतंकी काम करते हैं जिन्होंने पिछले 30-35 साल जम्मू-कश्मीर में तबाही फलाई है उन्हें निशाना बनाया गया। शुरूआत वहां से हुई यहां से नहीं,अगर वे पहलगाम में हमले नहीं करते तो ये दिन नहीं आता…हमें पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देना था। पहले हमारे पड़ोसी मुल्क को शांत होना पड़ेगा तब यहां से बंदूके नहीं चलेगी।

मेरी जिम्मेदारी है कि यहां की हालात ठीक रहे

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘मेरी जिम्मेदारी है कि यहां की हालात ठीक रहे और यहां के आम नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। हमारे अस्पताल ठीक से काम करे, एहतियात के तौर पर हमने बॉर्डर और LoC के नजदीक स्कूल और शिक्षा संस्था बंद किए गए हैं।

लेकिन बाकि जगह डर न फैले इसलिए जम्मू और श्रीनगर में हमने स्कूल बंद नहीं किए हैं। हालांकि श्रीनगर में हवाई अड्डा बंद है इसलिए डर की कोई जरूरत नहीं है लोगों को यहां से भागने की जरूरत नहीं है। जरूरी वस्तुओं की कोई कमी नहीं है, अस्पतालों के ब्लड बैंकों में सप्लाई की कोई कमी नहीं है। हाईवे यातायात के लिए खुला है।

पर्यटकों के सिर में गोली मारी गई: विदेश मंत्रालय

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी डिटेल में आतंकियों द्वारा किए गए कुकृत्यों के बारे में जानकारी दी गयी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों को कायरतापूर्वक मारा गया, जिनमें एक नेपाली नागरिक था। विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान आतंकियों की पनाहगाह बना हुआ है, और आतंकी यहां सजा पाने से बचे रहते हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि पाकिस्तान की तरफ से FATF को भी गुमराह किया जाता रहा है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, ‘पहलगाम हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता रही है। हमले के पीछे सांप्रदायिक दंगा भड़काने की भी मंशा थी। पहलगाम हमले के आतंकियों की पहचान हो चुकी है।

9 आतंकी कैंपों को लक्षित कर बर्बाद किया गया

कर्नल सोफिया कुरेशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जानकारी देते हुए कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकी हमले के शिकार मासूमों एवं उनके परिजनों को न्याय देने के लिए लॉन्च किया गया। इस कार्रवाई में 9 आतंकी कैंपों को लक्षित कर बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले 3 दशकों से आतंकी ढांचे का निर्माण हो रहा है। ये पाकिस्तान और PoK दोनों में फैले हैं।

नागरिकों को नुकसान न पहुंचे, इसका ध्यान रखा गया

सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जानकारी देते हुए कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देते हुए खास ध्यान दिया गया कि इसमें नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे। सबसे पहले मुजफ्फराबाद में स्थित सवाई नाला कैंप को उड़ाया गया। सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘रात 1:05 से 1:30 बजे तक स्ट्राइक हुई थी। बहावलपुर में बिलाल कैंप को ध्वस्त किया गया। आतंकी डेविड हेडली की ट्रेनिंग वाला कैंप भी ध्वस्त किया गया। आतंकवादी स्थल मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर, पाकिस्तान, जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा निशाना बनाया गया।

किसी भी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया

वीडियो में पाकिस्तान और PoJK में मुंद्रिके और अन्य आतंकवादी शिविरों पर कई हमले दिखाए गए हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, ‘किसी भी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया और अब तक पाकिस्तान में किसी तरह की नागरिक क्षति की कोई खबर नहीं है।

2014 में मंगल पर पहुंचकर इतिहास बनाया था : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘भारत ने मंगल ग्रह पर 2014 में पहली कोशिश में मंगल पर पहुंच कर इतिहास बनाया था।’ पीएम ने चंद्रयान मिशन के बारे में बोलते हुए स्पेस के सेक्टर में भारत की तरक्की पर बात की। वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 3 देशों का दौरा रद्द हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे, क्रोएशिया और नीदरलैंड्स के दौरे पर जाने वाले थे।

read more :   दिल्ली के बाजारों का हरियाणा शिफ्ट करने की साजिश – सौरभ भारद्वाज

दिल्ली के बाजारों का हरियाणा शिफ्ट करने की साजिश – सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस वार्ता में भारतीय जनता पार्टी पर दिल्ली के ऐतिहासिक बाजारों-चांदनी चौक, सदर, खारी बावली समेत दरिया गंज को हरियाणा शिफ्ट करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह साजिश 2022 से शुरू हुई। जब हरियाणा के तत्कालीन सीएम मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली के कुछ व्यापारियों को हरियाणा शिफ्ट करने का आश्वासन दिया था।

सीएम रेखा गुप्ता की घोषणा के बाद व्यापारियों में हड़कंप

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि 2022 में दिल्ली के व्यापारियों का एक समूह, जिसका नेतृत्व बीजेपी नेता कुलजीत चहल कर रहे थे, ने खट्टर से मुलाकात की थी। इसके बाद हरियाणा के सोनीपत में दिल्ली जैसे थोक बाजार, जैसे भगीरथ प्लेस और चांदनी चौक, बनाने की योजना शुरू हुई। हाल ही में 2 मई को प्रगति मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि चांदनी चौक और सदर जैसे बाजारों को कंजेशन के कारण शिफ्ट किया जाएगा। इस बयान से दिल्ली के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।

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दिल्ली सीएम समस्याओं से अनजान – सौरभ भारद्वाज

आप नेता ने कहा कि दिल्ली के व्यापारी पीढ़ियों से इन बाजारों में कारोबार कर रहे हैं और शिफ्ट होने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने चांदनी चौक के रिडेवलपमेंट का उदाहरण देते हुए कहा कि आप ने इन बाजारों को बेहतर बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। लेकिन बीजेपी समर्थित अधिकारियों ने इसे लागू नहीं होने दिया। उन्होंने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर व्यापारियों की समस्याओं से अनजान होने का आरोप लगाते हुए इस योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की।

बीजेपी समर्थक व्यापारी भी खिलाफ

आप नेता ने बीजेपी सरकार को चुनौती दी कि वे चांदनी चौक और सदर में उनके साथ सर्वे करें। उन्होंने दावा किया कि ज्यादातर व्यापारी, यहां तक कि बीजेपी समर्थक भी, इस शिफ्टिंग के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, “हम व्यापारियों और उन 43% लोगों के साथ धोका नहीं होने देंगे। जिन्होंने बीजेपी को गलती से वोट दिया।

प्रवेश वर्मा ने अलग भूगोल पढ़ा – सौरभ भारद्वाज

उन्होंने बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा के बयानों पर भी निशाना साधा, जो यमुना के पानी को लेकर पंजाब पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, शायद प्रवेश वर्मा ने अलग भूगोल पढ़ा है। पंजाब में यमुना का पानी नहीं जाता, फिर वे उसे कैसे रोक देंगे ? उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी पहले हरियाणा के पानी रोकने पर दिल्ली का मजाक उड़ाती थी, लेकिन अब हरियाणा में अपनी सरकार होने के कारण चुप है।

सौरभ ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि आप उनके हितों की रक्षा करेगी और इन बाजारों को रिडेवलप करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने बीजेपी पर “झूठ और साजिश” का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली की जनता इस साजिश को नाकाम कर देगी।

read more :  न्यूक्लियर वॉर और लश्कर को लेकर यूएनएससी में पाकिस्तान को लगी लताड़

न्यूक्लियर वॉर और लश्कर को लेकर यूएनएससी में पाकिस्तान को लगी लताड़

फॉल्स फ्लैग नैरेटिव और न्यूक्लियर वॉर जैसे बयानों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्य देशों ने पाकिस्तान को खूब लताड़ लगाई है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच बढ़ रहे तनाव को लेकर सोमवार (5 मई, 2025) को बंद कमरे में यूएनएससी की बैठक हुई। बैठक में यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों ने पाकिस्तान पर कड़े सवाल खड़े किए, साथ ही हमले में लश्कर-ए-तैयबा की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए।

15 देशों वाली सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य पाकिस्तान ने स्थिति पर ‘बंद कमरे में बैठक’ का अनुरोध किया था। मई महीने के लिए परिषद का अध्यक्ष यूनान है। बंद कमरे में हुई यह बैठक सुरक्षा परिषद चैंबर में नहीं हुई। जहां परिषद के सदस्य शक्तिशाली मेज पर बैठते हैं, बल्कि चैंबर के बगल में एक परामर्श कक्ष में हुई।

फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन के नैरेटिव को यूएनएससी ने किया खारिज

न्यूयॉर्क के कुछ सूत्रों ने एएनआई को बताया कि क्लोज डोर मीटिंग में क्या-क्या हुआ। उनके अनुसार पाकिस्तान की बैठक में खूब किरकिरी हुई और सदस्य देशों ने उसकी उस कहानी को भी खारिज कर दिया। जिसमें वह बार-बार पहलगाम आतंकी हमले को ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ बताने की कोशिश कर रहा है। सदस्य देशों ने पहलगाम हमले में लश्कर-ए-तैयाब की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।

धार्मिक पहचान पर पर्यटकों की हत्या का मुद्दा भी उठा

सूत्रों ने बताया कि बैठक में हमले की सभी देशों ने व्यापक तौर पर कड़ी निंदा की और इस बात को माना कि जवाबदेही तय होना जरूरी है। कुछ सदस्यों ने इस मुद्दे को भी उठाया कि हमलावरों ने पर्यटकों से धर्म पूछकर उन्हें गोली मार दी। उन मासूमों की उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर हत्या कर दी गई।

भारत से बात करके निकाले मसले का हल – यूएनएससी

पाकिस्तान के स्थिति का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के प्रयास असफल हो गए हैं। क्योंकि बैठक में शामिल सदस्यों ने उसको सलाह दी है कि वह भारत के साथ बात करके द्विपक्षीय तरीके से मुद्दे का हल निकाले। सुरक्षा परिषद के पांच वीटो-धारक स्थाई सदस्यों चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के अलावा परिषद में 10 अस्थाई सदस्य अल्जीरिया, डेनमार्क, यूनान, गुयाना, पाकिस्तान, पनामा, दक्षिण कोरिया, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया और सोमालिया हैं।

पाकिस्तान को माना तनाव बढ़ने की वजह

यूएनएससी ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की वजह कई सदस्यों ने पाकिस्तान को माना है। सूत्रों ने कहा कि उन सदस्यों का ऐसा कहना है कि पाकिस्तान मिसाइल टेस्ट कर रहा है और बार-बार परमाणु युद्ध को लेकर बयानबाजी करता है। जो तनाव बढ़ाने के कारक हैं।

read more :    कैसे पहचानें युद्ध वाले सायरन, उसकी आवाज़ और क्या होता है फर्क ?

कैसे पहचानें युद्ध वाले सायरन, उसकी आवाज़ और क्या होता है फर्क ?

भारत और पाकिस्तान की सीमा पर तनाव बढ़ता ही जा रहा है। युद्ध की संभावनाओं के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कल बड़ा फैसला किया। केद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को आदेश दिया कि वह सायरन बजवा कर लोगों को युद्ध वाला सायरन पहचनना सीखाएं और कैसे उस दौरान बचाव करना है इसे लेकर जागरूक किया जाए। ऐसे में आज मुंबई के दादर के एंटनी डिसिल्वा हाई स्कूल का सायरन बजाकर तैयारियों का जायजा लिया गया। इस दौरान कुछ देर तक युद्ध का सायरन बजता रहा। इसी तरह श्रीनगर में भी डल झील में मॉक ड्रिल की तैयारियां की गईं। गुजरात समेत कई राज्यों में 7 मई को मॉक ड्रिल करके तैयारियों को पुख्ता किया जाएगा।

सायरन बजाने का मकसद

युद्ध के समय जब युद्ध का सायरन बजता है तो उसके कई मायने होते हैं। जैसे- हवाई हमले की वार्निंग के लिए सायरन बजाया जाता है। इसके अलावा एयरफोर्स के साथ रेडियो संपर्क को चालू करने के लिए, हमले के दौरान सिविल डिफेंस की तैयारियों की जांच के लिए, हमले के दौरान ब्लैकआउट एक्सरसाइज के लिए और कंट्रोल रूम की तैयारियों की जांच के लिए ये सायरन बजाए जाते हैं।

कैसे पहचाने युद्ध के सायरन को ?

युद्ध के समय जो युद्ध का सायरन बजेगा, वह 2 से 5 किमी दूर तक सुनाई देगा। युद्ध का सायरन आम अलार्म की तरह होगा लेकिन एंबुलेंस की सायरन जैसा नहीं उससे अलग होगा। यह तेज आवाज वाला वार्निंग सिस्टम होगा जो 120-140 डेसिबल तक का आवाज करता है। इसका मकसद होगा एयर स्ट्राइक की सूचना हमले से पहले देना।

युद्ध का सायरन बजे तो क्या करें ?

>>    सबसे पहले सुरक्षित स्थानों की तरफ जाएं और बचें।

>>     5 से 10 मिनट में सेफ लोकेशन पर पहुंचे।

>>     सायरन बजे तो बिल्कुल भी पैनिक न हों।

>>     सायरन बजते ही खुले इलाकों से हट जाएं।

>>     टीवी, रेडियो पर अलर्ट ध्यान से सुनें।

read more :   पाकिस्तानी साइबर फोर्स ने भारतीय रक्षा संस्थानों में लगाई सेंध

पाकिस्तानी साइबर फोर्स ने भारतीय रक्षा संस्थानों में लगाई सेंध

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच पाकिस्तानी हैकर्स भारतीय वेबसाइट्स को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला भारतीय रक्षा वेबसाइट को निशाना बनाने से जुड़ा है। रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों के मुताबिक साइबर हमलों ने रक्षा कर्मियों की संवेदनशील जानकारी, जिसमें उनके लॉगिन क्रेडेंशियल भी शामिल हैं। उनको खतरे में डाल दिया है। पाकिस्तान साइबर फोर्स नाम के एक एक्स हैंडल ने दावा किया है कि हैकर्स ने मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज और मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस के संवेदनशील डेटा तक पहुंच बना ली है।

अटैकर्स के पास हो सकती है अहम जानकारी

सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान साइबर फोर्स का दावा इस बात का प्रतीक है कि लॉगिन क्रेडेंशियल सहित रक्षा कर्मियों से संबंधित व्यक्तिगत जानकारी भी साइबर अटैकर्स के पास हो सकती है। यह भी बताया गया है कि साइबर अटैकर्स ने रक्षा मंत्रालय के तहत एक पीएसयू कंपनी आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट को भी खराब करने का प्रयास किया। वेबसाइट को पाकिस्तान के झंडे और अल खालिद टैंक का उपयोग करके खराब किया गया है।

आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड की वेबसाइट ऑफलाइन

न्यूज़ एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि समूह ने रक्षा मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड की वेबसाइट को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। सूत्रों ने बताया कि हैकिंग के प्रयास से होने वाले किसी भी संभावित नुकसान का आकलन करने के लिए आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड की वेबसाइट को पूरी तरह से ऑडिट के लिए ऑफलाइन कर दिया गया है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ किसी भी अतिरिक्त हमले का पता लगाने के लिए साइबर स्पेस की एक्टिव होकर निगरानी कर रहे हैं, खासकर उन हमलों को जो पाकिस्तान से जुड़े खतरे पैदा करने वाले लोगों द्वारा प्रायोजित हो सकते हैं। आगे घुसपैठ की कोशिशों से बचने के लिए सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के उचित उपाय किए जा रहे हैं।

पाकिस्तान साइबर फोर्स हैंडल
पाकिस्तान साइबर फोर्स हैंडल

पाकिस्तान साइबर फोर्स हैंडल को रोका

वही पाकिस्तान साइबर फोर्स हैंडल, जिसे अब रोक दिया गया है। उसने आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड के एक वेबपेज की तस्वीरें पोस्ट की थीं। जहां एक भारतीय टैंक की तस्वीर को पाकिस्तानी टैंक से बदल दिया गया था। हैंडल ने ये भी दावा किया है कि उसके पास मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस की वेबसाइट पर 1,600 उपयोगकर्ताओं के 10 जीबी से अधिक डेटा तक की पहुंच थी।

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आपको फतेहपुर सीकरी और ताजमहल क्यों नहीं चाहिए – सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें एक महिला ने खुद को मुगलों का वंशज बताते हुए दिल्ली के लाल किले पर कब्जे की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि सिर्फ लाल किला क्यों, ताजमहल और फतेहपुर सीकरी पर कब्जा क्यों नहीं चाहिए, वो भी तो मुगलों ने बनवाए हैं।

मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और जस्टिस संयज कुमार की बेंच ने याचिकाकर्ता सुल्ताना बेगम की याचिका खारिज कर दी और कहा कि याचिका पूरी तरह से गलत है। सुल्ताना बेगम का दावा है कि वह बहादुर शाह जफर II के परपोते की विधवा है। बेंच ने कहा, ‘सिर्फ लाल किला क्यों मांगा ? फतेहपुर सीकरी और ताजमहल क्यों नहीं। रिट याचिका पूरी तरह से गलत है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है।

अंग्रेजों ने छीन लिया था मुगलों से कब्जा

याचिकाकर्ता का कहना है कि साल 1857 में पहले स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने सुल्ताना बेगम के परिवार को संपत्ति से गैरकानूनी तरीके से वंचित कर दिया था। इसके बाद बहादुर शाह जफर II को देश से निर्वासित कर दिया गया और मुगलों के कब्जे से लाल किला ले लिया गया। उनका कहना है कि और अब भारत सरकार का इस पर कब्जा गैरकानूनी है। सुल्ताना बेगम ने लाल किले पर कब्जे और सरकार से मुआवजे की मांग की है।

सुल्ताना बेगम की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई

वही सुल्ताना बेगम की याचिका पिछले साल दिसंबर में दिल्ली हाईकोर्ट ने देरी के आधार पर खारिज कर दी थी। जिस पर उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हाईकोर्ट में याचिका देरी के आधार पर खारिज की गई थी। न कि गुण-दोष के आधार पर इसलिए सुप्रीम कोर्ट भी वही रियायत दे और देरी के आधार पर ही खारिज करे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी ये मांग मानने से इनकार कर दिया।

सुल्ताना बेगम ने साल 2021 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसे सिंगल जज की बेंच ने खारिज कर दिया था। इसके 900 दिन बाद याचिकाकर्ता हाईकोर्ट पहुंचीं। यहां जस्टिस विभू बाकरू और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने ढाई साल की देरी के आधार पर याचिका खारिज कर दी।

जानिए हाईकोर्ट ने क्या कहा ?

2021 के अपने फैसले में सिंगल जज की बेंच ने याचिकाकर्ता की दलील पर कहा था, ‘अगर ये मान भी लें कि बहादुर शाह जफर II को ईस्ट इंडिया कंपनी ने गैरकानूनी तरीके से लाल किले के कब्जे से वंचित कर दिया। तो भी 164 साल से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद यह याचिका कैसे सुनवाई योग्य है। जबकि याचिकाकर्ता के पूर्वज इस घटनाक्रम से हमेशा से अवगत थे।

सिंगल बेंच के इस फैसले के बाद सुल्ताना बेगम ने हाईकोर्ट की डिवीडन बेंच के सामने मामला रखा, लेकिन इसमें उन्होंने ढाई साल से भी ज्यादा समय लगा दिया। इस वजह से कोर्ट ने याचिका सुनने से मना कर दिया और फिर वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं।

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लगभग 1 लाख रोहिंग्याओ पर जल्द होगा एक्शन – मेयर सुषमा खर्कवाल

पहलगाम घटना के बाद रोहिंगाओं पर हो रही कार्रवाई की कड़ी में लखनऊ में भी एक्शन हो रहा है। हालांकि यहां की मेयर सुषमा खर्कवाल ने इनको लेकर 6 महीने पहले ही शुरुआत कर दी थी। मेयर ने कहा कि नगर निगम ने पिछले दिनों पूरा सर्वे किया था कि हमारे 8 जोन में कहां-कहां इनकी बस्तियां बसी हैं सबकी एक रिपोर्ट बनाई है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम में इनकी संख्या ज्यादातर रेलवे पटरियों के किनारे है और सरकारी जमीनों पर ये बसे हैं। वहीं ऊसर भूमियों पर भी ये बसे हैं और कुछ यहीं के लोगों ने इनको बसा कर अपने प्लॉट पर लाइट और पानी दे रखा है। उन्होंने कहा कि कैसे इन लोगों का बिजली का कनेक्शन मिल रहा है। इसको लेकर के बिजली विभाग को पत्र लिखा है।

रेलवे ने पिछले दिनों लिया था एक्शन

इसके साथ ही डीआरएम पूर्वोत्तर रेलवे और डीआरएम उत्तर रेलवे दोनों को पत्र लिखा है। जिसमें बताया है कि रेलवे पटरियों के किनारे बड़ी संख्या में यह लोग रह रहे हैं, हालांकि इसी कड़ी में रेलवे ने पिछले दिनों डालीगंज में एक कार्रवाई भी की थी। जिसमें बड़ी संख्या में इन लोगो पर एक्शन हुआ है।

मेयर ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह लोग पटरियों के किनारे बसे हैं साथ ही वहां पटरियों पर दुर्घटना करना चाहते हैं। हमारे जनधन की नुकसान करना चाहते हैं। रेलवे की पटरियों पर लोहे का दरवाजा रख दिया जाता है। लकड़ी का बोटा रखा जाता है और बड़ा हादसा करने की साजिश ये लोग करते हैं। जिससे हमारी धन हानि और जनहानि हो सके। उन्होंने कहा यही रोहिंग्या लगातार रेलवे के किनारे बड़ी साजिश करते हैं।

लखनऊ में करीब डेढ़ लाख रोहिंग्या – मेयर सुषमा खर्कवाल

मेयर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि हमारी जांच पड़ताल में लगभग डेढ़ लाख के करीब में रोहिंग्या लखनऊ में है। जिसमें लगभग 50000 अभी तक जा चुके हैं। वहीं एक लाख के करीब में है अभी यहां हैं जिनके ऊपर अगले 6 महीने में एक्शन होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इनको यहां रखने में पिछली सरकारों का बड़ा योगदान है। इनको यहां वोट बैंक के खातिर बसाया जाता है।

मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि वो इस प्रकरण में मुख्यमंत्री से पहले भी मिली और आगे भी मिलेंगी। अभी तक इसमें क्या एक्शन लिया है औऱ कितना बाकी रह गया है। इसको लेकर के वे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट भी देंगी और उनसे आगे के लिए मदद भी मांगेंगी।

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टीचर्स के बाद स्टूडेंट्स की लगेगी ऑनलाइन हाजिरी, तैयार हो रहा सॉफ्टवेयर

उत्तर प्रदेश में मध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अब शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों की भी हाजिरी को ऑनलाइन किया जाएगा। यूपी बोर्ड इसको आगामी सत्र 2025-26 से लागू करेगा। इसको लेकर तैयारियां भी शुरू हो गई है और नया सॉफ्टवेयर भी तैयार कराया जा रहा है। आज की तारीख में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद में तकरीबन 28000 माध्यमिक विद्यालय हैं और इनमें 5 लाख शिक्षक और एक करोड़ से अधिक बच्चे पढ़ते है।

यूपी में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो इस दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। बोर्ड इसको लेकर एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है जिससे शिक्षकों और छात्रों की स्थिति की सही सूचना मिल सके। इस सॉफ्टवेयर से स्कूलों से ऑनलाइन हाजिरी की सूचना सुबह 11:00 बजे तक यूपी बोर्ड बोर्ड मुख्यालय को मिल जाएगी। जिससे यह पता चल जाएगा कि किस विद्यालय में कितने शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित या अनुपस्थित हैं। वहीं इस सूचना को भेजने की जिम्मेदारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की होगी।

स्कूल से ही दी जा सकेगी सूचना

सूचना को बोर्ड तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक प्रधानाचार्य को लॉगिन आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा, जिसमें सूचना देते समय उनकी फोटो भी खिंचेगी। वहीं सॉफ्टवेयर में ऐसी भी तकनीकी चीजें जोड़ी जा रही हैं। जिससे विद्यालय परिसर के 200 मीटर के दायरे से बाहर रहने पर सूचना भेजी नहीं जा सकेगी। इसके साथ ही फोटो की जियो टैगिंग भी होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके की प्रधानाचार्य ने स्कूल से ही सूचना भेजी है।

यूपी बोर्ड मुख्यालय ऑनलाइन उपस्थिति पर रखेगा नजर

आपको बता दे की ऑनलाइन हाजिरी की निगरानी जिला, मंडल और प्रदेश स्तर पर की जाएगी. जिसमें जिला स्तर पर dios, मंडल स्तर पर संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक इसकी निगरानी करेंगे और प्रदेश स्तर पर यूपी बोर्ड मुख्यालय ऑनलाइन उपस्थिति पर नजर रखेगा। हालांकि इस व्यवस्था में ऑनलाइन लॉगिन से जुड़ी व्यवस्था सुधारने को लेकर के भी बड़ा ध्यान देना होगा। क्योंकि कई जगहों पर ऑनलाइन हाजिरी में इंटरनेट और नेटवर्क समेत कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

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पाकिस्तानी महिला से शादी की इसलिए….सीआरपीएफ जवान ने खोला राज

पाकिस्तानी महिला से शादी की बात छिपाने वाले सीआरपीएफ के बर्खास्त जवान मुनीर अहमद ने इन आरोपों पर सफाई दी है। बर्खास्त जवान ने कहा कि 2022 में उसने विभाग से शादी की परमिशन मांगी थी, लेकिन जब देरी हुई तो उसने मई, 2024 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीनल से शादी कर ली। न्यूज एजेंसी से बात करते हुए मुनीर अहमद ने एक बड़ा राज भी खोल दिया।

बर्खास्त जवान ने बताया कि उसने अपनी ममेरी बहन से शादी की है और उनकी शादी बचपन में ही तय हो गई थी। उसने कहा, ‘मीनल मेरे मामा की बेटी है। भारत-पाकिस्तान बंटवारे से पहले मेरा और उसका परिवार जम्मू-कश्मीर में ही रहते थे। फिलहाल मीनल की फैमिली पाकिस्तान के सियालकोट में रहती है। हम दोनों का रिश्ता बचपन में ही तय हो गया था।’

शादी की इजाजत के लिए विभाग को लिखा था लेटर – जवान

मुनीर अहमद ने बताया, ‘मैंने 31 दिसंबर, 2022 को शादी की इजाजत के लिए अधिकारियों को लेटर लिखा था। 24 जनवरी, 2023 को अधिकारियों ने कुछ आपत्तियों के साथ मेरा लेटर वापस कर दिया और मुझसे शादी का कार्ड, शादी कहां होगी ये जानकारी मांगी गई। इसके बाद मैंने दूसरा लेटर भेजा, जिसमें शादी की पूरी जानकारी दी थी। मेरा लेटर DIG जम्मू रेंज और सीआरपीएफ दिल्ली तक गया और करीब 5 महीने बाद मुझे इसका जवाब मिला, जिसमें लिखा कि प्रार्थी ने विभाग को सूचित किया है।’

नहीं मिल रहा था वीजा – सीआरपीएफ जवान

सीआरपीएफ जवान ने बताया कि मेरे पिता कैंसर पेशेंट हैं और दूसरी तरफ विभाग का लेटर मिलने में देरी हो रही थी। मीनल को वीजा भी नहीं मिल रहा था। इस वजह से दोनों परिवारों की रजामंदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हमारी शादी करवाई गई। करीब 9-10 महीने बाद मीनल को भारत विजिट का वीजा मिला था।

28 फरवरी 2025 को वो भारत आई थी। इसकी जानकारी मैंने विभाग को दी थी। डिप्टी कमांडेंट को भी बताया था, विजिट वीजा मिलने के 15 दिन के भीतर लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) के लिए अप्लाई करना होता है। हमने वो अप्लाई किया, इस दौरान लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) के लिए हमारी फील्ड वेरिफिकेशन कराई गई। इसके बाद हमसे कहा गया कि मीनल लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) में भारत में रह सकती है।

बर्खास्तगी के बारे में कैसे पता चला ?

सेवा से बर्खास्त किए जाने को लेकर मुनीर अहमद ने कहा कि मुझे मीडिया रिपोर्टों के जरिए से अपनी बर्खास्तगी के बारे में पता चला। मुझे जल्द ही सीआरपीएफ से एक पत्र मिला, जिसमें मेरी बर्खास्तगी के बारे में जानकारी दी गई। ये मेरे और मेरे परिवार के लिए एक झटका था क्योंकि मैंने मुख्यालय से मीनल खान से शादी करने की इजाजत मांगी थी और शादी के बाद भी सूचित किया था।

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तेज बारिश और आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की चेतावनी, कई जिलों में अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मई महीने के शुरूआत से ही मौसम बदल गया है। मौसम विभाग ने राजधानी लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद समेत करीब 20 से अधिक जिलों में अगले पांच दिनों तक तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में बारिश और आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान पूर्वांचल से पश्चिम संभाग तक के तमाम जिलों में तेज बारिश होने के आसार बने हुए हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को पश्चिमी यूपी में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की बौछारें होने की संभावना बनी हुई हैं, जबकि पूर्वी संभाग के अनेक स्थानों पर झमाझम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कहीं-कहीं मेघ गर्जन के साथ बिजली गिरने की संभावना है। 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने की चेतावनी जा की गई है। 6 मई को भी कई जगहों पर बारिश का अलर्ट है।

नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से…..

मौसम विभाग के मुताबिक हिमालयी क्षेत्र में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से प्रदेश में 10 मई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। उसके बाद फिर से गर्मी का सिलसिला शुरू हो सकता है। अगले 72 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। इसके बाद धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

किन-किन जिलों में है मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक यूपी में आज राजधानी लखनऊ समेत, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, सीतापुर, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, बस्ती, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, अमेठी, बाराबंकी, उन्नाव, रायबरेली, कानपुर, जालौन, हमीरपुर, झांसी, महोबा, ललितपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और संत कबीर नगर में कई जगहों पर झमाझम बारिश का अलर्ट है।

इसके साथ ही नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, मैनपुरी इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली, बदायू, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, रामपुर, हापुड़, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, संभल और अमरोहा में कई जगहों पर बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी।

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विक्की कौशल फिर से गरजने को तैयार हैं, निभाएंगे भगवान विष्णु का अवतार

विक्की कौशल ने इस साल की अब तक की सबसे बड़ी सुपरहिट फिल्म दी है। बीते दिनों रिलीज हुई विक्की कौशल की फिल्म छावा ने 800 करोड़ रुपयों से ज्यादा की वर्ल्डवाइड कमाई की है। इतना ही नहीं छावा अब तक की बॉलीवुड की इस साल की सबसे बड़ी सुपरहिट फिल्म साबित हुई है। साथ ही विक्की कौशल के इस किरदार को खूब तारीफें मिली हैं।

लेकिन अब विक्की कौशल जल्द ही एक और ऐसी ही धमाकेदार फिल्म के साथ पर्दे पर लौट रहे है। इसका पहला लुक भी रिलीज कर दिया गया है। जिसे देखकर फैन्स काफी उत्साहित हो गए हैं। ये किरदार भगवान विष्णु के अवतार रहे ऋषि परशुराम का होने वाला है और इस फिल्म का नाम है ‘महाअवतार’। हालांकि ये फिल्म इस साल नहीं बल्कि अगले साल सितंबर में रिलीज हो सकती है लेकिन अभी तक रिलीज डेट की जानकारी नहीं दी गई है।

प्रोड्यूसर ने दिया अपडेट

फिल्म को दिनेश विजयन प्रोड्यूस कर रहे हैं। हाल ही में प्रोड्यूसर दिनेश Waves 2025 समिट में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने फिल्म को लेकर अपडेट दिया है। जिसमें दिनेश ने बताया कि ‘महाअवतार’ मेडॉक फिल्म्स का अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होने वाला है। साथ ही बॉलीवुड में चल रहा बॉक्स ऑफिस संकट को लेकर भी बात की। जिसमें दिनेश ने बताया, ‘मुझे लगता है कि हम एक बहुत ही दिलचस्प जगह पर हैं।

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आप जिस भी क्षेत्र का उदाहरण लेते हैं, वह दुनिया में सबसे पहले उसी क्षेत्र में खोज करता है। मुझे लगता है कि महामारी के बाद, हम आखिरकार अपने काम को एक साथ कर रहे हैं। हम समझ रहे हैं कि आम आदमी के लिए कहानियां बनाने की ज़रूरत है। पिछले 10 सालों में, हम पश्चिम की ओर आकर्षित नहीं हुए हैं। हम अपने बारे में कहानियां चाहते हैं, और हम एकमात्र देश हैं जिसकी संस्कृति इतनी समृद्ध है। लेकिन हमने फिल्म निर्माताओं के रूप में कहीं न कहीं देखना बंद कर दिया है। स्त्री और छावा हमारी संस्कृति में कहानियों के उदाहरण हैं, जितना स्थानीय हो सकता है। वे विस्फोट कर चुके हैं।

अगले साल रिलीज होगी विक्की कौशल की ये फिल्म

बता दें कि विक्की कौशल स्टारर फिल्म महाअवतार अगले साल रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में एक बार फिर विक्की कौशल दमदार अवतार के साथ लौट रहे हैं और अच्छे एक्शवन की उम्मीद है। फिल्म को अमर कौशिक डायरेक्ट कर रहे हैं। अब देखना होगा कि ये फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर कितना कमाल दिखा पाती है। इससे पहले इस साल विक्की कौशल का जलवा देखने को मिला है। छावा ने बॉक्स ऑफिस पर खूब गर्दा उड़ाया और 800 करोड़ रुपयों की कमाई के साथ इस साल की सबसे बड़ी बॉलीवुड सुपरहिट फिल्म बन गई है।

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नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी और सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ीं

नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए दोनों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा कि चार्जशीट पर संज्ञान लेने के समय सोनिया गांधी और राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने का अधिकार है। जज ने कहा, ‘‘किसी भी स्तर पर पक्ष रखने का अधिकार निष्पक्ष सुनवाई की जान है।’’ उन्होंने मामले की अगली सुनवाई आठ मई के लिए तय की।

2021 में ईडी ने शुरू की थी जांच

हाल में इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोपपत्र दाखिल किया था। 2021 में ईडी ने अपनी जांच शुरू की थी। इस मामले की शिकायत 26 जून 2014 को भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा की गई थी। जिसके बाद एक मजिस्ट्रेट अदालत ने इस मामले पर संज्ञान लिया था। ईडी ने कहा कि शिकायत में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों द्वारा एक ‘‘आपराधिक साजिश’’ को उजागर किया गया है।

जिसमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, उनके सांसद पुत्र राहुल गांधी, कांग्रेस के दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस के अलावा अन्य नेताओं और एक निजी कंपनी ‘यंग इंडियन’ शामिल हैं। इन सभी पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) से संबंधित 2,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों का गलत तरह से अधिग्रहण कर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप है। सोनिया और राहुल यंग इंडियन के शेयरधारक हैं और दोनों के पास 38-38 प्रतिशत शेयर हैं।

सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत पर कार्रवाई

इस मामले में बीजेपी ने सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की अदालत में शिकायत दर्ज की। सोनिया और राहुल गांधी पर धोखाधड़ी और संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया गया। स्वामी का दावा था कि YIL ने AJL की संपत्तियों को “गलत तरीके” से हासिल किया, और शेयरधारकों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण और जस्टिस मार्कंडेय काटजू जैसे शेयरधारकों ने भी आरोप लगाया कि उनके शेयर बिना सूचना के YIL को हस्तांतरित किए गए।

क्या है नेशनल हेराल्ड मामला ?

नेशनल हेराल्ड मामला मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा केस है। नेशनल हेराल्ड अखबार और उसकी मूल कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के इर्द-गिर्द है। नेशनल हेराल्ड अखबार की इसकी शुरुआत 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी जो स्वतंत्रता संग्राम में कांग्रेस का मुखपत्र था। यह अखबार AJL द्वारा प्रकाशित होता था। यह कंपनी हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज भी छापती थी।

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच की

2014 में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से इस मामले की जांच शुरू की। ईडी का आरोप है कि AJL की संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग (जैसे दिल्ली के हेराल्ड हाउस में पासपोर्ट कार्यालय को किराए पर देना) गैर-कानूनी था, क्योंकि AJL को गैर-लाभकारी कंपनी के तौर पर कर छूट मिली थी। 2023 में ईडी ने AJL और YIL की 751 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया, जिसमें दिल्ली, लखनऊ और मुंबई की प्रॉपर्टी शामिल हैं। अप्रैल 2025 में ईडी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सैम पित्रोदा के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत चार्जशीट दाखिल की।

कांग्रेस का दावा….. 

कांग्रेस का दावा है कि YIL एक गैर-लाभकारी कंपनी है, जिसका उद्देश्य नेशनल हेराल्ड को फिर से स्थापित करना और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को बचाना था। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि कोई वित्तीय अनियमितता या मुनाफा नहीं कमाया गया और यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाइयों को “बदले की राजनीति” करार दिया और कहा कि यह भाजपा द्वारा गांधी परिवार को निशाना बनाने की साजिश है।

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पहलगाम पर पीएम मोदी के बदले के ऐलान से यूएनएससी में मची खलबली

पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बदले के ऐलान से सिर्फ पाकिस्तान में ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े मंच संयुक्त राष्ट्र में भी खलबली है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को भी पूरा भरोसा है कि पीएम मोदी पाकिस्तान के आतंकियों से घातक बदला जरूर लेंगे। लिहाजा तनाव करने के मद्देनजर यूएनएससी ने आपातकालीन बैठक बुला ली है।

यूएनएससी के अध्यक्ष ने परमाणु हथियार संपन्न दक्षिण एशियाई देशों भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर चिंता जताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच की स्थिति पर चर्चा करने के लिए सुरक्षा परिषद की बैठक जल्द हो सकती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद की यह बैठक विचार व्यक्त करने तथा तनाव कम करने में मदद करने का एक अवसर होगी।

मई महीने के लिए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष यूनान के राजदूत एवं संयुक्त राष्ट्र में देश के स्थायी प्रतिनिधि इवेंजेलोस सेकेरिस ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘बेशक, अगर बैठक के लिए अनुरोध आता है, तो..मुझे लगता है कि यह बैठक होनी चाहिए, क्योंकि जैसा कि हमने कहा कि संभवत: यह विचार व्यक्त करने का एक अवसर भी है और इससे तनाव कम करने में कुछ मदद मिल सकती है। हम इस पर विचार करेंगे।

यूएनएससी ने की आतंकवाद की निंदा

पाकिस्तान से उत्पन्न सीमा पार आतंकवाद से भारत के पीड़ित होने के बारे में ‘पूछे गए पूछे गए एक सवाल के जवाब में सेकेरिस ने कहा, ‘‘यह एक ऐसा मुद्दा है जो बहुत ही प्रासंगिक है। जैसा कि मैंने पहले कहा कि हम आतंकवाद के किसी भी कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं और यही हमने पहलगाम में हुए ‘‘जघन्य आतंकवादी हमले’’ पर किया है जिसमें निर्दोष लोग मारे गए।’’ भारत सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है।

सेकेरिस ने कहा कि ‘‘हम भारत सरकार, नेपाल और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम आतंकवाद की सभी रूपों में निंदा करते हैं, हर जगह जहां भी ऐसी (आतंकवादी) घटनाएं हो रही हैं, हम उनकी निंदा करते हैं। दूसरी ओर, हम इस तनाव को लेकर चिंतित हैं जो इस क्षेत्र में बढ़ रहा है।

सेकेरिस बने हैं यूएनएससी के नए अध्यक्ष

यूएनएससी के नये अध्यक्ष बनने के बाद सेकेरिस ने कहा, ‘‘हम निकट संपर्क में हैं…लेकिन यह कुछ ऐसा है जो हो सकता है, मैं कहूंगा, जल्द होगा। हम विचार करेंगे, हम तैयारी कर रहे हैं। यह मेरे (यूएनएससी) अध्यक्ष पद का पहला दिन है।’’ सेकेरिस ने बृहस्पतिवार को यहां संयुक्त राष्ट्र के संवाददाताओं को सुरक्षा परिषद की मई महीने के लिए यूनान की अध्यक्षता के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने 15 देशों के संयुक्त राष्ट्र निकाय की यूनान की एक महीने की अध्यक्षता के तहत परिषद के कार्य एवं कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उनसे भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बारे में पूछा गया था और यह भी पूछा गया था कि क्या उन्हें परिषद में इस मुद्दे पर बैठक या परामर्श के लिए कोई अनुरोध प्राप्त हुआ है।

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यूपी की राजधानी समेत कई जिलों में बदल दी गई स्कूलों की टाइमिंग

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सभी स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव कर दिया गया है। अब लखनऊ जिले में स्कूल सुबह 7.30 बजे से खुलेंगे और दोपहर 12.30 बजे तक चलेंगे। यह फैसला डीएम ने आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में लगेगा। डीएम ने यह फैसला छोटे बच्चों के हित में भीषण गर्मी को देखते हुए लिया है, इस कारण यह आदेश कक्षा 1 से आठवीं तक की कक्षा पर ही लागू है।
आदेश की कॉपी
आदेश की कॉपी

डीएम विशाख जी. ने आदेश में कहा कि……

आदेश में डीएम विशाख जी. ने कहा कि जनपद लखनऊ में बढ़ते तापमान को देखते हुए कक्षा 1 से कक्षा 8 के तक के स्कूली बच्चों के हित में सभी बोर्डों के सरकार/परिषदीय/गैर सरकारी/प्राइवेट स्कूलों का समय बदला जा रहा है। अब यह सभी स्कूल 25 अप्रैल से सुबह 7.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक खुलेंगे। यह आदेश 25 अप्रैल यानी कल से लागू हो रहा है, जो अग्रिम आदेश तक मान्य है। सभी स्कूलों को निर्देशित भी किया कि स्कूल विद्यार्थियों की बाहर/खुले क्षेत्र में कोई भी गतिविधि न आयोजित न करें।

अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में भी बदला समय

अंबेडकर नगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह ने आदेश कर कक्षा 1 से 8वीं तक स्कूलों के समय में भी बदलाव किया है। आदेश में अधिकारी ने कहा है कि जिले के सभी परिषदीय/उच्च प्राथमिक/सीबीएसई/आईसीएसई/मान्यता प्राप्त/मदरसा/सहायता प्राप्त इंटरमीडिएट स्कूलों में कक्षा 1 से 8वीं तक के सभी स्कूल सुबह 7.30 बजे शुरू होंगे और 12.30 बजे तक चलेंगे। यह आदेश 25 अप्रैल से लागू किया जाएगा और अग्रिम आदेश तक लागू रहेगा।

इसके अलावा, आगरा और वाराणसी जिलों में भी आदेश जारी कर कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। यह आदेश भी इन जिलों में लागू कर दी गई है।

कई जिलों में लू की चेतावनी

जानकारी दे दें कि मौसम विभाग ने 27 अप्रैल तक भारी लू की चेतावनी दी गई है, जिसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर दिख सकता है। ऐसे में विभाग के आदेश पर कई जिलों के डीएम ने स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया गया है। यूपी के कई जिलों में लू को लेकर चेतावनी दी घई है। जिसमें बांदा, कौशांबी, चित्रकूट, फतेहपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, बलिया, मऊ, फर्रुखाबाद, कानपुर, कन्नौज, उन्नाव, अमेठी, रायबरेली, सुल्तानपुर, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, औरैया, इटावा, जालौन, झांसी, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर और इनके आसपास के इलाके भी शामिल हैं।

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