Friday, April 3, 2026
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असम में हेमंता के खिलाफ ताल ठोक सकते हैं गौरव गोगोई

असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने करीब चालीस सीटों पर उम्मीदवार तय कर लिए हैं। कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की ऑनलाइन बैठक में उम्मीदवारों के नाम तय किए गए। असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। पार्टी उन्हें दो सीटों से चुनाव लड़ाने की योजना बना रही है। ऐसे में मुख्‍यमंत्री हिमंता बिस्‍वा सरमा और गौरव गोगोई के बीच दिलचस्‍प भिड़ंत देखने को मिल सकती है।

वही दूसरी तरफ असम में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक हमले तेज हो गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। हेमंता ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गौरव गोगोई पाकिस्तान के एजेंट हैं। उनकी पत्नी भी पाकिस्तान की एजेंट है। अगर उनमें हिम्मत है, तो मेरे खिलाफ केस दर्ज करें।

मुख्यमंत्री के इस बयान ने तुरंत ही राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। मुख्यमंत्री हेमंता ने कहा कि उनका मकसद किसी को डराना नहीं है। बल्कि वह सिर्फ वही बोलते हैं जो उन्हें सच लगता है। उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई डरने वाला नहीं है, यह अच्छी बात है। लेकिन जो सच है, वो सच ही रहेगा और जो झूठ है, वो झूठ ही रहेगा।

ध्रुवीकरण को मिल सकती है हवा

असम की राजनीति में हेमंता और गोगोई के बीच शब्दों की जंग कोई नई बात नहीं है। लेकिन विधानसभा चुनाव करीब होने के कारण यह तीखी बयानबाजी की अधिक चर्चा हो रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आरोप एक बार फिर असम की राजनीति में ध्रुवीकरण को हवा दे सकते हैं।

कांग्रेस की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। असम में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज होना तय माना जा रहा है। हेमंता बिस्वा सरमा पहले भी अपनी बेबाक बयानबाजी को लेकर चर्चा में रहे हैं।

इतिहास दोहराना चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, गौरव गोगोई जोरहाट सीट से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। गौरव फिलहाल ऊपरी असम की जोरहाट लोकसभा सीट से ही सांसद हैं। उनके पिता और तीन बार असम के मुख्यमंत्री रहे तरुण गोगोई ने अपनी राजनीति की शुरुआत जोरहाट नगर निगम से ही की थी और बाद में यहां से सांसद भी चुने गए। 2024 लोकसभा चुनाव में गौरव गोगोई को सीट बदलनी पड़ी थी।

इससे पहले वो दो बार कलियाबोर सीट से चुनाव जीत चुके थे। लेकिन परिसीमन में बदलाव के बाद उन्हें जोरहाट से लड़ना पड़ा। उनके लिए लड़ाई आसान नहीं थी, लेकिन पिता की विरासत और सहानुभूति का फायदा गौरव गोगोई को लोकसभा चुनाव में मिला था। अब उसी कहानी को विधानसभा चुनाव में दुहराने की रणनीति बनाई जा रही है। बीते दो चुनाव से जोरहाट विधानसभा सीट बीजेपी जीत रही है।

जालुकबारी से पीछे हट रहे गौरव गोगोई

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी अपने प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को सीएम हेमंता बिस्वा सरमा के सामने जालुकबारी से भी उतारना चाहती है। हालांकि, खुद गौरव इसके लिए तैयार नहीं हैं। सीएम हिमंत इस सीट से लगातार पांच बार से (तीन बार कांग्रेस और दो बार बीजेपी ) जीत रहे हैं और हर बार उनकी जीत का अंतर बढ़ रहा है।

पिछली बार हिमंता बिस्वा सरमा ने एक लाख से अधिक अंतर से जीत दर्ज की थी। गौरव गोगोई कांग्रेस के अघोषित सीएम उम्मीदवार हैं। वैसे भी असम में इस बार मुकाबला हिमंता बनाम गौरव ही है। अगर गौरव सीएम की सीट से लड़ जाते हैं। तो इससे पूरे राज्य में बड़ा संदेश जाएगा। हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

असम में तेलंगाना मॉडल अपना रही कांग्रेस

करीब ढाई साल पहले तेलंगाना में कांग्रेस ने यही मॉडल अपनाया था। तब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने दो सीटों से चुनाव लड़ा और सीएम के चंद्रशेखर राव को उनकी सीट से भी सीधी चुनौती दी थी। इससे बने माहौल से तेलंगाना में कांग्रेस को ऐसी जीत मिली। जो पहले असंभव लग रही थी /वैसे ही हालत असम के भी हैं।

अमेरिका इजरायल ने किया ईरान पर हमला, तेहरान ने दिया करारा जवाब

अमेरिका और एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान द्वारा मिसाइलें दागे जाने की खबर के बाद इजराइल ने राष्ट्रव्यापी चेतावनी जारी की है। साथ ही इज़राइल ईरान के ‘मिसाइल भंडारण स्थलों, उत्पादन सुविधाओं और लॉन्चरों’ पर ध्यान केंद्रित करेगा। जबकि अमेरिका द्वारा ‘ईरानी परमाणु परियोजना और शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड्स बल और सरकार से संबंधित अतिरिक्त लक्ष्यों’ पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है। कब्जे वाले वेस्ट बैंक और बेर शेवा के सभी क्षेत्रों में एक जोरदार विस्फोट की आवाज सुनाई दी।

कतर, बहरीन समेत कई अमेरिकी अड्डों पर हमलों की खबर है। ईरान के इस्लामी गणराज्य के खिलाफ शत्रुतापूर्ण और हत्यारी दुश्मन की आक्रामकता के जवाब में, ईरान के इस्लामी गणराज्य द्वारा कब्जे वाले क्षेत्रों पर व्यापक मिसाइल और ड्रोन हमलों की पहली लहर शुरू हो गई है। यमन के अंसारल्लाह आंदोलन ने घोषणा की है कि वे लाल सागर पर अपने हमले फिर से शुरू करेंगे।

इजरायल ने एक्टिव किया आयरम डोम

ईरानी हमले के बाद इजरायल नेआयरन डोम एक्टिव कर दिया है। पेंटागन का कहना है कि ईरान पर किए गए हमलों को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया था। ईरान के इस्लामी क्रांतिकारी रक्षक कोर का ज़ायोनी शासन द्वारा ईरान के इस्लामी गणराज्य के विरुद्ध किए गए क्रूर आक्रमण के संबंध में बयान, अल्लाह के नाम पर, जो अत्याचारियों का नाश करने वाला है।

ईरान के इस्लामी गणराज्य के विरुद्ध शत्रुतापूर्ण और आपराधिक आक्रमण के जवाब में, ईरान के इस्लामी गणराज्य ने अधिकृत क्षेत्रों पर व्यापक मिसाइल और ड्रोन हमलों की पहली लहर शुरू कर दी है। अधिक जानकारी समय आने पर दी जाएगी।

हूतियों ने भी किया इजरायल पर हमला

उत्तरी इजराइल पर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है। कम से कम दो मिसाइलें दागी गईं। जिनमें से एक के खुले मैदान गिरने की खबर है। आईडीएफ ने बताया कि ईरान से बैलिस्टिक मिसाइलों का एक और लॉन्च डिटेक्ट किया है और आने वाले कुछ मिनटों में सायरन बजने की उम्मीद है।

एक ईरानी मिसाइल ने कतर में अल उदीद एयर बेस को निशाना बनाया। क़तर के रक्षा मंत्रालय ने एक ईरानी मिसाइल के इंटरसेप्शन की घोषणा की है। इधर, ईरान के बाद अमेरिका के नेतृत्व में तेहरान पर हुए हमलों के जवाब में हूतियों ने भी इज़राइल पर मिसाइलें दागीं हैं।

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उत्तर कोरिया नहीं, भारत है, राहुल ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर की जा रही कार्रवाई को लेकर पीएम मोदी पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि यह भारत है, उत्तर कोरिया नहीं है। उन्होंने कहा कि शांति पूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र की आत्मा है। यह कोई अपराध नहीं है। राहुल गांधी एआई समिट में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद उनके खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए मोदी सरकार की तुलना उत्तर कोरिया के तानाशाही शासन से की। राहुल ने आरोप लगाया धीरे-धीरे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को ऐसी दिशा में ले जाया जा रहा है। जहां पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना सबसे बड़ा अपराध बन गया है।

सोशल मीडिया साइट एक्स पर पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लिखा। यह उत्तर कोरिया नहीं है, भारत है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की आत्मा है, अपराध नहीं। राहुल ने आरोप लगाया कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र धीरे-धीरे उस दिशा में धकेला जा रहा है। जहां पर असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साजिश कहा जा रहा है।

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर जोरदार हमला
राहुल गांधी का पीएम मोदी पर जोरदार हमला

लाठी, मुकदमें और जेल लगभग तय – राहुल 

उन्होंने लिखा, “जब सत्ता में बैठे लोग खुद को ही राष्ट्र समझने लगें, असहतमि को दुश्मन मानने लगें, तो वहीं से लोकतंत्र की मौत शुरू हो जाती है। आज भारत में ‘कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री’ के शासन में शांतिपूर्ण विरोध को सबसे बड़ा अपराध बना दिया गया है।”बात को आगे बढ़ाते हुए राहुल ने लिखा, सोचिए, मुद्दा कोई भी हो, अगर आप संवैधानिक तरीकों से सत्ता के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो लाठी, मुकदमें और जेल लगभग तय है।

किसानों को ‘आतंकवादी’ कहा गया – राहुल गांधी

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि पेपर लीक से परेशान युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज उठाई। लेकिन उन्हें लाठियों से पीटा गया। देश की महिला पहलवानों ने एक शक्तिशाली भाजपा नेता के खिलाफ गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। लेकिन उनके आंदोलन को कुचल दिया गया और उन्हें सड़कों से जबरन हटाया गया। एक दुष्कर्म पीड़िता के समर्थन में जब इंडिया गेट पर शांति पूर्व प्रदर्शन हुआ। तो उसे भी अव्यवस्था बताकर हटा दिया गया। जब देश के युवाओं ने जहरीली हवा के खिलाफ प्रद्रशन किया। तो उसे भी राजनीति कहकर दबा दिया गया। किसानों को ‘आतंकवादी’ करार दिया गया।

आदिवासियों के ऊपर शक किया गया – राहुल गांधी

उन्होंने कहा, आँसू गैस, पानी की बौछारें, लाठियां और रबर बुलेट यही बातचीत के साधन बन गए हैं। जब आदिवासी अपने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के लिए खड़े होते हैं तो उन पर भी शक किया जाता है। मानो अपने अधिकार मांगना अपराध हो गया हो। यह कैसा लोकतंत्र है, जहां पर एक कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री असहमति को दुश्मन मानने लग जाता है।

दरअसल, यह पूरा मामला यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा एआई समिट में किए गए प्रदर्शन को लेकर था। शर्टलेट प्रदर्शन के बाद कांग्रेस को विपक्षी पार्टियों से ही विरोध का सामना करना पड़ा था। अभी हाल ही में दिल्ली पुलिस और शिमला पुलिस के बीच हुआ ड्रामा भी इसी से जुड़ा हुआ था। गौरतलब है कि इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी करने के लिए दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारी शिमला पहुंचे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां से तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस मामले में अभी तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका विरोधी कंटेंट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी (NCERT) बुक के चैप्टर मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत बेहद नाराज नजर आए। इस दौरान शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी। लेकिन सीजेआई ने कहा कि जब तक ये नहीं पता चल जाता कि इसके पीछे कौन-कौन है। जब तक वह संतुष्ट नहीं होते, तब तक सुनवाई चलेगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचौली की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही थी।

चैप्टर न्यायापालिका में भ्रष्टाचार

इस दौरान शिक्षा विभाग की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता मौजूद थे। सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने भी सुनवाई में चैप्टर को लेकर आपत्तियां जताईं। क्लास 8 की सोशल साइंस की नई किताब में ज्यूडिशियरी को लेकर एक चैप्टर है। जिसका टाइटल ‘न्यायापालिका में भ्रष्टाचार’ है। इस चैप्टर में कोर्ट्स में पेंडिंग केस जैसी कई जानकारियां शामिल हैं।

सीजेआई सूर्यकांत की अहम टिप्पणियां – 

1  –   सीजेआई ने आदेश में कहा कि व्यवस्था के 3 अंग – विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका लोकतंत्र के सुचारू रूप से काम करने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें एक अखबार से एनसीईआरटी (NCERT) की किताब में लिखे गए अंश का पता चला। इसे जानकर हमें आघात पहुंचा है।

2  –   वही सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हम उन अंशों को यहां दोबारा नहीं दर्ज करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व चीफ जस्टिस के एक बयान का बिना संदर्भ उल्लेख कर यह बताने की कोशिश की गई कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है। किताब में पूर्व सीजेआई भूषण रामकृष्ण गवई का जिक्र करते हुए न्यायापालिका को लेकर कुछ बातें लिखी गई हैं।

3  –   सीजेआई ने कहा कि उन्होंने खबर पढ़ने के बाद अपने सेक्रेट्री जनरल को जानकारी लेने के लिए कहा कि क्या वाकई ऐसी किताब छपी है। जिस पर एनसीईआरटी (NCERT) के निदेशक ने जवाब में उस सामग्री को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि यह बहुत अवमाननापूर्ण था।

4  –   सीजेआई ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह सोच समझकर न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। सीजेआई ने कहा कि न्यायपालिका के बारे में इस तरह की बातें करना और उसके प्रति असम्मान फैलाना निश्चित रूप से आपराधिक अवमानना का मामला हो सकता है। अगर ऐसा जान-बूझकर किया गया है तो।

5  –   चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह सोचा-समझा योजनाबद्ध कदम है। बच्चों के अलावा शिक्षक और अभिभावक भी इसे पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम अधिकारियों को सिर्फ माफी पर जाने नहीं दे सकते है। यह कहना कि इसे हटाया जा रहा है, काफी नहीं। किताब मार्केट में गई। मैंने भी इसकी एक कॉपी देखी है।

उन्होंने शिक्षा विभाग को आदेश दिया कि मार्केट और स्कूलों में भेजी गई। किताबें वापस ली जाएं और किताब का ऑनलाइन मटीरियल भी हटाया जाए।

6  –  ही सीजेआई सूर्यकांत ने आगे कहा कि वह सुनवाई बंद नहीं करेंगे। पता करना है कि इसके पीछे कौन-कौन है। उन्होंने कहा कि इस किताब को जनसामान्य और खास तौर पर कम उम्र के बच्चों तक जाने देना गलत होगा।

7  –   इस पर सीजेआई ने कहा कि इस किताब में लोगों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की बड़ी भूमिका की उपेक्षा की गई है। लोगों को कानूनी सहायता देने और न्याय पाने में सहूलियत के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार के खिलाफ कई अहम आदेश पारित किए हैं। ऐसा नहीं लगता कि किताब का अंश अच्छी मंशा से लिखा गया है।

8  –   चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने यह भी कहा, ‘हम यह साफ करना चाहते हैं कि हम सही मंशा से की गई। किसी भी आलोचना को नहीं रोकना चाहते। यह बातें किसी भी संस्था के बेहतर काम के किए जरूरी होती हैं। सीजेआई ने आगे कहा कि लेकिन न्यायपालिका की गरिमा को बनाए रखना जरूरी है।

9  –  कम उम्र के बच्चों तक पक्षपातपूर्ण तरीके से बात पहुंचाना। उनके मस्तिष्क को प्रभावित करेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यह समझना भी जरूरी है कि यह किताब बच्चों के अलावा शिक्षकों, अभिभावकों या पूरे समाज तक जाएगी। भविष्य की पीढ़ियों को भी प्रभावित करेगी।

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मिडिल ईस्ट में ट्रंप के साथ होगा खेला, ईरान को क्रूज मिसाइल देगा चीन

अमेरिका की ओर से बार-बार दी जा रही धमकी को बीच अब ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को करारा जवाब देने की तैयारी कर ली है। चीन ने ईरान की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। मिडिल ईस्ट में जंग की आशंका के बीच चीन, ईरान को अपनी सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल CM-302 बेचने के करीब है। यह डील ऐसे समय में हो रहा है। जब ईरानी समुद्री तट पर अमेरिका अपनी नेवी की तैनाती की है। जिसमें दो बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड शामिल हैं।

कितना खतरनाक है चीन का एंटी-शिप मिसाइल ?

चीन का सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल CM-302 करीब 290 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है और दुश्मन के जहाजों को बहुत कम समय में तबाह कर सकती है। इस मिसाइल को कम ऊंचाई पर और तेज स्पीड से उड़कर जहाजों पर लगे डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए डिजाइन किया गया है। ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर ईरान को यह मिसाइलें मिल गईं तो यह क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।

ट्रंप की ईरान को धमकी

व्हाइट हाउस ने कथित वार्ता पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि या तो हम समझौता करेंगे या हमें पिछली बार की तरह कोई बहुत सख्त कदम उठाना पड़ेगा। चीन ईरान को जो मिसाइल देने वाला है वह उसके सबसे एडवांस हथियारों में से एक है। यह संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंध का उल्लंघन भी है, जिसे पहली बार साल 2006 में लगाया गया था। हालांकि 2015 इसे अमेरिका के साथ परमाणु डील के हिस्से के रूप में निलंबित कर दिया गया था और पिछले सितंबर में फिर से लागू किया गया था।

कब से हो रही है डिफेंस डील पर बात ?

रिपोर्ट के मुताबिक दो सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल गर्मी में डील को लेकर जब बातचीत अंतिम फेज में पहुंची। तो उप रक्षामंत्री मसूद ओराई सहित वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों ने चीन का दौरा किया था। ओराई की इस यात्रा की जानकारी पहले नहीं दी गई थी। ईरान के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि तेहरान के अपने सहयोगियों के साथ सैन्य और सुरक्षा समझौते हैं और अब इन समझौतों का उपयोग करने का सही समय है।

मिडिल ईस्ट में बदल जाएगी स्थिति – डिफेंस एक्सपर्ट

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान पिछले दो सालों से इस डील को अंतिम रूप देने को लेकर बातचीत कर रहा था। पिछले साल अमेरिका की ओर से ईरान पर हमला करने के बाद इस डील में तेजी आई। इजरायल के पूर्व खुफिया अधिकारी डैनी सिट्रिनोविच ने दावा किया है कि ये मिसाइलें अमेरिकी नेवी को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा, ‘अगर ईरान के पास इस क्षेत्र में जहाजों पर हमला करने की सुपरसोनिक क्षमता होगी तो स्थिति पूरी तरह से बदल जाएगी। इन मिसाइलों को रोकना बहुत मुश्किल है।

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जिंदा व्यक्ति की जिंदगी बनी नरक, मृत घोषित कर डेथ सर्टिफिकेट किया जारी

यूपी के कानपुर में एक बार फिर सरकारी सिस्टम की लापरवाही ने एक जिंदा व्यक्ति की जिंदगी को नर्क बना दिया है। यहां कानपुर के गोविंद नगर क्षेत्र के निराला नगर निवासी गौरव साहू नामक युवक को स्वास्थ्य विभाग ने 12 सितंबर 2025 को मृत घोषित कर डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया।

बताते चलें कि असल में गौरव जिंदा हैं और गौरव लावारिश मरीजों की मदद करते हुए उनके अंतिम संस्कार का जिम्मा उठाते हैं, लेकिन एक छोटी-सी गलती ने उन्हें कागजों पर ‘मुर्दा’ बना दिया। इस घटना ने पूरे शहर में हंगामा मचा दिया है और लोगों में सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

पीड़ित गौरव साहू ने क्या बताया ?

गौरव साहू (जिंदा व्यक्ति) बताते हैं कि वे सामाजिक कार्य में सक्रिय रहते हैं। वे अक्सर अस्पतालों में लावारिश मरीजों को भर्ती करवाते हैं और उनकी मौत होने पर उनका अंतिम संस्कार भी करवाते हैं। इसी क्रम में 7 सितंबर 2025 को उन्होंने एक लावारिश मरीज को मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल में एडमिट करवाया था। दुर्भाग्य से उस मरीज की मौत 12 सितंबर को हो गई। गौरव ने उस लाश का अंतिम संस्कार किया, लेकिन अस्पताल की लापरवाही के चलते मृतक के रिकॉर्ड में उनका आधार कार्ड नंबर गलत तरीके से दर्ज हो गया। डॉक्टरों या स्टाफ ने गलती से गौरव साहू (जिंदा व्यक्ति) को ही मृत घोषित कर दिया और डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया।

इस गलती का असर जनवरी 2026 में सामने आया, जब गौरव राशन कार्ड से राशन लेने गए तो उनका नाम कट चुका था। बैंक अकाउंट से पैसे निकालने की कोशिश की तो अकाउंट ब्लॉक मिला। आधार कार्ड चेक करने पर पता चला कि वह इनवैलिड हो चुका है। ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी रिजेक्ट होने लगे। हैरान-परेशान गौरव ने जांच की तो चौंकाने वाली जानकारी मिली उन्हें जीवित होते हुए भी आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया गया है।

अस्पताल ने गौरव की मदद करने से इनकार किया

जब गौरव ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी अस्पताल प्रशासन को दी और सुधार की मिन्नतें की तो गौरव के अनुसार अस्पताल ने हाथ खड़े कर दिए और कहा, “ये हमारे बस में नहीं है।” अब गौरव एक महीने से अधिक समय से विभिन्न विभागों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में शिकायती पत्र दिया, जिसमें लिखा कि मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल की लापरवाही से उन्हें मृत घोषित किया गया है।

इससे उनका आधार इनवैलिड हो गया और वे सभी सरकारी सुविधाओं से वंचित हो गए हैं। सीएमओ ने 23 फरवरी को उन्हें एक कैंसिलेशन फॉर्म दिया, जिसे सभी संबंधित विभागों में जमा करना होगा ताकि रिकॉर्ड सुधारा जा सके।

जब जिंदा व्यक्ति को किया मृत घोषित

यह पहला मामला नहीं है जहां कानपुर में जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित किया गया हो। कुछ महीने पहले जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में भी ऐसा ही हादसा हुआ था। वहां एक लावारिश बुजुर्ग की मौत हुई, लेकिन जूनियर डॉक्टरों ने गलती से पड़ोस के बेड पर भर्ती जिंदा मरीज विनोद को मृत घोषित कर दिया। पुलिस को सूचना मिली, पोस्टमॉर्टम की तैयारी शुरू हुई, लेकिन बेड पर पहुंचकर पता चला कि मरीज जिंदा है। इस मामले में डिप्टी सीएम के निर्देश पर तीन कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था।

गौरव साहू ने अधिकारियों से लगाई गुहार

गौरव साहू ने वीडियो जारी कर अधिकारियों से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द उनका रिकॉर्ड सुधारा जाए। उन्होंने कहा, “मैं दूसरों की मदद करता हूं, लेकिन सिस्टम ने मुझे ही मार डाला। अब बैंक, राशन, योजना सब बंद हो गए हैं।” यह घटना प्रशासनिक सुस्ती और डेटा एंट्री में लापरवाही को उजागर करती है, जहां एक छोटी गलती किसी की पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकती है।

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यौन उत्पीड़न मामले में फंसे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पहुंचे हाईकोर्ट

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। इलाहाबाद हाई कोर्ट में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के जरिए याचिका दाखिल की गई। इस याचिका पर जल्द सुनवाई हो सकती है।

क्या है पूरा मामला ?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने जिला अदालत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत अर्जी दाखिल की थी। इस अर्जी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। वही इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजे (रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट) विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का कड़ा आदेश दिया था।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

अदालत के आदेश के अनुपालन में प्रयागराज की झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और 2-3 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर बीएनएस की धारा 351(3), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 5l, 6,3,4(2),16 और 17 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना भी शुरू कर दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस सतर्कता से हर पहलू की जांच कर रही है।

एक पत्र ने खींचा ध्यान

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगाने वाले आशुतोष पांडेय पर थाना कांधला से एक पत्र वायरल हो रहा है। जिसमें उनपर लगभग 21 मुकदमे पंजीकृत दिखाए गए हैं। वायरल पत्र अभी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के शिष्य की ओर से वायरल किया गया है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन पत्र वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया बवाल पैदा हो गया है। जिसके चलते अब आशुतोष पांडेय सवालों के घेरे में हैं।

सवाल यह भी उठता है कि आखिर आशुतोष पांडे ने कांधला के मंदिर पर अपना कब्जा किया ? आज वह उत्तर प्रदेश के सीएम, डिप्टी सीएम, महामंडलेश्वर आदि के साथ अपने संपर्क बनाए हुए हैं। इन्हीं राजनीतिक और सनातन धर्म के महामंडलेश्वरों के साथ अपने फोटो और वीडियो वायरल कर सुर्खियों में रहते हैं और अपना रौब भी जमाते हैं।

उम्रकैद तक की सजा

यह कार्रवाई सात अलग-अलग धाराओं के तहत की है, जिनमें 20 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। कानून के जानकार कहते हैं कि इनमें अंतरिम जमानत होना मुश्किल है। वही आवेदकों ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि झूंसी थाने में दर्ज क्राइम नंबर 58/2026 में ट्रायल और जांच लंबित रहने तक उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए। याचिका में दावा किया गया है कि यदि गिरफ्तारी हुई तो “अपूरणीय क्षति” होगी जिसकी भरपाई संभव नहीं।

वही साथ ही हाईकोर्ट से यह भी अनुरोध किया गया है कि न्यायहित में उपयुक्त अन्य आदेश भी पारित किए जाएं। इस मामले की जल्द सुनवाई की संभावना है और पूरे प्रदेश की निगाहें अब हाईकोर्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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शरद पवार की तबीयत बिगड़ी, पुणे के अस्पताल में हुए भर्ती

शरद पवार की तबीयत बिगड़ गई। पवार को पुणे के रुबी अस्पताल इलाज के लिए उन्हें भर्ती किया गया है। अजित पवार के निधन के बाद पिछले कई दिनों से शरद पवार मुंबई, पुणे और बारामती का दौरा कर रहे थे। पार्टी के कार्यकर्ता भी लगातार उनसे मुलाकात करने आ रहे थे।  इस बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई। शरद पवार को बुखार और गले में इन्फेक्शन की शिकायत है जिसके बाद उन्हें पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बुखार और गले में इन्फेक्शन की शिकायत की वजह से उन्हें अस्पताल में एडमिट किया गया। अस्पताल में भर्ती करते समय उनकी बेटी सुप्रिया सुले भी उनके साथ थीं।

सोमवार (9 फरवरी) की सुबह से ही शरद पवार को खांसी हो रही थी। ऐसे में उन्हें अस्पताल ले जाने का फैसला किया गया। पुणे के रुबी अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि जांच के बाद ये फैसला किया जाएगा। शरद पवार अस्पताल में ही रहेंगे या उन्हें घर जाने की इजाजत होगी।

85 साल के हैं शरद पवार

12 दिसंबर 1940 को जन्मे शरद पवार 85 साल के हैं। आपको बता दें कि शरद पवार वर्तमान में राज्यसभा के भी सदस्य हैं। वह एनसीपी के संस्थापक रहे हैं। हालांकि, कुछ साल पहले एनसीपी में टूट हो गई और बड़ी संख्या में पार्टी के नेता महायुति गठबंधन के साथ हो गए।

इसके बाद शरद पवार ने अपनी नई पार्टी एनसीपी (शरद चंद्र पवार) का गठन किया और नए चुनाव चिह्न के साथ चुनाव में उतरे। इस उम्र में भी वो सियासी रूप से सक्रिय हैं और अपनी पार्टी का काम देखते हैं। उनकी यह सक्रियता उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए किसी मिसाल से कम नहीं है। कई नेता उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।

अभी राज्यसभा के सदस्य हैं शरद पवार

शरद पवार अभी राज्यसभा के सांसद हैं। उच्च सदन में ये उनका दूसरा कार्यकाल है। अप्रैल 2020 में वो राज्यसभा के लिए महाराष्ट्र से निर्वाचित हुए थे। 1967-72, 1972-78, 1978-80, 1980-85, 1985-90 और 1990-91 तक वो विधायक रहे।

चार बार बने महाराष्ट्र के सीएम

18 जुलाई 1978- 17 फरवरी 1980, 26 जून 1988- मार्च 1990, मार्च 1990-25 जून 1991 और 6 मार्च 1993-14 मार्च 1995 तक वो चार बार महाराष्ट्र के सीएम रहे। जुलाई 1980-अगस्त 1981, दिसंबर 1983- जनवरी 1985 और मार्च 1985- दिसंबर 1986 तक वो महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे हैं। जून 1991- 5 मार्च 1993 केन्द्रीय रक्षा मंत्री का पद संभाला। 1993-95 तक महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे। 25 मार्च 1995- 20 मई 1995 तक महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता की भूमिका में रहे।

हाल ही में अजित पवार की हुई थी मौत

हाल ही में बीते 28 जनवरी को शरद पवार के भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री व एनसीपी के प्रमुख अजित पवार की विमान हादसे में मौत हो गई थी। अजित पवार चुनाव प्रचार के लिए मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे। हालांकि, बारामती एयरपोर्ट पर उनका विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

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हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही हुई स्थगित, पीएम मोदी का भाषण टला

आज लोकसभा में भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी आज शाम लोकसभा को संबोधित करने वाले थे। लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते यह संबोधन नहीं हो सका।

इससे पहले, पीयूष गोयल जब ट्रेड डील पर जवाब दे रहे थे, तब भी सदन में विपक्षी सांसदों द्वारा लगातार हंगामा किया जा रहा था। लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें शांत कराने की पूरी कोशिश भी की, लेकिन वे शांत होने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।

सरकार का दोहरा मापदंड, लोकतंत्र की हत्या – वेणुगोपाल

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा पिछले दो दिनों से लोकसभा में किस बात की लड़ाई चल रही थी ? यही कि आप अनुच्छेद 349 के तहत किताब नहीं पढ़ सकते… यह नियमों के खिलाफ है और राहुल गांधी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। खुद स्पीकर ने इस पर व्यवस्था दी थी। उन्होंने आगे कहा कि आज राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं किसी किताब या पत्रिका का हवाला नहीं दे रहा हूं। मैं बस बोलना चाहता हूं। इसके बावजूद उन्हें बोलने नहीं दिया गया।

एक सेकंड के भीतर ही उनका माइक बंद कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर, आज निशिकांत दुबे ने 5 मिनट तक किताबों और पत्रिकाओं का हवाला दिया, जो कि नियमों के खिलाफ है। यह सरकार का दोहरा मापदंड है। यह स्पष्ट रूप से लोकतंत्र की हत्या है।

सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रही – प्रियंका गांधी

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जब सरकार चाहती है कि कुछ व्यवधान करना है तो सरकार उन्हें (निशिकांत दुबे) को उठाती है। सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रहे हैं। जो कि एक प्रकाशित किताब है। ये लोग कह रहे हैं कि यह नियम का उल्लंघन है। यह सरकार स्पष्ट दिखाना चाहती है कि इस संसद में केवल उन्हीं की चलती है। यह लोकतंत्र का अनादर है। यह संसद लोकतंत्र का मंदिर है और इसमें सभी की आस्था है।

पीएम मोदी डर गए और इसीलिए वह सदन में नहीं आए – प्रियंका गांधी

पीएम मोदी को आज शाम 5 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देना था। इससे पहले सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही 12 बजे, फिर 2 बजे और इसके बाद शाम पांच बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि पीएम मोदी डर गए और इसीलिए वह सदन में नहीं आए। केंद्रीय रेल मंत्री और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे बुलेट ट्रेन की तरह भाग गए।

देश की जनता सब देखती है – केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा

केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा ने कहा कि सदन का हर सत्र महत्वपूर्ण होता है विशेष रूप से बजट सत्र और इसमें जिस तरह से विपक्ष हंगामा करके सदन में व्यवधान पैदा करना चाहता है। यह देश की जनता सब देखती है। यहां अपने विचारों को रखना चाहिए लेकिन उनके पास शोर मचाने के अलावा कुछ नहीं है।

विपक्ष के नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा – डिंपल यादव

सपा की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज जिस तरह से संसद में विपक्ष के नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है। अगर विपक्ष चाह है कि यूएसए (USA ) के साथ जो डील हुई है उसपर बात होनी चाहिए। कृषि और डेयरी उत्पाद का आयात आप जीरो टैरिफ पर कर रहें। आपने ऐसे कदम क्यों उठाया है। अगर हम रूस से सस्ता पेट्रोल ले रहे थे वो क्यों बंद हो रहा है।

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हमे इंसाफ़ नहीं मिल रहा, आपके आदेश का उल्लंघन हो रहा – ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ खुद अपनी दलील देने सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं और कोर्ट में अपनी बात रखी। एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देते हुए भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका के मामले में आज सुनवाई हुई। इस याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है और कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई अब सोमवार को होगी।

सिब्बल जैसे काबिल वकील हैं, उन्हें पक्ष रखने दें – सुप्रीम कोर्ट

ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया था कि उन्हें दलीलें पेश करने दी जाएं। जिस पर सीजेआई सूर्यकांत ने उनसे कहा, ‘कोर्ट में कई काबिल वकील हैं। मिस्टर कपिल सिब्बल भी हैं, आप उन्हें पक्ष रखने दीजिए। 19 जनवरी को कपिल सिब्बल ने विस्तार से बताया कि बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर क्या दिक्कतें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बंगाल सरकार को आशंका है कि राज्य के वास्तविक निवासियों को लिस्ट से बाहर किया जा सकता है। हालांकि ममता बनर्जी ने खुद ही दलीलें पेश कीं।

ममता बनर्जी ने की एसआईआर पर ज़ोरदार बहस

वही ममता बनर्जी ने कहा मैं बंगाल से हूं और मैं राज्य का पक्ष रखती हूं। मैं आपकी कृपा की वजह से यहां हूं… बेंच को मेरा प्रणाम, वकीलों को भी मेरा विनम्न प्रणाम… दिक्कत ये है कि सब खत्म हो गया है। हमें न्याय नहीं मिल रहा, न्याय दरवाजे के पीछे रो रहा है। तब लगता है कि हमें कहीं न्याय नहीं मिलेगा। मैंने चुनाव आयोग को पत्र लिखे। मैं बहुत ही कम महत्वपूर्ण इंसान हूं। मैं अपनी पार्टी के लिए यहां नहीं लड़ रही हूं।

आपको बता दे ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि एसआईआर सिर्फ नाम मिटाने के लिए है। अगर किसी बेटी ने शादी के बाद पति का सरनेम लगा लिया तो उसको भी नेम मिसमैच में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि कई बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की जान गई है। कुछ ने आत्महत्या की है। ममता बनर्जी ने एसआईआर पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोर्ट ने आधार के लिए कहा था। बंगाल में उसका पालन नहीं हो रहा और असम में एसआईआर क्यों नहीं हो रहा है। माइक्रो ऑब्जर्वर को शक्ति दी गई है और बीएलओ कुछ नहीं कर सकते है।

चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के आरोपों पर कहा कि …..

ममता बनर्जी के आरोपों पर चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति नियम के मुताबिक है। जिस पर ममता बनर्जी ने आपत्ति जताई और कहा कि ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। इस पर राकेश द्विवेदी ने कहा कि बिल्कुल प्रावधान है। जब राज्य सहयोग न कर रहा हो, तो कुछ कदम उठाने पड़ते हैं। इस दौरान ममता बनर्जी ने फिर से बोलने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘मीलॉर्ड क्या मैं आपको बता सकती हूं। जो मेरे काबिल वकील (राकेश द्विवेदी) ने कहा है। वह सही नहीं है।

एसआईआर पर अगली सुनवाई सोमवार को……

सीजेआई सूर्यकांत ने उन्हें टोका और कहा, ‘मैडम ममता, हमें एडवोकेट श्याम दीवान की काबिलियत पूरा भरोसा है। वह अच्छी तरह से पक्ष रख सकते हैं। फिर भी ममता बनर्जी ने माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ती वाली बात पर कहा कि एडवोकेट राकेश द्विवेदी जो कह रहे हैं। मुझे उस पर भरोसा नहीं है। हमारे पास जितनी क्षमता थी, हमने उपलब्ध करवाई है। ये जिला प्रशासन पर निर्भर करता है और एसडीएम जिला प्रशासन पर। वही एडवोकेट श्याम दीवान भी कोर्ट में पेश हुए थे, वह एसआईआर को लेकर याचिका दाखिल करने वाला दूसरे याचिकाकर्ता जॉय गोस्वामी का पक्ष रख रहे थे।

सीजेआई सूर्यकांत ने ममता बनर्जी से कहा कि हम समाधान निकाल सकते हैं। सोमवार को हमें ग्रुप बी के उन अधिकारियों की लिस्ट दें। जिन्हें एसआईआर में लगाया जा सकता है और उन्हें उपलब्ध कराएं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी।

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बीजेपी वाले चाहे जो भी कर लें न यूपी जीतेंगे और न ही बंगाल – अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि आगामी चुनाव को प्रभावित करने के लिए भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर सपा के वोट कटवाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में जहां-जहां इंडिया गठबंधन जीता है, वहां-वहां हर विधान सभा सीट से 50 हजार- 50 हजार वोट काटने की तैयारी है। जिससे कि हम जीतने न पाए। इसके बावजूद ये चाहे जो भी कर लें, ये न यूपी जीतेंगे और न ही बंगाल जीत पाएंगे।

भाजपा वाले जीतने के लिए कुछ भी कर रहे

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इसके लिए अधिकारियों की टीम को लगा दिया है इसलिए हमें सावधान रहने की जरुरत है। इनके निशाने पर कन्नौज भी आ गया है। ये भाजपा वाले जीतने के लिए कुछ भी कर रहे हैं। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कन्नौज की एसडीएम से बातचीत भी सुनवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश बंगाल और तमिलनाडु में एसआरआई में सहयोग नहीं कर रहा है।

सपा मुखिया ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआरआई) के तहत विपक्ष के वोटरों का लिस्ट से नाम हटाने की कोशिश नई नहीं है लेकिन अब इसे संगठित ढंग से अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बूथ स्तर पर समीक्षा कर रही है। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि हर वोटर का नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज हो।

एसआईआर का समय बढ़ाएं – अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि बीएलओ घर-घर नहीं जा रहे हैं। एक ही स्थान पर बैठ कर काम कर रहे हैं। ये शादी का सीजन है फिर भी एसआईआर कराया जा रहा है। सपा की मांग है एसआईआर का समय बढ़ाया जाए और एसओपी जारी की जाए। बीएलओ दलित पिछड़े मुस्लिम, पिछड़े और अति पिछडो के यहां नहीं जा रहे हैं। केवल भाजपा वालों, प्रधान और पार्षद के यहां जा रहे हैं। गणना प्रपत्र मांगने पर बीएलओ कहते हैं मैं आ नहीं पाऊंगा। आप यहां आकर ले लो या फिर कहते हैं कि कहो तो मैं आपको वाट्सअप पर भेज दूं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची से काफी संख्या में नाम गायब हैं। चुनाव आयोग कह रहा है 98.4% प्रपत्र बंट चुका है।

भाजपा सरकार हुई फेल – अखिलेश यादव

अखिलेश यादवने भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताया। तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की सरकार में खांसी की दवा मत लेना। पहले 500 एमजी की दवा से बुखार ठीक हो जाता था अब 650 एमजी खाने के बाद भी ठीक नहीं होता। यमुना गंदी, गंगा गंदी। देश में हर नीति फेल है। विदेश नीति फेल है। ये झूठा प्रचार कर रहे हैं। सरकार के अधिकारी भाजपा के पदाधिकारी बनकर काम कर रहे हैं। भाजपा चाहती है कि जनता सीधे अधिकारियों से भीड़ जाए।

अखिलेश यादव ने नए श्रम कानूनों पर केंद्र सरकार को घेरा। कहा कि ये उद्योगपतियों के इशारे पर बनाए गए हैं। कुछ कहो तो सरकार कह देगी देश द्रोही है।सपा 2147 का घोषणा पत्र जारी करेगीसपा मुखिया ने कहा कि भाजपा 2047 की बात कर रही है। अरे ये अपना घोषणा पत्र पढ़ लें और उसी पर ही काम कर लें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा से सीख कर सपा 2147 का घोषणा पत्र जारी करेगी।

तभी भाजपा को हरा पाएंगे….

हम लोगों ने जब सैफई में मंदिर बनवाना शुरू किया तो भाजपा ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कोई पुजारी नहीं मिला तो भाजपा कार्यकर्त्ता को खड़ा कराकर उसका विरोध शुरू करा दिया। सपा के पूर्व विधायक पर उसके ही पूर्व कर्मी से 32 हजार रूपये का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और साथियों से निवेदन कर रहे हैं कि तैयारी बहुत सूझबूझ से करें और बहुत सूझबूझ से ही चुनाव लड़ना है। हमे कांटे से कांटा निकालने वाली भाजपा की बात को याद रखना है और उसी तरह चुनाव लड़ना होगा, तभी भाजपा को हरा पाएंगे।

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यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने की तैयारी में योगी सरकार

उत्तर प्रदेश में बिजली के बिल और बिजली से जुड़ी अन्य परेशानियों के समाधान को लेकर यूपी पॉवर कॉरपोरेशन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत दिसंबर महीने से बिजली विभाग द्वारा ‘बिल राहत योजना’ की शुरुआत की जा रही है। जिसमें उपभोक्ताओं की बिजली चोरी, नेवर पेड और लॉन्ग अनपेड जैसी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। शक्ति भवन में कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ आशीष कुमार गोयल ने ‘बिल राहत योजना’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ये योजना बिजली चोरी, नेवर पेड और लॉन्ग अनपेड जैसे मामलों के समाधान के लिए काफी लाभदायक होगी।

दिसंबर से होगी ‘बिल राहत योजना’ की शुरुआत

डॉ आशीष ने कहा कि इसके तहत पहली बार में सरचार्ज पूरी तरह माफ करने से लेकर मूलधन में भारी छूट तक दी जाएगी। लॉन्ग अनपेड और नेवर पेड बिलों को आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा से लेकर बिजली चोरी के मामलों में बड़ी राहत मिलेगी। इसके लिए बिजली कर्मचारी घर-घर जाएंगे और उपभोक्ताओं कसे संपर्क कर उन्हें योजना का लाभ उठाने के लिए जागरुक करेंगे।

उपभोक्ताओं को दी जाएंगी कई राहत

कॉरपोरेशन अध्यक्ष ने कहा कि अगर उपभोक्ता एक बार में पूरा बकाया जमा करता है। तो बकाए पर सरचार्ज में सौ फीसद की छूट के साथ मूलधन में भी 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। ये योजना दो किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ता और एक किलोवाट तक के वाणिज्यिक उपभोक्ताओं पर लागू होगी। यूपी में कुल 5412443 उपभोक्ता है। जो नेवर पेड में आते हैं इन पर 16105 करोड़ी रुपये का बकाया है।

वहीं लॉन्ग अनपेड उपभोक्ताओं की संख्या 9145985 है। इन पर बतौर मूल धनराशि 15100 करोड़ रुपये का बकाया है। सरचार्ज मिलाकर इन दोनों तरह के उपभोक्ताओं पर ये राशि 45980 करोड़ रुपये तक हो जाती है। यूपी पॉवर कॉरपोरेशन ने उपभोक्ताओं से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है, इससे विभाग को भी फायदा होगा।

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राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज, इंदिरा गांधी में था असली दम

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रुकवाने का दावा करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 50 बार अपमान किया है। लेकिन मोदी ‘डरपोक’ हैं और उनमें यह कहने का दम नहीं है कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं। राहुल गांधी ने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के समय का उल्लेख करते हुए कहा, ‘1971 में अमेरिका ने अपनी नौसेना का सातवां बेड़ा भेजा। लेकिन इंदिरा गांधी ने साफ कह दिया था कि हम आपकी नौसेना से नहीं डरते, हमें जो करना होगा वो हम करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि इंदिरा गांधी महिला थीं, लेकिन इस मर्द (मोदी) से ज्यादा दम उस महिला (इंदिरा गांधी) में था। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने संबंधी ट्रंप के दावे का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने 50 बार भारत के प्रधानमंत्री का अपमान किया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर रुकवाया। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि सात विमान गिराए गए। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी में यह कहने का दम नहीं है कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं।

पीएम मोदी में न तो दृष्टिकोण है और न ही दम

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी को ट्रंप से मिलने के लिए विदेश जाना था। लेकिन वह डर गए और नहीं गए। उन्होंने नालंदा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए यह दावा भी किया कि बिहार में सरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं चला रहे हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और ‘नागपुर’ (आरएसएस) चला रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने पर नालंदा को एक फिर शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनाया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘नरेन्द्र मोदी जी डरपोक हैं। उनमें न तो दृष्टिकोण है और न ही दम है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार यह दावा किया है कि उन्होंने व्यापार नहीं करने का हवाला देकर भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल मई में संघर्ष विराम करवाया था। भारत ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि इस साल मई में पाकिस्तान के सैन्य परिचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) द्वारा संपर्क किए जाने पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर विचार हुआ था।

पीएम मोदी के हाथ में नीतीश कुमार का रिमोट कंट्रोल

राहुल गांधी ने फिर से यह दावा किया कि नरेंद्र मोदी जी के हाथ में नीतीश जी का रिमोट कंट्रोल है। वह जो बटन दबाते हैं, वही चैनल नीतीश चालू कर देते हैं। उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार जी सरकार नहीं चला रहे हैं। सरकार मोदी जी, अमित शाह और नागपुर चलाते हैं। राहुल गांधी ने पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे बिहार के ईमानदार और मेहनती युवाओं को नुकसान होता है। उन्होंने यह दावा फिर किया कि छठ पूजा के लिए दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए यमुना के निकट साफ पानी का एक तलाब बनाया गया था।

दो तरह के हिंदुस्तान हैं – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह कहते हैं कि बिहार में उद्योग के लिए जमीन नहीं है, लेकिन अदाणी को एक रुपये में जमीन मिल जाती है। राहुल गांधी ने कहा कि दो तरह का हिंदुस्तान है। एक हिंदुस्तान बड़े उद्योगपतियों का है और दूसरा दलितों, अति पिछड़ों, पिछड़ों और गरीबों का है। उन्होंने दावा किया कि देश में सरकारी संपत्तियों को अंबानी और अदाणी के हवाले कर दिया गया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या आप चाहते हैं कि बिहार देश के लिए मजदूर पैदा करने वाला बने ? ऐसा बिहार नहीं चाहिए। हमें नालंदा विश्वविद्यालय वाला बिहार चाहिए जब पूरी दुनिया के लोग शिक्षा के लिए बिहार आते थे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि एक ऐसा दिन आए जब फोन के पीछे ‘मेड इन बिहार’ और ‘मेड इन नालंदा’ लिखा हो। हम चाहते हैं कि चीन के युवा ‘मेड इन बिहार’ का फोन और टी-शर्ट खरीदें।

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लालटेन युग वाले बिहार को नहीं दे पाएंगे बिजली – प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल को घेरा। उन्होंने कहा कि लालटेन युग के लोग बिहार को बिजली नहीं दे पाएंगे। पीएम मोदी ने लालू यादव के शासन काल को जंगलराज करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में एक समय पर 40 हजार रुपए के लिए अपहरण हो जाया करता था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार का गौरव और बढ़ाना, बिहार की मीठी बोली, बिहार की संस्कृति को दुनिया के कोने-कोने में ले जाना, बिहार का विकास करना ही एनडीए (NDA) और भाजपा की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

जब भारत समृद्ध था, आर्थिक रूप से, ज्ञान-विज्ञान की सबसे बड़ी ताकत था। तब उसमें बिहार की बहुत बड़ी भूमिका थी। इसलिए आज विकसित भारत बनाने के लिए भी बिहार का विकसित होना बहुत जरूरी है।

जब अपहरणकांड की दिलाई याद

पीएम मोदी ने कहा कि जंगलराज के दिनों को याद करते हैं। तो अंदाजा लगता है कि हालात कितने खतरनाक थे। आप मुजफ्फरपुर के लोग आरजेडी सरकार में हुआ। गोलू अपहरण कांड कभी नहीं भूल सकते। इसी शहर में 2001 में स्कूल जाते हुए एक छोटे से बालक को अपराधियों ने दिन-दहाड़े किडनैप के लिया था और बदले में बहुत सारे रुपये मांगे थे। जब रुपये नहीं दे पाए तो आरजेडी के इन चट्टे-बट्टों ने उस छोटे से बालक के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जहां कट्टा, क्रूरता का राज हो, वहां कानून दम तोड़ देता है। जहां कटुता बढ़ाने वाली आरजेडी और कांग्रेस हो, वहां समाज में सद्भाव मुश्किल होता है। जहां आरजेडी और कांग्रेस का कुशासन हो, वहां विकास का नामो-निशान नहीं होता है। जहां करप्शन हो, वहां सामाजिक न्याय नहीं मिलता है। गरीब का हक लूट जाता है, सिर्फ और सिर्फ कुछ परिवार ही फलते-फूलते हैं। ऐसे लोग कभी भी बिहार का भला नहीं कर सकते।

आरजेडी पर प्रधानमंत्री मोदी ने कसा तंज

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार को आगे बढाने के लिए उद्यम चाहिए, उद्योग चाहिए। उद्योग के लिए जमीन, बिजली, कनेक्टिविटी और कानून का राज चाहिए। सोचिए, जिनका इतिहास जमीन कब्जाने का हो, वो किसी उद्योग को जमीन देंगे क्या ? जिन्होंने बिहार को लालटेन युग में रखा, वो बिजली दे पाएंगे क्या ? रेल को लूटा, वो बिहार में कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे क्या ? जिन्होंने भ्रष्टाचार और घोटाले के रिकॉर्ड तोड़ दिए। वो कानून का राज ला सकते हैं क्या ?

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दाऊद इब्राहिम आतंकवादी नहीं, ममता कुलकर्णी के बयान से मचा बवाल

एक्ट्रेस से साध्वी बनी ममता कुलकर्णी का दाऊद इब्राहिम को लेकर एक बयान चर्चा में है। उनसे गोरखपुर में दाऊद इब्राहिम को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मेरा दाऊद से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं था। किसी एक का नाम जरूर था, लेकिन आप देखोगे उसने कोई बम ब्लास्ट या एंटी नेशनल चीज नहीं की थी। देश के अंदर, मैं उनके साथ तो नहीं हूं। वह टेररिस्ट नहीं था, जिनके साथ आप मेरा नाम लेते हो, उन्होंने मुंबई में बम ब्लास्ट नहीं किया। दाऊद को मैं अपने जीवन में कभी नहीं मिली। इस बयान पर ममता कुलकर्णी ने अब अपनी सफाई भी दी है।

आपको बता दे कि 90 के दशक में अपनी खूबसूरती और एक्टिंग से सबका दिल जीत लेने वाली ममता कुलकर्णी अब संन्यास ले चुकी हैं और धर्म की राह पर हैं। वह अब महामंडलेश्वर यमाई ममता नंदगिरी बन गई हैं।

दाऊद इब्राहिम आतंकवादी नहीं

ममता कुलकर्णी का नाम विक्की गोस्वामी के साथ जुड़ा रहा है, माना जा रहा है कि दाऊद के सवाल पर विक्की गोस्वामी का नाम लिए बिना कह रही थीं कि वो आतंकवादी नहीं थे। इससे पहले भी कई इंटरव्यू में वह विक्की गोस्वामी को लेकर बहुत सी चीजें कह चुकी हैं। ऐसे में अब दाऊद इब्राहिम के समर्थन में ममता के चौकाने वाले बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी, जो तेजी से वायरल हो रहा है। मंगलवार को गोरखपुर पहुंची ममता ने पत्रकारों को जवाब देते हुए, अपने विवादित बयान में यह कहकर सभी को हैरान कर दिया कि दाऊद इब्राहिम ने बम ब्लास्ट नहीं कराया था।

ममता कुलकर्णी ने विवादित बयान पर दी सफाई

अपने ही दिए हुए बयान पर ममता कुलकर्णी ने सफाई दी है और कहा बयान को ठीक तरीके से सुने और साधु-संत विवेक का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि उनका नाम कभी दाऊद से नहीं जुड़ा, कुछ समय के लिए विक्की गोस्वामी से जुड़ा। लेकिन उसका नाम कभी देश विरोधी गतिविधियों में नहीं आया। बता दें कि महामंडलेश्वर यमाई ममता किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी किन्नर के साथ गोरखपुर के पीपीगंज में आयोजित एक कार्यक्रम का हिस्सा थीं।

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एसडीएम की गाड़ी पर पथराव, अफसर ने भागकर बचाई अपनी जान

यूपी के अलीगढ़ में महुआखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव असदपुर कयाम में अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची। नगर निगम की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने टीम के सामने जमकर हंगामा काटा, जिसके चलते टीम को बीच में ही कार्रवाई बंद करके लौटना पड़ा। लेकिन, उसी दौरान वहां से गुजर रही अतरौली एसडीएम की गाड़ी को लोगों ने घेर लिया और पथराव करके उसका शीशा तोड़ दिया। एसडीएम ने भागकर अपनी जान बचाई। पत्थर लगने से उनका चालक व गनर घायल हो गए। बाद में पुलिस बल ने हालात संभाले। मामले में आठ नामजद व 25-30 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा

एसएसपी के अलावा पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। रात में ही पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ लिया। अन्य की तलाश में टीमें लगी हुई थीं। मामले में नगर निगम के संपत्ति लिपिक विजय गुप्ता की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें कहा है कि गांव असदपुर कयाम में गाटा संख्या 328 राजस्व अभिलेखों में ऊसर अंकित होने के कारण सरकारी भूमि है। इस भूमि सहित अन्य गाटा भूमियों पर पूर्व से अतिक्रमण था। इसे हटाए जाने व सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए विभिन्न जनप्रतिनिधियों व नागरिकों द्वारा शिकायत की जा रही थीं।

इस संबंध में नगर निगम स्तर से भूमियों की जांच कर कब्जा हटाए जाने के लिए जिलाधिकारी कोल को अनेक पत्र प्रेषित किए गए थे। इसी क्रम में बुधवार शाम को तहसील कोल की संबधित राजस्व टीम लेखपाल नीरज व नायब तहसीलदार प्रवीन तोमर की उपस्थिति में नगर निगम टीम गाटा संख्या 328 की जांच कर रही थी। अतिक्रमण हटाने के लिए सभी से कहा गया।

एसडीएम की गाड़ी पर हुआ पथराव

गांव असदपुर कयाम में जैसे ही निगम की टीम ने बाउंड्रीवॉल तोड़ी, तभी भीड़ उग्र हो गई। इसके चलते अफरा-तफरी मच गई। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी। इसका लोगों ने विरोध किया। टीम लौट गई थी, तभी वहां से एसडीएम अतरौली की गाड़ी गुजर रही थी, जिस पर लोगों ने पत्थर फेंके। देररात एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने घटनास्थल का जायजा लिया।

वही मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुकदमे में टीम पर भी हमला व पथराव करने के अलावा नगर निगम के लोडर ट्रक के भी शीशे टूटने का जिक्र है। घटना के बाद गांव में पुलिस तैनात है। वीडियो के आधार पर आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है।

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खत्म हुआ इंतजार, आठवें वेतन आयोग को मिली केन्द्रीय कैबिनेट की मंजूरी

करीब एक करोड़ से अधिक केंद्रीय वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने औपचारिक रूप से आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। जस्टिस रंजन आयोग के चेयरमैन होंगे, जबकि आईआईएम बेंगलुरू के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) के सचिव पंकज जैन को इसके सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।

इसके साथ ही पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज न्यायमूर्ति रंजन प्रकाश देसाई को आयोग की अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस वार्ता में बताया कि आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीनों के भीतर प्रस्तुत करनी होंगी। सरकार का इरादा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएं।

सिफारिशें भेजने के लिए 18 महीने का समय

आयोग अपनी सिफारिशें अगले 18 महीनों के भीतर सरकार को सौंपेगा। जिसके बाद वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी वर्ष 2027 से लागू हो सकती है। कैबिनेट की बैठक के बाद जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि आठवें वेतन आयोग के लिए टर्म ऑफ रेसरेंस को मंजूरी दी गई है। वेतन आयोग में एक अध्यक्ष, एक सदस्य (पार्ट टाइम) और एक सदस्यीय सेक्रेटरी होंगे। इसके गठन के बाद सिफारिशें भेजने के लिए वेतन आयोग को अठारह महीने का समय दिया गया है। एनसी-जीसीएम (स्टाफ साइड) सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा का कहना है कि 8वें वेतन आयोग को लागू करने में भले ही देरी हो सकती है, लेकिन यह 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा। यानी इसमें अगर देरी होती है तो फिर 1 जनवरी 2026 से स्टाफ को एरियर जोड़कर दिया जा सकता है।

2027 में एरियर के साथ बढ़ी सैलरी

इससे पहले जब सातवें वेतन आयोग को लागू किया गया था, उस समय भी देरी हुई थी और सभी कर्मचारियों और वेतनभोगियों को एरियर दिया गया था। केन्द्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को रिप्रजेंट करने वाले फोरम एनसी-जीसीएम की तरफ से जनवरी में ही केन्द्र सरकार को टर्म ऑफ रेफरेंस सौंपा जा चुका है। गौरतलब है कि देश में बढ़ती महंगाई और अन्य चीजों को देखते हुए हर 10 साल पर नए वेतन आयोग का गठन किया जाता है। जिसमें केन्द्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं को संशोधित किया जाता है। इस हिसाब से अगर देखा जाए तो 1 जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग को प्रभावी होना माना जाएगा।

क्या होता है टर्म ऑफ रेफरेंस

बता दें कि टर्म ऑफ रेफरेंस किसी आयोग, समिति या संस्था को काम करने के लिए सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश और दायरा होता है। सीधे शब्दों में कहें तो टर्म ऑफ रेफरेंस यह तय करते हैं कि कोई आयोग किस विषय पर काम करेगा, कितने समय में रिपोर्ट देगा और कौन-कौन सी बातें ध्यान में रखेगा।

आयोग किन बातों का ध्यान रखेगा ?

वेतन आयोग अपनी सिफारिशें बनाते समय नीचे दी गई इन 5 बातों को खास ध्यान में रखेगा।

1.  देश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय अनुशासन की आवश्यकता।

2.  यह सुनिश्चित करना कि विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहें।

3.  गैर-योगदान आधारित पेंशन योजनाओं की लागत पर विचार।

4.  राज्य सरकारों पर पड़ने वाले वित्तीय असर, क्योंकि राज्य सरकारें भी आमतौर पर केंद्र की सिफारिशों को अपनाती हैं।

5.  केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन, भत्तों और कार्य परिस्थितियों की तुलना।

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दिल्ली में आर्टिफिशियल बारिश, कानपुर से आए प्लेन ने की क्लाउड सीडिंग

दिल्ली में एक ओर महापर्व छठ का आज जोर-शोर से समापन हुआ है, तो वहीं यहां की हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए आज आर्टिफिशियल बारिश की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी में कानपुर से आए प्लेन ने क्लाउड सीडिंग की। दिल्ली के खेकड़ा, करोल बाग, मयूर विहार, बुराड़ी समेत कई इलाकों में बादलों में केमिकल डाला गया है। क्लाउड सीडिंग से बारिश होने में अब 40 मिनट से लेकर 4 घंटे तक वक्त लग सकता है।

मौसम पर टिकी निगाहें

कानपुर से आए विमान ने बुराड़ी के पास उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में सीधे जाकर ट्रायल किया। मौसम अनुकूल रहा तो आज शाम ही क्लाउड सीडिंग की दूसरी कोशिश भी की जाएगी। यह ट्रायल राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कृत्रिम वर्षा कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह सर्दियों के दौरान बिगड़ती वायु गुणवत्ता को सुधारने की दिल्ली सरकार की वृहद रणनीति का हिस्सा है। कृत्रिम वर्षा ट्रायल की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पिछले हफ्ते सरकार ने बुराड़ी क्षेत्र के ऊपर एक ट्रायल उड़ान भी संचालित की थी।

ट्रायल के दौरान विमान से सिल्वर आयोडाइड और सोडियम क्लोराइड जैसे यौगिकों की कम मात्रा छोड़ी गई, जो कृत्रिम वर्षा उत्पन्न करने में सहायक होते हैं। हालांकि, वातावरण में नमी का स्तर 20 प्रतिशत से कम होने के कारण बारिश नहीं करायी जा सकी क्योंकि कृत्रिम बारिश के लिए सामान्यत: 50 प्रतिशत की नमी की आवश्यकता होती है।

आईआईटी कानपुर ने संभाला जिम्मा

दिल्ली सरकार ने 25 सितंबर को आईआईटी कानपुर के साथ कृत्रिम वर्षा के पांच ट्रायल करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने पहले आईआईटी कानपुर को एक अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच किसी भी समय ट्रायल करने की अनुमति दी थी। इसके अलावा, केंद्रीय पर्यावरण, रक्षा और गृह मंत्रालयों, उत्तर प्रदेश सरकार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो समेत केंद्र और राज्य की 10 से अधिक एजेंसियों से भी मंजूरी प्राप्त की जा चुकी है।

कैसे कराई जाती है आर्टिफिशियल बारिश ?

कृत्रिम वर्षा या आर्टिफिशियल बारिश से मतलब एक विशेष प्रक्रिया द्वारा बादलों की भौतिक अवस्था में कृत्रिम तरीके से बदलाव लाना होता है, जो वातावरण को बारिश के अनुकूल बनाता है। बादलों के बदलाव की यह प्रक्रिया क्लाउड सीडिंग कहलाती है।

आर्टिफिशियल बारिश में भीग गए तो क्या होगा ?

आर्टिफिशियल बारिश या क्लाउड सीडिंग एक मौसम परिवर्तन तकनीक है, जिसमें विमान या फिर ड्रोन के जरिए बादलों में खास रसायनों को छिड़का जाता है ताकि बारिश हो पाए। क्लाउड सीडिंग के दौरान निकलने वाले मुख्य रसायनों में सिल्वर आयोडाइड, पोटेशियम आयोडाइड, ठोस कार्बन डाइऑक्साइड और कभी-कभी सोडियम क्लोराइड भी शामिल होती है इसमें सिल्वर आयोडाइड सबसे ज्यादा आम है क्योंकि यह बर्फ की संरचना की नकल करता है और बादलों में पानी की बूंद को आपस में मिलकर बारिश के रूप में गिरने में काफी मदद करता है।

वैसे तो आर्टिफिशियल बारिश में भीगना सुरक्षित है क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले रसायन काफी कम मात्रा में होते हैं लेकिन संवेदनशील त्वचा, एलर्जी या फिर सांस से संबंधित समस्याओं वाले लोगों को इसके संपर्क में कम आना चाहिए। इससे हल्की जलन या फिर बेचैनी हो सकती है। यह उन लोगों की परेशानी की वजह बन सकती है जिनहें अस्थमा या ब्रोंकाइटिस हैं।

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होटल में काम करने वाली युवती से रेप, आरोपी ने अपराध किया स्वीकार

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। कोयला नगर इलाके के एक होटल में काम करने वाली 21 वर्षीय युवती ने होटल संचालक पर बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर चकेरी थाने में मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला रही है, बल्कि कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

पीड़िता ने लगाए संगीन आरोप 

पीड़िता चकेरी क्षेत्र की निवासी हैं और पिछले एक वर्ष से कोयला नगर स्थित होटल ‘ट्विंकल गैलेक्सी’ में नौकरी कर रही थीं। होटल के संचालक आदर्श विहार कॉलोनी के निवासी मनोज कुमार पटेल (उम्र लगभग 35 वर्ष) पर पीड़िता ने कई संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, मनोज ने कुछ महीनों पहले उनसे प्रेम प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने साफ-साफ मना कर दिया था। इसके बावजूद, वह होटल में अपनी ड्यूटी निभाती रहीं। लेकिन बुधवार की देर रात को हुई घटना ने उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया।

हाथ-पैर बांधकर किया दुष्कर्म

पीड़िता ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि रात के करीब 11 बजे वह होटल के स्टोर रूम में सामान संभाल रही थीं। तभी संचालक मनोज अचानक आया और जबरन उसे खींचते हुए एक अलग कमरे में ले गया। वहां उसने पीड़िता के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और क्रूरता से दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने उन्हें गंभीर धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। डर के मारे पीड़िता चुप रही, लेकिन गुरुवार सुबह हिम्मत जुटाकर चकेरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

आरोपी ने अपराध स्वीकारा

पुलिस ने पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। चकेरी थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी मनोज की तलाश की। गुरुवार दोपहर को उसे पीएसी मोड़ बाईपास के पास से दबोच लिया गया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त रस्सी और अन्य सामान भी बरामद किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में मनोज ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।

पुलिस ने कहा……

चकेरी एसीपी अभिषेक पांडेय ने बताया, “पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 (दुष्कर्म), 127 (आपराधिक धमकी) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हमारी टीम ने आरोपी को पीएसी मोड़ बाईपास से गिरफ्तार कर लिया है। वह न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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यूएसए-वेनेजुएला तनाव: मादुरो ने पेंटागन की तैनाती पर उतारी रूसी ब्रिगेड

अमेरिका और वेनेजुएला में तनाव चरम पर पहुंच गया है। दोनों देश अब युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं। शुक्रवार को पेंटागन ने लैटिन अमेरिका में 10 हजार सैनिकों और करीब दर्जनों एयरक्रॉफ्ट कैरियर व युद्धपोतों की तैनाती करके युद्ध की आशंका को और बढ़ा दिया है। पेंटागन की इस तैयारी से काराकास के राष्ट्रपति पैलेस में हलचल मच गई है। अब जवाब में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने रूसी हथियारों की तैनाती कर दी है। इससे दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है।

क्या अमेरिका कर देगा हमला ?

आपको बता दे लैटिन अमेरिका में जिस तरह से अमेरिका ने करीब 10000 सैनिकों की तैनाती के साथ अपने युद्धपोत, एयरक्रॉफ्ट कैरियर और परमाणु पनडुब्बियों की अचानक तैनाती बढ़ाई है। उससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई पेंटागन वेनेजुएला पर हमला कर देगा या फिर यह राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ाने की ट्रंप की कोई नई रणनीति है। ट्रंप ने लैटिन अमेरिका में सैन्य हलचलें तब बढ़ाई हैं। जब पिछले 3 दिनों में अमेरिका ने कैरेबियन सागर में कई तथाकथित ड्रग तस्करी वाली नावों को हवाई हमले में उड़ा दिया है। गत एक महीने में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के नावों पर किए गए महले में 45 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने की बैठक

अमेरिका की युद्ध तैयारियों के जवाब में राष्ट्रपति मादुरो ने भी वार रूम में बैठक की और उन्होंने रूसी हथियारों की तैनाती का आदेश दे दिया। इससे कैरेबियन सागर में खलबली मच गई है। रूसी हथियारों के समूह ने कैरेबियन सागर को चारों ओर से घेरना शुरू कर दिया है। निकोलस मादुरो वेनेजुएला के लौह-इच्छाशक्ति वाला नेता माना जाता हैं। वह अपने सलाहकारों के साथ युद्ध कक्ष में बैठक कर रहे थे और इस दौरान खुफिया रिपोर्ट्स उनके सामने की स्क्रीन पर चमक रही थीं। इसमें पता चला कि पेंटागन ने कैरिबियन सागर में 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात कर दिए हैं।

पेंटागन की तैनाती पर भड़के राष्ट्रपति मादुरो

कैरेबियन सागर में 10 हजार अमेरिकी सैनिकों के अलावा कई विमानवाहक पोत, लड़ाकू जेट्स और मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स सब कुछ वेनेजुएला के उत्तरी तट के सामने आ गए हैं। इस पर मादुरो ने गरजते हुए कहा, “यह नशे के बहाने है…वे हमारी सरकार को उखाड़ फेंकना चाहते हैं। ट्रंप का नया खेल है!” इस पर मादुरो के सलाहकार चुप थे। सेना प्रमुख जनरल रेमन ने कहा, “राष्ट्रपति, हमारे पास रूस से आए हथियार हैं। इनमें 5,000 इग्ला-एस एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें, एस-300 सिस्टम, टैंक्स और तोपें हैं, लेकिन अमेरिका की ताकत…” उनके मुंह से पूरी बात निकल पाती कि मादुरो ने अपनी मुट्ठी को जोर से टेबल पर पटका। बोले… “सभी! सभी रूसी हथियारों को तट पर भेजो। पेंटागन के सामने, उनके ठीक विपरीत कोस्ट पर। हम झुकेंगे नहीं।

राष्ट्रपति मादुरो के आदेश से मचा हड़कंप

मादुरो का सख्त आदेश जारी होते ही वेनेजुएला की सेना हरकत में आ गई। ला गुआइरा बंदरगाह से ट्रक और हेलीकॉप्टरों का काफिला निकल पड़ा। 22 वर्षीय युवा सैनिक कार्लोस एक ट्रक में मिसाइल लोड कर रहा था। उसके मन में डर और गर्व का मिश्रण था। “मां, अगर युद्ध हो गया तो?” उसने कल्पना में सोचा। रास्ते में बारिश हो रही थी, लेकिन सैनिकों की आंखों में आग थी। रूसी हथियार सागर की लहरों की तरह चमक रहे थे। कैरेबियन सागर के उत्तरी तट पर, मार्गरिता द्वीप के पास वेनेजुएला के हथियारों और सैनिकों की भी तैनाती शुरू हो गई।

वेनेजुएला ने किया सभी यूनिट को अलर्ट

तोपखाने की दहाड़ मिसाइल लॉन्चरों की चरमराहट के बीच अमेरिकी जहाज भी क्षितिज पर मंडराते दिख रहे हैं, जैसे विशालकाय छायाएं हों। इस बीच वेनेजुएला के जनरल रेमन ने रेडियो पर चिल्लाया सभी यूनिट्स अलर्ट ! कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं। दूर से, पेंटागन के कमांडर ने अपनी स्क्रीन पर देखा कि वेनेजुएला का तट हथियारों से लबालब हो चुका है। पेंटागन का अधिकारी बड़बड़ाया और बोला यह पागलपन है। इधर कार्लोस पहरा दे रहा था। अचानक रडार पर सिग्नल मिला कि अमेरिकी ड्रोन करीब आ रहे हैं। तब सैनिकों का दिल धड़क उठा, लेकिन जनरल का आदेश आया कि चेतावनी दें, निशाना न लें। मिसाइल लॉन्चर घूमा, लेकिन फायर नहीं किया। जिससे अमेरिकी ड्रोन लौट गया।

संयुक्त राष्ट्र ने बातचीत की पेशकश की

वेनेजुएला और अमेरिका में तनाव को चरम पर पहुंचते देखकर संयुक्त राष्ट्र में भी खलबली मच गई। संयुक्त राष्ट्र ने अपने संदेश में दोनों पक्षों को बातचीत की पेशकश की। राष्ट्रपति मादुरो ने मुस्कुराते हुए कहा कि हमने अपना संदेश दे दिया। अब उनकी बारी। यह तनाव का खेल था, शक्ति का प्रदर्शन और जहां शब्दों से ज्यादा हथियार बोलते हैं। वेनेजुएला का तट अब किले जैसा हो चुका है। रूसी हथियारों की ढाल से सुरक्षित महसूस हो रहा है, लेकिन कार्लोस जानते हैं, शांति का रास्ता लंबा है। सूरज उगते ही, सागर शांत हो गया। लेकिन तूफान की आहट बाकी है। क्या यह युद्ध का आरंभ है, या कूटनीति की जीत अब ये समय ही बताएगा।

क्या है मामला ?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह ड्रग तस्करों पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहे। ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला के ड्रग तस्कर अमेरिकी पीढ़ियों को नशे के जाल में फंसाकर बर्बाद करना चाहते हैं। ट्रंप ने गत एक महीने में वेनेजुएला के कथित ड्रग तस्करों की नावों पर कैरेबियन सागर में ताबड़तोड़ मिसाइल हमले कराए हैं। इस कार्रवाई में अब तक 45 से ज्यादा तथाकथित ड्रग तस्कर मारे गए हैं। शुक्रवार को भी अमेरिका ने कैरेबियन सागर में एक ऐसी ही बोट पर हमला किया था, जिसमें 6 ड्रग तस्कर मारे गए थे। वहीं मादुरो का आरोप है कि राष्ट्रपति ट्रंप वेनेजुएला की सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं, इसलिए वह ऐसे आरोप लगा रहे हैं।

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उमा भारती खत्म करेंगी राजनीतिक एकांतवास, रखी झांसी वाली शर्त

भाजपा की दिग्गज नेत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती क्या अपना राजनीतिक एकांतवास खत्म करने वाली हैं। इसकी चर्चा भाजपा में जोरों पर है क्योंकि उन्होंने खुद कहा है कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि झांसी मेरी है और मैं यहीं से लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहती हूं। उमा भारती ने खुद ही राजनीति से दूरी बना ली थी और अन्य चीजों को प्राथमिकता बताया था। लेकिन अब खुद ही वह अपना राजनीतिक एकांत खत्म करती दिख रही हैं। उनके बयान से यूपी में चर्चा भी है और फिलहाल झांसी और उसके आसपास के इलाके में हलचल तेज है।

राजनीति में हाशिए पर रत्ती बराबर भी नहीं

वह पहले भी झांसी, महोबा जैसे इलाकों में सक्रिय रही हैं। उमा भारती लोधी समाज से आती हैं और इस बिरादरी की झांसी एवं उसके आसपास के इलाकों में काफी अच्छी है। पश्चिम यूपी, पूर्वी यूपी से लेकर बुंदेलखंड तक में लोधी समाज की अच्छी खासी आबादी है। कल्याण सिंह इस वर्ग के नेता हुआ करते थे, लेकिन अब उनकी गैर-मौजूदगी में उमा भारती शायद अपने लिए स्पेस देख रही हैं। उमा भारती के बयान से इसके संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं राजनीति में हाशिए पर रत्ती बराबर भी नहीं हूं। मैंने पार्टी को सूचना दे दी है कि मैं 2029 में लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। पार्टी अगर चाहेगी तो मैं 2029 का चुनाव जरूर लडूंगी। लेकिन मैं लोकसभा का चुनाव सिर्फ झांसी से लडूंगी।

उमा भारती अपनी भूमिका स्थापित करने की कोशिश में

उन्होंने कहा कि अगर पार्टी कहेगी तो मैं ना नहीं कहूंगी। उन्होंने कहा, बाकी मुझे और किसी प्रकार की राजनीति में रुचि नहीं है। राज्य में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि इस बयान से उमा भारती अपनी एक भूमिका स्थापित करने की कोशिश में हैं। हालांकि ज्यादातर नेता मानते हैं कि अभी उमा भारती के बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगा। इसकी वजह यह है कि लोकसभा चुनाव के बारे में फैसला हाईकमान को लेना है और अभी 4 साल का वक्त बाकी है। इसके अलावा उमा भारती कई बार पार्टी नेतृत्व को ही इशारों में असहज करने वाले बयान देती रही हैं। ऐसे में उनकी किस स्तर पर और कैसे वापसी होगी। यह कहना मुश्किल है।

क्या हैं समीकरण, जिससे उत्साहित हैं उमा भारती

भाजपा के ही एक नेता का कहना है कि 4 साल पहले किसी चीज के ऐलान का कोई तुक नहीं है। लेकिन शायद वह झांसी में तैयारी रखना चाहती हैं। इसी इरादे से उन्होंने ऐसी बात कही है। फिर भी देखना होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कैसी स्थिति रहती है और उन्हें क्या भूमिका मिलती है। उसके आधार पर ही उनकी 2029 की भूमिक तय होगी। झांसी लोकसभा क्षेत्र के ज्यादातर इलाके में लोधी समाज की बड़ी आबादी है। इस संसदीय क्षेत्र में कुल 5 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से तीन पर लोधी समाज की आबादी एक लाख के करीब है।

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व्यापारी ने घर के फर्श के नीचे छुपाए थे 40 लाख के जेवरात, नौकरों ने उड़ाए

स्टेट हेड – सादिक़ अली। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ कस्बे में धनतेरस के दिन एक व्यापारी के घर से चोरी हुए लाखों के जेवरात का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 15 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद कर लिए हैं। थानाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि व्यापारी संदीप महाजन पुत्र राजेंद्र प्रसाद निवासी वार्ड नंबर 5, सूरजगढ़ ने रिपोर्ट दी कि धनतेरस की शाम पूजा के लिए जब उन्होंने अपने कमरे के फर्श में दबे जेवरात निकालने चाहे, तो वहां कुछ नहीं मिला। जांच में सामने आया कि उनके घर में काम करने वाले नौकर कृष्ण कुमार और सियाराम शर्मा ने मिलकर चोरी को अंजाम दिया।

पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि चिड़ावा निवासी कृष्ण नायक लंबे समय से व्यापारी के यहां काम कर रहा था। उसे मालूम था कि मकान में फर्श के नीचे जेवरात छुपाए गए हैं। करीब तीन महीने पहले उसने अपने साथी सियाराम से इस बारे में चर्चा की और दोनों ने चोरी की योजना बना डाली।

40 लाख रुपये के जेवरात चोरी

दोनों नौकरों को पता था कि महाजन दंपत्ति रोज सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाते हैं। उसी दौरान सफाई के बहाने उन्होंने फर्श के नीचे बनाए गए तहखाने से करीब 40 लाख रुपये के जेवरात चोरी कर लिए। चोरी के जेवरात दोनों ने गौशाला के पास एक बीड़ में पेड़ के नीचे गड्ढा बनाकर छिपा रखे थे। कुछ आभूषण उन्होंने बेच भी दिए थे। सूरजगढ़ पुलिस बाकी चोरी के जेवरात की बरामदगी और खरीदारों की तलाश में जुटी है। वहीं, संदीप महाजन ने पुलिस को इस काम के लिए धन्यवाद कहा है।

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